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"राष्ट्रीय प्रसारण नीति" के निर्माण के क्रम में इनपुट के लिए जारी ट्राई पूर्व-परामर्श पत्र पर टिप्पणियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि का विस्तार
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 21 सितंबर 2023 को "राष्ट्रीय प्रसारण नीति" के निर्माण के क्रम में इनपुट के लिए एक पूर्व-परामर्श पत्र जारी किया था। पूर्व-परामर्श पत्र में उठाए गए मुद्दों पर हितधारकों से टिप्पणियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि प्रारंभ में 10 अक्टूबर 2023 निर्धारित की गई थी।
टिप्पणियां जमा करने का समय बढ़ाने के लिए हितधारकों से प्राप्त अनुरोधों के बाद, लिखित टिप्पणियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2023 तक बढ़ा दी गईं थी।
अब, उपर्युक्त पूर्व-परामर्श पत्र पर टिप्पणियां जमा करने के समय बढ़ाने के लिए हितधारकों से पुन: प्राप्त अनुरोधों के बाद टिप्पणियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि को 7 नवंबर 2023 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। टिप्पणियां जमा करने के समय में और विस्तार के किसी भी अन्य अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।
टिप्पणियां: ईमेल आईडी advbcs-2[at]trai[dot]gov[dot]in और jtadvbcs-1[at]trai[dot]gov[dot]in पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में भेजी जा सकती हैं। किसी भी स्पष्टीकरण/जानकारी के लिए, दूरभाष संख्या +91-11-23237922 पर श्री अनिल भारद्वाज, महानिदेशक ट्राई सीएसआर और सलाहकार (बी एंड सीएस) से संपर्क किया जा सकता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन कार्यक्रम में भाग लेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 अक्टूबर 2023 को शाम लगभग 5 बजे कर्तव्य पथ पर मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव का समापन समारोह भी होगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक का उद्घाटन करेंगे। वे देशभर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले हजारों अमृत कलश यात्रियों को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देश के युवाओं के लिए 'मेरा युवा भारत' (माय भारत) प्लेटफॉर्म का शुभारंभ भी करेंगे।
मेरी माटी मेरा देश
मेरी माटी मेरा देश अभियान उन वीरों और वीरांगनाओं को एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। जन भागीदारी की भावना के साथ, इस अभियान में देश भर के पंचायत/गांव, प्रखंड, शहरी स्थानीय निकाय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कई गतिविधियां और समारोह शामिल थे। गतिविधियों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुर व्यक्तियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने के लिए शिलाफलकम (स्मारक) का निर्माण; शिलाफलकम में लोगों द्वारा 'पंच प्राण' प्रतिज्ञा लेना; स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाना और 'अमृत वाटिका' (वसुधा वंदन) विकसित करना तथा स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों (वीरों का वंदन) के सम्मान के लिए अभिनन्दन समारोह शामिल थे।
इस अभियान को भारी सफलता मिली; 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 2.3 लाख से अधिक शिलाफलकमों का निर्माण हुआ; लगभग 4 करोड़ पंच प्राण प्रतिज्ञा सेल्फी अपलोड की गईं; देशभर में 2 लाख से अधिक 'वीरों का वंदन' कार्यक्रमों का आयोजन हुआ; 2.36 करोड़ से अधिक स्वदेशी पौधे लगाए गए और देशभर में वसुधा वंदन थीम के तहत 2.63 लाख अमृत वाटिकाएं विकसित कीं गईं।
'मेरी माटी मेरा देश' अभियान में अमृत कलश यात्रा भी शामिल है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के 6 लाख से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों से मिट्टी और चावल का संग्रह किया गया है। गांवों की मिट्टी को प्रखंड स्तर पर मिश्रित किया जाता है और फिर इसे राज्य की राजधानी तक पहुंचाया जाता है। हजारों अमृत कलश यात्रियों के साथ राज्य स्तर से मिट्टी राष्ट्रीय राजधानी भेजी जाएगी।
30 अक्टूबर, 2023 को, अमृत कलश यात्रा के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रखंड और शहरी स्थानीय निकाय 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना के तहत अपने कलश से मिट्टी को एक विशाल अमृत कलश में मिश्रित करेंगे। 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री देशभर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले हजारों अमृत कलश यात्रियों को संबोधित करेंगे।
अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा, देश के प्रत्येक भाग से एकत्र की गई मिट्टी से कर्तव्य पथ पर विकसित व निर्मित किया गया है।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने 10 करोड़ टन कोयला डिस्पैच के लक्ष्य को हासिल किया
कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 100 मिलियन टन (एमटी) कोयला डिस्पैच के लक्ष्य को हासिल किया है। छत्तीसगढ़ स्थित कंपनी द्वारा अपनी स्थापना के बाद सबसे पहले 100 मीट्रिक टन कोयला डिस्पैच के लक्ष्य को हासिल किया है। पिछले साल, एसईसीएल ने इसी अवधि में लगभग 85 मिलियन टन कोयले का डिस्पैच किया था और इस प्रकार इस वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी ने 17.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
कुल कोयले के डिस्पैच में से बिजली क्षेत्र को 80 प्रतिशत से अधिक डिस्पैच किया गया क्योंकि कंपनी ने देश के बिजली संयंत्रों को लगभग 81 मिलियन टन कोयला डिस्पैच किया। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जब बिजली की मांग सबसे अधिक रहेगी।
कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं गेवरा, दीपका, और कुसमुंडा ने 100 मिलियन टन कोयले के कुल डिस्पैच में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा ने 30.3 मिलियन टन कोयले का योगदान किया है जबकि दीपका और कुसमुंडा ने क्रमश: 19.1 मिलियन टन और 25.1 मिलियन टन कोयले का योगदान किया है। कुल डिस्पैच में सभी तीन मेगा परियोजनाओं की कुल हिस्सेदारी 74 प्रतिशत से अधिक रही है।
इसके अलावा एसईसीएल के कोरिया रीवा कोलफील्ड, जहां अधिकांश पुरानी और भूमिगत खदानें स्थित हैं। इन्होंने भी पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत कोयला डिस्पैच में वृद्धि करके उल्लेखनीय योगदान दिया है।
एसईसीएल, कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सहायक कंपनियों में से एक है। कंपनी ने 167 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया (जो उसके इतिहास में सबसे अधिक है) और वित्तीय वर्ष 22-23 में सीआईएल के कुल कोयला उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी करीब एक-चौथाई रही। इस साल कंपनी ने 197 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
पुरस्कार समारोह - सरदार के एम पणिक्कर ‘एनआईबी’ निबंध प्रतियोगिता
नौसेना स्टाफ के प्रमुख (सीएनएस) एडमिरल आर हरि कुमार ने अपने कक्ष में एक संक्षिप्त पुरस्कार समारोह के दौरान कमांडर एम अरुण चक्रवर्ती को पहला ‘एनआईबी’ (नेवीज इंटेलेक्चुअल बीकन) पुरस्कार प्रदान किया। कमांडर एम अरुण चक्रवर्ती भारतीय नौसेना के सरदार के एम पणिक्कर ‘एनआईबी’ निबंध प्रतियोगिता के विजेता हैं। इस निबंध प्रतियोगिता को नौसेना समुदाय के बीच पढ़ने, लिखने और सोचने के कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस अवसर पर कार्मिक प्रमुख वाईस एडमिरल के स्वामीनाथन और कमोडोर (नौसेना शिक्षा) कमोडोर जी रामबाबू भी उपस्थित थे।
यह पुरस्कार समुद्री रणनीतिक विचारक सरदार के एम पणिक्कर की स्मृति में शुरू किया गया है, जिन्होंने महासागरों और समुद्री मामलों के महत्व के बारे में भारत में समुद्री जागृति/चेतना लाई।
प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में अनीता, नारायण कोंगनापल्ले को रजत पदक जीतने पर बधाई दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज हांगझोऊ में आयोजित एशियाई पैरा खेलों की रोइंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर अनीता और नारायण कोंगनापल्ले को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने उनके टीम वर्क और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि ने देश को गर्व से भर दिया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"अनीता और नारायण कोंगनापल्ले को रोइंग - पीआर3 मिक्स्ड डबल स्कल्स स्पर्धा में उनके असाधारण रजत पदक के लिए बधाई।
उन्होंने टीम वर्क और समर्पण का शानदार प्रदर्शन किया है! यह उपलब्धि देश को गर्व से भर देती है।”
प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 400 मीटर - टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर दिलीप को बधाई दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज हांगझोऊ में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 400 मीटर - टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर दिलीप को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“पुरुषों की 400 मीटर - टी47 स्पर्धा में शानदार स्वर्ण पदक जीतने पर दिलीप को हार्दिक बधाई!
इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।”
प्रधानमंत्री ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर राष्ट्र को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक समानता और सद्भावना से जुड़े महर्षि वाल्मिकी के विचार आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, अपने संदेशों के माध्यम से वे युगों-युगों तक हमारी सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“देशवासियों को वाल्मीकि जयंती की अनंत शुभकामनाएं। सामाजिक समानता और सद्भावना से जुड़े उनके अनमोल विचार आज भी भारतीय समाज को सिंचित कर रहे हैं। मानवता के अपने संदेशों के माध्यम से वे युगों-युगों तक हमारी सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बने रहेंगे।
प्रोजेक्ट 15बी का तीसरा स्टील्थ विध्वंसक-'इम्फाल' भारतीय नौसेना को सौंपा गया
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने भारतीय नौसेना को प्रोजेक्ट 15बी क्लास गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यानी यार्ड 12706 (इम्फाल) का तीसरा स्टील्थ डिस्ट्रॉयर सौंप दिया है। इस संदर्भ में स्वीकृति दस्तावेज़ पर एमडीएल के अध्यक्ष एवं एएमपी और प्रबंध निदेशक श्री संजीव सिंघल, एवीएसएम, एनएम, सीएसओ (टेक) आरएडीएम संजय साधु ने आज एमडीएल में कमांडिंग ऑफिसर (नामित) कैप्टन के.के. चौधरी, एमडीएल निदेशक, डब्ल्यूओटी (एमबी) और नौसेना कर्मियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।इस युद्धपोत का निर्माण स्वदेशी स्टील डीएमआर 249 ए का उपयोग करके किया गया है और यह भारत में निर्मित सबसे बड़े विध्वंसक युद्धपोतों में से एक है, जिसकी कुल लंबाई 164 मीटर है और इसका विस्थापन 7500 टन से अधिक है। यह शक्तिशाली युद्धपोत समुद्री युद्ध के पूर्ण दायरे को शामिल करते हुए विभिन्न प्रकार के कार्यों और मिशनों को पूरा करने में सक्षम है। यह सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक 'ब्रह्मोस' मिसाइलों और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली 'बराक-8' मिसाइलों से लैस है। यह युद्धपोत समुद्र के भीतर युद्ध क्षमता के लिए विध्वंसक स्वदेशी रूप से विकसित पनडुब्बी रोधी हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित है जिनमें प्रमुख रूप से सोनार हम्सा एनजी, भारी वजन वाले टॉरपीडो ट्यूब लॉन्चर और एएसडब्ल्यू रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं।
यह युद्धपोत नौसेना की सूची में शामिल विध्वंसकों और फ्रिगेट्स की पिछली श्रेणियों की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से अधिक बहुआयामी है और इम्फाल की चौतरफा क्षमता इसे सहायक जहाजों के बिना स्वतंत्र रूप से संचालित करते हुए दुश्मन की पनडुब्बियों, सतह के युद्धपोतों, एंटी-शिप मिसाइलों और लड़ाकू विमानों के खिलाफ सक्षम बनाती है। साथ ही यह एक नौसेना टास्क फोर्स के तौर पर प्रमुख कार्य करने में भी सक्षम है।इम्फाल को अनुबंधित समय से चार महीने से अधिक समय पहले ही अब तक के सबसे युद्ध सक्षम युद्धपोत के रूप में भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया है। यह निरंतर सुधार और वैश्विक बेंचमार्क से आगे बढ़ने के प्रति एमडीएल की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करता है। इस युद्धपोत ने 03 सीएसटी में सभी समुद्री परीक्षणों को भी पूर्ण किया है, जिसमें पहले सीएसटी में प्रमुख महत्वपूर्ण हथियारों की गोलीबारी भी शामिल है। यह युद्धपोत उन सभी पी15बी जहाजों में प्रथम है जिसे ज़मीन पर हमले में सक्षम होने के साथ-साथ लंबी दूरी की दोहरी भूमिका की क्षमता रखने वाली उन्नत ब्रह्मोस मिसाइलों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके अलावा, इम्फाल पहला नौसेना युद्धपोत है जिस पर महिला अधिकारी और नाविकों की तैनाती के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) के निदेशक मंडल को संबोधित किया
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) के निदेशक मंडल को संबोधित किया। श्री अमित शाह ने कहा कि NCCF को वर्ष 2027-28 तक 50 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनना चाहिये। उन्होंने कहा कि NCCF को देश भर की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और अन्य सहकारी संस्थाओं को अपना सदस्य बनाने पर जोर देना चाहिये जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि NCCF की अंश पूंजी में सहकारिता का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक हो। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि इसके लिये NCCF को अपना बिज़नेस प्लान डेवलप करने तथा बिज़नेस एप्रोच में बदलाव लाना होगा।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'सहकार से समृद्धि' के विज़न को पूरा करने में NCCF महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, अपने गठन के बाद से, सहकारिता मंत्रालय ने देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और GDP में सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए पिछले 26 महीनों में 52 पहल की हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि NCCF को आत्मनिर्भर सहकारी संस्था बनने के लिए अगले 10 वर्ष का एक रोडमैप बनाना चाहिए। उन्होने कहा कि इसे क्रियान्वित करने में सहकारिता मंत्रालय अपना पूर्ण सहयोग दे सकता हैं। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने NCCF द्वारा अपनी सहयोगी कंपनियों के साथ इथेनॉल के उत्पादन के लिये गुजरात, बिहार और अन्य राज्यों के किसानों से मक्के की खरीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अगर एनसीसीएफ और नेफेड चाहे तो सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) से डिजिटल प्लेटफार्म पर अपना एक कॉमन ऐप तैयार करवा सकते हैं और इस कॉमन ऐप के माध्यम से सामंजस्य स्थापित कर मक्के की खरीदारी की जा सकती हैं। श्री शाह ने NCCF द्वारा किसानों से दलहन की खरीदारी कर निर्यात के अवसर तलाशने और इस खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने एग्रेसिव एक्सटेंशन और मार्केटिंग अपनाने, किसानो को पूर्व में आश्वासन देकर खरीद करने तथा कॉमन कलेक्शन सेंटर बनाए जाने पर भी ज़ोर दिया।
श्री अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि NCCF प्याज एवं दालों की खरीद के लिये पैक्स के साथ संबद्ध हो सकता है, ताकि सहकारिता के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना के तहत इसके भंडारण की व्यवस्था बनाई जा सके। उन्होंने कृषि उत्पादों में निर्यात के अवसर और चावल की खरीदारी कर राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NECL) द्वारा उसे निर्यात करने के अवसर तलाशने को भी कहा।
NCCF के चेयरमैन श्री विशाल सिंह ने आश्वस्त किया कि वे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता द्वारा सुझाये गए लक्ष्यों को पूर्ण करेंगे। निदेशक मंडल की बैठक में सहकारिता मंत्रालय के सचिव श्री ज्ञानेश कुमार और NCCF के प्रबंध निदेशक एनिस जोसेफ चंद्र भी शामिल हुए।
प्रकाशन विभाग ने 75वें फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में भागीदारी की
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रकाशन विभाग, इंडिया नेशनल स्टैंड के रूप में 75वें फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में भागीदार कर रहा है। प्रकाशन विभाग के स्टॉल के साथ-साथ इंडिया नेशनल स्टैंड का उद्घाटन 18 अक्टूबर, 2023 को फ्रैंकफर्ट में भारतीय वाणिज्य दूतावास के कॉन्सुलेट कॉमर्स श्री विनोद कुमार द्वारा किया गया। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में 18 अक्टूबर से 22 अक्टूबर, 2023 तक आयोजित किया जा रहा फ्रैंकफर्ट बुचमेस दुनिया के सबसे प्रशंसित पुस्तक मेलों में से एक है। इस मेले में दुनिया भर से आने वाले बहुत से प्रतिभागियों और आगंतुकों का स्वागत किया जा रहा है।
अपने उत्कृष्ट साहित्यिक भंडार से प्रकाशन विभाग ने कला और संस्कृति, इतिहास, सिनेमा, व्यक्तित्व और जीवनियां, भूमि और लोग, गांधीवादी साहित्य और बच्चों के साहित्य जैसे व्यापक विषयों पर पुस्तकों का अपना समृद्ध संग्रह मेले में प्रस्तुत किया है। मेले में रखी गई पुस्तकें आगंतुकों और पुस्तक प्रेमियों का मन मोह लेंगी। प्रकाशन विभाग द्वारा राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री के भाषणों पर विशेष रूप से प्रकाशित प्रीमियम पुस्तकें भी यहां प्रस्तुत की गई हैं। पुस्तकों के अलावा, आगंतुक स्टॉल पर संभाग की लोकप्रिय और व्यापक रूप से प्रसारित पत्रिकाएं जैसे योजना, कुरूक्षेत्र, आजकल और बाल भारती को भी देख सकते हैं।फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में प्रकाशन विभाग अपने प्रकाशनों को स्टॉल नंबर बी 35/34, हॉल नंबर 6.0, प्रदर्शित कर रहा है।प्रकाशन निदेशालय पुस्तकों और पत्रिकाओं का एक भंडार है जो राष्ट्रीय महत्व के विषयों और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करता है। 1941 में स्थापित, प्रकाशन विभाग, भारत सरकार का एक प्रमुख प्रकाशन गृह है और यह विभिन्न भाषाओं में भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य, जीवनियां, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं रोजगार जैसे विविध विषयों पर किताबें और पत्रिकाएं प्रस्तुत करता है। यह विभाग पाठकों और प्रकाशकों के बीच विश्वसनीयता का भी एक उदाहरण है और सामग्री की प्रामाणिकता के साथ-साथ अपने प्रकाशनों के उचित मूल्य के लिए बेहतर रूप से जाना जाता है।
प्रधानमंत्री ने रीजनल रैपिड रेल नमो भारत में यात्रा की
प्रधानमंत्री ने आज रीजनल रैपिड रेल नमो भारत में यात्रा की। प्रधानमंत्री ने आज इस रीजनल रैपिड रेल का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा :
"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रीजनल रैपिड रेल नमो भारत में सह-यात्रियों के साथ यात्रा कर रहे हैं, यात्रीगण इस रेल सेवा से होने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में उनसे अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस दुर्घटना में हुई जन हानि पर शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के कुछ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण हुई जन हानि पर शोक व्यक्त किया है। श्री मोदी ने कहा कि अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया:
“नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के कुछ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण हुई जन हानि से बेहद दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। अधिकारी सभी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश का मूल पाठ
स्किल डवलपमेंट का ये उत्सव अपने आप में अनूठा है। पूरे देश में स्किल डवलपमेंट से जुड़े संस्थानों का ऐसा साझा कौशल दीक्षांत समारोह, एक बहुत ही सराहनीय पहल है। ये आज के भारत की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। इस आयोजन में देश के हजारों युवा, टेक्नोलॉजी के माध्यम से जुड़े हुए हैं। मैं सभी युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
मेरे युवा साथियों,
हर देश के पास अलग-अलग तरह का सामर्थ्य होता है, जैसे प्राकृतिक संसाधन, खनिज संसाधन या लंबे समुद्र तट। लेकिन इस सामर्थ्य को उपयोग में लाने के लिए जिस एक महत्वपूर्ण शक्ति की जरूरत होती है, वो है युवा शक्ति। और ये युवाशक्ति जितनी सशक्त होती है, उतना ही देश का विकास होता है, देश के संसाधनों के साथ न्याय होता है। आज भारत इसी सोच के साथ अपनी युवाशक्ति को Empower कर रहा है, पूरे इकोसिस्टम में अभूतपूर्व सुधार कर रहा है। और इसमें भी देश की अप्रोच दोतरफा है। हम अपने युवाओं को skilling और education के द्वारा नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार कर रहे हैं। करीब 4 दशक बाद हम नई national education policy लेकर आए हैं। बड़ी संख्या में हमने नए मेडिकल कॉलेज, IIT, IIM या ITI जैसे कौशल विकास संस्थान खोले हैं। करोड़ों युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग दी गई है। वहीं दूसरी तरफ, हम नौकरी देने वाले traditional sectors को भी मजबूत कर रहे हैं। हम रोजगार और entreprneurship को बढ़ावा देने वाले नए सेक्टर को भी बढ़ावा दे रहे हैं। आज भारत, goods exports, मोबाइल एक्सपोर्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट्स, services exports, defence exports और manufacturing में नए रिकॉर्ड बना रहा है। और साथ ही, भारत, स्पेस, स्टार्टअप्स, ड्रोन, एनिमेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सेमीकंडक्टर, जैसे कई सेक्टर्स में आप जैसे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में नए अवसर भी तैयार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने राजमाता विजया राजे सिंधिया जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजमाता विजया राजे सिंधिया को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्री मोदी ने कहा कि राजमाता विजया राजे सिंधिया जी का पूरा जीवन लोक कल्याण और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित था। श्री मोदी ने कहा कि गरीबों और वंचितों के लिए उनके प्रयास हर किसी को सशक्त भारत बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया;
“राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने अपना पूरा जीवन जन कल्याण और राष्ट्रसेवा को समर्पित कर दिया। गरीबों और वंचितों के लिए उनके प्रयास सशक्त भारत के निर्माण में हर किसी को प्रेरित करने वाले हैं।”
भारत और सऊदी अरब ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने का निर्णय लिया
भारत और सऊदी अरब ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक-दूसरे के देश में निवेश को बढ़ावा देने पर सहमत हुए हैं। कल (9 अक्टूबर 2023) अपनी यात्रा के दूसरे दिन , केंद्रीय बिजली और एनआरई मंत्री श्री आरके सिंह ने सऊदी अरब के निवेश मंत्री खालिद अल-फलीह के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। बाद में, श्री सिंह ने सऊदी उद्योगपतियों और निवेशकों की एक सभा को संबोधित किया और उन्हें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन आदि जैसे नए और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। सऊदी अरब के सभी प्रमुख व्यापारिक घरानों, जिसमें एसीएडब्ल्यूए पावर, अल्फानार, एडब्ल्यूजे एनर्जी, अल्माजदौई, अब्दुलकरीम, अल्जोमैह एनर्जी एंड वॉटर कंपनी, कानू इंडस्ट्रियल एंड एनर्जी, एलएंडटी, नेस्मा रिन्यूएबल एनर्जी, पेट्रोमिन, नेक्स्टजेन इंफ्रा शामिल हैं, ने बैठक में भाग लिया।
इन्वेस्ट इंडिया ने बिजली क्षेत्र के उन क्षेत्रों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी, जहां सऊदी अरब के व्यापारिक घराने संभावित रूप से भारत में निवेश कर सकते हैं। बैठक के दौरान आरई उत्पादन परियोजनाओं, ऊर्जा भंडारण, बिजली वितरण और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में भारत में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला गया।
श्री आर.के. सिंह ने प्रतिनिधिमंडल के साथ रियाद में सुडायर सौर ऊर्जा संयंत्र का भी दौरा किया। यह संयंत्र सऊदी अरब का सबसे बड़ा सौर संयंत्र है और इसका कार्य एक भारतीय कंपनी द्वारा निष्पादित किया जाता है। सऊदी-भारत बिजनेस काउंसिल ने माननीय मंत्री के सम्मान में रात्रिभोज का भी आयोजन किया।8 अक्टूबर को यात्रा के पहले दिन, केंद्रीय बिजली और एनआरई मंत्री ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (एमईएनए) जलवायु सप्ताह 2023 के उच्च-स्तरीय खंड में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जो रियाद में आयोजित किया जा रहा है। श्री. आर के सिंह ने एमईएनए जलवायु सप्ताह के भाग के रूप में, "एमईएनए क्षेत्र में ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाना: उचित और न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन के लिए समावेशिता और सर्क्यलैरिटी को आगे बढ़ाना" विषय पर उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय पैनल में भाग लिया। इसके बाद, उन्होंने "जीएसटी क्षेत्रीय संवाद: रियाद बुलेवार्ड महत्वाकांक्षा और नगर समावेशी बदलाव के लिए सक्षमकर्ताओं और प्रौद्योगिकियों" विषय पर प्रकाश डालते हुए सभा को भी संबोधित किया। इन संबोधनों के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने हमारे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में जलवायु परिवर्तन, सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा से लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की और संयुक्त अरब अमीरात में आगामी सीओपी28 के आलोक में कई मुद्दे उठाए।
एनईजीडी ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत राज्य क्षमता निर्माण कार्यशालाएं शुरू कीं
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन ने अपने ज्ञान भागीदारों के सहयोग से क्षमता निर्माण योजना के तहत क्षमता निर्माण कार्यशालाएं शुरू की हैं। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य सेवा वितरण में सुधार के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों की क्षमता को दर्शाने के साथ-साथ यह भी बताना है कि नए डिजिटल परिदृश्यों को समायोजित करने के लिए नीतियों और रणनीतियों को कैसे आकार दिया जाए।
पहली कार्यशाला महाराष्ट्र में 9 से 12 अक्टूबर, 2023 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें महाराष्ट्र के विभिन्न विभागों के 28 से अधिक अधिकारी भाग ले रहे हैं। चार दिवसीय गहन प्रशिक्षण का उद्देश्य नीतियां तय करने वाले सार्वजनिक अधिकारियों के तहत काम करने वाली टीम को राज्य में उभरती प्रौद्योगिकी पहलों को अपनाने और कार्यान्वयन में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित करना है।
कार्यशाला का उद्घाटन आईटी निदेशक सुश्री नीमा अरोड़ा और एनईजीडी तथा वाधवानी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी (डब्ल्यूआईटीपी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
उद्घाटन के बाद सत्रों की एक श्रृंखला शुरू हुई, जिनसे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को यह तय करने में सहायता मिलेगी कि इनमें से कौन सी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां उनके विभागों के लिए और उनकी आवश्यकताओं के लिए सही समाधान लागू करने में मदद करेंगी।
कार्यशाला में उद्योग और सरकार के लिए काम करने वाले विषय विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो जीवन की असल कहानियों, इनके लिए विकसित टूल्स के प्रदर्शन और विचारों को अवधारणाओं, परिकल्पनाओं तथा परियोजनाओं में बदलने के दृष्टिकोण पर संपर्क सत्रों में चर्चा कर रहे हैं।
अगस्त 2023 में शुरू की गई, ये कार्यशालाएं सरकार और उद्योग संघ के बीच इस आशय की एक विशिष्ट साझेदारी है, ताकि सरकार सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में सुधार लाने, शासन को मजबूत करने और बेहतर निर्णय लेने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सके।
अगली कार्यशालाएं केरल, लद्दाख, तेलंगाना आदि में आयोजित करने की योजना है।
आयुर्वेद पर्यावरण को आत्मसात करते हुये मानव जीवन के साथ साथ पशु और पौधों को भी लाभ पहुंचाता है: सर्बानंद सोनोवाल
केंद्रीय आयुष और पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज देश भर में 8 वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के संबंध में एक महीने तक चलने वाले अभियान का अनावरण किया। आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि के सम्मान में पूरे भारत में आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है।
संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने जनसंदेश, जनभागीदारी और जन आंदोलन पर जोर दिया और कहा आयुष मंत्रालय का उद्देश्य न केवल मानव बल्कि पर्यावरण की भलाई को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद की संभावनाओं का पता लगाना है । यह विषय भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी 'वसुधैव कुटुंबकम' की थीम के अनुरूप है और आयुर्वेद दिवस-2023 के लिए मुख्य विषय मानव-पशु-पौधे-पर्यावरण इंटरफेस पर ध्यान केंद्रित कर 'एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद' के रूप में निर्धारित किया गया है। केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने महीने भर चलने वाले समारोह के सम्पूर्ण दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से बताया और अब तक किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत में विश्वास करता हुआ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की क्षमता, समग्र उपचार और स्वस्थ जीवन के विज्ञान का उपयोग कर, एक स्वास्थ्य की चिंताओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक क्रांति लाई जा सकती है।
आयुर्वेद के बारे में छात्रों, किसानों और जनता को जागरूक करने के लिए पूरे भारत में एक महीने के समारोहों की योजना बनाई गई है। इस साल का 8वां आयुर्वेद दिवस 10 नवंबर, 2023 को है। आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद दिवस के लिए विभिन्न विषयों को चुना है जिससे कि आयुर्वेद के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जा सके। विभिन्न विषयों का चयन कर देश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ इस मुद्दे की रोकथाम और उपचार में आयुर्वेद की संभावित भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद मिलती है।
आरईसी ने 54ईसी बांड के निवेशकों के लिए मोबाइल ऐप 'सुगम आरईसी' लॉन्च किया
ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम की महारत्न कंपनी आरईसी लिमिटेड ने आरईसी के 54ईसी पूंजीगत लाभ कर छूट बांड में मौजूदा और भावी निवेशकों के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया है। 'सुगम आरईसी' नाम का यह मोबाइल ऐप निवेशकों को आरईसी 54ईसी बांड में उनके निवेश का पूरा विवरण प्रदान करेगा।
खान मंत्रालय का उद्देश्य विशेष अभियान 3,0 के तहत 341 स्वच्छता गतिविधियों को लागू करना है
सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और कार्यस्थलों के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए खान मंत्रालय अपने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों और इनकी क्षेत्रीय संरचनाओं के साथ विशेष अभियान 3.0 का आयोजन कर रहा है। खान मंत्रालय के सचिव ने 30 सितंबर को सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में विशेष अभियान 3.0 के लिए सभी कार्यालयों की तैयारी की समीक्षा की। विभिन्न श्रेणियों के तहत लक्ष्य निर्धारित किए गए और सफाई किए जाने वाले स्थलों की पहचान की गई। इस अभियान के दौरान कार्यालयों में रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यस्थल अनुभव को बेहतर करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। खान मंत्रालय और अन्य इकाइयों ने विशेष अभियान 3.0 के तहत 341 स्वच्छता अभियान/गतिविधियों की पहचान की है।
मंत्रालय और इसके अंतर्गत आने वाले संगठन इस अभियान के आठ शिखरों से भी आगे बढ़कर सर्वोत्तम प्रथाओं के रूप में विभिन्न गतिविधियां चला रहे हैं। पर्यावरण को बेहतर बनाने की थीम को आगे बढ़ाते हुए मंत्रालय ने इस अभियान के तहत कई नई पहल की हैं।
विशेष अभियान 3.0 के दौरान, खान मंत्रालय शास्त्री भवन के मुख्य प्रवेश द्वार और गलियारों सहित कार्यालय परिसर का नवीनीकरण कर रहा है। ऊर्जा बचत के उपाय के रूप में खान मंत्रालय के सभी कार्यालयों से पुराने हॉट केस हटाए जा रहे हैं। विभिन्न अभियान पोस्टरों को प्रदर्शित करने के लिए स्टैंडीज़ और फ्लेक्स को हटाकर डिजिटल स्क्रीन लगाई जा रही हैं।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) पूरे देश में 15 भू-विरासत स्थलों पर विभिन्न गतिविधियां चलाने जा रहा है। इन भू-विरासत स्थलों की उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय और त्रिपुरा में पहचान की गई है। जीएसआई देश के विभिन्न हिस्सों से कई भूवैज्ञानिक क्षेत्र जांच के दौरान एकत्र किए गए पुराने चट्टान नमूनों का उपयोग करके अपने सीएचक्यू परिसर में रॉक मूर्ति तैयार करेगा।मंत्रालय के विभिन्न कार्यालयों में कई नई और अभिनव गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) एक वर्मी-कम्पोस्ट संयंत्र का नवीनीकरण कर रही है और नाल्को नगर टाउनशिप, भुवनेश्वर में एक औषधीय पौधों के उद्यान का निर्माण कर रही है। नाल्को अपनी दामनजोड़ी और अंगुल इकाइयों में भी इसी प्रकार के औषधीय पौधों के उद्यान विकसित कर रही है।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) भी कई नवीन गतिविधियों का आयोजन कर रहा है। इन गतिविधियों में वर्षा जल संचयन, पक्षियों के लिए दाना डालने के लिए नल निकायों की सफाई जैसी कुछ स्थायी गतिविधियां शामिल हैं, जिन्हें एचसीएल विशेष अभियान 3.0 के तहत आयोजित कर रहा है।
मिनरल एक्सप्लोरेशन कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) नीले और हरे रंग की बाल्टियां रखकर 'स्रोत से ठोस अपशिष्ट पृथक्करण' को बढ़ावा दे रही है। कंपनी जैविक खाद को बढ़ावा देने के लिए कंपोजिट पिट का भी निर्माण कर रही है।
भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) भी विशेष अभियान 3.0 चला रहा है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रमों के साथ-साथ कंपोस्ट खाद के गड्ढों का निर्माण और हर्बल पौधों के बगीचे का निर्माण किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सिक्किम के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सिक्किम के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है। केंद्र सरकार ने सिक्किम सरकार को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सिक्किम के प्रभावित लोगों को राहत उपाय प्रदान करने में मदद हेतु वर्ष 2023-24 के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) से केंद्रीय हिस्से की 44.80 करोड़ रुपये राशि की दोनों किस्तें जारी करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ)/ बादल फटने /फ्लैश फ्लड के कारण राज्य को हुई हानि का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय ने एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) का गठन किया है, जो प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। इस केंद्रीय टीम के आकलन के आधार पर सिक्किम को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोदन निधि (एसडीआरएफ) से अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की मंजूरी दी जाएगी।
4 अक्टूबर 2023 की सुबह जीएलओएफ/बादल फटने/फ्लैश फ्लड की घटनाओं के कारण, तीस्ता नदी के प्रवाह में अचानक हुई वृद्धि के कारण अनेक पुल, राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के कुछ हिस्से, चुंगथांग बांध बह गए और सिक्किम की नदी घाटी के ऊपरी इलाकों में कई छोटे शहर और कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुए।
केंद्र सरकार उच्चतम स्तर पर चौबीसों घंटे सिक्किम की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। केंद्र सरकार इस गंभीर स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों में योगदान के लिए समय पर रसद संसाधन जुटाकर पूरी सहायता प्रदान कर रही है। प्रदान की गई रसद सहायता में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की पर्याप्त टीमों की तैनाती; भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों और सेना के जवानों सहित आवश्यक खोज और बचाव उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा, बिजली, दूरसंचार और सड़क, राजमार्ग तथा परिवहन मंत्रालयों की तकनीकी टीमें राज्य में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे और दूर संचार नेटवर्क की समय पर बहाली के कार्य में सहायता प्रदान कर रही हैं।












