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मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगभग 30 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
प्रकृति के संतुलन के लिए मानव के साथ-साथ वन तथा वन्यप्राणियों का सह अस्तित्व जरूरी- वन मंत्री अकबर...छत्तीसगढ़ में वन तथा वन्यप्राणी दोनों की ही सुरक्षा के लिए हो रहे लगातार कार्य...
रायपुर: 08 अक्टूबर 2021/वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज 8 अक्टूबर को वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समापन कार्यक्रम में वन्यप्राणी ’भालू’ तथा ’तेंदुआ’ के मानक प्रचालन प्रक्रिया नामक दो पुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही बारनवापारा अभ्यारण्य के सोशल मीडिया एकाउंट का भी शुभारंभ किया।
देश-दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ में खुला राम वन गमन मार्ग
छत्तीसगढ़ के जनमन में रचे बसे हैं राम: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल*

संस्कृति के गढ़ के रूप में बन रही छत्तीसगढ़ की पहचान*
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने चन्दखुरी में माता कौशल्या मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का किया लोकार्पण*
राम वन गमन पर्यटन परिपथ का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ*
तीन दिवसीय उद्घाटन समारोह का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज*
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों और मानस मंडलियों ने दी आकर्षक प्रस्तुतियां*
श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ से छत्तीसगढ़ बनेगा विश्व पर्यटन के आकर्षण का केंद्र… बढ़ेगा पर्यटन रोजगार…
दुर्गाेत्सव एवं दुर्गा विसर्जन के लिये जिला प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी,
कोरिया - कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा दुर्गाेत्सव के लिये गाइडलाइन जारी की गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेशानुसार दुर्गा पूजा हेतु स्थापित की जाने वाली मूर्ति की अधिकतम उंचाई 8 फीट निर्धारित की गई है। पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से निर्मित मूर्ति बिकी एवं स्थापित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
दिशानिर्देशों के अनुसार, मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15-15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 500 वर्गफीट की खुली जगह हो। पंडाल के सामने 500 वर्गफीट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर ही ज्योति का प्रज्ज्वलन किया जायेगा। उक्त स्थान पर अग्नि शमन सुरक्षा के सभी उपाय किया जाना अनिवार्य होगा। ज्योति प्रज्वलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर प्रबंधन समिति की होगी। ज्योति दर्शन हेतु अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा।
मंडप या पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिये पृथक व्यवस्था न हो, दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने के लिये कुर्सी नहीं लगाये जायेंगे। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संकमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग की जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रिीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग, आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस, बल्ली से बेरिकेडिंग कराकर कराया जायेगा।
कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र, जैसे- धुमाल, बैंड तथा अन्य वाद्य यंत्र जिनका पीएमपीओ 200 वॉट से अधिक न हो के बजाने की अनुमति स्थापित पंडाल अथवा नियत स्थल के 100 मीटर के परिधि के अंतर्गत के लिए होगी। विसर्जन के साथ-साथ अनुमति नही होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।
मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी एवं मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए अधिकतम 10 व्यक्ति की ही अनुमति होगी एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी।
विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति एवं पूजन सामग्रियों का विसर्जन ग्राम पंचायत, नगर पंचातय नगर पालिका परिषद, नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्याेदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रकिया की अनुमति नही होगी।
उ परोक्त शर्ताे सहित किसी परिसर के अन्दर या सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति स्थापित की जाती है तो कम से कम 3 दिवस पूर्व अनुविभागीय दण्डाधिकारी के संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र के साथ आवेदन देना होगा। अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित की जा सकेगी। यह अनुमति किसी भी ऐसे स्थान पर नहीं दी जायेगी जिससे सार्वजनिक निस्तार या यातायात बाधित होने की संभावना हो।
इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन कोरिया द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश, आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जायेगी।
02 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती कलेक्टर धावड़े ने दुहराई महात्मा गांधी की शिक्षा , जिला स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया स्वच्छता श्रमदान
कोरिया - कलेक्टर श्याम धावड़े के नेतृत्व में एवं जिला पंचायत सीईओ कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में आज 02 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विकासखण्ड बैकुंठपुर के अंतर्गत झुमका बोट क्लब परिसर में सुबह 7 बजे सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने सामूहिक स्वच्छता श्रमदान किया। कलेक्टर धावड़े ने इस अवसर पर स्वच्छता आज़ादी से महत्वपूर्ण है और स्वच्छता ही सेवा है जैसे महात्मा गांधी के वचनों को दुहराते हुए सभी को प्रेरित किया।

आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक श्रमदान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। स्वच्छताग्राही दीदियों ने अपना सहयोग इस काम मे दिया। बोट क्लब में फैले प्लास्टिक कचरे, अनावश्यक खर-पतवार, घास की सफाई की गई। इसी क्रम कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के निर्देशानुसार जिले के नगरीय निकायों, पंचायतों, शासकीय कार्यालय परिसरों, शासकीय शालाओ में भी स्वच्छता श्रमदान में भाग लिया गया।

कलेक्टर धावड़े पहुंचे एकलव्य स्कूल खड़गवां के औचक निरीक्षण पर, शिक्षकों की गैरहाजिरी, अधोसंरचना में खामियों पर जमकर लगाई फटकार, कहा - बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हर सुविधा सुनिश्चित की जायेगी


राजीव भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे उपस्थित
रायपुर/ छत्तीसगढ़
प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित होंगे ब्लड-बैंक - टी.एस. सिंहदेव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना के 23 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
कोरिया - कलेक्टर श्याम धावड़े के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में वार्डों में गंदगी होना, बेडों में बेडशीट न होना, ड्यूटीरत कर्मचारियों का ड्रेसकोड में न होना, शौचालय में गंदगी होना तथा बिना सूचना पूर्व सूचना के कर्मचारियों की अपने कार्य से अनुपस्थिति के कारण खण्ड चिकित्सा अधिकारी पटना को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
साथ ही बिना पूर्व सूचना के अपने कार्य से अनुपस्थित रहने के कारण सहायक ग्रेड 03 श्री विरेन्द्र प्रताप सिंह, बीएएम श्री अभिषेक तिवारी, मेडिकल लैब टेक्नालाजिस्ट श्रीमती अफसाना अंजुम व श्री गुड्डू तिर्की, फार्मासिस्ट ग्रेड 02 श्री विकर्तनजी कुशवाहा, स्टाफ नर्स श्रीमती संतोषी राजवाड़े, श्रीमती चंचला सिंह, श्रीमती गायत्री पटेल, श्रीमती चंदा देवी, बबीता भगत, प्रियंका प्रजापति, श्रीमती देवकुमार साहू, नेत्र सहायक अधिकारी श्री विरेन्द्र कुमार साहू, एलएचव्ही रम्भा पाण्डेय, आरएचओ महिला श्रीमती निर्मला कच्छप, श्रीमती एस डी महंत, श्रीमती उदीसना तिर्की, वार्ड ब्वाय श्री रामहरि अधिकारी, श्री इब्राहिम खान, चौकीदार श्री दिलिप राजवाड़े, वार्ड आया श्रीमती बसंती देवी व श्रीमती कविता पण्डो को भी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने इस कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए 3 दिवस के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राजीव युवा मितान क्लब द्वारा आयोजित युवा सम्मेलन में शामिल हुए
रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राजीव युवा मितान क्लब द्वारा आयोजित युवा सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में राज्य के सफल प्रतिभागी श्री आकाश श्रीश्रीमाल और श्री आकाश शुक्ला और राज्य सिविल सेवा परीक्षा की प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले श्री नीरनिधि नन्देहा सहित 10 विद्यार्थियों, पैराओलम्पिक में सिल्वर पदक विजेता श्री योगेश कथुरिया, पर्वतारोही सुश्री नैना सिंह धाकड़, पर्वतारोही श्री चित्रसेन साहू, गायक श्री सहदेव दिरदो, छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार श्री प्रकाश अवस्थी, छत्तीसगढ़ी गायक श्री ऋषिराज पाण्डेय, छत्तीसगढ़ी गायिका सुश्री आरु साहू को सम्मानित किया।
कलेक्टर धावड़े की संवेदनशीलता से महज 5 दिन के अंदर उमेश को मिली अनुकम्पा नियुक्ति’
कोरिया - कलेक्टर श्याम धावड़े की संवेदनशीलता से 5 दिन के भीतर उमेश कुमार देवांगन को अनुकम्पा नियुक्ति मिली। कलेक्टर ने आज अपने कक्ष में उमेश को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा भी उपस्थित रहे।
बता दें कि पटना के छरछा बस्ती स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में आरएचओ के पद पर कार्यरत स्व श्री शीतल कुमार देवांगन का 25 सितम्बर 2021 को आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना के कलेक्टर श्री धावड़े के संज्ञान में आते ही उन्होंने परिवार की मदद हेतु निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए 50 हजार रुपये की सहायता राशि पिता श्री टकेश्वर देवांगन को प्रदाय की और आज महज 5 दिन के भीतर उनके भाई श्री उमेश कुमार देवांगन को जनकपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटाडोल में सहायक ग्रेड 03 के पद पर पदस्थ करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति दिया गया। कलेक्टर श्री धावड़े ने उमेश को निष्ठा और लगन से काम करने की कामनाओं के साथ नियुक्ति पत्र सौंपा।
ग्राम सभा एवं विद्यालय में होगी बाल संरक्षण योजना एवं बाल विवाह के महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा
कोरिया - महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के निर्देशन में 02 अक्टूबर गांधी जंयती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतो में अयोजित ग्राम सभा में एकीकृत बाल संरक्षण योजना, बाल संरक्षण समिति की बैठक, जिले को बाल विवाह मुक्त करने हेतु प्रस्ताव, बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल विवाह कैसे रोका जाय, बाल विवाह के दंण्ड एवं ग्राम पंचायत का इस संबंध में दायित्व इन सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये ग्राम सभा में उपस्थित समस्त सदस्यो को जागरूक करने हेतु शपथ दिलाया जावेगा।
बाल विवाह-
हमारे देश में बाल विवाह की प्रथा बडे पैमाने पर रही है। आज भी देश के बहुत सारे हिस्सों में प्रचलित है। देश के कई भागों में रामनवमी, शिवरात्रि, बसंत पंचमी और अन्य त्यौहारों पर बच्चों के विवाह होते है। ये परंपराए स्थानीय समाज के रीति-रिवाज, मूल्य मान्यताओं और सोच से पैदा हुई है। रीति-रिवाज के नाम पर और आगे चलकर ज्यादा दहेज से बचने के लिए छोटे-छोटे लडके-लडकियों की शादी कर दी जाती है। कई मामलों में कम उम्र की लडकियों का विवाह अधेड़ उम्र के पुरूषों से करा दिया जाता है और कहीं-कहीं इन्हें वेश्यावृत्ति की अंधेरी दुनिया में धकेल दिया जाता है।
बाल विवाह के दुष्परिणाम-
कम उम्र में विवाह से बच्चों का बचपन नष्ट हो जाता है, बाल विवाह से बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। शारीरिक रूप से अपरिपक्व लडकियां अगर बच्चे को जन्म देती हैं तो उनकी सेहत और भी ज्यादा खतरे में पड़ जाती है। बाल विवाह का अर्थ है बच्चे के साथ बलात्कार है क्योंकि तब तक बच्चे ऐसे गंभीर फैसले लेने की उम्र में नही होते है। बाल बहुएं अक्सर कम उम्र में ही विधवा हो जाती है और उन्हें कई बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है। कम उम्र में गर्भावस्था के कारण गर्भपात की आशंका भी अधिक होती है तथा किशोरी मां के बच्चे जन्म के समय अकसर कम वजन के होते है तथा एक वर्ष पूर्ण करने के पहले उनकी मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। लडकियों की तरह कम उम्र में लड़कों की शादी भी उनके अधिकारों का उल्लंधन है। इससे फैसले करने का उनका अधिकार छिन जाता है और उनकी उम्र और क्षमता से ज्यादा बड़ी जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ जाती है।
क्या किसी बाल विवाह को रोका जा सकता है-
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति पुलिस या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारी) के पास यह शिकायत दर्ज करवाता है कि इस तरह का विवाह तय किया गया है या इस तरह का विवाह होने जा रहा है तो उसे रोका जा सकता है। शिकायत के आधार पर पुलिस या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी जांच करके मामले को प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्टेªट के संज्ञान में लाकर शादी को रूकवाने का आदेश जारी करवा सकते है। मजिस्टेªट सूचना मिलने पर स्वयं भी संज्ञान लेकर निषेधाज्ञा जारी कर सकते है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसी निषेधाज्ञा, आदेश का उल्लंधन करता है तो उसे दो वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि एक लाख रूपये तक का हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह से जन्मी संतान कानूनन वैध होती है, भले ही वह विवाद कानून की नजर में अवैध एवं शून्य करार दिया गया है। यदि किसी बालक को बाल विवाह के लिए बलपूर्वक बाध्य किया जाता है, फुसलाया जाता है, उत्प्रेरित किया जाता है अथवा विक्रय कर उसका विवाह कराया जाता है और अनैतिक प्रयोजन के लिए उसका उपयोग किया जाता है तो ऐसा विवाह अकृत और शून्य होगा।
दण्ड व करावास-
बाल-विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 21 वर्ष से कम उम्र के लडके और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित किया गया है। यह कानून बाल विवाह के बंधन में बंधने वाले बालक व बालिका को अपना विवाह शून्य घोषित कराने का अधिकार प्रदान करता है। 18 वर्ष से अधिक आयु का पुरूष यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से विवाह करता है तो उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। इसी तरह कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, अथवा उसमें सहायता करता है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा देता है अथवा उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है उसे भी 2 वर्ष का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है। किसी महिला को कारावास का दण्ड नही दिया जा सकता है।
समाज प्रमुख एवं ग्राम पंचायत के कार्य -
बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधनियम, 2006 के संबंध में लोगों को जागरूक कर सकते है। बाल अधिकारों के उल्लंधन और कम उम्र में विवाह से स्वास्थ्य के लिए पैदा होने वाले खतरों के संबंध में जागरूकता फैला सकते है। लोगों को इस बात के लिए समझा सकते है कि अपने बच्चों के बालिग होने पर ही उनका विवाह करें। सजग रहकर और बाल विवाह की सूचना सक्षम अधिकारियों को देकर बाल विवाह की रोकथाम में मदद कर सकते हैं। वर और वधु के माता-पिता को इस बात के लिए राजी करें कि विवाह को तब तक टाल दें जब तक दोनों बच्चे कानून के हिसाब से बालिग न हो जाएं। दोनो बच्चों को शिक्षा दलाने के लिए उनके माता-पिता के समझाए।
इसी प्रकार हाई स्कूल एवं हॉयर सेकेण्डरी विद्यालय के सभी बच्चों को समय-सयम पर बाल विवाह के संबंध में आवश्यक जानकारी उसके दुष्परिणाम, बाल विवाह कैसे रोका जाय, बाल विवाह के दण्ड एवं शिक्षक तथा बच्चों का इस संबंध में दायित्व इन सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये उपस्थित समस्त शिक्षको एवं बच्चों को संकल्प पत्र के अनुसार बाल विवाह एक सामाजिक बुराई व कानूनी अपराध है, इस कुप्रथ को दूर करने हेतु इस अभियान का मैं सदस्य रहूंगा, रहूंगी अपने आस-पास के क्षेत्र में होने वाले ऐसे विवाह के दुष्परिणाम के बारे में लोगो को जागृत करेगें की शपथ दिलाया जावेगा।
जिले में ई-श्रम कार्ड योजना प्रारम्भ 16 से 59 वर्ष के बीच की आयु के श्रमिक, जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल ना करते हों, ईपीएफ या ईएसआईसी के सदस्य ना हों, कर सकते हैं आवेदन
कोरिया -श्रम पदाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा ई-श्रम कार्ड योजना प्रारम्भ किया गया है। यदि किसी की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच है और इन्कम टैक्स फाईल रिटर्न नही करते है और न ही ईपीएफ, ईएसआईसी या एनपीएस के सदस्य है तो वह श्रमिक भारत सरकार की इस योजना में पंजीयन करा सकता है। ई-श्रम कार्ड को बनाने का कार्य 26 अगस्त 2021 से सरकार द्वारा आरम्भ कर दिया गया है। श्रमिकों को अपना पंजीयन कराने के लिए आधार नम्बर, मोबाइल नम्बर और बैंक खाता का विवरण साथ में रखना होगा। सभी पंजीकृत श्रमिकों को 12 अंको का रिकार्ड प्रदान किया जायेगा जो कि पूरे देश में मान्य होगा। इस कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को उनके काम के आधार पर बांटा जायेगा। विभिन्न प्रकार की मजदूरों/कामगारों जिनका ई-श्रम कार्ड बन सकता है जो निम्नानुसार है घर का नौकर-नौकरानी, खाना बनाने वाली (कुक), सफाई कर्मचारी, गार्ड, रेजा-कुली, रिक्शा चालक, ठेला में किसी भी प्रकार का सामान बेचने वाला (वेन्डर), होटल के नौकर/वेटर, रिसेप्शनिष्ट, पूछताछ करने वाले क्लर्क, आॅपरेटर, हर दुकान का नौकर, सेल्समैन, हेल्पर, आॅटो चालक, ड्राईवर, पंचर बनाने वाला, टाईल्स वाला, वेल्डिंग वाला, खेती वाले मजदूर, नरेगा मजदूर, ईट भट्ठा के मजदूर, पत्थर तोड़ने वाले, खदान मजूदर, फॅाल्स सीलिंग वाले, मूर्ति बनाने वाला, मछुआरा, चरवाहा, डेरी वाले, सभी पशुपालन, पेपर का हाॅकर, जोमैटो, स्विगी, अमेजन, फ्ल्पिकार्ट के डिलेवरी ब्वाॅय नर्स, वार्ड ब्याॅय, आया, मंदिर के पुजारी, विभिन्न् सरकारी आॅफिस के दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर रेट वाले कर्मचारी, अंागनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन, आशा वर्कर आदि अर्थात सभी तरह के व्यक्ति का पंजीयन हो सकता है। पंजीयन किसी भी च्वाईस केन्द्र, लोक सेवा केन्द्र या सीएससी के माध्यम से किया जायेगा या इस साईट https://register.eshram.gov.
कलेक्टर धावड़े ने नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में करों की कड़ाई से वसूली और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में ठोस कार्यवाही के दिए निर्देश
कोरिया - कलेक्टर श्याम धावड़े ने समस्त नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में कड़ाई से लंबित करों की वसूली के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न करों से होने वाली आय से ही नगरीय निकायों में समुचित सुविधाएं उपलब्ध की जाती हैं। इनमें संपत्ति कर, समेकित कर, जल कर, भवन अनुज्ञा, विज्ञापन और होर्डिंग्स, पार्किंग, आदि स्त्रोत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कर वसूली में किसी तरह की कोताही ना बरतें। साथ ही नगरीय निकायों में किये जा रहे निर्माण कार्यों में भी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें। उन्होंने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नियमों के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत ठोस कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने व्यावसायिक कचरा कलेक्शन पर यूजर चार्ज लेने और ठेले, गुमटी वालों को डस्टबिन जरूर उपयोग करने की समझाइश देने की बात कही। बैठक में मुख्य कार्यापालन अधिकारी श्री कुणाल दुदावत एवं अपर कलेक्टर श्री सुखनाथ अहिरवार, एवं नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।
’एसईसीएल से करोड़ों में वसूली जानी है बकाया कर राशि’
बैठक में नगरीय निकायों के अंतर्गत समेकित और संपत्ति कर की जानकारी दी गयी जिसमें एसईसीएल का करोड़ों का बकाया कर शेष है, जिसकी वसूली की जानी है। नगरनिगम चिरमिरी में ही विभिन्न करों की कुल बकाया राशि 12 करोड़ है जिसमें पूर्व वर्षों के 4 करोड़ और चालू वर्ष की 8 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। इसी तरह नगरपालिका शिवपुर-चरचा में समेकित एवं संपत्ति कर 1 करोड़ 82 लाख रुपये, नगरपालिका मनेन्द्रगढ़ में 21 लाख, नगर पंचायत झगराखांड में लगभग 50 लाख, नई लेदरी में 11 लाख और नगर पंचायत खोंगापानी का 40 लाख रुपये का कर बकाया है।
’बैठक में कलेक्टर ने की नगरीय निकायों के निर्माण कार्यों एवं आय-व्यय की समीक्षा’
बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकायों के विकास कार्यों की वित्तीय स्थिति, राज्य प्रवर्तित, केंद्र प्रवर्तित, अधोसंरचना मद में निर्माण कार्य, आय व्यय की जानकारी, जल आवर्धन योजना, नगरीय निकाय में पेयजल प्रदाय की स्थिति, नरूवा गरुवा घुरवा एवं बाड़ी के अंतर्गत अद्यतन स्थिति, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, लोक सेवा गारण्टी अधिनियम की सेवाओं के प्रकरणों, जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत कार्यों की जानकारी, पौनी पसारी योजना, सबके लिए आवास आदि की जानकारी लेकर समीक्षा की।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना: राज्य में अब तक 3243 एकड़ रकबा में 1.21 लाख पौधों का रोपण योजना का लाभ उठाने के लिए जुड़ चुके 1757 हितग्राही, ग्राम पंचायत तथा वन प्रबंधन समितियां
पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला प्रेसवार्ता सत्ता के संरक्षण में फल फूल रहा देश में ड्रग माफिया
रायपुर / छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से फसलों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को दी बड़ी सौगात
रायपुर - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने बिलासपुर और रायपुर में लगभग 42 करोड़ 14 लाख रूपए की लागत से नई खेल सुविधाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें मुख्य रूप से फुटबाल, कबड्डी, तींरदाजी और एथलेटिक्स की अकादमी, दो खेल छात्रावास, एक तींरदाजी प्रशिक्षण उपकेन्द्र और एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक एण्ड फील्ड शामिल हैं। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
वन मंत्री अकबर ने वन विभाग के 154 विजेता खिलाड़ियो को किया सम्मानित वन विभाग के खिलाड़ियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा
रायपुर - वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में 25वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को राशि वितरित कर सम्मानित किया। उन्होंने इस दौरान प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ वन विभाग के विजयी 154 खिलाड़ियों को 34 लाख 66 हजार रूपए की पारितोषिक राशि का वितरण किया। वन मंत्री श्री अकबर ने कार्यक्रम में समस्त विजयी खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने तथा प्रोत्साहन के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की घोषणा भी की।














