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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 से संबंधित दस्तावेजों की वैधता 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ाई
एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने को ध्यान में रखते हुए, नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 से संबंधित दस्तावेजों की वैधता को 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ा दिया है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में 30 मार्च, 2020, 9 जून, 2020, 24 अगस्त, 2020, 27 दिसंबर, 2020 और 26 मार्च, 2021 को एडवाइजरी जारी की थी।
यह सलाह दी गई कि फिटनेस, परमिट (सभी प्रकार), लाइसेंस, पंजीकरण या किसी अन्य संबंधित दस्तावेज की वैधता को 30 जून, 2021 तक वैध माना जाए।
इसमें वे सभी दस्तावेज शामिल हैं जिनकी वैधता 1 फरवरी, 2020 से समाप्त हो गई है या 30 सितंबर, 2021 तक समाप्त हो जाएगी। प्रवर्तन अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे दस्तावेजों को 30 सितंबर, 2021 तक वैध मानें।
इससे नागरिकों को एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने में परिवहन संबंधी सेवाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
कोरियादादर में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण इस तरह किया लायंस क्लब दुर्ग प्लेटिनम व लायंस क्लब दिव्य ऊर्जा
समाज सेवा मे अग्रणी भूमिका निभाने वाले क्लब रायगढ दिव्य ऊर्जा तथा लायंस क्लब दुर्ग प्लेटिनम के संयुक्त तत्वावधान में गोदित गांव कोरियादादर मे ध्वजारोहण किया गया ।
लायन / लायनेस अध्यक्ष लॉ अनीता कपूर ने जानकारी दी कि लायसं क्लब दिव्य ऊर्जा की अधयक्ष उमा तोमर के सहयोग से इस महत्वपूर्ण कार्य को संपन्न कराया गया कार्यक्रम मे कोरियादादर की सरपंच हेमलता यादव जी की उपस्थिति मे झंङारोहण किया गया
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस क्यो मनाते है उसका उद्देश्य अनीता कपूर द्वारा समझाया . गया।
लायनेस बंसती सरकार के द्वारा बच्चो व ग्राम वासियो मे सेव-बूँदी का प्रसाद व चाकलेट का वितरण किया गया ।
बच्चो व महिलाओं ने अपने गाँव मे क्लब द्वारा किये गये कार्यक्रम को देखकर बहुत खुशी प्रगट की।
कोरियादादर मे महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने के लिए कुटीर उद्योग को बढावा देने हेतू महिलाओं से भी संपर्क किया गया ।जिसमे सरिता, सुनंदा , राजकुमार निषाद जी व अन्य समूह की महिलाओं से भी अगामी कार्यो के लिये चर्चा की गयी।
कार्यक्रम की सफलता के लिए क्लब के सदस्यो लायन लायनेस मीरा पासवान, सचिव आरती तिवारी, मिनी पटवाजी, सरिता, परदेसी जी ,का विशेष सहयोग रहा ।
देश मे पहली बार महिला अपराधी शबनम को मिलेगी फांसी तैयारी आरम्भ
सर्वोच्च न्यायालय से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद अब हत्या के आरोप में बंद शबनम की फांसी की सजा को राष्ट्रपति ने भी बरकरार रखा है, ऐसे में अब उसका फांसी पर लटकना तय हो गया है। मथुरा जेल में महिला फांसीघर में शबनम की फांसी की तैयारी भी शुरू हो गई है। डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जाएगी।
मथुरा जिला कारागार में जल्लाद पवन को तख्ता लीवर में कुछ कमी दिखी, जिसे प्रशासन ठीक करवा रहा है। शबनम को फांसी पर लटकाने के लिए बिहार के बक्सर से रस्सी मंगवाई जा रही है ताकि किसी तरह अड़चन पैदा न हो।
अपराध ऐसा कि रूह कांप जाए…
अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी के शिक्षक शौकत अली की इकलौती बेटी शबनम के सलीम के साथ प्रेम संबंध थे। सूफी परिवार की शबनम ने अंग्रेजी और भूगोल में एमए किया था। उसके परिवार के पास काफी जमीन थी। वहीं सलीम पांचवीं फेल था और पेशे से एक मजदूर था। इसलिए दोनों के संबंधों को लेकर परिजन विरोध कर रहे थे। शबनम ने 14 अप्रैल, 2008 की रात अपने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसा खूनी खेल खेला कि सुनकर पूरा देश हिल गया था। शबनम ने अपने माता-पिता और 10 माह के भतीजे समेत परिवार के सात लोगों को पहले बेहोश करने की दवा खिलाई। बाद कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था।
साजिश ऐसी कि पुलिस को भी दे दिया चकमा…
शबनम और सलीम पर ऐसे कसा शिकंजा
पुलिस ने लूट के एंगल से जांच की, लेकिन कोई सबूत हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर ध्यान दिया, तो कई सवाल सामने आए। मरने वालों ने खुद को बचाने की कोशिश नहीं की? लूटपाट के कोई सबूत नहीं मिले? इस बीच पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों को मारने से पहले कोई दवा खिलाकर बेहोश किया गया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस के शक की सुई शबनम पर घूम गई। शबनम की कॉल डिटेल निकाली गई, जिससे पता चला कि हत्या की रात शबनम की एक ही नंबर पर कई बार बात हुई। बाद में पुलिस को शबनम के गर्भवती होने का पता चला। शबनम शादी-शुदा नहीं थी, इसलिए इस हत्याकांड में पुलिस को यह जानकारी बेहद अहम लगी। इसके बाद पुलिस ने शबनम से कड़ी पूछताछ शुरू की। आखिरकार शबनम टूट गई और उसने अपने गुनाह कबूल किया।
सलीम की निशानदेही पर बरामद की कुल्हाड़ी
इसके बाद, पुलिस ने सलीम को भी दबोच लिया और बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सलीम की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी पुलिस ने बरामद कर ली।
मोहब्बत करना गुनाह नहीं पर मोहब्बत के लिए जो गुनाह शबनम-सलीम कर बैठे वो दिल दहलाने वाला है। प्यार तो रुई सा कोमल होता है उसके लिए या उसके नाम पर ऐसा सख्त कदम कैसे उठाया जा सकता है, यही प्रश्न इस तरह की घटनाओं के बाद परेशान करता है।
फांसी की तैयारियों के बीच ये सवाल भी हमेशा गूंजता रहेगा कि ओस की बूंद सी नाजुक शबनम कैसे पत्थरदिल होकर अपने ही परिवार को यों खत्म कर बैठी?
150 साल पहले बना था प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर
मथुरा के जिला कारागार में करीब 150 साल पहले फांसी घर बनाया गया था, लेकिन आजादी के बाद से अब तक देश में किसी भी महिला को फांसी नहीं दी गई है। यह उत्तर प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर है। हालांकि, अभी फांसी की तारीख तय नहीं हुई है। आभार-अमर उजाला
असम में कांग्रेस के लिए पूरा दमखम लगा रहे गुलाब कमरो ... ब्रह्मपुत्र नदी के डुबान क्षेत्र में पहुंचने वाले बने पहले विधायक.. डेढ़ दर्जन से अधिक विधानसभा में
कोरिया जिले के भरतपुर सोनहत के तेज तर्रार विधायक गुलाब कमरों को असम के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है यही वजह है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुलाब कमरों लगातार दूसरी बार असम में कांग्रेस के लिए पूरी दमखम के साथ डटे हुए हैं। गुलाब कमरों डेढ़ दर्जन से अधिक विधानसभा क्षेत्र में लगातार दौरा कर शिविर के माध्यम से वहां के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारी कराने के साथ ही लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं ।ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे डुबान क्षेत्र में जब गुलाब कमरों पहुंचे तो वहां के निवासी पहली बार किसी विधायक को अपने पास पाकर भावुक हो उठे उन्होंने बताया कि पहली बार हमारे पास कोई विधायक पहुंचा है। भरतपुर सोनहत क्षेत्र के विधायक गुलाब करो लगातार बैठकों के साथ कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क कर रहे हैं। गुलाब कमरो सन्तोली, महातोली बोको, बुकाजान, मरियायानी, महामोरा, खूमतई, तिताबोर, नजीरा, सरूपथार, बोकाखत, बिहपुरिया, गोलाघाट, टिंकखोंग, जोराहाट, डिगबोई विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में लगातार वोट मांग रहे हैं गुलाब कमरों ने कहां की असम में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि असम में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
राष्ट्रीयकृत संस्थाओं, नवरत्न पब्लिक सेक्टर , वित्तीय संस्थाओं बैंक, बीमा के निजीकरण की नीति के खिलाफ ... आंदोलन का शंखनाद
राष्ट्रीयकृत संस्थाओं, नवरत्न पब्लिक सेक्टर , वित्तीय संस्थाओं बैंक, बीमा के निजीकरण की नीति का देश के अर्थशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों एवम ट्रेड यूनियनो ने कड़ा विरोध करते हुए इसे राष्ट्र हित के खिलाफ देश को पूंजीपतियों एवं कॉर्पोरेट्स घरानों के हाथों नीलाम करने तथा देश को आर्थिक गुलाम बनाने वाला देश विरोधी कदम बतलाया है। 15,16 मार्च को बैंकों ,17 मार्च को जनरल इंश्योरेंस तथा 18 मार्च 2021 को जीवन बीमा निगम में देश व्यापी हड़ताल की घोषणा की गई है।
केन्द्र सरकार द्वारा बजट में जीवन बीमा उद्योग में 74%एफ डी आई लाने और शेयर मार्केट में आई पी ओ जारी करने प्रस्ताव रखा है। तथा भारतीय जीवन बीमा निगम में 2017 से वेतन पुनर्निधारण देय है। ऐतिहासिक उपलब्धियों के बावजूद अन्यायपूर्ण विलंब किया जा रहा है। जिससे जीवन बीमा निगम के अधिकारियों एवम् कर्मचारियों में काफी आक्रोश व्याप्त है।
जीवन बीमा निगम के अधिकारियों एवम् कर्मचारियों का संयुक्त मंच ज्वाइंट फ्रंट ने बैंकों के निजीकरण का भी जबरदस्त विरोध करते हुए 15 मार्च को भोजन अवकाश पर कार्यालय मुख्यद्वार पर सभा व प्रर्दशन किया।
आज 15 मार्च 2021 को भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय रायगढ़ के मुख्य द्वार पर ज्वाइंट फ्रंट के राष्ट्रीय आव्हान पर सभा एवम् जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया। सभा को क्लास वन ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय अध्यक्ष आई पी चंद्राकर,विकास अधिकारी संघ के मंडलीय महासचिव प्रशांत सिंह ठाकुर, सेंट्रल जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य एवं ट्रेड यूनियन कौंसिल के संयोजक गणेश कछवाहा एवम् बिलासपुर डिविजन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन यूनिट रायगढ़ के सचिव प्रवीण तंबोली ने संबोधित किया।ज्वाइंट फ्रंट ने बैंक के निजीकरण का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सरकार राष्ट्रीयकृत एवम सार्वजनिक उपक्रमों को कॉरपोरेट घरानों के हाथों कौड़ी के दाम बेचकर देश को आर्थिक गुलामी की ओर धकेल रही है। यह राष्ट्र हित के खिलाफ है।
सभा को संबोधित करते हुए साथियों ने मांग की कि लगातार एतिहासिक उपलब्धियों को हासिल करने के बावजूद वेतन पुनर्निधारण में विलंब करना अन्यायपूर्ण है अतिशीघ्र वेतन पुनर्निधारण किया जाना चाहिए। तथा केन्द्र सरकार द्वारा जीवन बीमा उद्योग में 74% एफ डी आई लाने तथा शेयर मार्केट में आई पी ओ जारी करना औचित्य हीन बताया और कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय जनहित में कदापि उचित नहीं है। इससे जहां हमारी छोटी बडी बचतों पर विदेशी पूंजी पतियों का कब्जा होगा तथा हमारे देश की अर्थ व्यवस्था कमजोर होगी। आर्थिक गुलामी के शिकंजे में कसने का खतरा बढ़ जाएगा। अतः जनहित एवं राष्ट्र हित में सरकार को उक्त प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए निजीकरण की नीति को तत्काल वापस लेना चाहिये।












