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अभियोजन अधिकारियों को नवीन कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण
नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन के सभागार में आज अभियोजन अधिकारियों को नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं। भारत ने प्राचीन काल से ही लोकतंत्र की भावना को आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभाएं लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। यही माध्यम है जिससे जनता की आकांक्षाएं शासन की नीतियों में बदलती हैं। डॉ. सिंह आज नई दिल्ली में ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में ‘भारत लोकतंत्र की जननी‘ विषय पर सम्बोधित कर रहे थे।
ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में पंचायते जीवित इकाई के रूप में कार्य करती हैं। पंचायतों में सामूहिक निर्णय के माध्यम से विवादों का समाधान चर्चा से होता था। पंचायतीराज की यह परंपरा आज भी लोकतंत्र की रीढ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1946 में गठित संविधान सभा लोकतंत्र का अनुपम उदाहरण है।
गौरतलब है कि यह सम्मेलन वीर विठ्ठल भाई पटेल प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर के जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ आज केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने दिल्ली में किया। इस सम्मेलन में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में भारत के कई राज्यों की विधानसभा के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रही तीजा-पोरा की धूम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर प्रदेशभर से आई माताओं-बहनों का किया गया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नारी शक्ति के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ावा मिल रहा है: उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव






मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। साव ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।

उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद मती सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्म मती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक सुनील सोनी, इंद्र कुमार साव, अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष मती मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय वास्तव, रायपुर की महापौर मती मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी
तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।
महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका मती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।
ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।
महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह
कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईं
महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।
कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।
महिला कारोबारी से 50 लाख की ठगी, दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
रायगढ़। नाबार्ड योजना के तहत 6 करोड़ के प्रोजेक्ट का झांसा देकर जांजगीर चांपा की महिला कारोबारी अनिता साहू से 50 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। दो आरोपियों ने फर्जी टेंडर दिखाकर भरोसा दिलाया कि कंपनी को प्रोजेक्ट दिलवाएंगे।
मुख्य आरोपी रंजीत चौहान को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब उसके साथ संलिप्त दूसरे आरोपी सुदीप मंडल को भी पुलिस ने दबोच लिया है। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, अनिता साहू महानदी एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी चलाती हैं, जो किसानों को खाद, बीज और दवा उपलब्ध कराती है। रंजीत चौहान ने नाबार्ड योजना के तहत कंपनी को 6 करोड़ का प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा दिया और 50 लाख रुपए असीम कृपा फाउंडेशन के खाते में जमा करने को कहा।
फर्जी चेक और झूठे वादों में फंसकर अनिता ने किस्तों में 50 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि चेक बाउंस हो चुका है और खाता बंद है। जब अनिता ने शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने मई में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था और अब उसके साथी को भी हिरासत में लिया गया है।
CM साय ने टोक्यो के लिटिल इंडिया पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया
रायपुर/जापान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुंचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि बापू का शांति और सद्भाव का अमर संदेश केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
जापान में निवेश और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से छत्तीसगढ़ की वैश्विक साझेदारी को मजबूती
मुख्यमंत्री साय ने जापान प्रवास के दौरान JETRO के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें छत्तीसगढ़ में निवेश, तकनीकी सहयोग और आधारभूत विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों, स्टार्टअप्स को मिले समर्थन और रोजगार सृजन पर जोर दिया।
साथ ही, उन्होंने टोक्यो में आयोजित “Deep Space – To the Moon and Beyond” अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए महत्वपूर्ण है, जो राज्य को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था से जोड़ेगा।
जापान में बसे भारतीय समुदाय से बातचीत में मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ में निवेश और विकास के अवसरों से अवगत कराया, जबकि भारतीय समुदाय ने राज्य और जापान के बीच मजबूत संबंध बनाने का आश्वासन दिया।
महात्मा गांधी का शांति और सद्भाव का अमर संदेश पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत: CM विष्णुदेव साय
रायपुर/जापान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ जाकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ‘लिटिल इंडिया’ में स्थित गांधी जी की यह प्रतिमा भारत-जापान के मैत्रीपूर्ण संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय के साथ प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण भी उपस्थित थे।
रायपुर पुलिस ने कबीर नगर क्षेत्र में 100 सदस्यीय टीम के साथ छापेमारी, 1 आरोपी गिरफ्तार, 20 से अधिक के खिलाफ कार्यवाही
रायपुर: तड़के सुबह 5 बजे रायपुर पुलिस ने कबीर नगर क्षेत्र में एक बड़ी छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्यवाही में लगभग 100 सदस्यीय पुलिस टीम ने अपराधों की रोकथाम, नशे के कारोबार पर नकेल कसने और सुरक्षा-शांति बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक कार्रवाई की।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम डी.आर. पोर्ते के नेतृत्व में नगर पुलिस अधीक्षक आजाद चौक ईशु अग्रवाल, थाना प्रभारी कबीर नगर समेत आजाद चौक, आमानाका, सरस्वती नगर थानों, एंटी क्राइम और साइबर यूनिट तथा रक्षित केंद्र की टीम ने कबीर नगर क्षेत्र के हीरापुर, वीरसावरकर नगर, आर.डी.ए कालोनी सहित आसपास के इलाकों में छापेमारी की।
कार्यवाही के दौरान चिट्टा हेरोईन की बिक्री, खरीद और सप्लाई में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। साथ ही कालोनियों में रहने वाले व्यक्तियों और किरायेदारों का सत्यापन कर बाहर से आए लोगों से पूछताछ की गई। 20 से अधिक संदिग्ध और अपराधिक प्रवृत्ति के आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने जनता को नशे से दूर रहने और नशे के कारोबार के खिलाफ जागरूक रहने का आह्वान भी किया।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री की जानकारी नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर दें:
???? 9479216156, 9479211933, 1933
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
बस्तर के उज्ज्वल सितारे अविनाश तिवारी से टोक्यो में मिले CM विष्णुदेव साय
रायपुर/जापान। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने टोक्यो प्रवास के दौरान बस्तर के प्रतिष्ठित सपूत और जापान की BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की।
अविनाश तिवारी, जो तोकापाल, बस्तर के निवासी और नवोदय विद्यालय बारसूर, दंतेवाड़ा के पूर्व छात्र हैं, आज जापान की एक बड़ी कंपनी में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस मुलाकात को अत्यंत विशेष और गर्व का अवसर बताया।
अविनाश तिवारी ने अपनी प्रेरक यात्रा साझा करते हुए छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, उद्योगों के लिए आधारभूत संरचना और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “प्रदेश का यह सपूत विश्व पटल पर बस्तर के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहा है। ऐसे प्रतिभाशाली युवा छत्तीसगढ़ के विकास में अहम योगदान देंगे।”
यह मुलाकात छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाओं और वैश्विक मंच पर उनके योगदान की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
गोबरा नवापारा में सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत, ट्रक से टकराने से हुआ दर्दनाक हादसा
रायपुर। गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बाइक पर सवार दोनों दोस्त अपने गांव नवागांव लौट रहे थे, तभी अंधेरे में सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई। इस भीषण टक्कर में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, नवागांव के निवासी डेमन साहू (40 वर्ष) और जितेंद्र ध्रुव (40 वर्ष) दोनों अच्छे दोस्त थे। वे किसी काम से दूसरे गांव गए थे और रात लगभग 9:15 बजे वापस घर लौट रहे थे। हादसा नवागांव-रायपुर रोड पर नवागांव से करीब 1 किलोमीटर दूर हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक लोहे की छड़ें लेकर सड़क किनारे खड़ा था, लेकिन ड्राइवर ने अंधेरे में किसी भी तरह का कोई संकेतक (जैसे रिफ्लेक्टर या सिग्नल) नहीं लगाया था। तेज रफ्तार में आ रही बाइक पर सवार दोनों युवकों को यह ट्रक दिखाई नहीं दिया और वे ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गए। टक्कर के कारण दोनों के सिर फट गए और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
बस्तर से टोक्यो तक: अविनाश तिवारी से मिले CM साय, छत्तीसगढ़ में बड़े औद्योगिक निवेश की खुली संभावनाएं!
टोक्यो में BOYES & MOORES कंपनी के डायरेक्टर और बस्तर के लाल अविनाश तिवारी के साथ CM साय की सकारात्मक मुलाकात, उद्योग स्थापना को लेकर हुई गंभीर चर्चा
रायपुर/टोक्यो।जापान प्रवास पर गए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर निवासी अविनाश तिवारी से मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल सौहार्दपूर्ण रही, बल्कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना को लेकर बेहद उत्साहजनक चर्चा भी हुई।
छत्तीसगढ़ में निवेश की मजबूत ज़मीन
मुख्यमंत्री साय ने कंपनी प्रतिनिधियों और अविनाश तिवारी को बताया कि छत्तीसगढ़ में:
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निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां
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मजबूत औद्योगिक आधारभूत ढांचा
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और सरकार की पूर्ण सहयोग प्रणाली पहले से ही तैयार है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उद्योगों के लिए उभरता हुआ गंतव्य बन चुका है, जहां स्थानीय संसाधनों और मानव संसाधन की भी भरपूर उपलब्धता है।
बस्तर का गौरव, जो बना अंतरराष्ट्रीय पहचान
अविनाश तिवारी, जो मूल रूप से बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र से हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, आज जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड स्तर पर कार्यरत हैं।
उनके पिता, डॉ. सुरेश तिवारी, एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, जिनकी सादगी और शिक्षाप्रेम ने अविनाश को इस मुकाम तक पहुँचाया।
CM साय का विश्वास और गर्व
मुख्यमंत्री साय ने इस मुलाकात के बाद कहा:
"बस्तर की मिट्टी से निकले अविनाश जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की सहभागिता से छत्तीसगढ़ में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
यह गर्व की बात है कि अब ऐसे युवा राज्य के विकास में भी अपना योगदान देने को तैयार हैं।"
आगे क्या?
इस मुलाकात को छत्तीसगढ़ में जापानी निवेश की दिशा में एक मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। संभावना है कि आने वाले महीनों में जापान से उद्योगों की स्थापना को लेकर और ठोस प्रगति देखने को मिलेगी।
सुकमा की पहाड़ियों में नक्सलियों का खुफिया जखीरा! कंट्रीमेड रायफल से लेकर 480 आयरन क्लैंप तक – जवानों की सर्च ऑपरेशन में बड़ी सफलता
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक बड़ा खुफिया डंप बरामद करने में सफलता मिली है। यह डंप नक्सलियों ने गुप्त रूप से कोईमेंटा पहाड़ी में छिपाकर रखा था।
सूत्रों के अनुसार, 23 अगस्त को मेट्टागुड़ा कैंप से निकली 203 कोबरा बटालियन, 241 बस्तर बटालियन (सीआरपीएफ) और जिला बल की संयुक्त टीम को यह कामयाबी मिली।
???? क्या-क्या मिला डंप से?
बरामद सामग्री की सूची चौंकाने वाली है:
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कंट्रीमेड रायफल
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बीजीएल लांचर और उसका बैरल
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टूटा हुआ UAV नेत्रा प्रोपेलर
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इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग मशीन
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बेंच वाइस और स्टील पाइप
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480 भारी आयरन क्लैंप
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47 पोल एंगलर (8 किलो वजनी)
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45 लोहे के बेस प्लेट (2 किलो वजनी)
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7 लोहे की छड़
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काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच
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इन्वर्टर बैटरी (टूटी हुई)
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20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर
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इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड
इसके अलावा, 35 ग्राउंड सपोर्टर, विभिन्न आकार के क्लैंप्स और एक टी-टाइप क्लैंप भी बरामद हुए हैं।
????️ सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से टला बड़ा खतरा
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के साथ आमना-सामना नहीं हुआ, लेकिन जिस विस्फोटक और तकनीकी सामान की बरामदगी हुई है, उससे साफ है कि नक्सली किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे।
सुरक्षाबलों ने यह कार्रवाई ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा, दारेली और आस-पास के क्षेत्रों में की। यह अभियान सटीक खुफिया सूचना के आधार पर अंजाम दिया गया।
???? क्यों है यह बरामदगी महत्वपूर्ण?
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इस डंप में तकनीकी और इलेक्ट्रिकल सामान की मौजूदगी से अंदेशा है कि नक्सली IED और अन्य विस्फोटक उपकरण तैयार करने की फिराक में थे।
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UAV के प्रोपेलर और वेल्डिंग मशीनें यह दर्शाती हैं कि वे हाई-टेक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
???? जवानों की सतर्कता ने एक और बड़ा हमला रोका
इस ऑपरेशन ने न केवल एक बड़ा खतरनाक जखीरा जब्त किया, बल्कि संभावित जवानों या नागरिकों पर होने वाले हमले को भी नाकाम किया। सुकमा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
CM साय ने चढ़ाई जापानी बुलेट ट्रेन, बोले – भारत भी तेज़ी से दौड़ रहा है भविष्य की पटरी पर!
टोक्यो से ओसाका तक की हाई-स्पीड यात्रा के बाद दिया बड़ा बयान – 'वंदे भारत ट्रेन देश की आधुनिक पहचान बन चुकी है'
रायपुर/जापान।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापान यात्रा के दौरान वहां की प्रसिद्ध बुलेट ट्रेन में सफर किया। उन्होंने टोक्यो से ओसाका तक की यह हाई-स्पीड यात्रा की, जो विश्वभर में तेज़ गति और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक मानी जाती है।
इस यात्रा के बाद सीएम साय ने कहा:
"पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत भी बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेज़ी से काम कर रहा है। वंदे भारत ट्रेनें देश की प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान बन चुकी हैं।"
उन्होंने जापान के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा, समयबद्धता और तकनीकी कुशलता की सराहना की और कहा कि भारत भी इसी दिशा में अग्रसर है।
भारत में भी बुलेट स्पीड की तैयारी
भारत में भी मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से जारी है। पीएम मोदी और जापानी सहयोग से इस परियोजना को आकार दिया जा रहा है।
वहीं, देशभर में वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार हो रहा है, जिससे तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का सपना साकार हो रहा है।
जापान दौरे का अहम मकसद
सीएम साय का जापान दौरा केवल तकनीकी विज़िट नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के विस्तार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 6 सितंबर तक जेल में रहेंगे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। आज ईडी की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद चैतन्य को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में अगली सुनवाई अब 6 सितंबर को होगी।
ED की कार्रवाई और कोर्ट की सुनवाई
चैतन्य बघेल की ओर से बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि ईडी ने कोर्ट में 14 दिन की न्यायिक रिमांड की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले 19 अगस्त को विशेष अदालत ने चैतन्य को 5 दिन की ईडी कस्टडी में भेजा था, जिसमें पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए।
ईडी ने चैतन्य को 18 जुलाई, उनके जन्मदिन के दिन धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था।
क्या हैं आरोप?
ईडी की जांच के अनुसार, चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से ₹16.70 करोड़ की अवैध कमाई (POC) प्राप्त हुई थी, जिसे उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के माध्यम से खपाया। उन्होंने इस रकम का उपयोग नकद भुगतान, बैंक एंट्रीज़ और फ्लैट खरीद जैसे माध्यमों से अपने प्रोजेक्ट “विठ्ठलपुरम” में किया।
ईडी का दावा है कि चैतन्य ने यह लेन-देन व्यवसायी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर किया, और शराब सिंडिकेट से प्राप्त रकम को कर्मचारियों के नाम पर फ्लैट खरीद की आड़ में छिपाया गया। बैंकिंग ट्रेल से यह भी स्पष्ट हुआ है कि त्रिलोक सिंह को शराब सिंडिकेट से भुगतान मिला था।
1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का प्रबंधन
जांच में यह भी सामने आया है कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति (POC) को विभिन्न माध्यमों से ट्रांसफर और निवेश करने में भूमिका निभाई। वह कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को यह राशि पहुंचाने में अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे थे। इस अवैध धन का अंतिम उपयोग अभी जांच का विषय है।
पहले से गिरफ्तार हैं कई बड़े नाम
इस मामले में पहले ही कई प्रभावशाली लोग गिरफ्त में आ चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:
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पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा
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शराब कारोबारी अनवर ढेबर
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व्यवसायी त्रिलोक सिंह ढिल्लों
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आईटीएस अरुण पति त्रिपाठी
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पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा
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और अन्य अधिकारी
चैतन्य ने गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज करते हुए पहले हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह दी। इसके बाद चैतन्य ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर 12 अगस्त को सुनवाई हुई और ED को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब देने को कहा गया है।
जेल में सुविधाओं को लेकर कोर्ट के निर्देश
चैतन्य के वकील ने कोर्ट में शिकायत की कि जेल में उन्हें पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। इस पर अदालत ने जेल अधीक्षक को निर्देश जारी किए हैं।
कांकेर में साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़: 90 लाख की संदिग्ध राशि उजागर, दो आरोपी गिरफ्तार
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा करीब 90 लाख रुपये की संदिग्ध राशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय से प्राप्त साइबर क्राइम पोर्टल की इनपुट के आधार पर की गई।
कैसे हुआ खुलासा?
जांच के दौरान पाया गया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, शाखा कांकेर के खाता क्रमांक 10181380466 में धोखाधड़ी से अर्जित रकम को अवैध रूप से जमा किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी यह जानते हुए भी इस खाते का उपयोग कर रहे थे कि इसमें साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि जमा है।
पुलिस ने इस खाते से जुड़े म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) की भी पहचान शुरू कर दी है और कई खातों को फ्रीज करा दिया गया है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
गिरफ्तार आरोपी
कांकेर थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
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अमन पासवान (30 वर्ष), पिता श्रीराम पासवान, निवासी पंखाजुर, थाना पंखाजुर।
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सुजित मजुमदार (38 वर्ष), पिता सुधीर मजुमदार, निवासी गढ़चिरौली, महाराष्ट्र।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस पूरे मामले में थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 305/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा
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317(2) – अवैध लाभ अर्जित करने हेतु तकनीकी साधनों का उपयोग,
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317(4) – वित्तीय धोखाधड़ी,
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317(5) – साइबर माध्यम से अपराध,
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318(4) – डिजिटल साक्ष्य को छुपाना या नष्ट करना,
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111 BNS – अपराध में संलिप्तता के लिए सजा
लगाकर प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा विवेचना जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जांजगीर-चांपा में ‘दृश्यम’ जैसी साजिश: प्रेमी संग मिलकर बेटी ने की पिता की हत्या, 4 साल बाद खुला राज
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपने ही पिता की हत्या कर दी और इसे एक्सीडेंट का रूप दे दिया। पुलिस ने भी घटना को हादसा मानते हुए फाइल बंद कर दी थी। लेकिन 4 साल बाद एक और हत्या की जांच के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ है। यह मामला फिल्म दृश्यम की कहानी जैसा प्रतीत होता है।
क्या है पूरा मामला?
साल 2021 में छाता जंगल के पास एक अधजली लाश मिली थी। जांच के बाद शव की पहचान ग्राम बगडबरी निवासी भूखल रोहिदास के रूप में हुई। शुरुआती जांच में पुलिस ने माना कि मृतक आग तापने के दौरान जल गया होगा। सिर पर चोट के स्पष्ट निशान न मिलने की वजह से इसे एक्सीडेंट मानकर केस बंद कर दिया गया।
हालांकि, सच्चाई कुछ और ही थी।
भूखल की बेटी रजनी अपने पति को छोड़कर पिता के साथ गांव में रहती थी। इसी दौरान गांव के ही दो युवक – राजा बाबू खुंटे और पुरुषोत्तम खुंटे – से उसकी पहचान हुई, जो शराब खरीदने घर आया करते थे। रजनी और राजा बाबू के बीच प्रेम संबंध बन गए। लेकिन रजनी का पिता इस रिश्ते के खिलाफ था, क्योंकि राजा बाबू आदतन शराबी था।
रजनी और राजा बाबू ने मिलकर पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। योजना के तहत राजा बाबू और पुरुषोत्तम ने भूखल को जंगल की ओर ले जाकर शराब में चूहे मारने की दवा मिलाकर पिलाई, फिर पत्थर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया।
कैसे हुआ 4 साल बाद पर्दाफाश?
भूखल की हत्या को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी सामान्य जीवन जीने लगे। लेकिन एक युवक, जो चकरभाठा की माइंस में काम करता था, ने राजा और पुरुषोत्तम को हत्या करते देख लिया था। वह उन्हें ब्लैकमेल करने लगा। इससे परेशान होकर दोनों ने उसकी भी हत्या कर दी।
इस नई हत्या की जांच में पुलिस को संदेह हुआ और हिर्री थाना पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो राजा और पुरुषोत्तम ने 4 साल पुरानी भूखल रोहिदास की हत्या का सच भी उगल दिया।
IG संजीव शुक्ला ने मामले की जानकारी जांजगीर एसपी विजय कुमार पांडेय को दी। पुरानी फाइल दोबारा खोली गई और बिलासपुर से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई। आखिरकार, उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने रजनी उर्फ राजिम बाई, राजा बाबू खुंटे और पुरुषोत्तम खुंटे को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना), 120B (षड्यंत्र) और 34 (साझा अपराध) के तहत कार्रवाई की गई है।
सिगरेट या गुटका छुड़वा देगा रसोई का यह एक मसाला, एक्सपर्ट ने कहा तंबाकू लेने की इच्छा ही नहीं होगी
Quit Tobacco: तम्बाकू की लत जानलेवा हो सकती है. चाहे व्यक्ति गुटका चबाता हो या फिर धूम्रपान करता हो, ये आदतें सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचाती हैं और व्यक्ति को बीमार कर सकती हैं.
कहते हैं तंबाकू के सेवन से कई सालों तक की उम्र कम हो जाती है. लेकिन, तंबाकू की लत दूर करना आसान काम नहीं है. एक बार यह लत लग जाती है तो छुड़ाए नहीं छूटती है. लेकिन, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट सुभाष गोयल का कहना है कि घर का ही एक मसाला तंबाकू की लत छुड़वाने में मददगार साबित हो सकता है. यहां जानिए एक्सपर्ट गुटका (Gutka) या धूम्रपान (Smoking) छोड़ने के लिए क्या सलाह दे रहे हैं.
इस मसाले से दूर होगी तंबाकू की लत
एक्सपर्ट का कहना है कि जिन लोगों को गुटका खाने की आदत है उन्हें खासतौर से इस नुस्खे (Gutka Chhudane Ki Dava) को आजमाकर देखना चाहिए. आपको करना बस इतना है कि हथेली पर अजवाइन और सेंधा नमक रखें बिल्कुल ऐसे जैसे जर्दा और चूना रखते हैं. इसे अंगूठे से मसलकर होंठ के पीछे रख लें जैसे कि तंबाकू रखा जाता है. इसे 3 घंटों के लिए मुंह में रखें. तंबाकू, गुटका या सिगरेट की इच्छा खुद ब खुद मरने लगेगी. एक्सपर्ट का कहना है कि इस नुस्खे को आजमाने के बाद जो लोग दिन की 20 सिगरेट पी जाया करते थे वो लोग 1 या 2 सिगरेट पर आ जाएंगे और फिर इच्छा बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी.
ये टिप्स भी आएंगे काम
- खानपान की अच्छी आदतें तंबाकू की लत को दूर करने में फायदा दिखा सकती हैं. तंबाकू चबाने की या फिर सिगरेट पीने की इच्छा ना हो इसके लिए मुंह को व्यस्त रखना जरूरी होता है. आप संतरा खा सकते हैं, ओट्स या ब्राउन राइस का सेवन किया जा सकता है, सूरजमुखी के बीज चबाए जा सकते हैं या फिर डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कर सकते हैं.
- एक्सरसाइज करना भी बेहद जरूरी है. इससे सिगरेट (Cigarette) ना पीने की या तंबाकू ना चबाने के कारण हो रही एंजाइटी दूर रहती है. फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दिया जाए तो खुद ही व्यक्ति सिगरेट से दूर रहने लगता है.
- जिन चीजों से आप ट्रिगर होते हैं या कहें जिन चीजों को देखकर या सुनकर सिगरेट पीने या गुटका चबाने की इच्छा होती है उन ट्रिगर करने वाली चीजों से दूरी बनाएं.
तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी
रायपुर, 23 अगस्त 2025: राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है।
जापान में निवेश से लेकर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तक छत्तीसगढ़ की वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ कर रहे हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 23 अगस्त 2035:मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपने सतत प्रयासों के माध्यम से स्वयं को वैश्विक मंच पर एक प्रतिस्पर्धी एवं दूरदर्शी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जापान प्रवास के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सहयोग तथा वैश्विक साझेदारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। इस क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO) के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय विविधीकरण, व्यापार एवं तकनीकी सहयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा छत्तीसगढ़ में उभरते निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों, हाल के सुधारों तथा स्टार्टअप्स और नई पीढ़ी के उद्योगों को प्रदान किए जा रहे सशक्त सहयोग पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने में उन्नत प्रौद्योगिकियों की महत्ता पर बल देते हुए टोक्यो में आयोजित “Deep Space – To the Moon and Beyond” नामक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह दौरा विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजनांदगांव में भारत सरकार के सहयोग से प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था से और गहन रूप से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जापान में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी भेंट एवं संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने उन्हें राज्य की हालिया नीतिगत पहल, छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति सकारात्मक माहौल तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित प्रयासों से अवगत कराया। भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री साय को आश्वस्त किया कि वे छत्तीसगढ़ और जापान के बीच संबंधों को सशक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देंगे तथा जापानी व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ में निवेश अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
राज्यपाल डेका पोला पर्व उत्सव में हुए शामिल
राज्यपाल रमेन डेका आज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विभाग के मंत्री राम विचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास में आयोजित पोला पर्व के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शंकर का अभिषेक एवं पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ का यह पारंपरिक त्यौहार मनाया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव एवं अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण उपस्थित थे ।
प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी- डेका
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जलवायु परिवर्तन 21 वीं सदीं की सबसे बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य है। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। डेका आज शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल डेका ने कहा कि धरती का तापमान असमान्य रूप से बढ़ रहा है, जिससे मौसम चक्र असंतुलित हो गया है। ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघल रही हैं, समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है, अनियमित वर्षा, सूखा और विनाशकारी तूफानों की घटनाएं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण मानव जनित गतिविधियां, ग्रीन हॉउस गैसों का उत्सर्जन, वनों की अंधाधुंध कटाई और जीवाश्म ईधनों का अत्यधिक उपयोग है। वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड, मिथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी गैसों का स्तर तेजी से बढ़ रहा है जो धरती का तापमान बढ़ा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, लू की तीव्रता और बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही है। कोयला आधारित उद्योग, वनों की कटाई और रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग, ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ा रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ कृषि, जल स्त्रोतों और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण की दिशा मे ठोस कदम उठाने होंगे। छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है। इस सुंदर प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम के तहत हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए, ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग हो, प्लास्टिक मुक्त अभियान को बढ़ावा दिया जाए और सौर व पवन ऊर्जा को अपनाया जाए।
डेका ने कहा कि विद्यार्थियों, युवाओं की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रीन क्लब बनाकर जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ जीवनशैली को अपनाना समय की मांग है। डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से पर्यावरण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना भी युवाओं का दायित्व है। जलवायु को बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास हम कर सकते है।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने विश्वविद्यालय अंतर्गत पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम के समन्वयक कल्लोल के. घोष ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। सलाहकार सौम्य बंदोपाघ्याय ने भी अपने विचार रखें।
इस अवसर पर विज्ञान एवं समाज के विकास में अमूल्य योगदान के लिए प्रोफेसर एम.एल. नायक को राज्यपाल ने सम्मानित किया साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओ को भी राज्यपाल के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।
संगोष्ठी में विधायक पुरंदर मिश्रा, फोरम के अध्यक्ष आशीष गुप्ता, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, शिक्षकगण, महाविद्यालयों एवं स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।











