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SCO Summit में दिखी भारत की धाक! शहबाज शरीफ को नजरअंदाज कर आगे बढ़े मोदी-पुतिन
चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मौजूद रहे।
तीनों नेताओं की इस तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान मोदी-पुतिन शहबाज शरीफ को नजरअंदाज करते दिखे। शहबाज एक कोने में हाथ बांधें खड़े रहे। न कोई उनसे बात कर रहा था, न ही उन्हें कोई तवज्जो दे रहा था। वह बस दोनों नेताओं को एकटक देखते रह गए, मानो बातचीत का हिस्सा बनने की इच्छा रखते हों।
SCO की आर्थिक और रणनीतिक भूमिका
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एससीओ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए “धौंस और दबाव” जैसी वैश्विक प्रवृत्तियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि SCO सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था मिलकर 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है और चीन का निवेश अकेले 84 बिलियन डॉलर से अधिक है। जिनपिंग ने जल्द ही SCO डेवलपमेंट बैंक बनाने और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया केंद्र स्थापित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सदस्य देशों को ‘दोस्त और साझेदार’ बताया और आपसी मतभेदों के बावजूद रणनीतिक संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
चीन ने किया 100 परियोजनाओं का ऐलान-
संबोधन के दौरान शी जिनपिंग ने SCO की क्षेत्रीय सुरक्षा में भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि बहुपक्षवाद और सहयोग मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक शासन व्यवस्था में केंद्रीय भूमिका को भी जोर दिया। चीन ने यह भी ऐलान की कि वह SCO सदस्य देशों के जरूरतमंद क्षेत्रों में 100 छोटे प्रोजेक्ट लागू करेगा, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
Manimahesh Yatra 2025: 16 श्रद्धालुओं की मौत, हजारों को किया गया रेस्क्यू, हिमाचल में कुदरत के कहर के बावजूद मणिमहेश यात्रा पर संपन्न
Manimahesh Yatra 2025: हिमाचल प्रदेश के चंबा में मणिमहेश यात्रा के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के कारण कुल 16 श्रद्धालुओं की जान चली गई है। यात्रा कल कठिन मौसम की स्थिति में संपन्न हुई।
16 में से सात की मौत मणिमहेश कैलाश परिक्रमा के दौरान हुई, जबकि नौ अन्य ने तीर्थयात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर अपनी जान गंवाई। राधा अष्टमी पर मणिमहेश डल झील में पारंपरिक शाही स्नान इस बार नहीं हो सका और डल झील के बजाय 84 मंदिर परिसरों में किया गया।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सचुई से गौरीकुंड ले जाने के लिए हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उड़ानें संभव नहीं हो सकीं। खराब मौसम और भूस्खलन के कारण प्रशासन ने समय से पहले मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे लगभग 15,000 तीर्थयात्री विभिन्न स्थानों पर फंस गए थे।
भूस्खलन से सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। 10,000 से अधिक श्रद्धालु पैदल ही कलसुई पहुँचने में कामयाब रहे, जहाँ से उन्हें परिवहन निगम की बसों और स्थानीय लोगों द्वारा व्यवस्थित निजी वाहनों द्वारा चंबा, पठानकोट और जम्मू पहुँचाया गया।
31 अगस्त की शाम तक, गौरीकुंड के पास हर्षिल ट्रैक पर लगभग 50 श्रद्धालु अभी भी फंसे हुए थे। राहत दल, पुलिस, चिकित्सा कर्मचारी और लंगर समितियाँ उनके साथ थीं और आज शाम तक उनके सुरक्षित भरमौर पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, लगभग 4,000 श्रद्धालु अभी भी भरमौर में हैं, जो अपनी सुविधानुसार पैदल चंबा के लिए रवाना हो रहे हैं।
कुछ श्रद्धालुओं द्वारा और अधिक हताहत होने की आशंका व्यक्त करने के बाद, उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल और पुलिस अधीक्षक चंबा ने व्यक्तिगत रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, पैदल मार्गों का निरीक्षण किया और बचाव कार्य की देखरेख की। रेप्सवाल ने श्रद्धालुओं और जनता से सोशल मीडिया या कुछ चैनलों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी आंकड़ों पर ही भरोसा करें, क्योंकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचना बेहद ज़रूरी है। रेप्सवा ने कहा, “हमारी टीमें हर प्रभावित क्षेत्र में पहुँच चुकी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृपया अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें।”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि इस बार प्राकृतिक आपदाओं के कारण मणिमहेश यात्रा काफी कठिन रही, लेकिन प्रशासन, राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता और सेवा भावना ने हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। परंपराएँ भले ही अधूरी रह गईं, लेकिन मानवता और सेवा की भावना ने इस यात्रा को सार्थक बना दिया।”
आने वाली है Flipkart Big Billion Days 2025 सेल! इन धमाकेदार डील्स से खुशी से झूम उठेंगे आप, यहां जानें पूरी जानकारी
Flipkart Big Billion Days 2025 Sale: फ्लिपकार्ट ने अपने सबसे बड़े शॉपिंग इवेंट Big Billion Days Sale 2025 का टीज़र जारी कर दिया है. वेबसाइट और ऐप पर लगे बैनर्स से साफ है कि यह सेल Coming Soon है.
हर साल की तरह इस बार भी यह सेल फेस्टिव सीज़न से ठीक पहले ग्राहकों को मेगा डील्स और धमाकेदार ऑफर्स देने के लिए तैयार है.
टेक प्रोडक्ट्स पर तगड़े ऑफर्स
Big Billion Days हमेशा से ब्लॉकबस्टर डील्स के लिए मशहूर रही है और इस बार भी ट्रेंड जारी रहेगा. टेक्नोलॉजी लवर्स को स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्ट टीवी पर बड़े डिस्काउंट्स मिलने की उम्मीद है. मार्केट में चर्चा है कि Samsung Galaxy S25, Google Pixel 10 और कई नए फ्लैगशिप डिवाइस बेहद कम दामों में उपलब्ध होंगे. वहीं, Samsung Galaxy S24 पर भारी प्राइस कट देखने को मिल सकता है और iPhone 16 अब तक का सबसे किफायती दाम छू सकता है खासकर तब जब iPhone 17 लॉन्च के करीब हो.
सेल कब शुरू होगी?
हालांकि फ्लिपकार्ट ने केवल Coming Soon लिखा है लेकिन पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो यह सेल आमतौर पर सितंबर के आखिरी हफ्ते या अक्टूबर की शुरुआत में होती है. यह समय भारत के फेस्टिव सीज़न और प्रतिद्वंद्वी Amazon Great Indian Festival (Diwali Sale) के साथ पूरी तरह मेल खाता है.
बैंक ऑफर्स और स्पेशल डील्स
फ्लिपकार्ट हर साल की तरह इस बार भी टॉप बैंकों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. टीज़र में Axis Bank और ICICI Bank का नाम सामने आया है जिससे ग्राहकों को इंस्टेंट डिस्काउंट, कैशबैक और नो-कॉस्ट EMI का फायदा मिलेगा. इसके अलावा, इस साल के स्पॉन्सर्स Samsung Galaxy AI और Intel Core हैं जिससे उम्मीद है कि सैमसंग के स्मार्टफोन्स और इंटेल-आधारित लैपटॉप्स पर बड़े ऑफर्स देखने को मिलेंगे.
क्या मिल सकता है खास?
इस सेल के दौरान फ्लिपकार्ट आमतौर पर डील्स को चरणबद्ध तरीके से लाता है. इसमें अर्ली बर्ड ऑफर्स, फ्लैश सेल्स और एक्सक्लूसिव लॉन्च शामिल होते हैं. स्मार्टफोन्स और लैपटॉप्स जैसे हाई-डिमांड प्रोडक्ट्स पर लिमिटेड टाइम डिस्काउंट हेडलाइन डील्स होंगी, वहीं फैशन, होम अप्लायंसेज़ और इलेक्ट्रॉनिक्स पर बंडल ऑफर्स भी ग्राहकों को लुभाएंगे.
अब से ही बनाएं विशलिस्ट
फ्लिपकार्ट ने भले ही डेट्स सामने नहीं रखीं, लेकिन टीज़र से साफ है कि सेल ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में अगर आप नया iPhone लेने, लैपटॉप अपग्रेड करने, वार्डरोब बदलने या फिर पुराना वॉशिंग मशीन रिप्लेस करने की सोच रहे हैं तो यह सेल आपके लिए सुनहरा मौका हो सकती है.
शराब के हैं शौकीन तो हो जाएं सतर्क, अब ये नियम होगा सख्ती से लागू, पब, होटल, बार के लिए निर्देश जारी
यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले में अब कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने पर अब कड़ी सख्ती बरती जाएगी. आबकारी विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि 21 वर्ष से कम उम्र के किसी भी युवक या किशोर को पब, बार या होटल में शराब नहीं दी जाएगी.
नियम तोड़ने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि उनका लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है.
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जिले में फिलहाल 155 स्थायी बार लाइसेंस धारक हैं. सभी संचालकों और प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर उम्र का विशेष ध्यान रखें. यदि 21 साल से कम उम्र का कोई व्यक्ति शराब पीता या परोसी जाती हुई पाया गया, तो संबंधित बार मालिक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
हंगामे की बढीं हैं शिकायतें
दरअसल हाल के दिनों में जिले में पब और बार में देर रात कम उम्र के युवाओं के शराब पीने और हुड़दंग करने की शिकायतें लगातार सामने आई हैं. कई मौकों पर जन्मदिन पार्टियों, मैरिज एनिवर्सरी और अन्य पारिवारिक आयोजनों में नाबालिग और 21 साल से कम उम्र के युवाओं को शराब परोसे जाने की घटनाएं भी पाई गईं. इससे न केवल कानूनी उल्लंघन हो रहा है बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है.
लाइसेंस निरस्त हो जाएगा
आबकारी विभाग ने कहा है कि पब और बार में आने वाले ऐसे किशोर या परिवार के साथ आए युवा को किसी भी हालत में शराब नहीं दी जाएगी. यदि ऐसा पाया गया, तो न केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा बल्कि संचालक का लाइसेंस निरस्त कर बार को बंद करने तक की कार्रवाई की जा सकती है.
इसलिए उठाया कदम
यह कदम जिले में बढ़ते युवाओं के शराब सेवन और उसके कारण होने वाली अव्यवस्थाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. विभाग का मानना है कि शराब की उपलब्धता पर शुरुआती आयु में अंकुश लगाना युवाओं के स्वास्थ्य और समाज की सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है.
शराब की बोतल में निकला कीड़ा, पीने वाले के उड़े होश, शराब प्रेमियों में हड़कंप
खैरागढ़ : शराब के शौकीनों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। खैरागढ़ शहर की एक सरकारी देशी शराब दुकान से खरीदी गई सीलबंद शराब की बोतल (पौवा) में मरा हुआ कीड़ा मिलने से हड़कंप मच गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बोतल पूरी तरह पैक और बिना किसी छेड़छाड़ के थी। कीड़ा बोतल खोलने से पहले ही तैरता हुआ नजर आया।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय युवक ने सोमवार शाम को शहर के मुख्य बाजार स्थित एक अधिकृत देशी शराब दुकान से शराब का पौवा खरीदा। जब वह घर पहुंचकर बोतल खोलने ही वाला था, तभी उसकी नजर बोतल के अंदर कुछ अजीब सी चीज पर पड़ी। गौर से देखने पर पता चला कि बोतल में एक मरा हुआ कीड़ा तैर रहा है। युवक ने तत्काल इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो आग की तरह फैल गया और शहरभर में सनसनी मच गई।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शराब की बोतल पूरी तरह से बंद है और उसमें ऊपर की सतह पर एक काले रंग का कीड़ा मृत अवस्था में तैर रहा है। इस घटना के सामने आते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। नागरिकों ने शराब दुकान की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीलबंद बोतल में इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है, तो यह साफ दर्शाता है कि गुणवत्ता नियंत्रण महज कागजों तक सीमित है। लोगों ने संबंधित विभाग से जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
“क्या हम ज़हर पी रहे हैं?” – स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद लोगों की प्रतिक्रिया तीव्र हो गई है। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “अगर सीलबंद बोतल में कीड़ा मिल सकता है, तो सोचिए कि इन बोतलों का निर्माण और पैकेजिंग किस हाल में हो रही होगी। यह तो सीधे-सीधे उपभोक्ताओं की जान से खिलवाड़ है।” एक बुजुर्ग निवासी ने भावुक होकर कहा, “हम समझते थे कि सरकारी दुकान से ली गई शराब सुरक्षित होती है, लेकिन अब लगता है हम ज़हर खरीद रहे हैं।”
क्या बोले अधिकारी?
इस मुद्दे को लेकर जब संबंधित आबकारी विभाग से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जिस बैच से यह बोतल आई थी, उसकी अन्य बोतलों की भी जाँच की जाएगी। यदि लापरवाही पाई जाती है तो सप्लायर और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सालों बाद घर-घर भिक्षा मांगने निकले प्रेमानंद महाराज, फिर हुआ कुछ ऐसा जिसे देख रो पड़े पास खड़े लोग…
प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों से लोगों का मार्गदर्शन करते आए हैं। आम हो या खास वह सभी के लिए समान हैं। हर कोई प्रेमानंद महाराज से मिलने लिए भागा-भागा वृंदावन जा रहा है। राजनेता हों या नेता, खिलाड़ी हो या सिंगर हर कोई प्रेमानंद महाराज के पास अपने सवालों की गुत्थी लेकर जाता है और उम्मीद करता है कि महाराज की उनकी उलझन को सुलझाएंगे और होता भी कुछ ऐसा है अपनी मीठी वाणी और असल भाषा से प्रेमानंद महाराज लोगों का मार्गदर्शन करते हैं।
घर-घर जाकर भिक्षा मांगते दिखे प्रेमानंद महाराज
समय के साथ-साथ लोग प्रेमानंद महाराज को अधिक सुनना पसंद कर रहे हैं। उनके नए और पुराने वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल होते हैं। फिलहाल तो प्रेमानंद महाराज का एक ताजा वीडियो इंटरनेट पर खास खाया हुआ है। इस वीडियो को देख लोगों की आंखें नम हो गई हैं। दरअसल राधा जन्मोत्सव के दौरान प्रेमानंद महाराज राधा रानी के दर्शन करने के लिए बरसाना गए थे। वहीं जब प्रेमानंद महाराज लौट रहे थे तब उन्होंने घर-घर जाकर फिर लोगों के सामने हाथ फैलाकर भिक्षा मांगी। बता दें कि सालों पहले प्रेमानंद महाराज भिक्षा मांगकर पेट भरा करते थे, लेकिन आज जब प्रेमानंद महाराज सड़कों पर भिक्षा मांगते दिखे तो लोगों की आंखों में आंसू आ गए। लोगों ने बड़े ही सम्मान के साथ उनके हाथों में रोटी दी।
वीडियो देख लोगों ने यूं किए कमेंट्स
यह नजारा देखकर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों के आंखों में भी आंसू आ गए। बता दें कि सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का यह वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देख लोग कमेंट करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। जहां एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा- ऐसा लग रहा है जैसे साक्षात भगवान कृष्ण मधुकरी पाने आए हैं। वहीं दूसरे ने लिखा-आज बाबा जी के पास क्या नहीं हैं वह जो चाहें मांगवा सकते हैं, लेकिन उनका ये स्वभाव उनकी सरलता और सादगी ही लोगों को उनका भक्त बना रही है।
Bijli Bill Good News:बिजली बिल वालो के लिए बड़ी खुशखबरी बिजली पर 1 सितंबर से नया नियम
Bijli Bill Good News : भारत में बिजली हर घर की ज़रूरत है लेकिन बढ़ते हुए बिजली बिल अक्सर लोगों को परेशान कर देते हैं। बिजली का खर्च ज़्यादा होने के कारण कई लोग अपनी खपत को नियंत्रित करने पर मजबूर हो जाते हैं।
लेकिन 1 सितंबर से लागू हुए नए नियम के बाद अब बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है।
Contentsबिजली बिल पर नया नियमबिजली उपभोक्ताओं को राहतबिजली बिल माफी योजनाबिजली कनेक्शन वालों के लिए फायदा
केंद्र सरकार ने बिजली बिलों को लेकर एक नई योजना लागू की है, जिसके तहत सभी बिजली कनेक्शन धारकों को बड़ी सुविधा दी जाएगी। इस बदलाव का सीधा असर उन लाखों परिवारों पर पड़ेगा, जिन्हें बिजली के भारी भरकम बिल्स चुकाने में कठिनाई होती थी। खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह नियम किसी बड़ी राहत की तरह है।
बिजली बिल पर नया नियम
केंद्र सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए 1 सितंबर से एक अहम नियम लागू किया है। इस नियम के तहत लोगों को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा सकती है। इसका सीधा लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जो सीमित खपत में बिजली का उपयोग करते हैं और बार-बार बढ़ते बिलों की चिंता में रहते हैं।
यह नया नियम हर उस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके पास बिजली कनेक्शन है। कई बार उपभोक्ताओं को योजनाओं और सरकारी छूट के बारे में जानकारी नहीं मिलती और इस वजह से उन्हें अधिक बिल का भुगतान करना पड़ता है। अब यह जरूरी है कि सभी लोग इस योजना के बारे में जागरूक हों और इसका पूरा लाभ उठाएं।
बिजली उपभोक्ताओं को राहत
नए नियम के अनुसार उपभोक्ताओं को न केवल मुफ्त बिजली की सुविधा मिलेगी बल्कि पुराने बकाया बिलों को माफ कराने का विकल्प भी मिलेगा। जो लोग पुराने बिल को जमा करने में असमर्थ रहे हैं, उनके लिए यह योजना उम्मीद की किरण बनकर आई है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिल सकती है।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह पूरे देश के सभी बिजली कनेक्शन धारकों के लिए लागू की गई है। चाहे वह शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण, सभी को इसमें शामिल किया गया है। खासकर वे लोग जो ज्यादा बिल भरने के कारण बिजली का सही उपयोग नहीं कर पाते थे, अब बिना चिंता के बिजली का इस्तेमाल कर पाएंगे।
बिजली बिल माफी योजना
बिजली बिल माफी योजना के तहत उपभोक्ता अपने बकाया बिलों को माफ करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुराने बकाया को खत्म किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं रहेगा।
यह कदम उन परिवारों के लिए वरदान साबित होगा, जो अब तक बिल का भुगतान करने की समस्या से जूझ रहे थे। सरकारी वेबसाइट पर आसान प्रक्रियाओं के माध्यम से कोई भी उपभोक्ता आवेदन कर सकता है। सही दस्तावेज अपलोड करने के बाद योजना का लाभ शीघ्र उपलब्ध होगा और उपभोक्ता निश्चिंत होकर बिजली का उपयोग कर पाएंगे।
बिजली कनेक्शन वालों के लिए फायदा
बिजली का खर्च कम होना हर आम व्यक्ति की इच्छा होती है और इस नए नियम से यह सपना सच किया गया है। अब सभी बिजली कनेक्शन धारकों को अपनी खपत के अनुसार लाभ मिलेगा। जो 300 यूनिट या उससे कम बिजली उपयोग करेंगे, उन्हें इसका फायदा तुरंत देखने को मिलेगा।
इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी बल्कि बिजली की खपत को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। लोग अतिरिक्त इस्तेमाल से बचते हुए निर्धारित सीमा तक बिजली का उपयोग करेंगे और मुफ्त बिजली का आनंद लेंगे। यह योजना पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी फायदेमंद साबित हो सकती है।
LPG Gas Price Cut: खुशखबरी! फिर घट गए एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम, कीमतों में हुई भारी कटौती
नई दिल्ली। एलपीजी गैस सिलेंडरों के दाम एक बार फिर कम हो गए हैं। इस बार कीमतें 51 रुपये तक कम कर दी गई हैं। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने ये बदलाव किया है।
MOTN सर्वे 2025: देश के बेस्ट परफॉर्मिंग सीएम की लिस्ट जारी - नीतीश गायब, योगी 5वें स्थान पर
MOTN survey: देश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री और बेस्ट परफॉर्मिंग सीएम की नई लिस्ट सामने आई है। इंडिया टुडे-सीवोटर मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे के आंकड़े सामने आए हैं और इसमें देश के मुख्यमंत्रियों की परफॉर्मेंस को लेकर जनता की राय ली गई।
जम्मू-कश्मीर बारिशः बादल, बारिश और तबाही, 12 की मौत, 5 लापता, शेष देश से रेल संपर्क बहाल होने में कई दिन लगेंगे
जम्मूः रियासी जिले के माहोर इलाके के बदर गांव में शनिवार को एक रिहायशी मकान के भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम सात लोग मारे गए। जबकि रामबन में बादल फटने से 5 लोग मारे गए और 5 लापता हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि आज माहोर इलाके में एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जहां एक रिहायशी मकान इसकी चपेट में आ गया। इस घटना में सात लोगों के मारे जाने की खबर है। इस बीच, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि रियासी में भारी बारिश के चलते भूस्खलन होने से कच्चा मकान गिर गया।
जिसमें पति, पत्नी और 5 बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई। मलबे में दबने से एक ही परिवार के सभी सदस्यों की जान चली गई। मृतकों की पहचान नजीर अहमद व उसकी पत्नी वजीरा बेगम के रूप में हुई है। यह सच है कि जम्मू कश्मीर पर कुदरती कहर बरपना अभी भी जारी है। अब रामबन के एक गांव में बादल फटने से तबाही मची है। अभी तक 5 शव बरामद हुए है और 5 लापता बताए जाते हैं।
बीसियों घर तबाह हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में बादल फटने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लापता हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए हैं और लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि अब तक 5 शव बरामद किए गए हैं और पांच लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
अचानक बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और क्षेत्र में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने आगे कहा कि पीड़ितों के परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि खोज और बचाव अभियान जारी है। ये ताजा घटनाएं रियासी के कटरा इलाके में वैष्णो देवी मंदिर के पास हुई एक बड़ी त्रासदी के कुछ दिनों बाद हुई हैं।
जहां 26 अगस्त को भूस्खलन के बाद कम से कम 35 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी और दर्जनों घायल हो गए थे. उसी दिन, जम्मू कश्मीर के एक अन्य जिले डोडा में भी इसी तरह की अचानक आई बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई थी।
इतनी बारिश फिर भी कश्मीर प्यासा क्योंकि 89 दिनों में 15 परसेंट की कमी बरकरार
जम्मू में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद, इस क्षेत्र ने चालू मौसम के दौरान सामान्य वर्षा के आंकड़े को पार कर लिया है। आंकड़ों से पता चलता है कि 1 जुलाई, 2025 से अब तक संभाग में कुल 37 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, कश्मीर क्षेत्र में 28 अगस्त, 2025 तक पिछले 89 दिनों में 15 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
यह आंकड़े मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश के कुछ ही दिनों बाद संकलित किए गए हैं, जिसके कारण जम्मू और कश्मीर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ था। पिछले एक सप्ताह में सबसे अधिक वर्षा रियासी में 437.9 मिमी दर्ज की गई, इसके बाद सांबा में 391.5 मिमी और डोडा में 369.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
आंकड़ों से पता चलता है कि 22 अगस्त से 28 अगस्त तक उधमपुर में 367.9 मिमी वर्षा हुई, जबकि जम्मू में इस अवधि के दौरान 366 मिमी वर्षा दर्ज की गई। खराब मौसम के बीच, जम्मू ने मात्र 24 घंटों में 380 मिमी बारिश दर्ज करके एक सदी पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। एक स्वतंत्र मौसम पूर्वानुमानकर्ता, फैजान आरिफ केंग ने बताया कि मात्र 24 घंटों की अवधि में जम्मू में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि यह 1910 में वेधशाला की स्थापना के बाद से जम्मू में 24 घंटों की अवधि में दर्ज की गई अब तक की सबसे अधिक बारिश है। पिछला रिकार्ड 25 सितंबर 1988 को दर्ज की गई 270.4 मिमी बारिश का था। इसने 23 अगस्त 1996 को दर्ज की गई 218.4 मिमी बारिश का रिकार्ड भी तोड़ दिया है।
तुलना के लिए, यह आंकड़ा 403.1 मिमी के करीब है – जो अगस्त में जम्मू का मासिक औसत है। कठुआ और रामबन केंद्रों में एक सप्ताह में क्रमशः 264.6 मिमी और 242.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि जम्मू संभाग में सबसे कम वर्षा पुंछ में 40.8 मिमी दर्ज की गई, इसके बाद किश्तवाड़ और राजौरी जिलों में क्रमशः 74.8 और 76.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
कुल मिलाकर, जम्मू संभाग में पिछले 89 दिनों में 921.18 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा से 37.08 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, किश्तवाड़ एकमात्र ऐसा केंद्र है जहां इस अवधि के दौरान 50 प्रतिशत से अधिक कम वर्षा दर्ज की गई है।, इसके अलावा, कश्मीर संभाग में, दस में से अधिकांश सात केंद्रों ने 1 जून, 2025 से 28 अगस्त, 2025 तक कम वर्षा दर्ज की है।
बारामुला में यह कमी 4 प्रतिशत से कम और शोपियां जिले में 65 प्रतिशत से कम है। आंकड़ों के अनुसार, 202.2 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले, कश्मीर घाटी में पिछले 89 दिनों में 171.02 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि के दौरान 15.42 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। केवल तीन स्थानों पर सामान्य से केवल 1 परसेंट से 7 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
श्रीनगर में सामान्य से 1 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि पुलवामा और अनंतनाग में क्रमशः 6 प्रतिशत और 7 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। हाल ही में हुई भारी वर्षा को ध्यान में रखते हुए, अनंतनाग पिछले एक सप्ताह में सामान्य से 403 परसेंट अधिक वर्षा के साथ सूची में सबसे ऊपर है।
इसके बाद पुलवामा और बडगाम क्रमशः 341 परसेंट और 332 प्रतिशत वर्षा के साथ दूसरे स्थान पर हैं। श्रीनगर में पिछले एक सप्ताह में सामान्य से 201 परसेंट अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सबसे कम वर्षा शोपियां में दर्ज की गई, जहां सामान्य से केवल 10 परसेंट अधिक वर्षा हुई।
अभी कई दिन लगेंगे जम्मू कश्मीर का शेष देश से रेल संपर्क बहाल होने में
क्षतिग्रस्त रेलवे पुलों और पटरियों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, फिर भी जम्मू से सामान्य रेल यातायात जल्द बहाल होने की संभावना नहीं है। इसे बहाल होने में अभी बहुत समय लगेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जम्मू संभाग में अचानक आई बाढ़ और मिट्टी के कटाव के कारण कई रेलवे पुलों और पटरियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसलिए अगले कुछ दिनों में सामान्य रेल यातायात बहाल होने की संभावना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि जम्मू संभाग में कई जगहों पर पटरियों के टूटने के अलावा, कठुआ और माधोपुर के बीच पुल संख्या 17 और हीरानगर और घगवाल के बीच पुल संख्या 137 को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सूत्रों ने बताया कि मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, फिर भी दोहरी पटरी को पूरी तरह से बहाल करने और सामान्य रेल यातायात बहाल करने में कम से कम तीन-चार हफ्ते लगेंगे। गौरतलब है कि जम्मू संभाग में पिछले चार दिनों से रेल यातायात पूरी तरह ठप है।
क्योंकि इन क्षेत्रों में अभूतपूर्व बारिश और उसके परिणामस्वरूप अचानक आई बाढ़ के साथ-साथ रेलवे पटरियों और पुलों के किनारे मिट्टी का कटाव हुआ है। फंसे हुए यात्रियों के लिए बुधवार और गुरुवार को दो विशेष ट्रेनें चलाने के अलावा, पिछले चार दिनों में जम्मू, कटरा और उधमपुर रेलवे स्टेशनों पर किसी भी ट्रेन का आगमन या प्रस्थान नहीं हुआ है।
चूंकि सामान्य रेल यातायात जल्द ही बहाल होने की संभावना नहीं है, सूत्रों ने बताया कि अधिकारी जम्मू और दिल्ली के बीच यात्रा को कुछ हद तक सुगम बनाने के लिए सिंगल ट्रैक पर कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की संभावना तलाश रहे हैं। चूंकि सिंगल ट्रैक बहाल हो गया है, इसलिए अधिकारी चरणबद्ध तरीके से कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कल दो विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ये विशेष ट्रेनें, एक यूपी-बिहार की ओर और दूसरी दिल्ली की ओर, जम्मू रेलवे स्टेशन से लगभग 15 बजे और 17 बजे रवाना होंगी। सूत्रों के अनुसार, कटरा और जम्मू के बीच ट्रैक भी रविवार तक बहाल होने की संभावना है।
क्योंकि चक रकवाल में पुल संख्या 163 पर चल रहा मरम्मत कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इस बीच, जम्मू संभाग में रेल यातायात लगातार पांचवें दिन भी पूरी तरह ठप रहा क्योंकि शनिवार को भी जम्मू रेलवे स्टेशन पर किसी भी ट्रेन का आगमन या प्रस्थान नहीं हुआ।
उत्तर रेलवे के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जम्मू और पंजाब क्षेत्र में कठुआ-माधोपुर के बीच जलभराव के कारण शुक्रवार को जम्मू आने-जाने वाली 38 ट्रेनें रद्द रहीं। इनमें 23 ट्रेनें दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से जम्मू, कटरा या उधमपुर पहुंचने वाली थीं। इसके अलावा, जम्मू, कटरा और उधमपुर से प्रस्थान करने वाली 15 ट्रेनें भी रद्द रहीं।
Video: गुजरात का हिम्मतनगर हुआ पानी-पानी! सड़कें, घर, दुकान और गाड़ियां सब डूबीं
नई दिल्ली। गुजरात के हिम्मतनगर में भारी बारिश के कारण कई हाउसिंग सोसाइटियों में भीषण जलभराव हो गया। शहर के पॉश इलाकों में बारिश का पानी घरों में भी घुस गया और गाड़ियां भी डूब गईं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सिर्फ कारों की छतें दिखाई दे रहीं, जबकि अवनि पार्क सोसाइटी में भारी बाढ़ ने पूरी गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। शास्त्रीनगर और शगुन बंगलों के निवासियों को भी बाढ़ के पानी के घरों में घुसने की समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे काफी नुकसान हुआ।
दुकानें भी हुईं जलमग्न
चपरिया चार रास्ता के पास की दुकानें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ गया। बारिश ने दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, कई घरों में संपत्ति और वाहनों को भारी नुकसान होने की खबर है।
वीडियो में हिम्मतनगर की जलमग्न सड़कों पर लोगों को मुश्किलों का सामना करते हुए भी दिखाया गया है। घुटनों तक पानी भरा होने के कारण लोगों को सड़कों से होकर गुजरना पड़ रहा है। एक रेलवे अंडरपास भी पूरी तरह जलमग्न हो गया।
लोगों का प्रशासन के प्रति फूटा गुस्सा
चपरिया हाउसिंग स्कीम, शगुन सोसाइटी, परिश्रम सोसाइटी और शास्त्री नगर सोसाइटी सहित कई हाउसिंग सोसाइटी में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे निवासियों में निराशा और नागरिक अधिकारियों की धीमी प्रतिक्रिया के प्रति गुस्सा है।
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2 सितंबर तक साबरकांठा जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, आने वाले दिनों में अलग-अलग स्थानों पर गरज और बिजली के साथ भारी बारिश होने की बहुत संभावना है।
आईएमडी के सात-दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक, गुजरात में और बारिश होने की संभावना है। 5 सितंबर की सुबह तक, उत्तरी और दक्षिणी गुजरात के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और सौराष्ट्र और कच्छ के कई हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।
1 रुपये में अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा, BSNL का ये धमाकेदार ऑफर कल से हो जाएगा बंद
सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) ने अगस्त महीने की शुरुआत में अपने ग्राहकों के लिए एक शानदार 1 रुपये रिचार्ज प्लान लॉन्च किया था। इस प्लान के तहत ग्राहकों को 30 दिन की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और कई अन्य लाभ मिल रहे थे।
लेकिन अब यह ऑफर केवल कुछ ही घंटों में बंद होने जा रहा है। 31 अगस्त तक इस ऑफर का फायदा उठाया जा सकता है, जो ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन मौका था।
बीएसएनएल का 1 रुपये प्लान क्या है खास?
बीएसएनएल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फ्रीडम ऑफर के तहत एक 1 रुपये का रिचार्ज प्लान पेश किया था। इस ऑफर में ग्राहकों को सिर्फ 1 रुपये में पूरे एक महीने तक अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिल रहा था। इसके अलावा, 30 दिन की वैलिडिटी के साथ 2GB डेटा प्रतिदिन (कुल 60GB डेटा) और 100 फ्री एसएमएस भी दिए जा रहे थे। लेकिन यह ऑफर 31 अगस्त 2025 तक ही उपलब्ध है, और जैसे ही कल 1 सितंबर आएगा, यह ऑफर बंद हो जाएगा।
इस प्लान से ग्राहकों को क्या-क्या लाभ मिले?
- अनलिमिटेड कॉलिंग: 1 रुपये में पूरे एक महीने के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिल रही थी।
- डेटा पैक: प्रतिदिन 2GB डेटा का लाभ मिल रहा था, जो कुल 60GB तक जाता था।
- एसएमएस पैक: सभी नेटवर्क के लिए 100 फ्री एसएमएस दिए जा रहे थे।
इस ऑफर का फायदा सिर्फ नए बीएसएनएल ग्राहक ही उठा सकते हैं, यानी अगर आप पहले से बीएसएनएल के ग्राहक हैं, तो आप इसका लाभ नहीं उठा पाएंगे।
बीएसएनएल के लिए क्यों है यह कदम महत्वपूर्ण?
बीएसएनएल के लिए यह ऑफर एक बड़ी पहल है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी को अपने ग्राहकों का बड़ा नुकसान हुआ था। निजी टेलिकॉम कंपनियों की महंगे रिचार्ज प्लान्स और बेहतर सर्विस की वजह से ग्राहकों ने बीएसएनएल की सेवाओं से मुंह मोड़ लिया था। अब बीएसएनएल नए-नए ऑफर लेकर आ रही है, ताकि ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके और अपने नेटवर्क को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें। सरकारी कंपनी बीएसएनएल ने अपनी नेटवर्क गुणवत्ता को सुधारने के लिए काफी काम किया है। इसके अलावा, सरकार भी बीएसएनएल की सिटुएशन को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसमें कंपनी की हर महीने एक रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया जाएगा।
बीएसएनएल के ग्राहकों के लिए क्या अगले कदम होंगे?
बीएसएनएल ने पहले ही घोषणा की है कि यह 1 रुपये प्लान सिर्फ एक सीमित समय के लिए था। आने वाले समय में बीएसएनएल ग्राहकों के लिए नए ऑफर्स पेश कर सकती है। यदि आप महंगे रिचार्ज प्लान्स से बचना चाहते हैं, तो आपको आगे भी सस्ते रिचार्ज प्लान्स की तलाश करनी होगी। बीएसएनएल का यह 1 रुपये का प्लान नए ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन अवसर था, लेकिन अगर आप इसे मिस कर चुके हैं, तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कंपनी भविष्य में नए ऑफर ला सकती है, जो आपके बजट में फिट हों।
Heavy Rain Alert: अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का कहर, UP-बिहार समेत…IMD ने इन 15 राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट
दिल्ली वालों के लिए मानसून इस बार राहत और मुसीबत दोनों लेकर आया है। जहाँ एक तरफ शुक्रवार को हुई रिमझिम बारिश ने गर्मी से राहत दी और तापमान गिरा दिया, वहीं दूसरी तरफ यही बारिश शहर की सड़कों को तालाब बना रही है।
जगह-जगह जलभराव के कारण भयंकर ट्रैफिक जाम हो रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
दिल्ली में अगले 7 दिनों तक बारिशअगर आप सोच रहे हैं कि यह बारिश जल्द रुक जाएगी, तो ऐसा नहीं है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोशल मीडिया पर दिल्ली की सड़कों के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग पानी में डूबी सड़कों पर तैरते हुए दिख रहे हैं।
इन राज्यों में भी है भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के अनुसार, मानसून पूरे देश में सक्रिय है और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है:उत्तर भारत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और हिमाचल में अगले 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश जारी रह सकती है।
पश्चिम और मध्य भारत: गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में अगले 7 दिनों तक तेज बारिश की संभावना है। पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 30 और 31 अगस्त को तेज बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी गरज के साथ बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
7 साल बाद चीन पहुंचे PM मोदी, SCO सम्मेलन में होंगे शामिल; कल जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात
PM Modi China Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन के दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद गहराता जा रहा है।
तियानजिन पहुंचने पर प्रधानमंत्री का पारंपरिक भारतीय नृत्य कथक के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारतीय प्रवासी समुदाय भी बेहद उत्साहित नजर आया। विशेषज्ञ इसे भारत-चीन संबंधों और वैश्विक राजनीति के लिहाज से अहम मान रहे हैं। पीएम कल चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी जापान के बाद सीधे चीन के लिए रवाना हुए थे।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो दिवसीय जापान यात्रा समाप्त कर चीन पहुंचे हैं। जापान प्रवास के दौरान उन्होंने सेंडाई में सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया और जापानी राज्यपालों से मुलाकात कर विनिर्माण, स्टार्ट-अप, लघु व्यवसाय और बुनियादी ढांचे में भारत-जापान सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। चीन में उनका कार्यक्रम 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन पर केंद्रित रहेगा।
तियानजिन में हुआ विशेष स्वागत
चीन के तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कथक नृत्यांगना डू जुआन, जिन्हें भारत में ‘सचिता’ नाम से भी जाना जाता है, ने प्रधानमंत्री के सम्मान में प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे 12 वर्षों की साधना के बाद मोदी के स्वागत में प्रदर्शन कर रही हैं। इस बीच, भारतीय प्रवासी समुदाय भी इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बना। प्रवासी सदस्य मकरांत ठक्कर ने कहा कि वे 2015 में शंघाई में भी मोदी से मिल चुके हैं और अब दोबारा मिलने का अवसर मिलना बेहद उत्साहजनक है।
पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाकात की संभावना
इस दौरे का एक बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकातें होंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसीराष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनसे द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर व्यापार और सुरक्षा मुद्दों पर तनाव बढ़ रहा है, इन बैठकों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि भारत इस मंच पर न केवल अपने सुरक्षा हितों को मजबूती से रखेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक सहयोग की दिशा में भी अपनी भूमिका स्पष्ट करेगा।
प्रधानमंत्री मोदीका यह चीन दौरा भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। जहां एक ओर यह यात्रा एशियाई सहयोग को बढ़ाने की दिशा में अहम होगी, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि में भारत की संतुलित रणनीति को भी दर्शाएगी।
सब बह गया, मैं जीकर क्या करूं… बाढ़ में बर्बाद हुई फसल तो आत्महत्या करने लगा किसान, VIDEO
Maharashtra Farmer Viral Video: बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से देश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात है. पहाड़ी राज्यों में जान-माल का ज्यादा नुकसान हुआ है. वहीं मैदानी राज्यों में पानी कोसों-कोस तक फैला हुआ है.
जिससे किसानों की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई है. बाढ़ में फसल बर्बाद होने से किसान बुरी तरह से परेशान है. ऐसे ही एक परेशान किसान का वीडियो सामने आया है. जो बाढ़ में फसल बर्बाद होने के बाद आत्महत्या करने की जिद करता नजर आ रहा है.
यह वीडियो महाराष्ट्र के लातूर जिले से सामने आया है. जहां एक किसान बाढ़ में फसल बर्बाद होने पर आत्महत्या की जिद करता नजर आ रहा है.
वायरल वीडियो में किसान पानी भरे खेत में बिलख रहा है. वो कह रहा है, “सब बह गया, मुझे मर जाने दो, जी कर क्या करूँ? घर में बच्चे हैं! “…. किसान के साथ एक और युवक है, जो उसे रोकने की भरसक कोशिश करता नजर आ रहा है.
लातूर में तीन दिन से हो रही भारी बारिश से फसल बर्बाद
मालूम हो कि पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण लातूर जिले के किसानों की स्थिति बेहद खराब है। खेतों में पानी घुसने और फसलें बर्बाद होने से किसान भारी नुकसान में हैं। अहमदपुर तालुका के ब्रह्मवाड़ी गाँव के एक बुजुर्ग किसान का वीडियो चर्चा में है जिसमें वह अपने खेत में पानी घुसता देख गुस्से में चीख रहा है। और आयमहत्या करने की ज़िद कर रहा है, ग्रामीणों ने उसे समझाबुझा कर रोका.
रोते हुए कह रहा किसान- सब कुछ बर्बाद हो गया
वीडियो में मराठी में बुज़ुर्ग किसान यह कहता है, “मेरी ज़मीन चली गई, फसल बर्बाद हो गई, क्या करूँ? थोड़ा बहुत जो था, वो भी चला गया… बच्चे हैं… मुझे मर जाने दो! मैं जीऊँगा नहीं! मैं नहीं जीऊँगा! कैसे जियूं? सब कुछ बर्बाद हो गया, सारी फसल भी चली गई! क्या करूँ?”
सरकार कितना दे देगी? बच्चे क्या खाएंगे…
किसान आगे कह रहा है, “सरकार क्या कर रही है? मुझे जाने दो… मुझे जाने दो…बाढ़ आ गई, पानी भर गया, ज़मीन चली गई, सब बह गया, फसल चली गई, मैं क्या करूँ? मुझे मर जाने दो! क्या करूँ? जी कर क्या फायदा है? सरकार कितना दे देगी? मुझे मर जाने दो… बच्चे क्या खाएंगे, मैं क्या करूँ?
50 साल से बाबा रामदेव का कोई रोग नहीं; बाल अभी भी काले हैं, वे 3 सब्जियाँ खाते हैं; सैंकड़ों रोगों को जड़ से समाप्त करेंगे`..
बाबा रामदेव दिन में सिर्फ एक बार खाना खाते हैं, जिसमें तीन प्रकार की सब्जियाँ ज़रूर होती हैं। सात्विक आहार के कारण, पिछले 50 वर्षों में उन्होंने कभी भी कोई बीमारी नहीं पाई है। उनका वजन 65 किलोग्राम, हीमोग्लोबिन 17.5, रक्तचाप 70/110 और शर्करा का स्तर 70-75 के बीच है।
उन्होंने अपने पूरे आहार, खाने की आदतें और दिनचर्या के बारे में जानकारी साझा की है।
कर्ली टेल्स को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि 100 साल की उम्र में किसी को भी बुढ़ापे या बीमारी का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सात्विक आहार और योगाभ्यास जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को प्रतिदिन कम से कम दो योगासन करने चाहिए, क्योंकि यह शरीर को भीतर से स्वस्थ और युवा बनाए रखता है। बचपन में एक बार मच्छर के काटने से उन्हें बुखार हुआ था, लेकिन उसके बाद से उन्हें कभी भी सर्दी, खांसी, दस्त या खाद्य विषाक्तता नहीं हुई।
बाबा रामदेव का दैनिक दिनचर्या
बाबा रामदेव ने अपने पूरे दैनिक दिनचर्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आप सुबह कैसे शुरू करते हैं, क्या खाते हैं, पहले क्या खाते हैं और अंत में क्या खाते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, उन्होंने दो ऐसे खाद्य पदार्थों को ना खाने की सलाह दी है जो सैंकड़ों रोगों का कारण बन सकते हैं।
दिन की शुरुआत कैसे करें?
सुबह उठने के बाद हल्का गर्म पानी पीएं।
बाबा रामदेव सुबह 3 बजे उठते हैं। खाली पेट हल्का गर्म पानी पीना उनकी दिनचर्या का एक हिस्सा है, और इसके बाद वे अपने दिन की शुरुआत करते हैं। उन्होंने सभी को इस आदत को अपनाने की सलाह दी। इसके बाद वे स्नान करते हैं और एक घंटे तक ध्यान करते हैं, फिर दौड़ने जाते हैं और उसके बाद लोगों को योग सिखाना शुरू करते हैं। साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वह दिन में केवल एक बार खाते हैं।
दिन में कितनी बार खाना चाहिए?
दिन में एक बार खाना सबसे अच्छा है।
“दिन में कितनी बार खाना चाहिए?” यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। बाबा रामदेव के अनुसार, बार-बार खाने से कई बीमारियाँ हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि दिन में एक बार खाना शरीर के लिए सबसे अच्छा है। जो लोग ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, वे दो बार खा सकते हैं। जो लोग दिन में तीन बार खाते हैं, उनके बीमार होने का खतरा ज्यादा होता है और दिन में चार बार खाना बहुत खतरनाक हो सकता है।
खाने में क्या होना चाहिए?
सात्विक आहार अपनाएं।
बाबा रामदेव दोपहर 11-12 बजे के बीच भोजन करते हैं और शाम 7 बजे तक सिर्फ फल खाते हैं। उनके आहार में 99% कोई अनाज नहीं होता। उनके आहार में बहुत सारे फल और सब्जियाँ शामिल होती हैं, जिनमें लौकी, जुचिनी और मिश्रित सब्जियाँ शामिल हैं। वे आलू नहीं खाते और 20 साल से ज्यादा समय से अनाज नहीं खाते। हालांकि, अब वह कभी-कभी बाजरा खाते हैं और कुछ दिनों बाद छोड़ देते हैं।
खाने का सही तरीका क्या है?
बाबा रामदेव ने कहा कि सबसे पहले फल और सलाद जैसे कच्चे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। इसके बाद हरी सब्जियाँ, अनाज और आखिर में मीठा कुछ खाना चाहिए। लेकिन मीठे में चीनी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आप मीठे फल, सूखे फल, गुड़, दूबूर आदि खा सकते हैं। यह आहार शरीर के लिए अच्छा है और लंबे समय तक बीमारियों से दूर रखता है।
2 खाद्य पदार्थ जो खतरनाक हैं
कौन से खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?
रामदेव के अनुसार, चावल और गेहूं खाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये कई रोगों को आमंत्रित करते हैं। उन्होंने कपालभाति और अनुलोम-विलोम प्राणायाम को अत्यधिक शक्तिशाली योगासन बताया, जिसे हर किसी को अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने रात में मिठाई, चाय, कॉफी, दही, बटरमिल्क और चॉकलेट खाने से मना किया। जो लोग नींद की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें प्याज खाने की सलाह दी गई, जो गहरी नींद में मदद करता है।
स्वस्थ भोजन क्या है?
कमजोरी को दूर करने के लिए अनार, गाजर, चुकंदर, गेहूं की घास और ऐलोवेरा खाएं। मूली पेट और जिगर के लिए अच्छी होती है और यह स्वास्थ्यकर बैक्टीरिया के विकास में मदद करती है। कस्टर्ड ऐप्पल खाने से कभी भी एसीडिटी नहीं होती और यह कैल्शियम से भरपूर होता है। बाबा रामदेव ने साक्षात्कार में ये सलाह दी।
जापान के इस ऐलान से भारत की बल्ले-बल्ले, अमेरिका ही नहीं, चीन और पाकिस्तान के भी छूटेंगे पसीने, जानें मामला
टोक्यो: भारत और जापान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में तत्काल सुधार की मांग की है। इसके अलावा दोनों ही देशों ने एक दूसरे की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का समर्थन भी किया है।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान की गई है। पीएम मोदी जापान के बाद चीन दौरे पर जाने वाले हैं। ऐसे में भारत और जापान की इस मांग को काफी अहम माना जा रहा है, क्यों वह चीन ही है, जिसने यूएनएससी में सुधारों और इन दोनों देशों की सदस्यता का विरोध किया है। वहीं, अमेरिका भी अंदरखाने यूएनएससी में सुधारों का विरोध करता है, ताकि किसी दूसरे देश को वीटो शक्ति प्राप्त न हो।
संयुक्त घोषणापत्र में क्या लिखा है
भारत और जापान के संयुक्त घोषणापत्र में कहा गया है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। इसमें वर्तमान भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों का विस्तार शामिल है। उन्होंने यूएनएससी सुधारों में तेजी लाने, विशेष रूप से अंतर-सरकारी वार्ता ढांचे के अंतर्गत एक निश्चित विषय पर बातचीत को शुरू करने और एक निश्चित समय-सीमा में ठोस परिणाम प्राप्त करने के अपने दृढ़ संकल्प को भी व्यक्त किया।भारत-जापान ने एक दूसरे का किया समर्थन
घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों ने एक सुधारित यूएनएससी में स्थायी सीट के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी के लिए अपना पारस्परिक समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने बदलती दुनिया में वैश्विक शासन में योगदान देने वाले संयुक्त राष्ट्र की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।यूएनएससी सुधार लंबित क्यों है
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया में यूएन चार्टर में संशोधन शामिल है, जिसके लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत और सुरक्षा परिषद के सभी स्थायी सदस्यों (P5) सहित दो-तिहाई सदस्य देशों के समर्थन की आवश्यकता होती है। सुधार के प्राथमिक उद्देश्य परिषद की प्रभावशीलता और वैधता को बढ़ाना है, लेकिन विभिन्न देशों के अलग-अलग दृष्टिकोणों के कारण प्रगति धीमी है। जी-4 समूह (भारत, जापान, ब्राजील, जर्मनी) स्थायी सदस्यता बढ़ाने का समर्थन करता है, जबकि यूनाइटिंग फॉर कंसेन्सस (UfC) समूह नए स्थायी सदस्य न जोड़कर अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव देता है।
खाते में बैलेंस नहीं तब भी निकल जाएंगे पैसे, ₹10000 तक लिमिट, मोदी सरकार का है तोहफा
PM JanDhan Yojana: नरेंद्र मोदी सरकार की चर्चित योजना- प्रधानमंत्री जनधन के 11 साल पूरे हो गए हैं। योजना के तहत खोले गए खातों की संख्या 11 वर्ष में बढ़कर 56.16 करोड़ हो गई है। वहीं, खातों में 2.68 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए।
योजना के तहत खाताधारकों को कई बड़ी सुविधाएं मिलती हैं। इनमें से एक सुविधा ओवरड्राफ्ट की है। आइए इस सुविधा के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
क्या है ओवरड्राफ्ट लिमिट
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लाभार्थी 10000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बता दें कि ओवरड्राफ्ट के तहत अगर आपके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, फिर भी आप एक निश्चित सीमा तक पैसे निकाल सकते हैं या लेनदेन कर सकते हैं। योजना के तहत सभी लाभार्थियों को 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड प्राप्त होता है।
क्या कहते हैं आंकड़े
बीते दिनों वित्त मंत्रालय ने बताया कि जनधान के तहत खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से बढ़कर 13 अगस्त 2025 तक 56.16 करोड़ हो गई है। खाताधारकों में 56 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे 45 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। भारत की 94 प्रतिशत वयस्क आबादी का अब बैंक खाता है।
38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी
प्रधानमंत्री जनधन योजना के खाताधारकों को कुल 38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। इससे उन्हें नकदी रहित लेनदेन की सुविधा मिली है और अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर तक पहुंच प्राप्त हुई है। ये खाते प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), और माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी बैंक (मुद्रा) योजना के लिए पात्र हैं।
ISI की नींद उड़ी! आतंकियों के ‘समंदर चाचा’ को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, जानें क्यों पाकिस्तान के लिए था इतना अहम
Terrorist Guide Bagu Khan Killed: कश्मीर घाटी में दशकों से आतंकी नेटवर्क का मजबूत चेहरा रहा समंदर चाचा आखिरकार भारतीय सेना की रणनीतिक कार्रवाई में मारा गया. गुरेज सेक्टर में पिछले गुरुवार को घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम करते हुए सेना ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया, जिनमें से एक की पहचान बागू खान उर्फ समंदर चाचा के रूप में हुई है.
यह वही नाम है, जिसने पिछले तीन दशकों में न सिर्फ कई आतंकियों को भारत में घुसपैठ करवाई, बल्कि निर्दोषों की जान लेकर घाटी का माहौल भी बिगाड़ा.
सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना समंदर चाचा उत्तरी कश्मीर के LOC से लगे इलाकों में एक ‘जिंदा नक्शे’ की तरह काम करता था. टंगडार, गुरेज, और कुपवाड़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उसकी गाइडिंग क्षमताओं ने उसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों का पसंदीदा बना दिया था.
पाकिस्तानी ISI के लिए था बहुमूल्य संपत्ति
समंदर चाचा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI लंबे समय से घाटी में ‘सुरक्षित घुसपैठ’ के लिए एक अहम हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही थी. सूत्रों की मानें तो वह अक्सर उन आतंकियों के साथ भेजा जाता था, जो विशेष मिशन पर भारत में दाखिल होते थे. मुजफ्फराबाद के पास स्थित उसके गांव ‘मानक पायीन’ को ISI ने कई बार आतंकियों का लॉन्चपैड बनाया.
कश्मीर में नेटवर्क, और निर्दोषों का खून
बागू खान न सिर्फ LOC पार कर आतंकियों को घुसाने में माहिर था, बल्कि घाटी के अंदर भारतीय बस्तियों में भी उसका नेटवर्क मजबूत था. सुरक्षा सूत्र बताते हैं कि वह खुद भी लश्कर का एक सक्रिय आतंकी रह चुका है और कई निर्दोष लोगों की हत्या में शामिल रहा है. वर्ष 2010 के बाद से वह ट्रेनिंग कैंप्स में नए आतंकियों को घुसपैठ की तकनीकें सिखाता था.
अब तंत्र में आई बड़ी दरार
करीब दो साल पहले उसे फिर से सक्रिय करते हुए ISI ने गुरेज और कुपवाड़ा सेक्टर में घुसपैठ गाइड की भूमिका में तैनात किया था. लेकिन सेना की सतर्कता और कार्रवाई के चलते उसकी मौत अब उन योजनाओं में एक बड़ा ब्रेक मानी जा रही है, जो कश्मीर को अशांत करने की दिशा में रची जा रही थीं.
ऑपरेशन सिंदूर में जिस ड्रोन ने पाकिस्तान को धूल चटाई, उस कंपनी में पहुंचे राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ
नोएडा: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा के सेक्टर-81 में स्थित राफे एम फाइबर कंपनी पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर में जिस ड्रोन ने पाकिस्तान के होश उड़ा दिया था, उस कंपनी की नोएडा यूनिट का राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण कर रहे हैं।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के होश उड़ाने वाली ये कंपनी हाईटेक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एरोस्पेस सिस्टम डेवलप करती है। इस कंपनी के निर्मित ड्रोन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल हुए थे।
नोएडा में शनिवार दोपहर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे हैं। ये दोनों नेता नोएडा सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा वह रक्षा उपकरण और इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण करेंगे। इस यूनिट का नाम देशभर में तेजी से उभरते हुए एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के रूप में जाना जाता है। उनका यह दौरा सुरक्षा और औद्योगिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। राफी मोहिब कंपनी ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उपयोग में आए ड्रोन का निर्माण किया था। जिसने रक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान की।
‘मेक इन इंडिया’में निभा रही अहम भूमिका
इतना ही नहीं, यह यूनिट एयरोस्पेस सिस्टम निर्माण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है और ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत मॉडर्न ड्रोन विकसित कर रही है। कंपनी के 700 से ज्यादा ड्रोन का प्रयोग आपरेशन सिंदूर के तहत किया गया। जिसने दुश्मन की लोकेशन से लेकर कई अहम रोल अदा किए। गौरतलब है कि राफे एम फाइबर को फंड रेजिंग के माध्यम से 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा यानी लगभग 850 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
850 करोड़ जुटाए हैं कंपनी ने
खास बात यह है कि इस कंपनी के ड्रोन्स को ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं ने इस्तेमाल किया। ड्रोन्स ने अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। राफे एम फाइबर एक भारतीय डिफेंस एंड एयरोस्पेस स्टार्टअप है। कंपनी को ऑपरेशन सिंदूर के बाद ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी जनरल कैटलिस्ट के जरिए लगभग 850 करोड़ का फंड मिला है।












