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प्रधानमंत्री ने कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान 20 मई 2023 को हिरोशिमा में कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री यून सुक येओल के साथ मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने भारत - कोरिया गणराज्य की विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और विशेष रूप से व्यापार और निवेश, उच्च प्रौद्योगिकी, आईटी हार्डवेयर विनिर्माण, रक्षा, सेमीकंडक्टर और संस्कृति के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
दोनों नेताओं ने दर्ज किया कि दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और उन्होंने अपने सहयोग को और अधिक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
राष्ट्रपति यून सुक येओल ने प्रधानमंत्री के जी-20 के नेतृत्व की सराहना की और अपना समर्थन जताया। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष सितंबर में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति यून की भारत यात्रा की उम्मीद जताई।
प्रधानमंत्री ने कोरिया गणराज्य की हिंद-प्रशांत रणनीति और उसमें भारत के महत्व का स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का सकारात्मक आदान-प्रदान भी किया
कोयला सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की
एसईसीएल की छल रेल साइडिंग का उद्घाटन किया और रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
तेज और पर्यावरण के अनुकूल कोयला परिवहन पर जोर
गेवरा कोयला खदान को एशिया की सबसे बड़ी खदान के रूप में विकसित किया जाएगा, 70 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य
कोयला मंत्रालय के सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। श्री मीणा ने बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के अधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) और छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईडब्ल्यूआरएल) की रेल परियोजनाओं की समीक्षा की। सचिव ने एसईसीएल, रायगढ़ क्षेत्र में ‘छल’ रेल साइडिंग का उद्घाटन किया और राज्य में स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) मॉडल पर विकसित किए जा रहे दो रेल कॉरिडोर की प्रगति का भी जायजा लिया।

श्री अमृत लाल मीणा ने रायपुर में मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन के साथ बैठक के साथ अपने दौरे की शुरुआत की। बैठक एसईसीएल की चल रही खनन परियोजनाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने और खानों के अधिक कुशल संचालन के लिए राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई थी। श्री मीणा के साथ श्रीमती विस्मिता तेज, अपर सचिव, कोयला मंत्रालय और एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा भी थे।


पर्यावरण मंजूरी, वन मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, विशेष रूप से गेवरा, दीपका और कुसमुंडा जैसे एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं के संबंध में पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए राज्य सरकार से सहयोग सहित एसईसीएल के संचालन से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श केंद्रित था। बैठक के दौरान कोयला सचिव ने राज्य सरकार और अन्य हितधारकों के साथ प्रभावी समन्वय के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर जोर दिया।
एसईसीएल की गेवरा मेगा परियोजना हाल ही में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन हासिल करने वाली देश की पहली खान बन गई है। इसे वर्तमान में 70 मिलियन टन उत्पादन प्राप्त करने के लिए विस्तारित किया जा रहा है जो इसे एशिया में सबसे बड़ी कोयला उत्पादक खदान बना देगा। श्री एस.के. पाल, निदेशक तकनीकी संचालन, और श्री एस.एन. कापड़ी, निदेशक तकनीकी (परियोजना और योजना) सहित राज्य सरकार के उच्च अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

कोयला सचिव ने एसईसीएल मुख्यालय में एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा की उपस्थिति में महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) श्री आलोक कुमार के साथ भी बैठक की। बैठक कोरबा और मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्रों से कोयले की निकासी पर केंद्रित थी। एसईसीएल के कोयला प्रेषण, रेलवे रेक की उपलब्धता, एसईसीएल की रेल परियोजनाओं आदि से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान एसईसीआर और एसईसीएल के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन कोयला सचिव श्री मीणा ने छल साइडिंग का उद्घाटन किया और रेल रैक को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा और एसईसीएल के कार्यकारी निदेशक भी उपस्थित थे।

समारोह को संबोधित करते हुए कोयला सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत देश में कोयले की ढुलाई के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है और नया रेल गलियारा इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्री मीणा ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में हर संभव सहयोग देने का आह्वान किया।
छल साइडिंग का निर्माण छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) फेज वन परियोजना के तहत किया गया है और यह रायगढ़ क्षेत्र की छल खदान को सीधे रेल मार्ग से जोड़ेगी और यहां से सीधे रेल द्वारा कोयले का प्रेषण किया जाएगा। 3000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) फेज 1 परियोजना का लक्ष्य मांड-रायगढ़ कोलफील्ड्स को रेल से जोड़ना है। 124 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तहत खरसिया से धरमजयगढ़ तक 74 किलोमीटर लंबी मेल लाइन चालू हो चुकी है। इसमें घरघोड़ा से पेल्मा तक स्पर लाइनें और छल, बड़ौद और दुर्गापुर से फीडर लाइनें भी शामिल हैं।
कोयले के भंडार की दृष्टि से कोरबा कोलफील्ड्स के बाद मांड-रायगढ़ कोलफील्ड्स का स्थान आता है और जैसे-जैसे कोयला उत्पादन बढ़ेगा, ये रेल परियोजनाएं आने वाले समय में अधिक से अधिक कोयला भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कोयला सचिव ने अपने दौरे के दूसरे दिन एसईसीएल के कोरबा कोलफील्ड्स में छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईडब्ल्यूआरएल) परियोजना के तहत गेवरा रोड से पेंड्रा रोड तक बन रही रेलवे लाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने एसईसीएल के सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा व एसईसीएल के कार्यकारी निदेशकों के साथ उरगा कुसमुंडा कनेक्टिविटी लाइन के पुल संख्या 3 का निरिक्षण किया।
कोरबा कोलफील्ड में संचालित एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं से कोयले की ढुलाई में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। यह परियोजना 191 किमी लंबी है जिसमें 135.3 किमी की मुख्य लाइन का कार्य शामिल है। इस परियोजना में गेवरा रोड, सुरकछार, दीपका, कटघोरा रोड, बिझारा, पुटुआ, मतीन, सेंदुरगढ़, पुट्टीपाखाना, भादी, धंगावां और पेंड्रा रोड स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर पूरे कॉरिडोर में रेलवे लाइन के साथ-साथ यात्री सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सीईडब्ल्यूआरएल परियोजना की कुल लागत लगभग 4970 करोड़ रुपये है और इसकी मुख्य लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी का काम पूरा हो चुका है। यह परियोजना अगले साल दिसंबर तक पूरी होने की संभावना है।
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प्रधानमंत्री ने रत्नीपोरा के लिए रेल-संपर्क की सराहना की
रेल मंत्रालय ने एक ट्वीट संदेश में कहा है कि अवंतीपोरा और काकापोरा के बीच रत्नीपोरा हॉल्ट की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। यह रेल-ठहराव, सुलभ परिवहन के साथ क्षेत्र में आवाजाही को आसान बना देगा।
रेल मंत्रालय के ट्वीट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया:
"जम्मू और कश्मीर में परिवहन-संपर्क के मजबूत होने की दृष्टि से यह एक अच्छी खबर है।"
मिजोरम के आइजोल में पलक झील के किनारे प्रकृति की सैर (नेचर वॉक) का आयोजन
विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) को मनाने के उपलक्ष्य में मिशन लाइफ यानी लाइफस्टाइल फॉर द एनवायरनमेंट (पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली) के तहत देश भर में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न संस्थानों और संगठनों द्वारा कई गतिविधियों का आयोजन किया गया।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2019
माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय दिनांक 18.05.2022 के आधार पर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2019 के अंतिम परिणाम को पुनः तैयार किया गया था और 05 सितंबर, 2022 के प्रेस नोट के तहत घोषित किया गया था। इसमें नियुक्ति के लिए योग्यताक्रम में 288 उम्मीदवारों की अनुशंसा की गई थी।
आयोग ने, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2018 के नियम 16 (4) और (5) के अनुरूप, अंतिम अनुशंसित उम्मीदवार के बाद योग्यताक्रम में एक आरक्षित सूची भी तैयार की है।
आयोग ने एतद्द्वारा, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2019 के आधार पर शेष पदों को भरने के लिए आरक्षित सूची के उम्मीदवारों में से निम्नलिखित 41 उम्मीदवारों की अनुशंसा की है, जिनमें 19 सामान्य, 02 ईडब्ल्यूएस, 19 अन्य पिछडा वर्ग और 01 अनुसूचित जनजाति का उम्मीदवार शामिल है। अनुशंसित उम्मीदवारों को गृह मंत्रालय द्वारा सीधे सूचित किया जाएगा।
सामान्य श्रेणी के 01 उम्मीदवार, अनुक्रमांक 0835156, अ.पि.व. श्रेणी के 07 उम्मीदवारों, अनुक्रमांक 0508733, 0804093, 0818440, 1103418, 1111841, 1200577, 1900725 और ईब्ल्यूएस श्रेणी के एक उम्मीदवार, अनुक्रमांक 1119693, की उम्मीदवारी अनंतिम है।
भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक विधानसभा के लिए चल रहे आम चुनाव में प्रचार-प्रसार के गिरते स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी स्टार प्रचारकों, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य के राजनीतिक दलों के लिए चेतावनी जारी की
भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक विधान सभा में चल रहे आम चुनाव के दौरान अभियान के स्तर में गिरावट को गंभीरता से लेते हुए सभी राष्ट्रीय और राज्य के दलों और उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान अपने बयानों में सावधानी और संयम बरतने और चुनाव के माहौल को खराब न करने की सलाह जारी की है।
आयोग का ध्यान हाल ही में व्यक्तियों द्वारा, विशेष रूप से स्टार प्रचारक के रूप में वैधानिक दर्जा वाले लोगों द्वारा चल रहे अभियान के दौरान उपयोग की जाने वाली अनुचित शब्दावली और बोली के मामलों की ओर दिलाया गया है। इस तरह के मामलों ने विभिन्न शिकायतों, एक दूसरे के प्रति शिकायतों को जन्म दिया है और नकारात्मक मीडिया का ध्यान भी आकर्षित किया है।
उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, सभी राजनीतिक दलों को सख्त अनुपालन के लिए जारी की गई एक चेतावनी में, आयोग ने कहा कि राष्ट्रीय दलों और स्टार प्रचारकों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के भीतर अतिरिक्त सक्षमता का अधिकार मिलता है। चेतावनी में कहा गया है, "सभी पार्टियों और हितधारकों के लिए चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता और उनके बयानों में कानूनी ढांचे के दायरे में रहना अनिवार्य है ताकि राजनीतिक संवाद की गरिमा को बनाए रखा जा सके और चुनावी अभियान के माहौल को खराब न किया जा सके।" इस प्रकार उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे "मुद्दे" पर आधारित बहस के स्तर को बनाए रखने और बढ़ाने में योगदान दें, अखिल भारतीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करें, स्थानीय संवाद को गहराई प्रदान करें और निर्वाचकों के सभी वर्गों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में पूरी तरह से और निडर होकर भाग लेने के लिए आश्वस्त करें। ”
चेतावनी में, भारत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों का ध्यान आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और अन्य वैधानिक प्रावधानों की ओर आकृष्ट किया है जो क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपेक्षित अभियान भाषण की रूपरेखा तय करते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने नोट किया कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार, उकसावा और भड़काऊ बयानों का उपयोग, शालीनता की सीमा का उल्लंघन करने वाली असंयमित और अपमानजनक भाषा का उपयोग और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के व्यक्तिगत चरित्र और आचरण पर हमले से सबके लिए समान अवसर की परंपरा को दूषित करते हैं। आदर्श आचार संहिता की भावना केवल प्रत्यक्ष उल्लंघन से बचना नहीं है, बल्कि यह विचारोत्तेजक या अप्रत्यक्ष बयानों या आक्षेपों के माध्यम से निर्वाचन के माहौल को दूषित करने के प्रयासों पर भी रोक लगाती है।
केंद्रीय बजट 2023 पर प्रधानमंत्री के उद्बोधन का मूल पाठ
अमृतकाल का ये पहला बजट विकसित भारत के विराट संकल्प को पूरा करने के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण करेगा। ये बजट वंचितों को वरीयता देता है। ये बजट आज की Aspirational Society- गांव-गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, सभी के सपनों को पूरा करेगा।
मैं वित्त मंत्री निर्मला जी औऱ उनकी टीम को इस ऐतिहासिक बजट के लिए बधाई देता हूं।
साथियों,
परंपरागत रूप से, अपने हाथ से, औज़ारों और टूल्स से कड़ी मेहनत कर कुछ न कुछ सृजन करने वाले करोड़ों विश्वकर्मा इस देश के निर्माता हैं। लोहार, सुनार, कुम्हार, सुथार, मूर्तिकार, कारीगर, मिस्त्री अनगिनत लोगों की बहुत बड़ी लिस्ट है। इन सभी विश्वकर्माओं की मेहनत और सृजन के लिए देश इस बजट में पहली बार अनेक प्रोत्साहन योजना लेकर आया है। ऐसे लोगों के लिए ट्रेनिंग, टेक्नॉलॉजी, क्रेडिट और मार्केट सपोर्ट की व्यवस्था की गई है। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान यानि पीएम विकास, करोड़ों विश्वकर्माओं के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लायेगा।
साथियों,
शहरी महिलाओं से लेकर गांव में रहने वाली महिलायें हों, कारोबार रोजगार में व्यस्त महिलायें हों, या घर के काम में व्यस्त महिलायें हों, उनके जीवन को आसान बनाने के लिए बीते वर्षों में सरकार ने अनेक कदम उठाएँ हैं। जल जीवन मिशन हो, उज्जवला योजना हो, पीएम-आवास योजना हो, ऐसे अनेक कदम इन सबको बहुत बड़ी ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उसके साथ-साथ महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप, एक बहुत बड़ा सामर्थ्यवान क्षेत्र आज भारत में बहुत बड़ी जगह aquire कर चुका है, उनको अगर थोड़ा सा बल मिल जाए तो वो miracle कर सकते हैं। और इसलिए women self help group, उनके सर्वांगीण विकास के लिए नई पहल इस बजट में एक नया आयाम जोड़ेगी। महिलाओं के लिए एक विशेष बचत योजना भी शुरू की जा रही है। और जन धन अकाउंट के बाद ये विशेष बचत योजना सामान्य परिवार की गृहिणी माताओं-बहनों को बहुत बड़ी ताकत देने वाली है।
ये बजट, सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास की धुरी बनाएगा। सरकार ने को-ऑपरेटिव सेक्टर में दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना बनाई है-स्टोरेज कपेसिटी। बजट में नए प्राइमरी को-ऑपरेटिव्स बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना का भी ऐलान हुआ है। इससे खेती के साथ-साथ दूध और मछली उत्पादन के क्षेत्र का विस्तार होगा, किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिलेगी।
साथियों,
अब हमें डिजिटल पेमेंट्स की सफलता को एग्रीकल्चर सेक्टर में दोहराना है। इसलिए इस बजट में हम डिजिटल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर की एक बहुत बड़ी योजना लेकर आए हैं। आज दुनिया इंटरनेशनल मिलेट ईयर मना रही है। भारत में मिलेट्स के अनेक प्रकार हैं, अनेक नाम हैं। आज जब मिलेट्स, घर-घर में पहुंच रहा है, पूरी दुनिया में पॉपुलर हो रहा है, तो उसका सर्वाधिक लाभ भारत के छोटे किसानों के नसीब में है, और इसलिए आवश्यकता है कि एक नए तरीके से उसको आगे ले जाया जाए। इसकी एक नई पहचान, विशेष पहचान आवश्यक है। इसलिए अब इस सुपर-फूड को श्री-अन्न की नई पहचान दी गई है, इसके प्रोत्साहन के लिए भी अनेक योजनाएँ बनाई गई हैं। श्री-अन्न को दी गई प्राथमिकता से देश के छोटे किसानों, हमारे आदिवासी भाई-बहन जो किसानी करते हैं, उनको आर्थिक सम्बल मिलेगा और देशवासियों को एक स्वस्थ जीवन मिलेगा।
साथियों,
ये बजट Sustainable Future के लिए, Green Growth, Green Economy, Green Energy, Green Infrastructure, और Green Jobs को एक अभूतपूर्व विस्तार देगा। बजट में हमने टेक्नॉलॉजी और न्यू इकॉनॉमी पर बहुत अधिक बल दिया है। Aspirational भारत, आज रोड, रेल, मेट्रो, पोर्ट, water ways, हर क्षेत्र में आधुनिक इंफ़्रास्ट्रक्चर चाहता है, Next Generation Infrastructure चाहिए। 2014 की तुलना में इंफ़्रास्ट्रक्चर में निवेश पर 400 परसेंट से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इस बार इंफ़्रास्ट्रक्चर पर दस लाख करोड़ का अभूतपूर्व investment, भारत के विकास को नई ऊर्जा और तेज गति देगा। ये निवेश, युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगा, एक बहुत बड़ी आबादी को आय के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। इस बजट में Ease of Doing Business के साथ-साथ हमारे उद्योगों के लिए क्रेडिट सपोर्ट और रिफॉर्मस् के अभियान को आगे बढ़ाया गया है। MSMEs के लिए 2 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त ऋण की गारंटी की व्यवस्था की गई है। अब presumptive tax की लिमिट बढ़ने से MSMEs को grow करने में मदद मिलेगी। बड़ी कंपनियों द्वारा MSMEs को समय पर पेमेंट मिले, इसके लिए नई व्यवस्था बनाई गई है।
साथियों,
बहुत तेजी से बदलते भारत में मध्यम वर्ग, विकास हो या व्यवस्था हो, साहस हो या संकल्प लेने का सामर्थ्य को जीवन के हर क्षेत्र में आज भारत का माध्यम वर्ग एक प्रमुख धारा बना हुआ है। समृद्ध और विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए मध्यम वर्ग एक बहुत बड़ी ताकत है। जैसे भारत की युवा शक्ति ये भारत का विशेष सामर्थ्य है, वैसे ही बढ़ता हुआ भारत का माध्यम वर्ग भी एक बहुत बड़ी शक्ति है। मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने के लिए हमारी सरकार ने बीते वर्षों में अनेकों निर्णय लिए और Ease of Living को सुनिश्चित किया है। हमने टैक्स रेट को कम किया है, साथ ही प्रॉसेस को simplify, transparent और फ़ास्ट किया है। हमेशा मध्यम वर्ग के साथ खड़ी रहने वाली हमारी सरकार ने मध्यम वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत दी है। इस सर्व-स्पर्शी और विकसित भारत के निर्माण को गति देने वाले बजट के लिए मैं फिर एक बार निर्मला जी और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और देशवासियों को भी बहुत बधाई के साथ-साथ मैं आहवाहन करता हूँ, आइए अब नया बजट आपके सामने है, नए संकल्पों को लेकर के चल पड़ें। 2047 में समृद्ध भारत, समर्थ भारत, हर प्रकार से सम्पन्न भारत हम बनाकर रहेंगे। आइए इस यात्रा को हम आगे बढ़ाएँ। बहुत-बहुत धन्यवाद
आगे की लड़ाई के लिए आज बनाएगी रणनीति, केजरीवाल ने बुलाई बैठक
राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. आज 11 बजे आम आदमी पार्टी के विधायकों की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर जरूरी बैठक होगी. इस बैठक से पहले बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, AAP के कुछ विधायकों से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है.
उपराष्ट्रपति ने पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की
महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षमकारी वातावरण का निर्माण करना उनकी प्रगति के लिए बहुत महत्वपूर्ण: श्री नायडू
उपराष्ट्रपति ने साइबर अपराध और 21वीं सदी के अन्य अपराधों से निपटने के लिए पुलिस बलों को कुशल बनने और खुद को तैयार करने को प्रेरित किया
श्री नायडू ने राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में तमिलनाडु पुलिस की भूमिका की सराहना की
उपराष्ट्रपति ने आज चेन्नई में तमिलनाडु पुलिस को प्रेसिडेंशियल कलर्स प्रदान किए
“चेन्नई का मेरे हृदय में एक विशेष स्थान है; यह मुझे विस्मित करना कभी बंद नहीं करता" - उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने और उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में सहायता करने के लिए महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षमकारी वातावरण का निर्माण करना बहुत महत्वपूर्ण है।
श्री नायडू ने आज चेन्नई में तमिलनाडु पुलिस को प्रेसिडेंशियल पुलिस कलर प्रदान करने के बाद पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए, देश में सबसे अधिक महिला पुलिस थानों और महिला पुलिस कर्मियों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के लिए तमिलनाडु की प्रशंसा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं हमारी आधी आबादी हैं लेकिन उन्हें विभिन्न मोर्चों पर समान अवसर प्रदान करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
उपराष्ट्रपति ने साइबर अपराध और अन्य आधुनिक अपराधों जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी और सीमापारी अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, पुलिस बलों को 21वीं सदी के इन अपराधों से प्रभावी और त्वरित तरीके से निपटने के लिए कुशल बनने और खुद को इसके लिए तैयार होने की अपील की। उन्होंने वैज्ञानिक तर्ज पर साइबर अपराध के मामलों की जांच के लिए विभिन्न साइबर फोरेंसिक सुविधाओं के अलावा 46 साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों के साथ एक अलग साइबर अपराध विंग की स्थापना के लिए तमिलनाडु पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा, "कौशल का उन्नयन, अवसंरचना में सुधार और पुलिस बल के रवैये में बदलाव पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रमुख तत्व हैं।"
उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक कलाकृतियों की चोरी या नुकसान के मामलों की जांच के लिए देश में अपनी तरह की पहली विशिष्ट आइडल विंग के लिए भी तमिलनाडु पुलिस की सराहना की। हाल ही में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से दस अमूल्य प्राचीन मूर्तियों को हासिल करने के लिए राज्य पुलिस की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित करने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु राज्य की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे हमारी आगामी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री नायडू ने तमिलनाडु को भारत के सबसे समृद्ध और औद्योगिक राज्यों में से एक बताते हुए कहा कि तेजी से बदलते सामाजिक-आर्थिक माहौल में पुलिस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "राज्य की आर्थिक प्रगति के पीछे प्राथमिक कारणों में से एक सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में राज्य पुलिस की भूमिका है, जो राज्य में निवेश, वृद्धि और विकास को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है।"











पुलिस कर्मियों के लिए कई कल्याणकारी उपायों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने बल में तनाव तथा शराब और आत्महत्याओं की रोकथाम के लिए एक "पुलिस कल्याण कार्यक्रम" शुरू करने के लिए विशेष रूप से तमिलनाडु की प्रशंसा की। उन्होंने तमिलनाडु की 1076 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा की प्रभावी ढंग से रक्षा करने और मछुआरों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने में राज्य पुलिस की भूमिका की भी सराहना की।
प्रेसीडेंट पुलिस कलर की प्रस्तुति को तमिलनाडु पुलिस के इतिहास में एक गौरवशाली क्षण बताते हुए, श्री नायडू ने तमिलनाडु पुलिस के सभी सेवारत और सेवानिवृत्त सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "यह आपके समर्पण, पेशागत कुशलता, निस्वार्थ सेवा और बलिदान का सम्मान है"। उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु में पुलिस महानिदेशक और पुलिस बल के प्रमुख डॉ. सी. सिलेंद्र बाबू को भी बधाई दी, जिनके नेतृत्व में तमिलनाडु पुलिस के कर्मियों ने परेड का एक प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्री नायडू ने इस अवसर पर एक डाक टिकट भी जारी किया।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान, चेन्नई के साथ अपने जीवन भर रहे जुड़ाव का स्मरण किया और इसे एक सुंदर शहर बताया जो उन्हें सदा विस्मित करता रहा है। उपराष्ट्रपति के रूप में यह श्री नायडू की चेन्नई की अंतिम यात्रा थी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिन, तमिलनाडु सरकार के मुख्य सचिव डॉ. वी. इराई अंबू, तमिलनाडु के पुलिस बल के प्रमुख, डीजीपी डॉ. सी. सिलेंद्र बाबू, तमिलनाडु सरकार के एसीएस (गृह) श्री के. फणींद्र रेड्डी, चेन्नई के डीजीपी/सीओपी श्री शंकर जीवाल, तमिलनाडु सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री बी. सेल्वा कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
गिरफ्तारी, छापेमारी, समन समेत ED के सभी अधिकार सही, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला…
सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी, रेड, समन, बयान समेत PMLA एक्ट में ED को दिए गए सभी अधिकारों को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को एफआईआर के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।
बैंक ग्राहकों को अब मिलेगी बड़ी सुविधा, गृह मंत्री अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान
अब सहकारी बैंक के ग्राहकों को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. सरकार इसके लिए इसके लिए सहकारी बैंकों को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) से जोड़ेगी. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी. सरकार के 52 मंत्रालयों की ओर से संचालित इस समय 300 योजनाओं के लाभ डीबीटी के जरिये लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं, यानी अब इन सभी योजनाओं का लाभ सहकारी बैंकों के ग्राहकों को मिलेगा.
कारगिल विजय दिवस स्पेशल...आज पूरे देश में मनाया गया कारगिल विजय दिवस....
आज पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। कारगिल के योद्धाओं में मेजर (सेवानिवृत्त) देवेंद्र पाल सिंह उर्फ डीपी सिंह के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। 15 जुलाई को, 25 साल की उम्र में, युद्ध के दौरान उनके पास एक मोर्टार फट गया। पैर और शरीर बुरी तरह जख्मी हो गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया लेकिन यह तो चमत्कार ही था कि वह उठकर ऐसे ही जीया, जिसका उदाहरण पूरे देश में दिया जाता है। ये है देश के पहले ब्लेड रनर, सोलो स्काई डाइविंग करने वाले एशिया के पहले दिव्यांग और कई नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मेजर डीपी सिंह की कहानी.
48 वर्षीय डीपी सिंह दिसंबर 1997 में सेना में शामिल हुए थे। कारगिल युद्ध लगभग डेढ़ साल बाद ही शुरू हुआ था। 13 जुलाई 1999 को उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में बने एक पद को संभाला। उनके साथ कई अन्य सैनिक भी थे। पहले दो दिनों तक सब कुछ शांत रहा। 15 जुलाई को अचानक फायरिंग शुरू हो गई। दुश्मनों ने अचानक दो मोर्टार दागे। एक मोर्टार उनके पास आया और फट गया। जोरदार धमाका हुआ और वह बुरी तरह घायल हो गया। शहर के कई हिस्सों से खून बह रहा था।
किसी तरह उन्हें वहां से निकालकर सेना के कमांड अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत देखकर उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद एक सीनियर डॉक्टर ने देखा कि उसकी सांस चल रही है। इस प्रकार, उनका पुनर्जन्म हुआ। हालांकि, उनका पैर काटना पड़ा। सिंह ने बताया कि उन्हें प्रोत्साहित करने वाला कोई नहीं था, इसलिए किसी और को उनके द्वारा सामना की जाने वाली चीजों को सहन न करना पड़े, उन्होंने वर्ष 2011 में द चैलेंजिंग ओन्स नाम से एक एनजीओ शुरू किया। इसके देश भर से 2700 सदस्य हैं। वे सबका विश्वास जगाते हैं। खेलने के लिए कहें ताकि आत्मविश्वास आए।
सोनिया गांधी से ED आज फिर करेगी पूछताछ, इससे पहले 2 घंटे हुए थे सवाल-जवाब
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी आज दूसरी बार ईडी के सामने पेश होंगी. नेशनल हेराल्ड मामले में पिछले गुरुवार को 2 घंटे सवाल-जवाब हुए थे. इसको लेकर कांग्रेस आज भी विरोध-प्रदर्शन करेगी।
सरकार जल्द लेगी यह बड़ा फैसला,पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर वित्तमंत्री का बड़ा ऐलान
नई दिल्ली। देश में लोग पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों से परेशान हैं पर अब देश की वित्तमंत्री ने इसपर बड़ा बयान दिया है जो लोगों को राहत दे सकती है। वित्तमंत्री ने अपने बयान में कहा कि अब सरकार हर 15 दिन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगाए गए नए टैक्स की समीक्षा करेगी। यह समीक्षा अंतरराष्ट्रीय कीमतों को ध्यान में रखकर की जाएगी। इसी बीच ये खबर भी है कि महंगाई दर इस तिमाही RBI के अनुमानित लक्ष्य से ज्यादा ही है।
कोरोना के बाद अब यहां के 70 शहरों पर टूटने वाला है यह बड़ा ‘कहर’, जारी किया गया रेड अलर्ट
धरती के कई बड़े हिस्से इस समय रिकॉर्ड गर्मी झेल रहे हैं. ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों में टेंपरेचर ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया. तब मौसम वैज्ञानिकों की ओर से एक साथ, उत्तरी अमेरिका में अटलांटिक महासागर में अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी की गई थी. अब गर्मी का यह खतरा चीन पर मंडरा रहा है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने अपने करीब 70 शहरों के लिए हाई हीट अलर्ट जारी किया है. बताया जा रहा है कि चीन में कभी भी हीटवेव दस्तक दे सकता है. चीन के मौसम विभाग के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में अगले 10 दिनों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है.
393 शहरों में दिखेगा असर
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि, इन शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार करने की उम्मीद है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान अन्य 393 चीनी शहरों और काउंटियों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो सकता है. इसके अलावा सरकार ने भी चेतावनी दी है कि अत्यधिक गर्मी के कारण जंगलों में आग लग सकती है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
1961 के बाद औसत तापमान इतना अधिक
चीन में यह इस महीने की दूसरी हीटवेव होगी. अभी चीन में औसत तापमान 1961 के बाद से सबसे अधिक है और रविवार को झेजियांग और फ़ुज़ियान प्रांतों में कम से कम 13 स्थानीय मौसम स्टेशनों ने रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया. बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि झेजियांग में दक्षिण-पूर्व में कुछ शहर रेड अलर्ट जारी कर चुके हैं, जो मौसम के लिहाज से सबसे बड़ी चेतावनी होती है. स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रांतों में आमतौर पर जुलाई के महीने में 20 से 25 डिग्री तक तापमान होता है, लेकिन इस साल अधिकारी इसके 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दे रहे हैं.
क्लाइमेट चेंज की वजह से हो रहा ऐसा
वैज्ञानिकों का कहना है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से ही मौसम में इस तरह की अधिकता देखी जा रही है और आने वाले समय में इसके और तेज होने की संभावना है, क्योंकि वैश्विक तापमान में वृद्धि जारी रहेगी. इसी कड़ी में चीन में भी तापमान वैश्विक औसत की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है और नवीनतम हीटवेव ने नई चिंताएं बढ़ा दी हैं. चीन के पारंपरिक कैलेंडर पर शनिवार के दिन को “ग्रेट हीट” दिवस के रूप में चिह्नित किया गया, जिसे लंबे समय तक वर्ष की सबसे गर्म अवधि के रूप में मान्यता दी गई थी. इस महीने की शुरुआत में शंघाई ने अपना उच्चतम हवा का तापमान दर्ज किया, जो 40.9 डिग्री सेल्सियस था. यह वर्ष 1873 से जबसे मौसम का रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ, तब से अब तक सबसे अधिक था.
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को देश के सर्वोच्च पद पर चुने जाने के ऐतिहासिक क्षण पर आज नई दिल्ली में उनसे भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं
राष्ट्रपति चुनाव में उनकी प्रचंड विजय पर पूरा देश विशेषकर जनजातीय समाज उत्साह व हर्षोल्लास के साथ जश्न मना रहा है
एक अति सामान्य जनजातीय परिवार से आने वाली NDA प्रत्याशी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का भारत का राष्ट्रपति चुना जाना पूरे देश के लिए गौरव का पल है
मोदी जी के नेतृत्व में NDA के सहयोगियों, अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय जनप्रतिनिधियों का जनजातीय गौरव श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के पक्ष में मतदान करने पर आभार व्यक्त करता हूँ
यह विजय अन्त्योदय के संकल्प को चरितार्थ करने व जनजातीय समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी जिन विषम परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए आज देश के इस सर्वोच्च पद पर पहुँची है वो हमारे लोकतंत्र की अपार शक्ति को दर्शाता है
इतने संघर्षों के बाद भी उन्होंने जिस नि:स्वार्थ भाव से खुद को देश व समाज की सेवा में समर्पित किया वो सभी के लिए प्रेरणादायी है
मुझे विश्वास है कि भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में मुर्मू जी का कार्यकाल देश को और गौरवान्वित करेगा
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति पद पर उनकी ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। श्री अमित शाह ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को देश के सर्वोच्च पद पर चुने जाने के ऐतिहासिक क्षण पर आज नई दिल्ली में उनसे भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

अपने ट्वीट्स में श्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उनकी प्रचंड विजय पर पूरा देश विशेषकर जनजातीय समाज उत्साह व हर्षोल्लास के साथ जश्न मना रहा है। एक अति सामान्य जनजातीय परिवार से आने वाली NDA प्रत्याशी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का भारत का राष्ट्रपति चुना जाना पूरे देश के लिए गौरव का पल है, उन्हें शुभकामनाएँ देता हूँ। यह विजय अन्त्योदय के संकल्प को चरितार्थ करने व जनजातीय समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी जिन विषम परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए आज देश के इस सर्वोच्च पद पर पहुँची है वो हमारे लोकतंत्र की अपार शक्ति को दर्शाता है। इतने संघर्षों के बाद भी उन्होंने जिस नि:स्वार्थ भाव से खुद को देश व समाज की सेवा में समर्पित किया वो सभी के लिए प्रेरणादायी है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में NDA के सहयोगियों, अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय जनप्रतिनिधियों का जनजातीय गौरव श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के पक्ष में मतदान करने पर आभार व्यक्त करता हूँ। मुझे विश्वास है कि भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में मुर्मू जी का कार्यकाल देश को और गौरवान्वित करेगा।
महंगाई और बढ़ने का खतरा, वित्त मंत्री ने बताए ये बड़े कारण
नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर के आगे रुपया कमजोर होते जा रहा हैं। बीते कई दिनों से जारी यह सिलसिल सप्ताह के पहले दिन भी दिखा। हालांकि सुबह रुपया थोड़ा मजबूत दिखा लेकिन शाम होते तक फिर से गिरावट हो गई। बता दें कि अभी रुपया 80 के बेहद करीब पहुंच गया है। रुपया के लगातार गिरावट होने की असल वजह क्या है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके कारणों को संसद में बताया है। रुपया के वर्तमान हालत पर देखें तो सोमवार को Dollar के मुकाबले रुपया 6 पैसे के सुधार के साथ 79.76 के स्तर पर खुला, लेकिन इसके बाद यह फिर से टूटने लगा और कारोबार के अंत में नए रिकॉर्ड निचले स्तर 79.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
इस तरह डॉलर के आगे रुपया के टूटने को सिलसिला आज भी जारी रहा। पहले ही देश में महंगाई उच्च स्तर पर बनी हुई है, उसपर रुपये में जारी गिरावट से महंगाई और बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।वित्त मंत्री ने गिराए कारण संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में भी रुपया के टूटने का मुद्दा गूंजा। इसे लेकर पूछे गए एक सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया। Indian Currency के टूटने की वजह पर कहा कि रुपए में गिरावट के लिए वैश्विक कारक जैसे रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जिम्मेदार है।
गिरफ्तारी पर रोक के लिए नूपुर शर्मा ने फिर खटखटाया SC का दरवाजा, आज होगी सुनवाई
पैगम्बर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी करने के चलते अलग-अलग राज्यों में FIR का सामना कर रहीं नूपुर शर्मा ने एक बार फिर राहत के लिए SC का रुख किया है. उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट की अनपेक्षित तीखी टिप्पणियों के बाद उन्हें लगातार जान से मारने और रेप की धमकी मिल रही हैं. नूपुर ने कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाने और सभी FIR को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की है.
35 साल देश की शानदार सेवा करने के बाद आईएनएस सिंधुध्वज सेवामुक्त
आईएनएस सिंधुध्वज ने 35 साल की शानदार अवधि तक अपनी सेवाएं देने के बाद शनिवार, 16 जुलाई 2022 को भारतीय नौसेना को अलविदा कह दिया। इस समारोह में पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता मुख्य अतिथि थे। इस डीकमीशनिंग कार्यक्रम में कोमोडोर एसपी सिंह (सेवानिवृत) समेत 15 पूर्व कमांडिंग ऑफिसर्स, कमिशनिंग सीओ और 26 अनुभवी कमीशनिंग क्रू ने हिस्सा लिया।
इस पनडुब्बी के शिखर पर एक भूरे रंग की नर्स शार्क चित्रित है और इसके नाम का अर्थ है समुद्र में हमारी ध्वजवाहक। जिस प्रकार इसके नाम से पता चलता है, सिंधुध्वज स्वदेशीकरण की ध्वजवाहक थी और नौसेना में अपनी पूरी यात्रा के दौरान रूस निर्मित सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बियों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारतीय नौसेना के प्रयासों की ध्वजवाहक थी। इस पनडुब्बी को श्रेय जाता है कि कई चीजें इसने पहली बार कीं। जैसे, हमारे स्वदेशी सोनार यूएसएचयूएस, स्वदेशी उपग्रह संचार प्रणाली रुकमणी और एमएमएस, जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और स्वदेशी टॉरपीडो फायर कंट्रोल सिस्टम का परिचालन इस पर ही हुआ।
सिंधुध्वज ने डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल के साथ मेटिंग और कार्मिक स्थानांतरण का काम भी सफलतापूर्वक किया, और ये इकलौती पनडुब्बी है जिसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इनोवेशन के लिए सीएनएस रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
इस पारंपरिक समारोह को सूर्यास्त के समय आयोजित किया गया। बादलों से घिरे आसमान ने इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया जब डीकमिशनिंग ध्वज को उतारा गया और 35 साल की शानदार गश्त के बाद इस पनडुब्बी को सेवामुक्त कर दिया गया।
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प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया
"राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार, शिक्षा को संकुचित सोच के दायरों से बाहर निकालना और उसे 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है"
"अंग्रेजों द्वारा बनाई गई शिक्षा प्रणाली कभी भी भारतीय लोकाचार का हिस्सा नहीं थी"
"हमारे युवा स्किल्ड हों, कॉन्फिडेंट हों, प्रैक्टिकल और कैलकुलेटिव हों, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है"
"महिलाओं के लिए भी जो क्षेत्र पहले बंद हुआ करते थे, आज वो सेक्टर बेटियों की प्रतिभा के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं"
"राष्ट्रीय शिक्षा नीति' ने हमें असंख्य संभावनाओं को साकार करने का एक साधन दिया है"
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, डॉ. सुभाष सरकार, डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, राज्य के मंत्री, शिक्षाविद और अन्य हितधारक इस अवसर पर उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 'अमृत काल' के वादों को साकार करने में हमारी शिक्षा प्रणाली और युवा पीढ़ी का एक बड़ा हिस्सा है। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय को नमन करते हुए समागम के लिए शुभकामनाएं दीं। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने एलटी कॉलेज में अक्षय पात्र मिड-डे मील किचन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के साथ उन्होंने बातचीत की उनकी उच्च स्तर की प्रतिभा उस प्रतिभा का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रयास में जुटने का संकेत देती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि "राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार, शिक्षा को संकुचित सोच के दायरों से बाहर निकालना और उसे 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कभी भी बुद्धि और प्रतिभा की कमी नहीं थी, हालांकि, अंग्रेजों द्वारा बनाई गई शिक्षा प्रणाली कभी भी भारतीय लोकाचार का हिस्सा नहीं थी। उन्होंने शिक्षा के बहुआयामी भारतीय लोकाचार के बारे में बताया और उस पहलू को आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली में चिह्नित करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "हम केवल डिग्री धारक युवा तैयार न करें, बल्कि देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो, हमारी शिक्षा व्यवस्था वो देश को दे। इस संकल्प का नेतृत्व हमारे शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को करना है।” एक नए भारत के निर्माण के लिए, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एक नई प्रणाली और आधुनिक प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि जिसकी पहले कल्पना भी नहीं की गई थी वह अब हकीकत है। प्रधानमंत्री ने कहा, "कोरोना की इतनी बड़ी महामारी से हम न केवल इतनी तेजी से उबरे, बल्कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है। आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इको-सिस्टम हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में जहाँ पहले केवल सरकार ही सब करती थी वहां अब प्राइवेट प्लेयर्स के जरिए युवाओं के लिए नई दुनिया बन रही है। देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए भी जो क्षेत्र पहले बंद हुआ करते थे, आज वो सेक्टर बेटियों की प्रतिभा के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि नई नीति में, बच्चों को उनकी प्रतिभा और बच्चों की पसंद के अनुसार कुशल बनाने पर पूरा ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, "हमारे युवा स्किल्ड हों, कॉन्फिडेंट हों, प्रैक्टिकल और कैलकुलेटिव हों, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है।" प्रधानमंत्री ने एक नई विचार प्रक्रिया के साथ भविष्य के लिए काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे आज बहुत उन्नत स्तर की प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे हैं और हमें उनकी प्रतिभा की मदद करने के साथ ही उनका लाभ उठाने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तैयारी में किए गए प्रयासों की सराहना की, हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि नीति तैयार करने के बाद गति को कम नहीं किया गया था। नीति के कार्यान्वयन पर लगातार चर्चा और काम होता रहा है। नीति के कार्यान्वयन के बारे में बात करने के लिए प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से कई सेमिनारों और कार्यक्रमों में भाग लिया। इसका परिणाम यह हुआ है कि देश के विकास में देश के युवा सक्रिय भागीदार बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने देश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की भी बात की। देश में कई नए कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईआईटी और आईआईएम खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विश्वविद्यालयों के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा विश्वविद्यालय प्रवेश में आसानी और समानता लाएगी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति अब मातृभाषा में पढ़ाई के रास्ते खोल रही है। इसी क्रम में, संस्कृत जैसी प्राचीन भारतीय भाषाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।”
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत वैश्विक शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए 180 विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यालय स्थापित किए गए हैं। उन्होंने विशेषज्ञों से इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं से अवगत होने के लिए कहा।
प्रधानमंत्री ने व्यावहारिक अनुभव और फील्डवर्क के महत्व पर जोर दिया और 'लैब टू लैंड' के दृष्टिकोण के लिए आह्वान किया। उन्होंने शिक्षाविदों से सत्यापित परीक्षण के साथ अपने अनुभव को मान्य करने के लिए कहा। उन्होंने साक्ष्य-आधारित अनुसंधान के लिए कहा। उन्होंने भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश पर अनुसंधान करने और इसके इस्तेमाल की सर्वोत्तम तरीके खोजने और दुनिया के वृद्ध समाजों के लिए समाधान खोजने के लिए भी कहा। इसी तरह, लचीला बुनियादी ढांचा अनुसंधान का एक अन्य क्षेत्र है। अंत में, प्रधानमंत्री ने कहा, "राष्ट्रीय शिक्षा नीति' ने हमें असंख्य संभावनाओं को साकार करने का एक साधन दिया है जो पहले उपलब्ध नहीं था। हमें इसका पूरा उपयोग करने की आवश्यकता है।”
अखिल भारतीय शिक्षा समागम
शिक्षा मंत्रालय 7 से 9 जुलाई तक शिक्षा समागम का आयोजन कर रहा है। यह प्रख्यात शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं और अकादमिक नेताओं को अपने अनुभवों को साझा करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। यह कार्यक्रम पूरे देश से विश्वविद्यालयों (केंद्रीय, राज्य, डीम्ड, और निजी), और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईएसईआर) के शैक्षणिक, प्रशासनिक और संस्थागत क्षेत्र की 300 से अधिक हस्तियों के क्षमता निर्माण के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न हितधारक अपने-अपने संस्थानों में एनईपी के कार्यान्वयन की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करेंगे और उल्लेखनीय कार्यान्वयन रणनीतियों, सर्वोत्तम प्रथाओं और सफलता की गाथाओं को भी साझा करेंगे।
तीन-दिवसीय शिक्षा समागम के दौरान, एनईपी 2020 के तहत उच्च शिक्षा के लिए चिन्हित किए गए नौ विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। ये विषय हैं - बहुविषयक और समग्र शिक्षा; कौशल विकास और रोजगार योग्यता; अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का क्षमता निर्माण; गुणवत्ता, रैंकिंग और प्रत्यायन; डिजिटल सशक्तिकरण और ऑनलाइन शिक्षा; समान और समावेशी शिक्षा; भारतीय ज्ञान प्रणाली; और उच्च शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकर













