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20 KM दूर जंगल में मिला लाश का राज़! नक्सली या कोई और...? बीजापुर में 27 वर्षीय युवक की सनसनीखेज हत्या
बीजापुर।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच एक 27 वर्षीय युवक की लाश मिली है, जिसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हत्या के पीछे नक्सलियों का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है, लेकिन घटनास्थल से कोई पर्चा नहीं मिलने के कारण सस्पेंस और भी गहरा गया है।
मृतक की पहचान सुरेश कोरसा (27 वर्ष), पिता लछु कोरसा, निवासी ग्राम मनकेली के रूप में हुई है। आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या पुलिस मुखबिरी के शक में की गई है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
बीजापुर कोतवाली पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इसे अज्ञात लोगों द्वारा की गई हत्या माना जा रहा है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है। विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है. उन्होंने कहा—
“छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी. यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी.
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा. इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें.”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ डोंग पिल पार्क से मुलाकात की. यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं.
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी. इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है. उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुंचाएं.
CM विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरियाई निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की संभावनाएं रखीं, KITA के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में हुई चर्चा
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं को प्रस्तुत किया। यह अवसर KITA (Korea International Trade Association) के साथ आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान आया।
सीएम साय ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की और बताया कि दक्षिण कोरियाई उद्योग जगत के साथ राज्य की प्रो-एक्टिव और विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल मानव संसाधन को प्रमुखता से रखा गया।
"छत्तीसगढ़ की यह विशेषताएं राज्य को वैश्विक निवेश और साझेदारी के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाती हैं," – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
स्टील से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक निवेश की संभावनाओं पर मंथन
मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में भारतीय राजदूत (दक्षिण कोरिया) से भी सार्थक चर्चा हुई, जिसमें स्टील, खनिज, इलेक्ट्रॉनिक्स, और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में संभावित द्विपक्षीय साझेदारी पर विशेष रूप से विचार किया गया।
इस दौरान सीएम ने छत्तीसगढ़ की ओर से विश्वसनीय, स्थिर और निवेश-हितैषी वातावरण का भरोसा भी दिलाया, जिससे दक्षिण कोरियाई कंपनियां राज्य में निवेश करने के लिए आकर्षित हो सकें।
क्यों खास है छत्तीसगढ़ निवेश के लिए?
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औद्योगिक नीति 2024–30: निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतिगत ढांचा
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प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धता: खनिज, वन संपदा और जल संसाधनों का भरपूर भंडार
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कुशल मानव संसाधन: स्थानीय श्रमिकों और तकनीकी संस्थानों की अच्छी उपस्थिति
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भौगोलिक स्थिति: देश के केंद्र में होने के कारण लॉजिस्टिक्स में सुविधा
मुख्यमंत्री साय की इस पहल को छत्तीसगढ़ में वैश्विक निवेश बढ़ाने और राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बस्तर में बाढ़ का कहर: 7 लोगों की मौत, 100 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा, 200 घर ढहे
दंतेवाड़ा/रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। दंतेवाड़ा जिले में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं, जहां अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
बारिश और बाढ़ की वजह से 200 से अधिक मकान ढह गए हैं, जबकि 2196 लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। जिले के पनेड़ा इलाके में नेशनल हाईवे पर पुल का अप्रोच बह जाने के कारण लगभग 20 घंटे तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा। पुल के दोनों ओर ट्रकों और बसों की लंबी कतारें लगी रहीं।
50 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, इंद्रावती-डंकनी नदी बनीं कहर की वजह
प्राकृतिक आपदा की इस विभीषिका में अब तक 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया, जिससे शंखनी और डंकनी नदियों का पानी नहीं निकल सका, और आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी भर गया।
डंकनी नदी का ऐसा उफान करीब 53 साल बाद देखने को मिला है। 1972 में आखिरी बार इस नदी ने इतना रौद्र रूप दिखाया था।
वायुसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन, 43 राहत शिविरों में मदद जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायुसेना भी राहत और बचाव कार्यों में जुट गई है। चार प्रभावित जिलों – दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर – में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को सुरक्षित रखा गया है।
राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि इन शिविरों में भोजन, चिकित्सा और आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश: "जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता"
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
"जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में कोई देरी न हो। सभी शिविरों में आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचें।"
नजर बनाए हुए हैं अधिकारी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और NDRF तथा SDRF की टीमें भी स्टैंडबाय पर हैं।
PSC घोटाले से बस्तर की बाढ़ तक: कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का सरकार पर तीखा हमला
रायपुर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने गुरुवार को प्रेस से बातचीत में राज्य की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए, बस्तर में बारिश से बिगड़े हालात, अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने से राज्य के निर्यात पर पड़ने वाले प्रभाव, और राजधानी रायपुर की पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर भी सरकार को घेरा।
PSC परीक्षाओं में घोटाले का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और पारदर्शिता की भारी कमी सामने आ रही है।
उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि PSC ने डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मचारियों और अपात्र शिक्षकों को उत्तरपुस्तिका जांचने का जिम्मा सौंपा है, जो बेहद आपत्तिजनक है।
“बिलासपुर PGBT कॉलेज के शिक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं – विद्याभूषण शर्मा, सलीम जावेद और वहां की प्रिंसिपल – उनके खिलाफ अब तक PSC की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है,” – दीपक बैज
उन्होंने कहा कि जब परीक्षक के नाम ही सार्वजनिक हो रहे हैं तो परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता कैसे बनी रह सकती है? उन्होंने PSC परीक्षा की CBI जांच की मांग की।
बस्तर में भारी बारिश से जनजीवन तबाह, सरकार मुआवजा दे – कांग्रेस
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर में हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों का संपर्क टूट चुका है, रास्ते बंद हैं और सैकड़ों घर ढह चुके हैं।
“लोगों के पास खाने को अनाज नहीं है, मवेशी बह गए हैं। सरकार के राहत कार्य कमजोर हैं। प्रभावितों को तत्काल मुआवजा, राशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए,” – दीपक बैज
अमेरिकी टैरिफ का छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा बड़ा असर
दीपक बैज ने अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाए जाने को छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य से अमेरिका को होने वाला निर्यात 95% तक प्रभावित होगा।
“गैर-बासमती चावल, तेंदूपत्ता, जड़ी-बूटी, जैविक कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, धातु कला, एल्युमिनियम आदि अब अमेरिका में महंगे हो जाएंगे। खरीदी घटेगी और बेरोजगारी बढ़ेगी,” – दीपक बैज
शांति नगर में ऑक्सीजोन की मांग, मॉल और होटल का विरोध
रायपुर की शांति नगर इरिगेशन कॉलोनी को तोड़कर मॉल और होटल बनाए जाने की खबरों पर बैज ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी में पहले से ग्रीनरी और सार्वजनिक स्थलों का अभाव है।
“सरकार को शांति नगर में ऑक्सीजोन या खेल मैदान बनाना चाहिए। यदि होटल या मॉल बनाना है, तो नया रायपुर इसके लिए बेहतर विकल्प है,” – दीपक बैज
नियमितीकरण पर हेल्थ मिनिस्टर जायसवाल का बड़ा बयान, NHM कर्मी है हड़ताल पर
रायपुर: प्रदेश भर में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। हजारों की संख्या में कर्मचारी राजधानी समेत जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का समाधान और सेवा शर्तों में सुधार शामिल हैं। आंदोलन के कारण कई अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं।
हालांकि इस बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि हड़ताल के बावजूद प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा, “सभी अस्पताल सुचारू रूप से काम कर रहे हैं, सेवाओं में कोई व्यवधान नहीं है।”
मांगों पर सरकार का रुख
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एनएचएम कर्मियों की कुछ प्रमुख मांगों को सरकार ने पहले ही स्वीकार कर लिया है। इनमें 22% वेतन वृद्धि, ट्रांसफर नीति का निर्माण और 30 दिनों का चिकित्सकीय अवकाश शामिल हैं।
लेकिन जहां तक नियमितीकरण (रेग्युलराइजेशन) की बात है, मंत्री जायसवाल ने इसे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय बताया। उन्होंने कहा, “यह मांग भारत सरकार की सहमति से ही पूरी हो सकती है।” इस बयान के साथ ही उन्होंने इस मुद्दे की गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी है।
आयुष्मान योजना के भुगतान पर भी स्पष्टता
मंत्री जायसवाल ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत भुगतान को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि, “राज्य के अस्पतालों को मार्च 2025 तक के सभी दावों का भुगतान किया जा चुका है। केवल उन्हीं बिलों का भुगतान लंबित है, जिन पर आपत्तियाँ हैं। आपत्तियों के निराकरण के बाद ही उनका भुगतान किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि 375 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है, और जल्द ही 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी जारी की जाएगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि “प्रदेश के किसी भी निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं बंद नहीं की गई हैं। इलाज सामान्य रूप से जारी है।”
झारखंड के दो कारोबारी को CG EOW ने लिया ट्रांजिट रिमांड पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक और बड़ा एक्शन लिया है. झारखंड की जेल में बंद आरोपियों अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है. दोनों आरोपी ओम साईं बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसी की टीम उन्हें झारखंड से लेकर रवाना हो चुकी है और शुक्रवार को इन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा.
OMG! बेगूसराय में महिला और बच्चे के ऊपर से गुजरा गई मालगाड़ी, यहां देखिये दिल की धड़कने थाम देने वाला VIDEO
ट्रेन हादसों में आए दिन कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं। लेकिन कई बार ऐसे हादसे सामने आते हैं, जिनमें लोगों की जान बच जाती है। ऐसा ही एक मामला बिहार के बेगूसराय से सामने आया है। यहां एक महिला और उसका बच्चा ट्रेन के नीचे सो गए और पूरी मालगाड़ी उनके ऊपर से गुजर गई।
बस्तर में बड़ी सफलता: बीजापुर में 81 लाख के इनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, CM साय बोले- पुनर्वास नीति और नेल्ला नार योजना का असर
रायपुर/बीजापुर:
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से नक्सल मोर्चे पर बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षा बलों और राज्य सरकार की रणनीति को बड़ी कामयाबी मिली है, जहां बुधवार को 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 20 इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर कुल 81 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुख्यधारा में लौटे हथियारबंद माओवादी:
बीजापुर के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नक्सलियों ने औपचारिक रूप से हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने सरकार की पुनर्वास नीतियों, विकास योजनाओं और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई को आत्मसमर्पण का प्रमुख कारण बताया।
सीएम साय ने बताया बड़ी सफलता:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटनाक्रम को बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया। उन्होंने कहा:
“नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की सटीक कार्रवाई का ही परिणाम है कि अब नक्सली हथियार छोड़कर विकास की राह पर लौट रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है।”
नक्सल संगठन कमजोर, बस्तर की तस्वीर बदल रही:
सीएम साय ने यह भी दावा किया कि राज्य में नक्सल संगठन अब लगातार कमजोर हो रहे हैं और बस्तर अब शांति और विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र की "डबल इंजन सरकार" का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाए।
क्या है ‘नियद नेल्ला नार’ योजना?
इस योजना के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, रोजगार, और सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिससे वे सामान्य जीवन में लौट सकें। सरकार की यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास की बहाली की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
सुरक्षा बलों की रणनीति रंग ला रही
बीते कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में लगातार नक्सलियों के आत्मसमर्पण की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे संकेत मिलता है कि माओवादी संगठनों का मनोबल टूट रहा है और वे अब सरकार की योजनाओं पर भरोसा जताने लगे हैं।
यह आत्मसमर्पण सिर्फ 30 लोगों का नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद का संकेत है। यह स्पष्ट संदेश है कि बंदूक की जगह अब विकास और भरोसे की भाषा सुनी जा रही है।
बड़ी खबर: रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का निधन, 93 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
रायपुर, छत्तीसगढ़:
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद दुखद समाचार सामने आया है। रायपुर की पहली महिला विधायक और वरिष्ठ समाजसेवी रजनी ताई उपासने का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
राजनीति में रचा था इतिहास (1977):
रजनी ताई उपासने ने 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर रायपुर सीट से जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। उन्होंने उस समय कांग्रेस की शारदा चरण तिवारी को हराया था। इसी जीत के साथ वे रायपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनी जाने वाली पहली महिला विधायक बनीं। राजनीति में आने से पहले भी वे जनसंघ की सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में विख्यात थीं और अनेक सामाजिक व राजनैतिक आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सिर्फ नाम नहीं, प्रेरणा थीं रजनी ताई:
46 वर्ष की उम्र में विधायक बनने वाली रजनी ताई उपासने ने राजनीति में अपनी सादगी, सेवा भावना और समर्पण के बल पर एक अलग पहचान बनाई। हैरानी की बात यह है कि रायपुर शहर की लोकतांत्रिक राजनीति में अब तक सिर्फ एक बार किसी महिला को विधायक बनने का अवसर मिला है, और वह नाम रजनी ताई उपासने का ही रहा।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक:
उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक जगत से लेकर सामाजिक संगठनों तक शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया है।
समर्पित जीवन का अंत:
रजनी ताई उपासने का पूरा जीवन समाजसेवा, संघर्ष और नारी सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा। वे उन विरली महिलाओं में शामिल थीं जिन्होंने उस दौर में राजनीति में सक्रिय होकर नई राह दिखाई, जब महिलाओं की भागीदारी सीमित मानी जाती थी।
श्रद्धांजलि:
"छत्तीसगढ़ की राजनीति की सादगी और संघर्ष की प्रतीक थीं रजनी ताई उपासने। उनका जाना एक युग का अंत है।"
भाई बना अपहरणकर्ता: चचेरे भाई का किया अपहरण, 10 लाख की फिरौती की थी योजना, पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा
जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़):
लगरा गांव से लापता हुए 8 वर्षीय मासूम के अपहरण की गुत्थी को पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझाते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि बच्चे के ही चचेरे भाई ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दिया था। जमीन विवाद और पैसों के लालच में यह साजिश रची गई थी।
अपहरण की कहानी:
25 अगस्त को मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम लगरा से एक 8 साल का बच्चा लापता हो गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया और बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर टीम ने गांव के भीतर व बाहर सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।
संदेह की सुई चचेरे भाई पर:
जांच के दौरान पुलिस को एक टेम्पो ट्रैक्स वाहन (सीजी 11 बीएन 0720) की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जो लापता बालक के चचेरे भाई राहुल टंडन का था। पूछताछ में शुरू में राहुल ने खुद को पुलिस का सहयोगी दिखाने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और उसके बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस को शक गहरा गया।
रची थी 10 लाख की फिरौती की साजिश:
कड़ाई से पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि उसने जमीन विवाद और पैसों की लालच में आकर अपहरण की साजिश रची थी। उसने अपने दो दोस्तों – प्रशांत मैना और उमेश दिवाकर उर्फ ननकी – के साथ मिलकर बच्चे को अगवा किया। फिरौती की रकम 10 लाख रुपये तय की गई थी, जिसे तीनों में बांटने की योजना थी।
ऐसे दिया घटना को अंजाम:
राहुल ने मासूम को घुमाने के बहाने बुलाया और उसे नावागांव तालाब के पास ले जाकर अपने साथियों को सौंप दिया। वहां से वे किराए के वाहन (CG 11 BH 3441) में बच्चे को लेकर पेड्रा रोड के जंगल की ओर निकल गए। योजना के अनुसार, राहुल खुद को निर्दोष दिखाते हुए घर लौट आया और पुलिस की पूछताछ में सहयोगी बनने का नाटक करने लगा।
पुलिस की सतर्कता से बची बड़ी अनहोनी:
पुलिस की टीम ने जब पूरी घटना की परतें खोलीं तो यह चौंकाने वाला मामला सामने आया। अंततः पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिवार को सौंप दिया।
गिरफ्तार आरोपी:
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राहुल टंडन, पिता शिवचरण टंडन, उम्र 25 वर्ष, निवासी लगरा
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प्रशांत कुमार मैना, पिता अभिमन्यु मैना, उम्र 19 वर्ष, निवासी खपरी
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उमेश दिवाकर उर्फ ननकी, पिता संतू दिवाकर, उम्र 19 वर्ष, निवासी खपरी
पुलिस की तत्परता की सराहना:
जांजगीर-चांपा पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ से न केवल एक मासूम की जान बची, बल्कि अपहरण जैसी बड़ी साजिश का भी पर्दाफाश हुआ। यह मामला इस बात की मिसाल है कि आपराधिक सोच रखने वाले चाहे जितनी भी चालाकी से अपराध करें, कानून की नजर से बच नहीं सकते।
उद्योग मंत्री देवांगन के विशेष प्रयास से कोरबा में एल्युमिनियम पार्क का मार्ग प्रशस्त, ज़मीन हस्तांतरित हेतु जनरेशन कंपनी की बोर्ड से मिली हरी झंडी
कोरबा को व्यावसायिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के दिशा में नगर विधायक कोरबा वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम और आबकारी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से बहुप्रतीक्षित एल्युमिनियम पार्क का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्पादन कंपनी के बोर्ड की हुई बैठक में पूर्व सयंत्र के ज़मीन हस्तांतरित हेतु हरी झंडी मिल गई है।
छत्तीसगढ़ से रामलला दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की विशेष ट्रेन रवाना
छत्तीसगढ़ सरकार की ‘रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना हुई। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध शिकारियों पर शिकंजा, एक आरोपी गिरफ्तार, 12 फरार
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बलौदाबाजार वनमण्डल द्वारा अवैध शिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। सिमगा परिक्षेत्र अंतर्गत कचलोन बीट में प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्यवाही में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 12 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
अति वृष्टि से बाधित एनएच मार्ग का मरम्मत कार्य जारी, प्रभारी मंत्री केदार कश्यप सहित आला अधिकारी पहुंचे निरीक्षण हेतु
दंतेवाड़ा जिले में बीती रात हुई भारी वर्षा के कारण विकासखंड गीदम अंतर्गत ग्राम बागमुंडी-पनेड़ा क्षेत्र में स्थित नाले पर पुल का एक हिस्सा ढह जाने से जगदलपुर-दंतेवाड़ा-बीजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तत्काल युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।
सियोल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण भेंट, छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं।
"MP ले जाई जा रही थी 30 किलो 'हरियाली मौत'! CG पुलिस ने कार से पकड़ी 4.5 लाख की नशे की खेप—तीन गिरफ्तार
महासमुंद (छत्तीसगढ़)।
नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में महासमुंद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कोमाखान थाना पुलिस ने सोमवार देर रात 30 किलो गांजे की तस्करी का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की कीमत करीब 4.5 लाख रुपए आंकी गई है।
???? कैसे हुआ खुलासा?
कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा से गांजा लाकर एक कार के जरिए मध्यप्रदेश भेजा जा रहा है।
थाना प्रभारी ने तत्काल टीम गठित कर टेमरी नाका पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग शुरू करवाई।
जांच के दौरान MP नंबर की डिजायर कार (MP 16 JZ 5735) को रोका गया। तलाशी में कार की डिक्की से दो बोरियों में भरा 30 किलो गांजा बरामद हुआ।
????♂️ गिरफ्तार आरोपी:
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कल्लू उर्फ कुलदीप यादव (38), निवासी झांसी, उत्तरप्रदेश
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अभिषेक राय (40), निवासी छतरपुर, मध्यप्रदेश
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पीयूष कुमार (41), निवासी छतरपुर, मध्यप्रदेश
इनके पास से:
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30 किलो गांजा
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डिजायर कार
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4 मोबाइल फोन
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₹5,000 नकद
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दस्तावेज़ (कार कागजात, इंश्योरेंस, पैन कार्ड) बरामद किया गया।
????️♂️ पूछताछ में क्या निकला?
आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने गांजा ओडिशा के बालीगुड़ा से 'राधे' नाम के व्यक्ति से खरीदा।
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इसके लिए ₹1 लाख नकद दिया गया था।
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योजना थी गांजे को MP के छतरपुर ले जाकर छोटे पैकेट बनाकर मोहल्लों में बेचना।
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पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से तस्करी से जुड़े हैं।
⚖️ कानूनी कार्रवाई:
तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस अब गांजा सप्लाई चेन को खंगाल रही है—बालीगुड़ा से लेकर छतरपुर तक जुड़े लोगों की तलाश जारी है।
???? तस्करी का बढ़ता नेटवर्क
छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा गांजा तस्करों के लिए हॉटस्पॉट बन चुकी है।
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बालीगुड़ा, मलकानगिरी और कंधमाल जैसे इलाके गांजा उत्पादन के लिए बदनाम हैं।
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वहां से गांजे की खेप MP, UP, और CG के शहरों में सप्लाई होती है।
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शहरों में पैकेटिंग कर नशा युवाओं तक पहुंचाया जाता है, जिससे अपराध भी बढ़ रहे हैं।
???? पुलिस का अलर्ट
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करें।
अगर किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो गोपनीय तरीके से सूचित करें।
चक्रधर समारोह 2025 का शुभारंभ आज से: मंच पर गूंजेगा कुमार विश्वास का काव्य, राज्यपाल रमेन डेका करेंगे उद्घाटन!
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी रायगढ़ एक बार फिर से संगीत, नृत्य और कविता के रंग में रंगने जा रही है। 40वें चक्रधर समारोह का भव्य शुभारंभ आज, 27 अगस्त को शाम 7 बजे रामलीला मैदान में होगा।
इस प्रतिष्ठित आयोजन का उद्घाटन राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे। वहीं पहले दिन का मुख्य आकर्षण रहेंगे देश के लोकप्रिय कवि डॉ. कुमार विश्वास, जो अपनी ओजस्वी और भावनात्मक कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देंगे।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि चक्रधर समारोह 2025 की सभी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं।
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समारोह का आयोजन 27 अगस्त से 5 सितम्बर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे होगा।
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स्थानीय लोक कलाकार शाम 5 से 6:30 बजे तक अपनी प्रस्तुति देंगे।
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5,000 से अधिक क्षमता वाली दर्शकदीर्घा तैयार की गई है।
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कार्यक्रम का सीधा प्रसारण टीवी चैनलों पर भी किया जाएगा।
समारोह की पहली संध्या:
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शुभारंभ गणेश वंदना से होगा, जिसे स्व. वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
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फिर दिल्ली के पं. राजेन्द्र गंगानी कथक नृत्य से मंच को जीवंत करेंगे।
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डॉ. कुमार विश्वास की कविताओं से समारोह भावनाओं के चरम पर पहुंचेगा।
संस्कृति मंत्रालय के इंपैनल्ड लोक कलाकारों के साथ-साथ दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केंद्र के कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी पहली बार इस मंच की शोभा बढ़ाएंगी।
जनसाधारण से अपील:
कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर रायगढ़ की इस सांस्कृतिक पहचान को गौरव प्रदान करें।
बस्तर घूमने आए थे, लौटे नहीं... बाढ़ में बह गई कार, एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत!
जगदलपुर (छत्तीसगढ़)। बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एनएच-30 पर दरभा के पास बाढ़ के पानी में बह गई कार, जिसमें सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में पति, पत्नी और दो बच्चे शामिल हैं, जो तमिलनाडु से बस्तर घूमने आए थे। ये सभी एक स्विफ्ट डिजायर कार में सवार थे।
तेज बहाव बना काल
घटना के समय क्षेत्र में भारी बारिश के चलते सड़क पर तेज बहाव था। कार का ड्राइवर बहाव को पार करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कार संतुलन खो बैठी और बह गई। ड्राइवर ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन परिवार के चार सदस्य पानी में फंस गए।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद देर रात कार से चारों शवों को निकाला गया।
एडिशनल एसपी महेश्वर नाग ने घटना की पुष्टि की है। शवों को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पर्यटन बना मातम
परिवार छुट्टियां मनाने और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने बस्तर आया था, लेकिन एक लापरवाही और मौसम की मार ने सब कुछ छीन लिया। यह घटना एक बड़ी चेतावनी भी है कि बारिश के मौसम में अनजान क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
पुलिस चौकी के सामने ही बवाल! कार-बाइक भिड़ी... युवक चढ़ा कार पर, डंडे लेकर घेराव—वीडियो वायरल
कोरबा (छत्तीसगढ़)।सीएसईबी चौकी के ठीक सामने उस वक्त अफरातफरी मच गई जब हिंदू संगठन के सदस्य और एक कार चालक के बीच जोरदार विवाद हो गया। मामूली टक्कर से शुरू हुआ मामला धीरे-धीरे हंगामे में तब्दील हो गया और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्या हुआ था?
हिंदू संगठन के सदस्य सोशल मीडिया पर की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायत दर्ज कराने चौकी पहुंचे थे। उसी दौरान चौकी के सामने एक कार और बाइक की टक्कर हो गई। इस घटना से विवाद शुरू हो गया।
कुछ युवक कार के पास पहुंचे, उसे घेर लिया और एक युवक तो कार की छत पर चढ़ गया। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग हाथों में डंडे लेकर खड़े हैं और माहौल बेहद तनावपूर्ण है।
पुलिस की प्रतिक्रिया:
सीएसईबी चौकी प्रभारी भीमसेन यादव ने बताया कि,
“आपत्तिजनक पोस्ट के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मारपीट की कोई अलग से शिकायत नहीं मिली है।”
पुलिस अब पोस्ट करने वाले युवक की तलाश कर रही है।
वायरल वीडियो से उभरे सवाल
वायरल वीडियो में दिख रहे दृश्य कई सवाल खड़े कर रहे हैं—
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कानून के रखवालों के सामने ही हंगामा क्यों?
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सड़क विवाद को हिंसा में क्यों बदला गया?
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सोशल मीडिया पर पोस्ट की जांच से पहले इस तरह की भीड़ क्या उचित है?











