एक क्लिक... और ज़िंदगी खत्म! भारत बना 'मौत की सेल्फी' का वैश्विक अड्डा
नई दिल्ली:सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ ने लोगों की सोचने-समझने की क्षमता को इस कदर कुंद कर दिया है कि अब एक परफेक्ट सेल्फी के लिए लोग अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं। और हैरान करने वाली बात ये है कि इस खतरनाक ट्रेंड में भारत दुनिया में नंबर 1 बन चुका है।
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, 'द बार्बर लॉ फर्म' द्वारा किए गए ग्लोबल रिसर्च में सामने आया है कि दुनिया भर में सेल्फी से जुड़ी मौतों का 42.1% हिस्सा अकेले भारत से है!
मार्च 2014 से मई 2025 तक के आंकड़ों पर आधारित इस अध्ययन में सामने आया कि भारत में कुल 271 खतरनाक सेल्फी केस दर्ज हुए, जिनमें 214 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 57 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
टॉप 10 सबसे खतरनाक देश (सेल्फी से जुड़े हादसे)
| रैंक | देश | कुल मामले | मौतें | घायल |
|---|---|---|---|---|
| 1 | भारत | 271 | 214 | 57 |
| 2 | अमेरिका | 45 | 37 | 8 |
| 3 | रूस | 19 | 18 | 1 |
| 4 | पाकिस्तान | 16 | 16 | 0 |
| 5 | ऑस्ट्रेलिया | 15 | 13 | 2 |
मौत का सबसे आम कारण: गिरना
अध्ययन में बताया गया कि सेल्फी से जुड़ी 46% मौतें ऊंचाई से गिरने के कारण हुईं — चाहे वो पहाड़ की चोटी हो, बिल्डिंग की छत, या किसी पुल का किनारा।
भारत में अक्सर रेल की पटरियों, ऊंची इमारतों, और जानवरों के साथ सेल्फी लेने की प्रवृत्ति खतरनाक साबित हुई है।
हाथी के साथ सेल्फी... और फिर वो हुआ जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी!
हाल ही में भारत में एक पर्यटक ने हाथी के साथ सेल्फी लेने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने हमला कर दिया। उसे कुचल दिया गया, कपड़े फट गए, और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह सिर्फ एक वायरल वीडियो बनकर रह गया — लेकिन अगले पल उसकी जान भी जा सकती थी।
क्या कहता है विशेषज्ञों का अलर्ट?
क्रिस बार्बर, इस अध्ययन के प्रमुख वकील ने कहा —
“एक अच्छी फोटो की चाहत आपको ज़िंदगी से दूर कर सकती है। कोई भी लाइक, शेयर या व्यू आपकी जान से कीमती नहीं।”
सोशल मीडिया की भूख ने एक पीढ़ी को जोखिम उठाने का आदी बना दिया है। पर ये भूख कितनी घातक हो सकती है, इसका अंदाज़ा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। अगली बार जब आप ‘डेंजर जोन’ में परफेक्ट फोटो लेने का सोचें… तो एक बार ज़रूर सोचें — क्या ये आखिरी फोटो हो सकती है?

















