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राजमार्ग परिवहन और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने अवसंरचना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर बल दिया कहा एक सशक्त और मजबूत सड़क नेटवर्क क्षेत्र में समृद्धि लाता है
विकास है वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने की प्रमुख प्रेरक शक्ति : श्री हर्ष मल्होत्रा मिजोरम में भारतीय सड़क कांग्रेस की 233वीं मध्यावधि परिषद बैठक में किया संबोधन
सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने अवसंरचना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि एक अच्छी और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क क्षेत्र में समृद्धि लाती है।
मंत्री महोदय ने कहा कि अवसंरचनात्मक विकास वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न को साकार करने की दिशा में एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है।
श्री मल्होत्रा आज मिजोरम विश्वविद्यालय परिसर, आइजोल, मिजोरम में आयोजित भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) की 233वीं मध्यावधि परिषद बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में मिजोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा, राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री वानलालहलाना एवं मिजोरम से सांसद श्री रिचर्ड वानलालह्मांगैहा की उपस्थिति रही।
राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है — वर्ष 2014 में लगभग 91,000 किलोमीटर से बढ़कर यह अब लगभग 1.47 लाख किलोमीटर हो गई है।
मंत्री महोदय ने निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किए बिना लागत को कम करने और विश्व की सर्वश्रेष्ठ सिद्ध तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि हम सतत विकास आधारित पद्धतियों को अपनाएं तथा पर्यावरण-अनुकूल विधियों एवं अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का उपयोग करें।
मंत्री महोदय ने भारतीय सड़क कांग्रेस की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था कई वर्षों में एक बहुआयामी संगठन के रूप में विकसित हुई है, जो देश में बेहतर सड़कों के निर्माण हेतु कार्यरत है। इसमें केंद्र व राज्य सरकारों, सैन्य इंजीनियरी सेवा, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि सदस्य हैं।
राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस द्वारा निर्धारित मानकों, दिशा-निर्देशों और विशेष प्रकाशनों सहित सरकार द्वारा अधिसूचित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जाते हैं।
मंत्री महोदय यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। विगत 11 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में 1.07 लाख करोड़ रुपये की लागत से लगभग 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है, जिससे सीमावर्ती और दूरवर्ती क्षेत्रों को जोड़ने में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
अपने संबोधन में श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अवसंरचना केवल निर्माण सामग्री और स्टील का ढांचा नहीं है, यह आर्थिक विकास की आधारशिला है, समृद्धि की राह है और ‘विकसित भारत 2047’ के प्रधानमंत्री के उस विज़न का प्रतीक है, जो एक सशक्त, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित है।





श्री शिवसुब्रमण्यम रमण ने पीएफआरडीए के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात G7 summit की sidelines पर होनी तय थी। राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिसके कारण यह मुलाकात नहीं हो पाई।
इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई। बातचीत लगभग 35 मिनट चली।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी। और आतंक के खिलाफ़ समर्थन व्यक्त किया था। उसके बाद दोनों लीडर्स की यह पहली बातचीत थी।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान occupied कश्मीर में सिर्फ़ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। भारत के एक्शन बहुत ही measured, precise, और non-escalatory थे।
साथ ही, भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था, कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा।
9 मई की रात को उपराष्ट्रपति Vance ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति Vance ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ़ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है, तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा।
9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया, और पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया। उसके मिलिटरी एयरबेसस को inoperable बना दिया। भारत के मुहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी, किसी भी स्तर पर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमरीका द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कारवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच, दोनों सेनाओं की existing channels के माध्यम से हुई थी, और पाकिस्तान के ही आग्रह पर हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दे कर कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है, और न ही कभी करेगा। इस विषय पर भारत में पूर्ण रूप से राजनैतिक एकमत है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री द्वारा विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लडाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को proxy war नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है, और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं। पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की। दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन conflict पर दोनों ने सहमति जतायी कि जल्द से जल्द शांति के लिए, दोनों पक्षों में सीधी बातचीत आवश्यक है, और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। indo-pacific क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओ ने अपने परिपेक्ष साझा किये। और इस क्षेत्र में QUAD की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया।
QUAD की अगली बैठक के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत पर विदेश सचिव श्री विक्रम मिस्री का वक्तव्य
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इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई। बातचीत लगभग 35 मिनट चली।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी। और आतंक के खिलाफ़ समर्थन व्यक्त किया था। उसके बाद दोनों लीडर्स की यह पहली बातचीत थी।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान occupied कश्मीर में सिर्फ़ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। भारत के एक्शन बहुत ही measured, precise, और non-escalatory थे।
साथ ही, भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था, कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा।
9 मई की रात को उपराष्ट्रपति Vance ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति Vance ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ़ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है, तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा।
9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया, और पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया। उसके मिलिटरी एयरबेसस को inoperable बना दिया। भारत के मुहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी, किसी भी स्तर पर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमरीका द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कारवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच, दोनों सेनाओं की existing channels के माध्यम से हुई थी, और पाकिस्तान के ही आग्रह पर हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दे कर कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है, और न ही कभी करेगा। इस विषय पर भारत में पूर्ण रूप से राजनैतिक एकमत है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री द्वारा विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लडाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को proxy war नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है, और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं। पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की। दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन conflict पर दोनों ने सहमति जतायी कि जल्द से जल्द शांति के लिए, दोनों पक्षों में सीधी बातचीत आवश्यक है, और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। indo-pacific क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओ ने अपने परिपेक्ष साझा किये। और इस क्षेत्र में QUAD की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया।
QUAD की अगली बैठक के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
भारतीय नौसेना ने एमवी वान हाई 503 पर बचाव दल को साहसिक हवाई मार्ग से उतारा
भारतीय नौसेना भीषण आग में घिरे एमवी वान हाई 503 के बचाव अभियान में 13 जून 2025 को बचाव दल को हवाई मार्ग से प्रवेश करवाकर अपने बचाव अभियान में तेजी लाई। तेजी से कार्रवाई करते हुए बचाव दल के सदस्यों को कोच्चि के आईएनएस गरुड़ में एक सीकिंग हेलीकॉप्टर पर चढ़ाया गया। नौसेना के हेलीकॉप्टर ने चुनौतीपूर्ण मौसम/समुद्री परिस्थितियों और जहाज पर लगी आग के बीच टीम को सफलतापूर्वक पोत पर चढ़ाया। बचाव दल को नीचे उतारा गया। बचावदल ने रस्सी को टग ऑफशोर वॉरियर से जोड़ा। इसे रस्सी से जोड़ने के बाद बचाव दल को नौसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा पोत से सफलतापूर्वक निकाला गया। पोत को रस्सी से खींचने का अभियान शुरू हुआ।
वर्तमान में, भारतीय नौसेना के आईएनएस शारदा और ओएसवी एमवी ट्राइटन लिबर्टी भारतीय तटरक्षक बल और अन्य समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय में बचाव अभियान में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। भारतीय नौसेना द्वारा बचाव दल को शीघ्रता से प्रवेश करवाकर और बाहर निकालकर बचाव के प्रयासों में तेजी लाई गई।
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के दुर्घटना स्थल का दौरा किया
एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 की दुर्भाग्पूर्ण घटना से पूरा देश स्तब्ध है, सभी देशवासी इस हादसे में हताहत यात्रियों के परिजनों के साथ खड़े हैं भारत सरकार, गुजरात सरकार और प्रधानमंत्री जी की ओर से सभी हताहतों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूँ भारत सरकार और गुजरात सरकार मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी है इस हादसे में बचने वाले घायल यात्री से हॉस्पिटल में मिला मृतकों की आधिकारिक संख्या डीएनए परीक्षण के पश्चात ही अधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी जिन यात्रियों के परिजन घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं, उनके डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया भी अगले 2-3 घंटों में पूरी हो जाएगी Aviation Department ने तीव्र गति से अपनी जांच प्रारंभ कर दी है
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के दुर्घटना स्थल का दौरा किया।गृह मंत्री ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्य की समीक्षा भी की।



बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 की दुर्भाग्पूर्ण घटना से पूरा देश स्तब्ध है, सभी देशवासी इस हादसे में हताहत यात्रियों के परिजनों के साथ खड़े हैं। श्री शाह ने कहा कि भारत सरकार, गुजरात सरकार और प्रधानमंत्री जी की ओर से वे सभी हताहतों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि विमान हादसे की सूचना मिलते ही गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस विभाग, और भारत सरकार की केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की इकाइयों को भी शामिल करते हुए आपदा प्रबंधन की सभी इकाइयों को अलर्ट कर दिया और सभी मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए। भारत सरकार और गुजरात सरकार मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी है।


श्री अमित शाह ने कहा कि इस विमान में देश-विदेश के कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेम्बर सवार थे। गृह मंत्री इस हादसे में बचने वाले घायल यात्री से अस्पताल में मिलकर आए। उन्होंने कहा कि मृतकों की आधिकारिक संख्या डीएनए परीक्षण के पश्चात ही अधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी। जिन यात्रियों के परिजन घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं, उनके डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया भी अगले 2-3 घंटों में पूरी हो जाएगी। श्री शाह ने कहा कि जिन मृतक यात्रियों के परिजन विदेश में हैं, उन्हें सूचना दी जा चुकी है और भारत पहुँचते ही उनके डीएनए नमूने लिए जाएंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि गुजरात की FSL (Forensic Science Laboratory) और NFSU (National Forensic Sciences University) मिलकर कम से कम समय में डीएनए परीक्षण पूर्ण करेंगी और उसके बाद मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि Aviation Department ने तीव्र गति से अपनी जांच प्रारंभ कर दी है। गृह मंत्री ने राहत और बचाव के काम में शामिल एजेंसियों का आभार प्रकट किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया प्रधानमंत्री ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर राहत व बचाव कार्यों में जुटी टीमों और अधिकारियों से भेंट की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में हुई दुखद विमान दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि हम उनके इस असहनीय दुःख और क्षति को भली-भांति समझते हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज प्रातः अहमदाबाद स्थित दुर्घटनास्थल का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत और आपातकालीन सेवाओं में जुटे अधिकारियों एवं कर्मियों से भी भेंट कर स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

श्री मोदी ने 'एक्स' पर अपने संदेशों में कहा:
“अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना से पूरा देश आहत है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आकस्मिक और पीड़ादायक मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त सभी परिवारों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं। हम उनके दुःख को महसूस करते हैं और समझते हैं कि इस खालीपन को वर्षों तक महसूस किया जाएगा। ॐ शांति।”
“आज अहमदाबाद में विमान दुर्घटनास्थल का दौरा किया। वहां का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। निरंतर रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों और टीमों से भेंट की। हमारी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक भगवान बिरसा मुंडा को उनके शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपना जीवन आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का त्याग और समर्पण देश के लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा;
"स्वतंत्रता संग्राम के महानायक भगवान बिरसा मुंडा जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका त्याग और समर्पण देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने सीमापार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता पर एक लेख साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा लिखा गया एक लेख साझा किया। इसमें सीमापार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति दोहराई गई है।
श्री मोदी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा है कि भारत पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा।
श्री मोदी ने उक्त लेख के बारे में रक्षा मंत्री के एक्स पोस्ट का जवाब देते हुए कहा;
"रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh ने सीमा पार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति दोहराई है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि भारत पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा।"
विश्व पर्यावरण दिवस पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस बड़े उत्साह एवं संकल्प के साथ मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए वृक्षारोपण एवं जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बिलासपुर स्थित नवीन अधिकारी विश्राम गृह के समीप "मधुवन उद्यान" में वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने किया। उन्होंने नीम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री राजमल खोईवाल, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण तथा स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में लगभग 1000 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम में स्काउट एंड गाइड, नागरिक सुरक्षा संगठन, सेंट जॉन एम्बुलेंस, स्कूल के बच्चों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कटौती, अपशिष्ट प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे टिकाऊ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने “प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करें” विषय पर आधारित इस वर्ष के पर्यावरण दिवस की थीम को महत्वपूर्ण बताया और प्लास्टिक से हो रहे नुकसान के प्रति सभी को सचेत किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 22 मई से 4 जून 2025 तक पर्यावरण संरक्षण पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान 12 कार्यशालाएं, 180 सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। 8 प्लास्टिक संग्रहण ड्राइव के माध्यम से स्टेशनों पर स्थापित प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों की स्थिति और रखरखाव की समीक्षा की गई।
स्टेशनों पर विशेष अभियान चलाकर केटरिंग स्टालों की जांच की गई एवं विक्रेताओं को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचने व पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने हेतु दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। यात्रियों को अपनी बोतलों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए वाटर रीफिल पॉइंट्स की जांच की गई और उद्घोषणाएं की गईं।

“सतत रेलवे संचालन” विषय पर आधारित व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों के अंतर्गत बिलासपुर समेत सभी प्रमुख स्टेशनों पर स्वच्छता, ऊर्जा संरक्षण, जल बचत और पर्यावरण सुरक्षा पर बल दिया गया। स्टेशनों, कॉलोनियों, गार्डनों और ट्रैक के आसपास 180 सफाई अभियानों का संचालन कर सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की गई।
“गीला कचरा-सूखा कचरा” विषय पर 22 नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई गई। साथ ही, स्कूली बच्चों एवं रेलकर्मियों के लिए 17 ड्राइंग, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों को सुदृढ़ रूप से आगे बढ़ाता रहेगा।
एक सहानुभूतिशील सरकार गरीब कल्याण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री
पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार का हर कदम सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहा है: प्रधानमंत्रीहमारी सरकार के सर्वांगीण विकास के प्रयासों से परिवर्तनकारी परिणाम सामने आए हैं और गरीबों तथा वंचित वर्ग लोगों को लाभ मिला है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब कल्याण के प्रति एनडीए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया, क्योंकि देश परिवर्तनकारी और समावेशी शासन के 11 वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और समावेश पर केंद्रित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जन धन योजना और आयुष्मान भारत जैसी परिवर्तनकारी योजनाओं के प्रभाव पर भी उल्लेख किया, जिससे आवास, भोजन पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच का विस्तार हुआ है। उन्होंने लाभों के पारदर्शी और कुशल वितरण को सुनिश्चित करने में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), डिजिटल समावेशन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के महत्व को भी रेखांकित किया।
एक्स पर अपनी एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा;
"गरीब कल्याण के प्रति समर्पित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार!
पिछले एक दशक में, एनडीए सरकार ने कई लोगों को गरीबी की स्थिति से निकालने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और समावेशन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हमारी सभी प्रमुख योजनाओं ने गरीबों के जीवन को बदल दिया है। पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जन धन योजना और आयुष्मान भारत जैसी पहलों ने आवास, स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बढ़ाया है। डीबीटी, डिजिटल समावेशन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बल ने पारदर्शिता और अंतिम सिरे तक लाभों की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित की है।
इसी के कारण 25 करोड़ से अधिक लोगों ने गरीबी को मात दी है। एनडीए एक समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़ा 2025 मनाया
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के रूप में नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय और अपने सभी स्वायत्त संस्थानों (एआई) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में 1 मई से 15 मई 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया। यह पखवाड़ा केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के कैलेंडर के अनुसार आयोजित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़ा 2025 की शुरुआत 1 मई 2025 को जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी विभाग सचिव की अगुवाई में शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुई जिसमें विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लिया। सामूहिक शपथ ने स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की और पखवाड़े के दौरान होने वाली गतिविधियों के लिए माहौल तैयार किया। इस कार्यक्रम में उत्साही भागीदारी देखी गई और इसने पखवाड़े के लिए एक प्रेरक शुरुआत के रूप में कार्य किया। पखवाड़े के दौरान, विभिन्न स्वच्छता अभियान चलाए गए और जैव प्रौद्योगिकी विभाग और उसके एआई और पीएसयू द्वारा 188 गतिविधियों की योजना बनाई गई और उन्हें पूरा किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्य योजना में विभिन्न विशिष्ट विधियों को शामिल किया गया जैसे ई-कचरा बिन/सैनिटरी नैपकिन निपटान मशीन/उच्च क्षमता वाली अपशिष्ट श्रेडर मशीन आदि की स्थापना।


स्वास्थ्य जांच, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस), कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) प्रशिक्षण सत्र, एकल प्लास्टिक उपयोग और तनाव प्रबंधन पर जागरूकता पर चर्चा, वृद्धाश्रम/नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड सेंटर दिल्ली में सफाई अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली के लिए सामुदायिक दौड़, सैर, कार्यालय में महिला कक्ष का उद्घाटन भी किया गया। इसके अलावा, झुग्गी बस्तियों में पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया गया, स्वच्छता के बारे में समुदाय को शिक्षित करने के लिए एआई के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, पेंटिंग प्रतियोगिता, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पखवाड़े की निगरानी और मार्गदर्शन किया गया। स्वच्छता पखवाड़े के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने, प्रेरित करने और मार्गदर्शन देने के लिए समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। पुरस्कार के लिए तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों का चयन करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को जैव प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव (प्रशासन) द्वारा पुरस्कृत किया गया
जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के रूप में नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय और अपने सभी स्वायत्त संस्थानों (एआई) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में 1 मई से 15 मई 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया। यह पखवाड़ा केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के कैलेंडर के अनुसार आयोजित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़ा 2025 की शुरुआत 1 मई 2025 को जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी विभाग सचिव की अगुवाई में शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुई जिसमें विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लिया। सामूहिक शपथ ने स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की और पखवाड़े के दौरान होने वाली गतिविधियों के लिए माहौल तैयार किया। इस कार्यक्रम में उत्साही भागीदारी देखी गई और इसने पखवाड़े के लिए एक प्रेरक शुरुआत के रूप में कार्य किया। पखवाड़े के दौरान, विभिन्न स्वच्छता अभियान चलाए गए और जैव प्रौद्योगिकी विभाग और उसके एआई और पीएसयू द्वारा 188 गतिविधियों की योजना बनाई गई और उन्हें पूरा किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्य योजना में विभिन्न विशिष्ट विधियों को शामिल किया गया जैसे ई-कचरा बिन/सैनिटरी नैपकिन निपटान मशीन/उच्च क्षमता वाली अपशिष्ट श्रेडर मशीन आदि की स्थापना।


स्वास्थ्य जांच, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस), कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) प्रशिक्षण सत्र, एकल प्लास्टिक उपयोग और तनाव प्रबंधन पर जागरूकता पर चर्चा, वृद्धाश्रम/नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड सेंटर दिल्ली में सफाई अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली के लिए सामुदायिक दौड़, सैर, कार्यालय में महिला कक्ष का उद्घाटन भी किया गया। इसके अलावा, झुग्गी बस्तियों में पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया गया, स्वच्छता के बारे में समुदाय को शिक्षित करने के लिए एआई के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, पेंटिंग प्रतियोगिता, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पखवाड़े की निगरानी और मार्गदर्शन किया गया। स्वच्छता पखवाड़े के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने, प्रेरित करने और मार्गदर्शन देने के लिए समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। पुरस्कार के लिए तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों का चयन करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को जैव प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव (प्रशासन) द्वारा पुरस्कृत किया गया।
भारत को मिली अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान की अध्यक्षता
भारत, प्रशासनिक सुधार विभाग के माध्यम से, 1998 से, अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान का सदस्य देश है। अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान, 31 सदस्य देशों, 20 नेशनल सेक्शंस और 15 शैक्षणिक अनुसंधान केंद्रों का एक संघ है जो लोक प्रशासन पर वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए संयुक्त रूप से सहयोग करता है। इसके प्रमुख सदस्य देश हैं - भारत, जापान, चीन, जर्मनी, इटली, कोरिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, मैक्सिको, स्पेन, कतर, मोरक्को, इंडोनेशिया आदि ।
आईआईएएस, संयुक्त राष्ट्र के साथ घनिष्ठ कार्य संबंध बनाए रखता है, और संयुक्त राष्ट्र की लोक प्रशासन पर विशेषज्ञों की समिति (सीईपीए) और संयुक्त राष्ट्र लोक प्रशासन नेटवर्क (यूएनपीएएन) में भाग लेता है। जबकि आईआईएएस, संयुक्त राष्ट्र का औपचारिक रूप से संबद्ध निकाय नहीं है, यह लोक प्रशासन में संयुक्त राष्ट्र के कार्य से सक्रिय रूप से जुड़ा है।
आईआईएएस के 2025-2028 के अध्यक्ष पद के लिए, माननीय प्रधान मंत्री मोदी जी ने नवंबर 2024 में सचिव डीएआरपीजी श्री वी. श्रीनिवास की भारतीय उम्मीदवारी को नामित किया। आईआईएएस अध्यक्ष पद के लिए सुनवाई फरवरी 2025 में हुई - भारत, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रिया और बहरीन ने आईआईएएस की प्रशासन परिषद के समक्ष सुनवाई में भाग लिया। सुनवाई के बाद, भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया की उम्मीदवारी को अगले दौर के लिए आईआईएएस की आम सभा में भेज दिया गया। मई 2025 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत के पक्ष में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। 3 जून, 2025 को भारत और ऑस्ट्रिया के बीच चुनाव हुआ, जिसमें 141 वोट पड़े, जिनमें से भारत ने 87 वोट (61.7 प्रतिशत वोट) प्राप्त किए, और ऑस्ट्रिया ने 54 वोट प्राप्त किए(38.3.7 प्रतिशत वोट)
आईआईएएस की भारतीय अध्यक्षता, माननीय प्रधानमंत्री मोदी के "अधिकतम शासन - न्यूनतम सरकार" के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी, जिसमें नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण और संस्थानों के डिजिटल परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। भारतीय अध्यक्षता एकता और समावेशिता पर ध्यान केंद्रित करते हुए उत्तर-दक्षिण विभाजन को पाटने का प्रयास करेगी।
कॉर्पोरेट प्रबंधन और विकास को बढ़ावा देते हुए आईआईसीए पूर्वोत्तर में पहला क्षेत्रीय परिसर खोलेगा
आईआईसीए शिलांग परिसर प्रमुख क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण, अनुसंधान और नीति सलाह के लिए क्षेत्रीय केंद्र के रूप में काम करेगा; इसमें प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (पीएम-डेवआईएनई) के तहत निवेश होगा
समावेशी राष्ट्रीय विकास और क्षेत्रीय क्षमता निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए) ने अपने पहले क्षेत्रीय परिसर के लिए मेघालय के न्यू शिलांग टाउनशिप में औपचारिक रूप से पांच एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया। यह पहल पूर्वोत्तर में आईआईसीए के महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है, जो कॉर्पोरेट प्रबंधन उत्कृष्टता और सतत विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

भूमि हस्तांतरण समारोह की अध्यक्षता मेघालय सरकार के मुख्य सचिव श्री डोनाल्ड फिलिप्स वाहलांग और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी ने की। आईआईसीए के महानिदेशक और सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह; कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री इंद्रदीप सिंह धारीवाल; योजना विभाग के आयुक्त और सचिव श्री सीवीडी डिएंगदोह; आईआईसीए के श्री (कर्नल) अमनदीप सिंह पुरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। भूमि हस्तांतरण और अधिग्रहण का कार्य मेघालय सरकार की ओर से योजना विभाग के संयुक्त सचिव श्री के. हिनीवता और भारत सरकार की ओर से उप सचिव श्री शेखर श्रीवास्तव ने किया।

इस विजन की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने ज्ञान आधारित विकास के लिए मेघालय की प्रतिबद्धता व्यक्त की और नॉलेज सिटी क्लस्टर के भीतर आईआईसीए परिसर के इस युक्तिपूर्ण स्थान के बारे में बताया। इस क्षेत्र में पहले से ही आईआईएम शिलांग, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी मेघालय और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं - जो समृद्ध शैक्षणिक और पेशेवर तालमेल वाला बेहतरीन स्थान है। उन्होंने यह भी बताया कि शिलांग में जल्द ही एक नये हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा, जो क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा और पूरे भारत के पेशेवरों, शिक्षकों और छात्रों के लिए इस परिसर को आसानी से सुलभ बना देगा। यह बुनियादी ढांचागत विकास पूर्वोत्तर में एक प्रमुख शैक्षणिक और नीति केंद्र के रूप में शिलांग की उभरती स्थिति को और मजबूत करेगा।
आईआईसीए के महानिदेशक और सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताया और आईआईसीए के शिलांग परिसर को "दिल्ली के बाहर हमारा पहला बच्चा- विकेंद्रीकरण और सशक्तीकरण का प्रतीक" बताया। उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस , आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत @ 2047 जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ तालमेल में उद्यमशीलता, क्षमता निर्माण और सुशासन का समर्थन करने में नए परिसर की भूमिका पर जोर दिया। राइजिंग नॉर्थ ईस्ट पहल के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, महानिदेशक श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लगातार पूर्वोत्तर को "भारत की अष्टलक्ष्मी" के रूप में बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र विविधता, प्रतिभा और क्षमता से समृद्ध है। इस दृष्टिकोण के साथ उन्होंने कहा, "आईआईसीए को इस क्षेत्र को एक दूरस्थ परिधि से नए भारत के गतिशील विकास इंजन में बदलने का हिस्सा बनने पर गर्व है।"

आईआईसीए महानिदेशक ने यह भी कहा, "यह पहल हमारे प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के मंत्र से गहराई से जुड़ी है। शिलांग में हमारा परिसर आईआईसीए का महज एक विस्तार नहीं है - यह 'परिवहन से परिवर्तन' के लिए एक प्रतिबद्धता है। प्रधानमंत्री ने ऐसी कल्पना की थी, जहां बुनियादी ढांचा और ज्ञान संस्थान मिलकर शांति, समृद्धि और उद्देश्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं।"
प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (पीएम-डेवीन) के तहत 100.95 करोड़ रुपये के निवेश से शिलांग परिसर कॉर्पोरेट प्रबंधन, ईएसजी, सीएसआर, दिवाला और दिवालियापन, प्रतिस्पर्धा कानून जैसे प्रमुख क्षेत्रों और बोर्ड नेतृत्व में विशेष प्रशिक्षण, अनुसंधान और नीति सलाह के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में काम करेगा।
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी ने अपने संबोधन में मेघालय सरकार के सक्रिय और उदार समर्थन की सराहना की और बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी सहकारी संघवाद की भावना और नए भारत के विकास इंजन के रूप में पूर्वोत्तर को सशक्त बनाने के केंद्र के दृष्टिकोण को दर्शाती है।

जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने के साथ इस परिसर में शैक्षणिक और सलाहकार कार्यक्रम चालू वित्त वर्ष में शुरू होने वाले हैं। आईआईसीए ने अपने पिछले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पहले ही पूर्वोत्तर क्षेत्र की सेवा की है, जिससे 300 से अधिक पेशेवरों को लाभ मिला है और स्वतंत्र निदेशक डेटाबैंक का प्रबंधन जारी है, जिसमें सभी पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व शामिल है।
भविष्य में आईआईसीए ज्ञान नगरी में राज्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ सहयोगात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा देगा, ताकि क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अनुरूप प्रशिक्षण, नीति समर्थन और क्षमता निर्माण पहल प्रदान की जा सके।
यह विस्तार पूर्वोत्तर के हृदयस्थल से नैतिक उद्यमियों, कुशल पेशेवरों और जिम्मेदार नेताओं को आकार देने में दीर्घकालिक साझेदार के रूप में काम करने के आईआईसीए के संकल्प को दर्शाता है।
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का विस्तार होगा श्री संजय सेठ ने तीन लाख नए कैडेट जोड़ने की घोषणा की
रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने 03 जून, 2025 को भोपाल में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के विशेष संयुक्त राज्य प्रतिनिधियों और अतिरिक्त/उप महानिदेशकों (जेएस आरएंडए/डी) के सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान देश भर में तीन लाख कैडेटों को जोड़ने के साथ एनसीसी के योजनाबद्ध तरीके से विस्तार की भी घोषणा की, जिसके लिए कई राज्य पहले ही सहमति दे चुके हैं और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे में तीव्र गति से वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की समीक्षा बैठक आयोजित
मोदी सरकार की दूरदर्शी अन्न भंडारण योजना से PACS की आय और ग्रामीण रोजगार में वृद्धि होगी PACS को ऋण सुविधा में विस्तार किया जाये और योजना में PACS की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो FCI, NCCF, NAFED और राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन PACS को अधिक से अधिक गोदामों के साथ जोड़ें संपूर्ण सहकारी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए अपने स्तर पर अधिक से अधिक PACS को शामिल करें सभी राज्य, स्तरीय मार्केटिंग फेडरेशनों को भी इससे जोड़ें अन्न भंडारण योजना का समन्वय के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन हो, यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर महत्वपूर्ण कदम होगा
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली स्थित सहकारिता मंत्रालय में सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर एवं श्री मुरलीधर मोहोल के अलावा सहकारिता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, उपभोक्ता मंत्रालय, भारतीय खाद्य निगम (FCI), नाबार्ड, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) सहित अन्य संगठनों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” के विज़न को साकार करने की दिशा में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि भारत में आर्थिक प्रगति को मापने के दो प्रमुख मापदंड हैं—सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और रोजगार सृजन। अन्न भंडारण योजना इन दोनों पहलुओं को सशक्त बनाने का माध्यम है, जिसका उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार के अवसरों को सृजित करना है। श्री शाह ने कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के अंतर्गत ऋण अवधि के विस्तार से PACS की वित्तीय स्थिति में सुधार हेतु त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने अन्न भंडारण योजना में PACS की व्यापक भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि यह जरूरी है कि PACS को इस योजना का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए ताकि PACS की वित्तीय व्यवहार्यता और सामाजिक प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने FCI, NCCF, NAFED और राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशनों को PACS को अधिक से अधिक गोदामों से जोड़ने के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्यों को अपने स्तर पर अधिक से अधिक PACS को इस योजना में शामिल करना चाहिए, और राज्य स्तरीय मार्केटिंग फेडरेशनों को भी इससे जोड़ा जाना चाहिए ताकि एक संपूर्ण सहकारी आपूर्ति श्रृंखला विकसित की जा सके।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सभी उपस्थित संगठनों से समन्वय के साथ योजना को समयबद्ध और प्रभावशाली तरीके से लागू करने का आह्वान किया ताकि यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य की पूर्ति में मील का पत्थर सिद्ध हो।
तिरंगा रैली फिट Thanks संडे ऑन साइकिल के 25वें संस्करण में सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि दी गई विश्व साइकिल दिवस मनाया गया
डॉ. मनसुख मांडविया ने दिल्ली में राष्ट्रव्यापी रैली का नेतृत्व किया, कार्बन क्रेडिट ट्रैकर लॉन्च किया, अभिनेत्री शरवरी को यंग फिट इंडिया आइकन के रूप में सम्मानित किया
तिरंगा साइकिलिंग रैली के रूप में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 25वें संस्करण का आज सुबह पूरे देश में सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसमें देशभक्ति, फिटनेस और पर्यावरण जागरूकता की भावना के साथ 5000 से अधिक स्थानों से 15000 से अधिक साइकिल चालक भारत के सशस्त्र बलों को राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि देने के लिए शामिल हुए।
माननीय केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने यहां मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में 1500 से अधिक साइकिल चालकों का नेतृत्व किया। उनके साथ सचिव (खेल) श्री हरि रंजन राव, खेल जगत की हस्तियां - ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त, क्रिकेटर सबा करीम, पहलवान सरिता मोर, बॉलीवुड अभिनेत्री शारवरी और भारतीय साइकिलिंग टीम भी थी।

रविवार की सुबह की एक मुख्य बात यह रही कि जम्मू और कश्मीर के कई क्षेत्रों- जम्मू, पुंछ, किश्तवाड़, कुलगाम, बांदीपोरा, शोपियां, बारामुल्ला, बडगाम, सांबा आदि से साइकिल चालकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ये साइकिल अभियान कई खेलो इंडिया सेंटर (केआईसी), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) और साई ट्रेनिंग सेंटर (एसटीसी) द्वारा आयोजित किए गए थे।
सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि देते हुए, खास तौर पर हाल ही में सफल ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर, डॉ. मांडविया ने इस संस्करण के गहन महत्व पर जोर दिया। माननीय मंत्री ने कहा, "यह तिरंगा रैली हमारे जवानों और उनके बलिदान को सलाम है। फिटनेस और देशभक्ति एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।"
इस ऐतिहासिक संस्करण में दो प्रमुख पहलों- फिट इंडिया न्यूज़लैटर और फिट इंडिया मोबाइल ऐप पर कार्बन क्रेडिट फ़ीचर की शुरुआत की गई। इसमें साइकिल चालक अब नियमित रूप से साइकिल चलाकर बचाए गए कार्बन क्रेडिट को ट्रैक कर सकते हैं। डॉ. मांडविया ने कहा, "ऐप का एक बार डाउनलोड करने पर आप फिट इंडिया अभियान का हिस्सा बन जाएंगे।" "आपकी गति - 7 से 34 किमी प्रति घंटे तक - और आपकी दूरी दर्ज की जाएगी, और आपके कार्बन क्रेडिट जोड़े जाएंगे।"

हाल ही में शुरू किया गया फिट इंडिया न्यूज़लेटर एक मासिक डाइजेस्ट होगा। इसमें प्रेरक समाचारों के साथ-साथ विभिन्न फिटनेस इन्फ्लूएंसर्स से अपडेट और प्रशिक्षण युक्तियां भी शामिल होंगी।
अभिनेत्री शरवरी को उभरती सुपरस्टार के रूप में जाना जाता है और उन्होंने मुंजिया और महाराजा जैसी फिल्मों में काम किया है। डॉ. मांडविया ने इस कार्यक्रम में अभिनेत्री शरवरी को 'यंग फिट इंडिया आइकन' की उपाधि से सम्मानित किया। उन्होंने कहा, "यह आंदोलन बहुत बड़ा है और फिट इंडिया आइकन बनना सम्मान की बात है। साइकिल चलाना मुझे स्कूल की गर्मियों की छुट्टियों की याद दिलाता है - हम सभी साइकिल किराए पर लेते थे और निकल पड़ते थे," उन्होंने आगे कहा, "यह साइकिल रैली मेरे लिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे बहादुर सैनिकों के लिए है। हम उनके कारण अपने घरों में शांति से सो सकते हैं और इस तिरंगा रैली के माध्यम से उनकी बहादुरी को श्रद्धांजलि देना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है।"

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल पहल दिसंबर 2024 में 150 साइकिल चालकों के साथ शुरू हुई थी और छह महीने के अंतराल में इसमें भागीदारी का आंकड़ा कई गुना बढ़ गया है। इस बढती संख्या का श्रेय सीआईएसएफ, भारतीय चिकित्सा संघ, पत्रकार
संघों, शिक्षकों, कॉरपोरेट्स और कई अन्य क्षेत्रों के पेशेवरों जैसे भागीदारों को जाता है जिनके कारण यह संभव हुआ। इस संस्करण में, विशेष भागीदार साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, योगासन भारत, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज, बीवाईसीएस इंडिया, कल्टफिट और रेड एफएम थे।

ओलंपियन और कुश्ती चैंपियन योगेश्वर दत्त ने इस पहल को 'एक ऐसा आंदोलन बताया जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ता है।' उन्होंने कहा, "अगर हम स्वस्थ रहेंगे तो देश स्वस्थ रहेगा। युवा बच्चे, बुजुर्ग, सभी इसमें भाग ले रहे हैं। यही इस अभियान की ताकत है।"
पूरे भारत के कई एथलीट भी संडे ऑन साइकिल के 25वें संस्करण को सफल बनाने के लिए शामिल हुए। ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता दीपा करमाकर ने एसएआई प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) अगरतला में रैली को हरी झंडी दिखाई जबकि एसएआई सोनीपत में दीपिका कुमारी (पद्म श्री पुरस्कार विजेता तीरंदाज), पूर्णिमा महतो (पद्म श्री तीरंदाजी प्रशिक्षक), अर्जुन पुरस्कार विजेता सुमित अंतिल, पैरालिंपिक डबल गोल्ड मेडलिस्ट और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ज्योति सुरेखा, ओजस देवताले, अदिति गोपीचंद स्वामी, पैरालिंपियन सुंदर गुर्जर और पुष्पेंद्र ने भाग लिया। प्रसिद्ध भारतीय हॉकी खिलाड़ी एसके उथप्पा भी एसएआई बेंगलुरु में मौजूद थे। इस बीच, एसएआई रोहतक में अखिल भारतीय पुलिस बल ने इसमें बड़ी संख्या में भाग लिया।
उत्तराखंड की माननीया खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य और उत्तर प्रदेश के माननीय खेल मंत्री श्री गिरीश यादव क्रमश: उत्तराखंड और वाराणसी में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। पूर्व क्रिकेटर और खेल प्रशासक सबा करीम ने इस पहल की समावेशिता की प्रशंसा की। "यह एसएआई का एक शानदार प्रयास है। साइकिल चलाने से हम स्वस्थ रहते हैं और हमारे आस-पास का वातावरण हरा-भरा रहता है। मैं खुद भी साइकिल से स्कूल जाता था। इसमें कोई रखरखाव नहीं है, कोई प्रदूषण नहीं है। स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए यह एक बेहतरीन माध्यम है।"
पहलवान सरिता मोर ने भी जोश से कहा: "मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस पहल का हिस्सा बनकर खुद को धन्य महसूस कर रही हूं। साइकिल चलाना पहले से ही मेरे प्रशिक्षण का हिस्सा है। आज, इस रैली के साथ, हम ऑपरेशन सिंदूर के अपने बहादुर सैनिकों को भी याद करते हैं। यह उनकी वजह से है कि हम आज सुरक्षित हैं।"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सच्चे शासन के सार पर देवी अहिल्याबाई के दृष्टिकोण को दोहराया, यह लोगों की सेवा करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने में निहित है
संस्कृति मंत्रालय ने भोपाल में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती मनाई
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से 31 मई, 2025 को भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित दूरदर्शी नेता और सांस्कृतिक सुधारक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती मनाई।

इस महत्वपूर्ण समारोह में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत मां भारती और भारत की महिलाओं से आशीर्वाद के आह्वान के साथ की। यह भारत की 'नारी शक्ति' की ताकत और संभावना का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की भक्ति, सुशासन और सामाजिक सुधार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की स्थायी विरासत को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती 140 करोड़ भारतीयों के लिए प्रेरणा का अवसर है और राष्ट्र निर्माण के महान प्रयासों में योगदान देने का क्षण है। उन्होंने कहा, "माता अहिल्याबाई राष्ट्र निर्माण में हमारी नारी शक्ति के अमूल्य योगदान का प्रतीक है:"
उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास, इसके प्रभाव और इसे सक्षम बनाने के लिए सरकार के निरंतर प्रयास पर भी प्रकाश डाला।
- “आज, बड़ी संख्या में महिला वैज्ञानिक हमारे सभी प्रमुख अंतरिक्ष अभियानों में काम कर रही हैं।” - प्रधानमंत्री
- "जब एक महिला अपना पैसा खुद कमाती है, तो घर में उसका आत्म-सम्मान बढ़ता है और परिवार के निर्णयों में उसकी भागीदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। पिछले ग्यारह वर्षों में हमारी सरकार ने भारत की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम किया है"- प्रधानमंत्री
- "नागरिक देवो भव" - नागरिक ही ईश्वर है - हमारे शासन का मंत्र है। हमारी सरकार महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की परिकल्पना को विकास की धुरी बना रही है" – प्रधानमंत्री
- "आज देशभर में 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में लगी हुई हैं। सरकार इन महिलाओं को आय के नए स्रोत बनाने में सहायता कर रही है, तथा कई लाख रुपये की सहायता दे रही है।" -प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर दृढ़ विश्वास और दृढ़ संकल्प की शक्ति का प्रतीक हैं और कहा, “देवी अहिल्याबाई इस विचार की प्रतीक हैं कि इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के साथ, चाहे परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।”
उन्होंने ढाई सौ - तीन सौ वर्षों के बाद भी देवी अहिल्याबाई के विचारों और कार्यों की स्थायी विरासत, प्रभाव और निरंतर प्रासंगिकता के बारे में बात की। इसके बारे में आज भी पीढ़ियां चर्चा करती हैं। देवी अहिल्याबाई होल्कर को उद्धृत करते हुए, प्रधानमंत्री ने सच्चे शासन के सार पर उनके विचारों को दोहराया और कहा “अहिल्याबाई कहा करती थीं कि सच्चा शासन लोगों की सेवा करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने में निहित है।” उन्होंने यह भी कहा कि “माता अहिल्याबाई ने शासन का एक अनुकरणीय मॉडल अपनाया जिसमें गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई” - प्रधानमंत्री
लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के जीवन और विरासत पर प्रदर्शनी इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और विरासत पर एक प्रदर्शनी थी। कलाकारों ने पेंटिंग के माध्यम से इतिहास और आख्यानों को प्रदर्शित किया और मध्य प्रदेश सरकार ने इसमें समन्वय किया एवं संस्कृति मंत्रालय के स्मरणोत्सव प्रभाग द्वारा इसका संयोजन किया गया था। प्रदर्शनी में 4 मुख्य खंड हैं:


- भाग 1: उनके प्रारंभिक वर्षों पर केंद्रित: इसमें देवी अहिल्याबाई की अपने भावी ससुर मल्हार राव के साथ मुलाकात, प्रशासन, राजकोष और लेखा, मार्शल आर्ट आदि जैसे बहु-विषयक क्षेत्रों में उनकी शिक्षा पर प्रकाश डाला गया है।
- भाग 2 - सुशासन और नेतृत्व की उनकी अवधारणा: यह उनके शासन को भगवान शिव को समर्पित करने और अपने लोगों की संरक्षक होने और उनकी सेवा करने के उनकी अपनी परिकल्पना पर केंद्रित है।
- भाग 3 - उनकी कल्याणकारी परियोजनाओं को दर्शाता है: इसमें मंदिरों के पुनरुद्धार और पुनर्निर्माण के कार्यों पर प्रकाश डाला गया है और अन्य बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को दर्शाया गया है।
- भाग 4 – वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में उनके काम को प्रदर्शित करता है: इसमें महेश्वर किले और आस-पास के मंदिरों के रूपांकनों से प्रेरित माहेश्वरी बुनाई दर्शाई गई है।
प्रधानमंत्री ने महेश्वरी साड़ियों की छठी पीढ़ी की बुनकर हेमलता जी से बातचीत की। संस्कृति मंत्रालय के सचिव ने उन्हें पूरी प्रदर्शनी के बारे में बताया।

स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करना
इस कार्यक्रम में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया गया।
भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में उनके अमूल्य योगदान का समारोह मनाया गया।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर पर फिल्म
इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के स्मरणोत्सव प्रभाग द्वारा बनाई गई एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। 'अहिल्याबाई होल्कर: संस्कृति की संरक्षिका, शासन की शिल्पकार' शीर्षक वाली यह फिल्म उनके असाधारण जीवन को सिनेमाई श्रद्धांजलि देते हुए उनके दृष्टिकोण, सुधारों और आध्यात्मिक समर्पण को दर्शाती है।
माननीय प्रधानमंत्री ने भोपाल में अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जिनका उद्देश्य क्षेत्र में शहरी बुनियादी ढांचे, विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
"आज इंदौर मेट्रो का उद्घाटन हुआ है और अब दतिया और सतना से भी हवाई सेवाएं शुरू हो गई हैं। इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश में जन सुविधाएं बढ़ेंगी, विकास में तेजी आएगी और रोजगार के अनेक नए अवसर पैदा होंगे।" - प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने जनजातीय, लोक और पारंपरिक कलाओं में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित कलाकार डॉ. जयमती कश्यप को देवी अहिल्याबाई राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया। यह भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और महिला रचनाकारों को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह स्मरणीय कार्यक्रम भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत का समारोह मनाने तथा देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास की नींव रखने वाले दूरदर्शी लोगों को सम्मानित करने के संस्कृति मंत्रालय के व्यापक मिशन का हिस्सा था।
नक्शा क्षमता निर्माण कार्यक्रम का दूसरा चरण 2 जून से पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में शुरू किया जाएगा
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय का भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) 2 जून 2025 से देश के पांच उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) में नक्शा (शहरी आवासों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण) कार्यक्रम के तहत क्षमता निर्माण का दूसरा चरण आयोजित करने जा रहा है। नक्शा में भाग लेने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 160 मास्टर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पहला चरण मई 2025 में पूरा हो चुका है।

भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी 2 जून, 2025 को सुबह 10:00 बजे प्रशिक्षण कार्यक्रम के इस चरण का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 157 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) से 304 यूएलबी-स्तर और जिला अधिकारियों को नामित किया गया है। इन अधिकारियों को प्रभावी शहरी संपत्ति सर्वेक्षणों के लिए आधुनिक भू-स्थानिक तकनीकों का लाभ उठाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 2 जून 2025 से शुरू होकर एक सप्ताह तक निम्नलिखित उत्कृष्टता संस्थानों के केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा :
- लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी, उत्तराखंड
- यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी (वाईएएसएचएडीए), पुणे, महाराष्ट्र
- पूर्वोत्तर क्षेत्र उत्कृष्टता केंद्र, गुवाहाटी, असम
- महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एमजीएसआईपीए), चंडीगढ़, पंजाब
- प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई), मैसूरू, कर्नाटक
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यूएलबी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को नक्शा कार्यक्रम के तहत उच्च सटीकता वाले भूमि सर्वेक्षणों की देखरेख के लिए आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। मॉड्यूल में कार्यक्रम की रूपरेखा, जीएनएसएस और ईटीएस-आधारित सर्वेक्षण, वेब-जीआईएस एप्लीकेशन, भूखंडों का मानचित्रण और भूमि सर्वेक्षण के कानूनी-प्रशासनिक पहलुओं को शामिल किया गया है।
नक्शा के बारे में
भारत की शहरी आबादी 2031 तक 600 मिलियन से अधिक होने की उम्मीद है इसलिए आधुनिक, सत्यापन योग्य और आसानी से सुलभ भूमि अभिलेखों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है। नक्शा कार्यक्रम इस चुनौती का समाधान एक साहसिक, प्रौद्योगिकी-संचालित दृष्टिकोण से करता है। नक्शा कार्यक्रम को भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) द्वारा भारतीय सर्वेक्षण विभाग, एनआईसीएसआई, एमपीएसईडीसी और पांच उत्कृष्टता केंद्रों के सहयोग से एक प्रायोगिक कार्यक्रम के रूप में लागू किया जा रहा है। नक्शा को 27 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 157 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में शुरू किया गया है
















