Breaking News
स्वास्थ
मेहमानों के सामने मिठाई हुई फेल, दाल-चावल से बनेगी ऐसी खीर कि सब करेंगे तारीफ!
Recipe Special:
घर में अक्सर जब अचानक मेहमान आ जाएं तो हम सोच में पड़ जाते हैं कि मिठाई या डेजर्ट क्या बनाया जाए। लेकिन अगर आपके पास सिर्फ मूंग दाल और चावल हैं, तो यकीन मानिए, इन्हीं से आप बना सकते हैं इतनी शानदार खीर कि मिठाई भी इसके सामने फीकी लगने लगे। इस खीर का नाम है – ‘मकुटी’। यह पारंपरिक और स्वादिष्ट खीर हर किसी के स्वाद को जीत लेगी।
मकुटी बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री:
-
फुलक्रीम दूध – 1 लीटर
-
मूंग दाल – 3 बड़े चम्मच (धुली हुई)
-
चावल – डेढ़ बड़ा चम्मच
-
मावा – 100 ग्राम
-
चीनी – 100 ग्राम
-
बादाम, काजू, पिस्ता – 8-10 कटे हुए
-
इलायची पाउडर – आधा चम्मच
-
केसर – कुछ धागे
बनाने की विधि:
पहला स्टेप:
सबसे पहले मूंग दाल और चावल को धोकर लगभग 1 घंटे तक भिगो दें। इसके बाद कुकर में पानी डालकर एक सीटी आने तक पका लें। फिर स्लो फ्लेम पर 5 मिनट और पकाएं। ठंडा होने के बाद इन्हें अच्छे से मैश कर लें।
दूसरा स्टेप:
एक पैन में दूध को उबालने के लिए रखें और उसे गाढ़ा होने तक पकाएं। इसी बीच केसर के धागों को थोड़े दूध में भिगोकर रख दें।
तीसरा स्टेप:
अब गाढ़े हो रहे दूध में मैश की हुई दाल और चावल डालें। धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं। फिर इसमें मावा और भीगा हुआ केसर डाल दें। (अगर मावा न हो तो मिल्क पाउडर या ज्यादा दूध को गाढ़ा करके भी इस्तेमाल किया जा सकता है।)
चौथा स्टेप:
जब दूध अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए तो उसमें चीनी और इलायची पाउडर डालें। कुछ देर और पकाकर गैस बंद कर दें।
गार्निशिंग:
तैयार खीर को प्याले में निकालकर बादाम, काजू और पिस्ता से सजाएं। ठंडा करने के लिए फ्रिज में रखें और फिर मेहमानों को सर्व करें।
???? यकीन मानिए, इस अनोखी दाल-चावल की खीर मकुटी के स्वाद के आगे गुलाब जामुन और रसगुल्ले भी फीके लग जाएंगे।
दही में मिलाएं ये 3 चीजें और Vitamin B12 की कमी होगी दूर – रिज़ल्ट देख चौंक जाएंगे!
Vitamin B12 Deficiency आजकल बहुत आम हो गई है, खासकर शाकाहारियों में। इसकी कमी से शरीर में थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और यहां तक कि न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि रोज़ाना के आहार में छोटे-छोटे बदलाव करके आप इसे दूर कर सकते हैं।
⚠️ Vitamin B12 की कमी के लक्षण
-
लगातार थकान और कमज़ोरी
-
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
-
मूड स्विंग्स और डिप्रेशन
-
त्वचा पीली पड़ना, बाल झड़ना
-
हाथ-पैरों में झुनझुनी
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है।
???? दही + 3 सुपरफूड्स = B12 का पावरबूस्टर
1. दही + अलसी के बीज
-
दही प्रोबायोटिक है और अलसी (Flaxseeds) में ओमेगा-3 व फाइबर भरपूर।
-
रोज़ एक कटोरी दही में 1 चम्मच अलसी डालकर खाएं।
???? यह संयोजन Vitamin B12 Deficiency को काफी हद तक कम कर सकता है।
2. दही + कद्दू के बीज
-
कद्दू के बीज आयरन, मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर।
-
रोस्टेड बीज दही में डालकर नाश्ते में खाएं।
???? धीरे-धीरे शरीर में B12 का लेवल बढ़ता है और ऊर्जा मिलती है।
3. दही + जीरा
-
पाचन सुधारने के साथ-साथ Vitamin B12 Absorption बढ़ाता है।
-
1 चम्मच पिसा हुआ जीरा दही में मिलाकर खाने से आलस और थकान कम होती है।
???? आयुर्वेदिक नजरिया
-
अश्वगंधा: तनाव कम और पाचन दुरुस्त।
-
मोरिंगा (सहजन पत्ता): विटामिन B समूह से भरपूर।
-
त्रिफला: आंतों को स्वस्थ रखकर विटामिन्स का अवशोषण बेहतर करता है।
???? क्या कहते हैं विशेषज्ञ और रिसर्च?
-
डॉ. विवेक त्रिपाठी (आयुर्वेदाचार्य, दिल्ली):
“शाकाहारी लोग दही, छाछ, अंकुरित अनाज और बीजों का सेवन करें तो धीरे-धीरे B12 की कमी से बच सकते हैं।” -
ICMR रिपोर्ट: 70% भारतीय शाकाहारी Vitamin B12 की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन दही और बीज इसे पूरा करने में मददगार हैं।
✅ क्या खाएं और क्या न खाएं
जरूर खाएं:
-
दही, छाछ, पनीर
-
अलसी, कद्दू और सूरजमुखी के बीज
-
डॉक्टर की सलाह से B12 सप्लिमेंट
बचें:
-
प्रोसेस्ड फूड
-
ज्यादा चीनी और सोडा ड्रिंक्स
Vitamin B12 Deficiency कोई असाध्य रोग नहीं है। दही में सही चीजें मिलाकर इसे आसानी से दूर किया जा सकता है। बस रोज़ाना एक कटोरी दही में अलसी, कद्दू के बीज या जीरा डालकर खाना शुरू कीजिए और कुछ ही हफ्तों में फर्क महसूस कीजिए।
जरूरत से ज्यादा आती है नींद और शरीर में आलस? हो सकता है इन बीमारियों का संकेत
कभी-कभी थकान या नींद ज्यादा आना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको रोज़ाना 7–8 घंटे की नींद लेने के बाद भी दिनभर नींद और आलस बना रहता है, तो इसे हल्के में न लें। यह स्थिति हाइपरसोम्निया (Hypersomnia) कहलाती है, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है।
???? हाइपरसोम्निया क्या है?
हाइपरसोम्निया में व्यक्ति रात में पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिन में सुस्ती, थकान और बार-बार नींद महसूस करता है। यह सिर्फ लाइफ़स्टाइल की गड़बड़ी नहीं, बल्कि अंदरूनी बीमारी की वजह भी हो सकता है।
⚠️ जरूरत से ज्यादा नींद आने के संभावित कारण
1. स्लीप एपनिया
-
सोते समय कुछ सेकंड तक सांस रुक जाती है या धीमी हो जाती है।
-
दिमाग को ऑक्सीजन कम मिलती है।
-
नींद बार-बार टूटती है और दिनभर थकान रहती है।
2. थायरॉयड की समस्या (Hypothyroidism)
-
थायरॉयड ग्रंथि के अंडरएक्टिव होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
-
ऊर्जा उत्पादन कम होता है, जिससे सुस्ती और नींद ज्यादा आती है।
-
लक्षण: वजन बढ़ना, थकान, ठंड अधिक लगना।
3. पोषण की कमी
-
आयरन, विटामिन B12 और अन्य पोषक तत्वों की कमी से शरीर में कमजोरी आती है।
-
इससे भी लगातार नींद और आलस महसूस हो सकता है।
4. अवसाद (Depression)
-
डिप्रेशन में नींद समस्याओं से बचने का जरिया बन जाती है।
-
व्यक्ति सामान्य से कहीं ज्यादा सोता है।
???? कब करें डॉक्टर से संपर्क?
अगर आपको लगातार:
-
7–8 घंटे की नींद के बाद भी दिनभर नींद आती है
-
थकान और आलस बना रहता है
-
वजन बढ़ना, मूड खराब रहना या सांस रुकने जैसी समस्या हो
???? तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
✅ बचाव और उपाय
-
नियमित व्यायाम और योग करें
-
संतुलित आहार लें (आयरन, विटामिन B12 युक्त भोजन)
-
स्लीप रूटीन को ठीक रखें (सोने-जागने का समय तय करें)
-
तनाव कम करने की कोशिश करें
जरूरत से ज्यादा नींद आना हमेशा सामान्य नहीं होता। यह स्लीप एपनिया, थायरॉयड, डिप्रेशन या पोषण की कमी जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। समय रहते सही जांच और इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
पापा मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा

70` की उम्र 0 बीमारी! ये 2 बॉलीवुड स्टार्स फिट रहने के लिए रोज़ पीते हैं अपना यूरिन राज जानकर उड़ जाएंगे होश
Bollywood stars: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने अपना पेशाब पी लिया था। जिसके बाद से वह सुर्खियों में हैं. परेश रावल वैसे भी अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं.
दवा की झंझट ही खत्म, 40 दिनों में शुगर खत्म करेगा राजस्थानी वैद्य का देसी नुस्खा, नाभि पर रखें आयुर्वेदिक पाउडर ।
डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर एक ऐसा रोग है जो आदमी को घुन की तरह अंदर ही अंदर खा जाता है। हिन्दुस्तान में आजकल लगभग 50 फीसदी आबादी डायबिटीज से पीड़ित है। डायबिटीज का कोई परमानेंट इलाज नहीं है लेकिन ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कई दवाएं मौजूद हैं।
रोज सुबह खाली पेट गुड़ के साथ खाएं ये सफेद चीज, मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे
स्वास्थ्य को लेकर लोगों की जागरूकता दिन-ब-दिन बढ़ रही है। खासकर सुबह के नाश्ते और खाली पेट खाने की आदतों को लेकर कई तरह की सलाह मिलती हैं। इसके बीच गुड़ के साथ अगर आप एक खास सफेद चीज का सेवन करें तो सेहत पर इसके जबरदस्त फायदे होते हैं।
HEALTH: खत्म हो गई है आपके घुटनों की ग्रीस? बाबा रामदेव ने बताया ऐसा आयुर्वेदिक नुस्खा, जिससे फिर दौड़ेंगे आप!
HEALTH:घुटनों का दर्द आज सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रही। अब तो 40 साल की उम्र के बाद भी कई लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं, जिनका कहना है कि उनकी घुटनों की ‘ग्रीस’ खत्म हो गई है और चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया है। अधिकतर लोग न तो समय रहते इलाज कर पाते हैं, न ही सही दिशा में कदम उठाते हैं।
लेकिन अब इस समस्या का इलाज है बाबा रामदेव के आयुर्वेदिक नुस्खों में। बाबा रामदेव ने बताया कि कैसे कार्टिलेज रिपेयर हो सकता है और दो से नौ महीनों में घुटनों को नए जैसा बनाया जा सकता है।
HEALTH:क्या कारण हैं घुटनों के दर्द के?
-
यूरिक एसिड, सीआरपी, एएनए, ईएसआर, एएसओ जैसी चीजें
-
अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत तरीके से पानी पीना
-
वजन बढ़ना और ऑक्सीजन की कमी
HEALTH: बाबा रामदेव का आयुर्वेदिक इलाज
-
सुबह एक चम्मच गाय का घी, वर्जिन कोकोनट ऑयल या तिल का तेल लेना
-
रात को मेथी दाना भिगोकर सुबह उसका पानी पीना
-
अश्वगंधा और शतावरी का सेवन
-
प्राणायाम – विशेषकर भस्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम
-
नियमित योगासन और स्ट्रेचिंग
HEALTH:और क्या करें?
-
रोजाना धूप में निकलकर विटामिन डी लें
-
हरी पत्तेदार सब्जियां और प्रोटीन युक्त आहार अपनाएं
-
वजन नियंत्रित रखें
बाबा रामदेव के अनुसार, स्वस्थ जीवनशैली और आयुर्वेदिक उपचार से बिना ऑपरेशन के भी घुटनों की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
5 काजू रोज रात को… 6 दिन में जो होगा, वो जानकर आप भी शुरू कर देंगे ये आदत!!
काजू के छिलके के अन्दर ही काजू होता है। काजू कोमल, सफेद और स्वादिष्ट होता है। काजू खाकर पानी पीने से भूख मिट जाती है लेकिन अधिक मात्रा में खाने से पेट में दर्द हो जाता है।काजू के पके फल खाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और सूखे बीजों को चीनी के पाक में मिलाकर मिठाई बनाई जाती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार काजू के बीज और उसके तेल में प्रोटीन और विटामिन ´बी` अधिक मात्रा में पाया जाता है और इसका प्रोटीन शरीर में बहुत जल्दी पच जाता है।
काजू का इस्तेमाल मिठाई और सब्जी की ग्रेवी को स्वादिष्ट बनाने के लिए खूब किया जाता है. काजू से बनी बर्फी को ज्यादातर लोग बहुत पसंद करते हैं। स्वाद के साथ ही यह सूखा मेवा सेहत को स्वस्थ रखने में भी खूब उपयोगी है।
काजू में बहुत सारे विटामिन और पोषक तत्व होते हैं, लेकिन उनमें बहुत अधिक वसा होता है। अच्छी खबर यह है कि इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा होता हैं।
जब काजू को कम मात्रा में खाया जाता है तो हृदय रोग में सुधार हो सकता है और साथ ही स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है। काजू में विटामिन ई होता है और विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
इसमें विटामिन ई, के,बी-6, तांबा, फास्फोरस, जिंक, आयरन, और सेलेनियम जैसे खनिज भी है, जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं। काजू को आप सीधे खा सकते है लेकिन आपको इसके सभी गुणो का फ़ायदा उठाना है तो सुबह पानी में 5-10 काजू भिगो दे और रात को सोते वक़्त उसका सेवन करे या फिर रात को भिगो कर रख दे और सुबह इनका सेवन करे।
चाहे कैसा भी ड्राई फ़्रूट हो उनको भिगो कर ही खाना चाहिए क्यूँकि हमारी पाचन शक्ति इतनी ज़्यादा नही होती की ड्राई फ़्रूट्स को सूखा पचा सके, इसलिए ड्राई फ़्रूट्स को भिगो कर खाने की सलाह दी जाती है। अगर आप को इसके फ़ायदों को महसुस करना है तो आप इसे लगातार 6 दिनो तक सेवन करे। आइए जानते है All Ayurvedic के माध्यम से इसके फ़ायदों के बारे में….
अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखें और हमारा YOUTUBE CHANNEL SUBSCRIBE करे।
दिल दिमाग : अनुसंधान से पता चलता है कि काजू खाने से हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता हैं। यह रक्तचाप और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। काजू स्वाभाविक रूप से कोलेस्ट्रॉल मुक्त होता हैं और पोटेशियम जैसे अन्य विटामिन हृदय रोग से लड़ने में भी मदद करते हैं। रिसर्च में पाया गया है की काजू हृदय को स्वस्थ बनाये रखने में बड़ा ही अहम योगदान देता है।
रक्त स्वास्थ्य : काजू में कॉपर और आयरन लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने का काम करता हैं, साथ ही रक्त वाहिकाओं, तंत्रिकाओं, प्रतिरक्षा प्रणाली, और हड्डियों को स्वस्थ रखने का कार्य करता हैं।
नेत्र स्वास्थ्य : हम सब जानते है कि गाजर आपकी आंखों के लिए अच्छा होता है, लेकिन यह जानकार आपको आश्चर्य होगा कि काजू में ल्यूसिन और ज़ेकैक्टीन होते हैं, जो नियमित रूप से एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता हैं। ये यौगिक आंखों को क्षति से बचाता है।
वजन घटना : शोध के अनुसार, एक दिन में दो काजू खाने से हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर से बचा जा सकता है। काजू में पाए जाने वाला पॉलीअनसैचुरेटेड वसा आपके वजन को संतुलित रखता है। काजू खाने से आपका वज़न नियंत्रण में रहता है, परन्तु इस बात का भी ध्यान रहे की इसे जरूरत से ज़्यादा खाने से वेट गेन हो सकता है।
पौरुष शक्ति : काजू खाने से धा-तु पुष्ट होती है। जो व्यक्ति इसका नियमित सेवन करता है उसकी पौरुष शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
हड्डियों को मजबूत रखता है : काजू में प्रोटीन बहुत अधिक मात्र में पाई जाती है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है।
मधुमेह : हाल ही में रिसर्च के मुताबिक काजू के लगातार इउपयोग करने से मधुमेह का खतरा कम होता है और अगर आपको पहले से मधुमेह है तो उसको बढ़ने से रोकता है।
दाँत : काजू दाँतों और मसूड़ो को स्वस्थ रखता है। इसके लगातार इस्तेमाल से दातों को मजबूती मिलती है। इसमें उपलब्ध रसायन दातों को कमज़ोर होने से बचाता है।
कैंसर : काजू में पाये जाने वाले पोषक पदार्थ और रसायन कैंसर से लड़ने में कारगर साबित होते है।
दिमाग की कमजोरी : सर्दियों के मौसम में सुबह के समय रोज खाली पेट 20 ग्राम काजू खाकर ऊपर से शहद चाटने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।
त्वचा बनती है चमकदार : काजू खाने से त्वचा का ग्लो करने लगती है और रंगत भी निखर जाती है. सौंदर्य बढ़ाने के लिए अक्सर ही घरेलू नुस्खों में इसका उपयोग किया जाता रहा है।
याद्दाशत होती है तेज : काजू विटामिन-बी का खजाना है. भूखे पेट काजू खाकर शहद खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है. काजू खाने से यूरिक एसिड बनना बंद हो जाता है और इसके सेवन से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।
पाचन शक्ति को बनता है मजबूत : काजू में एंटी ऑक्सीडेंट पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के साथ ही वजन भी संतुलित रखता है।
शरीर में एनर्जी बनाएं रखता है : काजू को ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना जाता है. इसे खाने से सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचता लेकिन इसे ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए. अगर आपका मूड बेमतलब ही खराब हो जाता है तो 2-3 काजू खाने से आपको इस समस्या में आराम मिल सकता है।
कोलेस्ट्रॉल करता है कंट्रोल : काजू कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है. इसमें प्रोटीन अधिक होता है और यह जल्दी पच जाता है. काजू आयरन का अच्छा स्त्रोत माना जाता है इसलिए खून की कमी को दूर करने के लिए आप इसे खा सकते हैं।
पौरुष शक्ति : काजू खाने से धातु पुष्ट होती है। जो व्यक्ति इसका नियमित सेवन करता है उसकी पौरुष शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
हाथ-पैर फटना : काजू का तेल हाथ-पैरों की त्वचा पर लगाने से त्वचा नहीं फटती है। इसके तेल का प्रयोग एड़ियां फटने पर भी किया जाता है। मस्सों पर इसका तेल लगाने से मस्से सूखकर नष्ट होते हैं।
हड्डियों को मजबूत रखता है – काजू में प्रोटीन बहुत अधिक मात्र में पाई जाती है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है।
सफेद दाग : रोजाना काजू खाने से श्वेत कुष्ठ (सफेद दाग) समाप्त हो जाता है।
आवश्यक सावधानी
काजू गर्म होता है। अत: इसका प्रयोग द्राक्ष, चीनी या शहद के साथ करना चाहिए। काजू का सेवन अधिक मात्रा में करने से नाक से खून आ सकता है
सुबह खाली पेट लहसुन खाइए… तीसरा फायदा जानकर आप भी अभी से शुरू कर देंगे!”
खाली पेट सिर्फ़ एक कली लहसुन खाने से होते हैं ये 8 चमत्कारी फायदे — तीसरा असर आपको चौंका देगा!
नई दिल्ली:अक्सर हम लहसुन को सिर्फ़ खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इसे मानते हैं एक प्राकृतिक औषधि। खासतौर पर सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर को जो फायदे मिलते हैं, वे किसी चमत्कार से कम नहीं।
डायजेशन, दिल की सेहत, इम्यूनिटी और यहां तक कि दिमाग की नसों तक — लहसुन अपने एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए मशहूर है।
???? रोज़ सुबह खाली पेट लहसुन खाने के 8 जबरदस्त फायदे:
-
✅ दांत दर्द से राहत:
लहसुन में मौजूद दर्दनिवारक और एंटीबैक्टीरियल तत्व दांत के दर्द में राहत पहुंचाते हैं। -
❤️ हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है:
यह रक्त संचार को नियमित करता है और दिल की बीमारियों से बचाता है। -
???? नसों की झनझनाहट से छुटकारा:
रिसर्च बताती है कि लहसुन नसों की सूजन और झनझनाहट को शांत करता है। (यही है वो चौंकाने वाला फायदा!) -
???? पेट के टॉक्सिन्स को साफ करता है:
विषैले तत्वों को बाहर निकालकर पेट को हल्का और हेल्दी बनाता है। -
???? कोलेस्ट्रॉल को घटाता है:
रोज़ाना खाली पेट लहसुन खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होता है। -
????️ भूख बढ़ाता है और पाचन सुधारता है:
जिन लोगों को भूख कम लगती है, उनके लिए लहसुन रामबाण है। -
???? श्वसन तंत्र मजबूत करता है:
अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, कफ, निमोनिया जैसी दिक्कतों से राहत देता है। -
❤️???? दिल को लचीला और मजबूत बनाता है:
धमनियों को कठोर होने से बचाता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा घटता है।
???? सावधानी:
-
लहसुन गर्म तासीर का होता है, इसलिए सीमित मात्रा (1–2 कली) में ही सेवन करें।
-
किसी विशेष बीमारी या दवा चल रही हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
शरीर में धीरे-धीरे ज़हर घोल रहा है ये 'Silent Killer'... लिवर खराब होने के ये 6 संकेत क्या आपने देखे?"
नई दिल्ली: आपका लिवर चुपचाप आपके शरीर के लिए काम करता है — डाइजेशन से लेकर डिटॉक्सिफिकेशन तक, लेकिन अगर ये थकने लगे, तो पहले आपको बताता नहीं... सिर्फ धीरे-धीरे सिग्नल भेजता है।
डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट नंदिनी जी के मुताबिक, लिवर कमजोर होने पर दिखते हैं ये संकेत:
⚠️ लिवर कमजोर होने के 6 प्रमुख लक्षण:
-
लगातार थकान और कमजोरी
-
पेट दर्द, भारीपन या जलन
-
गैस और एसिडिटी की समस्या
-
नींद न आना या बार-बार जागना
-
स्किन पर रैशेज या खुजली
-
मुंह का स्वाद खराब या भूख में कमी
✅ कैसे रखें लिवर को हेल्दी?
???? चुकंदर का जूस पिएं – लिवर को डिटॉक्स करता है और एंजाइम्स को एक्टिव रखता है।
???? नींबू पानी पिएं – टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार।
???? क्रूसिफेरस सब्जियाँ खाएं – जैसे ब्रोकोली, पत्तागोभी, मूली, शलजम।
???? प्रोसेस्ड शुगर, मैदा, तला-भुना और ओवरमीठा खाने से बचें
???? रोजाना 30–40 मिनट की वॉक/एक्सरसाइज़ करें
???? दिनभर खुद को हाइड्रेट रखें – खूब पानी पिएं।
???? जानिए क्यों है लिवर इतना जरूरी?
लिवर न सिर्फ पाचन करता है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करता है, हार्मोन बैलेंस करता है और 500+ से ज्यादा कामों में एक्टिव रहता है। लेकिन एक बार खराब हुआ तो रिकवरी लंबी और मुश्किल हो जाती है।
बार-बार मुंह से बदबू आना हो सकता है इस गंभीर बीमारी का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
मुंह से बार-बार बदबू आना एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक, यह शरीर में छिपी गंभीर बीमारियों का इशारा भी हो सकता है। इस स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में हैलिटोसिस (Halitosis) कहा जाता है।
हर रात सोने से पहले पिएं सिर्फ 1 कप... और बीमारियां होंगी छूमंतर! इस देसी पानी का राज अब आया सामने
भागदौड़ भरी जिंदगी, फास्ट फूड, तनाव और अनियमित नींद ने हमारी इम्युनिटी और सेहत की नींव हिला दी है। लेकिन आयुर्वेद में छुपा एक ऐसा सुपर ड्रिंक है, जो अगर हर रात सोने से पहले पिया जाए, तो शरीर की कई पुरानी समस्याएं खुद-ब-खुद ठीक होने लगती हैं।
हम बात कर रहे हैं दालचीनी के पानी (Cinnamon Water) की — जो एक सादा घरेलू उपाय होते हुए भी, डायबिटीज से लेकर वजन कम करने तक में मदद करता है।
दालचीनी का पानी पीने के 5 बड़े फायदे:
1️⃣ ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल में:
दालचीनी के प्राकृतिक तत्व ग्लूकोज लेवल को बैलेंस करते हैं। मधुमेह के मरीजों या प्री-डायबेटिक लोगों के लिए बेहद लाभकारी।
2️⃣ पाचन तंत्र बनेगा दुरुस्त:
गैस, अपच, पेट फूलना जैसी समस्याओं में आराम देता है। सोने से पहले पीने पर सुबह पेट रहेगा साफ और हल्का।
3️⃣ दिल रहेगा फिट:
दालचीनी का पानी कोलेस्ट्रॉल घटाता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है और हार्ट की सेहत में सुधार लाता है।
4️⃣ इम्यूनिटी होगी सुपरचार्ज:
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स सर्दी-खांसी और वायरल से लड़ने की ताकत देते हैं।
5️⃣ वजन घटाने में असरदार:
मेटाबॉलिज्म तेज करता है और फैट बर्निंग प्रोसेस को बढ़ावा देता है। रोज़ रात को लेने से कैलोरी बर्निंग ऑटोमेटिक हो जाती है।
ऐसे बनाएं दालचीनी का पानी:
✅ एक गिलास पानी उबालें
✅ उसमें 1 इंच दालचीनी की छाल डालें
✅ 5–7 मिनट तक उबालें
✅ छानकर सोने से 30 मिनट पहले गर्म या गुनगुना पिएं
ध्यान रखें:
-
अत्यधिक सेवन से परहेज करें
-
गर्भवती महिलाएं या गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति डॉक्टर की सलाह लेकर ही सेवन करें
गुटका-सिगरेट की लत को जड़ से मिटा देगा रसोई का यह मसाला! एक्सपर्ट बोले – बस 3 घंटे मुंह में रखें, तंबाकू की तलब हो जाएगी गायब
अगर आप या आपके जानने वाले गुटका चबाने या सिगरेट पीने की लत से परेशान हैं, तो अब राहत की खबर है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. सुभाष गोयल ने एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताया है, जो आपकी किचन में पहले से मौजूद है और जिसका असर चौंकाने वाला है।
डॉ. गोयल के अनुसार, यह एक साधारण सा मसाला, तंबाकू की लत छुड़ाने में चमत्कारी रूप से काम करता है। लोग जो पहले दिन में 20 सिगरेट पीते थे, इस नुस्खे से 1-2 पर आ गए और फिर इच्छा खत्म हो गई!
कौन-सा है ये मसाला? कैसे करें इस्तेमाल?
आपको चाहिए सिर्फ:
-
अजवाइन (Carom Seeds)
-
सेंधा नमक (Rock Salt)
कैसे करें उपयोग:
???? हथेली पर थोड़ा सा अजवाइन और सेंधा नमक रखें (जैसे लोग तंबाकू और चूना रखते हैं)
???? इसे अंगूठे से मसलें और होंठ के पीछे, गाल के पास रख लें
???? 3 घंटे तक मुंह में रखें, फिर थूक दें
ऐसा करने से धीरे-धीरे गुटका या सिगरेट की तलब कम होनी शुरू हो जाएगी। कुछ ही दिनों में लत पूरी तरह छूट सकती है।
तंबाकू छोड़ने में मदद करने वाले अन्य टिप्स:
✅ मुंह को व्यस्त रखें – संतरा, ओट्स, ब्राउन राइस, सूरजमुखी के बीज चबाएं
✅ डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन बढ़ाएं
✅ रोज़ाना एक्सरसाइज करें – इससे तनाव और एंज़ायटी घटती है
✅ उन चीजों से दूर रहें जो आपको तंबाकू के लिए ट्रिगर करती हैं – जैसे चाय के साथ सिगरेट, दोस्तों का साथ आदि
कैल्शियम चूसकर हड्डियों को बना देती हैं खोखला! हर दिन खा-पी रहे हैं ये 5 ज़हर जैसी चीजें – नंबर 3 तो बच्चों के टिफिन में भी होती है
कैल्शियम शरीर की रीढ़ की तरह होता है — यह न सिर्फ हड्डियों और दांतों को मजबूत रखता है, बल्कि मांसपेशियों, तंत्रिका तंत्र और रक्तचाप के नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजें ऐसी हैं, जो आपकी प्लेट में दिखती तो सामान्य हैं, पर अंदर ही अंदर आपकी हड्डियों को चूसकर खोखला कर देती हैं?
अगर हड्डियों का ख्याल नहीं रखा गया, तो उम्र से पहले ही जोड़ों का दर्द, फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां घेर सकती हैं। आइए जानें वे 6 आम फूड्स, जो आपके शरीर से धीरे-धीरे कैल्शियम की लूट मचा रहे हैं।
ये फूड्स चुरा रहे हैं आपकी हड्डियों का दम
1. कोल्ड ड्रिंक (Soda):
कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड, शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है। नतीजा – हड्डियों से धीरे-धीरे कैल्शियम बाहर होने लगता है।
2. रेड और प्रोसेस्ड मीट:
सॉसेज, हॉट डॉग्स और रेड मीट में पाए जाने वाले तत्व यूरिक एसिड की समस्या बढ़ाते हैं, जिससे हड्डियों पर सीधा असर होता है।
3. केक, कैंडी और कुकीज:
इनमें मौजूद हाई शुगर और रिफाइंड कार्ब्स न केवल कैल्शियम को अवशोषित होने से रोकते हैं, बल्कि शरीर में इंफ्लेमेशन (सूजन) भी बढ़ाते हैं – जो हड्डियों के लिए बेहद खतरनाक है।
4. चाय और कॉफी:
ज्यादा कैफीन शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल देता है। अगर दिन में 3-4 बार चाय पीते हैं, तो सावधान हो जाइए!
5. शराब (Alcohol):
शराब हड्डियों की मजबूती को पूरी तरह से तबाह कर सकती है। यह हड्डियों से कैल्शियम का तेजी से क्षय करती है।
6. ऑयली और फ्राइड फूड्स:
जैसे समोसे, पकोड़े, फ्राइड चिकन – इनमें मौजूद ट्रांस फैट्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिससे कैल्शियम अवशोषण कम होता है।
तो क्या खाएं?
अगर हड्डियों को बनाए रखना है मजबूत, तो इन चीजों को करें अपनी डाइट में शामिल:
-
दूध, दही, पनीर
-
हरी पत्तेदार सब्जियां
-
बादाम, तिल, चिया सीड्स
-
फल जैसे संतरा, कीवी
-
सूरज की रोशनी और नियमित व्यायाम
बवासीर के दर्द से तुरंत राहत! जानिए वो 5 खास खाद्य पदार्थ जो बदल सकते हैं आपकी जिंदगी
नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के चलते बवासीर (पाइल्स) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। यह समस्या आम होती जा रही है, लेकिन इसके शुरुआती लक्षणों को लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या गंभीर हो जाती है।
अगर आप मल त्याग के समय दर्द, गुदा मार्ग से खून आना, सूजन, खुजली या जलन महसूस करते हैं, तो यह बवासीर के संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सही खानपान और जीवनशैली में सुधार से इस समस्या में राहत पाई जा सकती है।
यहाँ जानिए वो 5 खाद्य पदार्थ जो बवासीर में तुरंत आराम दिला सकते हैं:
-
फाइबर युक्त फल और सब्जियां: जैसे सेब, नाशपाती, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और दालें कब्ज से बचाव में मदद करती हैं।
-
इसबगोल की भूसी: रात को गुनगुने पानी या दूध के साथ लेने से मल नरम होता है और दर्द कम होता है।
-
एलोवेरा जूस: सूजन और जलन कम करता है, आंतों की क्रिया सुधारता है।
-
छाछ: पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है और गैस व एसिडिटी से राहत देती है। इसमें थोड़ी सी हींग और अजवाइन डालने से अतिरिक्त लाभ होता है।
-
अंजीर: भिगोए हुए सूखे अंजीर सुबह खाली पेट खाने से पाचन सुधरता है और मल मुलायम होता है।
साथ ही, पानी भरपूर पिएं, मसालेदार और तली-भुनी चीजों से बचें, और लंबे समय तक न बैठें। हल्की कसरत या योग भी लाभकारी हैं।
अगर लक्षण लगातार बने रहें या खून आना जारी रहे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
नस की कमजोरी का कारण और इसे दूर करने के लिए क्या खाएं
नस की कमजोरी का कारण और इसे दूर करने के लिए क्या खाएं?
हमारे शरीर में लगभग 7 ट्रिलियन नसें होती हैं, जो दिमाग से लेकर पैर तक पूरे शरीर में फैली होती हैं। ये नसें ही हमारे शरीर के अंगों को ऑक्सीजन और संदेश पहुंचाती हैं। लेकिन जब नसें कमजोर हो जाती हैं, तो शरीर में दर्द, सुन्नपन, झुनझुनी और मांसपेशियों में कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
नसों की कमजोरी के मुख्य कारण:
-
विटामिन B12 की कमी: नसों के सही काम करने के लिए बहुत जरूरी। इसकी कमी से नसें कमजोर हो जाती हैं और झुनझुनी, दर्द, जलन जैसी समस्याएं होती हैं।
-
विटामिन B1 की कमी: यह शरीर में ऊर्जा बनाता है और नर्वस सिस्टम को मजबूत रखता है।
-
विटामिन D की कमी: नसों को स्वस्थ और लचीला बनाता है, इसकी कमी से नसों में खून का प्रवाह खराब हो सकता है।
-
विटामिन E: एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट जो नसों को नुकसान से बचाता है।
नसों को मजबूत बनाने के लिए क्या खाएं?
-
विटामिन B12 के लिए: मछली, चिकन, बीफ, अंडे, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स।
-
शाकाहारी विकल्प: फोर्टिफाइड अनाज, फोर्टिफाइड प्लांट-बेस्ड मिल्क।
-
विटामिन D के लिए: वसायुक्त मछली, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड दूध और अनाज।
-
ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए: अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट, सोयाबीन।
शरीर के इन 5 अंगों में दर्द हो तो हो सकती है किडनी डैमेज की चेतावनी, जानें एक्सपर्ट की राय
Kidney Damage Symptoms: किडनी हमारे शरीर से जहरीले टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द हो सकता है। यह दर्द सामान्य लग सकता है, लेकिन यह किडनी में समस्या का संकेत भी हो सकता है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
मेयो क्लीनिक के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एंड्रयू बेंटाल के अनुसार, क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) में किडनी धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती है और टॉक्सिन्स शरीर में जमा होने लगते हैं। इससे पेट, पैरों और अन्य जगहों पर दर्द हो सकता है।
किडनी खराब होने पर दर्द कहाँ-कहाँ होता है?
1. पीठ के निचले हिस्से में दर्द
कमर के पीछे, दोनों तरफ किडनी होती हैं। अगर आपको लगातार और एक तरफ दर्द हो रहा है, तो यह किडनी इंफेक्शन या पथरी का संकेत हो सकता है।
2. पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
किडनी खराब होने पर पेट के ऊपर हल्का या तेज दर्द हो सकता है, जो महिलाओं को पीरियड्स की ऐंठन जैसा भी लग सकता है। अगर दवा लेने के बाद ऐसा दर्द हो, तो इसे गंभीरता से लें।
3. जोड़ों और घुटनों में दर्द
किडनी ठीक से टॉक्सिन्स नहीं निकाल पाती तो ये शरीर में जमा होकर जोड़ों और टखनों में सूजन और दर्द कर सकती है।
4. पसलियों और छाती में दर्द
अगर बेवजह पसलियों और छाती में दर्द हो रहा है, तो यह भी किडनी डैमेज का लक्षण हो सकता है। साथ ही सांस लेने में दिक्कत या लेटने पर बेचैनी महसूस हो तो सावधान रहें।
5. कमर में दर्द
कमर में तेज या चुभने वाला दर्द, पेशाब करते समय जलन या बार-बार पेशाब आना भी किडनी खराब होने की निशानी हो सकती है।
किडनी की सुरक्षा के लिए क्या करें?
-
रोजाना कम से कम 7-8 गिलास पानी पीएं।
-
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रण में रखें।
-
नमक, बाहर का खाना, प्रोसेस्ड फूड और धूम्रपान से बचें।
-
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
पीएचसी बेनूर के औचक निरीक्षण में मिली गंभीर लापरवाही, स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर फार्मासिस्ट बर्खास्त
रायपुर, 07 अगस्त 2025 / छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा आज नारायणपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेनूर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फार्मेसी स्टोर में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते पदस्थ फार्मासिस्ट श्री अरसद रिजवी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।













