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दिल्ली-NCR में बारिश का हाहाकार! यमुना उफान पर – आज शाम से बंद होगा लोहा पुल, बाढ़ का बड़ा खतरा
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान जताया है। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर 205.81 मीटर तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से घर खाली करने और राहत शिविरों में जाने की अपील की है।
यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ा
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सुबह 7 बजे जलस्तर 205.75 मीटर और 9 बजे 205.81 मीटर दर्ज किया गया।
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शाम तक जलस्तर 206.50 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है।
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हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी ने खतरा और बढ़ा दिया है।
ओखला बैराज के सभी गेट खुले, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
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यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने ओखला बैराज के सभी गेट खोल दिए।
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2 सितंबर शाम 4 बजे से पुराना लोहा पुल बंद कर दिया जाएगा।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को हनुमान सेतु, राजा राम कोहली मार्ग और गीता कॉलोनी रोड की ओर डायवर्ट करने का आदेश जारी किया है।
सड़कें बनीं तालाब, जाम से जूझी दिल्ली
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वसंत विहार, आईटीओ, मिंटो ब्रिज, पटपड़गंज, अकबर रोड और गीता कॉलोनी जैसे इलाकों में जलभराव।
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कई घंटे तक लोग ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।
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नोएडा और गुरुग्राम में भी जलभराव की गंभीर स्थिति।
फरीदाबाद में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
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बीते 24 घंटे में जिले में 59.37 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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धौज (110 मिमी) सबसे ज्यादा बारिश वाला इलाका रहा।
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तापमान में भारी गिरावट, दिन और रात का अंतर सिर्फ 1 डिग्री रह गया।
प्रशासन का अलर्ट
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दिल्ली सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव टीमें अलर्ट पर रखी हैं।
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शाहदरा प्रशासन ने साफ किया है कि लोहा पुल से आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित होगी।
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निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है।
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दिल्ली में टेंट की व्यवस्था
शाहदरा के जिला मजिस्ट्रेट ने घोषणा की है कि 2 सितंबर शाम 5 बजे से लोहा पुल पर यातायात और सार्वजनिक आवाजाही बंद रहेगी। वहीं गाजियाबाद प्रशासन ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए एडवायजरी जारी की है। इस बीच, दिल्ली में अधिकारियों ने यमुना के आसपास रहने वाले लोगों के लिए राहत शिविरों का इंतजाम किया है। इन शिविरों में खाने-पीने का सामान, पानी और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिल्ली जल बोर्ड और एमसीडी की टीमें लगातार प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने में जुटी हैं। इसके अलावा, यमुना के जलभराव में फंसे लोगों और जानवरों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसी भी स्थिति में जानमाल की हानि न हो।
भारी बारिश का अलर्ट
हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों और राहत शिविरों में जाने की अपील की है। दिल्ली जल बोर्ड और एमसीडी की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हैं, जबकि पुलिस और आपदा प्रबंधन दल जलभराव और फंसे लोगों को निकालने में लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे तक दिल्ली में भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। इसका असर ट्रैफिक और सामान्य जीवन पर और गंभीर हो सकता है।
प्रशासन की एडवायजरी
लोग रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया पर ऑफिशियल चैनलों से बाढ़ की स्थिति पर लगातार अपडेट लेते रहें।
पहले से ऊंची जगहों को पहचान लें और वहीं जाने की तैयारी करें।
सूखी खाने की सामग्री (बिस्किट, लाई, भुने चने) इकट्ठा रखें।
जरूरी दस्तावेज़ (राशन कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक आदि) वॉटरप्रूफ बैग में रखें।
क्लोरीन, ओआरएस और जरूरी दवाइयां पहले से रखें।
गर्भवती महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन और बुजुर्गों को तुरंत ऊंची जगहों पर पहुंचाएं।
किसी भी आपात स्थिति में 108 या 102 पर कॉल करें।
जिला मुख्यालय के नंबर 0120-2989032, 2986150 या टोल फ्री नंबर 1077 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
इंडिगो फ्लाइट पक्षी से टकराया, हवा में हड़कंप – नागपुर में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग, 272 यात्री सुरक्षित
नागपुर। नागपुर से कोलकाता जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E812 उड़ान भरते ही बर्ड हिट की चपेट में आ गई। विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद पायलट ने तुरंत नागपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। फ्लाइट में सवार 272 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
???? कैसे हुआ हादसा
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विमान ने जैसे ही उड़ान भरी, कुछ देर बाद उसके फ्रंट हिस्से से जोरदार टक्कर हुई।
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टकराव के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई।
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पायलट ने तुरंत लोगों को शांत रहने की अपील की और आपातकालीन लैंडिंग का निर्णय लिया।
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सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
???? अधिकारियों का बयान
सीनियर एयरपोर्ट डायरेक्टर आबिद रूही ने बताया,
“इमरजेंसी लैंडिंग के पीछे कारण बर्ड हिट था। टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय पक्षियों का टकराना एविएशन इंडस्ट्री में गंभीर खतरा माना जाता है। सौभाग्य से पायलट ने सूझबूझ दिखाई और सभी यात्री सुरक्षित हैं।”
⚠️ पहले भी सामने आए मामले
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2 जून को रांची जाने वाली इंडिगो फ्लाइट में भी पक्षी टकराने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।
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उस समय विमान में 175 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित बच गए थे।
पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया-2025 का किया उद्घाटन, जारी किया पहला Made in Bharat चिप
Semicon India 2025: पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया-2025 का उद्घाटन कर दिया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले Made in Bharat चिप को अनवील किया। प्रधानमंत्री ने इसका नाम विक्रम दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Vikram 32-bit Pro चिप को शोकेश किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने Semicon India 2025 के उद्घाटन के बाद कहा कि भारत में अपनी मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिपसेट का कमर्शियल प्रोडक्शन इस साल से शुरू करेगा। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विवनी वैष्णव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं।
3 दिन तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस के दौरान दुनियाभर के देशों से कई डेलीगेट्स, लीडर्स और टेक कंपनियां व स्टार्टअप शामिल होंगे। साथ ही AI और अन्य टेक्नोलॉजी को लेकर चर्चा होगी।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विक्रम 32-बिट प्रोसेसर और चार स्वीकृत परियोजनाओं के परीक्षण चिप्स भेंट किए। विक्रम 32-बिट प्रोसेसर पहला पूर्णतः “मेक-इन-इंडिया” 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर है, जो प्रक्षेपण यानों की कठोर पर्यावरणीय परिस्थितियों में उपयोग के लिए उपयुक्त है। इस चिप को इसरो सेमी-कंडक्टर लैब द्वारा विकसित किया गया है।
सेमीकंडक्टर का मार्केट 1 ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर जाएगा
Semicon India 2025 के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर का ग्लोबल मार्केट कुछ साल में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को भी पार कर जाएगा। इस 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट में भारत का अहम हिस्सा रहने वाला है।
Vikram चिप को ISRO के सेमीकंडक्टर लेबोरेट्री में डेवलप किया
बता दें कि Vikram चिप को ISRO के सेमीकंडक्टर लेबोरेट्री में डेवलप किया है। यह भारत का पहला फुली मेक इन इंडिया 32-Bit माइक्रो प्रोसेसर है। चिप किसी भी डिवाइस के लिए बहुत ही जरूरी पार्ट है, जैसे किसी इंसान के के लिए ब्रेन।
तीन बार हो चुका है Semicon India कॉन्फ्रेंस
Semicon India कॉन्फ्रेंस की शुरुआत 2022 में हुई थी और आज चौथे कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई है। सबसे पहले साल 2022 में बेंगलुरु में हुआ था। इसके बाद साल 2023 में गांधीनगर संपन्न हुआ था। 2024 में नोएडा में ये इसका आयोजन किया गया था।
बारिश से पूरे देश में बुरा हाल... कहीं बह गया पुल, कहीं रिहायशी इलाकों में भरा पानी
नई दिल्ली। देश में इस वक्त मानसून अपने चरम पर है। दिल्ली से लेकर राजस्थान और पंजाब से लेकर जम्मू तक बारिश ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं बाढ़ से लोग पलायन करने को मजबूर हैं, तो कहीं बारिश की वजह से लैंडस्लाइड और बादल फटने जैसे मामले देखने को मिल रहे हैं।
बारिश-भूस्खलन से थर्राया उत्तराखंड: दरकते घर, टूटी सड़कें और स्कूल बंद, आज भी हाई अलर्ट
Uttarakhand Weather High Alert: उत्तराखंड फिर से आपदा की मार झेल रहा है। तेज बारिश और भूस्खलन से कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। नंदानगर और बड़कोट में मकानों में दरारें पड़ने से लोग दहशत में हैं तो रुद्रप्रयाग में बोल्डर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
पंजाब में बाढ़ से डूबे 1300 गांव... उफनती सतलज-ब्यास-रावी नदियों और बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल
पंजाब पिछले एक महीने से भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है. 1 अगस्त से अब तक बाढ़ के कारण राज्य में 30 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2.56 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार ने इसे दशकों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदा करार दिया है.
Heavy Rain Alert: 2-3-4-5-6-7 सितंबर तक इन राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी, लैंडस्लाइड और बाढ़ का अलर्ट
नई दिल्ली: देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। खासकर उत्तर भारत, मध्य भारत और कुछ पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग (IMD) की ताज़ा चेतावनी के अनुसार, आगामी कुछ दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
बांध तक टूट गया, बाढ़ आई, महाजाम लगा.; गुरुग्राम का तो बुरा हाल हो गया
गुरुग्राम में सोमवार दोपहर बाद मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात हो गए। गांव कादरपुर में अरावली पर्वत शृंखला की तरफ बने बांध के टूटने से पांच से छह फीट तक पानी भर गया। जलभराव में फंसी एसयूवी कार में सवार तीन युवक-युवतियों को ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला।
SCO Summit में दिखी भारत की धाक! शहबाज शरीफ को नजरअंदाज कर आगे बढ़े मोदी-पुतिन
चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मौजूद रहे।
तीनों नेताओं की इस तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान मोदी-पुतिन शहबाज शरीफ को नजरअंदाज करते दिखे। शहबाज एक कोने में हाथ बांधें खड़े रहे। न कोई उनसे बात कर रहा था, न ही उन्हें कोई तवज्जो दे रहा था। वह बस दोनों नेताओं को एकटक देखते रह गए, मानो बातचीत का हिस्सा बनने की इच्छा रखते हों।
SCO की आर्थिक और रणनीतिक भूमिका
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एससीओ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए “धौंस और दबाव” जैसी वैश्विक प्रवृत्तियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि SCO सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था मिलकर 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है और चीन का निवेश अकेले 84 बिलियन डॉलर से अधिक है। जिनपिंग ने जल्द ही SCO डेवलपमेंट बैंक बनाने और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया केंद्र स्थापित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सदस्य देशों को ‘दोस्त और साझेदार’ बताया और आपसी मतभेदों के बावजूद रणनीतिक संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
चीन ने किया 100 परियोजनाओं का ऐलान-
संबोधन के दौरान शी जिनपिंग ने SCO की क्षेत्रीय सुरक्षा में भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि बहुपक्षवाद और सहयोग मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक शासन व्यवस्था में केंद्रीय भूमिका को भी जोर दिया। चीन ने यह भी ऐलान की कि वह SCO सदस्य देशों के जरूरतमंद क्षेत्रों में 100 छोटे प्रोजेक्ट लागू करेगा, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
Manimahesh Yatra 2025: 16 श्रद्धालुओं की मौत, हजारों को किया गया रेस्क्यू, हिमाचल में कुदरत के कहर के बावजूद मणिमहेश यात्रा पर संपन्न
Manimahesh Yatra 2025: हिमाचल प्रदेश के चंबा में मणिमहेश यात्रा के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के कारण कुल 16 श्रद्धालुओं की जान चली गई है। यात्रा कल कठिन मौसम की स्थिति में संपन्न हुई।
16 में से सात की मौत मणिमहेश कैलाश परिक्रमा के दौरान हुई, जबकि नौ अन्य ने तीर्थयात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर अपनी जान गंवाई। राधा अष्टमी पर मणिमहेश डल झील में पारंपरिक शाही स्नान इस बार नहीं हो सका और डल झील के बजाय 84 मंदिर परिसरों में किया गया।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सचुई से गौरीकुंड ले जाने के लिए हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उड़ानें संभव नहीं हो सकीं। खराब मौसम और भूस्खलन के कारण प्रशासन ने समय से पहले मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे लगभग 15,000 तीर्थयात्री विभिन्न स्थानों पर फंस गए थे।
भूस्खलन से सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। 10,000 से अधिक श्रद्धालु पैदल ही कलसुई पहुँचने में कामयाब रहे, जहाँ से उन्हें परिवहन निगम की बसों और स्थानीय लोगों द्वारा व्यवस्थित निजी वाहनों द्वारा चंबा, पठानकोट और जम्मू पहुँचाया गया।
31 अगस्त की शाम तक, गौरीकुंड के पास हर्षिल ट्रैक पर लगभग 50 श्रद्धालु अभी भी फंसे हुए थे। राहत दल, पुलिस, चिकित्सा कर्मचारी और लंगर समितियाँ उनके साथ थीं और आज शाम तक उनके सुरक्षित भरमौर पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, लगभग 4,000 श्रद्धालु अभी भी भरमौर में हैं, जो अपनी सुविधानुसार पैदल चंबा के लिए रवाना हो रहे हैं।
कुछ श्रद्धालुओं द्वारा और अधिक हताहत होने की आशंका व्यक्त करने के बाद, उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल और पुलिस अधीक्षक चंबा ने व्यक्तिगत रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, पैदल मार्गों का निरीक्षण किया और बचाव कार्य की देखरेख की। रेप्सवाल ने श्रद्धालुओं और जनता से सोशल मीडिया या कुछ चैनलों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी आंकड़ों पर ही भरोसा करें, क्योंकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचना बेहद ज़रूरी है। रेप्सवा ने कहा, “हमारी टीमें हर प्रभावित क्षेत्र में पहुँच चुकी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृपया अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें।”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि इस बार प्राकृतिक आपदाओं के कारण मणिमहेश यात्रा काफी कठिन रही, लेकिन प्रशासन, राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता और सेवा भावना ने हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। परंपराएँ भले ही अधूरी रह गईं, लेकिन मानवता और सेवा की भावना ने इस यात्रा को सार्थक बना दिया।”
आने वाली है Flipkart Big Billion Days 2025 सेल! इन धमाकेदार डील्स से खुशी से झूम उठेंगे आप, यहां जानें पूरी जानकारी
Flipkart Big Billion Days 2025 Sale: फ्लिपकार्ट ने अपने सबसे बड़े शॉपिंग इवेंट Big Billion Days Sale 2025 का टीज़र जारी कर दिया है. वेबसाइट और ऐप पर लगे बैनर्स से साफ है कि यह सेल Coming Soon है.
हर साल की तरह इस बार भी यह सेल फेस्टिव सीज़न से ठीक पहले ग्राहकों को मेगा डील्स और धमाकेदार ऑफर्स देने के लिए तैयार है.
टेक प्रोडक्ट्स पर तगड़े ऑफर्स
Big Billion Days हमेशा से ब्लॉकबस्टर डील्स के लिए मशहूर रही है और इस बार भी ट्रेंड जारी रहेगा. टेक्नोलॉजी लवर्स को स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्ट टीवी पर बड़े डिस्काउंट्स मिलने की उम्मीद है. मार्केट में चर्चा है कि Samsung Galaxy S25, Google Pixel 10 और कई नए फ्लैगशिप डिवाइस बेहद कम दामों में उपलब्ध होंगे. वहीं, Samsung Galaxy S24 पर भारी प्राइस कट देखने को मिल सकता है और iPhone 16 अब तक का सबसे किफायती दाम छू सकता है खासकर तब जब iPhone 17 लॉन्च के करीब हो.
सेल कब शुरू होगी?
हालांकि फ्लिपकार्ट ने केवल Coming Soon लिखा है लेकिन पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो यह सेल आमतौर पर सितंबर के आखिरी हफ्ते या अक्टूबर की शुरुआत में होती है. यह समय भारत के फेस्टिव सीज़न और प्रतिद्वंद्वी Amazon Great Indian Festival (Diwali Sale) के साथ पूरी तरह मेल खाता है.
बैंक ऑफर्स और स्पेशल डील्स
फ्लिपकार्ट हर साल की तरह इस बार भी टॉप बैंकों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. टीज़र में Axis Bank और ICICI Bank का नाम सामने आया है जिससे ग्राहकों को इंस्टेंट डिस्काउंट, कैशबैक और नो-कॉस्ट EMI का फायदा मिलेगा. इसके अलावा, इस साल के स्पॉन्सर्स Samsung Galaxy AI और Intel Core हैं जिससे उम्मीद है कि सैमसंग के स्मार्टफोन्स और इंटेल-आधारित लैपटॉप्स पर बड़े ऑफर्स देखने को मिलेंगे.
क्या मिल सकता है खास?
इस सेल के दौरान फ्लिपकार्ट आमतौर पर डील्स को चरणबद्ध तरीके से लाता है. इसमें अर्ली बर्ड ऑफर्स, फ्लैश सेल्स और एक्सक्लूसिव लॉन्च शामिल होते हैं. स्मार्टफोन्स और लैपटॉप्स जैसे हाई-डिमांड प्रोडक्ट्स पर लिमिटेड टाइम डिस्काउंट हेडलाइन डील्स होंगी, वहीं फैशन, होम अप्लायंसेज़ और इलेक्ट्रॉनिक्स पर बंडल ऑफर्स भी ग्राहकों को लुभाएंगे.
अब से ही बनाएं विशलिस्ट
फ्लिपकार्ट ने भले ही डेट्स सामने नहीं रखीं, लेकिन टीज़र से साफ है कि सेल ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में अगर आप नया iPhone लेने, लैपटॉप अपग्रेड करने, वार्डरोब बदलने या फिर पुराना वॉशिंग मशीन रिप्लेस करने की सोच रहे हैं तो यह सेल आपके लिए सुनहरा मौका हो सकती है.
शराब के हैं शौकीन तो हो जाएं सतर्क, अब ये नियम होगा सख्ती से लागू, पब, होटल, बार के लिए निर्देश जारी
यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले में अब कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने पर अब कड़ी सख्ती बरती जाएगी. आबकारी विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि 21 वर्ष से कम उम्र के किसी भी युवक या किशोर को पब, बार या होटल में शराब नहीं दी जाएगी.
नियम तोड़ने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि उनका लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है.
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जिले में फिलहाल 155 स्थायी बार लाइसेंस धारक हैं. सभी संचालकों और प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर उम्र का विशेष ध्यान रखें. यदि 21 साल से कम उम्र का कोई व्यक्ति शराब पीता या परोसी जाती हुई पाया गया, तो संबंधित बार मालिक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
हंगामे की बढीं हैं शिकायतें
दरअसल हाल के दिनों में जिले में पब और बार में देर रात कम उम्र के युवाओं के शराब पीने और हुड़दंग करने की शिकायतें लगातार सामने आई हैं. कई मौकों पर जन्मदिन पार्टियों, मैरिज एनिवर्सरी और अन्य पारिवारिक आयोजनों में नाबालिग और 21 साल से कम उम्र के युवाओं को शराब परोसे जाने की घटनाएं भी पाई गईं. इससे न केवल कानूनी उल्लंघन हो रहा है बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है.
लाइसेंस निरस्त हो जाएगा
आबकारी विभाग ने कहा है कि पब और बार में आने वाले ऐसे किशोर या परिवार के साथ आए युवा को किसी भी हालत में शराब नहीं दी जाएगी. यदि ऐसा पाया गया, तो न केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा बल्कि संचालक का लाइसेंस निरस्त कर बार को बंद करने तक की कार्रवाई की जा सकती है.
इसलिए उठाया कदम
यह कदम जिले में बढ़ते युवाओं के शराब सेवन और उसके कारण होने वाली अव्यवस्थाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. विभाग का मानना है कि शराब की उपलब्धता पर शुरुआती आयु में अंकुश लगाना युवाओं के स्वास्थ्य और समाज की सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है.
शराब की बोतल में निकला कीड़ा, पीने वाले के उड़े होश, शराब प्रेमियों में हड़कंप
खैरागढ़ : शराब के शौकीनों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। खैरागढ़ शहर की एक सरकारी देशी शराब दुकान से खरीदी गई सीलबंद शराब की बोतल (पौवा) में मरा हुआ कीड़ा मिलने से हड़कंप मच गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बोतल पूरी तरह पैक और बिना किसी छेड़छाड़ के थी। कीड़ा बोतल खोलने से पहले ही तैरता हुआ नजर आया।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय युवक ने सोमवार शाम को शहर के मुख्य बाजार स्थित एक अधिकृत देशी शराब दुकान से शराब का पौवा खरीदा। जब वह घर पहुंचकर बोतल खोलने ही वाला था, तभी उसकी नजर बोतल के अंदर कुछ अजीब सी चीज पर पड़ी। गौर से देखने पर पता चला कि बोतल में एक मरा हुआ कीड़ा तैर रहा है। युवक ने तत्काल इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो आग की तरह फैल गया और शहरभर में सनसनी मच गई।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शराब की बोतल पूरी तरह से बंद है और उसमें ऊपर की सतह पर एक काले रंग का कीड़ा मृत अवस्था में तैर रहा है। इस घटना के सामने आते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। नागरिकों ने शराब दुकान की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीलबंद बोतल में इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है, तो यह साफ दर्शाता है कि गुणवत्ता नियंत्रण महज कागजों तक सीमित है। लोगों ने संबंधित विभाग से जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
“क्या हम ज़हर पी रहे हैं?” – स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद लोगों की प्रतिक्रिया तीव्र हो गई है। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “अगर सीलबंद बोतल में कीड़ा मिल सकता है, तो सोचिए कि इन बोतलों का निर्माण और पैकेजिंग किस हाल में हो रही होगी। यह तो सीधे-सीधे उपभोक्ताओं की जान से खिलवाड़ है।” एक बुजुर्ग निवासी ने भावुक होकर कहा, “हम समझते थे कि सरकारी दुकान से ली गई शराब सुरक्षित होती है, लेकिन अब लगता है हम ज़हर खरीद रहे हैं।”
क्या बोले अधिकारी?
इस मुद्दे को लेकर जब संबंधित आबकारी विभाग से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जिस बैच से यह बोतल आई थी, उसकी अन्य बोतलों की भी जाँच की जाएगी। यदि लापरवाही पाई जाती है तो सप्लायर और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सालों बाद घर-घर भिक्षा मांगने निकले प्रेमानंद महाराज, फिर हुआ कुछ ऐसा जिसे देख रो पड़े पास खड़े लोग…
प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों से लोगों का मार्गदर्शन करते आए हैं। आम हो या खास वह सभी के लिए समान हैं। हर कोई प्रेमानंद महाराज से मिलने लिए भागा-भागा वृंदावन जा रहा है। राजनेता हों या नेता, खिलाड़ी हो या सिंगर हर कोई प्रेमानंद महाराज के पास अपने सवालों की गुत्थी लेकर जाता है और उम्मीद करता है कि महाराज की उनकी उलझन को सुलझाएंगे और होता भी कुछ ऐसा है अपनी मीठी वाणी और असल भाषा से प्रेमानंद महाराज लोगों का मार्गदर्शन करते हैं।
घर-घर जाकर भिक्षा मांगते दिखे प्रेमानंद महाराज
समय के साथ-साथ लोग प्रेमानंद महाराज को अधिक सुनना पसंद कर रहे हैं। उनके नए और पुराने वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल होते हैं। फिलहाल तो प्रेमानंद महाराज का एक ताजा वीडियो इंटरनेट पर खास खाया हुआ है। इस वीडियो को देख लोगों की आंखें नम हो गई हैं। दरअसल राधा जन्मोत्सव के दौरान प्रेमानंद महाराज राधा रानी के दर्शन करने के लिए बरसाना गए थे। वहीं जब प्रेमानंद महाराज लौट रहे थे तब उन्होंने घर-घर जाकर फिर लोगों के सामने हाथ फैलाकर भिक्षा मांगी। बता दें कि सालों पहले प्रेमानंद महाराज भिक्षा मांगकर पेट भरा करते थे, लेकिन आज जब प्रेमानंद महाराज सड़कों पर भिक्षा मांगते दिखे तो लोगों की आंखों में आंसू आ गए। लोगों ने बड़े ही सम्मान के साथ उनके हाथों में रोटी दी।
वीडियो देख लोगों ने यूं किए कमेंट्स
यह नजारा देखकर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों के आंखों में भी आंसू आ गए। बता दें कि सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का यह वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देख लोग कमेंट करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। जहां एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा- ऐसा लग रहा है जैसे साक्षात भगवान कृष्ण मधुकरी पाने आए हैं। वहीं दूसरे ने लिखा-आज बाबा जी के पास क्या नहीं हैं वह जो चाहें मांगवा सकते हैं, लेकिन उनका ये स्वभाव उनकी सरलता और सादगी ही लोगों को उनका भक्त बना रही है।
Bijli Bill Good News:बिजली बिल वालो के लिए बड़ी खुशखबरी बिजली पर 1 सितंबर से नया नियम
Bijli Bill Good News : भारत में बिजली हर घर की ज़रूरत है लेकिन बढ़ते हुए बिजली बिल अक्सर लोगों को परेशान कर देते हैं। बिजली का खर्च ज़्यादा होने के कारण कई लोग अपनी खपत को नियंत्रित करने पर मजबूर हो जाते हैं।
लेकिन 1 सितंबर से लागू हुए नए नियम के बाद अब बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है।
Contentsबिजली बिल पर नया नियमबिजली उपभोक्ताओं को राहतबिजली बिल माफी योजनाबिजली कनेक्शन वालों के लिए फायदा
केंद्र सरकार ने बिजली बिलों को लेकर एक नई योजना लागू की है, जिसके तहत सभी बिजली कनेक्शन धारकों को बड़ी सुविधा दी जाएगी। इस बदलाव का सीधा असर उन लाखों परिवारों पर पड़ेगा, जिन्हें बिजली के भारी भरकम बिल्स चुकाने में कठिनाई होती थी। खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह नियम किसी बड़ी राहत की तरह है।
बिजली बिल पर नया नियम
केंद्र सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए 1 सितंबर से एक अहम नियम लागू किया है। इस नियम के तहत लोगों को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा सकती है। इसका सीधा लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जो सीमित खपत में बिजली का उपयोग करते हैं और बार-बार बढ़ते बिलों की चिंता में रहते हैं।
यह नया नियम हर उस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके पास बिजली कनेक्शन है। कई बार उपभोक्ताओं को योजनाओं और सरकारी छूट के बारे में जानकारी नहीं मिलती और इस वजह से उन्हें अधिक बिल का भुगतान करना पड़ता है। अब यह जरूरी है कि सभी लोग इस योजना के बारे में जागरूक हों और इसका पूरा लाभ उठाएं।
बिजली उपभोक्ताओं को राहत
नए नियम के अनुसार उपभोक्ताओं को न केवल मुफ्त बिजली की सुविधा मिलेगी बल्कि पुराने बकाया बिलों को माफ कराने का विकल्प भी मिलेगा। जो लोग पुराने बिल को जमा करने में असमर्थ रहे हैं, उनके लिए यह योजना उम्मीद की किरण बनकर आई है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिल सकती है।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह पूरे देश के सभी बिजली कनेक्शन धारकों के लिए लागू की गई है। चाहे वह शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण, सभी को इसमें शामिल किया गया है। खासकर वे लोग जो ज्यादा बिल भरने के कारण बिजली का सही उपयोग नहीं कर पाते थे, अब बिना चिंता के बिजली का इस्तेमाल कर पाएंगे।
बिजली बिल माफी योजना
बिजली बिल माफी योजना के तहत उपभोक्ता अपने बकाया बिलों को माफ करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुराने बकाया को खत्म किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं रहेगा।
यह कदम उन परिवारों के लिए वरदान साबित होगा, जो अब तक बिल का भुगतान करने की समस्या से जूझ रहे थे। सरकारी वेबसाइट पर आसान प्रक्रियाओं के माध्यम से कोई भी उपभोक्ता आवेदन कर सकता है। सही दस्तावेज अपलोड करने के बाद योजना का लाभ शीघ्र उपलब्ध होगा और उपभोक्ता निश्चिंत होकर बिजली का उपयोग कर पाएंगे।
बिजली कनेक्शन वालों के लिए फायदा
बिजली का खर्च कम होना हर आम व्यक्ति की इच्छा होती है और इस नए नियम से यह सपना सच किया गया है। अब सभी बिजली कनेक्शन धारकों को अपनी खपत के अनुसार लाभ मिलेगा। जो 300 यूनिट या उससे कम बिजली उपयोग करेंगे, उन्हें इसका फायदा तुरंत देखने को मिलेगा।
इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी बल्कि बिजली की खपत को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। लोग अतिरिक्त इस्तेमाल से बचते हुए निर्धारित सीमा तक बिजली का उपयोग करेंगे और मुफ्त बिजली का आनंद लेंगे। यह योजना पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी फायदेमंद साबित हो सकती है।
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जम्मू-कश्मीर बारिशः बादल, बारिश और तबाही, 12 की मौत, 5 लापता, शेष देश से रेल संपर्क बहाल होने में कई दिन लगेंगे
जम्मूः रियासी जिले के माहोर इलाके के बदर गांव में शनिवार को एक रिहायशी मकान के भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम सात लोग मारे गए। जबकि रामबन में बादल फटने से 5 लोग मारे गए और 5 लापता हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि आज माहोर इलाके में एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जहां एक रिहायशी मकान इसकी चपेट में आ गया। इस घटना में सात लोगों के मारे जाने की खबर है। इस बीच, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि रियासी में भारी बारिश के चलते भूस्खलन होने से कच्चा मकान गिर गया।
जिसमें पति, पत्नी और 5 बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई। मलबे में दबने से एक ही परिवार के सभी सदस्यों की जान चली गई। मृतकों की पहचान नजीर अहमद व उसकी पत्नी वजीरा बेगम के रूप में हुई है। यह सच है कि जम्मू कश्मीर पर कुदरती कहर बरपना अभी भी जारी है। अब रामबन के एक गांव में बादल फटने से तबाही मची है। अभी तक 5 शव बरामद हुए है और 5 लापता बताए जाते हैं।
बीसियों घर तबाह हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में बादल फटने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लापता हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए हैं और लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि अब तक 5 शव बरामद किए गए हैं और पांच लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
अचानक बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और क्षेत्र में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने आगे कहा कि पीड़ितों के परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि खोज और बचाव अभियान जारी है। ये ताजा घटनाएं रियासी के कटरा इलाके में वैष्णो देवी मंदिर के पास हुई एक बड़ी त्रासदी के कुछ दिनों बाद हुई हैं।
जहां 26 अगस्त को भूस्खलन के बाद कम से कम 35 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी और दर्जनों घायल हो गए थे. उसी दिन, जम्मू कश्मीर के एक अन्य जिले डोडा में भी इसी तरह की अचानक आई बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई थी।
इतनी बारिश फिर भी कश्मीर प्यासा क्योंकि 89 दिनों में 15 परसेंट की कमी बरकरार
जम्मू में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद, इस क्षेत्र ने चालू मौसम के दौरान सामान्य वर्षा के आंकड़े को पार कर लिया है। आंकड़ों से पता चलता है कि 1 जुलाई, 2025 से अब तक संभाग में कुल 37 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, कश्मीर क्षेत्र में 28 अगस्त, 2025 तक पिछले 89 दिनों में 15 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
यह आंकड़े मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश के कुछ ही दिनों बाद संकलित किए गए हैं, जिसके कारण जम्मू और कश्मीर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ था। पिछले एक सप्ताह में सबसे अधिक वर्षा रियासी में 437.9 मिमी दर्ज की गई, इसके बाद सांबा में 391.5 मिमी और डोडा में 369.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
आंकड़ों से पता चलता है कि 22 अगस्त से 28 अगस्त तक उधमपुर में 367.9 मिमी वर्षा हुई, जबकि जम्मू में इस अवधि के दौरान 366 मिमी वर्षा दर्ज की गई। खराब मौसम के बीच, जम्मू ने मात्र 24 घंटों में 380 मिमी बारिश दर्ज करके एक सदी पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। एक स्वतंत्र मौसम पूर्वानुमानकर्ता, फैजान आरिफ केंग ने बताया कि मात्र 24 घंटों की अवधि में जम्मू में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि यह 1910 में वेधशाला की स्थापना के बाद से जम्मू में 24 घंटों की अवधि में दर्ज की गई अब तक की सबसे अधिक बारिश है। पिछला रिकार्ड 25 सितंबर 1988 को दर्ज की गई 270.4 मिमी बारिश का था। इसने 23 अगस्त 1996 को दर्ज की गई 218.4 मिमी बारिश का रिकार्ड भी तोड़ दिया है।
तुलना के लिए, यह आंकड़ा 403.1 मिमी के करीब है – जो अगस्त में जम्मू का मासिक औसत है। कठुआ और रामबन केंद्रों में एक सप्ताह में क्रमशः 264.6 मिमी और 242.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि जम्मू संभाग में सबसे कम वर्षा पुंछ में 40.8 मिमी दर्ज की गई, इसके बाद किश्तवाड़ और राजौरी जिलों में क्रमशः 74.8 और 76.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
कुल मिलाकर, जम्मू संभाग में पिछले 89 दिनों में 921.18 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा से 37.08 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, किश्तवाड़ एकमात्र ऐसा केंद्र है जहां इस अवधि के दौरान 50 प्रतिशत से अधिक कम वर्षा दर्ज की गई है।, इसके अलावा, कश्मीर संभाग में, दस में से अधिकांश सात केंद्रों ने 1 जून, 2025 से 28 अगस्त, 2025 तक कम वर्षा दर्ज की है।
बारामुला में यह कमी 4 प्रतिशत से कम और शोपियां जिले में 65 प्रतिशत से कम है। आंकड़ों के अनुसार, 202.2 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले, कश्मीर घाटी में पिछले 89 दिनों में 171.02 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि के दौरान 15.42 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। केवल तीन स्थानों पर सामान्य से केवल 1 परसेंट से 7 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
श्रीनगर में सामान्य से 1 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि पुलवामा और अनंतनाग में क्रमशः 6 प्रतिशत और 7 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। हाल ही में हुई भारी वर्षा को ध्यान में रखते हुए, अनंतनाग पिछले एक सप्ताह में सामान्य से 403 परसेंट अधिक वर्षा के साथ सूची में सबसे ऊपर है।
इसके बाद पुलवामा और बडगाम क्रमशः 341 परसेंट और 332 प्रतिशत वर्षा के साथ दूसरे स्थान पर हैं। श्रीनगर में पिछले एक सप्ताह में सामान्य से 201 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सबसे कम वर्षा शोपियां में दर्ज की गई, जहां सामान्य से केवल 10 परसेंट अधिक वर्षा हुई।
अभी कई दिन लगेंगे जम्मू कश्मीर का शेष देश से रेल संपर्क बहाल होने में
क्षतिग्रस्त रेलवे पुलों और पटरियों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, फिर भी जम्मू से सामान्य रेल यातायात जल्द बहाल होने की संभावना नहीं है। इसे बहाल होने में अभी बहुत समय लगेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जम्मू संभाग में अचानक आई बाढ़ और मिट्टी के कटाव के कारण कई रेलवे पुलों और पटरियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसलिए अगले कुछ दिनों में सामान्य रेल यातायात बहाल होने की संभावना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि जम्मू संभाग में कई जगहों पर पटरियों के टूटने के अलावा, कठुआ और माधोपुर के बीच पुल संख्या 17 और हीरानगर और घगवाल के बीच पुल संख्या 137 को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सूत्रों ने बताया कि मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, फिर भी दोहरी पटरी को पूरी तरह से बहाल करने और सामान्य रेल यातायात बहाल करने में कम से कम तीन-चार हफ्ते लगेंगे। गौरतलब है कि जम्मू संभाग में पिछले चार दिनों से रेल यातायात पूरी तरह ठप है।
क्योंकि इन क्षेत्रों में अभूतपूर्व बारिश और उसके परिणामस्वरूप अचानक आई बाढ़ के साथ-साथ रेलवे पटरियों और पुलों के किनारे मिट्टी का कटाव हुआ है। फंसे हुए यात्रियों के लिए बुधवार और गुरुवार को दो विशेष ट्रेनें चलाने के अलावा, पिछले चार दिनों में जम्मू, कटरा और उधमपुर रेलवे स्टेशनों पर किसी भी ट्रेन का आगमन या प्रस्थान नहीं हुआ है।
चूंकि सामान्य रेल यातायात जल्द ही बहाल होने की संभावना नहीं है, सूत्रों ने बताया कि अधिकारी जम्मू और दिल्ली के बीच यात्रा को कुछ हद तक सुगम बनाने के लिए सिंगल ट्रैक पर कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की संभावना तलाश रहे हैं। चूंकि सिंगल ट्रैक बहाल हो गया है, इसलिए अधिकारी चरणबद्ध तरीके से कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कल दो विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ये विशेष ट्रेनें, एक यूपी-बिहार की ओर और दूसरी दिल्ली की ओर, जम्मू रेलवे स्टेशन से लगभग 15 बजे और 17 बजे रवाना होंगी। सूत्रों के अनुसार, कटरा और जम्मू के बीच ट्रैक भी रविवार तक बहाल होने की संभावना है।
क्योंकि चक रकवाल में पुल संख्या 163 पर चल रहा मरम्मत कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इस बीच, जम्मू संभाग में रेल यातायात लगातार पांचवें दिन भी पूरी तरह ठप रहा क्योंकि शनिवार को भी जम्मू रेलवे स्टेशन पर किसी भी ट्रेन का आगमन या प्रस्थान नहीं हुआ।
उत्तर रेलवे के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जम्मू और पंजाब क्षेत्र में कठुआ-माधोपुर के बीच जलभराव के कारण शुक्रवार को जम्मू आने-जाने वाली 38 ट्रेनें रद्द रहीं। इनमें 23 ट्रेनें दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से जम्मू, कटरा या उधमपुर पहुंचने वाली थीं। इसके अलावा, जम्मू, कटरा और उधमपुर से प्रस्थान करने वाली 15 ट्रेनें भी रद्द रहीं।
Video: गुजरात का हिम्मतनगर हुआ पानी-पानी! सड़कें, घर, दुकान और गाड़ियां सब डूबीं
नई दिल्ली। गुजरात के हिम्मतनगर में भारी बारिश के कारण कई हाउसिंग सोसाइटियों में भीषण जलभराव हो गया। शहर के पॉश इलाकों में बारिश का पानी घरों में भी घुस गया और गाड़ियां भी डूब गईं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सिर्फ कारों की छतें दिखाई दे रहीं, जबकि अवनि पार्क सोसाइटी में भारी बाढ़ ने पूरी गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। शास्त्रीनगर और शगुन बंगलों के निवासियों को भी बाढ़ के पानी के घरों में घुसने की समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे काफी नुकसान हुआ।
दुकानें भी हुईं जलमग्न
चपरिया चार रास्ता के पास की दुकानें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ गया। बारिश ने दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, कई घरों में संपत्ति और वाहनों को भारी नुकसान होने की खबर है।
वीडियो में हिम्मतनगर की जलमग्न सड़कों पर लोगों को मुश्किलों का सामना करते हुए भी दिखाया गया है। घुटनों तक पानी भरा होने के कारण लोगों को सड़कों से होकर गुजरना पड़ रहा है। एक रेलवे अंडरपास भी पूरी तरह जलमग्न हो गया।
लोगों का प्रशासन के प्रति फूटा गुस्सा
चपरिया हाउसिंग स्कीम, शगुन सोसाइटी, परिश्रम सोसाइटी और शास्त्री नगर सोसाइटी सहित कई हाउसिंग सोसाइटी में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे निवासियों में निराशा और नागरिक अधिकारियों की धीमी प्रतिक्रिया के प्रति गुस्सा है।
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2 सितंबर तक साबरकांठा जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, आने वाले दिनों में अलग-अलग स्थानों पर गरज और बिजली के साथ भारी बारिश होने की बहुत संभावना है।
आईएमडी के सात-दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक, गुजरात में और बारिश होने की संभावना है। 5 सितंबर की सुबह तक, उत्तरी और दक्षिणी गुजरात के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और सौराष्ट्र और कच्छ के कई हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।
1 रुपये में अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा, BSNL का ये धमाकेदार ऑफर कल से हो जाएगा बंद
सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) ने अगस्त महीने की शुरुआत में अपने ग्राहकों के लिए एक शानदार 1 रुपये रिचार्ज प्लान लॉन्च किया था। इस प्लान के तहत ग्राहकों को 30 दिन की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और कई अन्य लाभ मिल रहे थे।
लेकिन अब यह ऑफर केवल कुछ ही घंटों में बंद होने जा रहा है। 31 अगस्त तक इस ऑफर का फायदा उठाया जा सकता है, जो ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन मौका था।
बीएसएनएल का 1 रुपये प्लान क्या है खास?
बीएसएनएल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फ्रीडम ऑफर के तहत एक 1 रुपये का रिचार्ज प्लान पेश किया था। इस ऑफर में ग्राहकों को सिर्फ 1 रुपये में पूरे एक महीने तक अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिल रहा था। इसके अलावा, 30 दिन की वैलिडिटी के साथ 2GB डेटा प्रतिदिन (कुल 60GB डेटा) और 100 फ्री एसएमएस भी दिए जा रहे थे। लेकिन यह ऑफर 31 अगस्त 2025 तक ही उपलब्ध है, और जैसे ही कल 1 सितंबर आएगा, यह ऑफर बंद हो जाएगा।
इस प्लान से ग्राहकों को क्या-क्या लाभ मिले?
- अनलिमिटेड कॉलिंग: 1 रुपये में पूरे एक महीने के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिल रही थी।
- डेटा पैक: प्रतिदिन 2GB डेटा का लाभ मिल रहा था, जो कुल 60GB तक जाता था।
- एसएमएस पैक: सभी नेटवर्क के लिए 100 फ्री एसएमएस दिए जा रहे थे।
इस ऑफर का फायदा सिर्फ नए बीएसएनएल ग्राहक ही उठा सकते हैं, यानी अगर आप पहले से बीएसएनएल के ग्राहक हैं, तो आप इसका लाभ नहीं उठा पाएंगे।
बीएसएनएल के लिए क्यों है यह कदम महत्वपूर्ण?
बीएसएनएल के लिए यह ऑफर एक बड़ी पहल है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी को अपने ग्राहकों का बड़ा नुकसान हुआ था। निजी टेलिकॉम कंपनियों की महंगे रिचार्ज प्लान्स और बेहतर सर्विस की वजह से ग्राहकों ने बीएसएनएल की सेवाओं से मुंह मोड़ लिया था। अब बीएसएनएल नए-नए ऑफर लेकर आ रही है, ताकि ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके और अपने नेटवर्क को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें। सरकारी कंपनी बीएसएनएल ने अपनी नेटवर्क गुणवत्ता को सुधारने के लिए काफी काम किया है। इसके अलावा, सरकार भी बीएसएनएल की सिटुएशन को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसमें कंपनी की हर महीने एक रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया जाएगा।
बीएसएनएल के ग्राहकों के लिए क्या अगले कदम होंगे?
बीएसएनएल ने पहले ही घोषणा की है कि यह 1 रुपये प्लान सिर्फ एक सीमित समय के लिए था। आने वाले समय में बीएसएनएल ग्राहकों के लिए नए ऑफर्स पेश कर सकती है। यदि आप महंगे रिचार्ज प्लान्स से बचना चाहते हैं, तो आपको आगे भी सस्ते रिचार्ज प्लान्स की तलाश करनी होगी। बीएसएनएल का यह 1 रुपये का प्लान नए ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन अवसर था, लेकिन अगर आप इसे मिस कर चुके हैं, तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कंपनी भविष्य में नए ऑफर ला सकती है, जो आपके बजट में फिट हों।















