कोयला माफियाओं के गिरफ्त में पूरा चिरमिरी शहर.. कोयले के अवैध उत्खनन पर नहीं लग रहा अंकुश
एमसीबी/ चिरमिरी शहर में अवैद्य कारोबारों पर अंकुश लगाने के लिए जहां शासन प्रशासन दिन रात दबिश देने में जुटी है, वहीं चिरमिरी के गेल्हापानी के जंगलों से कोएले का अवैद्य उत्खनन एवं कारोबार चरम सीमा पर है, जहां गेल्हापानी के पेरवा नाला के आस पास बड़ी मात्रा में कोएला बोरे में भर कर इकट्ठा किया जा रहा है, जहां करीब 2000-2500 बोरियां जंगल की झाड़ियों में छुपा कर रखी गई हैं।

वहीं दूसरी ओर वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंच कर अवैद्य उत्खनन किए गए कोएले का जायज़ा लिया गया, जहां करीब हज़ार बोरियों कोएले से भरी हुई मिली, जिस पर वन विभाग एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सम्मिलित रूप से कार्यवाही करते हुए समस्त कोएले से भरे बोरियों को जब्त किया गया एवं अपने उच्च अधिकारियों को भी सम्पूर्ण मामले को ले कर सारी जानकारी भी दी गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा समस्त कोएले से भरी बोरियों को जब्त किया गया।

अब देखना यह है कि कोएले के अवैद्य कारोबारों पर रोक लगाने में वन विभाग किस प्रकार की बड़ी कार्यवाही करती है और ऐसे अवैद्य कारोबारों पर अंकुश लगा पाने में शासन प्रशासन सक्षम नज़र आती है या

शासन प्रशासन के नाक के नीचे से इसी तरह अवैद्य कारोबार फलता फूलता ही नज़र आएगा।क्योंकि इस तरह के अवैध खनन कोल माफियाओं द्वारा कई सालो से लगातार निडर होकर किया जा रहा है और अधिकारियों द्वारा छोटी मोटी कार्यवाही कर मामले को दबा दिया जाता है।

















