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उपराष्ट्रपति ने पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की

उपराष्ट्रपति ने पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की

31-Jul-2022 124

 

महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षमकारी वातावरण का निर्माण करना उनकी प्रगति के लिए बहुत महत्वपूर्ण: श्री नायडू

उपराष्ट्रपति ने साइबर अपराध और 21वीं सदी के अन्य अपराधों से निपटने के लिए पुलिस बलों को कुशल बनने और खुद को तैयार करने को प्रेरित किया

श्री नायडू ने राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में तमिलनाडु पुलिस की भूमिका की सराहना की

उपराष्ट्रपति ने आज चेन्नई में तमिलनाडु पुलिस को प्रेसिडेंशियल कलर्स प्रदान किए

“चेन्नई का मेरे हृदय में एक विशेष स्थान है; यह मुझे विस्मित करना कभी बंद नहीं करता" - उपराष्ट्रपति

प्रविष्टि तिथि: 31 JUL 2022 12:31PM by PIB Delhi
 

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने और उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में सहायता करने के लिए महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षमकारी वातावरण का निर्माण करना बहुत महत्वपूर्ण है।

श्री नायडू ने आज चेन्नई में तमिलनाडु पुलिस को प्रेसिडेंशियल पुलिस कलर प्रदान करने के बाद पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुएदेश में सबसे अधिक महिला पुलिस थानों और महिला पुलिस कर्मियों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के लिए तमिलनाडु की प्रशंसा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं हमारी आधी आबादी हैं लेकिन उन्हें विभिन्न मोर्चों पर समान अवसर प्रदान करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

उपराष्ट्रपति ने साइबर अपराध और अन्य आधुनिक अपराधों जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी और सीमापारी अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुएपुलिस बलों को 21वीं सदी के इन अपराधों से प्रभावी और त्वरित तरीके से निपटने के लिए कुशल बनने और खुद को इसके लिए तैयार होने की अपील की। उन्होंने वैज्ञानिक तर्ज पर साइबर अपराध के मामलों की जांच के लिए विभिन्न साइबर फोरेंसिक सुविधाओं के अलावा 46 साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों के साथ एक अलग साइबर अपराध विंग की स्थापना के लिए तमिलनाडु पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा, "कौशल का उन्नयन, अवसंरचना में सुधार और पुलिस बल के रवैये में बदलाव पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रमुख तत्व हैं।"

उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक कलाकृतियों की चोरी या नुकसान के मामलों की जांच के लिए देश में अपनी तरह की पहली विशिष्ट आइडल विंग के लिए भी तमिलनाडु पुलिस की सराहना की। हाल ही में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से दस अमूल्य प्राचीन मूर्तियों को हासिल करने के लिए राज्य पुलिस की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित करने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु राज्य की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे हमारी आगामी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्री नायडू ने तमिलनाडु को भारत के सबसे समृद्ध और औद्योगिक राज्यों में से एक बताते हुए कहा कि तेजी से बदलते सामाजिक-आर्थिक माहौल में पुलिस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "राज्य की आर्थिक प्रगति के पीछे प्राथमिक कारणों में से एक सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में राज्य पुलिस की भूमिका हैजो राज्य में निवेशवृद्धि और विकास को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है।"

 

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पुलिस कर्मियों के लिए कई कल्याणकारी उपायों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुएउपराष्ट्रपति ने बल में तनाव तथा शराब और आत्महत्याओं की रोकथाम के लिए एक "पुलिस कल्याण कार्यक्रम" शुरू करने के लिए विशेष रूप से तमिलनाडु की प्रशंसा की। उन्होंने तमिलनाडु की 1076 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा की प्रभावी ढंग से रक्षा करने और मछुआरों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने में राज्य पुलिस की भूमिका की भी सराहना की।

प्रेसीडेंट पुलिस कलर की प्रस्तुति को तमिलनाडु पुलिस के इतिहास में एक गौरवशाली क्षण बताते हुएश्री नायडू ने तमिलनाडु पुलिस के सभी सेवारत और सेवानिवृत्त सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "यह आपके समर्पणपेशागत कुशलतानिस्वार्थ सेवा और बलिदान का सम्मान है"। उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु में पुलिस महानिदेशक और पुलिस बल के प्रमुख डॉ. सी. सिलेंद्र बाबू को भी बधाई दीजिनके नेतृत्व में तमिलनाडु पुलिस के कर्मियों ने परेड का एक प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्री नायडू ने इस अवसर पर एक डाक टिकट भी जारी किया।

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरानचेन्नई के साथ अपने जीवन भर रहे जुड़ाव का स्मरण किया और इसे एक सुंदर शहर बताया जो उन्हें सदा विस्मित करता रहा है। उपराष्ट्रपति के रूप में यह श्री नायडू की चेन्नई की अंतिम यात्रा थी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिनतमिलनाडु सरकार के मुख्य सचिव डॉ. वी. इराई अंबू, तमिलनाडु के पुलिस बल के प्रमुखडीजीपी डॉ. सी. सिलेंद्र बाबू,  तमिलनाडु सरकार के एसीएस (गृह) श्री के. फणींद्र रेड्डीचेन्नई के डीजीपी/सीओपी श्री शंकर जीवाल, तमिलनाडु सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री बी. सेल्वा कुमारवरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

 


 
 
 
 
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गिरफ्तारी, छापेमारी, समन समेत ED के सभी अधिकार सही, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला…

गिरफ्तारी, छापेमारी, समन समेत ED के सभी अधिकार सही, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला…

Ibtesam Deshmukh 27-Jul-2022 119

 सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी, रेड, समन, बयान समेत PMLA एक्ट में ED को दिए गए सभी अधिकारों को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को एफआईआर के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।


प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट(PMLA) पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से दर्ज केस में फंसे लोगों को झटका देते हुए कोर्ट ने पीएमएलए कानून के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि 2018 में कानून में किए गए संशोधन सही हैं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय(ED) के सभी अधिकारों को बरकरार रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी, रेड, समन, बयान समेत PMLA एक्ट में ED को दिए गए सभी अधिकारों को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को एफआईआर के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है। ईसीआईआर की कॉपी आरोपी को देना जरूरी नहीं है। गिरफ्तारी के दौरान कारणों का खुलासा करना ही काफी है। कोर्ट ने कहा है कि ईडी के सामने दिया गया बयान ही सबूत है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में पीएमएलए के कई प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए 100 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई थीं। इसमें ईडी की शक्तियों, गिरफ्तारी के अधिकार, गवाहों को समन व संपत्ति जब्त करने के तरीके और जमानत प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। याचिकाएं कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम, एनसीपी नेता अनिल देशमुख व अन्य की ओर से दायर की गई थीं।
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बैंक ग्राहकों को अब मिलेगी बड़ी सुविधा, गृह मंत्री अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान

बैंक ग्राहकों को अब मिलेगी बड़ी सुविधा, गृह मंत्री अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान

Ibtesam Deshmukh 27-Jul-2022 125

 अब सहकारी बैंक के ग्राहकों को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. सरकार इसके लिए इसके लिए सहकारी बैंकों को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) से जोड़ेगी. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी. सरकार के 52 मंत्रालयों की ओर से संचालित इस समय 300 योजनाओं के लाभ डीबीटी के जरिये लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं, यानी अब इन सभी योजनाओं का लाभ सहकारी बैंकों के ग्राहकों को मिलेगा.


अमित शाह ने दी बड़ी जानकारी

अमित शाह ने यह भी जानकारी दी कि बैंकिंग क्षेत्र में पहले की अपेक्षा बहुत सुधार हुआ है और इससे देश के नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिल रहा है. इसके अलावा जनधन योजना के चलते 45 करोड़ नए लोगों का बैंक खाता भी खुला है. ऐसे 32 करोड़ लोगों को रूपे डेबिट कार्ड का लाभ भी मिला है.अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के ‘सहकार से समृद्धि का संकल्प’ से ये सब हुआ है.

बैंक ग्राहकों की होगी बल्ले-बल्ले

अमित शाह ने कहा, ‘देश की समृद्धि और आर्थिक उत्थान में सहकारिता क्षेत्र का अहम योगदान होगा. पीएम जनधन योजना के तहत खोले गए करोड़ों नए खातों का डिजिटल लेन देन एक ट्रिलियन डालर को भी पार कर गया है. वर्ष 2017-18 के डिजिटल लेन-देन के मुकाबले इनमें 50 गुना की बढ़ोतरी हुई है. सहकारी बैंकों के डीबीटी से जुड़ने से नागरिकों के साथ और संपर्क बढ़ेगा और सहकारिता क्षेत्र मजबूत होगा.’

खेती बैंक का उल्लेखनीय प्रदर्शन

केंद्रीय मंत्री ने गुजरात स्टेट को-आपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक यानी खेती बैंक के 71वें वर्ष में प्रवेश पर बधाई देते हुए बैंक के बारे में बातें की. साहूकारों के चंगुल से बचाने में इस बैंक ने शानदार भूमिका निभाई है.

अब लोन लेना हुआ सस्ता

अमित शाह ने कहा कि आरबीआई और नाबार्ड ने बैंकिंग के लिए जो नियम और मापदंड बनाए हैं, उन सभी मानकों पर खेती बैंक ने खुद को साबित किया है. पहले बैंक से 12 से 15 प्रतिशत की ब्याज पर लोन मिलता था जो अब 10 प्रतिशत पर आ गया है. इतना ही नहीं लोन छुकाने वाले लाभार्थियों को दो प्रतिशत की रियायत भी दी जाती है.
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कारगिल विजय दिवस स्पेशल...आज पूरे देश में मनाया गया कारगिल विजय दिवस....

कारगिल विजय दिवस स्पेशल...आज पूरे देश में मनाया गया कारगिल विजय दिवस....

Ibtesam Deshmukh 26-Jul-2022 56

 आज पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। कारगिल के योद्धाओं में मेजर (सेवानिवृत्त) देवेंद्र पाल सिंह उर्फ ​​डीपी सिंह के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। 15 जुलाई को, 25 साल की उम्र में, युद्ध के दौरान उनके पास एक मोर्टार फट गया। पैर और शरीर बुरी तरह जख्मी हो गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया लेकिन यह तो चमत्कार ही था कि वह उठकर ऐसे ही जीया, जिसका उदाहरण पूरे देश में दिया जाता है। ये है देश के पहले ब्लेड रनर, सोलो स्काई डाइविंग करने वाले एशिया के पहले दिव्यांग और कई नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मेजर डीपी सिंह की कहानी.

48 वर्षीय डीपी सिंह दिसंबर 1997 में सेना में शामिल हुए थे। कारगिल युद्ध लगभग डेढ़ साल बाद ही शुरू हुआ था। 13 जुलाई 1999 को उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में बने एक पद को संभाला। उनके साथ कई अन्य सैनिक भी थे। पहले दो दिनों तक सब कुछ शांत रहा। 15 जुलाई को अचानक फायरिंग शुरू हो गई। दुश्मनों ने अचानक दो मोर्टार दागे। एक मोर्टार उनके पास आया और फट गया। जोरदार धमाका हुआ और वह बुरी तरह घायल हो गया। शहर के कई हिस्सों से खून बह रहा था।


किसी तरह उन्हें वहां से निकालकर सेना के कमांड अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत देखकर उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद एक सीनियर डॉक्टर ने देखा कि उसकी सांस चल रही है। इस प्रकार, उनका पुनर्जन्म हुआ। हालांकि, उनका पैर काटना पड़ा। सिंह ने बताया कि उन्हें प्रोत्साहित करने वाला कोई नहीं था, इसलिए किसी और को उनके द्वारा सामना की जाने वाली चीजों को सहन न करना पड़े, उन्होंने वर्ष 2011 में द चैलेंजिंग ओन्स नाम से एक एनजीओ शुरू किया। इसके देश भर से 2700 सदस्य हैं। वे सबका विश्वास जगाते हैं। खेलने के लिए कहें ताकि आत्मविश्वास आए।

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सोनिया गांधी से ED आज फिर करेगी पूछताछ, इससे पहले 2 घंटे हुए थे सवाल-जवाब

सोनिया गांधी से ED आज फिर करेगी पूछताछ, इससे पहले 2 घंटे हुए थे सवाल-जवाब

Ibtesam Deshmukh 26-Jul-2022 55

 कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी आज दूसरी बार ईडी के सामने पेश होंगी. नेशनल हेराल्ड मामले में पिछले गुरुवार को 2 घंटे सवाल-जवाब हुए थे. इसको लेकर कांग्रेस आज भी विरोध-प्रदर्शन करेगी।

 

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सरकार जल्द लेगी यह बड़ा फैसला,पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर वित्तमंत्री का बड़ा ऐलान

सरकार जल्द लेगी यह बड़ा फैसला,पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर वित्तमंत्री का बड़ा ऐलान

Ibtesam Deshmukh 26-Jul-2022 106

 नई दिल्ली। देश में लोग पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों से परेशान हैं पर अब देश की वित्तमंत्री ने इसपर बड़ा बयान दिया है जो लोगों को राहत दे सकती है। वित्तमंत्री ने अपने बयान में कहा कि अब सरकार हर 15 दिन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगाए गए नए टैक्स की समीक्षा करेगी। यह समीक्षा अंतरराष्ट्रीय कीमतों को ध्यान में रखकर की जाएगी। इसी बीच ये खबर भी है कि महंगाई दर इस तिमाही RBI के अनुमानित लक्ष्य से ज्यादा ही है।

वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री सीतारमण ने संवाददाताओं बातचीत के दौरान कहा कि यह एक मुश्किल वक्त है और वैश्विक स्तर पर तेल कीमतें बेलगाम हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, ‘हम निर्यात को हतोत्साहित नहीं करना चाहते लेकिन घरेलू स्तर पर उसकी उपलब्धता बढ़ाना चाहते हैं.’ अगर तेल उपलब्ध नहीं होगा और निर्यात अप्रत्याशित लाभ के साथ होता रहेगा तो उसमें से कम-से-कम कुछ हिस्सा अपने नागरिकों के लिए भी रखने की जरूरत होगी.’

पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन पर भी टैक्स

इससे पहले सरकार ने सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर कर लगाने की घोषणा भी की। आपको बता दें कि पेट्रोल और एटीएफ के निर्यात पर छह रुपये प्रति लीटर और डीजल के निर्यात पर 13 रुपये प्रति लीटर की दर से कर लगाया गया है। यह नया नियम एक जुलाई से प्रभाव में आ गया है।
स्थानीय स्तर पर उत्पादित तेल पर भी टैक्स

इसके साथ ही ब्रिटेन की तरह स्थानीय स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर भी कर लगाने की घोषणा की गई। घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर 23,250 रुपये प्रति टन का कर लगाया गया है। राजस्व सचिव तरूण बजाज ने कहा कि नया कर सेज इकाइयों पर भी लागू होगा लेकिन उनके निर्यात को लेकर पाबंदी नहीं होगी। इसके साथ ही रुपये की गिरावट पर वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार स्थिति पर नजर रख रही है। सरकार आयात पर रुपये के मूल्य के असर को लेकर पूरी तरह सचेत है।
 
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कोरोना के बाद अब यहां के 70 शहरों पर टूटने वाला है यह बड़ा ‘कहर’, जारी किया गया रेड अलर्ट

कोरोना के बाद अब यहां के 70 शहरों पर टूटने वाला है यह बड़ा ‘कहर’, जारी किया गया रेड अलर्ट

Ibtesam Deshmukh 26-Jul-2022 99

 धरती के कई बड़े हिस्से इस समय रिकॉर्ड गर्मी झेल रहे हैं. ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों में टेंपरेचर ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया. तब मौसम वैज्ञानिकों की ओर से एक साथ, उत्तरी अमेरिका में अटलांटिक महासागर में अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी की गई थी. अब गर्मी का यह खतरा चीन पर मंडरा रहा है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने अपने करीब 70 शहरों के लिए हाई हीट अलर्ट जारी किया है. बताया जा रहा है कि चीन में कभी भी हीटवेव दस्तक दे सकता है. चीन के मौसम विभाग के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में अगले 10 दिनों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है.

393 शहरों में दिखेगा असर


मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि, इन शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार करने की उम्मीद है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान अन्य 393 चीनी शहरों और काउंटियों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो सकता है. इसके अलावा सरकार ने भी चेतावनी दी है कि अत्यधिक गर्मी के कारण जंगलों में आग लग सकती है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.


1961 के बाद औसत तापमान इतना अधिक


चीन में यह इस महीने की दूसरी हीटवेव होगी. अभी चीन में औसत तापमान 1961 के बाद से सबसे अधिक है और रविवार को झेजियांग और फ़ुज़ियान प्रांतों में कम से कम 13 स्थानीय मौसम स्टेशनों ने रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया. बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि झेजियांग में दक्षिण-पूर्व में कुछ शहर रेड अलर्ट जारी कर चुके हैं, जो मौसम के लिहाज से सबसे बड़ी चेतावनी होती है. स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रांतों में आमतौर पर जुलाई के महीने में 20 से 25 डिग्री तक तापमान होता है, लेकिन इस साल अधिकारी इसके 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दे रहे हैं.


क्लाइमेट चेंज की वजह से हो रहा ऐसा


वैज्ञानिकों का कहना है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से ही मौसम में इस तरह की अधिकता देखी जा रही है और आने वाले समय में इसके और तेज होने की संभावना है, क्योंकि वैश्विक तापमान में वृद्धि जारी रहेगी. इसी कड़ी में चीन में भी तापमान वैश्विक औसत की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है और नवीनतम हीटवेव ने नई चिंताएं बढ़ा दी हैं. चीन के पारंपरिक कैलेंडर पर शनिवार के दिन को “ग्रेट हीट” दिवस के रूप में चिह्नित किया गया, जिसे लंबे समय तक वर्ष की सबसे गर्म अवधि के रूप में मान्यता दी गई थी. इस महीने की शुरुआत में शंघाई ने अपना उच्चतम हवा का तापमान दर्ज किया, जो 40.9 डिग्री सेल्सियस था. यह वर्ष 1873 से जबसे मौसम का रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ, तब से अब तक सबसे अधिक था.

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को देश के सर्वोच्च पद पर चुने जाने के ऐतिहासिक क्षण पर आज नई दिल्ली में उनसे भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को देश के सर्वोच्च पद पर चुने जाने के ऐतिहासिक क्षण पर आज नई दिल्ली में उनसे भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं

Sawankumar 21-Jul-2022 73

 

राष्ट्रपति चुनाव में उनकी प्रचंड विजय पर पूरा देश विशेषकर जनजातीय समाज उत्साह व हर्षोल्लास के साथ जश्न मना रहा है

एक अति सामान्य जनजातीय परिवार से आने वाली NDA प्रत्याशी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का भारत का राष्ट्रपति चुना जाना पूरे देश के लिए गौरव का पल है

मोदी जी के नेतृत्व में NDA के सहयोगियों, अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय जनप्रतिनिधियों का जनजातीय गौरव श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के पक्ष में मतदान करने पर आभार व्यक्त करता हूँ

यह विजय अन्त्योदय के संकल्प को चरितार्थ करने व जनजातीय समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी जिन विषम परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए आज देश के इस सर्वोच्च पद पर पहुँची है वो हमारे लोकतंत्र की अपार शक्ति को दर्शाता है

इतने संघर्षों के बाद भी उन्होंने जिस नि:स्वार्थ भाव से खुद को देश व समाज की सेवा में समर्पित किया वो सभी के लिए प्रेरणादायी है

मुझे विश्वास है कि भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में मुर्मू जी का कार्यकाल देश को और गौरवान्वित करेगा

प्रविष्टि तिथि: 21 JUL 2022 9:34PM by PIB Delhi
 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति पद पर उनकी ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। श्री अमित शाह ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को देश के सर्वोच्च पद पर चुने जाने के ऐतिहासिक क्षण पर आज नई दिल्ली में उनसे भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

 

 

अपने ट्वीट्स में श्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उनकी प्रचंड विजय पर पूरा देश विशेषकर जनजातीय समाज उत्साह व हर्षोल्लास के साथ जश्न मना रहा है। एक अति सामान्य जनजातीय परिवार से आने वाली NDA प्रत्याशी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का भारत का राष्ट्रपति चुना जाना पूरे देश के लिए गौरव का पल है, उन्हें शुभकामनाएँ देता हूँ। यह विजय अन्त्योदय के संकल्प को चरितार्थ करने व जनजातीय समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी जिन विषम परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए आज देश के इस सर्वोच्च पद पर पहुँची है वो हमारे लोकतंत्र की अपार शक्ति को दर्शाता है। इतने संघर्षों के बाद भी उन्होंने जिस नि:स्वार्थ भाव से खुद को देश व समाज की सेवा में समर्पित किया वो सभी के लिए प्रेरणादायी है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में NDA के सहयोगियों, अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय जनप्रतिनिधियों का जनजातीय गौरव श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के पक्ष में मतदान करने पर आभार व्यक्त करता हूँ। मुझे विश्वास है कि भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में मुर्मू जी का कार्यकाल देश को और गौरवान्वित करेगा।


 
 
 
 
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महंगाई और बढ़ने का खतरा, वित्त मंत्री ने बताए ये बड़े कारण

महंगाई और बढ़ने का खतरा, वित्त मंत्री ने बताए ये बड़े कारण

Ibtesam Deshmukh 19-Jul-2022 87

 नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर के आगे रुपया कमजोर होते जा रहा हैं। बीते कई दिनों से जारी यह सिलसिल सप्ताह के पहले दिन भी ​दिखा। हालांकि सुबह रुपया थोड़ा मजबूत दिखा लेकिन शाम होते तक फिर से गिरावट हो गई। बता दें कि अभी रुपया 80 के बेहद करीब पहुंच गया है। रुपया के लगातार गिरावट होने की असल वजह क्या है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके कारणों को संसद में बताया है। रुपया के वर्तमान हालत पर देखें तो सोमवार को Dollar के मुकाबले रुपया 6 पैसे के सुधार के साथ 79.76 के स्तर पर खुला, लेकिन इसके बाद यह फिर से टूटने लगा और कारोबार के अंत में नए रिकॉर्ड निचले स्तर 79.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

इस तरह डॉलर के आगे रुपया के टूटने को सिलसिला आज भी जारी रहा। पहले ही देश में महंगाई उच्च स्तर पर बनी हुई है, उसपर रुपये में जारी गिरावट से महंगाई और बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।वित्त मंत्री ने गिराए कारण संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में भी रुपया के टूटने का मुद्दा गूंजा। इसे लेकर पूछे गए एक सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया। Indian Currency के टूटने की वजह पर कहा कि रुपए में गिरावट के लिए वैश्विक कारक जैसे रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जिम्मेदार है।

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गिरफ्तारी पर रोक के लिए नूपुर शर्मा ने फिर खटखटाया SC का दरवाजा, आज होगी सुनवाई

गिरफ्तारी पर रोक के लिए नूपुर शर्मा ने फिर खटखटाया SC का दरवाजा, आज होगी सुनवाई

Ibtesam Deshmukh 19-Jul-2022 88

 पैगम्बर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी करने के चलते अलग-अलग राज्यों में FIR का सामना कर रहीं नूपुर शर्मा ने एक बार फिर राहत के लिए SC का रुख किया है. उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट की अनपेक्षित तीखी टिप्पणियों के बाद उन्हें लगातार जान से मारने और रेप की धमकी मिल रही हैं. नूपुर ने कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाने और सभी FIR को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की है.

कई राज्यों में दर्ज हैं मामले

बता दें कि नूपुर के खिलाफ दिल्ली, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, असम और जम्मू कश्मीर में FIR दर्ज हुई हैं. उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया गया है और कल सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा.

सख्त टिप्पणी करने वाली बेंच ही कल सुनवाई करेगी

नुपूर शर्मा की अर्जी पर जस्टिस सूर्यकांत और जमशेद पारदीवाला की बेंच आज सुनवाई करेगी. इससे पहले 1 जुलाई को ये मामला इसी बेंच के सामने लगा था. तब इस बेंच ने सख्त टिप्पणियां करते हुए याचिका सुनने से मना कर दिया था. नूपुर ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर पुरानी मांग पर विचार करने का आग्रह किया है.

SC ने नूपुर को लेकर क्या कहा था

1 जुलाई को हुई सुनवाई में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने कहा था कि नूपुर शर्मा ने अपने गैर जिम्मेदाराना बयान से देशभर में लोगों की भावनाओं को भड़काया है. उनके बयान ने देश में आग लगा दी है. आज देश में जो माहौल बिगड़ा हुआ है, उसके लिए वो एकमात्र जिम्मेदार हैं. उदयपुर में हुई हत्या भी उनके ऐसे ही बयान का नतीजा है.
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35 साल देश की शानदार सेवा करने के बाद आईएनएस सिंधुध्वज सेवामुक्त

35 साल देश की शानदार सेवा करने के बाद आईएनएस सिंधुध्वज सेवामुक्त

Sawankumar 17-Jul-2022 78

 आईएनएस सिंधुध्वज ने 35 साल की शानदार अवधि तक अपनी सेवाएं देने के बाद शनिवार, 16 जुलाई 2022 को भारतीय नौसेना को अलविदा कह दिया। इस समारोह में पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता मुख्य अतिथि थे। इस डीकमीशनिंग कार्यक्रम में कोमोडोर एसपी सिंह (सेवानिवृत) समेत 15 पूर्व कमांडिंग ऑफिसर्सकमिशनिंग सीओ और 26 अनुभवी कमीशनिंग क्रू ने हिस्सा लिया।

इस पनडुब्बी के शिखर पर एक भूरे रंग की नर्स शार्क चित्रित है और इसके नाम का अर्थ है समुद्र में हमारी ध्वजवाहक। जिस प्रकार इसके नाम से पता चलता हैसिंधुध्वज स्वदेशीकरण की ध्वजवाहक थी और नौसेना में अपनी पूरी यात्रा के दौरान रूस निर्मित सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बियों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारतीय नौसेना के प्रयासों की ध्वजवाहक थी। इस पनडुब्बी को श्रेय जाता है कि कई चीजें इसने पहली बार कीं। जैसेहमारे स्वदेशी सोनार यूएसएचयूएसस्वदेशी उपग्रह संचार प्रणाली रुकमणी और एमएमएसजड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और स्वदेशी टॉरपीडो फायर कंट्रोल सिस्टम का परिचालन इस पर ही हुआ।

सिंधुध्वज ने डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल के साथ मेटिंग और कार्मिक स्थानांतरण का काम भी सफलतापूर्वक कियाऔर ये इकलौती पनडुब्बी है जिसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा इनोवेशन के लिए सीएनएस रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

इस पारंपरिक समारोह को सूर्यास्त के समय आयोजित किया गया। बादलों से घिरे आसमान ने इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया जब डीकमिशनिंग ध्वज को उतारा गया और 35 साल की शानदार गश्त के बाद इस पनडुब्बी को सेवामुक्त कर दिया गया।

 

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प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया

Sawankumar 07-Jul-2022 99

 

"राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार, शिक्षा को संकुचित सोच के दायरों से बाहर निकालना और उसे 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है"

"अंग्रेजों द्वारा बनाई गई शिक्षा प्रणाली कभी भी भारतीय लोकाचार का हिस्सा नहीं थी"

"हमारे युवा स्किल्ड हों, कॉन्फिडेंट हों, प्रैक्टिकल और कैलकुलेटिव हों, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है"

"महिलाओं के लिए भी जो क्षेत्र पहले बंद हुआ करते थे, आज वो सेक्टर बेटियों की प्रतिभा के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं"

"राष्ट्रीय शिक्षा नीति' ने हमें असंख्य संभावनाओं को साकार करने का एक साधन दिया है"

प्रविष्टि तिथि: 07 JUL 2022 4:11PM by PIB Delhi
 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, डॉ. सुभाष सरकार, डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, राज्य के मंत्री, शिक्षाविद और अन्य हितधारक इस अवसर पर उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 'अमृत काल' के वादों को साकार करने में हमारी शिक्षा प्रणाली और युवा पीढ़ी का एक बड़ा हिस्सा है। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय को नमन करते हुए समागम के लिए शुभकामनाएं दीं। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने एलटी कॉलेज में अक्षय पात्र मिड-डे मील किचन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के साथ उन्होंने बातचीत की उनकी उच्च स्तर की प्रतिभा उस प्रतिभा का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रयास में जुटने का संकेत देती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि "राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार, शिक्षा को संकुचित सोच के दायरों से बाहर निकालना और उसे 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कभी भी बुद्धि और प्रतिभा की कमी नहीं थी, हालांकि, अंग्रेजों द्वारा बनाई गई शिक्षा प्रणाली कभी भी भारतीय लोकाचार का हिस्सा नहीं थी। उन्होंने शिक्षा के बहुआयामी भारतीय लोकाचार के बारे में बताया और उस पहलू को आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली में चिह्नित करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "हम केवल डिग्री धारक युवा तैयार  करें, बल्कि देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो, हमारी शिक्षा व्यवस्था वो देश को दे। इस संकल्प का नेतृत्व हमारे शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को करना है एक नए भारत के निर्माण के लिए, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एक नई प्रणाली और आधुनिक प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि जिसकी पहले कल्पना भी नहीं की गई थी वह अब हकीकत है। प्रधानमंत्री ने कहा, "कोरोना की इतनी बड़ी महामारी से हम  केवल इतनी तेजी से उबरे, बल्कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है। आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इको-सिस्टम हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में जहाँ पहले केवल सरकार ही सब करती थी वहां अब प्राइवेट प्लेयर्स के जरिए युवाओं के लिए नई दुनिया बन रही है। देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए भी जो क्षेत्र पहले बंद हुआ करते थे, आज वो सेक्टर बेटियों की प्रतिभा के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि नई नीति में, बच्चों को उनकी प्रतिभा और बच्चों की पसंद के अनुसार कुशल बनाने पर पूरा ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, "हमारे युवा स्किल्ड हों, कॉन्फिडेंट हों, प्रैक्टिकल और कैलकुलेटिव हों, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है।" प्रधानमंत्री ने एक नई विचार प्रक्रिया के साथ भविष्य के लिए काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे आज बहुत उन्नत स्तर की प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे हैं और हमें उनकी प्रतिभा की मदद करने के साथ ही उनका लाभ उठाने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तैयारी में किए गए प्रयासों की सराहना की, हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि नीति तैयार करने के बाद गति को कम नहीं किया गया था। नीति के कार्यान्वयन पर लगातार चर्चा और काम होता रहा है। नीति के कार्यान्वयन के बारे में बात करने के लिए प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से कई सेमिनारों और कार्यक्रमों में भाग लिया। इसका परिणाम यह हुआ है कि देश के विकास में देश के युवा सक्रिय भागीदार बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने देश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की भी बात की। देश में कई नए कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईआईटी और आईआईएम खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विश्वविद्यालयों के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा विश्वविद्यालय प्रवेश में आसानी और समानता लाएगी। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति अब मातृभाषा में पढ़ाई के रास्ते खोल रही है। इसी क्रम में, संस्कृत जैसी प्राचीन भारतीय भाषाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत वैश्विक शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए 180 विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यालय स्थापित किए गए हैं। उन्होंने विशेषज्ञों से इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं से अवगत होने के लिए कहा।

प्रधानमंत्री ने व्यावहारिक अनुभव और फील्डवर्क के महत्व पर जोर दिया और 'लैब टू लैंड' के दृष्टिकोण के लिए आह्वान किया। उन्होंने शिक्षाविदों से सत्यापित परीक्षण के साथ अपने अनुभव को मान्य करने के लिए कहा। उन्होंने साक्ष्य-आधारित अनुसंधान के लिए कहा। उन्होंने भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश पर अनुसंधान करने और इसके इस्तेमाल की सर्वोत्तम तरीके खोजने और दुनिया के वृद्ध समाजों के लिए समाधान खोजने के लिए भी कहा। इसी तरह, लचीला बुनियादी ढांचा अनुसंधान का एक अन्य क्षेत्र है। अंत में, प्रधानमंत्री ने कहा, "राष्ट्रीय शिक्षा नीति' ने हमें असंख्य संभावनाओं को साकार करने का एक साधन दिया है जो पहले उपलब्ध नहीं था। हमें इसका पूरा उपयोग करने की आवश्यकता है।

अखिल भारतीय शिक्षा समागम

शिक्षा मंत्रालय 7 से 9 जुलाई तक शिक्षा समागम का आयोजन कर रहा है। यह प्रख्यात शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं और अकादमिक नेताओं को अपने अनुभवों को साझा करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। यह कार्यक्रम पूरे देश से विश्वविद्यालयों (केंद्रीय, राज्य, डीम्ड, और निजी), और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईएसईआर) के शैक्षणिक, प्रशासनिक और संस्थागत क्षेत्र की 300 से अधिक हस्तियों के क्षमता निर्माण के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न हितधारक अपने-अपने संस्थानों में एनईपी के कार्यान्वयन की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करेंगे और उल्लेखनीय कार्यान्वयन रणनीतियों, सर्वोत्तम प्रथाओं और सफलता की गाथाओं को भी साझा करेंगे।

तीन-दिवसीय शिक्षा समागम के दौरान, एनईपी 2020 के तहत उच्च शिक्षा के लिए चिन्हित किए गए नौ विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। ये विषय हैं - बहुविषयक और समग्र शिक्षा; कौशल विकास और रोजगार योग्यता; अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का क्षमता निर्माण; गुणवत्ता, रैंकिंग और प्रत्यायन; डिजिटल सशक्तिकरण और ऑनलाइन शिक्षा; समान और समावेशी शिक्षा; भारतीय ज्ञान प्रणाली; और उच्च शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकर

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वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के दौरान कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों का उत्पादन 79 प्रतिशत बढ़कर 27.7 मिलियन टन हुआ

वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के दौरान कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों का उत्पादन 79 प्रतिशत बढ़कर 27.7 मिलियन टन हुआ

Sawankumar 07-Jul-2022 68

 

पिछले साल नीलाम की गई दो खानों से 1.57 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ

इस साल 12 नई खदानों में उत्पादन शुरू होने की संभावना

 

कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और नामित प्राधिकरण ने जुलाई, 2022 को परियोजना प्रस्तावकों की उपस्थिति में वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के दौरान कोयला ब्लॉकों से उत्पादन की समीक्षा की। पहली तिमाही के दौरान कुल 27.7 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया गया। यह वित्तीय वर्ष 2021-22 की समान अवधि के दौरान उत्पादित 15.5 मिलियन टन कोयले से 79 प्रतिशत अधिक है।

मंत्रालय ने कोयला उत्पादन में इतनी अधिक बढ़ोतरी करने के लिए कोयला ब्लॉक आवंटितों के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, यह उम्मीद व्यक्त कि वित्तीय वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही के दौरान कोयला ब्लॉकों से 32 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा इसकी सराहना किए जाने के साथ यह भी उल्लेख किया गया कि वाणिज्यिक नीलामी सुधारों के तहत 2021 में नीलाम की गई दो खदानें चालू हो गई हैं और इनसे पहली तिमाही में 1.57 मिलियन टन का उत्पादन किया गया है।

वर्तमान में कुल 36 कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयले का उत्पादन हो रहा है। वहीं, उम्मीद है कि चालू वर्ष के दौरान कम से कम 12 और नई खदानों से उत्पादन शुरू हो जाएगा। यह देश में कोयले की मांग को पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।

इसके अलावा परियोजना प्रस्तावकों ने अपने प्रयासों और सामने आने वाली चुनौतियों को भी साझा किया। वहीं, कोयला मंत्रालय ने इन मुद्दों के समाधान में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केन्द्रीय इस्पात मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केन्द्रीय इस्पात मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया

Sawankumar 07-Jul-2022 104

 


यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अलावा अतिरिक्त प्रभार है

 

श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज यहां उद्योग भवन में नागरिक उड्डयन मंत्री के अपने मौजूदा प्रभार के अलावा केन्द्रीय इस्पात मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री संजय सिंह ने मंत्रालय में उनका स्वागत किया।

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इस्पात मंत्रालय का नया कार्यभार संभालने के बाद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री और देश के उनमें दर्शाए गए विश्वास और अपेक्षाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई। मंत्री ने कहा, यह सब जानते हैं कि इस्पात क्षेत्र राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारा उद्देश्य इस क्षेत्र को अपनी उच्चतम क्षमता तक ले जाना हैताकि यह आत्मानिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत विकास का एक मजबूत इंजन बन सके।"

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श्री सिंधिया राज्यसभा में सांसद के रूप में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं और नागरिक उड्डयन मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री हैं। वह पांच बार से संसद सदस्य हैं और इसमें उनके लोकसभा में चार कार्यकाल (2002-04, 2004-09, 2009-14 और 2014-19) शामिल हैं। श्री सिंधिया ने 2002 में जनसेवा शुरू की। 2008 में उन्होंने दूरसंचारडाक और आईटी राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया; 2009 में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री के रूप में और फिर 2012 में विद्युत मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्य किया।

श्री सिंधिया के पास अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री और अमेरिका की ही स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री है

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केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) के माजरा में हॉकी एस्ट्रोटर्फ का शिलान्यास किया

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) के माजरा में हॉकी एस्ट्रोटर्फ का शिलान्यास किया

Sawankumar 09-May-2022 117

 हिमाचल प्रदेश के लोगों में खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नैसर्गिक प्रतिभा है और भारत सरकार इस प्रतिभा का सदुपयोग करने के उद्देश्य से हर सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने यह बात आजसिरमौर (हिमाचल प्रदेश) केमाजरा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हॉकी एस्ट्रोटर्फ का शिलान्यास करने के बाद कही।

श्री ठाकुर ने कहा कि इस हॉकी मैदान पर 6 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगेजिसमें खिलाड़ियों के लिए विभिन्न सुविधाएं जैसेकि लड़कियों के लिए छात्रावासचेंज रूमशौचालयकोचिंग संबंधीसुविधाएं आदि उपलब्ध होंगी। उन्होंने सुझाव दिया किराज्य में खेल की विभिन्न स्पर्धाओं में नवोदित  खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिभा खोज कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि गतकाकलारीपयट्टूथांग-तामल्लखंब और योगासन नाम के पांच पारंपरिक खेल आगामी खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 का हिस्सा होंगे और भारत सरकार इन पारंपरिक खेलों को वैश्विक मंच पर लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा किराज्य मेंभी पारंपरिक खेलों को मान्यता दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब में इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री ने कहा कि इस साल बेंगलुरु में हाल ही में संपन्न हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड और यूनिवर्सिटी गेम्स के 76 पिछले रिकॉर्ड टूटे। यहहमारे युवाओं में प्रचुर प्रतिभा को दर्शाता है।

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री ने जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से शिलाई तहसील के ग्राम कोटा केदिव्यांग कुलदीप सिंह को एक स्कूटी भेंट की।

केन्द्रीय मंत्री का हरियाणापंजाब और हिमाचल प्रदेश का दो दिवसीय व्यस्त दौरा आज संपन्न हुआ। श्री ठाकुर ने शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ पंचकूला (हरियाणा) के इन्द्रधनुष सभागार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021के प्रतीक चिन्हगीतशुभंकर और जर्सी को लॉन्च किया। उसके बाद उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थानपटियाला (पंजाब)में विभिन्न परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई।

 

 
 
 
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गुजरात में वैश्विक पाटीदार व्यापार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण का मूल पाठ

गुजरात में वैश्विक पाटीदार व्यापार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण का मूल पाठ

Sawankumar 30-Apr-2022 93

 नमस्‍ते,

गुजरात के लोकप्रिय मुख्‍यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेलकेंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी मनसुख भाई, पुरुषोत्तम रूपाला, अनुप्रिया जी, गुजरात भाजपा के अध्‍यक्ष सी आर पाटिल, सरदार धाम के प्रमुख सेवक श्री गगजी भाई सुतारिया, पाटीदार समाज के सभी वरिष्‍ठ जन, देश-विदेश से आए सभी अतिथिगण, उदयोग जगत के साथी, देवियो और सज्‍जनों।

वैसे आज का कार्यक्रम ऐसा है कि गुजरात की सरकार और गुजरात भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह आपके बीच होती। लेकिन आज एक कार्यक्रम का क्‍लैश हो गया। हमारे राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भी आज अहमदाबाद में हैं तो उनका भी एक बहुत बड़ा कार्यक्रम सभी सांसद और विधायक और मंत्रियों के साथ है। तो मैंने कहा, चलिए मैं जा रहा हूं, मैं संभाल लूंगा। तो वो सब दुविधा में थे लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं जाऊंगा, चिंता मत कीजिए, आप अपना कार्यक्रम करते रहिए।

मुझे खुशी हुई बहुत सारे परिचित चेहरे मैं मेरे सामने देख रहा हूं। हम सब जानते हैं कि दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में एक शहर सूरत है और आप सब आज सूरत में बैठ करके नए संकल्‍प ले रहे हैं। आप सबका बहुत-बहुत अभिनंदन। कुछ महीने के अंतराल में सरदार धाम से जुड़े साथियों, देश-दुनिया में गुजरात और भारत के गौरव को बढ़ाने वाले आप सभी बहनों-भाइयों को फिर से मुझे मिलने का मौका मिला है। ये गुजरात के प्रति और भारत के प्रति हमारे साझा संकल्‍पों, साझा प्रतिबद्धता का ही प्रमाण है।

साथियो,

देश को जब नई-नई आजादी मिली थी तो आजादी के प्रारंभिक दिन थे और उस समय सरदार साहब ने जो कहा था और उन मुश्किल भरे हालात में सरदार साहब के शब्‍दों की ताकत देखिए। उन्‍होंने कहा था, 'भारत में संपदा की, वेल्‍थ की कोई कमी नहीं है। हमें बस अपने दिमाग, अपने संसाधनों को इनके सदुपयोग के लिए लगाना होगा।' मैं कहता हूं कि आज़ादी के मुकाबले में आने वाले 25 सालों के लिए जब हम एक संकल्प के साथ निकले हैं, तो सरदार साहब की इस बात को हमने कभी भूलना नहीं चाहिए। आज भारत के पास इतना कुछ है। हमें बस अपने आत्मविश्वास को, आत्मनिर्भरता के अपने जज्बे को मज़बूत करना है। ये आत्मविश्वास तभी आएगा जब विकास में सबकी भागीदारी होगी, सबका प्रयास लगेगा।

साथियों,

बीते 8 सालों में देश में बिजनेस का, उद्यम का, क्रिएटिविटी का एक नया विश्‍वास जगाने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी नीतियों, अपने एक्शन के माध्यम से सरकार का निरंतर प्रयास है कि देश में ऐसा माहौल बने कि सामान्य से सामान्य परिवार का युवा भी entrepreneur बने, उसके सपने देखे, वो entrepreneurship पर गर्व करे।

Make in India, Make for the world- इसको नए भारत की नई संस्कृति बनाने के लिए मैं समझता हूं, काम किया जा रहा है। इसलिए आधुनिक कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, नए शहरों के निर्माण, पुराने शहरों में स्मार्ट सुविधाएं विकसित करने, नियमों, कायदों, दस्तावेजों, कंप्लायेंसेंस के बोझ से देश को मुक्त करने, और इनोवेशन की, आइडिया की हैंडहोल्डिंग, ऐसे सभी कामों पर एक साथ काम किया जा रहा है।

साथियों,

मुद्रा योजना आज देश के उन लोगों को भी अपना बिजनेस करने का हौसला दे रही है, जो कभी इसके बारे में सोचते भी नहीं थे। स्टार्ट अप इंडिया से वो इनोवेशन, वो टैलेंट भी आज यूनिकॉर्न के सपने साकार होते देख रहा है, जिसको कभी रास्ता नहीं दिखता था। Production linked incentive यानि PLI योजना ने पुराने सेक्टरों में तो मेक इन इंडिया का उत्साह तो भरा ही है, सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर्स के विकास की संभावनाएं भी उभर करके सामने आ रही हैं।

अब देखिए, कोरोनाकाल की अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद देश में MSME सेक्टर आज तेज़ी से विकास कर रहा है। लाखों करोड़ रुपए की मदद देकर MSMEs से जुड़े करोड़ों रोज़गार बचाए गए और आज ये सेक्टर नए रोज़गार का तेज़ी से निर्माण कर रहा है। यहां तक कि रेहड़ी-ठेले जैसा बहुत छोटा व्यापार-कारोबार करने वाला देशवासी भी आज भारत की ग्रोथ स्टोरी से अपने-आपको जुड़ा महसूस करता है। पहली बार उसको भी पीएम स्वनिधि योजना से फॉर्मल बैंकिंग सिस्टम में भागीदारी मिली है। हाल ही में हमारी सरकार ने इस योजना को दिसंबर 2024 तक के लिए extend कर दिया है।

साथियों,

छोटे से बड़े, हर व्यवसाय, हर कारोबार का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। सबका प्रयास की यही भावना तो अमृत काल में नए भारत की ताकत बन रही है। मुझे खुशी है कि इस बार की समिट में आप इस विषय पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं।

जब सुरत के लोगों को मिल रहा हूँ, और इतनी बड़ी मात्रा में देश-विदेश से लोग आये हो, और अभी गगजीभाई भावुक होकर विस्तार से जो वर्णन कर रहे थे, एक नई आशा और उमंग जगाई, ऐसी बातें हमेंशा से गगजीभाई के पास होती है। आप गगजीभाई के साथ बात करें तो निराशा का कोई नाम नहीं होता। हमेंशा कुछ नया करने की बात, शायद गगजीभाई का स्वभाव ही बन गया है, और समाज के लिए करना, खुद को मिटा के करना, और इसके कारण ही ये सभी काम में सफलता मिलती है। और अब जब मैं आप सब के बीच मन को खोलकर बात कर रहा हुं, तब हमें विचार करना पड़ता है कि, सिर्फ जमीन लेनी और बेचनी,,,सब हसने लगे हैं, कोई काम करे उसमें मुझे कोई दिक्कत नहीं है, परंतु क्या हमें यही करना है। फिर बड़ी- बड़ी योजनाएँ, बडी-बडी स्कीमें, इतने फ्लैट बनाएगें, इतने बंगले बनाएंगे, चलो ये भी एक काम है। हीरे की दुनिया में हम हीरो बन गयें, लेकिन आज मैं आपको कुछ अलग क्षेत्र में ले जाना चाहता हूँ। और मुझे विश्वास है कि, गगजीभाई मुझे समझते है, इसलिए गगजीभाई मुझे बराबर पकड़ेंगे। भले ही हम सब ये समिट दो साल में करते हो, परंतु मेरा एक विचार है कि गगजीभाई 10-15 ग्रुप बनाईये, समाज के और उसमें 25-30 प्रतिशत बुजुर्ग हो, जो अनुभवी है, और 40-50 प्रतिशत जोशीले युवा हो, जिन्हें नई दुनिया के बारे में खबर है। और उनको अलग-अलग विषय बांट दो, कि भाई बताओ इस विषय में हमको गुजरात को, भारत को आगे बढाना हो, तो दुनिया में क्या है, उसके लिए रो-मटिरियल्स का क्या है, मार्केट का क्या है, सरकार की नितीओं में क्या दिक्कत हो सकती है। इसका बराबर एक विषय लेकर काम करें। और सरकार को भी आपका जो छोटा ग्रुप हो, वह सरकार की नीतियों को बनाने के लिए डोक्युमेन्टेन्स करे, चीजें दे, और वे बताएं हमको इस रास्ते पर अगर आगे बढना हो, तो इस निती में यह कमी है। उसका विचार हो, फिर एक सरल डोक्युमेन्टेन्स करें बैंकिंग के लिए, बैंकिंग इन सब चीजों में आगे आती नहीं, मुझे पता है, हमारे यहां हर सप्ताह डायमंड़ वाले आकर शिकायत करते है, हर सप्ताह बैंकिंग वाले आकर शिकायत करते है, कि नामा लिख दिया है, कुछ करो हमारा, तो नीतियों में क्या गलती है, प्रायोरिटी के प्रश्न कहां खड़े होते है। इसी तरह फिनटेक पूरा कारोबार फायनान्स की दुनिया में टेक्नोलोजी, ऐसे अलग-अलग विषय पर हम निर्णय ले के इस बार दस विषय करना है। दस विषयों में बाहर के एक्सपर्ट को भी ले, अकैदेमिकान्सअनेक, किसी भी चीज में ग्लोबल स्टार्न्ड का ही विचार करना है, उससे छोटा सोचना ही नहीं है, और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि आपका यह ग्रुप इस तरह का डोक्युमेन्टन्स करके जो मेरा समय चाहेंगे, तो मैं उनका प्रेजन्टेशन देखुंगा, और सरकार को भी बिठाकर अलग-अलग विभागों के, और हम साथ मिलकर नीतियां बदलनी हो, युनिवर्सिटी में कोर्स बदलने की जरूरत पडें, कुछ ऐसे कोर्स होते हैं, जो हमें युनिवर्सिटी में पढाया जाता है, पर वो जमाना गया कि अब यह पढाना पड़े। स्कील डेवलपमेन्ट में चेन्ज करना हो तो उसमें विचार करे, एक तो उसके उपर अपनी टीम काम कर सके। दुसरा एक मुझे लगता है की, भारत सरकार जो नेशनल एज्युकेशन पोलीसी लाई है। NEP हिंदुस्तान में शिक्षा नीति को इतना अच्छा प्रतिसाद मिला है, इतना सारा गौरवंन्तित हो वही एक बड़ी घटना है। हिंदुस्तान में कोइ भी राजनीतिक विचारधारा के लोग हो, कोइ भी ऐकेडेमिक दुनिया के लोग हो, सबने उसे गौरवपूर्वक स्वीकार किया है। आपके यहाँ भी एक टीम बनाये, क्योंकी मेने देखा है की अपने यहाँ शिक्षण में भी समाज के लोग खूब अच्छा प्रयास कर रहे हैं। लेकीन यह नेशनल एज्युकेशन पोलीसी की स्टडी करके, अपने समाज के लोग जो ऐकेडेमिक में रहे हो, और गुजरात के अन्य लोग भी अपना गुजरात और हम जो दिशा में जाना चाहते है, हिंदुस्तान के किसी भी कोने में इसमें हम यह नेशनल एज्युकेशन पोलीसी का 100 प्रतिशत लाभ लेने के लिये हम अपनी व्यवस्थाओं में, नीति निर्धारण में क्या परिवर्तन ला सके। यह एक दुसरा काम। तीसरा काम मुझे मेरे साथीयों आपको कहना है, मेरे सामने आप सब लोग हो उसमे 99 प्रतिशत किसान के पुत्र हैं। अब आप सुरत में करोड़ो रुपयें में खेलते हो तो आनंद होता है मुझे। लेकीन भाई अपनी जो जड़ है ना, वो हमारे खेत ही हैं। खेती ही है। हमारे पूर्वजो का तो तप है ना वही है। अब मुझे बताइये की हम इतना आगे बढ़े, लेकीन क्या अपनी खेती आगे बढ पाइ ? अपने खेती के क्षेत्र में इन्वेस्टमेन्ट आता है? लगभग जमीन पर बिल्डर आये और बिल्डींग बना दे और इन्कम हो वह बात अलग है। सही मायने में जब नर्मदा का पानी गुजरात के कोने-कोने मे पहुंचा है, तब मे चाहता हूँ की गुजरात की खेती को आधुनिक बनाने के लिए वह भी एक बड़ा बिजनेस है आप मानके चलिये। दुनिया का पेट भरने की क्षमता है अपने में। लेकीन हम हमारे संसाधन का उपयोग पुरा नहीं करते। एक दो किसान प्रगतिशील हो, बहुत अच्छे से करते होंगे, मेरी आपसे विनंती है की, गुजरात की पुरी जमीन का अध्ययन करने वाली एक टीम बनाये, एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी के साथ, एग्रीकल्चर डिपार्टमेन्ट के साथ मिलकर और आप सोचिए आज से 25-50 साल पहले जो कोइ दीर्घद्रष्टा था। उसमे सरदार साहब भी थे, जो गुजरात में डेरी उद्योग का विकास ना हुआ हो तो, पशुपालन और डेरी उद्योग का विकास ना हुआ होता को दुष्कालग्रस्त अपना गुजरात रहता था। और दुध की दुनिया में हम ना पहुंचे होते तो, अपने गांव की अपने किसान की क्यां स्थिति हुई होती भाई। मुल्यवृध्धि हुई, आज दुनिया में नाम हुआ अमुल का, बनासडेरी हो की सागर डेरी हो, अब तो काठीयावाड में और कच्छ में भी डेरी खाड़ी हुई है। पशुपालन और दूध को बहुत बडी ताकात इन सबसे मिली, और इसी तरह वही शक्ति कृषि पेदाश को मिल शके ? ऐग्रो बेईज्ड इन्डस्ट्री में आपने पास आशा ना रखूँ, तो किसके पास रखूँ भाई? जिस तरह हीरा को चमका सकते हो, तो भाई उसी तरह मेरे किसान की महेनत और उसके पसीने को भी आप चमका सको उतनी ताकात है आप में। और इसलिए फूड प्रोसेसिंग बहुत बडा क्षेत्र है। पूरी दुनिया में बड़े मार्केट की संभावना है। हम इसमें अभी बहुत पीछे है। कारण, क्योंकी प्राइवेट इन्वेस्टमेन्ट खेत में अभी आ नहीं रहा है। और अपने यहां छोटे किसान है, बहुत ज्यादा, एक एकर, दो एकर जमीन होती है, लेकिन आपके यहाँ बडे पैमाने पे प्लान करके आधुनिक खेती, खेत उत्पादन भी जैसा-तैसा नहीं, अब आप सोचिए की, आप सब किसान पुत्र अरबों-खरबों में खेलते हो, और मेरे देश को 80 हजार करोड़ का खाने का तेल बहार से लाना पड़ता हो तो, मैं आपके पास से कुछ आशा रखूँ की ना रखूँ । हम यह बदलाव ला सकते हैं की नहीं ला सकते। आत्मनिर्भर की बात करते है तो सिर्फ डायमंड में ही थोड़ा आत्मनिर्भर होना है भाई। और इसीलिए फूड प्रोसेसिंग भारत सरकार की FPO की योजना बनी है, छोटे-छोटे खेत उत्पादन के संगठन, बहुत पैसा भारत सरकार देती है, आप सोचिए कितना बड़ा क्षेत्र है। उसी तरह आपको पता है की ओर्गेनिक उत्पादन आप भी आप में से 90 प्रतिशत बाजार में खरीदी के लिए जाते है, तब चार बार लेबल देखते होंगे की ओर्गेनिक है क्या ? आम खरीदने जाते हो तब भी आप ओर्गेनिक देखते हो। अब तो घर में भी अपनी माता-बहनें ओर्गेनिक लाये हो ऐसा पुछती हैं। खाने के लिए बैठते है, तब भी कहती है की अपने यहां सब्जी ओर्गेनिक है वैसा बोलती हैं। अब जब यह आकर्षण हमारे घर के डाईनिंग टेबल तक पहुँचा हो तब, हमारे अच्छे कर्मो की वजह से हमारे गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत जी समर्पित भाव से प्राकृतिक खेती का अभियान चला रहे है। गुजरात के किसानो ने प्राकृतिक खेती को गले लगाया है। क्या हम इसमें व्यापारीक बुध्धि से जुड़ सकते है, नेचरल फार्मिंग में। उसी तरह जिस प्रकार दूध में से अलग-अलग प्रोडक्ट के कारण डेरी उद्योग का विकास हुआ, वहीं ताकात गोबर में है। हमने गोबरधन, बहुत बडा प्रोजेक्ट भारत सरकार ने निर्णय लिया है। आप सब उद्योगकार आप जिस जिले से आते है, उस जिले में जिस तरह डेरी का पुरा मोडल है, उसी तरह गोबरधन का मोडल बना सकते हो? और उसमें से गैस उत्पादन हो, गैस इन्डस्ट्री में बिके और उसमें से प्राकृतिक खाद तैयार हो, वह भी लोगो के पास जाये, अपने यहाँ उमरेठ में एक प्रोजेक्ट है। अभी मैंने काशी में जहाँ से MP हूँ, वहां भी बनाया है। अपने यहाँ बनास डेरी ने भी अच्छा बनाया है। यह सब खेती के साथ जुड़े हुए है, क्या हम भी कर सकते हैं? अपना एक सपना है गुजरात का, की अपना अन्नदाता उर्जादाता बने। खेती, खेत और उद्योग, क्यों अपने किसान को हम ना समझायें की, उनके खेत की साइड की जमीन, दो पडोसी के बीच झगड़ा होता है, तो दो मीटर जमीन बर्बाद होती है। फेन्सिंग करने की वजह से दो मिटर जमीन बर्बाद होती है। उसके उपर सिर्फ सोलार पेनल लगाकर हमारा किसान अन्नदाता के साथ उर्जादाता भी बन सकता है। अपना गाँव समृद्ध हो सकता है। गुजरात सरकार ने नीति बनाई हुई है, किसान जब बिजली पैदा करता है, तो उसको खरीदने की नीति बनाई हुई है। लेकिन उसमे आप सब उद्योग जगत के लोगो को जुड़ना पडेगा। अपनी यंग जनरेशन को जुड़ना पडेगा। मैं इसलिए ग्राम आधारित अर्थकारक का आपके पास आग्रह रखता हूँ, क्योंकि बहुत बार हमको बड़ा-बड़ा अच्छा दिखता है, लेकीन यह पाया के काम के लिये क्या आप मेरी मदद कर सकते है क्या ? और में 100 प्रतिशत कहता हूँ की आप कर सकते हो। उसी तरह एक सेवा का काम, आजादी का अमृत महोत्सव है एक सपना हमने देखा है, पहले के जमाने मैं हमको पता है की, कोइ बड़ी घटना बनी हो, कोई बड़ा विजय हुआ हो, तो गाँव मे विजयस्थंभ लगाया होता है। कोइ गाँव मैं बड़ी घटना घटी हो, तो बड़ा सा गेट बनाया हुआ होता है, यह तो हम इतिहास में देखते आये है। आजादी के 75 साल हुए उसके याद में हम क्या कर सकते है ? जिसको आने वाली पिढीयां याद रख सके की आजादी के 75 वर्ष पर यह काम हमारे गाँव मे हुआ। और इसलिये एक छोटी सी बात मैंने कि है की, क्या हम हर एक जिले में क्या 75 बड़े से तालाब बना सके ? अमृत सरोवर मैंने नाम दिया है, हर एक जिले में 75, आप सोचिए वह पाने में हम सफल हुए, जब मैं गुजरात में था हमने चेकडेम की बात की, मैंने सुरत के सारे लोगो को जोडा था, आप सबने उसमें मुझे मदद भी की थी। और गुजरात में हमने चेकडेम का पुरा प्लान बनाया और पानी का लेवल जमीन से उपर आया। पानी का लेवल उपर आया तो जमीन की कीमत भी उपर आई, , अब हमको एक जिले में 75 तालाब औऱ तालाब यानी की मामुली नहीं पर्यटन का केन्द्र बने, आकर्षण का केन्द्र बने, शाम होते ही गाँव के बुजुर्गों को वहाँ जाकर बैठने का मन हो वैसे तलाब। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर को 75 तालाब हर एक जिले में, 5 जिले में, 10 जिले में, 15 जिले क्या आप दत्तक ले सकते हो ? और इस 15 अगस्त से पहले कुछ कर के दिखा सकते हो ? आपको लगता होता की हम तो यहां पर फेक्टरी डालने की बात करते थे, और मोदी साहब तो जहाँ से आये थे, वहाँ भेजते है। जड़ ये यही ताकातवाला है भाई, आज हम जो फुले-फले है ना उसका कारण हमारी जडें मजबूत थी। वह जड़ सुख न जाये उसे मजबूत करने के लिए क्या हम कुछ विचार कर सकते है? और इसमें भी टेक्नोलोजी है, इसमे भी आधुनिकता है, इसमे भी दुनिया के बाजार को कब्जे करने की ताकात है। क्वालिटी खेत पेदाश और फूड प्रोसेसिंग बहुत बडी शक्ति है। अभी मैंने गुजरात में आयुर्वेद की बड़ी समिट मैंने की, दुनिया में भारत के आयुर्वेद की मांग बढ़ रही है। कोरोना के बाद बढ़ी है। मैंने देखा है की कुछ युवाओं ने आयुर्वेद के क्षेत्र में अच्छा स्टार्टअप खड़ा किया है। हमें पुरे क्षेत्र में पहुँच कर दुनिया में होलिस्टीक हेल्थकेर की जो चर्चा चल रही है, क्या उसमे हम नेतृत्व ले सकते है? इतने सारे क्षेत्र है साथियों की, सही मायने मे सुरत, अहमदाबाद, बरोडा जैसे शहरो से बाहर जाकर भी हम एक नया आर्थिक साम्राज्य खड़ा कर सकते है। और मैं आप सबसे दुसरी विनती करता हूँ की अब जो भी करना है, वह तय करते है, वह बड़े शहरो में नहीं करना है। मुझे याद है जब मे ज्योतिग्राम योजना लाये 24 घंटे बिजली, आपके यहाँ जब झंडा लेकर लड़के निकलते है, उनको पता ही नहीं होगा की, पहले अंधेरे में कैसे दिन निकलते थे। अभी मुर्दाबाद, मुर्दाबाद करके निकल पड़ते हैं आपके ही लड़के, उनको बताये के कैसे दिन हमने निकालते थे, और कहाँ से निकले। मुझे याद है की जब ज्योतिग्राम योजना आई, 24 घंटे बिजली मिलना शुरु हुई, तो सुरत के अंदर एक हीरा की घंटी, एक छोटी सी खोली मे 25 -25 लोग रहते थे, उनको हुआ की अब जब 24 घंटे बिजली मिलती ही है, तो हम भावनगर जिले में की, अमरेली जिले में जाकर घंटी क्यों ना डाले। और काफी सारे लोगों ने गाँव मे जाकर घंटी डाली, घर का भी कार्य करे, खेती भी करे, बुजुर्ग माता-पिता की भी सेवा करे और जब फ्री टाइम मिले तो हीरा भी घिसे। आवक हुई की नहीं हुई ? फायदा हुआ की नहीं हुआ? यह बदलाव जो आया 24 घंटे बिजली मिली और गुजरात के गाँव मे घंटी ले गये, आप ही सब ले गये और मेरे सामने मेरी आंखो के सामने आप सबने यह किया है। और इसलिये मैं आपकी जितनी भी तारीफ करता था वह कम थी। इसिलिए आज मैं कहता हूँ कि अब आप तय करे की, अब गुजरात के जो बड़े 15-20 शहर हैं, उसमे नहीं उसके बाद का जो शहर हैं, उसमें काम शुरु करना है। एक तो इन्वेस्टमेन्ट में बचत होगी। जमीन सस्ती मिलेगी, मकान सस्ता मिलेगा, आदमी सस्ता मिलेगा और गुजरात फैलेगा, विकास का दायरा बढेगा। और अब समय है की 25 से 30 ऐसे छोटे- छोटे शहर पकड़ें और उसे धधमता करें। आज से 30 साल पहले सुरत का कौन नाम देता था भाई। अब आगे चला गया की नहीं। इसी तरह छोटे- छोटे शहरो का मुझे विकास करना है। वह शहर की बगल में की नया शहर बन सकेगा। तो आपकी यह योजना के अंदर आप समिट मे इतने सारे लोग मिले हो, इस दिशा में विचार कर सकते हो ? तो मेरे मन में लंबे समय की योजना के लिये स्कीम बनाने के लिए एकेडेमिक वर्ल्ड हो, बिजनेस सर्कल हो, फिनटेक वाले हो, वह मेरे साथ आये और मैं समय देने के लिये तैयार हूं। कारण मुझे पता है, मुझे आपपर भरोसा है, और मैं आपको इसलिए काम सोंपता हुं, की मुझे तो आप पर भरोसा है की, 10 में से 2 रह जायेंगा। लेकिन 8 काम होंगे और वह आप ही करोंगे। दूसरे नहीं करेंगे इसलिए आपसे कहता हुं। आप जब बोलोंगे की मोदी साहब अब नहीं करना है, तब मैं बोलना बंद कर दूंगा। लेकिन आप करते हो, तो कहूँगा आप नहीं करोगे तो मैं नही करुंगा। और आपको यह सुनना इसलिए पड़ता है, क्योंकी आप करते हो। मैंने आजतक आपको जीतना कहा है, वह सब आपने किया है। और जब आप करते हो तो कहने का मन भी होता है। और इसलिए मेरी आपसे उम्मीद है, दोस्तो की एक नए विश्वास के साथ और वैश्विक, अब हम को छोटा कुछ करना ही नहीं है भाई, पीछे मुडकर देखना ही नहीं है। और मैं मानता हूँ की, अपने युवाओं जिन्होंने अच्छा काम किया है। अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी यह है की लडके बहुत अच्छी पढाइ में जगह बना रहे है। आपके यहाँ से बहुत सारे लडके मुझे मिलने आते है, मुझे बहुत आनंद होता है उनसे मिलके। बिलकुल नये विचार के साथ आते है। नया करने के मूड के साथ आते है। शिक्षण में भी नया सीखने की वृत्ति वाले बच्चे हैं। यह बहुत बड़ी संपत्ति है अपनी, इनको ध्यान में रखते हुए यह समिट को हम आगे ले जाये, भले ही दो साल में बड़ी समिट करे। लेकिन बीच के एक साल में जो हमने ग्रुप बनाये हैं, उनके विचार पर हम आगे बढ़े और 8 से 10 बड़ी चीजें पकडे उसमें ही छा जाना है। और दो साल के बाद और बड़ी 10 चीजे पकडेंगे। तो मुझे पुरा यकीन है की, आपकी पुरी टीम नया सोचने वाली टीम है। आगे का सोचने वाली टीम है, टेक्नोलोजी का सदउपयोग करने वाली टीम है, मेरी आपको बहुत सारी शुभकामनाएं है, आप सबसे मिलने का, बात करने का अवसर मिला, जो मन में आता गया वह कहता गया हूँ। उसमें से जितना पकड सको, उतना पकडना।

फिर मिलेगें, राम-राम।

 

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अमेठी के गौरीगंज में सड़क हादसे के कारण हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अमेठी के गौरीगंज में सड़क हादसे के कारण हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया

Sawankumar 18-Apr-2022 92

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के गौरीगंज में सड़क दुर्घटना के कारण हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया है -

"उत्तर प्रदेश में अमेठी के गौरीगंज में हुआ सड़क हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं: PM @narendramodi"

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राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव

राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव

Sawankumar 18-Apr-2022 138

भारत देश की खूबसूरती और हमारे कल्चर का व्याख्यान दिखाने आजादी के इस 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव के साथ साथ राज्य स्तरीय कला, चित्रकला प्रतियोगिता और आदिवासी नृत्य महोत्सव आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास के लिए भारत सरकार जनजाति कार्य मंत्रालय के सहयोग से होने जा रहा है । इस सम्मेलन में झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल ,मेघालय ,आंध्रप्रदेश ,तेलंगाना मध्यप्रदेश, कर्नाटक और भी जगह से विद्वान साहित्यकार भाग ले रहे है 


 समारोह का मुख्य उद्देश्य देश भर में पारंपरिक और समकालीन साहित्य से परिचय कराना है ,साथ ही शोधकर्ता, साहित्यकारों और रचनाकारों को मंच प्रदान करना है 
19 अप्रैल 2022  को दीनदयाल उपाध्याय ऑडोटोरियम रायपुर में मुख्यमंत्री इस साहित्य महोत्सव का उदघाटन करेंगे 20 अप्रैल 2022 को तृतीय सत्र में जनजातीय साहित्य में लिंग संबध मुद्दे , सामाजिक सांस्कृति संघर्ष और चुनौतियों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे 
21 अप्रैल 2022 को पंच सत्र में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका और योगदान पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे 21 अप्रैल 2022 को शाम 7 बजे आयोजित कार्यकम राज्यपाल की उपस्थिति में समापन होगा*प्रेसवार्ता-आमंत्रण*

बाइट आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम
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स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन नितिन गडकरी केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन नितिन गडकरी केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

Sawankumar 06-Feb-2022 193

 आपको बता दें कि 8 जनवरी से ब्रीच कैंडी अस्पताल में लता मंगेशकर का इलाज चल रहा था लगभग 28 दिन से उनका इलाज कैंडी अस्पताल में चल रहा था 8 जनवरी को अस्पताल में भर्ती थी लता मंगेशकर को कोरोनावायरस भी हुआ था ब्रीच कैंडी अस्पताल में चल रहा था इलाज 92 साल की उम्र में हुआ उनका निधन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर दी जानकारी आज 8:12 में उनका हुआ निधन 

नितिन गडकरी केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा- देश की शान और संगीत जगत की शिरमोर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सभी संगीत साधकों के लिए सदैव प्रेरणा थी।

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राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 159.67  करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 159.67 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं

Sawankumar 20-Jan-2022 379

 

बीते चौबीस घंटों में 73 लाख से अधिक टीके लगाए गए

स्वस्थ होने की वर्तमान दर 93.69 प्रतिशत

पिछले 24 घंटों में 3,17,532 नए मामले सामने आए

अब तक 9,287 ओमिक्रॉन के मामले सामने आए,कल के मुकाबले 3.63 प्रतिशत की वृद्धि

भारत में सक्रिय मरीजों की संख्या 19,24,051 है

साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 16.06 प्रतिशत है

प्रविष्टि तिथि: 20 JAN 2022 9:36AM by PIB Delhi
 

पिछले 24 घंटों में 73 लाख से अधिक (73,38,592) वैक्सीन की खुराक देने के साथ ही भारत का कोविड-19 टीकाकरण कवरेज आज सुबह 7 बजे तक अंतिम रिपोर्ट के अनुसार 159.67 करोड़ (1,59,67,55,879से अधिक हो गया। इस उपलब्धि को 1,71,82,273 टीकाकरण सत्रों के जरिये प्राप्त किया गया है।

आज सुबह 7 बजे तक की अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार कुल टीकाकरण का विवरण इस प्रकार से है:

स्वास्थ्य कर्मी

पहली खुराक

1,03,90,863

दूसरी खुराक

97,96,323

 

प्रीकॉशन खुराक

22,95,385

 

 

अग्रिम पंक्ति के कर्मी

पहली खुराक

1,83,89,651

दूसरी खुराक

1,70,91,292

 

प्रीकॉशन खुराक

20,16,534

  15-18 वर्ष आयु वर्ग

पहली खुराक

3,84,93,979

 

 18-44 वर्ष आयु वर्ग

पहली खुराक

53,00,29,691

दूसरी खुराक

37,84,60,704

 

45-59 वर्ष आयु वर्ग

पहली खुराक

19,83,74,077

दूसरी खुराक

16,36,77,044

 

 

 

60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग

पहली खुराक

12,35,94,947

दूसरी खुराक

10,22,82,259

प्रीकॉशन खुराक

18,63,130

    प्रीकॉशन खुराक

 

61,75,049

कुल

 

1,59,67,55,879

 

पिछले 24 घंटों में 2,23,990 रोगियों के ठीक होने के साथ ही स्वस्थ होने वाले मरीजों (महामारी की शुरुआत के बाद से) की कुल संख्या बढ़कर 3,58,07,029 हो गई है।

नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 93.69 प्रतिशत है।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001XFTM.jpg

 

पिछले 24 घंटे में 3,17,532 नए मरीज सामने आए हैं।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002DAYB.jpg

वर्तमान में 19,24,051 सक्रिय रोगी हैं। वर्तमान में ये सक्रिय मामले देश के कुल पुष्टि वाले मरीजों का 5.03 प्रतिशत हैं।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003LU0M.jpg

 

देश भर में जांच क्षमता का विस्तार लगातार जारी है। पिछले 24 घंटों में कुल 19,35,180 जांच की गई हैं। भारत ने अब तक कुल 70.93 करोड़ (70,93,56,830जांच की गई हैं।

देश भर में जांच क्षमता को बढ़ाया गया है, साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 16.06 प्रतिशत है, दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर 16.14 प्रतिशत है।

 

 https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0048O5P.jpg

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एमजी/एएम/एजे



(रिलीज़ आईडी: 1791130) आगंतुक पटल : 71

 
 
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