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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बोले पीएम मोदी: देश को एकजुट रखने वाले सद्भाव को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देशवासियों को 14 अगस्त की ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता की याद दिलाते हुए कहा कि यह दिन हमें न केवल विभाजन की पीड़ा की याद दिलाता है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और सद्भाव को सशक्त करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर लिखा, “यह दिन उन लोगों के साहस का सम्मान करने का भी है, जिन्होंने अकल्पनीय क्षति के बावजूद नए सिरे से जीवन की शुरुआत की और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।”
उन्होंने विभाजन के दौरान हुई अकथनीय पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों लोगों को जबरन अपना घर, ज़मीन और पहचान छोड़नी पड़ी थी। यह दिन उन सभी पीड़ितों की स्मृति में है, जिन्होंने सांप्रदायिक हिंसा, विस्थापन और बिछड़ने की पीड़ा झेली।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि हम उस त्रासदी को कभी न भूलें और देश को एकजुट रखने वाले सद्भाव और भाईचारे को और मजबूत करें।
उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त को भारत सरकार द्वारा 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में घोषित किया गया है। वर्ष 1947 में इसी दिन भारत का विभाजन हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों लोग विस्थापित हुए और लाखों निर्दोष लोगों की जानें गईं। यह दिन उन पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए एकजुट रहने का आह्वान करता है।
सीआरपीएफ की भव्य तिरंगा बाइक रैली कोण्डागांव हुआ तिरंगामय

15 अगस्त को लाल किले में झंडारोहण LIVE देखना चाहते हैं? टिकट बुकिंग आज से शुरू — मौका चूक गए तो पछताएंगे!
नई दिल्ली : भारत का 79वां स्वतंत्रता दिवस देशभर में जोश और गर्व के साथ मनाया जाने वाला है। लेकिन अगर आप इस ऐतिहासिक दिन को लाल किले की प्राचीर से खुद LIVE देखना चाहते हैं, तो आपके पास एक बेहद खास मौका है।
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहराएंगे, राष्ट्र को संबोधित करेंगे, और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस आयोजन में आम जनता भी शामिल हो सकती है — पर शर्त है, समय रहते टिकट बुक हो!
ऑनलाइन टिकट बुकिंग: ऐसे करें रिजर्वेशन
रक्षा मंत्रालय ने बुकिंग के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए हैं:
बुकिंग स्टेप्स:
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वेबसाइट खोलें
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"Independence Day 2025 Ticket Booking" पर क्लिक करें
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अपना नाम, मोबाइल नंबर, और टिकट संख्या भरें
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ID प्रूफ (Aadhar/Voter ID/Passport) अपलोड करें
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अपनी टिकट श्रेणी चुनें:
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₹20 – सामान्य
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₹100 – मानक
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₹500 – प्रीमियम
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भुगतान करें (UPI/डेबिट/क्रेडिट कार्ड से)
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ई-टिकट डाउनलोड करें (QR कोड वाला)
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प्रिंट या डिजिटल कॉपी साथ रखें
ऑफलाइन टिकट बुकिंग: 10 से 12 अगस्त
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चुनिंदा सरकारी कार्यालयों और विशेष काउंटरों पर टिकट मिलेंगे
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पहचान पत्र अनिवार्य
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कैश और डिजिटल पेमेंट दोनों स्वीकार
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टिकट सीमित, इसलिए जल्दी पहुँचना जरूरी
कार्यक्रम के दिन क्या रखें ध्यान में:
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कार्यक्रम शुरू: सुबह 7:30 बजे
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प्रवेश समय: 6:30 AM से 7:00 AM तक
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मेट्रो सेवा: सुबह 4:00 बजे से
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निकटतम स्टेशन: लाल किला (Violet Line), चांदनी चौक (Yellow Line)
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सुरक्षा चेक जरूरी: टिकट + Original ID
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अनुमति नहीं: भारी बैग, धारदार वस्तुएं, बड़ी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज
ग्राम पंचायत आरागाही से ग्राम पंचायत ताम्बेश्वरनगर तक निकली गई तिरंगा यात्रा
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राजमार्ग परिवहन और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने अवसंरचना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर बल दिया कहा एक सशक्त और मजबूत सड़क नेटवर्क क्षेत्र में समृद्धि लाता है
विकास है वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने की प्रमुख प्रेरक शक्ति : श्री हर्ष मल्होत्रा मिजोरम में भारतीय सड़क कांग्रेस की 233वीं मध्यावधि परिषद बैठक में किया संबोधन
सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने अवसंरचना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि एक अच्छी और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क क्षेत्र में समृद्धि लाती है।
मंत्री महोदय ने कहा कि अवसंरचनात्मक विकास वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न को साकार करने की दिशा में एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है।
श्री मल्होत्रा आज मिजोरम विश्वविद्यालय परिसर, आइजोल, मिजोरम में आयोजित भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) की 233वीं मध्यावधि परिषद बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में मिजोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा, राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री वानलालहलाना एवं मिजोरम से सांसद श्री रिचर्ड वानलालह्मांगैहा की उपस्थिति रही।
राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है — वर्ष 2014 में लगभग 91,000 किलोमीटर से बढ़कर यह अब लगभग 1.47 लाख किलोमीटर हो गई है।
मंत्री महोदय ने निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किए बिना लागत को कम करने और विश्व की सर्वश्रेष्ठ सिद्ध तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि हम सतत विकास आधारित पद्धतियों को अपनाएं तथा पर्यावरण-अनुकूल विधियों एवं अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का उपयोग करें।
मंत्री महोदय ने भारतीय सड़क कांग्रेस की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था कई वर्षों में एक बहुआयामी संगठन के रूप में विकसित हुई है, जो देश में बेहतर सड़कों के निर्माण हेतु कार्यरत है। इसमें केंद्र व राज्य सरकारों, सैन्य इंजीनियरी सेवा, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि सदस्य हैं।
राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस द्वारा निर्धारित मानकों, दिशा-निर्देशों और विशेष प्रकाशनों सहित सरकार द्वारा अधिसूचित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जाते हैं।
मंत्री महोदय यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। विगत 11 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में 1.07 लाख करोड़ रुपये की लागत से लगभग 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है, जिससे सीमावर्ती और दूरवर्ती क्षेत्रों को जोड़ने में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
अपने संबोधन में श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अवसंरचना केवल निर्माण सामग्री और स्टील का ढांचा नहीं है, यह आर्थिक विकास की आधारशिला है, समृद्धि की राह है और ‘विकसित भारत 2047’ के प्रधानमंत्री के उस विज़न का प्रतीक है, जो एक सशक्त, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित है।





श्री शिवसुब्रमण्यम रमण ने पीएफआरडीए के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात G7 summit की sidelines पर होनी तय थी। राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिसके कारण यह मुलाकात नहीं हो पाई।
इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई। बातचीत लगभग 35 मिनट चली।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी। और आतंक के खिलाफ़ समर्थन व्यक्त किया था। उसके बाद दोनों लीडर्स की यह पहली बातचीत थी।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान occupied कश्मीर में सिर्फ़ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। भारत के एक्शन बहुत ही measured, precise, और non-escalatory थे।
साथ ही, भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था, कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा।
9 मई की रात को उपराष्ट्रपति Vance ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति Vance ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ़ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है, तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा।
9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया, और पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया। उसके मिलिटरी एयरबेसस को inoperable बना दिया। भारत के मुहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी, किसी भी स्तर पर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमरीका द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कारवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच, दोनों सेनाओं की existing channels के माध्यम से हुई थी, और पाकिस्तान के ही आग्रह पर हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दे कर कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है, और न ही कभी करेगा। इस विषय पर भारत में पूर्ण रूप से राजनैतिक एकमत है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री द्वारा विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लडाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को proxy war नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है, और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं। पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की। दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन conflict पर दोनों ने सहमति जतायी कि जल्द से जल्द शांति के लिए, दोनों पक्षों में सीधी बातचीत आवश्यक है, और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। indo-pacific क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओ ने अपने परिपेक्ष साझा किये। और इस क्षेत्र में QUAD की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया।
QUAD की अगली बैठक के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत पर विदेश सचिव श्री विक्रम मिस्री का वक्तव्य
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात G7 summit की sidelines पर होनी तय थी। राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिसके कारण यह मुलाकात नहीं हो पाई।
इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई। बातचीत लगभग 35 मिनट चली।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी। और आतंक के खिलाफ़ समर्थन व्यक्त किया था। उसके बाद दोनों लीडर्स की यह पहली बातचीत थी।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान occupied कश्मीर में सिर्फ़ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। भारत के एक्शन बहुत ही measured, precise, और non-escalatory थे।
साथ ही, भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था, कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा।
9 मई की रात को उपराष्ट्रपति Vance ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति Vance ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ़ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है, तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा।
9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया, और पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया। उसके मिलिटरी एयरबेसस को inoperable बना दिया। भारत के मुहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी, किसी भी स्तर पर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमरीका द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कारवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच, दोनों सेनाओं की existing channels के माध्यम से हुई थी, और पाकिस्तान के ही आग्रह पर हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दे कर कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है, और न ही कभी करेगा। इस विषय पर भारत में पूर्ण रूप से राजनैतिक एकमत है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री द्वारा विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लडाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को proxy war नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है, और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं। पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की। दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन conflict पर दोनों ने सहमति जतायी कि जल्द से जल्द शांति के लिए, दोनों पक्षों में सीधी बातचीत आवश्यक है, और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। indo-pacific क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओ ने अपने परिपेक्ष साझा किये। और इस क्षेत्र में QUAD की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया।
QUAD की अगली बैठक के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
भारतीय नौसेना ने एमवी वान हाई 503 पर बचाव दल को साहसिक हवाई मार्ग से उतारा
भारतीय नौसेना भीषण आग में घिरे एमवी वान हाई 503 के बचाव अभियान में 13 जून 2025 को बचाव दल को हवाई मार्ग से प्रवेश करवाकर अपने बचाव अभियान में तेजी लाई। तेजी से कार्रवाई करते हुए बचाव दल के सदस्यों को कोच्चि के आईएनएस गरुड़ में एक सीकिंग हेलीकॉप्टर पर चढ़ाया गया। नौसेना के हेलीकॉप्टर ने चुनौतीपूर्ण मौसम/समुद्री परिस्थितियों और जहाज पर लगी आग के बीच टीम को सफलतापूर्वक पोत पर चढ़ाया। बचाव दल को नीचे उतारा गया। बचावदल ने रस्सी को टग ऑफशोर वॉरियर से जोड़ा। इसे रस्सी से जोड़ने के बाद बचाव दल को नौसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा पोत से सफलतापूर्वक निकाला गया। पोत को रस्सी से खींचने का अभियान शुरू हुआ।
वर्तमान में, भारतीय नौसेना के आईएनएस शारदा और ओएसवी एमवी ट्राइटन लिबर्टी भारतीय तटरक्षक बल और अन्य समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय में बचाव अभियान में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। भारतीय नौसेना द्वारा बचाव दल को शीघ्रता से प्रवेश करवाकर और बाहर निकालकर बचाव के प्रयासों में तेजी लाई गई।
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के दुर्घटना स्थल का दौरा किया
एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 की दुर्भाग्पूर्ण घटना से पूरा देश स्तब्ध है, सभी देशवासी इस हादसे में हताहत यात्रियों के परिजनों के साथ खड़े हैं भारत सरकार, गुजरात सरकार और प्रधानमंत्री जी की ओर से सभी हताहतों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूँ भारत सरकार और गुजरात सरकार मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी है इस हादसे में बचने वाले घायल यात्री से हॉस्पिटल में मिला मृतकों की आधिकारिक संख्या डीएनए परीक्षण के पश्चात ही अधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी जिन यात्रियों के परिजन घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं, उनके डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया भी अगले 2-3 घंटों में पूरी हो जाएगी Aviation Department ने तीव्र गति से अपनी जांच प्रारंभ कर दी है
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के दुर्घटना स्थल का दौरा किया।गृह मंत्री ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्य की समीक्षा भी की।



बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 की दुर्भाग्पूर्ण घटना से पूरा देश स्तब्ध है, सभी देशवासी इस हादसे में हताहत यात्रियों के परिजनों के साथ खड़े हैं। श्री शाह ने कहा कि भारत सरकार, गुजरात सरकार और प्रधानमंत्री जी की ओर से वे सभी हताहतों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि विमान हादसे की सूचना मिलते ही गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस विभाग, और भारत सरकार की केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की इकाइयों को भी शामिल करते हुए आपदा प्रबंधन की सभी इकाइयों को अलर्ट कर दिया और सभी मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए। भारत सरकार और गुजरात सरकार मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी है।


श्री अमित शाह ने कहा कि इस विमान में देश-विदेश के कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेम्बर सवार थे। गृह मंत्री इस हादसे में बचने वाले घायल यात्री से अस्पताल में मिलकर आए। उन्होंने कहा कि मृतकों की आधिकारिक संख्या डीएनए परीक्षण के पश्चात ही अधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी। जिन यात्रियों के परिजन घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं, उनके डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया भी अगले 2-3 घंटों में पूरी हो जाएगी। श्री शाह ने कहा कि जिन मृतक यात्रियों के परिजन विदेश में हैं, उन्हें सूचना दी जा चुकी है और भारत पहुँचते ही उनके डीएनए नमूने लिए जाएंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि गुजरात की FSL (Forensic Science Laboratory) और NFSU (National Forensic Sciences University) मिलकर कम से कम समय में डीएनए परीक्षण पूर्ण करेंगी और उसके बाद मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि Aviation Department ने तीव्र गति से अपनी जांच प्रारंभ कर दी है। गृह मंत्री ने राहत और बचाव के काम में शामिल एजेंसियों का आभार प्रकट किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया प्रधानमंत्री ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर राहत व बचाव कार्यों में जुटी टीमों और अधिकारियों से भेंट की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में हुई दुखद विमान दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि हम उनके इस असहनीय दुःख और क्षति को भली-भांति समझते हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज प्रातः अहमदाबाद स्थित दुर्घटनास्थल का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत और आपातकालीन सेवाओं में जुटे अधिकारियों एवं कर्मियों से भी भेंट कर स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

श्री मोदी ने 'एक्स' पर अपने संदेशों में कहा:
“अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना से पूरा देश आहत है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आकस्मिक और पीड़ादायक मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त सभी परिवारों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं। हम उनके दुःख को महसूस करते हैं और समझते हैं कि इस खालीपन को वर्षों तक महसूस किया जाएगा। ॐ शांति।”
“आज अहमदाबाद में विमान दुर्घटनास्थल का दौरा किया। वहां का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। निरंतर रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों और टीमों से भेंट की। हमारी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक भगवान बिरसा मुंडा को उनके शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपना जीवन आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का त्याग और समर्पण देश के लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा;
"स्वतंत्रता संग्राम के महानायक भगवान बिरसा मुंडा जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका त्याग और समर्पण देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने सीमापार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता पर एक लेख साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा लिखा गया एक लेख साझा किया। इसमें सीमापार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति दोहराई गई है।
श्री मोदी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा है कि भारत पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा।
श्री मोदी ने उक्त लेख के बारे में रक्षा मंत्री के एक्स पोस्ट का जवाब देते हुए कहा;
"रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh ने सीमा पार आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति दोहराई है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि भारत पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा।"
विश्व पर्यावरण दिवस पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस बड़े उत्साह एवं संकल्प के साथ मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए वृक्षारोपण एवं जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बिलासपुर स्थित नवीन अधिकारी विश्राम गृह के समीप "मधुवन उद्यान" में वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने किया। उन्होंने नीम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री राजमल खोईवाल, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण तथा स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में लगभग 1000 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम में स्काउट एंड गाइड, नागरिक सुरक्षा संगठन, सेंट जॉन एम्बुलेंस, स्कूल के बच्चों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कटौती, अपशिष्ट प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे टिकाऊ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने “प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करें” विषय पर आधारित इस वर्ष के पर्यावरण दिवस की थीम को महत्वपूर्ण बताया और प्लास्टिक से हो रहे नुकसान के प्रति सभी को सचेत किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 22 मई से 4 जून 2025 तक पर्यावरण संरक्षण पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान 12 कार्यशालाएं, 180 सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। 8 प्लास्टिक संग्रहण ड्राइव के माध्यम से स्टेशनों पर स्थापित प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों की स्थिति और रखरखाव की समीक्षा की गई।
स्टेशनों पर विशेष अभियान चलाकर केटरिंग स्टालों की जांच की गई एवं विक्रेताओं को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचने व पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने हेतु दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। यात्रियों को अपनी बोतलों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए वाटर रीफिल पॉइंट्स की जांच की गई और उद्घोषणाएं की गईं।

“सतत रेलवे संचालन” विषय पर आधारित व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों के अंतर्गत बिलासपुर समेत सभी प्रमुख स्टेशनों पर स्वच्छता, ऊर्जा संरक्षण, जल बचत और पर्यावरण सुरक्षा पर बल दिया गया। स्टेशनों, कॉलोनियों, गार्डनों और ट्रैक के आसपास 180 सफाई अभियानों का संचालन कर सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की गई।
“गीला कचरा-सूखा कचरा” विषय पर 22 नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई गई। साथ ही, स्कूली बच्चों एवं रेलकर्मियों के लिए 17 ड्राइंग, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों को सुदृढ़ रूप से आगे बढ़ाता रहेगा।
एक सहानुभूतिशील सरकार गरीब कल्याण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री
पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार का हर कदम सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहा है: प्रधानमंत्रीहमारी सरकार के सर्वांगीण विकास के प्रयासों से परिवर्तनकारी परिणाम सामने आए हैं और गरीबों तथा वंचित वर्ग लोगों को लाभ मिला है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब कल्याण के प्रति एनडीए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया, क्योंकि देश परिवर्तनकारी और समावेशी शासन के 11 वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और समावेश पर केंद्रित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जन धन योजना और आयुष्मान भारत जैसी परिवर्तनकारी योजनाओं के प्रभाव पर भी उल्लेख किया, जिससे आवास, भोजन पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच का विस्तार हुआ है। उन्होंने लाभों के पारदर्शी और कुशल वितरण को सुनिश्चित करने में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), डिजिटल समावेशन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के महत्व को भी रेखांकित किया।
एक्स पर अपनी एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा;
"गरीब कल्याण के प्रति समर्पित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार!
पिछले एक दशक में, एनडीए सरकार ने कई लोगों को गरीबी की स्थिति से निकालने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और समावेशन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हमारी सभी प्रमुख योजनाओं ने गरीबों के जीवन को बदल दिया है। पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जन धन योजना और आयुष्मान भारत जैसी पहलों ने आवास, स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बढ़ाया है। डीबीटी, डिजिटल समावेशन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बल ने पारदर्शिता और अंतिम सिरे तक लाभों की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित की है।
इसी के कारण 25 करोड़ से अधिक लोगों ने गरीबी को मात दी है। एनडीए एक समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़ा 2025 मनाया
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के रूप में नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय और अपने सभी स्वायत्त संस्थानों (एआई) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में 1 मई से 15 मई 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया। यह पखवाड़ा केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के कैलेंडर के अनुसार आयोजित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़ा 2025 की शुरुआत 1 मई 2025 को जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी विभाग सचिव की अगुवाई में शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुई जिसमें विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लिया। सामूहिक शपथ ने स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की और पखवाड़े के दौरान होने वाली गतिविधियों के लिए माहौल तैयार किया। इस कार्यक्रम में उत्साही भागीदारी देखी गई और इसने पखवाड़े के लिए एक प्रेरक शुरुआत के रूप में कार्य किया। पखवाड़े के दौरान, विभिन्न स्वच्छता अभियान चलाए गए और जैव प्रौद्योगिकी विभाग और उसके एआई और पीएसयू द्वारा 188 गतिविधियों की योजना बनाई गई और उन्हें पूरा किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्य योजना में विभिन्न विशिष्ट विधियों को शामिल किया गया जैसे ई-कचरा बिन/सैनिटरी नैपकिन निपटान मशीन/उच्च क्षमता वाली अपशिष्ट श्रेडर मशीन आदि की स्थापना।


स्वास्थ्य जांच, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस), कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) प्रशिक्षण सत्र, एकल प्लास्टिक उपयोग और तनाव प्रबंधन पर जागरूकता पर चर्चा, वृद्धाश्रम/नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड सेंटर दिल्ली में सफाई अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली के लिए सामुदायिक दौड़, सैर, कार्यालय में महिला कक्ष का उद्घाटन भी किया गया। इसके अलावा, झुग्गी बस्तियों में पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया गया, स्वच्छता के बारे में समुदाय को शिक्षित करने के लिए एआई के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, पेंटिंग प्रतियोगिता, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पखवाड़े की निगरानी और मार्गदर्शन किया गया। स्वच्छता पखवाड़े के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने, प्रेरित करने और मार्गदर्शन देने के लिए समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। पुरस्कार के लिए तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों का चयन करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को जैव प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव (प्रशासन) द्वारा पुरस्कृत किया गया
जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के रूप में नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय और अपने सभी स्वायत्त संस्थानों (एआई) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में 1 मई से 15 मई 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया। यह पखवाड़ा केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के कैलेंडर के अनुसार आयोजित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़ा 2025 की शुरुआत 1 मई 2025 को जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी विभाग सचिव की अगुवाई में शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुई जिसमें विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लिया। सामूहिक शपथ ने स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की और पखवाड़े के दौरान होने वाली गतिविधियों के लिए माहौल तैयार किया। इस कार्यक्रम में उत्साही भागीदारी देखी गई और इसने पखवाड़े के लिए एक प्रेरक शुरुआत के रूप में कार्य किया। पखवाड़े के दौरान, विभिन्न स्वच्छता अभियान चलाए गए और जैव प्रौद्योगिकी विभाग और उसके एआई और पीएसयू द्वारा 188 गतिविधियों की योजना बनाई गई और उन्हें पूरा किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्य योजना में विभिन्न विशिष्ट विधियों को शामिल किया गया जैसे ई-कचरा बिन/सैनिटरी नैपकिन निपटान मशीन/उच्च क्षमता वाली अपशिष्ट श्रेडर मशीन आदि की स्थापना।


स्वास्थ्य जांच, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस), कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) प्रशिक्षण सत्र, एकल प्लास्टिक उपयोग और तनाव प्रबंधन पर जागरूकता पर चर्चा, वृद्धाश्रम/नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड सेंटर दिल्ली में सफाई अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली के लिए सामुदायिक दौड़, सैर, कार्यालय में महिला कक्ष का उद्घाटन भी किया गया। इसके अलावा, झुग्गी बस्तियों में पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया गया, स्वच्छता के बारे में समुदाय को शिक्षित करने के लिए एआई के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, पेंटिंग प्रतियोगिता, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पखवाड़े की निगरानी और मार्गदर्शन किया गया। स्वच्छता पखवाड़े के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने, प्रेरित करने और मार्गदर्शन देने के लिए समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। पुरस्कार के लिए तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों का चयन करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को जैव प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव (प्रशासन) द्वारा पुरस्कृत किया गया।
भारत को मिली अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान की अध्यक्षता
भारत, प्रशासनिक सुधार विभाग के माध्यम से, 1998 से, अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान का सदस्य देश है। अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान, 31 सदस्य देशों, 20 नेशनल सेक्शंस और 15 शैक्षणिक अनुसंधान केंद्रों का एक संघ है जो लोक प्रशासन पर वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए संयुक्त रूप से सहयोग करता है। इसके प्रमुख सदस्य देश हैं - भारत, जापान, चीन, जर्मनी, इटली, कोरिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, मैक्सिको, स्पेन, कतर, मोरक्को, इंडोनेशिया आदि ।
आईआईएएस, संयुक्त राष्ट्र के साथ घनिष्ठ कार्य संबंध बनाए रखता है, और संयुक्त राष्ट्र की लोक प्रशासन पर विशेषज्ञों की समिति (सीईपीए) और संयुक्त राष्ट्र लोक प्रशासन नेटवर्क (यूएनपीएएन) में भाग लेता है। जबकि आईआईएएस, संयुक्त राष्ट्र का औपचारिक रूप से संबद्ध निकाय नहीं है, यह लोक प्रशासन में संयुक्त राष्ट्र के कार्य से सक्रिय रूप से जुड़ा है।
आईआईएएस के 2025-2028 के अध्यक्ष पद के लिए, माननीय प्रधान मंत्री मोदी जी ने नवंबर 2024 में सचिव डीएआरपीजी श्री वी. श्रीनिवास की भारतीय उम्मीदवारी को नामित किया। आईआईएएस अध्यक्ष पद के लिए सुनवाई फरवरी 2025 में हुई - भारत, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रिया और बहरीन ने आईआईएएस की प्रशासन परिषद के समक्ष सुनवाई में भाग लिया। सुनवाई के बाद, भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया की उम्मीदवारी को अगले दौर के लिए आईआईएएस की आम सभा में भेज दिया गया। मई 2025 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत के पक्ष में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। 3 जून, 2025 को भारत और ऑस्ट्रिया के बीच चुनाव हुआ, जिसमें 141 वोट पड़े, जिनमें से भारत ने 87 वोट (61.7 प्रतिशत वोट) प्राप्त किए, और ऑस्ट्रिया ने 54 वोट प्राप्त किए(38.3.7 प्रतिशत वोट)
आईआईएएस की भारतीय अध्यक्षता, माननीय प्रधानमंत्री मोदी के "अधिकतम शासन - न्यूनतम सरकार" के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी, जिसमें नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण और संस्थानों के डिजिटल परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। भारतीय अध्यक्षता एकता और समावेशिता पर ध्यान केंद्रित करते हुए उत्तर-दक्षिण विभाजन को पाटने का प्रयास करेगी।
कॉर्पोरेट प्रबंधन और विकास को बढ़ावा देते हुए आईआईसीए पूर्वोत्तर में पहला क्षेत्रीय परिसर खोलेगा
आईआईसीए शिलांग परिसर प्रमुख क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण, अनुसंधान और नीति सलाह के लिए क्षेत्रीय केंद्र के रूप में काम करेगा; इसमें प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (पीएम-डेवआईएनई) के तहत निवेश होगा
समावेशी राष्ट्रीय विकास और क्षेत्रीय क्षमता निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए) ने अपने पहले क्षेत्रीय परिसर के लिए मेघालय के न्यू शिलांग टाउनशिप में औपचारिक रूप से पांच एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया। यह पहल पूर्वोत्तर में आईआईसीए के महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है, जो कॉर्पोरेट प्रबंधन उत्कृष्टता और सतत विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

भूमि हस्तांतरण समारोह की अध्यक्षता मेघालय सरकार के मुख्य सचिव श्री डोनाल्ड फिलिप्स वाहलांग और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी ने की। आईआईसीए के महानिदेशक और सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह; कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री इंद्रदीप सिंह धारीवाल; योजना विभाग के आयुक्त और सचिव श्री सीवीडी डिएंगदोह; आईआईसीए के श्री (कर्नल) अमनदीप सिंह पुरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। भूमि हस्तांतरण और अधिग्रहण का कार्य मेघालय सरकार की ओर से योजना विभाग के संयुक्त सचिव श्री के. हिनीवता और भारत सरकार की ओर से उप सचिव श्री शेखर श्रीवास्तव ने किया।

इस विजन की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने ज्ञान आधारित विकास के लिए मेघालय की प्रतिबद्धता व्यक्त की और नॉलेज सिटी क्लस्टर के भीतर आईआईसीए परिसर के इस युक्तिपूर्ण स्थान के बारे में बताया। इस क्षेत्र में पहले से ही आईआईएम शिलांग, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी मेघालय और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं - जो समृद्ध शैक्षणिक और पेशेवर तालमेल वाला बेहतरीन स्थान है। उन्होंने यह भी बताया कि शिलांग में जल्द ही एक नये हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा, जो क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा और पूरे भारत के पेशेवरों, शिक्षकों और छात्रों के लिए इस परिसर को आसानी से सुलभ बना देगा। यह बुनियादी ढांचागत विकास पूर्वोत्तर में एक प्रमुख शैक्षणिक और नीति केंद्र के रूप में शिलांग की उभरती स्थिति को और मजबूत करेगा।
आईआईसीए के महानिदेशक और सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताया और आईआईसीए के शिलांग परिसर को "दिल्ली के बाहर हमारा पहला बच्चा- विकेंद्रीकरण और सशक्तीकरण का प्रतीक" बताया। उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस , आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत @ 2047 जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ तालमेल में उद्यमशीलता, क्षमता निर्माण और सुशासन का समर्थन करने में नए परिसर की भूमिका पर जोर दिया। राइजिंग नॉर्थ ईस्ट पहल के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, महानिदेशक श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लगातार पूर्वोत्तर को "भारत की अष्टलक्ष्मी" के रूप में बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र विविधता, प्रतिभा और क्षमता से समृद्ध है। इस दृष्टिकोण के साथ उन्होंने कहा, "आईआईसीए को इस क्षेत्र को एक दूरस्थ परिधि से नए भारत के गतिशील विकास इंजन में बदलने का हिस्सा बनने पर गर्व है।"

आईआईसीए महानिदेशक ने यह भी कहा, "यह पहल हमारे प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के मंत्र से गहराई से जुड़ी है। शिलांग में हमारा परिसर आईआईसीए का महज एक विस्तार नहीं है - यह 'परिवहन से परिवर्तन' के लिए एक प्रतिबद्धता है। प्रधानमंत्री ने ऐसी कल्पना की थी, जहां बुनियादी ढांचा और ज्ञान संस्थान मिलकर शांति, समृद्धि और उद्देश्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं।"
प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (पीएम-डेवीन) के तहत 100.95 करोड़ रुपये के निवेश से शिलांग परिसर कॉर्पोरेट प्रबंधन, ईएसजी, सीएसआर, दिवाला और दिवालियापन, प्रतिस्पर्धा कानून जैसे प्रमुख क्षेत्रों और बोर्ड नेतृत्व में विशेष प्रशिक्षण, अनुसंधान और नीति सलाह के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में काम करेगा।
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी ने अपने संबोधन में मेघालय सरकार के सक्रिय और उदार समर्थन की सराहना की और बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी सहकारी संघवाद की भावना और नए भारत के विकास इंजन के रूप में पूर्वोत्तर को सशक्त बनाने के केंद्र के दृष्टिकोण को दर्शाती है।

जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने के साथ इस परिसर में शैक्षणिक और सलाहकार कार्यक्रम चालू वित्त वर्ष में शुरू होने वाले हैं। आईआईसीए ने अपने पिछले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पहले ही पूर्वोत्तर क्षेत्र की सेवा की है, जिससे 300 से अधिक पेशेवरों को लाभ मिला है और स्वतंत्र निदेशक डेटाबैंक का प्रबंधन जारी है, जिसमें सभी पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व शामिल है।
भविष्य में आईआईसीए ज्ञान नगरी में राज्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ सहयोगात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा देगा, ताकि क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अनुरूप प्रशिक्षण, नीति समर्थन और क्षमता निर्माण पहल प्रदान की जा सके।
यह विस्तार पूर्वोत्तर के हृदयस्थल से नैतिक उद्यमियों, कुशल पेशेवरों और जिम्मेदार नेताओं को आकार देने में दीर्घकालिक साझेदार के रूप में काम करने के आईआईसीए के संकल्प को दर्शाता है।















