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संसद के केंद्रीय कक्ष में सांसदों को प्रधानमंत्री के संबोधन का मूलपाठ
आदरणीय उपराष्ट्रपति जी! आदरणीय स्पीकर महोदय! मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और 140 करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि सभी माननीय सांसदगण।
आपको और देशवासियों को गणेश चतुर्थी की अनेक-अनेक शुभकामनाएं। आज नए संसद भवन में हम सब मिलकर के नए भविष्य का श्रीगणेश करने जा रहे हैं। आज हम यहां विकसित भारत का संकल्प दोहराना फिर एक बार संकल्पबद्ध होना और उसको परिपूर्ण करने के लिए जी-जान से जुटने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं। सम्माननीय सभागृह, ये भवन और उसमें भी ये सेंट्रल हॉल एक प्रकार से हमारी भावनाओं से भरा हुआ है। हमें भावुक भी करता है और हमें हमारे कर्तव्य के लिए प्रेरित भी करता है। आजादी के पूर्व ये खंड एक प्रकार से लाइब्रेरी के रूप में इस्तेमाल होता था। लेकिन बाद में संविधान सभा की बैठक यहां शुरू हुई और उन संविधान सभा के बैठकों के द्वारा गहन चर्चा, विचार करके हमारे संविधान ने यही पर आकार लिया। यही पर 1947 में अंग्रेजी हुकूमत ने सत्ता हस्तांतरण किया, उस प्रक्रिया का भी साक्षी हमारा ये सेंट्रल हॉल है। इसी सेंट्रल हॉल में भारत के तिरंगे को अपनाया गया, हमारे राष्ट्रगान को अपनाया गया। और ऐतिहासिक अवसरों पर आजादी के बाद भी सभी सरकारों के दरमियान अनेक अवसर आए जब दोनों सदनों ने मिलकर के यहां पर भारत के भाग्य को गढ़ने की बात पर विचार किया, सहमति बनाई और निर्णय भी लिए।
उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति द्वारा संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में संबोधन का मूल पाठ
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जब हम अपने संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने की दहलीज पर खड़े हैं, मैं आप सभी को हमारे अभूतपूर्व उत्थान के लिए बधाई देता हूं।
हम सभी वास्तव में इस इतिहास को बनते हुए देखने का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं क्योंकि हम इस शानदार संसद भवन को अलविदा कह रहे हैं जिसमें हमारी संसद के दोनों कक्ष और यह भव्य सेंट्रल हॉल हैं और हम नए भवन में जा रहे हैं।
संविधान से लेकर सात दशक से अधिक की यात्रा अमृत में आज तक सभा काल, इन पवित्र परिसरों ने कई मील के पत्थर देखे हैं।
15 अगस्त, 1947 की आधी रात को 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' से लेकर 30 जून, 2017 की आधी रात को नवोन्वेषी अग्रगामी जीएसटी व्यवस्था के अनावरण तक और अब आज इस दिन तक।
इसी सेंट्रल हॉल में, संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने के कठिन कार्य को पूरा करने के लिए यात्रा शुरू की थी।
इस कक्ष ने संविधान सभा में हुए विचार-विमर्श ने मर्यादा और स्वस्थ बहस की मिसाल पेश की। विवादास्पद मुद्दों पर विद्वानों की बहस और उत्साही विचार-विमर्श के साथ सर्वसम्मति की भावना से बातचीत की गई। हमें अपने संस्थापकों के अनुकरणीय आचरण का अनुसरण करने की आवश्यकता है।
संसद की नई इमारत, आत्मनिर्भर भारत की शुरुआत का प्रमाण, एक वास्तुशिल्प चमत्कार से कहीं आगे है - यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतिबिंब है - राष्ट्रीय गौरव, एकता और पहचान का प्रतीक है।
ऑस्ट्रेलिया के राजनयिकों का हिंदी के प्रति लगाव अत्यंत आनंददायक है/ प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ऑस्ट्रेलिया के राजनयिकों द्वारा अपनी प्रिय हिंदी कहावतों को पढ़ने की सराहना की है।
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम की एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में कहाः
“आपके ये दोहे और मुहावरे मंत्रमुग्ध करने वाले हैं! ऑस्ट्रेलिया के राजनयिकों का हिन्दी के प्रति ये लगाव बेहद ही दिलचस्प है।”
सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के एक सप्ताह एक लैब कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-विज्ञान कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन
सीएसआईआर- राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएससीपीआर) ने अपने वन वीक वन लैब कार्यक्रम के भाग के रूप में 13 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में "स्टूडेंट-साइंस कनेक्ट प्रोग्राम" का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय विकासपुरी, केंद्रीय विद्यालय द्वारका और एमएम पब्लिक स्कूल के 150 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। श्री सी.बी. सिंह, प्रमुख, जिज्ञासा प्रशिक्षण और मानव संसाधन प्रभाग, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने कार्यक्रम का अवलोकन दिया। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक प्रोफेसर रंजना अग्रवाल ने प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इस अवसर के लिए कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत की। प्रोफेसर अग्रवाल ने कार्यक्रम के लिए चुने गए दो विषयगत क्षेत्रों, मिलेट्स और वैज्ञानिक रूप से मान्य भारतीय पारंपरिक ज्ञान की प्रासंगिकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. शेखर सी. मांडे और एएसआरबी, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार भी उपस्थित थे। डॉ. मांडे ने घटते भारतीय पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और पुनरुद्धार में सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनआईएससीपीआर प्रकाशन "वेल्थ ऑफ इंडिया" के महत्व पर जोर दिया। डॉ. संजय कुमार ने खेल खेल में सीखने, टीम वर्क से सीखने के महत्व और विस्तारित परिवार के साथ सार्थक संबंध स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने सर एम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित की/ अभियंताओं को अभियंता दिवस पर बधाई भी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अभियंता दिवस के अवसर पर सर एम विश्वेश्वरैया को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।
श्री मोदी ने इस अवसर पर सभी कर्मनिष्ठ अभियंताओं को शुभकामनाएं भी दीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सर एम विश्वेश्वरैया से पीढ़ियों को नवप्रवर्तन और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा मिलती रहेगी। प्रधानमंत्री ने चिक्काबल्लापुरा की झलकियां भी साझा कीं, जहां उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में अपनी यात्रा के दौरान सर एम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि दी थी।
एक एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा;
“अभियंता दिवस पर हम एक दूरदर्शी अभियंता और राजनेता सर एम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनसे पीढ़ियों को नवप्रवर्तन और राष्ट्र सेवा करने की निरंतर प्रेरणा मिलती हैं। यह चिक्काबल्लापुरा की झलकियां हैं, जहां मैंने इस वर्ष की शुरुआत में अपनी यात्रा के दौरान उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।''
“अभियंता दिवस पर सभी परिश्रमी अभियंताओं को बधाई! उनकी नवोन्वेषी सोच और अथक समर्पण हमारे देश की प्रगति का आधार रही है। बुनियादी ढाँचे की विशिष्टताओं से लेकर तकनीकी सफलताओं तक, उनका योगदान हमारे जीवन के हर पहलू से जुड़ा है।
बीना, मध्य प्रदेश में विकास कार्यों के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भाई शिवराज जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी हरदीप सिंह पुरी, एमपी के अन्य मंत्रिगण, सांसद, विधायक और मेरे प्यारे परिवारजनों!
बुंदेलखंड की ये धरती वीरों की धरती है, शूरवीरों की धरती है। इस भूमि को बीना और बेतवा, दोनों का आशीर्वाद मिला हुआ है। और मुझे तो महीने भर में दूसरी बार, सागर आकर आप सभी के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। और मैं शिवराज जी की सरकार का भी अभिनंदन और धन्यवाद करता हूं कि आज मुझे आप सबके बीच जाकर के आप सबके दर्शन करने का अवसर भी दिया।पिछली बार मैं संत रविदास जी की उस भव्य स्मारक के भूमिपूजन के अवसर पर आपके बीच आया था। आज मुझे मध्य प्रदेश के विकास, उस विकास को नई गति देने वाली अनेक परियोजनाओं का भूमिपूजन करने का अवसर मिला है।
प्रधानमंत्री ने हिंदी दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिंदी दिवस के अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“मेरे सभी परिवारजनों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि हिन्दी भाषा राष्ट्रीय एकता और सद्भावना की डोर को निरंतर मजबूत करती रहेगी।”
आंध्र प्रदेश राज्य की पांच जातियो को पिछड़ा वर्ग के केंद्रीय सूची में शामिल करने हेतु राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अयोग ने दिल्ली में जनसुनवाई की
आंध्र प्रदेश सरकार से प्राप्त पांच जातियो तुरुपुकापुस, सिस्टाकर्नाम , कलिंगा कोमती/ कलिंगा व्यास , सोंड़ी/सुंडी और आरव को केंद्रीय lwph के पिछड़ा वर्ग में जोड़ने के लिए 11:00AM से 2.30 PM तक न्यू महाराष्ट्र सदन कांफ्रेंस हॉल में जनसुनवाई की गई | जनसुनवाई के दौरान सांसद गण जी.वी.एल.नरसिम्हा राव, राम मोहन नायडू और बी.चन्द्र शेखर ने हिस्सा लिया I सभी ने बात रखी एवं उनको सुना गया I
जनसुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव या अतिरिक्त मुख्य सचिव अथवा सचिव स्तर के किसी अधिकारी की अनुपस्थिति पर आयोग ने राज्य सरकार के प्रति नाराजगी दर्शाते हुए उपस्थित निदेशक स्तर के अधिकारी को जनसुनवाई में शामिल होने से रोकते हुए आयोग ने जन- प्रतिनिधियों तथा सम्बंधित जातियों के प्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए जन सुनवाई की तथा सभी पक्षों को सौहार्दपूर्ण माहौल में सुना I कुछ जानकारी दस्तावेज एक सप्ताह में राज्य सरकार से मांगे गए उसके बाद अगली प्रक्रिया चलाने का आदेश दिया गया I
मणिपुर हिंसा: महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में ब्लाक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन


पहला एमसीए बार्ज एलएसएएम 7 यार्ड 75 मुंबई में आईएनएस तूणीर पर तैनात किया गया
भारत सरकार की "आत्मनिर्भर भारत" नीति के तहत, 8 एक्स मिसाइल और गोला बारूद (एमसीए) बार्ज के निर्माण के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का, मेसर्स सिकोन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, विशाखापत्तनम के साथ अनुबंध संपन्न हुआ। अनुबंध शृंखला का पहला बार्ज एलएसएएम-7 (यार्ड 75) 18 जुलाई 23 को आईएनएस तूणीर के कमांडिंग ऑफिसर कमोडोर इफ्तिखार आलम की उपस्थिति में भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। भारतीय शिपिंग रजिस्टर (आईआरएस) वर्गीकरण नियमों के अनुसार 30 साल की सेवा जीवन देने के लिए बार्ज का निर्माण किया गया है। स्वदेशी निर्माताओं से प्राप्त सभी प्रमुख/सहायक उपकरणों के साथ, बार्ज रक्षा मंत्रालय की "मेक इन इंडिया" पहल का गौरवशाली ध्वजवाहक है।

एमसीए बार्ज के शामिल होने से जेटी और बाहरी बंदरगाहों पर भारतीय नौसेना के जहाजों की आवाजाही और माल/गोला-बारूद की उतार-चढ़ाव की सुविधा से परिचालन मिशनों के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे भिलाई आई. आई. टी. का उद्घाटन
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत स्व. रोजगार स्थापित करने आवेदन आमंत्रित।
कोरिया 25 मई 2023/ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अन्तर्गत वर्ष 2023-24 के लिये जिले के शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बैकुण्ठपुर जिला कोरिया के माध्मय से स्वरोजगार योजना क्रियान्वित की जा रही है। उद्योग हेतु 50 लाख एवं सेवा क्षेत्र हेतु 20 लाख तक का ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराया जावेगा। आवेदक को न्यूनतम 8वी कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आवश्यक दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड एवं जाति प्रमाण पत्र (जहॉ लागू हो), अंकसूची, जनसंख्या प्रमाण पत्र/ग्राम पंचायत/नगर पालिका का अनापत्तिा प्रमाण पत्र आवश्यक है। योजना अंतर्गत सामान्य वर्ग के हितग्राही द्वारा शहरी क्षेत्र में ईकाई स्थापित करने पर 15 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में ईकाई स्थापित करने पर 25 प्रतिशत अनुदान की पात्रता होगी। इसी प्रकार अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिला, नक्सल प्रभावित, विकलांक, भूतपूर्व सैनिक को योजना में प्राथमिकता देते हुए उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में ईकाई स्थापित करने पर 35 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्र में ईकाई स्थापित करने पर 25 प्रतिशत अनुदान की पात्रता होगी। ये सभी ऋण बैंको के माध्यम से दिये जायेगें। जिले के कौशल विकास प्रशिक्षण प्रमाण पत्र धारित आवेदकों को विशेष प्राथमिकता दी जावेगी। इच्छुक आवेदक योजना का लाभ लेना चाहते है, वे www.kviconline.gov.in/PMEGP वेबसाईट पर ऑनलाईन आवेदन फार्म भर सकते है एवं फार्म पूर्ण होने के पश्चात फोटो, प्रोजेक्ट फाईल, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, अनापत्ति प्रमाण पत्र, टेªनिंग प्रमाण पत्र (यदि हो तो), शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (8वी, 10वी, 12वी), स्केन करके पीडीएफ में अपलोड करना होगा। अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (प्रथम तल)कलेक्ट्रेट परिसर बैकुण्ठपुर जिला कोरिया से सम्पर्क किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान 20 मई 2023 को हिरोशिमा में कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री यून सुक येओल के साथ मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने भारत - कोरिया गणराज्य की विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और विशेष रूप से व्यापार और निवेश, उच्च प्रौद्योगिकी, आईटी हार्डवेयर विनिर्माण, रक्षा, सेमीकंडक्टर और संस्कृति के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
दोनों नेताओं ने दर्ज किया कि दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और उन्होंने अपने सहयोग को और अधिक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
राष्ट्रपति यून सुक येओल ने प्रधानमंत्री के जी-20 के नेतृत्व की सराहना की और अपना समर्थन जताया। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष सितंबर में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति यून की भारत यात्रा की उम्मीद जताई।
प्रधानमंत्री ने कोरिया गणराज्य की हिंद-प्रशांत रणनीति और उसमें भारत के महत्व का स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का सकारात्मक आदान-प्रदान भी किया
कोयला सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की
एसईसीएल की छल रेल साइडिंग का उद्घाटन किया और रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
तेज और पर्यावरण के अनुकूल कोयला परिवहन पर जोर
गेवरा कोयला खदान को एशिया की सबसे बड़ी खदान के रूप में विकसित किया जाएगा, 70 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य
कोयला मंत्रालय के सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। श्री मीणा ने बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के अधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) और छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईडब्ल्यूआरएल) की रेल परियोजनाओं की समीक्षा की। सचिव ने एसईसीएल, रायगढ़ क्षेत्र में ‘छल’ रेल साइडिंग का उद्घाटन किया और राज्य में स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) मॉडल पर विकसित किए जा रहे दो रेल कॉरिडोर की प्रगति का भी जायजा लिया।

श्री अमृत लाल मीणा ने रायपुर में मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन के साथ बैठक के साथ अपने दौरे की शुरुआत की। बैठक एसईसीएल की चल रही खनन परियोजनाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने और खानों के अधिक कुशल संचालन के लिए राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई थी। श्री मीणा के साथ श्रीमती विस्मिता तेज, अपर सचिव, कोयला मंत्रालय और एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा भी थे।


पर्यावरण मंजूरी, वन मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, विशेष रूप से गेवरा, दीपका और कुसमुंडा जैसे एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं के संबंध में पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए राज्य सरकार से सहयोग सहित एसईसीएल के संचालन से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श केंद्रित था। बैठक के दौरान कोयला सचिव ने राज्य सरकार और अन्य हितधारकों के साथ प्रभावी समन्वय के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर जोर दिया।
एसईसीएल की गेवरा मेगा परियोजना हाल ही में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन हासिल करने वाली देश की पहली खान बन गई है। इसे वर्तमान में 70 मिलियन टन उत्पादन प्राप्त करने के लिए विस्तारित किया जा रहा है जो इसे एशिया में सबसे बड़ी कोयला उत्पादक खदान बना देगा। श्री एस.के. पाल, निदेशक तकनीकी संचालन, और श्री एस.एन. कापड़ी, निदेशक तकनीकी (परियोजना और योजना) सहित राज्य सरकार के उच्च अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

कोयला सचिव ने एसईसीएल मुख्यालय में एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा की उपस्थिति में महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) श्री आलोक कुमार के साथ भी बैठक की। बैठक कोरबा और मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्रों से कोयले की निकासी पर केंद्रित थी। एसईसीएल के कोयला प्रेषण, रेलवे रेक की उपलब्धता, एसईसीएल की रेल परियोजनाओं आदि से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान एसईसीआर और एसईसीएल के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन कोयला सचिव श्री मीणा ने छल साइडिंग का उद्घाटन किया और रेल रैक को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा और एसईसीएल के कार्यकारी निदेशक भी उपस्थित थे।

समारोह को संबोधित करते हुए कोयला सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत देश में कोयले की ढुलाई के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है और नया रेल गलियारा इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्री मीणा ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में हर संभव सहयोग देने का आह्वान किया।
छल साइडिंग का निर्माण छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) फेज वन परियोजना के तहत किया गया है और यह रायगढ़ क्षेत्र की छल खदान को सीधे रेल मार्ग से जोड़ेगी और यहां से सीधे रेल द्वारा कोयले का प्रेषण किया जाएगा। 3000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) फेज 1 परियोजना का लक्ष्य मांड-रायगढ़ कोलफील्ड्स को रेल से जोड़ना है। 124 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तहत खरसिया से धरमजयगढ़ तक 74 किलोमीटर लंबी मेल लाइन चालू हो चुकी है। इसमें घरघोड़ा से पेल्मा तक स्पर लाइनें और छल, बड़ौद और दुर्गापुर से फीडर लाइनें भी शामिल हैं।
कोयले के भंडार की दृष्टि से कोरबा कोलफील्ड्स के बाद मांड-रायगढ़ कोलफील्ड्स का स्थान आता है और जैसे-जैसे कोयला उत्पादन बढ़ेगा, ये रेल परियोजनाएं आने वाले समय में अधिक से अधिक कोयला भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कोयला सचिव ने अपने दौरे के दूसरे दिन एसईसीएल के कोरबा कोलफील्ड्स में छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईडब्ल्यूआरएल) परियोजना के तहत गेवरा रोड से पेंड्रा रोड तक बन रही रेलवे लाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा व एसईसीएल के कार्यकारी निदेशकों के साथ उरगा कुसमुंडा कनेक्टिविटी लाइन के पुल संख्या 3 का निरिक्षण किया।
कोरबा कोलफील्ड में संचालित एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं से कोयले की ढुलाई में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। यह परियोजना 191 किमी लंबी है जिसमें 135.3 किमी की मुख्य लाइन का कार्य शामिल है। इस परियोजना में गेवरा रोड, सुरकछार, दीपका, कटघोरा रोड, बिझारा, पुटुआ, मतीन, सेंदुरगढ़, पुट्टीपाखाना, भादी, धंगावां और पेंड्रा रोड स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर पूरे कॉरिडोर में रेलवे लाइन के साथ-साथ यात्री सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सीईडब्ल्यूआरएल परियोजना की कुल लागत लगभग 4970 करोड़ रुपये है और इसकी मुख्य लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी का काम पूरा हो चुका है। यह परियोजना अगले साल दिसंबर तक पूरी होने की संभावना है।
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प्रधानमंत्री ने रत्नीपोरा के लिए रेल-संपर्क की सराहना की
रेल मंत्रालय ने एक ट्वीट संदेश में कहा है कि अवंतीपोरा और काकापोरा के बीच रत्नीपोरा हॉल्ट की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। यह रेल-ठहराव, सुलभ परिवहन के साथ क्षेत्र में आवाजाही को आसान बना देगा।
रेल मंत्रालय के ट्वीट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया:
"जम्मू और कश्मीर में परिवहन-संपर्क के मजबूत होने की दृष्टि से यह एक अच्छी खबर है।"
मिजोरम के आइजोल में पलक झील के किनारे प्रकृति की सैर (नेचर वॉक) का आयोजन
विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) को मनाने के उपलक्ष्य में मिशन लाइफ यानी लाइफस्टाइल फॉर द एनवायरनमेंट (पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली) के तहत देश भर में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न संस्थानों और संगठनों द्वारा कई गतिविधियों का आयोजन किया गया।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2019
माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय दिनांक 18.05.2022 के आधार पर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2019 के अंतिम परिणाम को पुनः तैयार किया गया था और 05 सितंबर, 2022 के प्रेस नोट के तहत घोषित किया गया था। इसमें नियुक्ति के लिए योग्यताक्रम में 288 उम्मीदवारों की अनुशंसा की गई थी।
आयोग ने, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2018 के नियम 16 (4) और (5) के अनुरूप, अंतिम अनुशंसित उम्मीदवार के बाद योग्यताक्रम में एक आरक्षित सूची भी तैयार की है।
आयोग ने एतद्द्वारा, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2019 के आधार पर शेष पदों को भरने के लिए आरक्षित सूची के उम्मीदवारों में से निम्नलिखित 41 उम्मीदवारों की अनुशंसा की है, जिनमें 19 सामान्य, 02 ईडब्ल्यूएस, 19 अन्य पिछडा वर्ग और 01 अनुसूचित जनजाति का उम्मीदवार शामिल है। अनुशंसित उम्मीदवारों को गृह मंत्रालय द्वारा सीधे सूचित किया जाएगा।
सामान्य श्रेणी के 01 उम्मीदवार, अनुक्रमांक 0835156, अ.पि.व. श्रेणी के 07 उम्मीदवारों, अनुक्रमांक 0508733, 0804093, 0818440, 1103418, 1111841, 1200577, 1900725 और ईब्ल्यूएस श्रेणी के एक उम्मीदवार, अनुक्रमांक 1119693, की उम्मीदवारी अनंतिम है।
भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक विधानसभा के लिए चल रहे आम चुनाव में प्रचार-प्रसार के गिरते स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी स्टार प्रचारकों, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य के राजनीतिक दलों के लिए चेतावनी जारी की
भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक विधान सभा में चल रहे आम चुनाव के दौरान अभियान के स्तर में गिरावट को गंभीरता से लेते हुए सभी राष्ट्रीय और राज्य के दलों और उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान अपने बयानों में सावधानी और संयम बरतने और चुनाव के माहौल को खराब न करने की सलाह जारी की है।
आयोग का ध्यान हाल ही में व्यक्तियों द्वारा, विशेष रूप से स्टार प्रचारक के रूप में वैधानिक दर्जा वाले लोगों द्वारा चल रहे अभियान के दौरान उपयोग की जाने वाली अनुचित शब्दावली और बोली के मामलों की ओर दिलाया गया है। इस तरह के मामलों ने विभिन्न शिकायतों, एक दूसरे के प्रति शिकायतों को जन्म दिया है और नकारात्मक मीडिया का ध्यान भी आकर्षित किया है।
उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, सभी राजनीतिक दलों को सख्त अनुपालन के लिए जारी की गई एक चेतावनी में, आयोग ने कहा कि राष्ट्रीय दलों और स्टार प्रचारकों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के भीतर अतिरिक्त सक्षमता का अधिकार मिलता है। चेतावनी में कहा गया है, "सभी पार्टियों और हितधारकों के लिए चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता और उनके बयानों में कानूनी ढांचे के दायरे में रहना अनिवार्य है ताकि राजनीतिक संवाद की गरिमा को बनाए रखा जा सके और चुनावी अभियान के माहौल को खराब न किया जा सके।" इस प्रकार उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे "मुद्दे" पर आधारित बहस के स्तर को बनाए रखने और बढ़ाने में योगदान दें, अखिल भारतीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करें, स्थानीय संवाद को गहराई प्रदान करें और निर्वाचकों के सभी वर्गों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में पूरी तरह से और निडर होकर भाग लेने के लिए आश्वस्त करें। ”
चेतावनी में, भारत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों का ध्यान आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और अन्य वैधानिक प्रावधानों की ओर आकृष्ट किया है जो क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपेक्षित अभियान भाषण की रूपरेखा तय करते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने नोट किया कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार, उकसावा और भड़काऊ बयानों का उपयोग, शालीनता की सीमा का उल्लंघन करने वाली असंयमित और अपमानजनक भाषा का उपयोग और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के व्यक्तिगत चरित्र और आचरण पर हमले से सबके लिए समान अवसर की परंपरा को दूषित करते हैं। आदर्श आचार संहिता की भावना केवल प्रत्यक्ष उल्लंघन से बचना नहीं है, बल्कि यह विचारोत्तेजक या अप्रत्यक्ष बयानों या आक्षेपों के माध्यम से निर्वाचन के माहौल को दूषित करने के प्रयासों पर भी रोक लगाती है।
केंद्रीय बजट 2023 पर प्रधानमंत्री के उद्बोधन का मूल पाठ
अमृतकाल का ये पहला बजट विकसित भारत के विराट संकल्प को पूरा करने के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण करेगा। ये बजट वंचितों को वरीयता देता है। ये बजट आज की Aspirational Society- गांव-गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, सभी के सपनों को पूरा करेगा।
मैं वित्त मंत्री निर्मला जी औऱ उनकी टीम को इस ऐतिहासिक बजट के लिए बधाई देता हूं।
साथियों,
परंपरागत रूप से, अपने हाथ से, औज़ारों और टूल्स से कड़ी मेहनत कर कुछ न कुछ सृजन करने वाले करोड़ों विश्वकर्मा इस देश के निर्माता हैं। लोहार, सुनार, कुम्हार, सुथार, मूर्तिकार, कारीगर, मिस्त्री अनगिनत लोगों की बहुत बड़ी लिस्ट है। इन सभी विश्वकर्माओं की मेहनत और सृजन के लिए देश इस बजट में पहली बार अनेक प्रोत्साहन योजना लेकर आया है। ऐसे लोगों के लिए ट्रेनिंग, टेक्नॉलॉजी, क्रेडिट और मार्केट सपोर्ट की व्यवस्था की गई है। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान यानि पीएम विकास, करोड़ों विश्वकर्माओं के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लायेगा।
साथियों,
शहरी महिलाओं से लेकर गांव में रहने वाली महिलायें हों, कारोबार रोजगार में व्यस्त महिलायें हों, या घर के काम में व्यस्त महिलायें हों, उनके जीवन को आसान बनाने के लिए बीते वर्षों में सरकार ने अनेक कदम उठाएँ हैं। जल जीवन मिशन हो, उज्जवला योजना हो, पीएम-आवास योजना हो, ऐसे अनेक कदम इन सबको बहुत बड़ी ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उसके साथ-साथ महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप, एक बहुत बड़ा सामर्थ्यवान क्षेत्र आज भारत में बहुत बड़ी जगह aquire कर चुका है, उनको अगर थोड़ा सा बल मिल जाए तो वो miracle कर सकते हैं। और इसलिए women self help group, उनके सर्वांगीण विकास के लिए नई पहल इस बजट में एक नया आयाम जोड़ेगी। महिलाओं के लिए एक विशेष बचत योजना भी शुरू की जा रही है। और जन धन अकाउंट के बाद ये विशेष बचत योजना सामान्य परिवार की गृहिणी माताओं-बहनों को बहुत बड़ी ताकत देने वाली है।
ये बजट, सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास की धुरी बनाएगा। सरकार ने को-ऑपरेटिव सेक्टर में दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना बनाई है-स्टोरेज कपेसिटी। बजट में नए प्राइमरी को-ऑपरेटिव्स बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना का भी ऐलान हुआ है। इससे खेती के साथ-साथ दूध और मछली उत्पादन के क्षेत्र का विस्तार होगा, किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिलेगी।
साथियों,
अब हमें डिजिटल पेमेंट्स की सफलता को एग्रीकल्चर सेक्टर में दोहराना है। इसलिए इस बजट में हम डिजिटल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर की एक बहुत बड़ी योजना लेकर आए हैं। आज दुनिया इंटरनेशनल मिलेट ईयर मना रही है। भारत में मिलेट्स के अनेक प्रकार हैं, अनेक नाम हैं। आज जब मिलेट्स, घर-घर में पहुंच रहा है, पूरी दुनिया में पॉपुलर हो रहा है, तो उसका सर्वाधिक लाभ भारत के छोटे किसानों के नसीब में है, और इसलिए आवश्यकता है कि एक नए तरीके से उसको आगे ले जाया जाए। इसकी एक नई पहचान, विशेष पहचान आवश्यक है। इसलिए अब इस सुपर-फूड को श्री-अन्न की नई पहचान दी गई है, इसके प्रोत्साहन के लिए भी अनेक योजनाएँ बनाई गई हैं। श्री-अन्न को दी गई प्राथमिकता से देश के छोटे किसानों, हमारे आदिवासी भाई-बहन जो किसानी करते हैं, उनको आर्थिक सम्बल मिलेगा और देशवासियों को एक स्वस्थ जीवन मिलेगा।
साथियों,
ये बजट Sustainable Future के लिए, Green Growth, Green Economy, Green Energy, Green Infrastructure, और Green Jobs को एक अभूतपूर्व विस्तार देगा। बजट में हमने टेक्नॉलॉजी और न्यू इकॉनॉमी पर बहुत अधिक बल दिया है। Aspirational भारत, आज रोड, रेल, मेट्रो, पोर्ट, water ways, हर क्षेत्र में आधुनिक इंफ़्रास्ट्रक्चर चाहता है, Next Generation Infrastructure चाहिए। 2014 की तुलना में इंफ़्रास्ट्रक्चर में निवेश पर 400 परसेंट से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इस बार इंफ़्रास्ट्रक्चर पर दस लाख करोड़ का अभूतपूर्व investment, भारत के विकास को नई ऊर्जा और तेज गति देगा। ये निवेश, युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगा, एक बहुत बड़ी आबादी को आय के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। इस बजट में Ease of Doing Business के साथ-साथ हमारे उद्योगों के लिए क्रेडिट सपोर्ट और रिफॉर्मस् के अभियान को आगे बढ़ाया गया है। MSMEs के लिए 2 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त ऋण की गारंटी की व्यवस्था की गई है। अब presumptive tax की लिमिट बढ़ने से MSMEs को grow करने में मदद मिलेगी। बड़ी कंपनियों द्वारा MSMEs को समय पर पेमेंट मिले, इसके लिए नई व्यवस्था बनाई गई है।
साथियों,
बहुत तेजी से बदलते भारत में मध्यम वर्ग, विकास हो या व्यवस्था हो, साहस हो या संकल्प लेने का सामर्थ्य को जीवन के हर क्षेत्र में आज भारत का माध्यम वर्ग एक प्रमुख धारा बना हुआ है। समृद्ध और विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए मध्यम वर्ग एक बहुत बड़ी ताकत है। जैसे भारत की युवा शक्ति ये भारत का विशेष सामर्थ्य है, वैसे ही बढ़ता हुआ भारत का माध्यम वर्ग भी एक बहुत बड़ी शक्ति है। मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने के लिए हमारी सरकार ने बीते वर्षों में अनेकों निर्णय लिए और Ease of Living को सुनिश्चित किया है। हमने टैक्स रेट को कम किया है, साथ ही प्रॉसेस को simplify, transparent और फ़ास्ट किया है। हमेशा मध्यम वर्ग के साथ खड़ी रहने वाली हमारी सरकार ने मध्यम वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत दी है। इस सर्व-स्पर्शी और विकसित भारत के निर्माण को गति देने वाले बजट के लिए मैं फिर एक बार निर्मला जी और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और देशवासियों को भी बहुत बधाई के साथ-साथ मैं आहवाहन करता हूँ, आइए अब नया बजट आपके सामने है, नए संकल्पों को लेकर के चल पड़ें। 2047 में समृद्ध भारत, समर्थ भारत, हर प्रकार से सम्पन्न भारत हम बनाकर रहेंगे। आइए इस यात्रा को हम आगे बढ़ाएँ। बहुत-बहुत धन्यवाद
आगे की लड़ाई के लिए आज बनाएगी रणनीति, केजरीवाल ने बुलाई बैठक
राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. आज 11 बजे आम आदमी पार्टी के विधायकों की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर जरूरी बैठक होगी. इस बैठक से पहले बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, AAP के कुछ विधायकों से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है.












