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शिक्षा
स्वामी आत्मानन्द विद्यालयों के शिक्षकों की बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने दिए आवश्यक दिशा- निर्देश
कोरिया 08 मई 2023/कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के स्वामी आत्मानन्द विद्यालयों के शिक्षकों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना हमारा उद्देश्य है। स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय शासन की महत्वपूर्ण योजना है, सभी शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य हेतु तैयार करें।उन्होंने विद्यालयवार चर्चा करते हुए प्राचार्यों तथा शिक्षकों से संवाद कर बच्चों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, गतिविधियों में भागिता के सम्बंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक नियमित रुप से विद्यालय आएं, अकारण बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गत वर्ष के परीक्षा परिणाम का अवलोकन करते हुए कहा कि आगामी सत्र में बेहतर परिणाम हेतु अभी से तैयारियां शुरू करें, किसी विषय मे कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर सम्बन्धित विषय के शिक्षक अतिरिक्त कक्षा लेकर उन्हें शिक्षित करें। बच्चों की रुचि के अनुसार रोचनात्मक कक्षा का आयोजन कर नई-नई तकनीकों के माध्यम से उन्हें सिखाएं। उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक के साथ-साथ मानसिक, शारिरिक, नैतिक विकास पर भी ध्यान देने की बात कही।
कलेक्टर ने बैठक में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा, इस हेतु अभिभावकों से संपर्क कर कारण पता कर उन्हें विद्यालय भेजने प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राचार्य यह ध्यान रखें कि नियमित रुप से विद्यालय में अभिभावक शिक्षक बैठक आयोजित हो। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों की मॉनिटरिंग हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहें हैं, इनके द्वारा नियमित रूप विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अनिल जायसवाल, सर्व विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, स्वामी आत्मानन्द विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षक तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
बिलासपुर-प्रयास आवासीय विद्यालय के 15 बच्चों ने लहराया सफलता का परचम जेईई मेन्स में किया शानदार प्रदर्शन
बिलासपुर, 04 मई 2023/कोनी स्थित बिलासपुर प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने एक बार फिर से सफलता का परचम लहराया है। जेईई मेन्स में इस साल यहां के 15 विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें 9 एसटी, 3-3 बच्चे एससी और ओबीसी वर्ग के शामिल हैं। अब ये बच्चे जेईई एडवांस की परीक्षा में शामिल होंगे। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने इस कामयाबी पर बच्चों और स्कूल प्रबंधन को बधाई देते हुए बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की है।
प्रयास आवासीय विद्यालय के प्राचार्य श्री अश्वनी कुमार ने बताया कि जेईई मेन्स की परीक्षा 39 बच्चों ने दी थी, जिनमें से 15 बच्चों ने सफलता हासिल की है। इनमें 6 बालिका और 9 बालक शामिल है। उन्होंने बताया कि ये सभी बच्चे राजनांदगांव, जशपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सरगुजा, गरियाबंद जैसे जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। इन बच्चों के माता-पिता कृषक एवं मध्यमवर्गीय परिवार से है। विभाग द्वारा इन बच्चों को आवासीय सुविधा एवं विशेष कोचिंग प्रदान कर परीक्षा की तैयारी कराई गई है। प्रयास विद्यालय के कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड के माध्यम से वाईफाई युक्त स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है। इन बच्चों के लिए मोटिवेशन के क्लास के साथ-साथ आठ से दस बच्चों का छोटा-छोटा ग्रुप बनाकर तैयारी कराई गई तथा छुट्यिों के दौरान बच्चों के लिए एकस्ट्रा क्लास लगाई गई। सप्ताह टेस्ट, मॉक टेस्ट, ऑनलाईन टेस्ट भी कराए गए। बच्चों के लिए टॉपिक वाईस स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया गया। संस्थान में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए विभिन्न प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित हुई। राजनांदगांव जिले से सुश्री लिसा ने बताया कि उनके पिता श्री शिवकुमार लहरे खेती-किसानी कर जीवन यापन करते है। सुश्री लिसा ने प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर वातावरण मिलने पर शासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक बच्चों पर पूरा ध्यान देते है। बालोद के ग्राम धनगांव के श्री वेदांशु साहू के पिता भी खेती-किसानी करते है। उन्होंने बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयारी करवाने के कारण ही उन्होंने यह परीक्षा क्वालीफाई की है। राज्य शासन के प्रति आभार जताते हुए वे कहते हैं कि सरकार की संवेदनशीलता के चलते ही आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए इतनी प्रतिष्ठित परीक्षा क्वालीफाई कर पाना संभव हो पाया है।

गौरतलब है कि स्व. राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय योजना छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के द्वारा प्रदेश के अधिसूचित क्षेत्र, आदिवासी उपयोजना क्षेत्र, नक्सल पीड़ित/प्रभावित क्षेत्रों में स्थित शालाओं में अध्ययनरत प्रतिभावान विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12 वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए सघन तैयारी कराई जाती है। प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं में दाखिला राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है।
बैमा के आ. जा. क. वि. पुर्व माध्यमिक विद्यालय जूंझ रहा अपनी जर्जर हालत से...
खड़गवां। जहां एक तरफ़ छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को ले कर शासन प्रशासन बड़े बड़े कवायदें तो कभी बड़े बड़े वादे करती हैं, कहीं शिक्षा स्तर को बेहतर करने के तमाम योजनाओं को पारित करने की बात सामने आती हैं तो कहीं सरकार द्वारा बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ के नव पीढ़ी के लिए छत्तीसगढ़ शासन सदैव तत्पर है।एक बेहद महत्वपूर्ण गौर करने वाली बात और भी है कि, हमारे देश भारत में, 90 प्रतिशत अच्छे खासे पदों में पदस्थ उच्च अधिकारी, जो कि ताल्लुकात गांव से ही रखते हैं, ज़्यादातर देखा गया है कि छोटे से गांव में संघर्षों के कलम से ही क्रांति लिखी गई है, हिन्दुस्तान की धड़कन हिन्दुस्तान के गांवों में धड़कती देखी जा सकती है, जब छोटे छोटे गांव से संघर्ष की राह पर बिना रूके बच्चे अपना सफर तय करते नज़र आए हैं, तब जा कर सबसे ज्यादा शिक्षित एवं उच्च अधिकारी बन कर सफल हुए हैं।

उक्त विद्यालय की बच्ची ने बिना झिझक अपना परिचय दिया अंग्रेजी में!मगर ग्राम पंचायत बैमा में स्थित एक स्कूल की ज़मीनी स्तर से जुड़ी सच्चाई को देखने के बाद, मन मस्तिष्क में मानो दुख एवं पीड़ा से लिप्त भावनाएं उत्पन्न होने लगती हैं, जब एक तरफ़ ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे छोटे मासुम से बच्चों की ज़ुबान से फर्राटेदार अंग्रेजी सुनने मिले मगर दूसरी तरफ़ उनके भविष्य को मात्र एक शिक्षक के भरोसे छोड़ दिया जाए, शिक्षक मात्र एक, और बच्चे करीब 114 से 118।जब विद्यालय के अंदर जा कर वहां की कक्षाओं की स्थिति देखी गई, तब कुछ इस तरह का दृश्य सामने आया, जहां कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों के सर पर छतों की छड़ें नज़र आ रही थीं, दिवारों में ब्लैक बोर्ड में दरारें तो थी हीं, मगर जिस कक्षा में बैठ कर बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे वहां की छतों में बड़े बड़े दरार थे, हालत इतनी बद से बद्तर हो चली है कि उन दरारों से झांकती छड़ें, कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती हैं, जहां अपना जान जोखिम में डाल कर बच्चे अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के सपने सजाए रहे हैं, शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।ग्राम पंचायत बैमा के विद्यालय की जर्जर हालत का ज़िम्मेदार कौन?हम बात कर रहे हैं, विधानसभा बैकुंठपुर अंतर्गत विकास खंड खड़गवां में स्थित ग्राम पंचायत बैमा की, जहां मौजूद आदिम जाति कल्याण विकास पुर्व माध्यमिक विद्यालय जिसमें शिक्षा ग्रहण करते बच्चों की संख्या क़रीब 114-118 है, मगर उन बच्चों को उचित शिक्षा देने के लिए वहां पदस्थ हैं मात्र एक प्रधान पाठक एवं एक शिक्षक, विभागीय आदेशों के अनुसार उस विद्यालय के प्रधान पाठक को वहां आस पास मौजूद अन्य विद्यालयों में मॉनिटरिंग के लिए जाना पड़ता है, वहीं बात करें वहां पदस्थ शिक्षक की, तो विद्यालय के कार्यालय से संबंधित समस्त लिखा पढ़ी कार्यों के साथ ही साथ बच्चों को शिक्षा देने का सारा जिम्मा उनके मत्थे, अब ऐसे स्थिति में दोषारोपण का जिम्मा तो वहां पदस्थ प्रधान पाठक एवं शिक्षक पर देना अनुचित ही होगा।फिर तो सवालों के घेरे में शासन प्रशासन से ले कर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारीयों को खड़े करना क्या उचित नहीं होगा? इस अव्यवस्था के लिए मुख्य रूप से ज़िम्मेदार आखिर कौन है? बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह का जो खिलवाड़ किया जा रहा इस लापरवाही में मुख्य रूप से दोषी अगर शासन प्रशासन और शिक्षा विभाग से संबंधित समस्त उच्च अधिकारी नहीं हैं, फिर इन सब दुखद दृश्यों के लिए किसे दोषी ठहराना उचित होगा, साथ ही साथ इस विद्यालय से जुड़ी सभी कुव्यवस्थाओं की वजह से आने वाले समय में इन बच्चों के शिक्षा में समस्त त्रुटियों के लिए जवाबदेह कौन होगा?
सम्पूर्ण मामले का विवरण कुछ इस प्रकार है:
शासन के दिशा-निर्देश के अनुरूप पारदर्शी तरीके से सम्पन्न काउंसलिंग, ई संवर्ग के 165 और टी-संवर्ग के 593 सहायक शिक्षक बने प्राथमिक शालाओं में प्रधान पाठक
घुमन्तू और कचरा बीनने वाले 12 बच्चों का स्कूल में हुआ दाखिला कलेक्टर ध्रुव ने बच्चों को तिलक लगा माला पहनाकर हौसला बढ़ाया

स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सख्त तो वहीं बच्चों से बेहद सौम्यता से मिले कलेक्टर* सोनहत के रजौली में आंगनबाड़ी और स्कूल का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण

प्राइवेट कंप्यूटर संस्थान द्वारा बांटी गई फर्जी मार्कशीट बच्चों द्वारा की गई पुलिस एवं एसडीएम कार्यालय में शिकायत
एमसीबी। जिले के वनांचल ब्लॉक भरतपुर में ग्रामीण बच्चों को झांसा देकर हरियाणा की फर्जी 10वी-12वीं की अंकसूची और कम्प्यूटर डिग्री-डिप्लोमा बांटने के मामले में एसडीएम व थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। भरतपुर ब्लॉक में करीब तीन सौ से अधिक ग्रामीण बच्चों को फर्जी डिग्री-डिप्लोमा बांटने का अनुमान लगाया गया है।
किड्स कैंपस पब्लिक स्कूल, हल्दीबाड़ी को मिला राज्य स्तरीय पुरस्कार
एमसीबी/छत्तीसगढ़




विधायक मनेंद्रगढ़ डॉ. विनय जायसवाल ने होनहार बालक को उसके घर पहुच कर दी बधाई. राज्य के मुखिया से दूरभाष से कराई बात जताया आभार.

यातायात जागरुकता अंतर्गत स्कूलों,सार्वजनिक स्थानों,हाट बाजारों में यातायात नियमों की जानकारी दी गई
मुंगेली / लोरमी-पंडरिया मुख्य मार्ग पर ग्राम गोंडखाम्ही में यातायात शाखा मुंगेली द्वारा कैम्प लगाकर दुपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के वाहन न चलाने, तीन सवारी नहीं बैठने,शराब पीकर वाहन न चलाने हेतु समझाईश दिया गया,साथ ही चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने की समझाईश दी गई तथा यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध चलानी कार्यवाही की गई है ।
आत्मानंद स्कूल के बाद अब खुलेगा आत्मानंद कॉर्लेज, अंग्रेजी में होगी पढ़ाई- सीएम भूपेश बघेल
सीएम बघेल ने घोषणा करते हुए कहा कि, प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में अंग्रेजी मीडियम के सरकारी कॉलेज खोलने की बात कही है। प्रदेश में 3 वर्षों में जिलों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम आदर्श कॉलेज खोलने की बात सीएम बघेल ने कही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने CS को इसके लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
प्री इंजीनियरिंग तथा प्री मेडिकल प्रवेश परिक्षाओं की तैयारी हेतु अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों से 26 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित
कोरिया/आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री डी.डी. तिग्गा ने बताया कि आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा राज्य के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण, 100 अभ्यर्थी ( 64 अनुसूचित जनजाति, 36 अनुसूचित जाति ) जो ड्राप लेकर इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, ऐसे इच्छुक पात्र अभ्यर्थी 26 अगस्त 2022 सायं 05रू00 बजे तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र एवं विज्ञापन से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाईड www.tribal.cg.gov.in से अवलोकन एवं डाउनलोड किया जा सकता है तथा परीक्षा से संबंधित समस्त जानकारी यथा पात्र अभ्यर्थी, परीक्षा केंद्र, परीक्षा परिणाम, आदि की सूचना भी अभ्यर्थी विभागीय वेबसाईड से प्राप्त कर सकते हैं
राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई योजना शुरू की गई
अनुसंधान क्षमताओं को संरचित तरीके से बढ़ाने के लिए एक नई योजना शुरू की गई थी ताकि राज्य और निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अलावा इन विश्वविद्यालयों के अंतर्गत कार्यरत स्ववित्तीय संस्थानों में एक मजबूत आरएंडडी इकोसिस्टम बनाया जा सके।
स्टेट यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस (एसईआरबी-एसयूआरई) विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) की एक नई अभिनव योजना है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) का एक वैधानिक निकाय है। यह राज्य और निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए सहयोग को बढ़ावा दे सकता है।
एसईआरबी के अध्यक्ष और विज्ञान और प्रौद्योगिकी (डीएसटी) विभाग के सचिव डॉ. श्रीवरी चंद्रशेखर ने कार्यक्रम के शुभारंभ पर कहा, "नई योजना विश्वविद्यालय प्रणाली को मुख्य अनुसंधान में लाने में मदद करेगी और वहां के युवा संकाय को अत्याधुनिक अनुसंधान में भाग लेने में सक्षम बनाएगी जो अब तक ज्यादातर शिक्षण तक ही सीमित थी।" उन्होंने कहा कि नया कार्यक्रम, जो डेटा-संचालित सामाजिक विज्ञान अनुसंधान का भी समर्थन करेगा, हमारे विश्वविद्यालयों में अंतर्निहित क्षमता के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन होगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष, प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार ने कहा कि यह योजना राज्य विश्वविद्यालयों के संकायों को बहुत आवश्यक अनुसंधान अवसर प्रदान करेगी, जिनमें से 45 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। उन्होंने परियोजनाओं के प्रस्तावों, खरीद और प्रबंधन के बारे में लिखने और प्रस्तुत करने के लिए विश्वविद्यालयों के संकाय को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव के.एन.व्यास ने कहा, "चूंकि बड़ी संख्या में राज्य विश्वविद्यालय ग्रामीण पृष्ठभूमि में हैं, वे जमीनी स्तर के अनुसंधान में भी भाग ले सकते हैं जिससे स्थानीय उद्योग और स्थानीय किसानों को लाभ होगा और जमीनी स्तर की समस्याओं के लिए अभिनव समाधान की आवश्यकता होगी।"
एसईआरबी के सचिव प्रोफेसर संदीप वर्मा ने कहा, "इस योजना में, राज्य के विश्वविद्यालयों में अनुसंधान के वित्तपोषण को सुरक्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिता होगी, और राज्य शोध क्षमताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्नत करने के लिए विश्वविद्यालयों में अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर पेश करेंगे।"
इन संस्थानों में मौजूदा अनुसंधान क्षमताओं का विकास अनिवार्य है ताकि राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास इकोसिस्टम में योगदान की उम्मीद कर रहे सभी शोध छात्रों तक अनुसंधान उत्कृष्टता का क्षैतिज प्रसार सुनिश्चित हो सके। इससे वैज्ञानिक स्वभाव को बढ़ावा देने और एसईआरबी समर्थन के माध्यम से गुणवत्ता में वृद्धि को बढ़ावा मिल सकेगा।
एसईआरबी-एसयूआरई योजना विज्ञान, इंजीनियरिंग और मात्रात्मक सामाजिक विज्ञान के अग्रणी क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास करने के लिए, भारत भर में इन विश्वविद्यालयों के भीतर काम कर रहे स्व-वित्तपोषित संस्थानों सहित राज्य और निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से संबंधित सक्रिय शोधकर्ताओं को अनुसंधान सहायता प्रदान करती है
स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल-गैर शिक्षकीय पदों हेतु आयोजित दस्तावेज सत्यापन स्थगित
जशपुर नगर।जिला शिक्षा अधिकारी सह सदस्य सचिव स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालन प्रबंधन समिति जिला – जशपुर ( छ.ग. ) जे. के. प्रसाद ने बताया कि इस कार्यालय के पत्र क्रमांक / 9353 / उत्कृष्ट अंग्रेजी मा . / संविदा भर्ती / 2022-23 जशपुर , दिनांक 19.07 . 2022 के तहत स्वामी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों हेतु गैरशिक्षकीय पद सहायक ग्रेड -2,3 एवं भृत्य , चौकीदार के पदों का दस्तावेज सत्यापन तिथि 25.07.2022 से 28.07.2022 तक निर्धारित किया गया था ।
छत्तीसगढ़ अधिकारी / कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर 25 जुलाई 2022 से 29 जुलाई 2022 तक प्रदेशव्यापी सामूहिक हड़ताल जारी रहने की संभावना होने के कारण दिनांक 26 , 27 एवं 28 को भृत्य , चौकीदार के पदों का दस्तावेज सत्यापन की तिथि स्थगित किया जाता है । दस्तावेज सत्यापन की अगली तिथि की सूचना पृथक से दी जायेगी ।
पटना में मिली दीपंजनी ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से जाहिर की थी अच्छे स्कूल में पढ़ने की इच्छा, आज हो गए सपने पूरे’
दिल की मरीज रही बच्ची का हुआ महलपारा स्वामी आत्मानंद स्कूल में दाखिला, मिलेगी बेहतर शिक्षा’
बिटिया के लिए मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता पर माँ ने कहा सदैव रहेंगे आभारी’

कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के पटना में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट मुलाकात के लिए पहुंचे थे, जहां उन्हें ग्राम अमहर की बच्ची दीपंजनी मिली। जिसने अच्छे स्कूल में पढ़ने की इच्छा जाहिर की थी। आज बच्ची और उसके परिवार के सपने पूरे हुए। दीपंजनी अपने माता-पिता के साथ स्वामी आत्मानंद स्कूल महलपारा पहुंची जहां बच्ची का कक्षा चौथीं में दाखिला कराया गया।
गौरतलब है कि दीपंजनी के दिल में छेद था जिसका आपरेशन हुआ है। इसमें सरकार से मदद मिली थी। इलाज में घर से भी काफी पैसा लगा है। वह अच्छी जगह से पढ़ाई करना चाहती है लेकिन उसके माता पिता की आर्थिक स्थित ठीक नही होने के कारण यह सम्भव नही हो पा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने तत्काल बच्ची का एडमिशन स्वामी आत्मानंद स्कूल में करवाने के निर्देश दिए। जिसके परिपालन में आज बच्ची का एडमिशन पूरा हो गया। दीपंजनी अपने माता-पिता और भाई के साथ खुशी-खुशी स्कूल आयी।
दीपंजनी की माँ ने कहा कि आज मुख्यमंत्री श्री बघेल ने हमारी सारी चिंताएं दूर कर दी हैं। उन्होंने बच्ची की स्थिति को समझते हुए स्वामी आत्मानंद स्कूल में भर्ती के निर्देश दिये और जिला प्रशासन की पहल पर आज हमारी इच्छाएं पूरी हो गयी। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है और इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री बघेल के सदैव आभारी रहेंगे।
प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कक्षा 09वीं में प्रवेश हेतु सूची जारी...
कोरिया /आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि जिले में प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कक्षा 9वीं में चयनित विद्याथियों को प्रवेश हेतु विद्यालयवार सूची का विभागीय वेबसाईट https:tribal.cg.gov.in पर प्रकाशन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नीट टॉपर खुशी मेघानी को डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए 5 लाख रूपए स्वीकृत किए जाने के घोषणा की*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के नई लेदरी में विभिन्न समाज एवं संगठनों के पदाधिकारी सहित जनसामाजन्य से भेंट-मुलाकात के दौरान मेडिकल की छात्रा खुशी मेघानी को अध्ययन के लिए शासन की ओर से पांच रूपए स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। खुशी मेघानी आज मुख्यमंत्री से नई लेदरी में मुलाकात के दौरान बताया कि वह एम्स भोपाल में अध्ययनरत है। नीट में उन्होंने सेकण्ड रेंक हासिल की है, जिसके चलते एम्स भोपाल में मेडिकल शिक्षा के लिए एडमिशन मिला है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण कॉलेज की फीस और पढ़ाई प्रति वर्ष एक लाख रूपए का खर्च वहन करने में दिक्कत आ रही है। मुख्यमंत्री ने खुशी मेघानी की पढ़ाई के लिए मौके पर ही पांच लाख रूपए स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता पर खुशी मेघानी और उनके पालकों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने लैब में लिया बच्चों का वाइवा पूछे टाईट्रेशन और डिस्पर्सन पर सवाल, बच्चों ने अंग्रेजी मे समझाए एक्सपेरिमेंट
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज स्वामी आत्मानन्द अंग्रेजी स्कूल के फिजिक्स और केमिस्ट्री लैब में बच्चों से वाइवा लेने के अंदाज़ में रूबरू हुए। केमिस्ट्री लैब में उन्होंने आकांक्षा से टाईट्रेशन एक्सपेरिमेंट के बारे में सवाल पूछा। आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को टाईट्रेशन की विधि अंग्रेजी में समझाई । उसने कोनिकल फ्लास्क में बैंगनी पोटैसियम परमैग्नेट डाला जो कि ऑक्जेलिक एसिड के साथ क्रिया कर के रंगहीन हो गया।

मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को शाबाशी दी। वहीं फिजिक्स लैब में मुख्यमंत्री ने उमे हबीबा और हर्षित से लाइट डिस्पर्सन के सवाल पूछे। बच्चों ने दीवार और सफेद कागज़ पर सफेद प्रकाश को प्रिज़्म द्वारा सात रंगों में विभक्त कर के दिखाया। लैब में इंद्रधनुषी प्रकाश नज़र आया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को खूब पढ़ाई करने की नसीहत दी।
रामगढ़ पहुंचे CM... कन्या आश्रम में पढ़ने वाली शालिनी ने किया मुख्यमंत्री से सवाल...मुख्यमंत्री ने दिया जवाब....
DEO ने 16 शिक्षक और कर्मचारियों को किया बर्खास्त, स्कूल में फर्जी तरीके से स्टाफ भर्ती का मामला
दुर्ग : दुर्ग जिले में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में फर्जी तरीके से स्टाफ भर्ती का मामला सामने आया है। इस मामले में DEO ने 16 शिक्षक और कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर उन्हें बर्खास्त कर दिया है। फिलहाल जिला प्रशासन ने अभी तक इस मामले में शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। यह मामला एक साल पुराना है। पिछले साल जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों संविदा भर्ती निकाली गई थी। इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को नियमों को ताक में रखकर नियुक्ति दे दी गई थी। ये ऐसे लोग थे जो मंत्री, विधायक, सांसद और बड़े नेताओं व अधिकारियों के करीबी थे।












