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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) एवं कृषि उन्नति योजनाओं की समीक्षा
किसानों को MSP का लाभ सुनिश्चित करने हेतु मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र को चना, मसूर व सरसों की खरीद की मंजूरीकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने 12 सफदरजंग रोड स्थित आवास पर 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) एवं कृषि उन्नति योजना (KY) के अंतर्गत राज्यों में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा इन दोनों योजनाओं में जारी धनराशि के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल बजटीय व्यय करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर किसानों की आय में ठोस वृद्धि सुनिश्चित करना है।

श्री चौहान ने राज्यों से आग्रह किया कि उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयबद्ध व्यय के साथ-साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।

बैठक में कृषि अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, तकनीकी नवाचार, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, बीज वितरण, फसल विविधीकरण तथा मूल्य संवर्धन जैसी पहलों पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से कहा कि वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन करें तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता दें, जिससे किसानों की लागत घटे और उत्पादकता में वृद्धि हो।
बैठक के दौरान रबी विपणन सत्र के अंतर्गत विभिन्न राज्यों द्वारा फसलों की खरीद के संबंध में प्रस्तुत प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए निम्नलिखित स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं जिसमें मध्य प्रदेश को चना एवं मसूर की खरीद की स्वीकृति, राजस्थान एवं गुजरात को चना एवं सरसों की खरीद की स्वीकृति, महाराष्ट्र को चना की खरीद की स्वीकृति शामिल हैं।
इन स्वीकृतियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप प्राप्त हो सके तथा बाजार में मूल्य स्थिरता बनी रहे।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों को निर्देश दिया कि खरीद प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि खरीद केंद्र पर्याप्त मात्रा में हों, तौल, भंडारण एवं भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शिता एवं ईमानदारी से संचालित हो तथा किसानों को न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
श्री चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से ही कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने राज्यों से अपेक्षा की कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में नवाचार, तकनीक और पारदर्शिता को प्राथमिकता दें, जिससे किसानों का विश्वास और सुदृढ़ हो।
बैठक के अंत में राज्यों के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि वे योजनाओं के अंतर्गत धनराशि के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग के लिए तेजी से कार्य करेंगे तथा किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेंगे।
बैठक में गुजरात के कृषि मंत्री श्री जीतूभाई, असम के श्री अतुल बोरा, बिहार के श्री रामकृपाल यादव, महाराष्ट्र के श्री दत्तात्रेय भरणे, उत्तराखंड के श्री गणेश जोशी, राजस्थान के श्री किरोड़ी लाल मीणा, हरियाणा के श्री श्याम सिंह राणा, केरल के श्री पी. प्रसाद तथा मध्य प्रदेश के श्री ऐदल सिंह, कृषि मंत्रालय के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, सिक्किम राष्ट्र के साथ भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से एकीकृत महसूस करता है: मुख्यमंत्री सिक्किम प्रेम सिंह तामांग - गोले
छत्तीसगढ़ प्रेस बिरादरी के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आज मिन्तोकगांग में मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तामांग से शिष्टाचार भेंट की। बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री ने सिक्किम सरकार द्वारा की गई विभिन्न विकासात्मक पहलों और प्रगतिशील नीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने राज्य की शांत पारिस्थितिकी और चीन, नेपाल तथा भूटान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ साझा करने वाले एक रणनीतिक सीमावर्ती राज्य के रूप में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। सतत विकास पर जोर देते हुए, उन्होंने सिक्किम में जारी जैविक खेती (Organic Farming) प्रथाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था पर उनके सफल प्रभाव के बारे में बात की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के उपायों और व्यापक वन क्षेत्र के महत्व को भी रेखांकित किया, जिसने सामूहिक रूप से राष्ट्र के 'हरित राज्य' के रूप में सिक्किम की पहचान को मजबूत किया है।

हाफिजपुर पुलिस ने मुठभेड़ में इनामी गैंगस्टर को लंगड़ा कर की नए साल की शुरुआत
हापुड़- रिपोर्ट हरेन्द्र शर्मा , यूपी के हापुड़ जिले में चेकिंग के अभियान के दौरान हाफिजपुर पुलिस की 20 हजार के इनामी गैंगस्टर से मुठभेड़ हुई है। पुलिस के रुकने पर इनामी बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश को गोली लगी पुलिस ने घायल अवस्था में शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है । इनामी बदमाश गौरव गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित चल रहा था , जिसको पुलिस ने मुठभेड़ के बाद धर दबोचा है। बदमाश के कब्जे से बाइक, तमंचा व कारतूस बरामद किया गया है। गैंगस्टर बदमाश गौरव पर लूट व चोरी के आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
भारत सरकार ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अंतर्गत तीन वैश्विक इम्पैक्ट चुनौतियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जिनकी कुल पुरस्कार राशि 5.85 करोड़ रुपये है आवेदन 31 अक्टूबर 2025 तक खुले हैं
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा सितंबर 2025 में घोषित तीन प्रमुख ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए आवेदन अब खुल चुके हैं और इसके अंतर्गत कुल 5.85 करोड़ रूपए मूल्य के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। तीन पहलों, एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज, एआई बाय एचईआर: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज, और वाईयूवीएआई: ग्लोबल यूथ चैलेंज, का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक प्रभाव की उच्च क्षमता वाले परिवर्तनकारी एआई-संचालित समाधानों की पहचान, पोषण और प्रदर्शन करना है। ये कार्यक्रम नवप्रवर्तकों को मार्गदर्शन, निवेशकों तक पहुंच और अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेंगे। ये चुनौतियां आधिकारिक शिखर सम्मेलन वेबसाइट: https://impact.indiaai.gov.in/ पर लाइव हैं।
वैश्विक प्रभाव चुनौतियां समावेशी, ज़िम्मेदार और मापनीय एआई नवाचार को गति देने के लिए तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता में ऐसे अभूतपूर्व विचारों को प्रेरित और समर्थन देना है जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को गति प्रदान कर सकें। चयनित नवाचारों को 19-20 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 में प्रदर्शित किया जाएगा।
तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां क्या हैं?
1) सभी के लिए एआई: वैश्विक प्रभाव चुनौती
एआई नवाचारों के लिए एक वैश्विक आह्वान जो व्यापक स्तर पर उच्च संभावित मूल्य प्रदर्शित करते हैं और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। यह चुनौती कृषि, जलवायु एवं स्थिरता, शिक्षा, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण, शहरी अवसंरचना एवं गतिशीलता, और वाइल्डकार्ड/ओपन इनोवेशन ट्रैक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कार्यान्वित करने योग्य एआई समाधानों को आमंत्रित करती है।
पुरस्कार एवं समर्थन:
- शीर्ष 10 विजेताओं को 2.5 करोड़ रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा।
- 20 फाइनलिस्ट (प्रत्येक में अधिकतम दो सदस्य) को भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए यात्रा सहायता मिलेगी।
- मेंटरशिप, निवेशक संपर्क, कंप्यूट/क्लाउड क्रेडिट और शिखर सम्मेलन के पश्चात त्वरित मार्गों तक पहुंच।
पात्रता: यह अवसर वैश्विक स्तर पर छात्रों, शोधकर्ताओं, कार्यरत पेशेवरों, कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए खुला है जिनके पास पायलट स्तर पर या व्यापक स्तर पर उपयोग के लिए तैयार एआई समाधान हैं।
2) एआई बाय एचईआर: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज
नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) द्वारा अन्य ज्ञान साझेदारों के सहयोग से आयोजित, महिलाओं के नेतृत्व वाले एआई नवाचारों की श्रृंखला को मज़बूत करने के लिए एक समर्पित चुनौती। आवेदकों को कृषि, साइबर सुरक्षा और डिजिटल कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा और जलवायु, तथा वाइल्डकार्ड/ओपन इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में ठोस सामाजिक प्रभाव पैदा करने वाले एआई समाधान प्रस्तावित करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
पुरस्कार एवं समर्थन:
- शीर्ष 10 विजेताओं को 2.5 करोड़ रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा।
- शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 30 फाइनलिस्ट (प्रत्येक में अधिकतम दो सदस्य) को यात्रा सहायता दी जाएगी।
- उत्तरदायी एआई, निवेशक तत्परता और कहानी कहने पर वर्चुअल बूटकैम्प।
- 30 उच्च-संभावित टीमों के लिए निवेशक संलग्नताएं तैयार की गईं।
पात्रता: महिलाओं के नेतृत्व वाली टीमों, छात्र टीमों, या महिलाओं के नेतृत्व वाली संस्थाओं के लिए, जिनके पास एक कार्यशील प्रोटोटाइप या परिपक्व एआई समाधान हो, विश्व स्तर पर खुला है।
यहां आवेदन करें
3) वाईयूवीएआई: वैश्विक युवा चुनौती
13-21 वर्ष की आयु के युवा नवप्रवर्तकों (व्यक्तिगत या अधिकतम दो लोगों की टीम) को जनहित के लिए एआई समाधान विकसित करने हेतु प्रोत्साहित करने हेतु डिज़ाइन की गई एक युवा-प्रथम पहल। इसके सांकेतिक विषयों में लोगों और समुदायों को सशक्त बनाना, प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव लाना और भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचे और स्मार्ट इकोसिस्टम के निर्माण के साथ ही एक वाइल्डकार्ड/ओपन इनोवेशन श्रेणी शामिल है।
पुरस्कार एवं समर्थन:
- कुल 85 लाख रुपये के पुरस्कार, जिनमें शामिल हैं:
- शीर्ष 3 विजेताओं में से प्रत्येक को 15 लाख रुपये
- अगले 3 विजेताओं में से प्रत्येक को 10 लाख रुपये
- 5 लाख रुपये प्रत्येक के 2 विशेष मान्यता पुरस्कार
- शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शीर्ष 20 प्रतिभागियों को यात्रा सहायता दी जाएगी।
- 10-दिवसीय वर्चुअल बूटकैम्प, निवेशक प्रदर्शन के अवसर, तथा एक स्थायी ऑनलाइन शोकेस और संग्रह प्रकाशन।
पात्रता: 13-21 वर्ष की आयु के युवा नवप्रवर्तकों के लिए, जिनके पास कार्यशील प्रोटोटाइप, पीओसी या परिनियोजन योग्य समाधान हों, विश्व स्तर पर खुला है।
समयसीमा और प्रमुख तिथियां
- आवेदन खुलने की तिथि: 10 अक्टूबर, 2025
- आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर, 2025
- वर्चुअल बूटकैंप: नवंबर 2025
- फाइनलिस्ट की घोषणा: 31 दिसंबर, 2025 तक
- भव्य प्रदर्शन: भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 (16-20 फरवरी, 2026, नई दिल्ली)
आवेदन कैसे करें
तीनों ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए आवेदन आधिकारिक पोर्टल www.impact.indiaai.gov.in के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
प्रत्येक चुनौती पृष्ठ पर पात्रता मानदंड, समय-सीमा, सबमिशन दिशानिर्देश, सहमति प्रपत्र और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है । आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे सभी निर्देशों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें और शॉर्टलिस्टिंग और भागीदारी से संबंधित अपडेट और घोषणाओं के लिए नियमित रूप से वेबसाइट देखें।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने पीएमजेवीके के तहत विरासत और शास्त्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के अंतर्गत विरासत और शास्त्रीय भाषाओं के संवर्धन और संरक्षण हेतु उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए देश भर के विश्वविद्यालयों को सहायता प्रदान कर रहा है।

इसी पहल के एक भाग के रूप में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में पीएमजेवीके के तहत 27.16 करोड़ रुपये की लागत से जैन अध्ययन केंद्र की शुरूआत की। इस अवसर पर “जैन धर्म और भारतीय ज्ञान प्रणाली” पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री राम सिंह भी उपस्थित थे।


डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने विश्वविद्यालय परिसर का दौरा किया और संकाय सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने विश्वविद्यालय से जैन अध्ययन केंद्र को वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने और अनुसंधान, दस्तावेज़ीकरण और प्रसार के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल उपकरणों को एकीकृत करने का आग्रह किया। डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने प्रौद्योगिकी की भूमिका पर ज़ोर देते हुए व्यापक शैक्षणिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के लिए विरासती भाषाओं के संरक्षण, डिजिटलीकरण और संवर्धन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की क्षमता पर प्रकाश डाला।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने मुंबई विश्वविद्यालय में पाली, प्राकृत और अवेस्ता पहलवी और गुजरात विश्वविद्यालय में प्राकृत भाषाओं के अध्ययन के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए हैं । इन केंद्रों का उद्देश्य उन्नत अनुसंधान, अनुवाद, पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षाशास्त्र के साथ एकीकृत करना है। मंत्रालय की ओर से इन उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना भाषाई और दार्शनिक विरासत की रक्षा और देश के विविध समुदायों की बौद्धिक परंपराओं को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्चस्तरीय बैठक में की कृषि क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज एक उच्चस्तरीय बैठक में कृषि क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में देशभर में खरीफ फसल की स्थिति, रबी फसल की बुवाई, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति, मूल्य स्थिति, उर्वरक उपलब्धता, जलाशयों की स्थिति सहित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने इस दौरान विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने खरीफ की बुवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ फसलों के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल कवरेज पिछले वर्ष की तुलना में 6.51 लाख हेक्टेयर अधिक है। कुल बुवाई क्षेत्र 1121.46 लाख हेक्टेयर है, जबकि गत वर्ष यह 1114.95 लाख हेक्टेयर था। गेहूं, धान, मक्का, गन्ना और दलहन की बुवाई भी वर्ष 2024-25 की तुलना में अधिक हुई है। बैठक में उड़द बुवाई क्षेत्रफल में वृद्धि की भी जानकारी देते हुए बताया गया कि उड़द के क्षेत्रफल में 1.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में उड़द का बुवाई क्षेत्रफल 22.87 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 24.37 लाख हेक्टेयर हो गया है।

बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भी केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने जानकारी ली, उन्होंने पिछले दिनों बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित कुछ राज्यों के जिलों का दौरा भी किया था। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण कुछ प्रदेशों में फसलें प्रभावित हैं, लेकिन यह भी बताया कि अन्य प्रदेशों में अच्छे मानसून के कारण फसल काफी अच्छी है, जिसका प्रभाव रबी बुवाई और उत्पादन में वृद्धि के रूप में देखने को मिलेगा।

बैठक में बताया गया कि टमाटर और प्याज की बुवाई सुचारू रूप से चल रही है। वर्ष 2024-25 की तुलना में प्याज का बुवाई क्षेत्रफल 3.62 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.91 लाख हेक्टेयर हो गया है, वहीं आलू का क्षेत्रफल 0.35 लाख हेक्टेयर की तुलना में 0.43 लाख हेक्टेयर हो गया है। टमाटर का बुवाई क्षेत्रफल पिछले वर्ष समान अवधि में 1.86 लाख हेक्टेयर था, जो इस वर्ष बढ़कर 2.37 लाख हेक्टेयर हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि आलू, प्याज, टमाटर में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अच्छी वृद्धि हुई है। बैठक में बताया गया कि चावल और गेहूं के वास्तविक स्टॉक बफर मानक के मुकाबले ज्यादा हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह को अधिकारियों ने देश में जलाशयों की स्थिति से भी अवगत कराते हुए बताया कि पूरे देश में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कुल संग्रहण स्थिति बेहतर है और इसी अवधि के दौरान सामान्य संग्रहण से भी बेहतर है। 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि के संग्रहण का 103.51 प्रतिशत और पिछले दस वर्षों के औसत संग्रहण का 115 प्रतिशत है।
बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने उर्वरक उपलब्धता की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही आगामी दिनों में सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से इस संबंध में उर्वरक मंत्रालय से सतत संपर्क में रहने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि आगामी सीजन में उर्वरकों की आवश्यकता को लेकर राज्यों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
जीएसटी तर्कसंगतता मिजोरम में विकास की वृद्धि समृद्धि का निर्माण
पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग ने जूस और कॉन्सन्ट्रेट उत्पादन में उद्यमशीलता के नए अवसर पैदा किए हैं। इससे किसानों और महिला समूहों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा हो रहे हैं।
प्रसंस्कृत फल उत्पादों पर जीएसटी को 12-18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने से पैशन फ्रूट जूस और संबद्ध उत्पाद अधिक किफायती और विपणन योग्य हो जाएंगे। इस सुधार से छोटे पैमाने पर प्रसंस्करण इकाइयों के विकास को प्रोत्साहित करने, स्थानीय नौकरियां पैदा करने और मिजोरम को स्वास्थ्य-उन्मुख फल पेय पदार्थों की बढ़ती राष्ट्रीय मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बांस और बेंत शिल्प
बांस मिजोरम की संस्कृति और अर्थव्यवस्था में गहराई से जुड़ा हुआ है। राज्य का लगभग 51 प्रतिशत भूमि क्षेत्र बांस से ढका हुआ है। यह राज्य के हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों की रीढ़ है। फर्नीचर और घरेलू सजावट से लेकर टोकरियों और उपयोगी उत्पादों तक, बांस और बेंत के शिल्प मिजो कारीगरों की रचनात्मकता और स्थिरता दोनों को दर्शाते हैं।
ये शिल्प ग्रामीण परिवारों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं और राज्य भर में युवाओं के रोजगार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस क्षेत्र को डिजाइन, कौशल विकास और मूल्य संवर्धन में सुधार के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के तहत समर्थन प्राप्त हो रहा है। इससे कारीगरों को व्यापक घरेलू और निर्यात बाजारों तक पहुंचने में मदद मिल रही है।
जीएसटी के नए ढांचे के तहत बांस के फर्नीचर और सभी बांस या बेंत हस्तशिल्प उत्पादों पर अब 5 प्रतिशत की एक समान दर से कर लगाया जाता है, जो पहले के उच्च स्लैब से कम है। कम दर बांस उत्पादों को अधिक किफायती बनाएगी, घरेलू मांग को प्रोत्साहित करेगी और राष्ट्रीय हस्तशिल्प बाजार में मिजोरम की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी। भारत के बांस उद्योग का मूल्य लगभग 24,000 करोड़ रुपये (2019 में) है। यह सुधार मिजोरम के कारीगरों के लिए नए अवसर खोलता है, हरित आजीविका और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देता है।
पर्यटन और आतिथ्य
पर्यटन का क्षेत्र मिजोरम में विकास और रोजगार के एक प्रमुख इंजन के रूप में तेजी से उभर रहा है। सुंदर पहाड़ियों, हरे-भरे जंगलों और एक जीवंत सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध यह राज्य खुद को इको-टूरिज्म और साहसिक यात्रा के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहा है। मिजो संस्कृति की गर्मजोशी और आतिथ्य को दर्शाते शांत परिदृश्यों, पारंपरिक त्योहारों और समुदाय-आधारित होमस्टे की ओर आगंतुक काफी आकर्षित होते हैं।
वर्ष 2014-15 के एक सरकारी सर्वेक्षण में राज्य में 161 आवास इकाइयों में काम करने वाले 4,038 कर्मचारियों की पहचान की गई, जो आजीविका के स्रोत के रूप में पर्यटन के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। वर्ष 2023-24 में मिजोरम में 2,15,265 घरेलू और 3,884 विदेशी पर्यटक आए थे। यह क्षेत्र होटल, टूर ऑपरेशन, हस्तशिल्प, खाद्य सेवाओं और परिवहन के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से रोजगार पैदा करता है।
होटलों में 7,500 रुपये तक के कमरों पर अब केवल 5 प्रतिशत कर लगाया गया है। यह कर सुधार सेवा प्रदाताओं के लिए कम इनपुट लागत के साथ ही आगंतुकों के लिए मिजोरम की यात्रा को और अधिक किफायती बना देंगे। इस कदम से पर्यटन को प्रोत्साहित करने, आतिथ्य क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण और शहरी केंद्रों में युवाओं के लिए समान रूप से अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
जीएसटी सुधार मिजोरम की अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ प्रदान करते हैं। इसमें जीआई-टैग वाली मिजो मिर्च और मसालों की खेती करने वाले किसानों से लेकर बांस के फर्नीचर बनाने वाले कारीगरों और पर्यटन क्षेत्र के उद्यमी शामिल हैं। कम कर दरों से लागत कम होगी, घरेलू खपत को बढ़ावा मिलेगा और व्यापक बाजारों में मिजोरम के प्राकृतिक और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत होगी।
ये सुधार कृषि-प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और इको-टूरिज्म में नए अवसरों के साथ पारंपरिक शक्तियों को जोड़कर आजीविका को बनाए रखने, मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने और समावेशी और सतत विकास की दिशा में मिजोरम का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) मुख्यालय में बहु आपदा पूर्व चेतावनी डीएसएस और मौसमग्राम की समीक्षा की
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का दौरा किया और आईएमडी द्वारा विकसित वेब-जीआईएस आधारित बहु-आपदा पूर्व चेतावनी निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) की समीक्षा की।

मंत्री महोदय ने स्वदेशी, तकनीक-संचालित और नागरिक-केंद्रित मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों के विकास की दिशा में विभाग द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की जो देश भर में आपदा तैयारियों को मज़बूत करती हैं और जन सुरक्षा को बढ़ाती हैं। माननीय मंत्री महोदय ने विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता समाप्त करके और ₹5.5 करोड़ की वार्षिक रखरखाव लागत से बचकर ₹250 करोड़ की अनुमानित लागत बचत करने और इस प्रकार "आत्मनिर्भर भारत" पहल के तहत आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए डीएसएस की सराहना की।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने "मौसमग्राम" (हर हर मौसम, हर घर मौसम) की भी समीक्षा की, जो नागरिक-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्म है जो गाँव स्तर तक अति-स्थानीय, स्थान-विशिष्ट मौसम पूर्वानुमान प्रदान करता है। यह प्रणाली अगले 36 घंटों के लिए प्रति घंटे, अगले पाँच दिनों के लिए तीन घंटे और अधिकतम दस दिनों के लिए छह घंटे का पूर्वानुमान करेगी। नागरिक पिन कोड, स्थान के नाम या अपने राज्य, ज़िले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करके आसानी से मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सभी आधिकारिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध, "मौसमग्राम" यह सुनिश्चित करता है कि संपूर्ण भारत में उपयोगकर्ताओं को उनके क्षेत्र से संबंधित सही और समय पर मौसम संबंधी जानकारी प्राप्त हों।

आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान और चेतावनी निर्माण प्रक्रिया को पूरी तरह से पुनः तैयार किया है। इससे वास्तविक समय पर अलर्ट प्राप्त करना संभव हो गया है और पूर्वानुमान क्षमताओं में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है - लीड अवधि को 5 दिनों से बढ़ाकर 7 दिन कर दिया गया है, पूर्वानुमान तैयार करने का समय लगभग 3 घंटे कम कर दिया गया है, और सटीकता में 15-20% तक सुधार किया गया है।
आईएमडी अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने "मौसमग्राम" को और भी अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल एवं सुलभ बनाने के लिए इसमें एआई-संचालित तंत्रों को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने बहु-आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि नागरिकों को स्पष्ट और कार्रवाई योग्य चेतावनियाँ प्राप्त हों जो आपदाओं को रोकने में मदद करें और तैयारी एवं सुरक्षा के लिए पर्याप्त समय प्रदान करें।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने विशाखापत्तनम में आयोजित ई-गवर्नेंस पर 28वें राष्ट्रीय सम्मेलन में ई-गवर्नेंस 2025 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर आईएमडी टीम को बधाई दी। इस पुरस्कार के लिए बहु-आपदा पूर्व चेतावनी डीएसएस के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण हेतु डिजिटल तकनीक का लाभ उठाने में विभाग के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता दी गई। उन्होंने विशेष स्वच्छता कार्यक्रम के तहत विभाग की उपलब्धियों की भी सराहना की जिसमें पुरानी फाइलों और ई-कचरे का निपटान शामिल है, जिससे 30 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ और 600 वर्ग मीटर कार्यालय स्थान खाली हुआ।
इससे पहले, मंत्री ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा नई दिल्ली मुख्यालय परिसर "मौसम भवन" में आयोजित विशेष स्वच्छता कार्यक्रम 5.0 में भाग लिया।
“एक पेड़ माँ के नाम” पहल के अंतर्गत डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईएमडी परिसर में एक पौधा लगाया और 50 “सफाई मित्रों” को स्वच्छता और रखरखाव गतिविधियों में उनके समर्पित योगदान के लिए सम्मानित किया।
मिशन मौसम के कार्यान्वयन, जिसमें उन्नत मौसम संबंधी उपकरणों की स्थापना और कमीशनिंग शामिल है, जिससे 2030 तक आईएमडी की पूर्वानुमान क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, 5x5 किलोमीटर के पैमाने पर गंभीर मौसम संबंधी आपदाओं का पूर्वानुमान, गतिशील प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान और सभी के लिए जोखिम-आधारित पूर्व चेतावनी संभव होगी। इस पहल का उद्देश्य 2030 तक हर घर तक पूर्व चेतावनी पहुँचाने के लिए अंतिम-मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है, जिससे "हर हर मौसम, हर घर मौसम" का लक्ष्य प्राप्त होगा।
15 सितंबर से लौटेगा मानसून! लेकिन पीछे छोड़ जाएगा 7% ज्यादा बारिश और अनगिनत सवाल…
15 सितंबर से लौटेगा मानसून! लेकिन पीछे छोड़ जाएगा 7% ज्यादा बारिश और अनगिनत सवाल…
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ऐलान किया है कि 15 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। लेकिन इस बार की विदाई सामान्य नहीं है—क्योंकि मानसून ने देश को 7% ज्यादा बारिश देकर कई रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं।
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिमी राजस्थान से 15 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होगी। धीरे-धीरे यह प्रक्रिया पूरे उत्तर-पश्चिम भारत और फिर पूरे देश तक फैलेगी।
जल्दी आया, देर से जाएगा
आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। वापसी 17 सितंबर के आसपास शुरू होकर 15 अक्टूबर तक पूरी होती है। लेकिन इस साल मौसम के खेल ने चौंका दिया—
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मानसून 24 मई को ही केरल पहुंच गया, जो 2009 के बाद सबसे जल्दी था।
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पूरे देश को कवर करने में भी यह 9 दिन पहले यानी 30 जून तक सफल हो गया।
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2020 के बाद यह सबसे जल्दी पूरे भारत तक पहुंचने वाला मानसून रहा।
बारिश का रिकॉर्ड
अब तक देश में 836.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 778.6 मिमी होती है। यानी इस बार 7% अधिक।
आईएमडी ने पहले ही अनुमान जताया था कि जून-सितंबर के दौरान भारत को औसत से ज्यादा (106%) बारिश मिलेगी।
महत्व क्यों है?
भारत का कृषि क्षेत्र, जो देश की 42% आबादी की रोज़ी-रोटी और जीडीपी का 18.2% योगदान देता है, पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। यही बारिश पेयजल, बिजली उत्पादन और जलाशयों को भरने में भी अहम भूमिका निभाती है।
BJP President की रेस में सरप्राइज एंट्री! कौन है ये धाकड़ वक्ता, जिसने विपक्ष की नींदें उड़ाकर खेला बड़ा दांव?
भारतीय जनता पार्टी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश तेज हो गई है। कई नामों की चर्चा के बीच अब एक ऐसा नाम सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। यह नेता अपनी धारदार जुबान, आक्रामक शैली और संगठन के अनुभव के दम पर अचानक ही रेस का मजबूत खिलाड़ी बन गया है। सवाल यही है—क्या ये धाकड़ वक्ता भाजपा का नया चेहरा बनने जा रहे हैं?
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से भाजपा अध्यक्ष पद खाली है। लंबे इंतज़ार के बाद अब रेस में एक सरप्राइज एंट्री ने सबका ध्यान खींचा है। यह नाम है—वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी।
सुधांशु त्रिवेदी को लेकर कहा जा रहा है कि उनकी 4 खूबियों ने उन्हें सीधे अध्यक्ष पद की दौड़ में ला खड़ा किया है—
1️⃣ बोलने की दमदार कला – संसद से लेकर टीवी डिबेट तक, त्रिवेदी विपक्ष को अपने तार्किक और तेज़ जवाबों से घेरते रहे हैं। उनकी जुबान की धार और तथ्यात्मक शैली ने उन्हें जनता और मीडिया दोनों में लोकप्रिय चेहरा बनाया।
2️⃣ संगठन का गहरा अनुभव – एबीवीपी और आरएसएस से जुड़े रहने के बाद भाजपा संगठन में लंबे समय तक काम किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता से लेकर राज्यसभा सांसद बनने तक का उनका सफर संगठन और विचारधारा से उनकी नज़दीकी दिखाता है।
3️⃣ जाति और क्षेत्रीय समीकरण – उत्तर प्रदेश से आने वाले ब्राह्मण नेता होने के नाते त्रिवेदी भाजपा और संघ दोनों के समीकरण में फिट बैठते हैं। यूपी भाजपा की राजनीति में अहम कड़ी है, और यह फैक्टर उनके पक्ष में जाता है।
4️⃣ विपक्ष पर आक्रामक रुख – महंगाई, राष्ट्रहित और विकास जैसे मुद्दों पर वे विपक्ष को घेरने में माहिर हैं। उनका यह आक्रामक लेकिन संतुलित रुख उन्हें एक प्रभावशाली नेता के रूप में सामने लाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर भाजपा अध्यक्ष पद के लिए त्रिवेदी का नाम आगे बढ़ता है, तो यह पार्टी के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
मिजोरम के लिए बड़ा दिनः थोड़ी देर में पहुंचेंगे PM मोदी, देंगे 9000 करोड़ की सौगात; रुक-रुक कर हो रही बारिश
मिजोरम की धरती पर आज इतिहास लिखा जाने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ही देर में ऐसी परियोजना का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जिसके पीछे छिपा है अंधेरी सुरंगों, खतरनाक पुलों और सीटी बजाती रेल का सफर। लेकिन सवाल यही है—क्या ये सीटी विकास की है… या डरावनी चुनौतियों की?
आइजोल। रातभर की बारिश के बीच मिजोरम की राजधानी आइजोल में ऐतिहासिक दिन का सवेरा हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बहुप्रतीक्षित बैराबी–सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन करेंगे। आज़ादी के 78 साल और भारतीय रेल के 172 साल बाद पहली बार मिजोरम देश की राजधानी से रेल मार्ग द्वारा जुड़ने जा रहा है।
यह परियोजना सिर्फ एक रेल लाइन नहीं, बल्कि मानो लोहे और कंक्रीट की भूलभुलैया है—51.38 किलोमीटर लंबा ट्रैक, 48 सुरंगें और 142 पुलों से होकर गुजरता है। इनमें सबसे खतरनाक और रोमांचक है पुल संख्या 196, जिसकी ऊंचाई 104 मीटर (कुतुब मीनार से भी ज्यादा) है। यही वजह है कि लोग इसे ‘मौत का पुल’ कहकर भी फुसफुसाते हैं।
पीएम मोदी इस मौके पर 9,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। इसमें सड़कें, ऊर्जा, शिक्षा और खेल से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
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तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी मिलेगी—सैरांग-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस और सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस।
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आइजोल बाईपास रोड, थेंजावल-सियलसुक रोड और नदी पर नए पुल से सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी बदलेगी।
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खेलो इंडिया मल्टीपर्पज हॉल, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और नए रेजिडेंशियल स्कूल मिजोरम की नई पहचान बनेंगे।
यह रेल लाइन भविष्य में म्यांमार की सीमा तक बढ़ाई जाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ेगा।
BREAKING : जुलूस में घुसा ट्रक, 8 श्रद्धालुओं को रौंदा, 22 लोग हुए घायल
कर्नाटक के हासन में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक अनियंत्रित ट्रक जुलूस में आ गया। ट्रक ने कई लोगों को टक्कर मारी। इसमें से 8 की मौत हो गई।
मध्य प्रदेश: ढाबे पर 10 हजार की नौकरी करने वाले कुक के खाते से 46 करोड़ का लेन-देन, इनकम टैक्स ने किया खुलासा
ग्वालियर/भिंड। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ढाबे पर महज 10 हजार रुपये की नौकरी करने वाले कुक रविंद्र सिंह चौहान के बैंक खाते से 46 करोड़ 18 लाख रुपये का लेन-देन होने का मामला सामने आया। खुद रविंद्र को इसकी जानकारी तब हुई, जब इनकम टैक्स विभाग ने उनके घर पर नोटिस भेजा।
???? मामला कैसे सामने आया
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रविंद्र सिंह चौहान साल 2017 में मेहरा टोल प्लाजा पर काम करते थे।
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इसी दौरान शशि भूषण राय नामक सुपरवाइजर ने उनका बैंक खाता दिल्ली में खुलवाया, यह कहते हुए कि उनका पीएफ इसी खाते में आएगा।
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रविंद्र ग्वालियर लौट गए और बाद में पुणे में नौकरी करने लगे।
???? इनकम टैक्स नोटिस से खुला राज़
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अप्रैल 2025 में इनकम टैक्स विभाग ने रविंद्र के घर भिंड में नोटिस भेजा।
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नोटिस अंग्रेजी में था, इसलिए परिवार इसे नहीं समझ सका।
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जुलाई में दूसरा नोटिस आया, जिसके बाद रविंद्र ने वकील से संपर्क किया।
वकील प्रद्युम्न सिंह ने बताया:
"रविंद्र के खाते में 46 करोड़ 18 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। रविंद्र को जब यह पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।"
???? पुलिस और कानूनी कार्रवाई
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रविंद्र ने थाने जाकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
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पुलिस का कहना था कि मामले की जांच दिल्ली में खुले खाते के माध्यम से करनी होगी।
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अब मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है और वकील ने इनकम टैक्स से सटीक जानकारी लेने की प्रक्रिया शुरू की है।
???? क्या कहा इनकम टैक्स विभाग ने
विभाग का कहना है कि नोटिस सटीक जानकारी के आधार पर जारी किया गया है। रविंद्र ने किसी भी तरह के अवैध लेन-देन में भागीदारी होने से इंकार किया है।
Vice President Election 2025: सीपी राधाकृष्णन को मिली भारी जीत, विपक्षी एकता फिर हुई धाराशायी
नई दिल्ली। भारत को नया उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मिला। एनडीए उम्मीदवार ने इंडिया गठबंधन के सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया। विपक्षी एकता यहां भी टूटती दिखी और कई सांसदों ने एनडीए का समर्थन किया।
???? 39 सांसदों ने एनडीए का साथ दिया
चुनाव में विपक्ष के 39 सांसदों ने एनडीए के पक्ष में वोट डाला, जिससे सीपी राधाकृष्णन को अतिरिक्त बढ़त मिली। आंकड़ों के अनुसार:
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एनडीए के पास 427 सांसद हैं।
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विपक्ष के 354 सांसद थे, जिसमें इंडिया गठबंधन के 315 और अन्य 39 सांसद शामिल हैं।
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कुल 781 वैध मत डाले गए।
YSRCP के 11 सांसद, बीजू जनता दल के 7, बीआरएस के 4 और अकाली दल का 1 सांसद एनडीए के पक्ष में मतदान करने वाले प्रमुख सांसद रहे।
???? विपक्ष का दावा और वास्तविकता
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मतदान से पहले दावा किया था कि विपक्ष के सभी सांसद मतदान करेंगे, लेकिन नतीजे अलग आए। बीमार होने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस के दो सांसद मतदान के लिए पहुंचे।
???? वोटिंग का विश्लेषण
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कुल 15 वोट अवैध माने जा रहे हैं, जिसमें अनुमान है कि 10 एनडीए के और 5 इंडिया गठबंधन के थे।
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14 सांसदों के वोट अभी भी साफ नहीं हैं, जिनमें से कुछ ने सीपी राधाकृष्णन को वोट दिया।
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अमृतपाल, जो जेल में है, ने पोस्टल बैलेट से मतदान से इनकार किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की सुरक्षा अब CRPF के हाथ में, दिल्ली पुलिस की भूमिका बदली
नई दिल्ली। 15वें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की सुरक्षा व्यवस्था में गृह मंत्रालय ने बड़ा बदलाव किया है। अब उनकी सुरक्षा पूरी तरह सीआरपीएफ (CRPF) के जिम्मे होगी। दिल्ली पुलिस अब केवल उपराष्ट्रपति के आवास के बाहर सुरक्षा और गाड़ियों के प्रवेश की जिम्मेदारी संभालेगी।
✦ CRPF की जिम्मेदारियां
गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ को निर्देश दिए हैं कि ब्लू-बुक 2025 के प्रावधानों के अनुसार उपराष्ट्रपति के:
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निवास
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ठहरने की जगह
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आसपास का इलाका
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मोबाइल और काफिले की सुरक्षा
की पूरी जिम्मेदारी संभाले।
✦ दिल्ली पुलिस की भूमिका
दिल्ली पुलिस अब केवल प्रवेश सुरक्षा और उपराष्ट्रपति आवास के आसपास सुरक्षा का काम करेगी। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव वीवीआईपी सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए किया गया है।
✦ उपराष्ट्रपति को मिलती है Z+ सुरक्षा
सीपी राधाकृष्णन को देश की सबसे उच्च स्तर की Z+ सुरक्षा मिली है। इसमें लगभग 50 जवान शिफ्ट में काम करते हैं और उपराष्ट्रपति के काफिले तथा आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रधानमंत्री और उनके परिवार के लिए SPG कवर के बाद यह देश की दूसरी सबसे उच्च सुरक्षा मानी जाती है।
✦ ब्लू बुक क्या है?
ब्लू-बुक गृह मंत्रालय द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइन है, जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान और सिक्योरिटी जवानों की संख्या, प्रोटोकॉल और अन्य विवरण शामिल होते हैं।
✦ सीपी राधाकृष्णन के बारे में
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महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं।
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कोयंबटूर से दो बार सांसद रह चुके हैं।
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16 साल की उम्र में आरएसएस में शामिल हुए।
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उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्हें 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट ही मिले।
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यूपी में रोजगार का नया रिकॉर्ड: 8 साल में 8 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, CM योगी ने दी जानकारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी की उपलब्धियों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में 8 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्त किया गया।
✦ निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य में अब सरकारी भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है। केवल योग्य उम्मीदवार ही चयनित होते हैं, और किसी को भी नौकरी पाने के लिए सिफारिश की आवश्यकता नहीं पड़ती।
✦ यूपी की बदलती छवि
8 साल पहले उत्तर प्रदेश के लिए दो नकारात्मक छवियां जुड़ी थीं:
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युवाओं को बाहर के लोग कमतर समझते थे।
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यूपी को बीमारू राज्य कहा जाता था।
आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और इसे तेजी से बढ़ता राज्य माना जाता है।
✦ कौशल विकास और उद्योगों में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 लाख युवाओं ने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार पाया है। राज्य में अब 300 से अधिक सरकारी ITI और 3,000 से अधिक निजी ITI संचालित हो रहे हैं।
योगी ने आगे कहा कि सुरक्षित माहौल निवेश को बढ़ावा दे रहा है, जिससे रोजगार और समृद्धि दोनों में वृद्धि हुई है।
रांची से ISIS आतंकी गिरफ्तार! हथियार और केमिकल्स बरामद, दिल्ली पुलिस और झारखंड ATS की बड़ी कार्रवाई
रांची। राजधानी रांची से आज सुबह-सुबह बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, झारखंड ATS और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ISIS का संदिग्ध आतंकी अशहर दानिश गिरफ्तार हुआ है। आतंकी को लोअर बाजार थाना क्षेत्र के इस्लामनगर स्थित तबरक लॉज से पकड़ा गया। छापेमारी के दौरान हथियार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और केमिकल्स भी बरामद हुए हैं।
✦ दिल्ली ले जाया जाएगा आतंकी
गिरफ्तार आतंकी अशहर दानिश झारखंड का ही रहने वाला है और रांची में लॉज का कमरा किराए पर लेकर रह रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उसे रिमांड पर दिल्ली लेकर जाएगी।
✦ दो और संदिग्ध हिरासत में
तबरक लॉज से अशहर के अलावा दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ जारी है। बरामद केमिकल्स और हथियारों की जांच विशेषज्ञों को सौंपी गई है, ताकि इनके इस्तेमाल का मकसद साफ हो सके।
✦ पलामू से भी एक संदिग्ध हिरासत में
रांची के साथ-साथ पलामू जिले के जपला से भी एक संदिग्ध आतंकी को पकड़ा गया है। फिलहाल उसे हुसैनाबाद थाना में रखा गया है और ATS उससे लगातार पूछताछ कर रही है। शुरुआती पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी हैं।
✦ सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती
एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क किसी बड़ी साजिश की तैयारी में था। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आसपास के मकानों व लॉज की सघन जांच की जा रही है।
रांची पहले भी आतंकी नेटवर्क का गढ़ रहा है। कई बार यहां से संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल ATS और दिल्ली पुलिस, गिरफ्तार आतंकियों के तार देश-विदेश के नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
पीएम मोदी का धर्मशाला में बड़ा ऐलान, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जारी किया 1500 करोड़ का राहत पैकेज
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कहर ने राज्य को गहरे जख्म दिए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मशाला पहुंचे और कांगड़ा जिले के आपदा प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। आसमान से तबाही का मंजर देखने के बाद पीएम मोदी ने ₹1500 करोड़ के राहत पैकेज का बड़ा ऐलान किया।
पीएम मोदी ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी। मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
प्रभावितों से सीधी मुलाकात
हवाई दौरे के बाद पीएम मोदी ने आपदा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान एक बेहद भावुक पल सामने आया, जब उन्होंने मंडी जिले के गोहर से आई 11 महीने की बच्ची नितिका के परिवार से मुलाकात की। इस बच्ची ने सराज की आपदा में अपनी दादी, मां और पिता को खो दिया। पीएम मोदी ने परिवार को ढांढस बंधाया और मदद का आश्वासन दिया।
राहत-बचाव कर्मियों को सराहा
पीएम मोदी ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी मुलाकात की और उनके साहस की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में इन योद्धाओं ने कई जानें बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है।
नेताओं ने किया स्वागत
हवाई सर्वेक्षण के बाद पीएम मोदी गग्गल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी का धर्मशाला में बड़ा ऐलान, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जारी किया 1500 करोड़ का राहत पैकेज
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कहर ने राज्य को गहरे जख्म दिए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मशाला पहुंचे और कांगड़ा जिले के आपदा प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। आसमान से तबाही का मंजर देखने के बाद पीएम मोदी ने ₹1500 करोड़ के राहत पैकेज का बड़ा ऐलान किया।
पीएम मोदी ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी। मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
प्रभावितों से सीधी मुलाकात
हवाई दौरे के बाद पीएम मोदी ने आपदा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान एक बेहद भावुक पल सामने आया, जब उन्होंने मंडी जिले के गोहर से आई 11 महीने की बच्ची नितिका के परिवार से मुलाकात की। इस बच्ची ने सराज की आपदा में अपनी दादी, मां और पिता को खो दिया। पीएम मोदी ने परिवार को ढांढस बंधाया और मदद का आश्वासन दिया।
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113 डैम पर खतरे की घंटी! सरदार सरोवर 89% तक भरा, प्रशासन ने जारी की हाई अलर्ट चेतावनी
गांधीनगर, 04 सितंबर:
गुजरात में इस बार मानसून मेहरबान जरूर रहा, लेकिन अब यही बारिश लोगों के लिए खतरे का संकेत बनती दिख रही है। राज्य आपदा ऑपरेशन सेंटर ने जानकारी दी है कि राज्य के कुल 206 डैम में से 113 डैम पर सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की गई है।
???? सरदार सरोवर भी खचाखच भरा
गुजरात की जीवनरेखा माने जाने वाले सरदार सरोवर डैम में इस समय इसकी कुल क्षमता का 89% से अधिक जलसंग्रह हो चुका है।
???? बारिश के आंकड़े
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औसतन वर्षा: 92.64%
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उत्तर गुजरात: 96.94%
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दक्षिण गुजरात: 96.91%
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पूर्व-मध्य गुजरात: 93.79%
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कच्छ: 85.14%
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सौराष्ट्र: 84.74%
???? डैम की स्थिति
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82 डैम: 100% तक भरे
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68 डैम: 70-100% क्षमता के बीच
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24 डैम: 50-70% क्षमता
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17 डैम: 25-50% क्षमता
???? किसानों के लिए राहत
भारी बारिश से खेती को भी बड़ा सहारा मिला है। 01 सितंबर 2025 तक खरीफ की 96.29% बुवाई पूरी हो चुकी है।
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मूंगफली: 22 लाख हेक्टेयर
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कपास: 20 लाख हेक्टेयर
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धान: 8 लाख हेक्टेयर से अधिक
⚠️ मछुआरों के लिए चेतावनी
आईएमडी ने 4 से 7 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।











