आरक्षण पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीति तेज.. आरक्षण यथावत रखने की मांग को लेकर छात्रों ने किया CM हॉउस का घेराव
रायपुर/छत्तीसगढ़
आरक्षण पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीति तेज हो गई है। अब आदिवासी छात्र छात्राएं भी आरक्षण के मुद्दे पर सड़क पर आ गये है। मंगलवार को आरक्षण यथावत रखने की मांग को लेकर आदिवासी छात्र मुख्यमंत्री निवास का घेराव करना चाहा, जिन्हे पुलिस ने रास्ते मे ही रोक दिया। इस दौरान सैकड़ो की संख्या मे छात्र छात्राओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोमवार को आरक्षण पर बड़ा फैसला देते हुए राज्य के लोक सेवा आरक्षण अधिनियम को रद्द कर दिया है। इसकी वजह से अनुसूचित जनजाति का आरक्षण 32 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत पर आ गया है। वहीं अनुसूचित जाति का आरक्षण 13 प्रतिशत से बढ़कर 16 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत हो गया है।

जिस वजह से प्रदेश का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी और परीक्षा के लिए 58 प्रतिशत के आरक्षण को असंवैधानिक बताते हुए रद्द किया है। केवल 50 प्रतिशत आरक्षण रखने की अनुमति है, ऐसे में राज्य की वर्ग वार आरक्षण में बड़ी उलझन की स्थिति आ गई है।इससे जनजाति समाज व्यथित है, छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार ने जान बूझकर जनजातियों को कमजोर करने के लिए ऐसा किया है।

















