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CG BREAKING: 7 माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, 4 महिलाएं भी शामिल
बीजापुर। तेलंगाना के मुलुगु जिले में छत्तीसगढ़ के 7 माओवादी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 4 महिला सदस्य भी शामिल हैं। ये सभी नक्सली बीजापुर जिले से हैं और ‘लड़ाई से बेहतर है गांव, हमारे गांव वापस आ जाओ’ अभियान के तहत सरेंडर हुए हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में थाती उंगी (35), कोडमे सुक्कू (35), सोड़ी भीमे (20), कुंजम वरालक्ष्मी (18), पद्दम जोगा (55), कोरसा पयिकी (34) और सोड़ी आदमा (40) शामिल हैं। हर एक को 25-25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त, उनके पदानुसार 7 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी।
जनवरी 2025 से अब तक मुलुगु जिले में 80 माओवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है। माओवादी संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है, क्योंकि निचले स्तर के कैडर नेतृत्व का विरोध कर रहे हैं और आदिवासी ग्रामीणों का सहयोग भी कम हो रहा है। करीब 90% कैडर गरीब आदिवासी हैं, जो अब विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया से मिला छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधिमंडल, रोजगार और स्वदेशी अभियान पर हुई विशेष चर्चा
रायपुर/नई दिल्ली।छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम, रोजगार एवं युवा खेल मंत्री श्री मनसुख मंडाविया से सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात न केवल शिष्टाचार थी, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, और खेल क्षेत्र को उद्योग से जोड़ने जैसे अहम विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ।
‘विभाजन की सच्ची कहानी’ पुस्तक भेंट
इस अवसर पर चैंबर के वरिष्ठ सदस्य शिव ग्वालानी द्वारा लिखित पुस्तक “विभाजन और व्यापारी हितों की सच्ची कहानी” भी मंत्री को भेंट की गई। इस पुस्तक का विमोचन हाल ही में संविधान क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में शदाणी दरबार पीठाधीश्वर संत युद्धिष्ठिर महाराज द्वारा किया गया था। चैंबर उपाध्यक्ष राजेश वासवानी ने इस पुस्तक के महत्व को बताते हुए कहा कि सिंधी समाज ने विभाजन के समय जो त्रासदी झेली, उसका सरलीकृत और मार्मिक चित्रण इस पुस्तक में किया गया है।
रोजगार और स्वदेशी उद्योगों को लेकर दिए सुझाव
चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने मंत्री मंडाविया को बताया कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक संगठन है, जो “स्वदेशी अपनाओ” अभियान को गाँव-गाँव और शहर-शहर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना आवश्यक है — “भारत के श्रमिक के पसीने से बनी चीज़ें ही हमारी पहली पसंद होनी चाहिए।”
थौरानी ने छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना, खेल से जुड़े स्टार्टअप्स और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से विशेष नीति और सहयोग की मांग की।
छत्तीसगढ़ का टैक्स योगदान और औद्योगिक विकास
पूर्व विधायक एवं चेंबर संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़, GST कलेक्शन के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है और हर साल इसमें 18–20% की वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने चैंबर की ओर से चलाए जा रहे स्वदेशी अपनाओ अभियान की सफलता का भी उल्लेख किया।
प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख सदस्य रहे शामिल:
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श्री सतीश थौरानी – अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स
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श्री श्रीचंद सुंदरानी – पूर्व विधायक एवं संरक्षक
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श्री राजेश वासवानी – उपाध्यक्ष
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श्री निकेश बरडिया – कोषाध्यक्ष
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श्री लाभचंद बाफना – सलाहकार
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श्री चेतन तारवानी – वाइस चेयरमेन
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श्री राधाकिशन सुंदरानी – कार्यकारी अध्यक्ष
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श्री जसप्रीत सिंह सलूजा, श्री ललित जयसिंघ
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सीए रवि ग्वालानी, सीए विकास गोलश
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार द्वारा मिले सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और छत्तीसगढ़ को औद्योगिक, खेल और रोजगार क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।
बस्तर में बाढ़ का कहर: 5 दिन बाद झाड़ियों से बरामद हुई दो बच्चियों की लाश… गांव में पसरा मातम!
बीजापुर :बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में आई भीषण बाढ़ ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। भैरमगढ़ ब्लॉक के चिंगेर गांव में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम छात्राएं बाढ़ के पानी में बह गई थीं, जिनके शव पांच दिन बाद झाड़ियों में फंसे मिले। इस खबर ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।
क्या हुआ था हादसे वाले दिन?
घटना नेलागोंडा घाट की है, जहां चिंगेर गांव के ग्रामीण नाव से बाढ़ का पानी पार कर रहे थे। उसी दौरान नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव में सवार कक्षा 5वीं की दो छात्राएं तेज बहाव में बह गईं और देखते ही देखते नज़रों से ओझल हो गईं।
नगर सेना को नहीं मिला था कोई सुराग
घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर नगर सेना की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि, लगातार सर्चिंग के बावजूद 5 दिनों तक बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला।
5 दिन बाद झाड़ियों में मिले शव
शनिवार को ग्रामीणों की नजर झाड़ियों में फंसे दो शवों पर पड़ी, जिसके बाद नगर सेना को सूचना दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। शवों की पहचान कक्षा 5वीं में पढ़ने वाली छात्राओं के रूप में हुई है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
नगर सेना और पुलिस प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। गांव में मातम का माहौल है और हर आंख नम है।
यह केवल एक हादसा नहीं, एक चेतावनी है
यह घटना नदी पार करने की लापरवाह कोशिश और सुरक्षा के अभाव की एक बड़ी कीमत बनकर सामने आई है। लगातार बाढ़ के हालातों में बगैर सुरक्षा उपायों के नाव से यात्रा करना जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन और ग्रामीणों दोनों के लिए यह घटना एक सबक है।
गौवंश के पीछे कौन? धमतरी में पिकअप से हो रही थी तस्करी, पुलिस ने दबोचे दो आरोपी
धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र में गौवंश तस्करी के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने एक सफेद रंग के पिकअप वाहन (CG 05 AN 4324) को रोककर जांच की, जिसमें एक भैंसा और एक भैंसी को बिना चारा-पानी के अमानवीय स्थिति में ले जाया जा रहा था।
वाहन जांच में नहीं मिले वैध दस्तावेज
केरेगांव पुलिस द्वारा जब वाहन चालक से पशु परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, तो आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। शक गहराते ही गवाहों की मौजूदगी में गौवंश को जब्त कर लिया गया और पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
थाना प्रभारी के अनुसार, इस मामले में अपराध क्रमांक 17/2025 के तहत:
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धारा 4, 6, 10 – छत्तीसगढ़ गोवंश परिरक्षण अधिनियम 2004
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धारा 11 – पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960
के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
पुलिस की सतर्कता से फिर नाकाम हुई तस्करी
धमतरी पुलिस ने बीते कुछ समय में गौवंश तस्करी के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयाँ की हैं।
पिछले माह थाना भखारा क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में 5 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
02 अगस्त 2025 को ही एक साथ 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
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नारायण साहू, पिता सरजू राम साहू (उम्र 44 वर्ष)
निवासी – खरतुली, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी -
लोमश साहू, पिता संजय साहू (उम्र 22 वर्ष)
निवासी – परसतराई, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी
पुलिस की सख्त चेतावनी
धमतरी पुलिस ने साफ किया है कि गौवंश तस्करी, अवैध परिवहन और पशु क्रूरता के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसी गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
स्वस्थ छत्तीसगढ़ की ओर एक और कदम: रजत जयंती वर्ष में ग्राम बेमचा बना ‘महतारी मेगा हेल्थ कैम्प’ का साक्षी!
महासमुंद :छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत बेमचा में ‘महतारी मेगा हेल्थ कैम्प’ का सफल आयोजन किया गया।
इस शिविर का मूल उद्देश्य था:
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ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को
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निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना
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और कुपोषण के प्रति जागरूकता फैलाना।
स्वास्थ्य जांच और सशक्तिकरण का मिला अवसर
60 किशोरी बालिकाओं का सिकलिंग एवं हीमोग्लोबिन टेस्ट किया गया, ताकि उनके शरीर में रक्त की स्थिति और सिकल सेल से जुड़ी संभावनाओं का आकलन किया जा सके।
29 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की विशेष जांच कर उन्हें समुचित उपचार से जोड़ा गया।
204 हितग्राही – जिनमें गर्भवती महिलाएं, माताएं और बच्चे शामिल थे – विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हुए।
जिम्मेदारों की मौजूदगी और संदेश
इस विशेष शिविर में जनपद सदस्य श्रीमती संगीता राहुल चंद्राकर, सारेंच देवेंद्र चंद्राकर, परियोजना अधिकारी श्री शैल नाविक, सुपरवाइजर शीला प्रधान, कुंती यादव, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, ANM और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही।
संगीता चंद्राकर ने कहा –
“छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष सिर्फ उत्सव नहीं, सेवा का अवसर है। हम चाहते हैं कि स्वास्थ्य सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे – यही हमारे अभियान का लक्ष्य है।”
जनता की प्रतिक्रिया – “ऐसे कैंप बदल सकते हैं गांव की तस्वीर!”
शिविर का लाभ लेने आई महिलाओं और किशोरियों ने कहा:
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उन्हें पहली बार इस तरह व्यापक जांच और समय पर परामर्श मिला।
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ऐसी पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और भरोसा दोनों बढ़ता है।
एक कदम और… ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़ – समृद्ध छत्तीसगढ़’ की ओर
बेमचा में आयोजित यह हेल्थ कैंप केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस संकल्प की अभिव्यक्ति है जो छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘स्वस्थ नागरिक – सबल राज्य’ के लिए लिया है।
सस्पेंस या साज़िश? 17 साल की प्रिया की लाश मिली नाले में… गांव में पसरा मातम, मौत बनी रहस्य!
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास मुजगहन थाना क्षेत्र के जुलुम गांव में एक 17 वर्षीय नाबालिक लड़की का शव नाले में तैरता हुआ मिला है। मृतका की पहचान प्रिया साहू के रूप में हुई है, जो ग्राम भुरकुनी, थाना अभनपुर की निवासी थी।
दिनांक:
29 अगस्त 2025 दोपहर क़रीब 12:30 बजे
स्थान:
तालाब/नाले की ओर बर्तन धोने गई थी
इसके बाद घर नहीं लौटी…
30 अगस्त को मिला शव – जुलुम नाले में
कई सवाल, एक मौत – क्या थी असली वजह?
पुलिस के अनुसार:
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प्रथम दृष्टया मामला डूबने से मौत का लग रहा है।
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लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि मामला दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या से जुड़ा है।
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परिजनों ने कहा, “प्रिया पढ़ाई में तेज और स्वभाव से शांत थी, आत्महत्या जैसी बात सोच भी नहीं सकते।”
थाना मुजगहन ने धारा 194 BNSS के तहत मर्ग कायम किया है और बारीकी से स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
गांव में पसरा मातम, सुरक्षा पर उठे सवाल
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पूरे गांव में गहरा शोक है, लोग स्तब्ध हैं।
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कुछ ग्रामीणों ने कहा, “इलाके में पहले भी नाबालिकों से जुड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, अब डर लगने लगा है।”
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रायपुर और आस-पास के क्षेत्रों में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
क्या यह सिर्फ एक हादसा है या कोई साज़िश?
पुलिस की जांच कई एंगल से चल रही है:
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मोबाइल कॉल डिटेल्स, पिछली गतिविधियां, और
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नाले के पास CCTV या गवाहों की तलाश
जांच की मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है।
‘मोदी नेतृत्व और छत्तीसगढ़ की तैयारी, विकास का डबल इंजन, छह लाख करोड़ की संभावनाओं का दरवाज़ा खुला’
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने जापान और दक्षिण कोरिया की अपनी हाल की यात्रा को लेकर दिल्ली लौटने के बाद मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हालिया जापान दौरे से भारत में अगले दस वर्षों में लगभग छह लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
यह निवेश न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई ताक़त देगा बल्कि छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक रूप से उभरते राज्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी हाल की जापान यात्रा ने छत्तीसगढ़ को इस दिशा में सीधे तौर पर जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदृष्टि और नेतृत्व लगातार हमें मार्गदर्शन और प्रेरणा दे रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ का पवेलियन लगाया गया, जिसे 24 अगस्त से 30 अगस्त तक हर दिन 30 हज़ार से अधिक लोगों ने देखा। इस पवेलियन में राज्य की नई औद्योगिक नीति की जानकारी दी गई, सिरपुर के माध्यम से बौद्ध धर्म से प्रदेश के ऐतिहासिक जुड़ाव को प्रस्तुत किया गया और ढोकरा कला, कोसा जैसे छत्तीसगढ़ के अनूठे हस्तशिल्प भी प्रदर्शित किये गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया की इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ के लिए नए निवेश और औद्योगिक विकास के अवसर खोले हैं, और आने वाले समय में इन प्रयासों का लाभ राज्य की जनता को सीधे मिलेगा।
रायपुर में शादीशुदा पास्टर गिरफ्तार: विवादों से जूझ रही महिला को शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म
रायपुर। राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादीशुदा पास्टर ने विवाहिता महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी पास्टर को टिकरापारा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी हिमांशु सागर, कचना और सड्डू क्षेत्र में धार्मिक सभाएं आयोजित करता था। महिला अपने वैवाहिक जीवन में चल रहे विवादों से मानसिक रूप से परेशान थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसे अपने झांसे में लिया।
बताया जा रहा है कि पास्टर ने महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता को यह पता चला कि पास्टर खुद पहले से शादीशुदा है, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद टिकरापारा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। यह मामला ना सिर्फ विश्वासघात का, बल्कि धार्मिक पद का दुरुपयोग करते हुए महिला की मानसिक स्थिति का फायदा उठाने का है।
छत्तीसगढ़ से चलेंगी 4 पूजा स्पेशल ट्रेनें: दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
बिलासपुर। त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस बार देशभर में 150 पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें से 4 ट्रेनें छत्तीसगढ़ से होकर गुजरेंगी। ये ट्रेनें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर और रायपुर समेत पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल व कोटा जैसे बड़े स्टेशनों को जोड़ेंगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर जोन से दुर्गापूजा, दीपावली और छठ महापर्व के मद्देनजर विशेष ट्रेनों के 30 फेरे तय किए गए हैं।
दुर्ग – हजरत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल ट्रेन का टाइम टेबल:
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गाड़ी संख्या 08760:
दुर्ग से हर रविवार 5 अक्टूबर से 23 नवंबर तक रवाना होगी।-
समय: सुबह 10:45 बजे दुर्ग से प्रस्थान
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गंतव्य: अगली सुबह 11:10 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी।
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गाड़ी संख्या 08761:
हजरत निजामुद्दीन से हर सोमवार 6 अक्टूबर से 24 नवंबर तक रवाना होगी।
ट्रेन के प्रमुख ठहराव:
रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी मुरवारा, दमोह, सागर, झांसी, आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन और पलवल।
कोच की व्यवस्था:
इस पूजा स्पेशल ट्रेन में कुल 20 डिब्बे होंगे, जिनमें AC, स्लीपर और जनरल कोच की सुविधा दी जाएगी, जिससे हर वर्ग के यात्रियों को लाभ मिलेगा।
रेलवे का यह निर्णय त्योहारों में यात्रियों की भारी भीड़ और वेटिंग लिस्ट की समस्या को कम करने की दिशा में सराहनीय कदम माना जा रहा है।
विदेश दौरे से लौटे CM विष्णुदेव साय, दिल्ली में हुआ भव्य स्वागत — रायपुर में भी तैयारी जोरों पर
रायपुर/दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने बहुप्रतीक्षित विदेश दौरे को सफलतापूर्वक पूरा कर स्वदेश लौट आए हैं। राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री, मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा और युवा भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
सीएम साय आज दोपहर 2:30 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां उनके स्वागत के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी और भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहेगी। रायपुर में उनके भव्य स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा,
“भारत और जापान की मित्रता सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का यह दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाई देगा। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि के द्वार खुलेंगे।”
मुख्यमंत्री के इस सफल विदेश दौरे को छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश और वैश्विक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अंधविश्वास की बलि चढ़े पति-पत्नी: सांप के काटने के बाद झाड़फूंक में उलझे परिजन, अस्पताल न ले जाने से गई जान
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास ने एक दंपति की जान ले ली। भैयाथान ब्लॉक के बसकर गांव में रात को सोते समय पति-पत्नी को सांप ने डस लिया, लेकिन समय पर इलाज की बजाय झाड़फूंक कराते रहे, जिससे उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद परिजनों ने प्राथमिक उपचार की बजाय झाड़फूंक का सहारा लिया। इस दौरान दोनों की हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराना नहीं चाहिए और सबसे पहले पीड़ित को तत्काल अस्पताल ले जाकर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) का इंजेक्शन लगवाना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 10 लाख सर्पदंश के मामले सामने आते हैं, जिनमें लगभग 58 हजार लोगों की मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2030 तक इन मौतों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय पर वैज्ञानिक इलाज न मिलना और अंधविश्वास में फंसे रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
शिक्षा पर हमला: बीजापुर में नक्सलियों ने शिक्षादूत की हत्या कर फैलाई दहशत, अब तक 9 की ले चुके जान
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बार फिर नक्सली हिंसा की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। गंगालूर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। यह वारदात क्षेत्र में खौफ और आक्रोश दोनों फैला रही है।
जानकारी के मुताबिक, शिक्षादूत तोड़का गांव का निवासी था, जिसे नक्सलियों ने लेंड्रा से अगवा किया और फिर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि बंद पड़े स्कूलों के दोबारा खुलने से नक्सली नाराज थे। इसी बौखलाहट में वे अब तक बीजापुर में 5 और सुकमा में 4, यानी कुल 9 शिक्षादूतों की हत्या कर चुके हैं। ये सिलसिला न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर हमला है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस दर्दनाक घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस और सुरक्षा बलों की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में भय अब भी बरकरार है।
शिक्षा में मेंटरशिप सामाजिक न्याय और समान अवसर का मजबूत आधार: वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी
नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में “Fostering Mentorship in Education: A Pathway to Equity” विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना को मूर्त रूप देते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मेंटरशिप की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क बनाना है। विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों ने शिक्षा में समानता लाने, ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए अपने अनुभव साझा किए।
’“मेंटॉरशिप युवाओं को सशक्त करने की कुंजी है”: श्री ओ. पी. चौधरी’
विशेष अतिथि के रूप में वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में मेंटरशिप की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित है। यह साझा राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने का अवसर है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनसांख्यिकीय ताकत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु मात्र 24 वर्ष है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, हमें युवाओं को अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने गांव के सरकारी स्कूल में 10वीं और 12वीं तक पढ़ाई की, जहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। 17 वर्षों की औपचारिक शिक्षा के बाद भी अनेक युवाओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि जीवन में आगे क्या करना है। कैरियर गाइडेंस और मेंटरशिप इस कमी को दूर कर सकती है। उन्होंने स्थानीय भाषा और संस्कृति आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र के बच्चों के जीवन का जुड़ाव जंगलों और झरनों से है। उन्हें इसी के अनुरूप अक्षर ज्ञान देना चाहिए। एनईपी 2020 का स्थानीय बोलियों पर फोकस सही दिशा है।
वित्त मंत्री ने सरकारी स्कूलों की चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि समुदाय की भागीदारी घट रही है, हमें नवोदय विद्यालय जैसे मॉडल अपनाने होंगे। नीति आयोग को देशभर की इनोवेटिव प्रैक्टिस को साझा प्लेटफॉर्म पर लाना चाहिए, ताकि शिक्षा में समानता सुनिश्चित की जा सके।
हर बच्चे को मेंटरशिप मिलना उसका अधिकार है: डॉ. वी. के. पॉल
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा कि शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का आधार है और हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रॉपआउट दरों को साझा करते हुए बताया कि प्राथमिक स्कूलों में 93 प्रतिशत नामांकन है, लेकिन अपर प्राइमरी में तीन प्रतिशत बच्चे छूट जाते हैं। सेकेंडरी स्तर पर केवल 56 प्रतिशत और 12वीं कक्षा तक मात्र 23 प्रतिशत छात्र ही पहुंचते हैं। 2019 से 2023 तक केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 15,000 ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी, जबकि आईआईटी और आईआईएम से 4,000 से अधिक छात्र बाहर हुए। यह व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्षति भी है।
डॉ. पॉल ने कहा कि मेंटरशिप से छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल मिलते हैं। हमें शिक्षकों का माइंडसेट बदलना होगा, छात्रों को सशक्त बनाना होगा और तकनीक के माध्यम से सीधी पहुँच सुनिश्चित करनी होगी। विषाक्त वातावरण और नशे जैसी समस्याएं ड्रॉपआउट को बढ़ाती हैं। हर बच्चे को ज्ञान और आत्मविश्वास से लैस होकर चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलना चाहिए, यह उसका मानवाधिकार है। उन्होंने कहा कि हमारा देश मानव-केंद्रित दर्शन से समृद्ध है। हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा, जिसमें हर बच्चे को मेंटरशिप मिले, हमें एनईपी 2020 यही रास्ता दिखाती है।
कार्यशाला में योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नीति आयोग के संयुक्त सचिव श्री के. एस. रेजिमोन, नीति आयोग के फेलो डॉ. आई. वी. सुब्बा राव, आईएएस (सेवानिवृत्त), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा तथा नीति आयोग के उप सचिव श्री अरविंद कुमार, सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
चक्रधर समारोह 2025 : शास्त्रीय नृत्य और गायन की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजी संध्या
रायगढ़ में जारी 40वें चक्रधर समारोह के दूसरे दिन देशभर के विख्यात कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में शास्त्रीय गायन, भारतनाट्यम, कथक, ओडिसी और लोकगायन की विविध छटा बिखरी।
दिल्ली से आए प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित उदय कुमार मल्लिक ने दरभंगा घराने की परंपरा से जुड़ी ध्रुपद शैली का अनुपम गायन प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी मधुर और गूंजती तान ने संगीत प्रेमियों को रसविभोर कर दिया। भिलाई की नृत्यांगना एवं भरतनाट्यम गुरु डॉ. राखी रॉय और उनकी टीम ने भरतनाट्यम की पारंपरिक गरिमा, गहन अभिव्यक्ति और अद्भुत लय-ताल का संगम प्रस्तुत किया। भगवान शिव के नटराज स्वरूप, अर्धनारीश्वर और मां जननी पर आधारित उनकी रचनाओं ने दर्शकों का मन मोह लिया।
बिलासपुर की प्रख्यात कथक नृत्यांगना श्रीमती प्रियंका सलूजा की भाव-भंगिमाएं, लय-ताल की सटीकता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकसंगीत की धारा को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय लोकगायक श्री सुनील मानिकपुरी ने छत्तीसगढ़ी और झारखंडी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। रायगढ़ की युवा नृत्यांगना सुश्री राजनंदनी पटनायक और उनकी साथी पूनम गुप्ता ने ओडिसी नृत्य की भावपूर्ण और आकर्षक प्रस्तुति दी। वहीं रायगढ़ की कथक नृत्यांगना पूजा जैन और उनकी टीम ने जयपुर घराने के तोड़े-टुकड़े, लखनऊ घराने का तराना और ठुमरी प्रस्तुत कर वातावरण को सुरमय बना दिया।
शास्त्रीय संगीत और नृत्य की इन विविध प्रस्तुतियों ने चक्रधर समारोह की गरिमा को और अधिक ऊँचाई प्रदान की तथा दर्शकों को अविस्मरणीय अनुभव कराया।
अबूझमाड़ में बिखरी 'मौत की फैक्ट्री'! सुरक्षाबलों ने किया बड़ा खुलासा – LMG से लेकर ग्रेनेड तक जब्त!
नारायणपुर।
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। नारायणपुर पुलिस, DRG, STF और ITBP की संयुक्त टुकड़ी ने माओवादियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
मशीनगनों से लेकर ग्रेनेड और डेटोनेटर तक – हथियारों का ये जखीरा देखकर खुद अफसर भी चौंक गए।
यह कार्रवाई थाना कोहकामेटा क्षेत्र में 5 दिनों तक चले "माड़ बचाव अभियान" के तहत की गई। मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग की, लेकिन सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद वे जंगल और नदी-नालों के सहारे भाग निकले।
???? बरामद हथियार और सामग्री की सूची:
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LMG 7.62 mm, AK-47 (त्रिची), इंसास, SLR, स्टेन गन
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303 रायफल, भरमार बंदूक, पिस्टल, देशी कट्टा
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8 बीजीएल लॉन्चर, 100+ बीजीएल सेल
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देशी हैंड ग्रेनेड, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज
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कार्डेक्स वायर, गार्मिन GPS
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नक्सल साहित्य और 300+ अन्य सामग्रियां
???? अधिकारियों के बयान:
एसपी नारायणपुर रोबिनसन गुड़िया (IPS) ने कहा:
“अबूझमाड़ के लोगों को नक्सल विचारधारा से बचाकर उन्हें शांति और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना हमारा उद्देश्य है।”
आईजी बस्तर रेंज, सुन्दरराज पी. (IPS) ने कहा:
“वर्ष 2025 माओवाद के खिलाफ निर्णायक वर्ष होगा। अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।”
20 KM दूर जंगल में मिला लाश का राज़! नक्सली या कोई और...? बीजापुर में 27 वर्षीय युवक की सनसनीखेज हत्या
बीजापुर।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच एक 27 वर्षीय युवक की लाश मिली है, जिसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हत्या के पीछे नक्सलियों का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है, लेकिन घटनास्थल से कोई पर्चा नहीं मिलने के कारण सस्पेंस और भी गहरा गया है।
मृतक की पहचान सुरेश कोरसा (27 वर्ष), पिता लछु कोरसा, निवासी ग्राम मनकेली के रूप में हुई है। आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या पुलिस मुखबिरी के शक में की गई है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
बीजापुर कोतवाली पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इसे अज्ञात लोगों द्वारा की गई हत्या माना जा रहा है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है। विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है. उन्होंने कहा—
“छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी. यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी.
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा. इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें.”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ डोंग पिल पार्क से मुलाकात की. यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं.
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी. इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है. उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुंचाएं.
CM विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरियाई निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की संभावनाएं रखीं, KITA के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में हुई चर्चा
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं को प्रस्तुत किया। यह अवसर KITA (Korea International Trade Association) के साथ आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान आया।
सीएम साय ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की और बताया कि दक्षिण कोरियाई उद्योग जगत के साथ राज्य की प्रो-एक्टिव और विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल मानव संसाधन को प्रमुखता से रखा गया।
"छत्तीसगढ़ की यह विशेषताएं राज्य को वैश्विक निवेश और साझेदारी के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाती हैं," – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
स्टील से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक निवेश की संभावनाओं पर मंथन
मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में भारतीय राजदूत (दक्षिण कोरिया) से भी सार्थक चर्चा हुई, जिसमें स्टील, खनिज, इलेक्ट्रॉनिक्स, और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में संभावित द्विपक्षीय साझेदारी पर विशेष रूप से विचार किया गया।
इस दौरान सीएम ने छत्तीसगढ़ की ओर से विश्वसनीय, स्थिर और निवेश-हितैषी वातावरण का भरोसा भी दिलाया, जिससे दक्षिण कोरियाई कंपनियां राज्य में निवेश करने के लिए आकर्षित हो सकें।
क्यों खास है छत्तीसगढ़ निवेश के लिए?
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औद्योगिक नीति 2024–30: निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतिगत ढांचा
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प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धता: खनिज, वन संपदा और जल संसाधनों का भरपूर भंडार
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कुशल मानव संसाधन: स्थानीय श्रमिकों और तकनीकी संस्थानों की अच्छी उपस्थिति
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भौगोलिक स्थिति: देश के केंद्र में होने के कारण लॉजिस्टिक्स में सुविधा
मुख्यमंत्री साय की इस पहल को छत्तीसगढ़ में वैश्विक निवेश बढ़ाने और राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बस्तर में बाढ़ का कहर: 7 लोगों की मौत, 100 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा, 200 घर ढहे
दंतेवाड़ा/रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। दंतेवाड़ा जिले में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं, जहां अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
बारिश और बाढ़ की वजह से 200 से अधिक मकान ढह गए हैं, जबकि 2196 लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। जिले के पनेड़ा इलाके में नेशनल हाईवे पर पुल का अप्रोच बह जाने के कारण लगभग 20 घंटे तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा। पुल के दोनों ओर ट्रकों और बसों की लंबी कतारें लगी रहीं।
50 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, इंद्रावती-डंकनी नदी बनीं कहर की वजह
प्राकृतिक आपदा की इस विभीषिका में अब तक 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया, जिससे शंखनी और डंकनी नदियों का पानी नहीं निकल सका, और आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी भर गया।
डंकनी नदी का ऐसा उफान करीब 53 साल बाद देखने को मिला है। 1972 में आखिरी बार इस नदी ने इतना रौद्र रूप दिखाया था।
वायुसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन, 43 राहत शिविरों में मदद जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायुसेना भी राहत और बचाव कार्यों में जुट गई है। चार प्रभावित जिलों – दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर – में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को सुरक्षित रखा गया है।
राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि इन शिविरों में भोजन, चिकित्सा और आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश: "जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता"
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
"जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में कोई देरी न हो। सभी शिविरों में आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचें।"
नजर बनाए हुए हैं अधिकारी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और NDRF तथा SDRF की टीमें भी स्टैंडबाय पर हैं।
PSC घोटाले से बस्तर की बाढ़ तक: कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का सरकार पर तीखा हमला
रायपुर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने गुरुवार को प्रेस से बातचीत में राज्य की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए, बस्तर में बारिश से बिगड़े हालात, अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने से राज्य के निर्यात पर पड़ने वाले प्रभाव, और राजधानी रायपुर की पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर भी सरकार को घेरा।
PSC परीक्षाओं में घोटाले का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और पारदर्शिता की भारी कमी सामने आ रही है।
उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि PSC ने डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मचारियों और अपात्र शिक्षकों को उत्तरपुस्तिका जांचने का जिम्मा सौंपा है, जो बेहद आपत्तिजनक है।
“बिलासपुर PGBT कॉलेज के शिक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं – विद्याभूषण शर्मा, सलीम जावेद और वहां की प्रिंसिपल – उनके खिलाफ अब तक PSC की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है,” – दीपक बैज
उन्होंने कहा कि जब परीक्षक के नाम ही सार्वजनिक हो रहे हैं तो परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता कैसे बनी रह सकती है? उन्होंने PSC परीक्षा की CBI जांच की मांग की।
बस्तर में भारी बारिश से जनजीवन तबाह, सरकार मुआवजा दे – कांग्रेस
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर में हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों का संपर्क टूट चुका है, रास्ते बंद हैं और सैकड़ों घर ढह चुके हैं।
“लोगों के पास खाने को अनाज नहीं है, मवेशी बह गए हैं। सरकार के राहत कार्य कमजोर हैं। प्रभावितों को तत्काल मुआवजा, राशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए,” – दीपक बैज
अमेरिकी टैरिफ का छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा बड़ा असर
दीपक बैज ने अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाए जाने को छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य से अमेरिका को होने वाला निर्यात 95% तक प्रभावित होगा।
“गैर-बासमती चावल, तेंदूपत्ता, जड़ी-बूटी, जैविक कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, धातु कला, एल्युमिनियम आदि अब अमेरिका में महंगे हो जाएंगे। खरीदी घटेगी और बेरोजगारी बढ़ेगी,” – दीपक बैज
शांति नगर में ऑक्सीजोन की मांग, मॉल और होटल का विरोध
रायपुर की शांति नगर इरिगेशन कॉलोनी को तोड़कर मॉल और होटल बनाए जाने की खबरों पर बैज ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी में पहले से ग्रीनरी और सार्वजनिक स्थलों का अभाव है।
“सरकार को शांति नगर में ऑक्सीजोन या खेल मैदान बनाना चाहिए। यदि होटल या मॉल बनाना है, तो नया रायपुर इसके लिए बेहतर विकल्प है,” – दीपक बैज












