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स्वतंत्रता दिवस पर बैंक बंद रहेंगे या खुले जानें सभी राज्यों की पूरी लिस्ट
नई दिल्ली | 14 अगस्त 2025:अगर आप 15 अगस्त (शुक्रवार) को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में बैंक बंद रहेंगे। यह राष्ट्रीय अवकाश है और सभी सार्वजनिक व निजी बैंक ब्रांचों पर लागू होता है।
चीखते लोग भागते श्रद्धालु और फिर सब मलबे में दफन किश्तवाड़ की वो दोपहर जिसने ज़िंदगी रोक दी
किश्तवाड़ में बादल फटने से मची तबाही, मचैल यात्रा बनी मातम — अब तक 33 की मौत, 220 लापता
किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर 14 अगस्त 2025:गुरुवार दोपहर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में प्रकृति का कहर टूटा। बादल फटने की भयावह घटना ने इस शांत पहाड़ी क्षेत्र को तबाह कर दिया। ये वही इलाका है जहां से मचैल माता मंदिर की सालाना यात्रा गुजरती है। हादसे के वक्त हजारों श्रद्धालु क्षेत्र में मौजूद थे।
कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया —
घर, दुकानें, वाहन, यहां तक कि कई जिंदगियां भी मलबे में समा गईं।
वीडियो फुटेज में देखा गया कि पहाड़ी से आता पानी गांव पर टूट पड़ा। सुरक्षाकर्मी चीख-चीख कर लोगों को पीछे हटने को कह रहे थे, लेकिन कई लोग तेज बहाव में बह गए।
अब तक का नुकसान:
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33 लोगों की मौत की पुष्टि (2 CISF जवान भी शामिल)
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220 से अधिक लोग लापता
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120 घायल, जिनमें से 37 की हालत नाजुक
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कई घर और दुकानें बह गईं
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मचैल माता यात्रा स्थगित
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9,500 फीट ऊंचे मंदिर तक का रास्ता भी बर्बाद
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी:
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डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा और SSP किश्तवाड़ मौके पर
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NDRF, SDRF, सेना और पुलिस की टीमें रेस्क्यू में लगीं
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लेकिन लगातार गिरता मलबा और तेज पानी का बहाव बना है सबसे बड़ी चुनौती
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सड़कों की हालत खस्ता, हेलिकॉप्टर से बचाव पर विचार
क्यों हुआ इतना बड़ा नुकसान?
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चिशोती गांव की भौगोलिक स्थिति दुर्गम है
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहले से मौजूद थी
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अलर्ट या चेतावनी समय पर नहीं पहुंच सकी
ऑपरेशन सिंदूर के वीर: वो रात जब पाक की हवा निकाल दी गई अब मिल रहा वीर चक्र सम्मान
नई दिल्ली, 14 अगस्त 2025:15 अगस्त की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने वाले भारतीय वायुसेना के 9 जांबाज अधिकारियों को वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान उन अदम्य साहस और युद्ध कौशल का प्रतीक होगा, जो इन अफसरों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और POK में चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" में दिखाया था।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने की रणनीति बनाई। इसके तहत 7-10 मई तक वायुसेना की अगुवाई में PAK और POK में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया।
मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी अड्डे पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिए गए।
भारत ने इस कार्रवाई में 6 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया।
पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
इस कार्रवाई में IAF ने 100% मिशन सफलता दर्ज की।
वीर चक्र सम्मान क्यों है खास?
वीर चक्र भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन सैन्य सम्मान है, जो धरती, जल और आकाश में अद्वितीय वीरता दिखाने वाले जवानों को दिया जाता है।
इस बार यह सम्मान मिलने जा रहा है:
लड़ाकू पायलट्स
मिशन कमांडर्स
इंटेलिजेंस और ऑपरेशनल प्लानिंग यूनिट्स को।
???????? देश बोले: जय हिंद!
इस सम्मान के साथ भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंक का हर जवाब अब सीमा पार तक जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के जांबाज आज युवाओं के लिए प्रेरणा और दुश्मनों के लिए चेतावनी हैं।
Independence Day 2025: आज शाम राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी राष्ट्र को संबोधित, जानिए समय और प्रसारण की पूरी जानकारी
नई दिल्ली, 14 अगस्त 2025: भारत कल 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार, देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 14 अगस्त की शाम को राष्ट्र को संबोधित करेंगी।
यह ऐतिहासिक क्षण इसलिए भी खास है क्योंकि राष्ट्रपति मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं, और उनके भाषण से राष्ट्र को नए विजन और प्रेरणा की उम्मीद है।
कब और कहां देखें राष्ट्रपति का भाषण?
दिनांक: 14 अगस्त 2025 (गुरुवार)
समय: शाम 7:00 बजे
प्रसारण माध्यम:
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दूरदर्शन और आकाशवाणी (हिंदी और अंग्रेज़ी में)
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रात्रि 9:30 बजे – क्षेत्रीय भाषाओं में दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों व आकाशवाणी पर
लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन कल
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। वे दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
इस बार के समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा भी प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करेंगी।
ध्वजारोहण के बाद 1721 फील्ड बैटरी द्वारा 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।
क्या हो सकता है राष्ट्रपति के संबोधन में खास?
राष्ट्रपति मुर्मू अपने संबोधन में संभवतः…
देश की विकास यात्रा
महिलाओं और जनजातीय समुदाय की भागीदारी
2047 के अमृतकाल विजन
सामाजिक समरसता और संविधान के मूल्यों
...जैसे विषयों पर प्रकाश डाल सकती हैं।
तिरंगे के रंग में रंगा भाटापारा भव्य तिरंगा यात्रा से गूंजा राष्ट्रप्रेम
नगर पालिका परिषद भवन से प्रारंभ हुई यह यात्रा मलगली, थाना, गोविंद चौक, रॉयल इन, हटरी बाजार, गोविंद चौक, रामसत्ता चौक, जयस्तंभ चौक, फखर चौक से होती हुई बाल मंदिर में संपन्न हुई। पूरे मार्ग पर देशभक्ति के नारों की गूंज, तिरंगे की शान और जन-जन के उत्साह ने वातावरण को गौरवपूर्ण बना दिया।

Mahindra BE6 Black Edition: फास्ट चार्जिंग और 682KM की रेंज के साथ जल्द लॉन्च होगी महिंद्रा की पहली ऑल-ब्लैक इलेक्ट्रिक SUV
नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ते कदमों के बीच महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी अपकमिंग इलेक्ट्रिक SUV Mahindra BE6 का नया और दमदार ब्लैक एडिशन लेकर आ रही है। कंपनी ने इस खास एडिशन का टीज़र हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी किया, जिसने EV प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।
यह Mahindra की पहली इलेक्ट्रिक SUV होगी जो ऑल-ब्लैक थीम में आएगी। इसका डिजाइन, रेंज और फास्ट चार्जिंग क्षमता इसे बाजार में एक अलग पहचान दिला सकती है।
डिज़ाइन: स्टाइल और सॉलिड लुक का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
Mahindra BE6 Black Edition का सबसे बड़ा आकर्षण इसका ब्लैक-आउट डिजाइन होगा। इसमें मिलेंगे:
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पियानो ब्लैक इंसर्ट्स
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ब्लैक फिनिश अलॉय व्हील्स
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ऑल-ब्लैक अपहोल्स्ट्री
यह SUV न केवल देखने में प्रीमियम होगी बल्कि इसका एग्रेसिव लुक युवाओं को खासा आकर्षित कर सकता है। माना जा रहा है कि इसका नाम Scorpio-N Carbon Edition या XUV700 Ebony Edition से प्रेरित हो सकता है।
पावर और परफॉर्मेंस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Mahindra BE6 में कोई बड़ा मैकेनिकल बदलाव नहीं होगा, लेकिन AWD (ऑल-व्हील ड्राइव) वर्जन की संभावना जताई जा रही है, जो इसे ऑफ-रोडिंग और हर तरह के रास्तों के लिए उपयुक्त बनाएगा।
रेंज और फास्ट चार्जिंग: लंबा चलेगा, जल्दी चार्ज होगा
महिंद्रा BE6 की सबसे बड़ी खासियत इसकी दमदार बैटरी रेंज और फास्ट चार्जिंग तकनीक है:
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682 किमी तक की अनुमानित रेंज (एक बार फुल चार्ज पर)
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DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट
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175kW चार्जर से मात्र 20 मिनट में 20% से 80% तक चार्जिंग
हालांकि, भारत में अभी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर 60kW और 120kW चार्जर ही आमतौर पर उपलब्ध हैं।
लॉन्च और संभावित कीमत
हालांकि कंपनी ने अभी इसकी लॉन्च डेट और कीमत की घोषणा नहीं की है, लेकिन संभावना है कि Mahindra BE6 Black Edition को 2025 की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है। इसकी कीमत ₹27-30 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच हो सकती है।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: जब लाखों सपने चकनाचूर हुए, 14 अगस्त की वो रात जिसने बदल दिया उपमहाद्वीप का इतिहास
नई दिल्ली। 14 अगस्त 1947—यह तारीख भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास का वह काला अध्याय है, जिसे याद करना जितना जरूरी है, उतना ही पीड़ादायक भी। इसी दिन भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान नामक एक नए राष्ट्र का जन्म हुआ। लेकिन इस ऐतिहासिक बदलाव के साथ आई विस्थापन, हिंसा और दर्द की एक ऐसी त्रासदी, जिसने लाखों परिवारों को उजाड़ दिया और उपमहाद्वीप की सामाजिक संरचना को गहराई तक झकझोर दिया।
इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक
14 अगस्त को हुए विभाजन ने करीब 1.5 करोड़ लोगों को विस्थापित किया। यह इतिहास का सबसे बड़ा जबरन पलायन था। लाखों हिंदू, सिख और मुसलमान लोग अपनी जान बचाने के लिए नए सीमाओं की ओर भागे। पैदल, ट्रेनों, बैलगाड़ियों से सफर करते लोगों पर हुए हमले, हत्याएं और सामूहिक हिंसा ने पूरे उपमहाद्वीप को लहूलुहान कर दिया।
इस दिन क्या-क्या हुआ था?
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लॉर्ड माउंटबेटन, जो भारत के अंतिम वायसरॉय थे, कराची पहुँचे और पाकिस्तान की संविधान सभा को संबोधित किया।
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कराची को पाकिस्तान की अस्थायी राजधानी घोषित किया गया, जहाँ मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल के रूप में शपथ ली।
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इसी दिन "डोमिनियन ऑफ पाकिस्तान" आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आया, जिसमें पश्चिमी पाकिस्तान (अब पाकिस्तान) और पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) शामिल थे।
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वहीं भारत में, 15 अगस्त को होने वाले पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियाँ दिल्ली में अपने चरम पर थीं।
विवाद और अनिश्चितता
ब्रिटिश शासन के अधीन कुल 565 रियासतें थीं, जिनमें से अधिकांश ने विभाजन से पहले भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का फैसला ले लिया था। लेकिन जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद और जूनागढ़ जैसे कुछ रियासतों का भविष्य अधर में लटका था, जो आगे चलकर बड़े राजनीतिक और सैन्य विवादों की जड़ बने।
स्मृति दिवस की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की। केंद्र सरकार के अनुसार, इस दिवस का उद्देश्य वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को विभाजन के दौरान हुई अकल्पनीय पीड़ा, यातना और बलिदान की याद दिलाना है, ताकि ऐसे त्रासदियों से भविष्य में बचा जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "यह दिन उन लोगों के साहस का सम्मान करने का दिन है जिन्होंने अकल्पनीय क्षति झेली और फिर भी अपने जीवन की नई शुरुआत की। यह हमारे लिए अपने सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने की प्रेरणा है।"
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बोले पीएम मोदी: देश को एकजुट रखने वाले सद्भाव को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देशवासियों को 14 अगस्त की ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता की याद दिलाते हुए कहा कि यह दिन हमें न केवल विभाजन की पीड़ा की याद दिलाता है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और सद्भाव को सशक्त करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर लिखा, “यह दिन उन लोगों के साहस का सम्मान करने का भी है, जिन्होंने अकल्पनीय क्षति के बावजूद नए सिरे से जीवन की शुरुआत की और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।”
उन्होंने विभाजन के दौरान हुई अकथनीय पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों लोगों को जबरन अपना घर, ज़मीन और पहचान छोड़नी पड़ी थी। यह दिन उन सभी पीड़ितों की स्मृति में है, जिन्होंने सांप्रदायिक हिंसा, विस्थापन और बिछड़ने की पीड़ा झेली।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि हम उस त्रासदी को कभी न भूलें और देश को एकजुट रखने वाले सद्भाव और भाईचारे को और मजबूत करें।
उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त को भारत सरकार द्वारा 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में घोषित किया गया है। वर्ष 1947 में इसी दिन भारत का विभाजन हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों लोग विस्थापित हुए और लाखों निर्दोष लोगों की जानें गईं। यह दिन उन पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए एकजुट रहने का आह्वान करता है।
सीआरपीएफ की भव्य तिरंगा बाइक रैली कोण्डागांव हुआ तिरंगामय

15 अगस्त को लाल किले में झंडारोहण LIVE देखना चाहते हैं? टिकट बुकिंग आज से शुरू — मौका चूक गए तो पछताएंगे!
नई दिल्ली : भारत का 79वां स्वतंत्रता दिवस देशभर में जोश और गर्व के साथ मनाया जाने वाला है। लेकिन अगर आप इस ऐतिहासिक दिन को लाल किले की प्राचीर से खुद LIVE देखना चाहते हैं, तो आपके पास एक बेहद खास मौका है।
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहराएंगे, राष्ट्र को संबोधित करेंगे, और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस आयोजन में आम जनता भी शामिल हो सकती है — पर शर्त है, समय रहते टिकट बुक हो!
ऑनलाइन टिकट बुकिंग: ऐसे करें रिजर्वेशन
रक्षा मंत्रालय ने बुकिंग के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए हैं:
बुकिंग स्टेप्स:
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वेबसाइट खोलें
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"Independence Day 2025 Ticket Booking" पर क्लिक करें
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अपना नाम, मोबाइल नंबर, और टिकट संख्या भरें
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ID प्रूफ (Aadhar/Voter ID/Passport) अपलोड करें
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अपनी टिकट श्रेणी चुनें:
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₹20 – सामान्य
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₹100 – मानक
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₹500 – प्रीमियम
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भुगतान करें (UPI/डेबिट/क्रेडिट कार्ड से)
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ई-टिकट डाउनलोड करें (QR कोड वाला)
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प्रिंट या डिजिटल कॉपी साथ रखें
ऑफलाइन टिकट बुकिंग: 10 से 12 अगस्त
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चुनिंदा सरकारी कार्यालयों और विशेष काउंटरों पर टिकट मिलेंगे
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पहचान पत्र अनिवार्य
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कैश और डिजिटल पेमेंट दोनों स्वीकार
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टिकट सीमित, इसलिए जल्दी पहुँचना जरूरी
कार्यक्रम के दिन क्या रखें ध्यान में:
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कार्यक्रम शुरू: सुबह 7:30 बजे
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प्रवेश समय: 6:30 AM से 7:00 AM तक
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मेट्रो सेवा: सुबह 4:00 बजे से
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निकटतम स्टेशन: लाल किला (Violet Line), चांदनी चौक (Yellow Line)
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सुरक्षा चेक जरूरी: टिकट + Original ID
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अनुमति नहीं: भारी बैग, धारदार वस्तुएं, बड़ी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज
ग्राम पंचायत आरागाही से ग्राम पंचायत ताम्बेश्वरनगर तक निकली गई तिरंगा यात्रा
*ग्राम पंचायत आरागाही से ग्राम पंचायत ताम्बेश्वरनगर तक निकली गई तिरंगा यात्रा

नोएडा में आयोजित केंद्रीय विद्यालय के राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में कोण्डागांव की लेखा नेताम ने जीता स्वर्ण पदक
आईटीबीपी की 41वीं वाहिनी से प्रशिक्षित खिलाड़ी ने -52 किलोग्राम भार वर्ग में दिलाया जिले को गौरव*

राजमार्ग परिवहन और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने अवसंरचना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर बल दिया कहा एक सशक्त और मजबूत सड़क नेटवर्क क्षेत्र में समृद्धि लाता है
विकास है वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने की प्रमुख प्रेरक शक्ति : श्री हर्ष मल्होत्रा मिजोरम में भारतीय सड़क कांग्रेस की 233वीं मध्यावधि परिषद बैठक में किया संबोधन
सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने अवसंरचना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि एक अच्छी और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क क्षेत्र में समृद्धि लाती है।
मंत्री महोदय ने कहा कि अवसंरचनात्मक विकास वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न को साकार करने की दिशा में एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है।
श्री मल्होत्रा आज मिजोरम विश्वविद्यालय परिसर, आइजोल, मिजोरम में आयोजित भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) की 233वीं मध्यावधि परिषद बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में मिजोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा, राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री वानलालहलाना एवं मिजोरम से सांसद श्री रिचर्ड वानलालह्मांगैहा की उपस्थिति रही।
राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है — वर्ष 2014 में लगभग 91,000 किलोमीटर से बढ़कर यह अब लगभग 1.47 लाख किलोमीटर हो गई है।
मंत्री महोदय ने निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किए बिना लागत को कम करने और विश्व की सर्वश्रेष्ठ सिद्ध तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि हम सतत विकास आधारित पद्धतियों को अपनाएं तथा पर्यावरण-अनुकूल विधियों एवं अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का उपयोग करें।
मंत्री महोदय ने भारतीय सड़क कांग्रेस की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था कई वर्षों में एक बहुआयामी संगठन के रूप में विकसित हुई है, जो देश में बेहतर सड़कों के निर्माण हेतु कार्यरत है। इसमें केंद्र व राज्य सरकारों, सैन्य इंजीनियरी सेवा, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि सदस्य हैं।
राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस द्वारा निर्धारित मानकों, दिशा-निर्देशों और विशेष प्रकाशनों सहित सरकार द्वारा अधिसूचित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जाते हैं।
मंत्री महोदय यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। विगत 11 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में 1.07 लाख करोड़ रुपये की लागत से लगभग 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है, जिससे सीमावर्ती और दूरवर्ती क्षेत्रों को जोड़ने में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
अपने संबोधन में श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अवसंरचना केवल निर्माण सामग्री और स्टील का ढांचा नहीं है, यह आर्थिक विकास की आधारशिला है, समृद्धि की राह है और ‘विकसित भारत 2047’ के प्रधानमंत्री के उस विज़न का प्रतीक है, जो एक सशक्त, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित है।





श्री शिवसुब्रमण्यम रमण ने पीएफआरडीए के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात G7 summit की sidelines पर होनी तय थी। राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिसके कारण यह मुलाकात नहीं हो पाई।
इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई। बातचीत लगभग 35 मिनट चली।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी। और आतंक के खिलाफ़ समर्थन व्यक्त किया था। उसके बाद दोनों लीडर्स की यह पहली बातचीत थी।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान occupied कश्मीर में सिर्फ़ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। भारत के एक्शन बहुत ही measured, precise, और non-escalatory थे।
साथ ही, भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था, कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा।
9 मई की रात को उपराष्ट्रपति Vance ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति Vance ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ़ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है, तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा।
9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया, और पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया। उसके मिलिटरी एयरबेसस को inoperable बना दिया। भारत के मुहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी, किसी भी स्तर पर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमरीका द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कारवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच, दोनों सेनाओं की existing channels के माध्यम से हुई थी, और पाकिस्तान के ही आग्रह पर हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दे कर कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है, और न ही कभी करेगा। इस विषय पर भारत में पूर्ण रूप से राजनैतिक एकमत है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री द्वारा विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लडाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को proxy war नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है, और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं। पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की। दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन conflict पर दोनों ने सहमति जतायी कि जल्द से जल्द शांति के लिए, दोनों पक्षों में सीधी बातचीत आवश्यक है, और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। indo-pacific क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओ ने अपने परिपेक्ष साझा किये। और इस क्षेत्र में QUAD की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया।
QUAD की अगली बैठक के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत पर विदेश सचिव श्री विक्रम मिस्री का वक्तव्य
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात G7 summit की sidelines पर होनी तय थी। राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिसके कारण यह मुलाकात नहीं हो पाई।
इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई। बातचीत लगभग 35 मिनट चली।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी। और आतंक के खिलाफ़ समर्थन व्यक्त किया था। उसके बाद दोनों लीडर्स की यह पहली बातचीत थी।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान occupied कश्मीर में सिर्फ़ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। भारत के एक्शन बहुत ही measured, precise, और non-escalatory थे।
साथ ही, भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था, कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा।
9 मई की रात को उपराष्ट्रपति Vance ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति Vance ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ़ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है, तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा।
9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया, और पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया। उसके मिलिटरी एयरबेसस को inoperable बना दिया। भारत के मुहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी, किसी भी स्तर पर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमरीका द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कारवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच, दोनों सेनाओं की existing channels के माध्यम से हुई थी, और पाकिस्तान के ही आग्रह पर हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दे कर कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है, और न ही कभी करेगा। इस विषय पर भारत में पूर्ण रूप से राजनैतिक एकमत है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री द्वारा विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लडाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को proxy war नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है, और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं। पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की। दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन conflict पर दोनों ने सहमति जतायी कि जल्द से जल्द शांति के लिए, दोनों पक्षों में सीधी बातचीत आवश्यक है, और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। indo-pacific क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओ ने अपने परिपेक्ष साझा किये। और इस क्षेत्र में QUAD की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया।
QUAD की अगली बैठक के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
भारतीय नौसेना ने एमवी वान हाई 503 पर बचाव दल को साहसिक हवाई मार्ग से उतारा
भारतीय नौसेना भीषण आग में घिरे एमवी वान हाई 503 के बचाव अभियान में 13 जून 2025 को बचाव दल को हवाई मार्ग से प्रवेश करवाकर अपने बचाव अभियान में तेजी लाई। तेजी से कार्रवाई करते हुए बचाव दल के सदस्यों को कोच्चि के आईएनएस गरुड़ में एक सीकिंग हेलीकॉप्टर पर चढ़ाया गया। नौसेना के हेलीकॉप्टर ने चुनौतीपूर्ण मौसम/समुद्री परिस्थितियों और जहाज पर लगी आग के बीच टीम को सफलतापूर्वक पोत पर चढ़ाया। बचाव दल को नीचे उतारा गया। बचावदल ने रस्सी को टग ऑफशोर वॉरियर से जोड़ा। इसे रस्सी से जोड़ने के बाद बचाव दल को नौसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा पोत से सफलतापूर्वक निकाला गया। पोत को रस्सी से खींचने का अभियान शुरू हुआ।
वर्तमान में, भारतीय नौसेना के आईएनएस शारदा और ओएसवी एमवी ट्राइटन लिबर्टी भारतीय तटरक्षक बल और अन्य समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय में बचाव अभियान में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। भारतीय नौसेना द्वारा बचाव दल को शीघ्रता से प्रवेश करवाकर और बाहर निकालकर बचाव के प्रयासों में तेजी लाई गई।
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के दुर्घटना स्थल का दौरा किया
एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 की दुर्भाग्पूर्ण घटना से पूरा देश स्तब्ध है, सभी देशवासी इस हादसे में हताहत यात्रियों के परिजनों के साथ खड़े हैं भारत सरकार, गुजरात सरकार और प्रधानमंत्री जी की ओर से सभी हताहतों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूँ भारत सरकार और गुजरात सरकार मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी है इस हादसे में बचने वाले घायल यात्री से हॉस्पिटल में मिला मृतकों की आधिकारिक संख्या डीएनए परीक्षण के पश्चात ही अधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी जिन यात्रियों के परिजन घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं, उनके डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया भी अगले 2-3 घंटों में पूरी हो जाएगी Aviation Department ने तीव्र गति से अपनी जांच प्रारंभ कर दी है
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के दुर्घटना स्थल का दौरा किया।गृह मंत्री ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्य की समीक्षा भी की।



बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 की दुर्भाग्पूर्ण घटना से पूरा देश स्तब्ध है, सभी देशवासी इस हादसे में हताहत यात्रियों के परिजनों के साथ खड़े हैं। श्री शाह ने कहा कि भारत सरकार, गुजरात सरकार और प्रधानमंत्री जी की ओर से वे सभी हताहतों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि विमान हादसे की सूचना मिलते ही गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस विभाग, और भारत सरकार की केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की इकाइयों को भी शामिल करते हुए आपदा प्रबंधन की सभी इकाइयों को अलर्ट कर दिया और सभी मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए। भारत सरकार और गुजरात सरकार मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी है।


श्री अमित शाह ने कहा कि इस विमान में देश-विदेश के कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेम्बर सवार थे। गृह मंत्री इस हादसे में बचने वाले घायल यात्री से अस्पताल में मिलकर आए। उन्होंने कहा कि मृतकों की आधिकारिक संख्या डीएनए परीक्षण के पश्चात ही अधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी। जिन यात्रियों के परिजन घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं, उनके डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया भी अगले 2-3 घंटों में पूरी हो जाएगी। श्री शाह ने कहा कि जिन मृतक यात्रियों के परिजन विदेश में हैं, उन्हें सूचना दी जा चुकी है और भारत पहुँचते ही उनके डीएनए नमूने लिए जाएंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि गुजरात की FSL (Forensic Science Laboratory) और NFSU (National Forensic Sciences University) मिलकर कम से कम समय में डीएनए परीक्षण पूर्ण करेंगी और उसके बाद मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि Aviation Department ने तीव्र गति से अपनी जांच प्रारंभ कर दी है। गृह मंत्री ने राहत और बचाव के काम में शामिल एजेंसियों का आभार प्रकट किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया प्रधानमंत्री ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर राहत व बचाव कार्यों में जुटी टीमों और अधिकारियों से भेंट की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में हुई दुखद विमान दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि हम उनके इस असहनीय दुःख और क्षति को भली-भांति समझते हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज प्रातः अहमदाबाद स्थित दुर्घटनास्थल का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत और आपातकालीन सेवाओं में जुटे अधिकारियों एवं कर्मियों से भी भेंट कर स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

श्री मोदी ने 'एक्स' पर अपने संदेशों में कहा:
“अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना से पूरा देश आहत है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आकस्मिक और पीड़ादायक मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त सभी परिवारों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं। हम उनके दुःख को महसूस करते हैं और समझते हैं कि इस खालीपन को वर्षों तक महसूस किया जाएगा। ॐ शांति।”
“आज अहमदाबाद में विमान दुर्घटनास्थल का दौरा किया। वहां का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। निरंतर रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों और टीमों से भेंट की। हमारी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक भगवान बिरसा मुंडा को उनके शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपना जीवन आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का त्याग और समर्पण देश के लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा;
"स्वतंत्रता संग्राम के महानायक भगवान बिरसा मुंडा जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका त्याग और समर्पण देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने सीमापार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता पर एक लेख साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा लिखा गया एक लेख साझा किया। इसमें सीमापार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति दोहराई गई है।
श्री मोदी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा है कि भारत पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा।
श्री मोदी ने उक्त लेख के बारे में रक्षा मंत्री के एक्स पोस्ट का जवाब देते हुए कहा;
"रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh ने सीमा पार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति दोहराई है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि भारत पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा।"












