मनेंद्रगढ़ चैनपुर पूल के निचे अवैध रूप से रेत उत्खनन जोरों पर अधिकारी मौन

मनेंद्रगढ़ चैनपुर पूल के निचे अवैध रूप से रेत उत्खनन जोरों पर अधिकारी मौन

09-May-2022    3:44:57 pm    129    Sawankumar

कोरिया / मनेंद्रगढ़



 
कोरिया। छत्तीसगढ़ प्रदेश में अवैद्य उत्खननों के संबंध में कुछ दिनों पहले, जहां छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के मार्गदर्शन एवं सख़्त निर्देशों के आधार पर, जहां कड़ी कार्यवाही का सिलसिला ज़ोरो से शुरू था एवं वर्तमान में भी अवैद्य उत्खनन एवं कारोबारियों पर सख़्त कार्यवाही की बातें कहीं गई हैं, जिसके साथ ही साथ, जहां मुख्यमंत्री बघेल ने अपने राज्य के समस्त विधानसभाओं का दौरा करने के दौरान, विभागों में गैरज़िम्मेदार‌ अधिकारियों पर सख़्ती बरतते हुए कड़ी कार्यवाही की एवं कई अधिकारियों को निलंबित भी किया, वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ प्रदेश के जिला कोरिया में अवैद्य कृत्यों पर रोक लगाने के बजाय, कार्यवाही के नाम पर बस मज़ाक किया जा रहा, जिस पर अभी तक मुख्यमंत्री बघेल की नज़रें पड़ी नहीं हैं।

मामला है जिला कोरिया के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में स्थित पारसगढ़ी के पास ही हसदेव नदी का। जहां बेख़ौफ़ निडर रेत माफियाओं द्वारा सरकारी संपत्ति पर किए जा रहे उत्खनन को देख कर ऐसा आभास होता है कि दिन दहाड़े, बिना किसी आपत्ति के, बिना किसी रोक टोक के, रेत माफियाओं या तो यूं कह लें रेता चोरों द्वारा रेत का अवैद्य उत्खनन कोई आम सी बात हो, जहां दूर दूर तक कार्यवाही करने या इन चोरियों पर रोक लगाने के लिए किसी भी सक्षम अधिकारी को नहीं देखा गया।

इसी संदर्भ में सर्वप्रथम, जब जिला कोरिया के खनिज अधिकारी से संपर्क साधा गया, एवं उन्हें इन कु कृत्यों की जानकारी से अवगत करवाया गया, उनके द्वारा कुछ इस तरह की टिप्पणी की गई की कार्यवाही के नाम पर खनिज विभाग द्वारा कदम कभी पीछे नहीं लिए गए मगर, वर्तमान में खनिज विभाग की टीम की अनुपस्थिति का मुख्य कारण है स्टाफ की कमी, पर्याप्त स्टाफ ना होने पर सम्पूर्ण जिले में एक ही समय खनिज विभाग की टीम आखिर कहां तक पहुंच कर कार्यवाही कर पाएगी, इस बात को अगर तर्क संगत एवं सत्य मान भी लिया जाए, जिसके बाद सवालातों का सिलसिला खड़ा होता है वहां के अन्य प्रशासनिक सक्षम अधिकारियों पर, जो कहीं ना कहीं गुमराह करने का सिलसिला ही बरकरार रखे हुए हैं।

इस बात का स्पष्टता से विस्तार किया जाए तो सवाल उठता है वर्तमान में मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में पदस्थ एसडीएम पर, जब खनिज अधिकारी के द्वारा जवाब मिला, जिसके बाद मनेंद्रगढ़ शहर की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को इसकी जानकारी देते हुए जब उनसे कार्यवाही की मांग की गई, उस दौरान उनके द्वारा यह बताया गया कि इस तरह के अवैद्य उत्खननों पर खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही की जानी है, खनिज विभाग ऐसे उत्खननों पर कार्यवाही करने के लिए अधिकृत है।

अब दोनों ही सक्षम अधिकारियों के इन बयानों को सुनते हुए गंभीरता से विचार करने एवं नज़र डालने पर ऐसी स्थिति में इस बात का अंदेशा लगाया जा सकता है कि जब कार्यवाही की बात आती है तब सक्षम अधिकारियों द्वारा क्यों टाल मटोल करते हुए इन अवैद्य उत्खननों पर सख़्त कार्यवाही करने के बजाय एक दूसरे के कर्तव्यों पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं, अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के अलावा, जब अवैद्य उत्खनन की वारदातें होती हैं तब मौका-ए-वारदात पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इन चोरियों पर अंकुश लगाने में जिला कोरिया के सक्षम अधिकारियों पर क्या किसी तरह का दबाव है या बना दिया जाता है?

दूसरा महत्वपूर्ण सवाल यहां यह भी खड़ा होता है कि जहां आवश्यकता है सख़्त एवं उचित कार्यवाही की, वहां पर बातों को विभागों के बीचों बीच ही क्यों घुमा दिया जाता है, और तो और अगर प्रशासन इन सभी चोरियों में हिस्सेदार‌ नहीं, तब अभी तक उचित कदम ना उठा पाने एवं चैनपुर में स्थित हसदेव नदी में किए जा रहे इन अवैद्य उत्खनन पर अंकुश लगा पाने में शासन प्रशासन अभी तक असक्षम क्यों है?

क्या सवालों का दौर इन अवैद्य कारोबारों को देखते हुए कभी खत्म नहीं होगा और तो और मुख्यमंत्री बघेल के निर्देशों का पालन करने में जिला कोरिया में मौजूद एवं पदस्थ अधिकारी असक्षम नज़र क्यों आ रहे हैं, क्या इन सवालों के जवाबों का भी अवैद्य हथकंडों से उत्खनन कर लिया जा रहा है, जिस पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठी है, ना कार्यवाही नज़र आ रही है ना ही अधिकारियों के ज़ुबान पर कोई सटीक जवाब।