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छत्तीसगढ़ की बढ़ती ऊर्जा मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर रही हैं सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां मजबूत आपूर्ति श्रृंखला का अहम योगदान
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) शामिल हैं—ने क्षेत्रीय ईंधन की मांग में आए अभूतपूर्व उछाल को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ में व्यापक लॉजिस्टिक्स परिचालन को सफलतापूर्वक सुव्यवस्थित किया है। इंडियन ऑयल के रायपुर मंडल कार्यालय के डिविजनल रिटेल सेल्स हेड (DRSH) एवं छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय समन्वयक श्री नितिन चव्हाण के अनुसार, राज्य में हाई-स्पीड डीजल (HSD) की खुदरा बिक्री में व्यापक वृद्धि देखी गई है, जिसमें 4 जिलों—बालोद, बस्तर, कोरिया और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी—ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30% से अधिक की असाधारण वृद्धि दर्ज की है। श्री चव्हाण ने आगे रेखांकित किया कि 7 जिलों, जिनमें सक्ती, राजनांदगांव, सूरजपुर, दुर्ग, रायपुर, कोंडागांव और कांकेर शामिल हैं, में 20% से 30% के बीच मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि 11 जिलों—महासमुंद, बलौदाबाजार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बीजापुर, सुकमा,सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर और धमतरी—में ईंधन की खपत 10% से 20% के बीच बढ़ी है। इस महत्वपूर्ण प्रगति के पीछे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (PSU OMCs) की चौबीसों घंटे की निरंतर सक्रियता है, जो राज्य के प्रत्येक उपभोक्ता के लिए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की दैनिक उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए पूर्ण ऊर्जा सुरक्षा की गारंटी देती है।
छत्तीसगढ़ के इन 22 जिलों में ईंधन की इस बढ़ी हुई मांग के पीछे विभिन्न मौसमी और आर्थिक कारक हैं, जिनमें मुख्य रूप से ग्रामीण कृषि क्षेत्रों में सीजन की चरम जुताई और कटाई की गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) और अन्य वैकल्पिक निजी आपूर्तिकर्ताओं के बीच कीमतों में स्पष्ट अंतर होने की वजह से भारी संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं का रुख सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रों की तरफ तेजी से बढ़ा है, जिससे खुदरा नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव आया है। पेट्रोलियम उत्पादों के इस अचानक और काफी अधिक उठाव (ऑफटेक) के बावजूद, बिक्री और वितरण के आंकड़े पुष्टि करते हैं कि बिना किसी बड़े व्यवधान या कमी के पूरे क्षेत्र में ऑटोमोटिव ईंधन की निरंतर आपूर्ति सफलतापूर्वक बनाए रखी गई है।
इस भारी मांग को निरंतर पूरा करने के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां अपने टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों और एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों के व्यापक देशव्यापी नेटवर्क को पूरी क्षमता के साथ संचालित कर रही हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में उत्पादों की सुचारू आवाजाही और समय पर पुनः आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के साथ-साथ आपूर्ति टीमें, परिवहन नेटवर्क और टर्मिनल परिचालन चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। तेल उद्योग, छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासन के साथ कड़े समन्वय में, उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से आश्वस्त करता है कि देश के ग्रिड में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त बफर स्टॉक सुरक्षित रूप से वितरित और उपलब्ध है। नागरिकों को दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि वे अपने सामान्य खरीदारी व्यवहार को जारी रखें, अनावश्यक घबराहट में आकर खरीदारी (पैनिक बाइंग) करने से बचें और ईंधन की सटीक उपलब्धता की जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।
नायब तहसीलदार से कथित मारपीट मामला गरमाया: विधायक व समर्थकों पर FIR दर्ज
अबिकापुर/सीतापुर। सरगुजा जिले के राजापुर तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला अब और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में कनिष्ठ प्रशासनिक संघ जिला सरगुजा खुलकर सामने आ गया है। संघ ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसडीएम, राजस्व निरीक्षक और पटवारी हड़ताल पर चले जाएंगे।


सत्ता की हनक या दफ्तरशाही का घमंड? सरगुजा में 'खादी' और 'अधिकारी' के बीच हाई-वोल्टेज दंगल!... FIR दर्ज...
सरगुजा। जिले में सत्ता के रौब और अफसरशाही की लालफीताशाही के बीच एक ऐसा संग्राम छिड़ा है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सीतापुर से BJP विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर राजापुर उप-तहसील के नायब तहसीलदार तुषार मानिक को सरेआम पीटने और कपड़े फाड़ने का गंभीर आरोप लगा है। मामला इतना गरमाया कि पुलिस को दोनों पक्षों की तरफ से काउंटर FIR दर्ज करनी पड़ी है।
एसईसीएल एवं सीडब्ल्यूसी के बीच रणनीतिक एमओयू, कोयला परिवहन एवं रेल लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बल
पत्रकारों की समस्याओं के समाधान को लेकर माधौगढ़ तहसील परिसर में बैठक संपन्न

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रदर्शन के नए आयाम स्थापित किए
खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार 1.87 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार किया।• केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े जारी करते हुए क्षेत्र की रिकॉर्ड प्रगति को रेखांकित किया।• पिछले 12 वर्षों में उत्पादन में 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह क्षेत्र लगभग पांच गुना विस्तारित हुआ, जबकि बिक्री में 501 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ छह गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई।• रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति करते हुए पिछले 12 वर्षों में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अब 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है।• अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केवीआईसी की योजनाएं ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।

केवीआईसी ने जारी किए वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े
नई दिल्ली के गांधी दर्शन, राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि आयोग ने उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्व वर्षों की प्रवृत्ति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 447 प्रतिशत और उत्पादन में 347 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 400 प्रतिशत और उत्पादन में 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी।

खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार
अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी का यह सशक्त प्रदर्शन ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को गति प्रदान करने के साथ-साथ भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी मार्गदर्शन, महात्मा गांधी की प्रेरणा तथा देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन जहां 26109 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब पांच गुना बढ़कर 380 प्रतिशत के उछाल के साथ 125296 करोड़ रुपये पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154 करोड़ रुपये थी, वहीं करीब छह गुना बढ़कर 501 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2025-26 में 187105 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री है।

खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि
खादी वस्त्रों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 390 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,974 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 628 प्रतिशत वृद्धि के साथ 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री द्वारा खादी के सतत प्रचार-प्रसार का सकारात्मक प्रभाव इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और बाजार विस्तार में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री का नया रिकॉर्ड
ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 496 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी ग्रामोद्योग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2013-14 में जहां इस क्षेत्र में 1.19 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1.99 करोड़ के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र
मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘घर-घर स्वदेशी’ जैसे अभियानों के प्रभाव से ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण उद्योगों के विस्तार, बाजार सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है।
रोजगार सृजन के क्षेत्र में केवीआईसी की ऐतिहासिक उपलब्धि
रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2013-14 में जहां खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों में संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह 56 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में केवीआईसी की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।
पीएमईजीपी से स्वरोजगार एवं उद्यमिता को नई गति
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई। इन इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 10,84,679 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए 80,705 करोड़ रुपये के ऋण के सापेक्ष 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत टूलकिट वितरण से कारीगरों को सशक्तिकरण
ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 51,230 विद्युत चालित चाक, 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी-कालोनी, 2,674 ऑटोमैटिक एवं पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7,669 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एवं रिपेयरिंग टूलकिट, 836 पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, 7,571 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन एवं प्लंबर टूलकिट, 5,138 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट एवं लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन तथा 1,789 पामगुड़, तेल घानी एवं इमली प्रसंस्करण मशीनों का वितरण किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 37,769 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। यदि पिछले चार वर्षों पर दृष्टि डालें तो वर्ष 2022-23 में 21,874, वित्त वर्ष 2023-24 में 29,540, वित्त वर्ष 2024-25 में 38,904 तथा वित्त वर्ष 2025-26 में 37,769 मशीनों एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। इस प्रकार ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक कुल 3,23,006 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
केवीआईसी के प्रयासों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी केवीआईसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में केवीआईसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत 79,682 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनमें 47,382 महिलाएं शामिल हैं, जो कुल का लगभग 59 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, पीएमईजीपी के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 28,180 महिला उद्यमियों द्वारा इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके माध्यम से 3,09,980 महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए, जो महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में योजना की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। खादी क्षेत्र में लगभग 5 लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी इस क्षेत्र को महिला नेतृत्व आधारित आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बनाती है।
कारीगरों के पारिश्रमिक में 275 प्रतिशत तक की वृद्धि
कारीगरों के पारिश्रमिक में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जो वर्ष 2013-14 में 4 रुपये प्रति हैंक से बढ़कर वर्तमान में 15 रुपये प्रति हैंक हो गया है, अर्थात इसमें लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकारी आपूर्ति, प्रदर्शनी बिक्री और राष्ट्रीय ध्वज की मांग में वृद्धि
इसके साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की सरकारी आपूर्ति बढ़कर 92.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और संस्थागत मांग को दर्शाती है। इसी क्रम में खादी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विपणन गतिविधियों के माध्यम से 30.83 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई है, जो बाजार विस्तार और उपभोक्ता जुड़ाव को सुदृढ़ करती है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2013-14 में 0.87 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 2.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह वृद्धि देश में ‘हर घर तिरंगा’ जैसे जन-अभियानों के प्रभाव और खादी के प्रति बढ़ती जनभागीदारी को रेखांकित करती है।
आईसीएआर एनआईबीएसएम ने सतत कृषि और मृदा संरक्षण के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग पर दी जानकारी
मेरा गांव मेरा गौरव’ अभियान के तहत किसानों को हरी खाद और समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन पर दिया जोरभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान द्वारा सोमवार को बेलटुकरी गांव में ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करते हुए मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और फसल उत्पादकता में वृद्धि को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम करने तथा समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर डॉ. के.सी. शर्मा तथा डॉ. एल.एल. खरबीकर ने संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और हरी खाद फसलों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाकर किसान उत्पादन लागत में कमी लाने के साथ दीर्घकालीन टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं।
‘मेरा गांव मेरा गौरव’ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ए. अमरेंद्र रेड्डी ने आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से खेती की लागत कम होगी तथा किसानों की आय और लाभप्रदता में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ संवाद कर विभिन्न फसल प्रणालियों में समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की। किसानों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए उर्वरक उपयोग और हरी खाद फसलों से संबंधित प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।
कार्यक्रम में 30 किसानों, जिनमें 20 पुरुष एवं 10 महिला किसान शामिल थीं, ने भाग लिया और विशेषज्ञों से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया।
गंभीर रूप से झुलसे मासूम को मिली नई जिंदगी मौत से जंग जीतकर मुस्कुराया मासूम भिलाई के बर्न यूनिट ने लौटाई जिंदगी 50 प्रतिशत तक झुलसे बच्चे को मिला नया जीवन अस्पताल में मनाया गया जन्मदिन
भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का जवाहरलाल नेहरू अस्पताल और अनुसंधान केंद्र स्थित एडवांस बर्न केयर यूनिट ने गंभीर रूप से झुलसे एक बाल मरीज का सफल उपचार कर संवेदनशील और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। आधुनिक सुविधाओं, प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम और मानवीय देखभाल के समन्वय से यह यूनिट प्रदेश में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है।

बर्न विभागाध्यक्ष एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय धाबर्डे ने बताया कि अमेरिकन बर्न एसोसिएशन के मानकों के अनुसार बच्चों में 20 प्रतिशत से अधिक तथा वयस्कों में 40 प्रतिशत से अधिक जलना अत्यंत गंभीर स्थिति मानी जाती है। संबंधित बाल मरीज लगभग 50 प्रतिशत तक झुलस गया था और कई दिनों तक अन्य अस्पतालों में उपचार के बाद सेप्टीसीमिया की अवस्था में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय लाया गया। मरीज के शरीर के साथ मलद्वार और मूत्रमार्ग के आसपास का हिस्सा भी गंभीर रूप से प्रभावित था, जिससे संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ था।
ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में बर्न यूनिट की टीम ने मरीज के उपचार के साथ उसके शारीरिक और मानसिक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया। बार-बार ड्रेसिंग और असहनीय पीड़ा के बीच बच्चे को हाई प्रोटीन एवं हाई फाइबर आहार दिया गया, वहीं नसों के माध्यम से पैरेंट्रल न्यूट्रिशन उपलब्ध कराया गया ताकि रिकवरी प्रक्रिया को गति मिल सके। ड्रेसिंग के दौरान दर्द कम करने के लिए विशेष एनाल्जेसिक इंजेक्शन दिए जाते रहे।
मरीज के मानसिक तनाव को कम करने के लिए यूनिट में मानवीय वातावरण विकसित किया गया। प्ले हाउस में खिलौने, कार और मनोरंजन की व्यवस्था की गई तथा टीवी पर कार्टून फिल्में दिखाकर बच्चे का ध्यान दर्द से हटाने का प्रयास किया गया। चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित रूप से आत्मीय संवाद करते हुए बच्चे का मनोबल बढ़ाते रहे।
इलाज के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब बच्चे की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। शरीर में सूजन बढ़ गई थी और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। इसी दौरान बच्चे का जन्मदिन आया, जिसे बर्न यूनिट की टीम ने अस्पताल परिसर में ही केक, बैलून और सजावट के साथ मनाया। बच्चे ने मोमबत्ती बुझाकर केक काटा और लंबे समय बाद उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। यह भावुक क्षण चिकित्सकीय टीम और परिजनों दोनों के लिए यादगार बन गया।
अस्पताल से छुट्टी के समय बच्चे के माता-पिता ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने बच्चे के बचने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, लेकिन जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय का बर्न यूनिट उनके लिए संजीवनी साबित हुआ।
पूरे उपचार के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी का विभाग को निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर ने कहा कि एडवांस बर्न केयर यूनिट अस्पताल का अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो गंभीर मरीजों के उपचार में पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।
इस सफल उपचार में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. अनिरुद्ध मेने, जूनियर ऑफिसर सुनीता साहु, वार्ड इंचार्ज शोभा सिस्टर सहित नर्सिंग स्टाफ, ड्रेसर, सेनेटरी वर्कर और अटेंडेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आकाशवाणी रायपुर में स्वरोत्सव का आयोजन संगीत साधकों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
आकाशवाणी की गौरवशाली 90 वर्ष की यात्रा के उपलक्ष्य में आकाशवाणी रायपुर द्वारा उपशास्त्रीय एवं सुगम संगीत समारोह “स्वरोत्सव” का आयोजन किया गया। स्थानीय विनायरा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही तथा देर तक सभागार तालियों की गूंज से सराबोर रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध कलाकार श्वेता शिवाले एवं उर्मी दुबे की युगल प्रस्तुति से हुई। दोनों कलाकारों ने दादरा, मिर्जापुरी कजरी, सावनी नगमा तथा विभिन्न गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। “आन मिलो सजना” और “मिर्जापुर कजरी” जैसी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने विशेष सराहना दी। इसके पश्चात प्रसिद्ध गायक पद्मश्री मदन चौहान ने सुगम संगीत की प्रस्तुति दी। कबीर भजन, गजल तथा सूफियाना कलाम की उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने पूरे सभागार को आध्यात्मिक और संगीतमय वातावरण से भर दिया।

आकाशवाणी रायपुर के उपमहानिदेशक एवं क्लस्टर प्रमुख श्री वी. राजेश्वर ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि “स्वरोत्सव” आकाशवाणी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकसेवा प्रसारण की परंपरा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता पूर्व से लेकर आज तक आकाशवाणी ने समाज को जागरूक करने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदलते समय के साथ भी आकाशवाणी अपने ध्येय वाक्य “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के सिद्धांत पर निरंतर कार्य कर रही है।

आकाशवाणी रायपुर के कार्यक्रम प्रमुख एवं सहायक निदेशक (कार्यक्रम) श्री पंकज मेश्राम ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं और कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “स्वरोत्सव” जैसे आयोजनों का उद्देश्य श्रोताओं को उनकी पसंदीदा प्रस्तुतियों और कलाकारों से सीधे जोड़ना है, जिससे भारतीय संगीत परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
संगीत और सुरों से सजे “स्वरोत्सव” का यह आयोजन उपस्थित श्रोताओं के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।
दंतेवाड़ा में जिला स्तरीय प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम पंजीयन शिविर का सफल आयोजन

इस वृहद पंजीकरण शिविर में न केवल दंतेवाड़ा, बल्कि पड़ोसी जिलों यथा बीजापुर, सुकमा एवं बस्तर से भी 450 से अधिक ऊर्जावान युवाओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान युवाओं ने राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) की किरंदुल एवं बचेली परियोजनाओं में उपलब्ध कुल 142 प्रतिष्ठित इंटर्नशिप पदों के लिए अपनी योग्यता के अनुसार डिजिटल और भौतिक माध्यम से आवेदन जमा किए।

उल्लेखनीय है कि यह गरिमामयी आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य में जिला प्रशासन एवं माई भारत की केंद्रीय टीम के आपसी समन्वय द्वारा किसी भी जिले में आयोजित किया गया सबसे पहला 'जिला स्तरीय पंजीयन शिविर' है। इस ऐतिहासिक पहल के माध्यम से बस्तर संभाग के दूरस्थ अंचलों के स्थानीय युवाओं को एनएमडीसी जैसी नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की किरंदुल एवं बचेली परियोजनाओं में आधुनिक उद्योग का जीवंत व व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का सीधा स्वर्णिम अवसर हासिल होगा।

शिविर की नियमावली के अनुसार, अंतिम रूप से चयनित युवाओं को एनएमडीसी में कुल 9 माह की सशुल्क इंटर्नशिप करने का विशेष अवसर प्राप्त होगा। इसके अंतर्गत चयनित प्रशिक्षुओं को वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में ₹6 हजार का एकमुश्त जॉइनिंग बोनस तथा ₹9 हजार प्रतिमाह का आकर्षक स्टाइपेंड (मानदेय) प्रदान किया जाएगा। यह दूरदर्शी पहल क्षेत्र के युवाओं के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं भविष्य की स्थाई रोजगार संभावनाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
20 जिलों में ईंधन मांग में तेज बढ़ोतरी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने आपूर्ति रखी सुचारु
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 20 जिलों में पेट्रोल और डीजल की खपत में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में ईंधन की मांग में आई इस उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड - पेट्रोल, डीजल और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समन्वित स्तर पर लगातार कार्य कर रही हैं।

आंकड़ों के अनुसार, बस्तर जिले में सर्वाधिक 22.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बालोद में 18.8 प्रतिशत और रायपुर में 15.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। इसके अलावा दुर्ग, सूरजपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर और महासमुंद जिलों में भी ईंधन की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ईंधन उपभोग बढ़ने के संकेत मिले हैं।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के रायपुर मंडल कार्यालय के मंडलीय खुदरा विक्रय प्रमुख एवं छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय समन्वयक नितिन चव्हाण ने कहा कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा सभी जिलों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
तेल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण कृषि क्षेत्रों में मौसमी जुताई और फसल कटाई गतिविधियों के कारण ईंधन की मांग में तेजी आई है। निजी कंपनियों की तुलना में मूल्य अंतर के चलते उपभोक्ताओं का रुझान सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ा है, जिससे बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा नेटवर्क के माध्यम से ईंधन की खरीद बढ़ने से अतिरिक्त मांग उत्पन्न हुई है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने बताया कि उनके टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस बॉटलिंग संयंत्र और खुदरा बिक्री केंद्रों का व्यापक नेटवर्क पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने के लिए परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन इकाइयां और चयनित खुदरा केंद्र चौबीसों घंटे कार्य कर रहे हैं।
कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जिलों में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रशासन के साथ सतत समन्वय किया जा रहा है। तेल कंपनियों ने नागरिकों से अनावश्यक ईंधन खरीद और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस की उपलब्धता पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। उपभोक्ताओं से केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया गया है।
हिंदी में कार्यालयीन कार्य बढ़ाने पर जोर भिलाई इस्पात संयंत्र में राजभाषा कार्यशाला आयोजित
भिलाई इस्पात संयंत्र के वित्त एवं लेखा विभाग में शुक्रवार को राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में कार्यालयीन कार्यों के प्रभावी निष्पादन, राजभाषा प्रावधानों तथा ऑनलाइन हिंदी नोटशीट प्रणाली की जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीन निगम ने कहा कि राजभाषा कार्यशालाएँ हिंदी में कार्य करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विभागीय नोटशीट, पत्राचार तथा अन्य कार्यालयीन कार्यों में अधिकाधिक हिंदी के प्रयोग का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदी में कार्य करना राष्ट्रीय दायित्व के साथ-साथ कार्यदक्षता बढ़ाने का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र हिंदी भाषी क्षेत्र में स्थित है और अधिकांश कर्मचारी हिंदी में संवाद करते हैं, इसलिए कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का उपयोग स्वाभाविक रूप से कार्यकुशलता को बढ़ाता है।
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विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रमोद कुमार चोखानी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क तथा प्रभारी राजभाषा) श्री राजीव कुमार ने कहा कि राजभाषा विभाग हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा कर्मचारियों की भाषाई समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने वित्त एवं लेखा विभाग की सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
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कार्यशाला में उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन-राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में कार्यालयीन कार्य करने की शपथ दिलाई तथा राजभाषा संबंधी सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन वॉइस टायपिंग तथा ऑनलाइन नोटशीट प्रणाली ‘सिस्टम एप्लीकेशंस एंड प्रोडक्ट्स (सैप)’ में हिंदी नोटशीट तैयार करने का सजीव प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सुश्री आयुषी पुरोहित एवं सुश्री निकिता केशवानी ने कविता पाठ प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर हिंदी वर्तनी एवं विलोम शब्द लेखन पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुश्री पूजा सिंह, द्वितीय स्थान श्री अरुण कुमार बंसल तथा तृतीय स्थान सुश्री खोमेश्वरी गंजीर ने प्राप्त किया। प्रोत्साहन पुरस्कार श्री प्रतीक देशलहरा, श्री आनंद कुमार तिवारी एवं सुश्री अमृता गंगराडे को प्रदान किए गए।
विभागीय स्तर पर हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को तिमाही पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस क्रम में श्री प्रकाश कोलकोंडी, सुश्री आयुषी पुरोहित तथा सुश्री निकिता केशवानी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) एवं विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी सुश्री स्मिता जैन ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि विभाग में हिंदी पत्राचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा विभागीय कर्मचारियों की रचनाएँ संयंत्र की पत्रिका ‘भिलाई भाषा भारती’ एवं नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग की पत्रिका ‘महानदी’ में नियमित रूप से प्रकाशित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि संयंत्र एवं नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति स्तर की प्रतियोगिताओं में विभागीय कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियाँ भी दर्ज की जा रही हैं।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन अनुभाग अधिकारी श्री सुनील कुमार शर्मा ने किया। समारोह में महाप्रबंधक श्री रजत रंजन जाना, श्री प्रकाश कोलकोंडी सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
माय भारत और जिला प्रशासन दंतेवाड़ा ने मेगा पंजीकरण अभियान के लिए मिलाया हाथस्थानीय प्रतिभाओं के लिए एनएमडीसी (NMDC) में खुले सुनहरे अवसर युवा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से करियर में भरेंगे नई उड़ान
इस योजना के अंतर्गत चयनित होने वाले प्रशिक्षुओं को प्रति माह ₹9,000 (नौ हजार रुपये) का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं को वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में ₹6,000 (छह हजार रुपये) का एकमुश्त कार्यग्रहण बोनस (ज्वाइनिंग बोनस) भी देय होगा। यह पंजीकरण शिविर 23 मई 2026 (शनिवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक कॉलेज जवांगा, दंतेवाड़ा में आयोजित किया जाएगा।
आवेदकों के लिए निर्धारित आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है (आधिकारिक सरकारी पहचान दस्तावेजों में दर्ज जन्म तिथि के अनुसार)। पात्रता के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं में वेल्डर, फिटर, कोपा (COPA), मैकेनिक डीजल, मैकेनिक मोटर, इलेक्ट्रिकल और मशीनिस्ट ट्रेड में आईटीआई (ITI) उत्तीर्ण, या मैकेनिकल, माइनिंग, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा उत्तीर्ण होना शामिल है। जिन उम्मीदवारों ने बी.टेक / बी.ई. (बीटेक / बीई) उत्तीर्ण कर लिया है या जो इसके अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं (ईईई, सिविल, मैकेनिकल, केमिकल, माइनिंग और कंप्यूटर साइंस में) या जो स्नातक युवा बी.फार्मा या बीबीए की डिग्री रखते हैं, वे भी आवेदन करने के पात्र हैं।
जिला प्रशासन ने दंतेवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों के सभी योग्य, इच्छुक और अर्हताधारी युवाओं से इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। आवेदकों को निर्देशित किया गया है कि वे नियत समय पर अपने सभी आवश्यक मूल शैक्षणिक दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों, सामान्य पहचान पत्रों, पासपोर्ट आकार के फोटो और अद्यतित बायोडाटा (रिज्यूमे) के साथ पंजीकरण स्थल पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। शिविर और पंजीकरण प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक संपर्क नंबर 8770017721 पर संपर्क कर सकते हैं।
सेल एमडीआई साझेदारी से तैयार होंगे भविष्य के कॉर्पोरेट लीडर
यह रणनीतिक साझेदारी सेल में भविष्य की नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को तैयार करने के उद्देश्य से एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम्स के संयुक्त संचालन पर केंद्रित होगी। इस सहयोग के माध्यम से अकादमिक विशेषज्ञता और औद्योगिक अनुभव का समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अधिकारियों को बदलते वैश्विक कारोबारी परिवेश के अनुरूप दक्ष बनाया जा सके।
समझौते के तहत कस्टमाइज्ड लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम्स, रणनीति एवं नवाचार आधारित लर्निंग इंटरवेंशन, मापनीय व्यावसायिक परिणामों के लिए ‘एक्शन लर्निंग’, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन कार्यक्रम, संयुक्त शोध एवं कंसल्टिंग गतिविधियां तथा अधिकारियों की व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष केस स्टडी तैयार की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य संगठनात्मक क्षमता को सुदृढ़ करते हुए सेल में आधुनिक प्रबंधन संस्कृति को बढ़ावा देना है।
समझौता ज्ञापन पर सेल के मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन–लर्निंग एंड डेवलपमेंट) श्री संजय धर तथा एमडीआई, गुड़गांव की डीन–इंडस्ट्री कनेक्ट प्रोफेसर सुमिता राय ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सेल के निदेशक (कार्मिक) श्री के. के. सिंह सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल द्वारा अल्प बचत खाता खोलने के लिए 25 और 26 मई को विशेष अभियान का आयोजन
छत्तीसगढ़ के नागरिकों को सुरक्षित निवेश और वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। छत्तीसगढ़ डाक परिमण्डल के सभी डाकघरों में आगामी दिनांक 25 मई और 26 मई 2026 को अल्प बचत खाता खोलने का एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दो दिवसीय विशेष अभियान के दौरान राज्य का कोई भी नागरिक, जो सुरक्षित और लाभकारी सरकारी योजनाओं में निवेश करना चाहता है, वह लाभ उठा सकता है । निवेशक इसके लिए या तो सीधे अपने नजदीकी डाकघर में जा सकते हैं अथवा राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकृत एजेंटों के माध्यम से भी अपना निवेश सुनिश्चित कर सकते हैं, जिनकी इस अभियान में सक्रिय सहभागिता रहेगी ।
डाक विभाग के अंतर्गत आम जनता की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार की लोक-कल्याणकारी अल्प बचत योजनाएं संचालित की जा रही हैं । इस अभियान के तहत नागरिक डाकघर की विभिन्न प्रमुख योजनाओं जैसे कि मासिक आय योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि, आवर्ती जमा खाता, सावधि जमा खाता और सामान्य बचत खाता में अपने खाते खुलवा सकते हैं । इस आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नागरिकों से विशेष अपील की जाती है कि वे समय रहते अपने नजदीकी डाकघर से संपर्क करें और इन विभिन्न अल्प बचत योजनाओं में अपना खाता खोलकर इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं।
सुशासन तिहार की समीक्षा बैठक में कलेक्टर सख्त योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
कोरिया, 20 मई 2026/ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में बुधवार को सुशासन तिहार के तहत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
MCB को मिली हाईटेक सुरक्षा कवच: ‘डायल 112’ के 8 नए वाहन हुए रवाना, अब आपात स्थिति में फौरन पहुंचेगी राहत स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ, जिले की आपात सेवाओं को मिली नई रफ्तार
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 21 मई 2026। जिले की कानून व्यवस्था और आपातकालीन सहायता प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने ‘डायल 112’ सेवा के अंतर्गत शामिल नई अत्याधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के शुरू होने से अब जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में भी आपातकालीन सहायता तेजी से उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगडे, जिला प्रशासन की टीम और पुलिस कप्तान श्रीमती रत्ना सिंह, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और हवाला कारोबार के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया साथ 1करोड़ से ज्यादा कैस जप्त

बैकुंठपुर पुट्ठा-टीना की आड़ में कबाड़ का बड़ा खेल
कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में इन दिनों पुट्ठा और टीना के कारोबार की आड़ में अवैध कबाड़ कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई कबाड़ दुकानों में नियमों को ताक पर रखकर संदिग्ध सामग्री की खरीद-फरोख्त की जा रही है।
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े का 'सुशासन' संकल्प: पदभार संभालते ही कड़े तेवर, पेंडिंग फाइलें देख अधिकारियों को दी चेतावनी
एमसीबी/09 मई 2026/* मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले की कमान संभालते ही नई कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई हैं। कार्यभार ग्रहण करने के चंद घंटों के भीतर ही उन्होंने जिला अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में 'सुस्त कार्यप्रणाली' के लिए कोई जगह नहीं है और जनता के काम समय-सीमा के भीतर ही होने चाहिए।














