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राज्य

बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट में मिली प्राथमिकता पर स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभार

बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट में मिली प्राथमिकता पर स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभार

एमसीबी, 24 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली ऐतिहासिक प्राथमिकता पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि यह इस सरकार का तीसरा बजट है, जो प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो वर्षो में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यो की दिशा में आगे बढने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बजट प्रदेश के लिए लाभदायक और हर वर्ग के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री की वित्तीय प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग को व्यापक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक है।

मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि बजट में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर एवं धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण, रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तरों वाले एमसीएच की स्थापना तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगी।

उन्होंने कहा कि दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र, दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टिट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

इसके साथ ही 25 डायलिसिस केंद्र, 50 जन औषधि केंद्र तथा 25 से अधिक PHC, SHC एवं CHC भवन निर्माण का प्रावधान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट तथा रायपुर में राज्य के पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना को भी मंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय बताया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मंत्री श्री जायसवाल ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के प्रति मैं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
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आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री निवास में मन की बात का सामूहिक श्रवण किया

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री निवास में मन की बात का सामूहिक श्रवण किया

रायपुर, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया।

इस अवसर पर श्री साहू ने कहा कि ‘मन की बात’ जनभावनाओं और जनभागीदारी को सशक्त बनाने वाला एक प्रभावी संवाद मंच है, जो समाज में सेवा, नवाचार और कर्तव्यबोध की भावना को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत विचार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रत्येक नागरिक को प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने लोकतांत्रिक संवाद की भावना को और सुदृढ़ किया। श्री साहू ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ‘मन की बात’ जैसे प्रेरक कार्यक्रमों से जुड़कर राष्ट्रनिर्माण की इस सकारात्मक यात्रा में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
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भाजपा के प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू; बोले- 'अंत्योदय' ही भाजपा का मूल संकल्प

भाजपा के प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू; बोले- 'अंत्योदय' ही भाजपा का मूल संकल्प

भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर (ग्रामीण) द्वारा आयोजित 'पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान' का भव्य आयोजन शनिवार को संपन्न हुआ। इस वैचारिक शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू शामिल हुए। इस अवसर पर बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला भाजपा बिलासपुर ग्रामीण अध्यक्ष श्री मोहित जायसवाल, जिला महामंत्री श्री एस. मनहर सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी
सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने मोदी सरकार की किसान-हितैषी नीतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अन्नदाताओं को निरंतर आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹3 लाख करोड़ से अधिक की राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे DBT (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है।
गरीब कल्याण और अंत्योदय का मिशन
श्री साहू ने प्रशिक्षण में बताया कि भाजपा की राजनीति केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि 'अंत्योदय' यानी समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए है। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण साझा किया:
 * खाद्य एवं आवास सुरक्षा: 'PM गरीब कल्याण अन्न योजना' से 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज और 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पक्की छत।
 * स्वास्थ्य एवं सम्मान: 'आयुष्मान भारत' के तहत 50 करोड़ लोगों को ₹5 लाख तक का सुरक्षा कवच और 11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण।
 * महिला सशक्तिकरण: 'उज्ज्वला योजना' के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति।
 * जल जीवन मिशन: 14 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुँचाने का ऐतिहासिक कार्य।
 
वैचारिक जड़ें और ऐतिहासिक निर्णय
शिविर में पार्टी की ऐतिहासिक यात्रा पर चर्चा करते हुए बताया गया कि भाजपा की नींव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'एक राष्ट्र, एक विधान' और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'एकात्म मानववाद' पर टिकी है। श्री साहू ने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति, राम मंदिर निर्माण और डिजिटल इंडिया (UPI) जैसी उपलब्धियों ने भारत की व्यवस्था और अस्मिता को नई मजबूती दी है।
कार्यकर्ताओं को आह्वान: 'विकसित भारत' के सारथी बनें
केंद्रीय मंत्री ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, "आप केवल संगठन के सदस्य नहीं, बल्कि 2047 के 'विकसित भारत' की नींव की ईंट हैं।" उन्होंने विधायक श्री सुशांत शुक्ला और जिला अध्यक्ष श्री मोहित जायसवाल के साथ कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा से जुटें।
शिविर का समापन "राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय, स्वयं अंतिम" के सामूहिक संकल्प और "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ हुआ। इस अवसर पर जिले के समस्त मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और निष्ठावान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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छत्तीसगढ़ का शहरी पुनर्जागरण – अनुदान से विकास केंद्रों की ओर तोखन साहू , केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री

छत्तीसगढ़ का शहरी पुनर्जागरण – अनुदान से विकास केंद्रों की ओर तोखन साहू , केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री

भारत आज एक ऐतिहासिक शहरी परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹1 लाख करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड (UCF) को स्वीकृति देना इस बात का संकेत है कि देश अब पारंपरिक अनुदान-आधारित वित्तपोषण मॉडल से आगे बढ़कर बाज़ार-संलग्न और सुधार-आधारित शहरी विकास की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।

छत्तीसगढ़ के लिए यह मात्र एक नई योजना नहीं है, बल्कि अपने शहरी केंद्रों को पुनर्परिभाषित करने का अवसर है—भिलाई और कोरबा के औद्योगिक क्षेत्रों से लेकर रतनपुर और सिरपुर की सांस्कृतिक विरासत तक—ताकि वे रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने वाले सशक्त आर्थिक इंजन बन सकें।
अवसरों का कॉरिडोर
UCF के “सिटीज़ ऐज़ ग्रोथ हब्स” घटक के अंतर्गत नवा रायपुर–भिलाई–दुर्ग कॉरिडोर को एक समेकित “सिटी इकोनॉमिक रीजन” के रूप में विकसित करने का सुनहरा अवसर है। एकीकृत भू-आर्थिक और परिवहन नियोजन के माध्यम से राज्य इस क्षेत्र के लिए अत्यावश्यक अवसंरचना—विशेषकर ट्रांजिट कॉरिडोर—के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकता है, जिससे इसकी आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
यह दृष्टिकोण इस तथ्य को स्वीकार करता है कि शहर अलग-थलग विकसित नहीं होते। UCF के तहत उपलब्ध निवेश का पैमाना हमें केवल वर्तमान आबादी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी योजनाबद्ध विकास का अवसर देता है।
टियर-II और टियर-III शहरों के लिए जीवनरेखा
छत्तीसगढ़ के आंतरिक क्षेत्रों के लिए ₹5,000 करोड़ की क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी योजना अत्यंत परिवर्तनकारी सिद्ध हो सकती है। मुंगेली, धमतरी और कवर्धा जैसे छोटे शहरों को अब तक निजी पूंजी तक पहुँचने में कठिनाई होती रही है। अब केंद्र सरकार पहली बार प्रथम ऋण (₹7 करोड़ तक) पर 70% गारंटी प्रदान कर रही है, जिससे ₹20 करोड़ या उससे अधिक मूल्य की परियोजनाएँ बैंक योग्य बन सकेंगी।
यह राज्य सरकार के लिए एक अभूतपूर्व अवसर है कि वह छोटे शहरी निकायों की जल एवं स्वच्छता परियोजनाओं को समेकित कर वित्तीय रूप से सक्षम परिसंपत्तियों में परिवर्तित करे, ताकि छोटे नगर भी आर्थिक विकास के अगले चरण का हिस्सा बन सकें।
वहीं बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहर अपशिष्ट से ऊर्जा (वेस्ट-टू-एनर्जी) परियोजनाओं के क्लस्टर हब बन सकते हैं, यह दर्शाते हुए कि पर्यावरणीय स्थिरता भी आर्थिक रूप से व्यवहार्य अवसंरचना बन सकती है।
 
स्वच्छता: गौरव और आगे की दिशा
अर्बन चैलेंज फंड स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी साफ-सफाई में निवेश को और गति देगा—वे क्षेत्र जहाँ छत्तीसगढ़ पहले ही उल्लेखनीय नेतृत्व प्रदर्शित कर चुका है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024–25 पुरस्कारों में बिलासपुर को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ, साथ ही कुम्हारी और बिल्हा को भी सम्मानित किया गया। रायपुर को राज्य स्तर पर मंत्री पुरस्कार मिला। अंबिकापुर को 50,000 से 3 लाख आबादी वर्ग में “सुपर स्वच्छ लीग सिटी” का दर्जा मिला, जबकि पाटन और विश्रामपुर को 20,000 से कम आबादी वर्ग में सम्मानित किया गया।
ये उपलब्धियाँ हमारे शहरी निकायों की प्रतिबद्धता, जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम हैं। UCF के माध्यम से उन्नत अपशिष्ट प्रसंस्करण, टिकाऊ स्वच्छता प्रणालियाँ और दीर्घकालिक संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) ढाँचे स्थापित किए जा सकेंगे, जिससे स्वच्छता एक स्थायी शहरी संस्कृति बन सके।
 
औद्योगिक पुनरुद्धार और विरासत संवर्धन
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विरासत हमारी शक्ति भी है और जिम्मेदारी भी। कोरबा और भिलाई जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर ब्राउनफील्ड क्षेत्र हैं, जिनमें अपार आर्थिक संभावनाएँ निहित हैं।
UCF के “क्रिएटिव रीडेवलपमेंट ऑफ सिटीज़” घटक के अंतर्गत इन क्षेत्रों का पुनरुद्धार कर उन्हें आधुनिक व्यावसायिक जिलों, हरित पार्कों और नवाचार केंद्रों में बदला जा सकता है। इससे पर्यावरणीय क्षरण कम होगा और निष्क्रिय भूमि को राजस्व सृजन करने वाली परिसंपत्तियों में परिवर्तित किया जा सकेगा।
साथ ही सिरपुर और रतनपुर जैसे ऐतिहासिक नगरों में विरासत संरक्षण को आधुनिक सुविधाओं—स्मार्ट लाइटिंग, बेहतर स्वच्छता और पैदल मार्गों—के साथ जोड़कर पर्यटन-आधारित, समावेशी और सतत विकास मॉडल विकसित किया जा सकता है।
 
विकसित छत्तीसगढ़ के लिए संतुलित विकास
छत्तीसगढ़ का शहरी परिवर्तन विकासोन्मुखी होने के साथ-साथ क्षेत्रीय रूप से संतुलित भी होना चाहिए। बिलासपुर और बस्तर जैसे क्षेत्रों का विकास समग्र और समावेशी प्रगति का रणनीतिक रोडमैप बन सकता है।
बिलासपुर उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और लॉजिस्टिक्स केंद्र बनकर उभर रहा है। शहरी परिवहन, जल आपूर्ति, स्वच्छता और आर्थिक अवसंरचना में लक्षित निवेश इसे क्षेत्रीय विकास इंजन के रूप में सशक्त कर सकता है।सिटीज 2.0 के तहत बिलासपुर सौलिड वेस्ट मैनेजमैंट की दिशा में एक मॉडल बन कर उभर सकता है ।
वहीं बस्तर क्षेत्र में शहरी विकास को स्थिरता और सांस्कृतिक संरक्षण के साथ जोड़ा जा सकता है। बुनियादी सेवाओं को सुदृढ़ करना, पर्यावरण-संवेदी अवसंरचना को बढ़ावा देना और पर्यटन-संबद्ध शहरी सुविधाओं का विकास आजीविका के नए अवसर खोल सकता है।
बस्तर में विकास को प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के विज़न के अनुरूप जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण का माध्यम भी बनना चाहिए। आवास, स्वच्छता, पेयजल, आजीविका, स्थानीय बाज़ार, कौशल विकास और लघु वनोपज मूल्य श्रृंखलाओं में निवेश से टिकाऊ आर्थिक अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
विकास को सांस्कृतिक संवेदनशीलता और सामुदायिक सहभागिता के साथ जोड़कर हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि जनजातीय समाज राज्य की विकास यात्रा में समान भागीदार बने। यही संतुलित विकास “विकसित छत्तीसगढ़” और “विकसित भारत” की आधारशिला बनेगा।
सुधार ही नई आधारशिला
इतनी बड़ी पूंजी तक पहुँच सख्त शर्तों के साथ आती है। UCF परिणाम-आधारित है और परियोजनाएँ पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से चयनित होंगी। छत्तीसगढ़ को अपने शहरी निकायों की वित्तीय साख मजबूत कर उन्हें “बैंकेबल एसेट क्लास” के रूप में स्थापित करना होगा।
सफलता के लिए आवश्यक है:
वित्तीय अनुशासन: कम से कम 50% परियोजना लागत बाजार से—नगर निगम बॉन्ड, पूल्ड बॉन्ड या पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप—के माध्यम से जुटानी होगी। रायपुर और बिलासपुर को शीघ्र क्रेडिट रेटिंग और बॉन्ड निर्गम की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।
संचालन दक्षता: प्रत्येक परियोजना के साथ टिकाऊ O&M मॉडल अनिवार्य होगा।
जवाबदेही: सुधार माइलस्टोन और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) की पूर्ति के आधार पर ही वित्तपोषण जारी रहेगा।
स्मार्ट सिटीज़ मिशन से मिली सीख स्पष्ट है—अगली पीढ़ी के शहरी निकायों को स्वायत्तता के साथ वित्तीय अनुशासन भी अपनाना होगा। केवल सतही सुधार पर्याप्त नहीं होंगे; राजस्व-सृजन और परिणाम-आधारित परियोजनाएँ ही सफल होंगी।
अर्बन चैलेंज फंड हमारे नगर नेतृत्व के लिए एक स्पष्ट आह्वान है। यह दृष्टि, अनुशासन और समन्वय की मांग करता है। हमें सतही सुधारों से आगे बढ़कर रोजगार सृजन, राजस्व वृद्धि और स्वच्छता में परिवर्तनकारी परिणाम देने वाली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
प्रश्न सरल है, परंतु गहन—क्या छत्तीसगढ़ के शहर अगले बजट चक्र पर निर्भर रहेंगे, या वे आत्मनिर्भर, उत्पादक और भविष्य-तैयार विकास केंद्र बनेंगे?
अवसर अभूतपूर्व है। चुनौती स्पष्ट है। यदि हम दृढ़ निश्चय के साथ सुधारों को अपनाएँ और दूरदर्शिता के साथ योजना बनाएं, तो छत्तीसगढ़ भारत के अगले शहरी पुनर्जागरण का नेतृत्व कर सकता है—अनुदानों को विकास में, दायित्वों को परिसंपत्तियों में और शहरों को समृद्धि के इंजन में परिवर्तित करते हुए।
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आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय रतनपुर, छत्तीसगढ़ में 100 केंद्रीय सहायता से डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को स्वीकृति देगा: श्री तोखन साहू

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय रतनपुर, छत्तीसगढ़ में 100 केंद्रीय सहायता से डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को स्वीकृति देगा: श्री तोखन साहू

नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज घोषणा की कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा छत्तीसगढ़ के रतनपुर में एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (डीएचपी) को स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

 
यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत विकसित की जा रही है और देश के आवास क्षेत्र में “ग्रीन एवं उभरती प्रौद्योगिकियों” को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य को नवीन निर्माण तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
 
परियोजना को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता से लागू किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹10 करोड़ है। इसके अंतर्गत लगभग 40 उच्च गुणवत्ता वाले आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें आपदा-रोधी, टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
 
यह आवास पारंपरिक स्वामित्व मॉडल के तहत आवंटित नहीं किए जाएंगे, बल्कि सामाजिक उपयोग हेतु विकसित किए जाएंगे। इनका उपयोग सामुदायिक गतिविधियों तथा राज्य एवं देश भर से सिद्ध शक्तिपीठ माता महामाया के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए किया जाएगा। इससे स्थानीय अधोसंरचना सुदृढ़ होगी तथा धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
 
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए श्री साहू ने कहा कि यह पहल नवाचार, सतत एवं किफायती आवास समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम है। रतनपुर का यह डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट नई निर्माण तकनीकों के लिए एक “लिविंग लैबोरेटरी” के रूप में कार्य करेगा, जिससे निर्माण की गति तेज होगी, संरचनात्मक गुणवत्ता बेहतर होगी तथा लागत दक्षता सुनिश्चित होगी।
 
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा पारंपरिक ईंट-गारे आधारित निर्माण के स्थान पर वैकल्पिक निर्माण सामग्रियों की व्यवहार्यता को प्रमाणित करेंगी।
 
परियोजना प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति हेतु केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) को प्रस्तुत किया गया है। भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद (बीएमटीपीसी) द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्माण कार्य “ग्रीन हाउसिंग” के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो।
 
कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाली तथा निर्माण अवधि को 12–15 महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखने वाली यह परियोजना भविष्य में छत्तीसगढ़ एवं देश के अन्य राज्यों में शहरी आवास विकास के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लगाया सफेद चंदन का पौधा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लगाया सफेद चंदन का पौधा

कोरिया, 17 फरवरी 2026/* मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने कोरिया जिले के प्रवास को यादगार बनाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर- जिला पंचायत कार्यालय के सामने सफेद चंदन का पौधा रोपा। पौधारोपण के इस महत्वपूर्ण अवसर पर राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम,खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी भी मौजूद रहीं।
 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में सभी को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बैकुंठपुर आगमन, पारंपरिक कर्मा नृत्य से हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बैकुंठपुर आगमन, पारंपरिक कर्मा नृत्य से हुआ भव्य स्वागत

16-Feb-2026 53
कोरिया, 16 फरवरी/* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे। उनके आगमन पर सर्किट हाउस में गरिमामय स्वागत समारोह आयोजित किया गया। 
संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया। 
 
इस अवसर पर पारंपरिक कर्मा नृत्य दलों ने मांदर की थाप पर जोशीला सांस्कृतिक स्वागत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा। आदिवासी लोकसंस्कृति की छटा ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान विभिन्न शासकीय एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भैया लाल रजवाड़े भी उपस्थित थे!
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का चिरमिरी दौरा: 59 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 82 का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का चिरमिरी दौरा: 59 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 82 का हुआ लोकार्पण

एमसीबी, चिरमिरी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम रायपुर से चौपर द्वारा उड़ान भरकर पोड़ी ग्राउंड स्थित हेलीपैड पहुंचे। हेलीपैड पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बैकुंठपुर विधायक भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रतना सिंह ने आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया।
 
हेलीपैड से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम मालवीय नगर, पोड़ी स्थित मंगल भवन के लिए प्रस्थान किए। यहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से मुलाकात कर संवाद किया। मंगल भवन पहुंचने पर महाराज द्वारा मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री का चंदन टीका लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 8,824.78 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 59 विकास कार्यों का शिलान्यास किया तथा 3,879.85 लाख रुपये की लागत से पूर्ण 82 विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रीय विकास को नई गति देने की
 
घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव से शहर तक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक रीति से कलश धारण कर महिला कार्यकर्ताओं ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री ने महिला कार्यकर्ताओं के अनुशासन, समर्पण और संगठनात्मक भूमिका की सराहना की। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधि मंच पर पहुंचे, जहां राष्ट्रगान के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम की गरिमामयी शुरुआत हुई।
राष्ट्रगान के उपरांत अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का गजमाला पहनाकर सम्मान किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह और जनभागीदारी का विशेष माहौल देखने को मिला।
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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का चिरमिरी की धारा पर आगमन

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का चिरमिरी की धारा पर आगमन

चिरमिरी- आप को बता दे कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर में कोयलांचल नगरी चिरमिरी के पावन धरा पर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का चिरमिरी आगमन हो रहा जान कारी के मुताबिक cm साय प्रसिद्धि जगरनाथ मंदिर का दर्शन करेंगे साथ ही लोगों से भेंट मुलाकात करेंगे। चिरमिरी जगरनाथ मंदिर को लेकर बड़ी घोषणा की संभावना 

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मनेंद्रगढ़ में बीपीसीएल के नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का उद्घाटन, सरगुजा संभाग के 5 जिलों को मिलेगा लाभ 1125 करोड़ की लागत से तैयार होगा परियोजना, 54 सब-स्टेशन के जरिए घरों तक पाइप से पहुंचेगी गैस, सिलेंडर झंझट से मिलेगी राहत

मनेंद्रगढ़ में बीपीसीएल के नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का उद्घाटन, सरगुजा संभाग के 5 जिलों को मिलेगा लाभ 1125 करोड़ की लागत से तैयार होगा परियोजना, 54 सब-स्टेशन के जरिए घरों तक पाइप से पहुंचेगी गैस, सिलेंडर झंझट से मिलेगी राहत

एमसीबी,मनेंद्रगढ़। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा मनेंद्रगढ़ शहर में नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह परियोजना छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि यह राज्य का पहला नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट है। जानकारी के अनुसार लगभग 1125 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट के माध्यम से सरगुजा संभाग के पांच जिलों में पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए क्षेत्र में 54 सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जहां से घरों और प्रतिष्ठानों तक पाइप के माध्यम से गैस सप्लाई होगी।

 
उद्घाटन अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 की जो परिकल्पना की गई है, यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन गैस व्यवस्था लागू होने से लोगों को गैस सिलेंडर लेने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और उपभोक्ता जितनी गैस उपयोग करेंगे, उतना ही मासिक बिल का भुगतान करेंगे। उन्होंने मनेंद्रगढ़ को इस परियोजना के लिए चुने जाने पर शहरवासियों, जिलेवासियों और विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को बधाई दी। यह परियोजना क्षेत्र के शहरी विकास, सुविधा विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देगी।
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केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने माँ कामाख्या के दर्शन किए, कोकराझार में आगामी असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों के साथ की संगठनात्मक बैठक

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने माँ कामाख्या के दर्शन किए, कोकराझार में आगामी असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों के साथ की संगठनात्मक बैठक

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने असम प्रवास के दौरान विश्वविख्यात शक्तिपीठ माँ कामाख्या के पावन धाम में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने माँ से समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं सद्भाव की कामना की।

श्री साहू ने प्रार्थना करते हुए कहा कि माँ कामाख्या की कृपा से उनका जीवन सदैव समाज सेवा, जनहित एवं राष्ट्रसेवा को समर्पित रहे तथा वे निरंतर कर्म, कर्तव्य और सेवा भाव के साथ देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहें।
 
इसके पश्चात श्री तोखन साहू ने कोकराझार में आगामी असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में चुनावी रणनीति एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का आह्वान किया।
 
श्री साहू ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यकर्ताओं के समर्पण, परिश्रम एवं एकजुट प्रयासों से आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय प्राप्त होगी।
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एनटीपीसी लारा की कौशल विकास पहल: स्थानीय युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की नई शुरुआत

एनटीपीसी लारा की कौशल विकास पहल: स्थानीय युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की नई शुरुआत

राष्ट्र निर्माण की दिशा में कौशल विकास को एक सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हुए एनटीपीसी लारा, जिला रायगढ़ ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) पहल के अंतर्गत स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस क्रम में एनटीपीसी लारा द्वारा गुरुवार को युवाओं के पहले बैच को रोजगारोन्मुख व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी), कोरबा के लिए रवाना किया गया।

प्रशासनिक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इस पहल को औपचारिक रूप से श्री सुभाष ठाकुर, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी लारा द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री केशव चंद्र सिंघा रॉय, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), श्री हेमंत पावगी, महाप्रबंधक (परियोजना), श्री जाकिर खान, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), श्री मनीष कुमार, अपर महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं) सहित एनटीपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षुओं के अभिभावक एवं चयनित युवा उपस्थित रहे।
तीन माह की अवधि का यह गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोरबा में “असिस्टेंट मशीन ऑपरेटर – इंजेक्शन मोल्डिंग” ट्रेड में संचालित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान करना है, जिससे वे शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटते हुए आत्मनिर्भर बन सकें तथा औद्योगिक क्षेत्र में प्रभावी योगदान दे सकें।
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए श्री सुभाष ठाकुर, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी लारा ने कहा कि कौशल विकास आज के समय में केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और दीर्घकालीन रोजगार क्षमता का मजबूत आधार है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने का आह्वान किया।
एनटीपीसी लारा की यह पहल कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के माध्यम से स्थानीय समुदायों के सतत एवं समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसे प्रयासों से न केवल युवाओं को कौशल और अवसर प्राप्त हो रहे हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास को गति देते हुए राष्ट्र की प्रगति को भी सुदृढ़ आधार मिल रहा है।
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आरडीजे
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छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार बजट में 24 गुना वृद्धि, ₹51,080 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री और रेलमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार

छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार बजट में 24 गुना वृद्धि, ₹51,080 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री और रेलमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार

केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के तीव्र और अभूतपूर्व विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में रेलवे क्षेत्र में व्यापक और संरचनात्मक परिवर्तन हुआ है, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास तथा यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है।
 
*रेल बजट में ऐतिहासिक वृद्धि*
 
उन्होंने बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान छत्तीसगढ़ के लिए वार्षिक रेलवे बजट ₹311 करोड़ था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में ₹7,470 करोड़ हो गया है। यह लगभग 24 गुना वृद्धि केन्द्र सरकार की छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
 
*₹51,080 करोड़ की रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर*
 
वर्तमान में राज्य में ₹51,080 करोड़ की रेलवे परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत नई रेल लाइनों का निर्माण, ट्रैक दोहरीकरण, स्टेशन पुनर्विकास तथा यात्री सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं।
 
*अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन पुनर्विकास*
 
अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कर पुनर्विकसित किया जा रहा है। इसके लिए ₹1,674 करोड़ का निवेश किया जा रहा है।
अब तक डोंगरगढ़ (चरण-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई तथा उरकुरा रेलवे स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
 
*वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं*
 
राज्य में रेल यात्रा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में
 
वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी, तथा
अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी
संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो रही है।
 
 
*रेल नेटवर्क विस्तार एवं 100 प्रतिशत विद्युतीकरण*
 
राज्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2014 के पश्चात राज्य में लगभग 1,200 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण किया गया है, जो कई देशों के संपूर्ण रेल नेटवर्क से अधिक है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ ने 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वर्ष 2014 के बाद से 366 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है।
 
*सुरक्षा एवं संरचनात्मक विकास*
 
रेलवे सुरक्षा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए राज्य में
 
170 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है।
 
स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली के अंतर्गत 845 RKm पर कार्य प्रगति पर है, जबकि कुल 1,083 RKm को स्वीकृति प्रदान की गई है।
 
 
*राज्यमंत्री का वक्तव्य*
 
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने कहा,
“प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना का कायाकल्प हुआ है। ₹51,080 करोड़ की परियोजनाएं, अमृत स्टेशन योजना, वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं तथा 100 प्रतिशत विद्युतीकरण राज्य के लिए एक नए विकास अध्याय का संकेत हैं।”
 
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किए जा रहे ये प्रयास छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में और अधिक सशक्त रूप से जोड़ने के साथ-साथ यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहे हैं।
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पर्यटन के लिए ग्रीन गुफा खोलने के विरुध दायर याचिका में कोर्ट ने कहा राज्य इस गुफा को आम जनता से बचाना जारी रख सकता है, जिनसे गुफा की विरासत को खतरा हो

पर्यटन के लिए ग्रीन गुफा खोलने के विरुध दायर याचिका में कोर्ट ने कहा राज्य इस गुफा को आम जनता से बचाना जारी रख सकता है, जिनसे गुफा की विरासत को खतरा हो

रायपुर/बिलासपुर 02.02.2026 कांकेर वैली नेशनल पार्क स्थित ग्रीन गुफा को टूरिज्म के लिए खोलना और गुफा के प्रवेश द्वार का निर्माण, सीढ़ी, पाथवे इत्यादि संरचनाओं के निर्माण के विरुद्ध दायर  जनहित याचिका में आज शासन की तरफ से बताया गया कि गुफा में कुछ लोग नाम खोद देते जिससे गुफा के संरक्षण के लिए गुफा के बाहर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि गुफा को आम जनता से बचाने के कार्य किये जा सकते है, जिनसे गुफा की विरासत को खतरा हो। कोर्ट ने संचालक कांकेर वैली नेशनल पार्क से शपथ पत्र मांग, दिनाक 18.02.2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की है। 

याचिकाकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि वन विभाग पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गेट सीढ़ी और पाथवे बनवा रहा है। 24 दिसंबर 2025 को हुई वन विभाग की बैठक में कांकेर वैली नेशनल पार्क के संचालक में पावर पॉइंट के माध्यम से ग्रीन गुफा के प्रवेश द्वार, सीडी  पाथवे इत्यादि संरचनाओं के निर्माण का प्रस्तुतीकरण किया जिस पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा जनवरी माह के अंत तक पर्यटकों के लिए गुफा खोलने के निर्देश दिए गए और गुफा खोलने की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने हेतु अच्छे साइनेज, फोटो वीडियो के माध्यम व्यापक चार प्रसार करने के निर्देश दिए गए।   
 
बीरबल साहनी इंस्टिट्यूट ऑफ़ पेलियोसाइंसेज़ लखनऊ से राय ली गई थी:
 
याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट को बताया गया कि ग्रीन गुफा को पर्यटकों के लिए खोलने एवं निर्माण कार्य के संबंध में भारत सरकार की संस्था बीरबल साहनी इंस्टिट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज़, लखनऊ (BSIP) से विशेषज्ञ राय ली गई थी, जिसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहां के प्रोफेसर डॉ. महेश जी. ठक्कर (निदेशक, BSIP) ने कहा कि गुफा के प्रवेश द्वार के अत्यंत निकट रेत, बजरी और लोहे की छड़ों जैसे निर्माण सामग्री का भंडारण और उपयोग विशेष रूप से चिंताजनक है। ऐसे सिविल कार्यों से प्राकृतिक ड्रेनेज एवं सीपेज पैटर्न बदल सकते हैं, गाद और धूल का प्रवेश बढ़ सकता है, गुफा के भीतर वायु प्रवाह, माइक्रोक्लाइमेट और रासायनिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिससे गुफा के इकोसिस्टम को पर्यटन शुरू होने से पहले ही अपरिवर्तनीय क्षति पहुँच सकती है। इसलिए उन्होंने जोर देकर सलाह दी कि जब तक विस्तृत बहुविषयक वैज्ञानिक अध्ययन पूरे नहीं हो जाते, तब तक सभी निर्माण एवं पर्यटन संबंधी गतिविधियाँ तत्काल रोक दी जानी चाहिए। उन्होंने अपने मत में बताया कि ग्रीन गुफाएँ पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे नाजुक और संवेदनशील प्राकृतिक प्रणालियों में से हैं। चूना-पत्थर की गुफाएँ, विशेष रूप से वे जिनमें दुर्लभ फोटोसिंथेटिक या कीमो-सिंथेटिक माइक्रोबियल परतें होती हैं, बंद और अत्यंत स्थिर इकोसिस्टम होती हैं, जो हजारों से लाखों वर्षों में नमी, तापमान, रोशनी, वायु प्रवाह एवं जियोकेमिस्ट्री की विशेष परिस्थितियों में विकसित होती हैं। डायरेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीन केव को बिना किसी विस्तृत वैज्ञानिक, पारिस्थितिक एवं पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) अध्ययन के आम जनता के लिए खोलना अत्यंत जोखिमपूर्ण और वैज्ञानिक दृष्टि से गलत है। ऐसे कार्यों से ऐसा नुकसान हो सकता है, जो तुरंत दिखाई न दे, लेकिन गुफा की सूक्ष्म पारिस्थितिकी को स्थायी रूप से बदल या समाप्त कर सकता है। एक बार यदि यह प्रणाली बाधित हो जाती है, तो मानव समय-सीमा में इसका पुनर्स्थापन लगभग असंभव होता है।
 
डॉ. पति ने कहा सिर्फ वैज्ञानिक अनुसंधान एवं दीर्घकालिक संरक्षण के लिए रखें: 
 
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, स्कूल ऑफ स्टडीज़ इन लाइफ साइंस, डॉ. ए. के. पति से भी विशेषज्ञ राय ली गई थी। डॉ. पति ने कहा कि कांकेर वैली राष्ट्रीय उद्यान की गुफाएँ, विशेष रूप से कुटुमसर केव कॉम्प्लेक्स एवं ग्रीन केव, अत्यंत नाजुक, संवेदनशील और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यधिक मूल्यवान पारिस्थितिक तंत्र हैं। गुफाओं का सूक्ष्म जलवायु तंत्र, सूक्ष्मजीव समुदाय तथा गुफा-अनुकूलित जीव अत्यंत दीर्घकाल में विकसित होते हैं और मानव हस्तक्षेप के प्रति अत्यंत कम सहनशील होते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रीन केव जैसी अत्यधिक संवेदनशील गुफाओं को पर्यटन के बजाय केवल वैज्ञानिक अनुसंधान एवं दीर्घकालिक संरक्षण के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। डॉ. पति द्वारा दी गई लिखित राय भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई।
नितिन सिंघवी
मोबाइल: 9826126200
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केंद्रीय बजट 2026 : चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसले, स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताया आभार

केंद्रीय बजट 2026 : चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसले, स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताया आभार

एमसीबी,1 फरवरी 2026/केंद्रीय बजट 2026 को चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह बजट देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत, आधुनिक और सर्वसुलभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लिए गए दूरदर्शी निर्णयों पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बजट में औषधि प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना का निर्णय दवा निर्माण और गुणवत्ता सुधार में अहम भूमिका निभाएगा। आयुष सेक्टर को सशक्त करते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। कोविड-19 के बाद आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जाएंगे।
 
बजट में केयर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से राज्यों को सहयोग देकर देश में पांच रीजनल मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की योजना प्रस्तावित की गई है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।
 
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा तथा बायोफार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने पर भी विशेष जोर रहेगा, जिससे गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा।
 
बजट में जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेंटर खोले जाएंगे, वहीं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार का विशेष फोकस रहेगा। इससे आम जनता को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
 
पशु-चिकित्सा क्षेत्र को भी बजट में नई मजबूती दी गई है। इस क्षेत्र में पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को प्रोत्साहन देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी।
 
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बजट के तहत कैंसर की 17 दवाएं, शुगर की दवाएं, गंभीर रोगों की दवाइयां तथा 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती की गई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
 
 श्री जायसवाल ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026 स्वास्थ्य सेवाओं को जनहितैषी, सुलभ और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की जनता को मिलेगा।
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कबीर धर्म नगरी दामाखेड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संत समागम मेला के समापन समारोह में हुए शामिल

कबीर धर्म नगरी दामाखेड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संत समागम मेला के समापन समारोह में हुए शामिल

सिमगा, बलौदा बाजार जिले की पावन कबीर धर्म नगरी दामाखेड़ा में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन हुआ,,

मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा भी मौजूद,,
मुख्यमंत्री साय दामाखेड़ा में आयोजित कबीर धर्मावलंबियों के भव्य संत समागम मेला के समापन अवसर पर पहुंचे, जहां उन्होंने संतों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
 
मुख्यमंत्री के आगमन पर कलेक्टर दीपक सोनी एवं पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता  भाजपा जिला  अध्यक्ष आनंद यादव किसाननेता अनिलपांडेय  जनपद अध्यक्ष दौलत पाल  उपाध्यक्ष गोपाल शुक्ला  मंडल अध्यक्ष चंद्रमणि तिवारी  जनपद सभापति चंद्रप्रकाश टोंडे. संतोष साहू. हेमसिंग चौहान. राहुल साहू. सुरेश साहू. ने हेलीपेड पर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कबीर पंथी अनुयायी उपस्थित रहे।
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जी राम जी अधिनियम–2025 से ग्रामीण भारत में विकास को मिलेगी नई दिशा: श्याम बिहारी जायसवाल

जी राम जी अधिनियम–2025 से ग्रामीण भारत में विकास को मिलेगी नई दिशा: श्याम बिहारी जायसवाल

एमसीबी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तावित जी राम जी अधिनियम–2025 ग्रामीण भारत में खुशहाली और समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। यह मिशन सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेन्स और सैचुरेशन जैसे मजबूत सिद्धांतों पर आधारित है, जिसके तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के उन्नत स्वरूप को लागू करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।

योजना के अंतर्गत अब ग्रामीण श्रमिकों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देने का प्रावधान किया गया है। जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका संवर्धन और आपदा-निवारण जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है।
इसी क्रम में एमसीबी जिले के अमृतधारा लाई में वीबी–जी राम जी जनजागरण अभियान के तहत जिला कार्यशाला एवं जिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। इस दौरान पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे जी, अनिल सिंह मेजर जी, जिला प्रभारी बाबूलाल अग्रवाल जी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले, सहित जिला के भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जी राम जी अधिनियम ग्राम पंचायतों को विकास का केंद्र बनाएगा। ग्राम पंचायतों में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की आय में स्थायी वृद्धि होगी। यह योजना 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से ग्राम सभाओं द्वारा तैयार की जाने वाली विकसित ग्राम पंचायत योजनाएं पीएम गति शक्ति के अंतर्गत प्रभावी रूप से लागू होंगी, जिससे गांव आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बन सकेंगे।
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विकसित भारत के नए सारथी: प्रधानमंत्री के आह्वान पर 61 हजार युवाओं का राष्ट्र सेवा की ओर बढ़ता कदम  केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू

विकसित भारत के नए सारथी: प्रधानमंत्री के आह्वान पर 61 हजार युवाओं का राष्ट्र सेवा की ओर बढ़ता कदम केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू

24-Jan-2026 71
रायपुर, 24 जनवरी 2026।माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त, दूरदर्शी और युवा-केन्द्रित नेतृत्व में आयोजित रोजगार मेले के 18वें चरण का आयोजन देशभर के 45 स्थानों पर एक साथ किया गया। यह कार्यक्रम युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के कुल 61,656 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर भी इस राष्ट्रीय आयोजन का एक प्रमुख केंद्र रहा, जहाँ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
ग्रुप केन्द्र, सीआरपीएफ, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने रोजगार को मिशन मोड में लाकर युवाओं के आत्मविश्वास, सामर्थ्य और सपनों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं की क्षमता और भारत के उज्ज्वल भविष्य पर प्रधानमंत्री जी के अटूट विश्वास को दर्शाती है।
 
श्री साहू ने रोजगार मेला के माध्यम से नियुक्ति प्राप्त करने वाले युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता मेहनत, अनुशासन और संकल्प का प्रतिफल है। उन्होंने सभी नवनियुक्त युवाओं एवं उनके परिवारजनों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गौरव का क्षण है।
उन्होंने जानकारी दी कि रायपुर केंद्र में कुल 411 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 25 युवाओं को केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। ये सभी युवा सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ सहित विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र बलों एवं विभागों में अपनी सेवाएं देंगे।
 
अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि रोजगार मेला यह सिद्ध करता है कि आज युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है, और यही शक्ति आने वाले वर्षों में भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
 
इस अवसर पर श्री शालिन, आईपीएस, आईसीजी, सीआरपीएफ, श्री अजय कुमार सिंह, उप महानिरीक्षक, सीआरपीएफ, श्रीमती दुर्गा भवानी राजनाला, उप महानिरीक्षक (चिकित्सा), सीआरपीएफ तथा श्री अजय कुमार सिंह, कमांडेंट, सीआरपीएफ विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी, नवनियुक्त युवा, उनके परिजन एवं मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में

रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में

रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी को राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से होगा। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे। उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा एवं महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा और रंगकर्मी एवं अभिनेता श्री मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
 
रायपुर साहित्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ और देश के जाने-माने साहित्यकार, पत्रकार, कवि हिस्सा लेंगे। साहित्य महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, इंगेजमेंट जोन, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। महोत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए फूड जोन भी बनाया गया है। मुख्य मंडप विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में तैयार किया गया है, जहां महत्वपूर्ण मंचीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा साहित्यिक परिचर्चा एवं गोष्ठी के आयोजनों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्याम लाल चतुर्वेदी मंडप, अनिरूद्ध नीरव मंडप तैयार किए गए है। साहित्य उत्सव में प्रतिदिन चार सत्रों का आयोजन होगा। प्रथम सत्र 12.30 बजे से, द्वितीय सत्र 2.15. बजे से, तृतीय सत्र 3.45 बजे से तथा चतुर्थ सत्र 5.15 बजे से 6.30 बजे तक होगा। 23 एवं 24 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।
 
    *23 जनवरी को प्रथम सत्र*- लाला जगदलपुरी मंडप में समकालीन महिला लेखन,  श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में संवाद वन्देमातरम के अंतर्गत भारत के स्व जागरण का प्रवाह, अनिरूद्ध नीरव मंडप में डिजिटल साहित्य पर परिचर्चा के अंतर्गत प्रकाशकों के लिए चुनौती विषय पर परिचर्चा होगी। 
 
*द्वितीय सत्र* - लाला जगदलपुरी मंडप में वाचिक परम्परा में साहित्य, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में कविता की नई चाल पर परिचर्चा, अनिरूद्ध नीरव मंडप में संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश शामिल होंगे। 
 
*तृतीय सत्र* -लाला जगदलपुरी मंडप में काला पादरी में जनजाति विमर्श और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ का साहित्य अवदान विषय पर परिचर्चा होगी। अनिरूद्ध नीरव मंडप में स्मृति शेष स्व. विनोद कुमार शुक्ल साहित्य की खिड़कियां पर परिचर्चा होगी। 
 
*चतुर्थ सत्र*- लाला जगदलपुरी मंडप में पुरातत्व: मौन साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में  समय की समस्या: सेक्युलरिज्म पर संवाद होगा। अनिरूद्ध नीरव मंडप में काव्य पाठ राष्ट्रीय कवि संगम का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत विनोद कुमार शुक्ल मंडप में शाम 7 बजे से मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन होगा।
 
*24 जनवरी को प्रथम सत्र* - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष पर संवाद और लाला जगदलपुरी मंडप में छत्तीसगढ़ के लोक गीत पर परिचर्चा आयोजित होगी।
 
*द्वितीय सत्र* - धार्मिक फिल्में और टेली धारावाहिकों का दौर पर संवाद और श्यामलाल चतुर्वेदी एकात्म मानवदर्शन समाज परिवर्तन का सूत्रधार पर परिचर्चा होगी। 
 
*तृतीय सत्र* -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारत का बौद्धिक विमर्श पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया और अनिरूद्ध नीरव मंडप पर साहित्य: उपनिषद से एआई तक पर परिचर्चा होगी। 
 
*चतुर्थ सत्र*- विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारतीय ज्ञान परंपरा पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में 'डिजिटल युग के लेखक और पाठक' और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में 'साहित्य के झरोखे से इतिहास' पर परिचर्चा होगी। 
 
*पंचम सत्र* -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में 'माओवादी आतंक और लोकतंत्र', लाला जगदलपुर मंडप में 'डॉ. अंबेडकर - विचारपुंज की आभा', श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर और अनिरूद्ध नीरव मंडप में लुप्त होता बाल साहित्य पर चर्चा होगी। विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में काव्य पाठ होगा।
 
*25 जनवरी को प्रथम सत्र* - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में संविधान और भारतीय मूल्य पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में ट्रेवल ब्लॉग:पर्यटन के प्रेरक और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप पर नवयुग में भारत बोध पर परिचर्चा होगी। 
 
*द्वितीय सत्र* - लाला जगदलपुरी मंडप में पत्रकारिता और साहित्य पर परिचर्चा, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नाट्यशास्त्र और कला परंपरा पर संवाद किया जाएगा। 
 
*तृतीय सत्र* - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सिनेमा और समाज तथा लाला जगदलपुरी मंडप में शासन और साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन होगा।
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केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में भाग लिया संसदीय कार्यों एवं जन शिकायतों की समीक्षा की

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में भाग लिया संसदीय कार्यों एवं जन शिकायतों की समीक्षा की

आवास एवं शहरी मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता की, जिनमें संगठनात्मक लोकतंत्र को सुदृढ़ करने तथा प्रशासनिक उत्तरदायित्व की प्रभावी समीक्षा पर विशेष बल दिया गया।
 
*भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में सहभागिता*
 
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पार्टी के आगामी राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन के नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर श्री साहू ने कहा कि इस प्रकार की लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करती है तथा भारतीय जनता पार्टी की सुदृढ़ और अटूट लोकतांत्रिक परंपराओं को प्रतिबिंबित करती है।
 
*संसदीय कार्यों एवं जन शिकायतों की समीक्षा बैठक*
 
इसी क्रम में, श्री साहू ने संकल्प भवन, नई दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से संबंधित लंबित संसदीय कार्यों तथा जन शिकायतों की विस्तृत समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
 
बैठक में मंत्रालय के सभी अपर सचिव, संयुक्त सचिव, मिशन निदेशक एवं विभिन्न प्रभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, दिल्ली विकास प्राधिकरण, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, शहरी गरीबी उन्मूलन प्रभाग, राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम तथा भूमि एवं विकास कार्यालय के अधिकारी भी बैठक में सम्मिलित हुए।
 
श्री साहू ने लोकसभा एवं राज्यसभा में लंबित संसदीय आश्वासनों, संसदीय प्रश्नों तथा जन शिकायतों की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने शून्यकाल, नियम 377 के अंतर्गत उठाए गए विषयों तथा विशेष उल्लेखों के माध्यम से प्रस्तुत मामलों पर भी विस्तृत चर्चा की।
 
*पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर विशेष बल*
 
केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जन शिकायतों एवं संसदीय विषयों के उत्तर तथ्यपरक, समग्र एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि जन शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखने तथा सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

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