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35` सालों से पेट में था बच्चा, मां को जरा भी अंदाजा नहीं, जांच की तो इस हाल में निकला बेबी
गर्भावस्था सबसे खूबसूरत पल होता है। कई महिलाएं इस अनुभव को खुलकर एन्जॉय करती है। जब भी कोई महिला प्रेग्नेंट होती है तो उसे कुछ ही दिनों या महीनों में इसकी खबर लग जाती है। वह इस बात से भलीभाती परिचित रहती है कि उसके पेट में कोई बच्चा पल रहा है।
लेकिन आज हम आपको एक ऐसा अनोखा वाक्या सुनने जा रहे हैं जहां एक महिला प्रेग्नेंट हो गई, लेकन उसे सालों तक इसकी खबर ही नहीं थी।
उसके पेट में करीब 35 सालों से बच्चे का भ्रूण पल रहा था। हालांकि जब उसे पेट में भयंकर दर्द हुआ तो वह डॉक्टर के पास गई। फिर जो हुआ वह बड़ा ही हैरान करने वाला था।
73 वर्षीय महिला के पेट में हुआ दर्द
दरअसल ये हैरान कर देने वाला मामला अल्जीरिया का है। यहां एक 73 वर्षीय महिला के पेट में अचानक बहुत तेज दर्द उठने लगा। ऐसे में वह डॉक्टर के पास पहुंची। जब डॉक्टरों ने उसके पेट दर्द की वजह जानी तो उनके भी होश उड़ गए। उन्होंने पाया कि बुजुर्ग महिला के पेट में कई सालों से सात महीने का भ्रूण मौजूद था। इससे भी हैरत की बात ये थी कि महिला को इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी।
अंदर निकला 35 साल पूरा बच्चे का भ्रूण
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला के पेट में पहले भी कई बार दर्द उठा था। उसने डॉक्टरों को दिखाया भी था। लेकिन डॉक्टर्स इस दर्द के पीछे की वजह नहीं पता लगा पाए। अब इस बार जब महिला के पेट में बहुत जोरों का दर्द हुआ तो डॉक्टर ने महिला के पेट की अच्छे से जांच की। इसी दौरान उन्हें महिला के पेट में लगभग 35 साल पुराना 7 माह का भ्रूण मिला। इस भ्रूण से महिला को कोई भी नुकसान नहीं हुआ था।
भ्रूण बन गया था स्टोन
महिला के पेट में मौजूद 35 साल पुराना भ्रूण अब स्टोन बन गया था। ऐसे में डॉक्टरों ने इसे ‘बेबी स्टोन’ बताया। महिला की जांच में डॉक्टरों को पता चला कि इस बेबी स्टोन का वजन 4.5 पाउंड यानी 2 किलो तक था। इस स्थिति को डॉक्टरों ने लिथोपेडियन (Lithopedion) बतलाया।
डॉक्टर्स कहते हैं कि ये तब होता है जब जब प्रेग्नेंसी गर्भाशय के बजाय पेट में बनती है। बच्चे में निरंतर खून की कमी के चलते भ्रूण विकसित नहीं हो पाता है। इस कारण भ्रूण को बाहर निकालने का कोई तरीका नहीं होता है। ऐसे में भ्रूण धीरे-धीरे स्टोन में बदलने लगता है। यही वजह है कि महिला के पेट में मौजूद भ्रूण को ‘बेबी स्टोन’ कहा गया। इसी के चलते महिला के पेट में भयानक दर्द महसूस हुआ था।
जरा सोचिए आपके पेट में 35 साल से आपका मरा हुआ बच्चा था और आपको अचानक ये बात पता चले तो आपको कैसा लगेगा? यकीनन इस खबर से आप हैरान रह जाएंगे। इस महिला के साथ भी यही हुआ। वह इस बात को सुन दंग रह गई।
Salary Hike :20, 30 या 40% नहीं केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में इतना होगा बढ़ोतरी
Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जल्द ही एक बड़ी खुशखबरी आने वाली है। लंबे समय से प्रतीक्षित आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकार की तैयारी तेज हो गई है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ चुकी हैं क्योंकि इस आयोग के लागू होने के बाद वेतन में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है।ऐसे में हर कर्मचारी के मन में यही सवाल है कि वास्तविक वृद्धि कितनी होगी।
सरकार ने इस पर प्रारंभिक स्तर पर मंजूरी दे दी है और उम्मीद है कि नए आयोग का गठन जल्द किया जाएगा। अगर सबकुछ तय योजना के अनुसार होता है तो जनवरी 2026 से नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो सकती हैं। आने वाले समय में करोड़ों कर्मचारी और पेंशनभोगियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और उनकी जीवनशैली में सुधार भी होगा।
आठवें वेतन आयोग की शुरुआत और महत्व
आठवें वेतन आयोग की चर्चा तेजी से हो रही है। पिछले आयोग यानी सातवां वेतन आयोग जनवरी 2016 से लागू हुआ था और उसका कार्यकाल जनवरी 2026 तक माना जाता है। ऐसे में समय से पहले नए आयोग का गठन कर्मचारियों की आय और खर्च क्षमता पर बड़ा प्रभाव डालेगा।
वेतन आयोग समय-समय पर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को महंगाई के अनुसार संशोधित करता है। महंगाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में केंद्र सरकार के लिए जरूरी हो गया है कि कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखा जाए। यही कारण है कि आठवें वेतन आयोग पर काम तेजी से शुरू हो रहा है।
कितनी बढ़ सकती है केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी
सूत्रों के अनुसार आठवां वेतन आयोग कर्मचारियों के बेसिक वेतन में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि का सुझाव दे सकता है। यह बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर आधारित होगी। माना जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर 2.28 से लेकर 2.86 के बीच हो सकता है, जिससे वेतन में सीधी बढ़ोतरी होगी।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है तो नए आयोग की सिफारिशें लागू होने पर यह बढ़कर लगभग 46,600 से 57,200 रुपए तक हो सकती है। इस स्तर की वृद्धि कर्मचारियों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी और उनकी जीवनशैली सुधारने में मदद करेगी।
फिटमेंट फैक्टर की भूमिका
वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाता है। दरअसल यही तय करता है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिसके बाद कर्मचारियों की आय में भारी उछाल आया था।
इस बार चर्चा है कि फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तक बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि साबित होगी। वहीं कुछ कर्मचारी संगठन इसे 3.68 तक ले जाने की मांग कर रहे हैं, जिससे वेतन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी संभव है।
कर्मचारियों की पुरानी मांग और अपेक्षा
कई बार कर्मचारी संगठन सरकार से नियमित समय पर वेतन संशोधन की मांग करते रहे हैं। सातवें वेतन आयोग के बाद से लगातार संगठनों की ओर से यह अपेक्षा जताई जाती रही है कि अगले आयोग के गठन में किसी प्रकार की देरी न की जाए।
दरअसल, महंगाई लगातार बढ़ रही है और कर्मचारी अपने दैनिक खर्च को लेकर असहज महसूस करते हैं। ऐसे में वेतन आयोग ही एक ऐसा माध्यम है जो उनकी आर्थिक क्षमता को संतुलित करता है और जीवनस्तर को बनाए रखने में मदद करता है।
सरकार की मंजूरी और टीम का गठन
सरकार ने आठवें वेतन आयोग को प्रारंभिक स्तर पर मंजूरी दे दी है। हालांकि आधिकारिक घोषणा और आयोग की टीम का गठन अभी बाकी है। परंतु वित्त मंत्री और संबंधित मंत्रालय द्वारा यह संकेत दिया गया है कि इस पर शीघ्र काम शुरू होगा।
आमतौर पर आयोग का नेतृत्व किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के जज या वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा जाता है। इसके साथ अर्थशास्त्री, प्रशासनिक अधिकारी और सरकारी खर्च के जानकार विशेषज्ञ इसमें शामिल किए जाते हैं। यही टीम मिलकर कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और महंगाई भत्ता की सिफारिशें तय करती है।
पिछले आयोगों से तुलना
अगर हम पिछले वेतन आयोगों को देखें तो हर बार कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पांचवें वेतन आयोग में बेसिक वेतन 2750 रुपए था, जो छठे वेतन आयोग में बढ़कर 7000 रुपए हो गया और सातवें वेतन आयोग में 18,000 रुपए कर दिया गया।
इस प्रकार अब तक औसतन 55 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि देखने को मिली है। यही वजह है कि आठवें वेतन आयोग से भी कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें हैं और माना जा रहा है कि यह वृद्धि उनके आर्थिक जीवन को और अधिक सुरक्षित बनाएगी।
महंगाई और जीवन लागत का असर
पिछले कुछ वर्षों में महंगाई लगातार बढ़ी है। पेट्रोल, डीजल, गैस, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे आवश्यक खर्चों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे सामान्य कर्मचारियों का बजट बिगड़ गया है। इसी कारण वेतन आयोग की आवश्यकता और अधिक महसूस की जा रही है।
नए आयोग से उम्मीद है कि कर्मचारियों की आय को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित किया जाएगा। इससे वे महंगाई के दबाव से उबर पाएंगे और उनकी क्रय शक्ति भी बनी रहेगी। यही कारण है कि आठवां वेतन आयोग कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी सौगात बन सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों और रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। वास्तविक आंकड़े और निर्णय सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी आर्थिक निर्णय से पहले आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
50 साल से बाबा रामदेव का कोई रोग नहीं; बाल अभी भी काले हैं, वे 3 सब्जियाँ खाते हैं; सैंकड़ों रोगों को जड़ से समाप्त करेंगे`…
बाबा रामदेव दिन में सिर्फ एक बार खाना खाते हैं, जिसमें तीन प्रकार की सब्जियाँ ज़रूर होती हैं। सात्विक आहार के कारण, पिछले 50 वर्षों में उन्होंने कभी भी कोई बीमारी नहीं पाई है। उनका वजन 65 किलोग्राम, हीमोग्लोबिन 17.5, रक्तचाप 70/110 और शर्करा का स्तर 70-75 के बीच है।
उन्होंने अपने पूरे आहार, खाने की आदतें और दिनचर्या के बारे में जानकारी साझा की है।
कर्ली टेल्स को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि 100 साल की उम्र में किसी को भी बुढ़ापे या बीमारी का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सात्विक आहार और योगाभ्यास जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को प्रतिदिन कम से कम दो योगासन करने चाहिए, क्योंकि यह शरीर को भीतर से स्वस्थ और युवा बनाए रखता है। बचपन में एक बार मच्छर के काटने से उन्हें बुखार हुआ था, लेकिन उसके बाद से उन्हें कभी भी सर्दी, खांसी, दस्त या खाद्य विषाक्तता नहीं हुई।
बाबा रामदेव का दैनिक दिनचर्या
बाबा रामदेव ने अपने पूरे दैनिक दिनचर्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आप सुबह कैसे शुरू करते हैं, क्या खाते हैं, पहले क्या खाते हैं और अंत में क्या खाते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, उन्होंने दो ऐसे खाद्य पदार्थों को ना खाने की सलाह दी है जो सैंकड़ों रोगों का कारण बन सकते हैं।
दिन की शुरुआत कैसे करें?
सुबह उठने के बाद हल्का गर्म पानी पीएं।
बाबा रामदेव सुबह 3 बजे उठते हैं। खाली पेट हल्का गर्म पानी पीना उनकी दिनचर्या का एक हिस्सा है, और इसके बाद वे अपने दिन की शुरुआत करते हैं। उन्होंने सभी को इस आदत को अपनाने की सलाह दी। इसके बाद वे स्नान करते हैं और एक घंटे तक ध्यान करते हैं, फिर दौड़ने जाते हैं और उसके बाद लोगों को योग सिखाना शुरू करते हैं। साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वह दिन में केवल एक बार खाते हैं।
दिन में कितनी बार खाना चाहिए?
दिन में एक बार खाना सबसे अच्छा है।
“दिन में कितनी बार खाना चाहिए?” यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। बाबा रामदेव के अनुसार, बार-बार खाने से कई बीमारियाँ हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि दिन में एक बार खाना शरीर के लिए सबसे अच्छा है। जो लोग ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, वे दो बार खा सकते हैं। जो लोग दिन में तीन बार खाते हैं, उनके बीमार होने का खतरा ज्यादा होता है और दिन में चार बार खाना बहुत खतरनाक हो सकता है।
खाने में क्या होना चाहिए?
सात्विक आहार अपनाएं।
बाबा रामदेव दोपहर 11-12 बजे के बीच भोजन करते हैं और शाम 7 बजे तक सिर्फ फल खाते हैं। उनके आहार में 99% कोई अनाज नहीं होता। उनके आहार में बहुत सारे फल और सब्जियाँ शामिल होती हैं, जिनमें लौकी, जुचिनी और मिश्रित सब्जियाँ शामिल हैं। वे आलू नहीं खाते और 20 साल से ज्यादा समय से अनाज नहीं खाते। हालांकि, अब वह कभी-कभी बाजरा खाते हैं और कुछ दिनों बाद छोड़ देते हैं।
खाने का सही तरीका क्या है?
बाबा रामदेव ने कहा कि सबसे पहले फल और सलाद जैसे कच्चे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। इसके बाद हरी सब्जियाँ, अनाज और आखिर में मीठा कुछ खाना चाहिए। लेकिन मीठे में चीनी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आप मीठे फल, सूखे फल, गुड़, दूबूर आदि खा सकते हैं। यह आहार शरीर के लिए अच्छा है और लंबे समय तक बीमारियों से दूर रखता है।
2 खाद्य पदार्थ जो खतरनाक हैं
कौन से खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?
रामदेव के अनुसार, चावल और गेहूं खाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये कई रोगों को आमंत्रित करते हैं। उन्होंने कपालभाति और अनुलोम-विलोम प्राणायाम को अत्यधिक शक्तिशाली योगासन बताया, जिसे हर किसी को अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने रात में मिठाई, चाय, कॉफी, दही, बटरमिल्क और चॉकलेट खाने से मना किया। जो लोग नींद की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें प्याज खाने की सलाह दी गई, जो गहरी नींद में मदद करता है।
स्वस्थ भोजन क्या है?
कमजोरी को दूर करने के लिए अनार, गाजर, चुकंदर, गेहूं की घास और ऐलोवेरा खाएं। मूली पेट और जिगर के लिए अच्छी होती है और यह स्वास्थ्यकर बैक्टीरिया के विकास में मदद करती है। कस्टर्ड ऐप्पल खाने से कभी भी एसीडिटी नहीं होती और यह कैल्शियम से भरपूर होता है। बाबा रामदेव ने साक्षात्कार में ये सलाह दी।
Government : भारी बारिश के बीच केन्द्र सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग को दी राहत, ये चीजें हो जाएगी सस्ती
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने जीएसटी की अगली पीढ़ी की सुधार के तहत मुख्य स्लैबों की संख्या चार घटकर दो करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी और आम लोगों के इस्तेमाल की अधिकतर वस्तुओं को पांच प्रतिशत के स्लैब में रखने का फैसला किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिषद की 56 वीं बैठक के बाद बताया कि अब दो मुख्य स्लैब पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत के होंगे। इसके अलावा कुछ वस्तुओं पर शून्य कर और कुछ पर 40 प्रतिशत कर भी होंगे। ये कर सुधार 22 सितंबर से लागू हो जायेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में कर स्लैब और दरों को युक्तिसंगत बनाने के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिये गये।
नयी व्यवस्था में अल्ट्रा हाई टेंपरेचर दूध, छेना, पनीर, चपाती रोटी पराठा आदि पर कोई कर नहीं लगेगा। तैंतीस जीवन रक्षक दवाओं को भी कर मुक्त रखा गया है। सभी देशी रोटियों (चपाती, पराठा, रोटी आदि) पर जीएसटी दर शून्य होगी।
तैंतीस जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर दीर्घकालिक रोगों के उपचार में प्रयुक्त तीन जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी पांच प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। अन्य दवाओं पर पांच प्रतिशत कर लगेगा। व्यक्तिगत जीवन बीमा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पर भी कोई कर नहीं होगा।
जिन वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर लग रहा है उन पर करों की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि राज्यों को क्षतिपूर्ति के पूरे भुगतान के बाद उनकी दरों में बदलाव का अधिकार वित्त मंत्री को होगा और इसके लिए दोबारा परिषद की बैठक बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी।
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 के आधार पर गणना करें तो इस बदलाव से करीब 48,000 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
श्रीमती सीतारमण ने कहा कि ये फैसले आम आदमी को ध्यान में रखकर लिये गये हैं। इन बदलावों से श्रम साध्य क्षेत्रों, किसानों तथा कृषि क्षेत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र को ज्यादा फायदा होगा।
हेयर आॅयल, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामानों, पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, मक्खन, घी आदि जैसे लगभग सभी खाद्य पदार्थों पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।कृषि उपकरणों और संबंधित सभी वस्तुओं पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा। सल्फ्यूरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल और अमोनिया पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है जिससे किसानों को फायदा होगा।चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा या पशु चिकित्सा या भौतिक या रासायनिक विश्लेषण के लिए उपयोग किये जाने वाले विभिन्न चिकित्सा उपकरणों और उपकरणों पर भी अब 18 की जगह पांच प्रतिशत कर होगा।
वैडिंग गॉज, पट्टियां, डायग्नोस्टिक किट और अभिकर्मक, रक्त शर्करा निगरानी प्रणाली (ग्लूकोमीटर), चिकित्सा उपकरण आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।
मानव निर्मित रेशे पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत और मानव निर्मित धागे पर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत जीएसटी किया गया है।
हस्तशिल्प, संगमरमर और ट्रैवर्टीन ब्लॉक, ग्रेनाइट ब्लॉक और मध्यवर्ती चमड़े के सामान जैसी श्रम-प्रधान वस्तुओं पर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत जीएसटी किया गया है।
नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और उनके निर्माण के पुर्जों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी की गयी है।प्रति इकाई 7,500 रुपये प्रतिदिन या उसके बराबर मूल्य वाली “होटल आवास” सेवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर प्रतिशत किया गया है।
आम आदमी द्वारा उपयोग की जाने वाली सौंदर्य और शारीरिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे जिम, सैलून, नाई, योग केंद्र आदि पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है।
एयर कंडीशनिंग मशीनों, 32 इंच के टीवी (सभी टीवी पर अब 18 प्रतिशत कर), डिशवॉशिंग मशीनों, छोटी कारों, 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है।
छोटी कारों और 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। बसों, ट्रकों, एम्बुलेंस आदि पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। तिपहिया वाहन पर 28 प्रतिशत से कर घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। सभी आॅटो पार्ट्स पर 18 प्रतिशत की एक समान दर लागू की गई है।
पान मसाला, जर्दा, गुटखा, तंबाकू, सिगार, सिगरेट, बीड़ी तथा दूसरे तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर जारी रहेगी। एडेड शुगर या दूसरे स्वीटनर या फ्लेवर मिश्रित उत्पादों और कैफीनेटेड पेय को भी 40 प्रतिशत से स्लैब में रखा गया है। व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए विमान सेवा, 350 सीसी से अधिक के दुपहिया वाहन, 1,200 सीसी से अधिक की पेट्रोल कारें और 1,500 सीसी से अधिक की डीजल कारों पर भी 40 प्रतिशत कर लगेगा।
पति घर लाता तलाकशुदा महिलाएं, कमरे में करता रेप और पत्नी बनाती MMS. फिर शुरू होता ठगी का अनोखा खेल
मध्य प्रदेश के भोपाल में पुलिस ने शातिर युवक को गिरफ्तार किया है. युवक पर शादी का झांसा देकर रेप, ब्लैकमेलिंग और पैसे ऐंठने के आरोप लगे हैं. शिकायतकर्ता दो महिलाएं हैं. उन्होंने बताया कि आरोपी ने एक मैट्रीमोनियल साइट पर खुद को तलाकशुदा बताकर दोनों से अलग-अलग मुलाकात की. उन्हें अपनी पत्नी से मिलवाया, लेकिन बताया कि वो उसकी मां है. फिर कमरे में जाकर संबंध बनाए, जिसके वीडियो आरोपी की पत्नी ने बनाए.
बाद में आरोपी ने कहा- मुझे बिजनेस के लिए पैसों की जरूरत है. महिलाओं ने भी उस पर यकीन करके पैसे दे दिए. जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने कहा कि हम पुलिस के पास तहरीर देंगीं. मगर दंपति ने उन्हें ये कहकर धमकाया कि अगर किसी को भी कुछ बताया तो तुम्हारे MMS लीक कर देंगे.
बिजनेस करने के नाम पर आरोपी ने दोनों महिलाओं से 85 लाख रुपए ऐंठे. एक पीड़िता ने तो सुसाइड की कोशिश की. परिजनों ने उसकी काउंसिलिंग करावाई. इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. फिर दूसरी महिला ने भी एफआईआर दर्ज करवाई. मामला बागसेवनिया थाना क्षेत्र का है.
खुद को उद्योगपति बताकर दिया शादी का झांसा
जानकारी के मुताबिक, आरोपी का नाम अविनाश प्रजापति है. शादीशुदा होने के बावजूद उसने मैट्रीमोनियल साइट पर ID बनाई. वो जानता था कि तलाकशुदा महिलाओं को फंसाना ज्यादा आसान होगा. इसलिए उसने अपने प्रोफाइल में भी खुद को तलाकशुदा ही बताया. फिर दोनों महिलाओं को अलग-अलग समय में फंसाया.
कैसे मिला अविनाश को पहला शिकार?
अवधपुरी की रहने वाली महिला का तलाक हो गया था.उसने दूसरी शादी के लिए मैट्रोमोनियल साइट का सहारा लिया. इस दौरान उसकी दोस्ती अविनाश से हो गई. आरोपी ने खुद को तलाकशुदा बताया और कहा कि उसका स्टील का कारोबार है. साथ ही छत्तीसगढ़ में धनलक्ष्मी नाम की फैक्ट्री का संचालन करता है. महिला जब उसके घर मिलने के लिए आई तो उसने पत्नी को अपनी मां बताया. बातचीत के दौरान कुछ प्राइवेट बात करने के नाम पर वह उसे कमरे में ले गया. वहां उससे शारीरिक संबंध बनाए. इस दौरान चुपके से अविनाश की पत्नी ने अश्लील वीडियो बना लिए.
40 लाख कैश और 5 लाख के गहने लिए
आरोपी ने फिर एक दिन कहा कि शादी से पहले बिजनेस बढ़ाने के लिए उसे पैसों की जरूरत है. उसकी बातों में आकर महिला ने अपनी सारी जमापूंजी किए हुए 40 लाख कैश और 5 लाख रुपए के जेवर दे दिए. इसके बाद अविनाश ने शादी से इंकार कर दिया. जिसके बाद उसने थाने में इसकी शिकायत की. ठीक इसी तरह अविनाश ने अशोका गार्डन इलाके में रहने वाली ब्यूटीशियन के साथ भी रेप और ठगी की वारदात को अंजाम दिया.
दोनों आरोपियों पर हो सकते हैं और भी खुलासे
पुलिस ने आरोपी अविनाश को गिरफ्तार कर लिया है. उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. आशंका है कि पूछताछ में और भी महिलाओं के साथ गलत काम करने के खुलासे हो सकते हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं, उसकी पत्नी को लेकर क्या एक्शन होता है, ये देखना होगा.
Jio यूजर्स के लिए खुशखबरी! इस वीकेंड FREE दे रहा Unlimited 5G डेटा, जानें कैसे उठाएं फायदा
भारत में डिजिटल क्रांति की शुरुआत करने वाले Jio अब 9 साल का हो गए हैं। साथ ही जियो ने 500 मिलियन यूजर्स भी हो गए हैं। 2016 में लॉन्च हुआ यह टेलीकॉम ब्रांड आज करोड़ों भारतीयों की पहली पसंद है।
हिमाचल में बारिश का कहर जारी, भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 7 हुई, कुल्लू में दो लोग मलबे में दबे, कई सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच बचाव कर्मियों ने मंडी जिले में भूस्खलन के बाद मलबे से चार और शव बरामद किए, जिससे मृतकों की संख्या सात हो गई। वहीं कुल्लू जिले में दो मकान ढह जाने से कल रात से एनडीआरएफ के एक जवान समेत दो लोग मलबे में दब गए हैं, जिनकी मौत की आशंका है।
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IPhone 17 के लॉन्च की तारीख का ऐलान हो चुका है। Apple का लॉन्च इवेंट 'अवे ड्रॉपिंग' 9 सितंबर को आयोजित होगा। कंपनी ने इवेंट के लिए ऑफिशियल इनविटेशन भेजना शुरू कर दिया है।|
सेमीकॉन इंडिया 2025: ISRO ने बनाई पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप, पीएम मोदी को की भेंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित 'सेमीकॉन इंडिया 2025' सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर देश की पहली मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर चिप प्रधानमंत्री को भेंट की गई।
जूते-चप्पल और कपड़े ₹2500 तक होंगे सस्ते, GST काउंसिल बैठक के बड़े फैसले
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मुजफ्फरपुर: बिहार में पुलिस और अपराधियों के बीच एक एनकाउंटर कैमरे में कैद हो गया। यकीन मानिए, ऐसे एनकाउंटर का वीडियो खासतौर पर बिहार में आपने पहले कभी नहीं देखा होगा। इस वीडियो में आप साफ देखेंगे कि कैसे मुजफ्फरपुर की पुलिस टीम के जांबाज अफसरों ने अपराधियों को घेर लिया।
हरियाणा के 1233 गांवों में बाढ़... दो हाईवे और कई सड़कें बंद, सात की मौत; आज भारी बारिश
हरियाणा में उफनाईं नदी-नालों व लगातार हो रही बारिश अब तबाही मचाने लगी है। मंगलवार से अब-तक को बारिश जनित हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बह गया। इनमें चार की मौत तो केवल करंट से हुई।
क्या डूब जाएगी दिल्ली? यमुना का रौद्र रूप देख कांप उठे लोग, देखें वीडियो
Delhi Flood Drone Video: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे बाढ़ की आशंका गहराने लगी है. लगातार हो रही बारिश के चलते यमुना का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है.
RDA प्लॉट घोटाला: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला – 3 अभियंता बरी, कारोबारी रमेश झाबक की सजा बरकरार
बिलासपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के चर्चित प्लॉट घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति संजय एस. अग्रवाल की एकलपीठ ने तीन अभियंताओं को बरी कर दिया है। वहीं कारोबारी रमेश झाबक की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उनकी जमानत निरस्त कर दी गई है।
???? क्या था मामला?
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वर्ष 1996 में RDA के प्लॉट (E-1 और E-15) कारोबारी रमेश झाबक को आवंटित किए गए थे।
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आरोप था कि आवंटन बिना नीलामी और विधि प्रक्रिया के हुआ, जिससे प्राधिकरण को लाखों का नुकसान हुआ।
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लोकायुक्त ने 1997 में मामला दर्ज कर विशेष अदालत में चालान पेश किया था।
⚖️ निचली अदालत का फैसला
26 जुलाई 2000 को विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने तत्कालीन उप अभियंता वेद प्रकाश सिन्हा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.एल. गजभिये, सहायक अभियंता एच.एस. गुप्ता और व्यापारी रमेश झाबक को दोषी ठहराया था।
????️ हाईकोर्ट का फैसला
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हाईकोर्ट ने कहा कि अभियंता केवल तत्कालीन चेयरमैन नरसिंह मंडल (अब दिवंगत) के आदेश का पालन कर रहे थे, इसलिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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तीनों अभियंताओं की सजा रद्द कर दी गई और उनकी जमानत व मुचलके खत्म कर दिए गए।
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जबकि रमेश झाबक को अवैध रूप से प्लॉट हासिल करने और प्राधिकरण को नुकसान पहुंचाने का दोषी माना गया।
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उनकी दो साल की सजा और 1,000 रुपए का जुर्माना बरकरार रखा गया।
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कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी और शेष सजा काटने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया।
???? राज्य सरकार की अपील भी खारिज
राज्य सरकार ने राजस्व अधिकारी आर.एस. दीक्षित की बरी होने के खिलाफ अपील की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया और उनके बरी होने को सही ठहराया।
पंजाब में बाढ़ त्रासदी: Ammy Virk ने 200 परिवारों को लिया गोद, Sanjay Dutt और Himanshi Khurana भी आगे आए मदद के लिए
पंजाब राज्य इस समय बाढ़ की मार झेल रहा है. बाढ़ के कारण पंजाब के कई घर प्रभावित हुए हैं. यहां सरकार की ओर से बचाव कार्य किया जा रहा है. वहीं, पंजाबी एक्टर और सिंगर एमी विर्क (Ammy Virk) ने 200 बाढ़ से प्रभावित परिवारों को गोद ले लिया है. इसके अलावा एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है और पंजाबी एक्ट्रेस-सिंगर हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) ने भी राहत कार्यों में शामिल होकर 10 परिवारों के पुनर्वास में मदद का वादा किया है.
एमी विर्क ने की मदद की पुष्टि
बता दें कि पंजाबी एक्टर और सिंगर एमी विर्क (Ammy Virk) ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मदद की पेशकश किया है. उन्होंने इस पोस्ट में लिखा- ‘पंजाब में बाढ़ से हुई तबाही देखकर हमारा दिल दुखा है. अपने लोगों को बिना छत के देखकर मैं पूरी तरह टूट गया हूँ. आराम और स्थिरता लाने के अपने छोटे से प्रयास में, हम उन लोगों की मदद के लिए 200 घरों को गोद ले रहे हैं, जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है. यह केवल आश्रय के बारे में नहीं है – यह आशा, सम्मान और फिर से शुरुआत करने की ताकत देने के बारे में है.’
हिमांशी खुराना ने 10 घरों को लिया गोद
पंजाबी एक्ट्रेस-सिंगर हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) ने भी 10 परिवारों के पुनर्वास में मदद का वादा किया है. एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- आज पंजाब की ऐसी हालत देखकर हर पंजाबी का दिल रो रहा है. हम अपने पंजाब को पहले जैसा बनाएंगे. मैं अपनी क्षमता अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 10 परिवारों के पुनर्वास में मदद करने में योगदान दूंगी. इस विनाशकारी बाढ़ की स्थिति में, हम सभी को एक साथ आकर समाधान खोजने की जरूरत है. सभी मशहूर हस्तियों, नेताओं, मीडिया, सोशल मीडिया हस्तियों और आम जनता को एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए. हम पंजाबी पंजाब के साथ हैं.’
संजय दत्त ने भी किया मदद
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने प्रभावित लोगों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ‘पंजाब में बाढ़ से हुई तबाही वाकई दिल दहला देने वाली है. प्रभावित सभी लोगों के लिए मैं शक्ति और प्रार्थनाएं भेज रहा हूं. मैं हर संभव मदद करूंगा. बाबाजी पंजाब में सभी का भला करें और उनकी रक्षा करें.’



































