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WATCH: पीएम मोदी को भेंट की गई पारंपरिक जापानी दारुमा गुड़िया, जानें यह किसका प्रतीक है

WATCH: पीएम मोदी को भेंट की गई पारंपरिक जापानी दारुमा गुड़िया, जानें यह किसका प्रतीक है

Anita nishad 29-Aug-2025 6

 टोक्यो: जापान की दो दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टोक्यो स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी ने एक पारंपरिक जापानी ताबीज, दारुमा गुड़िया भेंट की। दारुमा गुड़िया एक पारंपरिक जापानी ताबीज है जो दृढ़ता और सौभाग्य का प्रतीक है।

इसका उपयोग अक्सर व्यक्तिगत या व्यावसायिक लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

दारुमा गुड़िया एक खोखली, गोल, जापानी पारंपरिक गुड़िया है जिसे बौद्ध धर्म की ज़ेन परंपरा के संस्थापक बोधिधर्म के आधार पर बनाया गया है। ये गुड़िया आमतौर पर लाल रंग की होती हैं और भारतीय भिक्षु बोधिधर्म को दर्शाती हैं। लेकिन क्षेत्र और कलाकार के आधार पर इनके रंग और डिज़ाइन में काफी भिन्नता हो सकती है। दारुमा गुड़िया जापानी मुहावरे “सात बार गिरो, आठ बार उठो” का प्रतीक है।

दारुमा गुड़िया जापान में सबसे प्रिय सौभाग्य-प्रचारकों में से एक हैं और सिर्फ़ एक स्मृति-चिह्न से कहीं बढ़कर हैं। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, पारंपरिक रूप से, दारुमा गुड़िया अपनी यात्रा तब शुरू करती है जब कोई व्यक्ति कोई व्यक्तिगत लक्ष्य या इच्छा निर्धारित करता है।

इसकी “एक आँख उस इरादे को दर्शाने के लिए रंगी जाती है, जबकि दूसरी आँख तब तक खाली रहती है जब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता। यह एक निरंतर अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है, जो आपको तब तक उद्देश्यपूर्ण दृष्टि से देखती रहती है जब तक आप उस सपने को साकार नहीं कर लेते।”

 

जैसे-जैसे वर्ष समाप्त होता है, कई लोग ‘दारुमा कुयो’ नामक एक समारोह में अपनी दारुमा गुड़िया मंदिरों में वापस कर देते हैं। इसे कृतज्ञता और मुक्ति का एक शुद्धिकरण अनुष्ठान माना जाता है। इन समारोहों में, पुरानी दारुमा गुड़ियों को बड़े अलाव में सम्मानपूर्वक जलाया जाता है, अक्सर मंत्रोच्चार या भिक्षुओं के आशीर्वाद के साथ।

कुछ मंदिर लोगों को दारुमा गुड़ियों को जलाने से पहले उन पर अपनी इच्छाएँ या विचार लिखने की अनुमति देते हैं, जिससे वे एक शक्तिशाली आध्यात्मिक समय कैप्सूल में बदल जाती हैं। दारुमा की अनूठी बनावट किंवदंतियों और प्रतीकों में निहित है। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, इसका अंगहीन रूप उस कथा से आता है जिसमें ज़ेन बौद्ध धर्म की स्थापना का श्रेय प्राप्त एक भिक्षु ने नौ वर्षों तक इतनी गहन साधना की कि उसके हाथ और पैर सूख गए।

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डरा रहा धारी देवी मंदिर का नया वीडियो, इस मंदिर की मूर्ति हटाने से ही 2013 में आई थी प्रलय

डरा रहा धारी देवी मंदिर का नया वीडियो, इस मंदिर की मूर्ति हटाने से ही 2013 में आई थी प्रलय

Anita nishad 29-Aug-2025 6

 उत्तराखंड में बदरीनाथ केदारनाथ राजमार्ग पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ धारी देवी मंदिर के नीचे श्रीनगर बांध का पानी तेजी से बढ़ रहा है और मंदिर प्रांगण से महज एकाध फुट नीचे तक अलकनंदा का पानी पहुंच गया है।

आधिकारिक सूचना के अनुसार चमोली तथा रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश तथा बादल फटने की घटनाओं के कारण मंदाकिनी तथा अलकनंदा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग सात के नजदीक स्थित धारी देवी मंदिर को अलकनंदा नदी का पानी छूने लगा है।

मंदिर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है पानी

 

मंदिर से नदी का पानी कुछ ही फुट नीचे बह रहा है। धारीदेवी मंदिर झील के ऊपर है जहां सामान्य दिनों में श्रद्धालु पुल से पहुंचकर माता के दर्शन करने जाते हैं। बांध बनाते समय नदी में पिलर डालकर माता के मंदिर को ज्यों का त्यों माता की प्राचीन पीठ पर ही स्थापित किया गया था। अलकनंदा का पानी मंदिर को जाने वाले पुल तथा मंदिर प्रांगण की तरफ तेजी से चढ़ रहा है। सूचना के अनुसार सिरोबगड़ के पास की झील का पानी अब सड़क पर बहने लगा है और सड़क लगभग झील बन गई है। 

धारी देवी की कृपा से चार धाम यात्रा होती है पूरी

धारी देवी उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति पीठ और धार्मिक स्थल है, जो श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर अपनी रहस्यमयी और चमत्कारी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है और इसे उत्तराखंड की संरक्षक देवी माना जाता है। धारी देवी को चार धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, और यमुनोत्री) की रक्षक के रूप में भी पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती का शरीर का एक हिस्सा यहां गिरा था, जिसके कारण यह स्थान पवित्र हो गया। स्थानीय लोग और श्रद्धालु मानते हैं कि धारी देवी उत्तराखंड की रक्षा करती हैं। उनकी कृपा के बिना चार धाम यात्रा पूरी नहीं हो सकती।

  प्राकृतिक आपदा से मंदिर का संबंध

धारी देवी की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि यह दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है। सुबह यह कन्या , दोपहर में युवती, और शाम को वृद्ध महिला के रूप में दिखाई देती है। यह चमत्कार मंदिर की प्रसिद्धि का प्रमुख कारण है। 2013 में उत्तराखंड में आई भीषण बाढ़ को धारी देवी के क्रोध से जोड़ा जाता है। 16 जून 2013 को मंदिर की मूल मूर्ति को एक जलविद्युत परियोजना के लिए इसके मूल स्थान से हटाकर ऊंचाई पर स्थानांतरित किया गया था। उसी दिन शाम को केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ आई, जिसमें हजारों लोगों की जान गई। यह माना जाता है कि धारी देवी की कृपा से ही चार धाम यात्रा सफल होती है। उनकी अनुमति के बिना कोई भी इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

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पानी-पानी हुआ पंजाब, 37 साल बाद ऐसी बाढ़, तीन नदियों के उफान में सैकड़ों गांव डूबे

पानी-पानी हुआ पंजाब, 37 साल बाद ऐसी बाढ़, तीन नदियों के उफान में सैकड़ों गांव डूबे

Anita nishad 29-Aug-2025 35

 पंजाब में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से लगते जिलों में हालात काफी खराब हैं और कई गांव पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। यहां रहने वाले लोग फिलहाल अस्थायी कैंपों में रहने के लिए मजबूर हैं।

कोई आलीशान कोठी छोड़कर भागने को मजबूर हुआ है तो किसी को अपने पशुओं तक को निकालने का वक्त नहीं मिला। पंजाब के लोगों का कहना है कि 1988 के बाद पहली बार इतनी भीषण बाढ़ राज्य में आई है, यानी 37 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में चल रही भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का पानी उफान पर है।

आसपास में काफी दूरी तक रिहायशी इलाकों में इन नदियों का पानी चला आया है। कुछ इलाकों में तो ऐसी स्थिति है कि जहां तक नजर जाती है, वहां तक सिर्फ पानी ही दिख रहा है। खासतौर पर पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, तरन तारन, कपूरथला, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर में हालात खराब हैं। निचले इलाके में पड़ने वाले सैकड़ों गांव पूरी तरह जलमग्न हैं। दूर से देखने पर घरों का थोड़ा हिस्सा ही दिखता है क्योंकि ज्यादातर पानी में डूब चुके हैं। इससे हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है तो वहीं जान और माल की हानि भी बड़े पैमाने पर हुई है।

फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है, लेकिन पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार जारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने सभी प्रभावित जिलों में प्रशासन को आदेश दिया है कि बचाव कार्य में तेजी लाएं। आज वह चंडीगढ़ में एक हाई लेवल मीटिंग भी इस बारे में करने वाले हैं। राजपुरा में फ्लड कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

पटियाला में बाढ़ का एक लंबा इतिहास रहा है। 1993 में भी इस जिले में भीषण बाढ़ आई थी। इसके अलावा दो साल पहले 2023 में भी बाढ़ आई थी। जिले में तमाम गांवों को बड़ा नुकसान मॉनसून से आई बाढ़ के चलते हुआ था। पंजाब के लिए बड़े पैमाने पर प्रवासी भारतीयों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। सोशल मीडिया पर #PrayforPunjab ट्रेंड कर रहा है।

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मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक. पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना अहम

मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक. पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना अहम

Anita nishad 29-Aug-2025 9

 भारत-जापान के 15वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय जापान दौरे पर हैं. यहां पीएम मोदी जापान के पीएम इशिबा से मुलाकात करने वाले हैं. जापान के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन पहुंचेंगे.

इससे पहले पीएम मोदी ने यहां प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की. टोक्यो में भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत निवेश के लिए सबसे बेहतर है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का एक प्रतीक है.

भारत के विकास में जापान का साथ- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज सुबह ही टोक्यो पहुंचा हूं. मुझे बहुत खुशी है कि मेरी यात्रा की शुरुआत बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है. आप में से बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनसे मेरा व्यक्तिगत परिचय रहा है, जब मैं गुजरात में था तब भी और जब मैं दिल्ली आ गई तब भी.

उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक अहम पार्टनर रहा है. मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक बनी हैं.

उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. मात्र पिछले 2 सालों में 30 बिलियन डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्ट हुआ है.

विश्व की तीसरी सबसे बड़ी Economy बनेगा भारत- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत के अभूतपूर्व transformation से आप सभी भली भांति परिचित हैं. आज भारत में political stability है, economic stability है, policy में पारदर्शिता है, predictability है. आज भारत विश्व की सबसे तेज grow करने वाली major economy है और बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी economy बनने जा रहा है.

उन्होंने कहा कि हमारे reforms केवल tax प्रणाली तक सीमित नहीं हैं. हमने ease of doing business पर बल दिया है. बिजनेस के लिए single digital window अप्रूवल की व्यवस्था की है.

अपने संबोधन में पीएम ने क्या की अपील?

इन Reforms के पीछे हमारा विकसित भारत बनाने का संकल्प है. विश्व ने इसे recognize ही नहीं appreciate भी किया है. S&P Global ने, दो दशक बाद, भारत की Credit Rating Upgrade की है. उन्होंने कहा कि The world is not just watching India, it is counting on India.

पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है. हम साथ मिलकर, वही magic, बैटरीज, रोबोटिक्स, सेमी-कन्डक्टर, शिप-बिल्डिंग और nuclear energy में भी दोहरा सकते हैं. साथ मिलकर, हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैं आप सबसे आग्रह करता हूं. भारत आइये और मिलकर विश्व बनाते हैं.

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वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान के परेड ग्राउंड में पानी ही पानी, वीडियो वायरल होने पर भारत को ठहराया जिम्मेदार

वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान के परेड ग्राउंड में पानी ही पानी, वीडियो वायरल होने पर भारत को ठहराया जिम्मेदार

Anita nishad 29-Aug-2025 8

 मृतसर: वाघा बॉर्डर पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने पाकिस्तान को शर्मिंदा कर दिया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर परेड ग्राउंड बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न है और पाक रेंजर्स घुटनों तक पानी में खड़े हैं।

वहीं भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) का क्षेत्र साफ-सुथरा और लगभग पानी रहित दिख रहा है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय पक्ष पर ग्रैंड ट्रंक रोड (GT रोड) की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, जिसकी वजह से पानी पाकिस्तान की ओर जमा हो रहा है।

सच्चाई तो कुछ और है
हकीकत यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी बॉर्डर पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और जल निकासी प्रणाली को बेहतर कर लिया है। इस कारण भारतीय क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। वहीं पाकिस्तान लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। परेड स्थल पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां जगह-जगह कीचड़ और घुटनों तक पानी जमा हो गया। हालात से निपटने के लिए पाक रेंजर्स ने रेत की बोरियां लगाकर पानी रोकने की कोशिश की।

पाकिस्तानियों की खुल गई पोल
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों से GT रोड की ऊंचाई को लेकर शिकायत भी की है। जल्दबाजी में पाकिस्तानी पक्ष ने जल निकासी के लिए कुछ नाले बनाए और सड़क का एक हिस्सा ऊंचा कर पानी बहाने की कोशिश की। लेकिन लगातार भारी बारिश ने पाकिस्तान की सभी तैयारियों की पोल खोल दी।

 

पाकिस्तान के आरोप पर भारत का जवाब
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने कहा कि 8-9 अगस्त को पंजाब क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का हो। उन्होंने साफ किया कि वाघा-अटारी, हुसैनीवाला और सादकी-तीनों स्थानों पर होने वाले झंडा उतारने के समारोह स्थल पर किसी भी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए थे। कुछ चौकियों को खाली भी कराना पड़ा। विशेषकर वे चौकियां, जो रावी नदी के पार भारत की ओर की एनक्लेव्स में स्थित हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले आती हैं, वहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

बाढ़ से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के कई हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। वाघा बॉर्डर पर वायरल हुआ यह दृश्य केवल उस बड़ी त्रासदी की एक झलक है। लगातार हो रही बरसात ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष की साफ और व्यवस्थित परेड ग्राउंड ने एक बार फिर दोनों देशों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन क्षमता का अंतर दुनिया के सामने रख दिया है।

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रुद्रप्रयाग में पहाड़ से आया सैलाब और गायब हो गया पूरा गांव… देखिए पहले और अब की तस्वीर

रुद्रप्रयाग में पहाड़ से आया सैलाब और गायब हो गया पूरा गांव… देखिए पहले और अब की तस्वीर

Anita nishad 29-Aug-2025 10

 त्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का छेनागाड़ गांव कभी हरी-भरी पहाड़ियों और नदियों के बीच बसा एक शांतिपूर्ण स्थान था. यहां के लोग खेती-बाड़ी और पशुपालन से अपना जीवन चलाते थे. बाजार क्षेत्र में छोटी-छोटी दुकानें, मछली तालाब और मुर्गी फार्म थे, जो गांव की अर्थव्यवस्था का आधार थे.

लेकिन 28 अगस्त 2025 को बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने सब कुछ उजाड़ दिया. यह ‘हिमालयन सुनामी’ जैसी आपदा ने छेनागाड़ को मलबे के ढेर में बदल दिया. पहले जहां हंसी-खुशी के घर थे, अब वाहन बह गए, बाजार मलबे से भर गया. कुछ लोग गुमशुदा हैं.

रुद्रप्रयाग के एसपी अक्षय पप्रह्लाद कोंडे ने बताया कि केदारनाथ हाईवे अभी तक बंद है. छेनागाड़ में बादल फटने से 8 लोग लापता हैं, जिनमे 4 स्थानीय व 4 नेपाली मूल के हैं. हाईवे रात से बांसवाड़ा में बंद होने से रेसक्यू टीम फंसी हैं. हालांकि एसडीआरएफ की टीम पैदल ही मौके के लिए रवाना हो चुकी है. अधिकारी बता रहे हैं की रास्ता खोलने का कार्य जारी है. रुद्रप्रयाग के अलग अलग क्षेत्रों में नुकसान हुआ है.

छेनागाड़ पहले: शांति और समृद्धि का गांव

छेनागाड़ रुद्रप्रयाग जिले का एक छोटा सा बाजार क्षेत्र था, जो हिमालय की गोद में बसा था. यहां की हवा में हमेशा ताजगी रहती थी. अलकनंदा-मंदाकिनी नदियों का पानी जीवन का आधार था. गांव के लोग मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थे – धान, गेहूं और सब्जियां उगाते थे.

बाजार में दुकानें चहल-पहल से भरी रहतीं, जहां स्थानीय लोग सामान खरीदते-बेचते. पास में मछली तालाब और मुर्गी फार्म थे, जो अतिरिक्त आय का स्रोत थे. स्यूर, बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी, किमाणा और अरखुण्ड जैसे आसपास के गांवों के लोग यहां आते थे.

सड़कें NH, PWD और PMGSY से जुड़ी हुई थीं, जो केदारनाथ घाटी को जोड़ती थीं. गांव में स्कूल, मंदिर और छोटे घर थे. पर्यटक भी आते थे, जो चारधाम यात्रा का हिस्सा था.

बादल फटने की त्रासदी: अचानक आई तबाही

28 अगस्त 2025 की शाम को बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फट गया. यह घटना रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में एक साथ हुई, लेकिन छेनागाड़ पर इसका असर सबसे भयानक पड़ा. बादल फटने से तेज पानी और मलबा पहाड़ों से उतर आया, जो गांवों को लील गया. पहले की शांत नदियां गदेरों में बदल गईं. मलबा बाजार और घरों में घुस गया.

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार…

  • छेनागाड़ बाजार क्षेत्र: बाजार मलबे से भर गया. वाहन बह गए. दुकानें तबाह हो गईं. मलबा और कीचड़ का ढेर है.
  • छेनागाड़ डुगर गांव: कुछ लोग गुमशुदा हो गए. परिवारों के घर बह गए. लोग मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है.
  • जौला बड़ेथ: कुछ लोग लापता हैं. गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आया.
  • अरखुण्ड: मछली तालाब और मुर्गी फार्म पूरी तरह बह गए. पहले ये आय के स्रोत थे, अब खंडहर.
  • किमाणा: खेती की भूमि और सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरा. फसलें नष्ट, सड़कें बंद.
  • स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त, बोलेरो वाहन बह गया.
  • बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गांवों के आसपास गदेरों में पानी और मलबा बहा, घरों में घुस गया.

आसपास के इलाकों में भी तबाही हुई. चमोली के देवाल क्षेत्र में मोपाटा में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता, विक्रम सिंह और पत्नी घायल. 15-20 मवेशी दब गए. केदारनाथ घाटी के लावारा गांव में मोटर रोड ब्रिज बह गया. अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर, रामकुंड डूब गया. हनुमान मंदिर जलमग्न. बद्रीनाथ हाईवे श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच डूब गया. कुल मिलाकर, 10 से ज्यादा गांव प्रभावित, सड़कें बंद और कई परिवार फंसे हुए हैं.

राहत और बचाव का सफर

जिला प्रशासन ने आपदा कंट्रोल रूम से तुरंत एक्शन लिया. जिलाधिकारी प्रतीक जैन लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं. उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया. सभी जिलास्तरीय अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम में समन्वय कर रहे हैं. NH, PWD, PMGSY की टीमें रास्ते खोलने में जुटी हैं. वैकल्पिक मार्ग चिन्हित कर राहत दल भेजे जा रहे. राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी गांवों में तैनात.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया कि बड़ेथ डुंगर तोक और देवाल क्षेत्र में बादल फटने से परिवार फंसे हैं. राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं. मैं अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं. बाबा केदार से सबकी कुशलता की प्रार्थना है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हैं. सेना ने भी 50 जवान रुद्रप्रयाग से भेजे. स्कूल बंद कर दिए गए. प्रभावितों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा.

प्रभावितों की कहानी: दर्द और उम्मीद

छेनागाड़ के निवासी अब दर्द में हैं. एक ग्रामीण ने कहा कि हमारा बाजार, जो जीवन था, अब मलबे में दबा है. वाहन बह गए, परिवार बिखर गए. गुमशुदा लोगों के परिवार चिंतित हैं. लेकिन राहत कार्यों से उम्मीद बंधी. एक महिला ने बताया कि टीमें आ रही हैं, लेकिन रास्ते बंद हैं. यह आपदा जलवायु परिवर्तन का संकेत है, जहां बादल फटना आम हो गया.

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‘पिंक गैंग’ से हो जाइए सावधान! हाई-प्रोफाइल 16 लड़कियों का ग्रुप, एक कॉल और लोग खुद भेजते थे पैसे, जानें पूरा मामला

‘पिंक गैंग’ से हो जाइए सावधान! हाई-प्रोफाइल 16 लड़कियों का ग्रुप, एक कॉल और लोग खुद भेजते थे पैसे, जानें पूरा मामला

Anita nishad 29-Aug-2025 9

 यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक चौंकाने वाले ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसे ‘पिंक गैंग’ के नाम से जाना जाता था। इस गैंग के काम करने का तरीका ऐसा था कि बेरोजगार युवा इनकी मीठी-मीठी बातों में फंसकर खुद ही इन्हें लाखों रुपये ट्रांसफर कर देते थे।

वहीं पुलिस ने एक कॉल सेंटर पर छापा मारकर इन सभी लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मास्टरमाइंड के साथ 16 लड़कियां गिरफ्तार

पुलिस को इमरजेंसी नंबर 1930 पर एक शिकायत मिली थी जिसके बाद इस कॉल सेंटर पर छापा मारा गया। मौके से 16 लड़कियों के साथ दो मास्टरमाइंड आहद और जुबैद को भी गिरफ्तार किया गया। ये दोनों ही इस गैंग के असली सरगना थे जो लड़कियों को कम सैलरी पर रखकर युवाओं को फंसाने का काम करते थे।

ठगी का तरीका

ये लड़कियां बेरोजगार युवाओं को कॉल करके बड़ी सैलरी वाली नौकरी का लालच देती थीं। इसके बाद उनसे ‘सिक्योरिटी मनी’ या एडवांस के नाम पर 2500 से 5000 रुपये तक की रकम मांगी जाती थी। पैसे मिलते ही ये लोग पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे और उनके नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।

लक्ष्य पर थे पुणे और महाराष्ट्र के युवा

शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गैंग खासतौर पर पुणे और महाराष्ट्र के युवाओं को अपना निशाना बना रहा था। हर महीने 30 से 40 हजार कॉल की जाती थीं।

जब्त सामान और बैंक अकाउंट फ्रीज

छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से तीन लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन और लगभग 30 सिम कार्ड मिले हैं। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रजिस्टर भी बरामद हुए हैं जिनमें पीड़ितों की जानकारी दर्ज थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के तीन बैंक खातों का भी पता लगाया है जिन्हें तुरंत फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह के झांसे में अब तक हजारों युवा फंस चुके हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और ठगी से जुटाई गई संपत्ति को जब्त करने की तैयारी भी चल रही है।

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चॉकलेट, पेस्ट्री, आइसक्रीम हो जाएंगे बेहद सस्‍ते… 18% से घटाकर 5% GST कर सकती है सरकार

चॉकलेट, पेस्ट्री, आइसक्रीम हो जाएंगे बेहद सस्‍ते… 18% से घटाकर 5% GST कर सकती है सरकार

Anita nishad 29-Aug-2025 8

 देश में जीएसटी रिफॉर्म होने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते 15 अगस्त को इसका ऐलान किए जाने के बाद से ही इसे लेकर बड़े-बड़े अपडेट सामाने आ रहे हैं. इस बीच उम्मीद जताई जा रही है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोको बेस्ड चॉकलेट, फ्लेक्स, पेस्ट्री से लेकर आइसक्रीम तक पर लागू जीएसटी स्लैब में बदलाव किया जा सकता है और ये 18% से कम करते हुए 5% हो सकता है.

अगर ऐसा होता है तो फिर इनके दाम में बड़ी गिरावट आएगी, जो ग्राहकों के लिए बड़ी राहत होगी. इनके कस्टमर बेस की बात करें, तो बच्चों से लेकर युवाओं तक इनकी तगड़ी डिमांड है.

चॉकेलट और आइसक्रीम हो जाएंगी सस्ती
मीठे और लोकप्रिय पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट जल्द आपकी जेब का बोझ कम कर सकते हैं. ऐसी उम्मीद इसलिए है, क्योंकि जीएसटी 2.0 के तहत चल रहे रिफॉर्म के तहत फिटमेंट कमेटी ने सिफारिश की है कि कोको युक्त चॉकलेट, अनाज से बने फ्लेक्स, पेस्ट्री और आइसक्रीम जैसे प्रोडक्ट पर लगने वाले 18% की जीएसटी को कम करके इसे 5% के टैक्स स्लैब में शामिल किया जाए.

अगले हफ्ते होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगर इस सिफारिश को माना जाता है और टैक्स स्लैब में बदलाव को मंजूरी मिल जाती है, तो चॉकलेट के दाम घटेंगे और भारत में तेजी से अपना मार्केट बढ़ा रही पेस्ट्री पहले से काफी सस्ती हो जाएंगी. इसके अलावा न सिर्फ शहरों में, बल्कि अर्ध शहरी क्षेत्रों में भी नाश्ते का अच्छा विकल्प बनते जा रहे फ्लेक्स की कीमतें भी कम हो जाएंगी.

18% स्लैब का रेवेन्यू में बड़ा हिस्सा
फिलहाल की बात करें, तो 18 फीसदी के जीएसटी स्लैब में शामिल चीजें जीएसटी से होने वाले राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी रखती हैं, लेकिन टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार और इसे सरल बनाने के सरकार के प्रयासों का उद्देश्य रोजमर्रा में बड़े पैमाने पर उपभोग वाली वस्तुओं को खरीदने के लिए लोगों की जेब पर बोझ कम करना है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि व्यापक रूप से खरीदे जाने वाले खाद्य पदार्थों पर जीएसटी रेट्स कम करने से महंगाई का दबाव कम होगा और यह इनडायरेक्ट टैक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.

यहां ध्यान रहे कि फिटमेंट कमेटी द्वारा जीएसटी स्लैब चेंज करने की ये सिफारिशें अंतिम नहीं हैं. अगले हफ्ते 3 और 4 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन पर विचार किया जाएगा और कोई फैसला किया जाएगा. ये काउंसिल की 56वीं बैठक होगी.

पीएम ने किया था जीएसटी सुधार का ऐलान
गौरतलब है कि जीएसटी को लेकर स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि दिवाली से पहले हम नया जीएसटी रिफॉर्म लेकर आ रहे हैं, जिसके तहत मौजूदा जीएसटी दरों की समीक्षा की जाएगी साथ ही टैक्‍स स्‍लैब को भी तर्कसंगत बनाया जाएगा. हालांकि, वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में इस बदलाव से केंद्र और राज्य सरकारों की आय पर असर होगा और की तैयारी कर रही है, जिससे करीब 40,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है.

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बीवी पर था अफेयर का शक.. पति ने जिंदा जलाया... अब 7 साल की बेटी के बयान से खुली पोल

बीवी पर था अफेयर का शक.. पति ने जिंदा जलाया... अब 7 साल की बेटी के बयान से खुली पोल

Anita nishad 28-Aug-2025 25

 हाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक व्यक्ति ने विवाहेतर संबंध के शक में अपनी 32 साल की पत्नी को कथित तौर पर जलाकर मार डाला. इतने के बाद उसने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की. हालांकि, उसके झूठ का खुलासा तब हो गया जब उसकी 7 साल की बेटी ने पुलिस को साफ- साफ बताया कि उसके पिता ने ही उसकी मां को जलाया है.

उन्होंने बताया कि यह घटना 25 अगस्त की तड़के उरण इलाके के पगोटेगांव में हुई. 35 साल के आरोपी को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया. उरण पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक हनीफ मुलानी ने पीटीआई को बताया कि आरोपी राजकुमार रामशिरोमणि साहू को अपनी पत्नी जगरानी राजकुमार साहू पर विवाहेतर संबंध होने का शक था. उन्होंने बताया कि उसने कथित तौर पर पीड़िता के हाथ-पैर बांध दिए, उस पर मिट्टी का तेल डाला और लाइटर से उसे आग लगा दी.

अधिकारी ने बताया कि बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उन्होंने बताया कि आरोपी ने दावा किया था कि उसकी पत्नी ने घर के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया और आत्महत्या कर ली, जिसके बाद शुरुआत में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया था. मुलानी ने कहा, 'लेकिन हमारी जाँच में उसकी कहानी में गड़बड़ी पाई गईं.'
 

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दंपति की सात साल की बेटी के एक महत्वपूर्ण बयान सहित आगे की जांच से एक बिल्कुल अलग तस्वीर सामने आई. अधिकारी ने कहा, 'आरोपी ने दावा किया था कि उसकी पत्नी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और आत्महत्या कर ली. लेकिन बच्ची का बयान पति के बयान से मेल नहीं खा रहा था.'
 

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की और उसमें साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि आरोपी घटना के बाद तड़के घर से निकल रहा था. अधिकारी ने कहा, 'यह एक महत्वपूर्ण सबूत था, जो उस व्यक्ति के इस दावे का खंडन करता है कि वह घटना के समय घर पर मौजूद नहीं था.'

उन्होंने बताया कि मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर, उरण पुलिस ने 26 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. अधिकारी ने कहा, 'यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है. हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह घरेलू हिंसा का एक क्रूर कृत्य था.' मामले की आगे की जांच जारी है.

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7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए अलर्ट! 15 सितंबर से पहले कर लें ये जरूरी काम, नहीं तो होगा भारी नुकसान

7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए अलर्ट! 15 सितंबर से पहले कर लें ये जरूरी काम, नहीं तो होगा भारी नुकसान

Anita nishad 28-Aug-2025 11

  अगर आप 7th Pay Commission के तहत सैलरी पाते हैं और आपको वित्त वर्ष 2024-25 में एरियर मिला है, तो आपके लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। आयकर विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे सभी कर्मचारियों को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से पहले Form 10E भरना होगा।

अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको इनकम टैक्स नोटिस मिल सकता है और सेक्शन 89 के तहत मिलने वाली टैक्स राहत भी नहीं मिलेगी।

;https://पानी- पानी हुआ पाकिस्तान, बाढ़ में डूबा करतारपुर साहिब गुरुद्वारा, 100 से ज्यादा लोग फंसे Video Viral

क्या है Form 10E और क्यों है ये जरूरी?

जब किसी कर्मचारी को सैलरी, फैमिली पेंशन या कोई अन्य आय एरियर के रूप में मिलती है, तो उस साल उसकी कुल आय बढ़ जाती है। इस कारण कर्मचारी ऊंचे टैक्स स्लैब में चला जाता है और उसे ज्यादा टैक्स देना पड़ता है। आयकर कानून की धारा 89 इस तरह की स्थिति में राहत देती है, जिससे अतिरिक्त टैक्स का बोझ कम हो जाता है।

Form 10E इसी राहत का लाभ लेने के लिए एक अनिवार्य फॉर्म है। इसे भरकर कर्मचारी अपने एरियर को उन सालों में बांटकर दिखा सकता है, जिनसे वह आय जुड़ी है। इससे टैक्स की गणना सामान्य तरीके से होती है और कर्मचारी को ज्यादा टैक्स नहीं देना पड़ता।
 

ITR फाइल करने की डेडलाइन

वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर, 2025 है। अगर कोई कर्मचारी बिना Form 10E भरे ही ITR में राहत का दावा करता है, तो आयकर विभाग उस दावे को खारिज कर देगा। इससे या तो आपका अतिरिक्त टैक्स कट जाएगा या फिर रिफंड अटक जाएगा।

href="https://www.punjabkesari.in/national/news/minor-got-trapped-in-the-clutches-of-a-tantrik-and-died-a-painful-death-2203496"> रूह कंपा देने वाला क्राइम! तांत्रिक के चंगुल में फंसकर नाबालिग को दी दर्दनाक मौत, 2 टुकड़ों में काटा शव, धड़ कहीं और सिर कहीं और फेंका

Form 10E कैसे भरें?

आयकर विभाग के अनुसार Form 10E ऑनलाइन भरा जा सकता है। इसके लिए आप आयकर पोर्टल पर लॉगइन करके 'ई-फाइल' सेक्शन में जाएं और 'इनकम टैक्स फॉर्म' चुनें। वहाँ आपको 'टैक्स एग्जेम्पशन्स एंड रिलीफ्स - Form 10E' का विकल्प मिलेगा। फॉर्म में आपको अपनी आय के प्रकार के अनुसार सही
 Annexure चुनना होगा:

  • Annexure I: एरियर या एडवांस सैलरी / फैमिली पेंशन
  • Annexure II व IIA: ग्रेच्युटी
  • Annexure III: सेवा समाप्ति पर मुआवजा
  • Annexure IV: पेंशन का कम्यूटेशन

इसलिए अगर आपको इस वित्त वर्ष में एरियर मिला है, तो बिना देर किए Form 10E भरें, ताकि आपको किसी भी तरह के नुकसान से बचाया जा सके।

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वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, घाट की बजाय घरों की छतों पर हो रहा है शवों का अंतिम संस्कार, देखें व्याकुल करने वाली तस्वीरें

वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, घाट की बजाय घरों की छतों पर हो रहा है शवों का अंतिम संस्कार, देखें व्याकुल करने वाली तस्वीरें

Anita nishad 28-Aug-2025 12

 वाराणसी में उफनाई गंगा की बाढ़ से घाटों पर व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। घाटों के निचले हिस्सों में पानी भर जाने की वजह से आरती और शवदाह का काम छतों पर किया जा रहा है।

गंगा का जलस्तर पिछले कुछ दिनों में घटने के बाद एक बार फिर से बढ़त की ओर है।

गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार की सुबह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर को पार कर 70.91 मीटर पहुंच गया। अब यह जलस्तर खतरे के बिंदु 71.262 मीटर के नजदीक पहुंच गया है।

आरती का आयोजन करने वाली संस्था 'गंगा सेवा निधि' के व्यवस्थापकों ने बृहस्पतिवार को बताया कि दशाश्वमेध घाट के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से पारंपरिक आरती अब भी छतों पर हो रही है। उन्होंने बताया कि निचला हिस्सा पानी में डूबने की वजह से हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर शवदाह कार्य छतों पर हो रहा है।

दशाश्वमेध घाट पर स्थित शीतला माता मंदिर जलमग्न है। जिला प्रशासन ने नदियों के बढ़ते जलस्तर और जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों को राहत शिविरों के परिसरों और शौचालयों की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, जलजमाव वाले क्षेत्रों में एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बाढ़ राहत शिविरों को पुनः सक्रिय किया जा रहा है। गंगा के साथ-साथ वरुणा नदी भी उफान पर है, जिससे तटवर्ती इलाकों की स्थिति फिर से बिगड़ने लगी है। शक्कर तालाब, पुराना पुल, नक्खी घाट, पुलकोहना और दीनदयालपुर जैसे क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर रहा है। बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों को मजबूरन अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।

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प्रधानमंत्री ने दी नुआखाई की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री ने दी नुआखाई की शुभकामनाएं

Anita nishad 28-Aug-2025 10

 ई दिल्ली, 28 अगस्त:  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नुआखाई पर्व पर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने नुआखाई द्वारा प्रदर्शित कृतज्ञता और एकता की भावना पर ज़ोर दिया और देश की प्रगति एवं जीविका की रीढ़ किसानों के अथक प्रयासों को नमन किया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा, “सभी को नुआखाई की हार्दिक शुभकामनाएं। यह प्रिय त्योहार हमारे किसानों के परिश्रम और त्याग का स्मरण कराता है। यह त्योहार हमें उन अन्नदाताओं के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर देता है, जिनकी मेहनत हम सभी का भरण-पोषण करती है। मैं सभी के जीवन में अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूं। नुआखाई जुहार।”

उल्लेखनीय है कि नुआखाई पूर्वी भारत, विशेषकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों में धूमधाम से मनाया जाने वाला कृषि पर्व है, जिसमें नई फसल की पूजा कर धन्यवाद ज्ञापित किया जाता है।

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Begging Ban: देश के इस राज्य में भीख मांगने पर लगेगी रोक, विधानसभा में बिल पास

Begging Ban: देश के इस राज्य में भीख मांगने पर लगेगी रोक, विधानसभा में बिल पास

Anita nishad 28-Aug-2025 7

 मिजोरम विधानसभा में विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों के बीच, राज्य में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक (Mizoram Prohibition of Beggary Bill 2025) पारित हुआ।राज्य की समाज कल्याण मंत्री लालरिनपुई ने बुधवार को 'मिजोरम भिक्षावृत्ति निषेध' विधेयक, 2025 सदन में पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल भीख मांगने पर रोक लगाना नहीं है बल्कि भिखारियों को स्थायी आजीविका विकल्प प्रदान करके उनकी सहायता और पुनर्वास करना भी है।

उन्होंने मिजोरम में बढ़ती भिक्षावृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा राज्य बहुत भाग्यशाली है, यहां की सामाजिक संरचना, चर्चों और गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी के साथ राज्य में लागू की जा रही कल्याणकारी योजनाओं के कारण राज्य में भिखारियों की संख्या बहुत कम है।

समाज कल्याण मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि सैरांग-सिहमुई रेलवे स्टेशन की शुरुआत के बाद से मिजोरम में दूसरे राज्यों से भिखारियों के आने की आशंका बढ़ जाएगी।इस रेलवे लाइन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 सितंबर को करेंगे।

लालरिनपुई ने कहा, 'सरकार का मानना है कि उचित नियामक ढांचे के माध्यम से वह राज्य को भिखारियों से मुक्त रख सकती है।' मंत्री ने कहा कि सरकार एक राज्य स्तरीय 'राहत बोर्ड' का गठन करेगी, जो भिखारियों को अस्थायी रूप से रखने के लिए 'रिसीविंग' केंद्र स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि भिखारियों को पहले 'रिसीविंग' केंद्र में रखा जाएगा और 24 घंटे के भीतर उन्हें उनके मूल घरों या राज्यों में भेज दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की राजधानी आइजोल में गैर-स्थानीय लोगों सहित 30 से अधिक भिखारी हैं। मिजो नेशनल फ्रंट के नेता लालचंदमा राल्ते सहित विपक्षी सदस्यों ने कहा कि यह विधेयक ईसाई धर्म के लिए हानिकारक है और राज्य की प्रतिष्ठा को धूमिल करेगा। विधेयक को विधानसभा द्वारा लम्बी चर्चा के बाद पारित किया गया, जिसमें लालदुहोमा सहित 13 सदस्यों ने हिस्सा लिया।

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हैलो, मैं तुम्हारी सौतन बोल रही हूं... पत्नी को आया फोन, सुनते ही लगा गहरा सदमा; रोते-रोते गई जान

हैलो, मैं तुम्हारी सौतन बोल रही हूं... पत्नी को आया फोन, सुनते ही लगा गहरा सदमा; रोते-रोते गई जान

Anita nishad 28-Aug-2025 7

 यूपी के हरदोई जिले में एक महिला की अचानक मौत की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि उसे पति के मोबाइल नंबर से आए एक फोन कॉल ने इतना बड़ा सदमा दिया कि उसने कुछ ही घंटों में दम तोड़ दिया।

 
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क्या है पूरा मामला?
 
मामला अतरौली थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव का है। यहां रहने वाली 25 वर्षीय रीता दिल्ली में अपनी मां गुड्डी और भाई रोहित के साथ रह रही थी। मंगलवार को घर पर आराम कर रही रीता को पति के नंबर से एक कॉल आया। कॉल पर मौजूद महिला ने खुद को उसकी 'सौतन' बताया। यह सुनकर रीता घबराकर बेहोश जैसी हो गई।
 
बस में हुई मौत
 
फोन कॉल के बाद रीता मां और भाई के साथ तुरंत मायके जलालपुर जाने के लिए दिल्ली से बस में बैठी। रास्ते भर वह मां की गोद में सिर रखकर रोती रही और कहती रही कि उसका घर उजड़ गया। लेकिन जैसे ही बस ढिकुन्नी गांव के पास पहुंची, अचानक उसकी सांसें रुक गईं और वहीं उसकी मौत हो गई।
 
शादी और पारिवारिक विवाद
 
करीब ढाई साल पहले रीता की शादी सीतापुर जिले के शैलेंद्र से हुई थी। शादी के बाद वह टीबी की बीमारी से जूझी और इलाज के दौरान पति ने उसे मायके भेज दिया। कुछ समय बाद ठीक होने पर समझौते से वह वापस ससुराल गई, लेकिन पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगे। 24 मई को रीता के पिता का निधन हो गया था। इसके बाद वह मायके आ गई और फिर मां व भाई के साथ दिल्ली रहने लगी। इसी बीच मंगलवार को आया फोन कॉल उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।
 
मां की आंखों के सामने बेटी ने ली आखिरी सांस
 
रीता की मां गुड्डी ने बताया कि बेटी पूरे रास्ते बस में रोती रही और खुद को टूटा हुआ महसूस कर रही थी। लेकिन अचानक ढिकुन्नी गांव पहुंचते ही उसकी सांसें थम गईं।
 
कांग्रेस विधायक के बेटे के बंगले में 20 वर्षीय युवती की मौत, पेड़ से लटका मिला नौकरानी का शव
 
जांच में जुटी पुलिस
 
घटना की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी। अतरौली थाना प्रभारी निरीक्षक मारकंडेय सिंह ने टीम भेजकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी दस्तावेज बनवाना हुआ आसान: अब WhatsApp पर बनेंगे मैरिज सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर जाति प्रमाणपत्र तक

सरकारी दस्तावेज बनवाना हुआ आसान: अब WhatsApp पर बनेंगे मैरिज सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर जाति प्रमाणपत्र तक

Anita nishad 28-Aug-2025 4

 अगर आप भी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने या जाति प्रमाणपत्र जैसी सरकारी सेवाओं के लिए घंटों लाइन में लगते हैं- तो अब राहत की खबर है। दिल्ली सरकार एक नई डिजिटल सुविधा शुरू करने जा रही है, जिसके तहत लोग व्हाट्सएप पर ही जरूरी सरकारी कागजात बनवा सकेंगे और डाउनलोड भी कर सकेंगे।

इस नई व्यवस्था से सरकारी प्रक्रियाएं न सिर्फ तेज होंगी, बल्कि ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक भी बन जाएंगी।

WhatsApp बना आपका सरकारी सेवा केंद्र नई पहल 'WhatsApp गवर्नेंस प्लेटफॉर्म' के जरिए नागरिक घर बैठे मोबाइल पर ही मैरिज सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, जाति प्रमाणपत्र जैसे अहम कागजात बनवा सकेंगे। न केवल इन सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकेगा, बल्कि जांच के बाद दस्तावेजों को QR कोड सहित व्हाट्सएप पर ही डाउनलोड करना भी संभव होगा।
 

दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर शुरुआत में 25 से 30 प्रमुख सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बाद में इस दायरे को और बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक सरकारी कामकाज डिजिटल माध्यम से संभव हो सके।

कैसे मिलेगा फायदा? लोगों को सिर्फ सरकार द्वारा तय किए गए WhatsApp नंबर पर "Hi" टाइप कर भेजना होगा। इसके बाद एक AI आधारित चैटबॉट यूजर को उनकी जरूरत के अनुसार निर्देश देगा और फॉर्म भरवाने, दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन की स्थिति देखने तक में मदद करेगा। यह चैटबॉट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करेगा और टेक्स्ट, फोटो या वीडियो फॉर्मेट में जानकारी भी देगा।
 

मेटा के साथ साझेदारी की तैयारी इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए सरकार मेटा (फेसबुक की पेरेंट कंपनी) के साथ साझेदारी की योजना बना रही है। अधिकारियों ने बताया कि व्हाट्सएप बिज़नेस सॉल्यूशन प्रोवाइडर और मेटा पार्टनर्स के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

डोरस्टेप डिलीवरी की जगह लेगा यह सिस्टम? कुछ समय पहले तक दिल्ली में 'डोरस्टेप डिलीवरी' योजना के तहत 30 से अधिक सेवाएं नागरिकों के घर तक पहुंचाई जाती थीं, लेकिन यह सेवा पिछले एक साल से बंद है और अब इसे पूरी तरह समाप्त करने की चर्चा है। ऐसे में व्हाट्सएप गवर्नेंस प्लेटफॉर्म को उसका डिजिटल विकल्प माना जा रहा है।

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लाडो लक्ष्मी योजना शुरु: 25 सिंतबर से मिलेंगे हरियाणा की इन महिलाओं को 2100 रुपए, सरकार ने लगाईं ये शर्तें

लाडो लक्ष्मी योजना शुरु: 25 सिंतबर से मिलेंगे हरियाणा की इन महिलाओं को 2100 रुपए, सरकार ने लगाईं ये शर्तें

Anita nishad 28-Aug-2025 7

 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मिटिंग के बाद प्रेस कॉन्फेंस की। प्रेस कॉन्फेंस में सीएम सैनी ने बड़ी घोषणा की कि महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 25 सितंबर से मिलेगा।

आज कैबिनेट मीटिंग में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए "लाडो लक्ष्मी योजना" को लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का शुभारम्भ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर 25 सितंबर 2025 से होगा। 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 25 सितंबर 2025 को हरियाणा की 23 वर्ष आयु या उससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों ही तरह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगा। इस योजना में आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य आय समूह को भी शामिल किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होने चाहिए।

परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं इस योजना के तहत एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो उन तीनों महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही ऐसी 9 योजनाओं, जिनमें आवेदिका को पहले से ही अधिक राशि की पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्टेज 3 और 4 कैंसर पीड़ित मरीजों (महिलाओं), सूचीबद्ध 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसिलमिया और सिकल सेल से पीड़ित मरीज़ों पहले से पेंशन मिल रही है।

पहले चरण में लगभग 20 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ- सीएम सैनी इन महिलाओं को इस योजना का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। जिस दिन कोई अविवाहित लाभार्थी 45 वर्ष की आयु पूरा करेगी उस दिन वे ऑटोमैटिक विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्र हो जाएंगी। जिस दिन लाभार्थी महिला 60 वर्ष की आयु की होगी, उस दिन वे ऑटोमैटिक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाएगी। पहले चरण में इस योजना का लाभ लगभग 19-20 लाख महिलाओं को मिलेगा। आज की कैबिनेट के बाद आने वाले 6 या 7 दिनों में हम न केवल योजना की गजट नोटिफिकेशन कर देंगे, वरन एक ऐप भी लॉन्च करेंगे।

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IMD Alert! इस राज्य में भारी बारिश के चलते IMD ने जारी किए ऑरेंज और येलो अलर्ट; स्कूल-काॅलेज बंद

IMD Alert! इस राज्य में भारी बारिश के चलते IMD ने जारी किए ऑरेंज और येलो अलर्ट; स्कूल-काॅलेज बंद

Anita nishad 28-Aug-2025 8

 कर्नाटक के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार सुबह भारी बारिश हुई, जिसके बाद आईएमडी ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी कर दी गई है और कई जिलों में अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाए हैं।

ऑरेंज अलर्ट 11 से 20 सेंटीमीटर तक की 'बहुत भारी' होने का अनुमान दर्शाता है, जबकि येलो अलर्ट का अर्थ होता है कि 6 से 11 सेंटीमीटर के बीच "भारी बारिश" हो सकती है। बीदर जिले में, औरद तालुक में बीती रात हुई बारिश के कारण भालकी तालुक के बादलगांव-चोंडिमुखेड में दादागी पुल समेत कई पुलों पर पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह से बंद हो गया। औरद तालुक के नारायणपुर गांव में एक बरसाती नाले के उफान पर होने की भी खबर है। बीदर की उपायुक्त शिल्पा शर्मा ने सुरक्षा उपाय के तहत प्रभावित इलाकों के स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा दक्षिण कन्नड़ जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करने और भारी वर्षा होने का अनुमान जताने के बाद जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार (28 अगस्त) को मंगलुरु, पुत्तूर, मुल्की, मूडबिद्री, उल्लाल और बंटवाल तालुकों में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राथमिक और उच्च विद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी संस्थानों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों के लिए अवकाश घोषित किया। दक्षिण कन्नड़, उडुपी, विजयपुरा, बागलकोट, कालाबुरागी और बीदर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को मांग की कि भारत को अमेरिका से आयात पर अधिक शुल्क लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस फैसले का समर्थन करेगा।केजरीवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अमेरिका से आयातित कपास पर 11 प्रतिशत शुल्क माफ करने का फैसला किया है, जिससे यहां के स्थानीय किसानों का कारोबार प्रभावित हो सकता है। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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MP News: 27% ओबीसी आरक्षण पर सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला: सर्वदलीय बैठक में संकल्प पारित, कहा- कोई नौकरी से वंचित न रहे

MP News: 27% ओबीसी आरक्षण पर सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला: सर्वदलीय बैठक में संकल्प पारित, कहा- कोई नौकरी से वंचित न रहे

Anita nishad 28-Aug-2025 35

 ध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 अगस्त को बड़ा कदम उठाया। उन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में तय किया गया कि किसी भी कीमत पर राज्य में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण दिया जाएगा।

इस बात पर सभी दल एकमत दिखाई दिए। इस सर्वदलीय बैठक में सभी पक्ष-विपक्ष ने मिलकर संकल्प भी पारित किया। बैठक के बाद सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी शामिल हुईं। हम सभी ने मिलकर राज्य में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे प्रकरण पर चर्चा की। हम सभी की भावना है कि राज्य में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण दिया जाए।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बीजेपी-कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने अपनी-अपनी विधानसभा में स्पष्ट किया है कि हम सभी 27 फीसदी आरक्षण देने के लिए एकमत हैं। सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर से इस प्रकरण की रोज सुनवाई होगी। चूंकि, कोर्ट में अलग-अलग वकील लड़ रहे हैं, इसलिए अब आवश्यकता इस बात की है कि सभी वकील बैठकर इस मामले में एकमत हों और यह फैसला करें कि सभी को एक ही लाइन पर चलना है। हमने आज सर्वदलीय संकल्प भी पारित किया है। इसमें हमने तय किया है कि ओबीसी आरक्षण को लेकर हम सभी एक हों और एक ही फोरम पर आएं। सभी वकील 10 सितंबर से पहले-पहले आपस में बैठकर इस प्रकरण पर चर्चा कर लें।
 

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि होल्ड- अनहोल्ड अभ्यर्थियों में से 14 परसेंट क्लीयर हो गया था, लेकिन 13 फीसदी पेंडिंग है। सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द इसका निराकरण करेगी। हम सभी चाहते हैं कि 13 फीसदी बच्चों का प्रकरण जल्द हल हो, ताकि उम्र की सीमा को लेकर जो अभ्यर्थी बाहर हो रहे हों, उन्हें भी इसका लाभ मिल जाए। उनकी भी नौकरी लगे। सरकार ने जिन विभागों में आरक्षण नहीं था, उनमें भर्ती की है। लेकिन, हम सभी दल चाहते हैं कि कोई बच्चा नौकरी से वंचित न रहे।
 

* 8 मार्च 2019 को मप्र शासन द्वारा अध्‍यादेश के माध्‍यम से ''अन्‍य पिछड़े वर्ग 14 प्रतिशत'' के स्‍थान पर ''अन्‍य पिछड़े वर्ग 27 प्रतिशत'' स्‍थापित किया गया।

* 14 अगस्‍त 2019 को विधानसभा में अध्‍यादेश को अधिनियम का स्‍वरूप दिया गया।

* 24 दिसम्‍बर 2019 को शासन द्वारा नवीन रोस्‍टर जारी की गई।

* 19 मार्च 2019 को सर्वप्रथम आशिता दुबे विरूद्ध मध्‍यप्रदेश शासन केस में चिकित्‍सा महाविद्यालय में प्रवेश पर अध्‍यादेश के आधार पर 14 प्रतिशत से अधिक

आरक्षण न देने के निर्देश दिए गए।

* 4 मई 2022 को शिवम गौतम बनाम मप्र शासन प्रकरण में उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा उपरोक्‍त रोस्‍टर नोटिफिकेशन पर स्‍थगन आदेश जारी किया गया।

* 40 अन्‍य याचिकाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रकाशित विज्ञापनों (एमपीपीएससी, पीईबी, टीईटी आदि) पर रोक लगाई गई

* रोस्‍टर नोटिफिकेशन पर जारी स्‍थगन आदेश एवं समय-समय पर जारी अन्‍य अंतरिम आदेशों के कारण प्रावधानित 27 प्रतिशत अन्‍य पिछड़ा वर्ग आरक्षण का क्रियान्‍वयन प्रायोगिक रूप से संभव नहीं हो पाया। वर्तमान में उच्‍चतम न्‍यायालय में अंतिम सुनवाई 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होना नियत है।
 

आरक्षण पक्ष में प्रदेश सरकार के प्रयास

* शासन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्‍य याचिकाओं को WP 5901/2019 के साथ समेकित कराया गया।

* रोस्‍टर नोटिफिकेशन पर जारी स्‍थगन आदेश एवं समय-समय पर जारी अन्‍य अंतरिम आदेशों के कारण उत्‍पन्‍न परि‍स्थितियों का समाधान करने हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा परीक्षा परिणाम दो भागों में, 87 प्रतिशत पदों पर अंतिम परिणाम एवं 13 प्रतिशत पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किए गए।

* 2 सितंबर 2021 को मध्‍यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्‍याण आयोग का गठन किया गया। मध्‍यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्‍याण आयोग के उद्देश्‍यों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक प्रस्थिति, इस वर्ग के पिछड़ेपन के कारणों का अध्‍ययन, असाधारण परिस्थितियों का चिन्‍हांकन शामिल हैं।

* 5 मई 2022 को मध्‍यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्‍याण आयोग द्वारा मप्र शासन को प्रथम प्रतिवेदन और 12 मई 2022 को द्वितीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। सुरेश महाजन बनाम मप्र शासन WP 278/2022 प्रकरण में दिनांक 18 मई 2022 को उच्‍चतम न्यायालय द्वारा स्‍थानीय निर्वाचन (ग्रामीण एवं नगरीय निकाय) में, अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण (35 प्रतिशत तक) के साथ निर्वाचन करवाने के लिए अनुमति प्रदान की गई। अन्‍य पिछड़ा वर्ग के राजनैतिक प्रतिनिधित्‍व के लिए यह अभूतपूर्व कदम था। दिनांक 16 फरवरी 2023 को माननीय उच्‍च न्‍यायालय ने WP No.-24847/2022 (हरिशंकर बारोधिया बनाम म.प्र. शासन) प्रकरण में उपरोक्‍त 87% -13 % फॉर्मूला को वैध बताया।
 

बैठक में कौन-कौन हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री कृष्णा गौर, पिछड़ा वर्ग कल्याण अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमारिया, लोकसभा सदस्य, सतना गणेश सिंह, मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधायक-नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, बहुजन समाज पाटी प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सचिव अरविंद श्रीवास्तव, प्रदेश समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मनोज यादव, छत्तीसगढ़ विधायक-प्रदेश अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी तलेश्वर सिंह मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी-महापौर सिंगरौली रानी अग्रवाल शामिल रहे。

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आम आदमी को राहत के आसार, दूध से लेकर रोटी तक पर '0' GST, अगले हफ्ते हो सकता है फैसला!

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Anita nishad 28-Aug-2025 4

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से जीएसटी सुधारों की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ये सुधार दिवाली से पहले लागू किए जा सकते हैं।

अब, जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक अगले सप्ताह होने वाली है और उससे पहले जीएसटी स्लैब में संभावित बदलाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जीरो जीएसटी स्लैब का दायरा बढ़ाने की संभावना है, जिसमें कई रोजमर्रा के जरूरी सामानों को शामिल किया जा सकता है, जो फिलहाल 5% और 18% स्लैब में आते हैं। खासतौर पर फूड प्रोडक्ट्स जैसे यूएचटी दूध, प्री-पैकेज्ड पनीर, पिज्जा ब्रेड और रोटी को जीरो स्लैब में लाने पर विचार चल रहा है।
 

18% स्लैब से बाहर होगा पराठा बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि रेडी टू ईट रोटी और पराठे को भी जीरो जीएसटी स्लैब में शामिल करने की तैयारी है। पराठे पर फिलहाल 18% जीएसटी लागू होता है, लेकिन मंत्रियों के समूह की सिफारिश के अनुसार इसे जीरो स्लैब में लाने की योजना है। इसके अलावा, एजुकेशन से जुड़े सामानों पर भी जीएसटी कम कर जीरो करने की संभावना है।
 

शिक्षा से जुड़े सामान भी मुक्त हो सकते हैं जीएसटी काउंसिल की बैठक में शिक्षा से जुड़े कई सामानों को भी जीएसटी से मुक्त करने पर विचार किया जाएगा। इनमें मानचित्र, वॉटर सर्वे चार्ट, एटलस, दीवार मानचित्र, ग्लोब, मुद्रित शैक्षिक चार्ट, पेंसिल-शार्पनर, प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक और लैबोरेटरी नोटबुक शामिल हैं, जिन पर फिलहाल 12% टैक्स लगता है।
 

हैंडलूम प्रोडक्ट्स पर छूट जारी रखने का सुझाव मंत्रिमंडलीय समूह ने हैंडलूम प्रोडक्ट्स और कच्चे रेशम पर जीएसटी छूट जारी रखने की भी सिफारिश की है, जो देश के कारीगरों और छोटे बुनकरों के लिए राहत साबित होगी। पहले इस पर 5% जीएसटी लगाने पर विचार किया गया था। फिटमेंट समिति ने मक्खन, गाढ़ा दूध, जैम, मशरूम, खजूर, मेवे और नमकीन जैसे उत्पादों को वर्तमान 12% स्लैब से हटाकर 5% स्लैब में लाने का प्रस्ताव दिया है।
 

आम आदमी और छात्रों को मिलेगी राहत अधिकारियों के अनुसार, ये कदम जीएसटी स्लैब की संख्या कम कर और विवादास्पद श्रेणियों को स्पष्ट कर सरकार के इंदायरेक्ट टैक्स सिस्टम को युक्तिसंगत बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। जीरो जीएसटी स्लैब के विस्तार से आम परिवारों और छात्रों को खास राहत मिलने की उम्मीद है। इन सिफारिशों पर अंतिम फैसला 3-4 सितंबर को दिल्ली में होने वाली 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया जाएगा।

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किडनी डैमेज, लिवर खराब जैसी बीमारियों से बचने के लिए ले रहे हैं Health Plan? इन बातों का रखें ध्यान

किडनी डैमेज, लिवर खराब जैसी बीमारियों से बचने के लिए ले रहे हैं Health Plan? इन बातों का रखें ध्यान

Anita nishad 28-Aug-2025 9

 ई दिल्ली। बढ़ते मेडिकल खर्चों का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि अगर किसी व्यक्ति के जीवन में मेडिकल इमरजेंसी हुई तो उसकी सालों की सेविंग खत्म हो सकती है। वह व्यक्ति कर्ज के तले डूब सकता है।

इसलिए आज हेल्थ प्लान या हेल्थ इंश्योरेंस काफी जरूरी बन गया है।

अगर आप भी हाल-फिलहाल में हेल्थ प्लान लेने का सोच रहे हैं, तो नीचे दिए बातों का ध्यान रखें।
 

इन बातों का रखें ध्यान

अस्पताल के कमरे का किराया

कई ऐसे हेल्थ प्लान भी होते हैं, जिनमें अस्पताल के कमरे का किराया शामिल नहीं होता। ऐसे में बिल का आधा अमाउंट खुद ही चुकाना पड़ जाता है।
 

बीमारियों पर दें ध्यान

हेल्थ प्लान में कुछ ऐसी बीमारियां या उपचार शामिल होते हैं, जिनमें आपको आधा अमाउंट देना पड़ सकता है। इसलिए प्लान लेने से पहले इन बीमारियों के बारे में जरूर चेक कर लें।
 

बोनस ऑफर

हेल्थ प्लान के तहत 100% से 1000% तक बोनस ऑफर किया जाता है। वहीं कुछ पॉलिसी कंपनियां अनलिमिटेड बोनस ऑफर करती है, फिर चाहें क्लेम अमाउंट कितना भी हो।
 

कैशलेस सुविधा

ये जरूर देखें कि आपका हेल्थ प्लान में आने वाला अस्पताल कैशलेस क्लेम की सुविधा दे रहा हो। इससे क्लेम करना और आसान हो जाता है।
 

छोटे खर्च शामिल या नहीं

कई इंश्योरेंस प्लान में सैनिटाइजर और ग्लव्स जैसे छोटी मोटी वस्तु के इस्तेमाल का खर्चा शामिल नहीं होता। इससे हमें बिल का 5 से 10 फीसदी भरना पड़ जाता है। इसलिए ये सुनिश्चित करें कि प्लान में हर एक चीज शामिल हो।
 

प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन

वैसे तो प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन (Pre and Post Hospitalization) 30 से 60 दिन का होता है। लेकिन कुछ स्कीम में ये 90 से 120 दिन तक बढ़ाया जा सकता है।

इसके साथ ही ये सुनिश्चित करें कि प्लान के अंतर्गत ऐसे उपचार भी शामिल हो, जिसमें 24 घंटे अस्पताल में भर्ती हुई हो या घर में इलाज चल रहा हो।

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