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जिले वासियों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि भरी खबर -    जिले के आन बान और शान यातायात की पहचान प्रेम की प्रतिमूर्ति और कर्तव्यनिष्ठता की मिसाल ट्रैफिक मैन के नाम से मशहूर लांस नायक महेश मिश्रा को मिला सर्वोच्च सम्मान राष्ट्रपति पदक से नवाजे जाएंगे मिलेगा आउट ऑफ टर्न प्रमोशन अपने विभाग में छत्तीसगढ़ प्रदेश से अकेले हुए चयनित बढ़ाया जिले का मान और सम्मान

जिले वासियों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि भरी खबर - जिले के आन बान और शान यातायात की पहचान प्रेम की प्रतिमूर्ति और कर्तव्यनिष्ठता की मिसाल ट्रैफिक मैन के नाम से मशहूर लांस नायक महेश मिश्रा को मिला सर्वोच्च सम्मान राष्ट्रपति पदक से नवाजे जाएंगे मिलेगा आउट ऑफ टर्न प्रमोशन अपने विभाग में छत्तीसगढ़ प्रदेश से अकेले हुए चयनित बढ़ाया जिले का मान और सम्मान

25-Jan-2025 12

आप को बताते चले पिछले 18 साल से शासकीय ड्यूटी निभाने के साथ ही सेवा का पर्याय बन चुके लांस नायक महेश मिश्रा कोरिया जिले एवं छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक मैन के नाम से प्रसिद्ध हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने गरीबों व जरूरतमंदों की खूब सेवा की। स्वयं के खर्चे पर 500 से अधिक ट्रैफिक जागरुकता कैंप (Traffic Camp) लगवाने के साथ ही वाहन चालकों को नि:शुल्क चश्मा वितरण, सड़क के गड्ढे भरने से लेकर कई प्रकार के काम कर वे सुर्खियां बटोर चुके हैं। वे 3 विषयों में गोल्ड मेडलिस्ट (Gold Medalist) भी हैं। इन्हीं सब सेवा भावों को देखते हुए लांस नायक महेश मिश्रा राष्ट्रपति पदक से नवाजे जाएंगे।

        राष्ट्रपति पदक मिलने के साथ ही लांस नायक महेश मिश्रा को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिलेगा साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों एवं आयोजनों में बैठने हेतु सीट निर्धारण के साथ ही भारतीय रेल में सफर के दौरान किराए पर छूट की पात्रता होगी।
      लांस नायक महेश मिश्रा स्नातकोत्तर की परीक्षा में संस्कृत, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र विषय में गोल्ड मेडलिस्ट हैं।वहीं वर्तमान में यातायात नियमों के परिपालन संबंधी जागरूकता का अध्ययनः छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले के विशेष परिपेक्ष्य में विषय पर पीएचडी स्कॉलर हैं। राष्ट्रपति पदक से नवाजे जाने पर पर लांस नायक मिश्रा ने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जिले सहित प्रदेश का सम्मान है।
यातायात जन जागरुकता अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिले वासियों का भरपूर सहयोग मिलता रहा है, जिसका सार्थक परिणाम रहा है कि वृहद पैमाने पर कार्यक्रम कराए गए। आगे भी नई ऊर्जा, जोश एवं उत्साह के साथ यातायात जन जागरुकता अभियान जारी रहेगा। राष्ट्रपति पदक हेतु महेश मिश्रा का नाम सुनते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांतां लगा है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान : भाजपा की आंतरिक व्यवस्था से अनारक्षित सीटों पर पिछड़ा वर्ग को मिलेगा ज्यादा प्रतिनिधित्व

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान : भाजपा की आंतरिक व्यवस्था से अनारक्षित सीटों पर पिछड़ा वर्ग को मिलेगा ज्यादा प्रतिनिधित्व

आज भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि हमने इस बात को सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि अनारक्षित सीटों पर पिछड़े वर्ग को अधिक प्रतिनिधित्व देंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले की स्थिति बहाल रहेगी एवं पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी।

प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि कांग्रेस केवल झूठ की राजनीति करती है, वह मुद्दों के अभाव से जूझ रही है राजनीतिक पतन की तरफ बढ़ रही है इसलिए केवल वर्ग संघर्ष की बात करना, प्रदेश में माहौल खराब करने का प्रयास करना, षड्यंत्र करना यही कांग्रेस का काम रह गया है।

प्रदेश भाजपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने तो वास्तव में ओबीसी आरक्षण के विरोध में कोर्ट जाने वाले और ओबीसी का आरक्षण रोकने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का काम किया है। भाजपा कांग्रेस के सभी षडयंत्र उजागर करती रहेगी और कांग्रेस का झूठ अब चलने वाला नहीं है। 

प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने विस्तार से आरक्षण के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से ओबीसी विरोधी रही है। श्री साव ने कहा कांग्रेस हमेशा पिछड़ा वर्ग का विरोधी रही है। वह आरक्षण के खिलाफ रही है। तब की कांगेस सरकार द्वारा ‘कालेलकर आयोग’ की अनुशंसा को ठंडे बस्ते में डाल देने के बाद आगे फिर ‘मंडल आयोग’ तक का इंतज़ार करना पड़ा। 

पंडित नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक के आरक्षण विरोधी वक्तव्यों के अनेक संदर्भ आपको गाहे ब गाहे दिख भी जायेंगे। मसलन 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में पंडित नेहरु ने कहा था कि आरक्षण से अक्षमता और दोयम दर्जे का मानक पैदा होता है। इंदिरा गांधी ने मंडल आयोग की संस्तुति से किनारा कर लिया था। राजीव गांधी ने तो यहां तक कह दिया था कि आरक्षण से हम बुद्धुओं को बढ़ावा देते हैं।

इस प्रकार बार-बार प्रमाणित हुआ है कि कांग्रेस पूरी तरीके से आरक्षण विरोधी रही है। 


आरक्षण संबंधी सभी संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए श्री साव ने कहा कि देश के संसद में 73वां 74वां संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा सशक्त और जवाबदेह पंचायत एवं नगर पालिका बनाने का प्रावधान संविधान में किया गया और साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े हुए नागरिकों के किसी भी वर्ग के पक्ष में आरक्षण के लिए उपबंध (प्रावधान) करने का अधिकार राज्य के विधान मंडल को दिया गया है। साथ ही सभी वर्ग में महिलाओं के लिए भी आरक्षण से संबंधित उपबंध (प्रावधान) दिये हैं। अनुच्छेद 243 (घ) में पंचायतों के स्थानों के आरक्षण से संबंधित प्रावधान है, जिसमें 243(घ)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण का प्रावधान है। 243(घ)(2) में महिलाओं से संबंधित आरक्षण का प्रावधान  और 243(घ)6 में पिछड़े हुए नागरिकों के लिए आरक्षण के संबंध में उपबंध है। 

इस प्रकार नगर पालिकाओं में आरक्षण से संबंधित प्रावधान 243(न) में उपबंधित है, जिसमें 243(न) (1) में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के उपबंध है। 243(न)(2) में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित उपबंध है एवं 243(न)(6) में कमजोर वर्गों से संबंधित आरक्षण के उपबंध है।

नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 में धारा (11) स्थानों में आरक्षण से संबंधित उपबंध है, जिसमें धारा (11) (1) में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। धारा (11) (2) में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का उपबंध करता है एवं धारा (11) (3) में महिलाओं के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। इसी प्रकार नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 (क) में स्थानों में आरक्षण से संबंधित उपबंध है। 29 (क)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। 29 (क)(2) अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। 29 (क)(3) में महिलाओं से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है।

इसी प्रकार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 13 में ग्राम पंचायत के गठन से संबंधित उपबंध है, जिसमें धारा 13 (4)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। 13 (4)(2) अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है एवं 13 (4)(5) महिलाओं के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। 

उक्त में पंचायत एवं नगर पालिकाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान इस प्रकार थे कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को मिलाकर 50% या 50% से आरक्षण कम होने पर अन्य पिछड़ा वर्ग को एकमुश्त 25%आरक्षण देने का प्रावधान था।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलाकर कुल आरक्षण 50% से अधिक होने को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसमें किशोर कृष्ण राव गवली विरूद्ध महाराष्ट्र शासन आदेश दिनांक 04.01.2021 और सुरेश महाजन विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन आदेश दिनांक   10.05.2022 के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय ने कुल आरक्षण 50% तक सीमित करने एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट करने की अनिवार्यता प्रतिपादित किया। 

उक्त प्रावधान के अनुपालन में राज्य सरकार नें 16.07.2024 के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया और आयोग ने प्रदेश के पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर सुझाव एवं अनुशंसाए दिनांक    24.10.2024 को राज्य शासन को प्रस्तुत किया। उक्त प्रतिवेदन में आयोग द्वारा वर्तमान में पंचायत एवं स्थानीय निकायों में आरक्षण की एकमुश्त सीमा 25% को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 50% की सीमा तक आरक्षण का प्रावधान किया जाये। उक्त प्रतिवेदन को मंत्रिपरिषद् द्वारा 28.10.2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। 

तदनुसार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993, नगर पालिका निगम 1956 एवं नगर पालिका अधिनियम 1961 में सुसंगत धाराओं में संशोधन किया गया। उपरोक्त के अनुसार पंचायतों एवं नगरीय निकायों में आरक्षण किया गया। 

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में किये गये आरक्षण में जनसंख्या के अनुपात में किये गये आरक्षण के कारण नगरीय निकाय के आरक्षण में विशेष अंतर नहीं पड़ा, परन्तु ग्रामीण क्षेत्र में 33 में से 16 जिले अधिसूचित जिले है तथा राज्य में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 12.72% है। उस अनुपात में 4 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। इस तरह से कुल 33 में से 20 सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई, जोकि 50% से अधिक है। इसलिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का कोई पद आरक्षित नहीं हो पाई है। जबकि जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच के पदों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए नियमानुसार पद आरक्षित हुए है। इस प्रकार राज्य सरकार ने जो आरक्षण निर्धारित किया है, वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के नियमानुसार ही है। 

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उक्त दोनों फैसले सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू है तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट करना अर्थात् आयोग का गठन करना एवं उसके अनुशंसा को राज्य सरकार द्वारा स्वीकार करना बंधनकारी है। इसी के पालन में मध्यप्रदेश, बिहार, उड़ीसा जैसे राज्यों ने भी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत एवं नगरीय निकायों में प्रावधान करके चुनाव कराया है, जबकि झारखण्ड जैसे राज्य हैं जहां पर आयोग का प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं होने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिए बिना 2021-22 में राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत संस्थाओं का चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई भी सीट आरक्षित किये बिना चुनाव संपन्न कराया है।

प्रेस वार्ता में मंत्री टंकराम वर्मा ,लक्ष्मी राजवाड़े,प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा,भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी,सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित थे।
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 छेरछेरा पर्व पर विशेष लेखरू छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर है छेरछेरारू महेन्द्र सिंह मरपच्ची

छेरछेरा पर्व पर विशेष लेखरू छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर है छेरछेरारू महेन्द्र सिंह मरपच्ची

छत्तीसगढ़ राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं में गहरी जड़ें जमाए हुए कई पर्व और उत्सव हैं, जो न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि समाज में सामूहिकता, भाईचारे और सामाजिक सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। इनमें से एक प्रमुख और विशिष्ट पर्व छेरछेरा है, जो विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के सरगुजा क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति का आदर्श प्रस्तुत करता है और किसानों के जीवन से जुड़ा हुआ है। छेरछेरा पर्व कृषि पर आधारित होने के कारण यह नए कृषि मौसम और फसल कटाई के बाद मनाया जाता है, जिसे हर साल पौष पूर्णिमा के दिन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
समाज में सामूहिकता और सहयोग का प्रतीक है छेरछेरा
छेरछेरा पर्व की शुरुआत में ग्राम देवताओं की पूजा होती है, जिसे ग्रामीण अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तथा कृषि की उन्नति की कामना से करते हैं। यह पर्व फसल के कटाई के बाद एक सामूहिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो समाज के सभी वर्गों को एकजुट करता है। इस दिन विशेष रूप से छोटे बच्चे, युवक और युवतियां हाथ में टोकरी या बोरियां लेकर घर-घर छेरछेरा मांगने निकलते हैं। वे ष्छेर छेरता माई मोरगी मार दे, कोठे के धान ला हेर देष् जैसे पारंपरिक गीत गाते हुए घरों के सामने जाते हैं और वहां से नया चावल और नकद राशि प्राप्त करते हैं। यह सब एक सामूहिक खुशी का हिस्सा होता है, जो पूरे गांव को उत्साहित और सामूहिक रूप से एकजुट करता है।
जनजातीय समुदाय की धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं
समाज की एकता और सामूहिक सहयोग को दर्शाते हुए यह पर्व केवल एक पारंपरिक उत्सव ही नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बन जाता है। छेरछेरा के दौरान लोगों द्वारा इकट्ठा किया गया चावल और धन गरीब और जरूरतमंद परिवारों में बांटा जाता है, जिससे ग्रामीणों के बीच सहकारिता और एकजुटता की भावना और मजबूत होती है। इस प्रक्रिया में पारंपरिक रूप से अनाज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने का काम किया जाता है, जिसे ग्रामीण बैंकिंग प्रणाली के रूप में देखा जा सकता है। यह प्रणाली सामाजिक सुरक्षा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां ग्रामीण अपनी जरूरतों को साझा करते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।
प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान और जैव विविधता संरक्षण
सरगुजा में छेरछेरा पर्व का विशिष्ट रूप और यहां की परंपराएं विशेष महत्व रखती हैं। सरगुजा के गांवों में यह पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है, और यह स्थानीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यहां के बच्चे विशेष रूप से छेरछेरा के दिन हर घर के सामने पहुंचते हैं, और इस दिन उन्हें नया चावल और धन प्राप्त होता है। यह पर्व न केवल कृषि का उत्सव है, बल्कि यह लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी अपनी अहमियत बनाए रखता है। गांवों में छेरछेरा के दौरान नृत्य और गीत की विशेष भूमिका होती है। महिलाएं जहां सुगा गीत गाती हैं, वहीं पुरुष शैला गीत गाकर नृत्य करते हैं। साथ ही युवा वर्ग भी डंडा नृत्य करते हुए घर-घर पहुंचता है। यह नृत्य और गीत स्थानीय परंपराओं और संस्कृति का हिस्सा होते हैं, जो समाज की एकता और विविधता को बढ़ावा देते हैं।
इसके अलावा छेरछेरा के दौरान होने वाले कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ग्रामीण अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। इसमें लोकनृत्य, संगीत, नाटक और अन्य प्रदर्शन शामिल होते हैं, जिनका उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करना और संस्कृति को संजोना होता है।
प्रकृति और कुल देवी देवताओं का करते है सम्मान
छेरछेरा पर्व का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से सभी लोग अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ मिलकर खुशी मनाते हैं और एक-दूसरे से सहयोग करते हैं। यह पर्व उन सभी परंपराओं का जीवंत उदाहरण है, जो हमारे समाज में भाईचारे और प्यार की भावना को बढ़ावा देती हैं। छेरछेरा के दिन विभिन्न गांवों में खेलकूद, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिनमें लोग अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन करते हैं। ये कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का साधन होते हैं, बल्कि यह समाज में सामूहिकता और सामूहिक सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
छेरछेरा पर्व में प्रकृति और देवताओं का सम्मान एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है। इस पर्व के दौरान लोग न केवल अपने खेतों से काटे गए धान की पूजा करते हैं, बल्कि वे पेड़-पौधों, जल, मिट्टी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का भी सम्मान करते हैं। यह पर्व पर्यावरण के संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता फैलाने का एक बड़ा अवसर होता है। लोक पूजा के माध्यम से लोग यह संदेश देते हैं कि हम प्रकृति के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर सकते और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम पर्यावरण का संरक्षण करें।
जैव विविधता के संरक्षण में छेरछेरा पर्व का योगदान महत्वपूर्ण है। पर्व के दौरान प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान और संरक्षण किया जाता है, और यह संदेश फैलाया जाता है कि अगर हम प्रकृति का ध्यान नहीं रखेंगे तो हमारा अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। यह पर्व न केवल कृषि और पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सांस्कृतिक संरक्षण का भी आदर्श प्रस्तुत करता है, जिसमें लोकगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
जनजातीय समुदायों के लिए छेरछेरा पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आदिवासी लोग इसे न केवल एक कृषि पर्व के रूप में मानते हैं, बल्कि इसे अपने जीवन और संस्कृति के एक अभिन्न हिस्सा के रूप में देखते हैं। जनजातीय समुदायों में यह विश्वास है कि उनके देवता और प्रकृति की शक्तियां उनके जीवन के हर पहलू में मौजूद हैं, और छेरछेरा पर्व के माध्यम से वे इन शक्तियों का सम्मान करते हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस दिन विशेष रूप से प्रकृति पूजा करते हैं और अपने ग्राम देवताओं को धन्यवाद अर्पित करते हैं। उनका मानना है कि यह पर्व उन्हें उनके जीवन की कठिनाइयों से उबारने के लिए देवताओं का आशीर्वाद प्रदान करता है। साथ ही, इस दिन जनजातीय समुदाय के लोग नई फसल को देवताओं को समर्पित करते हैं, ताकि आगामी वर्ष में उनकी कृषि समृद्ध हो और परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहें। इस पर्व के दौरान जनजातीय समुदाय परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, जिसमें वे अपने देवताओं के सामने विशेष रूप से अनाज, फल और फूल चढ़ाते हैं, ताकि उन पर देवताओं की कृपा बनी रहे। वे इस दिन को एक तरह से धार्मिक आभार के रूप में मनाते हैं, जिसमें उनके समुदाय की समृद्धि, शांति और सौहार्द की कामना की जाती है।
छेरछेरा पर्व छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। यह पर्व न केवल किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, बल्कि यह समाज में सामूहिकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर अपने सुख-दुख साझा करने चाहिए और प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करना चाहिए।
इस पर्व का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है, और यह छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। चाहे वह नृत्य और संगीत हो, लोकगीत हो या फिर समाजिक सहयोग हो, छेरछेरा पर्व ने हमेशा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और भविष्य में भी यह इसी तरह से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का काम करेगा।

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विश्वविख्यात पूरी जगन्नाथ मंदिर के अनुरूप ही दिखता है, यह मंदिर अपनी सुंदर वास्तुकला और अद्वितीय डिज़ाइन के लिए पहचाना जाता है

विश्वविख्यात पूरी जगन्नाथ मंदिर के अनुरूप ही दिखता है, यह मंदिर अपनी सुंदर वास्तुकला और अद्वितीय डिज़ाइन के लिए पहचाना जाता है

एमसीबी/07 जनवरी 2025/ छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी विकासखंड में स्थित जगन्नाथ मंदिर एक अद्वितीय और आकर्षक स्थल है। यह मंदिर एक छोटे से पठार के ऊपर बनाया गया है और दिखने में विश्वविख्यात पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान प्रतीत होता है। अपनी सुंदर वास्तुकला और अद्वितीय डिज़ाइन के कारण यह मंदिर दर्शकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर एक आसानी से पहुँच योग्य स्थान है।

 
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जिसमें कई झरने, वन्यजीव अभ्यारण और मनोरंजन पार्क हैं। इस क्षेत्र का जगन्नाथ मंदिर अपनी अद्भुत आकृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1982 में महंत श्री गणपतपरिमाराय द्वारा शुरू किया गया था और 2006 में भगवान जगन्नाथ की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ इसका समर्पण हुआ।
यह मंदिर ओडिशा से आए उत्कल समाज के लोगों की भावना का प्रतीक है, जिन्होंने पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान एक मंदिर बनाने का संकल्प लिया। जब बार-बार पूरी जाने में कठिनाई हुई, तब उन्होंने चिरमिरी में इस मंदिर का निर्माण कराया। यह मंदिर चिरमिरी ब्लॉक के पोंडी नामक ग्राम में स्थित है। पठारी क्षेत्र पर बने इस मंदिर तक पहुँचने के लिए 50 सीढ़ियों का चढ़ाव करना पड़ता है, जो इसे प्राकृतिक और शांत स्थल बनाता है।
मंदिर की बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएँ उकेरी गई हैं, जो इसकी धार्मिक और कलात्मक महत्ता को बढ़ाती हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर भैरव बाबा और महावीर हनुमान जी की मूर्तियाँ स्थापित हैं, जो इसे धार्मिक दृष्टि से और भी
 
पवित्र बनाती हैं। प्रवेश द्वार पर गरुड़ की मूर्ति स्थापित है, जो भगवान विष्णु के वाहन का प्रतीक है। गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की अद्भुत प्रतिमाएँ स्थापित हैं।
मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, रथयात्रा (गुण्डिचा यात्रा) और दोनों नवरात्रों में भव्य आयोजनों का आयोजन होता है। इन अवसरों पर विशेष पूजा-अर्चना, भंडारा और जसगीत का आयोजन किया जाता है। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यहाँ इकट्ठा होती है, जिससे मंदिर एक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरता है।
यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। इसकी सुंदरता और अद्वितीयता छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाती है। चिरमिरी का जगन्नाथ मंदिर राज्य की समृद्धि, विविधता और धार्मिक आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
 
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बिलासपुर: पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध बिलासपुर प्रेस क्लब में आपात बैठक और मौन जुलूस सौंपा ज्ञापन न्याय की मांग और पत्रकार सुरक्षा पर जोर

बिलासपुर: पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध बिलासपुर प्रेस क्लब में आपात बैठक और मौन जुलूस सौंपा ज्ञापन न्याय की मांग और पत्रकार सुरक्षा पर जोर

बिलासपुर से गुलशेर अली की रिपोर्ट - छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या ने प्रदेशभर में गहरा आक्रोश फैला दिया है। इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।इसे लेकर बिलासपुर प्रेस क्लब ने शनिवार की दोपहर १२ बजे आपात बैठक बुलाई, जिसमें घटना की कड़ी निंदा करते हुए न्याय की मांग की गई।  


मुकेश चंद्राकर, जो बीजापुर में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में सक्रिय थे, उनकी हत्या के पीछे की वजहों का अब तक स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पत्रकारों का मानना है कि इस घटना में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले।

बिलासपुर प्रेस क्लब में हुई बैठक में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि हत्याकांड की जांच छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। बैठक के बाद मृतक पत्रकार को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके उपरांत, सभी पत्रकारों ने राघवेंद्र राव सभा से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया। 

पत्रकारों ने एडिशनल कलेक्टर और जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम  ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निम्नलिखित मांगे रखी गईं:  
1. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।  
2. हत्याकांड की जांच हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।  
3. मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।  
4. फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने शासन से निर्देश जारी हों।  

. केंद्रीय आवास राज्य मंत्री तोखन साहू को भी ज्ञापन सौंपा गया। इसमें पत्रकार सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई।

 

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 मोर बेटा विधायक हवे त काबर नहीं सुनही देखा तुमन होय गइस ना समस्या के निराकारण कौड़ीमार धान खरीदी केंद्र में मंत्री को अचानक देख बोला एक किसान

मोर बेटा विधायक हवे त काबर नहीं सुनही देखा तुमन होय गइस ना समस्या के निराकारण कौड़ीमार धान खरीदी केंद्र में मंत्री को अचानक देख बोला एक किसान

एमसीबी मनेंद्रगढ़/खड़गवां/चिरमिरी एमसीबी प्रवास के दौरान क्षेत्र के दौरे में निकले प्रदेश के केबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अचानक धान खरीदी केंद्र कौड़ीमार पहुंचे यहां उपस्थित किसानों की भीड़ के बीच खरीदी को लेकर किसानों की समस्याएं सुनी और तत्काल किसानों के समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर दिया। इस बीच धान बेचने आए एक किसान ने खुद को कुछ बोलने से रोक नहीं पाया, भीड़ के बीच से चिल्लाकर कहा "जब मोर बेटा विधायक हवे, अऊ बड़खा मंत्री बनिस हवे, त काबर नहीं सुनही, देखा तुमन होय गइस ना समस्या के हल"। किसान के इस बात से मंत्री जी भी खूब प्रभावित हुए और कहा कि जब सरकार ने कहा है कि किसान का एक एक दाना धान सरकार खरीदेगी तो फिर बीच में समस्या क्यों आयेगा। दरअसल शंका के आधार पर स्थानीय प्रशासन द्वारा सत्यापन कराए जाने से किसान नाराज दिख रहे थे इसी बात को लेकर प्रदेश के केबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कड़े तेवर में आए और अधिकारियों को

फोन से निर्देशित करते हुए कहा कि जितना टोकन कटा है उसका पूरा धान खरीदी करे। उन्होंने कहा कि हमारे विधानसभा में किसान ईमानदार है, वे वही धान ला रहे है जो उनकी उपज है , इसलिए सत्यापन जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए हालांकि यदि इसके बाद भी किसी किसान के धान को लेकर शिकायत करते है या शिकायत होती है, तो अधिकारी निश्चित तौर पर सत्यापन करा ले लेकिन सत्यापन के नाम पर किसानों को परेशान करना बंद करे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल इस मौके पर धान खरीदी केंद्र में आए धान के क्वालिटी की भी जांच की और पूरा खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। दरअसल मंत्री जी अचानक कौड़ीमार धान खरीदी केंद्र पहुंचे थे जिसे लेकर किसान भी मंत्री जी का आभार जताने का काम किए और तत्काल मौके पर समस्या का निराकरण होने से मंत्री जी का धन्यवाद  भी किया। यहां उपस्थित कई किसानों ने हैंडपंप से जुड़ी समस्या का भी जिक्र किया जिस पर जनपद सीईओ को चिन्हांकित कर हैंडपंपों को मूलभूत से  दो दिन के अंदर ठीक कराने की बात कही गई। इसी क्रम में खड़गवां जनपद के ग्राम आमा डांड में ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत पंचायत में काम कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया। इसी क्रम में आमा डांड पंचायत में हुई बैठक में ग्रामीण द्वारा विभिन्न समस्याओं से मंत्री जी को अवगत कराया गया जिसमें अधिकाश समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर लिया गया वही शेष बचे समस्याओं को प्राथमिकता से लेने की हिदायत मंत्री जी के द्वारा दी गई।
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 27 दिसम्बर को  तरगवां  में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन

27 दिसम्बर को तरगवां में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन

कोरिया / जिला प्रशासन ने  बैकुण्ठपुर  तहसील के तरगवां (हायर सेकेण्डरी स्कूल) में 27 दिसम्बर 2024 को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिला अधिकारियों से कहा है कि उक्त शिविर में पहुंचकर महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में आम लोगों को अवगत करांए। श्रीमती त्रिपाठी ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा है कि इस शिविर में बड़ी संख्या में आए और अपनी समस्याओं को दर्ज कराएं।
बता दें जनसमस्या निवारण शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना और जनहित के मुद्दों पर तत्परता से कार्यवाही करना है। इन शिविरों में जिला प्रशासन व विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। शिविर के दौरान नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे और तुरंत आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन ने आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं प्रस्तुत करने का आग्रह किया है, ताकि समय पर उनका निवारण हो सकें।

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सांय सांय पूरी हो रही मोदी की हर गारंटी: श्री विष्णुदेव साय   डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार पर लगी लगाम   मुख्यमंत्री ने एक साल पूर्ण होने पर बिलासपुर को दी 452 करोड़ की सौगात

सांय सांय पूरी हो रही मोदी की हर गारंटी: श्री विष्णुदेव साय डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार पर लगी लगाम मुख्यमंत्री ने एक साल पूर्ण होने पर बिलासपुर को दी 452 करोड़ की सौगात

बिलासपुर, 12 दिसंबर 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज तखतपुर ब्लॉक के जेएमपी शासकीय स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में जिले को 451 करोड़ 25 लाख की लागत के 134 विकास कार्यो की सौगात दी।  इनमें 143 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से 69 विकास एवं निर्माण कार्याे का लोकार्पण और 307 करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली 65 कार्यो का भूमिपूजन एवं शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह के अनुरोध पर तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बेड संख्या 30 से बढ़ाकर 50 बेड अस्पताल करने, तखतपुर नगर पालिका में चौपाटी निर्माण के लिए 1 करोड़, तखतपुर में बाबा गुरूघासीदास जयंती उत्सव के लिए 5 लाख रुपए देने सहित अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के चयनित 142 कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री की सभी गारंटिया सांय-सांय पूरी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजीटल माध्यमों के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। कार्यक्रम में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मोदी की हर गारंटी पूरा हो रही है पिछले 1 साल में बहुत सारे काम हमने किए हैं। किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान कर रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को हर महीना 1000 रूपए दे रहे हैं। किसानों को धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक दर 4000 से बढ़कर 5500 रूपए किया हैं। रामलला दर्शन योजना भी हमने बनाई और क्रियान्वित की। राज्य में अब तक 20 हजार से ज्यादा रामभक्त रामलला का दर्शन कर चुके हैं। इस कड़ी में आगे मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना भी जल्द शुरू होगी। उन्होंने कहा कि बूढ़े मां-बाप की इच्छा होती है की जीवन में एक बार तीरथ-बरत किया जाए। गरीब लोगों की मजबूरीवश इच्छा पूरी नहीं हो पाती है। उनकी यह इच्छा हमारी सरकार पूरी करेगी। डिजिटल माध्यमों का उपयोग भ्रष्टाचार को रोकने और सुशासन लाने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शराब घोटाला कोयला घोटाला की संभावना को हमने सुशासन के जरिए रोका है। प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप पीएससी की सीबीआई जांच शुरू हो गई है।  पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ परीक्षा संपन्न हुई। मोदी की एक और गारंटी इस रूप में पूरी हुई। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा होने से किसान मजदूर गरीब के बेटे आज बड़े-बड़े पद पर चयनित हो रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर हवाई अड्डे में आगे भी तेजी से विकास होगा, नाइट लैंडिंग की लैंडिंग की सुविधा जल्द मिलेगी इस बाबत मैं केंद्रीय उद्यान मंत्री से दिल्ली में मुलाकात की है। उन्होंने जल्द नाइट लैंडिंग सुविधा के लिए भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का फायदा राज्य को मिल रहा है मजबूती से हमारी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का बीड़ा हमने उठाया है इसमें केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग इसमें मिल रहा है। उन्होंने कहा की नियद नेल्लानार योजना के तहत घोर नक्सली एरिया में हमने विकास की रोशनी पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के 1 साल पूर्ण होने पर जनादेश तिहार के रूप में इसे मनाया जा रहा है। रायपुर में 13 दिसंबर को बड़ा कार्यक्रम है। उन्होंने आम जनता को इस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्वश्री धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान, तखतपुर नगर पालिका अध्यक्ष, श्रीमती अमरीका कृष्णा साहू, संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में तखतपुर के लोग मौजूद थे।

            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय विकास एवं शहरी राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार बनते ही 18 लाख आवास गरीबों को समर्पित किया गया। किसानों को 2 साल का बकाया बोनस भी एकमुश्त दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि आज का यह दिन ऐतिहासिक है जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले को 452 करोड़ के विकास कार्याे की सौंगात दी है। हमारी प्रतिबद्धता जनता और विकास कार्यो के प्रति है। प्रदेश में सांय सांय विकास कार्य हो रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह ने दिया।

मुख्यमंत्री की घोषणाएं-

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में  बेड संख्या 30 से बढ़ाकर 50 बेड अस्पताल किया गया, तखतपुर में चौपाटी निर्माण के लिए 1 करोड़ दिया जाएगा, नगरपालिका को एक फायर ब्रिगेड देने की घोषणा, करनकांपा हाइ स्कूल का उन्नयन कर हायर सेकेंडरी किया गया, मोछ में हाइ स्कूल भवन निर्माण की स्वीकृति, तखतपुर में बाबा गुरु घासीदास जयंती उत्सव के लिए 5 लाख देने की घोषणा एवं बेलतरा तहसील के ग्राम नगोई में तहसील का लिंक कोर्ट लगाने की घोषणा की।

हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण-

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित 3 हजार 883 हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण किया। 

मुख्यमंत्री ने बाइक एंबुलेंस के लिए कलेक्टर की पीठ थपथपाई- 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तखतपुर में आयोजित  सभा में जिला प्रशासन द्वारा संचालित बाइक एंबुलेंस सेवा की जमकर सराहना की। उन्होंने जिला कलेक्टर अवनीश शरण को इस नवाचार के लिए बधाई दी। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री जनमन योजना की मंशा के अनुरूप जंगली क्षेत्रों के निवासियों के लिए 7-8 महीना पहले इसे लांच की। कोटा विकासखंड का उत्तरी हिस्सा वनों और नदी नालों से अटा पड़ा है। बारहों महीने चार पहिया वाहन गांवों तक नहीं पहुंच सकते। जिसके कारण लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच सकते थे। क्षेत्र के दौरे में कलेक्टर ने स्वयं इस कठिनाई को महसूस की और डीएमएफ मद से 4 बाइक एंबुलेंस की स्वीकृति दी। ये एंबुलेंस धड़धड़ाते हुए ग्रामों तक पहुंच रही है। प्रसव हो अथवा अन्य कोई गंभीर बीमारी, त्वरित गति से उन्हें अस्पताल तक ले आती है। यह सुविधा निःशुल्क है। ज्यादातर बैगा और बिरहोर जैसे पिछड़े आदिवासी इनका लाभ उठा रहे हैं। अब तक लगभग 5 हजार लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल चुका है। आदिवासी बहुल क्षेत्र के लिए बाइक एंबुलेंस सेवा संजीवनी साबित हो रही है।

पटेल/रचना/106/2146

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समाचार

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में नगर निगम और निजी कंपनी के बीच एमओयू


जीआईएस आधारित मेकैेनिकल एवं मैन्युअल तरीके से होगी सफाई

बिलासपुर 12 दिसंबर 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में तखतपुर में आयोजित कार्यक्रम में जीआईएस आधारित मेकैेनाईज़्ाड और मैन्युअल सफाई के लिए नगर निगम और निजी कंपनी लायंस सर्विसेस के बीच एमओयू संपन्न हुआ। नगर निगम की ओर से आयुक्त श्री अमित कुमार एवं कंपनी की ओर कंपनी के सीईओ श्री रोहित भसीन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री श्री अरूण साव भी उपस्थित थे। 

उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर नगर निगम की पूर्व सीमा में किए जा रहे सड़क सफाई कार्य विस्तारित करते हुए नगर निगम बिलासपुर की सीमा में शामिल बेलतरा, बिल्हा, तखतपुर एवं मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचल के सफाई कार्य हेतु जीआईएस आधारित मेकैनिकल एवं मैन्युअल स्वीपिंग कार्य हेतु 476.27 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अंतर्गत नगर निगम सीमा के सभी हाईवे की मशीन से सफाई की जाएगी एवं आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों की मैन्युअल सड़क सफाई की जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन से नगर निगम की सीमा में शामिल बेलतरा, बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के 15 ग्राम पंचायत, 2 नगर पंचायत एवं 1 नगर पालिका क्षेत्र के नागरिकों को सफाई व्यवस्था का लाभ मिलेगा। साथ ही 800 नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इस योजना के क्रियान्वयन से स्वच़्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। 

रचना/107/2147

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9 दिसंबर को चिरमिरी आयेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, करेंगे जिला अस्पताल सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन अस्थाई जिला अस्पताल सहित कार्यक्रम स्थल का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों संग किया निरीक्षण

9 दिसंबर को चिरमिरी आयेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, करेंगे जिला अस्पताल सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन अस्थाई जिला अस्पताल सहित कार्यक्रम स्थल का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों संग किया निरीक्षण

चिरमिरी/समाचार/फोटो/ आज क्षेत्र के लाडले विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्यमंत्री आगमन की तैयारियों को लेकर बड़ा बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे । निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एमसीबी डी राहुल वेंकट ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को तैयारियों का तमाम लेखा जोखा पेश किया। इस दौरान
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अस्थाई जिला अस्पताल के नव निर्मित भवन के विभिन्न वार्डों, कक्षों सहित मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया।
  विदित हो कि नवीन एमसीबी जिले का जिला अस्पताल चिरमिरी में बनाए जाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का प्रयास मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण होते ही सफल हो जाएगा। ज्ञात रहे कि चिरमिरी के बड़ा बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर अस्थाई तौर पर जिला अस्पताल बनाया जाना है जिसके लिए जिला प्रशासन कई महीनों से मशक्कत कर रहा था। अस्पताल के पास पार्किंग सहित तमाम दिक्कतों का हल
निकालते हुए अब अस्थाई तौर पर जिला अस्पताल के लिए तैयार कर दिया गया है। जायजा लेने पहुंचे मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि चिरमिरी में जिला अस्पताल खोलने की मांग सालों से थी। फिलहाल अस्थाई तौर पर बड़ा बाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर यही से जिला अस्पताल का अस्थाई संचालन किया जाएगा जब तक जिला अस्पताल का अपना भवन नहीं बन जाता हैं, इसके साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी का चिरमिरी में 09 दिसंबर को दौरा संभावित है और उसी की तैयारियों को लेकर चूंकि जिले को बड़ी सौगात देने जा रहे है। चिरमिरी में जिला अस्पताल का शुभारंभ हम करने जा रहे है जिसका आज हम अवलोकन कर रहे है, साथ ही साथ कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन माननीय मुख्यमंत्री जी करेंगे, जो चिरमिरी क्षेत्र के लिए एक बड़ा उपलब्धि होगा । चिरमिरी में वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की जा रही थी और इसी सिलसिले में आज हम यहां का निरीक्षण कर रहे है। मंत्री जी ने आगे बताया कि जिला अस्पताल के साथ साथ अमृत जल मिशन योजना जो चिरमिरी के लिए वरदान साबित होगा, जो 153 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा उसका भी भूमिपूजन का कार्य होना संभावित है, वही चिरमिरी से मनेंद्रगढ़ के बीच जो साजा पहाड़
 
डबल लेन सड़क लगभग 41 करोड़ है उसका भी भूमिपूजन संभावित है। साथ ही साथ नगर निगम चिरमिरी क्षेत्र अंतर्गत 50 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन के कार्य संभावित है। आगे उन्होंने बताया कि इस गरिमामय कार्यक्रम के लिए मैने उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगरीय निकाय मंत्री व पीडब्ल्यू डी मंत्री जी से आग्रह किया है उनका भी संभावित दौरा हो सकता है। 
   दौरा कार्यक्रम की रूपरेखा के संदर्भ में जेड हॉस्टल सोनामनी में जिला अधिकारियों की बैठक से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभा स्थल सहित हेलीपेड का भी जायजा लिया और अधिकारियों को सुचारू व्यवस्था के लिए निर्देशित किए। मुख्यमंत्री का दौरा कार्यक्रम चुस्त दुरुस्त रखने जिला प्रशासन का पूरा अमला जेड हॉस्टल के बैठक में शामिल रहा जिसमें खास तौर पर जिलाधीश डी राहुल वेंकट, डीएफओ मनीष सिंह, जिला सीईओ, नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद आंचले, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन, आबकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग, एसडीएम चिरमिरी, तहसीलदार चिरमिरी सहित, सीएसपी चिरमिरी, थाना प्रभारी चिरमिरी,  पूर्वमहापौर डमरू बेहरा, पूर्व मंडल अध्यक्ष, राजू नायक, बबलू शर्मा सहित बड़ी संख्या में जिले के आला अधिकारी और भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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मिशन वात्सल्य के अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन के तहत राज्य स्तरीय जिला स्तरीय पदों पर कर्मचारियों की संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित

मिशन वात्सल्य के अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन के तहत राज्य स्तरीय जिला स्तरीय पदों पर कर्मचारियों की संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित

एमसीबी / महिला एवं बाल विकास विभाग अन्तर्गत संचालित मिशन वात्सल्य योजना के तहत् एवं चाईल्ड हेल्पलाइन संचालन हेतु जारी मानक संचालन प्रक्रिया अनुसार राज्य स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष एवं जिला स्तर पर चाईल्ड हेल्पलाइन यूनिट एवं रेल्वे स्टेशन पर चाईल्ड हेल्पलाइन डेस्क में विभिन्न पदों पर एकमुस्त संविदा वेतन पर भर्ती के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट/कोरियर के माध्यम से 27 दिसम्बर 2024 सायं 5ः00 बजे तक आमंत्रित है। पदों हेतु आवेदन मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के कार्यालय जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रेषित करना होगा। पदों की नियुक्ति एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, प्रथम तल, कलेक्ट्रेट कैम्पस में कार्यालयीन समय में सम्पर्क कर सकते हैं। जिला चाईल्ड हेल्पलाईन युनिट मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर हेतु परियोजना समन्वय अनारक्षित 1 पद, एकमुश्त वेतन 35000, काउंसलर अनारक्षित 1 पद, एकमुश्त वेतन 25000, चाईल्ड हेल्पलाईन सुपरवाइजर अनारक्षित 1 पद, अनुसूचित जनजाति 1 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग 1 पद, एकमुश्त वेतन 22000, केस वर्कर अनारक्षित 1 पद, अनुसूचित जनजाति 1 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग 1 पद, एकमुश्त वेतन 16000 मिलेगा।

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जिले में लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान सबकी भागीदारी से लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां समाप्त होगी कलेक्टर

जिले में लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान सबकी भागीदारी से लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां समाप्त होगी कलेक्टर

कोरिया । कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन में, लिंग आधारित हिंसा समाप्ति और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुआ।



कार्यक्रम का उद्देश्य
इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पोक्सो एक्ट और लिंगानुपात से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।

सबकी भागीदारी से यह सामाजिक कुरीतियां समाप्त होगी
कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण संदेश में कहा कि इस तरह कार्यक्रम से हम सबको संकल्प भी लेना होगा कि जिले में लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। महिला अधिकारों और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान बेहद आवश्यक है। इस तरह के कार्यक्रम लिंग समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होता है।

शपथ और जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को "आओ बनाएं बाल विवाह मुक्त कोरिया" की शपथ दिलाई गई। साथ ही, 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चल रहे 16 दिवसीय जागरूकता अभियान की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी और संरक्षण अधिकारी ने विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बाल विवाह रोकने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के उपायों पर चर्चा की।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक असरफ अंसारी, जिला प्रबंधक (प्रशिक्षण एवं एचआर) राकेश सिंह, डिप्टी एमआई सरोजिनी राय और बैकुंठपुर, पटना, सोनहत, पोड़ी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे

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 छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस पर विशेष लेख छत्तीसगढ़ी भाखा के मान अऊ सम्मान के दिशा म एक नवा पहल छत्तीसगढ़ी भाखा ल संजोय म मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के महत्वपूर्ण योगदान महेन्द्र सिंह मरपच्ची

छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस पर विशेष लेख छत्तीसगढ़ी भाखा के मान अऊ सम्मान के दिशा म एक नवा पहल छत्तीसगढ़ी भाखा ल संजोय म मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के महत्वपूर्ण योगदान महेन्द्र सिंह मरपच्ची

एमसीबी / जय जोहार जय छत्तीसगढ़ ! आप सब मन भलीभाती जानथव कि छत्तीसगढ़ी अपन समृद्ध भाखा, संस्कृति अउ परंपरा खातिर पूरा देश म अपन अलग पहिचान बना लिहिस हे। इहा के माटी, तिहार, लोककला अउ संस्कृति जीवन जिये के तरीका म एक अलग ही मिठास झलकथे। हमर छत्तीसगढ़ के आत्मा हर जम्मों छत्तीसगढ़ियां मन के बोली अउर भाखा में बसे हे। इ भाखा म केवल बात करे के साधन नइ हे, बल्के हमर छत्तीसगढ़ियां भाई बहिनि के परंपरा, रीति-रिवाज अउ हमर संस्कृति के अमूल्य धरोहर हर झलकत हे। छत्तीसगढ़ी भाखा के सम्मान अउ प्रचार-प्रसार के खातिर हमर तत्कालिन सरकार हर 28 नवंबर के दिन ल ष्छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवसष् बनाये के घोषणा करे रहिस। एही दिन हमर भाखा के महत्त्व ल पहिचान करे बर, अउ ओला संजोय बर, अउ नई पीढ़ी ला छत्तीसगढ़ के जम्मों इतिहास से जोड़य के अवसर आय हे। छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के शुरुआत हर 28 नवंबर 2007 के होइस, जब छत्तीसगढ़ी भाषा ल आधिकारिक रूप म राज्य के राजभाषा के दर्जा मिलिस। ये ऐतिहासिक फैसला ल डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व म पूर्ववर्ती सरकार हर अपनाये रहिस ये निर्णय हर केवल भाषा के प्रचार-प्रसार के माध्यम नइ बने रहिस, बल्कि ये छत्तीसगढ़वासियन के खातिर एक गौरव के विषय बन गईस। एकर बाद छत्तीसगढ़ी भाखा ल सरकारी दफ्तर, स्कूल अउ कॉलेज म भी बढ़ाये के काम ल शुरू करे गइस ।
छत्तीसगढ़ी भाखा के इतिहास, भाषा, संस्कृति अउ प्राकृत भाषा ले उभरिस हे। छत्तीसगढ़ी म लोकगीत, कहानी, कहावत अउ जनवला जइसन साहित्यिक धरोहर समेटे हावे। ये भाखा हर हमर लोकजीवन, परंपरा अउ रीति-रिवाज के सच्चा प्रतिबिंब आय। छत्तीसगढ़ी लोकगीत अउ कथा ये छत्तीसगढ़ी भाखा ल अउ जियादा सुघ्घर अउ जीवंत बनावत हे। छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस केवल तिहार नइ, बल्कि हमर भाखा अउ संस्कृति के जीवित रखे अउ ओकर नई ऊँचाई म पहुंचाय के संकल्प के प्रतीक आय। ये दिन पूरा छत्तीसगढ़ म अलग-अलग सांस्कृतिक अउ शैक्षणिक कार्यक्रम होथे। संगोष्ठी, निबंध लेखन, कविता पाठ, लोकगीत अउ नाटक के आयोजन घलो होथे। ये कार्यक्रम मन केवल भाषा अउ संस्कृति के प्रति जागरूकता नइ फैलाथे, बल्कि लोगन ल अपन जड़ से भी जोड़थे। आज के समय म छत्तीसगढ़ी भाखा अउ संस्कृति ल नई दिशा देहे में हमर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के बहुत बडे  योगदान हे। ओकर मानना हे कि छत्तीसगढ़ी भाखा केवल संवाद के माध्यम नइ हे, बल्कि हमर छत्तीसगढ़ के आत्मा अउ पहचान आय। हमर मुख्यमंत्री के दूरदर्शी सोच अउ नीति के कारण छत्तीसगढ़ी भाषा अउ संस्कृति के संरक्षण अउ विकास के खातिर नवा जोश आइस हे।
शिक्षा म छत्तीसगढ़ी भाखा ल बढ़ावा देय बर स्कूल अउ कॉलेज के पाठ्यक्रम म छत्तीसगढ़ी साहित्य अउ संस्कृति ल सामिल करे गय हे। सरकारी दफ्तर म छत्तीसगढ़ी भाखा के उपयोग ल बढ़ाय खातिर भी जरूरी नीति लागू करे गय हे, ऐकर ले हमर राजभाषा हर छत्तीसगढ़ी म अउ मजबूत बने हे। हमर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व म छत्तीसगढ़ी साहित्य, लोकगीत अउ नाट्यकला के संरक्षण अउ विकास के खातिर विशेष योजना बनाये जाथ हे। हमर लोक कलाकार अउ साहित्यकार मन ल प्रोत्साहित देहे के खातिर कई ठन आर्थिक सहायता कार्यक्रम ल चलावत हे। छत्तीसगढ़ी साहित्य अकादमी के स्थापना, साहित्यिक मेला अउ डिजिटल प्लेटफॉर्म में छत्तीसगढ़ी भाखा के प्रोत्साहन, ल आगे बढ़ाये के प्रयास करत हे। राजभाषा दिवस के कार्यक्रम मन लोगन ल अपन भाषा अउ संस्कृति के महत्त्व ल समझावत हे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मानथें कि हमर भाषा अउ संस्कृति हमर राज्य के एकता अउ पहचान ल मजबूत करथे। छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस हर हम सबला ये बात के याद दिलाथे कि भाषा अउ संस्कृति कोनो भी समाज के आत्मा होथे। जऊन समाज अपन भाखा अउ संस्कृति ल जिंदा रखथे, वही समाज हर अपन पहचान ल बनाय राखथे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व म छत्तीसगढ़ी भाखा अउ संस्कृति ल नई ऊँचाई मे पहुंचाय के प्रयास हे छत्तीसगढ़िया बर गौरव के बात आय कि आज ये अवसर म हम सबला ये संकल्प लेना चाही कि अपन भाखा अउ संस्कृति ल केवल संरक्षित करबो, बल्कि हमर बोली भाखा ल अगली पीढ़ी तक पहुंचाय के जिम्मेदारी ला भी निभाबो। छत्तीसगढ़ी भाखा हमर राज्य के आत्मा अउ सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक आय। ऐला सहेजे अउ सम्मान करे बर हमर हर छत्तीसगढ़ियां के जिम्मेदारी हर आय। हम सब मिलके अपन-अपन प्रयास से अपन  धरोहर ल अउ मजबूत बनाय बर काम करबो।

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प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर 6600 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण कोरिया में श्रीमती गोमती साय की उपस्थिति में हुआ जनजतीय गौरव दिवस का शुभारंभ

प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर 6600 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण कोरिया में श्रीमती गोमती साय की उपस्थिति में हुआ जनजतीय गौरव दिवस का शुभारंभ

कोरिया 15 नवम्बर 2024*। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस को पूरे देश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के जमुई जिले से 6600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में 150 रुपये का स्मारक सिक्का और विशेष स्मारक डाक टिकट का विमोचन भी किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आदिवासी समाज और पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने आदिवासी समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और उनकी संस्कृति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए ’’बिरसा मुंडा जनजातीय गौरव उपवन’’ बनाने की घोषणा की।
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जिला पंचायत के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पत्थलगांव विधानसभा की विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने 26 नवम्बर तक चलने वाले इस दिवस का विधिवत शुभारंभ भी किया। श्रीमती साय ने आदिवासी समाज के उत्थान और केन्द्र सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होनें आदिवासियों की संस्कृति, परम्परा व देश के विकास में आदिवासियों के योगदान को रेखांकित भी की। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने मुख्य अतिथि श्रीमती साय को स्मृति चिन्ह भेंट भी की।
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राज्योत्सव:छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य व गीत से कोरियावासी झूमे भोपाल कोसो दूर था, आवाज बहुत देर से पहुंच पाती थी- श्रीमती रेणुका सिंह

राज्योत्सव:छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य व गीत से कोरियावासी झूमे भोपाल कोसो दूर था, आवाज बहुत देर से पहुंच पाती थी- श्रीमती रेणुका सिंह

कोरिया 5 नवम्बर 2024।* छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर एक दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन शासकीय आदर्श रामानुज उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर में किया गया।
मुख्य अतिथि भरतपुर-सोनहत के विधायक श्रीमती रेणुका सिंह सरूता ने भारत माता की जय और छत्तीसगढ़ महतारी की जय की उदघोष से अपनी उद्बोधन शुरू की। उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों को राज्य निर्माण के 24 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। 
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के करीब तीन करोड़ लोगों के लिए यह जश्न मनाने का अवसर है। साथ ही यह भूतपूर्व प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करने, उन्हें धन्यवाद देने का अवसर भी है। 
*गरीब राज्य के रूप में पहचान थी*
उन्होंने कहा कि संयुक्त मध्यप्रदेश के समय छत्तीसगढ़ में जन्म लिया और बड़े हुए वे लोग तब और अब के फर्क को बहुत अच्छी तरह जानते हैं, उन्हें याद होगा कि किस तरह छत्तीसगढ़ में बार-बार अकाल पड़ता था, किसानों को रोजी-रोटी की तलाश में पलायन करना पड़ता था, मजदूरों को आंदोलन करना पड़ता था, आदिवासयों का शोषण होता था, युवाओं को  के पास रोजगार नहीं था, महिलाओ के पास अधिकार नहीं था, गांवो में गरीबी पसरी हुई थी, शहरो में गंदगी पसरी हुई थी। 
 
*भोपाल कोसो दूर था*
उन्होंने कहा कि भोपाल यहां से कोसो दूर था, यहां से आवाज बहुत देर से वहां पहुंच पाती थी। इससे भी कहीं ज्यादा देर सरकार की योजनाएं और कार्यक्रम छत्तीसगढ़ तक पहुंच पाते थे। तब छत्तीसगढ़ में भूख थी, पीड़ा थी, उपेक्षा थी। इस स्थिति में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की मांग तेज हुई। उस समय सौभाग्य से केन्द्र में अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों की पीड़ा को समझा और यहां के लोगों की मांग को पूरा करते हुए अलग छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया।
*अव्वल राज्यों में शामिल* 
विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि प्रदेश में बदलाव की शुरूआत वर्ष 2003 से हुई। प्रदेश में हमारी सरकार बनी। यह सरकार लगातार 15 वर्षों तक रही। उन्हीं 15 वर्षों में विकास की मजबूत अधोसंरचना का निर्माण हुआ। हमारी सरकार ने ही इस राज्य को देश के अव्वल राज्यों में शामिल कराया। 
 
विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल तक  हमारी सरकार रही और उस दौर में  आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसे शीर्ष स्तर के संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए। आज छत्तीसगढ़ विकास की नई इबारत लिख रही है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रेल मार्ग जैसी बुनियादी अधोसंरचना का निर्माण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।हमारी बसरकार ने ही राज्य में धान खरीदी की मजबूत व्यवस्था का निर्माण किया। पारदर्शी तरीके से सभी तक राशन की पहुंच सुनिश्चित की। खेती-किसानी का विकास हुआ। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू हुई। आज हमारा प्रदेश बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों पर गर्व करता है। 
 
*सुशासन हो और विकास की किरणें  अंतिम व्यक्ति तक*
आज छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।अटल जी की सोच थी कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य हो जहां सुशासन हो और विकास की किरणें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। छत्तीसगढ़ में ऐसी सरकार हो जो सभी वर्ग के लोगों के लिए समान दृष्टि से काम करें।राज्य में सभी नागरिको के बीच सद्भाव हो। 
*डबल इंजन की सरकार*
प्रदेश का सौभाग्य है कि आज यहां पर डबल इंजन की सरकार है। केन्द्र में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मजबूत नेतृत्व और मार्गदर्शन हम लोगों को प्राप्त है। प्रदेश में हम सभी को मुख्यमंत्री के रूप में श्री विष्णुदेव साय जी का क्षमतावान नेतृत्व मिला है। केवल 10 माह के कार्यकाल में इस सरकार ने जो उपलब्धियां हासिल की है, वह पिछले सरकार अपने 05 साल के कार्यकाल में भी हासिल नहीं कर पाई। 
 
*मोदी की गारंटियों को पूरा किया*
श्रीमती रेणुका सिंह ने राज्य सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि साय जी की सरकार ने मात्र 10 महीनों के अल्प समय में मोदी जी अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिया है। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की गारंटी को पूरा करते हुए हमारी सरकार ने 145 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की। 
 
*महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त*
किसानों को दो वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रुपए का भुगतान किया। महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में हर महीने 70 लाख विवाहित माताओं-बहनों को एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। अब तक 9 किश्ते दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में महतारी सदन के निर्माण की शुरूआत भी की है। 179 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 52 करोड़ 20 लाख रुपए की स्वीकृति दे दी गई है।  
 
आदिवासियों और वन आश्रित परिवारों की आय में बढ़ोतरी के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई है। तेन्दूपत्ता संग्रहकों को बोनस का लाभ भी मिल रहा है।  
 
राज्य के 18 लाख जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार ने अपने गठन के दूसरे ही दिन कैबिनेट में निर्णय ले लिया था। अब केन्द्र सरकार द्वारा भी योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 8 लाख 46 हजार 931 आवासों की स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारी सरकार का मूलमंत्र है और रहेगा।
 
*स्टॉलों का किया निरीक्षण*
श्रीमती रेणुका सिंह ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिले इसके लिए लगातार आम लोगों को योजनाओं की जानकारी देते रहें। समाज कल्याण, स्कूल शिक्षा, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण  विकास, उद्यानिकी विभाग, जनसंपर्क विभाग सहित सभी विभागों के स्टालों का अवलोकन किया।
 
*कोरिया को  विकास की हर पायदान पर अव्वल स्थान दिलाने में सबकी भागीदारी जरूरी*
 
इसके पहले स्वागत उद्बोधन में कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सरकार की हर योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्यस्थापना दिवस की यह उत्सव जिलेवासियों और प्रदेशवासियों के लिए यादगार पल है । राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सबकी भागीदारी से ही कोरिया को स्वस्थ, स्वक्छ और विकास की हर पायदान पर अव्वल स्थान दिलाने में सहयोग करने की अपील भी की।
 
*छत्तीसगढ़ी लोक गीतों व नृत्यों में झूमे कोरियावासी*
 
राज्योत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां ने जिलेवासियों को झूमने के लिए आतुर किया। पंथी, करमा, शैला, गेड़ी, ददरिया जैसी लोक पारंपरिक गीतों व नृत्यो की प्रस्तुति स्कूली विद्यार्थियों के अलावा खैरागढ़ संगीत विश्विद्यालय द्वारा भी मंच में मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति दी।
 
देर रात तक जिलेवासी आदर्श लोक कला मंच बैकुंठपुर के ममता एवं उनकी साथियों, रमेश गुप्ता द्वारा हारमोनियम एवं तबला की खनकदार आवाज और लोक कला मंच पायल साहू की टीम को सुनने के लिए पहुंचे हुए हैं।
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प्रकृति की गोद से लिखी जाएगी सरगुजा क्षेत्र के विकास की नई गाथा

प्रकृति की गोद से लिखी जाएगी सरगुजा क्षेत्र के विकास की नई गाथा

भगवान राम गुप्ता की रिपोर्ट जशपुर-, 22 अक्टूबर 2024 : प्रकृति की गोद से आज सरगुजा क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जशपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित है। जिसमें शामिल होने खड़सा व्यू प्वाइंट पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं सभी अतिथियों का कर्मा नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढांक एवं नगाड़े की धुनों के बीच परम्परागत बांस की टोपी और डुमर के फल और आम की पत्तियों की माला पहना कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय खड़सा व्यू प्वाइंट से बैठक में शामिल होने मयाली डैम में बोट से सभी अतिथियों के साथ मयाली नेचर कैंप की खूबसूरती को निहारते हुए बैठक स्थल तक पहुंचे।
 
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ बैठक में शामिल होने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय, सांसद रायगढ़ श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, श्री राम प्रताप सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, कमिश्नर श्री जी आर चुरेंद्र, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ रवि मित्तल,  एसपी श्री शशिमोहन सिंह भी पहुंचे।
 
जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल मयाली स्वदेश दर्शन योजना में शामिल, 
 
10 करोड़ से होगा कायाकल्प
 
नेचर कैंप से एक ओर डैम की खूबसूरती तो दूसरी ओर विशालतम प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ का विहंगम दृश्य और दिखाई पड़ता है। चारों ओर फैली हरियाली इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। मयाली नेचर कैंप को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने मयाली के विकास के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
 
मयाली नेचर कैंप- प्रकृति का अनुपम उपहार
 
जशपुर की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में स्थित है प्रकृति का अनुपम उपहार मयाली। यहां मयाली नेचर कैंप जिले के कुनकुरी ब्लॉक में चराईडांड़ बगीचा स्टेट हाईवे के करीब स्थित है। डेम के किनारे, हरियाली से भरे हुए प्राकृतिक स्थल पर परिवार के साथ भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। वीकेंड के दिनों में मयाली में लोगों की भीड़ ज्यादा जुटती है। मयाली नेचर कैंप में बोटिंग की भी सुविधा है। यहां से प्रकृति के अद्भुत दर्शन होते हैं।
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ऐसा दिखेगा मयाली पर्यटकों के लिए मनमोहक है मयाली का मनोरम दृश्य, पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाता मयाली नेचर कैम्प, सरगुजा क्षेत्र प्राधिकरण की बैठक में लगेगी विकास की मुहर….

ऐसा दिखेगा मयाली पर्यटकों के लिए मनमोहक है मयाली का मनोरम दृश्य, पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाता मयाली नेचर कैम्प, सरगुजा क्षेत्र प्राधिकरण की बैठक में लगेगी विकास की मुहर….

भगवान राम गुप्ता की रिपोर्ट - आज नैसर्गिक सुंदरताओं को समेटे जशपुर की खूबसूरती को भला कौन निहारना नहीं चाहेगा। सिन्दूरी सुबह और गुलाबी ठण्ड के दस्तक के बीच नीले आकाश, पक्षियों के चहचहाहट, कलरव के साथ हरे-भरे वातावरण और स्वच्छ पानी में पहाड़ों के प्रतिबिम्ब के बीच मयाली की पहचान एक खूबसूरत पर्यटन स्थल होने लगी है। मयाली जशपुर जिला मुख्यालय से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर कुनकुरी विकासखण्ड के अंतर्गत स्थित है। मयाली में एक ओर खूबसूरत पहाड़ियों की वादी और इसकी तलहटी में अथाह जल राशि समेटे मयाली बांध और इसके चारो ओर हरियाली, ऊंचे-ऊंचे पेड़ मयाली को मनमोहक बनाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप मयाली में पर्यटकों की सुविधा और विकास के कार्य भी कराए जा रहे हैं।

मयाली के नेचर कैम्प में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक होगी। इसका उद्देश्य मयाली स्थित नेचर कैम्प को पर्यटन स्थल के रूप में एक नई पहचान दिलाना है। इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधिगण ग्राम पंचायत खण्डसा से मयाली नेचर कैम्प तक जलविहार करते हुए नाव से पहुँचेंगे। इस दौरान वे यहाँ के मनोरम दृश्यों को बहुत ही करीब से देख पाएंगे। मयाली में गेंदे सहित आसपास खिलने वाले अन्य पीले फूलों और जवाफूल, बासमती धान की बालियों, पीले मक्के के साथ मनमोहक स्वागत द्वार तैयार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय के गृह जिले जशपुर के मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के लिए खास तैयारी की गई है। यहाँ ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री सहित अन्य सभी अतिथियों के लिए खुद स्वागत द्वार तैयार किए हैं। यहाँ की संस्कृति के अनुरूप जवाफूल, बासमती धान के बालियों, मक्के और फूलों से सजाया गया है। ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं का कहना है कि मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का आयोजन हम सभी के लिए खुशी और गौरवान्वित करने का क्षण है। उनकी ग्राम पंचायत  खण्डसा के मयाली में सरगुजा क्षेत्र के विकास की गाथा लिखी जाएगी और हमारे मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री, सांसद, जनप्रतिनिधि, बड़े अधिकारी भी यहाँ आएंगे।
मयाली नेचर कैम्प स्थल पर जिला प्रशासन द्वारा भी व्यापक तैयारी की गई है। पत्थरों में उकेरे गए खूबसूरत दृश्य, रंगीन लाइट में आकर्षित करते पानी के फव्वारे, जुगनुओं की तरह टिमटिमाते झिलमिलाते रोशनी मयाली बांध में भरे हुए पानी के बीच बहुत दूर से ही सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। अपनी खूबसूरती से मयाली बांध और आसपास का सुंदर नैसर्गिक नजारा पर्यटन स्थल के रूप में मयाली को एक नई पहचान देने के लिए तैयार है।
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सूरजपुर घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान

सूरजपुर घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान

 रायपुर- सूरजपुर घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान*

 
"जनता के मन में कानून व्यवस्था और सरकार से पूरी तरह विश्वास इस कदर उठ चुका है कि जनता अब स्वयं न्याय करने निकल पड़ी है"
 
*पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट*????????
 
"ये क्या हो रहा है हमारे छत्तीसगढ़ में?
 
 
लगने लगा है कि शांति का टापू कहे जाने वाले हमारे प्रदेश से कानून नाम की चीज़ समाप्त हो चुकी है.
 
सूरजपुर में प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हत्या कर दी गई. उसी हत्यारे ने इस घटना से पहले एक आरक्षक पर गर्म तेल उड़ेला था.
 
जनता के मन में कानून व्यवस्था और सरकार से पूरी तरह विश्वास इस कदर उठ चुका है कि जनता अब स्वयं न्याय करने निकल पड़ी है.
 
घरों में आगज़नी की घटनाएँ सुनकर व्यथित हूँ.
 
कवर्धा के लोहारीडीह में भी यही हुआ था. इससे पहले लोगों ने कलेक्ट्रेट में आग लगा दी थी.
 
मैं सभी से शांति की अपील करता हूँ और विनम्र प्रार्थना करना चाहता हूं कि वे क़ानून व्यवस्था अपने हाथों में न लें.
 
शासन प्रशासन से स्थिति नियंत्रित करने की अपेक्षा है."

 

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उराँव समाज का ऐतिहासिक करमा महोत्सव 14 अक्टूबर को लैलूंगा में आदिवासियों के मसीहा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे सम्मिलित

उराँव समाज का ऐतिहासिक करमा महोत्सव 14 अक्टूबर को लैलूंगा में आदिवासियों के मसीहा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे सम्मिलित

लैलूंगा :- छ्त्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के विकास खण्ड लैलूंगा में दिनांक 14 अक्टूबर दिन सोमवार को क्षेत्रीय उराँव समाज के तत्वावधान में ऐतिहासिक करमा महोत्सव का आयोजन किया गया है । गौरतलब हो कि यह करमा महोत्सव विगत बारह वर्षों से लगातार उराँव समाज के द्वारा आयोजन किया जाता रहा है । सर्व विदित है कि आदिवासी उराँव समाज का यह करमा यानी करम सेनी को आस्था और विश्वास के साथ ईस्टदेव महादेव पार्वती का प्रतीक मानकर उराँव समाज के द्वारा पारंपरिक तथा विधी विधान के अनुसार रीति रिवाज संस्कृती से पूजा अर्चना कर उराँव समाज के लोगों के द्वारा प्रति वर्ष प्रमुख त्यौहार के रूप में पूर्वजों से मनाते आ रहे हैं। इसी तारतम्य में दिनांक 14 अक्टुबर दिन सोमवार को इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम लैलूंगा में क्षेत्रीय उराँव समाज का वार्षिक सम्मेलन सह करमा महोत्सव के रूप में मानाया जायेगा । जिसे अपरान्ह 04 बजे करम सेनी का पूजन एवं शायं 07 बजे करम सेनी सेवा तथा कथा वाचन एवं ऐतिहासिक व पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के तौर पर मांदर की थाप पर नाच गान करते हुए रात्रीकालीन जागरण किया जायेगा । जिसके मुख्य अतिथि के रूप में छ्तीसगढ़़ प्रान्त के प्रथम आदिवासी मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय ( छ.ग.शासन ) पधार रहे हैं । जहाँ कार्यक्रम कि अध्यक्षता करेंगे पनत राम भगत उपसभापति 18 गढ़ उराँव समाज ( छ.ग.) एवं उड़ीसा हिमगिर क्षेत्र, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कद्दावर आदिवासी नेता रामविचार नेताम आजाक एवं कृषी मंत्री ( छ.ग. शासन ) रायगढ़ जिला प्रभारी मंत्री, ओपी चौधरी “विधायक” रायगढ़ द्वय वित्त मंत्री ( छ.ग. शासन ) , राधेश्याम राठिया “सांसद” लोक सभा क्षेत्र रायगढ़, देवेन्द्र प्रताप सिंह “सांसद राज्य सभा” श्रीमती गोमती साय “विधायक” विधान सभा क्षेत्र पत्थलगाँव एवं उपाध्यक्ष सरगुजा विकास प्रधिकरण ( छ.ग. शासन ) श्रीमती विद्यावती कुंज बिहारी सिदार “विधायक” विधान सभा क्षेत्र लैलूंगा, रामकुमार टोप्पो “विधायक” विधान सभा क्षेत्र सीतापुर, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव प्रदेश मंत्री भाजपा, सत्यानन्द राठिया ( लैलूंगा ) के पूर्व विधायक एवं मंत्री (छ.ग. शासन ), हृदय राम राठिया पूर्व विधायक लैलूंगा, श्रीमती सुनीति सत्यानन्द राठिया पूर्व विधायक सह संसदीय सचिव ( छ.ग. शासन ), चक्रधर सिंह सिदार पूर्व विधायक लैलूंगा, श्रीमती यशोमती सिंह सिदार जिला पंचायत सदस्य सह सभापति महिला एवं बाल विकास विभाग जिला पंचयात रायगढ़, श्रीमती किरण पैंकरा जनपद अध्यक्ष ज. पं. लैलूंगा, लखनलाल सारथी उपाध्यक्ष ज.पं. लैलूंगा, श्रीमती सुरभी कोसरिया कार्यवाहक अध्यक्ष नगर पंचायत लैलूंगा, रविन्द्रपाल धुर्वे उपाध्यक्ष नगर पंचायत लैलूंगा कि गरिमामयी उपस्थिती में संपन्न होगी । जहाँ लैलूंगा उराँव समाज के अध्यक्ष – नोहर साय भगत, उपाध्यक्ष – श्रीमती शकुंतला भगत, बालक राम भगत, दासीलाल भगत, सचिव – अर्जुन भगत, सह सचिव – भागीरथी भगत, कोषाध्यक्ष – लालसाय भगत, सह कोषाध्यक्ष – नम्बर साय भगत, पूर्वी क्षेत्रीय सरपंच दुखसिंह भगत, पश्चिमी क्षेत्रीय सरपंच भक्तुराम भगत, जिला मंत्री आदिवासी मोर्चा रायगढ़ – दक्षिणी क्षेत्रीय सरपंच सियाराम भगत, पूर्व प्राचार्य सह विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी लैलूंगा पी. एस भगत , प्रदेशाध्यक्ष – रवि भगत भाजयुमो छत्तीसगढ़ के कर कमलों में संपन्न होगा । जहाँ विभिन्न क्षेत्रों से उराँव समाज के भाई बहिन एवं बंधु बांधव बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे ।

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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मनेन्द्रगढ़ में 14 करोड़ 91 लाख रूपए के विकास कार्यों की मिली मंजूरी शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय एमसीबी में महाविद्यालय भवन एवं बालक-बालिका छात्रावास भवन का होगा  निर्माण

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मनेन्द्रगढ़ में 14 करोड़ 91 लाख रूपए के विकास कार्यों की मिली मंजूरी शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय एमसीबी में महाविद्यालय भवन एवं बालक-बालिका छात्रावास भवन का होगा निर्माण

एमसीबी, 21 सितंबर, 2024/मनेंद्रगढ़ के स्थानीय विधायक एवं राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर में महाविद्यालय भवन एवं बालक-बालिका छात्रावास भवन के निर्माण की स्वीकृति मिल गयी है। स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 14 करोड़ 91 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति मिल जाने से शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ -चिरिमिरी-भरतपुर में महाविद्यालय भवन एवं बालक-बालिका छात्रावास भवन का निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ हो सकेगा, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

यह स्वीकृति श्री श्याम बिहारी जायसवाल की क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस योजना से न केवल शैक्षणिक वातावरण में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे वे अपने शैक्षणिक जीवन में और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
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 राज्य स्तरीय 8 दिवसीय हाथकरघा प्रदर्शनी शुरू

राज्य स्तरीय 8 दिवसीय हाथकरघा प्रदर्शनी शुरू

बिलासपुर / ग्रामोद्योग हाथकरघा विभाग द्वारा तीजा-पोला के अवसर में कोसा एवं कॉटन ऑफ छत्तीसगढ़ हाथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी आयोजन आज से राघवेन्द्र राव सभा भवन में शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शिल्पि संघ रायपुर के अध्यक्ष श्री विशालराम देवांगन नेे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण करते हुये दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभांरभ किया गया। मुख्य अतिथि ने प्रत्येक स्टाल पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के हाथकरघा, हस्तशिल्प एवं खादी की कलाकृति का अवलोकन किया। उनके द्वारा प्रदर्शनी में प्रदर्शित उक्त कलाकृति की सराहना की गयी।  
  प्रदर्शनी के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हाथकरघा बुनकरों, हस्तशिल्प कारीगर एवं खादी उत्पाद को विपणन हेतु उचित माध्यम उपलब्ध कराना, बुनकरों के बुनाई एवं हस्तशिल्प कला को आम नागरिक तक सीधे पहुचाना है तथा उपभोक्ता के माध्यम से नित नवीन डिजाईनों के विकास हेतु सुझाव प्राप्त करना। प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय हाथकरघा वस्त्र उत्पाद, हस्तशिल्प कलाकृति तथा खादी वस्त्र को एक ही छत के नीचे आम उपभोक्ता तक सीधे पहुचना, बुनकरों, हस्तकला के कारीगीर, खादी वस्त्र उत्पादक के लिए नियमित रोजगार के अवसर में वृद्धि करना। छत्तीसगढ़ में हाथकरघा पर वस्त्र उत्पादन महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। और कई हूरनमंद महिलाये बुनकरी के माध्यम से अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो रही है।


  उक्त प्रदर्शनी में कोसा एवं सूती उत्पादक क्षेत्र जैसे रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, चन्द्रपुर, छुरी, सिवनी, रामाटोला, लोफन्दी, भिलाईगढ़ एवं सोमाझिटिया के 28 बुनकर समिति के 30 प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ बिलासा हैण्डलूम रायपुर, 04 हस्तशिल्प के प्रतिनिधि एवं खादी ग्रामोद्योग द्वारा भाग लिया गया है। उनके द्वारा आकर्षक कोसा एवं कॉटन वस्त्र जैसे उत्कृष्ट कलात्मक कोसा साडियॉ, कोसा मलमल, कोसा ड्रेस  मटेरियल, कोसा सलवार सूट, कोसा बाफ्ता, सूती साडियॉ, कॉटन शुटिंग, शर्टिग, दुपट्टा, बेड-शीट, बेड-कव्हर, पिलो-कव्हर, टॉवेल, नेपकीन, गमछा आदि का प्रदर्शन किया गया है। शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित प्रदर्शनी के नोडल अधिकरी, उपसंचालक हाथरकघा श्री डोमूदास धकाते द्वारा अवगत कराया गया की उक्त प्रदर्शनी दिनांक  29 अगस्त से 05 सितम्बर 2024 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक खूली रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रदर्शनी में उपस्थित होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश की बुनाई कला, हस्तशिल्प एवं खादी वस्त्र उत्पाद का अवलोकन कर प्रोत्साहित करें

 

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