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Raipur Breaking: अवैध संबंध के चलते मजदूर की हत्या, चंद घंटों में महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर : राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने चंद घंटों में सुलझा लिया है। अवैध संबंध के चलते एक प्रवासी मजदूर की बेरहमी से हत्या कर शव को बोरी में भरकर फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस जघन्य वारदात में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का पूरा घटनाक्रम सार्वजनिक किया है।
शव मिलने से मचा हड़कंप
25 अगस्त 2025 को खमतराई थाना अंतर्गत मिलाल बाड़ा के पीछे एक खाली प्लॉट में बोरी में युवक की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। शव का चेहरा कपड़े से ढंका था और हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। एफएसएल टीम की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक की धारदार हथियार से कई वार कर हत्या की गई थी। खमतराई पुलिस ने इस मामले में धारा 103, 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच और मृतक की पहचान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और क्षेत्रीय पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान रामा माडे (23 वर्ष), निवासी मलकानगिरी (उड़ीसा) के रूप में हुई। वह रायपुर के मेटल पार्क, रावाभांठा स्थित आरआर इंडस्ट्रीज में मजदूरी करता था।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
जांच के दौरान पता चला कि रामा माडे का उसी फैक्ट्री में कार्यरत सोनम बंजारे नामक विवाहित महिला से अवैध संबंध था। पूछताछ में सोनम ने स्वीकार किया कि घटना वाले दिन वह और रामा उसके घर में आपत्तिजनक स्थिति में थे, तभी उसका पति कृष्णा बंजारे अचानक पहुंच गया। गुस्से में आकर कृष्णा ने लकड़ी के डंडे से रामा के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शव को छिपाने की साजिश
हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए सोनम और कृष्णा ने अपने रिश्तेदार रामकृष्ण बंजारे उर्फ राजाराम को बुलाया। तीनों ने मिलकर शव के हाथ-पैर बांध दिए, चेहरा ढका और शव को बोरी में भरकर मोटरसाइकिल से ले जाकर एक सुनसान जगह पर फेंक दिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया:
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कृष्णा बंजारे (44 वर्ष) – निवासी आजाद नगर, महादेव चौक, रावाभांठा
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रामकृष्ण बंजारे उर्फ राजाराम (40 वर्ष) – निवासी तिरंगा चौक, रावाभांठा
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सोनम बंजारे (30 वर्ष) – आरोपी की पत्नी, निवासी आजाद नगर
पुलिस ने इनके पास से हत्या में प्रयुक्त डंडा, मृतक का मोबाइल फोन और शव ढोने में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (CG 04 DV 9405) भी जब्त कर ली है।
बस्तर दशहरा संकट में: तिरिया पंचायत ने रथ निर्माण के लिए लकड़ी कटाई पर लगाई रोक
जगदलपुर, बस्तर
बस्तर की 600 वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत इस बार पर्यावरणीय संकट की चपेट में आ गई है। जगदलपुर के तिरिया ग्राम पंचायत ने बस्तर दशहरा के रथ निर्माण हेतु जंगल से लकड़ी कटाई पर रोक लगाकर एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाया है। यह निर्णय वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत ग्रामसभा की सहमति के अभाव में पेड़ काटे जाने पर रोक के आधार पर लिया गया है।
ग्राम पंचायत का कहना है कि दशहरा आयोजन के नाम पर हर वर्ष लगभग 70 से 80 पुराने और विशाल वृक्ष काटे जाते हैं, जिससे जंगलों की जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हजारों घन फीट लकड़ी की खपत तो होती है, लेकिन उसके एवज में न तो वृक्षारोपण होता है और न ही जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
इस फैसले ने दशहरा आयोजन समिति और जिला प्रशासन दोनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बस्तर दशहरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। रथ निर्माण इसकी आत्मा है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम प्रयास करेंगे कि परंपरा और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे।”
गौरतलब है कि बस्तर दशहरा न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन का भी प्रमुख आकर्षण है। हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इस भव्य आयोजन को देखने आते हैं।
इस बीच, पर्यावरणविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पंचायत के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि परंपरा को बनाए रखते हुए रथ निर्माण में लोहे, फाइबर या अन्य पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों का प्रयोग किया जा सकता है। इससे जंगलों की रक्षा भी होगी और उत्सव की गरिमा भी बनी रहेगी।
हालांकि परंपरावादी वर्ग, विशेषकर दशहरा से जुड़े पुजारियों और ग्रामीणों का मानना है कि रथ का निर्माण केवल पवित्र जंगलों से प्राप्त लकड़ी से ही संभव है। उनका कहना है कि रथ देवी-देवताओं से जुड़ा होता है और इसमें किसी प्रकार का प्रयोग या परिवर्तन परंपरा का अपमान माना जाएगा।
फिलहाल जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत, समिति और ग्रामीणों के साथ संवाद शुरू कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि परंपरा और पर्यावरण के बीच कोई संतुलनकारी समाधान निकलेगा।
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मुख्यमंत्री साय पहुंचे छत्तीसगढ़ पैवेलियन
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे। यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे को हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने EOW की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित ही प्रार्थना हो।
CMHO को सस्पेंड करने की चेतावनी पर स्वास्थ्य मंत्री का एक्शन मोड — लापरवाही पर 24 घंटे की डेडलाइन
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एक बार फिर तेज तेवरों में नज़र आए। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर उन्होंने बेमेतरा जिले के CMHO को फोन पर फटकार लगाई। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंत्री जायसवाल ने साफ तौर पर कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर स्वास्थ्य केंद्र की जांच मशीन ठीक नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे आम जनता की सेहत से खिलवाड़ बताते हुए प्रशासन को चेताया कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
गैरहाजिर MBBS डॉक्टरों पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने यह भी पाया कि कई MBBS डॉक्टर ड्यूटी से गैरहाजिर हैं, जो PG परीक्षा देकर छुट्टी पर चले गए हैं और अब तक वापस नहीं लौटे हैं। इस पर उन्होंने CMHO को निर्देश दिया कि:
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सभी अनुपस्थित डॉक्टरों को नोटिस जारी किया जाए।
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यदि 7 दिनों के भीतर वे ड्यूटी पर वापस नहीं आते, तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
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डॉक्टरों से जवाब-तलब कर स्थिति की रिपोर्ट शासन को सौंपी जाए।
मंत्री ने दो टूक कहा:
“जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। डॉक्टर की जिम्मेदारी है कि वे समय पर सेवाएं दें। यदि कोई मनमानी करेगा, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”
निरीक्षण का केंद्र: जेवरा पीएससी, बेमेतरा
स्वास्थ्य मंत्री का यह सख्त निर्देश बेमेतरा जिले के जेवरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PSC) के निरीक्षण के दौरान आया। मंत्री जायसवाल ने पीएससी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपकरणों की स्थिति, और डॉक्टरों की उपस्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया।
जनता की उम्मीदों से जुड़ा सवाल
छत्तीसगढ़ सरकार की स्वास्थ्य नीतियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक स्थानीय अधिकारी और स्टाफ जिम्मेदारी से काम न करें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब कार्यशैली में सुधार अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री का यह सख्त रुख राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की दिशा में एक ठोस संकेत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा उनका वीडियो आम जनता में यह संदेश देता है कि शासन अब लापरवाह अधिकारियों पर सीधा एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेगा।
IG अमरेश मिश्रा के सख्त निर्देश: मादक पदार्थ, अवैध शराब और चाकूबाजी पर लगेगी पूरी तरह रोक
धमतरी। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा (IPS) ने रविवार को धमतरी जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले में बढ़ते अपराधों — चाकूबाजी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब की बिक्री — जैसे गंभीर मुद्दों पर सख्त चिंता जताते हुए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुलिसिंग में “एप्लिकेशन ऑफ माइंड” की आवश्यकता
IG मिश्रा ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरीक्षण कार्य में तेजी लाएं और सोच-समझकर निर्णय लें ताकि पुलिसिंग के नए मानक स्थापित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यक्षमता और जनता में विश्वास बनाए रखने के लिए व्यवहार, अनुशासन और निष्पक्षता बेहद जरूरी हैं।
मुख्य निर्देश बिंदुवार इस प्रकार हैं:
चाकूबाजी की घटनाओं पर रोक:
– जिले में हाल ही में सामने आई चाकूबाजी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए IG ने तत्काल प्रभाव से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और निगरानी के निर्देश दिए।
मादक पदार्थ और अवैध शराब पर रोक:
– गांजा, सूखा नशा और शराब की अवैध बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए। युवाओं को नशे की लत से बचाने हेतु सक्रिय पुलिस अभियान चलाने को कहा गया।
अनुशासन और टीमवर्क:
– सभी थाना और चौकी प्रभारियों को टीम भावना से कार्य करने, अनुशासन बनाए रखने और आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश।
हेलमेट और सड़क सुरक्षा:
– सभी पुलिसकर्मी स्वयं हेलमेट पहनें और जनता को भी प्रेरित करें। ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता अभियान तेज़ करने की बात कही गई।
अन्य महत्त्वपूर्ण निर्देश:
देर रात होटल-ढाबों की निगरानी:
– देर रात तक चलने वाले होटल, ढाबे, दुकानों पर समयबद्ध बंदी सुनिश्चित की जाए।
साइबर अपराध:
– साइबर फ्रॉड की घटनाओं पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
लंबित अपराधों का शीघ्र निराकरण:
– लंबित अपराध, चालान, मर्ग व शिकायतों का समयबद्ध समाधान अनिवार्य किया गया।
गौ-तस्करी व NDPS के तहत कार्रवाई:
– NDPS व गौ-तस्करी से जुड़े वाहनों की राजसात प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
नए क्रिमिनल लॉ की जानकारी:
– सभी अधिकारियों को New Criminal Laws की गहराई से समझ और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
IG का संदेश: निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी पुलिसिंग
बैठक के समापन में आईजी अमरेश कुमार मिश्रा ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावशाली पुलिसिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा:
“पुलिसिंग का लक्ष्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत करना भी है।”
बैठक में उपस्थिति:
बैठक में धमतरी SP सूरज सिंह परिहार, सभी राजपत्रित अधिकारी, रक्षित निरीक्षक, थाना व चौकी प्रभारी समेत जिले के सभी महत्वपूर्ण पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
CISF में पहली बार ‘ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट’ की शुरुआत — अब सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति में महिलाएं
नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। CISF की पहली ‘ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट’ की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। इस पहल ने न केवल महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दी है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि महिलाएं अब सुरक्षा व्यवस्था की फ्रंटलाइन भूमिका के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
बरवाहा में प्रशिक्षण ले रहीं 30 महिला कमांडो
इस यूनिट की पहली खेप के रूप में 30 महिला कर्मियों का एक बैच इस समय मध्यप्रदेश के आरटीसी बरवहा में 8 सप्ताह के कठिन और उच्च स्तरीय कमांडो प्रशिक्षण से गुजर रहा है। प्रशिक्षण में शामिल हैं:
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क्विक रिएक्शन टीम (QRT) की ड्यूटी
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लाइव-फायर ड्रिल
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लंबी दूरी की धीरज दौड़
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रैपलिंग और स्लिदरिंग
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जंगल में सर्वाइवल ट्रेनिंग
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48 घंटे का आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता बढ़ाने वाला अभ्यास
CISF के अनुसार, यह प्रशिक्षण न केवल ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि महिलाओं को तेज निर्णय क्षमता और रणनीतिक प्रतिक्रिया में भी दक्ष बनाएगा।
2026 तक जुड़ेंगी 2,400 और महिला कमांडो
CISF ने जानकारी दी है कि इस पहल के पहले चरण में 100 महिला कमांडो को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद 2026 तक 2,400 अतिरिक्त महिला कर्मियों को बल में शामिल किया जाएगा। यह कदम गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा निर्धारित 10% महिला भागीदारी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में लिया गया है।
CISF का संदेश: नारी शक्ति अब सुरक्षा की रीढ़
CISF ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“यह पहल नारी शक्ति, लैंगिक समानता और फ्रंटलाइन की तैयारी के लिए एक बड़ी छलांग है। यह साबित करता है कि महिलाएं साहस, क्षमता और समावेशिता के साथ राष्ट्र की रक्षा में अहम भूमिका निभा सकती हैं।”
विशेषज्ञों की राय: यह केवल शुरुआत है
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय लंबे समय से अपेक्षित था। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से न केवल सुरक्षा बलों में विविधता आएगी, बल्कि यह नीतिगत और जमीनी स्तर पर संतुलन भी लाएगा।
यह रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, और नीतिगत समावेशिता — तीनों के संगम पर आधारित एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल को दर्शाती है।
अगर आप चाहें तो मैं इसका अंग्रेज़ी संस्करण, इन्फोग्राफिक्स आइडिया, या वीडियो न्यूज़ स्क्रिप्ट भी बना सकता हूँ। बताएं, किस फॉर्मेट में आगे चाहिए?
इतनी हिम्मत! गांजा तस्करी करते पकड़े गए, भारतीय सेना का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के उसलापुर रेलवे स्टेशन पर गांजा तस्करी के मामले में उत्तर प्रदेश के दो तस्करों को सिविल लाइन थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी भारी मात्रा में 21 किलो 100 ग्राम गांजा के साथ पकड़े गए।
पुलिस के अनुसार, उन्हें उसलापुर रेलवे स्टेशन के पास दो संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, दोनों युवक भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन सतर्क पुलिस ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया।
फर्जी आर्मी ID दिखाकर बचने की कोशिश
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान 25 वर्षीय रूपेश सिंह (निवासी ग्राम कोटवा हनुमानगंज, प्रयागराज) ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया। लेकिन पुलिस ने उसके हावभाव और पहचान पत्र की गंभीरता से जांच की तो पता चला कि वह फर्जी है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने इस फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर ट्रेन की टिकट बुक की थी। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी पर NDPS अधिनियम के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कूटरचना और धोखाधड़ी की धाराएं भी जोड़ी हैं।
तस्करों से गांजा और मोबाइल जब्त
दूसरा आरोपी 38 वर्षीय विनोद कुमार सिंह (निवासी वार्ड क्रमांक 38, बुड़ियादेवी मंदिर, थाना कोतवाली, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश) है। दोनों आरोपियों के पास से कुल 21 किलो 100 ग्राम गांजा और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पूरे सिंडिकेट की जांच शुरू
एसीसीयू और थाना सिविल लाइन की टीम दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस का कहना है कि यह कोई सुनियोजित तस्करी नेटवर्क हो सकता है, जिसकी एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन की जा रही है।
टीम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुट गई है और जल्द ही सिंडिकेट के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
भूपेश बघेल ही लड़ सकते हैं मोदी की गारंटी से लड़ाई — कांग्रेस नेता रविंद्र चौबे का बड़ा बयान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रविंद्र चौबे ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन के मौके पर एक भावुक और बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की अगुवाई केवल भूपेश बघेल ही कर सकते हैं।
रविंद्र चौबे ने कहा कि,
“छत्तीसगढ़ की जनता की इच्छा है कि कांग्रेस का नेतृत्व भूपेश बघेल करें। अगली लड़ाई भाजपा सरकार के कुशासन और मोदी की गारंटी से है — और यह लड़ाई सिर्फ भूपेश बघेल लड़ सकते हैं।”
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि सभी को भूपेश बघेल का हाथ मजबूत करना होगा, जैसे 2013 से 2018 के बीच मिलकर भाजपा की 15 साल की सत्ता को उखाड़ फेंका गया था।
“किसान की सरकार बना सकता है तो वह भूपेश बघेल ही हैं”
चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लिए असली संघर्ष भूपेश बघेल ने किया है। उन्होंने 2018 में कांग्रेस की सरकार बनवाई और उसके बाद भी लगातार राष्ट्रीय राजनीति में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।
“अगर पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ कोई खुलकर आवाज उठा रहा है, तो वह सिर्फ भूपेश बघेल हैं।”
उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्हें और उनके परिवार को ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों के ज़रिए लगातार परेशान किया जा रहा है।
“ED सुन ले — भूपेश बघेल शेर है, डरने वाला नहीं”
रविंद्र चौबे ने ईडी को चेताते हुए कहा:
“ईडी वाले ये समझ लें कि भूपेश बघेल महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने वाले नेता हैं। अंग्रेजों से नहीं डरे तो इन ‘काल अंग्रेजों’ से क्या डरेंगे। यह कांग्रेस का शेर है, इसे दबाया नहीं जा सकता।”
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी तक यह बात पहुंच जानी चाहिए कि भूपेश बघेल डरने वाला नेता नहीं है और न ही उनके समर्थक।
छत्तीसगढ़ सरकारः 18 माह में 453 नक्सली ढेर, 1,602 ने आत्मसमर्पण किया और 1,591 अरेस्ट, बस्तर में निर्णायक अभियान, 1162 बारूदी सुरंग किया निष्क्रिय
रायपुरःछत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान चार सौ से अधिक नक्सलियों को मुठभेड़ों में मार गिराया गया और एक हजार से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कभी नक्सलवाद के गढ़ रहे बस्तर क्षेत्र में अब व्यापक रूप से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ”पिछले डेढ़ वर्ष में एक निर्णायक अभियान चलाया गया, जिससे नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। इस अवधि में 453 नक्सली मुठभेड़ों में नक्सली मारे गए, 1,602 ने आत्मसमर्पण किया और 1,591 को गिरफ्तार किया गया।
वहीं 1,162 बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय किया गया।” अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान सुरक्षाबलों ने माओवादियों की केंद्रीय समिति के महासचिव बसवराजू को मार गिराने में सफलता पाई है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने देश की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है।
जिसमें तीन वर्षों तक प्रतिमाह दस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार से जोड़ने की व्यवस्था, नकद इनाम, तथा कृषि या शहरी भूमि प्रदान करने का प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कर बस्तर को शांति और प्रगति की भूमि बनाना है।
बस्तर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, ”बस्तर में अब बंदूक की जगह किताब हैं, सड़क और तरक्की की गूंज सुनाई दे रही है। हमारा लक्ष्य बस्तर को विकास के मार्ग में अग्रणी बनाना है।” अधिकारियों ने कहा, ”आजादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के रेकावाया गांव में स्कूल बन रहा है, जहां कभी माओवादी अपने स्वयं के स्कूल संचालित करते थे।
हिंसा के कारण बंद पड़े लगभग 50 स्कूलों को फिर से खोला गया है, नए भवन तैयार हुए हैं, और सुरक्षा शिविर खुलने के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं भी तेजी से पहुंचाई जा रही हैं।” उन्होंने कहा, ”बिजली के क्षेत्र में भी बस्तर ने नया इतिहास रचा है। नक्सली कमांडर हिड़मा के पैतृक गांव पूवर्ति समेत कई दुर्गम गांवों में पहली बार बिजली पहुंचाई गई है।
बीजापुर के चिलकापल्ली गांव में 77 वर्षों बाद, 26 जनवरी 2025 को पहली बार बिजली पहुंचाई गई।” सड़क निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए अधिकारी ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 275 किलोमीटर लंबी 49 सड़कें और 11 पुल तैयार किए गए हैं। केशकाल घाटी के चौड़ीकरण, चार-लेन बाईपास के निर्माण और इंद्रावती नदी पर बने नए पुल से आवागमन सुगम हुआ है।
उन्होंने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक 140 किलोमीटर लंबी नयी रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी मिली है, जिससे बस्तर के चौमुखी विकास को बल मिलेगा। केके लाइन के दोहरीकरण का कार्य तेजी से जारी है। तेलंगाना के कोठागुडेम से दंतेवाड़ा-किरंदूल को जोड़ने वाली 160 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के सर्वेक्षण का कार्य अंतिम चरण में है, जिसमें से 138 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है।
उन्होंने बताया कि बस्तर के दूरदराज गांवों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ‘नियद नेल्ला नार’ (अर्थात आपका अच्छा गांव) योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 54 सुरक्षा शिविरों के 10 किलोमीटर दायरे में स्थित 327 से अधिक गांवों में सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, मोबाइल टावर और वन अधिकार पट्टों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
टमाटर चोरी करने खेत में घुसे पिता-पुत्र की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत
कवर्धा। जिले के रणवीरपुर चौकी अंतर्गत कोहड़िया गांव में बीती रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें टमाटर चोरी करने खेत में घुसे पिता-पुत्र हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए। घटना में जहुरु निषाद और उनके बेटे श्रवण निषाद की मौके पर ही मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी टमाटर चोरी के लिए खेत में गए थे, जहां खेत मालिक विशाल पटेल ने अपनी फसल की सुरक्षा के लिए चारों ओर हाईटेंशन तार लगाई थी। इसी तार की चपेट में आने से दोनों बुरी तरह से झुलस गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
सुबह जब खेत मालिक वहां पहुंचा, तो उसने दोनों शव जमीन पर पड़े देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए लोहारा भेज दिया।
घटना की खबर से गांव में सनसनी फैल गई है और मृतकों के परिवार वाले गहरे शोक में डूबे हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
CG Crime News : 2 बोरियां… 2 संदिग्ध लाश, इलाके में फैली सनसनी
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार को दो अलग-अलग स्थानों पर बोरी में भरी हुई लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। दोनों मामलों में संदिग्ध परिस्थितियों को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक युवक की बोरी में बंद लाश मिली है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम (एफएसएल) मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
वहीं, बिलासपुर जिले के शिवटिकरी गांव में नदी के किनारे भी एक महिला की संदिग्ध परिस्थिति में बोरी में बंद लाश मिली है। इस मामले में स्थानीय लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और मृतिका की पहचान करने में लगी है।
दोनों ही मामलों में पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि हत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। मामले की तहकीकात अभी जारी है।
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक, शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए रणनीति पर की विशेष चर्चा
रायपुर। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार संभालते ही शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई है. शिक्षा मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली विभागीय बैठक है. इस बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी बैठक में मौजूद हैं. शिक्षा मंत्री यादव विभागीय अधिकारियों से शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए रणनीति तैयार की जा रही है.
बता दें, कार्यभार संभालने से पहले आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दूधाधारी मंदिर जाकर भगवान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने महंत राम सुंदर दास से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया.
बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 21 किलो गांजा के साथ यूपी के दो तस्कर गिरफ्तार, एक ने दिखाया फर्जी सेना का आईडी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सिविल लाइन थाना और ए.सी.सी.यू. टीम को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ रविवार को एक बड़ी सफलता मिली। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 21 किलो 100 ग्राम गांजा के साथ उत्तर प्रदेश के दो तस्करों को उसलापुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।
रेलवे स्टेशन पर दबिश, भागते पकड़े गए आरोपी
घटना 24 अगस्त 2025 की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि उसलापुर रेलवे स्टेशन के पास दो युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को भागते समय धर दबोचा।
फर्जी सेना पहचान पत्र से गुमराह करने की कोशिश
पूछताछ में एक आरोपी रूपेश सिंह ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया और एक फर्जी आर्मी आईडी कार्ड दिखाया। लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसकी चालाकी बेनकाब हो गई। जांच में पता चला कि आरोपी ने इसी फर्जी आईडी का उपयोग कर रेलवे टिकट बनवाया था।
गांजा बरामद, तस्करों की पहचान
तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के पास से 21 किलो 100 ग्राम गांजा और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम-पता इस प्रकार बताया:
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रूपेश सिंह, पिता रघुराज सिंह (25 वर्ष), निवासी कोटवा हनुमानगंज, थाना हडिया, जिला प्रयागराज (उ.प्र.)
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विनोद कुमार सिंह, पिता भारत सिंह (38 वर्ष), निवासी वार्ड 38, बुड़ियादेवी मंदिर, थाना कोतवाली, जिला प्रतापगढ़ (उ.प्र.)
एनडीपीएस व बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपियों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही, फर्जी पहचान पत्र का उपयोग करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कूट रचना संबंधी धाराएं भी लगाई गई हैं।
नशा नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस को शक है कि यह केवल गांजा तस्करी का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि गांजा कहां से लाया गया और किसे सप्लाई किया जाना था।
एसएसपी ने टीम को दी बधाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम की सराहना की है और इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर पुलिस नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार कर रही है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का नागपुर में भव्य स्वागत, क्षेत्रवासियों ने जताया आभार
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आज मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नागपुर आगमन पर आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया।
मंत्री जायसवाल के स्वागत में जगह-जगह फूलमालाओं से स्वागत, नारों की गूंज और आत्मीयता से भरे आयोजनों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा,
"आप सभी का स्नेह, सहयोग और विश्वास ही मेरी जनसेवा की सबसे बड़ी ताकत है। यह प्रेम ही मुझे लगातार बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।"
स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और मजबूत
मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक भी बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
ग्रामीणों की मांगों को मिला आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की मांग रखी। मंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया।
भारी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, स्थानीय परिवार और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
अवैध रेत परिवहन पर पूंजीपथरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 9 ट्रैक्टर जब्त
रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा-निर्देशन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना पूंजीपथरा पुलिस ने रविवार सुबह अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 ट्रैक्टर जब्त किए हैं।
थाना प्रभारी राकेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सरायपाली बाजार चौक में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना रॉयल्टी के रेत परिवहन कर रहे 9 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया। जब चालकों से रॉयल्टी दस्तावेज और परिवहन से जुड़ी जानकारी मांगी गई, तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
इस पर सभी वाहनों पर धारा 106(1) BNSS के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामले की जानकारी खनिज विभाग को भी प्रेषित कर दी है।
थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्र में अवैध गतिविधियों जैसे शराब, कबाड़ व बहुमूल्य खनिजों की तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जब्त किए गए ट्रैक्टर व चालक
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महेन्द्रा CG 13 X 7801 – धनेश्वर निषाद (गुरदा, थाना खरसिया)
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महेन्द्रा CG 13 AS 8723 – तरुण कुमार डनसेना (बरभौना, थाना छाल)
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मैक्सी CG 13 AT 0954 – लेखराम राठिया (बरभौना, थाना छाल)
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महेन्द्रा (बिना नंबर) – लाल कुमार पटेल (बरभौना, थाना छाल)
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महेन्द्रा CG 13 AM 9156 – पवन कुमार राठिया (कुकरीचोरी, थाना छाल)
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महेन्द्रा CG 11 DA 5182 – दिलेश्वर डनसेना (बरभौना, थाना छाल)
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महेन्द्रा CG 13 BC 8169 – भीमा डनसेना (बरभौना, थाना छाल)
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सोनालीका (बिना नंबर) – शेखरचंद डनसेना (बरभौना, थाना छाल)
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महेन्द्रा CG 13 BD 2509 – धनंजय डनसेना (बरभौना, थाना छाल)
रायगढ़ पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई को अवैध खनन पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
रायपुर में श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य आयोजन 25 से
रायपुर। रायपुर में श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन 25 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक रामस्वरूप निरंजनलाल भवन, वी.आई.पी. रोड, रायपुर में होगा। कथा का समय दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित है। समस्त अग्रवाल परिवार (रायपुर और कटनी) द्वारा आयोजित इस कथा में व्यास पीठ पर परमश्रद्धेय आचार्य बांके बिहारी गोस्वामी जी "बाँके बाबा" मथुरा वाले विराजमान होंगे।
ओसाका (जापान) में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ पैवेलियन में उमड़ी रौनक, 22 हजार से अधिक दर्शकों ने किया अवलोकन
ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन आकर्षण का केंद्र बन गया। उद्घाटन दिवस पर 22 हजार से अधिक दर्शकों ने यहाँ पहुँचकर छत्तीसगढ़ की विरासत, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक का अनुभव किया।
भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया।
छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगम
पैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है।
पर्यटन और विरासत की छटा
पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है।
इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है।
औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़
पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं।
विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।
कला और शिल्प की पहचान
छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है।
इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है।
कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है।
वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थिति
वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता हैै।
बालिका की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा है कि बालिका की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना केवल विधिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि नैतिक और संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि बालिका के लिए सुरक्षित वातावरण केवल उसे अपराध से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक पहल से आरंभ होता है- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समान अवसर की उपलब्धता अपरिहार्य है। सभी संस्थानों का उद्देश्य केवल अन्याय को रोकना नहीं, बल्कि सशक्तिकरण करना है।











