Breaking News
स्वास्थ
अंबिकापुर: मेडिकल कॉलेज में 4 नवजातों की मौत को लेकर हंगामा... प्रभारी मंत्री डहरिया ने बुलाई आपात बैठक...
अंबिकापुर: अंबिकापुर जिले के मेडिकल कॉलेज के SNCU और बच्चा वार्ड में 4 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। सभी नवजात बच्चे SNCU वार्ड में भर्ती थे। बच्चों की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस मामले की जानकारी लगते ही प्रभारी मंत्री शिवकुमार डहरिया ने जिला प्रशासन की आपात बैठक बुलाई है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दिल्ली से सीधे अंबिकापुर के लिए रवाना हो रहे हैं.
कोरिया जिला अस्पताल में दौड़ रही महतारी एक्सप्रेस का बुरा हाल...102 हुआ आइसोलेट...
कोरिया: जिला अस्पताल में दौड़ रही महतारी एक्सप्रेस का बुरा हाल है । यहां तक कि ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं है और ना ही गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के दौरान दवाइयां टावेल ,कमल भी उपलब्ध नहीं रहते है। वही समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बचरा पौड़ी से रिफर कर जिला अस्पताल पहुची 102 महतारी एक्सप्रेस जिसमे मां अपने 13 दिन के बच्चे को ले कर पहुची।जिसमें न क्सीजन सिलेंडर और दवाइयां भी नहीं है ।महतारी एक्सप्रेस में ( पैरामेडिकल स्टाफ ) उपलब्ध भी नहीं है सिर्फ ड्राइवर मौजूद रहा है।
एम्बुलेंस ड्राइवर को पड़ा दिल का दौरा,कमलेश डड़सेना एवं साथियो ने मिलकर की मदद
जिला महासमुन्द से राजकुमार अग्रवाल की खबर

बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कालेज के फ्रेशर पार्टी के चीफ गेस्ट बने सम्पत अग्रवाल
रिपोर्ट - लोकनाथ खूंटे

रायपुर : बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में एमएससी, बीएससी और पीबीबीएससी, एनएसजी की फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्री संपत अग्रवाल शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान अंतिम वर्ष के छात्रों ने तिलक लगाकर नए छात्रों को उनके आने वाले कल की शुभकामनाएं दी। रायपुर स्थित श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सम्पत अग्रवाल एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नीता नायक ने छात्रों को मिस फ्रेशर और मिस्टर फ्रेशर का पुरस्कार दिया गया.
महासमुन्द जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में एंबुलेंस सुविधा को बेहतर करने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल ने एंबुलेंस की बड़ी सौगात दी
जिला -महासमुंद ,रिपोर्टर-लोकनाथ खुंटे
जिले में वायरल बुखार एवं फ्लू का कहर जारी एक दिन 200 सौ के पार मरीज
कोरिया/ छत्तीसगढ़

कोरिया जिले में कोरोना के तीसरी लहर की आशंका के बीच जिला मुख्यालय समेत अन्य ब्लॉक में वायरल बुखार और फ्लू कहर बरसाने लगा है। पीड़ितों में ज्यादातर बच्चे हैं। हालत यह है कि जिला अस्पताल में बच्चों के सभी बेड फुल हो गए हैं। अस्पताल में सामान्य वार्ड पहले ही मरीजों से भरे हुए हैं। बड़ी चिंता यह है कि बच्चों में निमोनिया, शर्दी खांसी, तेज बुखार जैसे लक्षण के साथ ऑक्सीजन की कमी सामने आ रही है। गंभीर 10 बच्चों को ऑक्सीजन लगाना पड़ा है। डॉक्टर अमित बक्सला बता रहे हैं कि जिला अस्पताल में सोमवार को 200 बच्चे ओपीडी में पहुंच हैं जिसमें ज्यादातर , सर्दी ,खांसी, बुखार, निमोनिया और सांस लेने में परेशानी हो रही है ।अस्पताल में 80 बच्चे भर्ती थे, इनमें से 10 की डिस्चार्ज कर दिया है। लगभग 10 बच्चों को सांस लेने में तकलीफ है, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा है।इनमें नवजात से लेकर 7 साल तक के बच्चे अधिक हैं, लेकिन भर्ती बच्चों में 70 फीसदी की उम्र एक साल से कम है।जिला अस्पताल में बच्चों के 50 बेड फुल हैं।इनमें करीब 10 बेड गैलरी में लगे हैं। बेड खाली नहीं होनेे के करण एक बेड में दो दो बच्चों को भर्ती किया गया है । अस्पताल में भर्ती बच्चों को खांसी बुखार के साथ सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। चाइल्ड वार्ड में भर्ती बच्चे के परिजन मिथिलेश ने कहा कि 3 दिन से जिला अस्पताल में भर्ती है आज ही कोरोना जांच हुआ है अभी रिपोर्ट की जानकारी नहीं मिली है। महिलाओं ने बताया कि अपने बच्चों को लेकर भर्ती है सर्दी ,खांसी, बुखार, निमोनिया है।उसे ऑक्सीजन पर रखा गया। जिला अस्पताल में तीन बच्चों की मौत पर CHMO बोले कार्डियक के कारण हुई मौत। सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि हर साल अगस्त ,सितंबर और मार्च में सर्दी ,खांसी, बुखार वायरल फीवर की मरीज मिलते है। इस साल बच्चों के काफी संख्या हैं। बच्चों को हायर एंटीबायोटिक और ऑक्सीजन की लगाने की जरूरत पड़ी है। जिला अस्पताल में 45 बच्चों का कोरोना जांच भी कराया गया है जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव है । जिन तीन बच्चों की मौत हुई है, वह कार्डियक के कारणों से हुई है। शिशु वार्ड में जो बड़े की समस्या है उसके लिए नया वार्ड बना लिया गया है कल ही वहां सभी मरीजों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।सभी बच्चे तीन-चार दिन में ठीक हो कर वापस जा रहे हैं ।जिला अस्पताल में दो डॉक्टर बच्चों देख रहे हैं फिलहाल स्थित नियंत्रण में है।
आज 236 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 234 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।
आज 236 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 234 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


सूरजपुर जिले को मिले चार एंबुलेंस की सौगात
जांजगीर चाम्पा, आज मिले 32 कोरोना पॉजिटिव मरीज,
कोरोना अपडेट
सीमित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थीयों के दस्तावेज सत्यापन 12 जुलाई 2021 को
कोरिया 09 जुलाई 2021/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षित मितानिन के लिए आरक्षित रिक्त पदों पर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला), बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (महिला) तृतीय श्रेणी के रिक्त पदों की पूर्ति किये जाने हेतु 27 जून 2021 को आयोजित सीमित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थीयों के दस्तावेज सत्यापन 12 जुलाई 2021 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक किया जायेगा। अभ्यर्थियों को अनिवार्य रूप से मूल दस्तावेज एवं 02 सेट स्वप्रमाणित छायाप्रति के साथ कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोरिया(बैकुण्ठपुर), छ0ग0 में उपस्थित होना होगा। अनिवार्य दस्तावेजों में हाई स्कूल(10 वीं) प्रमाण पत्र सह अंकसूची, हायर सेकेण्ड्ररी(12 वीं) प्रमाण पत्र सह अंकसूची, ए.एन.एम. प्रथम तथा द्वितीय वर्ष की अंकसूची एवं प्रमाण पत्र, छ.ग. नर्सिंग काॅंसिल में जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र(आरक्षित वर्ग होने पर), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी छ.ग. के मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र, छ.ग. राज्य अंतर्गत मितानिन के रूप में 05 वर्ष का अबाधित(निरंतर) रूप से कार्यरत होने के संबंध में राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र द्वारा जारी प्रमाण पत्र, आनलाईन आवेदन की हस्ताक्षरित प्रति, दिनांक 27.06.2021 को आयोजित सीमित विभागीय परीक्षा मे समय केन्द्राध्यक्ष द्वारा मुद्रा सहित हस्ताक्षरित प्रवेश पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र(विकलांग होने पर), दिनांक 27.06.2021 को आयोजित सीमित विभागीय परीक्षा के समय प्रस्तुत स्वयं का कोई पहचान पत्र(पेन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राईविंग लाईसेंस, मतदाता परिचय पत्र या राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी अन्य कोई पहचान पत्र) शामिल है।
प्राप्तांको के आधार पर परीक्षार्थियों की प्रोविजनल मेरिट सूची, अनुत्तीर्ण, अनुपस्थित परीक्षार्थीयों की सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। जारी सूची का अवलोकन जिले की वेबसाईट www.korea.gov.in] विभागीय वेबसाईट www.cghealth.nic.in एवं कार्यालय के सूचना पटल पर किया जा सकता है।
केंद्र ने कोविड-19 के नियंत्रण और रोकथाम से जुड़े उपायों के लिए छह राज्यों में टीमें भेजीं
केरल, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मणिपुर में टीमों को भेजा गया, जहां कोविड-19 मामलों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है
केंद्र ने केरल, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मणिपुर में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बहु-अनुशासनात्मक टीमों की प्रतिनियुक्ति की है। ईएमआर के अतिरिक्त उपमहानिदेशक और निदेशक डॉ. एल स्वस्तिचरण मणिपुर जाने वाली टीम का नेतृत्व करेंगे। अरुणाचल प्रदेश की टीम का नेतृत्व अखिल भारतीय स्वच्छता और जन स्वास्थ्य संस्थान (एआईआईएच एंड पीएच) के प्रोफेसर, डॉ. संजय साधुखान करेंगे।त्रिपुरा जाने वाली टीम का नेतृत्वअखिल भारतीय स्वच्छता और जन स्वास्थ्य संस्थान (एआईआईएच एंड पीएच) के प्रोफेसर डॉ. आर एन सिन्हा करेंगे। केरल जाने वाली टीम का नेतृत्व क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय (आरओएचएफडब्ल्यू), ग्रुप 2 जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. रुचि जैन करेंगी। ओडिशा जाने वाली टीम का नेतृत्व अखिल भारतीय स्वच्छता और जन स्वास्थ्य संस्थान (एआईआईएच एंड पीएच) के जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. ए डैनकरेंगे और छत्तीसगढ़ जाने वाली टीम का नेतृत्व एम्स रायपुर के सहायक प्रोफेसर डॉ. दिबाकर साहू करेंगे। लक्षित कोविड प्रतिक्रिया और प्रबंधन के लिए तथा महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए टीमें उनके प्रयासों में सहयोग करेंगी।
इन राज्यों के लिए गठित दो सदस्यीय उच्च स्तरीय टीम में एक चिकित्सक और एक सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं। टीमें तुरंत राज्यों का दौरा करेंगी और कोविड-19 प्रबंधन के समग्र कार्यान्वयन की निगरानी करेंगी, विशेष रूप से जांच पर ध्यान देंगी। इनमें निगरानी एवं नियंत्रण संचालन; कोविड उपयुक्त व्यवहार तथा उसका प्रवर्तन; अस्पताल के बिस्तरों की उपलब्धता; एम्बुलेंस, वेंटिलेटर, चिकित्सीय ऑक्सीजन आदि सहित पर्याप्त रसद, और कोविड-19 टीकाकरण की प्रगति शामिल हैं। टीमें स्थिति की निगरानी करेंगी और उपचारात्मक कार्रवाई का सुझाव भी देंगी।
केंद्रीय टीमें स्थिति का आकलन करेंगी और संबंधित राज्य सरकारों को सार्वजनिक स्वास्थ्य गतिविधियों पर उपचारात्मक कार्रवाई का सुझाव देंगी। रिपोर्ट की प्रति केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कलेक्टर धवाड़े ने मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
कोरिया कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने आज जिला कलेक्टोरेट परिसर से मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। जागरूकता रथ के माध्यम से जिले में 25 जून से 15 अगस्त तक अभियान स्वरूप लोगों को मलेरिया की रोकथाम, बीमारी के लक्षण एवं सही उपचार के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
कलेक्टर श्री धावड़े ने इस अवसर पर कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव के सभी उपायों के पालन के साथ ही मलेरिया के लक्षणों का भी ध्यान रखें। मलेरिया के लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन तथा चिकित्सक से संपर्क करें।
सीएमएचओ डॉ शर्मा ने कहा कि मलेरिया के संक्रमण से बचने के लिए इसकी रोकथाम के उपाय करना जरूरी है। मलेरिया के मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं इसलिए पानी जमा होने वाले स्त्रोतों को नष्ट करें और आसपास पानी जमा होने ना दें। मलेरिया के लक्षण जैसे - बुखार, ठंड लगना, सर दर्द, बदन दर्द, उल्टियां आदि होने पर चिकित्सीय इलाज करवाएं।
कलेक्टर श्री धावड़े ने जिले की जनता से यह भी अपील की है कि जिन हितग्राहियों ने कोविड टीकाकरण नहीं करवाया है, वे टीकाकरण अवश्य करवाएं। यह आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
अभियान के तहत प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण का क्रियान्वयन केवल बस्तर संभाग में किया गया था। तृृतीय चरण क्रियान्वयन बस्तर एवं सरगुजा संभाग में किया गया था। जिसमें कोरिया जिले के 49590 जनसंख्या का सर्वे किया गया जिसमें 02 मलेरिया प्रकरण 01 पी.व्ही 01 पी.एफ प्रकरण पाये गये। इस वर्ष भी मलेरिया मुक्त छ.ग. अभियान चतुर्थ चरण का क्रियान्वयन किया जा रहा है जो कि दिनांक 25.06.2021 से 15.08.2021 तक चलेगा। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर सभी लोगों का रक्त जाँच करेगी। इस कार्यक्रम का लक्ष्य जनसंख्या 68491 रखा गया जो दुरस्थ पहुँचविहीन 02 ए.पी.आई के उपर के ग्रामों मे मलेरिया जाँच किया जावेगा तथा सकारात्मक पाये गये प्रकरणों का पुर्ण उपचार किया जावेगा। वर्तमान माह मई तक 44046 लोागें का रक्त परीक्षण किया गया है। जिसमें 111 प्रकरण सकारात्मक पाये गये। जिसमें सबसे अधिक 99 प्रकरण विकासखण्ड भरतपुर में पाये गये है। इस कार्य क्रम के तहत मलेरिया से जागरूकता, मच्छरदानी की उपयोगिता एवं डी.डी.टी छिडकाव के फायदे से जन समुदाय को अवगत कराया जावेगा।
दिव्यांग संजय कुमार ने टीकाकरण केन्द्र पहुंचकर लगवाया कोविड टीका, लोगों से की टीका लगवाने की अपील
कोरिया - कोरोना को हराने के लिये 37 वर्षीय दिव्यांग संजय कुमार ने कोविड टीकाकरण करवा कर अपना एक कदम बढ़ा दिया है। साथ ही उन्होंने उन सभी लोगों से टीकाकरण कराने की अपील की है जिन्होंने अब तक टीका नहीं लगवाया है। वे अपील करते हुए कहते हैं कि कोविड-19 टीका बिल्कुल सुरक्षित है। भ्रामक बातों एवं अफवाहों पर ध्यान ना दें और जल्द से जल्द अपने नजदीकी टीकाकरण केन्द्र में जाकर टीका अवश्य लगवाएं। संजय ने 23 जून को एसईसीएल डिस्पेंसरी, कोरिया में कोविड वैक्सीन का पहला डोज लिया। अपनी मोटरायज्ड ट्राइसाइकिल पर संजय वैक्सीनशन सेंटर पहुंचे और कोविड-19 टीका लगवाया।
डायलिसिस के लिए अब मरीजों को मिलेगी निःशुल्क सुविधा-श्री सिंहदेव स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने किया डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन
अम्बिकापुर - छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने बुधवार को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला चिकित्सालय में 4 बेडेड डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री शफी अहमद, छत्तीसगढ़ वन औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक, मेयर डाॅ. अजय तिर्की, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला रेड क्रास सोसायटी के चेयरमेन श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, श्री राकेश गुप्ता, डीन डाॅ. आर मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. लखन सिंह, सी.एम.एच.ओ. डाॅ. पीएस सिसोदिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे । उद्घाटन के दिन ही तीन मरीजों का निःशुल्क डायलिसिस किया गया।
उद्घाटन अवसर पर श्री सिंहदेव ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में आज शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला चिकित्सालय में 4 बेडेड डायलिसिस यूनिट आमजन को समर्पित किया गया। डायलिसिस यूनिट शुरू होने से अब एक साथ चार मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। डायबिटीज एवं अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के लिए डायलिसिस कराना जरूरी हो जाता है । जिला मुख्यालय में 4 यूनिट डायलिसिस शुरू होने और निःशुल्क सेवा का लाभ मिलने से मरीजों को राहत मिलेगी। यह डायलिसिस सेवा जीवनधारा कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क प्रदान की जाएगी।
इस दौरान श्री सिंहदेव ने जशपुर जिला चिकित्सालय में 5 यूनिट डायलिसिस का वर्चुअल उद्घाटन किया। तत्पश्चात उन्होंने ट्रू-नाट लैब का अवलोकन किया और एक वर्ष के सफल क्रियान्वयन पर लैब के अधिकारी एवं कर्मचारियों को बधाई दी और भविष्य में भी लगनपूर्वक कार्य निष्पादन करने कहा। बताया गया कि ट्रू-नाट से अब तक 42 हजार कोरोना टेस्ट किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने किया निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
अम्बिकापुर - छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने बुधवार को गंगापुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्मित एवं निर्माणाधीन सभी भवनों का अवलोकन किया और गुणवत्तापूर्ण निर्माण समय पर पूरा कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने आवासीय कालोनी में कर्मचारियों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट बनाने के निर्देश दिए ताकि व्यवस्थित अवगामन हो सके।
श्री सिंहदेव ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निर्माण पर लगाई गई रोक को स्थगित कर दिया गया है जिससे रूके हुए कार्य को प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस दौरान मंत्री श्री सिंहदेव ने कर्मचारियों के लिए बन रहे आवासीय कालोनी तथा हॉस्पिटल भवन का जायजा लिया। मेडिकल कॉलेज परिसर में रोड निर्माण, नाली निर्माण, बिजली व्यवस्था, पानी व्यवस्था, स्टाफ की एंट्री तथा निकासी गेट, भवन निर्माण, जल निकासी की व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में पानी की सप्लाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री सिंहदेव ने मेडिकल कालेज परिसर के निर्माण कार्यों से संबंधित ले-आउट का अवलोकन किया और उसी के अनुरूप व्यवस्थित निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री प्रदीप साहू, मेडिकल कालेज के डीन डाॅ. आर मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. लखन सिंह, सीएमएचओ डाॅ. पीएस सिसोदिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कन्टेनमेंट जोन घोषित नगर पालिक निगम चिरमिरी के वार्ड गोदरीपारा में
कोरिया - कलेक्टर श्री श्याम धावडे द्वारा तहसीलदार चिरमिरी से प्राप्त प्रस्ताव पर नगर पालिक निगम चिरमिरी, वार्ड नं0 31/40 धौडा गोदरीपारा में कुल 10 मरीजों की जाँच रिपोर्ट पॉजीटिव पाये जाने के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को दृष्टिगत रखते हुये ग्राम गोदरीपारा से निर्धारित परिधि क्षेत्र को 14 दिवस दिनांक 02.07.2021 तक के लिए कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जिसमें पूर्व दिशा में अमरईया चैक के पास, पश्चिम दिशा में चितरमन साहू के मकान के चैक तक, उत्तर दिशा में बच्चा लाल के घर के पूर्व में सडक तक तथा दक्षिण दिशा में मानसाय के मकान के पास सडक तक क्षेत्र शामिल है।
आम नागरिकों की उक्त क्षेत्रों में सामान्य रूप से आवाजाही पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी। उपरोक्त कन्टेनमेंट जोन के प्रभारी अधिकारी के रूप में श्री विभोर यादव, नायब तहसीलदार चिरमिरी, जिला कोरिया, (मो.नं. 7000582399) को नियुक्त किया गया है।
कोविड-19 टीकाकरण अभियान से जुड़ी ताजा जानकारी- 153वां दिन
देश में कुल 26.86 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण संपन्न हुआ
18-44 वर्ष के आयु वर्ग के 5 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका लगा
आज शाम 7 बजे तक 29 लाख से ज्यादा लोगों को कोविड-19 का टीका लगा
आज शाम 7 बजे की अनंतिम रिपोर्ट के मुताबिक देश में कुल 26.86 करोड़ (26,86,65,914) लोगों को कोविड-19 टीका लग चुका है।
आज 18-44 साल आयु वर्ग में कुल 18,94,803 लोगों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगी, जबकि 88,017 लोगों को इसकी दूसरी खुराक दी गई। टीकाकरण के तीसरे चरण में अभी तक कुल संख्या की बात करें तो 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4,93,56,276 लोगों को पहली खुराक और 10,58,514 लोगों को दूसरी खुराक लग चुकी है। बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने 18-44 वर्ष आयु वर्ग के 10 लाख से अधिक लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक लगा दी है।
नीचे दी गई सारणी में अभी तक 18-44 साल के आयु वर्ग को दी गई कोविड वैक्सीन की खुराक की जानकारी है-
|
क्रमांक |
राज्य |
पहली खुराक |
दूसरी खुराक |
|
1 |
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |
17943 |
0 |
|
2 |
आंध्र प्रदेश |
690177 |
3183 |
|
3 |
अरुणाचल प्रदेश |
102393 |
0 |
|
4 |
असम |
1012401 |
51021 |
|
5 |
बिहार |
3189887 |
32470 |
|
6 |
चंडीगढ़ |
115578 |
1 |
|
7 |
छत्तीसगढ़ |
971064 |
26419 |
|
8 |
दादरा और नागर हवेली |
79727 |
0 |
|
9 |
दमन और दीव |
87468 |
0 |
|
10 |
दिल्ली |
1487791 |
128533 |
|
11 |
गोवा |
172669 |
2425 |
|
12 |
गुजरात |
4503978 |
82902 |
|
13 |
हरियाणा |
1914697 |
30052 |
|
14 |
हिमाचल प्रदेश |
240596 |
0 |
|
15 |
जम्मू और कश्मीर |
490818 |
25856 |
|
16 |
झारखंड |
1224817 |
25172 |
|
17 |
कर्नाटक |
3407566 |
17233 |
|
18 |
केरल |
1349167 |
2506 |
|
19 |
लद्दाख |
64046 |
0 |
|
20 |
लक्षद्वीप |
19352 |
0 |
|
21 |
मध्य प्रदेश |
4859747 |
112416 |
|
22 |
महाराष्ट्र |
2774371 |
219054 |
|
23 |
मणिपुर |
101003 |
0 |
|
24 |
मेघालय |
117053 |
0 |
|
25 |
मिजोरम |
102661 |
1 |
|
26 |
नागालैंड |
121049 |
0 |
|
27 |
ओडिशा |
1251060 |
102527 |
|
28 |
पुडुचेरी |
91670 |
0 |
|
29 |
पंजाब |
727713 |
2955 |
|
30 |
राजस्थान |
3904213 |
2106 |
|
31 |
सिक्किम |
99433 |
0 |
|
32 |
तमिलनाडु |
3023871 |
13614 |
|
33 |
तेलंगाना |
2246201 |
4340 |
|
34 |
त्रिपुरा |
164842 |
8134 |
|
35 |
उत्तर प्रदेश |
5175357 |
132436 |
|
36 |
उत्तराखंड |
610204 |
24081 |
|
37 |
पश्चिम बंगाल |
2843693 |
9077 |
|
कुल |
4,93,56,276 |
10,58,514 |
26,86,65,914 वैक्सीन खुराक का कुल टीकाकरण कवरेज जनसंख्या प्राथमिकता समूहों के आधार पर निम्नानुसार अलग किया गया है-
|
संचयी टीका खुराक कवरेज |
||||||
|
हेल्थकेयर वर्कर्स |
फ्रंटलाइन वर्कर्स |
18-44 वर्ष आयु वर्ग |
45 वर्ष आयु से ऊपर के लोग |
60 वर्ष आयु से ऊपर के लोग |
कुल |
|
|
पहली खुराक |
10095383 |
16996277 |
49356276 |
78418488 |
63734314 |
218600738 |
|
दूसरी |
7032270 |
8963142 |
1058514 |
12395893 |
20615357 |
50065176 |
|
कुल |
1,71,27,653 |
2,59,59,419 |
5,04,14,790 |
9,08,14,381 |
8,43,49,671 |
26,86,65,914 |
अनंतिम रिपोर्ट के मुताबिक टीकाकरण अभियान के 153वें दिन (17 जून, 2021) , आज शाम 7 बजे तक, कुल 29,64,596 टीके की खुराक दी गईं जिनमें 25,81,421 लोगों ने पहली खुराक लगवाई जबकि 3,83,175 लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त हुई। दिन की अंतिम रिपोर्ट आज देर रात तक पूरी कर ली जाएगी।
|
दिनांक 17 जून 2021 (153वें दिन) |
||||||
|
हेल्थकेयर वर्कर्स |
फ्रंटलाइन वर्कर्स |
18-44 वर्ष आयु वर्ग |
45 वर्ष आयु से ऊपर के लोग |
60 वर्ष आयु से ऊपर के लोग |
कुल |
|
|
पहली खुराक |
7058 |
38583 |
1894803 |
459756 |
181221 |
2581421 |
|
दूसरी खुराक |
13628 |
28023 |
88017 |
95306 |
158201 |
383175 |
|
कुल |
20,686 |
66,606 |
19,82,820 |
5,55,062 |
3,39,422 |
29,64,596 |
देश में सबसे कमजोर जनसंख्या समूहों को कोविड-19 से बचाने के लिए एक औजार के रूप में टीकाकरण अभ्यास की नियमित रूप से समीक्षा और उच्चतम स्तर पर निगरानी की जाती है
जांजगीर-चांपा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी एवं अव्यवस्था को लेकर ज्ञापन
बच्चों में कोविड-19: खतरे और सावधानियां”
सीएसआईआर की नई इकाई, सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएससीपीआर), नई दिल्ली ने कल (04 जून 2021 को) बच्चों में कोविड-19 के बारे में आधे दिन का एक ऑनलाइन सत्र आयोजित किया। यह सत्र हाल ही में कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप और बच्चों पर इसके प्रभाव, खतरों और बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी प्रोटोकॉल पर केन्द्रित था। इस वेबिनार के मुख्य अतिथि डॉ. वी. विजयलक्ष्मी, अतिरिक्त आयुक्त (अकादमिक), केवीएस (मुख्यालय), नई दिल्ली थीं और अतिथि वक्ता श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच), चेन्नई, तमिलनाडु के बाल रोग विभाग के प्रोफेसर और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) के कार्यकारी बोर्ड सदस्य 2021 प्रोफेसर डॉ. आर. सोमशेखर थे। इस कार्यक्रम में सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर द्वारा फेसबुक पर उपलब्ध कराए गए लिंक के माध्यम से कई गणमान्य व्यक्तियों, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों और विभिन्न स्कूलों के छात्रों सहित लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक डॉ. रंजना अग्रवाल ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में ‘जिज्ञासा’, जोकि वर्ष 2017 के मध्य में शुरू हुई छात्रों-वैज्ञानिकों को जोड़ने की पहल है और जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों में 'वैज्ञानिक चेतना' पैदा करना और उन्हें विज्ञान उन्मुख बनाना है, के जरिए दो महान संस्थानों, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के बीच असाधारण संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि 'जिज्ञासा' ने वास्तव में न केवल छात्रों के बीच एक सराहनीय प्रभाव पैदा किया है, बल्कि वैज्ञानिकों में भी उत्साह जगाया है। उन्होंने कहा कि 'जिज्ञासा' छात्रों को सीधे वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करने का अवसर प्रदान करता है और इस तरह युवा दिमाग को नवीन सोच और दृष्टिकोण की ओर प्रेरित करता है। दीर्घकालिक स्तर पर, विशेष रूप से समाज के लिए फायदेमंद विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के संदर्भ में इस पहल से प्रभावशाली परिणाम मिलने की उम्मीद है।
डॉ. वी. विजयलक्ष्मी, अतिरिक्त आयुक्त (अकादमिक), केवीएस ने अपने संबोधन में कहा कि ‘जिज्ञासा’ छात्रों के लिए एक सपने के सच होने जैसा है क्योंकि यह वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करने और उनके काम को करीब से देखने का एक मंच प्रदान करता है। यह संबंध उनके संस्थान के लिए काफी सफल रहा है क्योंकि इसके जरिए पूरे साल चलने वाली विभिन्न प्रकार की संलग्नता को लेकर छात्र उत्साहित हैं। डॉ विजयलक्ष्मी ने कहा कि अभूतपूर्व कोविड-19 महामारी ने हमारे जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। इसने सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक जीवन और बच्चों के मानस को निष्क्रिय रूप से प्रभावित किया है। इसकी वजह से उन्हें पढ़ाई के अलावा खेलने के अधिकार से वंचित होना पड़ा है, भले ही वह उनके साथियों के साथ ही क्यों न हो। उन्होंने इस बात की याद दिलाई कि कैसे हमारे शिक्षक बच्चों को शिक्षित करने के दबाव से निपटने के लिए रातोंरात आईटी-प्रेमी तकनीकी विशेषज्ञ बन गए।
एसबीएमसीएच, चेन्नई के बाल रोग विभाग के प्रोफेसर और आईएपी केईबी सदस्य प्रो. आर. सोमशेखर, ने सूक्ष्म विवरणों को शामिल करते हुए "बच्चों में कोविड-19: खतरे और सावधानियां" विषय पर एक व्यापक मुख्य भाषण दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में कोविड-19 का अभी भी मध्यम असर है। भले ही बच्चे सार्स-कोव-2 वायरस की चपेट में हैं, फिर भी उनमें से अधिकांश बिना लक्षण वाले हैं और मात्र 1-2% को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। डॉ. सोमशेखर ने माता-पिता को वयस्कों से संक्रमण के संचरण की संभावना और इन दिनों बच्चों में बढ़ते जठरांत्र संबंधी लक्षणों के बारे में आगाह किया। उन्होंने समझाया कि अन्य फ्लू और सामान्य सर्दी के बीच कोविड -19 लक्षणों की पहचान और अंतर कैसे करें।
डॉ. सोमशेखर ने कहा कि कोविड -19 ने अब तक कर्नाटक को छोड़कर भारत में बच्चों को ज्यादा प्रभावित नहीं किया है। उन्होंने बच्चों के लिए कोविड-19 के उपचार के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की। सत्र को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने हमारे दैनिक जीवन में अपनाए जाने लायक कुछ उपायों के बारे में सुझाव दिया: शारीरिक व्यायाम, बच्चों के साथ खेलना, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थों से बचना, अच्छी नींद, मास्क पहनना, संतुलित आहार और उम्र के अनुसार टीकाकरण। सबसे महत्वपूर्ण बात के रूप में, उन्होंने लक्षणों और बच्चे के व्यवहार में बदलाव पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी।
डॉ. वाई. माधवी, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने चर्चा का संचालन किया और समापन सत्र का सार प्रस्तुत किया। श्री आर. एस. जयसोमू, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। डॉ. एन. के. प्रसन्ना, वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के समस्त कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम की पहुंच बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
गांव-गांव में स्वास्थय सुविधा पहुंचना हमारी प्राथमिकता-श्री भगत खाद्य मंत्री ने किया नवनिर्मित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का शुभारंभ











