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WATCH: पीएम मोदी को भेंट की गई पारंपरिक जापानी दारुमा गुड़िया, जानें यह किसका प्रतीक है
टोक्यो: जापान की दो दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टोक्यो स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी ने एक पारंपरिक जापानी ताबीज, दारुमा गुड़िया भेंट की। दारुमा गुड़िया एक पारंपरिक जापानी ताबीज है जो दृढ़ता और सौभाग्य का प्रतीक है।
इसका उपयोग अक्सर व्यक्तिगत या व्यावसायिक लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
दारुमा गुड़िया एक खोखली, गोल, जापानी पारंपरिक गुड़िया है जिसे बौद्ध धर्म की ज़ेन परंपरा के संस्थापक बोधिधर्म के आधार पर बनाया गया है। ये गुड़िया आमतौर पर लाल रंग की होती हैं और भारतीय भिक्षु बोधिधर्म को दर्शाती हैं। लेकिन क्षेत्र और कलाकार के आधार पर इनके रंग और डिज़ाइन में काफी भिन्नता हो सकती है। दारुमा गुड़िया जापानी मुहावरे “सात बार गिरो, आठ बार उठो” का प्रतीक है।
दारुमा गुड़िया जापान में सबसे प्रिय सौभाग्य-प्रचारकों में से एक हैं और सिर्फ़ एक स्मृति-चिह्न से कहीं बढ़कर हैं। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, पारंपरिक रूप से, दारुमा गुड़िया अपनी यात्रा तब शुरू करती है जब कोई व्यक्ति कोई व्यक्तिगत लक्ष्य या इच्छा निर्धारित करता है।
इसकी “एक आँख उस इरादे को दर्शाने के लिए रंगी जाती है, जबकि दूसरी आँख तब तक खाली रहती है जब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता। यह एक निरंतर अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है, जो आपको तब तक उद्देश्यपूर्ण दृष्टि से देखती रहती है जब तक आप उस सपने को साकार नहीं कर लेते।”
जैसे-जैसे वर्ष समाप्त होता है, कई लोग ‘दारुमा कुयो’ नामक एक समारोह में अपनी दारुमा गुड़िया मंदिरों में वापस कर देते हैं। इसे कृतज्ञता और मुक्ति का एक शुद्धिकरण अनुष्ठान माना जाता है। इन समारोहों में, पुरानी दारुमा गुड़ियों को बड़े अलाव में सम्मानपूर्वक जलाया जाता है, अक्सर मंत्रोच्चार या भिक्षुओं के आशीर्वाद के साथ।
कुछ मंदिर लोगों को दारुमा गुड़ियों को जलाने से पहले उन पर अपनी इच्छाएँ या विचार लिखने की अनुमति देते हैं, जिससे वे एक शक्तिशाली आध्यात्मिक समय कैप्सूल में बदल जाती हैं। दारुमा की अनूठी बनावट किंवदंतियों और प्रतीकों में निहित है। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, इसका अंगहीन रूप उस कथा से आता है जिसमें ज़ेन बौद्ध धर्म की स्थापना का श्रेय प्राप्त एक भिक्षु ने नौ वर्षों तक इतनी गहन साधना की कि उसके हाथ और पैर सूख गए।
डरा रहा धारी देवी मंदिर का नया वीडियो, इस मंदिर की मूर्ति हटाने से ही 2013 में आई थी प्रलय
उत्तराखंड में बदरीनाथ केदारनाथ राजमार्ग पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ धारी देवी मंदिर के नीचे श्रीनगर बांध का पानी तेजी से बढ़ रहा है और मंदिर प्रांगण से महज एकाध फुट नीचे तक अलकनंदा का पानी पहुंच गया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार चमोली तथा रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश तथा बादल फटने की घटनाओं के कारण मंदाकिनी तथा अलकनंदा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग सात के नजदीक स्थित धारी देवी मंदिर को अलकनंदा नदी का पानी छूने लगा है।
मंदिर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है पानी
मंदिर से नदी का पानी कुछ ही फुट नीचे बह रहा है। धारीदेवी मंदिर झील के ऊपर है जहां सामान्य दिनों में श्रद्धालु पुल से पहुंचकर माता के दर्शन करने जाते हैं। बांध बनाते समय नदी में पिलर डालकर माता के मंदिर को ज्यों का त्यों माता की प्राचीन पीठ पर ही स्थापित किया गया था। अलकनंदा का पानी मंदिर को जाने वाले पुल तथा मंदिर प्रांगण की तरफ तेजी से चढ़ रहा है। सूचना के अनुसार सिरोबगड़ के पास की झील का पानी अब सड़क पर बहने लगा है और सड़क लगभग झील बन गई है। 
धारी देवी की कृपा से चार धाम यात्रा होती है पूरी
धारी देवी उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति पीठ और धार्मिक स्थल है, जो श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर अपनी रहस्यमयी और चमत्कारी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है और इसे उत्तराखंड की संरक्षक देवी माना जाता है। धारी देवी को चार धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, और यमुनोत्री) की रक्षक के रूप में भी पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती का शरीर का एक हिस्सा यहां गिरा था, जिसके कारण यह स्थान पवित्र हो गया। स्थानीय लोग और श्रद्धालु मानते हैं कि धारी देवी उत्तराखंड की रक्षा करती हैं। उनकी कृपा के बिना चार धाम यात्रा पूरी नहीं हो सकती।
प्राकृतिक आपदा से मंदिर का संबंध
धारी देवी की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि यह दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है। सुबह यह कन्या , दोपहर में युवती, और शाम को वृद्ध महिला के रूप में दिखाई देती है। यह चमत्कार मंदिर की प्रसिद्धि का प्रमुख कारण है। 2013 में उत्तराखंड में आई भीषण बाढ़ को धारी देवी के क्रोध से जोड़ा जाता है। 16 जून 2013 को मंदिर की मूल मूर्ति को एक जलविद्युत परियोजना के लिए इसके मूल स्थान से हटाकर ऊंचाई पर स्थानांतरित किया गया था। उसी दिन शाम को केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ आई, जिसमें हजारों लोगों की जान गई। यह माना जाता है कि धारी देवी की कृपा से ही चार धाम यात्रा सफल होती है। उनकी अनुमति के बिना कोई भी इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
पानी-पानी हुआ पंजाब, 37 साल बाद ऐसी बाढ़, तीन नदियों के उफान में सैकड़ों गांव डूबे
पंजाब में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से लगते जिलों में हालात काफी खराब हैं और कई गांव पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। यहां रहने वाले लोग फिलहाल अस्थायी कैंपों में रहने के लिए मजबूर हैं।
कोई आलीशान कोठी छोड़कर भागने को मजबूर हुआ है तो किसी को अपने पशुओं तक को निकालने का वक्त नहीं मिला। पंजाब के लोगों का कहना है कि 1988 के बाद पहली बार इतनी भीषण बाढ़ राज्य में आई है, यानी 37 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में चल रही भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का पानी उफान पर है।
आसपास में काफी दूरी तक रिहायशी इलाकों में इन नदियों का पानी चला आया है। कुछ इलाकों में तो ऐसी स्थिति है कि जहां तक नजर जाती है, वहां तक सिर्फ पानी ही दिख रहा है। खासतौर पर पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, तरन तारन, कपूरथला, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर में हालात खराब हैं। निचले इलाके में पड़ने वाले सैकड़ों गांव पूरी तरह जलमग्न हैं। दूर से देखने पर घरों का थोड़ा हिस्सा ही दिखता है क्योंकि ज्यादातर पानी में डूब चुके हैं। इससे हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है तो वहीं जान और माल की हानि भी बड़े पैमाने पर हुई है।
फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है, लेकिन पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार जारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने सभी प्रभावित जिलों में प्रशासन को आदेश दिया है कि बचाव कार्य में तेजी लाएं। आज वह चंडीगढ़ में एक हाई लेवल मीटिंग भी इस बारे में करने वाले हैं। राजपुरा में फ्लड कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
पटियाला में बाढ़ का एक लंबा इतिहास रहा है। 1993 में भी इस जिले में भीषण बाढ़ आई थी। इसके अलावा दो साल पहले 2023 में भी बाढ़ आई थी। जिले में तमाम गांवों को बड़ा नुकसान मॉनसून से आई बाढ़ के चलते हुआ था। पंजाब के लिए बड़े पैमाने पर प्रवासी भारतीयों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। सोशल मीडिया पर #PrayforPunjab ट्रेंड कर रहा है।
मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक. पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना अहम
भारत-जापान के 15वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय जापान दौरे पर हैं. यहां पीएम मोदी जापान के पीएम इशिबा से मुलाकात करने वाले हैं. जापान के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन पहुंचेंगे.
इससे पहले पीएम मोदी ने यहां प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की. टोक्यो में भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत निवेश के लिए सबसे बेहतर है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का एक प्रतीक है.
भारत के विकास में जापान का साथ- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज सुबह ही टोक्यो पहुंचा हूं. मुझे बहुत खुशी है कि मेरी यात्रा की शुरुआत बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है. आप में से बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनसे मेरा व्यक्तिगत परिचय रहा है, जब मैं गुजरात में था तब भी और जब मैं दिल्ली आ गई तब भी.
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक अहम पार्टनर रहा है. मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक बनी हैं.
उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. मात्र पिछले 2 सालों में 30 बिलियन डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्ट हुआ है.
विश्व की तीसरी सबसे बड़ी Economy बनेगा भारत- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत के अभूतपूर्व transformation से आप सभी भली भांति परिचित हैं. आज भारत में political stability है, economic stability है, policy में पारदर्शिता है, predictability है. आज भारत विश्व की सबसे तेज grow करने वाली major economy है और बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी economy बनने जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हमारे reforms केवल tax प्रणाली तक सीमित नहीं हैं. हमने ease of doing business पर बल दिया है. बिजनेस के लिए single digital window अप्रूवल की व्यवस्था की है.
अपने संबोधन में पीएम ने क्या की अपील?
इन Reforms के पीछे हमारा विकसित भारत बनाने का संकल्प है. विश्व ने इसे recognize ही नहीं appreciate भी किया है. S&P Global ने, दो दशक बाद, भारत की Credit Rating Upgrade की है. उन्होंने कहा कि The world is not just watching India, it is counting on India.
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है. हम साथ मिलकर, वही magic, बैटरीज, रोबोटिक्स, सेमी-कन्डक्टर, शिप-बिल्डिंग और nuclear energy में भी दोहरा सकते हैं. साथ मिलकर, हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैं आप सबसे आग्रह करता हूं. भारत आइये और मिलकर विश्व बनाते हैं.
वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान के परेड ग्राउंड में पानी ही पानी, वीडियो वायरल होने पर भारत को ठहराया जिम्मेदार
अमृतसर: वाघा बॉर्डर पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने पाकिस्तान को शर्मिंदा कर दिया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर परेड ग्राउंड बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न है और पाक रेंजर्स घुटनों तक पानी में खड़े हैं।
वहीं भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) का क्षेत्र साफ-सुथरा और लगभग पानी रहित दिख रहा है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय पक्ष पर ग्रैंड ट्रंक रोड (GT रोड) की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, जिसकी वजह से पानी पाकिस्तान की ओर जमा हो रहा है।
सच्चाई तो कुछ और है
हकीकत यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी बॉर्डर पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और जल निकासी प्रणाली को बेहतर कर लिया है। इस कारण भारतीय क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। वहीं पाकिस्तान लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। परेड स्थल पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां जगह-जगह कीचड़ और घुटनों तक पानी जमा हो गया। हालात से निपटने के लिए पाक रेंजर्स ने रेत की बोरियां लगाकर पानी रोकने की कोशिश की।
पाकिस्तानियों की खुल गई पोल
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों से GT रोड की ऊंचाई को लेकर शिकायत भी की है। जल्दबाजी में पाकिस्तानी पक्ष ने जल निकासी के लिए कुछ नाले बनाए और सड़क का एक हिस्सा ऊंचा कर पानी बहाने की कोशिश की। लेकिन लगातार भारी बारिश ने पाकिस्तान की सभी तैयारियों की पोल खोल दी।
पाकिस्तान के आरोप पर भारत का जवाब
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने कहा कि 8-9 अगस्त को पंजाब क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का हो। उन्होंने साफ किया कि वाघा-अटारी, हुसैनीवाला और सादकी-तीनों स्थानों पर होने वाले झंडा उतारने के समारोह स्थल पर किसी भी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए थे। कुछ चौकियों को खाली भी कराना पड़ा। विशेषकर वे चौकियां, जो रावी नदी के पार भारत की ओर की एनक्लेव्स में स्थित हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले आती हैं, वहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
बाढ़ से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के कई हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। वाघा बॉर्डर पर वायरल हुआ यह दृश्य केवल उस बड़ी त्रासदी की एक झलक है। लगातार हो रही बरसात ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष की साफ और व्यवस्थित परेड ग्राउंड ने एक बार फिर दोनों देशों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन क्षमता का अंतर दुनिया के सामने रख दिया है।
रुद्रप्रयाग में पहाड़ से आया सैलाब और गायब हो गया पूरा गांव… देखिए पहले और अब की तस्वीर
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का छेनागाड़ गांव कभी हरी-भरी पहाड़ियों और नदियों के बीच बसा एक शांतिपूर्ण स्थान था. यहां के लोग खेती-बाड़ी और पशुपालन से अपना जीवन चलाते थे. बाजार क्षेत्र में छोटी-छोटी दुकानें, मछली तालाब और मुर्गी फार्म थे, जो गांव की अर्थव्यवस्था का आधार थे.
लेकिन 28 अगस्त 2025 को बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने सब कुछ उजाड़ दिया. यह ‘हिमालयन सुनामी’ जैसी आपदा ने छेनागाड़ को मलबे के ढेर में बदल दिया. पहले जहां हंसी-खुशी के घर थे, अब वाहन बह गए, बाजार मलबे से भर गया. कुछ लोग गुमशुदा हैं.
रुद्रप्रयाग के एसपी अक्षय पप्रह्लाद कोंडे ने बताया कि केदारनाथ हाईवे अभी तक बंद है. छेनागाड़ में बादल फटने से 8 लोग लापता हैं, जिनमे 4 स्थानीय व 4 नेपाली मूल के हैं. हाईवे रात से बांसवाड़ा में बंद होने से रेसक्यू टीम फंसी हैं. हालांकि एसडीआरएफ की टीम पैदल ही मौके के लिए रवाना हो चुकी है. अधिकारी बता रहे हैं की रास्ता खोलने का कार्य जारी है. रुद्रप्रयाग के अलग अलग क्षेत्रों में नुकसान हुआ है.
छेनागाड़ पहले: शांति और समृद्धि का गांव
छेनागाड़ रुद्रप्रयाग जिले का एक छोटा सा बाजार क्षेत्र था, जो हिमालय की गोद में बसा था. यहां की हवा में हमेशा ताजगी रहती थी. अलकनंदा-मंदाकिनी नदियों का पानी जीवन का आधार था. गांव के लोग मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थे – धान, गेहूं और सब्जियां उगाते थे.

बाजार में दुकानें चहल-पहल से भरी रहतीं, जहां स्थानीय लोग सामान खरीदते-बेचते. पास में मछली तालाब और मुर्गी फार्म थे, जो अतिरिक्त आय का स्रोत थे. स्यूर, बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी, किमाणा और अरखुण्ड जैसे आसपास के गांवों के लोग यहां आते थे.
सड़कें NH, PWD और PMGSY से जुड़ी हुई थीं, जो केदारनाथ घाटी को जोड़ती थीं. गांव में स्कूल, मंदिर और छोटे घर थे. पर्यटक भी आते थे, जो चारधाम यात्रा का हिस्सा था.
बादल फटने की त्रासदी: अचानक आई तबाही
28 अगस्त 2025 की शाम को बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फट गया. यह घटना रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में एक साथ हुई, लेकिन छेनागाड़ पर इसका असर सबसे भयानक पड़ा. बादल फटने से तेज पानी और मलबा पहाड़ों से उतर आया, जो गांवों को लील गया. पहले की शांत नदियां गदेरों में बदल गईं. मलबा बाजार और घरों में घुस गया.

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार…
- छेनागाड़ बाजार क्षेत्र: बाजार मलबे से भर गया. वाहन बह गए. दुकानें तबाह हो गईं. मलबा और कीचड़ का ढेर है.
- छेनागाड़ डुगर गांव: कुछ लोग गुमशुदा हो गए. परिवारों के घर बह गए. लोग मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है.
- जौला बड़ेथ: कुछ लोग लापता हैं. गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आया.
- अरखुण्ड: मछली तालाब और मुर्गी फार्म पूरी तरह बह गए. पहले ये आय के स्रोत थे, अब खंडहर.
- किमाणा: खेती की भूमि और सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरा. फसलें नष्ट, सड़कें बंद.
- स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त, बोलेरो वाहन बह गया.
- बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गांवों के आसपास गदेरों में पानी और मलबा बहा, घरों में घुस गया.
आसपास के इलाकों में भी तबाही हुई. चमोली के देवाल क्षेत्र में मोपाटा में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता, विक्रम सिंह और पत्नी घायल. 15-20 मवेशी दब गए. केदारनाथ घाटी के लावारा गांव में मोटर रोड ब्रिज बह गया. अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर, रामकुंड डूब गया. हनुमान मंदिर जलमग्न. बद्रीनाथ हाईवे श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच डूब गया. कुल मिलाकर, 10 से ज्यादा गांव प्रभावित, सड़कें बंद और कई परिवार फंसे हुए हैं.
राहत और बचाव का सफर
जिला प्रशासन ने आपदा कंट्रोल रूम से तुरंत एक्शन लिया. जिलाधिकारी प्रतीक जैन लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं. उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया. सभी जिलास्तरीय अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम में समन्वय कर रहे हैं. NH, PWD, PMGSY की टीमें रास्ते खोलने में जुटी हैं. वैकल्पिक मार्ग चिन्हित कर राहत दल भेजे जा रहे. राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी गांवों में तैनात.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया कि बड़ेथ डुंगर तोक और देवाल क्षेत्र में बादल फटने से परिवार फंसे हैं. राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं. मैं अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं. बाबा केदार से सबकी कुशलता की प्रार्थना है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हैं. सेना ने भी 50 जवान रुद्रप्रयाग से भेजे. स्कूल बंद कर दिए गए. प्रभावितों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा.
प्रभावितों की कहानी: दर्द और उम्मीद
छेनागाड़ के निवासी अब दर्द में हैं. एक ग्रामीण ने कहा कि हमारा बाजार, जो जीवन था, अब मलबे में दबा है. वाहन बह गए, परिवार बिखर गए. गुमशुदा लोगों के परिवार चिंतित हैं. लेकिन राहत कार्यों से उम्मीद बंधी. एक महिला ने बताया कि टीमें आ रही हैं, लेकिन रास्ते बंद हैं. यह आपदा जलवायु परिवर्तन का संकेत है, जहां बादल फटना आम हो गया.
‘पिंक गैंग’ से हो जाइए सावधान! हाई-प्रोफाइल 16 लड़कियों का ग्रुप, एक कॉल और लोग खुद भेजते थे पैसे, जानें पूरा मामला
यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक चौंकाने वाले ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसे ‘पिंक गैंग’ के नाम से जाना जाता था। इस गैंग के काम करने का तरीका ऐसा था कि बेरोजगार युवा इनकी मीठी-मीठी बातों में फंसकर खुद ही इन्हें लाखों रुपये ट्रांसफर कर देते थे।
वहीं पुलिस ने एक कॉल सेंटर पर छापा मारकर इन सभी लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मास्टरमाइंड के साथ 16 लड़कियां गिरफ्तार
पुलिस को इमरजेंसी नंबर 1930 पर एक शिकायत मिली थी जिसके बाद इस कॉल सेंटर पर छापा मारा गया। मौके से 16 लड़कियों के साथ दो मास्टरमाइंड आहद और जुबैद को भी गिरफ्तार किया गया। ये दोनों ही इस गैंग के असली सरगना थे जो लड़कियों को कम सैलरी पर रखकर युवाओं को फंसाने का काम करते थे।
ठगी का तरीका
ये लड़कियां बेरोजगार युवाओं को कॉल करके बड़ी सैलरी वाली नौकरी का लालच देती थीं। इसके बाद उनसे ‘सिक्योरिटी मनी’ या एडवांस के नाम पर 2500 से 5000 रुपये तक की रकम मांगी जाती थी। पैसे मिलते ही ये लोग पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे और उनके नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।
लक्ष्य पर थे पुणे और महाराष्ट्र के युवा
शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गैंग खासतौर पर पुणे और महाराष्ट्र के युवाओं को अपना निशाना बना रहा था। हर महीने 30 से 40 हजार कॉल की जाती थीं।
जब्त सामान और बैंक अकाउंट फ्रीज
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से तीन लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन और लगभग 30 सिम कार्ड मिले हैं। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रजिस्टर भी बरामद हुए हैं जिनमें पीड़ितों की जानकारी दर्ज थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के तीन बैंक खातों का भी पता लगाया है जिन्हें तुरंत फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह के झांसे में अब तक हजारों युवा फंस चुके हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और ठगी से जुटाई गई संपत्ति को जब्त करने की तैयारी भी चल रही है।
चॉकलेट, पेस्ट्री, आइसक्रीम हो जाएंगे बेहद सस्ते… 18% से घटाकर 5% GST कर सकती है सरकार
देश में जीएसटी रिफॉर्म होने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते 15 अगस्त को इसका ऐलान किए जाने के बाद से ही इसे लेकर बड़े-बड़े अपडेट सामाने आ रहे हैं. इस बीच उम्मीद जताई जा रही है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोको बेस्ड चॉकलेट, फ्लेक्स, पेस्ट्री से लेकर आइसक्रीम तक पर लागू जीएसटी स्लैब में बदलाव किया जा सकता है और ये 18% से कम करते हुए 5% हो सकता है.
अगर ऐसा होता है तो फिर इनके दाम में बड़ी गिरावट आएगी, जो ग्राहकों के लिए बड़ी राहत होगी. इनके कस्टमर बेस की बात करें, तो बच्चों से लेकर युवाओं तक इनकी तगड़ी डिमांड है.
चॉकेलट और आइसक्रीम हो जाएंगी सस्ती
मीठे और लोकप्रिय पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट जल्द आपकी जेब का बोझ कम कर सकते हैं. ऐसी उम्मीद इसलिए है, क्योंकि जीएसटी 2.0 के तहत चल रहे रिफॉर्म के तहत फिटमेंट कमेटी ने सिफारिश की है कि कोको युक्त चॉकलेट, अनाज से बने फ्लेक्स, पेस्ट्री और आइसक्रीम जैसे प्रोडक्ट पर लगने वाले 18% की जीएसटी को कम करके इसे 5% के टैक्स स्लैब में शामिल किया जाए.
अगले हफ्ते होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगर इस सिफारिश को माना जाता है और टैक्स स्लैब में बदलाव को मंजूरी मिल जाती है, तो चॉकलेट के दाम घटेंगे और भारत में तेजी से अपना मार्केट बढ़ा रही पेस्ट्री पहले से काफी सस्ती हो जाएंगी. इसके अलावा न सिर्फ शहरों में, बल्कि अर्ध शहरी क्षेत्रों में भी नाश्ते का अच्छा विकल्प बनते जा रहे फ्लेक्स की कीमतें भी कम हो जाएंगी.
18% स्लैब का रेवेन्यू में बड़ा हिस्सा
फिलहाल की बात करें, तो 18 फीसदी के जीएसटी स्लैब में शामिल चीजें जीएसटी से होने वाले राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी रखती हैं, लेकिन टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार और इसे सरल बनाने के सरकार के प्रयासों का उद्देश्य रोजमर्रा में बड़े पैमाने पर उपभोग वाली वस्तुओं को खरीदने के लिए लोगों की जेब पर बोझ कम करना है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि व्यापक रूप से खरीदे जाने वाले खाद्य पदार्थों पर जीएसटी रेट्स कम करने से महंगाई का दबाव कम होगा और यह इनडायरेक्ट टैक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
यहां ध्यान रहे कि फिटमेंट कमेटी द्वारा जीएसटी स्लैब चेंज करने की ये सिफारिशें अंतिम नहीं हैं. अगले हफ्ते 3 और 4 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन पर विचार किया जाएगा और कोई फैसला किया जाएगा. ये काउंसिल की 56वीं बैठक होगी.
पीएम ने किया था जीएसटी सुधार का ऐलान
गौरतलब है कि जीएसटी को लेकर स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि दिवाली से पहले हम नया जीएसटी रिफॉर्म लेकर आ रहे हैं, जिसके तहत मौजूदा जीएसटी दरों की समीक्षा की जाएगी साथ ही टैक्स स्लैब को भी तर्कसंगत बनाया जाएगा. हालांकि, वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में इस बदलाव से केंद्र और राज्य सरकारों की आय पर असर होगा और की तैयारी कर रही है, जिससे करीब 40,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है.
बीवी पर था अफेयर का शक.. पति ने जिंदा जलाया... अब 7 साल की बेटी के बयान से खुली पोल
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक व्यक्ति ने विवाहेतर संबंध के शक में अपनी 32 साल की पत्नी को कथित तौर पर जलाकर मार डाला. इतने के बाद उसने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की. हालांकि, उसके झूठ का खुलासा तब हो गया जब उसकी 7 साल की बेटी ने पुलिस को साफ- साफ बताया कि उसके पिता ने ही उसकी मां को जलाया है.
7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए अलर्ट! 15 सितंबर से पहले कर लें ये जरूरी काम, नहीं तो होगा भारी नुकसान
अगर आप 7th Pay Commission के तहत सैलरी पाते हैं और आपको वित्त वर्ष 2024-25 में एरियर मिला है, तो आपके लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। आयकर विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे सभी कर्मचारियों को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से पहले Form 10E भरना होगा।
वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, घाट की बजाय घरों की छतों पर हो रहा है शवों का अंतिम संस्कार, देखें व्याकुल करने वाली तस्वीरें
वाराणसी में उफनाई गंगा की बाढ़ से घाटों पर व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। घाटों के निचले हिस्सों में पानी भर जाने की वजह से आरती और शवदाह का काम छतों पर किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने दी नुआखाई की शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 28 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नुआखाई पर्व पर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने नुआखाई द्वारा प्रदर्शित कृतज्ञता और एकता की भावना पर ज़ोर दिया और देश की प्रगति एवं जीविका की रीढ़ किसानों के अथक प्रयासों को नमन किया।
Begging Ban: देश के इस राज्य में भीख मांगने पर लगेगी रोक, विधानसभा में बिल पास
मिजोरम विधानसभा में विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों के बीच, राज्य में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक (Mizoram Prohibition of Beggary Bill 2025) पारित हुआ।राज्य की समाज कल्याण मंत्री लालरिनपुई ने बुधवार को 'मिजोरम भिक्षावृत्ति निषेध' विधेयक, 2025 सदन में पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल भीख मांगने पर रोक लगाना नहीं है बल्कि भिखारियों को स्थायी आजीविका विकल्प प्रदान करके उनकी सहायता और पुनर्वास करना भी है।
हैलो, मैं तुम्हारी सौतन बोल रही हूं... पत्नी को आया फोन, सुनते ही लगा गहरा सदमा; रोते-रोते गई जान
यूपी के हरदोई जिले में एक महिला की अचानक मौत की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि उसे पति के मोबाइल नंबर से आए एक फोन कॉल ने इतना बड़ा सदमा दिया कि उसने कुछ ही घंटों में दम तोड़ दिया।
सरकारी दस्तावेज बनवाना हुआ आसान: अब WhatsApp पर बनेंगे मैरिज सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर जाति प्रमाणपत्र तक
अगर आप भी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने या जाति प्रमाणपत्र जैसी सरकारी सेवाओं के लिए घंटों लाइन में लगते हैं- तो अब राहत की खबर है। दिल्ली सरकार एक नई डिजिटल सुविधा शुरू करने जा रही है, जिसके तहत लोग व्हाट्सएप पर ही जरूरी सरकारी कागजात बनवा सकेंगे और डाउनलोड भी कर सकेंगे।
लाडो लक्ष्मी योजना शुरु: 25 सिंतबर से मिलेंगे हरियाणा की इन महिलाओं को 2100 रुपए, सरकार ने लगाईं ये शर्तें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मिटिंग के बाद प्रेस कॉन्फेंस की। प्रेस कॉन्फेंस में सीएम सैनी ने बड़ी घोषणा की कि महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 25 सितंबर से मिलेगा।
IMD Alert! इस राज्य में भारी बारिश के चलते IMD ने जारी किए ऑरेंज और येलो अलर्ट; स्कूल-काॅलेज बंद
कर्नाटक के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार सुबह भारी बारिश हुई, जिसके बाद आईएमडी ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी कर दी गई है और कई जिलों में अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
MP News: 27% ओबीसी आरक्षण पर सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला: सर्वदलीय बैठक में संकल्प पारित, कहा- कोई नौकरी से वंचित न रहे
मध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 अगस्त को बड़ा कदम उठाया। उन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में तय किया गया कि किसी भी कीमत पर राज्य में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण दिया जाएगा।
आम आदमी को राहत के आसार, दूध से लेकर रोटी तक पर '0' GST, अगले हफ्ते हो सकता है फैसला!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से जीएसटी सुधारों की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ये सुधार दिवाली से पहले लागू किए जा सकते हैं।
किडनी डैमेज, लिवर खराब जैसी बीमारियों से बचने के लिए ले रहे हैं Health Plan? इन बातों का रखें ध्यान
नई दिल्ली। बढ़ते मेडिकल खर्चों का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि अगर किसी व्यक्ति के जीवन में मेडिकल इमरजेंसी हुई तो उसकी सालों की सेविंग खत्म हो सकती है। वह व्यक्ति कर्ज के तले डूब सकता है।
















