CG Samachar
CG Samachar
Breaking News
उठाव नहीं हो पाने के कारण बे मौसम बारिश से खरीदी केंद्र में रखा धान भीगा  |   पुरखा के सुरता कार्यक्रम मे डा खूबचंद बघेल को श्रध्दासुमन अर्पित  |   बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट में मिली प्राथमिकता पर स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभार  |   नेपाल में नारी शक्ति का उदय सख़्त फैसलों वाली पूर्व जज बनीं PM क्या भ्रष्टाचार का पहाड़ सच में दरकेगा?  |   सामूहिक पुलिसिंग के तहत सुदूर अंचल बयानार में दो दिवसीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया  |   नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर में एक्लेक्टिका 2026 का शुभारंभ  |   केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) एवं कृषि उन्नति योजनाओं की समीक्षा  |   क्षेत्र की शैक्षणिक प्रगति एवं स्वास्थ्य सेवा मे उन्नति के लिए भाटापारा मे मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही  |   अहिंसा से अधिकार तक थीम पर विद्यालयीन बच्चों ने दिखाया हुनर’ वीबी जीरामजी की आईइसी गतिविधियों के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में हुए आयोजन’  |   नेपाल का ‘रक्त-चरित्र’: हथियारों से लैस प्रदर्शनकारी, जलते नेताओं के घर, बंद हुआ काठमांडू एयरपोर्ट, जानें ताज़ा अपडेट  |   भाजपा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्मदिन ‘‘सेवा-सुशासन-संकल्प दिवस’’के रूप में मनाया भाजपा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जन्मदिन पर जिला चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरण किया  |   5 करोड़ का गांजा सहित, कंटेनर भी जब्त,कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई करीब , लगभग 9 क्विंटल से ज्यादा मादक पदार्थ पकड़ा गया  |   सम्पूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ तीन माह में 100 प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य  |   पितृ पक्ष में भूलकर भी ना करें इन 6 चीज़ों का दान… वरना पितर हो जाएंगे नाराज़ और शुरू हो जाएंगी मुश्किलें!  |  

स्वास्थ

पैरों से मिलते हैं किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत! इन्हें नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है पछताना…

पैरों से मिलते हैं किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत! इन्हें नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है पछताना…

Anita nishad 07-Sep-2025 20

 

नई दिल्ली। किडनी हमारे शरीर का सबसे अहम अंग है, जो खून को साफ करके विषैले पदार्थ और अतिरिक्त तरल बाहर निकालती है। लेकिन जब किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है, तो इसका असर सबसे पहले पैरों में दिखना शुरू हो जाता है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे “साइलेंट किलर” कहते हैं, क्योंकि इसके शुरुआती संकेत मामूली लगते हैं और लोग अक्सर इन्हें थकान या बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या समझकर टाल देते हैं।

???? पैरों से जुड़े 5 संकेत जो बताते हैं किडनी कमजोर हो रही है

  1. पैरों और टखनों में सूजन (Edema):
    किडनी जब अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर नहीं निकाल पाती तो सूजन पैरों और टखनों में जमा हो जाती है।

  2. त्वचा का रंग बदलना और धब्बे आना:
    खून में टॉक्सिन बढ़ने से पैरों की त्वचा पीली या काली पड़ सकती है।

  3. पैर सुन्न होना या झनझनाहट:
    नसों पर असर पड़ने से पैरों में सुई चुभने जैसा एहसास या लगातार सुन्नपन महसूस हो सकता है।

  4. लगातार खुजली होना:
    शरीर से विषैले तत्व न निकलने के कारण पैरों में रात को भी तीव्र खुजली हो सकती है, जो मॉइश्चराइज़र से भी नहीं रुकती।

  5. रात में पैरों में ऐंठन:
    किडनी जब इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगाड़ देती है तो पिंडलियों और पैरों में अचानक तेज ऐंठन हो सकती है।

⚠️ कब लें डॉक्टर से सलाह?

अगर आपको ये लक्षण बार-बार या लगातार दिख रहे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। ये सिर्फ सामान्य थकान नहीं, बल्कि किडनी डिज़ीज़ का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय रहते जांच करवाना ज़रूरी है, वरना बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

 
continue reading
45 घंटे तक भूखे रहने पर शरीर में बनने लगता है ‘अमृत’? जानें उपवास का चौंकाने वाला विज्ञान

45 घंटे तक भूखे रहने पर शरीर में बनने लगता है ‘अमृत’? जानें उपवास का चौंकाने वाला विज्ञान

Anita nishad 07-Sep-2025 18

  

नई दिल्ली। क्या सच में लंबे उपवास से शरीर में अमृत जैसा प्रभाव बनने लगता है? भारतीय संस्कृति में व्रत-उपवास सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि विज्ञान से जुड़ी प्रक्रिया भी मानी जाती है। हाल ही में अमेरिका के मशहूर पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन ने खुलासा किया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से इंटरव्यू से पहले पूरे 45 घंटे का उपवास किया था। उन्होंने इस दौरान केवल पानी पिया और किसी भी तरह का भोजन नहीं लिया।

आइए जानते हैं कि 45 घंटे तक उपवास करने पर शरीर में किस तरह के वैज्ञानिक बदलाव होते हैं—

???? पहले 6-12 घंटे:

  • शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज और ग्लाइकोजन पर निर्भर रहता है।

  • इंसुलिन लेवल कम होने लगता है और शरीर धीरे-धीरे फैट बर्निंग मोड में जाने लगता है।

⏳ 12-24 घंटे:

  • ग्लाइकोजन खत्म होने पर शरीर ऊर्जा के लिए फैट ब्रेकडाउन शुरू करता है।

  • केटोन बॉडीज़ बनने लगती हैं, जो मस्तिष्क और मांसपेशियों को ऊर्जा देती हैं।

  • इसी दौरान शुरू होती है ऑटोफैगी – यानी पुरानी कोशिकाओं की सफाई और नई कोशिकाओं का निर्माण।

⚡ 24-36 घंटे:

  • ह्यूमन ग्रोथ हॉर्मोन (HGH) का स्तर 5 गुना तक बढ़ जाता है।

  • शरीर की मसल रिपेयर और फैट बर्निंग तेज़ हो जाती है।

  • ब्लड शुगर कंट्रोल करने की क्षमता (Insulin Sensitivity) बढ़ जाती है।

???? 36-45 घंटे:

  • शरीर ग्लूकोनियोजेनेसिस से नई ऊर्जा बनाने लगता है।

  • मेटाबॉलिक रेट 10-15% तक बढ़ सकता है।

  • शरीर में सूजन (Inflammation) कम होती है और गहरी कोशिकीय मरम्मत (Deep Cellular Repair) होती है।

???? दुनिया भर में रिसर्च:

जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओसुमी को ऑटोफैगी पर शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। शोधों के अनुसार लंबे उपवास से:
✔️ कैंसर सेल्स तक खत्म हो सकते हैं
✔️ इम्यून सिस्टम मजबूत होता है
✔️ उम्र बढ़ सकती है (Anti-aging effect)

✅ 45 घंटे उपवास के फायदे

  1. तेज़ी से फैट बर्न और वजन कम होना।

  2. ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद।

  3. कोशिकीय सफाई और रिपेयर

  4. सूजन और दर्द में कमी।

  5. दिमाग की कार्यक्षमता और फोकस में सुधार।

⚠️ किन लोगों को नहीं करना चाहिए 45 घंटे का उपवास

  • गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली माताएं।

  • टाइप 1 डायबिटीज या लो ब्लड शुगर वाले मरीज।

  • गंभीर हृदय रोगी।

  • बहुत कमजोर या अंडरवेट लोग।


???? तो क्या सच में 45 घंटे का उपवास ‘अमृत’ समान असर’ देता है या फिर यह शरीर पर एक अतिरिक्त बोझ है? इसका जवाब आपके शरीर और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

continue reading
किडनी फेल होने का साइलेंट अलर्ट: पैरों में दर्द के साथ दिखते हैं ये 5 खतरनाक लक्षण, तुरंत संभल जाएं!

किडनी फेल होने का साइलेंट अलर्ट: पैरों में दर्द के साथ दिखते हैं ये 5 खतरनाक लक्षण, तुरंत संभल जाएं!

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 

हेल्थ डेस्क। किडनी हमारे शरीर का वो हिस्सा है, जो चुपचाप दिन-रात खून को फिल्टर करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने वाले हार्मोन बनाता है। लेकिन जब यही किडनी काम करना बंद करने लगती है तो शरीर धीरे-धीरे जहर का घर बन जाता है। किडनी फेल्योर (Kidney Failure) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शुरुआती लक्षण मामूली थकान या कमजोरी की तरह लगते हैं और लोग इन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी फेल होने पर पैरों और टखनों में दर्द और सूजन सबसे आम संकेत है। लेकिन यही अकेला लक्षण नहीं है। आइए जानते हैं किडनी फेल होने पर शरीर में दिखने वाले 5 खतरनाक संकेत:


⚠️ किडनी फेल होने के प्रमुख लक्षण

  1. पैरों और टखनों में दर्द व सूजन

    • गुर्दे अतिरिक्त पानी और सोडियम बाहर नहीं निकाल पाते, जिससे शरीर के निचले हिस्से में तरल जमा हो जाता है।

    • यह सूजन दर्द और भारीपन का कारण बनती है।

  2. लगातार थकान और कमजोरी

    • खराब किडनी पर्याप्त एरीथ्रोपोइटिन हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है।

    • शरीर को ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और व्यक्ति हर समय थका हुआ महसूस करता है।

  3. त्वचा में खुजली और रंग बदलना

    • खून में टॉक्सिन्स जमा होने से त्वचा रूखी, पीली या भूरी दिख सकती है।

    • कई बार असहनीय खुजली भी शुरू हो जाती है।

  4. पेशाब की आदतों में बदलाव

    • बार-बार पेशाब आना, पेशाब में झाग, खून आना या मात्रा कम-ज्यादा होना।

    • ये संकेत हैं कि किडनी खून को ठीक से फिल्टर नहीं कर रही।

  5. सांस लेने में तकलीफ

    • गुर्दे अतिरिक्त तरल को बाहर नहीं निकाल पाते, जिससे फेफड़ों के चारों ओर पानी भर सकता है।

    • इसके अलावा एनीमिया की वजह से भी सांस फूलने लगती है।


???? डॉक्टर क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि किसी को ये लक्षण लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो इसे मामूली समझकर नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। फौरन डॉक्टर से संपर्क करना और जरूरी टेस्ट कराना बेहद ज़रूरी है।


???? किडनी की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और अक्सर आखिरी स्टेज में पकड़ में आती है। समय रहते अगर सावधानी बरती जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है।

continue reading
स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

Anita nishad 05-Sep-2025 17

 Recipe Special:

पापड़ भारतीय रसोई का ऐसा स्नैक है जो खाने के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना कर देता है। आज हम आपके लिए लाए हैं साबूदाना सूजी पापड़ की रेसिपी। गर्मियों के दिनों में इसे बनाकर स्टोर किया जा सकता है और सालभर जब भी मन चाहे तलकर या सेंककर खाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लाइट, क्रिस्पी और सबकी पसंद बन जाता है।


साबूदाना सूजी पापड़ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • साबूदाना – 1 कप

  • सूजी – 1 कप

  • जीरा – 1 छोटी चम्मच

  • हरी मिर्च – 2 बारीक कटी हुई

  • नमक – स्वादानुसार

  • हरी धनिया – 2 चम्मच (बारीक कटी हुई)

  • पानी – लगभग 5 कप

  • तेल – तलने के लिए


बनाने की विधि

स्टेप 1 – साबूदाना भिगोना
साबूदाने को अच्छे से धोकर 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो।

स्टेप 2 – मिश्रण तैयार करना
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इसमें भिगोया हुआ साबूदाना डालकर हल्का पकाएं। जब यह ट्रांसपैरेंट और नरम हो जाए, तब इसमें सूजी डालें।

स्टेप 3 – फ्लेवर मिलाना
अब इसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, नमक और हरी धनिया डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि इसे चम्मच से आसानी से फैलाया जा सके।

स्टेप 4 – पापड़ बनाना
एक साफ प्लास्टिक शीट या कपड़े पर थोड़ा-थोड़ा मिश्रण डालें और गोल आकार में फैला दें। इसी तरह सारे पापड़ तैयार करें और उन्हें 2-3 दिन तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं।

स्टेप 5 – स्टोर और सर्विंग
जब पापड़ पूरी तरह सूख जाएं, तो इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। खाने के समय तेल में तलकर या तवे पर हल्का सेंककर क्रिस्पी स्नैक की तरह परोसें।


???? गर्मियों में बनाए गए ये साबूदाना सूजी पापड़ न सिर्फ लंबे समय तक चलते हैं बल्कि अचानक आई मेहमाननवाजी या बच्चों की स्नैक डिमांड को भी तुरंत पूरा कर देते हैं।

continue reading
स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 Recipe Special:

पापड़ भारतीय रसोई का ऐसा स्नैक है जो खाने के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना कर देता है। आज हम आपके लिए लाए हैं साबूदाना सूजी पापड़ की रेसिपी। गर्मियों के दिनों में इसे बनाकर स्टोर किया जा सकता है और सालभर जब भी मन चाहे तलकर या सेंककर खाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लाइट, क्रिस्पी और सबकी पसंद बन जाता है।


साबूदाना सूजी पापड़ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • साबूदाना – 1 कप

  • सूजी – 1 कप

  • जीरा – 1 छोटी चम्मच

  • हरी मिर्च – 2 बारीक कटी हुई

  • नमक – स्वादानुसार

  • हरी धनिया – 2 चम्मच (बारीक कटी हुई)

  • पानी – लगभग 5 कप

  • तेल – तलने के लिए


बनाने की विधि

स्टेप 1 – साबूदाना भिगोना
साबूदाने को अच्छे से धोकर 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो।

स्टेप 2 – मिश्रण तैयार करना
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इसमें भिगोया हुआ साबूदाना डालकर हल्का पकाएं। जब यह ट्रांसपैरेंट और नरम हो जाए, तब इसमें सूजी डालें।

स्टेप 3 – फ्लेवर मिलाना
अब इसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, नमक और हरी धनिया डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि इसे चम्मच से आसानी से फैलाया जा सके।

स्टेप 4 – पापड़ बनाना
एक साफ प्लास्टिक शीट या कपड़े पर थोड़ा-थोड़ा मिश्रण डालें और गोल आकार में फैला दें। इसी तरह सारे पापड़ तैयार करें और उन्हें 2-3 दिन तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं।

स्टेप 5 – स्टोर और सर्विंग
जब पापड़ पूरी तरह सूख जाएं, तो इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। खाने के समय तेल में तलकर या तवे पर हल्का सेंककर क्रिस्पी स्नैक की तरह परोसें।


???? गर्मियों में बनाए गए ये साबूदाना सूजी पापड़ न सिर्फ लंबे समय तक चलते हैं बल्कि अचानक आई मेहमाननवाजी या बच्चों की स्नैक डिमांड को भी तुरंत पूरा कर देते हैं।

continue reading
स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 Recipe Special:

पापड़ भारतीय रसोई का ऐसा स्नैक है जो खाने के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना कर देता है। आज हम आपके लिए लाए हैं साबूदाना सूजी पापड़ की रेसिपी। गर्मियों के दिनों में इसे बनाकर स्टोर किया जा सकता है और सालभर जब भी मन चाहे तलकर या सेंककर खाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लाइट, क्रिस्पी और सबकी पसंद बन जाता है।


साबूदाना सूजी पापड़ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • साबूदाना – 1 कप

  • सूजी – 1 कप

  • जीरा – 1 छोटी चम्मच

  • हरी मिर्च – 2 बारीक कटी हुई

  • नमक – स्वादानुसार

  • हरी धनिया – 2 चम्मच (बारीक कटी हुई)

  • पानी – लगभग 5 कप

  • तेल – तलने के लिए


बनाने की विधि

स्टेप 1 – साबूदाना भिगोना
साबूदाने को अच्छे से धोकर 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो।

स्टेप 2 – मिश्रण तैयार करना
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इसमें भिगोया हुआ साबूदाना डालकर हल्का पकाएं। जब यह ट्रांसपैरेंट और नरम हो जाए, तब इसमें सूजी डालें।

स्टेप 3 – फ्लेवर मिलाना
अब इसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, नमक और हरी धनिया डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि इसे चम्मच से आसानी से फैलाया जा सके।

स्टेप 4 – पापड़ बनाना
एक साफ प्लास्टिक शीट या कपड़े पर थोड़ा-थोड़ा मिश्रण डालें और गोल आकार में फैला दें। इसी तरह सारे पापड़ तैयार करें और उन्हें 2-3 दिन तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं।

स्टेप 5 – स्टोर और सर्विंग
जब पापड़ पूरी तरह सूख जाएं, तो इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। खाने के समय तेल में तलकर या तवे पर हल्का सेंककर क्रिस्पी स्नैक की तरह परोसें।


???? गर्मियों में बनाए गए ये साबूदाना सूजी पापड़ न सिर्फ लंबे समय तक चलते हैं बल्कि अचानक आई मेहमाननवाजी या बच्चों की स्नैक डिमांड को भी तुरंत पूरा कर देते हैं।

continue reading
मेहमानों को सर्व कीजिए ऐसी मिठाई, अंदर भरा है ड्राई फ्रूट्स का खजाना – स्टफ्ड काला जामुन

मेहमानों को सर्व कीजिए ऐसी मिठाई, अंदर भरा है ड्राई फ्रूट्स का खजाना – स्टफ्ड काला जामुन

Anita nishad 05-Sep-2025 11

 Recipe Special:

त्योहारों और खास मौकों पर अगर आप बार-बार वही रसगुल्ला या गुलाब जामुन सर्व करते हैं, तो अब बदलाव का समय है। इस बार बनाइए कुछ ऐसा जो न सिर्फ देखने में स्पेशल लगे बल्कि स्वाद में भी सबका दिल जीत ले। हम बात कर रहे हैं स्टफ्ड काले जामुन की – बाहर से गहरे भूरे और अंदर से ड्राई फ्रूट्स के खजाने से भरी ये मिठाई हर किसी को वाह-वाह कहने पर मजबूर कर देगी।


स्टफ्ड काला जामुन बनाने के लिए सामग्री

काला जामुन बनाने के लिए:

  • खोया (मावा) – 250 ग्राम

  • पनीर – 100 ग्राम (क्रम्बल किया हुआ)

  • मैदा – 2 बड़े चम्मच

  • बेकिंग पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच

  • इलायची पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच

  • घी/तेल – तलने के लिए

स्टफिंग के लिए:

  • काजू, बादाम और पिस्ता – 1 बड़ा चम्मच (बारीक कटे)

  • इलायची पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच

चाशनी के लिए:

  • चीनी – 2 कप

  • पानी – 2 कप

  • केसर या इलायची पाउडर – 1/2 छोटी चम्मच


बनाने की विधि

स्टेप 1 – चाशनी तैयार करें
एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें। इसमें इलायची पाउडर या केसर डालें और हल्की तार वाली चाशनी बना लें।

स्टेप 2 – स्टफिंग तैयार करें
कटा हुआ काजू, बादाम, पिस्ता और इलायची पाउडर मिलाकर स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार कर लें।

स्टेप 3 – आटा गूंथें
खोया और पनीर को अच्छे से मसल लें। इसमें मैदा, बेकिंग पाउडर और इलायची पाउडर डालकर एकदम मुलायम आटा बना लें।

स्टेप 4 – जामुन बनाएं
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं, बीच में ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग भरें और अच्छी तरह बंद करके गोल आकार दें।

स्टेप 5 – तलना और भिगोना
कढ़ाई में घी/तेल गर्म करें और लो फ्लेम पर जामुनों को तलें जब तक कि वे गहरे काले रंग के न हो जाएं। तले हुए जामुनों को तुरंत गुनगुनी चाशनी में डाल दें और 2–3 घंटे तक भीगने दें।


गार्निशिंग और सर्विंग

तैयार स्टफ्ड काले जामुन पर पिस्ता के स्लाइस डालकर सजाएं। इसे ठंडा या गरम – जैसे भी चाहें, परोसें।

???? यकीन मानिए, इस स्टफ्ड काले जामुन के सामने आपकी बाकी सारी मिठाइयाँ फीकी पड़ जाएंगी और मेहमान पूछेंगे – "ये कहां से मंगवाया?"

continue reading
इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

Anita nishad 05-Sep-2025 15

 Recipe Special:

मोतीचूर के लड्डू भारत की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में से एक हैं। इन्हें खास मौके पर तो हर कोई खरीदकर लाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें घर पर भी बेहद आसानी से बनाया जा सकता है? अगर आप सोचते हैं कि मोतीचूर के लड्डू बनाना मुश्किल है, तो अब आपकी सोच बदलने वाली है। बस कुछ आसान स्टेप्स और सही सामग्री से आप घर बैठे ही बाजार जैसे नरम-नरम और स्वादिष्ट लड्डू तैयार कर सकते हैं।

मोतीचूर के लड्डू बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री:

  • बेसन – 1 कप

  • ऑरेंज या येलो फूड कलर – 1 चुटकी

  • बेकिंग पाउडर – चुटकीभर

  • देसी घी – तलने के लिए

  • चीनी – 1 कप

  • खसखस – 1 छोटा चम्मच

  • इलायची पाउडर – आधा चम्मच

  • बादाम – गार्निशिंग के लिए


बनाने की विधि

पहला स्टेप:
सबसे पहले एक बाउल में बेसन निकालें और उसमें ऑरेंज या येलो फूड कलर मिला दें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान रहे, घोल में कोई गांठ न हो।

दूसरा स्टेप:
इस घोल में चुटकीभर बेकिंग पाउडर डालें। अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। छेद वाले मोल्ड की मदद से इस घोल को धीरे-धीरे घी में डालें और सुनहरी बूंदी तल लें।

तीसरा स्टेप:
एक पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी तैयार करें। इसमें इलायची पाउडर और खसखस डालकर फ्लेवर बढ़ाएं।

चौथा स्टेप:
तैयार बूंदी को इस चाशनी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। जब बूंदी चाशनी में अच्छे से भीग जाए, तब हाथों की मदद से गोल-गोल लड्डू बना लें।

गार्निशिंग:
तैयार मोतीचूर के लड्डुओं को ऊपर से बारीक कटे बादाम से सजाएं। ठंडा होने के बाद इन्हें परोसें।

???? यकीन मानिए, घर पर बने ये मोतीचूर के लड्डू स्वाद में इतने बेहतरीन होंगे कि बाजार से खरीदी मिठाई भी इनके सामने फीकी पड़ जाएगी।

continue reading
इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 Recipe Special:

मोतीचूर के लड्डू भारत की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में से एक हैं। इन्हें खास मौके पर तो हर कोई खरीदकर लाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें घर पर भी बेहद आसानी से बनाया जा सकता है? अगर आप सोचते हैं कि मोतीचूर के लड्डू बनाना मुश्किल है, तो अब आपकी सोच बदलने वाली है। बस कुछ आसान स्टेप्स और सही सामग्री से आप घर बैठे ही बाजार जैसे नरम-नरम और स्वादिष्ट लड्डू तैयार कर सकते हैं।

मोतीचूर के लड्डू बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री:

  • बेसन – 1 कप

  • ऑरेंज या येलो फूड कलर – 1 चुटकी

  • बेकिंग पाउडर – चुटकीभर

  • देसी घी – तलने के लिए

  • चीनी – 1 कप

  • खसखस – 1 छोटा चम्मच

  • इलायची पाउडर – आधा चम्मच

  • बादाम – गार्निशिंग के लिए


बनाने की विधि

पहला स्टेप:
सबसे पहले एक बाउल में बेसन निकालें और उसमें ऑरेंज या येलो फूड कलर मिला दें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान रहे, घोल में कोई गांठ न हो।

दूसरा स्टेप:
इस घोल में चुटकीभर बेकिंग पाउडर डालें। अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। छेद वाले मोल्ड की मदद से इस घोल को धीरे-धीरे घी में डालें और सुनहरी बूंदी तल लें।

तीसरा स्टेप:
एक पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी तैयार करें। इसमें इलायची पाउडर और खसखस डालकर फ्लेवर बढ़ाएं।

चौथा स्टेप:
तैयार बूंदी को इस चाशनी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। जब बूंदी चाशनी में अच्छे से भीग जाए, तब हाथों की मदद से गोल-गोल लड्डू बना लें।

गार्निशिंग:
तैयार मोतीचूर के लड्डुओं को ऊपर से बारीक कटे बादाम से सजाएं। ठंडा होने के बाद इन्हें परोसें।

???? यकीन मानिए, घर पर बने ये मोतीचूर के लड्डू स्वाद में इतने बेहतरीन होंगे कि बाजार से खरीदी मिठाई भी इनके सामने फीकी पड़ जाएगी।

continue reading
मेहमानों के सामने मिठाई हुई फेल, दाल-चावल से बनेगी ऐसी खीर कि सब करेंगे तारीफ!

मेहमानों के सामने मिठाई हुई फेल, दाल-चावल से बनेगी ऐसी खीर कि सब करेंगे तारीफ!

Anita nishad 05-Sep-2025 10

 Recipe Special:

घर में अक्सर जब अचानक मेहमान आ जाएं तो हम सोच में पड़ जाते हैं कि मिठाई या डेजर्ट क्या बनाया जाए। लेकिन अगर आपके पास सिर्फ मूंग दाल और चावल हैं, तो यकीन मानिए, इन्हीं से आप बना सकते हैं इतनी शानदार खीर कि मिठाई भी इसके सामने फीकी लगने लगे। इस खीर का नाम है – ‘मकुटी’। यह पारंपरिक और स्वादिष्ट खीर हर किसी के स्वाद को जीत लेगी।

मकुटी बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री:

  • फुलक्रीम दूध – 1 लीटर

  • मूंग दाल – 3 बड़े चम्मच (धुली हुई)

  • चावल – डेढ़ बड़ा चम्मच

  • मावा – 100 ग्राम

  • चीनी – 100 ग्राम

  • बादाम, काजू, पिस्ता – 8-10 कटे हुए

  • इलायची पाउडर – आधा चम्मच

  • केसर – कुछ धागे

बनाने की विधि:

पहला स्टेप:
सबसे पहले मूंग दाल और चावल को धोकर लगभग 1 घंटे तक भिगो दें। इसके बाद कुकर में पानी डालकर एक सीटी आने तक पका लें। फिर स्लो फ्लेम पर 5 मिनट और पकाएं। ठंडा होने के बाद इन्हें अच्छे से मैश कर लें।

दूसरा स्टेप:
एक पैन में दूध को उबालने के लिए रखें और उसे गाढ़ा होने तक पकाएं। इसी बीच केसर के धागों को थोड़े दूध में भिगोकर रख दें।

तीसरा स्टेप:
अब गाढ़े हो रहे दूध में मैश की हुई दाल और चावल डालें। धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं। फिर इसमें मावा और भीगा हुआ केसर डाल दें। (अगर मावा न हो तो मिल्क पाउडर या ज्यादा दूध को गाढ़ा करके भी इस्तेमाल किया जा सकता है।)

चौथा स्टेप:
जब दूध अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए तो उसमें चीनी और इलायची पाउडर डालें। कुछ देर और पकाकर गैस बंद कर दें।

गार्निशिंग:
तैयार खीर को प्याले में निकालकर बादाम, काजू और पिस्ता से सजाएं। ठंडा करने के लिए फ्रिज में रखें और फिर मेहमानों को सर्व करें।

???? यकीन मानिए, इस अनोखी दाल-चावल की खीर मकुटी के स्वाद के आगे गुलाब जामुन और रसगुल्ले भी फीके लग जाएंगे।

continue reading
मेहमानों के सामने मिठाई हुई फेल, दाल-चावल से बनेगी ऐसी खीर कि सब करेंगे तारीफ!
दही में मिलाएं ये 3 चीजें और Vitamin B12 की कमी होगी दूर – रिज़ल्ट देख चौंक जाएंगे!

दही में मिलाएं ये 3 चीजें और Vitamin B12 की कमी होगी दूर – रिज़ल्ट देख चौंक जाएंगे!

Anita nishad 03-Sep-2025 19

 Vitamin B12 Deficiency आजकल बहुत आम हो गई है, खासकर शाकाहारियों में। इसकी कमी से शरीर में थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और यहां तक कि न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि रोज़ाना के आहार में छोटे-छोटे बदलाव करके आप इसे दूर कर सकते हैं।


⚠️ Vitamin B12 की कमी के लक्षण

  • लगातार थकान और कमज़ोरी

  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

  • मूड स्विंग्स और डिप्रेशन

  • त्वचा पीली पड़ना, बाल झड़ना

  • हाथ-पैरों में झुनझुनी

अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है।


???? दही + 3 सुपरफूड्स = B12 का पावरबूस्टर

1. दही + अलसी के बीज

  • दही प्रोबायोटिक है और अलसी (Flaxseeds) में ओमेगा-3 व फाइबर भरपूर।

  • रोज़ एक कटोरी दही में 1 चम्मच अलसी डालकर खाएं।
    ???? यह संयोजन Vitamin B12 Deficiency को काफी हद तक कम कर सकता है।


2. दही + कद्दू के बीज

  • कद्दू के बीज आयरन, मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर।

  • रोस्टेड बीज दही में डालकर नाश्ते में खाएं।
    ???? धीरे-धीरे शरीर में B12 का लेवल बढ़ता है और ऊर्जा मिलती है।


3. दही + जीरा

  • पाचन सुधारने के साथ-साथ Vitamin B12 Absorption बढ़ाता है।

  • 1 चम्मच पिसा हुआ जीरा दही में मिलाकर खाने से आलस और थकान कम होती है।


???? आयुर्वेदिक नजरिया

  • अश्वगंधा: तनाव कम और पाचन दुरुस्त।

  • मोरिंगा (सहजन पत्ता): विटामिन B समूह से भरपूर।

  • त्रिफला: आंतों को स्वस्थ रखकर विटामिन्स का अवशोषण बेहतर करता है।


???? क्या कहते हैं विशेषज्ञ और रिसर्च?

  • डॉ. विवेक त्रिपाठी (आयुर्वेदाचार्य, दिल्ली):
    “शाकाहारी लोग दही, छाछ, अंकुरित अनाज और बीजों का सेवन करें तो धीरे-धीरे B12 की कमी से बच सकते हैं।”

  • ICMR रिपोर्ट: 70% भारतीय शाकाहारी Vitamin B12 की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन दही और बीज इसे पूरा करने में मददगार हैं।


✅ क्या खाएं और क्या न खाएं

जरूर खाएं:

  • दही, छाछ, पनीर

  • अलसी, कद्दू और सूरजमुखी के बीज

  • डॉक्टर की सलाह से B12 सप्लिमेंट

बचें:

  • प्रोसेस्ड फूड

  • ज्यादा चीनी और सोडा ड्रिंक्स



Vitamin B12 Deficiency कोई असाध्य रोग नहीं है। दही में सही चीजें मिलाकर इसे आसानी से दूर किया जा सकता है। बस रोज़ाना एक कटोरी दही में अलसी, कद्दू के बीज या जीरा डालकर खाना शुरू कीजिए और कुछ ही हफ्तों में फर्क महसूस कीजिए।

continue reading
जरूरत से ज्यादा आती है नींद और शरीर में आलस? हो सकता है इन बीमारियों का संकेत

जरूरत से ज्यादा आती है नींद और शरीर में आलस? हो सकता है इन बीमारियों का संकेत

Anita nishad 03-Sep-2025 13

 कभी-कभी थकान या नींद ज्यादा आना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको रोज़ाना 7–8 घंटे की नींद लेने के बाद भी दिनभर नींद और आलस बना रहता है, तो इसे हल्के में न लें। यह स्थिति हाइपरसोम्निया (Hypersomnia) कहलाती है, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है।


???? हाइपरसोम्निया क्या है?

हाइपरसोम्निया में व्यक्ति रात में पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिन में सुस्ती, थकान और बार-बार नींद महसूस करता है। यह सिर्फ लाइफ़स्टाइल की गड़बड़ी नहीं, बल्कि अंदरूनी बीमारी की वजह भी हो सकता है।


⚠️ जरूरत से ज्यादा नींद आने के संभावित कारण

1. स्लीप एपनिया

  • सोते समय कुछ सेकंड तक सांस रुक जाती है या धीमी हो जाती है।

  • दिमाग को ऑक्सीजन कम मिलती है।

  • नींद बार-बार टूटती है और दिनभर थकान रहती है।


2. थायरॉयड की समस्या (Hypothyroidism)

  • थायरॉयड ग्रंथि के अंडरएक्टिव होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।

  • ऊर्जा उत्पादन कम होता है, जिससे सुस्ती और नींद ज्यादा आती है।

  • लक्षण: वजन बढ़ना, थकान, ठंड अधिक लगना।


3. पोषण की कमी

  • आयरन, विटामिन B12 और अन्य पोषक तत्वों की कमी से शरीर में कमजोरी आती है।

  • इससे भी लगातार नींद और आलस महसूस हो सकता है।


4. अवसाद (Depression)

  • डिप्रेशन में नींद समस्याओं से बचने का जरिया बन जाती है।

  • व्यक्ति सामान्य से कहीं ज्यादा सोता है।


???? कब करें डॉक्टर से संपर्क?

अगर आपको लगातार:

  • 7–8 घंटे की नींद के बाद भी दिनभर नींद आती है

  • थकान और आलस बना रहता है

  • वजन बढ़ना, मूड खराब रहना या सांस रुकने जैसी समस्या हो

???? तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।


✅ बचाव और उपाय

  • नियमित व्यायाम और योग करें

  • संतुलित आहार लें (आयरन, विटामिन B12 युक्त भोजन)

  • स्लीप रूटीन को ठीक रखें (सोने-जागने का समय तय करें)

  • तनाव कम करने की कोशिश करें


जरूरत से ज्यादा नींद आना हमेशा सामान्य नहीं होता। यह स्लीप एपनिया, थायरॉयड, डिप्रेशन या पोषण की कमी जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। समय रहते सही जांच और इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

continue reading
पापा मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा

पापा मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा

रायपुर, 02 सितंबर 2025/ बीजापुर जिले भोपालपटनम ब्लॉक के वरदली गांव की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय शांभवी गुरला की मासूम आंखों में एक ही सवाल था— “पापा, मुझे क्या हुआ है, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?”
खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले उसके पिता इस सवाल पर अक्सर चुप हो जाते थे। तीन महीने पहले जिला अस्पताल बीजापुर में जब डॉक्टरों ने बताया कि शांभवी को रियूमेटिक हार्ट डिजीज (RHD) है, तो पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने रायपुर में इलाज कराने की बात कही, लेकिन परिवार को लगा कि रायपुर में इलाज में तो बहुत ज्यादा खर्च लगता होगा, ये सोच कर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं।
घर में हर रोज यही चर्चा होती—“अब क्या होगा? हम अपनी बेटी का इलाज कैसे कराएंगे?” मां रोती और शांभवी को सीने से लगाकर कहती—“बेटा, सब ठीक होगा।” लेकिन उसके पिता की आंखों में चिंता साफ झलकती थी। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाई और बेटी को लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची से मुलाकात की और तुरंत ही रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में डॉ. स्मित श्रीवास्तव से बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज तुरंत शुरू किया जाए। खर्च की चिंता मत करें, सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।”
 
स्वास्थ्य मंत्री की यह बात सुनते ही शांभवी की मां की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा— “मंत्री जी, आप हमारी बेटी को नया जीवन दे रहे हैं। आप हमारे लिए किसी डाक्टर से कम नहीं।” स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शांभवी को इलाज के लिए एसीआई रायपुर में लाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच करेगी और उसका इलाज शुरू करेगी। गौरतलब है कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर एक गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है।
 
अब माता पिता के चेहरे पर खुशी के भाव देखकर आज शांभवी भी मुस्कुरा रही है और पिता से बार-बार पूछती है— “पापा, मैं जल्दी खेल पाऊंगी ना?” और इस बार पिता की आंखों में आंसू नहीं, बल्कि उम्मीद की चमक है।
continue reading
70` की उम्र 0 बीमारी! ये 2 बॉलीवुड स्टार्स फिट रहने के लिए रोज़ पीते हैं अपना यूरिन राज जानकर उड़ जाएंगे होश

70` की उम्र 0 बीमारी! ये 2 बॉलीवुड स्टार्स फिट रहने के लिए रोज़ पीते हैं अपना यूरिन राज जानकर उड़ जाएंगे होश

Anita nishad 02-Sep-2025 42

 Bollywood stars: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने अपना पेशाब पी लिया था। जिसके बाद से वह सुर्खियों में हैं. परेश रावल वैसे भी अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं.

परेश रावल के पेशाब पीने वाले बयान से जहां हर कोई हैरान था, वहीं एक अभिनेत्री ने खुलासा किया है कि वह भी अपना पेशाब पी चुकी हैं.

इस अभिनेत्री ने पेशाब पीने के फायदे भी बताए हैं. इस बीच, आइए जानें कि वो कौन से 2 बॉलीवुड सितारे (Bollywood stars) हैं जो फिट रहने के लिए हर दिन अपना पेशाब पीते हैं?

इस स्टार भी पिया है यूरिन

जिस बॉलीवुड सितारे (Bollywood stars) ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है, वह कोई और नहीं बल्कि आशिकी गर्ल अनु अग्रवाल हैं. अनु ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि उन्होंने भी परेश रावल की तरह अपना पेशाब पिया है. इंस्टेंट बॉलीवुड को दिए एक इंटरव्यू में अनु अग्रवाल ने इस बात का खुलासा किया है.

जब अनु से परेश रावल के पेशाब पीने के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने भी अपना पेशाब पिया है. अनु ने कहा- बहुत से लोग यह बात नहीं जानते। ये जागरूकता की कमी है, लेकिन मूत्र पीने को अमरोली कहते हैं. ये हठ योग का एक आसन है, जो मध्य भाग है, उसे अमृत माना जाता है.

यूरिन पीने के फायदे

अनु ने आगे कहा- मैंने खुद इसे पिया है. हम सबने इसे आज़माया है। यह एक बहुत ज़रूरी अभ्यास है. लेकिन एक बात याद रखनी है. आप पेशाब की पूरी धार नहीं पीते. आपको बस एक हिस्सा पीना है. बीच का हिस्सा अमृत माना जाता है. यह त्वचा को झुर्रियों से दूर रखता है. यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. मैंने खुद इसका अनुभव किया है.

बता दें कि बॉलीवुड सितारे (Bollywood stars) परेश रावल ने द लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि वीरू देवगन ने उन्हें रोज़ सुबह अपना पेशाब पीने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि सभी फाइटर्स ऐसा करते हैं। इसके बाद परेश रावल ने 15 दिनों तक रोज़ाना अपना पेशाब पिया।

हानिकारक क्यों है यूरिन ?

डॉक्टरों के अनुसार, कई चीज़ें शरीर से इसलिए बाहर निकल जाती हैं क्योंकि उनकी ज़रूरत नहीं होती, जैसे पसीना, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और पेशाब. इन्हें वापस अंदर लेना, कार की एग्ज़ॉस्ट गैस को वापस इंजन में डालने जैसा है, यानी खुद को नुकसान पहुँचाना.

continue reading
दवा की झंझट ही खत्म, 40 दिनों में शुगर खत्म करेगा राजस्थानी वैद्य का देसी नुस्खा, नाभि पर रखें आयुर्वेदिक पाउडर ।

दवा की झंझट ही खत्म, 40 दिनों में शुगर खत्म करेगा राजस्थानी वैद्य का देसी नुस्खा, नाभि पर रखें आयुर्वेदिक पाउडर ।

Anita nishad 26-Aug-2025 104

 डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर एक ऐसा रोग है जो आदमी को घुन की तरह अंदर ही अंदर खा जाता है। हिन्दुस्तान में आजकल लगभग 50 फीसदी आबादी डायबिटीज से पीड़ित है। डायबिटीज का कोई परमानेंट इलाज नहीं है लेकिन ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कई दवाएं मौजूद हैं।

​डायबिटीज का घरेलू इलाज क्या है? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि डायबिटीज को हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ-साथ कुछ आसान घरेलू उपायों के जरिए भी कंट्रोल किया जा सकता है। राजस्थान के फेमस वैद्य जगदीश सुमन आपको हाई ब्लड शुगर कंट्रोल करने का एक आसान देसी नुस्खा बता रहे हैं। साथ ही उन्होंने गारंटी दी है कि 40 दिनों के अंदर शुगर खत्म हो जाएगा।

आपको क्या-क्या चीजें चाहिए
तुंबा फल (एक ऐसा फल जो बारिश के दिनों रेत के टीलों में अपने आप उग जाता है)

सौंठ
कैसे तैयार करें डायबिटीज का देसी दवा
वैद्य ने बताया कि तुंबा फल और सौंठ को बराबर मात्रा में लें
इन दोनों को मिक्सी में पीसकर बारीक पाउडर बना लें

डायबिटीज का आयुर्वेदिक इलाज​

कैसे करें इस्तेमाल
तीन चुटकी पाउडर को हथेली पर रखें और इसमें कुछ बूंद पानी डालें
इसे घोलकर पेस्ट की तरह बना लें
इस पेस्ट को अपनी नाभि पर लगाएं
आप इसे किसी भी समय नाभि पर लगा सकते हैं
इसे कम से कम 8-10 घंटे नाभि पर लगाकर रखें
इसके लिए आप टेप का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि वो जगह से हटे नहीं

तुंबा फल क्या है और इसके क्या गुण है

तुंबा फल को वैज्ञानिक रूप से Citrullus colocynthis से जाना जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर यह कड़वा फल इंद्रायण या विषलुंबा के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाए जाने वाले इस फल का पारंपरिक चिकित्सा में इसका उपयोग किया जाता है। NIH पर प्रकाशित एक अध्ययन (Ref) के अनुसार, 2 महीने तक प्रतिदिन एक बार 125 मिलीग्राम तुंबा फल के प्रयोग से टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों में HbA1c और FBS के औसत लेवल में बिना किसी दुष्प्रभाव के कमी आ सकती है।

सौंठ क्या है और इसके गुण



सौंठ सूखी अदरक का पाउडर होता है, जिसे अदरक को सुखाकर और पीसकर बनाया जाता है। यह भारतीय रसोई और आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक अध्ययन के अनुसार, अदरक में एंटी डायबिटिक गुण होते हैं। यह टाइप 2 डायबिटीज रोगियों में हाइपरइंसुलिनमिया को कंट्रोल करने में सक्षम है।

continue reading
रोज सुबह खाली पेट गुड़ के साथ खाएं ये सफेद चीज, मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे

रोज सुबह खाली पेट गुड़ के साथ खाएं ये सफेद चीज, मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे

Anita nishad 26-Aug-2025 14

 स्वास्थ्य को लेकर लोगों की जागरूकता दिन-ब-दिन बढ़ रही है। खासकर सुबह के नाश्ते और खाली पेट खाने की आदतों को लेकर कई तरह की सलाह मिलती हैं। इसके बीच गुड़ के साथ अगर आप एक खास सफेद चीज का सेवन करें तो सेहत पर इसके जबरदस्त फायदे होते हैं।

आज हम बात करेंगे 'सफेद चीज' यानी सादा घी की, जिसे गुड़ के साथ खाने पर आपके स्वास्थ्य को अनेक लाभ मिल सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि रोज सुबह खाली पेट गुड़ और घी का सेवन शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है।

1. पाचन शक्ति बढ़ाए

गुड़ और घी का संयोजन पाचन तंत्र को मजबूत करता है। गुड़ में प्राकृतिक तत्व होते हैं जो पेट की गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं।
घी पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और आंतों को साफ रखता है। इससे पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं और खाना आसानी से पचता है।

2. ऊर्जा का भंडार बढ़ाए

खाली पेट गुड़ और घी खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। गुड़ में कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, वहीं घी में स्वस्थ वसा होती है जो लंबे समय तक शरीर को ताकत देती है।
यह संयोजन आपको दिनभर सक्रिय और तरोताजा रखता है।

3. हृदय स्वास्थ्य में सुधार

घी और गुड़ दोनों ही हृदय के लिए लाभकारी माने जाते हैं अगर सही मात्रा में सेवन किया जाए। घी में वसा तो होती है, लेकिन यह ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड्स से भरपूर होता है, जो हृदय को स्वस्थ रखते हैं।
गुड़ रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाता है और खून साफ करने में मदद करता है। इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है।

4. त्वचा को करे निखार

रोजाना गुड़ और घी खाने से त्वचा में निखार आता है। घी में मौजूद विटामिन A और E त्वचा को मॉइस्चराइज करते हैं और उसे मुलायम बनाते हैं।
गुड़ के एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में सहायक होते हैं। इससे उम्र के असर कम नजर आते हैं।

5. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए

गुड़ और घी में मौजूद पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे सर्दी, जुकाम, और अन्य संक्रमणों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
खासकर बदलते मौसम में यह संयोजन शरीर को मजबूत बनाए रखता है।

कैसे करें सेवन?

सुबह उठते ही एक चम्मच घी और एक चम्मच गुड़ लेकर इसे मिक्स करके खाएं। ध्यान रखें कि गुड़ और घी दोनों ताजा और शुद्ध होने चाहिए।
इसका सेवन नियमित रूप से करें लेकिन मात्रा में संयम बरतें क्योंकि अधिक मात्रा में सेवन से वजन बढ़ने या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों की राय

आयुर्वेद विशेषज्ञ, कहती हैं-
"गुड़ और घी का संयोजन आयुर्वेद में 'पोषण का स्रोत' माना जाता है। यह शरीर को ऊर्जा देता है, पाचन सुधारता है और हृदय की सेहत को बेहतर बनाता है। सुबह खाली पेट इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।"

continue reading
HEALTH: खत्म हो गई है आपके घुटनों की ग्रीस? बाबा रामदेव ने बताया ऐसा आयुर्वेदिक नुस्खा, जिससे फिर दौड़ेंगे आप!

HEALTH: खत्म हो गई है आपके घुटनों की ग्रीस? बाबा रामदेव ने बताया ऐसा आयुर्वेदिक नुस्खा, जिससे फिर दौड़ेंगे आप!

Anita nishad 25-Aug-2025 71

 HEALTH:घुटनों का दर्द आज सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रही। अब तो 40 साल की उम्र के बाद भी कई लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं, जिनका कहना है कि उनकी घुटनों की ‘ग्रीस’ खत्म हो गई है और चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया है। अधिकतर लोग न तो समय रहते इलाज कर पाते हैं, न ही सही दिशा में कदम उठाते हैं।

लेकिन अब इस समस्या का इलाज है बाबा रामदेव के आयुर्वेदिक नुस्खों में। बाबा रामदेव ने बताया कि कैसे कार्टिलेज रिपेयर हो सकता है और दो से नौ महीनों में घुटनों को नए जैसा बनाया जा सकता है।

HEALTH:क्या कारण हैं घुटनों के दर्द के?

  • यूरिक एसिड, सीआरपी, एएनए, ईएसआर, एएसओ जैसी चीजें

  • अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत तरीके से पानी पीना

  • वजन बढ़ना और ऑक्सीजन की कमी

HEALTH: बाबा रामदेव का आयुर्वेदिक इलाज

  • सुबह एक चम्मच गाय का घीवर्जिन कोकोनट ऑयल या तिल का तेल लेना

  • रात को मेथी दाना भिगोकर सुबह उसका पानी पीना

  • अश्वगंधा और शतावरी का सेवन

  • प्राणायाम – विशेषकर भस्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम

  • नियमित योगासन और स्ट्रेचिंग

HEALTH:और क्या करें?

  • रोजाना धूप में निकलकर विटामिन डी लें

     

  • हरी पत्तेदार सब्जियां और प्रोटीन युक्त आहार अपनाएं

  • वजन नियंत्रित रखें

बाबा रामदेव के अनुसार, स्वस्थ जीवनशैली और आयुर्वेदिक उपचार से बिना ऑपरेशन के भी घुटनों की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

continue reading
5 काजू रोज रात को… 6 दिन में जो होगा, वो जानकर आप भी शुरू कर देंगे ये आदत!!

5 काजू रोज रात को… 6 दिन में जो होगा, वो जानकर आप भी शुरू कर देंगे ये आदत!!

Anita nishad 23-Aug-2025 149

 काजू के छिलके के अन्दर ही काजू होता है। काजू कोमल, सफेद और स्वादिष्ट होता है। काजू खाकर पानी पीने से भूख मिट जाती है लेकिन अधिक मात्रा में खाने से पेट में दर्द हो जाता है।काजू के पके फल खाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और सूखे बीजों को चीनी के पाक में मिलाकर मिठाई बनाई जाती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार काजू के बीज और उसके तेल में प्रोटीन और विटामिन ´बी` अधिक मात्रा में पाया जाता है और इसका प्रोटीन शरीर में बहुत जल्दी पच जाता है।

काजू का इस्तेमाल मिठाई और सब्जी की ग्रेवी को स्वादिष्ट बनाने के लिए खूब किया जाता है. काजू से बनी बर्फी को ज्यादातर लोग बहुत पसंद करते हैं। स्वाद के साथ ही यह सूखा मेवा सेहत को स्वस्थ रखने में भी खूब उपयोगी है।

काजू में बहुत सारे विटामिन और पोषक तत्व होते हैं, लेकिन उनमें बहुत अधिक वसा होता है। अच्छी खबर यह है कि इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा होता हैं।

जब काजू को कम मात्रा में खाया जाता है तो हृदय रोग में सुधार हो सकता है और साथ ही स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है। काजू में विटामिन ई होता है और विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

इसमें विटामिन ई, के,बी-6, तांबा, फास्फोरस, जिंक, आयरन, और सेलेनियम जैसे खनिज भी है, जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं। काजू को आप सीधे खा सकते है लेकिन आपको इसके सभी गुणो का फ़ायदा उठाना है तो सुबह पानी में 5-10 काजू भिगो दे और रात को सोते वक़्त उसका सेवन करे या फिर रात को भिगो कर रख दे और सुबह इनका सेवन करे।

चाहे कैसा भी ड्राई फ़्रूट हो उनको भिगो कर ही खाना चाहिए क्यूँकि हमारी पाचन शक्ति इतनी ज़्यादा नही होती की ड्राई फ़्रूट्स को सूखा पचा सके, इसलिए ड्राई फ़्रूट्स को भिगो कर खाने की सलाह दी जाती है। अगर आप को इसके फ़ायदों को महसुस करना है तो आप इसे लगातार 6 दिनो तक सेवन करे। आइए जानते है All Ayurvedic के माध्यम से इसके फ़ायदों के बारे में….

अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखें और हमारा YOUTUBE CHANNEL SUBSCRIBE करे।

दिल दिमाग : अनुसंधान से पता चलता है कि काजू खाने से हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता हैं। यह रक्तचाप और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। काजू स्वाभाविक रूप से कोलेस्ट्रॉल मुक्त होता हैं और पोटेशियम जैसे अन्य विटामिन हृदय रोग से लड़ने में भी मदद करते हैं। रिसर्च में पाया गया है की काजू हृदय को स्वस्थ बनाये रखने में बड़ा ही अहम योगदान देता है।

रक्त स्वास्थ्य : काजू में कॉपर और आयरन लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने का काम करता हैं, साथ ही रक्त वाहिकाओं, तंत्रिकाओं, प्रतिरक्षा प्रणाली, और हड्डियों को स्वस्थ रखने का कार्य करता हैं।

नेत्र स्वास्थ्य : हम सब जानते है कि गाजर आपकी आंखों के लिए अच्छा होता है, लेकिन यह जानकार आपको आश्चर्य होगा कि काजू में ल्यूसिन और ज़ेकैक्टीन होते हैं, जो नियमित रूप से एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता हैं। ये यौगिक आंखों को क्षति से बचाता है।

वजन घटना : शोध के अनुसार, एक दिन में दो काजू खाने से हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर से बचा जा सकता है। काजू में पाए जाने वाला पॉलीअनसैचुरेटेड वसा आपके वजन को संतुलित रखता है। काजू खाने से आपका वज़न नियंत्रण में रहता है, परन्तु इस बात का भी ध्यान रहे की इसे जरूरत से ज़्यादा खाने से वेट गेन हो सकता है।

पौरुष शक्ति : काजू खाने से धा-तु पुष्ट होती है। जो व्यक्ति इसका नियमित सेवन करता है उसकी पौरुष शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।

हड्डियों को मजबूत रखता है : काजू में प्रोटीन बहुत अधिक मात्र में पाई जाती है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है।

मधुमेह : हाल ही में रिसर्च के मुताबिक काजू के लगातार इउपयोग करने से मधुमेह का खतरा कम होता है और अगर आपको पहले से मधुमेह है तो उसको बढ़ने से रोकता है।

दाँत : काजू दाँतों और मसूड़ो को स्वस्थ रखता है। इसके लगातार इस्तेमाल से दातों को मजबूती मिलती है। इसमें उपलब्ध रसायन दातों को कमज़ोर होने से बचाता है।

कैंसर : काजू में पाये जाने वाले पोषक पदार्थ और रसायन कैंसर से लड़ने में कारगर साबित होते है।

दिमाग की कमजोरी : सर्दियों के मौसम में सुबह के समय रोज खाली पेट 20 ग्राम काजू खाकर ऊपर से शहद चाटने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

त्वचा बनती है चमकदार : काजू खाने से त्वचा का ग्लो करने लगती है और रंगत भी निखर जाती है. सौंदर्य बढ़ाने के लिए अक्सर ही घरेलू नुस्खों में इसका उपयोग किया जाता रहा है।

याद्दाशत होती है तेज : काजू विटामिन-बी का खजाना है. भूखे पेट काजू खाकर शहद खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है. काजू खाने से यूरिक एसिड बनना बंद हो जाता है और इसके सेवन से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।

पाचन शक्ति को बनता है मजबूत : काजू में एंटी ऑक्सीडेंट पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के साथ ही वजन भी संतुलित रखता है।

शरीर में एनर्जी बनाएं रखता है : काजू को ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना जाता है. इसे खाने से सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचता लेकिन इसे ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए. अगर आपका मूड बेमतलब ही खराब हो जाता है तो 2-3 काजू खाने से आपको इस समस्या में आराम मिल सकता है।

कोलेस्ट्रॉल करता है कंट्रोल : काजू कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है. इसमें प्रोटीन अधिक होता है और यह जल्दी पच जाता है. काजू आयरन का अच्छा स्त्रोत माना जाता है इसलिए खून की कमी को दूर करने के लिए आप इसे खा सकते हैं।

पौरुष शक्ति : काजू खाने से धातु पुष्ट होती है। जो व्यक्ति इसका नियमित सेवन करता है उसकी पौरुष शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।

हाथ-पैर फटना : काजू का तेल हाथ-पैरों की त्वचा पर लगाने से त्वचा नहीं फटती है। इसके तेल का प्रयोग एड़ियां फटने पर भी किया जाता है। मस्सों पर इसका तेल लगाने से मस्से सूखकर नष्ट होते हैं।

हड्डियों को मजबूत रखता है – काजू में प्रोटीन बहुत अधिक मात्र में पाई जाती है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है।

सफेद दाग : रोजाना काजू खाने से श्वेत कुष्ठ (सफेद दाग) समाप्त हो जाता है।
आवश्यक सावधानी

काजू गर्म होता है। अत: इसका प्रयोग द्राक्ष, चीनी या शहद के साथ करना चाहिए। काजू का सेवन अधिक मात्रा में करने से नाक से खून आ सकता है

continue reading
सुबह खाली पेट लहसुन खाइए… तीसरा फायदा जानकर आप भी अभी से शुरू कर देंगे!”

सुबह खाली पेट लहसुन खाइए… तीसरा फायदा जानकर आप भी अभी से शुरू कर देंगे!”

Anita nishad 21-Aug-2025 128

 

 

 खाली पेट सिर्फ़ एक कली लहसुन खाने से होते हैं ये 8 चमत्कारी फायदे — तीसरा असर आपको चौंका देगा!



नई दिल्ली:
अक्सर हम लहसुन को सिर्फ़ खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इसे मानते हैं एक प्राकृतिक औषधि। खासतौर पर सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर को जो फायदे मिलते हैं, वे किसी चमत्कार से कम नहीं।

डायजेशन, दिल की सेहत, इम्यूनिटी और यहां तक कि दिमाग की नसों तक — लहसुन अपने एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए मशहूर है।


???? रोज़ सुबह खाली पेट लहसुन खाने के 8 जबरदस्त फायदे:

  1. ✅ दांत दर्द से राहत:
    लहसुन में मौजूद दर्दनिवारक और एंटीबैक्टीरियल तत्व दांत के दर्द में राहत पहुंचाते हैं।

  2. ❤️ हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है:
    यह रक्त संचार को नियमित करता है और दिल की बीमारियों से बचाता है।

  3. ???? नसों की झनझनाहट से छुटकारा:
    रिसर्च बताती है कि लहसुन नसों की सूजन और झनझनाहट को शांत करता है। (यही है वो चौंकाने वाला फायदा!)

  4. ???? पेट के टॉक्सिन्स को साफ करता है:
    विषैले तत्वों को बाहर निकालकर पेट को हल्का और हेल्दी बनाता है।

  5. ???? कोलेस्ट्रॉल को घटाता है:
    रोज़ाना खाली पेट लहसुन खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होता है।

  6. ????️ भूख बढ़ाता है और पाचन सुधारता है:
    जिन लोगों को भूख कम लगती है, उनके लिए लहसुन रामबाण है।

  7. ???? श्वसन तंत्र मजबूत करता है:
    अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, कफ, निमोनिया जैसी दिक्कतों से राहत देता है।

  8. ❤️‍???? दिल को लचीला और मजबूत बनाता है:
    धमनियों को कठोर होने से बचाता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा घटता है।


???? सावधानी:

  • लहसुन गर्म तासीर का होता है, इसलिए सीमित मात्रा (1–2 कली) में ही सेवन करें।

  • किसी विशेष बीमारी या दवा चल रही हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

continue reading
dpboss