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Momos खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! इस जिले में दूषित मोमोज से 35 लोग बीमार, कई बच्चों की हालत गंभीर
अगर आपको भी मोमोज खाना पसंद है, तो यह खबर आपके लिए एक चेतावनी है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में दूषित मोमोज खाने से 35 लोग बीमार पड़ गए हैं, जिनमें ज़्यादातर बच्चे शामिल हैं।
यह घटना तब हुई जब लोगों ने एक मेले में ठेले से मोमोज खाए, जिसके बाद उन्हें उल्टी, दस्त और बुखार होने लगा।
कैसे हुआ यह हादसा?बांदा के मसूरी खेरवा गाँव में एक मेला लगा हुआ था, जहाँ लोगों ने एक ठेले से मोमोज खरीदे। मोमोज खाने के बाद एक-एक करके लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले बीमार होने वालों को नरैनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
12 बच्चे मेडिकल कॉलेज भेजे गए: स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बीमार लोगों में से कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें इलाज के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची: घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची और घर-घर जाकर बीमार लोगों का इलाज किया।
डॉक्टरों ने लोगों को दवाइयाँ दीं और उनकी निगरानी की।
मोमोज का ठेला जब्तइस घटना के बाद, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोमोज बेचने वाले शख्स का ठेला जब्त कर लिया है और मोमोज के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मोमोज में किस तरह की मिलावट या गंदगी थी। यह घटना एक बार फिर स्ट्रीट फूड की साफ-सफाई और गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करती है। क्या आपको लगता है कि स्ट्रीट फूड की क्वालिटी की जांच के लिए प्रशासन को और भी सख्त कदम उठाने चाहिए?
भारत के नये एयर डिफेंस सिस्टम को देख जल गया चीन! तिलमिलाहट में शक्ति पर उठाने लगा सवाल
भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बार फिर से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. देश ने अपने पहले इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का सफल परीक्षण किया है, जिसने एक साथ तीन अलग-अलग उन्नत लक्ष्यों को मार गिराने की क्षमता साबित की.
इस परीक्षण में दो हाई-स्पीड अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (ड्रोन) और एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन को निशाना बनाया गया. इन लक्ष्यों को क़्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM), वी-शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन के जरिए ताबड़तोड़ खत्म किया गया.
इस उपलब्धि के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है जिनके पास लेजर हथियार तकनीक है. इस सूची में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, जर्मनी और इजरायल जैसे उन्नत राष्ट्र पहले से मौजूद हैं. यह सिस्टम भारत की राष्ट्रीय एयर डिफेंस शील्ड को और भी मजबूत करेगा और मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस दशक के भीतर आत्मनिर्भर और अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली स्थापित करने के लक्ष्य को लेकर पहले ही प्रतिबद्धता जता चुके हैं.
चीन की प्रतिक्रिया और उसकी चिंता
भारत की इस उन्नति पर चीन ने अपनी असहजता जाहिर की है. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने एक रक्षा विशेषज्ञ के हवाले से लिखा कि “लेजर हथियार का इस सिस्टम में शामिल होना तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी वास्तविक युद्ध क्षमता अभी साबित नहीं हुई है. टेस्टिंग तो नियंत्रित माहौल में हुई है, जबकि असली युद्ध के हालात अलग और चुनौतीपूर्ण होते हैं.” इसी तरह बीजिंग की एयरोस्पेस नॉलेज मैगजीन के मुख्य संपादक वांग यानान ने भी इस तकनीक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और कहा कि प्रीसेट ट्रेनिंग के दौरान की गई टेस्टिंग वास्तविक युद्ध के माहौल का सही आकलन नहीं कर सकती.
चीन की रणनीतिक चिंता की वजह
असल में भारत का यह एयर डिफेंस सिस्टम चीन की एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल (A2/AD) रणनीति के लिए चुनौती है, जिस पर चीन दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर में अपना प्रभुत्व बनाए रखने की योजना बनाता है. भारत की नई तकनीक ड्रोन, क्रूज मिसाइल और लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट को रोकने में सक्षम होगी, जिससे चीन की रणनीति पर सीधे सवाल खड़े हो गए हैं. चीन की इस प्रतिक्रिया में उसकी चिंता साफ झलकती है कि भारत अब उन देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास अत्याधुनिक और प्रभावशाली एयर डिफेंस सिस्टम हैं. भारत की यह सफलता न केवल उसकी सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्रीय सामरिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी.
भारत की मजबूती का सबूत: ऑपरेशन सिंदूर
चीन पहले ही भारत की सैन्य ताकत को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देख चुका है. अब जब भारत ने अपनी डिफेंस प्रणाली में नई तकनीकें शामिल की हैं, तो निश्चित रूप से चीन और पाकिस्तान जैसी प्रतिद्वंदी ताकतों की चिंता बढ़ेगी. भारत का यह कदम उसके रक्षा बलों को भविष्य के खतरों से निपटने में और अधिक सक्षम बनाएगा.
भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बार फिर से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. देश ने अपने पहले इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का सफल परीक्षण किया है, जिसने एक साथ तीन अलग-अलग उन्नत लक्ष्यों को मार गिराने की क्षमता साबित की. इस परीक्षण में दो हाई-स्पीड अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (ड्रोन) और एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन को निशाना बनाया गया. इन लक्ष्यों को क़्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM), वी-शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन के जरिए ताबड़तोड़ खत्म किया गया.
पेशाब में झाग आने का क्या मतलब होता है? आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट नेˈ बताया क्या करें और कैसे दूर होगी दिक्कत
Foamy Urine: यूरिन यानी पेशाब शरीर का एक अपशिष्ट उत्पाद (वेस्ट) होता है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पेशाब आपकी सेबह से जुड़ी कई जानकारी दे सकता है. खासकर पेशाब में झाग आने पर इसपर ध्यान देना जरूरी हो जाता है.
मामले को लेकर फेमस आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं, अगर आपको पेशाब करते समय झाग या बबल्स नजर आते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें. इससे अलग ऐसा होने पर कुछ खास बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.
क्यों आते हैं पेशाब में झाग?
श्वेता शाह बताती हैं, कभी-कभी झाग आना सामान्य हो सकता है. जैसे कई बार तेज फ्लो की वजह से पेशाब से झाग आ जाते हैं. लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या लगातार बनी रहती है, तो इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं. जैसे-
प्रोटीन लीक
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, जब किडनी सही से काम नहीं करती है, तो यूरिन में प्रोटीन आने लगता है, जिससे झाग बनते हैं.
डिहाइड्रेशन
पानी की कमी से पेशाब गाढ़ा हो जाता है और झागदार दिख सकता है.
यूटीआई या अन्य संक्रमण
इन सब से अलग यूटीआई जैसे संक्रमण की वजह से भी पेशाब में झाग बनने लगते हैं.
ऐसा होने पर क्या करें?
इस सवाल का जवाब देते हुए न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं, अगर आपको भी पेशाब में झाग नजर आ रहे हैं, तो कुछ नेचुरल तरीके अपनाकर किडनी को मजबूत किया जा सकता है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालें जा सकते हैं. जैसे-
ऑयल पुलिंग (Oil Pulling)
सबसे पहले न्यूट्रिशनिस्ट ऑयल पुलिंग करने की सलाह देती हैं. इसके लिए सुबह खाली पेट 1 चम्मच तिल का तेल मुंह में लेकर 5-10 मिनट घुमाएं और फिर कुल्ला कर लें. ऐसा करने से मुंह की सफाई के साथ शरीर को डीटॉक्स करने में मदद मिलती है.
हाइड्रेशन बूस्ट (Hydration)
दिनभर में 8-10 गिलास गुनगुना या सामान्य तापमान का पानी पिएं. इससे अलग न्यूट्रिशनिस्ट सुबह उठते ही एक गिलास पानी में एक चुटकी सेंधा नमक या नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर पीने की सलाह देती हैं. इससे शरीर का pH संतुलित रहता है और किडनी बेहतर फंक्शन करती हैं.
धनिये का पानी (Coriander Water)
किडनी की सेहत बेहतर करने और खासकर यूटीआई से निजात पाने के लिए धनिये के पानी को बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसके लिए 1 चम्मच साबुत धनिये को 1 गिलास पानी में रातभर के लिए भिगो दें. सुबह छानकर खाली पेट इस पानी को पिएं.
नारियल पानी (Coconut Water)
आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, नारियल पानी प्राकृतिक मूत्रवर्धक (Diuretic) है, जो इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है और किडनी को पोषण देता है. ऐसे में आप नारियल पानी को अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं.
जौ का पानी (Barley Water)
जौ के पानी को भी किडनी के बेहतर फंक्शन और पेशाब से जुड़ी परेशानियों से निजात पाने के लिए अच्छा माना जाता है. इसके लिए 1 चम्मच जौ को 2 कप पानी में उबालें, छानकर दिन में 1-2 बार पिएं. यह किडनी को साफ करता है और यूरिनरी सिस्टम को शांत करता है.
त्रिफला चूर्ण (Triphala Powder)
रात को सोने से पहले आधा चम्मच त्रिफला गर्म पानी के साथ लें. आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि ऐसा करने से पाचन बेहतर होता है और शरीर से विषैले तत्व आसानी से बाहर निकलने लगते हैं.
प्राणायाम – शीतली या शीतकारी (Pranayama)
सुबह केवल 3 मिनट यह श्वसन अभ्यास करें. ऐसा करने से शरीर में पित्त कम होता है और मूत्र स्वास्थ्य बेहतर होता है.
श्वेता शाह बताती हैं, पेशाब में झाग को हल्के में न लें. यह किडनी की खराब कार्यक्षमता का संकेत हो सकता है. अगर बताए गए नुस्खो को आजमाने के बाद भी आपको लगातार ऐसा लक्षण दिखते रहें, तो इसे लेकर एक बार हेल्थ एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें.
Advance Salary : केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों को दी जाएगी एडवांस सैलरी और पेंशन
Advance Salary : केंद्र सरकार जल्द ही कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सौगात देने जा रही है। लेकिन इससे पहले सरकार ने कर्मचारियों के लिए एडवांस सैलरी और पेंशन (Advance Pension to Employess) की राहत दे दी है।
केंद्र सरकार अब लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एडवासं सैलरी देने वाली है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
केंद्र सरकार अब जल्द ही कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत देने वाली है। सरकार अब कर्मचारियों के वेतन में बंपर बढ़ौतरी करने वाली है। वेतन में बढ़ौतरी होने की वजह से कर्मचारियों को बहुत ज्यादा राहत मिलने वाली है।
दरअसल सरकार कर्मचारियों (Goverment Employess Salary) को एडवांस वेतन देने की तैयारी कर रही है। एडवांस सैलरी के अलावा कर्मचारियों को अन्य कई भत्तों का भी लाभ दिया जाने वाला है। आज म आपको इस खबर के माध्यम से बताने जा रहे हैं कि कर्मचारियों को कितनी सैलरी दी जाने वाली है।
कर्मचारियों को मिलेगी इतनी सैलरी
सरकार का मानना है कि त्योहारों के समय कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा और सुगमता प्रदान करना जरूरी है। इस वजह से वे बिना किसी वित्तीय परेशानी की वजह से अपने परिवार के साथ त्योहार मनाया जा सकता है।
इस व्यवस्था के तहत केरल में 25 अगस्त और महाराष्ट्र में 26 अगस्त को वेतन (Salary Hike Latest Update) और पेंशन का भुगतान एडवांस तौर पर कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के त्योहारों को देखते हुए जारी किया अपडेट
केंद्र सरकार ने त्योहारों को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। गणपति (महाराष्ट्र) और ओणम (केरल) त्योहारों के मौके पर इन राज्यों में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों, (Update For Goverment Employess) औद्योगिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को अगस्त 2025 का वेतन, मजदूरी और एडवांस पेंशन दी जाने वाली है।
सरकार का ये है मानना
सरकार का माना है कि त्योहारों के समय कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा और सुगमता प्रदान करना काफी ज्यादा जरूरी है, इसकी वजह से वे बिना किसी वित्तीय (Salary Of Goverment emplyess) दिक्कत के अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें।
इस व्यवस्था के तहत केरल में 25 अगस्त और महाराष्ट्र में 26 अगस्त को वेतन और पेंशन का भुगतान एडवांस तौर पर दी जाने वाली है।
महाराष्ट्र में इस दिन मिलेगा वेतन
सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि वह महाराष्ट्र के सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों का अगस्त 2025 का वेतन गणपति उत्सव से पहले 26 अगस्त 2025, मंगलवार को एडवांस (Advance Salary Of Goverment Employess) रूप से जारी कर देने वाली है।
जानकारी के लिए बता दें कि 2025 में, गणपति उत्सव, जिसे गणेश चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, 27 अगस्त, 2025 को पड़ने वाला है।
वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी
वित्त मंत्रालय ने 22 अगस्त, 2025 के एक सर्कुलर में जानकारी देते हुए बताया कि गणपति उत्सव के मद्देनजर, सरकार ने निर्णय लिया है कि महाराष्ट्र राज्य के सभी केंद्र सरकार (Central Goverment Latest Update) के कर्मचारियों का अगस्त 2025 माह का वेतन केंद्र सरकार के कार्यालयों द्वारा 26 अगस्त, 2025 को निकाला और वितरित किया जा सकता है।
केरल में इस दिन मिलेगा अगस्त का वेतन
केंद्र सरकार ने बताया कि वह केरल के सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों का अगस्त 2025 का वेतन ओणम त्योहार से पहले 25 अगस्त, 2025, सोमवार को अग्रिम रूप (onam festival) से जारी कर दिया जाने वाला है। RBI के अवकाश कैलेंडर के मुताबिक, 2025 में ओणम 4 और 5 सितंबर को मनाया जाने वाला है।
वहीं 21 अगस्त, 2025 के एक कार्यालय ज्ञापन में वित्त मंत्रालय ने बताया कि ‘ओणम’ त्योहार के मद्देनजर, सरकार ने निर्णय लिया है कि केरल (Keral Goverment) राज्य के सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों का वेतन/मजदूरी/पेंशन केंद्र सरकार के कार्यालयों द्वारा 25-08-2025 को निकाला और वितरित किया जा सकता है।
सर्कुलर में बताया गया है कि केरल राज्य में कार्यरत केन्द्र सरकार के औद्योगिक कर्मचारियों (Update For Employess) का वेतन भी उपरोक्त तिथि के अनुसार अग्रिम रूप से वितरित किया जा सकता है।
DME पर ट्रैफिक सिपाही को उड़ाने वाला तो खूंखार अपराधी निकला, मां बोलीं- रोक लेती तो जिंदा होता बेटा
गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक सिपाही विपिन कुमार की दर्दनाक मौत से हर कोई सदमे में है। आईपीईएम कॉलेज गेट के सामने ड्यूटी पर तैनात सिपाही को तेज रफ्तार गाड़ी ने उड़ा दिया।
हादसे का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया, जो वायरल है। गाड़ी में सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनमें से एक के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मृतक सिपाही के परिजन में मातम मचा हुआ है। मां ने बताया कि बेटे की तबीयत खराब थी। अगर उसे रोक लेती तो वो आज जिंदा होता।
सिपाही विपिन कुमार की मां कमलेश देवी का रो रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि बेटे की तबीयत ठीक नहीं लग रही थी। अगर उस दिन मैं बेटे को ड्यूटी जाने से रोक लेती तो आज मेरा लाला जिंदा होता। देवी ने बताया कि मां, मेरी तबीयत ठीक नहीं है और दिल भी घबरा रहा है। घर पर रुककर आराम करने की बात पर बोला कि मैंने दवा ले ली है। उसके सहकर्मी ने भी फोन करके आराम करने को बोला लेकिन वह बिस्तर से उठकर तैयार होने चला गया।
आरोपी विनीत उर्फ बिन्ने मधुबन बापूधाम थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर पहले से ही मारपीट और चोरी के छह मुकदमे दर्ज हैं। उसके पिता और चाचा भी थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। हादसे में इस्तेमाल कार उसके भाई सुमित ने हाल ही में खरीदी थी। सुमित भी कार में सवार था। आरोपियों के अनुसार उन लोगों की दिल्ली में किसी पुलिसवाले से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद वे स्पीड में गाड़ी चलाते हुए निकल रहे थे। उन्हें लगा कि ट्रैफिक वाले उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से सिपाही को हिट किया।
वीडियो में नजर आ रहा है कि सफेद अर्टिगा कार तेज रफ्तार से वहां पहुंची और अचानक से लेन बदलते हुए सिपाही को जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि विपिन लगभग सात फीट हवा में उछलकर जमीन पर गिरे और बुरी तरह घायल हो गए। कार चालक मौके से फरार हो गया। सहकर्मियों ने तुरंत उन्हें मणिपाल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ घंटों बाद सिपाही विपिन ने दम तोड़ दिया।
सिपाही के भाई अक्षय कुमार ने विजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो सामने आया कि दुर्घटनाग्रस्त कार सदरपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर विनीत चला रहा था। उसके साथ उसका भाई सुमित भी मौजूद था। सीसीटीवी और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हादसे के वक्त आरोपी शराब के नशे में थे और गाड़ी 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चला रहे थे।
7 Din, 7 Rajya aur 1 Aafat: बारिश का ‘कहर’ लौट आया है,IMD अलर्ट के बाद हड़कंप, स्कूल बंद, रास्ते जाम, बाढ़ जैसे हालात
नई दिल्ली | 25 अगस्त 2025: देश एक बार फिर मौसम के प्रकोप के बीच फंसता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 7 दिनों तक देश के कई राज्यों में मूसलधार बारिश का तांडव जारी रहेगा। दिल्ली-NCR से लेकर बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान तक हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
राजस्थान के 13 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, वहीं उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। कई जिलों में सड़कों पर मलबा, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं।
किन राज्यों में है हाई अलर्ट?
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश, मलबा गिरने और भूस्खलन की चेतावनी।
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राजस्थान: बाढ़ जैसे हालात, स्कूल बंद।
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जम्मू-कश्मीर: मौसम बिगड़ने पर छुट्टियां घोषित।
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बिहार और यूपी: अगले कुछ दिन भारी बारिश, फिर उमस भरी गर्मी की वापसी।
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दिल्ली-NCR: हल्की से मध्यम बारिश, तापमान में गिरावट।
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हरियाणा: 26 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान।
स्कूल बंद और सड़कें ठप!
बारिश के कारण उत्तरकाशी, बागेश्वर, टेहरी, रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के टूटने और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है।
क्या है आगे की चेतावनी?
IMD ने साफ किया है कि 29 और 30 अगस्त को एक बार फिर कुछ राज्यों में बारिश की तीव्र लहर लौट सकती है। खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इस दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है।
भारी भरकम टैक्स आने वाला है! महंगे होंगे ये आइटम्स, जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान
केंद्र सरकार लक्ज़री और सिन (जैसे तंबाकू, शराब, महंगी गाड़ियां) जैसी वस्तुओं पर टैक्स दर बढ़ाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 40% से ज्यादा GST टैक्स स्लैब पर विचार कर रही है, जो अब तक के 28% + 22% सेस की सीमा को पार कर जाएगा।
इस फैसले से न केवल सरकार की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि इन महंगी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं की खपत पर भी अंकुश लगेगा। अगर लागू होता है तो महंगी कारें, बड़े घर, तंबाकू उत्पाद, पान मसाला और शराब जैसे आइटम्स की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
क्या होगा असर?
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महंगी वस्तुओं पर GST स्लैब बढ़कर 40% से ऊपर जा सकता है।
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सरकार को होगा ज़्यादा राजस्व, जिसका इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण योजनाओं में होगा।
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‘सिन प्रोडक्ट्स’ पर टैक्स बढ़ाकर स्वास्थ्य व सामाजिक जोखिम कम करने का लक्ष्य।
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आम उपभोक्ता महंगी वस्तुएं खरीदने से पहले सोचेंगे दो बार।
कब होगा बड़ा फैसला?
3 और 4 सितंबर को GST काउंसिल की अहम बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में स्लैब कम करके दो करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा:
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5% — मेरिट श्रेणी के उत्पाद और सेवाएं
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18% — मानक श्रेणी के उत्पाद और सेवाएं
आपके लिए क्या मतलब?
अगर आप महंगी गाड़ियां खरीदने वाले हैं या शराब, तंबाकू जैसे सामान के उपभोक्ता हैं, तो कीमतों में भारी बढ़ोतरी की तैयारी कर लें। सरकार की यह रणनीति आम आदमी की जेब पर असर डाल सकती है, लेकिन स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार के लिए इसे जरूरी बताया जा रहा है।
30 दिन के अंदर ही कोर्ट को भी जमानत पर फैसला करना होगा.PM और CM को जेल वाले कानून पर बोले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम-सीएम को गंभीर अपराध पर पद से हटाने वाले बिल को लेकर बात की. अमित शाह ने कहा, कोई भी नेता अगर किसी गंभीर आरोप में पकड़ा जाता है, तो उसे उसके पद से मुक्त कर दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, किसी भी संविधान संशोधन को सदन में पेश न होने देना, ये लोकतंत्र में उचित नहीं है. सदन बातचीत और चर्चा के लिए है, न कि शोरगुल के लिए विपक्ष को बिल के विरोध का करण बताना चाहिए.
अमित शाह ने कहा, कोई भी नेता जेल से सरकार चलाए ये उचित नहीं है. अगर 30 दिन में जमानत मिलती है, तो वो वापस शपथ ले सकते हैं. आज भी भारत के जनप्रतिनिधित्व के अंदर कानून है उसके अंदर प्रावधान है की किसी को अगर 2 साल या 2 साल से ज्यादा की सजा होती है तो वो अपने पद से मुक्त हो जाएंगे. अमित शाह ने आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन का जिक्र करते हुए कहा, सत्येंद्र जैन को 4 साल तक जमानत नहीं मिला, उनके केस चालू है. आजादी के बाद कई नेता जेल में गए, सब इस्तीफा दे कर जेल में गए, लेकिन ये ट्रेंड अभी शुरू हुआ है.
विधेयक प्रस्तुत करने में आपत्ति क्यों?
शाह ने सवाल उठाया कि अगर संसद में चुनी हुई सरकार कोई विधेयक या संवैधानिक संशोधन लाती है, तो उसे सदन में रखने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक संसद की दोनों सदनों की संयुक्त समिति को सौंपा जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा, यह एक संवैधानिक संशोधन है, जिसके लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत है. सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत है या नहीं, यह मतदान के समय पता चलेगा.
उन्होंने कहा कि किसी भी विधेयक को सदन में पेश न करने देना लोकतंत्र के खिलाफ है. संसद का मकसद विवाद और बहस है, न कि शोर-शराबा और हंगामा. शाह ने स्वीकार किया कि उन्होंने भी अतीत में विरोध किया है, लेकिन कभी विधेयक को पेश न करने देने की मानसिकता नहीं अपनाई. साथ ही उन्होंने कहा, इस तरह का व्यवहार कर विपक्ष को जनता को जवाब देना होगा.
30 दिनों तक मिल सकती है जमान
शाह ने कहा कि एनडीए के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री होने की वजह से यह विधेयक सिर्फ विपक्ष नहीं, सत्तापक्ष पर भी समान रूप से लागू होता है. साथ ही अमित शाह ने कहा, अगर किसी मंत्री या मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई मामला दर्ज होता है, तो उन्हें 30 दिनों तक जमानत मिल सकती है. साथ ही शाह ने साफ किया कि अगर मामला झूठा या फर्जी है, तो देश की उच्च न्यायपालिका (हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट) इसका संज्ञान लेगी. वे “आंख मूंदकर नहीं बैठी” हैं. साथ ही उन्होंने कहा, अदालत से जमानत नहीं मिलती, तो संबंधित व्यक्ति को पद छोड़ना पड़ेगा.
शाह ने पूछा, क्या कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंत्री जेल से सरकार चला सकता है? यह लोकतंत्र की गरिमा और कार्यक्षमता के लिए गंभीर सवाल है. गृह मंत्री ने कहा, जहां 5 साल से ज्यादा सजा का प्रावधान है, सिर्फ वहीं पर संबंधित व्यक्ति को पद छोड़ना होगा. छोटे-मोटे या झूठे आरोपों पर किसी मंत्री या मुख्यमंत्री को पद छोड़ने की जरूरत नहीं होगी. शाह ने कहा कि भारत के जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में पहले से प्रावधान है कि अगर किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है. अमित शाह ने कहा, इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे व्यक्ति सत्ता का दुरुपयोग न करें और लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे.
अमित शाह ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी ने जिस 130वें संवैधानिक संशोधन का प्रस्ताव दिया है, उसमें प्रधानमंत्री पद को भी शामिल किया गया है. अगर प्रधानमंत्री जेल जाते हैं, तो उन्हें भी इस्तीफा देना होगा – यह प्रस्ताव खुद प्रधानमंत्री ने लाया है.अमित शाह ने इसे खुद के खिलाफ जवाबदेही तय करने की लोकतांत्रिक भावना बताया. इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार सभी के लिए एक समान नियम चाहती है – सत्ता पक्ष हो या विपक्ष.
क्या है बिल का मकसद?
अमित शाह ने विपक्ष की आपत्ति को खारिज किया. उन्होंने विपक्ष की इस आपत्ति को असंगत बताया कि 30 दिन की जमानत अवधि बहुत ज्यादा है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में किसी भी जमानत याचिका पर 5 दिनों से अधिक समय नहीं लगता.
साथ ही उन्होंने कहा, 30 दिन का समय न्यायपालिका को ज़मानत पर निर्णय देने के लिए पर्याप्त और व्यावहारिक माना गया है. यह प्रावधान किसी के दोषी सिद्ध होने से पहले पद से हटाने का जरिया नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए लोकतंत्र में जवाबदेही तय करने का प्रयास है.
सदन लोकतंत्र का इंजन, कार्यवाही बाधित करना चिंताजनक : अमित शाह
नई दिल्ली, 24 अगस्त :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को दिल्ली विधानसभा में दो दिवसीय ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सदन लोकतंत्र का इंजन होता है, इसलिए विपक्ष द्वारा संसद तथा विधानसभाओं की कार्यवाही को बाधित करने की प्रवृत्ति चिंताजनक है।
फंस गए कथावाचक प्रदीप मिश्रा! 5 साल में हुई मौतों पर जांच की मांग, कांवड़ यात्रा में भी हुई थी बदइंतजामी
सीहोर: मध्यप्रदेश के सीहोर में विट्ठलेश सेवा समिति और पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा 6 अगस्त को निकाली गई कांवड़ यात्रा अब विवादों में घिर गई है। बदइंतजामी और शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने के आरोपों के साथ सीहोर सर्व ब्राह्मण समाज के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पंकज शर्मा ने मानव अधिकार आयोग में ज्ञापन सौंपा है।
ना नेटर्वक का झंझट ना सिम की जरुरत अब ऐसे ही कर सकेंगे वॉट्सऐप कॉलिंग, कैसे करेगा काम?
गूगल ने हाल ही में अपनी नई Pixel 10 सीरीज को भारत समेत ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर दिया है। यह स्मार्टफोन सीरीज 28 अगस्त से बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। इस बार कंपनी ने फोन में एक क्रांतिकारी फीचर जोड़ा है, जो तकनीक की दुनिया में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Maa Vaishno Devi: श्रद्धालुओं के लिए खड़ी हुई मुसीबत... यात्रा को लेकर नए आदेश लागू
मां वैष्णो देवी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। क्षेत्र में हो रही लगातार तेज बारिश और खराब मौसम के कारण हिमकोटी मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही एहतियातन रोक दी गई है।
SBI के बाद बैंक ऑफ इंडिया ने अनिल अंबानी का नाम, रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ा है मामला, आई सफाई
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बाद, बैंक ऑफ इंडिया (Bank Of India) ने भी दिवालिया हो चुकी रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन अकाउंट को धोखाधड़ी वाला घोषित किया है और इस मामले में कंपनी के पूर्व डायरेक्टर अनिल अंबानी का नाम भी लिया है।
कभी सोचा नहीं था कि अंतरिक्ष जाऊंगा, शुभांशु शुक्ला ने शेयर की बचपन की यादें
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने रविवार को कहा कि वह बचपन में शर्मीले और संकोची थे। युवावस्था में उन्होंने कभी अंतरिक्ष में जाने का सपना नहीं देखा था। भारतीय वायुसेना के एक कार्यक्रम में शुक्ला ने कहा कि उन्होंने राकेश शर्मा की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान की कहानियां सुनीं।
झारखंड के पूर्व CM चंपाई सोरेन को घर में किया गया नजरबंद, राजनीतिक गलियारे में बढ़ी हलचल, क्या है मामला?
Champai Soren House Arrest: रांची में प्रस्तावित RIMS-2 परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपाई सोरेन प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन उन्हें कानून और व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर घर में नजरबंद किया गया।
Google का यूजर्स को तोहफा! मुफ्त कर दिया AI वीडियो बनाने वाला ये टूल, जानें क्या है वजह
Sundar Pichai का कहना है कि इसका उद्देश्य ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को अपनी रचनात्मकता को डिजिटल रूप में व्यक्त करने का मौका देना है. साथ ही यह गूगल की एक रणनीतिक चाल भी है जिससे अधिक यूज़र्स Veo 3 का अनुभव कर सकें और इसकी ताक़त को खुद महसूस कर पाएं.
हरियाणा की जीप नहीं बिहार की बुलेट पर चढ़े राहुल, पीछे बिना हेलमेट दिखे कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार
Rahul Gandhi: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर अधिकार यात्रा में विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोश हाई दिख रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद इस यात्रा में काफी दिलचस्पी ले रहे हैंं और वो बिहार के अलग-अलग जिलों में घूम रहे हैँ।
हिमाचल में भारी बारिश से हाहाकार: 339 सड़कें बंद, 2,326 करोड़ का नुकसान; अब तक 151 मौतें
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में जारी बारिश के कारण एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अनेक सड़कें बंद हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बंद हुईं 339 सड़कों में से 162 सड़कें मंडी जिले में और 106 सड़कें निकटवर्ती कुल्लू में हैं।
रविवार से मंगलवार तक भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (औट से सैंज तक) भी बंद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रविवार से मंगलवार तक भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। नादौन में शुक्रवार शाम से 58.6 मिमी बारिश हुई है। इसके बाद जोगिंदरनगर में 45 मिमी और जट्टन बैराज में 44.2 मिमी बारिश हुई है। नगरोटा सूरियां में 39.2 मिमी, कांगड़ा में 35.7 मिमी, नैना देवी में 34.8 मिमी, पांवटा साहिब में 33 मिमी, धौलाकुआं में 32 मिमी, घाघस में 26 मिमी, भटियात में 22.2 मिमी और नेरी में 20.5 मिमी वर्षा हुई।
2,326 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान मौसम विभाग ने बताया कि कांगड़ा, जोर, मुरारी देवी और पालमपुर में गरज के साथ बारिश हुई, जबकि 37-54 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे कुकुमसेरी, सेओबाग और बजौरा के लोग प्रभावित हुए। एसईओसी ने बताया कि 20 जून को मानसून की शुरुआत होने के बाद से हिमाचल प्रदेश में कम से कम 151 लोगों की मौत हुई है और 37 लोग लापता हैं। इसमें कहा गया कि हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में 2,326 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। एसईओसी ने बताया कि राज्य के कुल 172 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 133 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। इस मानसून में अब तक राज्य में 75 बार बाढ़, बादल फटने की 39 और भूस्खलन की 74 घटनाएं हुई हैं।
GST कटौती के बाद Creta, i20 और Venue पर मिल सकती है बड़ी छूट! क्या हो सकती है एक्सपेक्टेड प्राइस, देखिए
भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में इस समय एक बड़ी खबर सुर्खियों में है। केंद्र सरकार जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) स्ट्रक्चर को आसान बनाने और टैक्स दरों में कटौती करने पर विचार कर रही है।
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो छोटी और मिड-साइज कारों पर टैक्स का बोझ काफी कम हो सकता है। इसका सीधा असर कारों की कीमतों पर पड़ेगा और वाहन खरीदना पहले से सस्ता हो जाएगा।
दिवाली पर मिल सकती है राहत अगर आप इस दिवाली Hyundai Creta, Venue, Exter या i20 जैसी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह बदलाव आपके लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। टैक्स कटौती से इन कारों की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट आ सकती है। फिलहाल छोटी कारों पर 28% जीएसटी और 1% सेस यानी कुल 29% टैक्स लगता है। अगर सरकार इस दर को घटाकर 18% कर देती है, तो ग्राहकों को सीधा 10% की राहत मिलेगी। इसका असर सीधे-सीधे कार की ऑन-रोड कीमत पर दिखेगा।
उदाहरण के तौर पर मान लीजिए किसी कार की एक्स-फैक्ट्री कीमत ₹5 लाख है, तो मौजूदा टैक्स ढांचे में उसकी कीमत ₹6.45 लाख तक पहुंच जाती है। लेकिन नई टैक्स व्यवस्था लागू होने पर वही कार ₹5.90 लाख में उपलब्ध हो सकती है। यानी ग्राहक को लगभग ₹55,000 की बचत होगी।
किन कारों पर कितना फायदा?
Hyundai Exter शुरुआती कीमत: ₹5,99,900 मौजूदा टैक्स: ₹1,73,971 संभावित बचत: ₹59,990
Hyundai i20 कीमत: ₹7,50,900 टैक्स कटौती के बाद संभावित छूट: ₹75,000
Hyundai Venue कीमत: ₹7,94,100 नई टैक्स दरों से संभावित राहत: ₹79,400
Hyundai Creta शुरुआती कीमत: ₹11,10,900 संभावित बचत: ₹1,11,000
किसे होगा फायदा सरकार के इस फैसले से खासतौर पर मिडिल क्लास ग्राहकों को फायदा मिलेगा जो सीमित बजट में कार खरीदने की सोच रहे हैं। हैचबैक और कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में कारों की कीमत में ₹60,000 से ₹80,000 तक की कटौती संभव है। अगर यह टैक्स सुधार लागू होता है, तो इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी और उपभोक्ताओं के लिए वाहन खरीदना कहीं अधिक सुलभ और किफायती हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने कसी कमर, 155 सीटों के लिए मास्टर प्लान तैयार
UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव साल 2027 में है। हालांकि, पार्टी और संघ दोनों ने अभी से इसके लिए तैयारी करनी शुरू कर दी है। इसके लिए खास एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रदेश में नुकसान हुआ था, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन ने बहुत गंभीरता से लिया है।
विधानसभा चुनाव से पहले हर सीट पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कोशिश है। इसके लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। 3 जिलों की 20 सीट पर खास फोकस है और 155 सीटों के लिए खास रणनीति तैयार की जा रही है।
बीजेपी का मकसद है कि 2027 तक हर सीट पर संगठन को मजबूत किया जाए। पार्टी की सफलता के लिए बूथ स्तर तक संगठन का मजबूत होना और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना पार्टी की प्राथमिकता है। इसके लिए 2022 विधानसभा चुनाव में हारी हुई और जीती हुई सीटों की लिस्ट बनाई गई है और इन सीटों को 4 हिस्सों में बांटा गया है।
UP के लिए BJP ने बनाया खास प्लान
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी ने 370 सीटों पर चुनाव लड़ा था। पार्टी को 255 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। बीजेपी ने 3 जिलों को खास तौर पर फोकस रखा है। इसमें मैनपुरी, रायबरेली और आजमगढ़ की 20 सीट हैं। ये तीनों जिले आज भी बीजेपी के लिए मुश्किल हैं और यहां समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का दबदबा रहा है। बीजेपी का प्लान इस बार सपा-कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाना है।
BJP ने 4 श्रेणियां बनाई, हर कैटेगरी के लिए है तय रणनीति
कैटेगरी A: इसमें वो सारी सीटें शामिल हैं जहां 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी दूसरे स्थान पर रही। इन हारने वाली सीटों में से कई पर मुकाबला बेहद कड़ा रहा था। यहां इस बार जीत दर्ज करने के लिए पार्टी ने अभी से पन्ना प्रमुखों को सक्रिय कर दिया है।
कैटेगरी B- इस श्रेणी में उन सीटों को शामिल किया गया है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी तीसरे स्थान पर रही थी। यहां संगठनात्मक बैठकें करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और बूथ मैनेजमेंट पर फोकस रहेगा।
कैटेगरी C- मैनपुरी, रायबरेली और आज़मगढ़ को इस श्रेणी में शामिल किया गया है। इन तीन जिलों में 20 विधानसभा सीटें आती हैं। यहां सपा या कांग्रेस का प्रभाव परंपरागत रूप से रहा है। यहां केंद्रीय पदाधिकारियों को लगातार सक्रिय रखने के साथ ही छोटी सभाओं के जरिए जनता का मूड भांपने की कोशिश होगी।
4. कैटेगरी D: इस श्रेणी में उन सीटों को शामिल किया गया है, जहां बीजेपी 2022 में तो हारी थी लेकिन बाद में हुए उपचुनाव में जीत हासिल की थी। इन सीटों पर उपचुनाव में भूमिका निभाने वाले पदाधिकारियों को ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
BJP ने मुस्लिम बहुल सीटों के लिए बनाई खास रणनीति
इसके अलावा कुछ और सीटों पर भी फोकस है और इन सीटों के लिए पार्टी ने अलग रणनीति तय की है। इसमें सहयोगी दलों की हारी हुई सीटें हैं। यहां बीजेपी और सहयोगी दल मिलकर चुनावी रणनीति बनाएंगे और इसके लिए अभी से वार्ता शुरू हो गई है।
इसके अलावा मुस्लिम बाहुल्य सीटों को अलग श्रेणी में रखा गया है। इन सीटों पर पिछले चुनाव में बीजेपी हारी थी। यहां अल्पसंख्यक मोर्चे के पदाधिकारियों को सक्रिय कर मुस्लिम वोटों को साधने की रणनीति बनाई जाएगी।















