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बड़ी खबर : काम पर नहीं लौटने वाले हड़ताली NHM कर्मचारियों की सेवा होगी समाप्त, आदेश जारी
रायपुर. नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे NHM कर्मचारी अगर काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी. इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी सीएमएचओ को जारी कर दिया है.
आदेश पत्र में कहा गया है कि आदेश के बाद भी अधिकांश जिलों में NHM अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं, जो लोकहित के विरुद्ध है और अनुचित है. कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर कर्मचारी को नोटिस जारी करें, जिसमें लिखा हो कि उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उनकी सेवा समाप्त की जाएगी. सभी सीएमएचओ को यह भी निर्देशित किया गया है कि अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों के कार्य नहीं वेतन नहीं के सिद्धांत पर इस माह का वेतन आहरित ना किया जाए.
बता दें कि प्रदेश के 16,000 से ज्यादा NHM के कर्मचारी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इसके चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमा गई है. स्थिति को देखते हुए अब शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.
आदेश जारी

लखनऊ के युवाओं के लिए होगा अंतरिक्ष कार्यशाला का आयोजन, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हो सकते हैं शामिल
लखनऊ. राजधानी के युवाओं को अंतरिक्ष के रहस्यों से जोड़ने के लिए जल्द ही एक बड़ी कार्यशाला आयोजित की जाएगी. कांग्रेस नेता और पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में कोशिश होगी कि अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाए.
मुकेश ने कहा कि शुभांशु शुक्ला न केवल लखनऊ बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर रहे हैं और युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं. इस दौरान चौहान ने अनुरोध किया कि लखनऊ के छात्रों को भी अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जोड़ा जाए. जवाब में शुक्ला ने सहयोग का आश्वासन दिया.
मुकेश ने बताया कि कार्यशाला पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आयोजित होगी. इसमें छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से जुड़े अवसरों की जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा, “शुभांशु शुक्ला लखनऊ का गौरव हैं. उनकी अंतरिक्ष यात्रा से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा छात्र अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित होंगे.” लखनऊ के इस बेटे की उपलब्धि पर पूरे शहर में गर्व की भावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युवाओं को समय रहते ऐसे अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो आने वाले वर्षों में भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में और बड़ी छलांग लगा सकता है.
क्या हो गया आज की लड़कियों को? जिस प्रेमी के लिए घर से भागी वो नहीं आया, तो अंजान लड़के से रचाई शादी, 7 दिन बाद लौटी घर
इंदौर : इंदौर की गुजराती कॉलेज की छात्रा श्रद्धा तिवारी, जो 7 दिन से रहस्यमयी तरीके से लापता थी, अब दुल्हन के रूप में सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि श्रद्धा ने जिस युवक से शादी की है, उसका नाम तक वह कुछ घंटे पहले तक नहीं जानती थी।
पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए हैं। श्रद्धा ने कहा है कि मैंने अपनी मर्जी से उससे शादी की है।
बता दें कि 22 अगस्त को घर से अचानक गायब हुई श्रद्धा आखिरी बार लोटस चौराहे पर CCTV में कैद हुई थी। पुलिस की कई टीमें लगातार तलाश में जुटी थीं। जांच में उसके प्रेमी सार्थक का नाम सामने आया। परिजनों के मुताबिक, उन्हें सार्थक पसंद नहीं था। श्रद्धा की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने सार्थक से पूछताछ की तो सार्थक ने बताया कि श्रद्धा से उसकी बातचीत कुछ दिनों से बंद है।

रेलवे स्टेशन से शुरू हुई नई कहानी
श्रद्धा ने पुलिस को बताया कि वह घर छोड़कर रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां सार्थक को बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। निराश श्रद्धा ने जान देने का फैसला कर लिया। तभी ट्रेन में उसकी मुलाकात करणदीप नाम के इलेक्ट्रीशियन से हुई।
करणदीप कॉलेज में कई बार बिजली सुधारने आया था, लेकिन दोनों की कभी बातचीत नहीं हुई थी। ट्रेन में अचानक हुई मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी। श्रद्धा और करणदीप ने बातचीत के बाद एक-दूसरे को अपनाने का फैसला किया और महेश्वर के मंदिर में शादी कर ली।

श्रद्धा का बयान
सिंदूर लगाए थाने पहुंची श्रद्धा ने मीडिया से कहा- “मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। सार्थक को बुलाया था लेकिन वह नहीं आया। मैंने जान देने की सोची थी, तभी करण ने मुझे बचाया। मैंने पूछा कि क्या वो मुझसे शादी करेंगे और उन्होंने हां कर दी। अब मैं उनके परिवार के साथ खुश हूं।”
Reliance AGM 2025: एक अरब स्क्रीन पर सेवाएं, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग मंच जियो हॉटस्टार, 3.2 लाख घंटे से ज्यादा कंटेंट की पेशकश
Reliance AGM 2025: जियो हॉटस्टार दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग मंच बन गया है। रिलायंस के मीडिया व्यवसाय और वैश्विक मीडिया दिग्गज वॉल्ट डिज्नी के भारतीय व्यवसाय के विलय के बाद बने संयुक्त उद्यम के पास जियो हॉटस्टार का स्वामित्व है।
आकाश एम अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की असाधारण आम सभा (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि 34 प्रतिशत टीवी बाजार हिस्सेदारी के साथ जियो स्टार मोबाइल, टीवी और जुड़े हुए उपकरणों पर एक अरब स्क्रीन पर सेवाएं देने की राह पर है।
इसके अलावा, जियो स्टार विभिन्न मंच और भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करना जारी रखेगा। अंबानी ने कहा, ”हमने एक ऐसा अनुभव तैयार किया है, जो जियो हॉटस्टार के जरिये सर्वश्रेष्ठ सामग्री, सॉफ्टवेयर और एआई को जोड़ता है। हम हमेशा सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि जियोस्टार का गठन भारत के मीडिया परिवेश के लिए एक निर्णायक क्षण था।
और कुछ ही महीनों में ”हमने कहानियों को कहने, पेश करने और अनुभव करने के तरीके को नया रूप देने के लिए कंटेंट, एआई और तकनीक का रणनीतिक रूप से लाभ उठाकर एक क्रांति ला दी है।” अंबानी ने कहा कि अब जियोस्टार 3.2 लाख घंटे से ज्यादा के कंटेंट की पेशकश करता है, जो अगले दो ओटीटी मंच के संयुक्त कंटेंट से छह गुना ज्यादा है और हर साल इसमें 30,000 घंटे से अधिक जुड़ते हैं।
अंबानी ने कहा, ”हमारे उन्नत एआई टूल और तकनीकी नवाचार दर्शकों को पहले से कहीं ज्यादा सशक्त बना रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ”हमारे मीडिया और मनोरंजन व्यवसाय ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है।” जियोहॉटस्टार ऐप के बारे में उन्होंने कहा कि इसने तीन महीनों के भीतर 60 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ताओं को जोड़ा है।
इसमें 7.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्टेड टीवी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ”तीस करोड़ भुगतान करने वाले ग्राहकों के साथ, जियोहॉटस्टार अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग मंच है, जो पूरी तरह से भारत में बना है। यह रिकॉर्ड भारतीय बाजार की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।”
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत और चीन का साथ आना बेहद अहम- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बहुप्रतीक्षित चीन दौरे से पहले भारत और चीन के संबंधों पर बातचीत की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को जापानी अखबार द योमिउरी शिंबुन को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उनकी यह यात्रा चीन के साथ स्थिर द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि इंडो पैसिफिक रीजन में शांति बनाए रखने और वैश्विक अस्थिरता के बीच चीन के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बेहद जरूरी हैं।
प्रधानमंत्री ने चीन की यात्रा और चीन के साथ संबंधों पर पूछे गए एक लिखित सवाल के जवाब में कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर मैं शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां से तियानजिन जाऊंगा। पिछले साल कजान में राष्ट्रपति शी के साथ मेरी मुलाकात के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति हुई है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि विश्व के दो सबसे बड़े देशों के बीच इस साझेदारी से पूरे क्षेत्र की समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, “दुनिया के दो सबसे बड़े राष्ट्रों के रूप में भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था में वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और चुनौतियों का समाधान करने के लिए बातचीत को बढ़ाने के लिए तैयार है।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली से जापान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। जापान दौरे के बाद प्रधानमंत्री तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए चीन जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
पूर्वोत्तर शांति, प्रगति, सर्वसमावेशी विकास की ओर बढ़ रहा है : अमित शाह
गुवाहाटी, 29 अगस्त :केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि दशकों तक अशांति झेलने के बावजूद आज पूर्वोत्तर क्षेत्र शांति, प्रगति और सर्वसमावेशी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ऐतिहासिक नायकों महाराजा पृथु, लाचित बरफूकन और चिलाराय के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदैव भारत की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ और विविध सांस्कृतिक धरोहर का पालना रहा है।
गृहमंत्री ने शुक्रवार काे गुवाहाटी स्थित राजभवन के ‘ब्रह्मपुत्र विंग’ का उद्घाटन किया और वर्चुअल माध्यम से 322 करोड़ की आठ परियोजनाओं का शुभारंभ एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम आंदोलन का सपना साकार हुआ है। बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर ने अवसंरचना, सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक कल्याण योजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है।
उन्होंने राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला (एनसीएफएल) का भी उद्घाटन किया। दिल्ली के बाद देश की दूसरी यह प्रयोगशाला गुवाहाटी के लाचित बरफूकन पुलिस अकादमी में स्थापित की गई है। शाह ने कहा कि यह सुविधा आठों पूर्वोत्तर राज्यों को साइबर अपराध, ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी और घुसपैठ जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी।
‘ब्रह्मपुत्र विंग’ के बारे में गृहमंत्री ने बताया कि इसे 40 करोड़ से अधिक की लागत से 3,300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया गया है। यह न केवल संवैधानिक कार्यों को सुगम बनाएगा बल्कि विद्यार्थियों, कलाकारों और शोधकर्ताओं से संवाद का मंच भी बनेगा और राज्यपाल को जनता की भावनाएं सरकार तक पहुंचाने में सहायक होगा।
राजनीतिक टिप्पणी करते हुए शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माताजी के लिए विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता द्वारा अपशब्दों के प्रयोग की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह राजनीति का सबसे निम्न स्तर है और ऐसी नकारात्मक नफरत की राजनीति को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। शाह ने विपक्षी नेता से प्रधानमंत्री, उनकी दिवंगत माताजी और देश की जनता से माफी मांगने की अपील की।
बड़ा हादसा: नदी में नहाने से 4 छात्र डूब, एक का शव बरामद, बाकी की तलाश जारी
झारखंड के दुमका जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ मयूराक्षी नदी में नहाने गए चार छात्र डूब गए, जिनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है। बाकी तीन छात्रों की तलाश अभी भी जारी है।
क्या है पूरा मामला?पुलिस के मुताबिक, ये चारों छात्र गुरुवार शाम को घर से निकले थे और देर रात तक वापस नहीं लौटे। शुक्रवार सुबह, कुछ स्थानीय लोगों ने नदी के किनारे छात्रों के कपड़े और मोबाइल फोन देखे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस और परिजनों ने तुरंत खोजबीन शुरू की। एक का शव मिला: शुक्रवार सुबह, गोताखोरों की टीम को कृष्ण सिंह (17) का शव मिला।वह दुमका के बक्शी बांध इलाके का रहने वाला था और 12वीं कक्षा में पढ़ता था।
लापता छात्रों की तलाश: लापता हुए बाकी तीन छात्रों की पहचान आर्यन कुमार, कृष और आर्यन के रूप में हुई है। इनकी तलाश अभी भी जारी है।
बचाव कार्य में आ रही दिक्कतेंपुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मयूराक्षी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी में करीब 20 फीट तक पानी होने से बचाव दल को सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि और गोताखोरों की टीम बुलाई गई है ताकि जल्द से जल्द लापता छात्रों का पता लगाया जा सके।
पहले भी हो चुके हैं हादसेजिस जगह यह हादसा हुआ है, उसे लोग ‘मिनी गोवा’ कहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 2016 में भी इसी जगह पर छह छात्र डूब गए थे। मानसून के इस मौसम में झारखंड में अब तक नदियों, तालाबों और जलाशयों में डूबने से 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज़्यादातर छात्र और युवा हैं।
WATCH: पीएम मोदी को भेंट की गई पारंपरिक जापानी दारुमा गुड़िया, जानें यह किसका प्रतीक है
टोक्यो: जापान की दो दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टोक्यो स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी ने एक पारंपरिक जापानी ताबीज, दारुमा गुड़िया भेंट की। दारुमा गुड़िया एक पारंपरिक जापानी ताबीज है जो दृढ़ता और सौभाग्य का प्रतीक है।
इसका उपयोग अक्सर व्यक्तिगत या व्यावसायिक लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
दारुमा गुड़िया एक खोखली, गोल, जापानी पारंपरिक गुड़िया है जिसे बौद्ध धर्म की ज़ेन परंपरा के संस्थापक बोधिधर्म के आधार पर बनाया गया है। ये गुड़िया आमतौर पर लाल रंग की होती हैं और भारतीय भिक्षु बोधिधर्म को दर्शाती हैं। लेकिन क्षेत्र और कलाकार के आधार पर इनके रंग और डिज़ाइन में काफी भिन्नता हो सकती है। दारुमा गुड़िया जापानी मुहावरे “सात बार गिरो, आठ बार उठो” का प्रतीक है।
दारुमा गुड़िया जापान में सबसे प्रिय सौभाग्य-प्रचारकों में से एक हैं और सिर्फ़ एक स्मृति-चिह्न से कहीं बढ़कर हैं। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, पारंपरिक रूप से, दारुमा गुड़िया अपनी यात्रा तब शुरू करती है जब कोई व्यक्ति कोई व्यक्तिगत लक्ष्य या इच्छा निर्धारित करता है।
इसकी “एक आँख उस इरादे को दर्शाने के लिए रंगी जाती है, जबकि दूसरी आँख तब तक खाली रहती है जब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता। यह एक निरंतर अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है, जो आपको तब तक उद्देश्यपूर्ण दृष्टि से देखती रहती है जब तक आप उस सपने को साकार नहीं कर लेते।”
जैसे-जैसे वर्ष समाप्त होता है, कई लोग ‘दारुमा कुयो’ नामक एक समारोह में अपनी दारुमा गुड़िया मंदिरों में वापस कर देते हैं। इसे कृतज्ञता और मुक्ति का एक शुद्धिकरण अनुष्ठान माना जाता है। इन समारोहों में, पुरानी दारुमा गुड़ियों को बड़े अलाव में सम्मानपूर्वक जलाया जाता है, अक्सर मंत्रोच्चार या भिक्षुओं के आशीर्वाद के साथ।
कुछ मंदिर लोगों को दारुमा गुड़ियों को जलाने से पहले उन पर अपनी इच्छाएँ या विचार लिखने की अनुमति देते हैं, जिससे वे एक शक्तिशाली आध्यात्मिक समय कैप्सूल में बदल जाती हैं। दारुमा की अनूठी बनावट किंवदंतियों और प्रतीकों में निहित है। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, इसका अंगहीन रूप उस कथा से आता है जिसमें ज़ेन बौद्ध धर्म की स्थापना का श्रेय प्राप्त एक भिक्षु ने नौ वर्षों तक इतनी गहन साधना की कि उसके हाथ और पैर सूख गए।
डरा रहा धारी देवी मंदिर का नया वीडियो, इस मंदिर की मूर्ति हटाने से ही 2013 में आई थी प्रलय
उत्तराखंड में बदरीनाथ केदारनाथ राजमार्ग पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ धारी देवी मंदिर के नीचे श्रीनगर बांध का पानी तेजी से बढ़ रहा है और मंदिर प्रांगण से महज एकाध फुट नीचे तक अलकनंदा का पानी पहुंच गया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार चमोली तथा रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश तथा बादल फटने की घटनाओं के कारण मंदाकिनी तथा अलकनंदा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग सात के नजदीक स्थित धारी देवी मंदिर को अलकनंदा नदी का पानी छूने लगा है।
मंदिर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है पानी
मंदिर से नदी का पानी कुछ ही फुट नीचे बह रहा है। धारीदेवी मंदिर झील के ऊपर है जहां सामान्य दिनों में श्रद्धालु पुल से पहुंचकर माता के दर्शन करने जाते हैं। बांध बनाते समय नदी में पिलर डालकर माता के मंदिर को ज्यों का त्यों माता की प्राचीन पीठ पर ही स्थापित किया गया था। अलकनंदा का पानी मंदिर को जाने वाले पुल तथा मंदिर प्रांगण की तरफ तेजी से चढ़ रहा है। सूचना के अनुसार सिरोबगड़ के पास की झील का पानी अब सड़क पर बहने लगा है और सड़क लगभग झील बन गई है। 
धारी देवी की कृपा से चार धाम यात्रा होती है पूरी
धारी देवी उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति पीठ और धार्मिक स्थल है, जो श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर अपनी रहस्यमयी और चमत्कारी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है और इसे उत्तराखंड की संरक्षक देवी माना जाता है। धारी देवी को चार धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, और यमुनोत्री) की रक्षक के रूप में भी पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती का शरीर का एक हिस्सा यहां गिरा था, जिसके कारण यह स्थान पवित्र हो गया। स्थानीय लोग और श्रद्धालु मानते हैं कि धारी देवी उत्तराखंड की रक्षा करती हैं। उनकी कृपा के बिना चार धाम यात्रा पूरी नहीं हो सकती।
प्राकृतिक आपदा से मंदिर का संबंध
धारी देवी की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि यह दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है। सुबह यह कन्या , दोपहर में युवती, और शाम को वृद्ध महिला के रूप में दिखाई देती है। यह चमत्कार मंदिर की प्रसिद्धि का प्रमुख कारण है। 2013 में उत्तराखंड में आई भीषण बाढ़ को धारी देवी के क्रोध से जोड़ा जाता है। 16 जून 2013 को मंदिर की मूल मूर्ति को एक जलविद्युत परियोजना के लिए इसके मूल स्थान से हटाकर ऊंचाई पर स्थानांतरित किया गया था। उसी दिन शाम को केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ आई, जिसमें हजारों लोगों की जान गई। यह माना जाता है कि धारी देवी की कृपा से ही चार धाम यात्रा सफल होती है। उनकी अनुमति के बिना कोई भी इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
पानी-पानी हुआ पंजाब, 37 साल बाद ऐसी बाढ़, तीन नदियों के उफान में सैकड़ों गांव डूबे
पंजाब में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से लगते जिलों में हालात काफी खराब हैं और कई गांव पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। यहां रहने वाले लोग फिलहाल अस्थायी कैंपों में रहने के लिए मजबूर हैं।
कोई आलीशान कोठी छोड़कर भागने को मजबूर हुआ है तो किसी को अपने पशुओं तक को निकालने का वक्त नहीं मिला। पंजाब के लोगों का कहना है कि 1988 के बाद पहली बार इतनी भीषण बाढ़ राज्य में आई है, यानी 37 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में चल रही भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का पानी उफान पर है।
आसपास में काफी दूरी तक रिहायशी इलाकों में इन नदियों का पानी चला आया है। कुछ इलाकों में तो ऐसी स्थिति है कि जहां तक नजर जाती है, वहां तक सिर्फ पानी ही दिख रहा है। खासतौर पर पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, तरन तारन, कपूरथला, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर में हालात खराब हैं। निचले इलाके में पड़ने वाले सैकड़ों गांव पूरी तरह जलमग्न हैं। दूर से देखने पर घरों का थोड़ा हिस्सा ही दिखता है क्योंकि ज्यादातर पानी में डूब चुके हैं। इससे हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है तो वहीं जान और माल की हानि भी बड़े पैमाने पर हुई है।
फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है, लेकिन पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार जारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने सभी प्रभावित जिलों में प्रशासन को आदेश दिया है कि बचाव कार्य में तेजी लाएं। आज वह चंडीगढ़ में एक हाई लेवल मीटिंग भी इस बारे में करने वाले हैं। राजपुरा में फ्लड कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
पटियाला में बाढ़ का एक लंबा इतिहास रहा है। 1993 में भी इस जिले में भीषण बाढ़ आई थी। इसके अलावा दो साल पहले 2023 में भी बाढ़ आई थी। जिले में तमाम गांवों को बड़ा नुकसान मॉनसून से आई बाढ़ के चलते हुआ था। पंजाब के लिए बड़े पैमाने पर प्रवासी भारतीयों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। सोशल मीडिया पर #PrayforPunjab ट्रेंड कर रहा है।
मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक. पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना अहम
भारत-जापान के 15वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय जापान दौरे पर हैं. यहां पीएम मोदी जापान के पीएम इशिबा से मुलाकात करने वाले हैं. जापान के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन पहुंचेंगे.
इससे पहले पीएम मोदी ने यहां प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की. टोक्यो में भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत निवेश के लिए सबसे बेहतर है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का एक प्रतीक है.
भारत के विकास में जापान का साथ- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज सुबह ही टोक्यो पहुंचा हूं. मुझे बहुत खुशी है कि मेरी यात्रा की शुरुआत बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है. आप में से बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनसे मेरा व्यक्तिगत परिचय रहा है, जब मैं गुजरात में था तब भी और जब मैं दिल्ली आ गई तब भी.
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक अहम पार्टनर रहा है. मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक बनी हैं.
उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. मात्र पिछले 2 सालों में 30 बिलियन डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्ट हुआ है.
विश्व की तीसरी सबसे बड़ी Economy बनेगा भारत- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत के अभूतपूर्व transformation से आप सभी भली भांति परिचित हैं. आज भारत में political stability है, economic stability है, policy में पारदर्शिता है, predictability है. आज भारत विश्व की सबसे तेज grow करने वाली major economy है और बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी economy बनने जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हमारे reforms केवल tax प्रणाली तक सीमित नहीं हैं. हमने ease of doing business पर बल दिया है. बिजनेस के लिए single digital window अप्रूवल की व्यवस्था की है.
अपने संबोधन में पीएम ने क्या की अपील?
इन Reforms के पीछे हमारा विकसित भारत बनाने का संकल्प है. विश्व ने इसे recognize ही नहीं appreciate भी किया है. S&P Global ने, दो दशक बाद, भारत की Credit Rating Upgrade की है. उन्होंने कहा कि The world is not just watching India, it is counting on India.
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है. हम साथ मिलकर, वही magic, बैटरीज, रोबोटिक्स, सेमी-कन्डक्टर, शिप-बिल्डिंग और nuclear energy में भी दोहरा सकते हैं. साथ मिलकर, हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैं आप सबसे आग्रह करता हूं. भारत आइये और मिलकर विश्व बनाते हैं.
वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान के परेड ग्राउंड में पानी ही पानी, वीडियो वायरल होने पर भारत को ठहराया जिम्मेदार
अमृतसर: वाघा बॉर्डर पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने पाकिस्तान को शर्मिंदा कर दिया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर परेड ग्राउंड बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न है और पाक रेंजर्स घुटनों तक पानी में खड़े हैं।
वहीं भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) का क्षेत्र साफ-सुथरा और लगभग पानी रहित दिख रहा है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय पक्ष पर ग्रैंड ट्रंक रोड (GT रोड) की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, जिसकी वजह से पानी पाकिस्तान की ओर जमा हो रहा है।
सच्चाई तो कुछ और है
हकीकत यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी बॉर्डर पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और जल निकासी प्रणाली को बेहतर कर लिया है। इस कारण भारतीय क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। वहीं पाकिस्तान लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। परेड स्थल पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां जगह-जगह कीचड़ और घुटनों तक पानी जमा हो गया। हालात से निपटने के लिए पाक रेंजर्स ने रेत की बोरियां लगाकर पानी रोकने की कोशिश की।
पाकिस्तानियों की खुल गई पोल
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों से GT रोड की ऊंचाई को लेकर शिकायत भी की है। जल्दबाजी में पाकिस्तानी पक्ष ने जल निकासी के लिए कुछ नाले बनाए और सड़क का एक हिस्सा ऊंचा कर पानी बहाने की कोशिश की। लेकिन लगातार भारी बारिश ने पाकिस्तान की सभी तैयारियों की पोल खोल दी।
पाकिस्तान के आरोप पर भारत का जवाब
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने कहा कि 8-9 अगस्त को पंजाब क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का हो। उन्होंने साफ किया कि वाघा-अटारी, हुसैनीवाला और सादकी-तीनों स्थानों पर होने वाले झंडा उतारने के समारोह स्थल पर किसी भी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए थे। कुछ चौकियों को खाली भी कराना पड़ा। विशेषकर वे चौकियां, जो रावी नदी के पार भारत की ओर की एनक्लेव्स में स्थित हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले आती हैं, वहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
बाढ़ से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के कई हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। वाघा बॉर्डर पर वायरल हुआ यह दृश्य केवल उस बड़ी त्रासदी की एक झलक है। लगातार हो रही बरसात ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष की साफ और व्यवस्थित परेड ग्राउंड ने एक बार फिर दोनों देशों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन क्षमता का अंतर दुनिया के सामने रख दिया है।
रुद्रप्रयाग में पहाड़ से आया सैलाब और गायब हो गया पूरा गांव… देखिए पहले और अब की तस्वीर
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का छेनागाड़ गांव कभी हरी-भरी पहाड़ियों और नदियों के बीच बसा एक शांतिपूर्ण स्थान था. यहां के लोग खेती-बाड़ी और पशुपालन से अपना जीवन चलाते थे. बाजार क्षेत्र में छोटी-छोटी दुकानें, मछली तालाब और मुर्गी फार्म थे, जो गांव की अर्थव्यवस्था का आधार थे.
लेकिन 28 अगस्त 2025 को बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने सब कुछ उजाड़ दिया. यह ‘हिमालयन सुनामी’ जैसी आपदा ने छेनागाड़ को मलबे के ढेर में बदल दिया. पहले जहां हंसी-खुशी के घर थे, अब वाहन बह गए, बाजार मलबे से भर गया. कुछ लोग गुमशुदा हैं.
रुद्रप्रयाग के एसपी अक्षय पप्रह्लाद कोंडे ने बताया कि केदारनाथ हाईवे अभी तक बंद है. छेनागाड़ में बादल फटने से 8 लोग लापता हैं, जिनमे 4 स्थानीय व 4 नेपाली मूल के हैं. हाईवे रात से बांसवाड़ा में बंद होने से रेसक्यू टीम फंसी हैं. हालांकि एसडीआरएफ की टीम पैदल ही मौके के लिए रवाना हो चुकी है. अधिकारी बता रहे हैं की रास्ता खोलने का कार्य जारी है. रुद्रप्रयाग के अलग अलग क्षेत्रों में नुकसान हुआ है.
छेनागाड़ पहले: शांति और समृद्धि का गांव
छेनागाड़ रुद्रप्रयाग जिले का एक छोटा सा बाजार क्षेत्र था, जो हिमालय की गोद में बसा था. यहां की हवा में हमेशा ताजगी रहती थी. अलकनंदा-मंदाकिनी नदियों का पानी जीवन का आधार था. गांव के लोग मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थे – धान, गेहूं और सब्जियां उगाते थे.

बाजार में दुकानें चहल-पहल से भरी रहतीं, जहां स्थानीय लोग सामान खरीदते-बेचते. पास में मछली तालाब और मुर्गी फार्म थे, जो अतिरिक्त आय का स्रोत थे. स्यूर, बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी, किमाणा और अरखुण्ड जैसे आसपास के गांवों के लोग यहां आते थे.
सड़कें NH, PWD और PMGSY से जुड़ी हुई थीं, जो केदारनाथ घाटी को जोड़ती थीं. गांव में स्कूल, मंदिर और छोटे घर थे. पर्यटक भी आते थे, जो चारधाम यात्रा का हिस्सा था.
बादल फटने की त्रासदी: अचानक आई तबाही
28 अगस्त 2025 की शाम को बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फट गया. यह घटना रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में एक साथ हुई, लेकिन छेनागाड़ पर इसका असर सबसे भयानक पड़ा. बादल फटने से तेज पानी और मलबा पहाड़ों से उतर आया, जो गांवों को लील गया. पहले की शांत नदियां गदेरों में बदल गईं. मलबा बाजार और घरों में घुस गया.

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार…
- छेनागाड़ बाजार क्षेत्र: बाजार मलबे से भर गया. वाहन बह गए. दुकानें तबाह हो गईं. मलबा और कीचड़ का ढेर है.
- छेनागाड़ डुगर गांव: कुछ लोग गुमशुदा हो गए. परिवारों के घर बह गए. लोग मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है.
- जौला बड़ेथ: कुछ लोग लापता हैं. गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आया.
- अरखुण्ड: मछली तालाब और मुर्गी फार्म पूरी तरह बह गए. पहले ये आय के स्रोत थे, अब खंडहर.
- किमाणा: खेती की भूमि और सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरा. फसलें नष्ट, सड़कें बंद.
- स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त, बोलेरो वाहन बह गया.
- बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गांवों के आसपास गदेरों में पानी और मलबा बहा, घरों में घुस गया.
आसपास के इलाकों में भी तबाही हुई. चमोली के देवाल क्षेत्र में मोपाटा में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता, विक्रम सिंह और पत्नी घायल. 15-20 मवेशी दब गए. केदारनाथ घाटी के लावारा गांव में मोटर रोड ब्रिज बह गया. अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर, रामकुंड डूब गया. हनुमान मंदिर जलमग्न. बद्रीनाथ हाईवे श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच डूब गया. कुल मिलाकर, 10 से ज्यादा गांव प्रभावित, सड़कें बंद और कई परिवार फंसे हुए हैं.
राहत और बचाव का सफर
जिला प्रशासन ने आपदा कंट्रोल रूम से तुरंत एक्शन लिया. जिलाधिकारी प्रतीक जैन लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं. उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया. सभी जिलास्तरीय अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम में समन्वय कर रहे हैं. NH, PWD, PMGSY की टीमें रास्ते खोलने में जुटी हैं. वैकल्पिक मार्ग चिन्हित कर राहत दल भेजे जा रहे. राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी गांवों में तैनात.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया कि बड़ेथ डुंगर तोक और देवाल क्षेत्र में बादल फटने से परिवार फंसे हैं. राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं. मैं अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं. बाबा केदार से सबकी कुशलता की प्रार्थना है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हैं. सेना ने भी 50 जवान रुद्रप्रयाग से भेजे. स्कूल बंद कर दिए गए. प्रभावितों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा.
प्रभावितों की कहानी: दर्द और उम्मीद
छेनागाड़ के निवासी अब दर्द में हैं. एक ग्रामीण ने कहा कि हमारा बाजार, जो जीवन था, अब मलबे में दबा है. वाहन बह गए, परिवार बिखर गए. गुमशुदा लोगों के परिवार चिंतित हैं. लेकिन राहत कार्यों से उम्मीद बंधी. एक महिला ने बताया कि टीमें आ रही हैं, लेकिन रास्ते बंद हैं. यह आपदा जलवायु परिवर्तन का संकेत है, जहां बादल फटना आम हो गया.
‘पिंक गैंग’ से हो जाइए सावधान! हाई-प्रोफाइल 16 लड़कियों का ग्रुप, एक कॉल और लोग खुद भेजते थे पैसे, जानें पूरा मामला
यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक चौंकाने वाले ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसे ‘पिंक गैंग’ के नाम से जाना जाता था। इस गैंग के काम करने का तरीका ऐसा था कि बेरोजगार युवा इनकी मीठी-मीठी बातों में फंसकर खुद ही इन्हें लाखों रुपये ट्रांसफर कर देते थे।
वहीं पुलिस ने एक कॉल सेंटर पर छापा मारकर इन सभी लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मास्टरमाइंड के साथ 16 लड़कियां गिरफ्तार
पुलिस को इमरजेंसी नंबर 1930 पर एक शिकायत मिली थी जिसके बाद इस कॉल सेंटर पर छापा मारा गया। मौके से 16 लड़कियों के साथ दो मास्टरमाइंड आहद और जुबैद को भी गिरफ्तार किया गया। ये दोनों ही इस गैंग के असली सरगना थे जो लड़कियों को कम सैलरी पर रखकर युवाओं को फंसाने का काम करते थे।
ठगी का तरीका
ये लड़कियां बेरोजगार युवाओं को कॉल करके बड़ी सैलरी वाली नौकरी का लालच देती थीं। इसके बाद उनसे ‘सिक्योरिटी मनी’ या एडवांस के नाम पर 2500 से 5000 रुपये तक की रकम मांगी जाती थी। पैसे मिलते ही ये लोग पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे और उनके नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।
लक्ष्य पर थे पुणे और महाराष्ट्र के युवा
शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गैंग खासतौर पर पुणे और महाराष्ट्र के युवाओं को अपना निशाना बना रहा था। हर महीने 30 से 40 हजार कॉल की जाती थीं।
जब्त सामान और बैंक अकाउंट फ्रीज
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से तीन लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन और लगभग 30 सिम कार्ड मिले हैं। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रजिस्टर भी बरामद हुए हैं जिनमें पीड़ितों की जानकारी दर्ज थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के तीन बैंक खातों का भी पता लगाया है जिन्हें तुरंत फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह के झांसे में अब तक हजारों युवा फंस चुके हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और ठगी से जुटाई गई संपत्ति को जब्त करने की तैयारी भी चल रही है।
चॉकलेट, पेस्ट्री, आइसक्रीम हो जाएंगे बेहद सस्ते… 18% से घटाकर 5% GST कर सकती है सरकार
देश में जीएसटी रिफॉर्म होने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते 15 अगस्त को इसका ऐलान किए जाने के बाद से ही इसे लेकर बड़े-बड़े अपडेट सामाने आ रहे हैं. इस बीच उम्मीद जताई जा रही है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोको बेस्ड चॉकलेट, फ्लेक्स, पेस्ट्री से लेकर आइसक्रीम तक पर लागू जीएसटी स्लैब में बदलाव किया जा सकता है और ये 18% से कम करते हुए 5% हो सकता है.
अगर ऐसा होता है तो फिर इनके दाम में बड़ी गिरावट आएगी, जो ग्राहकों के लिए बड़ी राहत होगी. इनके कस्टमर बेस की बात करें, तो बच्चों से लेकर युवाओं तक इनकी तगड़ी डिमांड है.
चॉकेलट और आइसक्रीम हो जाएंगी सस्ती
मीठे और लोकप्रिय पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट जल्द आपकी जेब का बोझ कम कर सकते हैं. ऐसी उम्मीद इसलिए है, क्योंकि जीएसटी 2.0 के तहत चल रहे रिफॉर्म के तहत फिटमेंट कमेटी ने सिफारिश की है कि कोको युक्त चॉकलेट, अनाज से बने फ्लेक्स, पेस्ट्री और आइसक्रीम जैसे प्रोडक्ट पर लगने वाले 18% की जीएसटी को कम करके इसे 5% के टैक्स स्लैब में शामिल किया जाए.
अगले हफ्ते होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगर इस सिफारिश को माना जाता है और टैक्स स्लैब में बदलाव को मंजूरी मिल जाती है, तो चॉकलेट के दाम घटेंगे और भारत में तेजी से अपना मार्केट बढ़ा रही पेस्ट्री पहले से काफी सस्ती हो जाएंगी. इसके अलावा न सिर्फ शहरों में, बल्कि अर्ध शहरी क्षेत्रों में भी नाश्ते का अच्छा विकल्प बनते जा रहे फ्लेक्स की कीमतें भी कम हो जाएंगी.
18% स्लैब का रेवेन्यू में बड़ा हिस्सा
फिलहाल की बात करें, तो 18 फीसदी के जीएसटी स्लैब में शामिल चीजें जीएसटी से होने वाले राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी रखती हैं, लेकिन टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार और इसे सरल बनाने के सरकार के प्रयासों का उद्देश्य रोजमर्रा में बड़े पैमाने पर उपभोग वाली वस्तुओं को खरीदने के लिए लोगों की जेब पर बोझ कम करना है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि व्यापक रूप से खरीदे जाने वाले खाद्य पदार्थों पर जीएसटी रेट्स कम करने से महंगाई का दबाव कम होगा और यह इनडायरेक्ट टैक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
यहां ध्यान रहे कि फिटमेंट कमेटी द्वारा जीएसटी स्लैब चेंज करने की ये सिफारिशें अंतिम नहीं हैं. अगले हफ्ते 3 और 4 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन पर विचार किया जाएगा और कोई फैसला किया जाएगा. ये काउंसिल की 56वीं बैठक होगी.
पीएम ने किया था जीएसटी सुधार का ऐलान
गौरतलब है कि जीएसटी को लेकर स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि दिवाली से पहले हम नया जीएसटी रिफॉर्म लेकर आ रहे हैं, जिसके तहत मौजूदा जीएसटी दरों की समीक्षा की जाएगी साथ ही टैक्स स्लैब को भी तर्कसंगत बनाया जाएगा. हालांकि, वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में इस बदलाव से केंद्र और राज्य सरकारों की आय पर असर होगा और की तैयारी कर रही है, जिससे करीब 40,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है.
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