Breaking News
स्वास्थ
क्षेत्र की शैक्षणिक प्रगति एवं स्वास्थ्य सेवा मे उन्नति के लिए भाटापारा मे मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही

राज्यभर में सामूहिक दवा सेवन ( MDA ) अभियान, 1.58 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभराज्यभर में सामूहिक दवा सेवन ( MDA ) अभियान, 1.58 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ को मिला प्रशासनिक नेतृत्व, वरिष्ठ चिकित्सकों को सौंपा गया महत्वपूर्ण दायित्व*
एमसीबी/24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ की स्थापना को सुदृढ़ एवं प्रभावी रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महाविद्यालय के सुचारू, व्यवस्थित और प्रभावी संचालन हेतु शासन द्वारा आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए वरिष्ठ एवं अनुभवी चिकित्सा शिक्षकों को अतिरिक्त प्रभार सौंपने संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।
मनेन्द्रगढ़ को मिली स्वास्थ्य की नई सौगात योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के लिए आयुष विभाग–एसईसीएल के मध्य ऐतिहासिक एमओयू10 शैय्या युक्त केन्द्र से जिले में सुदृढ़ होंगी निवारक स्वास्थ्य सेवाएं
एमसीबी/06 जनवरी 2026/ साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने अपने सेंट्रल हॉस्पिटल के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग करते हुए मनेन्द्रगढ़ को 10 शैय्या युक्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र के लिए जगह उपलब्ध कराई है। एसईसीएल के सकारात्मक एवं जनकल्याणकारी सहयोग से जिले के नागरिकों को योग, प्राकृतिक चिकित्सा तथा जीवनशैली सुधार आधारित सेवाएं सुलभ हो सकेंगी।


शहरी स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों पर लगाया आग या सिर्फ कार्टून था

मनेन्द्रगढ़ में 220 बेड अस्पताल और सीएमएचओ भवन का होगा शिलान्यास स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रहेंगे मुख्य अतिथि
एमसीबी। मनेन्द्रगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में 220 बेड अस्पताल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास समारोह 13 अक्टूबर दिन सोमवार को आयोजित किया जा रहा है।
जितिया पारण की थाली में छिपा है रहस्य! इन 7 व्यंजनों को भूलकर खाई कोई और डिश… तो टूट सकता है व्रत का प्रभाव”
जितिया पारण की थाली में छिपा है रहस्य! इन 7 व्यंजनों को भूलकर खाई कोई और डिश… तो टूट सकता है व्रत का प्रभाव
जितिया का पर्व मातृत्व और संतान के प्रति निष्ठा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। इस बार 14 सितंबर को माताएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह कठिन व्रत रखेंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जितिया पारण की थाली में अगर सही व्यंजन न हों, तो व्रत का पूरा प्रभाव टूट सकता है।
परंपरा कहती है कि पारण के दिन सात खास पकवान बनाना बेहद जरूरी है। इन्हें पूजा के बाद प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। जानिए कौन-सी हैं वो सात चीजें, जिनके बिना जितिया पारण अधूरा और अशुभ माना जाता है—
-
अरवा चावल – सामान्य चावल नहीं, अरवा चावल ही पकाना शुभ माना गया है।
-
दाल – चना, मूंग या अरहर की दाल; इसके बिना थाली अधूरी है।
-
नोनी साग – ठंडी तासीर और व्रत के बाद ऊर्जा देने वाला व्यंजन।
-
कद्दू की सब्जी – चने की दाल के साथ बनी मसालेदार कद्दू की सब्जी खास महत्व रखती है।
-
कंदा (अरबी) की सब्जी – लगभग हर घर की थाली में अनिवार्य पकवान।
-
मडुआ की रोटी/लड्डू – व्रत और प्रसाद दोनों के लिए सबसे पवित्र व्यंजन।
-
सतपुतिया (झिंगी) की सब्जी – हल्की, पचने में आसान और धार्मिक मान्यता से जुड़ी डिश।
कहा जाता है कि इन सात व्यंजनों की थाली के बिना व्रत का पारण अधूरा माना जाता है। धार्मिक मान्यता यह भी है कि यदि भूलवश इन पकवानों की जगह कोई और डिश परोसी जाए तो व्रत का प्रभाव कम हो सकता है।
सिर्फ 30 दिन… सरसों के तेल में मिलाइए ये जादुई चीज़, गंजे सिर पर भी उग आएंगे नए बाल – लोग कहेंगे जुल्फी जुल्फी!
How To Grow New Hair Naturally:
आज के दौर में बाल झड़ना और गंजापन किसी खौफनाक सपने से कम नहीं। कम उम्र में सिर चमकने लगे तो आत्मविश्वास तक डगमगा जाता है। लेकिन अब गंजेपन की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि घरेलू नुस्खा आपके बालों में नई जान डाल सकता है।
???? रहस्य छिपा है सरसों के तेल में
प्राचीन समय से ही सरसों का तेल बालों की देखभाल में इस्तेमाल होता आया है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्कैल्प को हेल्दी बनाते हैं और जड़ों को मज़बूत करते हैं।
???? कौन सी चीज़ मिलानी है?
सरसों के तेल में अगर प्याज का रस मिला दिया जाए, तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है।
-
प्याज में मौजूद सल्फर और एंटीऑक्सीडेंट्स स्कैल्प को उत्तेजित करते हैं।
-
डैमेज बाल रिपेयर होते हैं।
-
बंद पड़े हेयर फॉलिकल्स फिर से एक्टिव होकर नए बाल उगाने लगते हैं।
???? बनाने और लगाने का तरीका
-
2 बड़े चम्मच सरसों का तेल
-
2 बड़े चम्मच प्याज का रस
-
1 विटामिन-ई कैप्सूल (वैकल्पिक)
सभी को मिलाकर हल्का गुनगुना करें और स्कैल्प पर अच्छे से मसाज करें। कम से कम 1 घंटे तक लगाकर छोड़ दें और फिर माइल्ड शैंपू से धो लें।
???? हफ्ते में कितनी बार?
2–3 बार इस नुस्खे को अपनाएं और देखें कैसे बदलने लगता है आपका लुक।
✨ फायदे
-
बाल झड़ना होगा बंद।
-
गंजे सिर पर भी उगने लगेंगे नए बाल।
-
जुल्फें होंगी घनी, मजबूत और चमकदार।
-
स्कैल्प रहेगा संक्रमण से मुक्त।
⚠ सावधानियां
-
लगाने से पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें।
-
अच्छी क्वालिटी का तेल और रस ही इस्तेमाल करें।
-
ज्यादा मात्रा में लगाने से चिपचिपाहट हो सकती है।
अगर आप भी गंजेपन और झड़ते बालों से परेशान हैं, तो सरसों का तेल + प्याज रस का ये घरेलू उपाय केवल 1 महीने में असर दिखाना शुरू कर देगा।
देसी दवा का बाप! ये छोटा सा हरा पत्ता 500 पार शुगर को भी कर देगा चूस… ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल होगा नामो-निशान खत्म
Benefits Of Moringa Powder:
आयुर्वेद में कई पौधे और पत्ते ऐसे बताए गए हैं, जिनके औषधीय गुण इंसान की ज़िंदगी बदल सकते हैं। ऐसा ही एक पौधा है मोरिंगा (Drumstick)। इसकी पत्तियां, बीज, फल और फूल – हर हिस्सा किसी जड़ी-बूटी से कम नहीं। खासकर मोरिंगा पाउडर को तो “देसी दवा का बाप” कहा जाता है।
✨ पोषण का पावरहाउस
मोरिंगा पाउडर में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, C, E और B-विटामिन भरपूर पाए जाते हैं। यह शरीर की कमजोरी दूर करता है और एनर्जी लेवल को तेजी से बढ़ाता है। बुजुर्गों के लिए तो यह किसी संजीवनी से कम नहीं।
???? हड्डियां और मांसपेशियां होंगी स्टील जैसी
नियमित सेवन से हड्डियां, मांसपेशियां और नर्वस सिस्टम मजबूत होता है। उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी हो जाती है और शरीर ज्यादा ऊर्जावान महसूस करता है।
❤️ हार्ट और ब्लड प्रेशर का दुश्मन
मोरिंगा रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखता है। यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को नियंत्रित करता है। हार्ट अटैक का खतरा घटता है और दिल की सेहत बनी रहती है।
???? शरीर को करेगा डिटॉक्स
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं। नतीजा – त्वचा पर निखार और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी।
???? शुगर के लिए रामबाण
सबसे चौंकाने वाला फायदा—
मोरिंगा पाउडर 500 तक पहुंची ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने की ताकत रखता है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव यौगिक इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाते हैं और मधुमेह को काबू में रखते हैं।
???? पेट और पाचन की समस्याओं का अंत
कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी परेशानियों को यह जड़ से खत्म करता है। आंतों को साफ रखकर पाचन क्रिया दुरुस्त करता है।
????♀️ बाल और त्वचा के लिए वरदान
विटामिन A, C और E से भरपूर होने के कारण यह त्वचा को चमकदार और बालों को मजबूत बनाता है। रूसी और स्कैल्प की समस्याओं को भी खत्म करता है।
???? घर पर कैसे बनाएं मोरिंगा पाउडर?
-
ताज़ी मोरिंगा की पत्तियां लें।
-
धोकर छाया में सुखा लें।
-
पूरी तरह सूखने पर मिक्सर में पीस लें।
-
एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें।
-
रोज़ाना 1 चम्मच पानी या शहद के साथ लें।
???? नतीजा
अगर आप बढ़ती उम्र की थकान, शुगर, हाई BP, कोलेस्ट्रॉल, पेट की समस्याओं या कमजोर हड्डियों से परेशान हैं, तो मोरिंगा पाउडर आपकी डाइट का हिस्सा ज़रूर होना चाहिए। यह सचमुच “प्राकृतिक सुपरफूड” है जो शरीर को भीतर से जवां बना सकता है।
8th Pay Commission: पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले! 30 हज़ार से बढ़कर 75 हज़ार हो सकती है पेंशन, जानें कब मिलेगा फायदा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से कर्मचारी और पेंशनभोगी इसकी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी वक्त लगेगा और इन्हें 2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत तक लागू किया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी।
8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को बड़ा फायदा
हर 10 साल पर बनने वाले वेतन आयोग का सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ता है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हैं, जो 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुई थीं। अब उम्मीद है कि 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएंगी।
सबसे बड़ा फायदा पेंशनर्स को होगा। वर्तमान में 30,000 रुपये पेंशन पाने वाले व्यक्ति की पेंशन फिटमेंट फैक्टर बढ़ने पर 75,000 रुपये तक जा सकती है। इसी तरह न्यूनतम पेंशन, जो फिलहाल 9,000 रुपये है, वह बढ़कर 22,500 से 25,000 रुपये तक हो सकती है। अनुमान है कि इस बार वेतन और पेंशन में औसतन 25-30% तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी निगाहें
वेतन आयोग का सबसे अहम हिस्सा होता है फिटमेंट फैक्टर, जो एक मल्टीप्लायर की तरह काम करता है। इसी के आधार पर वेतन और पेंशन तय होती है। यदि यह फैक्टर 2.5 रखा गया, तो पेंशन और सैलरी दोनों में भारी बढ़ोतरी होगी।
प्रक्रिया में हो रही देरी
हालांकि राहत की खबर यह है कि सरकार ने 2025 में आयोग बनाने की घोषणा कर दी थी। लेकिन अब तक इसका टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR), यानी आयोग का कामकाज तय करने वाले नियम और चेयरपर्सन-सदस्यों के नाम तक तय नहीं हुए हैं। यही वजह है कि पूरी प्रक्रिया में देरी हो रही है।
वित्त मंत्रालय का बयान
हाल ही में वित्त मंत्रालय के राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार को आयोग को लेकर कई अहम सुझाव मिले हैं। जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग तय समयसीमा के भीतर ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
2028 से पहले लागू होना मुश्किल
रिपोर्ट्स के अनुसार, भले ही सरकार प्रक्रिया को तेज कर दे, लेकिन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2028 की शुरुआत से पहले लागू होना मुश्किल है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि इसकी टाइमलाइन बिल्कुल 7वें वेतन आयोग जैसी हो, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स में उत्सुकता
महंगाई और बढ़ते खर्चों के बीच सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब सिर्फ 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। यदि आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं, तो वेतन और पेंशन दोनों में बड़ा इजाफा होगा, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।
कैंसर मरीजों के लिए वरदान हैं ये खास अंडे... पति-पत्नी का अनोखा प्रयोग, अब लाखों लोगों तक पहुंचा रहे हैं हेल्दी डाइट
भोपाल के आदित्य गुप्ता और उनकी पत्नी दिशा गुप्ता की कहानी बिल्कुल अलग और प्रेरणादायक है। दोनों ने पोल्ट्री फार्मिंग को एक नई दिशा दी है और इसे सिर्फ मांस व अंडों के कारोबार तक सीमित न रखकर सेहत और पोषण से जोड़ दिया है।
महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से नाराज़ मितानिनों ने आज सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर दिया
महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से नाराज़ मितानिनों ने आज सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर दिया।मितानिनों का कहना है कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। आज उस वक़्त हंगामे जैसे हालात बन गए जब प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले 200 से अधिक मितानिन सीएचएमओ कार्यालय पहुंचीं।

उनकी मांग है कि बीते 4 महीनों से रुकी हुई प्रोत्साहन राशि जल्द से जल्द जारी की जाए।देखना होगा कि शासन कब तक इनकी मांगों को सुनता है और इन्हें इनका हक देता है।
स्वास्थ्य विभाग के NHM कर्मचारियों का आज 23वां दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

सुबह उठकर करें ये 5 आसान एक्सरसाइज… शरीर का इंजन कभी नहीं होगा खराब, जानिए कैसे!
Exercises Tips: रातभर आराम करने के बाद सुबह हमारा शरीर एकदम ढीला और एनर्जी-लेस महसूस करता है। ऐसे में दिन की शुरुआत कुछ आसान व्यायामों से करना आपके शरीर को फिर से रिचार्ज करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। अगर आप हर सुबह कुछ मिनट इन एक्सरसाइज को देंगे, तो आपका शरीर हमेशा फिट रहेगा और बीमारियाँ पास नहीं आएँगी।
???? सुबह उठने के बाद करें स्ट्रेचिंग
बिस्तर से उठते ही हाथ-पाँव हिलाएँ, गर्दन घुमाएँ और कमर को आगे-पीछे झुकाएँ। इससे शरीर एक्टिव हो जाएगा और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा।
अब जानिए वो 5 ज़रूरी एक्सरसाइज, जो हर इंसान को रोज़ करनी चाहिए—
-
पहला व्यायाम: सीधे खड़े होकर एक हाथ को ऊपर और दूसरा हाथ नीचे पूरी तरह पीछे ले जाएँ। पंजों पर खड़े होकर तेजी से इस प्रक्रिया को दोहराएँ। इससे कंधे, गर्दन और हाथों को आराम मिलेगा।
-
दूसरा व्यायाम: हाथों को पंख की तरह फैलाकर पूरे गोले में घुमाएँ। इसे थोड़ी गति से लगातार 50 बार करें। इससे पेट मज़बूत होगा और शरीर एनर्जेटिक बनेगा।
-
तीसरा व्यायाम: दाहिने हाथ को पूरी तरह आगे ले जाते हुए दूसरे हाथ को उसी दिशा में खींचें। इसे दाईं और बाईं ओर बारी-बारी से 50 बार करें। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।
-
चौथा व्यायाम: पैरों को थोड़ा खोलकर खड़े हों और झुकते हुए क्रॉस टच करें। यानी बाएँ पैर की उंगली को दाएँ हाथ से और दाएँ पैर की उंगली को बाएँ हाथ से छुएँ। इसे 50 बार करें। इससे लिवर डिटॉक्सीफाई होगा और पित्ताशय बेहतर तरीके से काम करेगा।
-
पाँचवाँ व्यायाम: हाथों को आगे और पीछे ले जाकर ताली बजाएँ। इसे 50 बार दोहराएँ। यह फेफड़ों को मजबूत बनाता है और उनकी क्षमता बढ़ाता है।
-
क्या योग से मिट सकता है माइग्रेन? जानिए वो 3 आसन जो सिरदर्द को जड़ से खत्म करने में कर सकते हैं मदद
Yoga Tips: माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं है, बल्कि इसके साथ मतली, धुंधली नज़र, गंध और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता जैसी परेशानियाँ भी हो सकती हैं। यह समस्या कई घंटों तक रहकर आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दवाओं के बजाय योगासन को दिनचर्या में शामिल करना माइग्रेन से राहत पाने का बेहतर उपाय है।
???? पद्मासन:
अगर आपको बार-बार माइग्रेन होता है तो रोज़ाना पद्मासन का अभ्यास करें। यह न केवल मस्तिष्क को शांत करता है, बल्कि जागरूकता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को भी बढ़ाता है।
???? बालासन:
चाइल्ड पोज के नाम से मशहूर यह आसन तंत्रिका तंत्र को आराम देता है। माइग्रेन के दौरान होने वाली चिंता और थकान को कम करने में यह बेहद असरदार है।
???? पश्चिमोत्तानासन:
यह आसन तनाव कम करने और दिमाग को शांत करने के लिए जाना जाता है। नियमित अभ्यास से माइग्रेन के ट्रिगर्स कम होते हैं और सिरदर्द से भी राहत मिलती है।
✅ विशेषज्ञों का मानना है कि इन योगासनों को अपनाने से माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या में लंबे समय तक फायदा मिल सकता है।
बीमारी में योग करना सही या गलती? जानिए डॉक्टरों और आयुर्वेद से जुड़े हैरान करने वाले फायदे
Health Tips: बदलते मौसम में सर्दी-ज़ुकाम, बुखार या अपच जैसी बीमारियाँ आम हो जाती हैं। आमतौर पर जब हम स्वस्थ होते हैं, तो हमें पौष्टिक आहार और व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बीमार पड़ने के दौरान भी योग करना चाहिए या नहीं?
दरअसल, जब हम बीमार होते हैं तो शरीर कमज़ोर हो जाता है। ऐसे में भारी व्यायाम शरीर को और थका सकता है। लेकिन योग एक ऐसा साधन है जो न केवल शरीर को भीतर से मजबूत करता है बल्कि मन को भी शांत रखता है।
???? सर्दी-ज़ुकाम और हल्के बुखार में करें ये योगासन:
-
कपालभाति: आरामदायक स्थिति में बैठकर जोर से सांस छोड़ें। इससे फेफड़े और श्वसन तंत्र मजबूत होते हैं।
-
सूर्य नमस्कार: 11 चक्र करने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
???? दस्त, उल्टी या पेट की समस्या में करें ये योग:
-
अनुलोम-विलोम: दाहिनी नासिका बंद कर बाईं से सांस लें, फिर विपरीत प्रक्रिया करें। यह अभ्यास बिस्तर पर बैठे-बैठे भी किया जा सकता है और पाचन तंत्र को राहत देता है।
योग अन्य व्यायामों की तरह शरीर पर दबाव नहीं डालता, बल्कि धीरे-धीरे शरीर को स्वस्थ करता है।
⚠️ अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए योग और उपाय केवल सुझाव हैं। इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
1 महीने में 15-20 किलो वजन घटेगा? बाबा रामदेव ने बताया ऐसा आसान नुस्खा जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे!
Baba Ramdev Tips: मोटापा आज के समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। लोग घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, महंगी डाइट प्लान अपनाते हैं, लेकिन फिर भी वजन घटाना आसान नहीं होता। लेकिन योग और आयुर्वेद विशेषज्ञ बाबा रामदेव का दावा है कि कुछ घरेलू और बेहद आसान उपाय अपनाकर आप सिर्फ एक महीने में 15-20 किलो वजन तक घटा सकते हैं।
???? दलिया का सेवन करें:
बाबा रामदेव के अनुसार मोटापा कम करने के लिए दलिया बेहद फायदेमंद है। इसमें बाजरा, गेहूं, चावल और मूंग शामिल होते हैं। इसमें तिल और अजवाइन डालने से यह और पौष्टिक बन जाता है। दलिया खाने से पेट जल्दी भर जाता है और वजन नियंत्रित रहता है।
???? अश्वगंधा का सेवन करें:
अश्वगंधा औषधीय गुणों से भरपूर एक जड़ी-बूटी है। यह तनाव कम करती है और मेटाबॉलिज्म को तेज करती है। इसका नियमित सेवन वजन घटाने में मदद करता है।
???? लौकी का जूस पिएं:
बाबा रामदेव का कहना है कि रोज़ाना लौकी का जूस पीने से सिर्फ 1 महीने में 15-20 किलो तक वजन घटाया जा सकता है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और यह विटामिन-सी, फाइबर व पोषक तत्वों से भरपूर है।
???? योग और प्राणायाम करें:
सूर्य नमस्कार, भुजंगासन और पादहस्तासन जैसे योगासन वजन कम करने में बेहद असरदार हैं। साथ ही प्राणायाम तनाव को कम कर शरीर को संतुलित रखता है।
⚡ अब देखना यह होगा कि बाबा रामदेव के बताए ये नुस्खे आपके लिए कितना कारगर साबित होते हैं—क्या सचमुच सिर्फ एक महीने में 15-20 किलो वजन घट सकता है?
व्रत में चाहिए एनर्जी और स्वाद का तड़का? ट्राई करें देसी घी वाला राजगीरा हलवा, मिनटों में बनेगा सुपरहिट
Rajgira Halwa Recipe: व्रत में अक्सर लोग ऐसी डिश ढूंढते हैं जो पेट को हल्का भी रखे और एनर्जी भी दे। ऐसे में राजगीरा का हलवा एकदम परफेक्ट चॉइस है। देसी घी में बना यह हलवा न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहतरीन माना जाता है।
राजगीरा को ऊर्जा देने वाला और पचने में आसान माना जाता है, इसलिए उपवास में यह खास डिश तुरंत ताकत और ताजगी देती है। आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका—
???? आवश्यक सामग्री:
-
राजगीरा का आटा – 1 कप
-
देसी घी – 4 बड़े चम्मच
-
दूध – 2 कप
-
शक्कर – ½ कप (स्वाद अनुसार)
-
इलायची पाउडर – ½ छोटी चम्मच
-
काजू, बादाम – कटे हुए (गार्निश के लिए)
-
किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
???????? बनाने की विधि:
-
कढ़ाही में घी गरम करें और उसमें राजगीरा का आटा डालकर धीमी आंच पर भूनें।
-
जब हल्की खुशबू आने लगे और आटा सुनहरा हो जाए, तो धीरे-धीरे दूध डालते हुए लगातार चलाएं।
-
मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो शक्कर और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं।
-
अब कटे हुए मेवे और किशमिश डाल दें।
-
गैस बंद करके हलवे को प्लेट में निकालें और ऊपर से घी व मेवे से सजाएं।
???? टिप्स:
-
आटे को अच्छी तरह भूनना ज़रूरी है, तभी स्वाद शानदार आएगा।
-
दूध की जगह पानी डालकर भी यह हलवा बनाया जा सकता है।
-
शक्कर की जगह गुड़ डालकर इसे और हेल्दी बना सकते हैं।
राजगीरा हलवा व्रत और त्योहारों के लिए परफेक्ट मिठाई है। यह जल्दी बनने वाली, एनर्जी से भरपूर और बेहद स्वादिष्ट डिश है, जिसे बच्चे और बड़े सभी पसंद करते हैं।
मुजफ्फरनगर में दिल दहला देने वाली वारदात! बेटी की हत्या के बाद थाने पहुंचा पिता… कहा– मैंने अपनी बेटी को मार डाला
मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हिला दिया है। एक पिता ने अपनी ही 19 वर्षीय बेटी आरजू की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।
⚠️ सोती हुई बेटी को बनाया निशाना
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात उस वक्त हुई जब आरजू चारपाई पर सो रही थी। पिता ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह सीधे थाने पहुंचा और पुलिस को बताया– “मैंने अपनी बेटी को मार दिया।”
???? रिश्ता तय, लेकिन बेटी का इंकार
आरोपी पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसने बेटी का रिश्ता देवबंद में तय किया था। लेकिन बेटी निकाह के लिए तैयार नहीं थी। पिता को शक था कि उसकी बेटी का किसी और युवक से प्रेम संबंध है। इसी शक ने उसे हॉरर किलिंग जैसी वारदात को अंजाम देने पर मजबूर कर दिया।
???? पुलिस की कार्रवाई
-
आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
-
बेटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
-
मामले की जांच जारी है।
???? सवाल यह है कि आखिर सम्मान के नाम पर इस तरह की हत्याएँ कब थमेंगी? और क्या समाज बेटियों की पसंद को स्वीकार कर पाएगा?
बाबा रामदेव का दावा! बस खा लीजिए ये एक फल और आधे घंटे में पेट पूरी तरह साफ – कब्ज होगी छूमंतर
नई दिल्ली। कब्ज (Constipation) की समस्या आज हर तीसरे व्यक्ति को परेशान करती है। घंटों टॉयलेट में बैठने के बाद भी पेट साफ न होना, गैस, दर्द और ब्लोटिंग जैसी तकलीफें आम हो गई हैं। लेकिन योगगुरु बाबा रामदेव ने इसे दूर करने का बेहद आसान उपाय बताया है। उनका दावा है कि अगर आप सही फल खा लें तो सिर्फ आधे घंटे में पेट पूरी तरह साफ हो जाएगा।
???? कौन सा है वो खास फल?
बाबा रामदेव के अनुसार नाशपाती (Pear) कब्ज का सबसे बड़ा दुश्मन है।
-
रोजाना नाशपाती खाने या उसका जूस पीने से आंतें एक्टिव हो जाती हैं।
-
30 से 60 मिनट में पेट पूरी तरह साफ हो सकता है।
-
बाबा रामदेव ने नाशपाती को कब्ज की “औषधि” बताया है।
???????? अन्य फल भी हैं रामबाण
-
आम (Mango): पेट को साफ करता है, लेकिन डायबिटीज मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए।
-
अमरूद (Guava): नमक डालकर खाने से कब्ज दूर और पेट दर्द नहीं होगा। अमरूद की सब्जी भी असरदार मानी जाती है।
⚠️ कब्ज के लक्षण
-
मलत्याग में देरी या सप्ताह में 3–4 बार ही शौच जाना।
-
मल का कड़ा होना और बार-बार जोर लगाना।
-
ब्लोटिंग, गैस और पेट दर्द।
-
भूख की कमी और जी मिचलाना।
✅ कब्ज ठीक होने के संकेत
-
बिना जोर लगाए मल का आसानी से निकलना।
-
पेट हल्का और गैस/ब्लोटिंग से राहत।
-
दर्द और जकड़न खत्म होना।
???? सवाल यह है कि क्या वाकई नाशपाती और ये फल आपके लिए "कब्ज तोड़ने की चाबी" साबित होंगे?











