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नेपाल में नारी शक्ति का उदय सख़्त फैसलों वाली पूर्व जज बनीं PM क्या भ्रष्टाचार का पहाड़ सच में दरकेगा?
शुक्रवार की शाम नेपाल की धरती पर इतिहास रच दिया गया। देश की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की, जिनके नाम से लोग न्यायपालिका में सख़्त फैसलों और ईमानदारी को याद करते हैं। अब सवाल यही है—क्या मातृ शक्ति की कमान नेपाल को भ्रष्टाचार-मुक्त भविष्य दिला पाएगी?
काठमांडू। नेपाल में शुक्रवार की देर शाम बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ। सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की को देश का अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। इस फैसले ने पूरे देश में एक नई उम्मीद जगा दी है। लोग इसे मातृ शक्ति और शुभता का प्रतीक मान रहे हैं।
भ्रष्टाचार पर लगाम की उम्मीद
कार्की न्यायाधीश रहते कई सख़्त और ऐतिहासिक फैसलों के लिए जानी जाती रही हैं। यही वजह है कि आम जनता का मानना है कि उनके नेतृत्व में नेपाल से भ्रष्टाचार का अंत होगा। लोग कहते हैं—“जब मातृ शक्ति की छाया शासन पर पड़ती है, तो समाज पुष्पित और पल्वित होता है।”
महिलाओं में उत्साह
हेथौड़ा की निवासी मीना उपाध्याय ने कहा—“नेपाल के इतिहास में पहली बार किसी मजबूत महिला के हाथ में देश की कमान आई है। काशी से शिक्षा ग्रहण करने वाली कार्की गंगा के जल की तरह देश से भ्रष्टाचार को बहाकर ले जाएंगी।”
वहीं, युवतियां राम्या और प्रीति ने कहा—“जब मां के हाथ में नेतृत्व होता है, तो वह पहाड़ की तरह देश की सुरक्षा करती है।”
सीमाई इलाकों में भी जश्न
विराटनगर की सामाजिक कार्यकर्ता रीता साह ने उम्मीद जताई कि कार्की का नेतृत्व संविधान की मर्यादाओं की रक्षा करेगा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगा। यही नहीं, भारत-नेपाल सीमा पर बसे भारतीय इलाकों में भी हर्ष का माहौल है। भारतीय महिलाओं ने कहा कि अब नेपाल में “तबाही के दाग मिट जाएंगे।”
“गाजा सिटी बना मौत का जाल! 50 लाशें, मलबे में फंसे लोग… इजरायल के सबसे खतरनाक वार की गूँज”
गाजा पट्टी की धरती एक बार फिर खून और आग से जल उठी है। इजरायल ने गाजा सिटी पर अब तक के सबसे भीषण हमले तेज कर दिए हैं। लेकिन लाखों लोग अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं—और यही जिद अब मौत का जाल साबित हो रही है।
तेल अवीव/गाजा। शुक्रवार को गाजा पट्टी के सबसे बड़े शहर गाजा सिटी पर इजरायली सेना ने ताबड़तोड़ बमबारी की। इजरायली नागरिक सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई।
गाजा सिटी को हमास का गढ़ माना जाता है, जहां अभी भी लाखों लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने से इनकार कर रहे हैं। इजरायली सेना लगातार गोलाबारी और मिसाइल हमले कर रही है, जबकि शहर में खाने-पीने की आपूर्ति भी लगभग ठप हो गई है।
कब्ज़े की जंग
इजरायल ने घोषणा की है कि वह गाजा सिटी पर कब्ज़ा करेगा और उसे बनाए रखेगा। यहां इजरायली बंधकों के छिपे होने की आशंका है। आरोप है कि हमास स्थानीय नागरिकों को ढाल बनाकर इजरायल की कार्रवाई को मुश्किल और विवादास्पद बना रहा है।
23 महीने से अधूरी लड़ाई
लगातार 23 महीने की सैन्य कार्रवाई के बावजूद इजरायल अब तक गाजा सिटी पर पूरी तरह कब्ज़ा नहीं कर पाया है। उपनगर खाली कराए जा चुके हैं, लेकिन घनी आबादी वाले इलाकों में जमीनी कार्रवाई मुश्किल हो रही है। फिलहाल इजरायली सेना हवाई हमलों से ऊंची इमारतों को ध्वस्त कर रही है, ताकि स्नाइपर और हमलावरों को रोका जा सके।
सेना का दावा है कि हाल के दिनों में 500 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं, गाजा पट्टी में तैनात इजरायल के रिजर्व सैनिकों ने कहा है कि वे “ठिकाने छोड़ेंगे नहीं, गाजा पर कब्ज़ा कर यहीं डटे रहेंगे।”
यरुशलम में आतंकी हमला
उधर, यरुशलम में एक होटल के बाहर शुक्रवार को धारदार हथियार से हमला किया गया। इसमें दो लोग घायल हुए। 50 वर्षीय एक व्यक्ति की हालत गंभीर है, जबकि 25 वर्षीय युवक का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इसे आतंकी वारदात बताया है।
Baloda Bazar News: कमरे में पति फांसी पर झूलता मिला, बिस्तर पर पत्नी की लाश… पूरे गांव में सनसनी
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण 3 महीने की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन भड़क उठे और देर रात अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। इस बीच, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने भी कर्मचारियों की लापरवाही स्वीकार की है।
क्या है पूरा मामला?
बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत पिंडरा से बच्ची को तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया। पर्ची बनवाकर उसे भर्ती किया गया और ऑक्सीजन भी दिया गया। लेकिन जब हालत और बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया।
???? आरोप है कि रेफर करने के बाद एंबुलेंस में मासूम को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराया गया। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का गुस्सा और हंगामा
बच्ची की मौत के बाद परिजन बेहद आक्रोशित हो गए और देर रात जिला अस्पताल में हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव ने परिजनों को समझाने की कोशिश की।
CMHO ने माना अस्पताल की गलती
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने भी लापरवाही की बात स्वीकार की और परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। फिलहाल घटना के बाद से पूरे इलाके में गुस्से और आक्रोश का माहौल है।
Donald Trump On US-India Trade Deal: "मोदी मेरे सबसे अच्छे दोस्त" – ट्रंप का बड़ा ऐलान, क्या जल्द सुलझ जाएगी ट्रेड डील की गुत्थी?
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह आने वाले हफ्तों में अपने "सबसे अच्छे दोस्त" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की राह में कोई बड़ी रुकावट नहीं है और बातचीत का सकारात्मक नतीजा सामने आएगा।
ट्रंप का बयान
मंगलवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा—
“भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बाधाओं को दूर करने के लिए चर्चा जारी है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी बातचीत बिना किसी मुश्किल के पूरी होगी। मैं अपने सबसे अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के लिए उत्सुक हूं।”
ट्रंप का यह बयान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर ट्रंप की पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा—
“भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। हमारी टीमें जल्द से जल्द व्यापार वार्ता पूरी करने के लिए काम कर रही हैं। मैं भी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत को लेकर उत्सुक हूं। हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।”
टैरिफ को लेकर तनातनी
हालांकि, दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव भी बना हुआ है। अमेरिका ने भारत पर 25% सामान्य टैरिफ और 25% अतिरिक्त टैरिफ (रूस से तेल खरीद पर) लगाया है। इस तरह भारत पर कुल 50% तक टैरिफ लागू है, जो दुनिया में सबसे अधिक माना जा रहा है। इसे लेकर भारत और अमेरिका के बीच मतभेद भी गहराए हैं।
उम्मीद की किरण
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच यह बातचीत दोनों देशों के रिश्तों में नई दिशा दे सकती है। यदि ट्रेड डील पर सहमति बनती है तो यह न केवल आर्थिक संबंधों को मजबूती देगा बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी नए मुकाम पर पहुंचा सकता है।
Afghanistan Earthquake: भूकंप के झटकों से थर्राई धरती; अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत, 1500 से अधिक घायल
Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में सोमवार तड़के तेज भूकंप आया जिसने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। स्थानीय मीडिया और समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, इस आपदा में अब तक 622 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई और इसका केंद्र नांगरहार प्रांत में बताया गया है। चूंकि भूकंप की गहराई सिर्फ 8 किलोमीटर थी, इसलिए इसका असर बहुत ज्यादा देखने को मिला।
कुनार प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित
भूकंप का सबसे ज्यादा असर कुनार प्रांत में देखने को मिला। यहां कई गांव पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। नूर गुल, सोकी, वटपुर, मनोगी और चापदारे इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सिर्फ कुनार गांव में ही करीब 20 लोगों की मौत और 35 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कई जगह घर मलबे में तब्दील हो गए और सड़कें भी खराब हो गई।
बचाव और राहत अभियान जारी
तालिबान प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय अधिकारी, सेना और आम लोग मिलकर घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। घायलों को हेलीकॉप्टर के जरिए राजधानी काबुल और नजदीकी जिलों के अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। राहत दलों को मलबा हटाने और घायलों को निकालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राकृतिक बाधाओं से बढ़ी मुश्किल
भूकंप के झटकों के बाद भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं ने राहत कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कई पहाड़ी रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। अभी भी कई गांव ऐसे हैं जहां राहत दल नहीं पहुंच पाए हैं और लोग खुद ही मलबा हटाकर अपनों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील
तालिबान सरकार ने इस आपदा को देखते हुए दुनिया भर से मदद मांगी है। हालांकि अब तक किसी भी विदेशी सरकार ने आधिकारिक रूप से सहायता भेजने की घोषणा नहीं की है। मिट्टी और पत्थरों से बने घरों के ढहने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो चुके हैं और खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।
बढ़ सकती है मौतों की संख्या
राहत और बचाव दलों का मानना है कि मलबे में अभी भी कई लोग दबे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वहां इलाज की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।
कौन से हैं वो 6 देश, जहां Telegram पर लगा है ‘ताला’? आधी जनता नहीं जानती होगी जवाब
इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp लोगों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि WhatsApp के ‘प्रभुत्व’ को चुनौती दे रहा क्लाउड-आधारित मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म Telegram अक्सर मुश्किलों का सामना कर रहा है।
भले ही इस ऐप को सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज़ से सबसे बेहतरीन बताया जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल अक्सर कार्यकर्ता, विरोधी और यहाँ तक कि चरमपंथी समूह भी करते हैं। कुछ देशों ने WhatsApp को ‘खाली’ करने के इरादे से आए इस ऐप पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
चीन
मानवाधिकार वकीलों और कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन के लिए Telegram का इस्तेमाल करने के बाद, 2015 से ही चीन में Telegram ऐप पर प्रतिबंध लगा हुआ है। अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए Telegram पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ईरान
2018 में, ईरान ने विरोध प्रदर्शनों और “अनुचित सामग्री” में इसके व्यापक उपयोग के कारण Telegram ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध से पहले, Telegram देश में सबसे लोकप्रिय ऐप था।
वियतनाम
वियतनामी सरकार ने 2025 में इस ऐप पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था, क्योंकि Telegram का इस्तेमाल राज्य-विरोधी दस्तावेज़ों और दुष्प्रचार के प्रसार के लिए किया जा रहा था।
पाकिस्तान
सुरक्षा चिंताओं और स्थानीय सामग्री नियमों का पालन न करने के कारण क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म टेलीग्राम को पाकिस्तान में भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
थाईलैंड
इस क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल थाईलैंड में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लिए किया गया था, यही वजह है कि थाई सरकार ने 2020 में इस ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था।
यूक्रेन
सितंबर 2024 में, यूक्रेन के साइबर सुरक्षा केंद्र ने सरकारी एजेंसियों और सैन्य कर्मियों के आधिकारिक उपकरणों पर टेलीग्राम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया। यह प्रतिबंध सैन्य खुफिया जानकारी के खुलासे के कारण लगाया गया था जिसमें पता चला था कि रूसी विशेष सेवाएँ टेलीग्राम उपयोगकर्ताओं के निजी संदेशों तक पहुँच सकती हैं। यही वजह है कि इस ऐप को यूक्रेन में भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप के 4 बार कॉल करने पर भी पीएम मोदी ने नहीं उठाया फोन? विदेशी अखबारों के इस दावे पर वॉइट हाउस ने दी सफाई
हाल ही में जर्मन अखबार FAZ में छपी खबर के अनुसार पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चार बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन मोदी ने कॉल नहीं उठाई।
ध्यान देने वाली बात ये है कि ये खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 50% टैरिफ लगा चुका है। 
वॉइट हाउस ने क्या कहा?
वॉइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया और इसे सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच अच्छे और सम्मानजनक संबंध हैं। उन्होंने आगे बताया कि दोनों नेताओं की टीमें लगातार संपर्क में रहती हैं। 
जर्मन अखबार ने क्या लिखा?
जर्मन अखबार FAZ ने बताया कि ट्रंप ने हाल के हफ्तों में चार बार भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करने की कोशिश की। आगे रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की तरफ से उस कॉल का कोई जवाब तक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि ट्रंप भारत से व्यापार समझौते के लिए फोन करने की कोशिश कर रहे थे। रिपोर्ट में यह भी बता दिया गया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन इसलिए नहीं उठाया क्योंकि उन्हें डर था कि ट्रंप बातचीत को गलत तरीके से पेश कर सकते थे। आपको बता दें जापान का निक्केई एशिया अखबार ने भी इस तरह की खबर छाप चुका है। 
जापान के अखबार ने क्या लिखा?
जापान के निक्केई एशिया अखबार ने लिखा कि ट्रंप ने हाल ही में भारत से व्यापारिक समझौते के लिए भारत से कई बार संपर्क किया। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया कि मोदी ने इसलिए फोन नही उठाया क्योंकि यह डर था कि अमेरिका इस बातचीत के नतीजों को अपने फायदे के लिए पेश कर सकता है।
पाकिस्तान में बारिश का कहर: 788 मौतें, 25,000 से ज्यादा लोग बचाए गए, बाढ़ ने मचाई तबाही
पाकिस्तान में 26 जून से जारी लगातार भारी बारिश ने मौतों का तांडव मचा दिया है। अब तक कम से कम 788 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,000 से अधिक लोग घायल हैं। यह जानकारी स्थानीय मीडिया और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दी है।
जानिए पूरी स्थिति:
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मरने वालों में 200 बच्चे, 117 महिलाएं और 471 पुरुष शामिल हैं।
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घायल लोगों में 279 बच्चे, 246 महिलाएं और 493 पुरुष हैं।
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पंजाब में सबसे ज्यादा 584 लोग घायल, खैबर पख्तूनख्वा में 285 और सिंध में 71 घायल हुए हैं।
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पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान, कश्मीर, बलूचिस्तान और इस्लामाबाद में भी भारी नुकसान हुआ।
बचाव अभियान तेज़
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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमों ने 512 अभियानों में 25,644 लोगों को सुरक्षित निकाला है।
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खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश और तेज हवाओं ने 13 लोगों की जान ली, जबकि डेरा इस्माइल खान में 7 लोगों की मौत हुई।
शहरों में तबाही
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लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी जैसे शहरी केंद्र भी बाढ़ की चपेट में हैं।
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गुलबर्ग, लक्ष्मी चौक, जेल रोड जैसे इलाके जलमग्न, कई घरों और दुकानों में पानी घुसा।
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बिजली के खंभे गिरने से बिजली कटौती, यातायात ठप।
क्या कहता है प्रशासन?
प्राधिकरण लगातार राहत कार्य कर रहा है और प्रभावित इलाकों में बचाव व पुनर्वास के प्रयास जारी हैं। लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की गई है।
भारत ने दुशांबे में उच्च स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ग्लेशियरों को बचाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
केंद्रीय राज्य मंत्री (ईएफसीसी), श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विकासशील देशों के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने, साझा वैज्ञानिक अनुसंधान और वित्तीय एवं तकनीकी सहायता बढ़ाने का आह्वान किया
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (ईएफसीसी) ने 29 से 31 मई 2025 तक ताजिकिस्तान गणराज्य के दुशांबे में आयोजित ग्लेशियरों को बचाने के लिए उच्च स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ, नीति निर्माता और मंत्री ग्लेशियरों को बचाने के लिए आवश्यक तत्काल कार्रवाई पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित हुए। ये ग्लेश्यिर मीठे पानी के महत्वपूर्ण भंडार और जलवायु परिवर्तन के संकेतक के रूप में काम करते हैं।

श्री सिंह ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि ग्लेशियरों का पिघलना न केवल एक चेतावनी है बल्कि यह एक तात्कालिक वास्तविकता है। इसका जल सुरक्षा, जैव विविधता और अरबों लोगों की आजीविका पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
ग्लेशियरों के पिघलने के वैश्विक और क्षेत्रीय परिणामों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इसका हिमालय जैसे पर्वतीय क्षेत्रों पर विषम प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र से आंतरिक रूप से जुड़े देश के रूप में भारत की गहरी चिंता को दोहराया और ग्लेशियरों की निगरानी और जलवायु अनुकूलन के उद्देश्य से चल रही पहलों के बारे में बताया।
श्री सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत राष्ट्रीय सतत हिमालय पारिस्थितिकी तंत्र मिशन (एनएमएसएचई) के तहत रणनीतिक कार्य कर रहा है - जो कि भारत की जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) का एक प्रमुख घटक है - साथ ही, निम्नतापमंडल और जलवायु परिवर्तन अध्ययन केंद्र की स्थापना भी कर रहा है, जिसे भारतीय हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों और ग्लेशियल झीलों के अनुसंधान और निगरानी को आगे बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसके अलावा, यह भी कहा गया कि भारत ग्लेशियर के द्रव्यमान, विस्तार और गतिशीलता में परिवर्तनों की व्यवस्थित निगरानी के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नेतृत्व में उन्नत दूर संवेदी और भूस्थेतिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) प्रौद्योगिकियों का लाभ उठा रहा है। राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं समुद्री अनुसंधान केन्द्र (एनसीपीओआर), राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान और गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान (एनआईएचई) सहित प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा समन्वित अनुसंधान के माध्यम से इन प्रयासों को और मजबूत किया जा रहा है। ये पहल ग्लेशियर प्रणालियों की वैज्ञानिक समझ को बढ़ाने और भारत के जल संसाधनों के सतत प्रबंधन के लिए डेटा-आधारित नीति निर्माण में महत्वपूर्ण है।
भारत ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा समन्वित बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणालियों और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) जोखिम मानचित्रण के माध्यम से हिमालयी क्षेत्र में आपदा तैयारियों को मजबूत किया है। श्री सिंह ने कहा कि बचाव तंत्र को मजबूत करने, डेटा साझा करने के ढांचे में सुधार करने और पर्वतीय पारिस्थितिकी प्रणालियों के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए समन्वित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय सहयोग महत्वपूर्ण है।
वैश्विक संदर्भ को संबोधित करते हुए, मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई में समानता और साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं (सीबीडीआर-आरसी) के सिद्धांत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण एशिया वैश्विक संचयी उत्सर्जन में न्यूनतम उत्सर्जन करता है लेकिन यह जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक महत्वाकांक्षी और संतुलित जलवायु रणनीति पर काम कर रहा है। देश ने पेरिस समझौते के तहत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है जिसमें निम्नलिखित प्रमुख उपलब्धियां हासिल की गई हैं:
- देश की स्थापित विद्युत क्षमता का 48 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा से प्राप्त होता है;
- 2005 और 2020 के बीच सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में 36 प्रतिशत की कमी;
- 2005 और 2021 के बीच वन एवं वृक्ष आवरण में वृद्धि द्वारा 2.29 बिलियन टन कार्बनडाईऑक्साइड के बराबर अतिरिक्त कार्बन सिंक का निर्माण।
इस बात पर बल दिया गया कि जलवायु अनुकूलन और शमन के लिए विभेदित और संदर्भ-विशिष्ट दृष्टिकोण की आवश्यकता है जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों, विकास आवश्यकताओं और ऐतिहासिक जिम्मेदारियों को स्वीकार किया गया है।
अपने संबोधन का समापन करते हुए, मंत्री महोदय ने वर्ष 2025 को ग्लेशियरों के संरक्षण का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष तथा क्रायोस्फेरिक विज्ञान के लिए कार्रवाई का दशक (2025-2034) घोषित किए जाने का स्वागत किया तथा विकासशील देशों के लिए वैश्विक सहयोग, साझा वैज्ञानिक अनुसंधान तथा वित्तीय एवं तकनीकी सहायता बढ़ाने का आह्वान किया। श्री सिंह ने कहा कि भारत साझेदारी को मजबूत करने, विशेषज्ञता साझा करने तथा ग्लेशियरों को बचाने तथा हमारे साझा भविष्य के उपाय सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वच्छताग्राही महिलाओं का हुआ सम्मान जनपद सदस्य कविता बंसल ने दीप प्रज्वल कर कार्यक्रम की शुरुआत जनपद सीईओ वैशाली सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का किया सराहना
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वच्छताग्राही महिलाओं का हुआ सम्मान जनपद सदस्य कविता बंसल ने दीप प्रज्वल कर कार्यक्रम की शुरुआत जनपद सीईओ वैशाली सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का किया सराहना
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर कलेक्टर ने की अपील प्रत्येक मतदाता अवश्य करें मतदान
कोरिया / जिले में आज 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने सभी मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर मतदाता की अहम भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं और नए मतदाताओं को विशेष रूप से प्रेरित करते हुए कहा कि अच्छे जनप्रतिनिधि और सरकार चुनने का अधिकार बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे समझदारी और सतर्कता से निभाना चाहिए।
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कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में पिछले विधानसभा चुनाव में 80ः मतदान और लोकसभा चुनाव में 81ः मतदान हुआ था। उन्होंने इस प्रतिशत को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि हर मतदाता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे मतदान में अपनी भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान, निर्वाचन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने और निर्भीक होकर मतदान करने की शपथ दिलाई गई। शपथ में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे धर्म, जाति, समुदाय या किसी अन्य प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य लोकतंत्र की मजबूती और मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर और कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
अमृत सरोवर स्थलों पर 21 जून को किया जायेगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन
एमसीबी / भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य कल्याण और प्रकृति के साथ सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए अमृत सरोवर स्थलों पर 21 जून 2024 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन करने हेतू निर्देशित किया गया है। उक्त कार्यक्रम में निम्नानुसार आयोजन किया जाना है। अमृत सरोवर स्थलों पर स्थानीय समुदाय, आमजन, सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं हितग्राहियों के लिए योग सत्र आयोजन किया जाना है। जिसमें आसन, प्राणायाम (सांस लेने हेतु व्यायाम) और ध्यान संबंधित क्रिया शामिल किया जायेगा।

इसके साथ ही योग के लाभों और स्वस्थ शैली जीवन को बनाये रखने के महत्व पर संगोष्ठी एवं परिचर्चा किया जाना है। ग्राम, ग्राम पंचायतों के आमजन, हितग्राहियों को आयोजन से संबंधित सभी गतिविधियों के बारे में सूचित कर आयोजन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। जिससे शारीरिक एवं मानसिक विकास हो सकेगा। इन गतिविधियों के सफल क्रियान्वयन के लिए अपने स्तर पर निगरानी एवं पर्यवेक्षण कराये जाये। गांव में निर्मित अमृत सरोवर के पास योग अभ्यास के साथ जल संरक्षण जल संवर्धन की महत्त्वता के प्रति समझ विकसित करना है, योग अभ्यास के दौरान ग्रामीण जन जहां एक और स्वस्थ जीवन की राह चुनेंगे दूसरी और, सामाजिक समरसता आजीविका संवर्धन गतिविधियों भी कार्ययोजना तय करेंगे तथा जल स्रोतों की स्वच्छता पर भी चर्चा की जाएगी
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बहतराई स्टेडियम में होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू होंगे मुख्य अतिथि
बिलासपुर / जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। इस सिलसिले में कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों एवं योग संस्थाओं के सदस्यों की बैठक लेकर शत-प्रतिशत तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन बहतराई स्टेडियम में होगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होगे। उन्होंने बताया कि 21 जून को सवेरे 7 बजे से 7.45 बजे तक योगाभ्यास किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंटरनेशनल डे ऑफ योगा 2024 थीम पर आधारित संदेश को प्रोत्साहित करने ग्राम पंचायत, विकासखण्ड, नगर पंचायत एवं नगर पालिका परिषद में भी सामान्य योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
विभिन्न अधिकारियों को सौंपे गये दायित्व के तहत मंच, टेंट एवं योग स्थल पर आवश्यक बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है। इसी प्रकार साफ-सफाई, पेयजल, साउंड सिस्टम एवं प्रोजक्टर की जिम्मेदारी नगर निगम, विद्युत व्यवस्था एवं जनरेटर लोक निर्माण विभाग, मंच संचालन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी एवं आयुष विभाग, छात्र-छात्राओं सहित सहभागियों की उपस्थिति शिक्षा विभाग, वाहन व्यवस्था परिवहन विभाग, प्रचार-प्रसार एवं फोटो वीडियोग्राफी जनसंपर्क विभाग, यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी, पुलिस विभाग, प्राथमिक चिकित्सा का दायित्व स्वास्थ्य विभाग, पुष्प गुच्छ एवं माला उद्यान विभाग, बैनर एवं योग रथ समाज कल्याण विभाग, जलपान व्यवस्था खाद्य विभाग को सौंपी गई है।
गौरतलब है कि लोगों में योग के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। बैठक में एडीएम श्री आर.ए. कुरूवंशी, एसडीएम श्री पीयूष तिवारी, समाज कल्याण विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा मैथ्यू, विभिन्न योग संस्थाओं के सदस्य सहित विभागीय अधिकारी मौजूद होगे।
व्हाइट हाउस आगमन समारोह में प्रधानमंत्री के वक्तव्य का मूल पाठ
सबसे पहले, मैं राष्ट्रपति बायडन के मित्रतापूर्ण स्वागत और दीर्घ दृष्टिपूर्ण संबोधन के लिए उनका ह्रदय से बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
Thank you, President बायडन, for your friendship.
Friends,
आज White House में शानदार स्वागत समारम्भ के, एक प्रकार से भारत के 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान है, 140 करोड़ देशवासियो का गौरव है.यह सम्मान, अमेरिका में रहने वाले, 4 मिलियन से अधिक, भारतीय मूल के लोगों का भी सम्मान है। इस सम्मान के लिए, मैं राष्ट्रपति बायडन और डॉक्टर जिल बायडन का, उनके के प्रति हृदय से बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
Friends,
करीब तीन दशक पहले, एक साधारण नागरिक के रूप में, मैं अमेरिका यात्रा पर आया था। और उस समय मैंने White House को बाहर से देखा था। प्रधानमंत्री बनने के बाद तो, मैं स्वयं तो कई बार यहाँ पर आया हूँ। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में, Indian-American समुदाय के लिए, White House के द्वार, आज पहली बार खोले गए हैं। भारतीय समुदाय के लोग अपने talent, कर्मठता और निष्ठा से अमेरिका में भारत की शान बढ़ा रहे हैं। आप सब, हमारे संबंधों की असली ताकत हैं।
आज आपको दिए गए सम्मान के लिए मैं राष्ट्रपति बायडन और डॉक्टर जिल बायडन का ह्रदय से अभिनन्दन करता हूँ। उनका जितना धन्यवाद करू उतना कम है।

Friends,
भारत और अमेरिका, दोनों के समाज और व्यवस्थाएं लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। दोनों देशों के संविधान, उसके पहले तीन शब्द, और जैसा राष्ट्रपति बायडन ने अभी जिसका उल्लेख किया - "We The People" हम दोनों देश अपनी विविधता पर गर्व करते हैं।
हम "सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय” इस मूलभूत सिद्धांत में विश्वास रखते हैं।पोस्ट-कोविड काल में world order, एक नया रूप ले रहा है। इस कालखण्ड में भारत और अमेरिका की मित्रता पूरे विश्व के सामर्थ्य को बढ़ाने में पूरक होगी। Global Good के लिए, वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए, दोनों देश साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी मजबूत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप, Democracy की ताकत का स्पष्ट प्रमाण है।
Friends,
अब से कुछ ही देर में राष्ट्रपति बायडन और मैं भारत-अमेरिका संबंधों, और अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करेंगे।मुझे विश्वास है कि हमेशा की तरह आज भी हमारी बातचीत बहुत सकारात्मक और उपयोगी रहेगी। आज दोपहर को मुझे U.S. Congress को एक बार फिर से संबोधित करने का अवसर मिलेगा। इस सम्मान के लिए मैं आपका ह्रदय से आभारी हूँ।
मैं यही कामना करता हूँ, और 140 करोड़ भारतवासी भी यही कामना करते हैं, कि भारत का तिरंगा, और अमेरिका का "स्टार्स and स्ट्राइप्स" हमेशा नई ऊंचाइयाँ छूते रहें।
राष्ट्रपति बायडन, डॉक्टर जिल बायडन,
एक बार फिर, आपके स्नेह भरे निमंत्रण के लिए, आपके गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य-सत्कार के लिए, मैं आपका और 140 करोड़ हिंदुस्तानवासियों के तरफ से आभार प्रकट करता हूँ।
जय हिन्द।
God Bless America.
बहुत-बहुत धन्यवाद।
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कोलकाता के अवैध कॉल सेंटर से अंतर्राज्यीय गैंग के 22 शातिर साइबर ठग गिरफ्तार रायगढ़ पुलिस को साइबर ठगी में मिली अब तक की बड़ी सफलता


अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के 05 आरोपी गिरफ्तार थाना झगराखांड की कार्यवाही
आप को बताते छले की दिनांक 14/07/2022 के दरम्यानी रात प्रार्थी राजेश कुमार सिंह आ० स्व० प्रेम कुमार सिंह निवासी वेलफेयर कॉलोनी खोंगापानी थाना झगराखाण्ड के सुने मकान में अज्ञात चोरों द्वारा घर का ताला तोड़कर घर के अलमारी में रखें सोने, चांदी एवं नगदी रकम चोरी कर सलेरियो वाहन (कार) लेकर भाग गये, भागते हुए वे सभी सी०सी०टी०वी० फुटेज मे रिकॉर्ड हये। जिसके संबंध में प्रार्थी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया एवं मामले की गम्भीरता को देखते हुये वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक कोरिया श्री त्रिलोक बंसल के निर्देशन में अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में एवं एस.डी. ओ.पी. मनेन्द्रगढ़ श्री राकेश कुर्रे के दिशा निर्देश में थाना प्रभारी झगराखाण्ड प्रद्युम्न तिवारी के नेतृत्व में खोंगापानी चौकी प्रभारी जगदेव कुशवाहा, प्र०आर० दिनेश तिवारी, सायबर सेल से आर0 पुष्कल कुमार सिन्हा, प्रिंस कुमार राय एवं थाना झगराखाण्ड से आर० निर्भय सिंह, दीप नारायण तिवारी, नीरज पढियार, अमित जैन, सुखदेव, सैनिक कमलेश सिंह को शामिल कर टीम तैयार किया गया। टीम के द्वारा प्रकरण के अज्ञात आरोपियों की लगातार पतासाजी की गई। पतासाजी दौरान टीम को सूचना मिली लहसुई गांव कोतमा एवं भालूमाडा से चोरी करने हेतु कार से खोंगापानी आये थे, यह भी ज्ञात हुआ कि पूर्व में चोरी के प्रकरण में थाना कोतमा एवं भालूमाड़ा के प्रकरण में जेल से आरोपीगण बाहर आये है इनके द्वारा लगातार वारदात घटित करने का संदेह गुजरने पर पुलिस टीम के द्वारा आरोपी
मैरिज वेबसाइट पर फर्जी ID बना कर कोरिया की युवती से 24 लाख की ठगी करने वाला विदेशी युवक हुआ गिरफ्तार ... फर्जी पासपोर्ट का छग का पहला मामला ...14 सिम भी बरामद
कोरिया पुलिस ने शादी की एक वेबसाइट पर फर्जी ID बना कर कोरिया जिले के बैकुंठपुर की एक युवती से शादी का झांसा देकर 24 लाख की ठगी करने वाले विदेशी नाइजीरिया के एक युवक को दिल्ली से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी युवक के पास से पुलिस ने एक फर्जी पासपोर्ट भी बरामद किया है जो कि छग का पहला मामला बताया जा रहा है।
इस पूरे मामले में मिली जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली बैकुंठपुर अंतर्गत तलवापारा निवासी उपेन्द्र साहू पिता स्व० सुदामा प्रसाद निवासी ने थाने में शिकायत की उसकी छोटी बहन के साथ उक्त आरोपी एजीडे पीटर पिता एजीडे निवासी 17 सेटेलाइट न्यू टाउन लागोस नाइजीरिया वर्तमान निवासी टावर नम्बर केएम 21, फ्लैट नम्बर 204, जेपी कोसमोस सेक्टर 134 नोएडा ने रोहन मिश्रा के नाम से फर्जी NRI (Non ResidentIndian) बनाकर वैबसाईट के माध्यम से शादी करने का झासा देकर एवं अपना Property India Transfer कर भारत में सेटल होने के नाम पर कस्टम चार्ज एवं RBI Officer, IMF Officer इत्यादि के नाम पर पीड़िता से 24,07,500 ₹ का ठगी किया है। प्रकरण दर्ज कर आरोपी को पकडने हेतु पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी सरगुजा रेंज सरगुजा के मार्गदर्शन में SP कोरिया चन्द्रमोहन सिंह के निर्देशन में सायबर एक्सपर्ट व अति० पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला व उप पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल के नेतृत्व में सायबर टीम कोरिया द्वारा मामले की पतासाजी की जाने लगी। प्रकरण में देखा गया कि आरोपी के द्वारा VOIP Call, Internet call, Whatsapp Call उपयोग किया गया है। सायबर टीम द्वारा प्रकरण के सभी बिन्दुओं का बारीकी से विश्लेषण कर आरोपी की पहचान करने में सफलता पाई गई। उपरोक्त अपराध की विवेचना के दौरान विशेष टीम को दिल्ली, नोएडा (उ0प्र0) रवाना किया गया था विशेष टीम द्वारा के द्वारा आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर आरोपी को भादवि की धारा 419, 420 के अंतर्गत गिरफ्तार कर आरोपी से पुछताछ किया गया। आरोपी द्वारा अन्य राज्यो तेलंगाना, आन्धर प्रदेश, झारखण्ड, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश इन सभी राज्यों में भी अपने आप को डॉक्टर, इंजीनियर व बिजनेसमैन बता कर अपने झांसे में लेकर लाखो की ठगी किया है तथा ठगी की रकम को कुछ अपने पास रख बाकी शेष रकम को नाईजीरिया ट्रांसफर कर देता था। आरोपी के पास से 02 नग पासपोर्ट मिला, जिसमें एक फर्जी पासपोर्ट (Republic of South Africa Name Coko Daniel) एवं दूसरा पासपोर्ट (Federal Republic of Nigeria Name Ajide Peter Chinaka) , 02 नग नाईजीरियन डेबिट कार्ड 1 नग एसबीआई डेबिट कार्ड ,04 नग मोबाईल हैण्डसेट, 14 नग सीम कार्ड, 01 बाईफाई डिवाइस. 01 नग लैपटॉप जप्त किया गया। आरोपी के पासपोर्ट एवं वीजा का अवलोकन किया गया जिसकी म्याद समाप्त हो चुकी है। जो आपराधिक प्रकरण भी है।
सायबर अपराधी को पकड़ने वाली टीम में निरीक्षक विमलेश दुबे, उप निरीक्षक सचिन सिह, उनि गंगासाय पैकरा, इस्तियाक खान, अशोक मलिक व कोरिया सायबर सेल से पुष्कल सिन्हा, प्रिंस राय, अरविन्द कौल, सजल जायसवाल, विजय कुमार सिह का सराहनीय योगदान रहा।
याद की गई शहीद सत्यभामा स्मारक स्थल में पहुंचकर किया इस तरह याद हुई आंखे नम जिला प्रशासन से की गई ये मांग आदिवासी महिला जिसने केलो नदी को बचाने दी प्राणों
जल (केलो नदी ) को बचाने के आन्दोलन में 26 जनवरी 1998 को शहीद हुई श्रीमती सत्यभामा सौंरा के समाधि स्थल शहीद स्मारक ग्राम बोंदा टिकरा, गढ़ उमरिया जिला रायगढ़ में जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा द्वारा शहादत दिवस मनाया गया।
जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा और जनसंगठनों के साथियों के साथ सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण जनों ने शिरकत कर श्रीमती सत्यभामा के शहीद स्मारक एवं तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।
प्रशासन द्वारा ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद शहीद स्मारक की सुरक्षा, बाउंड्री वॉल,गार्डन सौंदर्यीकरण,संरक्षण एवं संवर्धन न किए जाने, शहीद स्मारक स्थल की हो रही उपेक्षा , चारों तरफ झाड़ झंखार, उबड़ खाबड़ जमीन और आस पास की भूमि पर हो रहे बेजा कब्जा पर जनसंगठनों ने गम्भीर चिंता और आक्रोष व्यक्त किया तथा प्रशासन से अतिशीघ्र शहीद स्मारक की सुरक्षा, बाउंड्री वॉल,गार्डन सौंदर्यीकरण,संरक्षण एवं संवर्धन किए जाने की मांग की ।
उल्लेखनीय है कि जल को बचाने के आन्दोलन में प्राण की आहुति देने वाली श्रीमती सत्यभामा सौंरा देश की पहली आदिवासी महिला है। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह,मेधा पाटकर, पी वी राजगोपाल एकता परिषद,पूर्व आई ए एस एवं सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, ललित सुरजन,गौतम बंदोपाध्याय आदि जनसंगठनों एवं समाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रीमती सत्यभामा सौंरा के शहादत को छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बतलाते हुए सत्यभामा सौंरा के समाधि स्थल के सौंदर्यीकरण, संरक्षण एवं संवर्धन करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। यही सच्चे मायने में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की सार्थकता भी होगी। वास्तव मे ऐसी ही बेटियां (महिलाएं) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की आईकन (गौरव की प्रतीक ) हैं।शहीद स्मारक समाधि स्थल के सौंदर्यीकरण, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निराकार पटेल ने जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के सचिव बासुदेव शर्मा, गणेश कछवाहा और महादेव अग्रवाल के साथ समाधि स्थल का निरीक्षण किया । श्री पटेल ने सीईओ एवं कलेक्टर रायगढ़ को वस्तु स्थिति से अवगत करा कर अतिशीघ्र कार्य करवाने का आश्वासन दिया है।
आज की श्रद्धांजली सभा में समाजिक कार्यकर्ता श्री भरत दुबे ने सुंदर संगमरमर युक्त समाधि स्मारक चबूतरा निर्माण करवाने की घोषणा की। जिसका सभी ने करतल ध्वनि से अभिनंदन किया।
शहादत दिवस कार्यक्रम में सर्वश्री बासुदेव शर्मा एडवोकेट सचिव जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा रायगढ़, गणेश कछवाहा संयोजक ट्रेड यूनियन कौंसिल रायगढ़,मदन पटेल संयोजक राष्ट्रीय किसान मोर्चा, जयंत बहिदार जुझारू नेता,लल्लू सिंह किसान नेता ,सुनिल पटेल सामाजिक कार्यकर्ता, शेख कलीमुल्ला छत्तीसगढ़ शासकीय तृतीय वर्ग प्रदेश कर्मचारी संघ एवं कार्यकारी अध्यक्ष छतीसगढ़ राज्य अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन रायगढ़, डॉ सुरेश शर्मा जूर्डा संयोजक सर्वोदय मंडल, महादेव अग्रवाल अध्यक्ष छत्तीसग़ढ पेंशनधारी कल्याण संघ, प्रदीप पारे, गणेश मिश्रा सीनियर सिटीजन, कमलेशपटेल ननसिया, श्रीमतीसावित्री पूर्व सरपंच बोंदा टीकरा, पंच ग्राम बोंदा टीकरा , श्रीमति सत्यभामा सौंरा के सुपुत्र कुलवधु, परिवार के सदस्य एवं ग्रामीण जनों की गरिमामय उपस्थिति रही।
श्री बासुदेव शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीमति सत्यभामा सौंरा केवल ग्राम बोंदा टीकरा एवं रायगढ़ जिले ही नहीं वरन् पूरे देश की ग़ौरव है।इस गौरवशाली इतिहास को संजोकर रखने की हमारी ज़िम्मेदारी है। शासन को चाहिए कि वे ऐसी विरासत व इतिहास को सहज कर रखे। पाठ्य पुस्तकों में भी ऐसी गौरवशाली विरासत और इतिहास को शामिल करना चाहिए।अंत में सेव बूंदी का प्रसाद वितरण कर, सत्यभामा अमर रहे।केलो की रक्षा कौन करेगा।जल ही जीवन है। गगनभेदी नारों के साथ सभा के विधिवत समापन की घोषणा की गई।












