CG Samachar
CG Samachar
Breaking News
सखी महिला समूह द्वारा सावन पर्व का उत्साहपूर्ण आयोजन  |   सावन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने देवघर व बासुकिनाथ में किया जलाभिषेक मांगी प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि  |   मितानिन कल्याण कोष योजना से 2300 परिवारों को बड़ी राहत, 6.69 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित लंबित 2300 दावा प्रकरणों का हुआ निराकरण, पात्र मितानिनों एवं उनके परिवारों के खातों में पहुंची सहायता राशि  |   युवा फ्रांसीसी फिल्म निर्माताओं ने एमआईएफएफ 2026 में नवीनतम वैश्विक परिदृश्य प्रस्तुत किए एमआईएफएफ युवा फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ा अवसर फ्रांसीसी निर्देशक फैज करीमपोर  |   मनेन्द्रगढ़ में जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन  |   नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर में एक्लेक्टिका 2026 का शुभारंभ  |   देशव्यापी अभियान में डीआरआई ने सोने की अवैध भट्टी का भंडाफोड़ Also 9 किलो तस्करी का सोना 42 किलो चांदी और 8.5 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की  |   शानदार प्रदर्शन की बदौलत एमसीबी जिला प्रदेश में प्रथम, एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) राष्ट्रीय लक्ष्य को किया प्राप्त एमसीबी जिले की स्वास्थ्य सेवाएं हुई है बेहतर  |   स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय गोदरीपारा में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत, छात्राओं को साइकिल व शैक्षणिक सामग्री वितरित; मंत्री ने दिलाई शत-प्रतिशत परिणाम की शपथ  |   नेपाल का ‘रक्त-चरित्र’: हथियारों से लैस प्रदर्शनकारी, जलते नेताओं के घर, बंद हुआ काठमांडू एयरपोर्ट, जानें ताज़ा अपडेट  |   जगद्गुरु के अपमान के विरोध में सनातनियों का फूटा आक्रोश, फूंका चरणदास महंत का पुतला चिरमिरी में श्रीराम कथा आयोजन समिति का जोरदार प्रदर्शन  |   मनेन्द्रगढ़ में अवैध शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई105 पाव अंग्रेजी शराब के साथ युवक गिरफ्तार, बिना नंबर स्कूटी भी जब्त  |   मनरेगा कार्यों में तेजी: कलेक्टर ने 15 जून तक जल संरक्षण के कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश   |   पितृ पक्ष में भूलकर भी ना करें इन 6 चीज़ों का दान… वरना पितर हो जाएंगे नाराज़ और शुरू हो जाएंगी मुश्किलें!  |  

देश

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-CIFA, भुवनेश्वर में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ (VKSA-2025)’ का शुभारंभ किया

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-CIFA, भुवनेश्वर में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ (VKSA-2025)’ का शुभारंभ किया

 मत्स्य पालन भारत की खाद्य सुरक्षा का अभिन्न अंग – श्री शिवराज सिंह चौहानतकनीकों को किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की आवश्यकता है – श्री शिवराज सिंह किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए मजबूत मत्स्य क्षेत्र विकसित होना चाहिए- श्री चौहान कार्यक्रम में 600 से अधिक किसान एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शामिल हुईं

भारतीय कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप मेंकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भुवनेश्वर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद  केंद्रीय मीठाजल मत्स्य पालन संस्थान (ICAR-CIFA), काउसल्यागंगा में 'विकसित कृषि संकल्प अभियान (VKSA-2025)' का विधिवत शुभारंभ किया। यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैजिसका उद्देश्य कृषि एवं मत्स्य पालन क्षेत्र में नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर एक टिकाऊ और समृद्ध भारत का निर्माण करना है।

अपने उद्घाटन भाषण में श्री चौहान ने VKSA-2025 की दूरदर्शी सोच को रेखांकित करते हुए बताया कि यह अभियान देश के 1.5 करोड़ से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल तकनीकी प्रचार-प्रसार और क्षमता निर्माण पर केंद्रित हैबल्कि किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नवाचारों से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा। श्री चौहान ने मत्स्य पालन को भारत की खाद्य सुरक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए ICAR-CIFA द्वारा विकसित सभी तकनीकों को किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दियाताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो और एक मजबूत मत्स्य क्षेत्र विकसित हो सके।

इस अवसर पर ओडिशा सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं कृषिकिसान सशक्तिकरण व ऊर्जा मंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देवमत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री श्री गोकुलानंद मलिकएकामरा विधायक श्री बाबू सिंह एवं पिपिली विधायक श्री अश्रित पटनायक उपस्थित रहे।

ICAR की ओर से महानिदेशक एवं सचिव (DARE) डॉ. एम. एल. जाटउपमहानिदेशक (मत्स्य विज्ञान) डॉ. जे. के. जेनाउपमहानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह और ICAR-ATARI कोलकाता के निदेशक डॉ. प्रदीप डे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

डॉ. एम. एल. जाट ने VKSA-2025 को एक परिवर्तनकारी प्री-खरीफ अभियान करार देते हुए कहा कि यह पहल वैज्ञानिक शोध को किसानों की ज़मीनी ज़रूरतों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम में 600 से अधिक किसान एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शामिल हुईं और वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर कृषि व मत्स्य पालन से संबंधित उन्नत तकनीकोंसतत खेती के तरीकों और एकीकृत दृष्टिकोणों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरानमत्स्य पालन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में ICAR-CIFA द्वारा विकसित “CIFA Argu VAX–I” नामक एक नवाचारात्मक मछली टीके का लोकार्पण माननीय कृषि मंत्री द्वारा किया गया। यह टीका मछलियों में परजीवी संक्रमण की रोकथाम कर मत्स्यपालकों की आर्थिक हानि को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम के दौरान एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गयाजिसमें स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), खोरधा और ICAR-CIFA द्वारा विकसित उत्पादों और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। यह आयोजन समुदाय की भागीदारी और जमीनी स्तर पर नवाचार की शक्ति को दर्शाता है।

कार्यक्रम का सफल समापन उपमहानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआजिन्होंने सभी गणमान्य अतिथियोंप्रतिभागियों और सहयोगियों को इस अभियान की शुरुआत को ऐतिहासिक और प्रभावशाली बनाने के लिए धन्यवाद दिया।

यह अभियान 29 मई से 12 जून 2025 तक देशभर में चलाया जाएगाजिसका उद्देश्य एक समावेशीसशक्त और भविष्य-उन्मुख कृषि प्रणाली का निर्माण करना है।

continue reading
विकसित भारत के लिए विकसित कृषि: पुरी से केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया महाभियान का शुभारंभ

विकसित भारत के लिए विकसित कृषि: पुरी से केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया महाभियान का शुभारंभ

 केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज श्री जगन्नाथपुरी में ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी  उप-मुख्यमंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव के साथ राष्ट्रव्यापी 'विकसित कृषि संकल्प अभियानका शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने सभी किसान भाई-बहनों से इस ऐतिहासिक अभियान से जुड़ने की अपील की है। 12 जून तक चलने वाले महाभियान में वैज्ञानिकों की टीमों ने गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संवाद शुरू कर दिया है। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डाएम.एलजाट सहित गणमान्यजन मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह की पहल पर शुरू किए गए इस वृहद अभियान को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राज्य सरकारों तथा कृषि से जुड़ी सभी संस्थाओं के सहयोग से संचालित कर रहा हैजिसमें देशभर के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्र (केवीकेएवं कृषि विश्वविद्यालय भी सम्मिलित है। यह अभियान भारतीय कृषि की दिशा  दशा बदलने का मार्ग प्रशस्त करेगावहीं वैज्ञानिक नवाचार और जमीनी स्तर की भागीदारी के माध्यम से देश के खाद्य भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। 15 दिवसीय अभियान के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान लगभग 20 राज्यों की यात्रा करे किसानों  वैज्ञानिकों के साथ संवाद में शामिल होकर उत्साह बढ़ाएंगे।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह ऐतिहासिक पहल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुसार आगे के कृषि अनुसंधान का मार्ग तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें इस मिशन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। श्री चौहान ने सभी राज्यों से अभियान को सफल बनाने की अपील कीसाथ ही किसान भाइयों-बहनों से अपील करते हुए कहा कि 29 मई से 12 जून तक चलने वाले इस अभियान को सफल बनाने में कोई कसर मत छोड़ना। उन्होंने किसानों से कहा कि वैज्ञानिक आपके गांव में  रहे हैंआप समय निकालिए और उनके साथ बैठिएखेती में नए प्रयोग सीखिए और उत्पादन बढ़ाइए। 'विकसित कृषि संकल्प अभियानका मतलब है कि वैज्ञानिक लैब से निकलकर खेत में किसानों के बीच जाएंगांव में आपके साथ बैठे।

श्री शिवराज सिंह ने वैज्ञानिकों से कहा कि आप किसानों की सेवा करने जा रहे हैंआपका सौभाग्य है कि गांवों में जाकर किसानों से बात करके उनकी फसल का उत्पादन बढ़ाने का मौका आपको मिल रहा हैइससे बड़ा कोई पुण्य हो नहीं सकता। श्री चौहान ने भगवान जगन्नाथ जी के चरणों में बारंबार प्रणाम करते हुए प्रार्थना की कि इस अभियान पर अपनी कृपा और आर्शीवाद की वर्षा करना।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में अन्न के भंडार भरे रहेंकिसानों की आय बढ़ेइसके लिए हम गांव-गांव निकल रहे हैं। वैज्ञानिक अब लैब में नहीं बैठेंगेबल्कि लैंड तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। किसान जब खेत में बीज बोता है तो वो केवल बीज नहीं बोताजीवन बोता है। श्री चौहान ने कहा कि 16 हजार वैज्ञानिकों की 2170 टीमें बनाई गई हैंजो गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करेंगी। हरेक टीम एक दिन में दो गांवों में जाएगी। 15 दिनों तक अभियान के दौरान क्षेत्र की जलवायुपानीमिट्टी के पोषक तत्वों  अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए किसानों को सिखाया जाएगा कि उन्हें कौन-सी फसल उगानी चाहिएकौन-सी किस्म का उपयोग करना चाहिएउर्वरकों का उपयोग कैसे करना चाहिए आदि। साथ हीप्राकृतिक खेती और दलहन  तिलहन की खेती के बारे में किसानों से चर्चा की जाएगी। वैज्ञानिक सीधे संवाद के माध्यम से किसानों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करेंगे।

श्री शिवराज सिंह ने कृषि उत्पादन में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इस साल देश में 3539.59 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न हुआ हैजो पिछले साल से 216.61 लाख मीट्रिक टन ज्यादा हैलेकिन हमें रूकना नहीं हैबल्कि और खाद्यान्न पैदा करना है। भारत केवल भारत की जनता का पेट नहीं भरेगाहमको दुनिया का फूड बॉस्केट बनना है। अगर उत्पादन बढ़ाना है तो सबसे आवश्यक है अच्छे बीज। श्री चौहान ने ICAR के वैज्ञानिकों को बधाई दी कि वे लैब में निरंतर प्रयोग करके नए बीज तैयार कर रहे हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। कल ही केंद्रीय कैबिनेट ने 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी चाहते हैं कि कृषि उत्पादन बढ़ेलागत घटे और खेती लाभ का धंधा बनें। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय कृषि और किसान दोनों समृद्ध हुए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने कहा कि 'विकसित कृषि संकल्प अभियानकिसानों में आधुनिक तकनीकों  नई बीज किस्मों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए भारत सरकार की एक अभूतपूर्व पहल है। इस अभियान के माध्यम से सरकार देश के 700 जिलों के लगभग 1.5 करोड़ किसानों तक पहुंचेगी और उन्हें नई कृषि तकनीकों के अनुप्रयोग के बारे में जागरूक करेगी। श्री माझी ने कहा कि अभियान के जरिये प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प की दिशा में एक मजबूत अध्याय जोड़ने का प्रयास किया गया है।

 

श्री चौहान ने इस अवसर पर नए सम्मेलन सभागार का शुभारंभ कियासाथ ही ओडिशा के मुख्यमंत्री के साथ पुरी में 'विकसित कृषि संकल्प अभियानके अंतर्गत आयोजित तिरंगा यात्रा में सहभागिता की। केवीकेपुरी में अभियानके शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री के साथ शिवराज सिंह ने पौधारोपण भी किया।

continue reading
श्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा में एआई पर आधारित कॉन्क्लेव पढ़ाई में समापन भाषण दिया अब वक्त आ गया है कि देश की मानवीय बुद्धिमत्ता एआई क्रांति का नेतृत्व करे श्री धर्मेंद्र प्रधान

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा में एआई पर आधारित कॉन्क्लेव पढ़ाई में समापन भाषण दिया अब वक्त आ गया है कि देश की मानवीय बुद्धिमत्ता एआई क्रांति का नेतृत्व करे श्री धर्मेंद्र प्रधान

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में सेंटर ऑफ पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस (सीपीआरजीद्वारा आयोजित ‘पढ़ाई: शिक्षा में एआई पर सम्मेलन’ के समापन सत्र में समापन भाषण दिया। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय की भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष श्री चमू कृष्ण शास्त्रीसीपीआरजी के निदेशक डॉ. रामानंद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महज़ एक तकनीक नहींबल्कि शक्ति को कई गुना बढ़ाने वाला और नवाचार की प्रेरणा देने वाला कारक है। उन्होंने कहा कि यह सहानुभूति और तकनीक के बीच का एक सेतु है। श्री प्रधान ने ज़ोर देते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि देश की मानव बुद्धिमत्ता, मौजूदा वक्त में एआई क्रांति का नेतृत्व करे। श्री प्रधान ने एआई पर सरकार द्वारा की गई अहम पहलों का भी ज़िक्र कियाजिनमें एआई में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना और भारतीय भाषाओं में एआई का लाभ उठाने और कक्षाओं में आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने की घोषणा शामिल है, जोकि एक ऐसी पहल है जो चॉकबोर्ड से चिपसेट तक के सफर में तमाम बदलावों को लाने में मददगार साबित हो रही हैं। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि स्कूली शिक्षा में एआई को एकीकृत करना अब विकल्प नहींबल्कि बेहद ज़रुरी हो गया है। उन्होंने शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों से इन विचारों पर मंथन करने और एआई पर नीतिगत सिफारिशें करने का आह्वान किया।

दो दिनों तक चले इस पढाई कॉन्क्लेव में भारतीय शिक्षा के भविष्य को आकार देने में एआई की भूमिका को लेकर विभिन्न विचार सामने आए। वक्ताओं ने चर्चा करते हुए बताया कि किस तरह एआई कक्षाओं से परे, सीखने की विचारधारा का विस्तार कर रहा हैउच्च शिक्षा को बदल रहा है और मौजूदा संस्थानों में मुश्किलों को दूर कर रहा है।

कार्यक्रम में शामिल प्रख्यात वक्ताओं में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाददिल्ली सरकार के गृहबिजलीशहरी विकासशिक्षाउच्च शिक्षा और प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूदभारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष डॉ. विनीत जोशीइंडियाएआई मिशन के सीईओ श्री अभिषेक सिंहराष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ाराष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धेदिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. योगेश सिंहइन्फो एज के सह-संस्थापक श्री संजीव बिकचंदानी और दिल्ली के हिगाशी ऑटिज्म स्कूल की अध्यक्ष डॉ. रश्मि दास भी शामिल थे।

continue reading
संघ लोक सेवा आयोग ने नया ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पेश किया

संघ लोक सेवा आयोग ने नया ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पेश किया

 संघ लोक सेवा आयोग पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए एक नया ऑनलाइन आवेदन पोर्टल शुरू कर रहा है। यूपीएससी ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में चार भाग हैंजिन्हें होम पेज पर अलग-अलग कार्ड में व्यवस्थित किया गया हैजिनमें से तीन अर्थात् अकाउंट क्रिएशन ,यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन और कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म में ऐसी जानकारी है जो सभी परीक्षाओं के लिए सामान है और उम्मीदवारों द्वारा कभी भी भरी जा सकती है। चौथे भाग यानी एक्जामिनेशन में परीक्षा नोटिसपरीक्षा आवेदन और आवेदन की स्थिति शामिल है। उम्मीदवारों द्वारा किसी परीक्षा की अधिसूचना में दी गई समय अवधि के दौरान केवल परीक्षा से संबंधित जानकारी ही इस भाग में भरी जानी है।

इस व्यवस्था से अभ्यर्थियों को प्रथम तीन भागों को किसी भी समय भरने तथा किसी भी यूपीएससी परीक्षा में आवेदन करने के लिए तैयार रहने की सुविधा मिलेगीजिससे समय की बचत होगी तथा अंतिम समय की भागदौड़ से बचा जा सकेगा।

सभी आवेदकों को https://upsconline.nic.in वेबसाइट का उपयोग करके नए शुरू किए गए पोर्टल पर नए सिरे से आवेदन भरना और अपने दस्तावेज़ अपलोड करना आवश्यक है । पुराना वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआरमॉड्यूल अब से लागू नहीं होगा।

आवेदन भरने और दस्तावेज अपलोड करने को अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन हेतु विस्तृत निर्देश होम पेज पर तथा सभी प्रोफाइल/मॉड्यूल पर उपलब्ध हैं।

आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे यूनिवर्सल एप्लीकेशन में पहचान दस्तावेज के रूप में अपने आधार कार्ड का उपयोग करेंताकि पहचान पत्र और अन्य विवरणों का आसानसरल और निर्बाध सत्यापन तथा प्रमाणीकरण हो सकेजिसके बाद यह सभी परीक्षाओं के लिए एक स्थायी और सामान्य रिकॉर्ड के रूप में कार्य करेगा।

नया आवेदन पोर्टल 28.05.2025 से लॉन्च किया जा रहा है। सीडीएस परीक्षा-II, 2025 और एनडीए और एनए-II, 2025 के लिए आवेदन,  28.05.2025 को अधिसूचित किए जाने वाले हैं। इन्हें नए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किया जाएगा।

continue reading
सरकार ने किसानों के समर्थन को किया मजबूत  संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) और केसीसी बनी कृषि ऋण की आधारशिला

सरकार ने किसानों के समर्थन को किया मजबूत संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) और केसीसी बनी कृषि ऋण की आधारशिला

 देशभर के किसानों को समर्थन देने के उद्देश्य सेकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तवर्ष 2025–26 के लिए संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) को जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गतकिसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ₹3 लाख तक के अल्पकालिक फसल ऋणों पर बैंकों को 1.5% वार्षिक ब्याज अनुदान मिलता रहेगा।

इस निर्णय से यह सुनिश्चित होता है कि समय पर पुनर्भुगतान करने वाले किसानों को 3%  शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (PRI) सहित सिर्फ 4% की प्रभावी ब्याज दर पर कृषि ऋण प्राप्त होता रहेगा।

किसानों के लिए क्या लाभ होंगे:

  • सस्ता ऋणकिसान सिर्फ 4% वार्षिक ब्याज पर कार्यशील पूंजी प्राप्त कर सकेंगे — जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम दरों में से एकहै।
  • लचीला ऋणकेसीसी के माध्यम से 5 वर्षों तक रिवॉल्विंग क्रेडिट की सुविधा उपलब्ध है।
  • आपदा में राहतप्राकृतिक आपदा की स्थिति में एक वर्ष तक ब्याज राहत और गंभीर आपदाओं में 5 वर्षों तक राहत मिलती है।
  • छोटे और सीमांत किसानों को लाभअब 76% कृषि ऋण खाते छोटे किसानों के पास हैं — यह योजना भारतीय कृषि की रीढ़ को सशक्त बनाती है।
  • बिना जमानत ऋण: ₹2 लाख तक के ऋण के लिए कोई जमानत आवश्यक नहीं।
  • उत्पादकता में वृद्धिसरल ऋण उपलब्धता से बेहतर बीज,  उर्वरक और उपकरणों का उपयोग संभवजिससे उपज और आय में वृद्धि होती है।

क्रेडिट वृद्धि दर्शाती है योजना की सफलता:

  • KCC के माध्यम से ऋण वितरण ₹4.26 लाख करोड़ (2014) से बढ़कर ₹9.81 लाख करोड़ (2024) हो गया।
  • कुल कृषि ऋण प्रवाह ₹7.3 लाख करोड़ से बढ़कर ₹25.49 लाख करोड़ हुआ है।
  • संस्थागत ऋण का हिस्सा 75% से अधिक हो गया हैजिससे किसानों की साहूकारों पर निर्भरता घटी है।
  • कृषि क्षेत्र के एनपीए 2019 में 8.9% से घटकर 2023 में 7.2% हो गए हैंजबकि KCC के एनपीए 2021–22 में 12.66% से घटकर 2023–24 में 11.5% हो गए हैं — यह बेहतर ऋण प्रदर्शन और वसूली को दर्शाता है।

पारदर्शिता के लिए डिजिटल सुधार – किसान ऋण पोर्टल (KRP):

सरकार ने किसान ऋण पोर्टल (Kisan Rin Portal - KRPशुरू किया हैजो ब्याज अनुदान दावों की डिजिटल ट्रैकिंग को सक्षम बनाता है। इससे वितरण तेजपारदर्शी और उत्तरदायी बनता हैजिससे किसान और बैंक दोनों लाभान्वित होते हैं।

आगे की दिशा:

सरकार KCC की सीमा ₹5 लाख तक बढ़ाने के अपने बजट 2025 के वादे पर प्रतिबद्ध है।यह प्रस्ताव सक्रिय विचाराधीन है। आज का मंत्रिमंडल निर्णय मौजूदा प्रावधानों के तहत किसानों को सतत सहायता सुनिश्चित करता है।

continue reading
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक अलंकरण समारोह II में भाग लिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक अलंकरण समारोह II में भाग लिया

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नागरिक अलंकरण समारोह-II में भाग लिया। इस समारोह में पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। श्री मोदी ने कहा, "पद्म पुरस्कार विजेताओं ने हमारे समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है। पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वालों की जीवन यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक है।"

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एम्स पर एक पोस्ट में लिखा:

"नागरिक अलंकरण समारोह-II में भाग लिया, जहां पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। पद्म पुरस्कार विजेताओं ने हमारे समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है। पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वालों की जीवन यात्रा अत्यंत प्रेरणा दायक है।"

continue reading
देश में जनजातीय विकास के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम

देश में जनजातीय विकास के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम

 आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दशक (2014-2025) में, एनएसटीएफडीसी ने आदिवासी उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और छात्रों को रियायती दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करके अपनी पहुंच और प्रभाव का काफी विस्तार किया है।

अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम (एफआरए) ने आदिवासी और वनवासी समुदायों द्वारा सामना किए जाने वाले अन्याय को दूर करने में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह अधिनियम 13 विभिन्न व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकारों को मान्यता देता है और ग्राम सभाओं को जैव विविधता का प्रबंधन और संरक्षण करने का अधिकार देता है, जिससे सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण दोनों सुनिश्चित होते हैं। पिछले दशक में, इसके कार्यान्वयन में पर्याप्त प्रगति हुई है, जिससे वन प्रशासन में आदिवासी समुदायों की भूमिका मजबूत हुई है।

जहां तक ​​आदिवासी लोगों के स्वास्थ्य क्षेत्र का सवाल है, उनके मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2023-24 में सिकल सेल एनीमिया (एससीए) के कारण होने वाले स्वास्थ्य संकट को दूर करने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की घोषणा की है, खासकर भारत के आदिवासी क्षेत्रों में। यह मिशन वर्ष 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के देश के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

• सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा 1 जुलाई 2023 को शहडोल, मध्य प्रदेश से शुभारंभ किया गया। सार्वभौमिक जांच अभियान के अंतर्गत 5 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की सिकल सेल एनीमिया के लिए जांच की गई।

• जागरूकता अभियान की मुख्य विशेषताएं: 19 जून से 3 जुलाई 2024 तक दो सप्ताह का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया। 1.60 लाख कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शामिल हैं: 1 लाख स्वास्थ्य शिविर; 27 लाख जांच परीक्षण किए गए; 13.19 लाख जांच कार्ड वितरित किए गए

• धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत सक्षमता केंद्र (सीओसी): आदिवासी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 14 राज्यों में 15 सक्षमता केंद्र स्वीकृत किए गए।

continue reading
भूमि संसाधन विभाग ने पंजीकरण विधेयक 2025 के मसौदे पर जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव आमंत्रित किए

भूमि संसाधन विभाग ने पंजीकरण विधेयक 2025 के मसौदे पर जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव आमंत्रित किए

 भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने आधुनिक, ऑनलाइन, कागज रहित और नागरिक केंद्रित पंजीकरण प्रणाली के साथ इसे संरेखित करने के लिए ‘पंजीकरण विधेयक 2025’ का मसौदा तैयार किया है। अधिनियमित होने के बाद, यह विधेयक संविधान-पूर्व पंजीकरण अधिनियम, 1908 का स्थान लेगा।

पंजीकरण अधिनियम, 1908 ने एक सदी से भी अधिक समय से भारत में दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली की आधारशिला के रूप में कार्य किया है। यह अचल संपत्ति और अन्य लेन-देन को प्रभावित करने वाले दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए एक कानूनी आधार प्रदान करता है। समय के साथ, सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के लेन-देन में पंजीकृत दस्तावेजों की भूमिका काफी बढ़ गई है, जो अक्सर वित्तीय, प्रशासनिक और कानूनी निर्णय लेने का आधार बनते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि पंजीकरण की प्रक्रिया मजबूत, विश्वसनीय और विकसित सामाजिक और तकनीकी विकास के अनुकूल होने में सक्षम हो।

हाल के वर्षों में, प्रौद्योगिकियों के बढ़ते उपयोग, सामाजिक-आर्थिक प्रथाओं के विकास और उचित परिश्रम, सेवा वितरण और कानूनी निर्णय के लिए पंजीकृत दस्तावेजों पर बढ़ती निर्भरता ने एक दूरदर्शी पंजीकरण ढांचा बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले से ही मौजूदा 1908 अधिनियम के तहत ऑनलाइन दस्तावेज़ जमा करने और डिजिटल पहचान सत्यापन जैसे नवाचारों की शुरुआत की है। इसके अलावा, पंजीकरण अधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से चित्रित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि वे लागू कानून के अनुरूप पंजीकरण प्रक्रिया की अखंडता और विश्वसनीयता को बनाए रख सकें। इन प्रगति के आधार पर, अब पूरे देश में सुरक्षित, कुशल और नागरिक-केंद्रित पंजीकरण प्रथाओं का समर्थन करने के लिए एक सामंजस्यपूर्ण और सक्षम विधायी ढांचा प्रदान करने की आवश्यकता है। पंजीकरण विधेयक, 2025 को इस दृष्टि को साकार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

पूर्व-विधायी परामर्श प्रक्रिया के एक भाग के रूप में, ‘पंजीकरण विधेयक, 2025’ का मसौदा भूमि संसाधन विभाग की वेबसाइट पर https://dolr.gov.in/hi/ पर अपलोड कर दिया गया है, ताकि 30 दिनों की अवधि के भीतर (दिनांक 25.06.2025 को या उससे पूर्व) निर्धारित प्रपत्र में जनता से सुझाव आमंत्रित किए जा सकें।

सुझाव/टिप्पणियाँ/विचार भेजने के लिए प्रोफ़ॉर्मा

क्रमांक

मसौदा विधेयक की धारा संख्या

धारा का शीर्षक

प्रस्तावित संशोधन, यदि कोई हो

टिप्पणियाँ/टिप्पणियाँ

 

 

 

 

 

 

मसौदा विधेयक पर सुझाव/टिप्पणियाँ निम्नलिखित ईमेल आईडी - sanand.b@gov.in पर एमएस वर्ड (या संगत प्रारूप) या मशीन-पठनीय पीडीएफ प्रारूप में साझा की जा सकती हैं।

continue reading
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में कल हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में कल हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में कल हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत आतंक के सामने नहीं झुकेगा और इस कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

श्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पहलगाम के आतंकी हमले में अपनों को खोने का दर्द हर भारतीय को है, इस दुःख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकी हमले के घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की।

 

श्री शाह ने अस्पताल जाकर आतंकी हमले में घायल हुए लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया

continue reading
 दिन विशेष देश की रक्षा के लिए समर्पित है 15 जनवरी थल सेना दिवस

दिन विशेष देश की रक्षा के लिए समर्पित है 15 जनवरी थल सेना दिवस

एमसीबी /  जाता है। उन्होंने 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। वह भारत के पहले सेना प्रमुख बने थे और उन्होंने देश की स्वतंत्रता के बाद सेना का नेतृत्व किया था। इस दिन का महत्व इस तथ्य में भी निहित है कि यह दिन भारतीय सेना की बहादुरी और बलिदान को याद दिलाता है। यह दिन उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। इस वर्ष 2025 में 77 वां भारतीय सेना दिवस पूरे देश में भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। जिसमें सैन्य परेड और विभिन्न समारोह आयोजित किए जाएंगे। यह दिन भारतीय सेना की बहादुरी और समर्पण को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

थल सेना का इतिहास
भारतीय आर्मी का गठन ईस्ट इंडिया कंपनी ने साल 1776 में कोलकाता में किया था। इस सेना पर देश की आजादी से पहले ब्रिटिश कमांडर का अधिकार था। साल 1947 में जब भारत आजाद हुआ तब भी भारतीय सेना का अध्यक्ष ब्रिटिश मूल का ही होता था। 2 साल बाद यानी साल 1949 में आखिरी ब्रिटिश कमांडर इन चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर ने अपना पद छोड़ दिया। 1947 में स्वतन्त्रता मिलने के बाद ब्रिटिश भारतीय सेना को नये बने राष्ट्र भारत और इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान की सेवा करने के लिये 2 भागों में बाँट दिया गया। अधिकतर इकाइयों को भारत के पास रखा गया। चार गोरखा सैन्य दलों को ब्रिटिश सेना में स्थानांतरित किया गया जबकि शेष को भारत के लिए भेजा गया।
15 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं सेना दिवस
आधुनिक भारतीय सेना की शुरुआत 1 अप्रैल 1895 को हुई। उस वक्त इसे भारत को गुलाम बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्रेसिडेंसी आर्मी के रूप में खड़ा किया था। जिसे बाद में ब्रिटिश भारतीय सेना के नाम से जाना गया। आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद देश के आजाद होने के बाद यह भारतीय सेना कही जाने लगी। लेकिन 15 जनवरी 1949 तक इसके कमांडर ब्रिटिश सैन्य अधिकारी जनरल फ्रांसिस बुचर थे। आजादी के बाद 15 जनवरी 1949 को हमें पहले भारतीय सेना प्रमुख मिले. जिनका नाम फील्ड मार्शल केएम करियप्पा था। इसलिए 15 जनवरी को ही भारतीय सेना दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया।
सेना दिवस पर क्या होता है
भारतीय सेना दिवस के अवसर पर देश भर में विभिन्न समारोह आयोजित किए जाते हैं। जिनमें सैन्य परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेना के जवानों को सम्मानित करने के कार्यक्रम शामिल हैं। सेना दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन दिल्ली के छावनी के करिअप्पा परेड ग्राउंड में होता है, जहां भारतीय सेना के जवान अपनी बहादुरी और अनुशासन का प्रदर्शन करते हैं।
भारतीय सेना के बारे में कुछ रोचक तथ्य
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 1.3 मिलियन भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश सेना के लिए लड़ाई लड़ी थी, जिसमें से 74,000 से अधिक सैनिक शहीद हो गए। नई दिल्ली में स्थित इंडिया गेट इन बहादुर सैनिकों की याद में बनाया गया है।भारतीय सेना का इतिहास बहुत पुराना और समृद्ध है, और इसमें कई महत्वपूर्ण घटनाएं और युद्ध शामिल हैं। भारतीय सेना विश्व की सबसे बड़ी स्वयंसेवी सेना है। जिसमें 12 लाख से अधिक सक्रिय सैनिक और 9 लाख आरक्षित सैनिक शामिल हैं। भारतीय सेना दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र, सियाचिन ग्लेशियर को नियंत्रित करती है। जो समुद्र तल से 20,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित हैप्यह गैर-ध्रुवीय क्षेत्रों में दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर भी है। 61वीं कैवेलरी रेजिमेंट भारतीय सेना की सबसे बड़ी घुड़सवार इकाइयों में से एक है और दुनिया की आखिरी सक्रिय और गैर-यंत्रीकृत घुड़सवार इकाइयों में से भी एक है। अनुशासन और युद्ध कौशल के लिए प्रसिद्ध भारतीय सेना विश्व में चौथे स्थान पर आती है। जो केवल अमेरिका, रूस और चीन के बाद है, भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले देशों में शामिल है, और वर्तमान में 6,000 से अधिक भारतीय सैनिक विभिन्न मिशनों में तैनात हैं। 2013 में उत्तर भारत में आई भीषण बाढ़ के दौरान भारतीय सेना ने "ऑपरेशन राहत" में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस मिशन में भारतीय वायुसेना ने 19,600 से अधिक लोगों को एयरलिफ्ट किया। जबकि भारतीय सेना ने 10,500 से अधिक लोगों को सड़कों और हेलीकॉप्टरों की मदद से बचाया। 1982 में, भारतीय सेना ने लद्दाख में विश्व का सबसे ऊंचा पुल दाबेली ब्रिज बनाया। यह पुल समुद्र तल से 18,739 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और इसकी लंबाई 98 फीट है।
भारतीय सेना के पास कुशल डॉग स्क्वॉड भी है, जिसमें जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर और बेल्जियन मेलिनॉय जैसी नस्लें शामिल हैं। ये प्रशिक्षित कुत्ते विस्फोटक खोजने, ट्रैकिंग और बचाव कार्यों जैसे अभियानों में सेना की महत्वपूर्ण सहायता करते हैं। भारतीय सेना न केवल अपनी बहादुरी के लिए जानी जाती है, बल्कि उसके रोचक इतिहास और शानदार परंपराओं के लिए भी सम्मिलित है। गोरखा रेजीमेंट गोरखा सैनिकों ने कारगिल युद्ध सहित कई अभियानों में अपनी वीरता का परिचय दिया है।
देश के लिए थल सेना का योगदान
भारतीय थल सेना ने देश की रक्षा के लिए कई युद्ध लड़े हैं और हमेशा देश की सीमाओं की रक्षा के लिए तत्पर रहती है। सेना ने प्राकृतिक आपदाओं के समय भी लोगों की मदद की है। थल सेना दिवस एक ऐसा अवसर है। जब हम सभी एक साथ आकर अपने देश के वीर सैनिकों को धन्यवाद देते हैं।
सुरक्षा और रक्षा में योगदान
सीमा सुरक्षा थल सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है और विदेशी हमलों से बचाव करती है। आंतरिक सुरक्षा थल सेना आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जैसे कि आतंकवाद विरोधी अभियान और नक्सलवाद विरोधी अभियान। प्राकृतिक आपदा में सहायता: थल सेना प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि बाढ़, भूकंप और तूफान में राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राष्ट्र निर्माण में योगदान
राष्ट्र निर्माण थल सेना ने देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में मदद की। विकास कार्यों में सहायता: थल सेना विकास कार्यों में भी सहायता प्रदान करती है, जैसे कि सड़क निर्माण, पुल निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में। सामाजिक कार्यों में सहायता थल सेना सामाजिक कार्यों में भी सहायता प्रदान करती है, जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम आदि।

continue reading
 सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतियोगियों के चयन हेतु समिति गठित

सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतियोगियों के चयन हेतु समिति गठित

एमसीबी / छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर के पत्र के परिपालन में 15 अगस्त 2024 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया जाना है। अतएवः उक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान का चयन करने हेतु समिति का गठन किया गया है। जिसमें परियोना निदेशक श्री नितेश उपाध्याय को अध्यक्ष, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रितेश सिंह राजपूत को सदस्य तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा को सदस्य नियुक्त किया गया है।
continue reading
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल के माध्यम से करेंगे हितग्राहियों से संवाद अब 10 मार्च को महतारी वन्दन योजना से मिलेगी प्रथम क़िस्त की राशि

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल के माध्यम से करेंगे हितग्राहियों से संवाद अब 10 मार्च को महतारी वन्दन योजना से मिलेगी प्रथम क़िस्त की राशि

कोरिया 8 मार्च 2024। राज्य सरकार की बहुप्रतीक्षित महतारी वंदन योजना की पहली किस्त की राशि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च को दोपहर 2 बजे  वर्चुअल कार्यक्रम के तहत वितरण करेंगे। 
महतारी वंदन योजना का आयोजन बैकुंठपुर विकासखण्ड एवं सोनहत विकासखण्ड के अलावा नगरीय निकाय में भी किया जाएगा। बता दें यह आयोजन प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों एवं नगरीय निकायों में होने जा रहा। राज्यस्तर कार्यक्रम रायपुर के विज्ञान महाविद्यालय, मैदान में आयोजित है। 

*जिले के 60 हजार 21 विवाहित महिलाओं को मिलेगा लाभ*

कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड के तहत 45 हजार 916 तथा सोनहत विकासखण्ड से 14 हजार 105 इस तरह 60 हजार 21 विवाहित महिला हितग्राहियों को एक हजार रुपए के मान से उनके खाते में प्रथम क़िस्त राशि डाले जाएंगेl

*प्रदेश के 70 लाख विवाहित महिलाओं को मिलेगा लाभ*

प्रदेश के 70 लाख विवाहित महिलाओं के खाते में योजना की प्रथम क़िस्त की राशि 700 करोड़ रुपए डाले जांएगे।

*महिलाओं के जीवन में एक नया उजियारा*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के लाखो महिलाओं के जीवन में एक नया उजियारा लाने का प्रयास किया है। महतारी वन्दन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होगी वहीं इस राशि से स्वास्थ्य, घरेलू खर्च, बच्चों के शिक्षा जैसे कार्यों में भी उपयोग कर सकेंगी।
continue reading
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं को 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दी

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं को 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दी

 

10.27 करोड़ से अधिक पीएमयूवाई लाभार्थियों को सीधे उनके खातों में सब्सिडी मिलेगी

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल खर्च 12,000 करोड़ रुपये होगा

Posted On: 07 MAR 2024 7:44PM by PIB Delhi
 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाईके लाभार्थियों को वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एक साल में 12 रिफिल तक प्रदान की जाने वाली 300 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर (और किलोग्राम सिलेंडर के लिए उचित अनुपात में प्रो रेटेडकी लक्षित सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी प्रदान की है। मार्च2024 तक 10.27 करोड़ से अधिक पीएमयूवाई लाभार्थी हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल खर्च 12,000 करोड़ रुपये होगा। सब्सिडी सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है।

ग्रामीण और वंचित गरीब परिवारों को खाना पकाने का स्वच्छ ईंधन-तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजीउपलब्ध कराने के लिए सरकार ने गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को जमा मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की।

भारत अपनी एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। पीएमयूवाई लाभार्थियों को एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाले तेज उतार-चढ़ाव के प्रभाव से बचाने और पीएमयूवाई उपभोक्ताओं द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी को और अधिक किफायती बनाने के लिए सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए मई 2022 में एक साल में 12 रिफिल तक प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर (और किलोग्राम के कनेक्शनों के लिए उचित अनुपात में प्रो रेटेड) के लिए 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी शुरू की। अक्टूबर 2023 मेंसरकार ने एक साल में 12 रिफिल तक प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर (और किलोग्राम के कनेक्शनों के लिए उचित अनुपात में प्रो रेटेडपर लक्षित सब्सिडी  बढ़ाकर 300 रुपये कर दी।  01.02.2024 तकपीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी की प्रभावी कीमत 603 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर (दिल्लीहै।  

पीएमयूवाई उपभोक्ताओं की औसत एलपीजी खपत 2019-20 में 3.01 रिफिल से 29 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 के लिए आनुपातिक रूप से 3.87 रिफिल (जनवरी 2024 तकहो गई है। सभी पीएमयूवाई लाभार्थी इस लक्षित सब्सिडी के पात्र हैं

continue reading
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय लोकसंपर्क  कार्यक्रम में 'दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनवाड़ी प्रोटोकॉल' लॉन्च किया

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय लोकसंपर्क कार्यक्रम में 'दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनवाड़ी प्रोटोकॉल' लॉन्च किया

Ibtesam Deshmukh 29-Nov-2023 188

 केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी द्वारा 28 नवंबर2023 को विज्ञान भवन में महिला एवं बाल विकास और आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेन्द्रभाई,  महिला एवं बाल विकास सचिव श्री इंदीवर पांडे,  डीईपीडब्ल्यूडी के सचिव श्री राजेश अग्रवाल  और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार डॉ. के.के. त्रिपाठी की उपस्थिति में आयोजित एक राष्ट्रीय लोकसम्पर्क कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनवाड़ी प्रोटोकॉल लॉन्च किया गया।  इस कार्यक्रम का आयोजन दिव्यांग बच्चों के बेहतर कल्याण के लिए समग्र पहुंच को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को साकार करने के लिए किया गया था।इस कार्यक्रम में देश भर से महिला एवं बाल विकास मंत्रालयस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारीराज्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारीसीडीपीओमहिला पर्यवेक्षकआंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) जैसे प्रमुख संगठनों के विशेषज्ञ शामिल हुए।

अपने मुख्य भाषण मेंकेंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल को समर्थन देने के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को धन्यवाद दिया। श्रीमती ईरानी ने कहा कि वर्तमान में 3 से 6 वर्ष की आयु के 4.37 करोड़ बच्चों को हर दिन पका हुआ गर्म भोजन और ईसीसीई की सहायता दी जा रही है0 से 3 वर्ष की आयु के 4.5 करोड़ बच्चों को घर ले जाने के लिए राशन और उनके घरों के दौरों तथा 0-6 वर्ष आयु वर्ग के 8 करोड़ से अधिक बच्चों को प्रारंभिक शिशु विकास को बढ़ाने के लिए वृद्धि निगरानी और स्वास्थ्य प्रणाली में रेफरल की सहायता प्रदान की जा रही है। श्रीमती ईरानी ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पिछले 4 महीनों में बच्चों के लिए 16 करोड़ गृह दौरे किए गए हैं।

continue reading
प्रधानमंत्री 30 नवंबर को विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से बातचीत करेंगे

प्रधानमंत्री 30 नवंबर को विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से बातचीत करेंगे

Ibtesam Deshmukh 29-Nov-2023 112

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 30 नवंबर को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से बातचीत करेंगे। विकसित भारत संकल्प यात्रा पूरे देश में सरकार की प्रमुख योजनाओं की संपूर्ण पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से सभी लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे।

महिलाओं के नेतृत्व में विकास सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा है। इस दिशा में एक और कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री महिला किसान ड्रोन केंद्र का शुभारंभ करेंगे। यह केन्द्र महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ड्रोन प्रदान करेगा ताकि वे इस तकनीक का उपयोग आजीविका सहायता के लिए कर सकें। अगले तीन वर्षों के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों को 15,000 ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। महिलाओं को ड्रोन उड़ाने और उपयोग करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह पहल कृषि में प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी।

स्वास्थ्य देखभाल को किफायती और आसानी से सुलभ बनाना प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत के दृष्टिकोण की आधारशिला रही है। इस दिशा में एक प्रमुख पहल किफायती कीमतों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र की स्थापना रही है। कार्यक्रम के दौरानप्रधानमंत्री एम्सदेवघर में ऐतिहासिक 10,000वें जन औषधि केंद्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावाप्रधानमंत्री देश में जन औषधि केंद्रों की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने के कार्यक्रम की भी शुरुआत करेंगे।

महिला एसएचजी को ड्रोन उपलब्ध कराने और जन औषधि केंद्रों की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने की इन दोनों पहलों की घोषणा प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरुआत में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान की थी। 30 नवंबर का यह कार्यक्रम इन वादों को पूरा करने का प्रतीक है।

continue reading
उपराष्ट्रपति 1 दिसंबर 2023 को केरल के तिरुवनंतपुरम का दौरा करेंगे

उपराष्ट्रपति 1 दिसंबर 2023 को केरल के तिरुवनंतपुरम का दौरा करेंगे

Ibtesam Deshmukh 29-Nov-2023 70

 उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 01 दिसंबर2023 को केरल के तिरुवनंतपुरम  का दौरा करेंगे। 

राज्य के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान श्री धनखड़ शहर में 5वें वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव का उद्घाटन करेंगे।


continue reading
जल दिवाली - "महिलाओं के लिए पानी, पानी के लिए महिलाएं अभियान" शुरू किया गया

जल दिवाली - "महिलाओं के लिए पानी, पानी के लिए महिलाएं अभियान" शुरू किया गया

Ibtesam Deshmukh 06-Nov-2023 90

 आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय अपनी प्रमुख योजना - अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (एएमआरयूटी) के तहत एक प्रगतिशील पहल "महिलाओं के लिए पानी, पानी के लिए महिलाएं अभियान" को शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस योजना में मंत्रालय के राष्‍ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) की भी भागीदारी है। ओडिशा अर्बन एकेडमी इसकी ‘नॉलेज पार्टनर’ है। इस "जल दिवाली" अभियान का जश्‍न 7 नवंबर2023 से शुरू होकर 9 नवंबर2023 तक जारी रहेगा।इस अभियान का उद्देश्य जल शासन प्रणाली में महिलाओं को शामिल करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। उन्हें अपने-अपने शहरों में जल उपचार संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) के दौरे के माध्यम से जल उपचार प्रक्रियाओं के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान की जाएगी। संयंत्रों के दौरों से उन्‍हें घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने में प्रयुक्‍त महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को स्पष्ट रूप से देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी उपलब्‍ध होगी जो यह सुनिश्चित करती है कि नागरिकों को अपेक्षित गुणवत्ता का जल उपलब्‍ध हो। इस अभियान का व्यापक लक्ष्य जल बुनियादी ढांचे के प्रति महिलाओं में स्वामित्व और अपनेपन की भावना को विकसित करना है।

भारत में 3,000 से अधिक जल उपचार संयंत्र हैंजिनकी निर्मित जल उपचार क्षमता 65,000 एमएलडी से अधिक और परिचालन क्षमता 55,000 एमएलडी से अधिक है। इस अभियान के दौरानमहिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) 550 से अधिक जल उपचार संयंत्रों का दौरा करेंगेजिनकी संयुक्त परिचालन क्षमता 20,000 एमएलडी (देश की कुल क्षमता की 35 प्रतिशत से अधिक) से अधिक है।

घरेलू जल प्रबंधन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती हैं। महिलाओं को जल उपचार और बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाकर, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय का लक्ष्य उनके घरों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के बारे में उनकी क्षमता को बढ़ाना है। इस अभियान का उद्देश्य पारंपरिक रूप से पुरुषों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में समावेशिता और विविधता को बढ़ावा देकर लैंगिक समानता के मुद्दों को हल करना है।

"महिलाओं के लिए जलजल के लिए महिलाएं अभियान", ‘’जल दिवाली" के पहले चरण में राष्‍ट्रव्‍यापी रूप से 15,000 से अधिक स्‍वयं सहायता समूह महिलाओं की अपेक्षित भागीदारी के साथ सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (आदर्श आचार संहिता के तहत 5 राज्यों को छोड़कर) की भागीदारी रहेगी। इस अभियान के प्रमुख क्षेत्र इस प्रकार हैं :

 

continue reading
स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली

स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली

Ibtesam Deshmukh 06-Nov-2023 88

 बीते वर्षों में हमारे त्योहारों के साथ देश का एक नया संकल्प भी जुड़ा है। आप सब जानते हैं, ये ‘वोकल फॉर लोकल’ का संकल्प है। पॉलिथीन का हानिकारक कूड़ा स्वच्छता का पालन करने वाले हमारे त्योहारों की भावना के विपरीत है। इसलिए, हमें केवल स्थानीय रूप से निर्मित गैर-प्लास्टिक बैग का ही उपयोग करना चाहिए। हमारा कर्तव्य है कि हम त्योहारों के अवसर पर इन्हें बढ़ावा दें और स्वच्छता के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण का भी ध्यान रखें।” – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी

दिवाली का त्योहार अब बेहद नजदीक है और हर-घर इस पर्व की खुशियों से सराबोर हो रहा है। दीवाली से पहले ही लोग घरों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में व्यस्त हो जाते हैं, इसलिए स्वच्छता हर घर के केंद्र में आ जाती है। दिवाली के दौरान साफ-सफाई केवल घरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि सभी समुदाय यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ आगे आते हैं ताकि उत्सव का जश्न मनाने से पहले हमारी सड़कें, बाजार और पड़ोस साफ-सुथरे हो सकें। पुरानी और अप्रयुक्त वस्तुओं को नई वस्तुओं से बदलना भी इस त्योहार का एक पारंपरिक हिस्सा रहा है। ऐसे में जब पूरे देश में उत्सव का माहौल है, तो उसी के अनुरूप आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के तत्वावधान में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 ने 6 से 12 नवंबर 2023 तक स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छ भारत की यात्रा और पर्यावरण के लिए जीवनशैली (मिशन LiFE) के सिद्धांतों के साथ-साथ दिवाली के सांस्कृतिक महत्व को उजागर करना है।मिशन LiFE के मूल सिद्धांतों को दोहराते हुए, जिसका उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण करना है, जीवनशैली में ‘प्रो-प्लैनेट’ व्यवहार परिवर्तन लाना है, स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली की अवधारणा स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल उत्सव के महत्व पर जोर देती है। इस पहल का उद्देश्य सभी लोगों को स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों का चुनाव करने, सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त दिवाली मनाने समेत दिवाली से पहले व बाद में स्वच्छता को प्राथमिकता देने के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए प्रेरित करके पर्यावरण एवं समुदायों के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। ऐसा करके, यह अभियान त्योहार के प्रति स्थायी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता वाले दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की पहल है।

continue reading
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह बुधवार, 08 नवंबर, 2023 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) द्वारा जैविक उत्पाद को बढ़ावा देने पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करेंगे

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह बुधवार, 08 नवंबर, 2023 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) द्वारा जैविक उत्पाद को बढ़ावा देने पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करेंगे

Ibtesam Deshmukh 06-Nov-2023 64

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह बुधवार, 08 नवंबर, 2023 को आईसीएआर कन्वेंशन सेंटर, पूसा, नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) द्वारा जैविक उत्पाद को बढ़ावा देने पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर श्री अमित शाह NCOL के logo, website और brochure का शुभारंभ और एनसीओएल सदस्यों को सदस्यता प्रमाण पत्र भी वितरित करेंगे। एक-दिवसीय संगोष्ठी के दौरान NCOL के उद्देश्यों, जैविक उत्पादों के महत्व के साथ-साथ छोटे और सीमांत किसानों के उत्थान में सहकारी समितियों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के "सहकार से समृद्धि" के विज़न के अनुरूप, भारत को जैविक उत्पादों में विश्व में अग्रणी बनाने के लिए NCOL की स्थापना एक राष्ट्रीय स्तर की बहु-राज्य सहकारी समिति के रूप में की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय ने देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए पिछले 27 महीनों में 54 महत्वपूर्ण पहल की हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था, "मेक इन इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत" और "लोकल से ग्लोबल" की दिशा में जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समिति की स्थापना एक महत्वपूर्ण क़दम है।

NCOL का लक्ष्य जैविक उत्पादक किसानों और उत्पादक संगठनों को बाजार तक सीधी पहुंच प्रदान करते हुए उपज पर मुनाफा बढ़ाना है। एक मजबूत ब्रांड के तहत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिलने से NCOL के सदस्यों को उनकी जैविक उपज के लिए बेहतर रिटर्न मिल सकेगा। NCOL 'Whole of Government Approach' के तहत, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों के सहयोग से देशभर में विभिन्न सहकारी समितियों और संबंधित संस्थानों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों की संपूर्ण Supply Chain का प्रबंधन करके एक Umbrella संगठन के रूप में कार्य करेगा। यह सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों के collection, branding और marketing का कार्य और इन्हें बढ़ावा देगा। कोई भी सहकारी समिति या व्यक्तियों की संस्था जो केन्द्रीय रजिस्ट्रार द्वारा अनुमोदित हो NCOL का सदस्य बन सकती है। अब तक लगभग 2000  सहकारी समितियाँ NCOL की सदस्य बन चुकी हैं या सदस्यता के लिए आवेदन कर चुकी हैं |

NCOL के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न गतिविधियों, जिनमें शोध एवं विकास (R&D) और एक ज्ञान संग्रह केंद्र स्थापित करना शामिल हैं, के तहत कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, NCOL जैविक उत्पादों के उत्पादन में शामिल सहकारी क्षेत्र और संबंधित संस्थाओं को सहायता भी प्रदान करेगा, जिसमें वित्तपोषण, क्षमता निर्माण, तकनीकी मार्गदर्शन, मार्केट इंटेलिजेंस सिस्टम की स्थापना और रखरखाव आदि शामिल हैं।

संगोष्ठी के दौरान जैविक उत्पादन - समय की आवश्यकता, जैविक उत्पादों के लिए प्रमाणन प्रक्रिया और मानदंड, जैविक प्रमाणन प्रयोगशालाओं का महत्व आदि विषयों पर तकनीकी सत्र भी आयोजित होंगे। संगोष्ठी में NCOL के सदस्यों, भारत सरकार/राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के अधिकारियों, बहु-राज्य सहकारी समितियाँ / वित्तीय संस्थाएं /सहकारी संघ/जिला सहकारी संघ/जैविक प्रमाणन निकाय और परीक्षण प्रयोगशालाएं, जैविक क्षेत्र के विशेषज्ञ और देश भर से अन्य जैविक उत्पादक हितधारक सहित 1000 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे और बड़ी संख्या में प्रतिभागी ऑनलाइन भी जुड़ेंगे|

continue reading
उपराष्ट्रपति के आमंत्रण पर नया संसद भवन देखने दिल्ली पहुंचे सैनिक स्कूल, झुंझुनूं के छात्र

उपराष्ट्रपति के आमंत्रण पर नया संसद भवन देखने दिल्ली पहुंचे सैनिक स्कूल, झुंझुनूं के छात्र

Ibtesam Deshmukh 06-Nov-2023 86

उपराष्ट्रपति ने आज संसद भवन देखने आये सैनिक स्कूल, झुंझुनूं के छात्रों से संसदीय सौध में संवाद किया। ज्ञात रहे कि 27 अगस्त को उपराष्ट्रपति राजस्थान के दौरे पर गए थे जहां उन्होंने सैनिक स्कूल झुंझुनू के छात्रों को संबोधित किया था। इस अवसर पर श्री धनखड़ ने छात्रों को संसद के नए भवन के भ्रमण के लिए आमंत्रित किया था।
उपराष्ट्रपति की इस पहल पर कल 5 नवंबर को सैनिक स्कूल, झुंझुनूं के बीस छात्रों का एक समूह तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचा। 5 से 7 नवंबर तक ये छात्र दिल्ली में रुकेंगे और राज्य सभा सचिवालय द्वारा उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है।

कल दिल्ली पहुचने पर इन छात्रों ने प्रधानमंत्री संग्रहालय देखा था, और आज उन्हें संसद के नए और पुराने दोनों भवनों का भ्रमण कराया गया। नयी संसद की भव्यता और सुंदरता देख कर युवा छात्र दल विस्मय से भर गया। कल सात नवंबर को इन छात्रों का इंडिया गेट, राष्ट्रीय समर स्मारक (वार मेमोरियल), महात्मा गांधी की समाधि राजघाट और राष्ट्रपति भवन के भ्रमण का भी कार्यक्रम है।

आज उपराष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान छात्रों ने अपने अनुभव साझा किये। उपराष्ट्रपति ने उनसे कहा कि आज भारत जिस गति के साथ आगे बढ़ रहा है ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। एक समय था जब हमें दुनिया की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं (fragile five) में गिना जाता था और आज हम दुनिया की पांचवी सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा इस विकास यात्रा के दौरान हमने बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ा है और अब हम जर्मनी और जापान को भी पीछे छोड़ने वाले हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत आज एक चमकता हुआ सितारा है।

  

continue reading
dpboss