Breaking News
स्वास्थ
100 बिस्तरीय जनकपुर अस्पताल में पद सृजन करने विधायक ने लिखा स्वास्थ्य मंत्री को पत्र विधायक रेणुका सिंह ने कहा स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मुद्दे पर हमारी सरकार प्रतिबद्ध
एमसीबी / पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व भरतपुर सोनहत विधायक रेणुका सिंह ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को पत्र लिखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरीय अस्पताल अनुसार पद सृजन करने की मांग की है। विधायक रेणुका सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे पत्र में यह उल्लेखित किया है कि भरतपुर विकासखंड अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरीय अस्पताल निर्मित है, किन्तु सुविधाओं के अभाव में इलाज के लिए यहां के लोगों को 130 कि.मी. का सफर तय कर जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ या कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के अलावा पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश जाना पड़ रहा है। जबकि उक्त स्वास्थ्य केन्द्र एफ.आर.यू. में चिन्हांकित है एवं यहां सिजेरियन प्रसव भी संपादित किया जा रहा है लेकिन यहां 30 बिस्तरीय अस्पताल के अनुसार पद ही स्वीकृत है जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे हुए पत्र में विधायक रेणुका सिंह ने अनुरोध किया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरीय अस्पताल अनुसार पद सृजन होने से वनांचल क्षेत्र के लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया होगी। गौरतलब है कि मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में भरतपुर ब्लाक आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यहां 100 बिस्तरीय अस्पताल अनुसार पद सृजित होने से समय पर ईलाज न मिल पाने जैसी समस्या खत्म होगी।

विधायक रेणुका सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य जैसे मुद्दे पर हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया हो इसके लिए कार्य किये जा रहे है। गौरतलब है कि अभी जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 35 स्टाफ कार्यरत है। जबकि 100 बिस्तरीय अस्पताल में 100 से ज्यादा स्टाफ की आवश्यकता होती है
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने विशेष सचिव की अगुवाई में बनेगी कमेटी

तंबाकू हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर का होने का बड़ा खतरा डॉ तिवारी
एमसीबी / कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार तिवारी के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मादक पदार्थाे का उपयोग नहीं करने के सम्बन्ध मे अधिकारी एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाया गया।
इस दौरान डॉ. तिवारी ने तम्बाकू का सेवन और स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तम्बाकू का सेवन या तो धूम्रपान के रूप में या धूम्रपान रहित रूप में इस्तेमालल किया जाता है। तम्बाकू का उपयोग धूम्रपान बीड़ी, सिगरेट, सिगार, हुक्का आदि के रूप में किया जाता है। धूम्रपान रहित तम्बाकू के सेवन का मुख्य स्रोत तम्बाकू को चबा कर या सूंघ कर किया जाता है।

भारत में धूम्रपान रहित तंबाकू का सेवन मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण है। तम्बाकू का धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस कैंसर और वातस्फीति रोगों का एक प्रमुख कारण है। तम्बाकू के धूम्रपान से श्वसन संकट, गैस्ट्रिक अल्सर और गर्भावस्था संबंधी जटिलताएँ भी होती हैं। गर्भावस्था पर धूम्रपान के प्रतिकूल प्रभाव जन्म के समय कम वजन से लेकर सहज गर्भपात, समय से पहले जन्म, मृत जन्म और नवजात मृत्यु की घटनाओं में वृद्धि होती हैं। तम्बाकू का धूम्रपान न केवल उपयोगकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ पैदा करता है, बल्कि आस-पास के व्यक्ति को भी प्रभावित करता है। आसपास के लोग जिन्हें आम तौर पर गैर-धूम्रपान करने वाला भी कहा जाता है, उन्हें हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर का होने का बड़ा खतरा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सियान जतन क्लीनिक’ का विशेष आयोजन बुजुर्गाें को चश्मा छड़ी एवं श्रवण यंत्र बांटे गये
बिलासपुर / राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ‘‘राष्ट्रीय वयोवृद्ध देखभाल’’ कार्यक्रम के तहत आज ‘‘सियान जतन क्लीनिक’’ का विशेष आयोजन किया गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 60 वर्ष उम्र के बुजुर्ग व्यक्तियों की निःशुल्क जांच कर उपचार किया गया। 60 वर्ष उम्र के 49 व्यक्तियों का बुजुर्ग कार्ड बनाया गया है। सियान जतन क्लीनिक में दृष्टिदोष से पीड़ित बुजुर्ग व्यक्तियों को चश्मा एवं अन्य जरूरत मंद बुजुर्गाें को छड़ी एवं श्रवण यंत्र बांटे गये। दन्तरोग, मोतियाबिंद, शुगर, बी.पी. जैसे बीमारियों से पीड़ित बुजुर्ग मरीजों की जांच कर उनका इलाज किया गया।

‘‘सियान जतन क्लीनिक’’ आयोजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभात श्रीवास्तव, डॉ. बी.के. वैष्णव, डॉ. आस्था मिश्रा, डॉ. आकांक्षा झा, डॉ. टारजन आदिले, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक एवं समस्त चिकित्सकीय दल उपस्थित थे।
बड़ी संख्या में आम लोगों के अलावा शासकीय कर्मियों ने बीपी, शुगर व हीमोग्लोबिन का कराया जांच जिला पंचायत सभागार सहित 91 स्थानों में लगा था निःशुल्क जांच शिविर
कोरिया / दुनियाभर में आज का दिन वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे के रूप में मनाया जा रहा है। यह दिन इस गंभीर समस्या के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के मकसद से मनाया जाता है। हाइपरटेंशन को आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर के रूप में जाना जाता है। भले ही आज का दिन हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को समर्पित है लेकिन ब्लड प्रेशर से जुड़ी अन्य कई समस्याएं भी इन दिनों लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। हमारी लाइफस्टाइल और खानपान हमारे ब्लड प्रेशर को काफी प्रभावित करता है।
इसी कड़ी में आज कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय एवं जिले के समस्त स्वास्थ्य संस्थानों में शिविर का आयोजन किया गया था। इन शिविरों में निःशुल्क ब्लड प्रेशर, शुगर व हीमोग्लोबिन की जांच कराने के लिए आम लोगों के अलावा शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में पहुंच कर जांच कराए हैं। डॉक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार शुगर 1012, बीपी 1012 तथा हीमोग्लोबिन 1012 लोगों ने जांच कराए हैं। जिसमें से 40 लोगांे को शुगर, 82 लोगों को बीपी होने की शिकायत मिली था 24 लोगांे में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई। इन मरीजों को निःशुल्क दवाई दिए गए।
ऐसे बीमारियों से बचने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। 30 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले व्यक्ति को अपनी रक्तचाप की जांच निरंतर कराते रहना चाहिए। शुगर या बीपी को नियंत्रित करने के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों में जांच व उपचार कराते रहना चाहिए। ब्लड प्रेशर को प्रभावित करने में खानपान, बदलते जीवन शैली के अलावा कुछ पर्यावरणीय कारक भी होते हैं। बढ़ते तापमान उन्हीं कारकों में से एक है। देश के ज्यादातर हिस्से में भीषण गर्मी और तेज लू चलने की वजह से ब्लड प्रेशर पर भी असर पड़ता है। इस बारे में जिला अस्पताल बैकुंठपुर में पदस्थ डॉक्टर ए.के. सिंह (एम.डी.मेडिसिन) का कहना है कि अलग-अलग लोगों के ब्लड प्रेशर पर गर्म मौसम और अत्यधिक आर्द्रता यानी ह्यूमिडिटी का अलग-अलग प्रभाव हो सकता है। ऐसे में उन्होंने इसके कुछ मुख्य कारण बताए हैं-

हीट स्ट्रेस-लंबे समय तक ज्यादा तापमान के संपर्क में रहने से गर्मी में थकावट या हीट स्ट्रेस हो सकता है, जो आपकी हार्ट हेल्थ पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे ब्लड प्रेशर में वेरिएशन्स हो सकता है, जो शरीर में गंभीर तनाव का अनुभव होने पर बढ़ सकता है या वासोडिलेशन और डिहाईड्रेशन के परिणामस्वरूप कम हो सकता है।
वासोडिलेशन-ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने और शरीर की कूलिंग प्रोसेस में मदद करने के प्रयास में ब्लड वेसल्स आमतौर पर गर्म मौसम में फैलती हैं। इस वासोडिलेशन के परिणामस्वरूप ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर को गर्म और उमस भरे मौसम में खुद को ठंडा करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
ब्लड प्रेशर रेगुलेशन होता है प्रभावित-गर्मियों में अक्सर तेज धूप और गर्मी की वजह से ढेर सारा पसीना आता है। इससे न सिर्फ शरीर का पानी खत्म होता है, बल्कि नमक और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी नष्ट हो जाते हैं। इन इलेक्ट्रोलाइट्स में असंतुलन सामान्य रूप से हार्ट हेल्थ और विशेष रूप से ब्लड प्रेशर रेगुलेशन को प्रभावित कर सकता है।+
इन बातों का रखना होगा ध्यान-
गर्म और उमस भरे मौसम में, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और हार्ट हेल्थ को बनाए रखने के लिए सावधानियां महत्वपूर्ण हैं। भले ही प्यास न लगे, फिर भी ब्लड प्रेशर पर गर्म मौसम और ह्यूमिडिटी के प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए बहुत सारा पानी पीकर हाइड्रेटेड रहना जरूरी है। कैफीन और अल्कोहल से दूर रहना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये डिहाईड्रेशन का कारण बन सकते हैं।
अगर गर्म मौसम में बाहर रहना है, तो ठंडे या वातानुकूलित स्थान पर बार-बार रुकने से अत्यधिक गर्मी से बचने में मदद मिल सकती है। हल्के, हवादार कपड़े पहनते हैं, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं,तो आपका शरीर गर्मी को अधिक आसानी से सहन कर सकता है।
जिला पंचायत के मंथन कक्ष में लगे शिविर में डॉ. अनित बखला, डॉ. अंकित परिहार, डॉ. शिल्पा गजपाल, स्टॉफ नर्स सुमित जायसवाल व लैब टेक्नीशियन अंकिता एक्का सहित जिले के 91 शिविरों में उपस्थित डॉक्टरों, स्टॉफ नर्स, लैब टेक्नीशियनों ने बहुत ही जिम्मेदारियों के साथ अपनी सेवाएं दी हैं।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों के लिए होगा आयोजित समर कैम्प
एमसीबी / विदित हो कि 15 जून, 2024 तक विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रभावी है। इस दौरान छात्र-छात्राओं को रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न कर उनमें बहुमुखी कौशल का विकास किया जा सकता है। रचनात्मक गतिविधियों में छात्र-छात्राओं के पालक एवं उनके शिक्षकों का मार्गदर्शन उपयोगी हो सकता है। छात्र-छात्राओं में परस्पर रचनात्मक गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए समर कैंप आयोजित किया जाये। समर कैम्प हेतु सुझाव इस प्रकार हैं। छात्र-छात्राओं हेतु समर कैम्प स्कूलों में अथवा गांव अथवा शहर के सामुदायिक स्थानों में आयोजित किया जा सकता है। समर कैम्प में कला क्षेत्र, रचनात्मक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित करके उनसे छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन या प्रशिक्षण दिलाया जा सकता है। समर कैम्प में स्कूल के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं के पालको एवं शाला विकास समिति का भी सहयोग लिया जाये। समर कैम्प में निम्नानुसार रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा सकती है. यथा चित्रकारी, गायन, वादन, निबंध, कहानी लेखन, हस्तलिपि लेखन, नृत्य, खेलकूद, अपने गांव या शहर का ऐतिहासिक परिचय आदि गतिविधियां। इन गतिविधियों के अलावा आप अपने स्तर पर भी रचनात्मक गतिविधियों का भी चयन कर सकते हैं। समर कैम्प के आयोजन से पूर्व शाला विकास समिति एवं पालक शिक्षक समिति से सहमति ली जाये। यह आयोजन पूर्णतः स्वेच्छिक रहेगा तथा समर कैम्प प्रातः 07ः00 बजे से प्रातः 09: 30 बजे के मध्य संचालित किये जाये। समर कैम्प हेतु स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पृथक से कोई बजट देय नहीं होगा। कृपया जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर कार्यक्रम को सफल बनायें। आशा है कि आप अपने स्तर पर पहल करते हुए ग्रीष्मावकाश में छात्र-छात्राओं के लिए समर कैम्प का आयोजन करेंगे तथा ग्रीष्मावकाश को बच्चों के सीखने के लिए अवसर के रूप में प्रयुक्त करेंगे। आपके द्वारा की गई गतिविधियों से विभाग को अवगत कराने का कष्ट करेंगे।
चिरमिरी मनेंद्रगढ़ और जनकपुर में शुरू होंगे ब्लड बैंक। स्वास्थ्य मंत्री की पहल पर विभाग से मिला लाइसेंस जिले के 2 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
चिरमिरी l स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मरीजों को अब पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही ब्लड बैंक की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयास के बाद खाद्य एवं औषधि प्रसंस्करण विभाग के कंट्रोलर की तरफ से एमसीबी जिले के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ब्लड बैंक खोलने की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। जल्द ही जिले के मनेंद्रगढ़, चिरमिरी और जनकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड बैंक शुरू हो जाएंगे। इससे मरीजों को राहत मिलने के साथ-साथ उन्हें खून की कमी होने पर बाहर जिलों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। एमसीबी जिले के लगभग 200000 लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

जिला सहित सामुदायिक व प्राथमिक अस्पतालों में पौने दो दर्जन डॉक्टरों की पदस्थापना मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर सम्भव प्रयास-स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल
स्वास्थ्य कार्य में लापरवाही बरतने पर फार्मासिस्ट कर्मी निलंबित
कोरिया/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी है कि भण्डारण सामग्री संबंधित विभिन्न फर्माे से प्राप्त मूल देयकों के सत्यापन (स्टाक एण्ट्री) में डॉ. अभिषेक गढ़ेवाल चिकित्सा अधिकारी जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर सह प्रभारी जिला औषधि एवं भण्डार शाखा के नियम विरूद्व हस्ताक्षर फार्मासिस्ट ग्रेड 2 के पद पर कार्यरत श्री आशीष कुमार शर्मा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मनसुख (पटना) सह प्रभारी स्टोर कीपर ने किया था, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचारण नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंधन है। इस कृत्य को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 मे निहित प्रावधानों के तहत शासकीय सेवा से तत्काल प्रभाव से निलंिबत किया गया है।
निलंबन अवधि में श्री आशीष कुमार शर्मा का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मरीजों से की बात गंभीर मरीजों को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाने को दिए निर्देश
मंत्री ने एक-एक कक्ष का किया निरीक्षण
नये साल में सिम्स अस्पताल की एक बड़ी उपलब्धि/नेत्ररोग विभाग में 2 मरीजों का एक साथ कॉर्निया एवं लैंस प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन /नेत्रदान से मिले कॉर्निया से दो लोगों को मिली रोशनी
बिलासपुर/नए साल में सिम्स अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। दो मरीजों के आंख की जटिल बीमारी का सफल इलाज किया गया है। नेत्रदान से मिले कॉर्निया के प्रत्यारोपण से उनकी रोशनी वापस आ गई है।
सिम्स अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. विवेक शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें से एक 60 वर्षीय मरीज,जिनकी दाहिनी आँख में दिखाई नहीं देने तथा साथ में आँखों से लगातार पानी बहने की शिकायत के साथ नेत्ररोग विभाग की ओपीडी में जांच कराने आये थे।
जांच में यह पाया गया की मरीज की पुतली में मवाद पड़ गया है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में बवतदमंस नसबमत (कॉर्निया में घाव) कहते है। कई बार यह मवाद दवाईयों से ठीक हो जाता है परंतु संकमण अधिक होने पर इसमें कॉर्निया प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती हैं। मरीज को ज्यादा संक्रमण होने के कारण उन्हें कॉर्निया प्रत्यारोपण की सलाह दी गई थी।
दूसरा मरीज 50 वर्षीय जिन्हें कॉर्निया में संक्रमण हुआ था जांच के बाद दवाईयों के द्वारा संकमण को दूर कर दिया गया था। किन्तु आखों में सफेदी रह गई थी तथा मोतियाबिंद भी हो गया था जिसके कारण आँखो की रोशनी चली गई थी।
सिम्स के नेत्रबैंक में नेत्रदान से प्राप्त कॉर्निया आई तो इन दोनों मरीजों को तत्काल प्रत्यारोपण हेतु फोन करके बुलाया गया। मरीज द्वारा सहमति देने पर सिम्स के डॉक्टरों द्वारा कॉर्निया प्रत्यारोपण (Corneal Transplantation) के साथ ही मरीज की आँख में मोतियाबिंद का भी ऑपरेशन कर लेंस प्रत्यारोपण किया गया जिसके बाद मरीज के आँखों का संक्रमण हट गया है तथा मरीज की आँख में रोशनी वापस आ गई है।
इस जटिल ऑपरेशन में नेत्र रोग विभाग के चिकित्सक डॉ सुचिता सिंह विभागाध्यक्ष, डॉ. प्रभा सोनवानी असिस्टेट प्रोफेसर, डॉ. ज्योति आचार्य, डॉ. विभा राज तथा पी जी छात्र छात्राओं एवं नर्सिंग स्टाफ निशावाणी नेहा उड़ान एवं संदीप कौर तथा वार्ड ब्वाय बंशी कोलाम, विनय गढ़ेवाल तथा प्रसन्ना का सहयोग रहा।
कलेक्टर के निर्देश पर जिला सीईओ ने जिला अस्पताल में किया औचक निरीक्षण भोजन कक्ष में गंदगी, लापरवाही पर प्रभारी को शो काज नोटिस

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न/कोविड की दस्तक से पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग को दिये आवश्यक दिशा निर्देश/कोविड के नियमों का पालन अवश्य करें/डरने की जरूरत नहीं सचेत रहना ज्यादा जरूरी/कलेक्टर
अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दी दबिश, पैथोलॉजी लैब सील
बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बिलासपुर शहर के विभिन्न अस्पतालों एवं नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की गई। टीम द्वारा मिशन अस्पताल, यूनिटी अस्पताल, मॉडर्न सोनोग्राफी सेंटर, ओम नर्सिंग होम सरकंडा, साई बाबा अस्पताल जरहाभाठा का निरीक्षण किया गया। सिम्स अस्पताल के सामने स्थित मॉडर्न पैथोलैब द्वारा लैब संचालन हेतु वैध दस्तावेज निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत नही किये जाने पर सीलबंद की कार्यवाही की गई। अनुपलब्ध दस्तावेज 03 दिवस के भीतर जमा करने के निर्देश संस्थानों के संचालक को दिए गए है।
गौरतलब है कि आयुष विभाग की संचालक श्रीमती नम्रता गांधी ने बिलासपुर भ्रमण के दौरान जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पतालों एवं नर्सिंग होम का सतत निरीक्षण करने के निर्देश विभाग को दिए है। इसी कड़ी में तहसीलदार शशिभूषण सोनी, मुकेश देवांगन व आकाश गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन अलग-अलग टीम का गठन कर निरीक्षण किया जा रहा है।
मध्यान्ह भोजन खाने के बाद 12 से अधिक बच्चों की बिगड़ी तबीयत, सभी सिविल अस्पताल में भर्ती, मचा हड़कंप
भाटापारा के ग्राम लेवई में मध्यान्ह भोजन खाने के तुरंत बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. 12 से अधिक बच्चों को सिविल हास्पिटल भाटापारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मिड डे मिल खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया है.
चिरमिरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के 100 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन के लिए 94 पदों की मंजूरी
*अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल, सर्जिकल और निश्चेतना विशेषज्ञ के साथ ही विभिन्न विभागों में पीजी मेडिकल ऑफिसर के 7, चिकित्सा अधिकारी के 8 और स्टॉफ नर्स के 30 पदों के सृजन की स्वीकृति*

रक्तदान के लिए चलाएं व्यापक अभियान : कलेक्टर झा
भारतीय रेडक्रास सोसायटी के कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न
बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा की कार्यकारिणी समिति की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि रेडक्रॉस का प्रमुख उद्देश्य जरूरत मंदो की सहायता प्रदान करना है। जिले में यह सोसायटी अपने उद्देश्यों को पूरा तभी कर सकता है जब उनके पास पर्याप्त दवाईयां और ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त की उपलब्धता हो। कलेक्टर ने सभी आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि रक्त की पर्याप्त उपलब्धता होने से दुर्घटना में घायल व्यक्तियों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को त्वरित सहायता मिलती है और उन्हें नया जीवन दान मिलता है। उन्होंने रक्त की पर्याप्त उपलब्धता के लिए रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से जिले में व्यापक स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एक बड़ा जिला है और उसके अनुरूप जिले में रेडक्रॉस की शाखा भव्य और गौरवशाली होनी चाहिये। इसके लिए कार्यकारिणी समिति को बड़ा और व्यापक बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने जिले के सभी गणमान्य नागरिकों को समिति के सदस्य बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में समिति में पैट्रन सदस्य, वाईस पैट्रन और आजीवन सदस्य बढ़ाने, नवीन निर्माणाधीन सुपर मल्टीस्पेशलिटी चिकित्सालय कोनी एवं नूतन चौक सरकण्डा में रेडक्रास के नए दवाई दुकान खोलने पर सहमति के साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। साथ ही समिति के सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव भी साझा किये। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ श्री अजय अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ. राजेश शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता, श्री सौरभ सक्सेना सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़ में हुआ नि:शुल्क जांच परामर्श शिविर का आयोजन
मनेन्द्रगढ़/ कले
बेमेतरा जिला में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आयुष्मान कार्ड को लेकर अभियान चलाया जा रहा है
बेमेतरा/बेमेतरा जिला में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आयुष्मान कार्ड को लेकर अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत जिले में आयुष्मान आपके द्वार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं इसमें 5 वर्ष से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर घर-घर में वितरण किया जाएगा इसके साथ ही बेमेतरा जिला के सभी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरो में प्रत्येक शनिवार को आयुष्मान मेला का आयोजन किया जाएगा जहां विभिन्न प्रकार के बीमारियों का उपचार किया जा रहा है इसके साथ ही मातृत्व एवं शिशु संबंधी उपचार और आंख और सिकलिन के भी मरीजों की उपचार किया जाएगा। बेमेतरा कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा जानकारी देते हुए कहा कि जिले में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केदो में स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा जहां विशेषज्ञ टीम के द्वारा स्त्री रोग नेत्र रोग मनोरोग इत्यादि का उपचार किया जाना है वहीं 2 अक्टूबर को सभी गांव में ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा जहां स्वास्थ्य से संबंधी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी।













