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प्रधानमंत्री तीन अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और तेलंगाना का दौरा करेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तीन अक्टूबर, 2023 को छत्तीसगढ़ और तेलंगाना का दौरा करेंगे।
लगभग 11 बजे अपराह्न में जगदलपुर, बस्तर पहुंचकर प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ में 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में नगरनार स्थित एनएमडीसी स्टील लिमिटेड का इस्पात संयंत्र भी शामिल है। लगभग तीन बजे पूर्वाह्न में प्रधानमंत्री तेलंगाना के निजामाबाद पहुंचेंगे, जहां वे बिजली, रेल व स्वास्थ्य जैसे महत्त्वपूर्ण सेक्टरों की लगभग 8000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को गति देने की पहल के अनुकूल प्रधानमंत्री बस्तर जिले में नगरनार स्थित एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के इस्पात संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। यह संयंत्र 23,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनकर तैयार हुआ है। यह ग्रीनफील्ड परियोजना का संयंत्र है, जहां उच्च गुणवत्ता वाला इस्पात निर्मित होगा। नगरनार स्थित एनएमडीसी स्टील लिमिटेड का इस्पात संयंत्र हजारों लोगों को संयंत्र में और अनुषांगिक व सहयोगी उद्योगों में रोजगार के अवसर देगा। इलाके के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी लाकर यह संयंत्र बस्तर को दुनिया के इस्पात मानचित्र में दर्ज कर देगा।देशभर में रेल अवसंरचना में सुधार लाने के बारे में प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप कार्यक्रम के दौरान अनेक रेल परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जायेगा।प्रधानमंत्री अंतागढ़ व तारोकी के बीच नई रेल लाइन और जगदलपुर और दंतेवाड़ा के बीच डबल रेल लाइन परियोजना का लोकार्पण करेंगे। वे बोरीडांड – सूरजपुर रेल लाइन को दो-तरफा बनाने की परियोजना तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जगदलपुर स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री तारोकी – रायपुर डेमू रेल सेवा को भी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इन रेल परियोजनाओं से राज्य के जनजातीय इलाकों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा। रेल अवसंरचना में सुधार और नई रेल सेवाओं से स्थानीय लोगों को सुविधा होगी तथा इलाके में आर्थिक विकास को मदद मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के हिस्से के रूप में कल 'एक तारीख, एक घंटा, एक साथ' गतिविधि आयोजित करेगा
स्वच्छ भारत अभियान के 9 साल पूरे होने के अवसर पर 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के हिस्से के रूप में, महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय कल 'एक तारीख, एक घंटा, एक साथ' पहल शुरू करेगा। अभियान 1 अक्टूबर 2023 को प्रातः 10 बजे एक घंटे के लिए संचालित किया जायेगा।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की एक प्रमुख पहल, स्वच्छ भारत मिशन ने "स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) - 2023" कार्यक्रम को शुरू किया है, जो 15 सितंबर से 2 अक्टूबर 2023 तक आयोजित किया जा रहा है। एसएचएस-2023 का विषय श्रमदान और जन भागीदारी के माध्यम से उच्च स्तर पर स्वच्छता को उजागर करके "कचरा मुक्त भारत" की तरफ अग्रसर होना है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि अभियान के तहत सामुदायिक भागीदारी के साथ सफाई गतिविधियां संचालित की जाएं जिनका जमीनी स्तर पर असर दिखाई दे।
इस पहल में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 29000 से अधिक कार्यक्रमों की योजना बनाई है, जिसमें देश भर से 15 लाख से अधिक लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। "एक तारीख, एक घंटा, एक साथ" अभियान के हिस्से के रूप में, मंत्रालय के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों, वन स्टॉप सेंटरों और राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) के कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
ये स्वच्छता अभियान मुख्य रूप से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों, बस और रेलवे स्टेशनों, समुद्र तटों, पर्यटन स्थलों, नदी तटों, घाटों, नालों आदि के पास सार्वजनिक स्थानों पर चलाए जाएंगे। इसके अलावा, बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के बीच स्वच्छता के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष अभियान आयोजित किए गए हैं। इस अभियान में लोगों की सहज भागीदारी स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने के प्रति समाज के विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
एमएसएमई मंत्रालय स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत 01 अक्टूबर को "एक तारीख एक घंटा एक साथ" मनाएगा
सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय 1 अक्टूबर 2023 को स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत "एक तारीख एक घंटा एक साथ" में सक्रिय रूप से भागीदारी करेगा।मंत्रालय ने "एक तारीख, एक घंटा, एक साथ" गतिविधि के लिए अपने अधीनस्थ संगठनों के माध्यम से मनाए जाने वाले 200 से अधिक कार्यक्रमों की तैयारी की है। राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी), खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआई), कयर बोर्ड, एमजीआईआरआई-वर्धा और एनआईएमएसएमई-हैदराबाद और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम-विकास सुविधा कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ) अपने कार्यालय एवं प्रशिक्षण केंद्रो के देशव्यापी नेटवर्क के माध्यम से इस अभियान में भाग लेंगे।एमएसएमई मंत्रालय ने इस प्रयास को बहुत गंभीरता से लिया है और सचिव, श्री एस.सी.एल. दास इस अभियान के लिए मंत्रालय के विभिन्न संगठनों के नोडल अधिकारियों के साथ अब तक हुई प्रगति की निगरानी और समीक्षा कर रहे है।
मंत्रालय ने 01 अक्टूबर 2023 को पूरे भारत में होने वाले संपूर्ण अभियान और गतिविधियों की तैयारी की निगरानी के लिए संयुक्त सचिव स्तर का एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। स्वच्छता ही सेवा 2023 का विषय " अपशिष्ट मुक्त भारत" है। मंत्रालय 15 सितंबर से 02 अक्टूबर 2023 तक लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 3.0 और स्वच्छता ही सेवा अभियान पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन ने थाईलैंड के फुकेत का दौरा किया
आईएनएस तिर, आईएनएस सुजाता, आईएनएस सुदर्शनी और आईसीजीएस सारथी सहित प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाजों ने लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के हिस्से के रूप में 25 से 28 सितंबर 2023 तक थाईलैंड के फुकेत का दौरा किया। आरटीएन बैंड की मनमोहक धुन के साथ रॉयल थाई नेवी (आरटीएन) की ओर से इन जहाजों का शानदार तरीके से स्वागत किया गया। वरिष्ठ अधिकारी, 1टीएस, कैप्टन सर्वप्रीत सिंह ने जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों के साथ, तीसरे नौसेना क्षेत्र कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, रियर एडमिरल पुचोंग रोडनिक्रोन से भेंट की।इस अवसर पर, आईएनएस तिर पर आरटीएन अधिकारियों और भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ तीसरे नौसेना क्षेत्र कमान के चीफ ऑफ स्टाफ के लिए एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। जहाज पर आमंत्रित आगंतुकों और विभिन्न स्कूली बच्चों को एक निर्देशित भ्रमण पर भी ले जाया गया। 1टीएस के प्रशिक्षुओं ने फांग नगा नौसेना बेस पर नौसेना अकादमी का भी दौरा किया।इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के नौसेना कर्मियों ने प्रशिक्षण आदान-प्रदान, पेशेवर वार्तालाप, खेल कार्यक्रमों और संयुक्त योग सत्रों में भाग लिया। रॉयल थाई नेवल शिप क्लेंग के साथ समुद्री प्रशिक्षण साझेदारी अभ्यास के भाग के रूप में दोनों नौसेनाओं के प्रशिक्षुओं का नौरोहण, युद्धाभ्यास, समुद्र में पुनःआपूर्ति जैसे अभ्यासों का भी आयोजन किया गया। इस यात्रा से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच न सिर्फ समुद्री संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ी है साथ ही मित्रता के रिश्तों को भी और बल मिला है।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन चरण के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी गांवों को ओडीएफ प्लस श्रेणी हासिल करने की सराहना की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण II के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सौ प्रतिशत गांवों के द्वारा ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) प्लस स्थिति हासिल करने की सराहना की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के एक्स पर एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा;
“बहुत-बहुत बधाई! बापू की जयंती से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की यह अभूतपूर्व उपलब्धि पूरे देश को प्रेरित करने वाली है। स्वच्छता के क्षेत्र में हमारा निरंतर प्रयास नारी शक्ति के सम्मान के साथ ही हमारे सभी परिवारजनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से 1 अक्टूबर, 2023 को श्रमदान में शामिल होने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिकों से 1 अक्टूबर 2023 को प्रातः 10 बजे स्वच्छ भारत के भाग के रूप में एक स्वच्छता पहल, श्रमदान में शामिल होने का आग्रह किया है।प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत शहरी की एक्स पर की गई एक पोस्ट को साझा करते हुए कहा;
“1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे, हम एक महत्वपूर्ण स्वच्छता पहल के लिए एक साथ आऐं।स्वच्छ भारत एक साझा जिम्मेदारी है और हर प्रयास मायने रखता है। स्वच्छ भविष्य का स्वागत करने के लिए इस श्रेष्ठ प्रयास में भागीदार बनें।''
केन्द्रीय राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर, विश्व बैंक की "दक्षिण-दक्षिण ज्ञान साझाकरण श्रृंखला" में शामिल हुए
केंद्रीय कौशल विकास, उद्यमिता, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने कल विश्व बैंक द्वारा आयोजित एक वर्चुअल सम्मेलन में भाग लिया, जिसे "दक्षिण-दक्षिण ज्ञान साझाकरण श्रृंखला" के रूप में जाना जाता है। यह कार्यक्रम भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) और अफ्रीकी देशों के लिए विशेष रूप से, इस वर्ष शिखर सम्मेलन की भारत की अध्यक्षता के दौरान जी20 में अफ्रीकी संघ को शामिल करने के प्रकाश में, एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में काम करने में भारत की क्षमता पर केंद्रित था।
यह सम्मेलन "डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर: द इंडिया स्टोरी" विषय पर आधारित था और अफ्रीकी संघ के प्रतिनिधियों ने डीआईपी के उन महत्वपूर्ण अवसरों पर प्रकाश डाला, जो डीपीआई उन देशों को उपलब्ध करा सकते हैं जिनके नागरिक अभी तक इंटरनेट से नहीं जुड़े हैं।
विचार-विमर्श के दौरान श्री राजीव चन्द्रशेखर ने डीपीआई को अपनाने में भारत की यात्रा को साझा करते हुए बताया कि इसने किस प्रकार लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस विजन पर जोर दिया कि युवा भारतीयों और उद्यमियों के लिए अवसर उपलब्ध कराते समय लोगों के जीवन और शासन दोनों को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करें।
श्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि आज हम उस स्तर पर हैं जहां डिजिटलीकरण ने भारतीयों के जीवन को काफी बदल दिया है, चाहे वे डिजिटल रूप से साक्षर हों या नहीं। पहले यह धारणा थी कि लोकतंत्रों में निष्क्रिय सरकारों की नियति होती हैं, लेकिन भारत के मामले में, हमने यह सुनिश्चित किया कि डीपीआई के माध्यम से सभी ‘लीकेज’ बंद कर दिए जाएं।
उन्होंने भारत के डीपीआई इकोसिस्टम के ‘आधार’ जैसे कुछ प्रमुख तत्वों पर प्रकाश डाला, जो डिजिटल प्रमाणीकरण की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं और सरकारी कल्याण कार्यक्रमों तक पहुंच की सुविधा प्रदान करते हैं। यूपीआई, एक फिनटेक के रूप में वित्तीय समावेशन को बढ़ाती है।
महिला सांसदों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात की
महिला सांसदों ने कल रात ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"हमें ओजस्वी महिला सांसदों से मिलने का सम्मान मिला, जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने से बेहद खुश हैं।
यह देखकर ख़ुशी होती है कि परिवर्तन के पथप्रदर्शक उसी कानून का उत्सव मनाने के लिए एक साथ आए हैं, जिसका उन्होंने समर्थन किया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने के साथ, भारत एक उज्ज्वल, अधिक समावेशी भविष्य के शिखर पर है और हमारी नारी शक्ति इस परिवर्तन के मूल में है।"
एनसीसी के महानिदेशक ने अखिल भारतीय थल सैनिक शिविर 2023 का उद्घाटन किया
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने सितंबर 20, 2023 को करियप्पा परेड ग्राउंड, दिल्ली कैंट में अखिल भारतीय थल सैनिक शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 17 एनसीसी निदेशालयों से लगभग 1,547 कैडेट (867 लड़के और 680 लड़कियां) शिविर में भाग ले रहे हैं। सितंबर 19 से शुरू हुए 12 दिवसीय शिविर के दौरान, कैडेट निशानेबाजी, बाधा प्रशिक्षण, मैप रीडिंग और अन्य पेशेवर प्रशिक्षण प्रतियोगिताओं जैसे कई विधाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
इस अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक ने कैडेटों का इस प्रतिष्ठित शिविर में स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें साहस, अनुशासन और सम्मान से भरपूर जीवन का अनुभव मिलेगा, जिससे उनमें नेतृत्व और सौहार्द की भावना पैदा होगी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य कैडेटों को सेना विंग के प्रशिक्षण के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराना, उनमें प्रतिस्पर्धी जोश और अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को भरना है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में डिजिटल इंडिया टॉक शो सह इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया गया
दिल्ली विश्वविद्यालय में 18 सितंबर, 2023 को डिजिटल इंडिया टॉक शो सह इंटरएक्टिव सत्र का सफल आयोजन किया गया। अगले 6 महीने में नियोजित कार्यशालाओं की श्रृंखला में यह दूसरा आयोजन था। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (एनईजीडी) ने डिजिटल इंडिया जागरूकता अभियान के हिस्से के रूप में आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें विभिन्न कॉलेजों के छात्र, शिक्षक और विश्वविद्यालय कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कार्यक्रम में एनईजीडी और डीयू दोनों के अधिकारियों ने मुख्य भाषण दिया।
एमईआईटीवाई में एनईजीडी के निदेशक श्री जे एल गुप्ता ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे इसकी प्रमुख पहल देश में डिजिटल परिवर्तन ला रही हैं, जिससे देश के दूर-दराज के इलाकों तक ऐसी पहल की बेहतर पहुंच बढ़ाने में मदद मिल रही है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में कंप्यूटर सेंटर के निदेशक प्रोफेसर संजीव सिंह ने सभी लोगों तक इसकी बेहतर समझ और लाभ पहुंचाने के लिए सरकार और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिलॉकर, नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) जैसी पहलों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा एमईआईटीवाई के साथ किए गए विभिन्न सहयोगों के बारे में भी जानकारी साझा की।
इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफलॉन्ग लर्निंग (आईएलएलएल) के निदेशक और दिल्ली विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग के एचओडी प्रोफेसर संजय रॉय ने छात्रों के जीवन में डिजिटलीकरण के लाभों और डिजिटल दुनिया में नैतिकता की आवश्यकता के बारे में बात की।
रक्षा राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट ने अंडमान और निकोबार कमान का दौरा किया
रक्षा राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट ने अंडमान और निकोबार द्वीपों की दो दिवसीय यात्रा के दौरान अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) के मुख्यालय का दौरा किया। श्री भट्ट की यह दो दिवसीय यात्रा 18 सितंबर, 2023 को समाप्त हुई। रक्षा राज्य मंत्री ने मुख्यालय यात्रा के दौरान कमांडर-इन-चीफ एएनसी एयर मार्शल सजु बालाकृष्णन के साथ विस्तृत बातचीत और ऑपरेशन पर चर्चा की। इस यात्रा के दौरान श्री अजय भट्ट ने कई मुद्दों पर बातचीत की, जो इस सुरम्य द्वीपसमूह के रणनीतिक महत्व को दर्शाती है।
रक्षा राज्य मंत्री ने आईएनएस उत्क्रोश के संकल्प स्मारक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि देकर अपनी इस यात्रा की शुरुआत की। इसके बाद राजनिवास में उपराज्यपाल एडमिरल डी के जोशी (सेवानिवृत्त) से मुलाकात हुई।
बीआईएस द्वारा देशभर में छात्रों के लिए 6427 मानक क्लब स्थापित
भारत के राष्ट्रीय मानक निकाय, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में 6467 मानक क्लब स्थापित किए गए हैं। बीआईएस के अनुसार जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए मानकों के महत्व के बारे में समाज के युवा सदस्यों को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से मानक क्लबों की स्थापना की जा रही है।
ब्यूरो द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार “बच्चे मजबूत, जीवंत और गतिशील भारत के निर्माता हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) एक दूरदर्शी पहल के साथ देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में मानक क्लबों का निर्माण कर, भारत के भविष्य को रोशन कर रहा है। इस अभिनव प्रयास का उद्देश्य युवाओं के मन में गुणता, मानकों और वैज्ञानिक स्वभाव का सर्वोपरि महत्व पैदा करना है। मानकीकरण के सिद्धांतों से ओत-प्रोत गुणता चेतना, त्वरित आर्थिक प्रगति का प्रमुख स्तंभ है। हमारे छात्रों में गुणता , मानकों और मानकीकरण के प्रति सम्मान विकसित करके, हम एक ऐसी चेतना प्रज्वलित कर रहें हैं जो हमारे समाज को बदलने की शक्ति रखती है।
विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि बीआईएस द्वारा वर्ष 2021 में शुरू की गई स्टैंडर्ड क्लब की पहल ने एक महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ा है, इन क्लबों को देश भर के 6,467 स्कूलों और कॉलेजों में स्थापित किया जा चुका है। विज्ञान की पृष्ठभूमि वाले 1.7 लाख से अधिक छात्र इन क्लबों के सदस्य है, जो उनके संबंधित स्कूलों के समर्पित विज्ञान शिक्षकों द्वारा मेंटर के रूप में मार्गदर्शित होते हैं जिन्हें बीआईएस द्वारा विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इनमें 5,562 स्टैंडर्ड क्लब स्कूलों में बनाए गए हैं, जबकि 905 क्लब विभिन्न कॉलेजों में बनाए गए हैं, जिनमें इंजीनियरिंग कॉलेजों में 384 क्लब शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सौभाग्य, सफलता और समृद्धि लाए। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया :
"देशभर के मेरे परिवारजनों को गणेश चतुर्थी की मंगलकामनाएं। विघ्नहर्ता-विनायक की उपासना से जुड़ा यह पावन उत्सव आप सभी के जीवन में सौभाग्य, सफलता और संपन्नता लेकर आए। गणपति बाप्पा मोरया!"
"सर्व देशवासीयांना गणेश चतुर्थीच्या हार्दिक शुभेच्छा. गणपती बाप्पा मोरया!"
संसद के केंद्रीय कक्ष में सांसदों को प्रधानमंत्री के संबोधन का मूलपाठ
आदरणीय उपराष्ट्रपति जी! आदरणीय स्पीकर महोदय! मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और 140 करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि सभी माननीय सांसदगण।
आपको और देशवासियों को गणेश चतुर्थी की अनेक-अनेक शुभकामनाएं। आज नए संसद भवन में हम सब मिलकर के नए भविष्य का श्रीगणेश करने जा रहे हैं। आज हम यहां विकसित भारत का संकल्प दोहराना फिर एक बार संकल्पबद्ध होना और उसको परिपूर्ण करने के लिए जी-जान से जुटने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं। सम्माननीय सभागृह, ये भवन और उसमें भी ये सेंट्रल हॉल एक प्रकार से हमारी भावनाओं से भरा हुआ है। हमें भावुक भी करता है और हमें हमारे कर्तव्य के लिए प्रेरित भी करता है। आजादी के पूर्व ये खंड एक प्रकार से लाइब्रेरी के रूप में इस्तेमाल होता था। लेकिन बाद में संविधान सभा की बैठक यहां शुरू हुई और उन संविधान सभा के बैठकों के द्वारा गहन चर्चा, विचार करके हमारे संविधान ने यही पर आकार लिया। यही पर 1947 में अंग्रेजी हुकूमत ने सत्ता हस्तांतरण किया, उस प्रक्रिया का भी साक्षी हमारा ये सेंट्रल हॉल है। इसी सेंट्रल हॉल में भारत के तिरंगे को अपनाया गया, हमारे राष्ट्रगान को अपनाया गया। और ऐतिहासिक अवसरों पर आजादी के बाद भी सभी सरकारों के दरमियान अनेक अवसर आए जब दोनों सदनों ने मिलकर के यहां पर भारत के भाग्य को गढ़ने की बात पर विचार किया, सहमति बनाई और निर्णय भी लिए।
उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति द्वारा संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में संबोधन का मूल पाठ
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जब हम अपने संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने की दहलीज पर खड़े हैं, मैं आप सभी को हमारे अभूतपूर्व उत्थान के लिए बधाई देता हूं।
हम सभी वास्तव में इस इतिहास को बनते हुए देखने का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं क्योंकि हम इस शानदार संसद भवन को अलविदा कह रहे हैं जिसमें हमारी संसद के दोनों कक्ष और यह भव्य सेंट्रल हॉल हैं और हम नए भवन में जा रहे हैं।
संविधान से लेकर सात दशक से अधिक की यात्रा अमृत में आज तक सभा काल, इन पवित्र परिसरों ने कई मील के पत्थर देखे हैं।
15 अगस्त, 1947 की आधी रात को 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' से लेकर 30 जून, 2017 की आधी रात को नवोन्वेषी अग्रगामी जीएसटी व्यवस्था के अनावरण तक और अब आज इस दिन तक।
इसी सेंट्रल हॉल में, संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने के कठिन कार्य को पूरा करने के लिए यात्रा शुरू की थी।
इस कक्ष ने संविधान सभा में हुए विचार-विमर्श ने मर्यादा और स्वस्थ बहस की मिसाल पेश की। विवादास्पद मुद्दों पर विद्वानों की बहस और उत्साही विचार-विमर्श के साथ सर्वसम्मति की भावना से बातचीत की गई। हमें अपने संस्थापकों के अनुकरणीय आचरण का अनुसरण करने की आवश्यकता है।
संसद की नई इमारत, आत्मनिर्भर भारत की शुरुआत का प्रमाण, एक वास्तुशिल्प चमत्कार से कहीं आगे है - यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतिबिंब है - राष्ट्रीय गौरव, एकता और पहचान का प्रतीक है।
ऑस्ट्रेलिया के राजनयिकों का हिंदी के प्रति लगाव अत्यंत आनंददायक है/ प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ऑस्ट्रेलिया के राजनयिकों द्वारा अपनी प्रिय हिंदी कहावतों को पढ़ने की सराहना की है।
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम की एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में कहाः
“आपके ये दोहे और मुहावरे मंत्रमुग्ध करने वाले हैं! ऑस्ट्रेलिया के राजनयिकों का हिन्दी के प्रति ये लगाव बेहद ही दिलचस्प है।”
सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के एक सप्ताह एक लैब कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-विज्ञान कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन
सीएसआईआर- राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएससीपीआर) ने अपने वन वीक वन लैब कार्यक्रम के भाग के रूप में 13 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में "स्टूडेंट-साइंस कनेक्ट प्रोग्राम" का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय विकासपुरी, केंद्रीय विद्यालय द्वारका और एमएम पब्लिक स्कूल के 150 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। श्री सी.बी. सिंह, प्रमुख, जिज्ञासा प्रशिक्षण और मानव संसाधन प्रभाग, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने कार्यक्रम का अवलोकन दिया। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक प्रोफेसर रंजना अग्रवाल ने प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इस अवसर के लिए कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत की। प्रोफेसर अग्रवाल ने कार्यक्रम के लिए चुने गए दो विषयगत क्षेत्रों, मिलेट्स और वैज्ञानिक रूप से मान्य भारतीय पारंपरिक ज्ञान की प्रासंगिकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. शेखर सी. मांडे और एएसआरबी, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार भी उपस्थित थे। डॉ. मांडे ने घटते भारतीय पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और पुनरुद्धार में सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनआईएससीपीआर प्रकाशन "वेल्थ ऑफ इंडिया" के महत्व पर जोर दिया। डॉ. संजय कुमार ने खेल खेल में सीखने, टीम वर्क से सीखने के महत्व और विस्तारित परिवार के साथ सार्थक संबंध स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने सर एम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित की/ अभियंताओं को अभियंता दिवस पर बधाई भी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अभियंता दिवस के अवसर पर सर एम विश्वेश्वरैया को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।
श्री मोदी ने इस अवसर पर सभी कर्मनिष्ठ अभियंताओं को शुभकामनाएं भी दीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सर एम विश्वेश्वरैया से पीढ़ियों को नवप्रवर्तन और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा मिलती रहेगी। प्रधानमंत्री ने चिक्काबल्लापुरा की झलकियां भी साझा कीं, जहां उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में अपनी यात्रा के दौरान सर एम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि दी थी।
एक एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा;
“अभियंता दिवस पर हम एक दूरदर्शी अभियंता और राजनेता सर एम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनसे पीढ़ियों को नवप्रवर्तन और राष्ट्र सेवा करने की निरंतर प्रेरणा मिलती हैं। यह चिक्काबल्लापुरा की झलकियां हैं, जहां मैंने इस वर्ष की शुरुआत में अपनी यात्रा के दौरान उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।''
“अभियंता दिवस पर सभी परिश्रमी अभियंताओं को बधाई! उनकी नवोन्वेषी सोच और अथक समर्पण हमारे देश की प्रगति का आधार रही है। बुनियादी ढाँचे की विशिष्टताओं से लेकर तकनीकी सफलताओं तक, उनका योगदान हमारे जीवन के हर पहलू से जुड़ा है।
बीना, मध्य प्रदेश में विकास कार्यों के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भाई शिवराज जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी हरदीप सिंह पुरी, एमपी के अन्य मंत्रिगण, सांसद, विधायक और मेरे प्यारे परिवारजनों!
बुंदेलखंड की ये धरती वीरों की धरती है, शूरवीरों की धरती है। इस भूमि को बीना और बेतवा, दोनों का आशीर्वाद मिला हुआ है। और मुझे तो महीने भर में दूसरी बार, सागर आकर आप सभी के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। और मैं शिवराज जी की सरकार का भी अभिनंदन और धन्यवाद करता हूं कि आज मुझे आप सबके बीच जाकर के आप सबके दर्शन करने का अवसर भी दिया।पिछली बार मैं संत रविदास जी की उस भव्य स्मारक के भूमिपूजन के अवसर पर आपके बीच आया था। आज मुझे मध्य प्रदेश के विकास, उस विकास को नई गति देने वाली अनेक परियोजनाओं का भूमिपूजन करने का अवसर मिला है।
प्रधानमंत्री ने हिंदी दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिंदी दिवस के अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“मेरे सभी परिवारजनों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि हिन्दी भाषा राष्ट्रीय एकता और सद्भावना की डोर को निरंतर मजबूत करती रहेगी।”











