Breaking News
ताज़ातरीन
पीएम जनमन आवास योजना से पूरा हुआ सपना, पहारू राम ने कहा: नए घर ने दी जीवन की सबसे बड़ी खुशी
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत पंड्रापाठ के निवासी पहारू राम वर्षों से एक कच्चे मकान में रह रहे थे, जहाँ बरसात में छत टपकती थी, सर्दियों में ठिठुरन होती थी और गर्मियों की तपन से परिवार को हमेशा जूझना पड़ता था। सीमित संसाधनों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था।
वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उन्हें आवास की स्वीकृति मिली। समय पर वित्तीय सहायता और सामग्री मिलने के कारण उनका मकान बनकर तैयार हो गया। आज पहारू राम अपने परिवार के साथ एक सुरक्षित और पक्के घर में खुशी-खुशी रह रहे हैं।
भावुक होकर पहारू राम ने कहा, "नया घर मुझे जीवन की सबसे बड़ी खुशी दे गया है। अब हमारा परिवार मौसम की मार से पूरी तरह सुरक्षित है। यह घर हमारे लिए सुरक्षा और सम्मान की नई पहचान है। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल से आभारी हूँ।"
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। यह योजना आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिससे पात्र परिवार अपने घर का निर्माण कर सकें और गरिमापूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें। यह केवल आश्रय नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्तीय समावेशन में उल्लेखनीय प्रगति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास के निवासियों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि नगद वितरित की जाती थी, जिससे लीकेज की समस्या होती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है।
उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को भी सराहा। सरगुजा और बस्तर के दूरदराज के गांवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य हो रहे हैं। प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट बैठक, महत्वपूर्ण फैसले लिए गए
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के विकास एवं सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्य निर्णय:
-
अनुसूचित एवं माडा पॉकेट क्षेत्र के अंत्योदय और प्राथमिकता परिवारों को चना वितरण:
मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रति माह 2 किलो चना नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदा जाएगा। यह खरीद वित्तीय वर्ष 2024-25 में 0.25 प्रतिशत या उससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।
इसके अलावा, जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना प्राप्त नहीं किया है, उन्हें पात्रतानुसार दिसंबर 2025 तक चना वितरित कर दिया जाएगा। -
नवा रायपुर में IT/ IITS उद्योग के लिए 90 एकड़ भूमि आबंटित:
कैबिनेट ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईआईटीएस उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना और औद्योगिक विकास को गति देना है।
यह पहल नवा रायपुर में तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल देगी। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं का विकास होगा और स्थानीय निवासियों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
बिलासपुर में बड़ी कार्रवाई: 9 रसूखदार जुआरी गिरफ्तार, सरकारी ठेकेदार और कारोबारी भी शामिल
बिलासपुर। पुलिस ने सरकंडा थाना क्षेत्र के कोनी रोड स्थित महावीर अग्रवाल के बाड़ा में चल रहे जुए के बड़े फड़ पर छापेमारी कर 9 रसूखदार जुआरियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आए आरोपियों में महापौर के जेठ, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और होटल कारोबारी भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपए की रकम, क्वाइन, ताश पत्तियां और 11 मोबाइल बरामद किए गए हैं।
एसएसपी रजनेश सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीआई नीलेश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कड़ी घेराबंदी कर छापा मारा। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि जुआरी भाग न सकें। छापेमारी के दौरान आरोपी बड़े दांव पर जुआ खेल रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों ने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का सहारा लेकर छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन एसएसपी ने किसी भी दबाव को नहीं माना और सख्त कार्रवाई जारी रखी।
साय बोले: ‘इंतजार की घड़ी खत्म, मंत्रिमंडल विस्तार होगा जल्द ही!’ – राजभवन से आ रही बड़ी खबरें
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता के इंतजार को खत्म करने का संकेत देते हुए कहा, “आप लोगों के इंतजार की घड़ी पूरी हो रही है। जल्द ही बड़ा फैसला सामने आएगा, बस देखते जाइए…” वहीं, राज्यपाल रमेन डेका और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी इसी बात को दोहराते हुए बड़ा ऐलान होने का इशारा दिया है।
मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजभवन में रेड कार्पेट बिछा दिया गया है और गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार हो चुकी है। नए मंत्रियों के लिए तीन सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियों की भी व्यवस्था हो चुकी है, जिनमें से दो गाड़ियां नंबर CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तैयार हैं, तीसरी अभी ट्रायल पर है।
सूत्रों की मानें तो संभावित मंत्रियों में अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल, आरंग से गुरू खुशवंत सिंह, और दुर्ग से गजेंद्र यादव के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। इससे पहले अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत के नाम भी चर्चा में थे।
राज्य की राजनीतिक रणनीति में यह विस्तार एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो सरकार के संचालन को और सशक्त बनाएगा।
नया राजस्व वर्ष शुरू होने से पहले कलेक्टर ने जारी किया सख्त अल्टीमेटम: लंबित प्रकरणों का तुरंत निराकरण हो!
बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी ने मंगलवार को समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि नया राजस्व वर्ष शुरू होने से पहले सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर से नए राजस्व वर्ष की शुरुआत हो रही है, इसलिए अब वक्त है कार्रवाई का।
कलेक्टर ने अधिकारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और कृषि, सहकारिता विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टेक पंजीयन, फौती नामांतरण तथा पलायन करने वाले किसानों के पंजीयन को लेकर जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए। साथ ही, सभी तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण को समय पर पूरा करने का भी निर्देश दिया गया।
पशुओं के संरक्षण के लिए गोधाम संचालन हेतु ग्राम चिह्नित करने और आगामी रजत जयंती महोत्सव के सभी कार्यक्रम समय पर पूरा करने के भी आदेश दिए गए। साथ ही लोक सेवा गारंटी, मुख्यमंत्री जनदर्शन, शिकायत शाखा और धरती आबा अभियान की समीक्षा भी की गई।
CM विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया भव्य उद्घाटन, बैंकिंग सेवाओं का विस्तार तेज
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने बैंक कर्मचारियों, नवा रायपुर के नागरिकों और अधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्तीय समावेशन ने नई ऊँचाइयां छुई हैं। अब योजनाओं का पैसा सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और लीकेज की समस्या कम हुई है। उन्होंने बस्तर और सरगुजा अंचलों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अच्छा प्रशासन चल रहा है और आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने बैंकों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
लोकसभा में छत्तीसगढ़ का प्रदूषण मुद्दा गरमाया: MP बृजमोहन अग्रवाल ने मांगा त्वरित और ठोस कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आज लोकसभा में बड़ा सत्र हुआ, जिसमें रायपुर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश की पर्यावरणीय स्थिति को गंभीरता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को नियम 377 के तहत प्रदेश के प्रदूषण के मुद्दे से अवगत कराते हुए शीघ्र और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
अग्रवाल ने बताया कि देश के 131 “नॉन-अटेन्मेंट सिटीज़” में से छत्तीसगढ़ के तीन बड़े शहर — रायपुर, कोरबा और भिलाई — प्रदूषण स्तर के लिहाज से शामिल हैं। इसके अलावा रायगढ़ और जांजगीर-चांपा की स्थिति भी चिंताजनक है। रायपुर के बाहरी इलाक़ों जैसे सिलतरा, उरला और बोरझरा में भारी उद्योगों के कारण वायु एवं जल प्रदूषण अत्यधिक बढ़ा है, जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।
सांसद ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने नागपुर स्थित NEERI से रायपुर के 142 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का अध्ययन कराया है। उन्होंने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और उसमें सुझाए गए उपायों की कार्यवाही की जानकारी साझा करने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि पूरे प्रदेश का विस्तृत पर्यावरण अध्ययन कराएं ताकि 2025 तक की स्पष्ट पर्यावरणीय स्थिति सामने आ सके।
अग्रवाल ने जैविक प्रजातियों के संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि इससे जल, जंगल, जमीन और हवा शुद्ध होगी और किसानों को प्रदूषण मुक्त भूमि तथा बेहतर कृषि उत्पादन मिलेगा।
उन्होंने पर्यावरण मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर छत्तीसगढ़वासियों को स्वच्छ हवा और साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया।
डायरिया की चपेट में दर्री पारा: 2 मौतें, 12 गंभीर रूप से बीमार — क्या प्रशासन उठाएगा तत्काल कदम?
कोरबा। जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पाली स्थित दर्री पारा मोहल्ले में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यहां अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं।
60 वर्षीय संपत्त सिंह को समय पर इलाज न मिलने के कारण 24 घंटे के भीतर ही जान गंवानी पड़ी। इसके बाद रविवार को बाबू लाल गोड़ की भी डायरिया से मौत हो गई। दोनों मृतक दर्री पारा मोहल्ले के निवासी थे।
बीमार पड़े लोगों में गनपत, सुकरिया बाई, राम लाल देवशनिया, मान सिंह, नीरा बाई सोहन, पार्वती, सावित्री, राजु, हिरमतिया ज्ञान सिंह, काजल रूप सिंह और तिलेश्वर शामिल हैं, जिनका उपचार पोड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
दर्री पारा की लगभग 260 की आबादी के बीच स्थिति चिंताजनक है। यहां के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले 32 में से केवल 5 बच्चे ही स्कूल आ पा रहे हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। प्रधान पाठक जय कुंवर ने इस कमी की पुष्टि की है।
पाली उप स्वास्थ्य केंद्र के आरएचओ आनंद कुमार सोरठे ने बताया कि करीब एक दर्जन मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मृतक संपत्त सिंह के परिवार ने शासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। इतना ही नहीं, हालात इतने विकट हैं कि मृतकों के क्रिया-कर्म भी अभी तक नहीं हो पाए हैं।
लर लूटकांड का चौंकाने वाला खुलासा! सिर्फ 24 घंटे में पुलिस ने पकड़े 7 आरोपी, बरामद संपत्ति 1.56 करोड़ की
रायगढ़। जिले में हाल ही में हुई ट्रेलर लूटकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे में भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के कुशल नेतृत्व में तमनार पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 1.56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।
मई 2025 में एसबीआई कोरबा शाखा से चार ट्रेलर वाहन खरीदने वाले प्रार्थी संजय पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18 अगस्त की रात ट्रेलर क्रमांक CG 12 BQ 0371 को तमनार क्षेत्र के हुकराडीपा के पास से बदमाशों ने लूट लिया। साथ ही ट्रेलर चालक एम.डी. जुबेर और अन्य ड्राइवरों से मारपीट कर उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए।
जांच में मुख्य षड्यंत्रकारी के रूप में पूर्व वाहन स्वामी अमन गोस्वामी की पहचान हुई। तमनार पुलिस ने नाकेबंदी और दबिश के दौरान ओडिशा के हमीरपुर में खेत से चार ट्रेलर वाहन बरामद किए। आरोपियों की संख्या बढ़ने पर धारा 310 (2) BNS भी लगाई गई।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
-
अमन गोस्वामी, कोरबा
-
नारद गोस्वामी, कोरबा
-
जितेन्द्र गिरी, सुंदरगढ़ (ओडिशा)
-
मनीष प्रकाश केंवट, जांजगीर-चांपा
-
लेखराम केंवट, जांजगीर-चांपा
-
रामरतन पटेल, जांजगीर-चांपा
-
कुंजराम पटेल, जांजगीर-चांपा
दो अन्य आरोपियों की अभी तलाश जारी है।
बरामद संपत्ति:
-
4 ट्रेलर वाहन — ₹1,50,00,000
-
4 मोबाइल फोन — ₹24,000
-
1 स्विफ्ट डिजायर कार (CG 12 AP 1298) — ₹6,00,000
कुल मिलाकर 1 करोड़ 56 लाख 24 हजार रुपये से अधिक की कीमत।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने कहा कि यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था की मजबूती और अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इलाज गार्ड के भरोसे! डॉक्टर-नर्स नदारद, इंजेक्शन लगाती दिखी महिला सुरक्षा गार्ड – क्या अब भगवान ही करेंगे इलाज?
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िला अस्पताल से आई ये तस्वीरें झकझोर देने वाली हैं। जहां इलाज की जिम्मेदारी डॉक्टर या नर्स की होनी चाहिए, वहां एक महिला सुरक्षा गार्ड को मरीजों को इंजेक्शन लगाते हुए देखा गया।
यह चौंकाने वाला दृश्य तब सामने आया जब एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में उस वक्त डॉक्टर और नर्स ड्यूटी से नदारद थे। मजबूरी में गार्ड को इंजेक्शन लगाने जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी निभानी पड़ी।
???? यह घटना न केवल स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मरीजों की जान किस तरह खतरों के हवाले कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी और बेपरवाही कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई बार शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सोशल मीडिया पर गार्ड की तस्वीर वायरल होते ही लोगों में गुस्सा फूट पड़ा।
लोग पूछ रहे हैं:
-
“जब डॉक्टर-नर्स ही नहीं हैं, तो मरीजों की जिंदगी कौन संभालेगा?”
-
“क्या इलाज अब भगवान भरोसे है या गार्ड के भरोसे?”
इस मामले में अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. वाय के ध्रुव ने बयान जारी कर कहा:
"फोटो मैंने भी देखा है, यह पूरी तरह से अनुचित है। मामले की जांच कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस दिया जाएगा और जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे।"
अब देखना यह होगा कि क्या यह मामला भी बाकी शिकायतों की तरह फाइलों में दफन हो जाएगा, या वाकई कुछ सुधार की शुरुआत होगी?
जन चौपाल में खुली किस्मत! पायल को मिली ट्राइसाइकिल, भुवनेश्वर को मिला सुनने का सहारा – कलेक्टर ने दिया तुरंत समाधान
महासमुंद। आम जनता की आवाज़ जब सुनने वाला प्रशासक हो, तो समाधान भी तुरंत होता है। इसी का उदाहरण बना साप्ताहिक जन चौपाल, जो मंगलवार को महासमुंद के जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुआ।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की 34 शिकायतें व समस्याएं गंभीरता से सुनीं और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
सबसे भावुक पल रहा ग्राम घोड़ारी की पायल यादव के लिए, जिन्हें मौके पर ही मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। पायल ने खुशी से कहा, "अब स्कूल आना-जाना आसान हो जाएगा, दूसरों पर निर्भर नहीं रहूंगी।"
इसी तरह ग्राम सिरको पिथौरा के श्रवण बाधित भुवनेश्वर निषाद को जन चौपाल में ही श्रवण यंत्र दिया गया। उनके दिव्यांगता व अन्य योजनाओं के लिए भी त्वरित निर्देश जारी किए गए।
जन चौपाल में आए अन्य आवेदनों में शामिल थे:
-
शिक्षक की कमी
-
बिजली करंट से घायल युवक को सहायता
-
तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि
-
नामांतरण, मुआवजा, नल-जल योजना, जाति प्रमाण पत्र, खाद की कमी, आदि।
कलेक्टर श्री लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए और पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
संसद भवन में हुई 'गोपनिय मुलाकात'! डॉ. रमन सिंह और जे.पी. नड्डा के बीच क्या बनी नई रणनीति?
नई दिल्ली। संसद भवन में आज एक अहम राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. रमन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से सौजन्य भेंट की।
हालांकि मुलाकात औपचारिक बताई जा रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ की राजनीतिक परिस्थितियों, आगामी चुनावों की रणनीति, और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
डॉ. रमन सिंह ने मुलाकात को "बेहद उपयोगी और दिशा देने वाली" बताया। उन्होंने कहा कि इस संवाद से संगठन को नई ऊर्जा और स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा।
माना जा रहा है कि बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में सुधार, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी, और जनता से मजबूत जुड़ाव के लिए ठोस रणनीति पर बात हुई।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा हाल ही में कई बड़े रणनीतिक निर्णय ले चुकी है, और यह मुलाकात उन फैसलों की आगे की कड़ी मानी जा रही है।
कलेक्टर की मीटिंग में हुआ बड़ा फैसला! अब हर गांव की होगी 'अलग पहचान' – जानिए कैसे...
रायपुर। जिले के विकास और प्रशासनिक योजनाओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की, जहां जिले में चल रही सरकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा "मेरा गांव, मेरी पहचान" नामक नवाचार प्रोजेक्ट, जिसे मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों को जिन गांवों की ज़िम्मेदारी दी गई है, उन्हें नियमित दौरे कर, ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और विकास कार्यों के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार की जाए।
इसके साथ ही नगरीय निकायों की बैठक में कलेक्टर ने सभी जोन आयुक्तों को अतिक्रमण हटाने, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन (IAS), CEO जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक, अंत्योदय परिवारों को चना और आईटी कंपनियों को रियायती ज़मीन देने का निर्णय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के सामाजिक और औद्योगिक विकास को लेकर दो अहम फैसले लिए गए। ये निर्णय न केवल जन-कल्याण की दिशा में हैं, बल्कि राज्य के आर्थिक भविष्य को भी आकार देंगे।
1. अंत्योदय परिवारों को मिलेगा उनका 'चना'—अब December तक
कैबिनेट ने तय किया कि अनुसूचित और माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को प्रति माह 2 किलो चना अब NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीदी कर वितरित किया जाएगा।
खास बात ये है कि जुलाई से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों को चना नहीं मिला, उन्हें दिसंबर 2025 तक पिछली पात्रता अनुसार वितरण किया जाएगा। इससे लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
2. नवा रायपुर बनेगा 'छत्तीसगढ़ का सिलिकॉन वैली'
कैबिनेट ने नवा रायपुर में आईटी/आईटीईएस उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 90 एकड़ भूमि को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का बड़ा फैसला किया है।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि:
-
निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी
-
निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
-
स्थानीय युवाओं को रोजगार के मौके मिलेंगे
-
आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विकास होगा
-
नवा रायपुर का शहरीकरण और तेज़ होगा
सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से मजबूत करने और आईटी के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
बिग ब्रेकिंग : विष्णुदेव कैबिनेट का पहला विस्तार: कल 10:30 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण, जानिए कौन होंगे नए मंत्री
रायपुर। 72 घंटे की कड़ी तैयारी के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार निश्चित हो गया है। 20 अगस्त को सुबह 10:30 बजे राजभवन में नए तीन मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।
शपथ ग्रहण समारोह में दुर्ग से गजेंद्र यादव, आरंग से खुशवंत साहेब और अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल नए मंत्री बनेंगे। यह तीनों नाम 16 अगस्त को मुख्यमंत्री की राज्यपाल से मुलाकात के बाद चर्चा में आए थे और अब इन्हें मंत्रिपद के लिए अंतिम रूप दिया गया है।
यह विस्तार विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहला है। दिसंबर 2023 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उस समय 11 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जबकि एक पद खाली रखा गया था।
मंत्रिमंडल विस्तार में देरी का मुख्य कारण संभावित दावेदारों के बीच सहमति न बन पाना था। अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, गजेंद्र यादव, और संपत अग्रवाल जैसे नाम चर्चा में थे। अंत में गजेंद्र यादव, खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल को इस बार मंत्री बनाया जा रहा है। कल शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शपथ लेने वाले तीनों विधायकों को औपचारिक रूप से बधाई भी दी।
रायपुर में ड्रंक एंड ड्राइव पर पुलिस का बड़ा एक्शन: 23 वाहन चालक गिरफ्तार, लाइसेंस निलंबित
रायपुर। राजधानी में नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर यातायात पुलिस ने देर रात 11 बजे से सुबह 2 बजे तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच करते हुए दो दिनों में 23 चालकों को गिरफ्तार किया गया और मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई।
प्रत्येक चालक पर ₹10,000 का जुर्माना, लाइसेंस 3 माह के लिए निलंबित
सभी चालकों को अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां ₹10,000 का अर्थदंड लगाया गया है। साथ ही, उनके ड्राइविंग लाइसेंस को तीन माह के लिए निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
2025 में अब तक 1034 पर कार्रवाई, जुर्माना ₹1.22 करोड़ के पार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 1034 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है:
-
474 दोपहिया
-
364 चार पहिया
-
161 हैवी व्हीकल
-
35 ऑटो रिक्शा चालक
इन सभी मामलों में अब तक कुल ₹1 करोड़ 22 लाख 45 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया जा चुका है।
त्योहारों और छुट्टियों में बढ़ती घटनाएं, इसलिए सख्ती
अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला, डीएसपी सतीष ठाकुर और गुरजीत सिंह ने किया। पुलिस का कहना है कि त्योहारों और छुट्टियों में ड्रंक एंड ड्राइव की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जो आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती हैं।
पकड़े गए चालक: रायपुर से लेकर उड़ीसा तक
गिरफ्तार किए गए 23 चालकों में रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल हैं:
-
मनोज कुमार (अवंतिविहार)
-
मोह. आर्यन (अमलीडीह)
-
पवन कुकरेजा (मोवा)
-
चेतन तोड़ी (देवपुरी)
-
एजाज खान (नेहरू नगर)
...सहित संबलपुर, झारसुगुड़ा, रायगढ़ और जगदलपुर के वाहन चालक भी पकड़े गए हैं।
पुलिस की चेतावनी: अब हर रात चलेगा अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह अभियान प्रतिदिन चलेगा और नशे में गाड़ी चलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। रायपुरवासियों से अपील की गई है कि नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं, बल्कि टैक्सी या अन्य सुरक्षित साधनों का उपयोग करें।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में नया मोड़: महिला IAS अधिकारी के पति की गिरफ्तारी तय, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका की खारिज
रायपुर। बहुचर्चित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में अब आबकारी विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। इस मामले में शामिल 28 वरिष्ठ अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई हैं, जिनमें एक वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी के पति का नाम भी शामिल है।
यह मामला अब राज्य प्रशासन से निकलकर पूरी तरह कानूनी शिकंजे में आ चुका है और EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) द्वारा की जा रही जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक झटका
छत्तीसगढ़ सरकार ने इससे पहले ही इन अधिकारियों में से कई को निलंबित कर दिया था, लेकिन अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत बिलासपुर हाईकोर्ट से इनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं का खारिज होना सीधे तौर पर गिरफ्तारी की राह खोलता है। माना जा रहा है कि EOW जल्द ही बड़ी गिरफ्तारी कर सकती है।
इन अधिकारियों के नाम आए सामने
EOW ने जिन 28 अधिकारियों को शराब घोटाले में आरोपी बनाया है, उनमें कई वरिष्ठ पदों पर कार्यरत या सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल हैं। इन नामों में शामिल हैं:
-
जनार्दन कौरव
-
अनिमेष नेताम
-
विजय सेन शर्मा
-
अरविंद कुमार पाटले
-
प्रमोद कुमार नेताम
-
रामकृष्ण मिश्रा
-
विकास कुमार गोस्वामी
-
इकबाल खान
-
नितिन खंडुजा
-
नवीन प्रताप सिंह तोमर
-
मंजुश्री कसेर
-
सौरभ बख्शी
-
दिनकर वासनिक
-
मोहित कुमार जायसवाल
-
नीतू नोतानी ठाकुर
-
गरीबपाल सिंह दर्दी
-
नोहर सिंह ठाकुर
-
सोनल नेताम
-
प्रकाश पाल
-
अलेख राम सिदार
-
आशीष कोसम
-
ए.के. सिंह (सेवानिवृत्त)
-
राजेश जायसवाल
-
जे.आर. मंडावी (सेवानिवृत्त)
-
जी.एस. नुरुटी (सेवानिवृत्त)
-
देवलाल वैद्य (सेवानिवृत्त)
-
ए.के. अनंत (सेवानिवृत्त)
-
वेदराम लहरे (सेवानिवृत्त)
-
एल.एल. ध्रुव (सेवानिवृत्त)
इनमें से कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर शराब की खरीद, भंडारण, और वितरण में अनियमितताएं कीं, जिससे राज्य को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।
महिला IAS अधिकारी का परिवार जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों की जमानत याचिका खारिज हुई है, उनमें एक नाम एक महिला आईएएस अधिकारी के पति का है। यह पहली बार है जब राज्य प्रशासन से जुड़ा कोई शीर्ष परिवार इस घोटाले में प्रत्यक्ष रूप से घिरता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि इस मामले में राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में भी खलबली मची हुई है।
क्या है शराब घोटाले का मामला?
छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए इस शराब घोटाले में शराब बिक्री, भंडारण, सप्लाई और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ था कि सरकारी शराब दुकानों से अवैध रूप से फंड उगाही की जा रही थी और उसे निजी खातों में स्थानांतरित किया जा रहा था।
अब आगे क्या?
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब EOW द्वारा इन 28 अधिकारियों की गिरफ्तारी कभी भी संभव है। इससे पहले कई बार पूछताछ और नोटिस के बावजूद कुछ आरोपी सहयोग नहीं कर रहे थे। अब कोर्ट की ओर से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद पुलिस को सीधी कार्रवाई का रास्ता मिल गया है।
पति की हत्या कर ड्रम में छुपाई लाश: मकान मालिक के बेटे से था अवैध संबंध, राजस्थान से महिला गिरफ्तार
राजस्थान/शाहजहांपुर। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर शव को ड्रम में छिपा दिया। हत्या के बाद लाश को जल्द सड़ाने के लिए उस पर नमक डाला गया, ताकि दुर्गंध और पहचान न हो सके। घटना के बाद से ही महिला अपने तीन बच्चों और प्रेमी के साथ फरार थी। पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ड्रम में मिला शव, नमक डाल कर गलाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान हंसराम, निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वह राजस्थान के किशनगढ़बास क्षेत्र में ईंट भट्टे पर काम करता था और अपनी पत्नी सुनीता तथा तीन बच्चों के साथ एक मकान की छत पर किराए के कमरे में रहता था। रविवार को पड़ोसियों ने तेज दुर्गंध की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने छत की तलाशी ली। वहां एक नीले प्लास्टिक ड्रम में बंद, नमक से भरा शव बरामद हुआ।
मकान मालिक का बेटा निकला प्रेमी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुनीता का अवैध संबंध मकान मालिक के बेटे जितेंद्र से था। दोनों अक्सर साथ देखे जाते थे और हंसराम को इसकी जानकारी भी हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार, हंसराम शराब पीने का आदी था और अक्सर जितेंद्र के साथ बैठकर शराब पीता था। आशंका जताई जा रही है कि किसी झगड़े के दौरान ही दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
सोशल मीडिया पर बनाती थी रील्स
हत्या की एक और चौंकाने वाली परत तब खुली जब पुलिस को पता चला कि सुनीता को सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक था। वह पति के साथ रील्स बनाकर अक्सर पोस्ट करती थी। पुलिस को शक है कि रील्स और सोशल मीडिया से उपजे आकर्षण ने भी उसकी मानसिकता और संबंधों को प्रभावित किया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
हत्या के बाद सुनीता अपने तीन बच्चों के साथ फरार हो गई थी। जितेंद्र भी लापता था। पुलिस ने सोमवार को दोनों को खैरथल-तिजारा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है और हत्या की परिस्थितियों की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हंसराम के शव पर धारदार हथियार से हमला किया गया था।
यह मामला न केवल एक जघन्य अपराध की कहानी है, बल्कि घरेलू संबंधों में टूटते विश्वास और सामाजिक मूल्यों के गिरते स्तर का भी गंभीर उदाहरण है।
छत्तीसगढ़ जल्द होगा नक्सल मुक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ जल्द होगा नक्सल मुक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
260 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, भिलाई में भाजपा कार्यालय का उद्घाटन
रायपुर/भिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि नक्सली अब आत्मसमर्पण कर रहे हैं और सुरक्षाबलों की कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क कमजोर पड़ा है। मुख्यमंत्री सोमवार को दुर्ग जिले के भिलाई में भाजपा के नए जिला कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने 260 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की भी सौगात दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भिलाई नगर निगम क्षेत्र में 241 करोड़ रुपए की लागत से 66 विकास कार्यों का भूमि पूजन, और 19 करोड़ की लागत से 46 कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नया भाजपा कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए रणनीति और ऊर्जा का केंद्र बनेगा, जहां से संगठन मजबूत होकर जनता से जुड़ाव और सेवा के नए आयाम स्थापित करेगा।
नक्सलवाद पर बड़ा बयान
मीडिया से बातचीत में सीएम साय ने नक्सलवाद पर अपनी सरकार की सख्त नीति का ज़िक्र करते हुए कहा:
"पिछले 20 महीनों में छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों ने मिलकर नक्सल मोर्चे पर लगातार बड़ी कामयाबियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त किया जाए। हमें पूरा विश्वास है कि छत्तीसगढ़ इस दिशा में जल्द बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा।"
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और सुरक्षा बल बड़ी घटनाओं को रोकने में सफल हो रहे हैं।
कांग्रेस पर भाजपा का निशाना
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में अपराध बेलगाम हो गया था।
"भाजपा सरकार आने के बाद कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और अपराधियों पर शिकंजा कस रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आम जनता को सुरक्षा का भरोसा मिला है।"
कार्यक्रम में शामिल रहे कई दिग्गज नेता
इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री पवन साव, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव और अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।












