ज़िले में अफसर शाही हावी, आदिवासी महिला जनप्रतिनिधियों को हो रहा अपमान... छग के लोक पर्व "हरेली तिहार" में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नही मिला आमंत्रण...
बैकुंठपुर/ प्रदेश में हरियाली व प्रकृति के प्रति प्रेम और समर्पण व किसानों का त्यौहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला- संस्कृति परंपराओं का पर्व "हरेली" तिहार हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर एक ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश की महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार व कानून की जानकारी देने व उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने व जागरूक करने के उद्देश्य से महतारी न्याय रथ का शुभारंभ कर रहे हैं। वहीं कोरिया जिले में हावी अफसरशाही के चलते हरेली जैसे त्यौहार पर महिला जनप्रतिनिधि अपमान व उपेक्षा का घूंट पीने को मजबूर हैं। हम बात कर रहे हैं जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर की। जहाँ आज हरेली तिहार के अवसर पर ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें जनपद सीईओ की हठधर्मिता व मनमानी के कारण जनपद पंचायत के किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नही किया गया जो बेहद निंदनीय है। जबकि जनपद पंचायत में आदिवासी महिला जनपद अध्यक्ष सौभाग्यवती सिंह कुसरो सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। जनपद उपाध्यक्ष भी आशा साहू महिला हैं। कई बार विरोध जताने के बावजूद जनपद सीईओ की तानाशाही चरम पर है। जिसको लेकर जनपद के जनप्रतिनिधियों में खासा रोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर भाजपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र तिवारी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि हरेली कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं करना आपत्तिजनक है। इस घटना से जनपद सीईओ की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

















