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कांग्रेसी नेता की रंगदारी,,बिच सड़क मे पुलिस कर्मियों के सामने ही एसपी और गृह मंत्री को दी अश्लील गालियां,,क्या एसपी से नहीं संभल रही जिले की कमान,,
बालोद/ एक बार फिर पुलिस विभाग के साथ हि गृह मंत्री की इज़्ज़त का पलिता निकालने मे बालोद के कांग्रेसी नेता ललित साहू ने कोई कसर नहीं छोड़ी, जनाब की क्षेत्र मे इतनी रंगदारी है की उनके आगे जिले के एसपी भी नतमस्तक नज़र आते है, या यु कहे कि एसपी साहब की नाकामी के चलते ललित साहू के हौसले इतने बुलंद है, की वे खुलेआम जिले के एसपी के साथ हि गृह मंत्री को अश्लील गाली गलौच कर रहा है, जिसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमे कांग्रेसी नेता ने एसपी और प्रदेश के गृह मंत्री पर अश्लील गाली गलौच की झड़ी लगा दी, जिससे समझ नहीं आ रहा है की आखिर किसके शह पर कांग्रेसी नेता खुलेआम एसपी और गृह मंत्री की बिच सड़क मे बेइज़्ज़त कर रहा है, हम आपको जिस वीडियो के बारे मे बता रहें है वो 15 फरवरी का बतया जा रहा है जिसमे कांग्रेसी नेता ललित साहू सिपाहीयो से अभद्र व्यवहार करते हुए रंगदारी दिखा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार ये पूरा मामला बालोद जिला के गिधवा गांव का है। जिसमे बताया जा रहा है कि 15 फरवरी को पिनकापार पुलिस चौकी के स्टाफ ने ग्राम गिधवा गांव में लकड़ी लेकर आ रहे एक ट्रैक्टर को जांच के लिए रोक लिया था। ट्रैक्टर के चालक के पास टॉल ले जाई जा रही लकड़ियों के वैध दस्तावेज नही थे। जिसे देखते हुए,पुलिस कर्मियों ने दस्तावेज के अभाव में गाड़ी को थाने ले जाने की बात कही, जिसके बाद ट्रैक्टर चालक ने अपने मालिक को फोन कर मामले की जानकारी दी, और कुछ देर बाद राजनांदगांव निवासी कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव ललित साहू अपनी सफेद रंग की कार से मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों से हुज्जतबाजी करते हुए
खाकी के सामने हि जिले के एसपी की इज्जत को सरेराह् नीलाम करते रहे, पर पुलिस अधीक्षक के बारे मे इतना सुनने के बाद भी पुलिसकर्मी की ज़बान नहीं खुली, जिससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है की साहब की रंगदारी के आगे जिले के एसपी की कही ना कही संलिप्ता है, शायद यहि कारण है की ललित साहू ने सारी मर्यादा को तोड़ते हुए वर्दीधारी पुलिस जवानों के साथ जमकर गाली गलौच की, इतना हि नहीं उन्होने ये तक कह दिया कि दम हो तो एसपी को बोल दो गाड़ी को ले जाकर दिखाए और बकायदा अपना नंबर लिखावाकर बोलते नज़र आ रहें है की अपने एसपी से बोल देना की मुझसे बात करले, कुल मिलाकर इस पूरे मामले मे बालोद जिले के एसपी की भूमिका पुरी तरह संदिग्ध नज़र आ रही है। जिसे देखते हुए उनके उपर भी कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए, जिससे आगे ऐसी कोई घटना न हो। बहरहाल इस मामले मे कांग्रेसी नेता के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई है।
राज्य में अब तक धान की खरीदी का आंकड़ा 97.71 लाख मीटरिक टन से पार
*21.74 लाख किसानों ने बेचा धान: धान खरीदी के एवज में किसानों को 19,000.46 करोड़ रूपए जारी*
राहुल गांधी ने कोदो, कुटकी और रागी की प्रोसेसिंग यूनिट का किया अवलोकन : छत्तीसगढ़ के मिलेट मिशन को सराहा
सांसद राहुल गांधी ने आज साईंस कॉलेज मैदान में प्रदर्शनी के स्टालों के अवलोकन के दौरान कोदो, कुटकी और रागी की प्रोसेसिंग यूनिट का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्री गांधी को बताया कि छत्तीसगढ़ में मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के लिए मिलेट मिशन प्रारंभ किया गया है। जिसके तहत इन फसलों के उत्पादक किसानों से कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। साथ ही कोदो, कुटकी और रागी की फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत देने का प्रावधान किया गया है।
खरीदी जाने वाली मिलेट का उपयोग कुपोषण दूर करने के लिए मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम आंगनबाड़ी के पोषण आहार कार्यक्रम में किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मिलेट्स का उत्पादन करने वाले गांवों में छोटी प्रसंस्करण इकाईयां और पैकेजिंग इकाईयां स्थापित की जा रही है।
विशेषज्ञों द्वारा मिलेट उत्पादन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ अच्छे बीज भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद और प्रदेश के मिलेट उत्पादक 14 जिलों के मध्य एमओयू किया गया है। सासंद श्री राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के मिलेट मिशन की सराहना की।
बस्तर डोम आदिवासी संस्कृति के प्रतीक गौर सींग मुकुट पहनाकर राहुल गांधी का किया गया आत्मीय स्वागत...
सांसद राहुल गांधी, मुख्यमंत्री भुपेश बगेल और अन्य अतिथि साइंस कॉलेज परिसर पहुंचे। वही राहुल गांधी के आगमन को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया । बतादे की बस्तर डोम में आदिवासी संस्कृति के प्रतीक गौर सींग मुकुट पहनाकर राहुल गांधी का आत्मीय स्वागत किया गया।
साईंस कॉलेज मैदान तक की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न जनकल्याण योजनाओं की दी जानकारी...
साईंस कॉलेज मैदान तक की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न जनकल्याण योजनाओं की जानकारी दी। वहीं राहुल गांधी ने गोबर खरीदी, गोबर से बिजली बनाने की योजना तथा धान खरीदी व्यवस्था की प्रशंसा की।
सांसद राहुल गांधी पहुंचे राजधानी रायपुर...CM भूपेश बघेल ने किया सांसद राहुल गांधी स्वागत...
सांसद राहुल गांधी राजधानी रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचे। वही राहुल गांधी के गरिमामयी उपस्थिति में राजीव ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शरुआत होगी।
राहुल गांधी आज आएंगे रायपुर...राज्य को देंगे 4 ऐतिहासिक सौगात...राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ दौरे पर...
लोकसभा सांसद राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। राहुल गांधी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी 'राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना' और 'राजीव युवा मितान क्लब योजना' का शुभारंभ करेंगे। साथ ही महात्मा गांधी की स्मृतियों को संजोने के लिए नवा रायपुर में स्थापित किए जाने वाले 'सेवाग्राम' तथा 'छत्तीसगढ़ अमर जवान ज्योति' का भूमिपूजन करेंगे। इस योजना के बजट में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी और पुरोहित जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे।
केन्द्र सरकार का बजट पूरी तरह से निराशाजनक और दिशाहीन: मुख्यमंत्री- भूपेश बघेल
रायपुर, 01 फरवरी 2022/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज संसद में प्रस्तुत किए गए वित्तीय वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार का बजट पूरी तरह से निराशाजनक और दिशाहीन है। बजट में किसानों, मजदूरों, युवाओं, बेरोजगारों और महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं है। श्री बघेल ने कहा कि बजट को लेकर लोगों को बड़ी उम्मीद थी कि किसानों को, मजदूरों को कुछ मिलेगा, लेकिन इसमें कुछ नहीं है। किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में कोई बात नहीं कही गई है। पुराने बजट में जिन विषयों को शामिल किया गया था, उनके बारे में कोई प्रावधान नहीं है। 100 स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही थी, वो भी पूरा नहीं हो रहा है। यह बजट पूरी तरह से दिशाहीन बजट है। जिसमें न नौजवानों के लिए कुछ है, न बेरोजगारों के लिए, न महिलाओं के लिए और न किसानों के लिए कुछ है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रीपरिषद की बैठक एक फरवरी को
सांसद राहुल गांधी का 3 फरवरी को छत्तीसगढ़ प्रवास
*सांसद श्री राहुल गांधी का 3 फरवरी को छत्तीसगढ़ प्रवास*
प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने बलौदाबाजार में फहराया तिरंगा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शहीदों के परिजनों का सम्मान
बालौदाबाजार/ गणतंत्र दिवस समारोह जिले में अत्यंत हर्ष एवं उल्लास भरे वातावरण में मनाया गया। स्थानीय स्पोर्टस स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने तिरंगा फहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन करते हुए राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियां एवं भावी कार्य-योजनाओं की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों का कुशलक्षेम पूछते हुये शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने कोरोना नियंत्रण एवं शासकीय योजनाओं में बेहतरीन कार्यों के लिए डेढ़ दर्जन शासकीय कर्मियों का भी जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित कर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सांसद गुहाराम अजगले,संसदीय सचिव एवं विधायक शकुंतला साहू, विधायक प्रमोद कुमार शर्मा,छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा,पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी,श्रम कल्याण बोर्ड सदस्य सतीश अग्रवाल,अनुसचित जनजाति आयोग के सदस्य गणेश ध्रुव,जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश कुमार वर्मा,नगर पालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल,पूर्व विधायक जनकराम वर्मा,जिला अध्यक्ष हितेन्द्र ठाकुर सहित कलेक्टर डोमन सिंह एसपी दीपक झा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। स्पोर्टस स्टेडियम में जिला स्तरीय समारोह सवेरे 9 बजे मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री उमेश पटेल द्वारा झण्डा फहराने के साथ शुरू हुआ।
इस साल कोविड संक्रमण को देखते हुए समारोह को सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। झांकी प्रदर्शन और स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम को टाल दिए जाने के कारण मुख्य समारोह लगभग एक घण्टे में सम्पन्न हो गया। जिला पुलिस बल की दो टुकड़िया,जिला महिला पुलिस बल एवं नगर सेना की टुकड़ियों ने झण्डे एवं अतिथि को शानदार सलामी दी। परेड का नेतृत्व आर.आई विक्रम बघेल ने किया। समारोह में हर्ष और उल्लास के प्रतीक के रूप में रंगीन गुब्बारे आसमान में उड़ाये गये।
मंत्री ने जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन लक्ष्मी ठाकुर, सावित्री सोनी,वीर शहीद उपनिरीक्षक विवेक शुक्ला, युगल किशोर वर्मा, ट्रेड आर नंदकुमार साहू, आर हुमेश्वर प्रसाद कुर्रे, हीरा लाल गायकवाड़,संतराम साहू,धनंजय वर्मा, संतोष ध्रुव,मिथिलेश कुमार, टेकराम,वर्मा एवं कोविड से डोगेन्द्र वर्मा के परिजनों का श्रीफल एवं साल से सम्मान कर उनका हाल चाल जाना। इसके साथ ही प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने मुख्य मंच से करीब 18 अधिकारी- कर्मचारियों का उनके बेहतर सेवा के लिए जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया। इनमें जनसम्पर्क विभाग से सहायक सूचना अधिकारी नितेश कुमार चक्रधारी,लोक निर्माण विभाग के कार्यापालन अभियंता टीसी वर्मा पुलिस विभाग से ईश्वर टोप्पो, नेतराम वर्मा,मनीष चौबे,अश्वनी विशाल,स्वाती साहू,अभिनव चौबे,टिकेश्वर साहू,गुलशन वर्मा,गुमान सिंह जायसवाल,नरोत्तम पटेल आकाश शर्मा,बबलू राजा कौशिक, शिक्षा क्षिप्रा अग्रवाल,कन्हैया साहू,योगेश्वरी साहू,छन्नू लाल ध्रुव शामिल है। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिला प्रशासन की ओर से प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया |
गणतंत्र दिवस : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का मूलपाठ, जगदलपुर, लाल बाग परेड मैदान
आज भारत के तिहत्तरवां गणतंत्र दिवस हवय। ‘हम भारत के लोग’ के बनाए अपन संविधान ल लागू करे के पावन दिन हे। ये बेरा म मे ह आप मन के हार्दिक अभिनंदन करथंव।
जब हम अपने गौरवशाली संविधान की बात करते हैं तो हमारी आंखों के सामने उन अमर शहीदों के चेहरे नजर आते हैं, जिनकी बदौलत भारत आजाद हुआ था। अमर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर जैसी विभूतियों की बदौलत 1857 की क्रांति के पहले से हमारा छत्तीसगढ़, भारत की राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा था। आजादी के आंदोलन से लेकर गणतंत्र का वरदान दिलाने तक जिन महान विभूतियों ने अपना योगदान दिया, उन सबको मैं सादर नमन करता हूं।
हमारे दूरदर्शी पुरखों ने आजादी की लड़ाई के साथ-साथ आजाद भारत के संविधान का सपना ही नहीं देखा था, बल्कि इसकी ठोस तैयारी भी शुरू कर दी थी। यही वजह है कि हमारे संविधान में देश की विरासत, लोकतांत्रिक मूल्य, पंचायत की अवधारणा को अहम स्थान मिला।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, प्रथम विधि मंत्री बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद सहित, संविधान निर्माण की प्रक्रिया में शामिल महानुभावों और उस दौर की विभूतियों ने भारत के नवनिर्माण की नींव रखी थी, उसी पर देश बुलंदियों के नए-नए शिखरों पर पहुंचा है। मैं उन सभी के योगदान को याद करते हुए सादर नमन करता हूं।
आज जब हम अपने देश की पावन पहचान, तिरंगे झण्डे की छांव में खड़े होते हैं तो आन-बान और शान से लहराते हुए तिरंगे में हमें अपनी महान विरासत के अनेक रंग दिखाई पड़ते हैं, जो हमें भाव-विभोर करते हैं और गौरव का अहसास दिलाते हैं। हमें अपनी आजादी को बचाने, गणतंत्र को मजबूत करने, संविधान के प्रति आस्था और निष्ठा दोहराने के लिए प्रेरित करते हैं। हमें इस बात का पुरजोर अहसास होता है कि हमारा संविधान ही हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों का प्रणेता है, इसे सहेजकर रखना हम सबका परम कर्त्तव्य है।
भाइयों और बहनों, इस वर्ष हम देश की आजादी की पचहत्तरवीं सालगिरह मनाएंगे। यह अवसर मनन करने का है कि क्या देश आजादी तथा गणतंत्र के लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल कर सका है? आजादी के समय जिस तरह साम्प्रदायिक उन्माद का वातावरण बनाया गया था, क्या आज हम उन चुनौतियों से निश्चिंत हो पाए हैं? क्या जनता के स्वाभिमान, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लक्ष्य पूरे हो पाए हैं? यदि नहीं, तो आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या होनी चाहिए? क्या साम्प्रदायिक उन्माद देश की प्रगति में रुकावट नहीं है?
मेरा मानना है कि आज भी हमारी सबसे बड़ी जरूरत आपसी एकता की है, समन्वय की है, आपसी प्यार और सहभागिता से आगे बढ़ने की है, ताकि नकारात्मक विचारों को किसी भी क्षेत्र में स्थान न मिल पाए। हमारी जरूरत सद्भावना के साथ विकास की है। हर हाथ को काम देने की है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद एक नया अवसर मिला था कि सही प्राथमिकताओं से विकास की सही दिशा तय की जाए लेकिन विडम्बना है कि डेढ़ दशक का लंबा समय गलत प्राथमिकताओं के कारण खराब हो गया। हमें तीन वर्ष पहले जब जनादेश मिला तो हमने छत्तीसगढ़ में न्याय, नागरिक अधिकारों और जन-सशक्तीकरण का काम मिशन मोड में किया है। यही वजह है कि आज प्रदेश में चारों ओर न्याय, विश्वास, विकास और उसमें जन-जन की भागीदारी की छटा दिखाई पड़ रही है।
तीन साल पहले प्रदेश में बेचैनी और बदहाली का सबसे बड़ा कारण था कि जनता के सपनों, जनता की जरूरतों और सत्ता की सोच में एकरूपता नहीं थी। मैंने गांव-गांव दौरे किए और हर समाज, हर वर्ग के लोगों से मिलकर वास्तव में जनता के सपने पूरे करने की रणनीति अपनाई। अलग-अलग जरूरतों के लिए योजनाएं बनाईं।
मैंने और हमारे साथियों ने देखा था कि उस वक्त किसान भाई धान का सही दाम नहीं मिलने के कारण निराश थे। हमने वादा निभाया और सरकार बनते ही 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया। इस काम में बाधाएं आईं तो उसका भी समाधान किया। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत राज्य के बजट से हमने 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों को देने की व्यवस्था की है। अब इस योजना में धान सहित खरीफ की सभी फसलों, लघु धान्य फसलों जैसे कोदो, कुटकी, रागी, दलहन, तिलहन तथा उद्यानिकी फसलों को भी शामिल किया गया है।
मैं किसान का बेटा हूं, इसलिए किसानों के सुख-दुख को भली-भांति समझता हूं। हमने किसानों के हित में जो क्रांतिकारी कदम उठाए, उससे किसानों का हौसला बढ़ा, जिसके कारण प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का नया कीर्तिमान बना। विगत वर्ष हमने 92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की थी और इस साल 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। मात्र तीन वर्षों में धान बेचने हेतु पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 24 लाख तक पहुंच गई है अर्थात 60 प्रतिशत अधिक किसानों का पंजीयन सुखद संकेत है कि सरकार और खेती पर किसानों का भरोसा लौटा है।
मुझे यह कहते हुए खुशी है कि नई फसलों और इससे संबंधित किसानों को बेहतर दाम दिलाने की दिशा में हम एक और बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। आज मैं यह घोषणा करता हूं कि आगामी खरीफ वर्ष 2022-23 से प्रदेश में दलहन फसलों जैसे मूंग, उड़द, अरहर की खरीदी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
उद्यानिकी फसलों के विकास के लिए ‘छत्तीसगढ़ शाकम्भरी बोर्ड,’ चाय और कॉफी के उत्पादन व प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए ‘टी-कॉफी बोर्ड’ का गठन किया गया है। मछली पालन और लाख उत्पादन को कृषि का दर्जा दिया गया है। ‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत धान उत्पादक किसान यदि अपने पंजीकृत रकबे में धान के बदले वृक्ष लगाते हैं तो उन्हें भी तीन वर्ष तक 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा निजी व्यक्ति, ग्राम पंचायतों, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को भी इस योजना और प्रोत्साहन राशि के दायरे में रखा गया है। मेरा मानना है कि हरियाली और आर्थिक सशक्तीकरण के साझा प्रयासों में वृक्ष किसानों की भी बड़ी भूमिका रहेगी। ये सारे प्रयास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।
प्रदेश में पहली बार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का पुनर्गठन कर 725 नई समितियों का पंजीयन किया गया है। इस तरह अब प्रदेश में इन समितियों की संख्या 1 हजार 333 से बढ़कर 2 हजार 58 हो गई है, जिससे किसानों को ऋण वितरण व अन्य योजनाओं का लाभ अधिक सुविधाओं के साथ दिया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2021 में मैंने किसानों के सिंचाई पम्प ऊर्जीकरण के 35 हजार से अधिक लंबित आवेदनों का समाधान एक साल में करने की घोषणा की थी। मुझे खुशी है कि 26 हजार से अधिक पम्प ऊर्जीकृत हो गए हैं। शेष पर तेजी से कार्यवाही की जा रही है ताकि मार्च 2022 तक ऐसा कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहे।
पहले हमने 1 नवम्बर 2018 तक किसानों का लंबित 244 करोड़ रुपए का सिंचाई जल कर माफ किया था। दूसरी बार 30 जून 2021 तक पुनः 80 करोड़ रुपए का सिंचाई कर माफ कर दिया है। इस तरह कृषि ऋण माफी, सिंचाई हेतु निःशुल्क विद्युत प्रदाय, अनुदान जैसी आर्थिक राहत में विस्तार किया गया है। जाहिर है कि किसानों को सुविधा देने के हर मामले में हमने संवेदनशीलता के साथ तत्परता से कार्यवाही की है।
छत्तीसगढ़ की ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि मजदूरी पर निर्भर है, जिन्हें खरीफ सीजन के बाद रोजगार का संकट हो जाता है। ऐसे भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए हमने ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत इसी वित्तीय वर्ष से लाभ देने की भी घोषणा की थी। जिसके तहत प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए प्रदान करने का प्रावधान है। दिसम्बर 2021 में विशेष ग्राम सभाओं से पात्र हितग्राहियों का अंतिम चयन हो चुका है। गणतंत्र दिवस के तत्काल पश्चात 1 फरवरी को पहली किस्त की राशि पात्र हितग्राहियों को अंतरित की जाएगी।
‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ में 60 प्रतिशत राशि कृषि कार्यों को बढ़ावा देने के लिए खर्च करने का प्रावधान भारत सरकार द्वारा किया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ में हमने कृषि व संबंधित कार्यों के लिए 76 प्रतिशत राशि खर्च की है। इसी प्रकार जल-जंगल-जमीन से संबंधित कार्यों के लिए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए 65 प्रतिशत के प्रावधान के विरुद्ध हमने छत्तीसगढ़ में 82 प्रतिशत राशि खर्च की है। कोरोना के दौर में मनरेगा से गांवों में बड़े पैमाने पर रोजगार देने का कीर्तिमान बनाया गया था, वहीं अन्य विभागों की योजनाओं के साथ अभिसरण से हमने मनरेगा की व्यापक सार्थकता साबित की है।
हमारी ‘सुराजी गांव योजना’ गांवों में नई अर्थव्यवस्था की बुनियाद बनाने में सफल हो रही है। इसके अंतर्गत नरवा, गरुवा, घुरुवा, बारी के विकास के काम अब बड़े पैमाने पर हो रहे हैं।
‘गोधन न्याय योजना’ ने ग्रामीण तथा शहरी गौ-पालकों को आजीविका का नया जरिया उपलब्ध कराया है। इस योजना से अभी तक 122 करोड़ रुपए से अधिक का गोबर खरीदा जा चुका है। इससे वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन और उपयोग की एक नई क्रांति ने जन्म लिया है, जिससे देश में आसन्न रासायनिक खाद संकट को हल करने में मदद मिलेगी। गौठान अब रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित हो रहे हैं। गोबर से बिजली, प्राकृतिक पेंट तथा अन्य उत्पादों का निर्माण करने की पहल की गई है। अब गोबर की आर्थिक-सामाजिक-सांस्कृतिक उपयोगिता के सभी पहलुओं पर व्यापक और सुसंगत ढंग से काम करने के लिए ‘गोधन न्याय मिशन’ का गठन मील का पत्थर साबित होगा।
कोरोना महामारी के समय जब बड़ी संख्या में हमारे प्रवासी श्रमिक छत्तीसगढ़ लौटे तब हमने उनके हित के लिए विशेष प्रयास करने का संकल्प लिया था, जिसे अमल में लाते हुए ‘छत्तीसगढ़ राज्य प्रवासी श्रमिक नीति 2020’ को बनाकर लागू किया गया है। असंगठित श्रमिकों के पंजीयन, पलायन पंजी का ऑनलाइन
संधारण, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों हेतु भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ‘ई-श्रमिक सेवा’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
श्रम कल्याण के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए आज मैं यह घोषणा करता हूं कि प्रत्येक जिला मुख्यालय तथा विकासखण्ड स्तर पर ‘मुख्यमंत्री श्रमिक संसाधन केन्द्र’ की स्थापना की जाएगी।
श्रमिक परिवारों की बेटियों की शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार तथा विवाह में सहायता के लिए भी आज मैं एक नई योजना की घोषणा करता हूं, जो ‘मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना’ के नाम से जानी जाएगी। इस योजना के तहत ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल’ में पंजीकृत हितग्राहियों की प्रथम दो पुत्रियों के बैंक खाते में 20-20 हजार रुपए की राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।
जरूरतमंद तबकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अतुलनीय योगदान रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में डेढ़ दशक में यह व्यवस्था भी बदहाली की भेंट चढ़ गई थी। हमने ‘सार्वभौम पीडीएस’ का वादा निभाया, जिसका लाभ 2 करोड़ 55 लाख लोगों को मिलने लगा है। यह वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शत्-प्रतिशत कवरेज है। विगत एक वर्ष में 778 नई उचित मूल्य दुकानें शुरू की गई हैं। आयरन फोलिक एसिड युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरण की शुरुआत हमने कोण्डागांव जिले से की थी, जिसे अब पूरे प्रदेश में मध्याह्न भोजन योजना तथा पूरक पोषण आहार योजना में लागू कर दिया गया है। इस तरह खाद्यान्न सुरक्षा के साथ पोषण सुरक्षा के लिए भी नए उपाय किए जा रहे हैं।
बस्तर में मुझे कुपोषण की विभीषिका का पता चला था और हमने तत्काल कदम उठाया था, जिसे बढ़ाते हुए पूरे प्रदेश में कुपोषण मुक्ति के लिए ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ की शुरुआत की गई थी। हमारी इस पहल से लगभग 1 लाख 60 हजार बच्चे कुपोषण मुक्त हुए हैं तथा 1 लाख से अधिक महिलाएं एनीमिया से मुक्त हुई हैं। पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के अंतर्गत 25 लाख से अधिक बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। इस तरह स्वस्थ-सुपोषित नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ की शक्ति बनेगी।
हम चाहते हैं कि महिला स्व-सहायता समूहों ने प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक विकास में जो योगदान दिया है, उसे और गति मिले, इसलिए महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए 2 लाख रुपए का ऋण प्रदान करने की व्यवस्था ‘सक्षम योजना ’के तहत की गई है। छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से ऋण लेने वाले महिला स्व-सहायता समूहों पर लगभग 13 करोड़ रुपए का ऋण लंबित होने के कारण इनके कामकाज ठप हो गए थे। हमने 6 हजार से अधिक समूहों के ऐसे ऋणों को न सिर्फ माफ कर दिया है बल्कि सभी समूहों की ऋण लेने की पात्रता भी दोगुनी कर दी है। ‘छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ (बिहान) के अंतर्गत 22 लाख से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है और उन्हें रोजगार दिलाया गया है।
आदिवासी संस्कृति, कलाएं, रहन-सहन हमारे लिए गर्व का विषय हैं लेकिन डेढ़ दशकों तक इस समाज की आशाओं के विपरीत कार्य करने का बहुत बड़ा नुकसान आदिवासी अंचलों में होता रहा है। वहीं दूसरी ओर भौगोलिक परिस्थितियों और समाज की सरलता का लाभ उठाते हुए नक्सलवादियों ने भी इन्हें हिंसक गतिविधियों का केन्द्र बना लिया था। इस पृष्ठभूमि में हमने आदिवासी बसाहटों में समुचित और सुसंगत विकास की रणनीति अपनाई, जिससे परस्पर विश्वास के वातावरण में एक नई शुरुआत हो। आज मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी का अनुभव हो रहा है कि हम अपनी रणनीति में सफल हो रहे हैं, जिसका लाभ आदिवासी अंचलों में दिखाई पड़ रहा है।
तेन्दूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4 हजार रुपए प्रतिमानक बोरा करते हुए हमने एक नई शुरुआत की थी। पहले मात्र 7 लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था थी, जिससे बढ़ाकर अब 61 कर दिया जाएगा। ‘रैली कोसा’ को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की घोषणा कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ : CM भूपेश बघेल ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में दलहन फसल जैसे मूंग, उड़द, अरहर फसलों की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की घोषणा…
जगदलपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। सशस्त्र बल के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बस्तर जिले में 73वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना का भी शुभारंभ का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि कर्मकार मंडल में पंजीकृत मजदूर परिवार के प्रथम दो पुत्रियों के लिए 20-20 हजार रूपये एकमुश्त डाला जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी घोषणा की है कि अब वित्तीय वर्ष 2022-23 में दलहन फसल जैसे मूंग, उड़द, अरहर जैसे फसलों की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जगदलपुर में हर्षोल्लास के वातावरण में किया ध्वजारोहरण, कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज 73वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में हर्ष और उल्लास के वातावरण में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सशस्त्र बल के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस मौके पर प्रदेश के निरंतर विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो, नीतियों, योजनाओं तथा उपलब्धियों पर केन्द्रित जनता के नाम संदेश का वाचन किया। समारोह में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेशवासियों के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणाएं करते हुए कहा कि-
- हमारी सरकार, इसी वर्ष, समस्त अनियमित भवन निर्माण के नियमितीकरण हेतु एक व्यवहारिक, सरल एवं पारदर्शी कानून लाएगी, जिससे अनेक नागरिक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इस कानून के प्रावधानों का लाभ लेकर हमारे नागरिक अपनी मेहनत से किए गए निर्माण को नियमित कराकर स्वाभिमान से जीवन-यापन एवं रोजगार कर सकेंगे।
- इसके साथ ही रिहायशी क्षेत्रों में संचालित व्यवसायिक गतिविधियों के नियमितीकरण हेतु आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे ताकि हमारे हजारों भाई-बहन आत्मविश्वास के साथ अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।
- आप सभी को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि मेरी घोषणा के 15 दिन के भीतर प्रदेश के नगर निगमों में 500 वर्ग मीटर तक के भवनों में मानवीय हस्तक्षेप के बिना ’डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली’ प्रारम्भ कर दी गई है। उसी तर्ज पर मैं घोषणा करता हूं कि प्रदेश में अब नगर निगम से बाहर के क्षेत्रों, जो कि निवेश क्षेत्र में शामिल हैं, में भी 500 वर्ग मीटर तक भवन विन्यास बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के तय समय-सीमा में जारी किए जाएंगे।
- प्रदेश के नगरीय निकायों में नल कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को ’डायरेक्ट भवन अनुज्ञा’ की तर्ज पर मानवीय हस्तक्षेप मुक्त बना कर समय-सीमा में नल कनेक्शन दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
- हमारी सरकार ने शहरी क्षेत्रों में आबादी, नजूल एवं स्लम पर स्थित पट्टों को भी फ्री होल्ड करने का निर्णय लिया था, जिससे नागरिकों को भूमि-स्वामी हक प्राप्त हुआ। आज मैं इस मंच से घोषणा करता हूं कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शासकीय पट्टे की भूमियों को फ्री होल्ड किया जाएगा।
- अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों में उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु औद्योगिक नीति में संशोधन कर इस प्रवर्ग हेतु 10 प्रतिशत भू-खण्ड आरक्षित किए जाएंगे, जो कि भू-प्रीमियम दर के 10 प्रतिशत दर तथा 1 प्रतिशत भू-भाटक पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
- मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत प्रदेश के नगर निगमों में 18 लाख से अधिक नागरिकों का इलाज निःशुल्क किया जा चुका है। इस योजना की सफलता को देखते हुए मैं यह घोषणा करता हूं कि शीघ्र ही इस योजना को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा।
- नव-युवाओं को नई सुविधाएं देने के लिए मैं यह घोषणा करता हूं कि प्रदेश में लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रकिया का सरलीकरण किया जाएगा और इस हेतु वृहद स्तर पर ‘परिवहन सुविधा केंद्र’ प्रारम्भ किए जाएंगे। इन केन्द्रों को केवल लर्निंग लाइसेंस बनाने हेतु अधिकृत किया जाएगा अपितु इन केन्द्रों में परिवहन विभाग से संबंधित समस्त सेवाएं नागरिकों को अपने निवास के पास मिल सकेंगी एवं प्रदेश के युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।
- कर्मचारी कल्याण की दिशा में कुछ नए कदमों को साझा करना चाहूंगा कि शीघ्र ही हम प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के हित में अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य सरकार के अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करेंगे।
- आज इस मंच से घोषणा करता हूं कि शासकीय कर्मचारियों की कार्य क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अब 5 कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली पर कार्य करेगी।
- हमारी बहनों की सुरक्षा हेतु हम प्रतिबद्ध हैं, इसी कारण आज मैं आप सभी के समक्ष घोषणा करना चाहूंगा कि इस हेतु हम प्रत्येक जिले में ’महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ’ का गठन कर उसे प्रभावी रूप से महिला सुरक्षा हेतु उपयोग करेंगे।
- मैं घोषणा करता हूं कि प्रदेश में तीरंदाजी को प्रोत्साहित करने हेतु जगदलपुर में ’शहीद गुंडाधूर’ के नाम पर राज्य स्तरीय तीरंदाजी अकादमी प्रारम्भ की जाएगी।
- वृक्ष कटाई के नियमों की जटिलता एवं उसके कारण वृक्षारोपण हेतु नागरिकों की अरूचि को देखते हुए राज्य सरकार शीघ्र ही इन नियमों का नागरिकों के हित में सरलीकरण करने जा रही है। इस हेतु हम समस्त प्रासंगिक अधिनियमों एवं नियमों में आवश्यक संशोधन लाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की
छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय तथा विकासखण्ड स्तर पर ‘मुख्यमंत्री श्रमिक संसाधन केन्द्र’ की स्थापना की जाएगी। इसी तरह श्रमिक परिवारों की बेटियों की शिक्षा, रोजगार, स्व-रोजगार तथा विवाह में सहायता के लिए भी आज मैं एक नई योजना की घोषणा करता हूं, जो ‘मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना’ के नाम से जानी जाएगी। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ में पंजीकृत हितग्राहियों की प्रथम दो पुत्रियों के बैंक खाते में 20-20 हजार रूपए की राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि नई फसलों और इससे संबंधित किसानों को बेहतर दाम दिलाने की दिशा में हम एक और बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। आज मैं यह घोषणा करता हूं कि आगामी खरीफ वर्ष 2022-23 से प्रदेश में दलहन फसलों जैसे मूंग, उड़द, अरहर की खरीदी भी न्यूनतम मूल्य पर की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा-छत्तीसगढ़ की ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि मजदूरी पर निर्भर है, जिन्हे खरीफ सीजन के बाद रोजगार का संकट हो जाता है। ऐसे भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए हमने ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना’ के तहत इसी वित्तीय वर्ष से लाभ देने की भी घोषणा की थी। जिसके तहत प्रतिवर्ष 6 हजार रूपए प्रदान करने का प्रावधान है। दिसम्बर 2021 में विशेष ग्राम सभाओं से पात्र हितग्राहियों का अंतिम चयन हो चुका है। गणतंत्र दिवस के तत्काल पश्चात 1 फरवरी को पहली किस्त की राशि पात्र हितग्राहियों को अंतरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा-जब हम अपने गौरवशाली संविधान की बात करते हैं तो हमारी आंखों के सामने उन अमर शहीदों के चेहरे नजर आते हैं, जिनकी बदौलत भारत आजाद हुआ था अमर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर जैसी विभूतियों की बदौलत 1857 की क्रांति के पहले से हमारा छत्तीसगढ़, भारत की राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा था। आजादी के आंदोलन से लेकर गणतंत्र का वरदान दिलाने तक जिन महान विभूतियों ने अपना योगदान दिया, उन सबकों मैं सादर नमन करता हूं। हमारे दूरदर्शी पुरखों ने आजादी की लड़ाई के साथ-साथ आजाद भारत के संविधान का सपना ही नहीं देखा था, बल्कि इसकी ठोस तैयारी भी शुरू कर दी थी। यही वजह है कि हमारे संविधान में देश की विरासत, लोकतांत्रिक मूल्य, पंचायत की अवधारणा को अहम स्थान मिला। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, प्रथम विधि मंत्री बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद सहित, संविधान निर्माण की प्रक्रिया में शामिल महानुभावों और उस दौर की विभूतियों ने भारत के नवनिर्माण की नींव रखी थी, उसी पर देश बुलंदियों के नए-नए शिखरों पर पहुंचा है। मैं उन सभी के योगदान को याद करते हुए सादर नमन करता हूं।
आज जब हम अपने देश की पावन पहचान, तिरंगे झण्डे की छांव में खड़े होते हैं तो आन-बान और शान से लहराते हुए तिरंगे में हमें अपनी महान विरासत के अनेक रंग दिखाई पड़ते हैं, जो हमे भाव-विभोर करते हैं और गौरव का अहसास दिलाते हैं। हमें अपनी आजादी को बचाने, गणतंत्र को मजबूत करने, संविधान के प्रति आस्था और निष्ठा दोहराने के लिए प्रेरित करते हैं। हमें इस बात का पुरजोर अहसास होता है कि हमारा संविधान ही हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों का प्रणेता है, इसे सहेजकर रखना हम सबका परम कर्त्तव्य है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा- मेरा मानना है कि आज भी हमारी सबसे बड़ी जरूरत आपसी एकता की है, समन्वय की है, आपसी प्यार और सहभागिता से आगे बढ़ने की है, ताकि नकारात्मक विचारों को किसी भी क्षेत्र में स्थान न मिल पाए। हमारी जरूरत सद्भावना के साथ विकास की है। हर हाथ को काम देने की है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद एक नया अवसर मिला था कि सही प्राथमिकताओं से विकास की सही दिशा तय की जाए लेकिन विडम्बना है कि डेढ़ दशक का लंबा समय गलत प्राथमिकताओं के कारण खराब हो गया। हमें तीन वर्ष पहले जब जनादेश मिला तो हमने छत्तीसगढ़ में न्याय, नागरिक अधिकारों और जन-सशक्तीकरण का काम मिशन मोड में किया है। यही वजह है कि आज प्रदेश में चारों ओर न्याय, विश्वास, विकास और उसमें जन-जन की भागीदारी की छटा दिखाई पड़ रही है। तीन साल पहले प्रदेश में बेचैनी और बदहाली का सबसे बड़ा कारण था कि जनता के सपनों, जनता की जरूरतों और सत्ता की सोच में एकरूपता नहीं थी। मैंने गांव-गांव दौरे किए और हर समाज, हर वर्ग के लोगों से मिलकर वास्तव में जनता के सपने पूरे करने की रणनीति अपनाई और यहां अलग-अलग जरूरतों के लिए योजनाएं बनाई।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा-मैंने और हमारे साथियों ने देखा था कि उस वक्त किसान भाई धान का सही दाम नहीं मिलने के कारण निराश थे। हमने वादा निभाया और सरकार बनते ही 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया। इस काम में बाधाएं आई तो उसका भी समाधान किया। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत राज्य के बजट से हमने 11 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि किसानों को देने की व्यवस्था की है। अब इस योजना में धान सहित खरीफ की सभी फसलों, लघु धान्य फसलों जैसे कोदो, कुटकी, रागी, दलहन, तिलहन तथा उद्यानिकी फसलों को भी शामिल किया गया है।
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने 73वें गणतंत्र दिवस पर राजभवन में किया ध्वजारोहण
रायपुर/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज सुबह राजभवन में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। उन्हें गार्ड आफ आनर दिया गया। राज्यपाल ने इस अवसर पर राजभवन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने राजभवन के कर्मचारियों के बच्चों से बड़ी आत्मीयता से मुलाकात की और उन्हें टॉफी-मिठाई वितरित की।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो, राज्यपाल के उपसचिव श्री दीपक अग्रवाल सहित राजभवन सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्यगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ : CM भूपेश बघेल ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लिया बड़ा फैसला
रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज 73वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए की महत्वपूर्ण घोषणाएं- रिहायशी क्षेत्रों में संचालित व्यवसायिक गतिविधियों के नियमितीकरण हेतु आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।
समस्त अनियमित भवन निर्माण के नियमितीकरण हेतु इसी वर्ष कानून लाया जाएगा।
नगर निगम के बाहर निवेश क्षेत्रों में 500 वर्गमीटर के भूखंड हेतु बिना मानवीय हस्तक्षेप के भवन अनुज्ञा जारी की जाएगी।
शहरी क्षेत्रों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय पट्टे की भूमि फ्री होल्ड की जाएगी।
लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण एवं बड़ी संख्या में परिवहन सुविधा केंद्र, युवा रोजगार हेतु आरंभ किए जाएंगे।
शासकीय कर्मचारियों के हित में अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य सरकार का अंशदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाएगा।
शासकीय कर्मचारियों की कार्य-क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार अब 5 कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली पर कार्य करेगी।
प्रदेश में तीरंदाजी को प्रोत्साहित करने हेतु जगदलपुर में शहीद गुण्डाधुर राज्य स्तरीय तीरंदाजी अकादमी आरम्भ की जाएगी।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में प्रारंभ की जाएगी।
नल कनेक्शन प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए मानवीय हस्तक्षेप मुक्त किया जाएगा।
महिला सुरक्षा हेतु प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।
वृक्ष कटाई अनुमति के नियमों का सरलीकरण करते हुए नागरिकों के हित में नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
औद्योगिक नीति में संशोधन कर अन्य पिछड़ा वर्ग में उद्यमिता विकास हेतु 10 प्रतिशत भूखंड आरक्षित किए जायेंगे।
खरीफ वर्ष 2022-23 से प्रदेश में दलहन फसल जैसे मूंग, उड़द, अरहर इत्यादि की खरीदी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
श्रमिक परिवारों की बेटियों हेतु मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत हितग्राहियों की प्रथम 2 पुत्रियों के बैंक खाते में 20-20 हजार रूपए की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ : CM भूपेश बघेल बस्तर जिला मुख्यालय के लालबाग मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को दी सलामी….
रायपुर/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। सशस्त्र बल के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
बस्तर जिले में 73वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के निरंतर विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो, नीतियों, योजनाओं तथा उपलब्धियों पर केन्द्रित जनता के नाम संदेश का वाचन किया।
छत्तीसगढ़ : गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश में 189 मे से छत्तीसगढ़ के भी 10 पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति गेलेन्टरी अवार्ड से करेंगे सम्मानित
रायपुर: कल 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश में 189 सुरक्षा अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस में अपनी सेवायें दे रहे जाबांजों को राष्ट्रपति गेलेन्टरी अवार्ड से सम्मानित करेंगे। छत्तीसगढ़ से 10 पुलिस अधिकारियों का भी इस हेतु चयन किया गया है, जिसमें एक आईपीएस कामलोचन कश्यप, एक उप पुलिस अधीक्षक सुरेश लकरा, चार इंस्पेक्टर रामेश्वर देशमुख, जितेन्द्र कुमार साहू, अजय कुमार सिन्हा, शीलादित्य सिंह, एक एस आई संजय पोटाम, दो एएस आई सानु हेमला और निरंजन तिग्गा सहित प्लाटून कमांडर जय वीरेश यादव राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया छत्तीसगढ़ के सबसे पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के समीप बालीकोंटा में लगभग 54 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण विधिवत पूजा कर किया। इस अवसर पर उन्होंने इंद्रावती नदी की आरती तथा पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने नदी तथा अन्य जलस्त्रोतों की स्वच्छता को अत्यंत आवश्यक बताते हुए प्रदेश के सबसे पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए बस्तर जिला प्रशासन और महापौर श्रीमती सफीरा साहू के नेतृत्व में जगदलपुर नगर निगम द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन कर तकनीकी जानकारी भी ली।
महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने मुख्यमंत्री श्री बघेल के जलस्त्रोतों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे नरवा कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को शीघ्र पूर्ण करने की प्रेरणा मिली है। मुख्यमंत्री श्री बघेल के करकमलों से ही इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला अगस्त 2019 में रखी गई थी। वहीं इस प्लांट के निर्माण में मिले सतत मार्गदर्शन और सहयोग से इसका निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया गया। महापौर श्रीमती साहू ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल को इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में प्रयुक्त तकनीकी के संबंध में जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री रजत बंसल ने बताया कि बालीकोंटा में अमृत मिशन योजनातंर्गत 25 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लगभग 180 लाख लीटर प्रदूषित पानी रोज दलपत सागर और इंद्रावती नदी में जाकर मिलता है। इस पानी में मौजूद बैक्टीरिया, टर्बिडिटी और बढ़े हुए पीएच मान के कारण यह पानी दलपत सागर और इंद्रावती नदी के पानी को प्रदूषित कर देता था। शहर के इस गंदे पानी के शुद्धिकरण के लिए लगभग 10 किलोमीटर लंबे पाईपलाइन के माध्यम से इसे बालीकोंटा पहुंचाया जा रहा है, जहां निर्मित प्लांट में तीन चरणों में इस पानी के शुद्धिकरण के बाद इसे इंद्रावती नदी में छोड़ा जाएगा। अमृत मिशन योजना के तहत निर्मित इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्रतिदिन 250 लाख लीटर पानी को साफ किया जा सकता है। शुद्धिकरण के बाद इस पानी को वापस इंद्रावती नदी में छोड़ने पर नदी के जलस्तर में आ रही कमी की समस्या से भी निजात मिलेगी। दलपत सागर के 3 नाले, महादेव घाट में 1 नाला, केन्द्र बन्दीगृह के पीछे 2 नाले, पावर हाऊस में 1 नाला, इंटेक वैल के पास 1 नाला और लक्ष्मी नारायण मंदिर राजा कब्रगाह के पास 2 नालों से यह पानी इंद्रावती नदी और दलपत सागर के पानी में मिलते हैं। इन 10 नालों को एक साथ जोड़कर आर.सी.सी. पाइप द्वारा बालीकोंटा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में मेन पम्पींग स्टेशन में लाया जायेगा।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा, सांसद श्री दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, चित्रकोट विधायक श्री राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, कलेक्टर बस्तर श्री रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मीणा, जिला पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहित व्यास, नगर निगम बस्तर आयुक्त श्री प्रेम पटेल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके राजधानी रायपुर में और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जगदलपुर में करेंगे ध्वजारोहण
रायपुर/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में सवेरे नौ बजे ध्वजारोहण करेंगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में ध्वजारोहण करेंगे।
गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद, स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव कवर्धा, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे राजनांदगांव, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर दुर्ग, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कोरबा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री कवासी लखमा दंतेवाड़ा, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत गरियाबंद, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल गौरेला, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया अंबिकापुर, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया कांकेर, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल बलौदाबाजार तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार मुंगेली में ध्वजारोहण करेंगे।
गणतंत्र दिवस पर विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मनोज सिंह मंडावी रायगढ़, संसदीय सचिव श्री गुरूदयाल सिंह बंजारे बालोद, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय बिलासपुर, संसदीय सचिव श्री चंद्रदेव राय जांजगीर, संसदीय सचिव श्री चिंतामणी महराज जशपुर और संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी कोंडागांव में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। विधायक श्री बृहस्पत सिंह सूरजपुर, विधायक श्रीमती अनिता शर्मा धमतरी, विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर बेमेतरा, विधायक श्री विनय जायसवाल बलरामपुर, विधायक श्री चंदन कश्यप सुकमा, विधायक श्री संतराम नेताम नारायणपुर और विधायक श्री विक्रम मंडावी बीजापुर में झंडारोहण करेंगे।











