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एनटीपीसी सीपत में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह, उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिला कर्मियों का सम्मान

एनटीपीसी सीपत में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह, उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिला कर्मियों का सम्मान

बिलासपुर। एनटीपीसी लिमिटेड की सीपत परियोजना में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परियोजना में कार्यरत महिला कर्मचारियों तथा सहयोगी एजेंसियों के साथ कार्यरत महिला कर्मियों के कार्यों और संगठन की निरंतर प्रगति में उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में संविदा महिला श्रमिकों के प्रयासों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर इस विशेष दिवस की शुभकामनाएँ दी गईं।

समारोह में परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि फौजिया मिर्ज़ा, वरिष्ठ अधिवक्ता, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों की महिला कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सशक्त महिला होने का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
 
समारोह के दौरान कई महिला कर्मचारियों ने कविता, गीत और नृत्य के माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एनटीपीसी सीपत की महिलाएँ न केवल इंजीनियर, चिकित्सक और विभिन्न विभागों की पेशेवर भूमिकाओं में सक्रिय हैं, बल्कि नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में भी अग्रणी भूमिका निभाते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल ने इस वर्ष की थीम ‘गिव टू गेन’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की महिलाएँ सशक्त समाज के निर्माण के साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रचालन एवं अनुरक्षण (Operation and Maintenance), सुरक्षा, अभियांत्रिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) जैसे विभागों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह सिद्ध करती है कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अपने संबोधन में फौजिया मिर्ज़ा ने एनटीपीसी सीपत द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्वतंत्रता, उनके अधिकारों और उनकी क्षमता के प्रभावी उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला तथा अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने एनटीपीसी में महिला कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न नीतियों की जानकारी प्राप्त की और उनकी प्रशंसा की। विशेष रूप से गर्भवती महिला कर्मचारियों के लिए संचालित कल्याणी योजना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल को अन्य संस्थानों में भी व्यापक रूप से अपनाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर कोमल कृति उरांव को भी सम्मानित किया गया, जिनका चयन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक सेवा परीक्षा 2024–25 में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर हुआ है। वह एनटीपीसी सीपत में वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में कार्यरत एस. आर. उरांव की पुत्री हैं।
कार्यक्रम को एनटीपीसी सीपत परिवार की महिला कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने और अधिक जीवंत और यादगार बना दिया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) सुरोजित सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं फ्यूल मैनेजमेंट) अशोक सरकार, महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी) विकास खरे सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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आरडीजे
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एमसीबी जिले की  दर्शना सिंह ने यूपीएससी में हासिल की 383वीं रैंक

एमसीबी जिले की दर्शना सिंह ने यूपीएससी में हासिल की 383वीं रैंक

छत्तीसगढ़ –मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र की बेटी दर्शना सिंह ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी में 383वीं रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। रैंक के आधार पर दर्शना के आईपीएस बनने की संभावना जताई जा रही है।

दर्शना सिंह के पिता अरुण सिंह जनकपुर में राशन दुकान संचालक हैं, जबकि उनकी माता सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर में भाजपा पार्षद हैं। दर्शना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जनकपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से
सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
दर्शना ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर यह मुकाम पाया है। उनकी सफलता से जनकपुर सहित पूरे जिले में गर्व और खुशी का माहौल है।
दर्शना के पिता अरुण सिंह ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मां चांग देवी का आभार व्यक्त किया। वहीं उनकी माता सीमा सिंह ने कहा कि दर्शना ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और गांव के लोगों को देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया है
 
 
 
 
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कोकराझार लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने डाला डेरा भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा

कोकराझार लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने डाला डेरा भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा

असम के कोकराझार लोकसभा क्षेत्र के प्रवास पर पहुंचे भारत सरकार के केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने क्षेत्र में डेरा डालकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कार्यकर्ताओं के साथ व्यापक संवाद किया। उनके इस प्रवास से भाजपा पदाधिकारियों, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

प्रवास के दौरान श्री साहू ने चिरांग जिले के बिजनी विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में भाजपा पदाधिकारियों, बूथ कार्यकर्ताओं तथा एनडीए के सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं और संगठनात्मक गतिविधियों को और सशक्त बनाने पर चर्चा की।
 
अपने संबोधन में केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राजनीतिक संगठन बन चुकी है। देशभर में 18 करोड़ से अधिक सदस्य और 11 लाख से अधिक सक्रिय बूथ संगठन पार्टी की ताकत का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर का प्रत्येक कार्यकर्ता भाजपा की विचारधारा और संगठन की शक्ति का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में देश में सेवा, सुशासन और विकास की नई राजनीति स्थापित हुई है। प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मंत्र भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
 
उन्होंने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व की भी सराहना करते हुए कहा कि राज्य में संगठन और सरकार के समन्वय से विकास और जनविश्वास दोनों में निरंतर वृद्धि हुई है।
 
भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू के सरल, सक्रिय और कार्यकर्ता-केंद्रित नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका कोकराझार लोकसभा क्षेत्र में प्रवास संगठन के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है और इससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
 
इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और एनडीए के सहयोगी दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत करने तथा राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
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छत्तीसगढ़ बजट 2026: बस्तर को विकास की नई दिशा — सांसद महेश कश्यप

छत्तीसगढ़ बजट 2026: बस्तर को विकास की नई दिशा — सांसद महेश कश्यप

कोण्डागांव खिरेन्द्र यादव - कोंडागांव,  जिला मुख्यालय स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में महेश कश्यप ने छत्तीसगढ़ सरकार के बजट 2026 को बस्तर अंचल के लिए ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी बताया। उन्होंने कहा कि फरवरी–मार्च 2026 सत्र में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सर्वांगीण उत्थान की दिशा में ठोस कदम है।

सांसद ने बताया कि शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। बस्तर संभाग के जगरमुडा और अबूझमाड़ में एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यालय, आईटीआई, छात्रावास और शिक्षकों के आवास विकसित किए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के तहत 150 स्कूलों के उन्नयन के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। इसके अलावा निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग के लिए 33 करोड़ और समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में दो बैराज तथा 68 किलोमीटर लंबी नहर निर्माण हेतु 2024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़, कृषि पंप सब्सिडी के लिए 6700 करोड़ तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण के तहत महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अधोसंरचना विकास के अंतर्गत बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट उन्नयन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन और आवास योजनाओं के लिए भी पर्याप्त राशि तय की गई है।
इस दौरान  भाजपा जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम, नपा अध्यक्षा नरपति पटेल, मौजूद रहे।
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छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: आईआईएम रायपुर में 'मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप' के साथ एमबीए के लिए आवेदन शुरू

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: आईआईएम रायपुर में 'मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप' के साथ एमबीए के लिए आवेदन शुरू

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप' (CMGGF) के तहत भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर ने अपने विशेष दो वर्षीय एमबीए (पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस) कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्यक्रम सार्वजनिक नीति और शासन के क्षेत्र में भविष्य के कुशल नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को प्रबंधकीय दक्षता और विश्लेषणात्मक क्षमता के साथ-साथ जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।

 
इस विशिष्ट पाठ्यक्रम का संचालन आईआईएम रायपुर के प्रोफेसर गोपाल कुमार और प्रोफेसर शबना पी. के मार्गदर्शन में किया जाएगा, जो कार्यक्रम निदेशक के रूप में नियुक्त किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को न केवल आईआईएम रायपुर परिसर में विश्वस्तरीय कक्षाएं मिलेंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से गहन फील्ड एक्सपोज़र भी दिया जाएगा। यह 'ब्लेंडेड' मॉडल सुनिश्चित करता है कि छात्र सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ शासन की जटिलताओं और व्यावहारिक चुनौतियों को भी बारीकी से समझ सकें।
 
इस फेलोशिप की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्ण वित्तीय सहयोग है। राज्य सरकार चयनित सभी अभ्यर्थियों की संपूर्ण ट्यूशन फीस स्वयं वहन करेगी। इसके अतिरिक्त, नामांकित छात्रों को पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के दौरान ₹50,000 प्रतिमाह का आकर्षक वजीफा (Stipend) प्रदान किया जाएगा। सरकार की यह पहल राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त कर उन्हें सार्वजनिक सेवा और सुशासन के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने की एक सुदृढ़ प्रतिबद्धता है।
 
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया:
कार्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। शैक्षणिक योग्यता के तौर पर अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 60% अंकों (आरक्षित वर्ग के लिए 55%) के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के पास वर्ष 2023, 2024 या 2025 का वैध CAT स्कोरकार्ड होना आवश्यक है। सीटों का आवंटन छत्तीसगढ़ राज्य की प्रचलित आरक्षण नीति के अनुरूप किया जाएगा।
 
इच्छुक उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित फेलोशिप और एमबीए कार्यक्रम के लिए 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी और आवेदन के लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट http://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ पर लॉग-इन किया जा सकता है।
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सड़क हादसों में जीवन रक्षक बनेंगे राहवीर, स्वास्थ्य मंत्री की अपील आप भी बने राहबीर और लोगों को जागरूक

सड़क हादसों में जीवन रक्षक बनेंगे राहवीर, स्वास्थ्य मंत्री की अपील आप भी बने राहबीर और लोगों को जागरूक

एमसीबी, खड़गवां। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को तत्काल राहत और इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार ने अभिनव योजना की शुरुआत की है इससे ना सिर्फ मदत करने वालों को सरकार राजवीर के नाम से नवाजेगी बल्कि 25 हजार रुपए पुरस्कार राशि भी प्रदान करेगी वही घायलों को राजवीर के द्वारा 1 घंटे के भीतर स्थानीय अस्पताल तक पहुंचाने पर घायलों का इलाज डेढ़ लाख रुपए तक निःशुल्क हो सकेगा और जान बचाई जा सकेगी और इसका पूरा खर्चा सरकार वहन करेगी।
और तो और पुलिस द्वारा राहवीर से गहन पूछताछ पर भी सरकार ने रोक लगा दी है ताकि सहायता करने वाले राहवीर को बेवजह पुलिस के झंझट से भी बचाया जा सके। 
उक्त योजना को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशवासियों से खड़गवां के एक कार्यक्रम से अपील की। उन्होंने कहा कि मैं स्वास्थ्य मंत्री हूं इसलिए मेरा दायित्व है कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी हर तरीके से मुहैया कराउ और यह योजना भी अप्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य से ही जुड़ा है। श्री जायसवाल ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि योजना की खासियत यह है कि पहले जब सड़क हादसे में कोई घायल होता और मानवीय दृष्टि से सहायता की जाती तो पुलिस पूछताछ के चक्कर में सहायता करने वाले को परेशान करती थी और यही कारण था कि लोग मदत करने की बजाय घायल को वैसी ही हालत में छोड़कर चले जाया करते थे लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए ठोस योजना बनाई है। इस योजना के माध्यम से जहा घायलों को तत्काल निजी या सरकारी अस्पताल में तत्काल डेढ़ लाख तक का उपचार मिल सकेगा अपितु सहायता करने वाले को भी 25000 की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। वही विशेष यह होगा कि 1 घंटे के भीतर सहायता पहुंचाने वालों से पुलिस कोई पूछताछ भी नहीं करेगी। उक्त योजना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशवासियों से जागरूकता फैलाने की अपील की ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग योजना को समझ सके और घायलों को उपचार का राहत मिल सके। इस दौरान बड़ी मात्रा में ग्रामवासी, किसान, भाजपा नेता और सरकारी तंत्र उपस्थित रहा।
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दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर कर रही हैं मोबाइल मेडिकल यूनिट्स; 2400 से अधिक शिविरों में 40,000 से ज्यादा मरीज हुए लाभान्वित

दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर कर रही हैं मोबाइल मेडिकल यूनिट्स; 2400 से अधिक शिविरों में 40,000 से ज्यादा मरीज हुए लाभान्वित

रायपुर: ग्रामीण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) ने राज्य के सुदूर और नक्सल प्रभावित जिलों में 2400 से अधिक चिकित्सा शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया है।

राज्य में पीएम-जनमन परियोजना के परियोजना निदेशक चेतन शर्मा ने बताया कि अब तक प्रदेश भर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 40,000 से अधिक मरीज लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन एम्बुलेंसों के जरिए मरीजों को उचित उपचार और परामर्श प्रदान किया गया है।
शर्मा ने आगे जानकारी दी कि 57 एमबीबीएस डॉक्टरों, इतनी ही संख्या में नर्सों और लैब तकनीशियनों की मेडिकल टीमें मौसमी बीमारियों से लेकर पुरानी बीमारियों तक, विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों का समाधान कर रही हैं। आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित ये एमएमयू (MMU) 'पहियों पर अस्पताल' के समान हैं, जो 25 प्रकार के लैब परीक्षणों की सुविधा दे रहे हैं। ये इकाइयाँ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए वरदान साबित हो रही हैं।
एमएमयू द्वारा उपचार की जाने वाली प्रमुख बीमारियाँ:
इन इकाइयों द्वारा मुख्य रूप से त्वचा रोग (जैसे दाद, खुजली, बैक्टीरियल वेजिनोसिस, यीस्ट इन्फेक्शन, ट्राइकोमोनिएसिस आदि), गैर-संचारी रोग (NCDs) जैसे हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) और मधुमेह का प्रबंधन, तथा संक्रमण (वायरल बुखार, टाइफाइड और अन्य सामान्य बीमारियाँ) का इलाज किया जा रहा है।
परियोजना निदेशक ने बताया कि इसके अतिरिक्त, एमएमयू प्रजनन और बाल स्वास्थ्य सेवा, मातृ देखभाल, प्रसव पूर्व देखभाल (Antenatal Care), उच्च जोखिम वाले गर्भधारण की पहचान और रेफरल, तथा प्रसवोत्तर जांच (Post-natal
 
Check-up) की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं।
इसी तरह, ये इकाइयाँ बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं भी दे रही हैं, जिसमें कुपोषण की स्क्रीनिंग, परामर्श, और बचपन की सामान्य बीमारियों जैसे डायरिया, एआरआई (ARI)/निमोनिया, अस्थमा और खसरे से जुड़ी जटिलताओं का उपचार शामिल है।
परियोजना निदेशक के अनुसार, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने विशेष रूप से दुर्गम इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों को लक्षित किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। कवर किए गए क्षेत्रों में शामिल हैं:
नारायणपुर और ओरछा; बड़े राजपुर (कोंडागांव); कुसमी और शंकरगढ़ (बलरामपुर); अंतागढ़ और भानुप्रतापपुर (कांकेर); बोडला (कबीरधाम); मैनपुर, देवभोग और छुरा (गरियाबंद); नगरी (धमतरी); पाली और पौड़ी उपरोड़ा (कोरबा), गौरेला (जीपीएम) और पिथौरा।
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28 फरवरी को कोरिया जिला के 20 हजार से अधिक किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 88 करोड़ रुपए से अधिक की मिलेगी आदान सहायता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निभाया वादा- होली से पहले खातों में पहुंचेगी राशि

28 फरवरी को कोरिया जिला के 20 हजार से अधिक किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 88 करोड़ रुपए से अधिक की मिलेगी आदान सहायता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निभाया वादा- होली से पहले खातों में पहुंचेगी राशि

कोरिया, 27 फरवरी 2026/’खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले के 21 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लगभग 75 दिनों तक चले इस खरीफ वर्ष के लिए 23 हजार 438 किसान पंजीकृत हुए, जिनमें से 20 हजार 442 किसानों से 12 लाख 8 हजार 131.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 286 करोड़ 20 लाख 63 हजार 760.40 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में अंतरित की गई। जिले में कृषि ऋण वितरण के अंतर्गत 47 करोड़ 24 लाख 40 हजार 749.65 रुपये किसानों को दिए गए, जिनमें से 45 करोड़ 21 लाख 95 हजार 184.78 रुपये की वसूली की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने वादे के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की। विगत दिनों की गई घोषणा के अनुसार होली पर्व से पहले किसानों को ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत आदान सहायता प्रदान की जा रही है।
 
इसी क्रम में कोरिया जिले के 20 हजार 442 अन्नदाताओं को प्रति क्विंटल 731 रुपये की दर से कुल 88 करोड़ 31 लाख 44 हजार 199.60 रुपये की आदान सहायता डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में शनिवार 28 फरवरी को अंतरित की जाएगी। रंगोत्सव का पर्व होली से पूर्व इस राशि के मिलने से किसानों के चेहरों पर खुशियां लौटेंगी। वहीं प्रदेश स्तर पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 25 लाख 28 हजार से अधिक पंजीकृत धान एवं धान बीज उत्पादक किसानों को 10,324 करोड़ रुपये से अधिक की आदान सहायता राशि सीधे खातों में अंतरित की जाएगी।
 
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड में दोपहर 12.30 बजे से आयोजित होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी विकासखण्ड मुख्यालय के तहत कृषि विज्ञान केंद्र बैकुंठपुर तथा कृषि कार्यालय, सोनहत में भी किया जाएगा, जहां जनप्रतिनिधियों व लाभार्थी किसानों की उपस्थित में आयोजन किया जाएगा।
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बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की बड़ी सफलता जिले में समय रहते रोका गया बाल विवाह जिले में लगातार सफल प्रयास

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की बड़ी सफलता जिले में समय रहते रोका गया बाल विवाह जिले में लगातार सफल प्रयास

एमसीबी/26 फरवरी 2026/बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में की गई, जिसके तहत जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 फरवरी 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, मनेंद्रगढ़ को सूचना मिली कि ग्राम पंचायत दुग्गी एवं ग्राम पंचायत मुकुंदपुर, विकासखंड खड़गवां, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में बाल विवाह कराया जा रहा है। सूचना में बताया गया कि इस विवाह में दो नाबालिग बालिकाएं शामिल हैं, जिनकी आयु लगभग 16 वर्ष 6 माह एवं 17 वर्ष 6 माह है, जबकि एक बालक की आयु लगभग 18 वर्ष 6 माह बताई गई।
सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुश्री कोमल सिंह द्वारा तत्काल एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें संस्थागत देखरेख संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी खड़गवां, सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि,
 
जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस इकाई एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सभी संबंधित विभागों की मौजूदगी में, खड़गवां तहसीलदार महोदया की उपस्थिति में बालक एवं बालिकाओं के परिजनों को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक कार्रवाई एवं इसके गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्यगत दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशासन की समझाइश और सख्त रुख के बाद मौके पर लगाए गए मंडप को हटवाया गया और सभी के सहयोग से बाल विवाह को पूरी तरह रोक दिया गया। उल्लेखनीय है कि बीते कुछ दिनों में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा कुल छह बाल विवाह रोके जा चुके हैं, जो जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सजगता, सक्रियता और मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग करें और यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर जानकारी दें, ताकि समय रहते बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
 
*समाचार क्रमांक/103/लोकेश/महेन्द्र/फोटो/ 02 से 04*
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बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट में मिली प्राथमिकता पर स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभार

बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट में मिली प्राथमिकता पर स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभार

एमसीबी, 24 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली ऐतिहासिक प्राथमिकता पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि यह इस सरकार का तीसरा बजट है, जो प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो वर्षो में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यो की दिशा में आगे बढने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बजट प्रदेश के लिए लाभदायक और हर वर्ग के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री की वित्तीय प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग को व्यापक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक है।

मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि बजट में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर एवं धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण, रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तरों वाले एमसीएच की स्थापना तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगी।

उन्होंने कहा कि दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र, दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टिट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

इसके साथ ही 25 डायलिसिस केंद्र, 50 जन औषधि केंद्र तथा 25 से अधिक PHC, SHC एवं CHC भवन निर्माण का प्रावधान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट तथा रायपुर में राज्य के पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना को भी मंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय बताया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मंत्री श्री जायसवाल ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के प्रति मैं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
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आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री निवास में मन की बात का सामूहिक श्रवण किया

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री निवास में मन की बात का सामूहिक श्रवण किया

रायपुर, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया।

इस अवसर पर श्री साहू ने कहा कि ‘मन की बात’ जनभावनाओं और जनभागीदारी को सशक्त बनाने वाला एक प्रभावी संवाद मंच है, जो समाज में सेवा, नवाचार और कर्तव्यबोध की भावना को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत विचार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रत्येक नागरिक को प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने लोकतांत्रिक संवाद की भावना को और सुदृढ़ किया। श्री साहू ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ‘मन की बात’ जैसे प्रेरक कार्यक्रमों से जुड़कर राष्ट्रनिर्माण की इस सकारात्मक यात्रा में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
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भाजपा के प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू; बोले- 'अंत्योदय' ही भाजपा का मूल संकल्प

भाजपा के प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू; बोले- 'अंत्योदय' ही भाजपा का मूल संकल्प

भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर (ग्रामीण) द्वारा आयोजित 'पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान' का भव्य आयोजन शनिवार को संपन्न हुआ। इस वैचारिक शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू शामिल हुए। इस अवसर पर बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला भाजपा बिलासपुर ग्रामीण अध्यक्ष श्री मोहित जायसवाल, जिला महामंत्री श्री एस. मनहर सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी
सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने मोदी सरकार की किसान-हितैषी नीतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अन्नदाताओं को निरंतर आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹3 लाख करोड़ से अधिक की राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे DBT (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है।
गरीब कल्याण और अंत्योदय का मिशन
श्री साहू ने प्रशिक्षण में बताया कि भाजपा की राजनीति केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि 'अंत्योदय' यानी समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए है। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण साझा किया:
 * खाद्य एवं आवास सुरक्षा: 'PM गरीब कल्याण अन्न योजना' से 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज और 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पक्की छत।
 * स्वास्थ्य एवं सम्मान: 'आयुष्मान भारत' के तहत 50 करोड़ लोगों को ₹5 लाख तक का सुरक्षा कवच और 11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण।
 * महिला सशक्तिकरण: 'उज्ज्वला योजना' के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति।
 * जल जीवन मिशन: 14 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुँचाने का ऐतिहासिक कार्य।
 
वैचारिक जड़ें और ऐतिहासिक निर्णय
शिविर में पार्टी की ऐतिहासिक यात्रा पर चर्चा करते हुए बताया गया कि भाजपा की नींव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'एक राष्ट्र, एक विधान' और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'एकात्म मानववाद' पर टिकी है। श्री साहू ने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति, राम मंदिर निर्माण और डिजिटल इंडिया (UPI) जैसी उपलब्धियों ने भारत की व्यवस्था और अस्मिता को नई मजबूती दी है।
कार्यकर्ताओं को आह्वान: 'विकसित भारत' के सारथी बनें
केंद्रीय मंत्री ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, "आप केवल संगठन के सदस्य नहीं, बल्कि 2047 के 'विकसित भारत' की नींव की ईंट हैं।" उन्होंने विधायक श्री सुशांत शुक्ला और जिला अध्यक्ष श्री मोहित जायसवाल के साथ कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा से जुटें।
शिविर का समापन "राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय, स्वयं अंतिम" के सामूहिक संकल्प और "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ हुआ। इस अवसर पर जिले के समस्त मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और निष्ठावान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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छत्तीसगढ़ का शहरी पुनर्जागरण – अनुदान से विकास केंद्रों की ओर तोखन साहू , केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री

छत्तीसगढ़ का शहरी पुनर्जागरण – अनुदान से विकास केंद्रों की ओर तोखन साहू , केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री

भारत आज एक ऐतिहासिक शहरी परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹1 लाख करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड (UCF) को स्वीकृति देना इस बात का संकेत है कि देश अब पारंपरिक अनुदान-आधारित वित्तपोषण मॉडल से आगे बढ़कर बाज़ार-संलग्न और सुधार-आधारित शहरी विकास की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।

छत्तीसगढ़ के लिए यह मात्र एक नई योजना नहीं है, बल्कि अपने शहरी केंद्रों को पुनर्परिभाषित करने का अवसर है—भिलाई और कोरबा के औद्योगिक क्षेत्रों से लेकर रतनपुर और सिरपुर की सांस्कृतिक विरासत तक—ताकि वे रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने वाले सशक्त आर्थिक इंजन बन सकें।
अवसरों का कॉरिडोर
UCF के “सिटीज़ ऐज़ ग्रोथ हब्स” घटक के अंतर्गत नवा रायपुर–भिलाई–दुर्ग कॉरिडोर को एक समेकित “सिटी इकोनॉमिक रीजन” के रूप में विकसित करने का सुनहरा अवसर है। एकीकृत भू-आर्थिक और परिवहन नियोजन के माध्यम से राज्य इस क्षेत्र के लिए अत्यावश्यक अवसंरचना—विशेषकर ट्रांजिट कॉरिडोर—के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकता है, जिससे इसकी आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
यह दृष्टिकोण इस तथ्य को स्वीकार करता है कि शहर अलग-थलग विकसित नहीं होते। UCF के तहत उपलब्ध निवेश का पैमाना हमें केवल वर्तमान आबादी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी योजनाबद्ध विकास का अवसर देता है।
टियर-II और टियर-III शहरों के लिए जीवनरेखा
छत्तीसगढ़ के आंतरिक क्षेत्रों के लिए ₹5,000 करोड़ की क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी योजना अत्यंत परिवर्तनकारी सिद्ध हो सकती है। मुंगेली, धमतरी और कवर्धा जैसे छोटे शहरों को अब तक निजी पूंजी तक पहुँचने में कठिनाई होती रही है। अब केंद्र सरकार पहली बार प्रथम ऋण (₹7 करोड़ तक) पर 70% गारंटी प्रदान कर रही है, जिससे ₹20 करोड़ या उससे अधिक मूल्य की परियोजनाएँ बैंक योग्य बन सकेंगी।
यह राज्य सरकार के लिए एक अभूतपूर्व अवसर है कि वह छोटे शहरी निकायों की जल एवं स्वच्छता परियोजनाओं को समेकित कर वित्तीय रूप से सक्षम परिसंपत्तियों में परिवर्तित करे, ताकि छोटे नगर भी आर्थिक विकास के अगले चरण का हिस्सा बन सकें।
वहीं बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहर अपशिष्ट से ऊर्जा (वेस्ट-टू-एनर्जी) परियोजनाओं के क्लस्टर हब बन सकते हैं, यह दर्शाते हुए कि पर्यावरणीय स्थिरता भी आर्थिक रूप से व्यवहार्य अवसंरचना बन सकती है।
 
स्वच्छता: गौरव और आगे की दिशा
अर्बन चैलेंज फंड स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी साफ-सफाई में निवेश को और गति देगा—वे क्षेत्र जहाँ छत्तीसगढ़ पहले ही उल्लेखनीय नेतृत्व प्रदर्शित कर चुका है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024–25 पुरस्कारों में बिलासपुर को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ, साथ ही कुम्हारी और बिल्हा को भी सम्मानित किया गया। रायपुर को राज्य स्तर पर मंत्री पुरस्कार मिला। अंबिकापुर को 50,000 से 3 लाख आबादी वर्ग में “सुपर स्वच्छ लीग सिटी” का दर्जा मिला, जबकि पाटन और विश्रामपुर को 20,000 से कम आबादी वर्ग में सम्मानित किया गया।
ये उपलब्धियाँ हमारे शहरी निकायों की प्रतिबद्धता, जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम हैं। UCF के माध्यम से उन्नत अपशिष्ट प्रसंस्करण, टिकाऊ स्वच्छता प्रणालियाँ और दीर्घकालिक संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) ढाँचे स्थापित किए जा सकेंगे, जिससे स्वच्छता एक स्थायी शहरी संस्कृति बन सके।
 
औद्योगिक पुनरुद्धार और विरासत संवर्धन
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विरासत हमारी शक्ति भी है और जिम्मेदारी भी। कोरबा और भिलाई जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर ब्राउनफील्ड क्षेत्र हैं, जिनमें अपार आर्थिक संभावनाएँ निहित हैं।
UCF के “क्रिएटिव रीडेवलपमेंट ऑफ सिटीज़” घटक के अंतर्गत इन क्षेत्रों का पुनरुद्धार कर उन्हें आधुनिक व्यावसायिक जिलों, हरित पार्कों और नवाचार केंद्रों में बदला जा सकता है। इससे पर्यावरणीय क्षरण कम होगा और निष्क्रिय भूमि को राजस्व सृजन करने वाली परिसंपत्तियों में परिवर्तित किया जा सकेगा।
साथ ही सिरपुर और रतनपुर जैसे ऐतिहासिक नगरों में विरासत संरक्षण को आधुनिक सुविधाओं—स्मार्ट लाइटिंग, बेहतर स्वच्छता और पैदल मार्गों—के साथ जोड़कर पर्यटन-आधारित, समावेशी और सतत विकास मॉडल विकसित किया जा सकता है।
 
विकसित छत्तीसगढ़ के लिए संतुलित विकास
छत्तीसगढ़ का शहरी परिवर्तन विकासोन्मुखी होने के साथ-साथ क्षेत्रीय रूप से संतुलित भी होना चाहिए। बिलासपुर और बस्तर जैसे क्षेत्रों का विकास समग्र और समावेशी प्रगति का रणनीतिक रोडमैप बन सकता है।
बिलासपुर उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और लॉजिस्टिक्स केंद्र बनकर उभर रहा है। शहरी परिवहन, जल आपूर्ति, स्वच्छता और आर्थिक अवसंरचना में लक्षित निवेश इसे क्षेत्रीय विकास इंजन के रूप में सशक्त कर सकता है।सिटीज 2.0 के तहत बिलासपुर सौलिड वेस्ट मैनेजमैंट की दिशा में एक मॉडल बन कर उभर सकता है ।
वहीं बस्तर क्षेत्र में शहरी विकास को स्थिरता और सांस्कृतिक संरक्षण के साथ जोड़ा जा सकता है। बुनियादी सेवाओं को सुदृढ़ करना, पर्यावरण-संवेदी अवसंरचना को बढ़ावा देना और पर्यटन-संबद्ध शहरी सुविधाओं का विकास आजीविका के नए अवसर खोल सकता है।
बस्तर में विकास को प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के विज़न के अनुरूप जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण का माध्यम भी बनना चाहिए। आवास, स्वच्छता, पेयजल, आजीविका, स्थानीय बाज़ार, कौशल विकास और लघु वनोपज मूल्य श्रृंखलाओं में निवेश से टिकाऊ आर्थिक अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
विकास को सांस्कृतिक संवेदनशीलता और सामुदायिक सहभागिता के साथ जोड़कर हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि जनजातीय समाज राज्य की विकास यात्रा में समान भागीदार बने। यही संतुलित विकास “विकसित छत्तीसगढ़” और “विकसित भारत” की आधारशिला बनेगा।
सुधार ही नई आधारशिला
इतनी बड़ी पूंजी तक पहुँच सख्त शर्तों के साथ आती है। UCF परिणाम-आधारित है और परियोजनाएँ पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से चयनित होंगी। छत्तीसगढ़ को अपने शहरी निकायों की वित्तीय साख मजबूत कर उन्हें “बैंकेबल एसेट क्लास” के रूप में स्थापित करना होगा।
सफलता के लिए आवश्यक है:
वित्तीय अनुशासन: कम से कम 50% परियोजना लागत बाजार से—नगर निगम बॉन्ड, पूल्ड बॉन्ड या पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप—के माध्यम से जुटानी होगी। रायपुर और बिलासपुर को शीघ्र क्रेडिट रेटिंग और बॉन्ड निर्गम की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।
संचालन दक्षता: प्रत्येक परियोजना के साथ टिकाऊ O&M मॉडल अनिवार्य होगा।
जवाबदेही: सुधार माइलस्टोन और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) की पूर्ति के आधार पर ही वित्तपोषण जारी रहेगा।
स्मार्ट सिटीज़ मिशन से मिली सीख स्पष्ट है—अगली पीढ़ी के शहरी निकायों को स्वायत्तता के साथ वित्तीय अनुशासन भी अपनाना होगा। केवल सतही सुधार पर्याप्त नहीं होंगे; राजस्व-सृजन और परिणाम-आधारित परियोजनाएँ ही सफल होंगी।
अर्बन चैलेंज फंड हमारे नगर नेतृत्व के लिए एक स्पष्ट आह्वान है। यह दृष्टि, अनुशासन और समन्वय की मांग करता है। हमें सतही सुधारों से आगे बढ़कर रोजगार सृजन, राजस्व वृद्धि और स्वच्छता में परिवर्तनकारी परिणाम देने वाली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
प्रश्न सरल है, परंतु गहन—क्या छत्तीसगढ़ के शहर अगले बजट चक्र पर निर्भर रहेंगे, या वे आत्मनिर्भर, उत्पादक और भविष्य-तैयार विकास केंद्र बनेंगे?
अवसर अभूतपूर्व है। चुनौती स्पष्ट है। यदि हम दृढ़ निश्चय के साथ सुधारों को अपनाएँ और दूरदर्शिता के साथ योजना बनाएं, तो छत्तीसगढ़ भारत के अगले शहरी पुनर्जागरण का नेतृत्व कर सकता है—अनुदानों को विकास में, दायित्वों को परिसंपत्तियों में और शहरों को समृद्धि के इंजन में परिवर्तित करते हुए।
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आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय रतनपुर, छत्तीसगढ़ में 100 केंद्रीय सहायता से डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को स्वीकृति देगा: श्री तोखन साहू

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय रतनपुर, छत्तीसगढ़ में 100 केंद्रीय सहायता से डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को स्वीकृति देगा: श्री तोखन साहू

नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज घोषणा की कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा छत्तीसगढ़ के रतनपुर में एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (डीएचपी) को स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

 
यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत विकसित की जा रही है और देश के आवास क्षेत्र में “ग्रीन एवं उभरती प्रौद्योगिकियों” को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य को नवीन निर्माण तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
 
परियोजना को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता से लागू किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹10 करोड़ है। इसके अंतर्गत लगभग 40 उच्च गुणवत्ता वाले आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें आपदा-रोधी, टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
 
यह आवास पारंपरिक स्वामित्व मॉडल के तहत आवंटित नहीं किए जाएंगे, बल्कि सामाजिक उपयोग हेतु विकसित किए जाएंगे। इनका उपयोग सामुदायिक गतिविधियों तथा राज्य एवं देश भर से सिद्ध शक्तिपीठ माता महामाया के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए किया जाएगा। इससे स्थानीय अधोसंरचना सुदृढ़ होगी तथा धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
 
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए श्री साहू ने कहा कि यह पहल नवाचार, सतत एवं किफायती आवास समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम है। रतनपुर का यह डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट नई निर्माण तकनीकों के लिए एक “लिविंग लैबोरेटरी” के रूप में कार्य करेगा, जिससे निर्माण की गति तेज होगी, संरचनात्मक गुणवत्ता बेहतर होगी तथा लागत दक्षता सुनिश्चित होगी।
 
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा पारंपरिक ईंट-गारे आधारित निर्माण के स्थान पर वैकल्पिक निर्माण सामग्रियों की व्यवहार्यता को प्रमाणित करेंगी।
 
परियोजना प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति हेतु केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) को प्रस्तुत किया गया है। भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद (बीएमटीपीसी) द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्माण कार्य “ग्रीन हाउसिंग” के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो।
 
कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाली तथा निर्माण अवधि को 12–15 महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखने वाली यह परियोजना भविष्य में छत्तीसगढ़ एवं देश के अन्य राज्यों में शहरी आवास विकास के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लगाया सफेद चंदन का पौधा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लगाया सफेद चंदन का पौधा

कोरिया, 17 फरवरी 2026/* मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने कोरिया जिले के प्रवास को यादगार बनाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर- जिला पंचायत कार्यालय के सामने सफेद चंदन का पौधा रोपा। पौधारोपण के इस महत्वपूर्ण अवसर पर राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम,खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी भी मौजूद रहीं।
 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में सभी को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बैकुंठपुर आगमन, पारंपरिक कर्मा नृत्य से हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बैकुंठपुर आगमन, पारंपरिक कर्मा नृत्य से हुआ भव्य स्वागत

16-Feb-2026 69
कोरिया, 16 फरवरी/* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे। उनके आगमन पर सर्किट हाउस में गरिमामय स्वागत समारोह आयोजित किया गया। 
संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया। 
 
इस अवसर पर पारंपरिक कर्मा नृत्य दलों ने मांदर की थाप पर जोशीला सांस्कृतिक स्वागत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा। आदिवासी लोकसंस्कृति की छटा ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान विभिन्न शासकीय एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भैया लाल रजवाड़े भी उपस्थित थे!
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का चिरमिरी दौरा: 59 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 82 का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का चिरमिरी दौरा: 59 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 82 का हुआ लोकार्पण

एमसीबी, चिरमिरी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम रायपुर से चौपर द्वारा उड़ान भरकर पोड़ी ग्राउंड स्थित हेलीपैड पहुंचे। हेलीपैड पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बैकुंठपुर विधायक भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रतना सिंह ने आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया।
 
हेलीपैड से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम मालवीय नगर, पोड़ी स्थित मंगल भवन के लिए प्रस्थान किए। यहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से मुलाकात कर संवाद किया। मंगल भवन पहुंचने पर महाराज द्वारा मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री का चंदन टीका लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 8,824.78 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 59 विकास कार्यों का शिलान्यास किया तथा 3,879.85 लाख रुपये की लागत से पूर्ण 82 विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रीय विकास को नई गति देने की
 
घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव से शहर तक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक रीति से कलश धारण कर महिला कार्यकर्ताओं ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री ने महिला कार्यकर्ताओं के अनुशासन, समर्पण और संगठनात्मक भूमिका की सराहना की। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधि मंच पर पहुंचे, जहां राष्ट्रगान के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम की गरिमामयी शुरुआत हुई।
राष्ट्रगान के उपरांत अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का गजमाला पहनाकर सम्मान किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह और जनभागीदारी का विशेष माहौल देखने को मिला।
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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का चिरमिरी की धारा पर आगमन

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का चिरमिरी की धारा पर आगमन

चिरमिरी- आप को बता दे कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर में कोयलांचल नगरी चिरमिरी के पावन धरा पर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का चिरमिरी आगमन हो रहा जान कारी के मुताबिक cm साय प्रसिद्धि जगरनाथ मंदिर का दर्शन करेंगे साथ ही लोगों से भेंट मुलाकात करेंगे। चिरमिरी जगरनाथ मंदिर को लेकर बड़ी घोषणा की संभावना 

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मनेंद्रगढ़ में बीपीसीएल के नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का उद्घाटन, सरगुजा संभाग के 5 जिलों को मिलेगा लाभ 1125 करोड़ की लागत से तैयार होगा परियोजना, 54 सब-स्टेशन के जरिए घरों तक पाइप से पहुंचेगी गैस, सिलेंडर झंझट से मिलेगी राहत

मनेंद्रगढ़ में बीपीसीएल के नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का उद्घाटन, सरगुजा संभाग के 5 जिलों को मिलेगा लाभ 1125 करोड़ की लागत से तैयार होगा परियोजना, 54 सब-स्टेशन के जरिए घरों तक पाइप से पहुंचेगी गैस, सिलेंडर झंझट से मिलेगी राहत

एमसीबी,मनेंद्रगढ़। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा मनेंद्रगढ़ शहर में नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह परियोजना छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि यह राज्य का पहला नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट है। जानकारी के अनुसार लगभग 1125 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट के माध्यम से सरगुजा संभाग के पांच जिलों में पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए क्षेत्र में 54 सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जहां से घरों और प्रतिष्ठानों तक पाइप के माध्यम से गैस सप्लाई होगी।

 
उद्घाटन अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 की जो परिकल्पना की गई है, यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन गैस व्यवस्था लागू होने से लोगों को गैस सिलेंडर लेने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और उपभोक्ता जितनी गैस उपयोग करेंगे, उतना ही मासिक बिल का भुगतान करेंगे। उन्होंने मनेंद्रगढ़ को इस परियोजना के लिए चुने जाने पर शहरवासियों, जिलेवासियों और विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को बधाई दी। यह परियोजना क्षेत्र के शहरी विकास, सुविधा विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देगी।
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केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने माँ कामाख्या के दर्शन किए, कोकराझार में आगामी असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों के साथ की संगठनात्मक बैठक

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने माँ कामाख्या के दर्शन किए, कोकराझार में आगामी असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों के साथ की संगठनात्मक बैठक

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने असम प्रवास के दौरान विश्वविख्यात शक्तिपीठ माँ कामाख्या के पावन धाम में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने माँ से समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं सद्भाव की कामना की।

श्री साहू ने प्रार्थना करते हुए कहा कि माँ कामाख्या की कृपा से उनका जीवन सदैव समाज सेवा, जनहित एवं राष्ट्रसेवा को समर्पित रहे तथा वे निरंतर कर्म, कर्तव्य और सेवा भाव के साथ देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहें।
 
इसके पश्चात श्री तोखन साहू ने कोकराझार में आगामी असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में चुनावी रणनीति एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का आह्वान किया।
 
श्री साहू ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यकर्ताओं के समर्पण, परिश्रम एवं एकजुट प्रयासों से आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय प्राप्त होगी।
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