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Heavy Rain Alert: अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का कहर, UP-बिहार समेत…IMD ने इन 15 राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट
दिल्ली वालों के लिए मानसून इस बार राहत और मुसीबत दोनों लेकर आया है। जहाँ एक तरफ शुक्रवार को हुई रिमझिम बारिश ने गर्मी से राहत दी और तापमान गिरा दिया, वहीं दूसरी तरफ यही बारिश शहर की सड़कों को तालाब बना रही है।
जगह-जगह जलभराव के कारण भयंकर ट्रैफिक जाम हो रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
दिल्ली में अगले 7 दिनों तक बारिशअगर आप सोच रहे हैं कि यह बारिश जल्द रुक जाएगी, तो ऐसा नहीं है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोशल मीडिया पर दिल्ली की सड़कों के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग पानी में डूबी सड़कों पर तैरते हुए दिख रहे हैं।
इन राज्यों में भी है भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के अनुसार, मानसून पूरे देश में सक्रिय है और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है:उत्तर भारत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और हिमाचल में अगले 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश जारी रह सकती है।
पश्चिम और मध्य भारत: गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में अगले 7 दिनों तक तेज बारिश की संभावना है। पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 30 और 31 अगस्त को तेज बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी गरज के साथ बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
7 साल बाद चीन पहुंचे PM मोदी, SCO सम्मेलन में होंगे शामिल; कल जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात
PM Modi China Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन के दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद गहराता जा रहा है।
तियानजिन पहुंचने पर प्रधानमंत्री का पारंपरिक भारतीय नृत्य कथक के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारतीय प्रवासी समुदाय भी बेहद उत्साहित नजर आया। विशेषज्ञ इसे भारत-चीन संबंधों और वैश्विक राजनीति के लिहाज से अहम मान रहे हैं। पीएम कल चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी जापान के बाद सीधे चीन के लिए रवाना हुए थे।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो दिवसीय जापान यात्रा समाप्त कर चीन पहुंचे हैं। जापान प्रवास के दौरान उन्होंने सेंडाई में सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया और जापानी राज्यपालों से मुलाकात कर विनिर्माण, स्टार्ट-अप, लघु व्यवसाय और बुनियादी ढांचे में भारत-जापान सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। चीन में उनका कार्यक्रम 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन पर केंद्रित रहेगा।
तियानजिन में हुआ विशेष स्वागत
चीन के तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कथक नृत्यांगना डू जुआन, जिन्हें भारत में ‘सचिता’ नाम से भी जाना जाता है, ने प्रधानमंत्री के सम्मान में प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे 12 वर्षों की साधना के बाद मोदी के स्वागत में प्रदर्शन कर रही हैं। इस बीच, भारतीय प्रवासी समुदाय भी इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बना। प्रवासी सदस्य मकरांत ठक्कर ने कहा कि वे 2015 में शंघाई में भी मोदी से मिल चुके हैं और अब दोबारा मिलने का अवसर मिलना बेहद उत्साहजनक है।
पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाकात की संभावना
इस दौरे का एक बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकातें होंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसीराष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनसे द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर व्यापार और सुरक्षा मुद्दों पर तनाव बढ़ रहा है, इन बैठकों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि भारत इस मंच पर न केवल अपने सुरक्षा हितों को मजबूती से रखेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक सहयोग की दिशा में भी अपनी भूमिका स्पष्ट करेगा।
प्रधानमंत्री मोदीका यह चीन दौरा भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। जहां एक ओर यह यात्रा एशियाई सहयोग को बढ़ाने की दिशा में अहम होगी, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि में भारत की संतुलित रणनीति को भी दर्शाएगी।
सब बह गया, मैं जीकर क्या करूं… बाढ़ में बर्बाद हुई फसल तो आत्महत्या करने लगा किसान, VIDEO
Maharashtra Farmer Viral Video: बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से देश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात है. पहाड़ी राज्यों में जान-माल का ज्यादा नुकसान हुआ है. वहीं मैदानी राज्यों में पानी कोसों-कोस तक फैला हुआ है.
जिससे किसानों की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई है. बाढ़ में फसल बर्बाद होने से किसान बुरी तरह से परेशान है. ऐसे ही एक परेशान किसान का वीडियो सामने आया है. जो बाढ़ में फसल बर्बाद होने के बाद आत्महत्या करने की जिद करता नजर आ रहा है.
यह वीडियो महाराष्ट्र के लातूर जिले से सामने आया है. जहां एक किसान बाढ़ में फसल बर्बाद होने पर आत्महत्या की जिद करता नजर आ रहा है.
वायरल वीडियो में किसान पानी भरे खेत में बिलख रहा है. वो कह रहा है, “सब बह गया, मुझे मर जाने दो, जी कर क्या करूँ? घर में बच्चे हैं! “…. किसान के साथ एक और युवक है, जो उसे रोकने की भरसक कोशिश करता नजर आ रहा है.
लातूर में तीन दिन से हो रही भारी बारिश से फसल बर्बाद
मालूम हो कि पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण लातूर जिले के किसानों की स्थिति बेहद खराब है। खेतों में पानी घुसने और फसलें बर्बाद होने से किसान भारी नुकसान में हैं। अहमदपुर तालुका के ब्रह्मवाड़ी गाँव के एक बुजुर्ग किसान का वीडियो चर्चा में है जिसमें वह अपने खेत में पानी घुसता देख गुस्से में चीख रहा है। और आयमहत्या करने की ज़िद कर रहा है, ग्रामीणों ने उसे समझाबुझा कर रोका.
रोते हुए कह रहा किसान- सब कुछ बर्बाद हो गया
वीडियो में मराठी में बुज़ुर्ग किसान यह कहता है, “मेरी ज़मीन चली गई, फसल बर्बाद हो गई, क्या करूँ? थोड़ा बहुत जो था, वो भी चला गया… बच्चे हैं… मुझे मर जाने दो! मैं जीऊँगा नहीं! मैं नहीं जीऊँगा! कैसे जियूं? सब कुछ बर्बाद हो गया, सारी फसल भी चली गई! क्या करूँ?”
सरकार कितना दे देगी? बच्चे क्या खाएंगे…
किसान आगे कह रहा है, “सरकार क्या कर रही है? मुझे जाने दो… मुझे जाने दो…बाढ़ आ गई, पानी भर गया, ज़मीन चली गई, सब बह गया, फसल चली गई, मैं क्या करूँ? मुझे मर जाने दो! क्या करूँ? जी कर क्या फायदा है? सरकार कितना दे देगी? मुझे मर जाने दो… बच्चे क्या खाएंगे, मैं क्या करूँ?
50 साल से बाबा रामदेव का कोई रोग नहीं; बाल अभी भी काले हैं, वे 3 सब्जियाँ खाते हैं; सैंकड़ों रोगों को जड़ से समाप्त करेंगे`..
बाबा रामदेव दिन में सिर्फ एक बार खाना खाते हैं, जिसमें तीन प्रकार की सब्जियाँ ज़रूर होती हैं। सात्विक आहार के कारण, पिछले 50 वर्षों में उन्होंने कभी भी कोई बीमारी नहीं पाई है। उनका वजन 65 किलोग्राम, हीमोग्लोबिन 17.5, रक्तचाप 70/110 और शर्करा का स्तर 70-75 के बीच है।
उन्होंने अपने पूरे आहार, खाने की आदतें और दिनचर्या के बारे में जानकारी साझा की है।
कर्ली टेल्स को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि 100 साल की उम्र में किसी को भी बुढ़ापे या बीमारी का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सात्विक आहार और योगाभ्यास जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को प्रतिदिन कम से कम दो योगासन करने चाहिए, क्योंकि यह शरीर को भीतर से स्वस्थ और युवा बनाए रखता है। बचपन में एक बार मच्छर के काटने से उन्हें बुखार हुआ था, लेकिन उसके बाद से उन्हें कभी भी सर्दी, खांसी, दस्त या खाद्य विषाक्तता नहीं हुई।
बाबा रामदेव का दैनिक दिनचर्या
बाबा रामदेव ने अपने पूरे दैनिक दिनचर्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आप सुबह कैसे शुरू करते हैं, क्या खाते हैं, पहले क्या खाते हैं और अंत में क्या खाते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, उन्होंने दो ऐसे खाद्य पदार्थों को ना खाने की सलाह दी है जो सैंकड़ों रोगों का कारण बन सकते हैं।
दिन की शुरुआत कैसे करें?
सुबह उठने के बाद हल्का गर्म पानी पीएं।
बाबा रामदेव सुबह 3 बजे उठते हैं। खाली पेट हल्का गर्म पानी पीना उनकी दिनचर्या का एक हिस्सा है, और इसके बाद वे अपने दिन की शुरुआत करते हैं। उन्होंने सभी को इस आदत को अपनाने की सलाह दी। इसके बाद वे स्नान करते हैं और एक घंटे तक ध्यान करते हैं, फिर दौड़ने जाते हैं और उसके बाद लोगों को योग सिखाना शुरू करते हैं। साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वह दिन में केवल एक बार खाते हैं।
दिन में कितनी बार खाना चाहिए?
दिन में एक बार खाना सबसे अच्छा है।
“दिन में कितनी बार खाना चाहिए?” यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। बाबा रामदेव के अनुसार, बार-बार खाने से कई बीमारियाँ हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि दिन में एक बार खाना शरीर के लिए सबसे अच्छा है। जो लोग ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, वे दो बार खा सकते हैं। जो लोग दिन में तीन बार खाते हैं, उनके बीमार होने का खतरा ज्यादा होता है और दिन में चार बार खाना बहुत खतरनाक हो सकता है।
खाने में क्या होना चाहिए?
सात्विक आहार अपनाएं।
बाबा रामदेव दोपहर 11-12 बजे के बीच भोजन करते हैं और शाम 7 बजे तक सिर्फ फल खाते हैं। उनके आहार में 99% कोई अनाज नहीं होता। उनके आहार में बहुत सारे फल और सब्जियाँ शामिल होती हैं, जिनमें लौकी, जुचिनी और मिश्रित सब्जियाँ शामिल हैं। वे आलू नहीं खाते और 20 साल से ज्यादा समय से अनाज नहीं खाते। हालांकि, अब वह कभी-कभी बाजरा खाते हैं और कुछ दिनों बाद छोड़ देते हैं।
खाने का सही तरीका क्या है?
बाबा रामदेव ने कहा कि सबसे पहले फल और सलाद जैसे कच्चे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। इसके बाद हरी सब्जियाँ, अनाज और आखिर में मीठा कुछ खाना चाहिए। लेकिन मीठे में चीनी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आप मीठे फल, सूखे फल, गुड़, दूबूर आदि खा सकते हैं। यह आहार शरीर के लिए अच्छा है और लंबे समय तक बीमारियों से दूर रखता है।
2 खाद्य पदार्थ जो खतरनाक हैं
कौन से खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?
रामदेव के अनुसार, चावल और गेहूं खाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये कई रोगों को आमंत्रित करते हैं। उन्होंने कपालभाति और अनुलोम-विलोम प्राणायाम को अत्यधिक शक्तिशाली योगासन बताया, जिसे हर किसी को अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने रात में मिठाई, चाय, कॉफी, दही, बटरमिल्क और चॉकलेट खाने से मना किया। जो लोग नींद की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें प्याज खाने की सलाह दी गई, जो गहरी नींद में मदद करता है।
स्वस्थ भोजन क्या है?
कमजोरी को दूर करने के लिए अनार, गाजर, चुकंदर, गेहूं की घास और ऐलोवेरा खाएं। मूली पेट और जिगर के लिए अच्छी होती है और यह स्वास्थ्यकर बैक्टीरिया के विकास में मदद करती है। कस्टर्ड ऐप्पल खाने से कभी भी एसीडिटी नहीं होती और यह कैल्शियम से भरपूर होता है। बाबा रामदेव ने साक्षात्कार में ये सलाह दी।
जापान के इस ऐलान से भारत की बल्ले-बल्ले, अमेरिका ही नहीं, चीन और पाकिस्तान के भी छूटेंगे पसीने, जानें मामला
टोक्यो: भारत और जापान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में तत्काल सुधार की मांग की है। इसके अलावा दोनों ही देशों ने एक दूसरे की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का समर्थन भी किया है।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान की गई है। पीएम मोदी जापान के बाद चीन दौरे पर जाने वाले हैं। ऐसे में भारत और जापान की इस मांग को काफी अहम माना जा रहा है, क्यों वह चीन ही है, जिसने यूएनएससी में सुधारों और इन दोनों देशों की सदस्यता का विरोध किया है। वहीं, अमेरिका भी अंदरखाने यूएनएससी में सुधारों का विरोध करता है, ताकि किसी दूसरे देश को वीटो शक्ति प्राप्त न हो।
संयुक्त घोषणापत्र में क्या लिखा है
भारत और जापान के संयुक्त घोषणापत्र में कहा गया है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। इसमें वर्तमान भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों का विस्तार शामिल है। उन्होंने यूएनएससी सुधारों में तेजी लाने, विशेष रूप से अंतर-सरकारी वार्ता ढांचे के अंतर्गत एक निश्चित विषय पर बातचीत को शुरू करने और एक निश्चित समय-सीमा में ठोस परिणाम प्राप्त करने के अपने दृढ़ संकल्प को भी व्यक्त किया।भारत-जापान ने एक दूसरे का किया समर्थन
घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों ने एक सुधारित यूएनएससी में स्थायी सीट के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी के लिए अपना पारस्परिक समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने बदलती दुनिया में वैश्विक शासन में योगदान देने वाले संयुक्त राष्ट्र की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।यूएनएससी सुधार लंबित क्यों है
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया में यूएन चार्टर में संशोधन शामिल है, जिसके लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत और सुरक्षा परिषद के सभी स्थायी सदस्यों (P5) सहित दो-तिहाई सदस्य देशों के समर्थन की आवश्यकता होती है। सुधार के प्राथमिक उद्देश्य परिषद की प्रभावशीलता और वैधता को बढ़ाना है, लेकिन विभिन्न देशों के अलग-अलग दृष्टिकोणों के कारण प्रगति धीमी है। जी-4 समूह (भारत, जापान, ब्राजील, जर्मनी) स्थायी सदस्यता बढ़ाने का समर्थन करता है, जबकि यूनाइटिंग फॉर कंसेन्सस (UfC) समूह नए स्थायी सदस्य न जोड़कर अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव देता है।
खाते में बैलेंस नहीं तब भी निकल जाएंगे पैसे, ₹10000 तक लिमिट, मोदी सरकार का है तोहफा
PM JanDhan Yojana: नरेंद्र मोदी सरकार की चर्चित योजना- प्रधानमंत्री जनधन के 11 साल पूरे हो गए हैं। योजना के तहत खोले गए खातों की संख्या 11 वर्ष में बढ़कर 56.16 करोड़ हो गई है। वहीं, खातों में 2.68 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए।
योजना के तहत खाताधारकों को कई बड़ी सुविधाएं मिलती हैं। इनमें से एक सुविधा ओवरड्राफ्ट की है। आइए इस सुविधा के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
क्या है ओवरड्राफ्ट लिमिट
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लाभार्थी 10000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बता दें कि ओवरड्राफ्ट के तहत अगर आपके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, फिर भी आप एक निश्चित सीमा तक पैसे निकाल सकते हैं या लेनदेन कर सकते हैं। योजना के तहत सभी लाभार्थियों को 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड प्राप्त होता है।
क्या कहते हैं आंकड़े
बीते दिनों वित्त मंत्रालय ने बताया कि जनधान के तहत खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से बढ़कर 13 अगस्त 2025 तक 56.16 करोड़ हो गई है। खाताधारकों में 56 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे 45 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। भारत की 94 प्रतिशत वयस्क आबादी का अब बैंक खाता है।
38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी
प्रधानमंत्री जनधन योजना के खाताधारकों को कुल 38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। इससे उन्हें नकदी रहित लेनदेन की सुविधा मिली है और अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर तक पहुंच प्राप्त हुई है। ये खाते प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), और माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी बैंक (मुद्रा) योजना के लिए पात्र हैं।
ISI की नींद उड़ी! आतंकियों के ‘समंदर चाचा’ को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, जानें क्यों पाकिस्तान के लिए था इतना अहम
Terrorist Guide Bagu Khan Killed: कश्मीर घाटी में दशकों से आतंकी नेटवर्क का मजबूत चेहरा रहा समंदर चाचा आखिरकार भारतीय सेना की रणनीतिक कार्रवाई में मारा गया. गुरेज सेक्टर में पिछले गुरुवार को घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम करते हुए सेना ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया, जिनमें से एक की पहचान बागू खान उर्फ समंदर चाचा के रूप में हुई है.
यह वही नाम है, जिसने पिछले तीन दशकों में न सिर्फ कई आतंकियों को भारत में घुसपैठ करवाई, बल्कि निर्दोषों की जान लेकर घाटी का माहौल भी बिगाड़ा.
सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना समंदर चाचा उत्तरी कश्मीर के LOC से लगे इलाकों में एक ‘जिंदा नक्शे’ की तरह काम करता था. टंगडार, गुरेज, और कुपवाड़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उसकी गाइडिंग क्षमताओं ने उसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों का पसंदीदा बना दिया था.
पाकिस्तानी ISI के लिए था बहुमूल्य संपत्ति
समंदर चाचा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI लंबे समय से घाटी में ‘सुरक्षित घुसपैठ’ के लिए एक अहम हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही थी. सूत्रों की मानें तो वह अक्सर उन आतंकियों के साथ भेजा जाता था, जो विशेष मिशन पर भारत में दाखिल होते थे. मुजफ्फराबाद के पास स्थित उसके गांव ‘मानक पायीन’ को ISI ने कई बार आतंकियों का लॉन्चपैड बनाया.
कश्मीर में नेटवर्क, और निर्दोषों का खून
बागू खान न सिर्फ LOC पार कर आतंकियों को घुसाने में माहिर था, बल्कि घाटी के अंदर भारतीय बस्तियों में भी उसका नेटवर्क मजबूत था. सुरक्षा सूत्र बताते हैं कि वह खुद भी लश्कर का एक सक्रिय आतंकी रह चुका है और कई निर्दोष लोगों की हत्या में शामिल रहा है. वर्ष 2010 के बाद से वह ट्रेनिंग कैंप्स में नए आतंकियों को घुसपैठ की तकनीकें सिखाता था.
अब तंत्र में आई बड़ी दरार
करीब दो साल पहले उसे फिर से सक्रिय करते हुए ISI ने गुरेज और कुपवाड़ा सेक्टर में घुसपैठ गाइड की भूमिका में तैनात किया था. लेकिन सेना की सतर्कता और कार्रवाई के चलते उसकी मौत अब उन योजनाओं में एक बड़ा ब्रेक मानी जा रही है, जो कश्मीर को अशांत करने की दिशा में रची जा रही थीं.
ऑपरेशन सिंदूर में जिस ड्रोन ने पाकिस्तान को धूल चटाई, उस कंपनी में पहुंचे राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ
नोएडा: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा के सेक्टर-81 में स्थित राफे एम फाइबर कंपनी पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर में जिस ड्रोन ने पाकिस्तान के होश उड़ा दिया था, उस कंपनी की नोएडा यूनिट का राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण कर रहे हैं।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के होश उड़ाने वाली ये कंपनी हाईटेक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एरोस्पेस सिस्टम डेवलप करती है। इस कंपनी के निर्मित ड्रोन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल हुए थे।
नोएडा में शनिवार दोपहर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे हैं। ये दोनों नेता नोएडा सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा वह रक्षा उपकरण और इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण करेंगे। इस यूनिट का नाम देशभर में तेजी से उभरते हुए एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के रूप में जाना जाता है। उनका यह दौरा सुरक्षा और औद्योगिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। राफी मोहिब कंपनी ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उपयोग में आए ड्रोन का निर्माण किया था। जिसने रक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान की।
‘मेक इन इंडिया’में निभा रही अहम भूमिका
इतना ही नहीं, यह यूनिट एयरोस्पेस सिस्टम निर्माण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है और ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत मॉडर्न ड्रोन विकसित कर रही है। कंपनी के 700 से ज्यादा ड्रोन का प्रयोग आपरेशन सिंदूर के तहत किया गया। जिसने दुश्मन की लोकेशन से लेकर कई अहम रोल अदा किए। गौरतलब है कि राफे एम फाइबर को फंड रेजिंग के माध्यम से 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा यानी लगभग 850 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
850 करोड़ जुटाए हैं कंपनी ने
खास बात यह है कि इस कंपनी के ड्रोन्स को ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं ने इस्तेमाल किया। ड्रोन्स ने अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। राफे एम फाइबर एक भारतीय डिफेंस एंड एयरोस्पेस स्टार्टअप है। कंपनी को ऑपरेशन सिंदूर के बाद ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी जनरल कैटलिस्ट के जरिए लगभग 850 करोड़ का फंड मिला है।
बड़ी खबर : काम पर नहीं लौटने वाले हड़ताली NHM कर्मचारियों की सेवा होगी समाप्त, आदेश जारी
रायपुर. नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे NHM कर्मचारी अगर काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी. इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी सीएमएचओ को जारी कर दिया है.
आदेश पत्र में कहा गया है कि आदेश के बाद भी अधिकांश जिलों में NHM अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं, जो लोकहित के विरुद्ध है और अनुचित है. कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर कर्मचारी को नोटिस जारी करें, जिसमें लिखा हो कि उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उनकी सेवा समाप्त की जाएगी. सभी सीएमएचओ को यह भी निर्देशित किया गया है कि अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों के कार्य नहीं वेतन नहीं के सिद्धांत पर इस माह का वेतन आहरित ना किया जाए.
बता दें कि प्रदेश के 16,000 से ज्यादा NHM के कर्मचारी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इसके चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमा गई है. स्थिति को देखते हुए अब शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.
आदेश जारी

लखनऊ के युवाओं के लिए होगा अंतरिक्ष कार्यशाला का आयोजन, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हो सकते हैं शामिल
लखनऊ. राजधानी के युवाओं को अंतरिक्ष के रहस्यों से जोड़ने के लिए जल्द ही एक बड़ी कार्यशाला आयोजित की जाएगी. कांग्रेस नेता और पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में कोशिश होगी कि अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाए.
मुकेश ने कहा कि शुभांशु शुक्ला न केवल लखनऊ बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर रहे हैं और युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं. इस दौरान चौहान ने अनुरोध किया कि लखनऊ के छात्रों को भी अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जोड़ा जाए. जवाब में शुक्ला ने सहयोग का आश्वासन दिया.
मुकेश ने बताया कि कार्यशाला पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आयोजित होगी. इसमें छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से जुड़े अवसरों की जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा, “शुभांशु शुक्ला लखनऊ का गौरव हैं. उनकी अंतरिक्ष यात्रा से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा छात्र अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित होंगे.” लखनऊ के इस बेटे की उपलब्धि पर पूरे शहर में गर्व की भावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युवाओं को समय रहते ऐसे अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो आने वाले वर्षों में भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में और बड़ी छलांग लगा सकता है.
क्या हो गया आज की लड़कियों को? जिस प्रेमी के लिए घर से भागी वो नहीं आया, तो अंजान लड़के से रचाई शादी, 7 दिन बाद लौटी घर
इंदौर : इंदौर की गुजराती कॉलेज की छात्रा श्रद्धा तिवारी, जो 7 दिन से रहस्यमयी तरीके से लापता थी, अब दुल्हन के रूप में सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि श्रद्धा ने जिस युवक से शादी की है, उसका नाम तक वह कुछ घंटे पहले तक नहीं जानती थी।
पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए हैं। श्रद्धा ने कहा है कि मैंने अपनी मर्जी से उससे शादी की है।
बता दें कि 22 अगस्त को घर से अचानक गायब हुई श्रद्धा आखिरी बार लोटस चौराहे पर CCTV में कैद हुई थी। पुलिस की कई टीमें लगातार तलाश में जुटी थीं। जांच में उसके प्रेमी सार्थक का नाम सामने आया। परिजनों के मुताबिक, उन्हें सार्थक पसंद नहीं था। श्रद्धा की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने सार्थक से पूछताछ की तो सार्थक ने बताया कि श्रद्धा से उसकी बातचीत कुछ दिनों से बंद है।

रेलवे स्टेशन से शुरू हुई नई कहानी
श्रद्धा ने पुलिस को बताया कि वह घर छोड़कर रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां सार्थक को बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। निराश श्रद्धा ने जान देने का फैसला कर लिया। तभी ट्रेन में उसकी मुलाकात करणदीप नाम के इलेक्ट्रीशियन से हुई।
करणदीप कॉलेज में कई बार बिजली सुधारने आया था, लेकिन दोनों की कभी बातचीत नहीं हुई थी। ट्रेन में अचानक हुई मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी। श्रद्धा और करणदीप ने बातचीत के बाद एक-दूसरे को अपनाने का फैसला किया और महेश्वर के मंदिर में शादी कर ली।

श्रद्धा का बयान
सिंदूर लगाए थाने पहुंची श्रद्धा ने मीडिया से कहा- “मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। सार्थक को बुलाया था लेकिन वह नहीं आया। मैंने जान देने की सोची थी, तभी करण ने मुझे बचाया। मैंने पूछा कि क्या वो मुझसे शादी करेंगे और उन्होंने हां कर दी। अब मैं उनके परिवार के साथ खुश हूं।”
Reliance AGM 2025: एक अरब स्क्रीन पर सेवाएं, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग मंच जियो हॉटस्टार, 3.2 लाख घंटे से ज्यादा कंटेंट की पेशकश
Reliance AGM 2025: जियो हॉटस्टार दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग मंच बन गया है। रिलायंस के मीडिया व्यवसाय और वैश्विक मीडिया दिग्गज वॉल्ट डिज्नी के भारतीय व्यवसाय के विलय के बाद बने संयुक्त उद्यम के पास जियो हॉटस्टार का स्वामित्व है।
आकाश एम अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की असाधारण आम सभा (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि 34 प्रतिशत टीवी बाजार हिस्सेदारी के साथ जियो स्टार मोबाइल, टीवी और जुड़े हुए उपकरणों पर एक अरब स्क्रीन पर सेवाएं देने की राह पर है।
इसके अलावा, जियो स्टार विभिन्न मंच और भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करना जारी रखेगा। अंबानी ने कहा, ”हमने एक ऐसा अनुभव तैयार किया है, जो जियो हॉटस्टार के जरिये सर्वश्रेष्ठ सामग्री, सॉफ्टवेयर और एआई को जोड़ता है। हम हमेशा सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि जियोस्टार का गठन भारत के मीडिया परिवेश के लिए एक निर्णायक क्षण था।
और कुछ ही महीनों में ”हमने कहानियों को कहने, पेश करने और अनुभव करने के तरीके को नया रूप देने के लिए कंटेंट, एआई और तकनीक का रणनीतिक रूप से लाभ उठाकर एक क्रांति ला दी है।” अंबानी ने कहा कि अब जियोस्टार 3.2 लाख घंटे से ज्यादा के कंटेंट की पेशकश करता है, जो अगले दो ओटीटी मंच के संयुक्त कंटेंट से छह गुना ज्यादा है और हर साल इसमें 30,000 घंटे से अधिक जुड़ते हैं।
अंबानी ने कहा, ”हमारे उन्नत एआई टूल और तकनीकी नवाचार दर्शकों को पहले से कहीं ज्यादा सशक्त बना रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ”हमारे मीडिया और मनोरंजन व्यवसाय ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है।” जियोहॉटस्टार ऐप के बारे में उन्होंने कहा कि इसने तीन महीनों के भीतर 60 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ताओं को जोड़ा है।
इसमें 7.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्टेड टीवी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ”तीस करोड़ भुगतान करने वाले ग्राहकों के साथ, जियोहॉटस्टार अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग मंच है, जो पूरी तरह से भारत में बना है। यह रिकॉर्ड भारतीय बाजार की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।”
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत और चीन का साथ आना बेहद अहम- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बहुप्रतीक्षित चीन दौरे से पहले भारत और चीन के संबंधों पर बातचीत की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को जापानी अखबार द योमिउरी शिंबुन को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उनकी यह यात्रा चीन के साथ स्थिर द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि इंडो पैसिफिक रीजन में शांति बनाए रखने और वैश्विक अस्थिरता के बीच चीन के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बेहद जरूरी हैं।
प्रधानमंत्री ने चीन की यात्रा और चीन के साथ संबंधों पर पूछे गए एक लिखित सवाल के जवाब में कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर मैं शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां से तियानजिन जाऊंगा। पिछले साल कजान में राष्ट्रपति शी के साथ मेरी मुलाकात के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति हुई है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि विश्व के दो सबसे बड़े देशों के बीच इस साझेदारी से पूरे क्षेत्र की समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, “दुनिया के दो सबसे बड़े राष्ट्रों के रूप में भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था में वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और चुनौतियों का समाधान करने के लिए बातचीत को बढ़ाने के लिए तैयार है।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली से जापान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। जापान दौरे के बाद प्रधानमंत्री तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए चीन जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
पूर्वोत्तर शांति, प्रगति, सर्वसमावेशी विकास की ओर बढ़ रहा है : अमित शाह
गुवाहाटी, 29 अगस्त :केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि दशकों तक अशांति झेलने के बावजूद आज पूर्वोत्तर क्षेत्र शांति, प्रगति और सर्वसमावेशी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ऐतिहासिक नायकों महाराजा पृथु, लाचित बरफूकन और चिलाराय के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदैव भारत की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ और विविध सांस्कृतिक धरोहर का पालना रहा है।
गृहमंत्री ने शुक्रवार काे गुवाहाटी स्थित राजभवन के ‘ब्रह्मपुत्र विंग’ का उद्घाटन किया और वर्चुअल माध्यम से 322 करोड़ की आठ परियोजनाओं का शुभारंभ एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम आंदोलन का सपना साकार हुआ है। बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर ने अवसंरचना, सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक कल्याण योजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है।
उन्होंने राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला (एनसीएफएल) का भी उद्घाटन किया। दिल्ली के बाद देश की दूसरी यह प्रयोगशाला गुवाहाटी के लाचित बरफूकन पुलिस अकादमी में स्थापित की गई है। शाह ने कहा कि यह सुविधा आठों पूर्वोत्तर राज्यों को साइबर अपराध, ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी और घुसपैठ जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी।
‘ब्रह्मपुत्र विंग’ के बारे में गृहमंत्री ने बताया कि इसे 40 करोड़ से अधिक की लागत से 3,300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया गया है। यह न केवल संवैधानिक कार्यों को सुगम बनाएगा बल्कि विद्यार्थियों, कलाकारों और शोधकर्ताओं से संवाद का मंच भी बनेगा और राज्यपाल को जनता की भावनाएं सरकार तक पहुंचाने में सहायक होगा।
राजनीतिक टिप्पणी करते हुए शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माताजी के लिए विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता द्वारा अपशब्दों के प्रयोग की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह राजनीति का सबसे निम्न स्तर है और ऐसी नकारात्मक नफरत की राजनीति को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। शाह ने विपक्षी नेता से प्रधानमंत्री, उनकी दिवंगत माताजी और देश की जनता से माफी मांगने की अपील की।
बड़ा हादसा: नदी में नहाने से 4 छात्र डूब, एक का शव बरामद, बाकी की तलाश जारी
झारखंड के दुमका जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ मयूराक्षी नदी में नहाने गए चार छात्र डूब गए, जिनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है। बाकी तीन छात्रों की तलाश अभी भी जारी है।
क्या है पूरा मामला?पुलिस के मुताबिक, ये चारों छात्र गुरुवार शाम को घर से निकले थे और देर रात तक वापस नहीं लौटे। शुक्रवार सुबह, कुछ स्थानीय लोगों ने नदी के किनारे छात्रों के कपड़े और मोबाइल फोन देखे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस और परिजनों ने तुरंत खोजबीन शुरू की। एक का शव मिला: शुक्रवार सुबह, गोताखोरों की टीम को कृष्ण सिंह (17) का शव मिला।वह दुमका के बक्शी बांध इलाके का रहने वाला था और 12वीं कक्षा में पढ़ता था।
लापता छात्रों की तलाश: लापता हुए बाकी तीन छात्रों की पहचान आर्यन कुमार, कृष और आर्यन के रूप में हुई है। इनकी तलाश अभी भी जारी है।
बचाव कार्य में आ रही दिक्कतेंपुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मयूराक्षी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी में करीब 20 फीट तक पानी होने से बचाव दल को सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि और गोताखोरों की टीम बुलाई गई है ताकि जल्द से जल्द लापता छात्रों का पता लगाया जा सके।
पहले भी हो चुके हैं हादसेजिस जगह यह हादसा हुआ है, उसे लोग ‘मिनी गोवा’ कहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 2016 में भी इसी जगह पर छह छात्र डूब गए थे। मानसून के इस मौसम में झारखंड में अब तक नदियों, तालाबों और जलाशयों में डूबने से 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज़्यादातर छात्र और युवा हैं।
WATCH: पीएम मोदी को भेंट की गई पारंपरिक जापानी दारुमा गुड़िया, जानें यह किसका प्रतीक है
टोक्यो: जापान की दो दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टोक्यो स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी ने एक पारंपरिक जापानी ताबीज, दारुमा गुड़िया भेंट की। दारुमा गुड़िया एक पारंपरिक जापानी ताबीज है जो दृढ़ता और सौभाग्य का प्रतीक है।
इसका उपयोग अक्सर व्यक्तिगत या व्यावसायिक लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
दारुमा गुड़िया एक खोखली, गोल, जापानी पारंपरिक गुड़िया है जिसे बौद्ध धर्म की ज़ेन परंपरा के संस्थापक बोधिधर्म के आधार पर बनाया गया है। ये गुड़िया आमतौर पर लाल रंग की होती हैं और भारतीय भिक्षु बोधिधर्म को दर्शाती हैं। लेकिन क्षेत्र और कलाकार के आधार पर इनके रंग और डिज़ाइन में काफी भिन्नता हो सकती है। दारुमा गुड़िया जापानी मुहावरे “सात बार गिरो, आठ बार उठो” का प्रतीक है।
दारुमा गुड़िया जापान में सबसे प्रिय सौभाग्य-प्रचारकों में से एक हैं और सिर्फ़ एक स्मृति-चिह्न से कहीं बढ़कर हैं। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, पारंपरिक रूप से, दारुमा गुड़िया अपनी यात्रा तब शुरू करती है जब कोई व्यक्ति कोई व्यक्तिगत लक्ष्य या इच्छा निर्धारित करता है।
इसकी “एक आँख उस इरादे को दर्शाने के लिए रंगी जाती है, जबकि दूसरी आँख तब तक खाली रहती है जब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता। यह एक निरंतर अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है, जो आपको तब तक उद्देश्यपूर्ण दृष्टि से देखती रहती है जब तक आप उस सपने को साकार नहीं कर लेते।”
जैसे-जैसे वर्ष समाप्त होता है, कई लोग ‘दारुमा कुयो’ नामक एक समारोह में अपनी दारुमा गुड़िया मंदिरों में वापस कर देते हैं। इसे कृतज्ञता और मुक्ति का एक शुद्धिकरण अनुष्ठान माना जाता है। इन समारोहों में, पुरानी दारुमा गुड़ियों को बड़े अलाव में सम्मानपूर्वक जलाया जाता है, अक्सर मंत्रोच्चार या भिक्षुओं के आशीर्वाद के साथ।
कुछ मंदिर लोगों को दारुमा गुड़ियों को जलाने से पहले उन पर अपनी इच्छाएँ या विचार लिखने की अनुमति देते हैं, जिससे वे एक शक्तिशाली आध्यात्मिक समय कैप्सूल में बदल जाती हैं। दारुमा की अनूठी बनावट किंवदंतियों और प्रतीकों में निहित है। जापान ऑब्जेक्ट्स के अनुसार, इसका अंगहीन रूप उस कथा से आता है जिसमें ज़ेन बौद्ध धर्म की स्थापना का श्रेय प्राप्त एक भिक्षु ने नौ वर्षों तक इतनी गहन साधना की कि उसके हाथ और पैर सूख गए।
डरा रहा धारी देवी मंदिर का नया वीडियो, इस मंदिर की मूर्ति हटाने से ही 2013 में आई थी प्रलय
उत्तराखंड में बदरीनाथ केदारनाथ राजमार्ग पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ धारी देवी मंदिर के नीचे श्रीनगर बांध का पानी तेजी से बढ़ रहा है और मंदिर प्रांगण से महज एकाध फुट नीचे तक अलकनंदा का पानी पहुंच गया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार चमोली तथा रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश तथा बादल फटने की घटनाओं के कारण मंदाकिनी तथा अलकनंदा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग सात के नजदीक स्थित धारी देवी मंदिर को अलकनंदा नदी का पानी छूने लगा है।
मंदिर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है पानी
मंदिर से नदी का पानी कुछ ही फुट नीचे बह रहा है। धारीदेवी मंदिर झील के ऊपर है जहां सामान्य दिनों में श्रद्धालु पुल से पहुंचकर माता के दर्शन करने जाते हैं। बांध बनाते समय नदी में पिलर डालकर माता के मंदिर को ज्यों का त्यों माता की प्राचीन पीठ पर ही स्थापित किया गया था। अलकनंदा का पानी मंदिर को जाने वाले पुल तथा मंदिर प्रांगण की तरफ तेजी से चढ़ रहा है। सूचना के अनुसार सिरोबगड़ के पास की झील का पानी अब सड़क पर बहने लगा है और सड़क लगभग झील बन गई है। 
धारी देवी की कृपा से चार धाम यात्रा होती है पूरी
धारी देवी उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति पीठ और धार्मिक स्थल है, जो श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर अपनी रहस्यमयी और चमत्कारी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है और इसे उत्तराखंड की संरक्षक देवी माना जाता है। धारी देवी को चार धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, और यमुनोत्री) की रक्षक के रूप में भी पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती का शरीर का एक हिस्सा यहां गिरा था, जिसके कारण यह स्थान पवित्र हो गया। स्थानीय लोग और श्रद्धालु मानते हैं कि धारी देवी उत्तराखंड की रक्षा करती हैं। उनकी कृपा के बिना चार धाम यात्रा पूरी नहीं हो सकती।
प्राकृतिक आपदा से मंदिर का संबंध
धारी देवी की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि यह दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है। सुबह यह कन्या , दोपहर में युवती, और शाम को वृद्ध महिला के रूप में दिखाई देती है। यह चमत्कार मंदिर की प्रसिद्धि का प्रमुख कारण है। 2013 में उत्तराखंड में आई भीषण बाढ़ को धारी देवी के क्रोध से जोड़ा जाता है। 16 जून 2013 को मंदिर की मूल मूर्ति को एक जलविद्युत परियोजना के लिए इसके मूल स्थान से हटाकर ऊंचाई पर स्थानांतरित किया गया था। उसी दिन शाम को केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ आई, जिसमें हजारों लोगों की जान गई। यह माना जाता है कि धारी देवी की कृपा से ही चार धाम यात्रा सफल होती है। उनकी अनुमति के बिना कोई भी इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
पानी-पानी हुआ पंजाब, 37 साल बाद ऐसी बाढ़, तीन नदियों के उफान में सैकड़ों गांव डूबे
पंजाब में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से लगते जिलों में हालात काफी खराब हैं और कई गांव पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। यहां रहने वाले लोग फिलहाल अस्थायी कैंपों में रहने के लिए मजबूर हैं।
कोई आलीशान कोठी छोड़कर भागने को मजबूर हुआ है तो किसी को अपने पशुओं तक को निकालने का वक्त नहीं मिला। पंजाब के लोगों का कहना है कि 1988 के बाद पहली बार इतनी भीषण बाढ़ राज्य में आई है, यानी 37 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में चल रही भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का पानी उफान पर है।
आसपास में काफी दूरी तक रिहायशी इलाकों में इन नदियों का पानी चला आया है। कुछ इलाकों में तो ऐसी स्थिति है कि जहां तक नजर जाती है, वहां तक सिर्फ पानी ही दिख रहा है। खासतौर पर पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, तरन तारन, कपूरथला, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर में हालात खराब हैं। निचले इलाके में पड़ने वाले सैकड़ों गांव पूरी तरह जलमग्न हैं। दूर से देखने पर घरों का थोड़ा हिस्सा ही दिखता है क्योंकि ज्यादातर पानी में डूब चुके हैं। इससे हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है तो वहीं जान और माल की हानि भी बड़े पैमाने पर हुई है।
फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है, लेकिन पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार जारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने सभी प्रभावित जिलों में प्रशासन को आदेश दिया है कि बचाव कार्य में तेजी लाएं। आज वह चंडीगढ़ में एक हाई लेवल मीटिंग भी इस बारे में करने वाले हैं। राजपुरा में फ्लड कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
पटियाला में बाढ़ का एक लंबा इतिहास रहा है। 1993 में भी इस जिले में भीषण बाढ़ आई थी। इसके अलावा दो साल पहले 2023 में भी बाढ़ आई थी। जिले में तमाम गांवों को बड़ा नुकसान मॉनसून से आई बाढ़ के चलते हुआ था। पंजाब के लिए बड़े पैमाने पर प्रवासी भारतीयों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। सोशल मीडिया पर #PrayforPunjab ट्रेंड कर रहा है।
मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक. पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना अहम
भारत-जापान के 15वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय जापान दौरे पर हैं. यहां पीएम मोदी जापान के पीएम इशिबा से मुलाकात करने वाले हैं. जापान के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन पहुंचेंगे.
इससे पहले पीएम मोदी ने यहां प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की. टोक्यो में भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत निवेश के लिए सबसे बेहतर है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का एक प्रतीक है.
भारत के विकास में जापान का साथ- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज सुबह ही टोक्यो पहुंचा हूं. मुझे बहुत खुशी है कि मेरी यात्रा की शुरुआत बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है. आप में से बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनसे मेरा व्यक्तिगत परिचय रहा है, जब मैं गुजरात में था तब भी और जब मैं दिल्ली आ गई तब भी.
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक अहम पार्टनर रहा है. मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक बनी हैं.
उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. मात्र पिछले 2 सालों में 30 बिलियन डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्ट हुआ है.
विश्व की तीसरी सबसे बड़ी Economy बनेगा भारत- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत के अभूतपूर्व transformation से आप सभी भली भांति परिचित हैं. आज भारत में political stability है, economic stability है, policy में पारदर्शिता है, predictability है. आज भारत विश्व की सबसे तेज grow करने वाली major economy है और बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी economy बनने जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हमारे reforms केवल tax प्रणाली तक सीमित नहीं हैं. हमने ease of doing business पर बल दिया है. बिजनेस के लिए single digital window अप्रूवल की व्यवस्था की है.
अपने संबोधन में पीएम ने क्या की अपील?
इन Reforms के पीछे हमारा विकसित भारत बनाने का संकल्प है. विश्व ने इसे recognize ही नहीं appreciate भी किया है. S&P Global ने, दो दशक बाद, भारत की Credit Rating Upgrade की है. उन्होंने कहा कि The world is not just watching India, it is counting on India.
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है. हम साथ मिलकर, वही magic, बैटरीज, रोबोटिक्स, सेमी-कन्डक्टर, शिप-बिल्डिंग और nuclear energy में भी दोहरा सकते हैं. साथ मिलकर, हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैं आप सबसे आग्रह करता हूं. भारत आइये और मिलकर विश्व बनाते हैं.
वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान के परेड ग्राउंड में पानी ही पानी, वीडियो वायरल होने पर भारत को ठहराया जिम्मेदार
अमृतसर: वाघा बॉर्डर पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने पाकिस्तान को शर्मिंदा कर दिया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर परेड ग्राउंड बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न है और पाक रेंजर्स घुटनों तक पानी में खड़े हैं।
वहीं भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) का क्षेत्र साफ-सुथरा और लगभग पानी रहित दिख रहा है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय पक्ष पर ग्रैंड ट्रंक रोड (GT रोड) की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, जिसकी वजह से पानी पाकिस्तान की ओर जमा हो रहा है।
सच्चाई तो कुछ और है
हकीकत यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी बॉर्डर पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और जल निकासी प्रणाली को बेहतर कर लिया है। इस कारण भारतीय क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। वहीं पाकिस्तान लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। परेड स्थल पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां जगह-जगह कीचड़ और घुटनों तक पानी जमा हो गया। हालात से निपटने के लिए पाक रेंजर्स ने रेत की बोरियां लगाकर पानी रोकने की कोशिश की।
पाकिस्तानियों की खुल गई पोल
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों से GT रोड की ऊंचाई को लेकर शिकायत भी की है। जल्दबाजी में पाकिस्तानी पक्ष ने जल निकासी के लिए कुछ नाले बनाए और सड़क का एक हिस्सा ऊंचा कर पानी बहाने की कोशिश की। लेकिन लगातार भारी बारिश ने पाकिस्तान की सभी तैयारियों की पोल खोल दी।
पाकिस्तान के आरोप पर भारत का जवाब
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने कहा कि 8-9 अगस्त को पंजाब क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का हो। उन्होंने साफ किया कि वाघा-अटारी, हुसैनीवाला और सादकी-तीनों स्थानों पर होने वाले झंडा उतारने के समारोह स्थल पर किसी भी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए थे। कुछ चौकियों को खाली भी कराना पड़ा। विशेषकर वे चौकियां, जो रावी नदी के पार भारत की ओर की एनक्लेव्स में स्थित हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले आती हैं, वहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
बाढ़ से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के कई हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। वाघा बॉर्डर पर वायरल हुआ यह दृश्य केवल उस बड़ी त्रासदी की एक झलक है। लगातार हो रही बरसात ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष की साफ और व्यवस्थित परेड ग्राउंड ने एक बार फिर दोनों देशों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन क्षमता का अंतर दुनिया के सामने रख दिया है।












