CG Samachar
CG Samachar
Breaking News
युवा संगम चरण VI के तहत छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली के लिए रवाना यह कार्यक्रम पांच स्तंभों पर आधारित है पर्यटन परंपरा प्रगति प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क  |   योग के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन की पहल एनआईटी रायपुर में 21 दिवसीय योग प्रोटोकॉल अभ्यास सत्र आयोजित  |   भिलाई इस्पात संयंत्र में अत्याधुनिक एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल लैब का शुभारंभ तकनीकी दक्षता बढ़ाने फर्स्ट पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित  |   अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 बहुभाषी विवरण पुस्तिका आम लोगों के लिए अब उपलब्ध  |   मनेन्द्रगढ़ में जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन  |   नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर में एक्लेक्टिका 2026 का शुभारंभ  |   केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने त्रिपुरा में BSF की लंकामूरा सीमा चौकी का निरीक्षण किया सीमा प्रहरियों से संवाद कर बढ़ाया जवानों का हौसला  |   सेहत के मोर्चे पर छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, संस्थागत प्रसव में राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा ​NFHS-6 की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा  |   शासकीय छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर में प्रिज्म इंस्टिट्यूट भिलाई एवं लक्ष्य फाउंडेशन बेंगलुरु के संयुक्त तत्वाधान में विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन 23 मार्च 2026 को आयोजित किया गया  |   नेपाल का ‘रक्त-चरित्र’: हथियारों से लैस प्रदर्शनकारी, जलते नेताओं के घर, बंद हुआ काठमांडू एयरपोर्ट, जानें ताज़ा अपडेट  |   जगद्गुरु के अपमान के विरोध में सनातनियों का फूटा आक्रोश, फूंका चरणदास महंत का पुतला चिरमिरी में श्रीराम कथा आयोजन समिति का जोरदार प्रदर्शन  |   स्कूल का चोरी हुआ सबमर्सिबल पंप बरामद, सोनहत पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार  |   मनरेगा कार्यों में तेजी: कलेक्टर ने 15 जून तक जल संरक्षण के कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश   |   पितृ पक्ष में भूलकर भी ना करें इन 6 चीज़ों का दान… वरना पितर हो जाएंगे नाराज़ और शुरू हो जाएंगी मुश्किलें!  |  

स्वास्थ

8th Pay Commission: पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले! 30 हज़ार से बढ़कर 75 हज़ार हो सकती है पेंशन, जानें कब मिलेगा फायदा

8th Pay Commission: पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले! 30 हज़ार से बढ़कर 75 हज़ार हो सकती है पेंशन, जानें कब मिलेगा फायदा

Anita nishad 10-Sep-2025 46

 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से कर्मचारी और पेंशनभोगी इसकी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी वक्त लगेगा और इन्हें 2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत तक लागू किया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी।

8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को बड़ा फायदा

हर 10 साल पर बनने वाले वेतन आयोग का सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ता है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हैं, जो 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुई थीं। अब उम्मीद है कि 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएंगी।

सबसे बड़ा फायदा पेंशनर्स को होगा। वर्तमान में 30,000 रुपये पेंशन पाने वाले व्यक्ति की पेंशन फिटमेंट फैक्टर बढ़ने पर 75,000 रुपये तक जा सकती है। इसी तरह न्यूनतम पेंशन, जो फिलहाल 9,000 रुपये है, वह बढ़कर 22,500 से 25,000 रुपये तक हो सकती है। अनुमान है कि इस बार वेतन और पेंशन में औसतन 25-30% तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

फिटमेंट फैक्टर पर टिकी निगाहें

वेतन आयोग का सबसे अहम हिस्सा होता है फिटमेंट फैक्टर, जो एक मल्टीप्लायर की तरह काम करता है। इसी के आधार पर वेतन और पेंशन तय होती है। यदि यह फैक्टर 2.5 रखा गया, तो पेंशन और सैलरी दोनों में भारी बढ़ोतरी होगी।

प्रक्रिया में हो रही देरी

हालांकि राहत की खबर यह है कि सरकार ने 2025 में आयोग बनाने की घोषणा कर दी थी। लेकिन अब तक इसका टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR), यानी आयोग का कामकाज तय करने वाले नियम और चेयरपर्सन-सदस्यों के नाम तक तय नहीं हुए हैं। यही वजह है कि पूरी प्रक्रिया में देरी हो रही है।

वित्त मंत्रालय का बयान

हाल ही में वित्त मंत्रालय के राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार को आयोग को लेकर कई अहम सुझाव मिले हैं। जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग तय समयसीमा के भीतर ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

2028 से पहले लागू होना मुश्किल

रिपोर्ट्स के अनुसार, भले ही सरकार प्रक्रिया को तेज कर दे, लेकिन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2028 की शुरुआत से पहले लागू होना मुश्किल है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि इसकी टाइमलाइन बिल्कुल 7वें वेतन आयोग जैसी हो, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स में उत्सुकता

महंगाई और बढ़ते खर्चों के बीच सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब सिर्फ 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। यदि आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं, तो वेतन और पेंशन दोनों में बड़ा इजाफा होगा, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।

continue reading
कैंसर मरीजों के लिए वरदान हैं ये खास अंडे... पति-पत्नी का अनोखा प्रयोग, अब लाखों लोगों तक पहुंचा रहे हैं हेल्दी डाइट

कैंसर मरीजों के लिए वरदान हैं ये खास अंडे... पति-पत्नी का अनोखा प्रयोग, अब लाखों लोगों तक पहुंचा रहे हैं हेल्दी डाइट

Anita nishad 10-Sep-2025 19

 भोपाल के आदित्य गुप्ता और उनकी पत्नी दिशा गुप्ता की कहानी बिल्कुल अलग और प्रेरणादायक है। दोनों ने पोल्ट्री फार्मिंग को एक नई दिशा दी है और इसे सिर्फ मांस व अंडों के कारोबार तक सीमित न रखकर सेहत और पोषण से जोड़ दिया है।

 
 
कैंसर ने बदल दी सोच
 
आदित्य गुप्ता कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर चुके हैं। पढ़ाई के बाद वे सामान्य करियर चुन सकते थे, लेकिन साल 2018 में कैंसर होने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। इलाज के दौरान उन्हें आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों से नई ऊर्जा मिली। तभी उन्होंने ठान लिया कि अब उनका जीवन उद्देश्य लोगों तक पोषण पहुंचाना होगा।
 
जड़ी-बूटियों से बना यूनिक फीड
 
आदित्य ने पोल्ट्री फार्मिंग में बड़ा प्रयोग किया। उन्होंने करीब 200 औषधीय पौधों से एक खास फॉर्मूला तैयार किया और इसे मुर्गियों की फीड में शामिल किया। इस फीड से मिलने वाले अंडे खास हैं, इनमें कोलेस्ट्रॉल और फैट कम होता है, जबकि ओमेगा-5 और ओमेगा-7 जैसे दुर्लभ फैटी एसिड पाए जाते हैं। यही वजह है कि ये अंडे उन लोगों के लिए भी सुरक्षित हैं जिन्हें सामान्य अंडों से एलर्जी हो जाती है।
 
दिशा बनीं सबसे बड़ा सहारा
 
जहां आदित्य ने रिसर्च और उत्पादन पर ध्यान दिया, वहीं उनकी पत्नी दिशा ने मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन संभाला। कोरोना लॉकडाउन के समय जब स्टाफ नहीं मिल रहा था, तब यह दंपति खुद अस्पतालों और डॉक्टरों तक अंडे पहुंचाने गया। उनका मकसद था कि महामारी के समय भी पौष्टिक अंडे लोगों तक पहुंचते रहें।
 
'अंडा क्रांति' की तैयारी
 
अब आदित्य और दिशा अपने काम को बड़े स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि हर जड़ी-बूटी में औषधीय गुण होते हैं जिन्हें खाने के साथ जोड़ा जा सकता है। वे मानते हैं कि उनके बनाए अंडे मोटापा जैसी बीमारियों से बचाव में मदद कर सकते हैं। आदित्य ओमेगा-7 आधारित चिकित्सा पर भी काम कर रहे हैं, जिससे यह पहल एक 'अंडा क्रांति' का रूप ले सके।
 
क्यों खास है यह कहानी?
 
यह कहानी सिर्फ बिज़नेस की नहीं, बल्कि हिम्मत और नवाचार की भी है। गंभीर बीमारी जैसी चुनौती के बाद हार न मानते हुए आदित्य और दिशा ने इसे अवसर में बदला। उन्होंने अंडों को केवल प्रोटीन का स्रोत न मानकर उन्हें 'औषधीय भोजन' बना दिया। यही वजह है कि उनकी पहल अब लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है।
continue reading
महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से नाराज़ मितानिनों ने आज सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर दिया

महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से नाराज़ मितानिनों ने आज सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर दिया

महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से नाराज़ मितानिनों ने आज सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर दिया।मितानिनों का कहना है कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। आज उस वक़्त हंगामे जैसे हालात बन गए जब प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले 200 से अधिक मितानिन सीएचएमओ कार्यालय पहुंचीं।

उनकी मांग है कि बीते 4 महीनों से रुकी हुई प्रोत्साहन राशि जल्द से जल्द जारी की जाए।देखना होगा कि शासन कब तक इनकी मांगों को सुनता है और इन्हें इनका हक देता है।


 
continue reading
स्वास्थ्य विभाग के NHM कर्मचारियों का आज 23वां दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

स्वास्थ्य विभाग के NHM कर्मचारियों का आज 23वां दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

स्वास्थ्य विभाग के NHM कर्मचारियों का आज 23वां दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है हड़ताली NHM कर्मचारियों का आज अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला है जहाँ सूरजपुर और सरगुजा जिले के NHM कर्मचारियों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए सरगुजा की आराध्य देवी माँ महामाया के चरणों में 200 मीटर लंबी चुनरी लेकर माता को अर्पण करने पंहुचे है ,
साथ ही हड़ताली कर्मचारियों के द्वारा माता रानी से सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना किया गया है ताकि उनकी नियमितीकरण सहित 10 सूत्री मांगों पर सरकार शीघ्र विचार करते हुए मांग पूरी कर सके, 
continue reading
 सुबह उठकर करें ये 5 आसान एक्सरसाइज… शरीर का इंजन कभी नहीं होगा खराब, जानिए कैसे!

सुबह उठकर करें ये 5 आसान एक्सरसाइज… शरीर का इंजन कभी नहीं होगा खराब, जानिए कैसे!

Anita nishad 09-Sep-2025 72

Exercises Tips: रातभर आराम करने के बाद सुबह हमारा शरीर एकदम ढीला और एनर्जी-लेस महसूस करता है। ऐसे में दिन की शुरुआत कुछ आसान व्यायामों से करना आपके शरीर को फिर से रिचार्ज करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। अगर आप हर सुबह कुछ मिनट इन एक्सरसाइज को देंगे, तो आपका शरीर हमेशा फिट रहेगा और बीमारियाँ पास नहीं आएँगी।

???? सुबह उठने के बाद करें स्ट्रेचिंग
बिस्तर से उठते ही हाथ-पाँव हिलाएँ, गर्दन घुमाएँ और कमर को आगे-पीछे झुकाएँ। इससे शरीर एक्टिव हो जाएगा और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा।

अब जानिए वो 5 ज़रूरी एक्सरसाइज, जो हर इंसान को रोज़ करनी चाहिए—

  1. पहला व्यायाम: सीधे खड़े होकर एक हाथ को ऊपर और दूसरा हाथ नीचे पूरी तरह पीछे ले जाएँ। पंजों पर खड़े होकर तेजी से इस प्रक्रिया को दोहराएँ। इससे कंधे, गर्दन और हाथों को आराम मिलेगा।

  2. दूसरा व्यायाम: हाथों को पंख की तरह फैलाकर पूरे गोले में घुमाएँ। इसे थोड़ी गति से लगातार 50 बार करें। इससे पेट मज़बूत होगा और शरीर एनर्जेटिक बनेगा।

  3. तीसरा व्यायाम: दाहिने हाथ को पूरी तरह आगे ले जाते हुए दूसरे हाथ को उसी दिशा में खींचें। इसे दाईं और बाईं ओर बारी-बारी से 50 बार करें। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।

  4. चौथा व्यायाम: पैरों को थोड़ा खोलकर खड़े हों और झुकते हुए क्रॉस टच करें। यानी बाएँ पैर की उंगली को दाएँ हाथ से और दाएँ पैर की उंगली को बाएँ हाथ से छुएँ। इसे 50 बार करें। इससे लिवर डिटॉक्सीफाई होगा और पित्ताशय बेहतर तरीके से काम करेगा।

  5. पाँचवाँ व्यायाम: हाथों को आगे और पीछे ले जाकर ताली बजाएँ। इसे 50 बार दोहराएँ। यह फेफड़ों को मजबूत बनाता है और उनकी क्षमता बढ़ाता है।

  6.  
continue reading
 क्या योग से मिट सकता है माइग्रेन? जानिए वो 3 आसन जो सिरदर्द को जड़ से खत्म करने में कर सकते हैं मदद

क्या योग से मिट सकता है माइग्रेन? जानिए वो 3 आसन जो सिरदर्द को जड़ से खत्म करने में कर सकते हैं मदद

Anita nishad 09-Sep-2025 19

 

Yoga Tips: माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं है, बल्कि इसके साथ मतली, धुंधली नज़र, गंध और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता जैसी परेशानियाँ भी हो सकती हैं। यह समस्या कई घंटों तक रहकर आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दवाओं के बजाय योगासन को दिनचर्या में शामिल करना माइग्रेन से राहत पाने का बेहतर उपाय है।

???? पद्मासन:
अगर आपको बार-बार माइग्रेन होता है तो रोज़ाना पद्मासन का अभ्यास करें। यह न केवल मस्तिष्क को शांत करता है, बल्कि जागरूकता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को भी बढ़ाता है।

???? बालासन:
चाइल्ड पोज के नाम से मशहूर यह आसन तंत्रिका तंत्र को आराम देता है। माइग्रेन के दौरान होने वाली चिंता और थकान को कम करने में यह बेहद असरदार है।

???? पश्चिमोत्तानासन:
यह आसन तनाव कम करने और दिमाग को शांत करने के लिए जाना जाता है। नियमित अभ्यास से माइग्रेन के ट्रिगर्स कम होते हैं और सिरदर्द से भी राहत मिलती है।


✅ विशेषज्ञों का मानना है कि इन योगासनों को अपनाने से माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या में लंबे समय तक फायदा मिल सकता है।

 
continue reading
 बीमारी में योग करना सही या गलती? जानिए डॉक्टरों और आयुर्वेद से जुड़े हैरान करने वाले फायदे

बीमारी में योग करना सही या गलती? जानिए डॉक्टरों और आयुर्वेद से जुड़े हैरान करने वाले फायदे

Anita nishad 09-Sep-2025 22

 

Health Tips: बदलते मौसम में सर्दी-ज़ुकाम, बुखार या अपच जैसी बीमारियाँ आम हो जाती हैं। आमतौर पर जब हम स्वस्थ होते हैं, तो हमें पौष्टिक आहार और व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बीमार पड़ने के दौरान भी योग करना चाहिए या नहीं?

दरअसल, जब हम बीमार होते हैं तो शरीर कमज़ोर हो जाता है। ऐसे में भारी व्यायाम शरीर को और थका सकता है। लेकिन योग एक ऐसा साधन है जो न केवल शरीर को भीतर से मजबूत करता है बल्कि मन को भी शांत रखता है।

???? सर्दी-ज़ुकाम और हल्के बुखार में करें ये योगासन:

  • कपालभाति: आरामदायक स्थिति में बैठकर जोर से सांस छोड़ें। इससे फेफड़े और श्वसन तंत्र मजबूत होते हैं।

  • सूर्य नमस्कार: 11 चक्र करने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

???? दस्त, उल्टी या पेट की समस्या में करें ये योग:

  • अनुलोम-विलोम: दाहिनी नासिका बंद कर बाईं से सांस लें, फिर विपरीत प्रक्रिया करें। यह अभ्यास बिस्तर पर बैठे-बैठे भी किया जा सकता है और पाचन तंत्र को राहत देता है।

योग अन्य व्यायामों की तरह शरीर पर दबाव नहीं डालता, बल्कि धीरे-धीरे शरीर को स्वस्थ करता है।


⚠️ अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए योग और उपाय केवल सुझाव हैं। इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

continue reading
 1 महीने में 15-20 किलो वजन घटेगा? बाबा रामदेव ने बताया ऐसा आसान नुस्खा जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे!

1 महीने में 15-20 किलो वजन घटेगा? बाबा रामदेव ने बताया ऐसा आसान नुस्खा जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे!

Anita nishad 09-Sep-2025 42

 

Baba Ramdev Tips: मोटापा आज के समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। लोग घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, महंगी डाइट प्लान अपनाते हैं, लेकिन फिर भी वजन घटाना आसान नहीं होता। लेकिन योग और आयुर्वेद विशेषज्ञ बाबा रामदेव का दावा है कि कुछ घरेलू और बेहद आसान उपाय अपनाकर आप सिर्फ एक महीने में 15-20 किलो वजन तक घटा सकते हैं।

???? दलिया का सेवन करें:
बाबा रामदेव के अनुसार मोटापा कम करने के लिए दलिया बेहद फायदेमंद है। इसमें बाजरा, गेहूं, चावल और मूंग शामिल होते हैं। इसमें तिल और अजवाइन डालने से यह और पौष्टिक बन जाता है। दलिया खाने से पेट जल्दी भर जाता है और वजन नियंत्रित रहता है।

???? अश्वगंधा का सेवन करें:
अश्वगंधा औषधीय गुणों से भरपूर एक जड़ी-बूटी है। यह तनाव कम करती है और मेटाबॉलिज्म को तेज करती है। इसका नियमित सेवन वजन घटाने में मदद करता है।

???? लौकी का जूस पिएं:
बाबा रामदेव का कहना है कि रोज़ाना लौकी का जूस पीने से सिर्फ 1 महीने में 15-20 किलो तक वजन घटाया जा सकता है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और यह विटामिन-सी, फाइबर व पोषक तत्वों से भरपूर है।

???? योग और प्राणायाम करें:
सूर्य नमस्कार, भुजंगासन और पादहस्तासन जैसे योगासन वजन कम करने में बेहद असरदार हैं। साथ ही प्राणायाम तनाव को कम कर शरीर को संतुलित रखता है।


⚡ अब देखना यह होगा कि बाबा रामदेव के बताए ये नुस्खे आपके लिए कितना कारगर साबित होते हैं—क्या सचमुच सिर्फ एक महीने में 15-20 किलो वजन घट सकता है?

continue reading
व्रत में चाहिए एनर्जी और स्वाद का तड़का? ट्राई करें देसी घी वाला राजगीरा हलवा, मिनटों में बनेगा सुपरहिट

व्रत में चाहिए एनर्जी और स्वाद का तड़का? ट्राई करें देसी घी वाला राजगीरा हलवा, मिनटों में बनेगा सुपरहिट

Anita nishad 09-Sep-2025 20

 Rajgira Halwa Recipe: व्रत में अक्सर लोग ऐसी डिश ढूंढते हैं जो पेट को हल्का भी रखे और एनर्जी भी दे। ऐसे में राजगीरा का हलवा एकदम परफेक्ट चॉइस है। देसी घी में बना यह हलवा न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहतरीन माना जाता है।

राजगीरा को ऊर्जा देने वाला और पचने में आसान माना जाता है, इसलिए उपवास में यह खास डिश तुरंत ताकत और ताजगी देती है। आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका—


???? आवश्यक सामग्री:

  • राजगीरा का आटा – 1 कप

  • देसी घी – 4 बड़े चम्मच

  • दूध – 2 कप

  • शक्कर – ½ कप (स्वाद अनुसार)

  • इलायची पाउडर – ½ छोटी चम्मच

  • काजू, बादाम – कटे हुए (गार्निश के लिए)

  • किशमिश – 1 बड़ा चम्मच


????‍???? बनाने की विधि:

  1. कढ़ाही में घी गरम करें और उसमें राजगीरा का आटा डालकर धीमी आंच पर भूनें।

  2. जब हल्की खुशबू आने लगे और आटा सुनहरा हो जाए, तो धीरे-धीरे दूध डालते हुए लगातार चलाएं।

  3. मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो शक्कर और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं।

  4. अब कटे हुए मेवे और किशमिश डाल दें।

  5. गैस बंद करके हलवे को प्लेट में निकालें और ऊपर से घी व मेवे से सजाएं।


???? टिप्स:

  • आटे को अच्छी तरह भूनना ज़रूरी है, तभी स्वाद शानदार आएगा।

  • दूध की जगह पानी डालकर भी यह हलवा बनाया जा सकता है।

  • शक्कर की जगह गुड़ डालकर इसे और हेल्दी बना सकते हैं।


राजगीरा हलवा व्रत और त्योहारों के लिए परफेक्ट मिठाई है। यह जल्दी बनने वाली, एनर्जी से भरपूर और बेहद स्वादिष्ट डिश है, जिसे बच्चे और बड़े सभी पसंद करते हैं।

continue reading
मुजफ्फरनगर में दिल दहला देने वाली वारदात! बेटी की हत्या के बाद थाने पहुंचा पिता… कहा– मैंने अपनी बेटी को मार डाला

मुजफ्फरनगर में दिल दहला देने वाली वारदात! बेटी की हत्या के बाद थाने पहुंचा पिता… कहा– मैंने अपनी बेटी को मार डाला

Anita nishad 07-Sep-2025 99

मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हिला दिया है। एक पिता ने अपनी ही 19 वर्षीय बेटी आरजू की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

⚠️ सोती हुई बेटी को बनाया निशाना

पुलिस जांच के अनुसार, वारदात उस वक्त हुई जब आरजू चारपाई पर सो रही थी। पिता ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह सीधे थाने पहुंचा और पुलिस को बताया– “मैंने अपनी बेटी को मार दिया।”

???? रिश्ता तय, लेकिन बेटी का इंकार

आरोपी पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसने बेटी का रिश्ता देवबंद में तय किया था। लेकिन बेटी निकाह के लिए तैयार नहीं थी। पिता को शक था कि उसकी बेटी का किसी और युवक से प्रेम संबंध है। इसी शक ने उसे हॉरर किलिंग जैसी वारदात को अंजाम देने पर मजबूर कर दिया।

???? पुलिस की कार्रवाई

  • आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • बेटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

  • मामले की जांच जारी है।


???? सवाल यह है कि आखिर सम्मान के नाम पर इस तरह की हत्याएँ कब थमेंगी? और क्या समाज बेटियों की पसंद को स्वीकार कर पाएगा?

continue reading
बाबा रामदेव का दावा! बस खा लीजिए ये एक फल और आधे घंटे में पेट पूरी तरह साफ – कब्ज होगी छूमंतर

बाबा रामदेव का दावा! बस खा लीजिए ये एक फल और आधे घंटे में पेट पूरी तरह साफ – कब्ज होगी छूमंतर

Anita nishad 07-Sep-2025 20

 

नई दिल्ली। कब्ज (Constipation) की समस्या आज हर तीसरे व्यक्ति को परेशान करती है। घंटों टॉयलेट में बैठने के बाद भी पेट साफ न होना, गैस, दर्द और ब्लोटिंग जैसी तकलीफें आम हो गई हैं। लेकिन योगगुरु बाबा रामदेव ने इसे दूर करने का बेहद आसान उपाय बताया है। उनका दावा है कि अगर आप सही फल खा लें तो सिर्फ आधे घंटे में पेट पूरी तरह साफ हो जाएगा।

???? कौन सा है वो खास फल?

बाबा रामदेव के अनुसार नाशपाती (Pear) कब्ज का सबसे बड़ा दुश्मन है।

  • रोजाना नाशपाती खाने या उसका जूस पीने से आंतें एक्टिव हो जाती हैं।

  • 30 से 60 मिनट में पेट पूरी तरह साफ हो सकता है।

  • बाबा रामदेव ने नाशपाती को कब्ज की “औषधि” बताया है।

???????? अन्य फल भी हैं रामबाण

  • आम (Mango): पेट को साफ करता है, लेकिन डायबिटीज मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए।

  • अमरूद (Guava): नमक डालकर खाने से कब्ज दूर और पेट दर्द नहीं होगा। अमरूद की सब्जी भी असरदार मानी जाती है।

⚠️ कब्ज के लक्षण

  • मलत्याग में देरी या सप्ताह में 3–4 बार ही शौच जाना।

  • मल का कड़ा होना और बार-बार जोर लगाना।

  • ब्लोटिंग, गैस और पेट दर्द।

  • भूख की कमी और जी मिचलाना।

✅ कब्ज ठीक होने के संकेत

  • बिना जोर लगाए मल का आसानी से निकलना।

  • पेट हल्का और गैस/ब्लोटिंग से राहत।

  • दर्द और जकड़न खत्म होना।


???? सवाल यह है कि क्या वाकई नाशपाती और ये फल आपके लिए "कब्ज तोड़ने की चाबी" साबित होंगे?

continue reading
पैरों से मिलते हैं किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत! इन्हें नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है पछताना…

पैरों से मिलते हैं किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत! इन्हें नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है पछताना…

Anita nishad 07-Sep-2025 26

 

नई दिल्ली। किडनी हमारे शरीर का सबसे अहम अंग है, जो खून को साफ करके विषैले पदार्थ और अतिरिक्त तरल बाहर निकालती है। लेकिन जब किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है, तो इसका असर सबसे पहले पैरों में दिखना शुरू हो जाता है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे “साइलेंट किलर” कहते हैं, क्योंकि इसके शुरुआती संकेत मामूली लगते हैं और लोग अक्सर इन्हें थकान या बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या समझकर टाल देते हैं।

???? पैरों से जुड़े 5 संकेत जो बताते हैं किडनी कमजोर हो रही है

  1. पैरों और टखनों में सूजन (Edema):
    किडनी जब अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर नहीं निकाल पाती तो सूजन पैरों और टखनों में जमा हो जाती है।

  2. त्वचा का रंग बदलना और धब्बे आना:
    खून में टॉक्सिन बढ़ने से पैरों की त्वचा पीली या काली पड़ सकती है।

  3. पैर सुन्न होना या झनझनाहट:
    नसों पर असर पड़ने से पैरों में सुई चुभने जैसा एहसास या लगातार सुन्नपन महसूस हो सकता है।

  4. लगातार खुजली होना:
    शरीर से विषैले तत्व न निकलने के कारण पैरों में रात को भी तीव्र खुजली हो सकती है, जो मॉइश्चराइज़र से भी नहीं रुकती।

  5. रात में पैरों में ऐंठन:
    किडनी जब इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगाड़ देती है तो पिंडलियों और पैरों में अचानक तेज ऐंठन हो सकती है।

⚠️ कब लें डॉक्टर से सलाह?

अगर आपको ये लक्षण बार-बार या लगातार दिख रहे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। ये सिर्फ सामान्य थकान नहीं, बल्कि किडनी डिज़ीज़ का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय रहते जांच करवाना ज़रूरी है, वरना बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

 
continue reading
45 घंटे तक भूखे रहने पर शरीर में बनने लगता है ‘अमृत’? जानें उपवास का चौंकाने वाला विज्ञान

45 घंटे तक भूखे रहने पर शरीर में बनने लगता है ‘अमृत’? जानें उपवास का चौंकाने वाला विज्ञान

Anita nishad 07-Sep-2025 25

  

नई दिल्ली। क्या सच में लंबे उपवास से शरीर में अमृत जैसा प्रभाव बनने लगता है? भारतीय संस्कृति में व्रत-उपवास सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि विज्ञान से जुड़ी प्रक्रिया भी मानी जाती है। हाल ही में अमेरिका के मशहूर पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन ने खुलासा किया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से इंटरव्यू से पहले पूरे 45 घंटे का उपवास किया था। उन्होंने इस दौरान केवल पानी पिया और किसी भी तरह का भोजन नहीं लिया।

आइए जानते हैं कि 45 घंटे तक उपवास करने पर शरीर में किस तरह के वैज्ञानिक बदलाव होते हैं—

???? पहले 6-12 घंटे:

  • शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज और ग्लाइकोजन पर निर्भर रहता है।

  • इंसुलिन लेवल कम होने लगता है और शरीर धीरे-धीरे फैट बर्निंग मोड में जाने लगता है।

⏳ 12-24 घंटे:

  • ग्लाइकोजन खत्म होने पर शरीर ऊर्जा के लिए फैट ब्रेकडाउन शुरू करता है।

  • केटोन बॉडीज़ बनने लगती हैं, जो मस्तिष्क और मांसपेशियों को ऊर्जा देती हैं।

  • इसी दौरान शुरू होती है ऑटोफैगी – यानी पुरानी कोशिकाओं की सफाई और नई कोशिकाओं का निर्माण।

⚡ 24-36 घंटे:

  • ह्यूमन ग्रोथ हॉर्मोन (HGH) का स्तर 5 गुना तक बढ़ जाता है।

  • शरीर की मसल रिपेयर और फैट बर्निंग तेज़ हो जाती है।

  • ब्लड शुगर कंट्रोल करने की क्षमता (Insulin Sensitivity) बढ़ जाती है।

???? 36-45 घंटे:

  • शरीर ग्लूकोनियोजेनेसिस से नई ऊर्जा बनाने लगता है।

  • मेटाबॉलिक रेट 10-15% तक बढ़ सकता है।

  • शरीर में सूजन (Inflammation) कम होती है और गहरी कोशिकीय मरम्मत (Deep Cellular Repair) होती है।

???? दुनिया भर में रिसर्च:

जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओसुमी को ऑटोफैगी पर शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। शोधों के अनुसार लंबे उपवास से:
✔️ कैंसर सेल्स तक खत्म हो सकते हैं
✔️ इम्यून सिस्टम मजबूत होता है
✔️ उम्र बढ़ सकती है (Anti-aging effect)

✅ 45 घंटे उपवास के फायदे

  1. तेज़ी से फैट बर्न और वजन कम होना।

  2. ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद।

  3. कोशिकीय सफाई और रिपेयर

  4. सूजन और दर्द में कमी।

  5. दिमाग की कार्यक्षमता और फोकस में सुधार।

⚠️ किन लोगों को नहीं करना चाहिए 45 घंटे का उपवास

  • गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली माताएं।

  • टाइप 1 डायबिटीज या लो ब्लड शुगर वाले मरीज।

  • गंभीर हृदय रोगी।

  • बहुत कमजोर या अंडरवेट लोग।


???? तो क्या सच में 45 घंटे का उपवास ‘अमृत’ समान असर’ देता है या फिर यह शरीर पर एक अतिरिक्त बोझ है? इसका जवाब आपके शरीर और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

continue reading
किडनी फेल होने का साइलेंट अलर्ट: पैरों में दर्द के साथ दिखते हैं ये 5 खतरनाक लक्षण, तुरंत संभल जाएं!

किडनी फेल होने का साइलेंट अलर्ट: पैरों में दर्द के साथ दिखते हैं ये 5 खतरनाक लक्षण, तुरंत संभल जाएं!

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 

हेल्थ डेस्क। किडनी हमारे शरीर का वो हिस्सा है, जो चुपचाप दिन-रात खून को फिल्टर करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने वाले हार्मोन बनाता है। लेकिन जब यही किडनी काम करना बंद करने लगती है तो शरीर धीरे-धीरे जहर का घर बन जाता है। किडनी फेल्योर (Kidney Failure) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शुरुआती लक्षण मामूली थकान या कमजोरी की तरह लगते हैं और लोग इन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी फेल होने पर पैरों और टखनों में दर्द और सूजन सबसे आम संकेत है। लेकिन यही अकेला लक्षण नहीं है। आइए जानते हैं किडनी फेल होने पर शरीर में दिखने वाले 5 खतरनाक संकेत:


⚠️ किडनी फेल होने के प्रमुख लक्षण

  1. पैरों और टखनों में दर्द व सूजन

    • गुर्दे अतिरिक्त पानी और सोडियम बाहर नहीं निकाल पाते, जिससे शरीर के निचले हिस्से में तरल जमा हो जाता है।

    • यह सूजन दर्द और भारीपन का कारण बनती है।

  2. लगातार थकान और कमजोरी

    • खराब किडनी पर्याप्त एरीथ्रोपोइटिन हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है।

    • शरीर को ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और व्यक्ति हर समय थका हुआ महसूस करता है।

  3. त्वचा में खुजली और रंग बदलना

    • खून में टॉक्सिन्स जमा होने से त्वचा रूखी, पीली या भूरी दिख सकती है।

    • कई बार असहनीय खुजली भी शुरू हो जाती है।

  4. पेशाब की आदतों में बदलाव

    • बार-बार पेशाब आना, पेशाब में झाग, खून आना या मात्रा कम-ज्यादा होना।

    • ये संकेत हैं कि किडनी खून को ठीक से फिल्टर नहीं कर रही।

  5. सांस लेने में तकलीफ

    • गुर्दे अतिरिक्त तरल को बाहर नहीं निकाल पाते, जिससे फेफड़ों के चारों ओर पानी भर सकता है।

    • इसके अलावा एनीमिया की वजह से भी सांस फूलने लगती है।


???? डॉक्टर क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि किसी को ये लक्षण लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो इसे मामूली समझकर नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। फौरन डॉक्टर से संपर्क करना और जरूरी टेस्ट कराना बेहद ज़रूरी है।


???? किडनी की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और अक्सर आखिरी स्टेज में पकड़ में आती है। समय रहते अगर सावधानी बरती जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है।

continue reading
स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

Anita nishad 05-Sep-2025 21

 Recipe Special:

पापड़ भारतीय रसोई का ऐसा स्नैक है जो खाने के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना कर देता है। आज हम आपके लिए लाए हैं साबूदाना सूजी पापड़ की रेसिपी। गर्मियों के दिनों में इसे बनाकर स्टोर किया जा सकता है और सालभर जब भी मन चाहे तलकर या सेंककर खाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लाइट, क्रिस्पी और सबकी पसंद बन जाता है।


साबूदाना सूजी पापड़ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • साबूदाना – 1 कप

  • सूजी – 1 कप

  • जीरा – 1 छोटी चम्मच

  • हरी मिर्च – 2 बारीक कटी हुई

  • नमक – स्वादानुसार

  • हरी धनिया – 2 चम्मच (बारीक कटी हुई)

  • पानी – लगभग 5 कप

  • तेल – तलने के लिए


बनाने की विधि

स्टेप 1 – साबूदाना भिगोना
साबूदाने को अच्छे से धोकर 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो।

स्टेप 2 – मिश्रण तैयार करना
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इसमें भिगोया हुआ साबूदाना डालकर हल्का पकाएं। जब यह ट्रांसपैरेंट और नरम हो जाए, तब इसमें सूजी डालें।

स्टेप 3 – फ्लेवर मिलाना
अब इसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, नमक और हरी धनिया डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि इसे चम्मच से आसानी से फैलाया जा सके।

स्टेप 4 – पापड़ बनाना
एक साफ प्लास्टिक शीट या कपड़े पर थोड़ा-थोड़ा मिश्रण डालें और गोल आकार में फैला दें। इसी तरह सारे पापड़ तैयार करें और उन्हें 2-3 दिन तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं।

स्टेप 5 – स्टोर और सर्विंग
जब पापड़ पूरी तरह सूख जाएं, तो इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। खाने के समय तेल में तलकर या तवे पर हल्का सेंककर क्रिस्पी स्नैक की तरह परोसें।


???? गर्मियों में बनाए गए ये साबूदाना सूजी पापड़ न सिर्फ लंबे समय तक चलते हैं बल्कि अचानक आई मेहमाननवाजी या बच्चों की स्नैक डिमांड को भी तुरंत पूरा कर देते हैं।

continue reading
स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 Recipe Special:

पापड़ भारतीय रसोई का ऐसा स्नैक है जो खाने के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना कर देता है। आज हम आपके लिए लाए हैं साबूदाना सूजी पापड़ की रेसिपी। गर्मियों के दिनों में इसे बनाकर स्टोर किया जा सकता है और सालभर जब भी मन चाहे तलकर या सेंककर खाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लाइट, क्रिस्पी और सबकी पसंद बन जाता है।


साबूदाना सूजी पापड़ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • साबूदाना – 1 कप

  • सूजी – 1 कप

  • जीरा – 1 छोटी चम्मच

  • हरी मिर्च – 2 बारीक कटी हुई

  • नमक – स्वादानुसार

  • हरी धनिया – 2 चम्मच (बारीक कटी हुई)

  • पानी – लगभग 5 कप

  • तेल – तलने के लिए


बनाने की विधि

स्टेप 1 – साबूदाना भिगोना
साबूदाने को अच्छे से धोकर 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो।

स्टेप 2 – मिश्रण तैयार करना
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इसमें भिगोया हुआ साबूदाना डालकर हल्का पकाएं। जब यह ट्रांसपैरेंट और नरम हो जाए, तब इसमें सूजी डालें।

स्टेप 3 – फ्लेवर मिलाना
अब इसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, नमक और हरी धनिया डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि इसे चम्मच से आसानी से फैलाया जा सके।

स्टेप 4 – पापड़ बनाना
एक साफ प्लास्टिक शीट या कपड़े पर थोड़ा-थोड़ा मिश्रण डालें और गोल आकार में फैला दें। इसी तरह सारे पापड़ तैयार करें और उन्हें 2-3 दिन तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं।

स्टेप 5 – स्टोर और सर्विंग
जब पापड़ पूरी तरह सूख जाएं, तो इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। खाने के समय तेल में तलकर या तवे पर हल्का सेंककर क्रिस्पी स्नैक की तरह परोसें।


???? गर्मियों में बनाए गए ये साबूदाना सूजी पापड़ न सिर्फ लंबे समय तक चलते हैं बल्कि अचानक आई मेहमाननवाजी या बच्चों की स्नैक डिमांड को भी तुरंत पूरा कर देते हैं।

continue reading
स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

स्टोर कर लीजिए ये हेल्दी स्नैक – बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको भाएगा साबूदाना सूजी पापड़

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 Recipe Special:

पापड़ भारतीय रसोई का ऐसा स्नैक है जो खाने के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना कर देता है। आज हम आपके लिए लाए हैं साबूदाना सूजी पापड़ की रेसिपी। गर्मियों के दिनों में इसे बनाकर स्टोर किया जा सकता है और सालभर जब भी मन चाहे तलकर या सेंककर खाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लाइट, क्रिस्पी और सबकी पसंद बन जाता है।


साबूदाना सूजी पापड़ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • साबूदाना – 1 कप

  • सूजी – 1 कप

  • जीरा – 1 छोटी चम्मच

  • हरी मिर्च – 2 बारीक कटी हुई

  • नमक – स्वादानुसार

  • हरी धनिया – 2 चम्मच (बारीक कटी हुई)

  • पानी – लगभग 5 कप

  • तेल – तलने के लिए


बनाने की विधि

स्टेप 1 – साबूदाना भिगोना
साबूदाने को अच्छे से धोकर 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो।

स्टेप 2 – मिश्रण तैयार करना
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इसमें भिगोया हुआ साबूदाना डालकर हल्का पकाएं। जब यह ट्रांसपैरेंट और नरम हो जाए, तब इसमें सूजी डालें।

स्टेप 3 – फ्लेवर मिलाना
अब इसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, नमक और हरी धनिया डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि इसे चम्मच से आसानी से फैलाया जा सके।

स्टेप 4 – पापड़ बनाना
एक साफ प्लास्टिक शीट या कपड़े पर थोड़ा-थोड़ा मिश्रण डालें और गोल आकार में फैला दें। इसी तरह सारे पापड़ तैयार करें और उन्हें 2-3 दिन तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं।

स्टेप 5 – स्टोर और सर्विंग
जब पापड़ पूरी तरह सूख जाएं, तो इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। खाने के समय तेल में तलकर या तवे पर हल्का सेंककर क्रिस्पी स्नैक की तरह परोसें।


???? गर्मियों में बनाए गए ये साबूदाना सूजी पापड़ न सिर्फ लंबे समय तक चलते हैं बल्कि अचानक आई मेहमाननवाजी या बच्चों की स्नैक डिमांड को भी तुरंत पूरा कर देते हैं।

continue reading
मेहमानों को सर्व कीजिए ऐसी मिठाई, अंदर भरा है ड्राई फ्रूट्स का खजाना – स्टफ्ड काला जामुन

मेहमानों को सर्व कीजिए ऐसी मिठाई, अंदर भरा है ड्राई फ्रूट्स का खजाना – स्टफ्ड काला जामुन

Anita nishad 05-Sep-2025 15

 Recipe Special:

त्योहारों और खास मौकों पर अगर आप बार-बार वही रसगुल्ला या गुलाब जामुन सर्व करते हैं, तो अब बदलाव का समय है। इस बार बनाइए कुछ ऐसा जो न सिर्फ देखने में स्पेशल लगे बल्कि स्वाद में भी सबका दिल जीत ले। हम बात कर रहे हैं स्टफ्ड काले जामुन की – बाहर से गहरे भूरे और अंदर से ड्राई फ्रूट्स के खजाने से भरी ये मिठाई हर किसी को वाह-वाह कहने पर मजबूर कर देगी।


स्टफ्ड काला जामुन बनाने के लिए सामग्री

काला जामुन बनाने के लिए:

  • खोया (मावा) – 250 ग्राम

  • पनीर – 100 ग्राम (क्रम्बल किया हुआ)

  • मैदा – 2 बड़े चम्मच

  • बेकिंग पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच

  • इलायची पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच

  • घी/तेल – तलने के लिए

स्टफिंग के लिए:

  • काजू, बादाम और पिस्ता – 1 बड़ा चम्मच (बारीक कटे)

  • इलायची पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच

चाशनी के लिए:

  • चीनी – 2 कप

  • पानी – 2 कप

  • केसर या इलायची पाउडर – 1/2 छोटी चम्मच


बनाने की विधि

स्टेप 1 – चाशनी तैयार करें
एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें। इसमें इलायची पाउडर या केसर डालें और हल्की तार वाली चाशनी बना लें।

स्टेप 2 – स्टफिंग तैयार करें
कटा हुआ काजू, बादाम, पिस्ता और इलायची पाउडर मिलाकर स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार कर लें।

स्टेप 3 – आटा गूंथें
खोया और पनीर को अच्छे से मसल लें। इसमें मैदा, बेकिंग पाउडर और इलायची पाउडर डालकर एकदम मुलायम आटा बना लें।

स्टेप 4 – जामुन बनाएं
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं, बीच में ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग भरें और अच्छी तरह बंद करके गोल आकार दें।

स्टेप 5 – तलना और भिगोना
कढ़ाई में घी/तेल गर्म करें और लो फ्लेम पर जामुनों को तलें जब तक कि वे गहरे काले रंग के न हो जाएं। तले हुए जामुनों को तुरंत गुनगुनी चाशनी में डाल दें और 2–3 घंटे तक भीगने दें।


गार्निशिंग और सर्विंग

तैयार स्टफ्ड काले जामुन पर पिस्ता के स्लाइस डालकर सजाएं। इसे ठंडा या गरम – जैसे भी चाहें, परोसें।

???? यकीन मानिए, इस स्टफ्ड काले जामुन के सामने आपकी बाकी सारी मिठाइयाँ फीकी पड़ जाएंगी और मेहमान पूछेंगे – "ये कहां से मंगवाया?"

continue reading
इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

Anita nishad 05-Sep-2025 19

 Recipe Special:

मोतीचूर के लड्डू भारत की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में से एक हैं। इन्हें खास मौके पर तो हर कोई खरीदकर लाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें घर पर भी बेहद आसानी से बनाया जा सकता है? अगर आप सोचते हैं कि मोतीचूर के लड्डू बनाना मुश्किल है, तो अब आपकी सोच बदलने वाली है। बस कुछ आसान स्टेप्स और सही सामग्री से आप घर बैठे ही बाजार जैसे नरम-नरम और स्वादिष्ट लड्डू तैयार कर सकते हैं।

मोतीचूर के लड्डू बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री:

  • बेसन – 1 कप

  • ऑरेंज या येलो फूड कलर – 1 चुटकी

  • बेकिंग पाउडर – चुटकीभर

  • देसी घी – तलने के लिए

  • चीनी – 1 कप

  • खसखस – 1 छोटा चम्मच

  • इलायची पाउडर – आधा चम्मच

  • बादाम – गार्निशिंग के लिए


बनाने की विधि

पहला स्टेप:
सबसे पहले एक बाउल में बेसन निकालें और उसमें ऑरेंज या येलो फूड कलर मिला दें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान रहे, घोल में कोई गांठ न हो।

दूसरा स्टेप:
इस घोल में चुटकीभर बेकिंग पाउडर डालें। अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। छेद वाले मोल्ड की मदद से इस घोल को धीरे-धीरे घी में डालें और सुनहरी बूंदी तल लें।

तीसरा स्टेप:
एक पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी तैयार करें। इसमें इलायची पाउडर और खसखस डालकर फ्लेवर बढ़ाएं।

चौथा स्टेप:
तैयार बूंदी को इस चाशनी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। जब बूंदी चाशनी में अच्छे से भीग जाए, तब हाथों की मदद से गोल-गोल लड्डू बना लें।

गार्निशिंग:
तैयार मोतीचूर के लड्डुओं को ऊपर से बारीक कटे बादाम से सजाएं। ठंडा होने के बाद इन्हें परोसें।

???? यकीन मानिए, घर पर बने ये मोतीचूर के लड्डू स्वाद में इतने बेहतरीन होंगे कि बाजार से खरीदी मिठाई भी इनके सामने फीकी पड़ जाएगी।

continue reading
इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

इतने आसान स्टेप्स में बनेगा परफेक्ट मोतीचूर का लड्डू कि मिठाईवाला भी रह जाएगा हैरान

Anita nishad 05-Sep-2025 0

 Recipe Special:

मोतीचूर के लड्डू भारत की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में से एक हैं। इन्हें खास मौके पर तो हर कोई खरीदकर लाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें घर पर भी बेहद आसानी से बनाया जा सकता है? अगर आप सोचते हैं कि मोतीचूर के लड्डू बनाना मुश्किल है, तो अब आपकी सोच बदलने वाली है। बस कुछ आसान स्टेप्स और सही सामग्री से आप घर बैठे ही बाजार जैसे नरम-नरम और स्वादिष्ट लड्डू तैयार कर सकते हैं।

मोतीचूर के लड्डू बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री:

  • बेसन – 1 कप

  • ऑरेंज या येलो फूड कलर – 1 चुटकी

  • बेकिंग पाउडर – चुटकीभर

  • देसी घी – तलने के लिए

  • चीनी – 1 कप

  • खसखस – 1 छोटा चम्मच

  • इलायची पाउडर – आधा चम्मच

  • बादाम – गार्निशिंग के लिए


बनाने की विधि

पहला स्टेप:
सबसे पहले एक बाउल में बेसन निकालें और उसमें ऑरेंज या येलो फूड कलर मिला दें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान रहे, घोल में कोई गांठ न हो।

दूसरा स्टेप:
इस घोल में चुटकीभर बेकिंग पाउडर डालें। अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। छेद वाले मोल्ड की मदद से इस घोल को धीरे-धीरे घी में डालें और सुनहरी बूंदी तल लें।

तीसरा स्टेप:
एक पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी तैयार करें। इसमें इलायची पाउडर और खसखस डालकर फ्लेवर बढ़ाएं।

चौथा स्टेप:
तैयार बूंदी को इस चाशनी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। जब बूंदी चाशनी में अच्छे से भीग जाए, तब हाथों की मदद से गोल-गोल लड्डू बना लें।

गार्निशिंग:
तैयार मोतीचूर के लड्डुओं को ऊपर से बारीक कटे बादाम से सजाएं। ठंडा होने के बाद इन्हें परोसें।

???? यकीन मानिए, घर पर बने ये मोतीचूर के लड्डू स्वाद में इतने बेहतरीन होंगे कि बाजार से खरीदी मिठाई भी इनके सामने फीकी पड़ जाएगी।

continue reading


dpboss