चीखते लोग भागते श्रद्धालु और फिर सब मलबे में दफन किश्तवाड़ की वो दोपहर जिसने ज़िंदगी रोक दी
किश्तवाड़ में बादल फटने से मची तबाही, मचैल यात्रा बनी मातम — अब तक 33 की मौत, 220 लापता
किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर 14 अगस्त 2025:गुरुवार दोपहर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में प्रकृति का कहर टूटा। बादल फटने की भयावह घटना ने इस शांत पहाड़ी क्षेत्र को तबाह कर दिया। ये वही इलाका है जहां से मचैल माता मंदिर की सालाना यात्रा गुजरती है। हादसे के वक्त हजारों श्रद्धालु क्षेत्र में मौजूद थे।
कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया —
घर, दुकानें, वाहन, यहां तक कि कई जिंदगियां भी मलबे में समा गईं।
वीडियो फुटेज में देखा गया कि पहाड़ी से आता पानी गांव पर टूट पड़ा। सुरक्षाकर्मी चीख-चीख कर लोगों को पीछे हटने को कह रहे थे, लेकिन कई लोग तेज बहाव में बह गए।
अब तक का नुकसान:
-
33 लोगों की मौत की पुष्टि (2 CISF जवान भी शामिल)
-
220 से अधिक लोग लापता
-
120 घायल, जिनमें से 37 की हालत नाजुक
-
कई घर और दुकानें बह गईं
-
मचैल माता यात्रा स्थगित
-
9,500 फीट ऊंचे मंदिर तक का रास्ता भी बर्बाद
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी:
-
डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा और SSP किश्तवाड़ मौके पर
-
NDRF, SDRF, सेना और पुलिस की टीमें रेस्क्यू में लगीं
-
लेकिन लगातार गिरता मलबा और तेज पानी का बहाव बना है सबसे बड़ी चुनौती
-
सड़कों की हालत खस्ता, हेलिकॉप्टर से बचाव पर विचार
क्यों हुआ इतना बड़ा नुकसान?
-
चिशोती गांव की भौगोलिक स्थिति दुर्गम है
-
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहले से मौजूद थी
-
अलर्ट या चेतावनी समय पर नहीं पहुंच सकी

















