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अपराध
नौकरी का सपना बना दु:स्वप्न: रईसजादों की हैवानियत, निर्वस्त्र कर नचाते, फिर करते दरिंदगी – पेन ड्राइव ने खोली हैवानों की पोल!
शहर कोतवाली क्षेत्र की तीन युवतियों ने कुछ रईसजादों पर शारीरिक शोषण, धमकी और जातिगत अपमान जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। पुलिस को सौंपी गई पेन ड्राइव में आरोपियों की करतूतों के वीडियो और ऑडियो सुबूत मौजूद हैं।
???? क्या हुआ इन युवतियों के साथ?
तीनों युवतियां इंटर कॉलेज के समय से सहेलियां हैं — एक अनुसूचित जाति से और दो मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। नौकरी पाने की चाह में ये तीनों शहर के व्यापारियों के संपर्क में आईं।
इनका आरोप है कि:
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उन्हें जबरन बीयर और सिगरेट पीने को मजबूर किया गया।
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निर्वस्त्र कर नाचने को कहा गया।
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नशे में होने पर दुष्कर्म किया गया।
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उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी गई।
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एक पीड़िता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया।
???? वीडियो और सबूतों से भरी पेन ड्राइव सौंपी गई
तीनों युवतियों ने मंगलवार को पुलिस को एक पेन ड्राइव सौंपी, जिसमें उनके शोषण के वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत मौजूद हैं। उनका कहना है कि अन्य लड़कियों का भी शोषण हुआ है, लेकिन वे बदनामी के डर से सामने नहीं आ रही हैं।
????️♂️ पुलिस पर सवाल, मेडिकल तक नहीं
घटना की गंभीरता के बावजूद पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। पीड़िताओं का आरोप है कि दो दिन तक पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की, और अब तक मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया गया। इसका सीधा असर अदालत में उनके बयान दर्ज कराने पर पड़ा है।
फिलहाल सीओ सिटी इस केस की विवेचना कर रहे हैं।
???? मूल शिकायत में नामजद आरोपी:
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आशीष अग्रवाल (व्यापारी)
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स्वतंत्र साहू (ठेकेदार)
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लोकेंद्र सिंह चंदेल (व्यवसायी)
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नवीन कुमार (संपर्क सूत्र) — जिन पर युवतियों ने सहायता न करने और चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
⚖️ क्या बोले सामाजिक कार्यकर्ता और महिला संगठन?
महिला संगठनों का कहना है कि इस मामले की तेज़ गति से जांच और मेडिकल परीक्षण होना चाहिए। पुलिस की लापरवाही साफ तौर पर सिस्टम की नाकामी दर्शाती है।
???? जरूरी है:
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पीड़िताओं की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना
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आरोपियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई
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इस केस को मिसाल बनाकर ऐसे मामलों को रोकने का प्रयास
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हापुड़ में रामलखन हत्याकांड का हुआ खुलासा प्रॉपर्टी विवाद में बड़े भाई ने फावड़े से की थी हत्या
नया बस स्टैंड में एक विक्षिप्त महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा

नकली पनीर का ज़हरीला खेल! नोएडा में फैक्ट्री से जहरीले केमिकल से बनता था 'पनीर', मास्टरमाइंड गिरफ्तार
नोएडा पुलिस ने एक खौफनाक फूड फ्रॉड का खुलासा किया है। दिल्ली-एनसीआर में जहरीला नकली पनीर सप्लाई करने वाले गैंग के सरगना अफसर खान (34) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह पनीर स्टार्च, पामोलिन तेल, ब्लीच और खतरनाक केमिकल्स से बनाया जाता था।
दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की दुकानों पर सप्लाई होता था यह "सफेद ज़हर"।
कैसे बनता था यह नकली पनीर?
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अलीगढ़ के सहजपुरा गांव में चल रही थी गुप्त फैक्ट्री
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स्टार्च पाउडर + इंडस्ट्रियल ब्लीच + केमिकल दही = नकली पनीर
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दिखने में असली, पर शरीर के लिए धीमा ज़हर
स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक? विशेषज्ञों की चेतावनी:
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फूड पॉइज़निंग: उल्टी-दस्त, पेट दर्द
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लिवर/किडनी डैमेज: धीमा जहर सीधा अंगों पर हमला करता है
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इम्युनिटी कमजोर: असली पोषण गायब
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कैंसर का खतरा: इस्तेमाल किए गए रसायन कैंसरजन्य हो सकते हैं
नोएडा पुलिस की कार्रवाई:
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कई महीनों की छानबीन के बाद मास्टरमाइंड अफसर खान पकड़ा गया
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गैंग के अन्य आरोपी – गुलफाम, नावेद, इकबाल – पहले ही गिरफ्त में
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पुलिस: “ये सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के खिलाफ संगीन साजिश है”
आप कैसे बचें नकली पनीर से?
✅ महंगे ब्रांडेड उत्पाद खरीदें
✅ शक हो तो घर पर दूध से पनीर बनाएं
✅ बेहद सस्ते पनीर से सतर्क रहें
✅ पनीर को गर्म पानी में डालें – पिघले या गंध आए तो फौरन फेंकें
कोण्डागांव नक्सली मुठभेड़ में विवाद कांग्रेस ने लगाया फर्जी मुठभेड़ का आरोप, घायल ग्रामीण अस्पताल में भर्ती भाजपा ने कहा स्वार्थ के लिए मुद्दा बना रहे

BREAKING: जंगल में घंटों चली गोलियों की गूंज... 1.16 करोड़ के दो दुर्दांत नक्सली ढेर – संगठन की कमर टूटी?
मोहला-मानपुर, छत्तीसगढ़: बुधवार की देर शाम छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले के घने जंगलों में एक बड़ी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने नक्सल संगठन को करारा झटका दिया। 1 करोड़ 16 लाख रुपये के इनामी दो बड़े नक्सली, विजय रेड्डी और लोकेश सलामे, पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई में ढेर कर दिए गए।
यह मुठभेड़ मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के बंडा पहाड़ इलाके में हुई, जहां पुलिस को पहले से खुफिया सूचना थी कि बड़ी संख्या में माओवादी जमा हैं। इसके बाद डीआरजी, आईटीबीपी और कांकेर पुलिस की टीमों ने मोर्चा संभाला। जैसे ही बल पहाड़ी इलाके के पास पहुँचे, नक्सलियों ने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मुहंतोड़ कार्रवाई की।
1.16 करोड़ का इनामी नेटवर्क खत्म
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विजय रेड्डी: 90 लाख का इनामी, 42 गंभीर मामले दर्ज – हत्या, अपहरण, विस्फोट
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लोकेश सलामे: 26 लाख का इनामी, 37 केस – डिविजनल कमेटी सचिव
दोनों नक्सली राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिविजन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल थे।
बरामद सामग्री
मुठभेड़ के बाद की गई तलाशी में:
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इंसास राइफल
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.303 राइफल
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भारी मात्रा में कारतूस
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वॉकी-टॉकी, रेडियो
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विस्फोटक सामग्री, कार्डेक्स वायर
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दैनिक उपयोग की वस्तुएं
पुलिस का मानना है कि ये हथियार हमलों की बड़ी योजना का हिस्सा हो सकते थे।
पुलिस और सरकार की प्रतिक्रिया
एसपी यशपाल सिंह ने बताया: “यह मुठभेड़ हमारी रणनीति और एकजुटता की जीत है। यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम है।”
सरकार ने डीआरजी, आईटीबीपी और पुलिस बल की वीरता की सराहना की है।
स्थानीय जनता में राहत
लंबे समय से भय में जी रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लोग आशा जता रहे हैं कि अब उनका इलाका शांति की ओर बढ़ेगा।
अगला कदम – ऑपरेशन और तेज़
सुरक्षा एजेंसियां अब इलाके में सघन सर्च अभियान चलाएंगी।
साथ ही, ग्रामीणों के बीच विश्वास बहाली के लिए विकास योजनाएं भी शुरू की जाएंगी।
BREAKING: जंगल में घंटों चली गोलियों की गूंज... 1.16 करोड़ के दो दुर्दांत नक्सली ढेर – संगठन की कमर टूटी?
मोहला-मानपुर, छत्तीसगढ़: बुधवार की देर शाम छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले के घने जंगलों में एक बड़ी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने नक्सल संगठन को करारा झटका दिया। 1 करोड़ 16 लाख रुपये के इनामी दो बड़े नक्सली, विजय रेड्डी और लोकेश सलामे, पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई में ढेर कर दिए गए।
यह मुठभेड़ मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के बंडा पहाड़ इलाके में हुई, जहां पुलिस को पहले से खुफिया सूचना थी कि बड़ी संख्या में माओवादी जमा हैं। इसके बाद डीआरजी, आईटीबीपी और कांकेर पुलिस की टीमों ने मोर्चा संभाला। जैसे ही बल पहाड़ी इलाके के पास पहुँचे, नक्सलियों ने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मुहंतोड़ कार्रवाई की।
1.16 करोड़ का इनामी नेटवर्क खत्म
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विजय रेड्डी: 90 लाख का इनामी, 42 गंभीर मामले दर्ज – हत्या, अपहरण, विस्फोट
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लोकेश सलामे: 26 लाख का इनामी, 37 केस – डिविजनल कमेटी सचिव
दोनों नक्सली राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिविजन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल थे।
बरामद सामग्री
मुठभेड़ के बाद की गई तलाशी में:
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इंसास राइफल
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.303 राइफल
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भारी मात्रा में कारतूस
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वॉकी-टॉकी, रेडियो
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विस्फोटक सामग्री, कार्डेक्स वायर
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दैनिक उपयोग की वस्तुएं
पुलिस का मानना है कि ये हथियार हमलों की बड़ी योजना का हिस्सा हो सकते थे।
पुलिस और सरकार की प्रतिक्रिया
एसपी यशपाल सिंह ने बताया: “यह मुठभेड़ हमारी रणनीति और एकजुटता की जीत है। यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम है।”
सरकार ने डीआरजी, आईटीबीपी और पुलिस बल की वीरता की सराहना की है।
स्थानीय जनता में राहत
लंबे समय से भय में जी रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लोग आशा जता रहे हैं कि अब उनका इलाका शांति की ओर बढ़ेगा।
अगला कदम – ऑपरेशन और तेज़
सुरक्षा एजेंसियां अब इलाके में सघन सर्च अभियान चलाएंगी।
साथ ही, ग्रामीणों के बीच विश्वास बहाली के लिए विकास योजनाएं भी शुरू की जाएंगी।
दोस्ती या धोखा? यश शर्मा मर्डर केस में 4 दोषियों को उम्रकैद – 48 घंटे की बर्बरता की कहानी जो रूह कंपा दे
रायपुर:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यश शर्मा हत्याकांड ने जब पूरे शहर को झकझोर दिया था, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि दोस्ती की आड़ में रची गई यह साजिश इतनी वहशियाना होगी। अब इस दिल दहलाने वाले केस में एट्रोसिटी कोर्ट ने 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
तीन महीने के भीतर आए इस फैसले ने साबित कर दिया कि न्याय में देर नहीं, लेकिन दरकार सख्ती की है।
4 दोस्त, 1 प्लान और 48 घंटे की दरिंदगी
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दोषी:
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तुषार पाहुजा
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यश खेमानी
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चिराग पंजवानी
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तुषार पंजवानी
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मृतक यश शर्मा, 20 वर्षीय युवक, सिंधी समाज में पंडिताई का कार्य करता था। 13 अक्टूबर 2024 को एक कथित पार्टी का बहाना बनाकर उसे बुलाया गया। फिर शुरू हुआ दरिंदगी का खेल, जो अगले 48 घंटे तक चलता रहा।
कैसे हुई थी हत्या की शुरुआत?
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पार्टी का बहाना बनाकर यश को कार में बिठाया गया।
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रिंग रोड के पास एक कैफे के बाहर उसे बांस के डंडों से पीटा गया।
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फिर शगुन फॉर्म हाउस ले जाकर दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।
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इस दौरान उस पर शारीरिक और मानसिक अत्याचार किए गए।
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सिगरेट से जलाई गईं कलाईयां, जबरन शराब, और छाती पर मार –
हॉस्पिटल के डॉक्टर भी यश की हालत देखकर सन्न रह गए।
जेल की हवा खा रहे चारों दोषी, अब ताउम्र सलाखों के पीछे
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कोर्ट में पेश किए गए 28 गवाहों के बयानों और यश के मरने से पहले के बयान के आधार पर न्यायालय ने चारों को आजन्म कारावास (life imprisonment) की सजा सुनाई।
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केस की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे स्पीड ट्रायल के तहत चलाया गया।
सवाल अब भी बाकी हैं...
क्या ये हत्या किसी पुराने झगड़े का बदला थी?
या फिर था इसमें कोई बड़ा गैंग या रैकेट?
पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल छोड़े हैं, जिनकी गहराई से जांच बाकी है।
इस केस की हाईलाइट्स:
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वारदात की तारीख: 13 अक्टूबर 2024
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FIR दर्ज: 19 अक्टूबर 2024
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गिरफ्तारी: दिसंबर 2024 - फरवरी 2025
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सजा सुनाई गई: अगस्त 2025
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पीड़ित का बयान: AIIMS में इलाज के दौरान दिया गया
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कोर्ट: स्पेशल जज एट्रोसिटी कोर्ट, रायपुर
सीट के नीचे छिपा था राज़! स्कॉर्पियो से बरामद हुए 4 करोड़, गुजरात से जुड़े दो चेहरे और बड़ा नेटवर्क?
खैरागढ़ : स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने न सिर्फ इलाके बल्कि पूरे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईतवारी बाजार के एमसीपी प्वाइंट पर रूटीन चेकिंग के दौरान पकड़ी गई एक सफेद स्कॉर्पियो (MH-12 WZ-0696) से बरामद हुई 4.04 करोड़ की नकदी ने अफसरों के होश उड़ा दिए।
कैसे हुआ खुलासा?
गाड़ी में सवार युवक — पारस पटेल (36 वर्ष, वडोदरा) और अक्षय पटेल (30 वर्ष, पाटन) — शुरुआत में सामान्य नजर आ रहे थे, लेकिन उनके हावभाव और सवालों पर दिए गए जवाब संदिग्ध थे।
पुलिस ने मौके पर प्रतिष्ठित गवाह बुलाए, वीडियोग्राफी चालू की और गाड़ी की गहन तलाशी ली।
फिर हुआ असली खुलासा —
सीट के नीचे छिपा था एक सीक्रेट चेम्बर, जिसमें नोटों से भरे थैले पाए गए। जब गिनती हुई, तो रकम निकली – ₹4,04,50,000!
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
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नकदी और वाहन को BNSS की धारा 106 के तहत ज़ब्त कर लिया गया है।
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दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ जारी है।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयकर विभाग को केस सौंपा गया है, जो नकदी के स्रोत और ट्रांजैक्शन की जांच करेगा।
बड़ा नेटवर्क या फाइनेंशियल क्राइम?
पुलिस को शक है कि यह रकम किसी बड़े हवाला या फाइनेंशियल नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि मामले में राजनीतिक, व्यवसायिक या अंतर्राज्यीय लिंक की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं।
इस खबर से जुड़े प्रमुख बिंदु:
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बरामद रकम: ₹4.04 करोड़
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वाहन: स्कॉर्पियो (MH-12 WZ-0696)
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आरोपी: गुजरात निवासी दो युवक
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कार्रवाई: BNSS धारा 106 के तहत ज़ब्ती
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जांच एजेंसी: आयकर विभाग
हापुड़ नगर में कलयुगी मां ने डेढ़ वर्षीय मासूम की छत से फेंक उतारा मौत के घाट पति से हुआ था विवाद


दुकान की आड़ में चखना उपलब्ध कराते हुए शराब पीने देने वाले दुकान मालिकों के खिलाफ किया गया कार्यवाही

आबकारी उड़नदस्ता टीम ने की बड़ी कार्रवाई नशीली कैप्सूल का बड़ा जाकिरा पकड़ा
अंबिकापुर..

नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कर्रवाई
नारकोटिक्स युक्त इंजेक्शन की तस्करी एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

एकता अस्पताल के पास जघन्य हत्या पत्थर से सिर कुचलकर युवक की निर्मम हत्या

सोलर पेनल लगाने के दौरान करेंट लगने से मौत

नाबालिग पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर मोटर सायकल से अपहृत कर बलात्कार करने वाले आरोपियों को फरसगांव पुलिस ने किया चंद घंटे में गिरफ्तार

सिम्भावली थाना क्षेत्र में बिहार के कुख्यात 50 का इनामी डब्लू यादव मुठभेड़ में ढेर, आधुनिक हथियार बरामद।

अम्बिकापुर मेडिकल कालेज कैम्पस से एम्बुलेंस चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार
अम्बिकापुर मेडिकल कालेज कैम्पस से एम्बुलेंस चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार,
डीएम और एसपी के निर्देश पर 13 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा जांच जारी। अली की मौत पर परिजनों ने जताई थी हत्या व कुकर्म की आशंका प्रशासन ने कब्र खुदवाकर शुरू की कानूनी प्रक्रिया की शुरू

मैनेजर से लूट करने वाले दोनों आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल कैश बरामद













