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मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगभग 30 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगभग 30 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

Sawankumar 08-Oct-2021 213
रायपुर:  08 अक्टूबर, 2021/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत लगभग 30 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित भवनों एवं अन्य अधोसंरचनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित नवनिर्मित कृषि विज्ञान केन्द्र भवन, अक्ती जैवविविधता संग्रहालय, नवनिर्मित नॉलेज सेंटर भवन एवं रिकार्डिंग स्टूडियो तथा फाइटोसेनेटरी प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ वर्चुअल रूप से  उद्यानिकी महाविद्यालय, जगदलपुर एवं कृषि महाविद्यालय, रायगढ़ के नवनिर्मित महाविद्यालय भवन, बालक छात्रावास एवं कन्या छात्रावास भवनों और 16 कृषि महाविद्यालयों में निर्मित ई-क्लासरूम का लोकार्पण भी किया। 
     इस अवसर पर उन्होंने धान, करायत, सोयाबीन, मक्का और रसभरी सहित 8 फसलों की उन्नत प्रजातियों के बीजों तथा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई चावल से प्रोटीन और ग्लूकोज को अलग करने की तकनीक का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र शर्मा, शाकम्बरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राम कुमार पटेल, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप चौबे, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विधायक श्री प्रकाश नायक, श्री रेखचंद जैन, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय बोर्ड के सदस्य श्री बोधराम कंवर सहित अनेक कृषि वैज्ञानिक और प्राध्यापक वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
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प्रकृति के संतुलन के लिए मानव के साथ-साथ वन तथा वन्यप्राणियों का सह अस्तित्व जरूरी- वन मंत्री  अकबर...छत्तीसगढ़ में वन तथा वन्यप्राणी दोनों की ही सुरक्षा के लिए हो रहे लगातार कार्य...

प्रकृति के संतुलन के लिए मानव के साथ-साथ वन तथा वन्यप्राणियों का सह अस्तित्व जरूरी- वन मंत्री अकबर...छत्तीसगढ़ में वन तथा वन्यप्राणी दोनों की ही सुरक्षा के लिए हो रहे लगातार कार्य...

Sawankumar 08-Oct-2021 53

रायपुर:  08 अक्टूबर 2021/वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज 8 अक्टूबर को वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समापन कार्यक्रम में वन्यप्राणी ’भालू’ तथा ’तेंदुआ’ के मानक प्रचालन प्रक्रिया नामक दो पुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही बारनवापारा अभ्यारण्य के सोशल मीडिया एकाउंट का भी शुभारंभ किया। 

वन मंत्री श्री अकबर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वन एवं वन्यप्राणियों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश के कुछ क्षेत्रफल के 44 प्रतिशत से अधिक हिस्से वनों से आच्छादित हैं, यहां विभिन्न प्रकार के वन्य प्राणी विचरण करते हैं। ये हम सब के लिए महत्वपूर्ण धरोहर हैं। हमारी सरकार द्वारा इसकी महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में वन तथा वन्यप्राणी दोनों की ही सुरक्षा को प्राथमिकता में रखी गई है। उन्होंने बताया कि प्रकृति के संतुलन के लिए मानव के साथ-साथ वन तथा वन्यप्राणियों का सह अस्तित्व जरूरी है।  
वन मंत्री श्री अकबर ने बताया कि प्रदेश में वन तथा वनों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा हर संभव पहल की जा रही है। इसके तहत राज्य में वर्तमान में संरक्षित वन क्षेत्र के अंतर्गत 3 राष्ट्रीय उद्यान, 11 अभ्यारण्य, 3 टायगर रिजर्व, एक हाथी रिजर्व और एक बायोस्फियर रिजर्व के माध्यम से वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं संवर्धन के विविध कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य में लेमरू हाथी रिजर्व की स्थापना की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ गई है। साथ ही राज्य में एक और टायगर रिजर्व की स्थापना के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि इनकी महत्ता को ध्यान में रखते हुए देश में 1972 से वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम लागू है। अधिनियम के लागू होने से वन्यप्राणियों के संरक्षण को बढ़ावा मिला है और इनके सरंक्षण में हम सफल हुए हैं। 
कार्यक्रम को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री पी.व्ही. नरसिंग राव ने भी सम्बोधित किया। उनके द्वारा बताया गया कि राज्य में वन तथा वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर पचेड़ा, खंडवा, उपरवारा, कुर्रू, भेलवाडीह आदि के प्रतिभागी स्कूली बच्चों खेमन, मेघा साहू, कु.डाली यादव, साहिल धु्रव, कु.यामिनी साहू, कु.मानसी यदु, अंजू सिन्हा, स्नेहा यदु, विद्या साहू, कल्पना वर्मा, चंद्रकांत साहू, भगवती सोनवानी, मोना वर्मा, विनिता सिन्हा, राजकुमारी यादव, गींताजली सिन्हा, लक्ष्मी जोशी, रूपाली, हिना बारले, गुलशन साहू, नीतिश हरवंश, सत्या ध्रुव, चंद्रकांत साहू तथा धंनजय पटेल को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम मे आभार प्रदर्शन मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री राजेश पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर सचिव वन श्री प्रेमकुमार तथा संचालक सह वन मंडलाधिकारी जंगल सफारी सुश्री एम. मर्सिबेला आदि उपस्थित थे।
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देश-दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ में खुला राम वन गमन मार्ग

देश-दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ में खुला राम वन गमन मार्ग

Sawankumar 07-Oct-2021 205

छत्तीसगढ़ के जनमन में रचे बसे हैं राम: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल*

 

संस्कृति के गढ़ के रूप में बन रही छत्तीसगढ़ की पहचान*

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने चन्दखुरी में माता कौशल्या मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का किया लोकार्पण*

 

राम वन गमन पर्यटन परिपथ का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ*

 

तीन दिवसीय उद्घाटन समारोह का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज*  

 

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों और मानस मंडलियों ने दी आकर्षक प्रस्तुतियां*

 

    रायपुर 07 अक्टूबर 2021/भगवान राम जिस वन पथ पर चलकर मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाए आज छत्तीसगढ़ में वह वन पथ देश-दुनिया के लिए खुल गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज मां कौशल्या की नगरी चंदखुरी में राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि भगवान श्री राम का छत्तीसगढ़ से बड़ा गहरा नाता है। भगवान श्री राम हम छत्तीसगढ़ियों के जीवन और मन में रचे बसे हैं। सोते-जागते, एक-दूसरे का अभिवादन करते, सुख हो अथवा दुख हर पल हम छत्तीसगढ़िया लोग भगवान श्री राम का सुमिरन करते हैं। हम छत्तीसगढ़िया लोग, भगवान श्री राम को माता कौशल्या के राम, भांचा राम, वनवासी राम, शबरी के स्नेही और दयालु राम के रूप में जानते और मानते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक निर्माण, गृह एवं पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने की। 
     मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि भगवान श्री राम का छत्तीसगढ़ के जन जीवन, लोक संस्कृति, लोक गीत में गहरा प्रभाव देखने और सुनने को मिलता है। भगवान श्री राम ने अपने वनवास की 14 साल की अवधि में से लगभग 10 साल की अवधि छत्तीसगढ़ में व्यतीत की। माता कौशल्या से मिले संस्कार और छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों, वनवासियों और किसानों के साथ बिताई अवधि ने उनके व्यक्तित्व को इतनी ऊंचाई दी कि भगवान श्री राम मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी को प्रणाम करते हुए सभी लोगों को नवरात्रि पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज यहां का वातावरण ऐसा लग रहा है जैसे माता कौशल्या भगवान राम को लेकर मायके चंदखुरी आई है, पूरा दृश्य मनोरम हो गया है। चंदखुरी ही नहीं पूरा छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का यह प्रताप है कि छत्तीसगढ़िया लोग भांचा को राम के रूप में मानते हैं और उन्हें प्रणाम करते हैं। 
मुख्यमंत्री ने चंदखुरी में नवरात्रि पर्व के दौरान तीन दिन तक आयोजित होने वाले रंगारंग सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां तीन दिन तक छत्तीसगढ़ सहित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कलाकार स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राम वन गमन पर्यटन परिपथ के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और कहा कि कोरिया जिले के सीतामढ़ी में हरचौका से लेकर सुकमा के रामाराम तक लगभग 2260 किलोमीटर का राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की  संस्कृति हमारी पहचान है। इसको आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग, हर समाज के लोगों की आस्था के केन्द्रों को संरक्षित एवं संवर्धित कर रही है। उन्होंने सिरपुर स्थित पुरातात्विक बौद्ध स्थल से लेकर बस्तर अंचल में आदिवासियों की संस्कृति एवं परंपरा से जुडे़े घोटुल और देवगुड़ियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब संस्कृति के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां की परंपरा, यहां के धार्मिक, पुरातात्विक महत्व के स्थल, पर्यटन स्थल, सरगुजा के रामगढ़ स्थित पांच हजार वर्ष पूर्व की प्राचीन नाट्यशाला को विश्व पटल पर लाने का काम हमारी सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने मां बम्लेश्वरी की नगरी डोंगरगढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि हम धार्मिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों को सुन्दर बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राम राज और महात्मा गांधी के सपनों को साकार करना है। यहां सुख-शांति बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग रंग में भंग डालने की कोशिश कर रहे हैं। वह कभी सफल नहीं होंगे। यह धरती भगवान श्री राम का ननिहाल और संतों की है। सहनशीलता और प्रेम की धरती है। 
     लोक निर्माण, गृह एवं पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने छत्तीसगढ़ में भगवान श्री राम के वन गमन के स्मृति को संजोने के लिए राम वन गमन पर्यटन परिपथ के विकास एवं निर्माण के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को पूरे देश के राम और रामायण से जुड़े लोगों की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बावजूद भी छत्तीसगढ़ में जनसुविधा के रिकार्ड काम हुए हैं। राम वन गमन पर्यटन परिपथ का काम भी लगातार जारी रहा है। आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर के जीर्णाेंद्धार एवं परिसर के सौंदर्यीकरण के कार्य का लोकार्पण होने जा रहा है। 
     नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया और खाद्य और संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया और कहा कि भगवान श्री राम के वन गमन की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए राम वन गमन पर्यटन परिपथ के विकास का अद्वितीय काम छत्तीसगढ़ में हो रहा है। यह जस का काम मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के हाथों होना लिखा था। यह भगवान श्री राम की कृपा है। वह जिसे चाहते हैं, उससे काम कराते हैं। 
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायगण, निगमों एवं मण्डलों के पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस मौके पर पद्म श्री कबीर बंधु द्वारा प्रस्तुत भजन एवं प्रथम दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सूत्रधार आशीष विद्यार्थी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत नंद कुमार साहू की मानस मण्डली द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम का रसास्वादन किया। 
 
*भगवान श्री राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण*
 
     चंदखुरी के प्राचीन माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भगवान श्री राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा का लाईट के माध्यम से अनावरण किया।  गौरतलब है कि कौशल्या माता मंदिर का जीर्णाेद्धार एवं परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य 15 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। वैश्विक पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित किए जा रहे मंदिर परिसर में 51 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा स्थापित की गई है। साथ परिसर में भव्य गेट, मंदिर के चारांे ओर तालाब का सौंदर्यीकरण, आकर्षक पथ निर्माण, वृक्षारोपण किया गया है। मंदिर चारों ओर से मनमोहक उद्यानों से घिरा है, तालाब के मध्य में शेषनाग शैय्या पर शयन मुद्रा में भगवान विष्णु के चरण दबाते मां लक्ष्मी की आकर्षक प्रतिमा है, दूसरी ओर समुद्र मंथन के दृश्य को प्रतिबिंबित करती हुई देव-दानवों की मूर्तियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं।
 
*राम वन गमन पर्यटन परिपथ के पग-पग पर होंगे भगवान श्रीराम के दर्शन*
 
    छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़े स्थलों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रारंभ की गई राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना का आज मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में सम्पूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है। इस पर्यटन परिपथ के कोरिया जिले से सुकमा तक कदम-कदम पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे और उनसे जुड़ी महत्व की कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना में सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) का 133 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से पर्यटन की दृष्टि से विकास का कार्य किया जा रहा है। इस पर्यटन परिपथ के माध्यम से राज्य में न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन के नए वैश्विक अवसर बढ़ेंगे। 
     छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, लोकसभा सांसद श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डॉ. राम सुंदर दास, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरिश देवांगन, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री राम गोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, संसदीय सचिव श्री चिन्तामणि महराज, श्री विकास उपाध्याय, विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, श्री धनेन्द्र साहू, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती अनीता शर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा साहू, सदस्य श्री नरेश ठाकुर, श्री निखिल द्विवेदी, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, जनपद अध्यक्ष आरंग श्री खिलेश देवांगन, सदस्य श्री दिनेश ठाकुर, नगर पंचायत चन्दखुरी अध्यक्ष श्री रविशंकर धीवर, कौशल्या माता मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री गालव साहू, विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।
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श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ से छत्तीसगढ़ बनेगा विश्व पर्यटन के आकर्षण का केंद्र… बढ़ेगा पर्यटन रोजगार…

श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ से छत्तीसगढ़ बनेगा विश्व पर्यटन के आकर्षण का केंद्र… बढ़ेगा पर्यटन रोजगार…

Sawankumar 07-Oct-2021 187
छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में सम्पूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है, वनवास काल का ज्यादा समय भगवान श्रीराम ने यहां व्यतीत किया था, यहां के ऋषि आश्रम, प्रकृति के मध्य वनवास काटा, इसलिए यहां की जनश्रुतियों, लोककथाओं, आम जनजीवन में भगवान श्रीराम रचे-बसे हैं।जनमान्यताओं के सम्मान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संकल्पना पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा भगवान श्रीराम के ननिहाल प्राचीन दक्षिण कौशल वर्तमान छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ के रूप में प्राचीनतम महत्व के स्थलों को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

वनवास प्रवास के दौरान श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में लम्बा समय बिताया है, मान्यता है कि श्रीराम के साथ सीता और लक्ष्मण ने 10 साल छत्तीसगढ़ में बिताये थे। जिन जगहों पर भगवान राम आए थे, ऐसे 75 स्थानों को चिन्हांकित कर वैश्विक पर्यटन के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कोरिया से सुकमा तक 2260 किमी की लंबाई तक 9 जगहों को रामायणकाल के वातावरण के अनुकूल विकसित करने का कार्य जारी है।कोरिया जिले से सुकमा तक कदम-कदम पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे और उनसे जुड़ी महत्व की कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी।

राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना में सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) का 133 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से पर्यटन की दृष्टि से विकास का कार्य किया जा रहा है।प्रथम चरण के चयनित क्षेत्रों में चंदखुरी और राजिम में पर्यटन दृष्टिकोण से सर्वसुविधायुक्त निर्माण कार्य होंगे।

रामाराम में पर्यटकों के रुकने की व्यवस्था एवं परिपथ निर्माण किया जाएगा। सिहावा में यात्रियों के ठहरने के लिए समरसता भवन, ऋषि आश्रम जीर्णोद्धार का कार्य होगा। मधुबन धाम में पेयजल सुविधा, गार्डन निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, शौचालय, विश्रामगृह, महानदी में स्टॉप डेम सहित वहां अंडरग्राउंड नाली निर्माण का कार्य होगा। इसी तर्ज पर तुरतुरिया में कॉटेज बनाए जाएंगे, महानदी पर वाटरफ्रंट डेवलपमेंट और कॉटेज विकसित होंगे, शिवरीनारायण में राम की प्रतिमा के साथ चारों तरफ भव्य द्वार बनेगा, बस्तर व दंतेवाड़ा के गीदम में जटायु द्वार, बारसूर में ट्राइबल कॉटेज बनाया जा रहा है।

इन जगहों में पेयजल सुविधा, गार्डन निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, शौचालय, विश्रामगृह, सातधारा पैगोड़ा का निर्माण किया जा रहा है। इस पर्यटन परिपथ के माध्यम से राज्य में न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन के नए वैश्विक अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही यह ग्रामीण अर्थव्यवथा को स्वावलंबी और मजबूत बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 7 अक्टूबर को नवरात्रि के शुभ अवसर पर राम वन गमन पर्यटन परिपथ का चंदखुरी के स्थित प्राचीन माता कौशल्या मंदिर में एक भव्य समारोह में अधिकारिक तौर पर शुभारंभ करेंगे।
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दुर्गाेत्सव एवं दुर्गा विसर्जन के लिये जिला प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी,

दुर्गाेत्सव एवं दुर्गा विसर्जन के लिये जिला प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी,

04-Oct-2021 120

 कोरिया - कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को  दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा दुर्गाेत्सव के लिये गाइडलाइन जारी की गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेशानुसार दुर्गा पूजा हेतु स्थापित की जाने वाली मूर्ति की अधिकतम उंचाई 8 फीट निर्धारित की गई है। पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से निर्मित मूर्ति बिकी एवं स्थापित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
दिशानिर्देशों के अनुसार, मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15-15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 500 वर्गफीट की खुली जगह हो। पंडाल के सामने 500 वर्गफीट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर ही ज्योति का प्रज्ज्वलन किया जायेगा। उक्त स्थान पर अग्नि शमन सुरक्षा के सभी उपाय किया जाना अनिवार्य होगा। ज्योति प्रज्वलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर प्रबंधन समिति की होगी। ज्योति दर्शन हेतु अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा।
  मंडप या पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिये पृथक व्यवस्था न हो,  दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने के लिये कुर्सी नहीं लगाये जायेंगे। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संकमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग की जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रिीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग, आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस, बल्ली से बेरिकेडिंग कराकर कराया जायेगा।
कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र, जैसे- धुमाल, बैंड तथा अन्य वाद्य यंत्र जिनका पीएमपीओ 200 वॉट से अधिक न हो के बजाने की अनुमति स्थापित पंडाल अथवा नियत स्थल के 100 मीटर के परिधि के अंतर्गत के लिए होगी। विसर्जन के साथ-साथ अनुमति नही होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।
मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी एवं मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए अधिकतम 10 व्यक्ति की ही अनुमति होगी एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी।
विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति एवं पूजन सामग्रियों का विसर्जन ग्राम पंचायत, नगर पंचातय नगर पालिका परिषद, नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्याेदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रकिया की अनुमति नही होगी।
उ परोक्त शर्ताे सहित किसी परिसर के अन्दर या सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति स्थापित की जाती है तो कम से कम 3 दिवस पूर्व अनुविभागीय दण्डाधिकारी के संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र के साथ आवेदन देना होगा। अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित की जा सकेगी। यह अनुमति किसी भी ऐसे स्थान पर नहीं दी जायेगी जिससे सार्वजनिक निस्तार या यातायात बाधित होने की संभावना हो।
इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन कोरिया द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश, आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जायेगी

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02 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती कलेक्टर धावड़े ने दुहराई महात्मा गांधी की शिक्षा , जिला स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया स्वच्छता श्रमदान

02 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती कलेक्टर धावड़े ने दुहराई महात्मा गांधी की शिक्षा , जिला स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया स्वच्छता श्रमदान

Sawankumar 02-Oct-2021 325

कोरिया - कलेक्टर  श्याम धावड़े के नेतृत्व में एवं जिला पंचायत सीईओ  कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में आज 02 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विकासखण्ड बैकुंठपुर के अंतर्गत झुमका बोट क्लब परिसर में सुबह 7 बजे सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने सामूहिक स्वच्छता श्रमदान किया। कलेक्टर  धावड़े ने इस अवसर पर स्वच्छता आज़ादी से महत्वपूर्ण है और स्वच्छता ही सेवा है जैसे महात्मा गांधी के वचनों को दुहराते हुए सभी को प्रेरित किया।


आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक श्रमदान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। स्वच्छताग्राही दीदियों ने अपना सहयोग इस काम मे दिया। बोट क्लब में फैले प्लास्टिक कचरे, अनावश्यक खर-पतवार, घास की सफाई की गई। इसी क्रम कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के निर्देशानुसार जिले के नगरीय निकायों, पंचायतों, शासकीय कार्यालय परिसरों, शासकीय शालाओ में भी स्वच्छता श्रमदान में भाग लिया गया।


जिला कलेक्टोरेट परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर कलेक्टर ने किया माल्यार्पण
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कलेक्टर  धावड़े ने जिला कलेक्टोरेट परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। कलेक्टर ने महात्मा गांधी के मानवीय मूल्यों, सिद्धान्तों एवं स्वच्छता पर उनकी शिक्षा का स्मरण करते हुए उपस्थित सभी को प्रेरित किया कि हमे अपने व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ प्रकृति के सुरक्षा और स्वच्छता पर भी पूरा ध्यान रखना होगा।
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कलेक्टर  धावड़े पहुंचे एकलव्य स्कूल खड़गवां के औचक निरीक्षण पर, शिक्षकों की गैरहाजिरी, अधोसंरचना में खामियों पर जमकर लगाई फटकार, कहा - बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हर सुविधा सुनिश्चित की जायेगी

कलेक्टर धावड़े पहुंचे एकलव्य स्कूल खड़गवां के औचक निरीक्षण पर, शिक्षकों की गैरहाजिरी, अधोसंरचना में खामियों पर जमकर लगाई फटकार, कहा - बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हर सुविधा सुनिश्चित की जायेगी

Sawankumar 02-Oct-2021 73
कोरिया / छत्तीसगढ़


निर्माण और वित्तीय कार्यों की जांच के लिये टीम बनाने के निर्देश, स्कूल प्रबंधन में लापरवाही पर बीईओ खड़गवां को नोटिस

मुख्य गेट से स्कूल भवन तक सीसी रोड 31 अक्टूबर तक बनाने पीडब्ल्यूडी को कड़े निर्देश

      कोरिया  कलेक्टर श्याम धावड़े और मुख्य कार्यापालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कुणाल दुदावत ने 01 अक्टूबर को एकलव्य आवासीय विद्यालय खड़गवां का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण में शिक्षकों की गैरहाजिरी और लंबे समय तक कक्षा से बाहर रहने पर कलेक्टर ने बेहद नाराज़गी ज़ाहिर की। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल में शिक्षा और अधोसंरचना से जुड़ी पह सुविधा सुनिश्चित की जायेगी।
    उन्होंने शिक्षक हाज़िरी पंजी का भी अवलोकन किया। जिसमें पंजी में उपस्थित शिक्षक स्कूल निरीक्षण के दौरान उपस्थित नहीं थे। निरीक्षण के दौरान कक्षा में अनुपस्थित शिक्षकों सरोज गुप्ता और आशीष तिवारी को भी नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गये है। कलेक्टर ने स्कूल का पूरा दौरा करते हुए सभी क्लासरूम का अवलोकन किया। वर्ष 2016 से यहां एकलव्य स्कूल संचालित है। 5 वर्षों में ही भवन की अधोसंरचना में खामियों को देख कलेक्टर ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। स्कूल में सही प्रबंधन ना होने पर कलेक्टर ने बीईओ खड़गवां को कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सीईओ जिला पंचायत को एकलव्य स्कूल में निर्माण एवं वित्तीय कार्यों की जांच के किये टीम गठित करने के भी निर्देश दिए।

*कलेक्टर ने स्वयं मेस का निरीक्षण कर जांची बच्चों को भोजन की गुणवत्ता* 
     औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत ने मेस का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री धावड़े ने स्वयं बच्चों के लिए बन रहे भोजन की गुणवत्ता देखी। कलेक्टर ने संतोषजनक गुणवत्ता ना देखते हुए नाराजगी जाहिर की और प्रभारी को गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश दिए।

*कलेक्टर-सीईओ ने की साइंस का क्लास, बच्चों ने बताया क्या है माइटोकांड्रिया, पीरियॉडिक टेबल का पी-ब्लॉक और न्यूटन के तीन नियम, बच्चों की इंटेलीजेंस देख हुए खुश*
      निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने पढ़ाई से संबंधित सवाल बच्चों से पूछे। बायोलॉजी की क्लास में बच्चों से माइटोकांड्रिया को बारे में सवाल पूछा गया जिसका बच्चों ने जवाब दिया कोशिका का पावर हाउस। इसी तरह केमिस्ट्री की क्लास में बच्चों से पीरियॉडिक टेबल का पी-ब्लॉक को तत्वों पर सवाल किये और फिजिक्स की क्लास में छात्राओं ने न्यूटन के तीन नियम भी बताये। बच्चों की इंटेलीजेंस देख कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने उन्हें शाबाशी देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
     औचक निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खड़गवां, सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।  
 
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   राजीव भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे उपस्थित

राजीव भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे उपस्थित

Sawankumar 02-Oct-2021 191

रायपुर/ छत्तीसगढ़ 




रायपुर- प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन रायपुर में आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, प्रदेश सेवादल, प्रदेश एनएसयुआई, प्रदेश इंटुक एवं समस्त मोर्चा संगठनों, प्रकोष्ठों, विभागों के संयुक्त तत्वाधान में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि, मार्ल्यापण अर्पित कर पुण्य स्मरण किए एवं भारती बंधु के रामधुन भजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री प्रेमसाय सिंह, सांसद छाया वर्मा, प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला, प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा, पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी, प्रभारी सचिव शिवसिंह ठाकुर, प्रदेश सेवादल के मुख्य संगठन अरूण ताम्रकार, रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, प्रदेश सचिव किरण सिन्हा, निवेदिता चजर्टी, पूजा देवांगन, साक्षी सिरमोर, कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष हसन खान, प्रदेश कांग्रेस लोक-कला संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिलीप षडंगी, विधि एवं मानवाधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संदीप दुबे, सुरेश ठाकुर, सोमेन चटर्जी, डॉ. कमल नयन पटेल, किसान कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री सिद्धार्थ चंद्रा, आशा चौहान, मो. समीर खान, राजेश पांडेय, मोहम्मद जिशान, मोहम्मद सिद्दीक, सब्बीर खान, प्रेमचंद लुनावत, सुनील भुवाल, दलजीत चावला, पुष्पराज बैद्य, अजय राय, गौतम यादव, ईश्वरी कुमार नामदेव, सोहन लाल साहू, सकलने कामदार, अरूण चंद्र मंडल, राज सिक्का, रामा, पिंकी बाघ, शहाबुद्दीन खान, राजेश पुरी गोस्वामी, शशि भूषण गौतम, सैफ साह, रतन सोनी, तेजस्विनी वर्मा, त्रिवेणी साहू, विनिता साहू, रेखा साहू, किरण तिवारी, रवि ग्वालानी, बिरेन्द्र कुमार यदु, महावीर देवांगन, बालमुकुंद, अनिल मित्तल, आशुतोष मिश्रा कांग्रेसजन उपस्थित थे।

शैलेश नितिन त्रिवेदी
अध्यक्ष संचार विभाग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित होंगे ब्लड-बैंक -  टी.एस. सिंहदेव

प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित होंगे ब्लड-बैंक - टी.एस. सिंहदेव

Sawankumar 01-Oct-2021 238
रायपुर. - स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर रक्तदान माह का शुभारंभ किया। उन्होंने लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय से प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये प्रचार रथ रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग एवं भिलाई के प्रमुख हाट-बाजारों, मॉल्स, स्कूल एवं कॉलेजों में स्वैच्छिक रक्तदान के लिए नागरिकों को जागरूक करेंगे। उल्लेखनीय है कि रक्तदान को बढ़ावा देने हर वर्ष 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष इसे "Give blood and keep the world beating" थीम पर मनाया जा रहा है। 

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने रक्तदान माह का शुभारंभ करते हुए कहा कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को अक्टूबर माह को रक्तदान माह के रूप में मनाने तथा इस महीने अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड-बैंक स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल नौ ब्लड-बैंक थे जो अब बढ़कर 95 हो गए हैं। प्रदेश के 28 जिलों में 31 शासकीय ब्लड-बैंक संचालित हैं। नवगठित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी इस वर्ष शासकीय ब्लड-बैंक शुरू हो जाएगा। 

श्री सिंहदेव ने कहा कि राज्य की आबादी के अनुसार हर वर्ष यहां दो लाख 55 हजार यूनिट रक्त की जरूरत होती है। इसके विरूद्ध करीब दो लाख यूनिट की प्रतिपूर्ति हो रही है। ब्लड-बैंकों में रक्त का संकलन हर वर्ष बढ़ाया जा रहा है। रक्तदान माह के शुभारंभ कार्यक्रम में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं-सह-परियोजना संचालक श्री नीरज बंसोड़, अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. एस.के. बिंझवार तथा आईईसी के संयुक्त संचालक श्री अजय कुमार सिंह सहित छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अनेक पदाधिकारी मौजूद थे।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना के 23 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना के 23 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

Sawankumar 01-Oct-2021 176

कोरिया -  कलेक्टर  श्याम धावड़े के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में वार्डों में गंदगी होना, बेडों में बेडशीट न होना, ड्यूटीरत कर्मचारियों का ड्रेसकोड में न होना, शौचालय में गंदगी होना तथा बिना सूचना पूर्व सूचना के कर्मचारियों की अपने कार्य से अनुपस्थिति के कारण खण्ड चिकित्सा अधिकारी पटना को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
साथ ही बिना पूर्व सूचना के अपने कार्य से अनुपस्थित रहने के कारण सहायक ग्रेड 03 श्री विरेन्द्र प्रताप सिंह, बीएएम श्री अभिषेक तिवारी, मेडिकल लैब टेक्नालाजिस्ट श्रीमती अफसाना अंजुम व श्री गुड्डू तिर्की, फार्मासिस्ट ग्रेड 02 श्री विकर्तनजी कुशवाहा, स्टाफ नर्स श्रीमती संतोषी राजवाड़े, श्रीमती चंचला सिंह, श्रीमती गायत्री पटेल, श्रीमती चंदा देवी, बबीता भगत, प्रियंका प्रजापति, श्रीमती देवकुमार साहू, नेत्र सहायक अधिकारी श्री विरेन्द्र कुमार साहू, एलएचव्ही रम्भा पाण्डेय, आरएचओ महिला श्रीमती निर्मला कच्छप, श्रीमती एस डी महंत, श्रीमती उदीसना तिर्की, वार्ड ब्वाय श्री रामहरि अधिकारी, श्री इब्राहिम खान, चौकीदार श्री दिलिप राजवाड़े, वार्ड आया श्रीमती बसंती देवी व श्रीमती कविता पण्डो को भी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने इस कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए 3 दिवस के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

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मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राजीव युवा मितान क्लब द्वारा आयोजित युवा सम्मेलन में शामिल हुए

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राजीव युवा मितान क्लब द्वारा आयोजित युवा सम्मेलन में शामिल हुए

Sawankumar 30-Sep-2021 72

रायपुर,  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राजीव युवा मितान क्लब द्वारा आयोजित युवा सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में राज्य के सफल प्रतिभागी श्री आकाश श्रीश्रीमाल और श्री आकाश शुक्ला और राज्य सिविल सेवा परीक्षा की प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले श्री नीरनिधि नन्देहा सहित 10 विद्यार्थियों, पैराओलम्पिक में सिल्वर पदक विजेता श्री योगेश कथुरिया, पर्वतारोही सुश्री नैना सिंह धाकड़, पर्वतारोही श्री चित्रसेन साहू, गायक श्री सहदेव दिरदो, छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार श्री प्रकाश अवस्थी, छत्तीसगढ़ी गायक श्री ऋषिराज पाण्डेय, छत्तीसगढ़ी गायिका सुश्री आरु साहू को सम्मानित किया।


कार्यक्रम में प्रसिध्द कॉमेडियन श्री श्याम रंगीला और कलाकार सुश्री काजल श्रीवास भी शामिल हुये । इस अवसर पर सांसद श्री दीपक बैज, विधायक श्री देवेन्द्र यादव, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, महापौर श्री एजाज ढेबर, सभापति श्री प्रमोद दुबे, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र मुदलियार  और बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा उपस्थित थे।
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कलेक्टर  धावड़े की संवेदनशीलता से महज 5 दिन के अंदर उमेश को मिली अनुकम्पा नियुक्ति’

कलेक्टर धावड़े की संवेदनशीलता से महज 5 दिन के अंदर उमेश को मिली अनुकम्पा नियुक्ति’

Sawankumar 30-Sep-2021 310

कोरिया - कलेक्टर  श्याम धावड़े की संवेदनशीलता से 5 दिन के भीतर उमेश कुमार देवांगन को अनुकम्पा नियुक्ति मिली। कलेक्टर ने आज अपने कक्ष में उमेश को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा भी उपस्थित रहे।
बता दें कि पटना के छरछा बस्ती स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में आरएचओ के पद पर कार्यरत स्व श्री शीतल कुमार देवांगन का 25 सितम्बर 2021 को आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना के कलेक्टर श्री धावड़े के संज्ञान में आते ही उन्होंने परिवार की मदद हेतु निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए 50 हजार रुपये की सहायता राशि पिता श्री टकेश्वर देवांगन को प्रदाय की और आज महज 5 दिन के भीतर उनके भाई श्री उमेश कुमार देवांगन को जनकपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटाडोल में सहायक ग्रेड 03 के पद पर पदस्थ करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति दिया गया। कलेक्टर श्री धावड़े ने उमेश को निष्ठा और लगन से काम करने की कामनाओं के साथ नियुक्ति पत्र सौंपा

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ग्राम सभा एवं विद्यालय में होगी बाल संरक्षण योजना एवं बाल विवाह के महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा

ग्राम सभा एवं विद्यालय में होगी बाल संरक्षण योजना एवं बाल विवाह के महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा

Sawankumar 30-Sep-2021 66

 कोरिया - महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के निर्देशन में 02 अक्टूबर गांधी जंयती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतो में अयोजित ग्राम सभा में एकीकृत बाल संरक्षण योजना, बाल संरक्षण समिति की बैठक, जिले को बाल विवाह मुक्त करने हेतु प्रस्ताव, बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल विवाह कैसे रोका जाय, बाल विवाह के दंण्ड एवं ग्राम पंचायत का इस संबंध में दायित्व इन सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये ग्राम सभा में उपस्थित समस्त सदस्यो को जागरूक करने हेतु शपथ दिलाया जावेगा।

बाल विवाह-
हमारे देश में बाल विवाह की प्रथा बडे पैमाने पर रही है। आज भी देश के बहुत सारे हिस्सों में प्रचलित है। देश के कई भागों में रामनवमी, शिवरात्रि, बसंत पंचमी और अन्य त्यौहारों पर बच्चों के विवाह होते है। ये परंपराए स्थानीय समाज के रीति-रिवाज, मूल्य मान्यताओं और सोच से पैदा हुई है। रीति-रिवाज के नाम पर और आगे चलकर ज्यादा दहेज से बचने के लिए छोटे-छोटे लडके-लडकियों की शादी कर दी जाती है। कई मामलों में कम उम्र की लडकियों का विवाह अधेड़ उम्र के पुरूषों से करा दिया जाता है और कहीं-कहीं इन्हें वेश्यावृत्ति की अंधेरी दुनिया में धकेल दिया जाता है।

बाल विवाह के दुष्परिणाम-
कम उम्र में विवाह से बच्चों का बचपन नष्ट हो जाता है, बाल विवाह से बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। शारीरिक रूप से अपरिपक्व लडकियां अगर बच्चे को जन्म देती हैं तो उनकी सेहत और भी ज्यादा खतरे में पड़ जाती है। बाल विवाह का अर्थ है बच्चे के साथ बलात्कार है क्योंकि तब तक बच्चे ऐसे गंभीर फैसले लेने की उम्र में नही होते है। बाल बहुएं अक्सर कम उम्र में ही विधवा हो जाती है और उन्हें कई बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है। कम उम्र में गर्भावस्था के कारण गर्भपात की आशंका भी अधिक होती है तथा किशोरी मां के बच्चे जन्म के समय अकसर कम वजन के होते है तथा एक वर्ष पूर्ण करने के पहले उनकी मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। लडकियों की तरह कम उम्र में लड़कों की शादी भी उनके अधिकारों का उल्लंधन है। इससे फैसले करने का उनका अधिकार छिन जाता है और उनकी उम्र और क्षमता से ज्यादा बड़ी जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ जाती है।  

क्या किसी बाल विवाह को रोका जा सकता है-
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति पुलिस या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारी) के पास यह शिकायत दर्ज करवाता है कि इस तरह का विवाह तय किया गया है या इस तरह का विवाह होने जा रहा है तो उसे रोका जा सकता है। शिकायत के आधार पर पुलिस या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी जांच करके मामले को प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्टेªट के संज्ञान में लाकर शादी को रूकवाने का आदेश जारी करवा सकते है। मजिस्टेªट सूचना मिलने पर स्वयं भी संज्ञान लेकर निषेधाज्ञा जारी कर सकते है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसी निषेधाज्ञा, आदेश का उल्लंधन करता है तो उसे दो वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि एक लाख रूपये तक का हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह से जन्मी संतान कानूनन वैध होती है, भले ही वह विवाद कानून की नजर में अवैध एवं शून्य करार दिया गया है। यदि किसी बालक को बाल विवाह के लिए बलपूर्वक बाध्य किया जाता है, फुसलाया जाता है, उत्प्रेरित किया जाता है अथवा विक्रय कर उसका विवाह कराया जाता है और अनैतिक प्रयोजन के लिए उसका उपयोग किया जाता है तो ऐसा विवाह अकृत और शून्य होगा।

दण्ड व करावास-  
बाल-विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 21 वर्ष से कम उम्र के लडके और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित किया गया है। यह कानून बाल विवाह के बंधन में बंधने वाले बालक व बालिका को अपना विवाह शून्य घोषित कराने का अधिकार प्रदान करता है। 18 वर्ष से अधिक आयु का पुरूष यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से विवाह करता है तो उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। इसी तरह कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, अथवा उसमें सहायता करता है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा देता है अथवा उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है उसे भी 2 वर्ष का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है। किसी महिला को कारावास का दण्ड नही दिया जा सकता है।

समाज प्रमुख एवं ग्राम पंचायत के कार्य -
बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधनियम, 2006 के संबंध में लोगों को जागरूक कर सकते है। बाल अधिकारों के उल्लंधन और कम उम्र में विवाह से स्वास्थ्य के लिए पैदा होने वाले खतरों के संबंध में जागरूकता फैला सकते है। लोगों को इस बात के लिए समझा सकते है कि अपने बच्चों के बालिग होने पर ही उनका विवाह करें। सजग रहकर और बाल विवाह की सूचना सक्षम अधिकारियों को देकर बाल विवाह की रोकथाम में मदद कर सकते हैं। वर और वधु के माता-पिता को इस बात के लिए राजी करें कि विवाह को तब तक टाल दें जब तक दोनों बच्चे कानून के हिसाब से बालिग न हो जाएं। दोनो बच्चों को शिक्षा दलाने के लिए उनके माता-पिता के समझाए।
इसी प्रकार हाई स्कूल एवं हॉयर सेकेण्डरी विद्यालय के सभी बच्चों को समय-सयम पर बाल विवाह के संबंध में आवश्यक जानकारी उसके दुष्परिणाम, बाल विवाह कैसे रोका जाय, बाल विवाह के दण्ड एवं शिक्षक तथा बच्चों का इस संबंध में दायित्व इन सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये उपस्थित समस्त शिक्षको एवं बच्चों को संकल्प पत्र के अनुसार बाल विवाह एक सामाजिक बुराई व कानूनी अपराध है, इस कुप्रथ को दूर करने हेतु इस अभियान का मैं सदस्य रहूंगा, रहूंगी अपने आस-पास के क्षेत्र में होने वाले ऐसे विवाह के दुष्परिणाम के बारे में लोगो को जागृत करेगें की शपथ दिलाया जावेगा।

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जिले में ई-श्रम कार्ड योजना प्रारम्भ 16 से 59 वर्ष के बीच की आयु के श्रमिक, जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल ना करते हों, ईपीएफ या ईएसआईसी के सदस्य ना हों, कर सकते हैं आवेदन

जिले में ई-श्रम कार्ड योजना प्रारम्भ 16 से 59 वर्ष के बीच की आयु के श्रमिक, जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल ना करते हों, ईपीएफ या ईएसआईसी के सदस्य ना हों, कर सकते हैं आवेदन

Sawankumar 29-Sep-2021 153

कोरिया  -श्रम पदाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा ई-श्रम कार्ड योजना प्रारम्भ किया गया है। यदि किसी की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच है और इन्कम टैक्स फाईल रिटर्न नही करते है और न ही ईपीएफ, ईएसआईसी या एनपीएस के सदस्य है तो वह श्रमिक भारत सरकार की इस योजना में पंजीयन करा सकता है। ई-श्रम कार्ड को बनाने का कार्य 26 अगस्त 2021 से सरकार द्वारा आरम्भ कर दिया गया है। श्रमिकों को अपना पंजीयन कराने के लिए आधार नम्बर, मोबाइल नम्बर और बैंक खाता का विवरण साथ में रखना होगा। सभी पंजीकृत श्रमिकों को 12 अंको का रिकार्ड प्रदान किया जायेगा जो कि पूरे देश में मान्य होगा। इस कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को उनके काम के आधार पर बांटा जायेगा। विभिन्न प्रकार की मजदूरों/कामगारों जिनका ई-श्रम कार्ड बन सकता है जो निम्नानुसार है घर का नौकर-नौकरानी, खाना बनाने वाली (कुक), सफाई कर्मचारी, गार्ड, रेजा-कुली, रिक्शा चालक, ठेला में किसी भी प्रकार का सामान बेचने वाला (वेन्डर), होटल के नौकर/वेटर, रिसेप्शनिष्ट, पूछताछ करने वाले क्लर्क, आॅपरेटर, हर दुकान का नौकर, सेल्समैन, हेल्पर, आॅटो चालक,  ड्राईवर, पंचर बनाने वाला, टाईल्स वाला, वेल्डिंग वाला, खेती वाले मजदूर, नरेगा मजदूर, ईट भट्ठा के मजदूर, पत्थर तोड़ने वाले, खदान मजूदर, फॅाल्स सीलिंग वाले, मूर्ति बनाने वाला, मछुआरा, चरवाहा, डेरी वाले, सभी पशुपालन, पेपर का हाॅकर, जोमैटो, स्विगी, अमेजन, फ्ल्पिकार्ट के डिलेवरी ब्वाॅय नर्स, वार्ड ब्याॅय, आया, मंदिर के पुजारी, विभिन्न् सरकारी आॅफिस के दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर रेट वाले कर्मचारी, अंागनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन, आशा वर्कर आदि अर्थात सभी तरह के व्यक्ति का पंजीयन हो सकता है। पंजीयन किसी भी च्वाईस केन्द्र, लोक सेवा केन्द्र या सीएससी के माध्यम से किया जायेगा या इस साईट https://register.eshram.gov.in/#/user/self  से अपना और अपने परिचितों का पंजीयन स्वयं ही कर सकते है

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कलेक्टर धावड़े ने नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में करों की कड़ाई से वसूली और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में ठोस कार्यवाही के दिए निर्देश

कलेक्टर धावड़े ने नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में करों की कड़ाई से वसूली और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में ठोस कार्यवाही के दिए निर्देश

Sawankumar 29-Sep-2021 64

कोरिया  - कलेक्टर  श्याम धावड़े ने समस्त नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में कड़ाई से लंबित करों की वसूली के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न करों से होने वाली आय से ही नगरीय निकायों में समुचित सुविधाएं उपलब्ध की जाती हैं। इनमें संपत्ति कर, समेकित कर, जल कर, भवन अनुज्ञा, विज्ञापन और होर्डिंग्स, पार्किंग, आदि स्त्रोत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कर वसूली में किसी तरह की कोताही ना बरतें। साथ ही नगरीय निकायों में किये जा रहे निर्माण कार्यों में भी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें। उन्होंने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नियमों के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत ठोस कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने व्यावसायिक कचरा कलेक्शन पर यूजर चार्ज लेने और ठेले, गुमटी वालों को डस्टबिन जरूर उपयोग करने की समझाइश देने की बात कही। बैठक में मुख्य कार्यापालन अधिकारी श्री कुणाल दुदावत एवं अपर कलेक्टर श्री सुखनाथ अहिरवार, एवं नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।

एसईसीएल से करोड़ों में वसूली जानी है बकाया कर राशि’

बैठक में नगरीय निकायों के अंतर्गत समेकित और संपत्ति कर की जानकारी दी गयी जिसमें एसईसीएल का करोड़ों का बकाया कर शेष है, जिसकी वसूली की जानी है। नगरनिगम चिरमिरी में ही विभिन्न करों की कुल बकाया राशि 12 करोड़ है जिसमें पूर्व वर्षों के 4 करोड़ और चालू वर्ष की 8 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। इसी तरह नगरपालिका शिवपुर-चरचा में समेकित एवं संपत्ति कर 1 करोड़ 82 लाख रुपये, नगरपालिका मनेन्द्रगढ़ में 21 लाख, नगर पंचायत झगराखांड में लगभग 50 लाख, नई लेदरी में 11 लाख और नगर पंचायत खोंगापानी का 40 लाख रुपये का कर बकाया है।

बैठक में कलेक्टर ने की नगरीय निकायों के निर्माण कार्यों एवं आय-व्यय की समीक्षा’

बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकायों के विकास कार्यों की वित्तीय स्थिति, राज्य प्रवर्तित, केंद्र प्रवर्तित, अधोसंरचना मद में निर्माण कार्य, आय व्यय की जानकारी, जल आवर्धन योजना, नगरीय निकाय में पेयजल प्रदाय की स्थिति, नरूवा गरुवा घुरवा एवं बाड़ी के अंतर्गत अद्यतन स्थिति, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, लोक सेवा गारण्टी अधिनियम की सेवाओं के प्रकरणों, जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत कार्यों की जानकारी, पौनी पसारी योजना, सबके लिए आवास आदि की जानकारी लेकर समीक्षा की

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मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना: राज्य में अब तक 3243 एकड़ रकबा में 1.21 लाख पौधों का रोपण योजना का लाभ उठाने के लिए जुड़ चुके 1757 हितग्राही, ग्राम पंचायत तथा वन प्रबंधन समितियां

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना: राज्य में अब तक 3243 एकड़ रकबा में 1.21 लाख पौधों का रोपण योजना का लाभ उठाने के लिए जुड़ चुके 1757 हितग्राही, ग्राम पंचायत तथा वन प्रबंधन समितियां

Sawankumar 28-Sep-2021 78
रायपुर -  छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने सहित आय वृद्धि के लिए संचालित मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के प्रति लोगों का रूझान दिनों-दिन बढ़ने लगा है। इसके तहत राज्य में अब तक 01 हजार 757 हितग्राहियों, ग्राम पंचायतों तथा वन प्रबंधन समितियों द्वारा योजना से जुड़कर 01 लाख 21 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। इनका रोपण 03 हजार 243 एकड़ रकबा में हुआ है। 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का कुशलतापूर्वक संचालन जारी है। योजना के अंतर्गत अब तक लाभान्वित कुल हितग्राहियों में से वन अधिकार मान्यता पत्र धारी 736 हितग्राहियों द्वारा 01 हजार 286 एकड़ रकबा में 20 हजार 650 पौधों का रोपण किया गया है। इसके अलावा 902 ग्राम पंचायतों द्वारा 01 हजार 497 एकड़ रकबा में 01 लाख 90 हजार पौधों तथा 119 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों द्वारा 460 एकड़ रकबा में 01 लाख 21 हजार पौधों का रोपण किया गया है। 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ में एक जून 2021 से लागू की गई है। योजना के अंतर्गत गैर वनीय क्षेत्रों में ईमारती, गैर इमारती, फलदार वृक्ष, बांस अन्य लघु वनोपज तथा औषधीय पौधों का वृहद पैमाने पर रोपण का महत्वपूर्ण प्रावधान है। इससे निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों तथा ग्राम पंचायतों की भूमि पर ईमारती, गैर ईमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक और औद्योगिकी वृक्षारोपण सहित कृषि वानिकी को प्रोत्साहन मिलेगा। इस तरह निजी तथा सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर काष्ठ का उत्पादन बढ़ाना है। साथ ही वनों में उपलब्ध काष्ठ पर जैविक दबाव कम करते हुए वनों को सुरक्षित रखा जाना भी है। योजना का लाभ लेने के लिए राज्य के सभी नागरिक, निजी भूमि उपलब्धता अनुसार तथा सभी ग्राम पंचायतों और संयुक्त वन प्रबंधन समितियां पात्र होंगे। 
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हैे, यदि वे धान फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी तरह ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाएगा, तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी। इसके अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है, तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी
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पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला प्रेसवार्ता सत्ता के संरक्षण में फल फूल रहा देश में ड्रग माफिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला प्रेसवार्ता सत्ता के संरक्षण में फल फूल रहा देश में ड्रग माफिया

Sawankumar 28-Sep-2021 53

रायपुर / छत्तीसगढ़




175000 करोड़ की 25000 किलो हीरोइन बाजार में राष्ट्रीय सुरक्षा को सीधा खतरा

देश के युवाओं को नशे में धकेल उनके भविष्य की ‘सुपारी’ ले रही मोदी सरकार

रायपुर/28 सितंबर 2021। 13 सितंबर 2021 को 3000 किलो हीरोइन ड्रग्स-कीमत 21000 करोड़ रू. पकड़े जाने का सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। यह हीरोइन इरान ‘सेमिकट टेलकम पाउडर’ की फर्जी ब्रांडिंग से मेसर्स हसन हुसैन लिमिटेड, अफगानिस्तान द्वारा ईरान के माध्यम से भारत भेजे गए। यह ड्रग्स आशी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से मंगवाए गए तथा आशी ट्रेडिंग कंपनी के मालिक गिरफ्तार किए गए दंपति -सुधाकर मच्छावरम व श्रीमती गोविंद राजू वैशाली को कथित तौर से मात्र 4 लाख का भुगतान इंपोर्ट व हैंडलिंग एजेंट के तौर पर किया गया। असल ड्रग माफिया कौन है, उसका चेहरा बेनकाब ही नहीं हुआ।
पर अब दुनिया का सबसे बड़ा हीरोइन ड्रग्स खुलासा सामने आया है। 9 जुलाई 2021 को भी भी आशी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से अफगानिस्तान की मेसर्स हसन हुसैन लिमिटेड ने 25000 किलो हेरोइन ड्रग्स सेमिकट टेलकम पाउडर के नाम से आयात किए थे। इसकी कीमत 175000 करोड़ है। यह हीरोइन ड्रग्स पकड़े ही नहीं गए व अब देश के बाजार में हैं और हिंदुस्तान के नौजवानों को नशे की आग में झोंक रहे हैं। यह अपने आप में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा भी है।
सवाल ये है कि देश में कौन मगरमच्छ है जो 21000 करोड़ और एक लाख 75 हजार करोड़ की दुनिया की सबसे अधिक हीरोइन ड्रग्स मंगवा रहा है। जिस आशी टेडर्स के आयात-निर्यात के लाइसेंस पर यह माल मंगाया जा रहा है, वह तो तथाकथित तौर से छोटे-मोटे कमीशन एजेंट्स बताए जा रहे हैं। साफ है कि एक बहुत बड़ा ड्रग माफिया सरकार की नाक के नीचे फल-फूल रहा है।
देश और दुनिया के इतने बड़े ड्रग्स रैकेट का खुलासा होने के बावजूद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह से चुप हैं।

क्या प्रधानमंत्री जवाब देंगेः-
1. 175000 करोड़ के 25000 किलो हीरोइन ड्रग्स कहां गए?
2. नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डीआरआई, ईडी, सीबीआई, आईबी क्या सोए पड़े हैं या फिर उन्हें मोदी जी के विपक्षियों से बदला लेने से फुर्सत नहीं?
3. क्या यह सीधे-सीधे देश के युवाओं को नशे में धकेलने का षड्यंत्र नहीं?
4. क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं, क्योंकि यह सारे ड्रग्स के तार तालिबान और अफगानिस्तान से जुड़े हैं?
5. क्या ड्रग माफिया को सरकार में बैठे किसी सफेदपोश का और सरकारी एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है?
6. क्या प्रधानमंत्री और सरकार देश की सुरक्षा में फेल नहीं हो गए हैं? क्या ऐसे में पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज का कमीशन बना जांच नहीं होनी चाहिए?

शैलेश नितिन त्रिवेदी
अध्यक्ष संचार विभाग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से फसलों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की

प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से फसलों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की

Sawankumar 28-Sep-2021 71
 रायपुर,-  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट बायोटेक स्ट्रेस मैनेजमेंट के नये परिसर का लोकार्पण वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से किया। इस अवसर पर उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से फसलों को बचाने तथा लाभकारी खेती के लिए छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। 
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में सुराजी गांव योजना के तहत गांव में निर्मित गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी और उससे जैविक खाद के साथ-साथ अब बिजली उत्पादन की राज्य सरकार की योजना को भी सराहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इस समय हमें किसानों को फसल आधारित लाभ से बाहर निकालकर वेल्यू एडिशन की ओर ले जाने की जरूरत है। उन्होंने मौसम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। छत्तीसगढ़ राज्य में लघु धान्य फसलों (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन मिलेट को उन्होंने समय की जरूरत कहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस मौके पर विशेष गुणों वाली 35 फसलों की किस्में भी राष्ट्र को समर्पित की। 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नेशनल इंस्टीट्यूट बायोटेक स्ट्रेस मैनेजमेंट के नये परिसर के लोकार्पण अवसर पर अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रंेसिंग के जरिए शामिल हुए। श्री बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी लोगों का अभिनंदन करते हुए कहा कि जलवायु सहिष्णुता तकनीकी एवं पद्धतियों के प्रचार-प्रसार के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे जागरूकता अभियान में छत्तीसगढ़ की व्यापक भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षण एवं स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी किसान न्याय योजना से खेती-किसानी को समृद्ध बनाने की पहल की गई है। राज्य में गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में गोबर की खरीदी कर उससे जैविक खाद का उत्पादन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गोबर से बिजली उत्पादन की शुरूआत 2 अक्टूबर से करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को दी बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को दी बड़ी सौगात

Sawankumar 25-Sep-2021 69

रायपुर - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री  ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से  उन्होंने  बिलासपुर और रायपुर में लगभग 42 करोड़ 14 लाख रूपए की लागत से नई खेल सुविधाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें मुख्य रूप से फुटबाल, कबड्डी, तींरदाजी और एथलेटिक्स की अकादमी, दो खेल छात्रावास, एक तींरदाजी प्रशिक्षण उपकेन्द्र और एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक एण्ड फील्ड शामिल हैं।  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए।  

इस मौके पर मुख्यमंत्री निवास में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रह साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेसी, खेल सचिव  एन.एन.एक्का, संचालक  श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा और रायपुर तथा बिलासपुर के कार्यक्रम स्थल से संसदीय सचिव  विकास उपाध्याय, छ. ग. राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कूलदीप जूनेजा, विभिन्न खेल संघों से जुड़े पदाधिकारी और खेलप्रेमी उपस्थित थे
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वन मंत्री अकबर ने वन विभाग के 154 विजेता खिलाड़ियो को किया सम्मानित  वन विभाग के खिलाड़ियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा 

वन मंत्री अकबर ने वन विभाग के 154 विजेता खिलाड़ियो को किया सम्मानित वन विभाग के खिलाड़ियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा 

24-Sep-2021 83

रायपुर - वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में 25वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को राशि वितरित कर सम्मानित किया। उन्होंने इस दौरान प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ वन विभाग के विजयी 154 खिलाड़ियों को 34 लाख 66 हजार रूपए की पारितोषिक राशि का वितरण किया। वन मंत्री श्री अकबर ने कार्यक्रम में समस्त विजयी खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने तथा प्रोत्साहन के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की घोषणा भी की। 

     वन मंत्री  अकबर ने वन विभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में खेल का अहम स्थान है। खेल के माध्यम से व्यक्ति में खेल भावना का विकास होता है, जो विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करने में हमारे लिए मददगार होते हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वन विभाग को विभिन्न क्षेत्रों में हासिल हो रहे उपलब्धि से हम सभी गौरान्वित है। उन्होंने बताया कि वन विभाग को हाल ही में विभागीय कार्याें सहित विभिन्न वर्गाें में उल्लेखनीय प्रगति के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। इसी तरह खेल के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ के वन विभाग को अब तक अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में 11 बार राष्ट्रीय चैंम्पियन का पुरस्कार मिल चुका है। यह वन विभाग ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 
     उल्लेखनीय है कि 25वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन मार्च 2020 में भुवनेश्वर (ओडिसा) में किया गया था। इसमें छत्तीसगढ़ के वन विभाग से एथेलेटिक्स सहित क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, टेनिस, बॉलीवाल, बास्केबॉल आदि खेलों में 202 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। जिसमें से 154 खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत तथा कांस्य सहित चतुर्थ स्थान में विजयी होकर 34 लाख 66 हजार रूपए की पारितोषिक राशि पुरस्कार के रूप में प्राप्त किए। उक्त प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागी के रूप में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ने 29 हजार रूपए तथा श्री संजय शुक्ला ने एक लाख रूपए की पारितोषिक राशि प्राप्त किए। 
इस अवसर पर उक्त प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागी प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्री संजय शुक्ला, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री सुनील मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक श्री जे.आर. नायक तथा श्रीमती शालिनी रैना, श्रीमती संजीता गुप्ता, वन मण्डलाधिकारी श्री विश्वेश कुमार तथा श्री आलोक तिवारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
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dpboss