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शिक्षा
आर टी ई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत तक गरीब जरूरतमंद अनसुचित जाति जनजाति वर्ग के बच्चों को देना होगा प्रवेश स्कूलों में किसी भी तरह से बच्चों में भेदभाव न हो यह सुनिश्चित करें कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ड्रॉप आउट रोकने के लिए नोडल प्राचार्य करें जिम्मेदारी से कार्य सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी
कोरिया / आज जिला पंचायत के मंथन कक्ष में जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में शिक्षा का अधिकार (आर.टी.ई.) के तहत निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के संबंध में जिला स्तरीय नोडल प्राचार्य आरटीई एवं प्रधानपाठक, प्रबंधक अशासकीय विद्यालय की समीक्षा बैठक की गई।
किसी भी तरह से बच्चों के साथ भेदभाव न हो
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बैठक में उपस्थित नोडल प्राचार्यों, निजी स्कूलों के संचालकों, प्रबंधकों तथा प्राचार्याे से शिक्षा का अधिकार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आर.टी.ई. 12 (1) (सी) के अंतर्गत सभी गैर अनुदान प्राप्त और गैर अल्पसंख्यक निजी स्कूलों के प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें दुर्बल और असुविधाग्रस्त परिवार के बच्चों के लिए आरक्षित होते हैं। अधिनियम के तहत तीन वर्ष से साढ़े छह वर्ष तक के बच्चेे किसी भी निजी स्कूल के प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश ले सकते हैं। इस योजना का लाभ जरूरतमंद और पात्र विद्यार्थियों को कक्षा नर्सरी से कक्षा बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा दिए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में सभी वर्ग के लोगों के मध्य सामाजिक समावेशन अर्थात सामाजिक समानता लाना, सभी समूहों को मूल्यवान और महत्वपूर्ण महसूस कराना है ताकि विभिन्न प्रकार से किए जाने वाले भेदभाव को हटाया जा सके।

ड्रॉप आउट होने के मुख्य कारण पता करें, स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करें
कलेक्टर श्री लंगेह ने निजी स्कूलों के संचालकों, प्रबंधकों, प्राचार्यों तथा नोडल प्राचार्यों से कहा कि एक सप्ताह के भीतर ड्राप आउट के बारे में समुचित जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी तरह से बच्चों के साथ भेदभाव नहीं की जाए। श्री लंगेह ने जिले के सभी निजी स्कूलों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए नोडल प्राचार्यों से कहा कि जो बच्चे ड्राप आउट हुए हैं, उसका कारण क्या है? वे विद्यार्थी क्या कर रहे हैं? वे कहां पढ़ाई कर रहे हैं? बीच में स्कूल छोड़ने का क्या कारण है? बच्चे किस वजह से स्कूल छोड़े हैं, इस संबंध में उनके माता-पिता या अभिभावक से जानकारी प्राप्त करें, वहीं उसका समुचित निराकरण करते हुए विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
आर.टी.ई. के प्रावधानों को गंभीरता से अध्ययन करें व बेहतर क्रियान्वयन करें
श्री लंगेह ने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि हर बच्चों को शिक्षा का अधिकार के तहत शिक्षा मिले, स्कूलों में पढ़ाई करने जाए। बैठक में उपस्थित सभी प्रबंधकों व प्राचार्यों से कहा कि स्वप्रेरित होकर कार्य करना सुनिश्चित करने के साथ ही ड्राप आउट रोकने के लिए विशेष पहल करंे। उन्होंने सभी नोडल प्राचार्यों को निर्देश दिए कि आगामी बैठक में विगत पांच वर्षों की ड्राप आउट के बारे में समुचित जानकारी प्रदान करें तथा संबंधित वेबसाइट में समुचित जानकारी अपलोड करें। उन्होंने बैठक में उपस्थित संचालकों तथा प्राचार्यों से कहा कि स्कूल में प्रवेश लेने के बाद ड्रॉप आउट न हो इस बात की विशेष ध्यान रखें। श्री लंगेह ने कहा कि आर.टी.ई. के प्रावधानों को गंभीरता से अध्ययन करें साथ ही सभी निजी स्कूल आर.टी.ई. के प्रावधानों को बेहतर क्रियान्वयन करें।
बच्चे शिक्षा से वंचित न हो, तभी शिक्षा का अधिकार अधिनियम होगा फलीभूत
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने निजी स्कूलों के संचालकों, प्राचार्यों तथा आर.टी.ई. के तहत बनाए गए नोडल प्राचार्यों से कहा कि शिक्षा का अधिकार (आर.टी.ई.) के प्रावधानों के बारे में समुचित जानकारी होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आरटीई के प्रावधान, उद्देश्य को जमीनी स्तर पर खरा उतरने के लिए समन्वित प्रयास की जरूरत है। कोई बच्चे शिक्षा से वंचित न हो, तभी शिक्षा का अधिकार अधिनियम फलीभूत होगा। उन्होंने कहा कि नोडल प्राचार्यों की विशेष जिम्मेदारी है कि किसी भी तरह से आर.टी.ई के प्रावधानों का उल्लंघन न हो या सुनिश्चित करें, उल्लंघन करने पर कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी।
इस वर्ष 93 स्कूलों में 575 सीटें आरक्षित
जिले में वर्ष 2019-20 में निजी स्कूलों की संख्या 93 थीं, जिसमें 955 सीट आरक्षित थे और 472 विद्यार्थी प्रवेश लिए थे। वर्ष 2020-21 में निजी स्कूलों की संख्या 95 थीं, जिसमें 734 सीटें आरक्षित थे और 632 विद्यार्थी प्रवेश लिए थे। वर्ष 2021-22 में निजी स्कूलों की संख्या 95 थीं, जिसमें 727 सीटें आरक्षित थे और 617 विद्यार्थी प्रवेश लिए थे। वर्ष 2022-23 में निजी स्कूलों की संख्या 94 थीं, जिसमें 670 सीटें आरक्षित थे और 591 विद्यार्थी प्रवेश लिए थे। वर्ष 2023-24 में निजी स्कूलों की संख्या 96 थीं, जिसमें 587 सीटें आरक्षित थे और 528 विद्यार्थी प्रवेश लिए थे, वहीं शिक्षा सत्र 2024-25 में स्कूलों की संख्या 93 हैं और 575 सीटें आरक्षित हैं। जानकारी के मुताबिक अभी तक 1 हजार 406 आवेदन प्राप्त हुए हैं। नर्सरी के लिए 174, के.जी. के लिए 335 तथा कक्षा पहली के लिए 66 सीटें है।
इन बच्चों को मिलेगी प्राथमिकता
ऐसे बच्चे जिनके संरक्षक गरीबी रेखा की सूची में शामिल हो, एचआईव्ही संक्रमित हो, अंत्योदय कार्ड हो या अनुसूचित जाति, जनजाति, परिलक्षित आदिम जनजाति समूह के हो, अनुसूचित जनजातियों और परम्परागत वनवासी के अंतर्गत वन अधिकारों के मान्यतापत्र धारी हो, ऐसे बच्चे जो 40 प्रतिशत दिव्यांग हो, वे वेबसाइट के माध्यम से ऑन लाइन आवेदन कर सकते हैं।
जिले में आरटीई व ड्राप आउट से संबंधित समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेन्द्र गुप्ता सहित शासकीय, गैर शासकीय मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालक, प्रबंधक, प्राचार्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
आरटीई के तहत दाखिला लिए बच्चों के साथ स्कूलों में भेद-भाव बर्दाश्त नहीं कलेक्टर / कलेक्टर ने टीएल बैठक में की लंबित मामलों की समीक्षा
बिलासपुर / आरटीई के तहत दाखिला लिये बच्चों के साथ स्कूलों में भेद-भाव नहीं किया जाना चाहिए। डीईओ नियमित रूप से इस बाबत् स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। कलेक्टर अवनीश शरण आज टीएल की बैठक में लंबित मामलों और विभागीय काम-काज की समीक्षा करते हुए इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में डमी एडमिशन संबंधी लंबित शिकायत की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। बैठक में निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री शरण ने कोटा इलाके में विगत दिनों हुई ओला वृष्टि से फसलों को हुई क्षति का सर्वे कर किसानों को जल्द राहत पहुंचाने को कहा है। प्राथमिकता के इस कार्य में विलंब नहीं किया जाये। उन्होंने कोटा क्षेत्र के ही बैगा-बिरहोर परवार के बच्चों के लिए स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिविर लगाने कहा है। सबूत के रूप में अभिलेख के अभाव में लगभग सवा 4 सौ बच्चों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। ग्राम सभा के अनुमोदन से जाति प्रमाण पत्र बनाया जायेगा। कलेक्टर ने बताया कि 22 मई से 10 जून तक जिला मुख्यालय में समर कैम्प का आयोजन किया जायेगा। जिले भर के चुनिंदे 200 ग्रामीण स्कली बच्चे बहतराई स्टेडियम में शामिल होंगे। उनकी रूचि के अनुरूप प्रतिभा निखारने विविध कार्यक्रम के साथ ही उन्हें शहर भ्रमण कराकर रेल स्टेशन, हवाई अड्डा और अन्य आधुनिक सुविधाओं का अवलोकन कराकर उनका ज्ञानवर्धन किया जायेगा। टीएल की बैठक में ही राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला समन्वय समिति की बैठक भी आयोजित की गई। कोटपा एक्ट का कड़ाई से पालन करने और कराने पर जोर दिया गया। स्कूल, अस्पताल के 100 मीटर की परिधि में संचालित तम्बाकू बेचने वाले दुकानों के विरूद्व कठोर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। अंतरविभागीय विभिन्न मामलों का समाधान भी बैठक में किया गया।
समर कैम्प में विद्यार्थी दिखा रहें हैं अपनी कलात्मक हुनर स्कूल व खेल विभाग की सराहनीय पहल
कोरिया / सूर्य की तेवर और बदलते मौसम के बीच जिले में ग्रीष्म कालीन अवकाश का सही उपयोग विद्यार्थिओं को दिलाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा व खेल एवं युवा कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न स्कूलों व खेल मैदानों में विभिन्न खेलो के साथ विद्यार्थिओं के कलात्मक व मौलिक हुनर को निखारे की दिशा में कारगर साबित हो रहा है। महाजन स्टेडियम चरचा कॉलरी, कचनपुर में फुटबॉल, सरडी मैदान में बॉलीबॉल, इंडोर स्टेडियम बैकुण्ठपुर में बैडमिंटन, पटना में कब्बडी व कुड़ेली में खो-खो जैसे आधुनिक व पराम्परागत खेलों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर चित्रकारी, गायन, वादन, निबंध, कहानी लेखन, हस्तलिपि लेखन, नृत्य जैसे प्रशिक्षण देकर विद्यार्थिओं को उनकी मौलिक प्रतिभाओं को निखारे का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थिओं को पढ़ाई-लिखाई के साथ खेल-कूद व उनकी अभिरूचि के अनुसार प्रशिक्षण देने से जहॉ इन नौनिहालों, युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति चेतना व सामाजिक सरोकार से जुड़ने का भी अवसर प्राप्त हो रहा है। जिले के शासकीय विद्यालयों व उक्त मैदानों में सुबह 7.30 बजे से सुबह 9.30 तक आयोजन किया जा रहा है।
ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थिओं के अभिरूचियों, हुनर व विभिन्न कलाओं के प्रति ललक पैदा करना है ताकि ग्रीष्मकालीन अवकाश का उपयोग सार्थक साबित हो सकें। प्रायः देखा जा रहा है कि टी.व्ही, मोबाइल व कम्प्यूटर के ईर्द-गिर्द समाहित रहने वाले ऐसे विद्याथिओं को खुली जगहों पर खेल-कूद व रूचि के अनुसार प्रशिक्षण मिलने सेे कलाओं के प्रति जिज्ञासा पैदा होगी और अपने रचनात्मक कार्यो के प्रति जुड़ाव भी होगा।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने जिले के विद्यार्थिओं से अपील करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में ऐसे खेल-कूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले और अपनी ग्रीष्म कालीन अवकाश का सदुपयोग करें।
एकलव्य संयुक्त आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं में सीधे प्रवेश हेतु चयन परीक्षा प्रारम्भ
एमसीबी / शैक्षणिक सत्र 2024-25 में एकलव्य संयुक्त आदर्श आवासीय विद्यालयों के कक्षा 6 वीं में सीधे प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 18 मई 2024 दिन शनिवार को प्रातः 10ः00 से 12ः00 तक (2 घंटे) निर्धारित परीक्षा केंद्रों यथा एकलव्य आदर्श विद्यालय पोड़ीडीह में आयोजित किया जाना निर्धारित किया गया है।
चयन परीक्षा के लिए कक्षा 6 वीं के लिए जिन विद्यार्थियों का फार्म स्वीकृत किया गया है, वे एकलव्य वेबसाईट http://eklavya.cg.nic.in/
एकलव्य विद्यालयों में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 18 मई को
कोरिया / जिला स्तरीय आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के सहायक आयुक्त एवं सदस्य सचिव ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में एकलव्य संयुक्त आदर्श आवासीय विद्यालयों के कक्षा 6वीं में सीधे प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 18 मई को प्रातः 10.00 से 12.00 बजे तक शासकीय रामानुज प्रताप सिंह देव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुण्ठपुर एवं शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय बैकुण्ठपुर आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चयन परीक्षा कक्षा 6वी के लिए जिन विद्यार्थियों का फार्म एक्सेप्ट किया गया है वे एकलव्य वेबसाईट https://eklavya.cg.nic.in/
मेधावी छात्रों ने की कलेक्टर से मुलाकात / सपना को साकार करने कड़ी मेहनत की जरूरत - कलेक्टर लंगेह
कोरिया / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजे विगत दिनों घोषित की गई थी।
आज जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह से दसवीं एवं बारहवीं में प्रावीण्य अंक प्राप्त करने वाले आदर्श सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल बैकुण्ठपुर के कक्षा दसवीं के छात्र सिद्धांत सिंह, शकुंतला सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल, बैकुंठपुर के कक्षा बारहवीं के छात्र आशुतोष तथा शासकीय रामानुज आदर्ष हायर सेकेंडरी स्कूल, बैकुंठपुर के छात्र तेजप्रताप राजवाड़े ने उच्चतर अंक प्राप्त कर स्कूल व जिले को गौरवान्वित करने वाले इन मेधावी छात्रों ने मुलाकात किया।
छात्र सिद्धांत ने बताया कि वे गणित विषय लेकर आगे पढ़ाई करेंगे और उनका लक्ष्य आईआईटी करना है। इसी तरह आशुतोष ने बताया कि उन्हें मेडिकल क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं। और तेजप्रताप राजवाड़े एनडीए में कैरियर बनाने के लिए प्रयास करेंगे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री लंगेह ने इन छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सपने को साकार करने के लिए जुनून व कठिन परिश्रम की जरूरत है। इसलिए अभी से अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तन मन से पढ़ाई में जुट जाएं। इन मेधावी छात्रों को शील्ड व पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अरूण कुमार मरकाम, स्कूलों के प्राचार्य व इन विद्यार्थियों के पालक भी उपस्थित थे।
पिता ने चौकीदारी कर बेटे को पढ़ाया बाबा करते थे मेरी चौकीदारी ये है 12th में टॉप 7th रैंक हासिल करने वाले पीयूष की पूरी कहानी
अतिरिक्त पोषण आहार- आयोजन से स्कूल में उपस्थित बढ़ी /स्कूली बच्चों के लिए नेवता भोज आयोजित
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सिमगा आदर्श स्कूल में विदाई समारोह एवम् वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम
प्रदेश में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती, टीईटी परीक्षा का जल्द आयोजन, शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने किन्हें दिए निर्देश जानिए
रायपुर – स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने SCERT संचालक राजेंद्र कटारा को राज्य में जल्द शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दिए है। शिक्षा मंत्री अग्रवाल ने निर्देश के बाद SCERT ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को पत्र लिखकर राज्य में जल्द से जल्द टीईटी परीक्षा के आयोजन के लिए कहा है। श्री अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने विधानसभा में राज्य में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी। उसी क्रम में राज्य में टीईटी की परीक्षा के आयोजन की तैयारी की जा रही। हमारी सरकार में किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होगा। ज्यादा से ज्यादा युवा भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सके इसके लिए टीईटी परीक्षा के आयोजन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में करीब 3 साल से टीईटी परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है, जिसके कारण शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवाओं में काफी निराशा है, जिसके चलते युवा अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को राज्य में टीईटी परीक्षा आयोजित करने के लिए ज्ञापन सौंपा था।
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत चतुर्थ दिवस आयोजित हुए विविध कार्यक्रम

स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर विधिक जागरूकत शिविर का आयोजन
कोरिया, /जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैकण्ुठपुर श्री आंनद कुमार धु्रव के मार्गदर्शन में आज स्वामी विवेकानंद जी के जयंती के अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विरेन्द्र सिंह एवं अधिवक्ता के.बी नामदेव के द्वारा शासकीय कन्या माध्यमिक शाला पटना में विधिक जागरूकता से संबंधित शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शासकीय माध्यमिक कन्या शाला के प्रधान पाठक एवं शिक्षकगण तथा छात्रायें उपस्थित थी, जिन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विरेन्द्र सिंह के द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा चलाये जा रहे अभियान तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में बताते हुये बाल विवाह अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, कोलाहल अधिनियम तथा साईबर अपराध के संबंध में जानकारी प्रदान किये वही उपस्थित अधिवक्ता नामदेव के द्वारा उपस्थित छात्राओं को मोटरयान अधिनियम तथा साईबर अपराध के संबंधा में जानकारी प्रदान की गई।
गीता पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का अयोजन किया गया
गीता पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का अयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी सरस्वती मां की पूजा और उनकी वंदना से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के निदेशक अत्रि शर्मा सर, प्रबंधक लक्ष्मी शर्मा, स्कूल के प्राचार्य सौरभ दुबे और उप प्राचार्य सौरभ चौबे के द्वारा किए गया। स्कूल में वार्षिक दिवस समारोह हमेशा उत्सव का एक भव्य दिन रहा है। समारोह शाम 4:30 बजे गीता पब्लिक स्कूलों के मैदान में हुआ। शाम 6:00 बजे विशेष अतिथि श्री शिवरतन शर्मा जी और संस्था के सभी प्रमुखों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर सरस्वती वंदना की गई। समारोह में छात्रों ने बहुरंगी वेशभूषा और आकर्षक संवादों के साथ रंगारंग नाटक, पंथी नृत्य, रामायण एक्ट, तान्हा एक्ट, मीम एक्ट, फनी एक्ट आदि कार्यक्रमो के द्वारा छात्रों ने छत्तीसगढ की संस्कृति, देश भक्ति और सामाजिक संदेश से प्रेरित एक्ट प्रदर्शित किया। कार्यक्रम को देखने आए अतिथि, माता-पिता सभी दर्शकों द्वारा व्यापक सराहना किया गया। समारोह को देखने के लिए आए मेहमानों की संख्या से स्कूल स्तब्ध था। इस प्रकार यह - सिद्ध हो गया कि वार्षिक समारोह हम सभी के लिए एक अमूल्य क्षण है जिसमें
गीता पब्लिक स्कूल में मनाया गया नववर्ष एवं फ़ूड फेस्टिवल
वीर बाल दिवस













