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ज्योतिष

 पितृ पक्ष में भूलकर भी ना करें इन 6 चीज़ों का दान… वरना पितर हो जाएंगे नाराज़ और शुरू हो जाएंगी मुश्किलें!

पितृ पक्ष में भूलकर भी ना करें इन 6 चीज़ों का दान… वरना पितर हो जाएंगे नाराज़ और शुरू हो जाएंगी मुश्किलें!

Anita nishad 09-Sep-2025 83

 


पितृ पक्ष का समय हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद पाने के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य करते हैं। ऐसा विश्वास है कि इस दौरान पितरों को प्रसन्न करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर कभी भी पितृ दोष नहीं लगता।

लेकिन ज्योतिष शास्त्र में कुछ चीज़ों को लेकर चेतावनी दी गई है। अगर आप भूलकर भी इन 6 वस्तुओं का दान करते हैं तो पितर रुष्ट हो सकते हैं और परिवार पर संकट आ सकता है। आइए जानते हैं वे चीज़ें—

1️⃣ नमक – पितृ पक्ष में नमक का दान करने से आर्थिक नुकसान और कर्ज बढ़ने का खतरा रहता है।
2️⃣ टूटी-फूटी वस्तुएँ – पुराने या टूटे सामान का दान पितृ दोष का कारण बन सकता है। दान में हमेशा नई चीज़ें ही दें।
3️⃣ बासी व मांसाहारी भोजन – बासी खाना या मांसाहार दान करने से पितर नाराज़ हो सकते हैं।
4️⃣ लोहे के बर्तन – यह शनि देव से जुड़े होते हैं और इनका दान पितृ दोष को बढ़ा सकता है।
5️⃣ जूते-चप्पल – इनका दान शनि दोष और पितृ दोष दोनों को आमंत्रित करता है।
6️⃣ सरसों का तेल – इसे दान करने से पितरों की नाराज़गी झेलनी पड़ सकती है।

???? शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में नई व शुभ वस्तुएँ जैसे कपड़े, पीतल के बर्तन, अनाज और फल-फूल का दान सबसे उत्तम माना जाता है।

 
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 उपराष्ट्रपति चुनाव में सबसे पहले पीएम मोदी ने डाला वोट, शाम तक साफ हो जाएगा नया नाम… कौन बैठेगा देश के दूसरे बड़े पद पर?

उपराष्ट्रपति चुनाव में सबसे पहले पीएम मोदी ने डाला वोट, शाम तक साफ हो जाएगा नया नाम… कौन बैठेगा देश के दूसरे बड़े पद पर?

Anita nishad 09-Sep-2025 14

 

नई दिल्ली:
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है और सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट डालकर इसकी शुरुआत की। इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है।

शुरुआती वोट डालने वालों में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अर्जुन राम मेघवाल, किरण रिजिजू, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश, भाजपा सांसद कंगना रनौत और सपा नेता राम गोपाल यादव शामिल रहे। संसद के दोनों सदनों के सदस्य सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाल सकते हैं। इसके बाद शाम 6 बजे मतगणना शुरू होगी और देर रात तक परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है।

???? कैसे होता है मतदान?
उपराष्ट्रपति चुनाव गुप्त मतदान प्रणाली के तहत होता है, यानी सांसदों पर पार्टी व्हिप लागू नहीं होता। कुल 781 सदस्य मतदान के पात्र हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 391 है। एनडीए खेमे के पास 425 सांसदों का समर्थन है, जबकि विपक्ष के पास 324 सांसद हैं।

???? दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से
दिलचस्प बात यह है कि इस बार दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से आते हैं। सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। वहीं, बी. सुदर्शन रेड्डी तेलंगाना से हैं और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं।

???? किसका पलड़ा भारी?
आंकड़ों के लिहाज से राधाकृष्णन का पलड़ा भारी माना जा रहा है, लेकिन विपक्ष ने इस चुनाव को “भारत की भावना” से जोड़कर वैचारिक लड़ाई करार दिया है। AIMIM ने रेड्डी का समर्थन किया है, जबकि बीजू जनता दल (BJD) और बीआरएस मतदान से दूर रहने वाले हैं।

अब सबकी निगाहें आज शाम पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि देश के अगले उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

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  वृंदावन में बाढ़ के बीच प्रेमानंद महाराज निकले कुटिया से बाहर, यमुना के रौद्र रूप को देख कही चौंकाने वाली बात!

वृंदावन में बाढ़ के बीच प्रेमानंद महाराज निकले कुटिया से बाहर, यमुना के रौद्र रूप को देख कही चौंकाने वाली बात!

Anita nishad 09-Sep-2025 23

 

मथुरा/वृंदावन:
यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने के कारण मथुरा और वृंदावन बाढ़ की चपेट में हैं। खेत-खलिहान, घर और कई प्राचीन मंदिर पानी में डूब चुके हैं। हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। यहां तक कि बांके बिहारी मंदिर का वीआईपी मार्ग भी 4 से 5 फीट पानी में डूब चुका है।

इसी कठिन घड़ी में वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज अपनी कुटिया से बाहर निकलकर बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। खास बात यह रही कि वे आमतौर पर अपनी कुटिया से बाहर नहीं निकलते, लेकिन इस बार वे स्टीमर पर सवार होकर लोगों तक पहुंचे।

???? “यह प्रभु की लीला है”
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रेमानंद महाराज यमुना के उफनते पानी को देखकर कहते दिखे— “यह सब प्रभु की लीला है। इसे ईश्वरीय प्रकोप न मानें, बल्कि प्रकृति का हिस्सा समझें। इस समय धैर्य और साहस से काम लें, प्रभु पर विश्वास रखें।”

???? भक्तों को दिलाया भरोसा
महाराज ने अपने भक्तों को भरोसा दिलाया कि जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन लीला में भक्तों की रक्षा की थी, वैसे ही इस संकट में भी प्रभु सबकी रक्षा करेंगे। उनके इस संदेश ने बाढ़ पीड़ितों के बीच उम्मीद और विश्वास की नई किरण जगा दी है।

???? प्रशासन सक्रिय
इस बीच प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों में जुटा हुआ है। महाराज का यह कदम और उनका सुकून देने वाला संदेश स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।


क्या चाहोगे कि मैं इसके लिए एक शॉर्ट वायरल नोटिफिकेशन हेडलाइन भी बना दूँ, जो फेसबुक/यूट्यूब या न्यूज़ ऐप पर तुरंत क्लिक करवाए?

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मथुरा में यमुना का जल प्रकोप! 26 गांव डूबे, वृंदावन का परिक्रमा मार्ग भी पानी में समाया

मथुरा में यमुना का जल प्रकोप! 26 गांव डूबे, वृंदावन का परिक्रमा मार्ग भी पानी में समाया

Anita nishad 07-Sep-2025 37

 मथुरा। उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है। मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान को पार करता जा रहा है। निचले इलाकों में पानी घुस चुका है और हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं।

 26 गांव जलमग्न

मथुरा जिले के करीब 26 गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। घरों में पानी भर गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।

 परिक्रमा मार्ग और मंदिरों में पानी

  • वृंदावन का आधा परिक्रमा मार्ग पानी में डूब गया है।

  • गोकुल घाट और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव से हालात गंभीर हैं।

  • बालाजी सरकार का मंदिर पूरी तरह पानी में डूबा नजर आ रहा है।

 नाव संचालन बंद

बाढ़ की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ भी कम हो गई है। प्रशासन ने एहतियातन नाव संचालन पर रोक लगा दी है।

 गांवों का संपर्क टूटा

महावन और छाता तहसील के यमुना किनारे बसे गांवों तक पानी पहुँच चुका है। खेत, सड़कें और लिंक रोड जलमग्न हो गए हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और प्रशासन लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहा है।

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500 साल बाद ऐसा चंद्र ग्रहण! कौन सी 5 राशियाँ होंगी मालामाल और किन 4 पर टूटेगी आफ़त?

500 साल बाद ऐसा चंद्र ग्रहण! कौन सी 5 राशियाँ होंगी मालामाल और किन 4 पर टूटेगी आफ़त?

Anita nishad 07-Sep-2025 21

 नई दिल्ली। 7 सितंबर 2025 को लगने वाला चंद्र ग्रहण सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्ट‍ि से भी बेहद खास है। कहा जा रहा है कि 500 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जब मृत्यु पंचक के दौरान ग्रहण के साथ कई शुभ योग भी एक साथ पड़ेंगे। इस दौरान कुछ राशियों की किस्मत चमकेगी, तो वहीं कुछ राशियों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

 ग्रहण का समय:

  • शुरुआत: रात 9:57 बजे

  • मोक्ष: तड़के 1:27 बजे

  • पूरे भारत में दिखाई देगा

किन राशियों पर बरसेगी चांदी?

  • मेष: धन लाभ, सफलता और उन्नति के बड़े मौके।

  • वृषभ: आय में वृद्धि, विदेश से शुभ समाचार।

  • कन्या: कर्ज से मुक्ति, निवेश से लाभ।

  • वृश्चिक: रुके काम पूरे होंगे, निवेश से फायदा।

  • धनु: करियर में उन्नति, व्यापार में बड़ा लाभ।

 इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान

  • मिथुन: पारिवारिक तनाव और कामकाज में दबाव।

  • सिंह: वैवाहिक जीवन और रिश्तों में कलह।

  • तुला: खर्च बढ़ेंगे, भरोसे में धोखा मिल सकता है।

  • कुंभ: शत्रुओं से सावधान, करियर में उतार-चढ़ाव।

 खासियत क्या है?

इस चंद्र ग्रहण के साथ बुधादित्य राजयोग और दो समसप्तक योग जैसे शक्तिशाली योग बन रहे हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि अगर इस दौरान दान-पुण्य किया जाए तो इसका शुभ फल कई गुना बढ़कर मिलेगा।

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Chandra Grahan 2025: गर्भवती महिलाओं के लिए अशुभ संकेत! जानिए कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए…

Chandra Grahan 2025: गर्भवती महिलाओं के लिए अशुभ संकेत! जानिए कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए…

Anita nishad 07-Sep-2025 15

 

नई दिल्ली। साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण 7-8 सितंबर को लगने जा रहा है। हिंदू मान्यताओं में ग्रहण को अशुभ माना जाता है, और खासकर गर्भवती महिलाओं को इस दौरान कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ग्रहण की छाया माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों पर नकारात्मक असर डाल सकती है। यही कारण है कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष नियम बताए गए हैं।

???? चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  1. बाहर न निकलें और ग्रहण न देखें – मान्यता है कि ग्रहण की छाया गर्भस्थ शिशु पर असर डालती है।

  2. ग्रहण लगने पर भोजन न करें – ग्रहण शुरू होने से पहले ही भोजन कर लेना चाहिए।

  3. धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें – नुकीली या धारदार चीज़ों से नुकसान होने की आशंका मानी जाती है।

  4. न सोएं, बल्कि मंत्र जप करें – देवी-देवताओं के मंत्रों का जप करने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है।

  5. ग्रहण खत्म होने पर स्नान करें – इसके बाद ईश्वर की पूजा और संतान के मंगल की कामना करनी चाहिए।

  6. घर में गंगाजल का छिड़काव करें – मान्यता है कि इससे दोष मिट जाते हैं।

  7. दान अवश्य करें – ग्रहण खत्म होने के बाद दान करने से अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।

⚠️ महत्वपूर्ण नोट

ये सभी नियम और सावधानियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ऐसे में महिलाएं अपनी आस्था और स्वास्थ्य के अनुसार इन्हें अपनाएं।

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आज का राशिफल: मेष, वृष और धनु के लिए आज लाभ के योग, जानें 2 सितंबर का दिन कैसा रहेगा, पढ़ें राशिफल

आज का राशिफल: मेष, वृष और धनु के लिए आज लाभ के योग, जानें 2 सितंबर का दिन कैसा रहेगा, पढ़ें राशिफल

Anita nishad 02-Sep-2025 80

 Aaj ka Rashifal, आज का राशिफल 2 सितंबर 2025: ग्रहों की स्थिति की बात करें तो आज गुरु मिथुन राशि में हैं, शुक्र कर्क राशि में। सूर्य, बुध और केतु सिंह राशि में। मंगल कन्या राशि में, चंद्रमा धनु राशि में।

राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि के हैं।
 

राशिफल-

मेष राशि- भाग्य साथ देगा, लाभ के योग बन रहे हैं। रोजी रोजगार में तरक्की करेंगे। कार्यों की विघ्न, बाधा खत्म होगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान का साथ होगा। व्यापार भी अच्छा रहेगा है। पीली वस्तु पास रखें।

वृषभ राशि- जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा। नौकरी चाकरी की स्थिति अच्छी होगी। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा रहेगा, लाभ के योग। भगवान विष्णु को प्रणाम करते रहें।

मिथुन राशि- बच के पार करें। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। प्रेम, संतान की स्थिति ठीक-ठाक है। व्यापार भी ठीक है। पीली वस्तु का दान करें।

कर्क राशि- शत्रु भी मित्रवत व्यवहार करेंगे लेकिन थोड़ा सा स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। प्रेम, संतान की स्थिति अच्छी है, व्यापार भी अच्छा है। गुण, ज्ञान की प्राप्ति होगी और बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा। पीली वस्तु पास रखें।

सिंह राशि- संतान पक्ष से थोड़ा मन खिन्न रहेगा। प्रेम में तू तू मैं मैं के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय। ज्ञानार्जन के लिए अच्छा समय। व्यापार अच्छा है। स्वास्थ्य भी अच्छा है। सूर्य को जल दें।

कन्या राशि- गृह कलह के संकेत हैं। लेकिन भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि होगी। मां के स्वास्थ्य में सुधार। प्रेम, संतान का साथ। व्यापार अच्छा। शनि देव को प्रणाम करते रहें।

तुला राशि- पराक्रम रंग लाएगा। रोजी रोजगार में तरक्की करेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर। प्रेम, संतान अच्छा, व्यापार अच्छा। व्यावसायिक ऊर्जा इस समय आप में बढ़ चढ़कर रहेगी। जो भी आप प्रोग्राम कर रहे हैं, उसको कार्यरूप दें, अच्छा होगा। पीली वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि- धन का आवक बढ़ेगा। कुटुंबों में वृद्धि होगी। मित्रों में वृद्धि होगी। सबके साथ बहुत आनंददायक जीवन गुजारेंगे। फिर भी जुबान पर काबू रखिए और निवेश पर काबू रखिए। बाकी आपका स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार अच्छा है। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि- पॉजिटिव का संचार होगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा, प्रेम संतान का साथ होगा। व्यापार अच्छा रहेगा , लाभ के संकेत। जरूरत के हिसाब से वस्तुएं जीवन में उपलब्ध होंगी। शुभ समय। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि- मन परेशान रहेगा खर्च की अधिकता रहेगी। चिंताकारी सृष्टि का सृजन होगा। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम, संतान अच्छा। व्यापार अच्छा। काली जी को प्रणाम करते रहें।

कुंभ राशि- नए-नए स्रोत बनेंगे आय के। पुराने स्रोत भी कायम रहेंगे। यात्रा का योग बनेगा। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा रहेगा। भगवान गणेश को प्रणाम करना शुभ होगा।

मीन राशि- व्यावसायिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कोर्ट कचहरी में विजय मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा है, प्रेम संतान का साथ है। व्यापार अच्छा है। शिव जी का जलाभिषेक करना शुभ होगा।

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Aaj ka Panchang: आज इस मुहूर्त में करें ज्येष्ठ गौरी विसर्जन, राहु काल जानने के लिए पढ़ें 2 सितंबर का पंचांग

Aaj ka Panchang: आज इस मुहूर्त में करें ज्येष्ठ गौरी विसर्जन, राहु काल जानने के लिए पढ़ें 2 सितंबर का पंचांग

Anita nishad 02-Sep-2025 10

 Aaj ka Panchang 2 September 2025: बीते दिनों ज्येष्ठ गौरी पूजा की गई थी, जिस दिन घर में देवी गौरी की मूर्ति की स्थापना की जाती है। हालांकि, आज 2 सितंबर 2025 को ज्येष्ठ गौरी विसर्जन होगा।

आज के दिन भगवान हनुमान के साथ-साथ देवी गौरी की पूजा करना शुभ रहता है, जिनकी कृपा से आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है। आइए अब जानते हैं ज्येष्ठ गौरी विसर्जन के दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त, योग, करण, नक्षत्र और नवग्रहों की स्थिति आदि के बारे में।
 

तिथि, करण और दिशा शूल

द्रिक पंचांग के अनुसार, आज सुबह 03:53 मिनट तक भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी, जिसके बाद अब एकादशी तिथि चल रही है। हालांकि, दशमी तिथि के समाप्त होते ही तैतिल करण भी समाप्त हो गया, जिसके बाद इस समय गर करण चल रहा है। गर करण आज देर रात तक रहने वाला है। इसके अलावा दिनभर उत्तर दिशा शूल रहेगी।

चंद्रमास और सम्वत


योग और नक्षत्र

इस समय प्रीति योग चल रहा है, जो दोपहर 04:39 मिनट तक रहेगा। इस योग के समाप्त होते ही आयुष्मान योग का आरंभ हो जाएगा, जो देर रात तक रहने वाला है। नक्षत्र की बात करें तो सुबह 09:51 मिनट तक मूल रहेगा, जिसके बाद देर रात तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहने वाला है।


नवग्रहों की स्थिति

  • गुरु देव आज मंगलवार के दिन अकेले मिथुन राशि में राज करेंगे।
  • शनि देव मीन राशि में दिनभर राज करने वाले हैं।
  • सूर्य देव, केतु ग्रह और बुध देव आज महायुति स्थिति में सिंह राशि में रहेंगे।
  • चंद्र देव आज के शुभ दिन धनु राशि में संचार करेंगे।
  • मंगल देव अकेले कन्या राशि में रहेंगे।
  • शुक्र देव आज अकेले कर्क राशि में राज करने वाले हैं।
  • शनि की राशि कुंभ में राहु ग्रह दिनभर राज करेंगे।
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Mangalwar Upay: हनुमान जी को प्रसन्न करने के 8 अचूक उपाय, मंगलवार को करें ये सरल टोटके, दूर होंगे संकट!

Mangalwar Upay: हनुमान जी को प्रसन्न करने के 8 अचूक उपाय, मंगलवार को करें ये सरल टोटके, दूर होंगे संकट!

Anita nishad 02-Sep-2025 14

 मंगलवार को किसी ऐसे मंदिर में जाएं जहां भगवान श्रीराम और हनुमान जी दोनों की ही प्रतिमा हो. वहीं जाने के बाद श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं. इसके बाद भगवान श्रीराम की मूर्ति के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें.

इस उपाय को करने से श्रीराम और हनुमान जी दोनों की ही कृपा प्राप्त होती है.

मंगलवार के दिन घर में पारद से बने हनुमानजी की मूर्ति को स्थापित करना बेहद शुभ माना जाता है. तंत्र शास्त्र के मुताबिक पारद से बने हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह के बिगड़े काम बन जाते हैं. पारद से बने हनुमान जी की मूर्ति को घर में रखने से सभी तरह के विघ्न दूर होते हैं. घर में इस मूर्ति को स्थापित करने के बाद प्रतिदिन इनकी पूजा करनी चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को पितृदोष लगा है तो उसे पारद से निर्मित हनुमान प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए. ऐसा करने से पितृदोष से छुटकारा मिलता है.

मंगलवार के दिन सुबह स्नान के बाद बड़ के पेड़ से 11 से 21 पत्ते को तोड़ लें. आपको इस बात का ध्यान रखना है कि ये पत्ते साफ और साबूत हो. अब इन्हें साफ पानी से धोने के बाद इसके ऊपर केसर या चंदन से श्रीराम का नाम लिख लें. अब इन पत्तों की माला बनाकर पास के ही किसी हनुमान मंदिर में हनुमान जी को पहना दें. माला बनाते समय रंग बिरंगे धागे का इस्तेमाल करें.

श्रीराम नवमी के दिन घर के पास स्थित किसी भी हनुमान जी के मंदिर में उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें. ऐसा करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती है. इसके साथ ही हनुमान जी अपने भक्तों से काफी प्रसन्न भी होते हैं.

मंगलवार के दिन हनुमान जी को समर्पित होता है. इस दिन हनुमान जी को चोला अर्पित करने से पहले उनका स्नान करें. इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करना बेहद शुभ माना जाता है. हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय चमेली के तेल का दीपक इस्तेमाल करें. इसके साथ ही हनुमान जी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र अर्पित करें. इसके साथ ही राम नाम का 108 बार जाप करें.

मंगलवार के दिन तेल, बेसन और उड़द के आटे से बनाई हुई हनुमान जी की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा कर घी का दीपक जलाएं और विधिवत उनकी पूजा करने के बाद लड्डू का भोग लगाएं. इसके बाद 27 पान के पत्ते और सुपारी आदि लेकर पान का बीड़ा बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें. इसके बाद नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा मंत्र का जाप करें. इसके बाद आरती, स्तुति करने के बाद इस मूर्ति को विसर्जित कर दें. इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान दक्षिणा दें और सम्मान के साथ विदा करें.

जो भी लोग शनि दोष से पीड़ित हैं उन्हें मंगलवार के दिन काली उड़द व कोयले की एक पोटली बना लें. इसमें एक रुपए का सिक्का रखें. इसके बाद उस पोटली को अपने ऊपर से घूमाकर किसी नदी में प्रवाहित कर दें. इसके साथ ही किसी भी हनुमान मंदिर में श्रीराम नाम का जाप करें. ऐसा करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है.

यदि आप जीवन में किसी भी तरह के संकट का सामना कर रहे हैं तो विधि-विधान से ऊं नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा। मंत्र का जाप करना चाहिए. इस मंत्र का जाप करने से पहले सर्वप्रथम स्नान आदि नित्य कर्म से निवृत्त होकर साफ कपड़े पहन लें. इसके बाद माता-पिता, गुरु, इष्ट व कुल देवता को नमन करके कुश पर बैठे. इसके बाद पारद हनुमान जी की प्रतिमा के सामने मंत्र का जाप करें.

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क्या इस बार मां दुर्गा ला रही हैं 'विशेष संकेत'? शारदीय नवरात्रि 2025 में होंगे 10 दिन — जानिए क्यों!

क्या इस बार मां दुर्गा ला रही हैं 'विशेष संकेत'? शारदीय नवरात्रि 2025 में होंगे 10 दिन — जानिए क्यों!

Anita nishad 21-Aug-2025 188

 

 

शारदीय नवरात्रि 2025 इस बार कुछ बेहद खास होने जा रहा है — ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, नवरात्रि इस बार पारंपरिक 9 नहीं, पूरे 10 दिनों तक मनाई जाएगी।

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, तृतीया तिथि की वृद्धि के चलते यह पर्व 22 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर को समाप्त होगा। उसी दिन दशहरा भी मनाया जाएगा। यह योग कई वर्षों बाद बन रहा है और इससे पर्व की धार्मिक और ज्योतिषीय महत्ता और भी बढ़ जाती है।

 

 ???? तारीखें: 22 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025

???? खास बात: इस बार 9 नहीं, 10 दिन की नवरात्रि
???? मां दुर्गा का वाहन: हाथी — सुख, समृद्धि और भरपूर वर्षा का प्रतीक


???? घटस्थापना का शुभ मुहूर्त (22 सितंबर):

  • अमृत मुहूर्त: सुबह 6:19 से 7:49

  • शुभ मुहूर्त: सुबह 9:14 से 10:49

  • अभिजीत मुहूर्त: 11:55 से 12:43 तक

  • नक्षत्र: हस्त

  • योग: शुक्ल योग


???? मां दुर्गा का वाहन इस बार हाथी — क्यों है ये शुभ?

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पधारेंगी, जो दर्शाता है कि देश में अच्छी वर्षा, समृद्धि और शांति का आगमन होगा।


???? नवरात्रि की तिथियां और देवी स्वरूप:

  • 22 सित. (सोम): प्रतिपदा – शैलपुत्री

  • 23 सित. (मंगल): द्वितीया – ब्रह्मचारिणी

  • 24-25 सित.: तृतीया – चंद्रघंटा

  • 26 सित.: चतुर्थी – कूष्मांडा

  • 27 सित.: पंचमी – स्कंदमाता

  • 28 सित.: षष्ठी – कात्यायनी

  • 29 सित.: सप्तमी – कालरात्रि

  • 30 सित.: अष्टमी – महागौरी

  • 01 अक्टूबर: नवमी – सिद्धिदात्री

  • 02 अक्टूबर: दशहरा


???? नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व:

इन 10 दिनों को आत्मशुद्धि, साधना और देवी कृपा के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। जो भक्त व्रत, पूजन और मां के नौ रूपों की आराधना करते हैं, उन्हें जीवन में मनचाही सिद्धि और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है।

 
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7 सितंबर से खुलेंगे पितरों के द्वार: पितृपक्ष में अगर की ये गलतियाँ, तो मिल सकती है पीढ़ियों तक की सजा!

7 सितंबर से खुलेंगे पितरों के द्वार: पितृपक्ष में अगर की ये गलतियाँ, तो मिल सकती है पीढ़ियों तक की सजा!

Anita nishad 17-Aug-2025 115

 हिंदू पंचांग के अनुसार पितृपक्ष 2025 (Pitru Paksha 2025) इस बार 7 सितंबर से शुरू हो रहा है और 21 सितंबर को समाप्त होगा। मान्यता है कि इस दौरान पूर्वजों की आत्माएं धरती पर आती हैं और अपने वंशजों से तर्पण व श्राद्ध की अपेक्षा करती हैं। जो व्यक्ति श्रद्धा से उनका स्मरण करते हैं, उन्हें पितरों की कृपा प्राप्त होती है, लेकिन जो इस दौरान नियमों की अनदेखी करते हैं, उन्हें कठिन दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

आइए जानें, इस पावन काल में क्या करें और क्या नहीं – ताकि पितरों का आशीर्वाद बना रहे, और अनजाने में कोई भूल न हो।



 पितृपक्ष में क्या करें?

✔️ प्रतिदिन स्नान के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख कर जल अर्पण करें
✔️ पिंडदान, तर्पण और ब्राह्मण भोज कराना अत्यंत शुभ माना जाता है
✔️ तर्पण करते समय काले तिल, जौ और जल का प्रयोग करें
✔️ गायत्री मंत्र या पितृ मंत्र का जाप करें
✔️ यदि ब्राह्मण उपलब्ध न हों, तो जरूरतमंद या गौ सेवा करें
✔️ सात्विक भोजन का दान करें — बिना लहसुन-प्याज वाला
✔️ अन्न, वस्त्र, छाता, जूते आदि का दान अत्यंत पुण्यदायक होता है



 पितृपक्ष में क्या न करें?

???? मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूरी बनाए रखें
???? विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय न शुरू करें
???? बाल और नाखून न काटें – यह अपशकुन माना जाता है
???? नई वस्तुएं, कपड़े या गहने खरीदने से परहेज करें
???? लहसुन-प्याज का प्रयोग, लड़ाई-झगड़ा और गाली-गलौच से बचें



 पितृपक्ष का महत्व क्यों है?

ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितृलोक से आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं। अगर उन्हें सम्मान और श्रद्धा से तर्पण नहीं दिया जाए, तो वे अप्रसन्न होकर वंशजों को पीड़ा दे सकती हैं। लेकिन यदि श्रद्धा से किया गया श्राद्ध उन्हें तृप्त कर दे, तो वे पुत्र-पौत्र, स्वास्थ्य, धन और सफलता का आशीर्वाद दे जाती हैं।


 

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जन्माष्टमी पर पंचामृत — भगवान कृष्ण का प्रिय अभिषेक

जन्माष्टमी पर पंचामृत — भगवान कृष्ण का प्रिय अभिषेक

Anita nishad 16-Aug-2025 104

 पंचामृत का महत्व:

जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल का अभिषेक पंचामृत से किया जाता है। यह पांच पवित्र पदार्थों का मिश्रण होता है, जो भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय है। पंचामृत के बिना जन्माष्टमी अधूरी मानी जाती है।


पंचामृत बनाने की सामग्री:

  • गाय का दूध — 1 कटोरी

  • दही — आधा कटोरी

  • शहद — 1 टीस्पून

  • देसी घी — 1 टीस्पून

  • चीनी — 1 टीस्पून

  • तुलसी का पत्ता — 1 (आवश्यक)


बनाने की विधि:

  1. एक साफ बर्तन में दूध और दही डालकर अच्छे से मिलाएं।

  2. इसमें शहद, देसी घी और चीनी डालकर चम्मच से अच्छी तरह मिलाएं ताकि चीनी घुल जाए।

  3. अंत में, पंचामृत में तुलसी का पत्ता डालें, जिससे इसका पूर्ण महत्व बनता है।


ध्यान रखने योग्य बातें:

  • पंचामृत बनाने और उपयोग करने से पहले हाथ और बर्तन पूरी तरह साफ रखें।

  • इसे ताजा बनाएं और पूजा के तुरंत बाद वितरित करें।

  • यदि पहले से बनाया हो तो फ्रिज में रखकर ठंडा करें, लेकिन अधिक समय तक न रखें क्योंकि स्वाद खराब हो सकता है।


अब आपका शुभ पंचामृत तैयार है, इसे भगवान श्रीकृष्ण के अभिषेक में प्रयोग करें और सभी भक्तों में प्रसाद के रूप में बांटें।

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं! ????✨

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भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय है धनिया पंजीरी, ऐसे मिनटों में बनाएं स्वादिष्ट प्रसाद

भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय है धनिया पंजीरी, ऐसे मिनटों में बनाएं स्वादिष्ट प्रसाद

Anita nishad 16-Aug-2025 67

 जन्माष्टमी पर धनिया पंजीरी का विशेष महत्व:

जन्माष्टमी के व्रत में अन्न का सेवन वर्जित होता है, लेकिन धनिया पंजीरी व्रत में फलाहार की श्रेणी में आती है। इसे सात्त्विक, सुपाच्य और पौष्टिक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार भगवान कृष्ण को गुड़, धनिया, मिश्री, माखन और दूध के भोग अति प्रिय हैं, इसलिए धनिया पंजीरी का भोग इस त्योहार पर विशेष शुभ माना जाता है।


धनिया पंजीरी बनाने की सामग्री:

  • सूखा धनिया पाउडर – 1 कप

  • देसी घी – ½ कप

  • बूरा / पिसी मिश्री – ¾ कप

  • मखाना (भुना और कुटा हुआ) – ½ कप

  • सूखे मेवे (बादाम, काजू, किसमिस, पिस्ता - कटे हुए)

  • नारियल का बूरा – 2 बड़े चम्मच (वैकल्पिक)

  • इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच


बनाने की विधि:

  1. कढ़ाई में घी गरम करें।

  2. घी में मखाना डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें, ठंडा होने पर दरदरा तोड़ लें।

  3. अब उसी घी में सूखा धनिया पाउडर डालकर धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक सुगंध न आने लगे।

  4. इसमें कटे मेवे, नारियल बूरा और इलायची पाउडर डालकर मिलाएं।

  5. आंच से उतारकर ठंडा करें और फिर मिश्री या बूरा डालकर अच्छी तरह मिलाएं।


अब आपकी स्वादिष्ट और पौष्टिक धनिया पंजीरी तैयार है!
इसे भगवान कृष्ण को भोग लगाएं और परिवार तथा भक्तों में प्रसाद के रूप में बांटें। यह पारंपरिक प्रसाद व्रत को पूर्णता प्रदान करता है और जन्माष्टमी की खुशी को और बढ़ाता है।

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कृष्ण की भक्ति से रचे ये संदेश, जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें प्रेम और आशीर्वाद की सौगात!

कृष्ण की भक्ति से रचे ये संदेश, जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें प्रेम और आशीर्वाद की सौगात!

Anita nishad 15-Aug-2025 189

 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 इस साल 15 और 16 अगस्त को बड़े धूमधाम से देश-विदेश में मनाई जाएगी। मंदिरों से लेकर घरों तक कृष्ण भक्ति की मधुर स्वर लहरियां, दही हांडी की उत्सवधर्मी ऊर्जा, और भजनों की भक्तिपूर्ण गूंज वातावरण को रसमय बना देगी।

इस विशेष अवसर पर जब पूरा देश नंदलाल के जन्मोत्सव में लीन होगा, तब क्यों न अपने अपनों को भेजें कुछ भावपूर्ण और भक्ति से परिपूर्ण शुभकामनाएं, जो उनके चेहरे पर मुस्कान और दिल में सच्ची श्रद्धा भर दें।



 Happy Janmashtami 2025 Wishes | जन्माष्टमी शुभकामना संदेश

???? "कृष्णा तेरी गलियों का जो आनंद है,
वो दुनिया के किसी कोने में नहीं।
जो मज़ा तेरी वृंदावन की रज में है,
मैंने पाया किसी बिछौने में नहीं।
शुभ जन्माष्टमी!"

???? "कण-कण में है उनका वास,
गोपियों संग जो रचाएं रास,
देवकी-यशोदा हैं जिनकी मइया,
वो हैं हमारे कृष्ण कन्हैया।
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं!"

???? "माखन का कटोरा, मिश्री की थाल,
प्यारे हैं हमारे नंदलाल।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं!"

????️ "राधा के संग खेलें फाग,
कान्हा संग हर दिन राग।
सुख-शांति घर में लाएं,
सब मिलकर जन्माष्टमी मनाएं!"

???? "कान्हा की बंसी की मधुर तान,
भर दे जीवन में खुशियों की जान।
जन्माष्टमी का पावन त्यौहार,
लाए आपके घर सुख-संसार।"

???? "मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है,
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है।
शुभ जन्माष्टमी!"

???? "गोकुल का राजा, माखन चोर,
राधा संग जिसने बांधी डोर।
आओ सब गुण उनके गाएं,
जन्माष्टमी उत्सव मनाएं!"



 इन Messages को WhatsApp, Facebook, Instagram, SMS या Greeting Card में भेज सकते हैं।

???? इन शुभकामनाओं को आप डिजिटल आर्टवर्क, रील्स, या वीडियो स्टेटस के रूप में भी भेज सकते हैं। चाहे वो ऑफिस के सहकर्मी हों, परिवार के सदस्य हों, या कोई खास दोस्त – कान्हा के प्रेम की ये सौगात हर दिल को छू लेगी।

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क्या आप भी रख रहे हैं जन्माष्टमी व्रत? जानिए किन लोगों के लिए हो सकता है ये नुकसानदायक!"

क्या आप भी रख रहे हैं जन्माष्टमी व्रत? जानिए किन लोगों के लिए हो सकता है ये नुकसानदायक!"

Anita nishad 15-Aug-2025 80

 

जन्माष्टमी 2025 इस साल 16 अगस्त को मनाई जाएगी, और इस दिन देशभर में कान्हा जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। व्रत, पूजन, रात्रि में भजन-कीर्तन और रासलीला जैसे आयोजनों से वातावरण कृष्णमय हो जाता है।

इस दिन भक्त सुबह से रात 12 बजे तक उपवास रखते हैं, क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अर्धरात्रि में माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर व्यक्ति के लिए जन्माष्टमी का व्रत अनिवार्य नहीं होता?

वास्तव में कुछ विशेष परिस्थितियों में व्रत रखने की मनाही होती है, और उन लोगों को केवल पूजा-पाठ कर श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लेने की अनुमति दी जाती है।



 जिन लोगों को जन्माष्टमी व्रत नहीं रखना चाहिए:

 
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं:

इन अवस्थाओं में अधिक समय तक उपवास करना माँ और बच्चे दोनों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बन सकता है। ऐसे में केवल कथा, पूजन और भजन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

 
बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति:

जिन्हें डायबिटीज, हाई/लो ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, किडनी या लिवर संबंधी समस्याएं हैं, या फिर जो बुखार या अन्य बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें व्रत नहीं रखना चाहिए।
बुजुर्गों के लिए भी व्रत की अनिवार्यता नहीं होती।

 
छोटे बच्चे:

बहुत छोटे बच्चों के लिए भी उपवास शारीरिक रूप से उचित नहीं होता। उन्हें केवल कृष्ण भक्ति और पूजन में भाग लेने की सलाह दी जाती है।

 
मासिक धर्म में महिलाएं:

परंपराओं के अनुसार, ऐसी महिलाएं व्रत और पूजन दोनों से दूर रहती हैं। हालांकि, भक्ति भाव से मन में भगवान का स्मरण किया जा सकता है।


 क्या करें अगर व्रत नहीं रख सकते?

यदि आप उपवास नहीं कर पा रहे हैं, तो भी पूजा, श्रीकृष्ण की आरती, झूला झुलाना, भजन-कीर्तन, और 56 भोग अर्पण जैसे कार्यों से आप जन्माष्टमी की पूर्ण भक्ति कर सकते हैं।

ध्यान रखें, भगवान भाव के भूखे हैं, भूख के नहीं। इसलिए शरीर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही व्रत करने का निर्णय लें।

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कृष्ण जन्माष्टमी 2025 के चमत्कारी उपाय

कृष्ण जन्माष्टमी 2025 के चमत्कारी उपाय

Anita nishad 14-Aug-2025 98

 

जन्माष्टमी की तिथि

      • 15 अगस्त 2025: पारंपरिक जन्माष्टमी (गृहस्थ जीवन वाले लोगों के लिए)

      • 16 अगस्त 2025: ISKCON और गौड़ीय परंपरा अनुसार जन्मोत्सव

         

 1. पैसों की तंगी से छुटकारा पाने का उपाय

      • लड्डू गोपाल की पूजा करें।

      • 7 छोटी कन्याओं को अपने हाथों से खीर खिलाएं (खीर में चावल जरूर हो)।

      • मान्यता: इससे लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है और आमदनी में वृद्धि होती है।

         

 2. घर में सुख-शांति लाने का उपाय

      • राधा-कृष्ण की संयुक्त पूजा करें

      • पीले फूल, फल, मिठाई और खीर का भोग लगाएं।

      • परिणाम: परिवार में झगड़े कम होंगे, शांति और प्रेम बढ़ेगा।

 3. नजर दोष और बुरी ऊर्जा से बचाव


      • श्रीकृष्ण को चंदन का तिलक लगाएं।

      • वही चंदन अपने माथे पर भी लगाएं।

      • यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष को दूर करता है।

         

 4. पाप और ग्रह दोष से मुक्ति

      • मंदिर के पास केले का पौधा लगाएं

      • केले का दान करें किसी जरूरतमंद को।

      • लाभ: पापों का क्षय और ग्रह दोषों में राहत मिलती है।

 5. विवाह में देरी या रुकावट दूर करने का उपाय


      • राधा-कृष्ण को बांसुरी भेंट करें

      • उन्हें खीर का भोग लगाएं।

      • मान्यता: विवाह के योग बनने लगते हैं, उचित रिश्ता मिलने लगता है।

         

 6. बच्चों के स्वास्थ्य व उन्नति के लिए

      • रात 12 बजे लड्डू गोपाल को झूला झुलाएं

      • अपने बच्चों के नाम से भोग अर्पित करें

      • इससे बच्चों की रक्षा होती है और उनका भविष्य उज्जवल बनता है।

         

 महत्वपूर्ण टिप्स

    • व्रत रखें और रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव मनाएं

    • "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।


      श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का स्त्रोत है। इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से जीवन में चमत्कारी परिवर्तन आ सकते हैं — चाहे वो धन संबंधी समस्या हो, विवाह में अड़चन हो, या नकारात्मक ऊर्जा से बचाव।

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14 अगस्त को है हल षष्ठी व्रत: संतान की सलामती के लिए न करें ये 6 गलतियाँ, वरना व्रत हो सकता है निष्फल!

14 अगस्त को है हल षष्ठी व्रत: संतान की सलामती के लिए न करें ये 6 गलतियाँ, वरना व्रत हो सकता है निष्फल!

Anita nishad 13-Aug-2025 75

 

Hal Shashthi Vrat 2025: मां की ममता और धार्मिक आस्था का पर्व

 तारीख: 14 अगस्त 2025, गुरुवार
 तिथि: भाद्रपद कृष्ण षष्ठी
 योग: सर्वार्थ सिद्धि योग (पूरे दिन)
 अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:52 तक

धार्मिक मान्यता: इस दिन व्रती महिलाएं भगवान बलराम, गणेश जी, माता पार्वती और छठ मैया की पूजा कर अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करती हैं। यह व्रत विशेष रूप से मातृत्व प्रेम और बलराम जी के प्रतीक हल से जुड़ा हुआ है, जिसे ग्रामीण भारत में गहरी आस्था से मनाया जाता है।

हल षष्ठी में भूलकर भी न करें ये 6 कार्य:

  1. हल से जोतकर उगाई गई चीजों का सेवन न करें — जैसे गेहूं, चावल, आलू आदि।

  2. गाय के दूध, दही या घी का प्रयोग न करें।

  3. महुआ की दातुन से ही दांत साफ करें — कोई और दातुन न लें।

  4. हल से जोती गई जमीन पर पैर न रखें।

  5. तामसिक चीजें जैसे लहसुन, प्याज, मांस आदि न खाएं।

  6. संतान को किसी भी प्रकार का दुःख या कठोर वचन न दें — क्योंकि यह व्रत उन्हीं की भलाई के लिए रखा गया है।

व्रत में क्या खाएं?

 सिंघाड़े या महुआ के आटे से बने पकवान
 तिन्नी के चावल
 भैंस का दूध, दही, घी
 फल, कंदमूल, मिठाई (हल रहित)

पूजन विधि:

  • सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें

  • चौकी पर गणेश जी, बलराम जी और छठ मैया की प्रतिमा रखें

  • रोली, अक्षत, महुआ, दूर्वा, जल से पूजन करें

  • बच्चों के सुख और दीर्घायु के लिए संकल्प लें

  • व्रत की कथा सुनें और फलाहार करें

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आज का राशिफल....

आज का राशिफल....

Ibtesam Deshmukh 11-Nov-2022 327

 मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)आज के दिन आपकी जमा पूंजी में कमी आने के संकेत है। व्यवसाय से भी आज कुछ विशेष लाभ नहीं उठा पाएंगे आवश्यक कार्य अधूरे रहेंगे। प्रातः काल से खर्च का सिलसिला आरंभ होकर संध्या तक लगा रहेगा धन लाभ खर्च के अनुपात मे कम रहने से आर्थिक संतुलन बिगड़ेगा। विरोधी गुप्त षड्यंत्र रचेंगे जिसका दुष्परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेगा अपनी तरफ से आज कोई भी गलती ना करें। सामाजिक छवि अवश्य निखरेगी। स्त्री संताने आज्ञा का पालन करेंगी पर बीच-बीच में क्रोध के प्रसंग भी बनाएंगी। परिवार के बुजुर्गो की सेहत नरम रहेगी। आज किसी की भी अमर्यादित हरकतों को अनदेखा करें।


वृष (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)आपका आज का दिन शुभफलदायी रहने वाला है। स्वास्थ्य थोड़ा नरम रहेगा फिर भी इस कारण से दैनिक कार्यो में बाधा नहीं आएगी। कार्य क्षेत्र पर प्रातः काल से मध्यान तक आशा से अधिक लाभ कमा लेंगे। इसके बाद का समय भी लाभ वाला रहेगा लेकिन प्राप्ति के लिए इन्तजार करना पड़ेगा। धार्मिक भावनाएं बलवती रहेंगी घर एवं धार्मिक क्षेत्रो पर पूजा पाठ में भाग लेंगे। विरोधियो के प्रति उदासीन व्यवहार भविष्य के लिये हानिकारक रह सकता है इसका ध्यान रखें। कार्य क्षेत्र पर अव्यवस्था ना पनपने दें आगे परेशानी बन सकती है। महिलाये आज दैनिक कार्यो के अतिरिक्त कार्य रहने से अधिक व्यस्त रहेंगी।


मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन आप अनर्गल प्रवृतियों में पड कर मूल उद्देश्य से भटक सकते है इससे मान हानि के साथ समय की बर्बादी भी निश्चित होगी। पहले अपने कार्यो पर ध्यान दें उसके बाद ही किसी अन्य के सहायक बने विपरीत लिंगीय आकर्षण अधिक रहने के कारण भी कार्यो में देरी की कोई ना कोई वजह बनेगी। धार्मिक क्षेत्र की यात्रा करेंगे परन्तु मन कही और ही भटकेगा आडंबर की प्रवृति अधिक रहेगी। कार्य व्यवसाय से खर्च निकाल लेंगे। महिलाये भी आज दिखावे के ऊपर बेवजह खर्च कर सकती है। लाभ के अवसर लापरवाही के चलते हाथ से निकलने की संभावना है। घर के बुजुर्गो को सम्मान दें उन्नति होगी।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज का दिन अनुकूल रहने से अधूरे कार्य पूर्ण होंगे धन की भी आमद होने से मानसिक रूप से संतोष रहेगा। नौकरी पेशा जातक बेहतर कार्य के लिए सम्मानित होंगे अधिकारियो का विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। व्यवसायी वर्ग भी व्यापार में आकस्मिक वृद्धि होने के कारण अधिक व्यस्त रहेंगे परन्तु ध्यान रखे स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहने से प्रेम व्यवहार में कड़वाहट आ सकती है। काम निकालने के लिए किसी की झूठी प्रशंसा करने से ना चुकें। सरकारी कार्य आज करने से उलझने बढ़ सकती है अतः आगे के लिये टालना बेहतर रहेगा। घर में मंगलमय वातावरण मिलने से शांति अनुभव करेंगे।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आपका आज का दिन भागमभाग में बीतेगा फिर भी सामान्य से उत्तम रहेगा। प्रातः काल से ही किसी कार्य को पूर्ण करने में व्यस्त हो जाएंगे घरेलु कार्य भी अधिक रहने के कारण संतुलन बैठाने में परेशानी होगी। कार्य व्यवसाय में जोखिम आज ना लें धन लाभ के मार्ग खुले रहेंगे नया प्रयोग नुक्सान करा सकता है। व्यापारी वर्ग प्रतिस्पर्धा रहने पर भी व्यवहार के बल पर काम निकाल लेंगे मित्र रिश्तेदार भी धनोपार्जन में सहायक बनेंगे। परिवारिक वातावरण में आज भाग-दौड़ अधिक रहेगी। महिलाये अधिक कार्य के कारण असहज महसूस करेंगी फिर भी सभी कार्य समय से पूर्ण कर लेंगी। शरीर स्वस्थ्य रहेगा।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज आपके मन के विपरीत घटनाएं दुखी करेंगी। धार्मिक कार्यो की वजह से कार्य क्षेत्र से समय निकालना पड़ेगा अथवा विलम्ब से कार्य आरम्भ होंगे। परिजनो की इच्छा पूर्ती ना होने पर नाराजगी रह सकती है। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहने से दैनिक कार्य भी विलम्ब से पूर्ण होंगे। मध्यान का समय व्यवसाय में थोड़ा लाभ कराएगा परन्तु संतोष नहीं होगा। एक साथ कई काम आने से असुविधा होगी लेकिन निकट भविष्य के लिए लाभदायक रहेगा। कार्य क्षेत्र पर आज सहयोगियों की गैर हाजरी में अकेले ही कार्यो में लगना पड़ेगा। उधार सम्बंधित व्यवहार ना चाहकर भी करने पड़ेंगे। आज धैर्य का परिचय अधिक दें।

तुला।(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन आपको मिश्रित फल देगा। प्रातः काल में शारीरिक रूप से शिथिलता रहेगी जिससे कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं आएगी परिश्रम करने में असमर्थ रहेंगे परन्तु परिस्थियों को देखते हुए कार्य में जुटना पड़ेगा। व्यवसाय में प्रारंभिक उदासीनता के बाद धीरे-धीरे गति आने से धन की आवक होगी एक साथ कई क्षेत्रों से लाभ होने से शारीरिक कष्ट भूल जाएंगे। संध्या तक व्यावसायिक स्थिति सुदृढ़ रहेगी लेकिन पारिवारिक माहौल गलतफहमियों के कारण अशान्त रहेगा महिलाये इसका मुख्य कारण रह सकती है। लोभ में पड़ने से हानि की संभावना भी बन रही है सावधान रहें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज दिन के पूर्वार्ध में आप कार्य क्षेत्र एवं परिचितों से काफी आशाएं रखेंगे मध्यान के पहले तक इनसे लाभ हो सकता है परंतु इसके बाद का समय प्रतिकूल होने से आशा निराशा में बदलेगी। घरेलु कार्यो एवं व्यवसाय के कारणों से दौड़-धुप करनी पड़ेगी। आवश्यकता के समय कोई सहायक नहीं मिलेगा जिससे मानसिक खिन्नता बढ़ेगी। परिवार में आकस्मिक बीमारियां होने के कारण दवाओं पर खर्च बढेगा। कार्य क्षेत्र पर लाभ पाने के लिए आज अधिक परिश्रम करना पड़ेगा फिर भी आशानुकूल लाभ से वंचित ही रहेंगे। धार्मिक कृत्यों में रूचि रहेगी लेकिन उचित समय नहीं निकाल पाएंगे।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन घरेलु सुखों में वृद्धिकारक रहेगा परन्तु आज धन अधिक खर्च होने से आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। दिन भर शारीरिक रूप से सक्षम रहेंगे कार्यो को भी आज ज्यादा मन लगा कर करेंगे। महिलाये घरेलु अथवा बाजार के कार्यो के कारण ज्यादा व्यस्त रहेंगी। व्यवसायी वर्ग आज कार्य क्षेत्र पर अधिक सक्रियता दिखाएंगे मध्यान से पहले तक का समय आर्थिक रूप से शुभ रहेगा। खुदरा व्यवसाय में आकस्मिक उछाल आने का पूरा लाभ उठाएंगे। धार्मिक स्थलों पर पर्यटन की योजना बनेगी। घरेलु कार्यो पर खर्च बढ़ेगा फिर भी अखरेगा नही।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज के दिन का आधा भाग प्रतिकूल रहेगा लेकिन फिर भी धर्म-कर्म में आस्था रहने से मानसिक रूप से विचलित नहीं होंगे। कार्य क्षेत्र पर किसी महत्त्वपूर्ण अनुबंध के निरस्त होने से धन सम्बंधित समस्या खड़ी होगी परन्तु अन्य मार्गो से धन की आमद होने पर गंभीर स्थिति से बचाव होगा। आज आप किसी से राग द्वेष की भावना भी रखेंगे भाई-बंधुओ से बनावटी प्रीती रहेगी परन्तु स्त्री एवं सन्तानो से भावनात्मक सम्बन्ध रहेंगे प्रेम स्नेह मिलेगा। धन लाभ निश्चित समय पर ना होकर आकस्मिक रहेगा। महिलाओं के विचारों को भी आज अधिक महत्त्व दें मुश्किल से निकालने में अवश्य सहायक रहेंगी। लघु यात्रा हो सकती है।

कुंभ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन आप कार्यो के प्रति बेपरवाह अधिक रहेंगे कार्य क्षेत्र पर बेमन से कार्य करते हुए भी लाभ कमा सकेंगे परन्तु अव्यवस्था में निरंतर वृद्धि होने से आगे का समय मंदी से भरा रहेगा। आज आप मध्यान तक आशा से अधिक धन कमा सकते है इसमें घर के सदस्य भी सहयोगी बनेंगे। व्यापार में विस्तार आज कर सकते है परन्तु नए कार्य का आरम्भ अभी टालना ही उचित रहेगा। पारिवारिक शान्ति के लिए मौन साधन उत्तम उपाय है छोटी छोटी बातों पर क्रोध करने से बचे लाभ के समय का फायदा उठाये। धार्मिक कृत्यों के द्वारा भी धन लाभ की संभावना है। घर में शान्ति रहेगी।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन आप शारीरिक रूप से चुस्त रहने के साथ-साथ अधिक व्यस्त भी रहेंगे। परन्तु अकारण क्रोध आने से आस-पास का वातावरण बीच-बीच में गरम होगा। नौकरी व्यवसाय में पहले थोड़ा आलस्य रहेगा बाद में कार्यो के प्रति अधिक गंभीर रहेंगे। नौकरी पेशा जातको को आज अतिरिक्त कार्य करना पड़ेगा जिससे थकान अधिक रहेगी। व्यवसायी वर्ग कार्य क्षेत्र पर विस्तार की योजना बनाएंगे परंतु इसे साकार रूप देने में थोड़ा विलम्ब हो सकता है। आर्थिक स्थिति आज थोड़ी विचारणीय रहेगी। आकस्मिक खर्च लगे रहेंगे। परिवार में मांगलिक कार्यक्रम संपन्न होगा।
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आज का राशिफल, 10 नवंबर 2022

आज का राशिफल, 10 नवंबर 2022

Ibtesam Deshmukh 10-Nov-2022 107

 मेष राशि- वाणी में सौम्यता रहेगी। मन में नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। नौकरी में यात्रा पर जा सकते हैं। संगीत में रुचि हो सकती है। खर्च अधिक रहेंगे। माता से धन प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों के साथ किसी नए कारोबार को शुरू कर सकते हैं।


वृष राशि- मन में शान्ति एवं प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में स्थान परिवर्तन की सम्भावना बन रही है। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। आय में वृद्धि होगी। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। तरक्की के अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में लाभ के अवसर बढ़ेंगे। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। बातचीत में संयत रहें। कारोबार में यात्रा पर जा सकते हैं।

मिथुन राशि- मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। परिवार का साथ मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा, परन्तु आपसी मनमुटाव से भी बचें। नौकरी में यात्रा पर जाना पड़ सकता है। आत्मसंयत रहें। कार्यक्षेत्र में कुछ समस्याएं परेशान कर सकती हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। धन के अभाव की स्थिति अभी बनी रहेगी।

कर्क राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, परन्तु सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। आय में बढ़ोतरी होगी। किसी अज्ञात भय से पीड़ित हो सकते हैं। बातचीत में सन्तुलन बनाए रखें। धर्मकर्म में रुचि रहेगी। यात्रा के योग हैं।

सिंह राशि- आत्मसंयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार के लिए किसी मित्र के साथ विदेश जा सकते हैं। यात्रा लाभप्रद रहेगी। परिश्रम अधिक रहेगा। बातचीत से सन्तुलित रहें। कार्यों के प्रति उत्साह रहेगा। किसी पुराने मित्र के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन बन सकता है। क्रोध एवं आवेश की अधिकता रहेगी। नौकरी में अफसरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। स्थान परिवर्तन की सम्भावना भी बन रही है।

कन्या राशि- वाणी के प्रभाव से रुके कार्य पूर्ण होंगे। नौकरी के लिए परीक्षा एवं साक्षात्कारादि कार्यों में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। कुटुम्ब की किसी महिला से धन प्राप्त हो सकता है। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। वाहन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग रहेगा।

तुला राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। कला या संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी मित्र का सहयोग मिलेगा। भवन सुख की प्राप्ति हो सकती है। धार्मिक कार्यों में व्यस्त हो सकते हैं। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। मानसिक शान्ति रहेगी, लेकिन स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। संचित धन में वृद्धि होगी।

वृश्चिक राशि- मन परेशान रहेगा। नौकरी में परिवर्तन के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। आय बढ़ेगी। खर्च अधिक रहेंगे। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। बातचीत में संयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। अध्ययन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। उच्च शिक्षा के लिए विदेश में प्रवास भी हो सकता है। अफसरों से वैचारिक मतभेद रहेंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखें।

धनु राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। भवन के रखरखाव एवं साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक परिणाम मिलेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। मित्रों का सहयोग से किसी नए कारोबार को शुरू कर सकते हैं। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार की समस्याएं परेशान करेंगी।

मकर राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। अफसरों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। सेहत का ध्यान रखें। मन में शान्ति एवं प्रसन्नता रहेगी। परिश्रम अधिक रहेगा। वाहन सुख में कमी आ सकती है। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। बातचीत में सन्तुलित रहें। शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे।

कुंभ राशि- धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। वाहन सुख में वृद्धि होगी। परिवार के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। सेहत का ध्यान रखें। सुख-सुविधाओं के विस्तार पर खर्च बढ़ सकते हैं। नौकरी में परिवर्तन की सम्भावना बन रही है। आय में वृद्धि होगी। धैर्यशीलता का अभाव रहेगा। आत्मसंयत रहने का प्रयास करें। परिवार में आपसी मतभेद हो सकते हैं। खर्च अधिक रहेंगे।

मीन राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन में नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है। नौकरी में अफसरों से सदभाव बनाकर रखें। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। परिवार की समस्याओं पर ध्यान रखें। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। किसी मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते है। वाणी में सौम्यता रहेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं।
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