Breaking News
देश
SIP Calculation: ₹2000 की SIP से कैसे बनेगा ₹1 करोड़ का फंड? जानें पूरा कैलकुलेशन
क्या सिर्फ ₹2000 की छोटी-सी SIP से आप करोड़पति बन सकते हैं? जवाब है- हां फर्क सिर्फ इतना है कि आपको इसमें धैर्य और समय दोनों की ज़रूरत होगी। SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की असली ताकत ‘कम्पाउंडिंग’ में है, जिसमें आपके निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी आगे चलकर ब्याज कमाने लगता है।
कितना मिलता है रिटर्न
अगर आप हर महीने ₹2000 की SIP करते हैं और सालाना औसतन 12% रिटर्न मिलता है, तो 10 साल में आपका पैसा लगभग ₹4.65 लाख तक पहुंच जाएगा। निवेश जितना लंबा होगा, उतना ही तेज ग्रोथ दिखाई देगी। 15 साल में यह रकम करीब ₹9.98 लाख, और 20 साल में लगभग ₹19.86 लाख तक पहुंच सकती है।
इसी तरह, अगर आप लगातार 25 साल तक SIP करते हैं, तो ₹6 लाख का निवेश बढ़कर करीब ₹40 लाख हो जाएगा। 30 साल में यह आंकड़ा लगभग ₹80.95 लाख तक पहुंच जाएगा। और अगर आप 32 साल तक धैर्य रखें, तो यही छोटी-सी SIP आपको ₹1 करोड़ का फंड दे देगी।
यहीं से असली खेल शुरू होता है। जैसे-जैसे समय बढ़ता है, कम्पाउंडिंग आपके पैसे को और तेजी से बढ़ाती है। अगर आप 25 साल तक हर महीने ₹2000 डालते हैं, तो कुल निवेश केवल ₹6 लाख होगा, लेकिन इसकी वैल्यू बढ़कर करीब ₹40 लाख तक पहुँच जाएगी। 30 साल में यह फंड लगभग ₹80.95 लाख तक पहुँच सकता है। और अगर आप 32 साल तक लगातार निवेश करें, तो आपका यह छोटा-सा निवेश आपको ₹1 करोड़ का फंड दे सकता है।
ध्यान देने वाली बात
₹2000 की SIP कोई बहुत बड़ी राशि नहीं है, लेकिन नियमितता और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से यह आपके लिए एक बड़ा कॉर्पस तैयार कर सकती है। यही वजह है कि कहा जाता है- SIP छोटे निवेशकों को भी करोड़पति बना सकती है, बस शर्त है कि आप इसे बीच में न रोकें।
ढाई महीने के नवजात बच्चे को उठाकर ले गया बंदर, फिर पानी से भरे ड्रम में डालकर ले ली…
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां बंदरों के एक झुंड ने घर में सो रहे ढाई महीने के नवजात बच्चे को उठाकर पानी से भरे ड्रम में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
यह घटना गुरुवार, 4 सितंबर की है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। कैसे हुआ पूरा हादसा? यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चे का परिवार अपने घर के कामों में व्यस्त था। उन्हें पता ही नहीं चला कि बंदरों का एक झुंड घर के अंदर घुस आया है। जब परिवार को बच्चा बिस्तर पर नहीं मिला, तो उन्होंने तुरंत उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उन्हें छत की तरफ से कुछ अजीब आवाजें सुनाई दीं। जब वे छत पर पहुंचे, तो उन्होंने बच्चे को पानी से भरे एक ड्रम में डूबा हुआ पाया।
परिवार तुरंत बच्चे को लेकर पास के अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है और स्थानीय लोगों में बंदरों के आतंक को लेकर गुस्सा बढ़ गया है। बंदरों के आतंक से परेशान हैं लोग सीतापुर में बंदरों का आतंक कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस समस्या की शिकायत कर रहे हैं। बंदर अक्सर घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान ले जाते हैं और लोगों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर देते हैं। लोगों का आरोप है कि वन विभाग और प्रशासन ने अभी तक इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
राजा रघुवंशी मर्डर केस: हत्या की वजह का खुलासा, सोनम और प्रेमी सहित पांच आरोपियों के खिलाफ 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
इंदौर के बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में मेघालय पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार शाम अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
यह मामला शहर के जाने-माने बिजनेसमैन राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे देश में सनसनी मचा दी थी।
राजा की पत्नी सोनम और उसका प्रेमी राज कुशवाहा मास्टरमाइंड
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार्जशीट में हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाहा को बताया गया है। इस साजिश में तीन अन्य आरोपियों आकाश राजपूत, आनंद कुर्मी और विशाल सिंह चौहान ने भी अहम भूमिका निभाई। इन पांचों पर भारतीय दंड संहिता की हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में सभी पांचों आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
मर्डर का मुख्य मकसद
पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड की योजना बेहद सावधानी से बनाई गई थी। चार्जशीट में सोनम और राज कुशवाहा की नजदीकियों को हत्या का मुख्य मकसद बताया गया है, जबकि अन्य तीन आरोपियों ने इस साजिश को अंजाम देने में उनकी मदद की। जांच के दौरान पुलिस ने कई सबूत जुटाए, जिनमें कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और गवाहों के बयान शामिल हैं।
राजा रघुवंशी हत्याकांड: पीड़ित के भाई का सनसनीखेज आरोप, ‘सोनम के परिवार ने छिपाई सच्चा, पिंडदान क्यों नहीं करते’
केस में पांच आरोपी
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि इस मामले में तीन और सह-आरोपियों, प्रॉपर्टी डीलर सिलोमे जेम्स, बिल्डिंग मालिक लोकेन्द्र तोमर और सिक्योरिटी गार्ड बलवीर आहिरवार के खिलाफ जल्द ही सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इन पर सबूत नष्ट करने और छिपाने का आरोप है
देश में चर्चा का विषय रहा यह हत्याकांड
यह हत्याकांड उस समय सुर्खियों में आया था, जब राजा रघुवंशी की शादी के कुछ ही महीनों बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने न केवल इंदौर, बल्कि पूरे देश में लोगों को झकझोर दिया। पुलिस का दावा है कि चार्जशीट में पुख्ता सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस बनाया गया है। अब अदालत में इस मामले की सुनवाई जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
सूडान में हुए भूस्खलन ने ले ली 200 बच्चों की जान, सहायता समूह ने बताई दर्दनाक आंखों देखी
काहिराः पश्चिमी सूडान के दारफुर क्षेत्र में हाल ही में हुए भीषण भूस्खलन ने विनाशकारी प्रभाव डाला है। यह हादसा रविवार को मर्राह पर्वतों के तरासिन गांव में हुआ, जहां मिट्टी और चट्टानों के नीचे दबकर सैकड़ों लोगों की जान चली गई।
शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार इस त्रासदी में लगभग 200 बच्चे भी मारे गए हैं। इस हादसे में 1000 अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका है।
राहत और बचाव कार्य जारी
एक प्रमुख सहायता संगठन ‘सेव द चिल्ड्रन’ ने बताया कि अब तक 150 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 40 बच्चे भी शामिल हैं। इन सभी का उपचार किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य अभी भी युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन कठिन भू-प्राकृतिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण प्रयासों में बाधाएं आ रही हैं। भूस्खलन का प्रभाव इतना व्यापक है कि पूरे गांव को भारी नुकसान पहुंचा है। मकान मलबे में दब गए हैं और जीवित बचे लोग खुले में रहने को मजबूर हैं। पानी, दवा और भोजन की भारी किल्लत है। कई लोग अब भी लापता हैं और उनके जीवित बचने की संभावना क्षीण होती जा रही है।
सूडान आर्मी ने बताया बड़ी आपदा
‘सूडान लिबरेशन मूवमेंट आर्मी’ के प्रवक्ता मोहम्मद अब्देल-रहमान अल-नायर ने इस आपदा को भयानक बताया और पुष्टि की कि मृतकों की संख्या एक हजार से अधिक हो सकती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सहायता की अपील की है, ताकि राहत कार्यों को तेज किया जा सके और बचे हुए लोगों की जान बचाई जा सके।
मानवीय संकट और गहराने का खतरा
यह आपदा सूडान में पहले से मौजूद मानवीय संकट को और गहरा कर रही है, जहां पहले ही हिंसा, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं चल रही हैं। बच्चों की बड़ी संख्या में मृत्यु ने इस त्रासदी को और भी दर्दनाक बना दिया है और यह दर्शाता है कि प्राकृतिक आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित अक्सर कमजोर और असहाय वर्ग ही होते हैं।
गुजरात में भारी बारिश के कारण राज्य के 113 डैम को लेकर सतर्कता बरतने की चेतावनी
गांधीनगर: गुजरात में इस वर्ष मेघराजा ने भारी बारिश की है।
मानसून सीज़न में सर्वाधिेक वर्षा के परिणामस्वरूप राज्य के 113 डैम को लेकर सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की गई है। 04 सितंबर 2025 को औसतन 92.64 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। जिसमें सबसे अधिक उत्तर गुजरात में 96.94 प्रतिशत वर्षा, दक्षिण गुजरात में 96.91 प्रतिशत, पूर्व-मध्य में 93.79 प्रतिशत, कच्छ में 85.14 प्रतिशत जबकि सौराष्ट्र में 84.74 प्रतिशत औसतन वर्षा दर्ज की गई है। यह जानकारी राज्य आपदा ऑपरेशन सेंटर, गांधीनगर ने दी है।
राज्य आपदा ऑपरेशन सेंटर ने बताया कि इसके अलावा सभी क्षेत्रों में भारी वर्षा के परिणामस्वरूप सरदार सरोवर को छोड़कर राज्य के कुल 206 डैम में से 113 डैम को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। जिनमें 82 डैम 100 प्रतिशत, 68 डैम 70 से 100 प्रतिशत के बीच, 24 डैम 50 से 70 प्रतिशत के बीच जबकि 17 डैम 25 से 50 प्रतिशत के बीच भरे गए हैं। राज्य की जीवनरेखा समान सरदार सरोवर डैम में वर्तमान में उसकी कुल क्षमता के 89 प्रतिशत से अधिक जलसंग्रह उपलब्ध है।
गुजरात में उल्लेखनीय बारिश के परिणामस्वरूप अन्नदाता किसानों द्वारा दिनांक 01 सितंबर 2025 की स्थिति में औसतन कुल 96.29 प्रतिशत क्षेत्र में खरीफ-मानसून बुवाई की गई है। जिसमें सबसे अधिक 22 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की बुवाई जबकि दूसरे क्रम में 20 लाख हेक्टेयर में कपास और तीसरे क्रम में 08 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की बुवाई की गई है, ऐसा कृषि विभाग की सूची में बताया गया है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के 24 जिलों के 158 तालुका में औसतन 12 मिमी से अधिक वर्षा हुई है। गुजरात के मछुआरों को आज 04 से 07 सितंबर तक समुद्र में न जाने की आईएमडी ने चेतावनी जारी की है।
PM मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा में नहीं होंगे शामिल, विदेश मंत्री जयशंकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
International Desk: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने के अंत में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक उच्च-स्तरीय सत्र में शामिल नहीं होंगे। यहां जारी वक्ताओं की संशोधित अनंतिम सूची से यह जानकारी मिली है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र नौ सितंबर को शुरू होगा। उच्च स्तरीय सत्र 23 से 29 सितंबर तक होगा जिसमें ब्राजील पारंपरिक रूप से सत्र का पहला वक्ता होगा उसके बाद अमेरिका दूसरे स्थान पर होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को यूएनजीए के मंच से वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे
व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल में संयुक्त राष्ट्र सत्र में यह उनका पहला संबोधन होगा। उच्च स्तरीय सत्र में शामिल होने वाले वक्ताओं की शुक्रवार को जारी संशोधित अनंतिम सूची के अनुसार भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। वह 27 सितंबर को सत्र को संबोधित करेंगे। दरअसल इससे पहले जुलाई में जारी वक्ताओं की अनंतिम सूची में यह जानकारी दी गई थी कि प्रधानमंत्री मोदी 26 सितंबर को सत्र को संबोधित करेंगे। इजराइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के शासनाध्यक्ष 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित करेंगे।
70 साल के दादा और 65 साल की दादी का इश्क़! 7 साल का राज बगीचे में पकड़ा गया, पंचायत ने कराई शादी
मधुबनी (बिहार)। मिथिला की धरती इस बार कला या संस्कृति नहीं, बल्कि एक अनोखी प्रेम कहानी को लेकर चर्चा में है। मधुबनी जिले के फुलपरास प्रखंड के मुसहरनिया गांव में 70 वर्षीय ठकाई यादव और 65 वर्षीय जगिया देवी ने शादी कर समाज को चौंका दिया है।
???? 7 साल पुराना रिश्ता, पंचायत के फैसले से बनी जोड़ी
ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखते हैं और पिछले 7 साल से एक-दूसरे के करीब थे। ठकाई यादव, जिन्हें गांव में लोग "घोड़ावाला" कहकर पुकारते हैं, और विधवा जगिया देवी के रिश्ते ने समय के साथ गहरी मोहब्बत का रूप ले लिया।
हाल ही में दोनों को गांव के एक बगीचे में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया गया। मामला जब पंचायत पहुंचा, तो लोगों ने तय किया कि दोनों को सामाजिक मान्यता दिलाने के लिए विवाह करवा दिया जाए। पंचायत के आदेश पर पूरे गांव की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से उनकी शादी कराई गई।
???? गांव में चर्चा का विषय
-
कुछ लोग इस शादी को "प्यार की सच्ची जीत" बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस जोड़े ने साबित कर दिया कि प्यार की कोई उम्र या जाति नहीं होती।
-
वहीं, समाज का एक वर्ग इसे मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए आलोचना कर रहा है।
बावजूद इसके, यह विवाह अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
✨ हेडलाइन ऑप्शन (क्लिकबेट + सस्पेंसफुल)
-
"65 साल की दुल्हन, 70 साल का दूल्हा! 7 साल का अफेयर पंचायत के फैसले से शादी तक"
-
"बिहार में अनोखा इश्क़: 7 साल से छुपा राज बगीचे में खुला, पंचायत ने थमा दिया वरमाला"
-
"दादा-दादी बने दूल्हा-दुल्हन! 70 की उम्र में मोहब्बत का ऐसा रंग जिसने गांव को चौंका दिया"
???? क्या चाहोगे मैं इसके लिए 5 वायरल सोशल मीडिया हैशटैग्स भी बना दूं जो पोस्ट पर एंगेजमेंट बढ़ाएं?
बड़ी खबर: LIC की गोल्डन जुबली स्कॉलरशिप 2025 — सिर्फ 10वीं-12वीं पास छात्रों को मिलेगा 20 से 40 हज़ार तक!
नई दिल्ली। पढ़ाई के सपनों को पूरा करने के लिए अब पैसों की दिक्कत नहीं आएगी। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका दिया है। एलआईसी गोल्डन जुबली स्कॉलरशिप 2025 के तहत अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को हायर स्टडीज के लिए हर साल 20,000 से लेकर 40,000 रुपये तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी।
यह स्कॉलरशिप मेडिकल, इंजीनियरिंग, डेंटल, डिग्री, डिप्लोमा और ITI जैसे कोर्स करने वाले छात्रों के लिए है। वहीं, खासतौर पर लड़कियों के लिए स्पेशल स्कॉलरशिप की भी व्यवस्था की गई है।
???? किसे मिलेगा फायदा?
-
10वीं पास छात्राएं: ITI, 12वीं या डिप्लोमा कोर्स करने पर हर साल 15-15 हजार रुपये।
-
12वीं पास छात्र:
-
मेडिकल (MBBS, BAMS, BHMS, BDS): ₹40,000 सालाना।
-
इंजीनियरिंग (BE, BTech, B.Arch): ₹30,000 सालाना।
-
डिग्री/डिप्लोमा/ITI: ₹20,000 सालाना।
-
???? स्कॉलरशिप का पैसा दो किस्तों में सीधे छात्रों के बैंक अकाउंट में NEFT के जरिए भेजा जाएगा।
???? एलिजिबिलिटी (Eligibility)
-
छात्र का परिवार 4.5 लाख रुपये सालाना आय सीमा में होना चाहिए।
-
10वीं या 12वीं में कम से कम 60% अंक अनिवार्य।
-
स्कॉलरशिप उन्हीं छात्रों को मिलेगी जिनका एडमिशन मान्यता प्राप्त कॉलेज या संस्थान में हो चुका है।
???? आखिरी तारीख और आवेदन प्रक्रिया
-
आवेदन की आखिरी तारीख: 22 सितंबर 2025।
-
कैसे अप्लाई करें?
-
LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
-
गोल्डन जुबली स्कॉलरशिप 2025 लिंक पर क्लिक करें।
-
मांगी गई डिटेल्स भरकर सबमिट करें।
-
रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर Acknowledgment मेल आएगा।
-
???? कितने छात्रों को मिलेगा लाभ?
देशभर में LIC के 112 डिविजनल ऑफिस हर साल 100-100 छात्रों का चयन करेंगे। यानी इस योजना का लाभ हजारों छात्रों तक पहुंचेगा। लड़कों की संख्या कम होने पर उनकी जगह लड़कियों को मौका मिलेगा।
???? अगर आप 10वीं या 12वीं पास हैं और आगे पढ़ाई का सपना देख रहे हैं, तो यह स्कॉलरशिप आपके लिए सुनहरा अवसर है।
काली मंदिर के पास मिली नन्हीं जान… हरिश्चंद्र की दरियादिली देख आप भी हो जाएंगे भावुक
महाराजगंज से बड़ी खबर:
झाड़ियों में बेसहारा पड़ा एक नवजात बच्चा… कांपती चीखें और भूख से तड़पती मासूम सांसें। नजारा ऐसा कि देखने वालों का दिल दहल जाए। लेकिन उसी वक्त वहां पहुंचे एक सब्जी बेचने वाले हरिश्चंद्र ने जो किया, उसने इंसानियत को नई पहचान दे दी।
मौत के मुंह से बचाई नन्हीं जान
घटना उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के घुघली नगर की है। बुधवार को काली मंदिर के पास, छोटी गंडक नदी किनारे झाड़ियों में एक मासूम बच्चा बेसहारा पड़ा था। ठंड और भूख से तड़पते हुए इस बच्चे की चीख सुनकर रेलवे ढाला निवासी हरिश्चंद्र वहां पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया, गर्म कपड़ों में लपेटा और सीने से लगा लिया। यही पल उसकी जिंदगी के लिए जीवनदान साबित हुआ।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को जिला अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चा अब पूरी तरह सुरक्षित है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई दरियादिली
हरिश्चंद्र की यह इंसानियत भरी कहानी जैसे ही सामने आई, पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ईश्वर का भेजा फरिश्ता बता रहे हैं। हर कोई उनकी दरियादिली को सलाम कर रहा है।
₹2 लाख के ऑफर को किया ठुकरा दिया
इस घटना के बाद कहानी में एक नया मोड़ तब आया जब कई लोग हरिश्चंद्र से बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताने लगे। कुछ लोग तो ₹2 लाख रुपये तक देने को तैयार थे। लेकिन हरिश्चंद्र ने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है –
"ये बच्चा मेरे लिए ईश्वर का आशीर्वाद है। किसी भी कीमत पर मैं इसे किसी को नहीं दूंगा।"
पुलिस जांच में जुटी
इस मामले में घुघली थाने के प्रभारी कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्चे को सुरक्षित हाथों में सौंपा जाएगा।
???? यह घटना सिर्फ एक बच्चे की जिंदगी बचाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि आज भी इंसानियत जिंदा है।
Railway कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफ़ा! इस बैंक के सैलरी अकाउंट पर ₹1 करोड़ का फ्री Insurance कवर
Indian Railways Employee Insurance Scheme: भारतीय रेल कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। हाल ही में भारतीय रेल और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच हुए एमओयू के तहत अब रेल कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बीमा कवर मिलेगा।
GST के बाद अब एक और राहत देने का प्लान बना रही सरकार, ट्रंप टैरिफ की टेंशन से कारोबारी हो जाएंगे फ्री
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में सुधार करने के बाद अब अमेरिका के नए टैरिफ से परेशान निर्यातकों (Exporters) के लिए राहत का ऐलान करने की तैयारी कर ली है।
खेत के तहखाना में चल रहा था धंधा, छापा पड़ा तो में 40 लाख के नकली नोट हुए बरामद और... जांच में जुटी पुलिस
गुजरात के बनासकांठा जिले में पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई डीसा तालुका के महादेविया गांव में की गई। पुलिस ने मौके से करीब 40 लाख रुपये के नकली नोट, पांच प्रिंटर और स्टेशनरी का सामान जब्त किया है।
प्रधानमंत्री ने की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बताया विकास का आधार
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को विकास का आधार बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों की तारीफ की।
Tesla car first owner India: कौन हैं प्रताप सरनाईक? जो भारत की पहली Tesla कार के मालिक बने
Tesla car first owner India: दुनिया की मशहूर इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla ने आखिरकार भारत में अपनी पहली कार की डिलीवरी कर दी है। इस ऐतिहासिक मौके पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) भारत में Tesla Model Y के पहले मालिक बने हैं।
Vaishno Devi Yatra Latest Update: माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार 11वें दिन स्थगित, यात्रा कब शुरू होगी?
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए यात्रा शुक्रवार को लगातार 11वें दिन भी स्थगित रही। छब्बीस अगस्त को भूस्खलन के बाद यात्रा स्थगित कर दी गई थी। इस भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे।
BREAKING: मुंबई में 400 किलो RDX लेकर घुसे 34 आत्मघाती हमलावर , 34 वाहनों में लगाए गए मानव बम: पूरे शहर को दहलाने की धमकी
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को एक भयावह खतरे का सामना करना पड़ रहा है। एक अज्ञात caller ने मुंबई ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर धमकी दी है कि शहर में 34 वाहनों में 34 मानव बम लगाए गए हैं, जिनमें कुल 400 किलो आरडीएक्स विस्फोटक सामग्री रखी गई है।
Online Food मंगवाने वालों को लग सकता है झटका, GST Council के नए फैसले से बड़ी हलचल
सरकार के नए फैसले से जोमैटो और स्विगी जैसी बड़ी फूड डिलीवरी कंपनियों पर टैक्स का नया बोझ आ गया है। ये कंपनियां कह रही हैं कि वे यह खर्च अपने ग्राहकों से वसूल सकती हैं यानी आने वाले दिनों में डिलीवरी चार्ज बढ़ सकते हैं और जेब पर थोड़ा और बोझ पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, कारें बही, बांध के गेट खुले, कई जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से पुलों पर खतरा मंडरा रहा है, और कई जगहों पर हादसे भी हो रहे हैं।
PM मोदी के बाद देश की कमान किसके हाथ? सर्वे में ये मंत्री बने सबसे बड़े दावेदार, जनता ने दिया चौंकाने वाला जवाब!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश की बागडोर संभाल चुके हैं और न केवल भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उन्हें एक निर्णायक, स्पष्टवादी और करिश्माई नेता के तौर पर देखा जाता है।
लेकिन राजनीति में हर दौर के बाद अगला सवाल खड़ा होता है-मोदी के बाद कौन? इसी सवाल का जवाब ढूंढ़ने के लिए हाल ही में एक निजी संस्था UPUK ने एक व्यापक जनमत सर्वेक्षण (Opinion Poll) किया, जिसमें देशभर के लोगों से यह पूछा गया कि यदि नरेंद्र मोदी 2029 के बाद राजनीति से अलग होते हैं या पद छोड़ते हैं, तो अगला प्रधानमंत्री किसे होना चाहिए?
सर्वे के तीन दिग्गज चेहरे- इस सर्वे में प्रतिभागियों को तीन प्रमुख भाजपा नेताओं के नाम विकल्प के रूप में दिए गए: योगी आदित्यनाथ – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अमित शाह – केंद्रीय गृहमंत्री नितिन गडकरी – केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता
जनता का मूड: योगी आदित्यनाथ सबसे आगे सर्वे के नतीजे बेहद रोचक रहे। कुल मतदाताओं में से एक जबरदस्त 84% लोगों ने योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना। इसका सीधा संकेत यह है कि जनता उन्हें नरेंद्र मोदी के राजनीतिक वारिस के रूप में देख रही है।
अन्य नेताओं को कितना समर्थन मिला? योगी आदित्यनाथ – 84% अमित शाह – 10% नितिन गडकरी – 6% (संख्या अनुमानित है, आधारित UPUK सर्वे डेटा पर)
योगी का बढ़ता कद – क्यों बना उन्हें जनता का पसंदीदा? योगी आदित्यनाथ की छवि एक सख्त प्रशासक, हिंदुत्व के मजबूत चेहरे और बिना समझौता किए फैसले लेने वाले नेता के रूप में बनी है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और जटिल राज्य में शासन चलाने के उनके तरीके को न सिर्फ भाजपा समर्थकों, बल्कि तटस्थ मतदाताओं ने भी सराहा है। उनकी लोकप्रियता का ग्राफ लगातार ऊपर गया है, खासकर कानून-व्यवस्था में सुधार, विकास परियोजनाओं की गति, और राजनीतिक स्पष्टता के कारण।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की अगली पीढ़ी में अगर कोई चेहरा जनता को मोदी के बाद सहज रूप से स्वीकार्य लग सकता है, तो वो योगी आदित्यनाथ हैं। उनके बोलने का तरीका, भाषण शैली और मुद्दों पर पकड़ कहीं न कहीं मोदी शैली की झलक देता है। हालांकि अमित शाह और नितिन गडकरी जैसे नेताओं की प्रशासनिक क्षमता पर कोई सवाल नहीं, लेकिन जनता से सीधा जुड़ाव और जनभावनाओं को प्रभावित करने की क्षमता योगी को एक कदम आगे ले जाती है।














